नई दिल्ली: भारत ने पंजाब के नंगल में 2024 में विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में वांछित आरोपी हरविंदर कुमार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। गृह मंत्रालय (MHA) ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।
UAE से निर्वासन के बाद हरविंदर कुमार उर्फ सोनू बरनाला को गुरुवार को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए विशेष NIAअदालत के समक्ष पेश किया गया।
बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा हत्या का मामला
गृह मंत्रालय के अनुसार, विकास प्रभाकर की गोली मारकर हत्या प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के सदस्यों ने कथित तौर पर की थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, हत्या का उद्देश्य सांप्रदायिक तनाव पैदा करना था और इसके पीछे पाकिस्तान स्थित बीकेआई प्रमुख वधावा सिंह उर्फ बब्बर का कथित हाथ था।
हरविंदर कुमार के खिलाफ 17 अप्रैल 2026 को रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी किया गया था। गृह मंत्रालय ने बताया कि भारतीय एजेंसियों की ओर से 19 जून 2026 को अनुरोध किए जाने के बाद UAE अधिकारियों ने उसे भारत को सौंप दिया।
Harwinder Kumar, the wanted BKI operative deported from the UAE. (Source: NIA website) pic.twitter.com/uxN3Eui1d1
— ANI (@ANI) October 1, 2026
NIA ने हवाई अड्डे पर किया गिरफ्तार
NIA के मुताबिक, हरविंदर कुमार हत्या की साजिश में शामिल आरोपियों को रसद संबंधी मदद और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में कथित तौर पर शामिल था। एजेंसी के अनुसार, वह विदेश में मौजूद BKI के सदस्यों के निर्देश पर काम करता था।
NIA ने बताया कि हरविंदर कथित तौर पर भर्ती करने वाले और हैंडलर की भूमिका में था। उसने हत्या में इस्तेमाल होने वाले हथियारों की व्यवस्था की और उन्हें हमलावरों तक पहुंचाने में मदद की। इसके अलावा उसने कथित तौर पर आतंकी फंड हासिल किए और उन्हें आगे स्थानांतरित किया।
जर्मनी में बैठे BKI सदस्यों पर साजिश रचने का आरोप
NIAकी जांच के अनुसार, विकास प्रभाकर की हत्या की साजिश कथित तौर पर जर्मनी में रह रहे BKI के सदस्य हरजीत सिंह उर्फ लड्डी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू ने रची थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि हरविंदर कुमार ने UAE में रहते हुए विदेश में मौजूद BKI के गुर्गों के लिए रसद और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का काम किया।
मामले में अब तक तीन आरोपपत्र दाखिल
विकास प्रभाकर की हत्या से जुड़ा मामला NIA ने 9 मई 2024 को दर्ज किया था। यह मामला आरसी-06/2024/एनआईए/डीएलआई के तहत दर्ज है। एजेंसी ने अब तक इस मामले में तीन आरोपपत्र दाखिल किए हैं।
हरविंदर कुमार की गिरफ्तारी से पहले 13 अगस्त 2026 को UAE में रह रहे एक अन्य आरोपी मनवीर राम को भी गिरफ्तार किया गया था। NIA के अनुसार, मनवीर राम पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है। उसे अमृतसर हवाई अड्डे पर रोके जाने के बाद NIA ने गिरफ्तार किया था।
आतंकियों की वापसी तेज करने के लिए ‘प्रहार’ पहल
गृह मंत्रालय ने बताया कि आतंकवाद से जुड़े मामलों में वांछित आरोपियों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया तेज करने के लिए ‘प्रहार’ पहल शुरू की गई है। मंत्रालय के अनुसार, इस पहल के तहत विदेशों में मौजूद आतंकवाद से जुड़े वांछित आरोपियों के निर्वासन में तेजी लाई जा रही है।
हरविंदर कुमार को UAE से भारत लाकर गिरफ्तार किया जाना आतंकवाद से जुड़े मामलों में वांछित आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया का सामना कराने की दिशा में एजेंसियों की कार्रवाई को दर्शाता है। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में विभिन्न भारतीय एजेंसियों के बीच समन्वय से आरोपी की भारत वापसी संभव हुई।
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