जम्मू, आरएस पुरा: जम्मू के आरएस पुरा क्षेत्र के सीमावर्ती गांव सई सरदारी में 38 वर्षीय सुषमा देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सोमवार को तनाव की स्थिति पैदा हो गई। मृतका के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर हत्या और लंबे समय से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। मामले को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

ख़बरों के मुताबिक, सुषमा देवी का शव रविवार रात ससुराल के घर में फंदे से लटका मिला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी), जम्मू भेजा। पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो मायके पक्ष और ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया। मृतका के परिजनों का आरोप है कि सुषमा की हत्या करने के बाद उसकी मौत को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। परिवार ने यह भी दावा किया कि शादी के बाद से ही महिला को पति और ससुराल पक्ष की ओर से कथित तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मौत के वास्तविक कारण का पता जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा।

सड़क पर धरना, निष्पक्ष जांच की मांग

मृतका के मायके वालों ने सोमवार सुबह सई मौला मुख्य मार्ग पर धरना शुरू कर दिया। परिवार की मांग थी कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने ससुराल पक्ष के मकान को गिराने और उसी परिसर में सुषमा का अंतिम संस्कार करने की मांग भी रखी। मामला उस समय और तनावपूर्ण हो गया जब भीड़ ससुराल के घर तक पहुंची। रिपोर्टों के अनुसार, वहां तोड़फोड़ हुई और पुलिस के साथ झड़प की स्थिति बनी। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, पथराव में एक सब-इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हुए।

पुलिस की मौजूदगी में ससुराल के आंगन में अंतिम संस्कार

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात की गई। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। इसके बाद सहमति बनने पर सुषमा देवी का अंतिम संस्कार ससुराल के घर के आंगन में पुलिस की मौजूदगी में किया गया।

TV9 हिंदी के अनुसार, पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। रिपोर्ट में पांच लोगों की गिरफ्तारी का उल्लेख है, जबकि अन्य रिपोर्ट में पति और सास समेत छह लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है। पुलिस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में संख्या में अंतर है।

परिवार ने पहले भी प्रताड़ना का लगाया आरोप

मृतका के परिजनों ने दावा किया कि सुषमा को पहले भी ससुराल में कथित प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था और इस संबंध में शिकायतें तथा पंचायत स्तर पर मामले उठाए गए थे। परिवार ने आरोप लगाया कि उन्होंने समय-समय पर समझौते के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश की थी। इन दावों की पुष्टि जांच एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट से होना बाकी है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के आधार पर महिला की मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है। हत्या के आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।