नेपाल में भारी बारिश से तबाही, 72 घंटे में कम से कम 14 लोगों की मौत; बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़े

नेपाल में गुरुवार से जारी मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। नारायणी नदी चेतावनी स्तर पार कर गई है, जबकि कई राजमार्ग बंद हैं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

By  Preeti Kamal September 27th 2026 03:00 PM -- Updated: September 27th 2026 02:17 PM

काठमांडू, चितवन: नेपाल में गुरुवार से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। देश के अलग-अलग हिस्सों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है। कई इलाकों में सड़क संपर्क बाधित है और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

रविवार सुबह मध्य नेपाल की नारायणी नदी चेतावनी स्तर 9 मीटर को पार कर रिहायशी इलाकों में पहुंच गई। इसके बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन ने चेतावनी जारी की। चितवन को देश के कई हिस्सों से जोड़ने वाले प्रमुख राजमार्ग भी कई जगह भूस्खलन के कारण बंद हैं।

म्याग्दी में भूस्खलन से 4 लोगों की मौत

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, शनिवार शाम तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम छह लोगों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद रविवार सुबह म्याग्दी जिले में भूस्खलन की एक घटना में चार और लोगों की मौत की पुष्टि हुई।

अन्नपूर्णा ग्रामीण नगरपालिका के अध्यक्ष भरत कुमार पुन ने एएनआई को बताया कि भूस्खलन में चार लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण खोज और बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है, जबकि लगातार बारिश से स्थिति और खराब हो रही है।

बागलुंग में भी भूस्खलन ने ली 4 जानें

पड़ोसी बागलुंग जिले में भी भूस्खलन की घटना में चार लोगों की मौत हुई। स्थानीय अधिकारी के अनुसार, निशीखोला ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर 3 के हारद्रा में रविवार सुबह भूस्खलन हुआ, जिसमें चार लोग मलबे में दब गए। ग्रामीण नगरपालिका के उपाध्यक्ष प्रेम बहादुर घर्ती मगर ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि बचाव और राहत कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर प्रयास जारी हैं।

कालीगंडकी नदी ने बहाए घर और पुल

लगातार बारिश के कारण कालीगंडकी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। नदी के तेज बहाव में कई घर और पुल बह गए हैं, जिससे क्षेत्र में सड़क संपर्क टूट गया है।

नेपाल के कई जिलों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ने के बाद सुरक्षा बलों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान शुरू किया है। हजारों लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।

एक महीने पहले आई थी भोटेकोशी बाढ़

नेपाल में यह ताजा आपदा अगस्त में आई विनाशकारी भोटेकोशी बाढ़ के करीब एक महीने बाद आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, उस आपदा में अब तक 1,400 से अधिक लोगों की मौत और 6,000 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। 26 अगस्त को रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने नदी किनारे बसे इलाकों को प्रभावित किया था। इसके बाद नुवाकोट और धादिंग समेत आसपास के क्षेत्रों में भी बाढ़ का असर पहुंचा था।

बिजली और सड़क ढांचे को भी भारी नुकसान

भोटेकोशी बाढ़ के दौरान नेपाल के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा था। रिपोर्ट के अनुसार, 281 मेगावाट क्षमता वाली आठ चालू जलविद्युत परियोजनाएं और 388 मेगावाट क्षमता वाली चार निर्माणाधीन परियोजनाएं प्रभावित हुई थीं।

गल्छी-बेत्रावती-रसुवागढ़ी सड़क और पृथ्वी राजमार्ग के कई महत्वपूर्ण हिस्से क्षतिग्रस्त हुए थे। इसके अलावा 48 झूला पुलों और 31 मोटर योग्य पुलों को भी नुकसान पहुंचा था। लगातार बारिश और नए भूस्खलनों के बीच नेपाल के कई हिस्सों में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

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