रूस का यूक्रेन पर भीषण हमला, 29 लोगों की मौत; जेलेंस्की ने अमेरिका से मांगी अतिरिक्त सैन्य मदद

रूस ने यूक्रेन पर 289 ड्रोन और 76 मिसाइलों से हमला किया। राष्ट्रपति जेलेंस्की के मुताबिक, 29 लोगों की मौत हुई और खार्किव में 73 लोग घायल हुए। उन्होंने अमेरिका से अतिरिक्त वायु रक्षा सहायता मांगी है।

By  Preeti Kamal November 3rd 2026 05:15 PM -- Updated: November 3rd 2026 04:36 PM

कीव, यूक्रेन: रूस ने यूक्रेन पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया है। मंगलवार रात हुए इस हमले में कम से कम 29 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। रूसी सेना ने यूक्रेन के कई क्षेत्रों में ऊर्जा ढांचे, बिजली उत्पादन केंद्रों और सबस्टेशनों को निशाना बनाया। हमले के बाद कई शहरों और इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमले की जानकारी देते हुए अमरीका से यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सहायता देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रूस के हमलों को रोकने के लिए यूक्रेन को अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए लगातार समर्थन की जरूरत है।

289 ड्रोन और 76 मिसाइलों से हमला करने का दावा

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि रूस ने रातभर में यूक्रेन पर 289 अटैक ड्रोन, 17 बैलिस्टिक मिसाइल और 59 क्रूज मिसाइलें दागीं। उनके मुताबिक, हमलों का मुख्य निशाना ऊर्जा से जुड़ा बुनियादी ढांचा था। ओडेसा, चर्कासी, झितोमिर, विनित्सिया, खार्किव, निप्रो, चेर्निवत्सी, चेर्निहाइव और रिव्ने समेत कई क्षेत्रों में हमले हुए। इन इलाकों के कई शहरों और समुदायों में आपातकालीन और अनियोजित बिजली कटौती की सूचना मिली है।

अस्पताल पर भी हमला, 73 लोग घायल

जेलेंस्की के मुताबिक, रूसी सेना ने खार्किव शहर के एक क्लिनिकल अस्पताल को भी सीधे निशाना बनाया। इस हमले में 73 लोग घायल हुए और अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग को नुकसान पहुंचा। उस समय विभाग में मरीजों का इलाज चल रहा था।

वहीं, जापोरिज्जिया क्षेत्र के कोमिशुवाखा में राहत और बचाव अभियान चलाया गया। यहां मृतकों की संख्या बढ़कर 29 हो गई, जबकि पांच लोग घायल बताए गए हैं। मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। जेलेंस्की ने कहा कि सुरक्षा की स्थिति अनुकूल होने तक बचाव अभियान जारी रहेगा। उन्होंने आशंका जताई कि रूस बचाव कार्य के दौरान दोबारा हमला कर सकता है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।

अमरीका से बोले जेलेंस्की- रूस के हमले को नजरअंदाज न करे वाशिंगटन

जेलेंस्की ने हमले के समय को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रूस ने अमरीका में कांग्रेस चुनाव के दिन यह हमला किया है। उनके मुताबिक, मॉस्को को लगता है कि अमेरिका इस हमले को गंभीरता से नहीं लेगा, लेकिन इस तरह की सैन्य कार्रवाई पर ध्यान देना और इसे रोकना जरूरी है। उन्होंने कहा, "रूसियों को लगता है कि अमेरिका उनके इस संकेत पर ध्यान नहीं देगा। लेकिन इस तरह के आतंक को देखा जाना चाहिए और रोका जाना चाहिए।"

जेलेंस्की ने अमरीका से यूक्रेन के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा में मदद करने की अपील करते हुए कहा कि प्रभावी वायु रक्षा सहायता के बिना रूस के मिसाइल हमले नहीं रुकेंगे। उन्होंने युद्ध समाप्त करने के लिए ईमानदार और भरोसेमंद शांति प्रक्रिया की जरूरत पर भी जोर दिया।

अबू धाबी में 10-11 नवंबर को होगी रूस-यूक्रेन वार्ता

इस बीच रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने के लिए अमेरिका की ओर से कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने सोमवार को घोषणा की कि अमेरिका 10 और 11 नवंबर को अबू धाबी में रूस और यूक्रेन के बीच कार्यस्तरीय वार्ता की मध्यस्थता करेगा। विटकॉफ के मुताबिक, बातचीत में युद्ध के बाद की सुरक्षा व्यवस्था, तनाव कम करने के उपाय, मानवीय सहायता और शांति समझौते की दिशा में अगले कदमों पर चर्चा होगी।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधि इस सप्ताह के अंत में ब्रुसेल्स में फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और नाटो के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक में यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी, युद्ध के बाद यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था और यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए आर्थिक अवसरों पर चर्चा होगी। विटकॉफ ने कहा कि अमेरिका की कोशिश कीव, ओस्लो और सेंट पीटर्सबर्ग में हुई पिछली बातचीत के दौरान बनी प्रगति को आगे बढ़ाने की है, ताकि व्यापक और स्थायी शांति समझौते की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें।

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