फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बाद 1,800 लोग हिरासत में, 500 से अधिक पुलिसकर्मी और दमकलकर्मी घायल

फ्रांस में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गए। गृह मंत्री लॉरेंट नूनेज के मुताबिक, 1,800 लोगों को हिरासत में लिया गया और 500 से अधिक पुलिसकर्मी, जेंडार्म तथा दमकलकर्मी घायल हुए। कई शहरों में आगजनी और लूटपाट हुई।

By  Preeti Kamal October 18th 2026 09:00 PM -- Updated: October 18th 2026 08:51 PM

पेरिस, फ्रांस: फ्रांस में महंगाई के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटनाओं के बाद 1,800 लोगों को हिरासत में लिया गया है। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नूनेज ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिंसक घटनाओं में 500 से अधिक पुलिसकर्मी, जेंडार्म और दमकलकर्मी घायल हुए हैं। अधिकारियों ने घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए जांच शुरू कर दी है।

गृह मंत्री लॉरेंट नूनेज ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है, लेकिन हिंसा फैलाना, सुरक्षा बलों पर हमला करना, सरकारी संस्थानों को निशाना बनाना और दुकानों में लूटपाट करना किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

17 अक्टूबर को फ्रांस के कई शहरों में देर रात तक प्रदर्शन जारी रहे

नूनेज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि 17 अक्टूबर को फ्रांस के कई शहरों में देर रात तक प्रदर्शन जारी रहे। इस दौरान पुलिसकर्मियों, जेंडार्म और दमकलकर्मियों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में काम किया। उन्होंने सुरक्षा बलों और आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों के प्रति आभार जताते हुए उन्हें अपना समर्थन दिया।

कई शहरों में आगजनी और लूटपाट

गृह मंत्री के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान दोपहर से कई हजार वामपंथी प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों को निशाना बनाया और सुरक्षा बलों के साथ टकराव किया। मार्सिले में ऐसी घटनाएं सुबह से ही शुरू हो गई थीं। बाद में लूटपाट करने वाले असामाजिक तत्व भी इसमें शामिल हो गए। पेरिस, मार्सिले, लियोन, बोर्डो, रेनेस, स्ट्रासबर्ग, ग्रेनोबल, नीस और लिमोज सहित कई शहरों में हिंसा, तोड़फोड़ और दुकानों में लूटपाट की घटनाएं सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, हिंसा में कई सौ व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

नूनेज ने कहा कि अब तक 1,800 लोगों को हिरासत में लिया गया है और आरोपियों की पहचान कर उन्हें न्याय के दायरे में लाने के लिए जांच जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गणराज्य उन लोगों के सामने झुकेगा नहीं, जो हिंसा और अव्यवस्था के जरिए अपनी बात मनवाना चाहते हैं।

लिमोज में 143 साल पुराने टाउन हॉल में आग

फ्रांस के हाउते-विएन विभाग के पुलिस प्रमुख मौरिस बाराटे ने पुष्टि की कि लिमोज शहर के टाउन हॉल में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। फ्रांस 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने कथित तौर पर 143 साल पुरानी इमारत में जानबूझकर आग लगाई, जिसके कारण इमारत की छत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया।

लियोन में प्रदर्शनकारियों ने शहर के मध्य हिस्से में स्थित एक पर्यटक सूचना केंद्र में आग लगा दी। वहीं, मार्सिले और लिले में टाउन हॉल में जबरन घुसने और अंदर तोड़फोड़ करने की घटनाएं सामने आईं। मार्सिले में कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया।

पेरिस में पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया

शनिवार को पेरिस और फ्रांस के अन्य हिस्सों में सुरक्षा बलों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। देशभर में बढ़ती महंगाई के खिलाफ आयोजित मार्च में हजारों लोग शामिल हुए। पूर्वी और उत्तरी पेरिस में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने मार्च निकाला और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए।

प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी की। पेरिस में 300 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने चैंप्स-एलिसीज की ओर बढ़ने की कोशिश की। इस इलाके में कई प्रमुख महंगे ब्रांडों के शोरूम स्थित हैं। उन्हें रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। ये घटनाएं पिछले कई हफ्तों से जारी छात्र-नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के बीच हुई हैं। हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में लूटपाट के बाद फ्रांस में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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