चंडीगढ़, पंजाब: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार झोटा के पिता और परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने परिवार की मांग स्वीकार करते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले परविंदर सिंह झोटा के पिता और परिवार के साथ सरकार खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए हत्या का मामला सीबीआई को सौंपा जा रहा है। मान ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार जरूरी सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।
Punjab CM Bhagwant Mann (@BhagwantMann) posts, "We stand firmly with Parminder Singh Jhota’s father and his family at all times in their fight against drugs. Accepting the family’s demand, we are handing over this case to the CBI. Our fight against drug traffickers is a fight to the finish. We will not back down from taking whatever strict measures are necessary to make Punjab drug-free."
(Roughly translatef from Punjabi to English)
— Press Trust of India (@PTI_News) October 20, 2026
13 अक्टूबर को हुई थी झोटा की हत्या
मानसा जिले के रहने वाले परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ अभियान चलाने के लिए जाने जाते थे। 13 अक्टूबर को एक मेडिकल स्टोर पर कथित तौर पर नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर हुए विवाद के दौरान उन्हें गोली मार दी गई थी। घटना के समय वह सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण कर रहे थे।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस मामले में मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार पर गोली चलाने का आरोप है। गोली लगने से झोटा की मौत हो गई, जबकि उनके एक साथी के घायल होने की भी खबर सामने आई थी। मामले में पुलिस ने आरोपी को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया था।
पिता ने उठाए थे सरकार और पुलिस पर सवाल
झोटा के पिता भीम सिंह ने बेटे की हत्या के बाद पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के पुलिस महानिदेशक से जवाबदेही की मांग करते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की अपील की थी।
परिवार और प्रदर्शनकारी संगठनों की प्रमुख मांगों में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल थी। इस घटना के बाद विभिन्न किसान और मजदूर संगठनों ने 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान भी किया था।
नशे के खिलाफ कार्रवाई पर फिर बढ़ा दबाव
झोटा की हत्या ने पंजाब में नशे की समस्या और कथित अवैध दवा कारोबार को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है। परिवार लंबे समय से मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा था। अब राज्य सरकार के सीबीआई जांच के ऐलान के बाद मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
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