मोजतबा खामेनेई अस्पताल के मलबे से निकाले गए! US-इजरायल हमले के बाद सामने आया बड़ा दावा

मोजतबा खामेनेई को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के हमले में घायल होने के बाद उन्हें तेहरान के अस्पताल के मलबे से निकाला गया। उनकी मौजूदा स्थिति और सार्वजनिक अनुपस्थिति को लेकर रहस्य बरकरार है।

By  Preeti Kamal September 27th 2026 11:21 AM

न्यूयॉर्क: ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान तेहरान के एक अस्पताल को निशाना बनाए जाने के बाद मोजतबा खामेनेई को मलबे से बाहर निकाला गया था। इससे पहले उन्हें एक अन्य हमले में घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य मोहसेन हैदरी ने कतर के टीवी नेटवर्क अल-अरबी के साथ बातचीत में यह दावा किया। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, हैदरी ने कहा कि मोजतबा खामेनेई को घायल होने के बाद अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन तेहरान के तीन अस्पतालों पर हमले हुए। उनके मुताबिक, मोजतबा तीसरे अस्पताल में मौजूद थे और उन्हें वहां के मलबे से निकाला गया।

हमले के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं आए नजर

रिपोर्ट के मुताबिक, मलबे से निकाले जाने के बाद मोजतबा खामेनेई को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया और इसके बाद से वह सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर लगातार अटकलें लगती रही हैं।

इससे पहले अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए उनके गंभीर रूप से घायल होने और चेहरे पर गंभीर चोट लगने की बात सामने आई थी। हालांकि, उनकी वास्तविक स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं।

कैसे चुने गए ईरान के सर्वोच्च नेता?

मोहसेन हैदरी ने मोजतबा खामेनेई के सर्वोच्च नेता चुने जाने की प्रक्रिया को लेकर भी जानकारी दी। उनके अनुसार, 8 मार्च को असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की बैठक में मोजतबा खामेनेई के नाम पर फैसला हुआ।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोजतबा को खुद इस बात की जानकारी नहीं थी कि उन्हें सर्वोच्च नेता चुना जा चुका है। कथित तौर पर उन्हें इसकी जानकारी ईरानी सरकारी टेलीविजन पर घोषणा प्रसारित होने के बाद हुई।

असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स पर भी हुआ हमला

रिपोर्ट के अनुसार, सर्वोच्च नेता के चुनाव की संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने वाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स को भी हमलों का सामना करना पड़ा। क़ोम स्थित इसके सचिवालय पर कथित हमले में आठ लोगों की मौत हुई और मोजतबा खामेनेई के चयन से जुड़े दस्तावेज और सिफारिशें नष्ट हो गईं।

इसके बाद सदस्यों ने कथित तौर पर कागज पर अपने वोट लिखे और उन्हें एक गुप्त कमरे में ले जाकर चुनाव प्रक्रिया पूरी की। हैदरी ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले मोजतबा खामेनेई का नाम प्रस्तावित किया था।

59 में से 50 वोट मिलने का दावा

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई को 59 में से 50 वोट मिले। आयतुल्लाह अलीरेजा अराफी को आठ वोट मिले, जबकि एक सदस्य ने मतदान से दूरी बनाई।

हैदरी ने मोजतबा खामेनेई को “मैन ऑफ द शैडोज” यानी पर्दे के पीछे रहने वाला व्यक्ति भी बताया। उनके मुताबिक, सर्वोच्च नेता बनने से पहले मोजतबा ने ईरानी सरकार में कोई प्रमुख राजनीतिक पद नहीं संभाला था, हालांकि वह अपने पिता के सलाहकार के तौर पर काम करते रहे थे।

ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति के दावों में अंतर

मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पहले बयान दे चुके हैं। ट्रंप ने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि मोजतबा की मौत हुई है, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ट्रंप के मुताबिक, उनके शरीर के बाएं हिस्से—हाथ और पैर—में गंभीर चोटें आई थीं।

वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने हाल ही में फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में मोजतबा खामेनेई को पूरी तरह स्वस्थ बताया था। उन्होंने कहा था कि दोनों नेताओं के बीच करीब सात घंटे तक मुलाकात और बातचीत हुई थी। मोजतबा खामेनेई की मौजूदा स्थिति को लेकर सामने आए इन परस्पर विरोधी दावों के बीच उनकी सार्वजनिक अनुपस्थिति ने उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर रहस्य और बढ़ा दिया है।

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