नई दिल्ली: चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को और तेज हो गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि विपक्ष आकाशवाणी भवन परिसर में अपना प्रदर्शन जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस को वहां प्रदर्शन से परेशानी है, तो वह विपक्षी सांसदों को विरोध जताने के लिए दूसरी जगह उपलब्ध करा सकती है। राहुल गांधी ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना उनका अधिकार है।
दरअसल, INDIA गठबंधन के सांसद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और फॉर्म-6 में कथित बदलावों को लेकर चुनाव आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन की ओर मार्च कर रहे थे। हालांकि, रास्ते में लगाए गए बैरिकेड के कारण उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के कार्यालय से करीब 100 मीटर दूर स्थित आकाशवाणी भवन परिसर में बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसद बैरिकेड पर चढ़ते हुए भी दिखाई दिए। प्रदर्शन के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
#WATCH | Delhi | Continuing his protest inside Akashvani Bhavan premises, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "We don't have any problem with protesting here...We will continue our protests here...If they (Delhi Police) are uncomfortable with us protesting here, they can provide us with another place to protest...The Constitution allows us to lodge a protest..."
— ANI (@ANI) October 6, 2026
‘पुलिस को परेशानी है तो दूसरी जगह दे सकती है’
आकाशवाणी भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को वहां प्रदर्शन करने में कोई परेशानी नहीं है और वे अपना विरोध जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा, “हमें यहां प्रदर्शन करने में कोई परेशानी नहीं है। हम यहां अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। अगर दिल्ली पुलिस को हमारे यहां प्रदर्शन करने से परेशानी है, तो वह हमें प्रदर्शन करने के लिए कोई दूसरी जगह दे सकती है। संविधान हमें विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है।” राहुल गांधी के इस बयान से स्पष्ट है कि विपक्ष मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर निर्वाचन आयोग से जवाब मिलने तक अपना विरोध जारी रखने के पक्ष में है।
‘हमें ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों से मिलना है’
राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग पर विपक्षी प्रतिनिधियों को मुलाकात का समय नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद केवल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों से मिलकर अपने सवालों के जवाब चाहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा, “वहां से विपक्ष के 300 सांसदों को हटा दिया गया, इसलिए मैं यहां आकर बैठ गया। हम सिर्फ ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते हैं। हम लोकसभा और राज्यसभा के विपक्षी सांसद हैं और उनसे बात करना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि करोड़ों लोगों ने विपक्षी दलों को वोट दिया है और वे निर्वाचन आयोग के सामने अपने सवाल रखना चाहते हैं, लेकिन आयोग उनसे बात नहीं करना चाहता।
मेरे भारत के साथ जो किया गया है, वो देशद्रोह है।
चाहे वो नरेंद्र मोदी हो, अमित शाह हो, ज्ञानेश कुमार हो या मोहन भागवत हो - कोई बच कर नहीं भाग पाएगा। https://t.co/G1F4EF447t
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 6, 2026
'देश की चुनावी व्यवस्था पर कब्जा करने की कोशिश हुई है'
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र और मतदान व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि देश की चुनावी व्यवस्था पर कब्जा करने की कोशिश हुई है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष संविधान को बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। हालांकि, चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने से जुड़े उनके आरोप राजनीतिक आरोप हैं।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया
विपक्षी मार्च के दौरान उस समय तनाव बढ़ गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और INDIA गठबंधन के समर्थकों ने निर्वाचन सदन की ओर बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश करने वाले कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने की बात कही गई।
पुलिस अधिकारियों ने भारतीय युवा कांग्रेस और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं को भी भवन के बाहर से हटने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि आदेश का पालन नहीं करने वालों को हिरासत में लिया जा सकता है। इसके बाद हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को बस में बैठाकर वहां से ले जाया गया।
#WATCH | Delhi: Visuals from inside Akashvani Bhavan, where Congress MPs, including Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra, KC Venugopal, Pawan Khera, Deepender Hooda and others are holding a protest against CEC Gyanesh Kumar. https://t.co/XnvD0obin6
— ANI (@ANI) October 6, 2026
चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद की रिपोर्ट से बढ़ा विवाद
चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच जारी विवाद के बीच द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट ने भी राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 14 मौकों पर आपत्तियां उठाई थीं।
हालांकि, निर्वाचन आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। चुनाव आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों को लेकर सामने आए दावों पर आयोग के इस रुख के बीच राजनीतिक विवाद जारी है।
फॉर्म-6 में बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
फॉर्म-6 को लेकर भी विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उसने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे फॉर्म-6 के किसी संशोधित संस्करण को मंजूरी नहीं दी है।
इस टिप्पणी के बाद विपक्षी दलों ने फॉर्म-6 में कथित बदलाव और मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर बीजेपी और निर्वाचन आयोग की आलोचना की है। विपक्ष की मांग है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त सहित निर्वाचन आयोग के अधिकारी उसके प्रतिनिधियों के सवालों का जवाब दें।
‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत जारी है विरोध
INDIA गठबंधन का यह प्रदर्शन विपक्ष के व्यापक ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान का हिस्सा है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं, एसआईआर प्रक्रिया और फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
राहुल गांधी ने संकेत दिया है कि विपक्ष अपने सवालों के जवाब मिलने तक विरोध जारी रखेगा। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने निषेधाज्ञा और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को निर्धारित क्षेत्र से आगे बढ़ने से रोकने की कार्रवाई की है।
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