राजौरी, जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के मंजाकोट सेक्टर में आतंकियों के खिलाफ चलाया जा रहा संयुक्त अभियान रविवार को नौवें दिन में प्रवेश कर गया। सुरक्षा बल घने जंगलों में छिपे संदिग्ध आतंकियों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। 'ऑपरेशन शेरूवाली' नाम से चलाए जा रहे इस अभियान में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल संयुक्त रूप से शामिल हैं।

यह अभियान राजौरी के गंभीर मुगलान और डोरीमल वन क्षेत्रों में आतंकियों की मौजूदगी संबंधी विशेष खुफिया जानकारी मिलने के बाद शुरू किया गया था। अभियान गुरुवार को उस समय निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया जब डोरीमल जंगल क्षेत्र से भारी गोलीबारी और गोलाबारी की खबरें सामने आईं। इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में घेराबंदी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया।

संदिग्ध आतंकी निर्धारित क्षेत्र से बाहर न निकल सकें, किए गए इंतज़ाम

अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त जवानों और आवश्यक संसाधनों को क्षेत्र में भेजा गया है ताकि एक मजबूत और अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार किया जा सके। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संदिग्ध आतंकी निर्धारित क्षेत्र से बाहर न निकल सकें, जबकि तलाशी दल जंगलों में सघन अभियान जारी रखे हुए हैं।

सुरक्षा बल अत्यधिक सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं

घना जंगल और दुर्गम पहाड़ी इलाका इस अभियान को और चुनौतीपूर्ण बना रहा है। ऐसे में सुरक्षा बल अत्यधिक सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं और लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी संभावित खतरे को समाप्त करने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।

पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई

फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कुछ संवेदनशील स्थानों तक पहुंच पर निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरा इलाका पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक तलाशी अभियान जारी रहेगा।