कठुआ, जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के सुनखल गांव की बेटी अंजलि देवी ने इतिहास रच दिया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की ऑल-वुमन माउंटेनियरिंग टीम के साथ उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर पूरे देश का नाम रोशन किया।

8,848 मीटर की ऊंचाई पर तिरंगा लहराते हुए अंजलि देवी ने न केवल एक पर्वत जीता, बल्कि अपने गांव, जिले और पूरे जम्मू-कश्मीर का गौरव बढ़ाया। जैसे ही उनकी सफलता की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में जश्न का माहौल बन गया। परिवार, रिश्तेदार और ग्रामीण मिठाइयों के साथ उनके घर पहुंचने लगे।

अंजलि देवी के माता-पिता ने जताया गर्व

अंजलि देवी की मां वीना देवी और पिता बलवंत सिंह ने बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि बचपन से ही अंजलि बेहद मेहनती और प्रतिभाशाली रही हैं। उन्होंने 2025 में ITBP के पहले महिला पर्वतारोहण अभियान में 7135 मीटर ऊंची चोटी पर सफलता हासिल की थी और वुलोंग हाफ मैराथन 21 किलोमीटर भी जीती थी।

गांव में खुशी की लहर, स्वागत के लिए भव्य तैयारियां

22 मई को दोपहर 3:30 बजे अंजलि देवी का फोन आने के बाद परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। अब उनके स्वागत के लिए भव्य समारोह की तैयारियां की जा रही हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी अंजलि देवी की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल अंजलि की सफलता नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर की बेटियों के बढ़ते हौसले और सफलता की कहानी है।