पटियाला, पंजाब: श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी मंगलवार को पटियाला केंद्रीय जेल पहुंचे। दोनों नेता पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए बलवंत सिंह राजोआना से मुलाकात करने पहुंचे हैं।
राजोआना इस मामले में मौत की सजा पाए हुए हैं और लंबे समय से पटियाला केंद्रीय जेल में बंद हैं। उनकी दया याचिका पर केंद्र सरकार का अंतिम फैसला अभी लंबित है।
दया याचिका पर फैसले को लेकर फिर बढ़ी सक्रियता
राजोआना ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी लंबित दया याचिका पर जल्द फैसला लेने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि उनकी याचिका पिछले करीब 15 वर्षों से लंबित है और इस मामले में अब अंतिम निर्णय लिया जाना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, राजोआना ने अपने पत्र में कहा था कि सरकार यदि उनकी सजा को बरकरार रखना चाहती है तो ऐसा फैसला ले सकती है, लेकिन मामले को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
Patiala, Punjab: Akal Takht Sahib Jathedar Giani Kuldeep Singh Garjgaj, along with SGPC president Harjinder Singh Dhami, arrives at the Patiala Central Jail to meet Bhai Balwant Singh Rajoana, who is convicted for the assassination of former CM Beant Singh pic.twitter.com/Rxx38BPQWk
— IANS (@ians_india) September 29, 2026
SGPC पहले भी कर चुकी है मुलाकात
राजोआना की दया याचिका को लेकर एसजीपीसी लगातार केंद्र से फैसला लेने की मांग करती रही है। मई 2025 में हरजिंदर सिंह धामी के नेतृत्व में एसजीपीसी के प्रतिनिधिमंडल ने भी पटियाला केंद्रीय जेल में राजोआना से मुलाकात की थी। उस दौरान दया याचिका में हो रही देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। अक्टूबर 2025 में भी धामी के नेतृत्व में एसजीपीसी प्रतिनिधिमंडल ने राजोआना से मुलाकात की थी। उस बैठक में राजोआना और उनकी लंबित दया याचिका से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई थी।
ज्ञानी गड़गज पहले भी राजोआना से कर चुके हैं मुलाकात
ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज इससे पहले जून 2025 में भी पटियाला जेल में राजोआना से मुलाकात कर चुके हैं। उस मुलाकात के बाद गड़गज ने बताया था कि राजोआना ने अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता और उसके सम्मान को बनाए रखने का संदेश दिया था।
बेअंत सिंह हत्याकांड में मिली है मौत की सजा
बलवंत सिंह राजोआना को 1995 में तत्कालीन पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में पंजाब सिविल सचिवालय के बाहर हुए विस्फोट में बेअंत सिंह समेत 17 लोगों की मौत हुई थी। विशेष अदालत ने जुलाई 2007 में राजोआना को मौत की सजा सुनाई थी। SGPC ने मार्च 2012 में राजोआना की ओर से राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दाखिल की थी। यह याचिका अब तक लंबित है।
अब मुलाकात पर टिकी नजर
राजोआना की प्रधानमंत्री को लिखी हालिया चिट्ठी और उनकी दया याचिका पर लंबे समय से लंबित निर्णय के बीच ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और हरजिंदर सिंह धामी की पटियाला जेल में मुलाकात महत्वपूर्ण है। हालांकि, मुलाकात के बाद किन मुद्दों पर चर्चा हुई और क्या कोई औपचारिक निर्णय या मांग सामने आती है, इसकी जानकारी मुलाकात के बाद सामने आने की उम्मीद है।
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