अंडर-15 बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन पर मैक्रों सख्त, EU से जल्द कदम उठाने की अपील
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध को पूरे यूरोपीय संघ में लागू करने की अपील की है। फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देश नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा पर सख्त कदम उठा रहे हैं।
पेरिस, फ्रांस: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए यूरोपीय संघ (EU) में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू करने की दिशा में तेजी से कदम उठाने की अपील की है। मैक्रों ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कहा कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए उनकी प्रतिबद्धता शुरुआत से रही है और इसे पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फ्रांस के संवैधानिक परिषद (Constitutional Council) के अगस्त मध्य में दिए फैसले के बाद सरकार ने प्रतिबंध को यूरोपीय कानून के अनुरूप लागू करने का रास्ता तैयार किया है। मैक्रों के मुताबिक, सरकार ने संवैधानिक परिषद के फैसले के एक महीने के भीतर प्रतिबंध से जुड़े नए प्रावधान यूरोपीय आयोग को अधिसूचना के लिए भेज दिए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा केवल फ्रांस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे पूरे यूरोपीय संघ के बच्चों के लिए मानक बनाया जाना चाहिए।
प्लेटफॉर्म के फीचर्स को भी नियंत्रित करने पर जोर
मैक्रों ने कहा कि यूरोप को तेजी और सख्ती के साथ आगे बढ़ते हुए 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध को पूरे संघ में एक समान बनाना चाहिए। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के विभिन्न फीचर्स को भी नियंत्रित करने की जरूरत है। उन्होंने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष, सांसदों और उन यूरोपीय देशों का भी आभार जताया, जिन्होंने नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा की पहल का समर्थन किया है। मैक्रों ने कहा कि नाबालिगों की डिजिटल सुरक्षा अब यूरोप की प्राथमिकताओं में शामिल हो चुकी है और फ्रांस इस दिशा में पूरी मजबूती से समर्थन जारी रखेगा।
फ्रांस में पहले ही पारित हो चुका है प्रस्ताव
इससे पहले जुलाई में फ्रांस ने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में मतदान किया था। मैक्रों ने उस समय सांसदों के समर्थन का स्वागत करते हुए कहा था कि अब संवैधानिक परिषद के फैसले के बाद इस व्यवस्था को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। सीएनएन (CNN) के अनुसार, यह कदम फ्रांस को यूरोपीय संघ में इस तरह की उम्र सीमा लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने वाला पहला देश बनाता है।
ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया भी उठा चुके हैं कदम
बच्चों की सोशल मीडिया पहुंच को सीमित करने की दिशा में अन्य देशों ने भी कदम उठाए हैं। ब्रिटेन ने जून में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया था। ऑस्ट्रेलिया पहले ही 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिबंध लागू कर चुका है। इसके अलावा स्पेन और डेनमार्क में भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया की उम्र सीमा को लेकर चर्चा चल रही है।
जापान में सख्त आयु सत्यापन पर जोर
जापान में भी सरकार द्वारा गठित एक पैनल ने नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारियां बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इसमें सख्त आयु सत्यापन और कुछ प्लेटफॉर्म फीचर्स पर प्रतिबंध जैसे उपाय शामिल हैं। दुनिया के कई देशों में सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से बच्चों की नींद, पढ़ाई, पारिवारिक समय और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर बहस तेज हो रही है। इसी पृष्ठभूमि में नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया की उम्र सीमा तय करने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है।