नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में व्यापक सुरक्षा इंतजामों और लोगों को हिरासत में लिए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने भारत को ‘लोकतंत्र की जननी’ से ‘गूंगा लोकतंत्र’ में बदल दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन का आह्वान किया था। इस प्रदर्शन के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई जानी थी।
खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि सरकार के खिलाफ सवाल उठाने वाले युवाओं, छात्रों, वकीलों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसान संगठनों के नेताओं और कंटेंट क्रिएटर्स को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधा।
‘हिरासत और लाठियां लोगों को रोक नहीं सकतीं’
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हिरासत, गिरफ्तारी, जेल और पुलिस की कार्रवाई देश के लोगों को उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाने से नहीं रोक सकती। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के भविष्य को आकार देने में युवाओं की हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
खरगे ने कहा कि कांग्रेस संयुक्त विपक्ष के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और प्रत्येक भारतीय के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखने की बात कही।
Our youth, students, lawyers, journalists, social activists, farm union leaders, You Tubers, content creators, everyone who is questioning this regime are being detained.
Modi Govt has turned the “Mother of Democracy” into a ‘Muzzled Democracy’!
The cowardice of the BJP-RSS is on full display today.
Detentions, arrests, jails, lathis and pellets cannot deter the people of India. Since the days of our Freedom struggle, the youth have been at the forefront of shaping the nation’s destiny.
The Congress Party, along with the united Opposition, will fight this tyrannical regime, tooth and nail.
We shed our blood to win India’s freedom. We will continue to fight, with every ounce of our strength, to defend our Democracy, our Constitution and the fundamental rights of every Indian.
— Mallikarjun Kharge (@kharge) October 10, 2026
जयराम रमेश ने भी केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने भी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। एक्स पर पोस्ट करते हुए रमेश ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण युवा प्रदर्शन को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजधानी को किले में तब्दील कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि युवा मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंतित हैं और जंतर-मंतर पर अपनी बात रखना चाहते हैं।
रमेश ने संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वयस्क मताधिकार से संबंधित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शन को लेकर असहज है। ये टिप्पणियां कांग्रेस नेताओं के आरोप हैं।
देश की राजधानी को एक किले में तब्दील कर दिया गया है। हर तरफ हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मिले वोट देने के अधिकार को सुनियोजित तरीके से छीनने की कोशिश को लेकर चिंतित युवाओं के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन से PM-HM की जोड़ी बुरी तरह घबराई और बौखलाई हुई है।
इस बात के पक्के सबूत हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपनी नियुक्ति के समय इस विनाशकारी जोड़ी द्वारा दिए गए आदेशों का पूरी वफादारी से पालन किया। दिसंबर 2023 में, जब विपक्ष के 145 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था, तब उन्हें आजीवन कानूनी संरक्षण देने वाला कानून संसद से जबरन पारित कराया गया था।
सुप्रीम कोर्ट तक से झूठ बोलने वाले CEC का इस्तीफा अब एक नैतिक अनिवार्यता बन गया है। लेकिन यह हमारे लोकतंत्र की बुनियाद को वापस हासिल करने की दिशा में सिर्फ पहला कदम है। लोकतंत्र की इस बुनियाद को फिर से मजबूत करना सभी लोगों, खासकर युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है।
SIR की प्रक्रिया को रोकना भी जरूरी है, जिसके जरिए अब तक करीब 14 करोड़ भारतीयों से उनका मताधिकार छीना जा चुका है। हमारी चुनावी व्यवस्था में जनता का भरोसा और विश्वास बहाल करने के लिए SIR को रद्द करना आवश्यक है।
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) October 10, 2026
अभिजीत दीपके और ध्रुव राठी को लेकर भी विवाद
प्रदर्शन से पहले CJP कार्यकर्ताओं की हिरासत को लेकर भी राजनीतिक विवाद बढ़ा। CJP कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने मुंबई से दिल्ली पहुंचने के बाद इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर दावा किया कि दिल्ली पुलिस उन्हें और उनके साथियों को विमान से उतरते समय हिरासत में लेने पहुंची थी।
CJP ने कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी को हिरासत में लिए जाने का दावा भी किया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ध्रुव राठी की हिरासत की स्वतंत्र पुष्टि या इस संबंध में पुलिस का आधिकारिक बयान शामिल नहीं है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही थी और सुरक्षा व्यवस्था के तहत कार्रवाई जारी रखी।
दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, मेट्रो के 46 स्टेशन बंद
CJP के प्रदर्शन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में कई स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। दिल्ली में प्रवेश करने वाले मार्गों पर जांच बढ़ाई गई और व्यापक बैरिकेडिंग की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो के 46 स्टेशन बंद रखे गए। सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया।
CJP के प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सरकार की आलोचना की है। वहीं, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और सुरक्षा संबंधी कदमों को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से दी गई जानकारी इस घटनाक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू है।
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