हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की भगवान राम और भगवान शिव को लेकर की गई टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने मुख्यमंत्री के बयान की आलोचना करते हुए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
रेवंत रेड्डी ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर और दक्षिण भारत की राजनीतिक तथा धार्मिक पहचान का जिक्र करते हुए भगवान शिव को गरीबों और भगवान राम को अमीरों से जोड़ने वाली टिप्पणी की थी। उन्होंने बीजेपी के राजनीतिक विमर्श में ‘जय श्री राम’ के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए पूछा कि बीजेपी नेता ‘हर हर महादेव’ का नारा क्यों नहीं लगाते।
रेवंत रेड्डी ने क्या कहा?
रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि दक्षिण भारत में लोग भगवान शिव के उपासक हैं, जबकि उत्तर भारत में भगवान राम की धार्मिक पहचान को अधिक राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी ने भगवान राम को अपने राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बना लिया है।
इसी संदर्भ में उन्होंने भगवान शिव को “गरीबों का भगवान” और भगवान राम को “अमीरों का भगवान” बताया। रेवंत रेड्डी ने बीजेपी को भी अमीरों से जुड़ी पार्टी बताया। उनके इन बयानों के बाद बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
“CM Revanth Reddy conspiring to divide Hindus.”- Telangana BJP Chief Ramchander Rao on CM's remarks on Lord Shiva and Ram pic.twitter.com/tOin7zoCqo
— News Arena India (@NewsArenaIndia) September 29, 2026
बीजेपी ने मांगी माफी
तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने रेवंत रेड्डी की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि हिंदू धर्म में भगवान राम और भगवान शिव के बीच इस तरह का आर्थिक या सामाजिक विभाजन नहीं किया जाता। उन्होंने मुख्यमंत्री पर धार्मिक आधार पर समाज को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया और सार्वजनिक माफी की मांग की।
रामचंदर राव ने मुख्यमंत्री के लिए ‘रेवंतुद्दीन’ शब्द का भी इस्तेमाल किया और रेवंत रेड्डी के पुराने राजनीतिक बयानों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। ये आरोप बीजेपी नेता के राजनीतिक बयान हैं।
बंदी संजय ने भी साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता बंदी संजय कुमार ने भी रेवंत रेड्डी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवान राम और भगवान शिव के बीच राजनीतिक विभाजन खड़ा कर रहे हैं।
बंदी संजय ने तेलंगाना में स्थित वेमुलावाड़ा और भद्राचलम का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में दोनों धार्मिक परंपराओं से जुड़े महत्वपूर्ण तीर्थस्थल हैं। उन्होंने रेवंत रेड्डी की टिप्पणी को राजनीतिक विभाजन से जोड़ते हुए इसकी आलोचना की।
बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी जताई आपत्ति
बीजेपी नेता पी.वी.एन. माधव ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भगवान राम और भगवान शिव को अलग-अलग क्षेत्रीय या सामाजिक पहचान में बांटना उचित नहीं है। उन्होंने उत्तर भारत में भगवान शिव की व्यापक आस्था का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर सवाल उठाए। बीजेपी नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने भी रेवंत रेड्डी के बयान की आलोचना की और कहा कि ऐसे बयानों का राजनीतिक असर आगामी चुनावों में देखने को मिलेगा।
धार्मिक प्रतीकों के राजनीतिक इस्तेमाल पर फिर बहस
रेवंत रेड्डी की टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब तेलंगाना और राष्ट्रीय राजनीति में धार्मिक प्रतीकों, उत्तर-दक्षिण राजनीतिक विमर्श और चुनावी मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। इस विवाद में एक ओर मुख्यमंत्री की टिप्पणी को उनके राजनीतिक तर्क और उत्तर-दक्षिण के संदर्भ में दिए गए बयान के रूप में देखा जा रहा है, वहीं बीजेपी नेताओं ने इसे धार्मिक विभाजन से जोड़कर आलोचना की है। उपलब्ध रिपोर्टों में दोनों पक्षों के राजनीतिक दावे अलग-अलग हैं और इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
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