ऑस्ट्रेलिया के नेता इवान मुलहोलैंड ने हिंदू मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ गाया ‘बम बम भोले बाबा’
ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य के शैडो मंत्री इवान मुलहोलैंड क्रेगीबर्न स्थित काली माता मंदिर पहुंचे और श्रद्धालुओं के साथ ‘बम बम भोले बाबा’ का भक्ति गीत गाया। उन्होंने पहले महात्मा गांधी की प्रतिमा चोरी होने की घटना पर भी चिंता जताई थी।
मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया: ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में बहुसांस्कृतिक एवं बहुधार्मिक मामलों के शैडो मंत्री इवान मुलहोलैंड हिंदू श्रद्धालुओं के साथ भक्ति में शामिल हुए। वह क्रेगीबर्न स्थित काली माता मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ ‘बम बम भोले बाबा’ का भक्ति गीत गाया। द ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक समुदायों के बीच जुड़ाव की झलक देखने को मिली।
द ऑस्ट्रेलिया टुडे के अनुसार, मुलहोलैंड की मंदिर में भागीदारी विक्टोरिया के विविध धार्मिक और सांस्कृतिक समुदायों के साथ राजनीतिक प्रतिनिधियों के संवाद को दर्शाती है। उनका श्रद्धालुओं के साथ भक्ति गीत गाना भारतीय संस्कृति और हिंदू समुदाय के साथ उनके जुड़ाव के रूप में देखा गया।
गांधी प्रतिमा की चोरी पर जताई थी चिंता
मुलहोलैंड इससे पहले भी ऑस्ट्रेलिया के भारतीय समुदाय से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। फरवरी में मेलबर्न में महात्मा गांधी की प्रतिमा चोरी होने की घटना पर उन्होंने इसे बेहद दुखद बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि विक्टोरिया के सभी बहुसांस्कृतिक समुदायों को राज्य के हर इलाके में सुरक्षित और सम्मानित महसूस करना चाहिए।
मुलहोलैंड ने इस मुश्किल समय में भारतीय समुदाय के साथ खड़े होने की बात कही और घटना से संबंधित जानकारी रखने वाले लोगों से पुलिस की मदद करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसी घटनाएं सम्मान, समावेश और विविधता में विश्वास रखने वाले सभी विक्टोरियावासियों के मूल्यों पर हमला हैं। उनके मुताबिक, लिबरल और नेशनल पार्टियों ने इस सांस्कृतिक तोड़फोड़ की घटना पर दुख जताया और भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय को समर्थन देने की बात कही।
कैनबरा में नए भारतीय उच्चायोग भवन का भूमि पूजन
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक संपर्क के साथ राजनयिक संबंधों को मजबूत करने के प्रयास भी जारी हैं। 20 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने अपनी पत्नी प्रज्ञा सिंह के साथ कैनबरा में नए भारतीय उच्चायोग भवन के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया।
भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस समारोह की जानकारी साझा करते हुए इसे ऑस्ट्रेलिया में भारत की राजनयिक उपस्थिति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। समारोह में ऑस्ट्रेलियाई निर्माण कंपनी एफडीसी कंस्ट्रक्शन एंड फिटआउट और परियोजना सलाहकार जीएमबी आर्किटेक्ट्स के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग को भी मिल रही मजबूती
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा, व्यापार, कूटनीति और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में 19 अक्टूबर को केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद 2026’ का पांचवां संस्करण शुरू हुआ।
यह अभ्यास 1 नवंबर तक चलेगा। इसमें भारतीय सेना और ऑस्ट्रेलियाई सेना के लगभग 120-120 जवान हिस्सा ले रहे हैं। अभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच तालमेल और संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता को बेहतर बनाना है।
आपदा राहत से जुड़े अभियानों पर ध्यान दिया गया
प्रशिक्षण में तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में संयुक्त अभियान, निगरानी एवं टोही, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत से जुड़े अभियानों पर ध्यान दिया जा रहा है। इस बार न्यूजीलैंड का एक पर्यवेक्षक दल भी पहली बार अभ्यास में भाग ले रहा है। ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिर में मुलहोलैंड की भागीदारी और भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी सांस्कृतिक, राजनयिक एवं रक्षा गतिविधियां दोनों देशों के व्यापक संबंधों के विभिन्न पहलुओं को सामने लाती हैं।