<?xml version='1.0' encoding='UTF-8' ?><rss xmlns:content='http://purl.org/rss/1.0/modules/content/' xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/'  version='2.0'><channel><title>GTC Bharat</title><link>https://www.gtcbharat.com</link><lastBuildDate><![CDATA[Wed, 07 Oct 2026 19:55:34 +0530 ]]></lastBuildDate><language>en</language><image><title>GTC Bharat</title><url>https://media.gtcbharat.com/uploads/GTC-Bhart.svg</url><link>https://www.gtcbharat.com</link></image><description>GTC Bharat: Hindi News(हिंदी न्यूज़): Bharat की ताज़ा खबरें | Hindi News, हिंदी समाचार </description><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/supreme-court-delhi-crime-police-plan-6786 ]]></guid><title><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: दिल्ली में रेप की घटनाओं पर पुलिस से पूछा- अपराधियों में कानून का डर क्यों नहीं? ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/supreme-court-delhi-crime-police-plan-6786 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 05 Oct 2026 12:42:18 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ दिल्ली-NCR में हाल के दिनों में सामने आई दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से राजधानी में अपराधों की रोकथाम के ल ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>दिल्ली-NCR </b>में हाल के दिनों में सामने आई दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से राजधानी में अपराधों की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों और भविष्य की रणनीति के बारे में जानकारी मांगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने खास तौर पर यह जानना चाहा कि पुलिस अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय उसे पहले रोकने के लिए किस तरह की व्यवस्था विकसित कर रही है।</p><p>जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों पर सवाल किए। अदालत ने कहा कि दुष्कर्म जैसी घटनाएं किसी भी समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकतीं और इनसे निपटने के लिए प्रभावी रोकथाम की रणनीति जरूरी है।</p><h5 class=""><b>केवल CCTV लगाने से अपराध नहीं रुकेंगे</b></h5><p>सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने CCTV कैमरों की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाया। अदालत ने कहा कि किसी इलाके में कैमरा लगा देना अपने आप में अपराध रोकने की गारंटी नहीं है।</p><p>कोर्ट के मुताबिक CCTV फुटेज से घटना के बाद आरोपी की पहचान करने या उसकी गतिविधियों को समझने में मदद मिल सकती है, लेकिन अपराध होने से पहले संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसके लिए लगातार निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया की व्यवस्था होनी चाहिए।</p><p>अदालत ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि क्या उसके पास ऐसा कोई प्रभावी सिस्टम है, जिसमें अलग-अलग इलाकों में लगे कैमरों की लगातार निगरानी की जा सके और संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच सके।</p><h5 class=""><b>'अपराध करने वालों में कानून का डर होना चाहिए'</b></h5><p>सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस से यह भी पूछा कि अपराधियों में कानून का भय पैदा करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। अदालत का जोर इस बात पर था कि पुलिस की मौजूदगी और निगरानी ऐसी होनी चाहिए जिससे अपराध करने की योजना बना रहे लोगों को संभावित कार्रवाई का डर रहे।</p><p>पीठ ने यह भी संकेत दिया कि केवल अपराध के बाद जांच और गिरफ्तारी पर निर्भर रहने के बजाय पुलिस को अपराध की परिस्थितियों को पहले से पहचानने और उन्हें रोकने की दिशा में काम करना चाहिए।</p><h5 class=""><b>जनता से संवाद पर भी जोर</b></h5><p>सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस और आम जनता के बीच संवाद को भी महत्वपूर्ण बताया। अदालत ने सवाल किया कि क्या पुलिस नियमित रूप से स्थानीय लोगों के साथ बातचीत करती है और संवेदनशील इलाकों की समस्याओं को समझने की कोशिश करती है।</p><p>स्थानीय स्तर पर पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर संपर्क से संवेदनशील क्षेत्रों, सुनसान स्थानों और अपराध की आशंका वाले इलाकों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। कोर्ट ने इसी तरह की सक्रिय व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।</p><h5 class=""><b>दुर्गा पूजा और दिवाली को लेकर भी चिंता</b></h5><p>आगामी त्योहारों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की तैयारियों पर भी सवाल उठाए। अदालत ने दुर्गा पूजा और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान राजधानी में भीड़ बढ़ने और सार्वजनिक स्थानों पर गतिविधियां बढ़ने को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई।</p><p>त्योहारों के दौरान बाजारों, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक परिवहन केंद्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं। ऐसे में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था महत्वपूर्ण हो सकती है।</p><p>कोर्ट ने पुलिस से यह स्पष्ट करने को कहा कि ऐसे अवसरों पर अपराध की रोकथाम के लिए उसकी क्या तैयारी है और संवेदनशील स्थानों की निगरानी किस तरह की जाएगी।</p><h5 class=""><b>हालिया घटनाओं के बाद कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान</b></h5><p>दिल्ली-NCR में हाल के दिनों में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध की कई घटनाएं सामने आई हैं। इनमें कालकाजी क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला भी शामिल है, जिसमें आरोपियों पर पुलिसकर्मी बनकर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगा था।</p><p>इन घटनाओं के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लिया। अदालत की चिंता केवल किसी एक मामले तक सीमित नहीं रही, बल्कि दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा और अपराध की रोकथाम के लिए व्यापक पुलिस व्यवस्था पर केंद्रित रही।</p><h5 class=""><b>अब पुलिस को बतानी होगी आगे की रणनीति</b></h5><p>सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद दिल्ली पुलिस के सामने अब अपराध रोकने की अपनी रणनीति को अधिक स्पष्ट तरीके से रखने की चुनौती है। अदालत ने विशेष रूप से लगातार निगरानी, CCTV के प्रभावी इस्तेमाल, पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और जनता के साथ बेहतर संवाद जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया है।</p><p>मामले में आगे की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से यह बताया जा सकता है कि राजधानी में संवेदनशील इलाकों की पहचान, निगरानी व्यवस्था और आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।</p><p>सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों से यह स्पष्ट है कि अदालत अपराध होने के बाद की कार्रवाई के साथ-साथ अपराध की रोकथाम और पुलिस की जवाबदेही पर भी जोर दे रही है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: दिल्ली में रेप की घटनाओं पर पुलिस से पूछा- अपराधियों में कानून का डर क्यों नहीं? ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-women-journalists-sexual-harassment-complaints-crime-branch-6772 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप, शिकायतें क्राइम ब्रांच को भेजी गईं ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-women-journalists-sexual-harassment-complaints-crime-branch-6772 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 04 Oct 2026 13:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस ने रविवार को बताया कि नई दिल्ली जिले को तीनों पत्रकारों की शिका ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस ने रविवार को बताया कि नई दिल्ली जिले को तीनों पत्रकारों की शिकायतें मिली हैं और निष्पक्ष जांच के लिए इन्हें क्राइम ब्रांच, कमला मार्केट को भेज दिया गया है।</span></p><p>दिल्ली पुलिस ने एक्स पर बताया, “3 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति के बीच तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। नई दिल्ली जिला पुलिस को उनकी शिकायतें प्राप्त हुई हैं।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने आगे कहा कि शिकायतों को निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दिया गया है।</span></p><p><span style="color: rgb(15, 20, 25); font-family: &quot;Times New Roman&quot;; font-size: 15px; white-space: pre-wrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;On 03-10-26, during the protest in New Delhi area, while being in law and order situation, allegations of sexual harassment were made by three female journalists against police officers.
 
New Delhi District has received their complaints and the same are transferred to Crime Branch for fair and impartial enquiry.

@PTI_News 
@ANI
#DPUpdates&lt;/p&gt;&amp;mdash; Delhi Police (@DelhiPolice) &lt;a href="https://x.com/DelhiPolice/status/2106609002117562539?ref_src=twsrc^tfw"&gt;October 4, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;
&lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है मामला</b></h5><p>यह मामला राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।</p><p>प्रदर्शन के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कई सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया। AISA अध्यक्ष नेहा बोरा समेत वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और कपिल सिब्बल सहित कई प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर के पास पुलिस बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की थी।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;100s of journalists are protesting outside Parliamentary street police station, alleging harassment and assault by &lt;a href="https://x.com/DelhiPolice?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@DelhiPolice&lt;/a&gt; officials.&lt;br&gt;&lt;br&gt;Delhi Police, filled with the likes of Sachin Sharma, is quickly becoming a police of national shame. &lt;a href="https://t.co/xnBbf9hf05"&gt;pic.twitter.com/xnBbf9hf05&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) &lt;a href="https://x.com/AshutoshRanka/status/2106379854233133527?ref_src=twsrc^tfw"&gt;October 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>राहुल गांधी ने पुलिस पर लगाए थे दुर्व्यवहार के आरोप</b></h5><p>इससे पहले शनिवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस के कथित दुर्व्यवहार को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि एक महिला पत्रकार के साथ एक पुलिस अधिकारी ने दुर्व्यवहार किया।</p><p>राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए पुलिस की कार्रवाई के लिए गृह मंत्रालय को जिम्मेदार ठहराया और पूछा था कि वह कहां हैं और इस मामले पर उन्हें जवाब देना चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने एक्स पर दावा किया था कि सैकड़ों पत्रकार जंतर-मंतर पर घंटों से एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे थे। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया था कि शनिवार को जंतर-मंतर से बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आईं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi: &lt;br&gt;&lt;br&gt;Female journalist alleges sexual harassment by Delhi Police officer. &lt;a href="https://t.co/lmBRUTqAMY"&gt;pic.twitter.com/lmBRUTqAMY&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; News Arena India (@NewsArenaIndia) &lt;a href="https://x.com/NewsArenaIndia/status/2106556332975554859?ref_src=twsrc^tfw"&gt;October 4, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>प्रदर्शन को लेकर तीन एफआईआर दर्ज</b></h5><p>दिल्ली पुलिस के अनुसार, 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास हुए बड़े प्रदर्शन के संबंध में कम से कम तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें दो एफआईआर संसद मार्ग पुलिस थाने और एक एफआईआर कनॉट प्लेस पुलिस थाने में दर्ज की गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">महिला पत्रकारों की शिकायतों को अब क्राइम ब्रांच, कमला मार्केट को भेजे जाने के बाद मामले की आगे की जांच की जाएगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप, शिकायतें क्राइम ब्रांच को भेजी गईं ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-women-journalists-sexual-harassment-protest-6771 ]]></guid><title><![CDATA[ Delhi: Three women journalists allege sexual harassment during protest, crime branch to probe ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-women-journalists-sexual-harassment-protest-6771 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 04 Oct 2026 12:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ New Delhi, India: The complaints from three women journalists alleging sexual harassment during protests in the national capital have been received, Delhi Police said on Sunday.&nbsp;The complaints ha ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>New Delhi, India:</b> The complaints from three women journalists alleging sexual harassment during protests in the national capital have been received, Delhi Police said on Sunday.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">The complaints have been made against police personnel.&nbsp;</span></p><p>"On 03-10-26, during the protest in New Delhi area, while being in law and order situation, allegations of sexual harassment were made by three female journalists against police officers. New Delhi District has received their complaints," Delhi Police informed on X.&nbsp;</p><p>Delhi Police said the complaints are being transferred to the Crime Branch, Kamla Market.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"Same are transferred to Crime Branch for fair and impartial enquiry," police added.&nbsp;</span></p><p><span style="color: rgb(15, 20, 25); font-family: &quot;Times New Roman&quot;; font-size: 15px; white-space: pre-wrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;On 03-10-26, during the protest in New Delhi area, while being in law and order situation, allegations of sexual harassment were made by three female journalists against police officers.
 
New Delhi District has received their complaints and the same are transferred to Crime Branch for fair and impartial enquiry.

@PTI_News 
@ANI
#DPUpdates&lt;/p&gt;&amp;mdash; Delhi Police (@DelhiPolice) &lt;a href="https://x.com/DelhiPolice/status/2106609002117562539?ref_src=twsrc^tfw"&gt;October 4, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;
&lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>The Leader of the Opposition in the Lok Sabha, Rahul Gandhi, on Saturday accused Delhi Police of misconduct at Jantar Mantar, alleging that a female journalist was subjected to misbehaviour by a police officer. The protests were being held in the national capital against Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar.&nbsp;</p><p>Holding the Home Ministry accountable for the actions of the Police, Gandhi questioned the Home Minister, stating, "Amit Shah ji, where are you? You have to answer for this."&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">In a post on X, Gandhi said that hundreds of journalists had been sitting at Jantar Mantar for hours demanding registration of an FIR.</span></p><p>Gandhi said women across Delhi and students were gripped by fear for their safety and were staging satyagraha, while the police responsible for protecting women were raising hands against them.</p><p>He further alleged that hundreds of people were taken into custody at Jantar Mantar on Saturday, and there were allegations of misconduct with women protesters.</p><p>Delhi Police on Saturday detained several members of the All India Students' Association (AISA) during a protest near Jantar Mantar against Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar, as demonstrations over the Special Intensive Revision (SIR) of electoral rolls continued in the national capital.</p><p>Several protesters, including AISA president Neha Bora and senior advocates Prashant Bhushan and Kapil Sibal, attempted to breach police barricades near Jantar Mantar and move forward.</p><p>Meanwhile, Delhi Police have registered at least three FIRs in connection with the mass protest held near Jantar Mantar on October 2. Two FIRs were registered at Parliament Street (Sansad Marg) Police Station and one at Connaught Place Police Station. (ANI)</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Delhi: Three women journalists allege sexual harassment during protest, crime branch to probe ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/manoj-jha-jantar-mantar-protest-sir-election-commission-6744 ]]></guid><title><![CDATA[ गांधी जयंती पर जंतर-मंतर पहुंचे मनोज झा, पुलिस प्रतिबंधों और चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/manoj-jha-jantar-mantar-protest-sir-election-commission-6744 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 02 Oct 2026 13:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा शुक्रवार को जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों के प्रदर्शन में शामिल हुए। यह प्रदर्शन विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर किया गया। मन ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा शुक्रवार को जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों के प्रदर्शन में शामिल हुए। यह प्रदर्शन विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर किया गया। मनोज झा ने कहा कि यह केवल विपक्षी दलों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन नागरिकों की आवाज भी है जिन्हें लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज को लेकर चिंता है।</span></p><p>मनोज झा ने कहा कि विपक्षी दलों के अपने कार्यक्रम हो सकते हैं, लेकिन जंतर-मंतर का प्रदर्शन नागरिकों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि गणराज्य का प्रत्येक नागरिक लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज में हिस्सेदार है और मौजूदा परिस्थितियों को लेकर सवाल उठा रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि प्रदर्शन महात्मा गांधी की जयंती के दिन हो रहा है और ऐसे दिन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना महत्वपूर्ण है।</span></p><h5 class=""><b>मेट्रो बंद होने पर उठाए सवाल</b></h5><p>मनोज झा ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों और मेट्रो सेवाओं के प्रभावित होने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती के दिन ही लोगों के आवागमन पर इस तरह के प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए कहा कि देश को महात्मा गांधी के बताए रास्ते की ओर लौटना होगा। उन्होंने जंतर-मंतर के प्रदर्शन को सरकार के लिए एक लोकतांत्रिक संदेश बताया।</span></p><h5 class=""><b>SIR और फॉर्म 8 को लेकर चुनाव आयोग पर आरोप</b></h5><p>मनोज झा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और फॉर्म 8 से जुड़े घटनाक्रम को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ अनियमितताएं व्यवस्थित तरीके से हुई हैं और उनके कारणों को लेकर पर्याप्त स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने एक समाचार रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में SIR की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है, वहां भी लोग आवेदन कर रहे हैं। उन्होंने इसे लेकर चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण की जरूरत बताई।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi: At Jantar Mantar, RJD MP Manoj Jha says, &amp;quot;They should be ashamed... Do protests require permission? After all, this is Gandhi&amp;#39;s country. Today is Gandhi Jayanti...&amp;quot;&lt;br&gt;&lt;br&gt;When asked if he is going to take part in the protest, he says, &amp;quot;Absolutely!... I want to say that… &lt;a href="https://t.co/1TbQwc3Qhv"&gt;pic.twitter.com/1TbQwc3Qhv&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2105899125371973945?ref_src=twsrc^tfw"&gt;October 2, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>20 राज्यों में विशेष अभियान का किया जिक्र</b></h5><p>RJD सांसद ने चुनाव आयोग की ओर से 20 राज्यों में विशेष अभियान चलाने के फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जिन चिंताओं को खारिज किया गया था, बाद के घटनाक्रम ने उन्हीं सवालों को फिर सामने ला दिया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कुछ फैसलों को लेकर उठाए गए सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।</span></p><h5 class=""><b>तेजस्वी यादव के पुराने आरोपों का हवाला</b></h5><p>मनोज झा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि RJD नेता तेजस्वी यादव भी पहले इसी तरह की चिंताएं उठा चुके हैं। उन्होंने 2020 के डाक मतपत्र से जुड़े घटनाक्रम का हवाला देते हुए सवाल किया कि उस समय संबंधित लोगों को कथित रूप से संरक्षण क्यों दिया गया। हालांकि, ये आरोप मनोज झा के राजनीतिक दावे हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ गांधी जयंती पर जंतर-मंतर पहुंचे मनोज झा, पुलिस प्रतिबंधों और चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/saurabh-bharadwaj-jantar-mantar-protest-election-commission-6740 ]]></guid><title><![CDATA[ चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर प्रदर्शन में पहुंचे सौरभ भारद्वाज, शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/saurabh-bharadwaj-jantar-mantar-protest-election-commission-6740 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 02 Oct 2026 10:48:28 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज शुक्रवार को चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज शुक्रवार को चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में पहुंचने और आंदोलन को शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाने की अपील की।</span></p><p>प्रदर्शन स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वह अकेले जंतर-मंतर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने मेट्रो से यात्रा के लिए 11 रुपये और ऑटो चालक को 80 रुपये दिए, यानी केवल 91 रुपये में वह प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने युवाओं और आम नागरिकों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि अगर वह जंतर-मंतर पहुंच सकते हैं तो दूसरे लोग भी वहां पहुंच सकते हैं।</span></p><h5 class=""><b>पुलिस तैनाती और मेट्रो स्टेशन बंद होने पर सवाल</b></h5><p>सौरभ भारद्वाज ने जंतर-मंतर के आसपास पुलिस की मौजूदगी और कुछ मेट्रो स्टेशनों के बंद होने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद लोग प्रदर्शन स्थल तक पहुंच सकते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी स्थिति में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें और संवैधानिक रास्ते का पालन करें।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">भारद्वाज ने कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र और स्वतंत्रता से जुड़ी हुई है। उन्होंने लोगों से इस मुद्दे पर तकनीकी, संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष करने की अपील की।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi AAP President Saurabh Bharadwaj arrives at Jantar Mantar to protest against the Election Commission. He says, &amp;quot;Without using a car, I have reached Jantar Mantar. You too can reach here. I am sure by the afternoon a lot of Gen-Z, women and youth will reach Jantar… &lt;a href="https://t.co/IdO98zubbm"&gt;pic.twitter.com/IdO98zubbm&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2105880906078867634?ref_src=twsrc^tfw"&gt;October 2, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>घर के बाहर पुलिस तैनाती का भी दावा</b></h5><p>सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपने आवास के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती का भी दावा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह अपने घर पर मौजूद ही नहीं हैं, तो पुलिसकर्मियों को वहां क्यों तैनात किया गया है।</p><p>उन्होंने जंतर-मंतर आने वाले लोगों के लिए मेट्रो मार्ग को लेकर भी जानकारी साझा की। भारद्वाज के अनुसार, जंतर-मंतर के नजदीक कई मेट्रो स्टेशन बंद हैं, लेकिन लोग एम्स तक पहुंचकर वहां से ऑटो, कैब या पैदल प्रदर्शन स्थल तक जा सकते हैं।</p><h5 class=""><b>चुनाव आयोग पर राजनीतिक निशाना</b></h5><p>सौरभ भारद्वाज ने प्रदर्शन में लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होने की अपील करते हुए सरकार पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रतिबंध लगाने का आरोप लगाया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक टिप्पणी भी की। भारद्वाज ने कहा, “जिस तरह राजा की जान तोते में फंसी थी, उसी तरह मोदी जी की जान चुनाव आयोग में है।” उन्होंने लोगों से लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील दोहराई।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर प्रदर्शन में पहुंचे सौरभ भारद्वाज, शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sanjay-singh-congress-akhilesh-yadav-up-aap-6691 ]]></guid><title><![CDATA[ “They are fighting allies, not BJP”: AAP’s Sanjay Singh hits out at Congress, says party is troubling Akhilesh Yadav in UP ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sanjay-singh-congress-akhilesh-yadav-up-aap-6691 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 29 Sep 2026 18:10:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ New Delhi, India: Amid infighting within the INDIA bloc, Aam Aadmi Party Rajya Sabha MP Sanjay Singh on Tuesday said that it appears that Congress is fighting opposition parties rather than the BJP, c ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>New Delhi, India:</b> Amid infighting within the INDIA bloc, Aam Aadmi Party Rajya Sabha MP Sanjay Singh on Tuesday said that it appears that Congress is fighting opposition parties rather than the BJP, claiming that the seat demand by the Congress in Uttar Pradesh Assembly elections is “troubling” the Samajwadi Party.</span></p><p>&nbsp;Singh questioned the statements being made by Congress leaders regarding seat-sharing for the Uttar Pradesh Assembly elections.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Uttar Pradesh is among the many states that will go to polls in 2027. Though dates are not declared yet, states like Goa, Manipur, Uttarakhand, Punjab, Himachal Pradesh and Gujarat will hold elections.</span></p><p>In an exclusive conversation with ANI, Sanjay Singh said, “We are seeing how Congress has been troubling the Samajwadi Party and Akhilesh Yadav in Uttar Pradesh. Today, we heard a statement that Congress wants 150 seats. At times, they say they will contest all 403 seats, and sometimes they say they want 200 seats. Are they fighting the BJP or the Samajwadi Party?”</p><p>“Statements of Congress leaders make it seem as if they are fighting the Samajwadi Party, not the BJP,” he said.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Referring to recent Assembly elections in different states, Sanjay Singh also said that Congress has been troubling its alliance partners.</span></p><p>The AAP MP also alleged that it was because of the Congress that the Rashtriya Janata Dal (RJD) could not form the government in Bihar Assembly elections in 2025.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">“What Congress is doing with Akhilesh in Uttar Pradesh today is what they did with Tejashwi in Bihar. The first time, they contested 77 seats and lost many of them, and the government fell short of the majority by just five seats,” he claimed.</span></p><p>“The second time, in the recent Assembly elections, Congress kept Tejashwi Yadav hanging until the last moment. They kept talking to contest an equal number of seats, took most of the seats, and did not announce Tejashwi as the chief ministerial candidate in time. We all know what the result was.” Sanjay Singh further stated.</p><p>Sharpening his attacks, Sanjay Singh also accused the Congress of going against Arvind Kejriwal in Delhi, Mamata Banerjee in West Bengal and MK Stalin in Tamil Nadu.</p><p>“Look at Congress’s role in Delhi against Arvind Kejriwal, in West Bengal against Mamata Banerjee, or in Tamil Nadu. Congress is campaigning against its own alliance partners. Instead of fighting the BJP, they are fighting their allies. On one hand, there is the alleged SIR scam, and on the other, there is the BJP’s hooliganism and dictatorship. Opposition parties are fighting against all of this. But instead of fighting the BJP, Congress is fighting the opposition parties,” Singh said.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ “They are fighting allies, not BJP”: AAP’s Sanjay Singh hits out at Congress, says party is troubling Akhilesh Yadav in UP ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/nishikant-dubey-defamation-case-subhash-garg-6676 ]]></guid><title><![CDATA[ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे मानहानि मामला: पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ मानहानि का मुकदमा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/nishikant-dubey-defamation-case-subhash-garg-6676 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 29 Sep 2026 11:38:53 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई शुरू की है। दुबे ने बताया कि उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में ₹2 करोड़  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई शुरू की है। दुबे ने बताया कि उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में ₹2 करोड़ के हर्जाने की मांग करते हुए दीवानी मानहानि का मुकदमा दायर किया है। इसके अलावा दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में आपराधिक मानहानि का मामला भी दाखिल किया गया है।</span></p><p>निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब इस मामले का फैसला अदालतों में होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान पिछले 18 वर्षों में सांसद के तौर पर उनके रिकॉर्ड की भी जांच होगी।</p><h5 class=""><b>पिछले सप्ताह भेजा था कानूनी नोटिस</b></h5><p>यह कार्रवाई उस कानूनी नोटिस के बाद हुई है, जो दुबे ने पिछले सप्ताह सुभाष चंद्र गर्ग को भेजा था। नोटिस में दुबे ने कथित बयानों को वापस लेने, बिना शर्त माफी मांगने और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को हटाने की मांग की थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दुबे ने गर्ग को इन मांगों को पूरा करने के लिए सात दिन का समय दिया था। साथ ही चेतावनी दी थी कि ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/Breaking?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Breaking&lt;/a&gt; &lt;br&gt;BJP MP Nishikant Dubey files a ₹2 crore defamation case against former finance secretary Subhash Chandra Garg. &lt;br&gt;&lt;br&gt;Separately, Dubey has filed a criminal defamation case against Garg in Patiala House Court. &lt;a href="https://x.com/NishikantDubey3?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@NishikantDubey3&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/Subhashgarg1960?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@Subhashgarg1960&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/3sTVIT986p"&gt;pic.twitter.com/3sTVIT986p&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Bar and Bench (@barandbench) &lt;a href="https://x.com/barandbench/status/2104795155253580208?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 29, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>सुभाष गर्ग ने मांगों को बताया था अनुचित</b></h5><p>सुभाष चंद्र गर्ग ने दुबे के कानूनी नोटिस का जवाब देते हुए उनकी मांगों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि नोटिस उचित नहीं है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए विस्तृत जवाब में गर्ग ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि नोटिस में जिन बयानों का उल्लेख किया गया है, वे घटनाओं की उनकी समझ और स्मृति पर आधारित थे।</p><h5 class=""><b>2018 की चिट्ठी का भी किया जिक्र</b></h5><p>गर्ग ने भारत की जीडीपी वृद्धि पर लिखे अपने एक लेख का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसके बाद निशिकांत दुबे ने एक्स पर उनकी आलोचना की और 3 मार्च 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी अपनी एक चिट्ठी साझा की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस पत्र में दुबे ने उस समय आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव रहे सुभाष चंद्र गर्ग की आर्थिक नीतियों को लेकर चिंता जताई थी।</span></p><p>गर्ग के मुताबिक, उन्होंने यह पत्र पहली बार सितंबर 2026 में देखा, जब दुबे ने इसे एक्स पर साझा किया। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय उन्होंने न तो दुबे की सोशल मीडिया पोस्ट का जवाब दिया था और न ही 2018 की चिट्ठी पर कोई प्रतिक्रिया दी थी।</p><h5 class=""><b>पॉडकास्ट के बाद बढ़ा विवाद</b></h5><p>बाद में यह विवाद तब और बढ़ गया, जब सुभाष गर्ग ने एक पॉडकास्ट में निशिकांत दुबे के साथ कथित बातचीत का जिक्र किया। दुबे ने गर्ग के दावों को चुनौती देते हुए उन पर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है।</p><p>अब निशिकांत दुबे द्वारा दीवानी और आपराधिक दोनों तरह की मानहानि की कार्यवाही शुरू किए जाने की बात सामने आने के बाद यह विवाद न्यायिक मंच पर पहुंच गया है। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोप और प्रत्यारोप अब संबंधित अदालतों के विचाराधीन हैं और इन पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे मानहानि मामला: पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ मानहानि का मुकदमा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-pravesh-verma-slap-row-6673 ]]></guid><title><![CDATA[ Delhi Slap: सड़क की गुणवत्ता पर विवाद के बाद प्रवेश वर्मा पर सियासी घमासान, केजरीवाल ने मांगी कार्रवाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-pravesh-verma-slap-row-6673 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 28 Sep 2026 19:20:59 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ दिल्ली में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदल गया है। पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर-विकासपुरी इलाके में सड़क निरीक्षण के दौरान PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा पर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>दिल्ली</b> में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदल गया है। पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर-विकासपुरी इलाके में सड़क निरीक्षण के दौरान PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा पर एक युवक को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने बीजेपी और दिल्ली सरकार पर हमला तेज कर दिया है। वहीं प्रवेश वर्मा ने अपने बचाव में कहा है कि मौके पर मौजूद लोगों ने उनके परिवार के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद उन्होंने प्रतिक्रिया दी।</p><p>इस मामले को लेकर AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल सोमवार को घटनास्थल पहुंचे और सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर प्रवेश वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। हालांकि, 28 सितंबर तक दिल्ली पुलिस की ओर से मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की पुष्टि नहीं हुई थी।</p><h5 class=""><b>सड़क की जांच के दौरान कैसे बढ़ा विवाद?</b></h5><p>मामला रविवार को सामने आया, जब दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा तिलक नगर विधानसभा क्षेत्र में नई बनी सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे थे। सड़क की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे थे। इसी दौरान AAP विधायक जरनैल सिंह और उनके साथ मौजूद लोगों ने सड़क की सतह को लेकर आपत्ति जताई।</p><p>सामने आए वीडियो में जरनैल सिंह सड़क की ऊपरी परत का कुछ हिस्सा हाथ से निकालकर दिखाते नजर आते हैं। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों और मंत्री के बीच बहस हुई। इसी घटनाक्रम के दौरान एक अन्य वीडियो में प्रवेश वर्मा एक युवक का मोबाइल नीचे करते और उसके बाद उसे थप्पड़ मारते दिखाई देते हैं।</p><p>युवक की पहचान साहेब सिंह के रूप में हुई है। उसने दावा किया कि वह घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग कर रहा था और उसने मंत्री के खिलाफ शिकायत भी दी है। साहेब सिंह ने यह भी कहा कि उसने मंत्री के परिवार के बारे में कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की थी।</p><h5 class=""><b>प्रवेश वर्मा ने क्या कहा?</b></h5><p>घटना के बाद प्रवेश वर्मा ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद AAP कार्यकर्ताओं ने उनके परिवार को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। मंत्री के मुताबिक, इसी वजह से उन्होंने आवेश में प्रतिक्रिया दी।</p><p>वर्मा ने सड़क विवाद को भी अलग संदर्भ में रखा और AAP विधायक जरनैल सिंह पर सड़क निर्माण कार्य में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। दूसरी ओर जरनैल सिंह ने इन आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के पास PWD इंजीनियरों और ठेकेदार की ओर से भी शिकायतें पहुंची हैं, जिनमें जरनैल सिंह और उनके साथियों पर काम में बाधा डालने तथा अन्य आरोप लगाए गए हैं।</p><p>इस तरह मामले में फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायतें और आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों की जांच पुलिस स्तर पर होना बाकी है।</p><h5 class=""><b>केजरीवाल ने मंत्री पर साधा निशाना</b></h5><p>घटना के बाद अरविंद केजरीवाल विकासपुरी पहुंचे। उन्होंने सड़क की स्थिति को लेकर कहा कि नई बनी सड़क की सतह हाथ से निकल रही है और इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं।</p><p>केजरीवाल ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में बनाई गई सड़कों के लिए लंबी अवधि की गारंटी व्यवस्था थी। उन्होंने मौजूदा सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।</p><p>केजरीवाल ने प्रवेश वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मंत्री को बर्खास्त करने और जनता से माफी मांगने की बात भी कही। हालांकि सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप अभी राजनीतिक दावों के स्तर पर हैं; इनके संबंध में किसी निष्कर्ष को जांच के बिना अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;पूरी सड़क हाथ से उखड़ रही है। आज तक दिल्ली में ऐसी घटिया सड़क नहीं बनी। कल इसी भ्रष्टाचार का वीडियो बनाने पर मंत्री प्रवेश वर्मा ने बौखला कर एक लड़के को थप्पड़ मारा।&lt;br&gt;&lt;br&gt;तुम Gen Z को थप्पड़ मारोगे और Gen Z तुम्हारा साथ देगा? हमारी मांग है प्रवेश वर्मा को बर्खास्त करो, माफी मांगो, और… &lt;a href="https://t.co/f381WF1rCy"&gt;pic.twitter.com/f381WF1rCy&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) &lt;a href="https://x.com/ArvindKejriwal/status/2104544682269155677?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 28, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>सौरभ भारद्वाज ने मांगी FIR</b></h5><p>AAP प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने विकासपुरी थाने और पुलिस अधिकारियों के सामने प्रवेश वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग रखी। AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन भी किया।</p><p>पुलिस के अनुसार, मंत्री के खिलाफ शिकायत के अलावा सड़क निर्माण स्थल से जुड़ी दूसरी शिकायतें भी मिली हैं। 28 सितंबर की रिपोर्टों के मुताबिक, मंत्री के खिलाफ थप्पड़ मामले में उस समय तक FIR दर्ज नहीं हुई थी और पुलिस शिकायतों की जांच कर रही थी।</p><h5 class=""><b>अब जांच और कार्रवाई पर नजर</b></h5><p>यह विवाद केवल सड़क की गुणवत्ता तक सीमित नहीं रहा है। एक तरफ AAP सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं और युवक को थप्पड़ मारने के मामले में कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं प्रवेश वर्मा और उनके पक्ष की ओर से AAP नेताओं पर मौके पर माहौल बिगाड़ने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।</p><p>ऐसे में मामले में आगे पुलिस जांच, दोनों पक्षों की शिकायतों और उपलब्ध वीडियो फुटेज की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और FIR तथा जांच की स्थिति पर आगे की तस्वीर निर्भर करेगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Delhi Slap: सड़क की गुणवत्ता पर विवाद के बाद प्रवेश वर्मा पर सियासी घमासान, केजरीवाल ने मांगी कार्रवाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/parvesh-verma-slap-row-kejriwal-arrest-demand-6658 ]]></guid><title><![CDATA[ प्रवेश वर्मा थप्पड़ विवाद: केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी से गिरफ्तारी की मांग की ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/parvesh-verma-slap-row-kejriwal-arrest-demand-6658 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 28 Sep 2026 14:57:13 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर हुए विवाद के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा पर एक युवक को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सामने आने के बा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर हुए विवाद के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा पर एक युवक को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने मंत्री के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर की मांग तेज कर दी है।</span></p><p>AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रवेश वर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की। केजरीवाल ने कहा कि युवाओं से जुड़ने के लिए केवल सोशल मीडिया गतिविधियां पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि सरकार को कथित भ्रष्टाचार और शिकायतों पर कार्रवाई करनी चाहिए।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi: Reacting to a video showing Delhi Minister Parvesh Verma slapping AAP MLA Jarnail Singh&amp;#39;s team member Saheb Singh during a road inspection row in Tilak Nagar, AAP National Convenor Arvind Kejriwal says, &amp;quot;I am heading to Tilak Nagar at 4:30 pm regarding this… &lt;a href="https://t.co/DwpyCSZAXL"&gt;pic.twitter.com/DwpyCSZAXL&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2104485427893723429?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 28, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना</b></h5><p>केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि यदि सरकार युवाओं का विश्वास हासिल करना चाहती है तो उसे कथित भ्रष्टाचार और मंत्री से जुड़े विवादों पर कार्रवाई करनी चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी दिल्ली के इलाके में हाल ही में बनी सड़क की गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए और सड़क की ऊपरी परत हाथ से निकलने का दावा किया। इसी दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा और एक युवक के बीच विवाद हुआ।</span></p><p>केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से मंत्री को गिरफ्तार करने के साथ-साथ सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस पर मंत्री को बचाने का दबाव है। यह आरोप केजरीवाल ने लगाया है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;मोदी जी, मैं आपको बताता हूँ Gen Z से कैसे जुड़ सकते हो? पर आप ये करोगे नहीं। &lt;a href="https://t.co/wnBb0mI0kd"&gt;pic.twitter.com/wnBb0mI0kd&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) &lt;a href="https://x.com/ArvindKejriwal/status/2104460661296415157?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 28, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>सड़क निरीक्षण के दौरान क्या हुआ?</b></h5><p>घटना पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर क्षेत्र में सड़क निरीक्षण के दौरान हुई। सामने आए वीडियो में प्रवेश वर्मा एक युवक का मोबाइल नीचे करते और उसके बाद उसे थप्पड़ मारते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो सामने आने के बाद AAP नेताओं ने मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">युवक की पहचान साहिब सिंह के रूप में हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वह AAP विधायक जरनैल सिंह से जुड़ी टीम के साथ काम करता है और उस समय सड़क निरीक्षण की रिकॉर्डिंग कर रहा था। साहिब सिंह ने पुलिस में शिकायत भी दी है।</span></p><h5 class=""><b>प्रवेश वर्मा ने क्या कहा?</b></h5><p class="blue-bg-white"><b><i>प्रवेश वर्मा ने घटना को लेकर अपना पक्ष रखते हुए आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद AAP कार्यकर्ताओं ने उनके परिवार के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि इसी घटनाक्रम के दौरान विवाद बढ़ा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वर्मा ने AAP विधायक जरनैल सिंह पर सरकारी सड़क निर्माण कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों से कथित कमीशन मांगने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक कार्य में बाधा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को लेकर विधायक और उनके सहयोगियों के खिलाफ शिकायत और एफआईआर दर्ज कराई गई है। ये आरोप वर्मा की ओर से लगाए गए हैं।</span></i></b></p><h5 class=""><b>दिल्ली पुलिस ने क्या बताया?</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार 28 सितंबर तक थप्पड़ मारने की घटना में एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। पुलिस को साहिब सिंह की शिकायत मिली थी और मामले में तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा था। दूसरी ओर, सड़क निर्माण से जुड़े PWD इंजीनियरों और ठेकेदार की ओर से भी शिकायतें मिलने की बात सामने आई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस बीच AAP नेताओं ने मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। रविवार को हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, विधायक कुलदीप कुमार और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।</span></i></b></p><h5 class=""><b>केजरीवाल का तिलक नगर जाने का ऐलान</b></h5><p>केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि वह शाम करीब 4:30 बजे तिलक नगर जाकर मामले की जानकारी लेंगे। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और युवक के साथ हुए कथित थप्पड़ कांड, दोनों मामलों में कार्रवाई की मांग की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मामले में फिलहाल दो पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। सड़क की गुणवत्ता, कथित मारपीट और शिकायतों पर पुलिस की जांच के बाद ही आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ प्रवेश वर्मा थप्पड़ विवाद: केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी से गिरफ्तारी की मांग की ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/gyanesh-kumar-supreme-court-petition-sir-row-6648 ]]></guid><title><![CDATA[ CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका, फैसलों में कथित केंद्रीकरण का आरोप ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/gyanesh-kumar-supreme-court-petition-sir-row-6648 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 28 Sep 2026 13:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर किए जाने का दावा सामने आया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग के नाम पर कुछ महत्वपूर्ण फैसले  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर किए जाने का दावा सामने आया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग के नाम पर कुछ महत्वपूर्ण फैसले अन्य दो चुनाव आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—की सहमति के बिना लिए गए। याचिका में चुनाव आयोग के कामकाज में कथित रूप से निर्णय लेने की प्रक्रिया के केंद्रीकरण, एजेंडा और बैठक के कार्यवृत्त में देरी तथा मतदाता सूची से जुड़े डिजिटल और प्रक्रियात्मक बदलावों पर सवाल उठाए गए हैं।</span></p><p>यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद और आयोग के कामकाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी चुनौतियां बढ़ रही हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिए गए विवरण के अनुसार, याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग जैसे तीन सदस्यीय संवैधानिक निकाय में निर्णय लेने की प्रक्रिया में धीरे-धीरे अधिकारों का केंद्रीकरण हुआ।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">याचिका में कथित तौर पर एजेंडा और बैठक के कार्यवृत्त उपलब्ध कराने में देरी, मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाओं में बदलाव और कुछ मामलों में अपील दायर किए जाने को लेकर सवाल उठाए गए हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;[BREAKING] Election Commission row: Plea before Supreme Court seeks writ of Quo Warranto against CEC Gyanesh Kumar asking him to explain his unilateral decisions&lt;br&gt;&lt;br&gt;report by &lt;a href="https://x.com/DebayonRoy?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@DebayonRoy&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/eYZnFmPklT"&gt;https://t.co/eYZnFmPklT&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Bar and Bench (@barandbench) &lt;a href="https://x.com/barandbench/status/2104447312340906339?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 28, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>पहले भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है SIR विवाद</b></h5><p>याचिकाकर्ता का आरोप है कि कुछ फैसले अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए, जबकि आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त के अलावा दो चुनाव आयुक्त भी शामिल हैं। चुनाव आयोग की आधिकारिक निर्देशिका में वर्तमान में ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त तथा सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को चुनाव आयुक्त के रूप में दर्ज किया गया है।</p><p>इससे पहले अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें SIR से जुड़े कथित फैसलों, दिशा-निर्देशों और सॉफ्टवेयर में किए गए बदलावों को चुनौती दी गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ निर्णय दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए। इसमें मूल वैधानिक फॉर्म-6 को बहाल करने और SIR से जुड़े मतदाता आंकड़ों की जांच के लिए स्वतंत्र जांच या विशेष जांच दल गठित करने की मांग भी की गई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">याचिकाकर्ता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अलावा वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग और निर्वाचन आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी शाखा से जुड़ी अधिकारी सीमा खन्ना के खिलाफ कथित कर्तव्य उल्लंघन पर कार्रवाई की मांग भी की है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi: Petitioner and advocate Shailendra Mani Tripathi, on the petition filed in the Supreme Court against decisions taken by Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar, says, “The way the Election Commission has been conducted on the basis of a minority is completely against the… &lt;a href="https://t.co/Y11lCYwulk"&gt;pic.twitter.com/Y11lCYwulk&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2103401291410272484?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>फॉर्म-6 में बदलाव का भी मामला</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में कथित बदलाव का मुद्दा भी उठाया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">याचिका के मुताबिक, ECINet और ERONet जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फॉर्म-6 से संबंधित बदलाव किए गए। याचिकाकर्ता का दावा है कि ऐसे बदलाव वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं थे और मूल फॉर्म को बहाल किया जाना चाहिए।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इसी मामले में याचिका ने चुनावी डेटा और डिजिटल प्रणालियों की फॉरेंसिक जांच की मांग भी की है। हालांकि, याचिका में लगाए गए आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>14 बार आपत्तियों का मुद्दा कैसे उठा?</b></h5><p>विवाद की पृष्ठभूमि में <a href="https://indianexpress.com/article/express-exclusive/election-commission-sir-14-objections-gyanesh-kumar-sukhbir-singh-sandhu-vivek-joshi-10889737/" target="_blank">इंडियन एक्सप्रेस की वह रिपोर्ट</a> है, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले कुछ महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">रिपोर्ट में फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने तथा चुनावी डेटा के प्रबंधन जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया था। इन्हीं रिपोर्टों के बाद SIR और चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज को लेकर राजनीतिक तथा कानूनी विवाद तेज हुआ।</span></p><h5 class=""><b>चुनाव आयोग ने क्या कहा?</b></h5><p class="blue-bg-white"><b><i>इन आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि किसी संस्थान में अलग-अलग विचार और टिप्पणियां आंतरिक विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग का कहना है कि पिछले एक साल में उसके सभी आदेश पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णयों का परिणाम रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसलिए याचिकाओं में लगाए गए कथित एकतरफा निर्णयों के आरोप और चुनाव आयोग के इस आधिकारिक रुख के बीच अंतर बना हुआ है। मामले में अंतिम कानूनी स्थिति सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उसके आदेशों से स्पष्ट होगी।</span></i></b></p><h5 class=""><b>सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने क्या कहा?</b></h5><p>इस पूरे विवाद पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही का मुद्दा केवल अदालतों तक सीमित नहीं होना चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दास ने SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट की पिछली कार्यवाही का हवाला देते हुए न्यायपालिका की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि अदालतों में दायर नई याचिकाओं की सुनवाई अपनी जगह है, लेकिन उनकी पार्टी के अनुसार राजनीतिक और लोकतांत्रिक जवाबदेही का सवाल अलग है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उनके बयान में SIR के दौरान मतदाता नामों को हटाए जाने और पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर दावे किए गए। ये उनके राजनीतिक संगठन के आरोप और राय हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;🚨&lt;a href="https://x.com/hashtag/Important?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Important&lt;/a&gt;: Several petitions are now being filed in the High Courts and the Supreme Court “against” the actions of Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar.&lt;br&gt;&lt;br&gt;But we must not forget what happened the last time citizens knocked on the doors of the judiciary. The Supreme Court…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Saurav Das (@SauravDassss) &lt;a href="https://x.com/SauravDassss/status/2104448239575736671?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 28, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>अब आगे क्या?</b></h5><p>ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े विवाद में अब सुप्रीम कोर्ट के सामने एक से अधिक याचिकाएं पहुंच चुकी हैं। इनमें कुछ याचिकाएं SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव और चुनावी डेटा के प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच की मांग कर रही हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">फिलहाल इन याचिकाओं में लगाए गए आरोपों पर कोई अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं आया है। चुनाव आयोग ने दूसरी ओर SIR से जुड़े निर्णयों को पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णय बताया है। ऐसे में आगे की तस्वीर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई और संबंधित पक्षों के जवाबों से स्पष्ट होगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका, फैसलों में कथित केंद्रीकरण का आरोप ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-ev-charging-automated-testing-station-burari-anand-vihar-6601 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली में ईवी चार्जिंग सुविधाओं की शुरुआत, बुराड़ी में तीसरे ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का शुभारंभ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-ev-charging-automated-testing-station-burari-anand-vihar-6601 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 26 Sep 2026 14:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को बुराड़ी और आनंद विहार स्थित ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) केंद्रों पर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग सुविधाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्हों ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">नई दिल्ली:</b><span style="font-size: 1rem;"> दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को बुराड़ी और आनंद विहार स्थित ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) केंद्रों पर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग सुविधाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली के तीन प्रमुख ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन हर साल करीब 2.5 लाख व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच कर सकेंगे।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुराड़ी में दिल्ली के तीसरे प्रमुख ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का उद्घाटन करते हुए इसे व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच को व्यवस्थित करने और राजधानी में प्रदूषण कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि महज डेढ़ साल के भीतर तीसरे बड़े ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का शुरू होना दिल्ली के परिवहन ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव है। यह केंद्र दिल्ली के व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच करने के साथ फिटनेस प्रमाणपत्र भी जारी करेगा।</span></p><h5 class=""><b>अकेले बुराड़ी में सालाना 1 लाख वाहनों की जांच</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने बताया कि बुराड़ी का ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन हर साल करीब एक लाख व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच कर सकेगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि बुराड़ी, नंद नगरी और तेहखंड स्थित तीनों ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन मिलकर हर साल करीब 2.5 लाख व्यावसायिक वाहनों की जांच करेंगे।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सरकार का कहना है कि वाहनों की फिटनेस जांच की प्रक्रिया बेहतर होने से सड़कों पर चलने वाले अनुपयुक्त और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी मजबूत होगी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi CM Rekha Gupta attends the launch of the electric vehicle (EV) charging facilities at the ATS Burari and Anand Vihar hubs.&lt;br&gt;&lt;br&gt;She says, &amp;quot;In a short span of just one and a half years, the opening of Delhi&amp;#39;s third major automated testing station marks a significant… &lt;a href="https://t.co/CNcpsdeyr7"&gt;pic.twitter.com/CNcpsdeyr7&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2103737295363072273?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 26, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>दिल्ली में तीन ATS, जल्द खुलेगा चौथा केंद्र</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि राजधानी में फिलहाल तेहखंड, नंद नगरी और बुराड़ी में तीन ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन हैं। उन्होंने बुराड़ी केंद्र को देश के बड़े और आधुनिक स्वचालित परीक्षण केंद्रों में से एक बताया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि बुराड़ी केंद्र में हर साल लगभग एक लाख वाहनों की जांच की जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि झुलझुली में चौथा ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन अगले एक से डेढ़ महीने में शुरू होने की उम्मीद है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>परिवहन प्रदूषण कम करने पर जोर</b></h5><p>पंकज कुमार सिंह ने कहा कि ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन वाहनों की फिटनेस जांच को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद करेंगे। इससे परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने और दिल्ली की हवा को बेहतर बनाने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि वाहनों की नियमित फिटनेस जांच से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि सड़कों पर चलने वाले व्यावसायिक वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।</span></p><h5 class=""><b>छठ से पहले दिल्ली-बिहार बस सेवा शुरू करने की तैयारी</b></h5><p class="blue-bg-white"><b><i>कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने दिल्ली और बिहार के बीच बस सेवा शुरू करने की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छठ पर्व से पहले दिल्ली से बिहार के लिए बसें चलाने की योजना है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके लिए बिहार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। शुरुआत में चार बसें चलाने की योजना है और यात्रियों की मांग के आधार पर इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।</span></i></b></p><h5 class=""><b>बुराड़ी में सड़क और ISBT विस्तार की योजना</b></h5><p>कार्यक्रम में शामिल भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने बुराड़ी क्षेत्र में चल रहे बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इलाके में करीब 120 करोड़ रुपये की लागत से 100 फुट चौड़ी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इसके बाद क्षेत्र में अन्य लेन विकसित करने की योजना है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मनोज तिवारी ने यह भी बताया कि क्षेत्र में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) को स्थानांतरित करने और उसका विस्तार करने की योजनाओं पर काम चल रहा है। उनके अनुसार, इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने और दिल्ली के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली में ईवी चार्जिंग सुविधाओं की शुरुआत, बुराड़ी में तीसरे ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का शुभारंभ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/tarun-tejpal-case-supreme-court-10-year-sentence-appeal-6588 ]]></guid><title><![CDATA[ तरुण तेजपाल केस में सुप्रीम कोर्ट का गोवा सरकार को नोटिस, 10 साल की सजा के खिलाफ अपील पर आगे क्या? ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/tarun-tejpal-case-supreme-court-10-year-sentence-appeal-6588 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 25 Sep 2026 18:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 25 सितंबर को पूर्व तहलका प्रधान संपादक तरुण तेजपाल की उस याचिका पर गोवा सरकार को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने 2013 के दुष्कर्म मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट द्वा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 25 सितंबर को पूर्व तहलका प्रधान संपादक तरुण तेजपाल की उस याचिका पर गोवा सरकार को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने 2013 के दुष्कर्म मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा सुनाई गई 10 साल की सजा और दोषसिद्धि को चुनौती दी है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने मामले की सुनवाई की।</span></p><p>तेजपाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि हाई कोर्ट ने निचली अदालत के बरी करने के फैसले को पलट दिया है और तेजपाल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार आत्मसमर्पण कर चुके हैं। सिब्बल ने उनकी सजा निलंबित करने की अर्जी पर सुनवाई के लिए तारीख तय करने का अनुरोध भी किया।</p><h5 class=""><b>गोवा सरकार ने भी दायर की है याचिका</b></h5><p>इस मामले में गोवा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। राज्य ने तेजपाल को दी गई 10 साल की सजा को बढ़ाकर उम्रकैद करने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य की इस याचिका पर भी नोटिस जारी किया है। यानी अब शीर्ष अदालत के सामने तेजपाल की सजा को चुनौती देने वाली अपील और राज्य की सजा बढ़ाने की मांग—दोनों मामले हैं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;STORY | SC issues notices to Goa Police, Tarun Tejpal in 2013 rape case&lt;br&gt;&lt;br&gt; The Supreme Court on Friday issued two notices on Tarun Tejpal&amp;#39;s sentencing in a 2013 rape case -- one to Goa Police on the journalist&amp;#39;s petition against his 10-year prison term and the second to him on a… &lt;a href="https://t.co/fq5b9RGjVL"&gt;pic.twitter.com/fq5b9RGjVL&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2103381648893255963?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>अब आगे क्या होगा?</b></h5><p>सुप्रीम कोर्ट की ओर से नोटिस जारी होने के बाद गोवा सरकार को तेजपाल की अपील पर अपना जवाब दाखिल करना होगा। इसके बाद अदालत मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुन सकती है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सिब्बल ने तेजपाल की सजा निलंबित करने की अर्जी पर जल्द सुनवाई की मांग की है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने इस अनुरोध पर विचार करने की बात कही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, मामले की सुनवाई 15 अक्टूबर को होने की संभावना जताई गई है।</span><span style="font-size: 1rem;">इस स्तर पर नोटिस जारी होना तेजपाल की दोषसिद्धि या सजा पर कोई अंतिम निर्णय नहीं है। सुप्रीम कोर्ट को आगे अपील और राज्य की सजा बढ़ाने की मांग पर सुनवाई करनी है।</span></p><h5 class=""><b>तेजपाल ने कब किया था आत्मसमर्पण?</b></h5><p>बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के बाद तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी आत्मसमर्पण से छूट की मांग स्वीकार नहीं की और उन्हें निर्धारित समय के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। अदालत ने स्पष्ट किया था कि उनकी अपील पर गुण-दोष के आधार पर सुनवाई के लिए आत्मसमर्पण जरूरी होगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">तेजपाल ने 14 सितंबर 2026 को गोवा की एक अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इसके बाद उन्हें उत्तरी गोवा की कोलवाले सेंट्रल जेल भेज दिया गया, जहां उन्हें 10 साल की सजा भुगतनी है, जब तक कि उच्च अदालत से कोई राहत नहीं मिलती।</span></p><h5 class=""><b>क्या है 2013 का मामला?</b></h5><p>यह मामला नवंबर 2013 का है। आरोप था कि गोवा में तहलका द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक जूनियर महिला सहकर्मी के साथ होटल की लिफ्ट में यौन अपराध किया गया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मई 2021 में मापुसा की सत्र अदालत ने तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। इसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी।</span></p><p>6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने निचली अदालत के बरी करने के फैसले को पलटते हुए तेजपाल को दोषी ठहराया और 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अब सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्षों की याचिकाएं लंबित हैं—तेजपाल दोषसिद्धि और 10 साल की सजा को चुनौती दे रहे हैं, जबकि गोवा सरकार सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग कर रही है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ तरुण तेजपाल केस में सुप्रीम कोर्ट का गोवा सरकार को नोटिस, 10 साल की सजा के खिलाफ अपील पर आगे क्या? ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/hindu-college-car-case-6582 ]]></guid><title><![CDATA[ Delhi News: हिंदू कॉलेज छात्रा से कार में खींचने की कोशिश का आरोप, ₹44 हजार के चालान वाली सफारी सीज ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/hindu-college-car-case-6582 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 25 Sep 2026 12:41:52 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में हिंदू कॉलेज की एक छात्रा को कथित तौर पर कार में खींचने की कोशिश के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। घटना में इस्तेमाल बताई जा रही सफेद रंग की सफारी कार को सीज  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में हिंदू कॉलेज की एक छात्रा को कथित तौर पर कार में खींचने की कोशिश के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। घटना में इस्तेमाल बताई जा रही सफेद रंग की सफारी कार को सीज कर लिया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, इस वाहन पर पहले से कुल ₹44,000 के चालान लंबित हैं। इनमें अधिकांश चालान ओवरस्पीडिंग से जुड़े बताए गए हैं।</p><p>यह घटना बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे हकीकत पार्क, मुखर्जी नगर के पास हुई थी। छात्रा ने आरोप लगाया था कि वह अपनी सहेली के साथ पैदल जा रही थी, तभी एक सफेद कार उनके पास आकर रुकी और उसमें मौजूद लोगों ने कथित तौर पर उन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।</p><h5 class=""><b>विरोध के बाद पीछा करने का आरोप</b></h5><p>सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में छात्रा ने घटना के बारे में अपनी बात रखी। उसके मुताबिक, कार में मौजूद लोगों की कथित टिप्पणियों का उसने और उसकी सहेली ने विरोध किया। इसके बाद आरोप है कि कार सवारों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और कुछ दूरी तक उनका पीछा किया।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi | Mukherjee Nagar eve-teasing incident | The white Safari car, invovled in the incident, seized by the Delhi Police reportedly has outstanding traffic fines totaling ₹44,000. Most of the fines are for speeding. A speeding challan was also issued for the car on September…&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2103356047469740246?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><p>छात्रा के अनुसार, जब दोनों ने घटना को रिकॉर्ड करने के लिए रुकने की कोशिश की, तो कार सवार भी रुक गए। इसी दौरान छात्रा ने आरोप लगाया कि उसे कार के अंदर खींचने का प्रयास किया गया।</p><p>बताया गया है कि छात्रा की सहेली ने वाहन की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की, जिसके बाद कार सवार वहां से चले गए। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और उपलब्ध वीडियो तथा अन्य साक्ष्यों को भी देखा जा रहा है।</p><h5 class=""><b>कार पर पहले से ₹44 हजार के चालान</b></h5><p>दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि जिस सफेद सफारी को घटना से जोड़ा जा रहा है, उसे सीज कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, वाहन पर कुल ₹44,000 के चालान दर्ज हैं।</p><p>इनमें ज्यादातर चालान ओवरस्पीडिंग से संबंधित बताए गए हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि इसी वाहन का 13 सितंबर को भी ओवरस्पीडिंग के कारण चालान किया गया था।</p><p>हालांकि, वाहन पर पहले से मौजूद ट्रैफिक चालान और मौजूदा मामले के आरोप अलग-अलग विषय हैं। पुराने चालानों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वाहन मालिक या चालक मौजूदा घटना में भी दोषी है। मौजूदा मामले में पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।</p><h5 class=""><b>दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR</b></h5><p>दिल्ली पुलिस के अनुसार, घटना के संबंध में मुखर्जी नगर थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने वाहन चालक की पहचान नमन के रूप में बताई है, जो दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र बताया गया है। घटना के समय उसके साथ दो-तीन अन्य लोगों के मौजूद होने की भी जानकारी सामने आई है।</p><p>मामले में BNS की धारा 78, 79 और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, इसमें पीछा करने, किसी महिला की गरिमा का अपमान करने के इरादे से शब्द या इशारे करने और सामान्य इरादे से किए गए कृत्य से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।</p><p>जांच के दौरान पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जुटा रही है। इलाके के निवासी अरविंद सिंह चौहान के अनुसार, पुलिसकर्मी उनके यहां लगे CCTV कैमरों की DVR भी अपने साथ ले गए हैं।</p><h5 class=""><b>शिकायत दर्ज कराने में देरी के आरोप की भी जांच</b></h5><p>छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद शिकायत दर्ज कराने के लिए उसे और उसकी सहेली को करीब चार घंटे तक तीन अलग-अलग थानों के चक्कर लगाने पड़े। छात्रा के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें यह बताया गया कि घटना संबंधित थाने के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।</p><p>दिल्ली पुलिस ने कहा है कि छात्रा द्वारा लगाए गए इस आरोप की भी जांच की जा रही है कि FIR दर्ज होने से पहले उसे कई थानों में जाना पड़ा था।</p><p>यह पहलू इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि घटना के तुरंत बाद शिकायत दर्ज होने और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि शिकायत कब और किस स्तर पर दर्ज की गई तथा शुरुआत में किन परिस्थितियों में छात्रा को दूसरे थाने जाने के लिए कहा गया।</p><h5 class=""><b>CCTV और अन्य सबूतों की जांच</b></h5><p>मामले की जांच में CCTV फुटेज, छात्रा की ओर से उपलब्ध कराई गई रिकॉर्डिंग और वाहन से संबंधित जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस ने वाहन को सीज कर लिया है और उसमें मौजूद लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।</p><p>फिलहाल छात्रा द्वारा लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं। आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Delhi News: हिंदू कॉलेज छात्रा से कार में खींचने की कोशिश का आरोप, ₹44 हजार के चालान वाली सफारी सीज ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/cec-gyanesh-kumar-impeachment-motion-opposition-6571 ]]></guid><title><![CDATA[ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग नोटिस की तैयारी, दोनों सदनों में प्रस्ताव लाने की तैयारी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/cec-gyanesh-kumar-impeachment-motion-opposition-6571 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 24 Sep 2026 17:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस लाने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों से संपर्क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस लाने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों से संपर्क किया है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, नोटिस अगले दो सप्ताह के भीतर संसद में पेश किया जा सकता है।</span><span style="font-size: 1rem;">प्रस्तावित कदम चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है।</span><span style="font-size: 1rem;">हाल में इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) द्वारा चुनाव आयोग के अधिकारियों को भेजे गए पत्रों का उल्लेख किया गया।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">रिपोर्ट के अनुसार, गोवा के सीईओ ने सात दिनों के भीतर आठ बार कुछ सुविधाओं तक पहुंच के लिए दिल्ली में संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों को लेकर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। इन रिपोर्टों के बाद चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Opposition parties to move impeachment motion notice against CEC Gyanesh Kumar in Parliament: Sources&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/ytjPy8Azu6"&gt;https://t.co/ytjPy8Azu6&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/CEC?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CEC&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/GyaneshKumar?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#GyaneshKumar&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Parliament?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Parliament&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/GwQFlG15gK"&gt;pic.twitter.com/GwQFlG15gK&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2103084929542447414?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>महुआ मोइत्रा ने पुलिस में शिकायत दी</b></h5><p>इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने गुरुवार को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने शिकायत में प्रक्रियागत उल्लंघन, एकतरफा निर्णय लेने और मतदाता सूची में कथित हेरफेर जैसे आरोप लगाए हैं। ये आरोप उनके हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और कार्यकाल से संबंधित 2023 के कानून में दिए गए कानूनी संरक्षण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि यह संरक्षण चुनाव आयोग के बहुसदस्यीय निकाय के रूप में सामूहिक रूप से काम करने की स्थिति से जुड़ा है।</span></p><h5 class=""><b>कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग पर उठाए सवाल</b></h5><p>कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए और इसे रोकने तथा सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। उन्होंने मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के आंकड़े भी बताए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, ये आंकड़े कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों का हिस्सा हैं। चुनाव आयोग ने अपने कामकाज को लेकर उठाए गए व्यापक आरोपों पर असहमति जताई है और कहा है कि उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने भी चुनाव आयोग के हालिया फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपों का जवाब चुनाव आयोग या मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर से आना चाहिए।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;INDIA bloc parties have agreed to move a fresh removal motion against Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar on Congress’s initiative. The notice may be submitted next week, incorporating recent revelations. A similar notice was filed in the Rajya Sabha on April 24 with the… &lt;a href="https://t.co/a3otjYCIRS"&gt;pic.twitter.com/a3otjYCIRS&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2103072642316271960?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>पहले भी हटाने के नोटिस की कोशिश</b></h5><p>मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विपक्ष इससे पहले भी सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए महाभियोग नोटिस देने की कोशिश कर चुका है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 12 मार्च और 24 अप्रैल 2026 को ऐसे नोटिस दिए गए थे; इनमें से पहले नोटिस को राज्यसभा सभापति और लोकसभा अध्यक्ष ने खारिज कर दिया था, जबकि दूसरे नोटिस की स्थिति अलग रही।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अब प्रस्तावित नया नोटिस चुनाव आयोग के भीतर कथित असहमति और एसआईआर से जुड़े हालिया विवादों को आधार बना सकता है। फिलहाल यह विपक्षी दलों की प्रस्तावित कार्रवाई है और संसद में नोटिस दाखिल होने तथा आगे की संवैधानिक प्रक्रिया के बाद ही इसकी औपचारिक स्थिति स्पष्ट होगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग नोटिस की तैयारी, दोनों सदनों में प्रस्ताव लाने की तैयारी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/lsr-college-online-classes-6545 ]]></guid><title><![CDATA[ LSR College Online Classes: कालकाजी केस के बाद LSR ने रोकी Offline Classes, Back Gate के पास मुठभेड़ से बढ़ी सुरक्षा चिंता ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/lsr-college-online-classes-6545 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 23 Sep 2026 15:45:45 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के कालकाजी इलाके में सामने आए नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले के बाद Lady Shri Ram College for Women (LSR) ने छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए ऑफलाइन कक्षाएं अस्थायी ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली:</b> दक्षिण दिल्ली के कालकाजी इलाके में सामने आए नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले के बाद<b> Lady Shri Ram College for Women (LSR)</b> ने छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए ऑफलाइन कक्षाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। कॉलेज प्रशासन ने बुधवार की कक्षाओं को Online Mode में संचालित करने का निर्णय लिया है।</p><p>यह फैसला उस समय लिया गया जब आस्था कुंज पार्क में हुई कथित वारदात की जांच के दौरान पुलिस की एक टीम की मामले के एक आरोपी से कॉलेज के पिछले गेट के पास मुठभेड़ हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, यह स्थान कॉलेज के Back Gate से करीब 50 मीटर की दूरी पर था। घटना के बाद कॉलेज परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा को लेकर छात्राओं के बीच चिंता बढ़ गई।</p><p>कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल छात्रों की सुरक्षा और उनका कल्याण प्राथमिकता है। फैकल्टी मेंटर्स और कॉलेज काउंसलर को भी जरूरत पड़ने पर छात्रों की सहायता के लिए उपलब्ध रहने को कहा गया है।</p><h5 class=""><b>मंगलवार दोपहर से ही कक्षाएं हुईं स्थगित</b></h5><p>कॉलेज ने मंगलवार को दोपहर के बाद नियमित कक्षाएं रोक दी थीं। इसके बाद बुधवार के लिए Online Classes का फैसला लिया गया। प्रशासन ने छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ को विशेष रूप से कॉलेज के पिछले गेट के आसपास भीड़ न लगाने की सलाह दी है।</p><p>इसके साथ ही कॉलेज प्रशासन ने दिल्ली पुलिस से कैंपस के आसपास Police Patrolling बढ़ाने का अनुरोध किया है। कॉलेज के आसपास के रास्तों और कैंपस की बाहरी सीमा को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने की मांग की गई है।</p><p>LSR की प्राचार्य कनिका आहूजा ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद कक्षाएं रद्द की गईं। उन्होंने छात्रों की सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता बताते हुए फैकल्टी मेंटर्स तथा काउंसलर को छात्रों के लिए उपलब्ध रहने को कहा।</p><h5 class=""><b>Back Gate के पास पुलिस मुठभेड़ से बढ़ी चिंता</b></h5><p>पुलिस के अनुसार, आस्था कुंज पार्क मामले में आरोपियों की तलाश के दौरान मंगलवार को अमर कॉलोनी इलाके में एक आरोपी से मुठभेड़ हुई। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने टीम पर गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। बाद में उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।</p><p>पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। मामले की जांच में POCSO Act समेत अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।</p><p>पुलिस के अनुसार, 17 वर्षीय लड़की सोमवार शाम अपने पुरुष मित्र के साथ कालकाजी मंदिर गई थी। इसके बाद दोनों आस्था कुंज पार्क पहुंचे। पुलिस का आरोप है कि तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को रोका और लड़की को उसके दोस्त से अलग कर दिया। इसके बाद लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किया गया। मामले की जांच जारी है।</p><h5 class=""><b>LSR Student Union ने बुलाई Emergency Meeting</b></h5><p>घटना के बाद LSR Student Union ने भी छात्राओं की सुरक्षा को लेकर Emergency General Body Meeting आयोजित की। बैठक में कैंपस और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा कॉलेज प्रशासन के सामने छात्रों की चिंताओं को रखने पर चर्चा हुई।</p><p>छात्राओं की चिंता केवल कॉलेज परिसर तक सीमित नहीं है। LSR में पढ़ने वाली कई छात्राएं आसपास के PG, हॉस्टल, मेट्रो स्टेशन और अन्य स्थानों तक आने-जाने के लिए कॉलेज के आसपास के रास्तों का इस्तेमाल करती हैं। ऐसे में कैंपस के बाहर की सुरक्षा भी उनके लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है।</p><p>कुछ छात्रों ने घटना के बाद अकेले यात्रा करने से बचने और समूह में आने-जाने की बात कही है। कुछ छात्राओं ने अपने परिवारों से मिली सुरक्षा संबंधी सलाह का भी जिक्र किया।</p><h5 class=""><b>College ने Police से बढ़ाई सुरक्षा की मांग</b></h5><p>LSR प्रशासन ने दिल्ली पुलिस के साथ संपर्क बनाए रखने और कैंपस के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। Back Gate के पास पुलिस की मौजूदगी के बावजूद छात्रों की ओर से आसपास के रास्तों, प्रकाश व्यवस्था और आने-जाने वाले मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है।</p><p>फिलहाल कॉलेज ने बुधवार की पढ़ाई Online Mode में कराने का फैसला किया है। आगे Offline Classes कब पूरी तरह शुरू होंगी, इस बारे में उपलब्ध जानकारी में कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है।</p><p>इस पूरे घटनाक्रम में आस्था कुंज पार्क की कथित वारदात और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई की जांच जारी है। वहीं, LSR प्रशासन का तत्काल फोकस छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाने पर है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ LSR College Online Classes: कालकाजी केस के बाद LSR ने रोकी Offline Classes, Back Gate के पास मुठभेड़ से बढ़ी सुरक्षा चिंता ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-dtc-bus-strike-high-court-pil-6531 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली में डीटीसी बस सेवा बहाल करने की मांग, हाई कोर्ट में जनहित याचिका ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-dtc-bus-strike-high-court-pil-6531 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 22 Sep 2026 20:05:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली में डीटीसी बस चालकों, परिचालकों और बस संचालन से जुड़े अन्य कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सार्वजनिक बस सेवाओं को जल्द बहाल करने की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL)  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली में डीटीसी बस चालकों, परिचालकों और बस संचालन से जुड़े अन्य कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सार्वजनिक बस सेवाओं को जल्द बहाल करने की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में बस सेवाओं की पर्याप्त और नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">यह जनहित याचिका अधिवक्ता और नियमित डीटीसी यात्री अमी सिसोदिया ने दायर की है। याचिका में दिल्ली सरकार, परिवहन विभाग, दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और गृह विभाग को पक्षकार बनाया गया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">याचिकाकर्ता ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा है कि बस सेवाओं में लगातार व्यवधान के कारण सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर बड़ी संख्या में यात्रियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</span></p><h5 class=""><b>महिलाओं और अन्य यात्रियों की परेशानी का हवाला</b></h5><p>याचिका में दावा किया गया है कि बस सेवाओं के प्रभावित होने का असर उन महिला यात्रियों पर भी पड़ रहा है, जो दिल्ली सरकार की मुफ्त बस यात्रा सुविधा का इस्तेमाल करती हैं। याचिका के मुताबिक, बसों की उपलब्धता कम होने के कारण कुछ यात्रियों को अधिक महंगे वैकल्पिक परिवहन साधनों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">याचिका में कहा गया है कि मामला केवल याचिकाकर्ता तक सीमित नहीं है। छात्रों, दिहाड़ी मजदूरों, नौकरीपेशा लोगों, बुजुर्गों, दिव्यांगों, मरीजों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों समेत बड़ी आबादी के लिए सस्ता सार्वजनिक परिवहन महत्वपूर्ण है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;PIL in Delhi High Court against ongoing strike of DTC drivers &lt;br&gt;&lt;br&gt;report by &lt;a href="https://x.com/BhaviniSri24?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@BhaviniSri24&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/Q3eqgFFPqw"&gt;https://t.co/Q3eqgFFPqw&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Bar and Bench (@barandbench) &lt;a href="https://x.com/barandbench/status/2102330678016905431?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>मेट्रो पर बढ़ा अतिरिक्त यात्री दबाव</b></h5><p>याचिका में डीटीसी बसों के संचालन में बड़े स्तर पर व्यवधान और बड़ी संख्या में चालकों के हड़ताल में शामिल होने संबंधी रिपोर्टों का भी उल्लेख किया गया है। इसके कारण कई यात्रियों के फंसे होने या वैकल्पिक परिवहन पर अधिक खर्च करने की बात कही गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हड़ताल के कारण दिल्ली मेट्रो पर भी अतिरिक्त यात्रियों का दबाव बढ़ने की रिपोर्ट सामने आई है। हाल की रिपोर्टों के मुताबिक, डीटीसी बस सेवाओं में व्यवधान के बीच यात्रियों की सुविधा के लिए मेट्रो की अतिरिक्त सेवाएं भी संचालित की गई हैं।</span></p><h5 class=""><b>कर्मचारियों की मांगों पर फैसला नहीं, बस सेवा बहाली की मांग</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>याचिका में स्पष्ट किया गया है कि याचिकाकर्ता प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के वेतन, सेवा शर्तों या औद्योगिक विवादों पर फैसला कराने की मांग नहीं कर रही हैं। साथ ही, व्यक्तिगत चालकों या परिचालकों के खिलाफ किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई की मांग भी नहीं की गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके बजाय याचिका में संबंधित सरकारी और वैधानिक अधिकारियों को बस सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था बहाल करने के लिए कानूनी रूप से अनुमत आवश्यक कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">जब तक पूरी बस सेवा बहाल नहीं होती, तब तक कम से कम इतना सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की मांग की गई है, जिससे यात्रियों को लगातार परेशानी का सामना न करना पड़े।</span></i></b></p><h5 class=""><b>अनुच्छेद 226 के तहत दायर हुई PIL</b></h5><p>यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत जनहित याचिका के रूप में दायर की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विक्रांत डबास पैरवी कर रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">फिलहाल, याचिका पर अदालत की ओर से किसी अंतिम निर्देश की जानकारी सामने नहीं आई है। दिल्ली हाई कोर्ट की वेबसाइट पर 22 सितंबर 2026 की कारण सूची और अन्य न्यायिक सूचनाएं उपलब्ध हैं।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली में डीटीसी बस सेवा बहाल करने की मांग, हाई कोर्ट में जनहित याचिका ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-riots-case-umar-khalid-sharjeel-imam-bail-hearing-september-30-6504 ]]></guid><title><![CDATA[ Delhi Riots Case: उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं पर 30 सितंबर को सुनवाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-riots-case-umar-khalid-sharjeel-imam-bail-hearing-september-30-6504 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 21 Sep 2026 19:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले से जुड़े उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई 30 सितंबर तक टाल दी है। सोमवार को दिल्ली पुलिस की ओर से स्थगन का अनुर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली हाई कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले से जुड़े उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई 30 सितंबर तक टाल दी है। सोमवार को दिल्ली पुलिस की ओर से स्थगन का अनुरोध किए जाने के बाद जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस दिनेश भट्ट की पीठ ने अगली तारीख तय की।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक (SPP) मधुकर पांडे ने अदालत को बताया कि मामले में केंद्र सरकार की ओर से पेश होने वाले अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू स्वास्थ्य कारणों से उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद अदालत ने मामले को 30 सितंबर के लिए सूचीबद्ध कर दिया।</span></p><p>दिल्ली पुलिस ने खालिद और इमाम की नई जमानत याचिकाओं का विरोध किया है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि इन याचिकाओं को उस समय दायर किया गया जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित परिस्थितियां अभी पूरी नहीं हुई थीं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के 5 जनवरी 2026 के फैसले का हवाला देते हुए कहा है कि दोनों आरोपी संरक्षित गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद या 5 जनवरी 2027 को, इनमें से जो पहले हो, उसके आधार पर जमानत की मांग दोबारा कर सकते हैं।</span></p><h5 class=""><b>जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?</b></h5><p>5 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। उसी मामले में पांच अन्य आरोपियों को सशर्त जमानत दी गई थी। शीर्ष अदालत ने कहा था कि सभी आरोपियों की कथित भूमिका समान नहीं है और जमानत पर प्रत्येक आरोपी के मामले को अलग-अलग देखना होगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुप्रीम कोर्ट के आदेश में खालिद और इमाम के खिलाफ अभियोजन द्वारा पेश सामग्री और उनकी कथित भूमिका को अलग स्तर पर रखने की बात कही गई थी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि उस स्तर पर की गई टिप्पणियां मुकदमे में अंतिम दोषसिद्धि का निष्कर्ष नहीं हैं।</span></p><h5 class=""><b>UAPA के तहत चल रहा है मामला</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>उमर खालिद और शरजील इमाम पर 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े कथित बड़ी साजिश के मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आरोप हैं। फरवरी 2020 में हुई हिंसा में अभियोजन के अनुसार 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिल्ली पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए UAPA की धारा 43D(5) का भी हवाला दिया है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के जनवरी 2026 के निर्देश तब तक प्रभावी हैं, जब तक उन्हें बड़ी पीठ द्वारा बदला या निरस्त नहीं किया जाता।</span></i></b></p><h5 class=""><b>अब 30 सितंबर को होगी सुनवाई</b></h5><p>दिल्ली हाई कोर्ट में अब दोनों जमानत याचिकाओं पर 30 सितंबर को सुनवाई होगी। अदालत उस दौरान दिल्ली पुलिस की आपत्तियों और बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करेगी। फिलहाल हाई कोर्ट ने जमानत पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Delhi Riots Case: उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं पर 30 सितंबर को सुनवाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-solar-portal-6500 ]]></guid><title><![CDATA[ Delhi Solar Portal: दिल्ली वालों के लिए शुरू हुआ Rooftop Solar Portal, जानें आवेदन और Subsidy का पूरा तरीका ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-solar-portal-6500 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 21 Sep 2026 18:10:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर लगाने को लेकर एक नई सुविधा शुरू हो गई है। दिल्ली सरकार ने PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana के तहत Delhi Solar Portal को आवेदन के लिए सक्रिय कर  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर लगाने को लेकर एक नई सुविधा शुरू हो गई है। दिल्ली सरकार ने PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana के तहत Delhi Solar Portal को आवेदन के लिए सक्रिय कर दिया है। आधिकारिक पोर्टल के मुताबिक, रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन की सुविधा 21 सितंबर 2026 को दोपहर 2:30 बजे से उपलब्ध है।</p><p>दिल्ली के घरेलू बिजली उपभोक्ता इस पोर्टल के जरिए रूफटॉप सोलर से जुड़ी जानकारी, सब्सिडी, अधिकृत विक्रेताओं और आवेदन प्रक्रिया देख सकते हैं। पोर्टल पर सोलर कैलकुलेटर की सुविधा भी दी गई है, जिससे उपभोक्ता अपनी बिजली खपत के आधार पर उपयुक्त सोलर क्षमता का अनुमान लगा सकते हैं।</p><h5 class=""><b>कैसे करें Rooftop Solar के लिए आवेदन?</b></h5><p>आवेदन करने के लिए दिल्ली के उपभोक्ता Delhi Solar Portal पर जाकर ‘Apply for Rooftop Solar’ विकल्प चुन सकते हैं। पोर्टल पर PM Surya Ghar Yojana के तहत आवेदन का विकल्प उपलब्ध है। इसके अलावा दिल्ली की सोलर पॉलिसी के तहत भी आवेदन संबंधी सुविधा दी गई है।</p><p>आवेदन के दौरान बिजली कनेक्शन से संबंधित जानकारी देनी होगी। PM Surya Ghar के तहत केंद्रीय सब्सिडी का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता को पोर्टल पर उपलब्ध empanelled vendor में से ही विक्रेता का चयन करना होगा।</p><p><b>Delhi Solar Portal पर आवेदन करें</b></p><h5 class=""><b>कितनी मिलेगी Central Subsidy?</b></h5><p>PM Surya Ghar योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार की सब्सिडी सोलर सिस्टम की क्षमता के आधार पर तय होती है। दिल्ली सोलर पोर्टल के अनुसार, पहले 2 किलोवाट तक ₹30,000 प्रति किलोवाट की केंद्रीय सब्सिडी है। इसके बाद 3 किलोवाट तक की अतिरिक्त क्षमता पर ₹18,000 प्रति किलोवाट की सहायता मिलती है।</p><p>3 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले सिस्टम के लिए केंद्रीय सब्सिडी की अधिकतम सीमा ₹78,000 है।</p><h5 class=""><b>Delhi Government भी देगी Subsidy</b></h5><p>केंद्र की सहायता के अलावा दिल्ली की सोलर पॉलिसी के तहत राज्य सरकार की ओर से भी कैपिटल सब्सिडी का प्रावधान है। मौजूदा दिल्ली सोलर पोर्टल के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को ₹10,000 प्रति किलोवाट, अधिकतम ₹30,000 तक राज्य सब्सिडी मिल सकती है।</p><p>पोर्टल के मुताबिक, जो उपभोक्ता राष्ट्रीय PM Surya Ghar पोर्टल के माध्यम से आवेदन करते हैं, उनके लिए दिल्ली की राज्य सब्सिडी DBT यानी Direct Benefit Transfer के जरिए दी जाती है।</p><p>इसके अलावा दिल्ली की नीति में बिजली उत्पादन के आधार पर Generation-Based Incentive (GBI) का भी प्रावधान है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 3 किलोवाट तक ₹3 प्रति यूनिट और 3 से 10 किलोवाट तक ₹2 प्रति यूनिट का GBI निर्धारित है।</p><h5 class=""><b>Solar लगाने से पहले ये जानकारी भी देखें</b></h5><p>Delhi Solar Portal पर उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग सोलर मॉडल, सोलर कैलकुलेटर, सब्सिडी स्टेटस और अधिकृत विक्रेताओं की जानकारी उपलब्ध है। उपभोक्ता अपने Consumer Account Number के जरिए कैपिटल सब्सिडी जारी होने की स्थिति भी देख सकते हैं।</p><p>इस योजना का उद्देश्य दिल्ली में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देना और घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को अपनी बिजली जरूरत का कुछ हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा करने में सक्षम बनाना है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Delhi Solar Portal: दिल्ली वालों के लिए शुरू हुआ Rooftop Solar Portal, जानें आवेदन और Subsidy का पूरा तरीका ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/rs-370-biryani-row-sc-notice-pranit-more-firs-6490 ]]></guid><title><![CDATA[ ₹370 बिरयानी विवाद: कॉमेडियन प्रणीत मोरे की याचिका पर SC ने केंद्र, महाराष्ट्र-हरियाणा से मांगा जवाब ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/rs-370-biryani-row-sc-notice-pranit-more-firs-6490 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 21 Sep 2026 15:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: ₹370 बिरयानी विवाद को लेकर कॉमेडियन प्रणीत मोरे की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार के साथ महाराष्ट्र और हरियाणा सरकार से जवाब मांगा। मोरे ने विवाद से जुड़े अलग-अलग राज्यों ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>₹370 बिरयानी विवाद को लेकर कॉमेडियन प्रणीत मोरे की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार के साथ महाराष्ट्र और हरियाणा सरकार से जवाब मांगा। मोरे ने विवाद से जुड़े अलग-अलग राज्यों में दर्ज दो एफआईआर को एक साथ क्लब करने की मांग की है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं, ने याचिका पर नोटिस जारी किया। यह मामला <b>Pranit More v. State of Maharashtra and Others, W.P. (Crl.) No. 367/2026</b> के रूप में दर्ज है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">यह विवाद गुरुग्राम में आयोजित प्रणीत मोरे के स्टैंड-अप शो के दौरान हुई एक बातचीत से शुरू हुआ था। कार्यक्रम में मौजूद दर्शक हिमांशु जांगड़ा ने एक महिला के साथ डेट से जुड़ा अपना अनुभव बताया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">जांगड़ा ने बताया था कि उसने डेट के दौरान करीब 370 रुपये की बिरयानी पर खर्च किए थे। इसके बाद उसने महिला से शारीरिक अंतरंगता की अपेक्षा से जुड़ी टिप्पणी की। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस बातचीत को लेकर व्यापक आलोचना हुई।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">विवाद में प्रणीत मोरे की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे। आरोप लगाया गया कि उन्होंने बातचीत को रोकने या टिप्पणी पर हस्तक्षेप करने के बजाय उसे जारी रहने दिया। हालांकि, मामले में दर्ज एफआईआर आरोप हैं और इन पर अदालत में अंतिम निष्कर्ष अभी नहीं आया है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;STORY | &amp;#39;Rs 370 biryani&amp;#39; remark: SC issues notice on comedian Pranit More&amp;#39;s plea seeking clubbing of FIRs&lt;br&gt;&lt;br&gt;The Supreme Court on Monday sought responses from the Centre, Maharashtra and the Haryana government on a plea by comedian Pranit More seeking the clubbing of FIRs lodged… &lt;a href="https://t.co/LvT2BhBJc4"&gt;pic.twitter.com/LvT2BhBJc4&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2101939431712366920?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>महाराष्ट्र और हरियाणा में दर्ज हुईं एफआईआर</b></h5><p>विवाद के बाद महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद हरियाणा के गुरुग्राम में भी अलग मामला दर्ज किया गया। दोनों मामलों का संबंध उसी वायरल घटना से बताया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">रिपोर्टों के मुताबिक, मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। महाराष्ट्र मामले में आपत्तिजनक सामग्री और उसके ऑनलाइन प्रसार से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।</span></p><h5 class=""><b>मोरे ने सुप्रीम कोर्ट से क्या मांग की?</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>प्रणीत मोरे ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए महाराष्ट्र और हरियाणा में दर्ज एफआईआर को क्लब करने की मांग की है। उनका कहना है कि दोनों मामले एक ही घटना से संबंधित हैं और अलग-अलग राज्यों में समान विवाद को लेकर समानांतर कार्रवाई हो रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल एफआईआर रद्द करने का आदेश नहीं दिया है। सोमवार की सुनवाई में अदालत ने केंद्र और दोनों राज्य सरकारों से जवाब मांगा है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>NCW ने भी लिया था संज्ञान</b></h5><p>इस विवाद पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लिया था। आयोग की ओर से घटना को लेकर कार्रवाई की गई और संबंधित लोगों को नोटिस/समन जारी किए गए थे। गुरुग्राम में दर्ज एफआईआर भी NCW की शिकायत के बाद हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़ी बताई गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">विवाद बढ़ने के बाद प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा की ओर से सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी गई थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मोरे ने बाद में कहा था कि उन्हें उस बातचीत के दौरान हस्तक्षेप करना चाहिए था।</span></p><h5 class=""><b>अभी सुप्रीम कोर्ट में क्या स्थिति है?</b></h5><p>फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने केवल संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। एफआईआर में लगाए गए आरोपों की सुनवाई और उनकी कानूनी वैधता पर अंतिम फैसला अभी बाकी है। इसलिए एफआईआर में दर्ज आरोपों को दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अदालत के सामने मौजूदा याचिका का प्रमुख मुद्दा अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों को एक साथ क्लब करने की मांग है। आगे की कार्यवाही केंद्र, महाराष्ट्र और हरियाणा की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाबों के बाद तय होगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ₹370 बिरयानी विवाद: कॉमेडियन प्रणीत मोरे की याचिका पर SC ने केंद्र, महाराष्ट्र-हरियाणा से मांगा जवाब ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-high-court-seven-new-judges-oath-6485 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली हाईकोर्ट में 7 नए जजों ने ली शपथ, चीफ जस्टिस उपाध्याय ने दिलाई पद की शपथ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-high-court-seven-new-judges-oath-6485 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 21 Sep 2026 12:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को सात न्यायिक अधिकारियों ने नए न्यायाधीशों के रूप में शपथ ली। दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने कोर्ट परिसर में आयोजित शपथ ग्रहण समार ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को सात न्यायिक अधिकारियों ने नए न्यायाधीशों के रूप में शपथ ली। दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने कोर्ट परिसर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सभी नवनियुक्त न्यायाधीशों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">शपथ लेने वाले सात न्यायिक अधिकारियों में <b>निवेदिता अनिल शर्मा, निशा सहाय सक्सेना, संजय शर्मा, भारत पराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज</b> शामिल हैं।</span></p><p>निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना को दिल्ली हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है, जबकि संजय शर्मा, भारत पराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज को अतिरिक्त न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त किया गया है।</p><h5 class=""><b>परिवार और न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ समारोह</b></h5><p>शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली हाईकोर्ट के सभी कार्यरत न्यायाधीशों के अलावा वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी, हाईकोर्ट रजिस्ट्री के अधिकारी, वकील और नवनियुक्त न्यायाधीशों के परिवार के सदस्य मौजूद रहे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सभी सात न्यायिक अधिकारियों का संबंध दिल्ली की जिला न्यायपालिका और न्यायिक प्रशासन से रहा है। शपथ लेने के बाद उन्होंने औपचारिक रूप से दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर कार्यभार संभाल लिया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;STORY | Delhi High Court gets seven new judges, total strength rises to 50&lt;br&gt;&lt;br&gt;Seven judicial officers took the oath of office as Delhi High Court court judges on Monday, taking the strength of the court to 50.&lt;br&gt;&lt;br&gt;Chief Justice D K Upadhyaya administered the oath to Justices Nivedita… &lt;a href="https://t.co/KosNeQdKqI"&gt;pic.twitter.com/KosNeQdKqI&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2101903605356020143?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद हुई नियुक्ति</b></h5><p>इन नियुक्तियों को केंद्र सरकार ने शनिवार को अधिसूचित किया था। नियुक्तियों की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की थी, जिसकी अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत कर रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कॉलेजियम ने 10 सितंबर को हुई बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट में पदोन्नति के लिए आठ न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने सात न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति को अधिसूचित किया।</span></p><h5 class=""><b>अरुण भारद्वाज थे दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>नवनियुक्त न्यायाधीशों में अरुण भारद्वाज दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पद पर कार्यरत थे। वहीं, अन्य अधिकारियों ने दिल्ली की जिला न्यायपालिका में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इनमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और विशेष न्यायाधीश जैसे पद भी शामिल हैं। लंबे समय तक निचली अदालतों और न्यायिक प्रशासन में काम करने का अनुभव अब हाईकोर्ट की पीठ में भी उनके काम आएगा।</span></i></b></p><h5 class=""><b>60 की स्वीकृत क्षमता, अब 50 जज कार्यरत</b></h5><p>दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 60 है। सात नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के बाद हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नए न्यायाधीशों के आने से दिल्ली हाईकोर्ट को ट्रायल कोर्ट और न्यायिक प्रशासन का व्यापक अनुभव रखने वाले अधिकारियों की विशेषज्ञता मिलेगी। यह नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं जब हाईकोर्ट लंबित मामलों के निपटारे और न्यायाधीशों के रिक्त पदों से जुड़ी चुनौतियों पर काम कर रहा है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली हाईकोर्ट में 7 नए जजों ने ली शपथ, चीफ जस्टिस उपाध्याय ने दिलाई पद की शपथ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/pm-modi-20th-rozgar-mela-51000-appointment-letters-6450 ]]></guid><title><![CDATA[ PM मोदी आज 20वें रोजगार मेले में 51 हजार से ज्यादा युवाओं को देंगे नियुक्ति पत्र ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/pm-modi-20th-rozgar-mela-51000-appointment-letters-6450 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 19 Sep 2026 11:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को 20वें रोजगार मेले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे और विभिन्न सरकारी विभागों में चयनित 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को 20वें रोजगार मेले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे और विभिन्न सरकारी विभागों में चयनित 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। रोजगार मेले का आयोजन देशभर के 45 स्थानों पर किया जाएगा।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">प्रधानमंत्री इस दौरान नवनियुक्त युवाओं को संबोधित भी करेंगे। चयनित उम्मीदवार केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में अपनी सेवाएं शुरू करेंगे।</span></p><p>20वां रोजगार मेला देशभर के 45 स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत राजस्व विभाग, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग और रक्षा मंत्रालय समेत कई सरकारी विभागों में नियुक्ति पाने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सरकार के रोजगार मेले के तहत अब तक बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। 20वें रोजगार मेले के बाद विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं की कुल संख्या करीब 12.75 लाख हो जाएगी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Prime Minister &lt;a href="https://x.com/narendramodi?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@narendramodi&lt;/a&gt; will distribute more than 51,000 appointment letters to newly appointed youth in various Government Organisations at the 20th Rozgar Mela this afternoon through video conferencing. Prime Minister will also address the newly selected candidates.… &lt;a href="https://t.co/96Cg5sAdVR"&gt;pic.twitter.com/96Cg5sAdVR&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; SansadTV (@sansad_tv) &lt;a href="https://x.com/sansad_tv/status/2101170800220930125?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>पटना में मुख्य अतिथि होंगे गिरिराज सिंह</b></h5><p>बिहार के पटना में आयोजित रोजगार मेले में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव, बेगूसराय के विधायक कुंदन कुमार और कुम्हरार के विधायक संजय गुप्ता भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पटना में होने वाला कार्यक्रम रोजगार मेले के तहत आयोजित देशभर के कार्यक्रमों में शामिल है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;युवाओं के लिए रोजगार और सशक्तिकरण का एक और बड़ा कदम! &lt;br&gt;&lt;br&gt;माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी आज 19 सितंबर, 2026 को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें &lt;a href="https://x.com/hashtag/RojgarMela?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#RojgarMela&lt;/a&gt; में विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में 51,000 से अधिक नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र… &lt;a href="https://t.co/LCHQqEQ84u"&gt;pic.twitter.com/LCHQqEQ84u&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) &lt;a href="https://x.com/girirajsinghbjp/status/2101173597708714240?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>मुंबई में भी होगा रोजगार मेले का आयोजन</b></h5><p>मुंबई के बिरला मातुश्री सभागार, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट में भी 20वें रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम भारत सरकार के राजस्व विभाग की ओर से रोजगार से जुड़े कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस कार्यक्रम में युवा मामले और खेल मंत्रालय की राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे (Raksha Nikhil Khadse) मौजूद रहेंगी।</span></p><h5 class=""><b>जुलाई तक 12.5 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र</b></h5><p class="grey-bg-red"><i><b>सरकार ने संसद में बताया था कि जुलाई तक रोजगार मेले के माध्यम से शुरुआत से 12.5 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके थे। इसके साथ ही सरकार कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">महिलाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने को सरकार ने महिला-नेतृत्व वाले विकास और लैंगिक समावेशी आर्थिक वृद्धि से भी जोड़ा है।</span></b></i></p><h5 class=""><b>NCS और FutureSkills PRIME से रोजगार पर फोकस</b></h5><p>श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से National Career Service (NCS) Portal संचालित किया जा रहा है। यह एक वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म है, जहां रोजगार और करियर से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने IT क्षेत्र में नौकरी तलाशने वालों के कौशल को बेहतर बनाने के लिए FutureSkills PRIME कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य नई तकनीकों से जुड़े कौशल के लिए युवाओं को तैयार करना है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ PM मोदी आज 20वें रोजगार मेले में 51 हजार से ज्यादा युवाओं को देंगे नियुक्ति पत्र ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/rk-puram-road-accident-6435 ]]></guid><title><![CDATA[ Delhi Road Accident: RK पुरम में बाइक को 100 मीटर तक घसीटती रही कार, 73 वर्षीय चालक गिरफ्तार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/rk-puram-road-accident-6435 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 18 Sep 2026 11:05:29 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ दिल्ली के आरके पुरम इलाके में एक सड़क हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। अफ्रीका एवेन्यू रोड पर एक कार ने सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>दिल्ली</b> के आरके पुरम इलाके में एक सड़क हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। अफ्रीका एवेन्यू रोड पर एक कार ने सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक कार के साथ करीब 100 मीटर तक घिसटती चली गई। पुलिस ने मामले में 73 वर्षीय चालक को गिरफ्तार किया है।</p><p>पुलिस के मुताबिक, हादसा 17 सितंबर की रात करीब 10 बजे अफ्रीका एवेन्यू रोड पर हुआ। उस समय मोटरसाइकिल भीकाजी कामा प्लेस से आरके पुरम मेट्रो स्टेशन की ओर जाने वाले रास्ते पर सड़क किनारे खड़ी थी। बाइक पर मुनीरका गांव निवासी 21 वर्षीय तनिष टोकस बैठे हुए थे।</p><h5 class=""><b>टक्कर के बाद 100 मीटर तक घिसकी बाइक</b></h5><p>जानकारी के अनुसार, इसी दौरान एक नीली Honda Amaze कार वहां से गुजरी और मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि तनिष बाइक से नीचे गिर गए। इसके बाद कार मोटरसाइकिल को अपने साथ कुछ दूरी तक घसीटती हुई चली गई।</p><p>पुलिस ने स्पष्ट किया कि युवक खुद कार या बाइक के साथ घिसटते हुए नहीं गए थे। हादसे के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;On the basis of a viral video from Delhi&amp;#39;s RK Puram area showing a motorcycle being trapped underneath a car and being dragged for a few meters as the car continues to drive, an FIR has been registered, the car driver apprehended, and the vehicle seized: Delhi Police&lt;br&gt;&lt;br&gt;Screengrab… &lt;a href="https://t.co/KqGDykIQce"&gt;pic.twitter.com/KqGDykIQce&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2100789899754651757?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 18, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>युवक को नहीं आई गंभीर चोट</b></h5><p>मेडिकल जांच के बाद पुलिस ने बताया कि तनिष टोकस को कोई गंभीर चोट नहीं आई है। हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटना में शामिल कार को कब्जे में ले लिया।</p><p>जांच के दौरान कार चालक की पहचान 73 वर्षीय वेणुगोपाल के रूप में हुई। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर मेडिकल जांच कराई। जांच में शराब के सेवन की पुष्टि नहीं हुई।</p><h5 class=""><b>पुलिस ने दर्ज की FIR</b></h5><p>पुलिस के अनुसार, हादसे की सूचना रात करीब 10:22 बजे मिली थी। सूचना मिलने के बाद आरके पुरम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जांच शुरू की।</p><p>इस मामले में आरके पुरम पुलिस स्टेशन में BNS की धारा 281 और 125(ए) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने दुर्घटना में इस्तेमाल कार को जब्त कर लिया है।</p><p>हादसे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कार को मोटरसाइकिल से टकराते और उसके बाद बाइक को सड़क पर घसीटते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, दुर्घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है।</p><p>पुलिस हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और दुर्घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Delhi Road Accident: RK पुरम में बाइक को 100 मीटर तक घसीटती रही कार, 73 वर्षीय चालक गिरफ्तार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/dusu-election-2026-6432 ]]></guid><title><![CDATA[ DUSU Election 2026: हिंसा और हंगामे पर हाईकोर्ट सख्त, बोला- हालात नहीं सुधरे तो रद्द हो सकता है चुनाव ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/dusu-election-2026-6432 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 17 Sep 2026 18:07:30 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव के दौरान सामने आई हिंसा, उपद्रव और नियमों के उल्लंघन की घटनाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने साफ संकेत दिया है कि अगर विश्वविद्यालय प्रश ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU)</b> चुनाव के दौरान सामने आई हिंसा, उपद्रव और नियमों के उल्लंघन की घटनाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने साफ संकेत दिया है कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित नहीं कर पाते हैं, तो छात्रसंघ चुनाव को रद्द करने का आदेश भी दिया जा सकता है।</p><p>मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने चुनाव से जुड़ी घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह के व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि हर साल छात्रसंघ चुनाव के दौरान इस तरह की घटनाओं का दोहराव चिंता का विषय है।</p><h5 class=""><b>16 सितंबर की घटना के बाद बढ़ी चिंता</b></h5><p>16 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में चुनाव प्रचार के दौरान दो छात्र गुटों के बीच हिंसक झड़प की घटना सामने आई थी। इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों के काफिले, गाड़ियों से स्टंट, सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी शिकायतों का भी जिक्र किया गया।</p><p>इन घटनाओं ने विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और चुनाव आचार-नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हाईकोर्ट ने इसी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से जवाबदेही तय करने की अपेक्षा की है।</p><h5 class=""><b>‘अब बहुत हो चुका’, कोर्ट ने जताई नाराजगी</b></h5><p>सुनवाई के दौरान पीठ ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “अब बहुत हो चुका (इनफ इज इनज).” अदालत ने आपराधिक व्यवहार, लापरवाही और गुंडागर्दी जैसी गतिविधियों को लेकर असहमति जताई।</p><p>कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय परिसर में चुनावी गतिविधियों के नाम पर ऐसी घटनाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं माना जा सकता। अदालत की टिप्पणी का केंद्र चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना रहा।</p><h5 class=""><b>वोटों की गिनती पर भी लग सकता है ब्रेक</b></h5><p>हाईकोर्ट ने केवल भविष्य की घटनाओं को लेकर चेतावनी नहीं दी, बल्कि चुनाव के अगले चरण पर भी अपना रुख स्पष्ट किया है। अदालत ने कहा है कि यदि प्रशासन और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई संतोषजनक नहीं पाई गई, तो वोटों की गिनती और परिणाम घोषित करने पर रोक लगाई जा सकती है।</p><p>इसका मतलब है कि चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद उसके परिणाम की घोषणा अदालत के निर्देशों पर निर्भर हो सकती है।</p><h5 class=""><b>प्रशासन और पुलिस से मांगी जाएगी रिपोर्ट</b></h5><p>अदालत ने विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली पुलिस से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि चुनाव के दौरान नियमों का उल्लंघन और हिंसक घटनाएं दोबारा न हों। अगली सुनवाई में प्रशासन को अपनी कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी।</p><p>कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यदि संबंधित अधिकारी यह भरोसा दिलाने में असफल रहते हैं कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकती है, तो पूरी चुनाव प्रक्रिया को निरस्त करने का आदेश देने पर विचार किया जा सकता है।</p><h5 class=""><b>DUSU चुनाव पर अब क्या होगा?</b></h5><p>फिलहाल हाईकोर्ट की ओर से चुनाव रद्द करने का अंतिम आदेश नहीं दिया गया है। अदालत ने प्रशासन को स्थिति सुधारने और अपनी कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत करने का अवसर दिया है। अगली सुनवाई में पेश होने वाली रिपोर्ट और अदालत के आकलन से चुनाव की आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ DUSU Election 2026: हिंसा और हंगामे पर हाईकोर्ट सख्त, बोला- हालात नहीं सुधरे तो रद्द हो सकता है चुनाव ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-dtc-bus-strike-aap-bjp-government-drivers-demands-6421 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली में DTC बस हड़ताल से 40 लाख यात्री परेशान, AAP ने BJP सरकार पर साधा निशाना ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-dtc-bus-strike-aap-bjp-government-drivers-demands-6421 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 17 Sep 2026 14:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली में दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के ड्राइवरों और कंडक्टरों की हड़ताल का असर दूसरे दिन भी व्यापक रहा। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, हड़ताल के दूसरे दिन 5,000 से अधिक बसें सड़कों पर न ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली में दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के ड्राइवरों और कंडक्टरों की हड़ताल का असर दूसरे दिन भी व्यापक रहा। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, हड़ताल के दूसरे दिन 5,000 से अधिक बसें सड़कों पर नहीं उतरीं, जिससे रोजाना बसों से सफर करने वाले करीब 40 लाख यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">हड़ताल के कारण कई बस स्टैंड पर यात्रियों को लंबे समय तक बसों का इंतजार करना पड़ा। कई लोगों ने मेट्रो, ऑटो, ई-रिक्शा और कैब का सहारा लिया। कुछ यात्रियों ने वैकल्पिक साधनों के लिए अधिक किराया वसूले जाने की शिकायत भी की।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">दैनिक जागरण के अनुसार, दिल्ली में DTC के कुल 6,500 से अधिक बसों के बेड़े में से करीब 5,000 बसों का संचालन हड़ताल के दूसरे दिन प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के संगठन ने दावा किया कि दिल्ली के 83 डिपो में बड़ी संख्या में बसें खड़ी रहीं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">आईटीओ, मंडी हाउस, करोल बाग, चाणक्यपुरी, दरियागंज, प्रगति मैदान और लक्ष्मी नगर समेत कई इलाकों में यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने बताया कि बस नहीं मिलने के कारण उन्हें मेट्रो या ऑटो का सहारा लेना पड़ा।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;दिल्ली में &lt;a href="https://x.com/hashtag/DTC?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#DTC&lt;/a&gt; बसों की हड़ताल। नहीं चल रही बसें। कई जगह तोड़फोड़ की सूचना। ड्राइवरों की बोनस, ओवरटाइम और मेडिकल की मांग। हड़ताल से यात्रियों की परेशानी बढ़ी। &lt;a href="https://t.co/IvtNpYv2Zu"&gt;pic.twitter.com/IvtNpYv2Zu&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; NBT Dilli (@NBTDilli) &lt;a href="https://x.com/NBTDilli/status/2100124711120404566?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 16, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>यात्रियों पर बढ़ा सफर का खर्च</b></h5><p>बस सेवा प्रभावित होने के बाद ऑटो और ई-रिक्शा पर निर्भरता बढ़ी। कुछ यात्रियों ने सामान्य से अधिक किराया मांगे जाने की शिकायत की। हिंदुस्तान टाइम्स ने भी रिपोर्ट किया कि हड़ताल के कारण कई यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिल्ली में रोजाना बस से सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए यह स्थिति खास तौर पर मुश्किल रही, क्योंकि कई यात्रियों को एक ही यात्रा के लिए मेट्रो और दूसरे साधनों का इस्तेमाल करना पड़ा।</span></p><h5 class=""><b>कर्मचारियों की क्या हैं मांगें?</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>DTC कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में दैनिक वेतन बढ़ाकर 2,000 रुपये करना, मेडिकल सुविधा, सालाना बोनस, सरकारी छुट्टियों का भुगतान, ओवरटाइम और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं। यूनियन का दावा है कि मौजूदा न्यूनतम दैनिक वेतन 862 रुपये है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हड़ताल में शामिल ज्यादातर चालक निजी एजेंसियों के माध्यम से संचालित बसों, खासकर नई इलेक्ट्रिक बसों को चलाते हैं। कर्मचारियों ने बसों को नुकसान पहुंचने पर लगाए जाने वाले जुर्माने को हटाने की मांग भी उठाई है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>सरकार ने क्या कहा?</b></h5><p>दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए तैयार है। साथ ही इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने वाली कंपनियों को लंबित मुद्दों को जल्द सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">DTC प्रबंधन ने भी बस संचालन से जुड़ी 16 कंपनियों के प्रतिनिधियों को बुलाकर हड़ताल की स्थिति पर जवाब मांगा है। सरकार की ओर से समस्या का स्थायी समाधान तलाशने की बात कही गई है।</span></p><h5 class=""><b>हड़ताल पर AAP ने BJP सरकार को घेरा</b></h5><p>हड़ताल के बीच आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। AAP ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि दिल्ली में बस ड्राइवर अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं और इसका सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">AAP ने अपने पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार के दौरान बस बेड़े के विस्तार और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत किए जाने का दावा भी किया। यह राजनीतिक दल का दावा है और इसे स्वतंत्र तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">AAP विधायक कुलदीप कुमार ने भी प्रदर्शनकारी DTC कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों की जानकारी ली और सरकार से मामले को सुलझाने की मांग की।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;दिल्ली में DTC की हड़ताल से लाखों यात्री परेशान हैं, लेकिन बीजेपी सरकार इस तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही।&lt;br&gt;&lt;br&gt;ड्राइवर और कंडक्टर अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनसे बातचीत तक नहीं की जा रही।&lt;br&gt;&lt;br&gt;हमारी स्पष्ट मांग है—&lt;br&gt;&lt;br&gt;👉 DTC कर्मचारियों की जायज़ मांगों पर तुरंत… &lt;a href="https://t.co/eTntg0OfAA"&gt;pic.twitter.com/eTntg0OfAA&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) &lt;a href="https://x.com/AAPDelhi/status/2100441683666379093?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 17, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi is struggling under double-engine BJP rule !&lt;br&gt;&lt;br&gt;Bus drivers are on strike, commuters are stranded, and workers are out on the streets demanding their rights.&lt;br&gt;&lt;br&gt;Under &lt;a href="https://x.com/ArvindKejriwal?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ArvindKejriwal&lt;/a&gt; govt, Delhi’s bus fleet was expanded and public transport was strengthened. Today, bus drivers… &lt;a href="https://t.co/ZbHar7bL0Y"&gt;pic.twitter.com/ZbHar7bL0Y&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; AAP Punjab (@AAPPunjab) &lt;a href="https://x.com/AAPPunjab/status/2100222290093101408?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 16, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><span style="font-size: 1rem;"><b>मेट्रो ने बढ़ाई सेवाएं</b></span></h5><p>बस हड़ताल के कारण यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने अपनी सेवाओं में अतिरिक्त व्यवस्था की। बुधवार को DMRC ने 20 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप जोड़ीं और आठ अतिरिक्त ट्रेनें भी संचालित कीं, ताकि बढ़े यात्री दबाव को संभाला जा सके।</p><h5 class=""><b>अब आगे क्या?</b></h5><p>DTC बस हड़ताल के दूसरे दिन भी कर्मचारियों और सरकार के बीच विवाद का समाधान नहीं हो सका। एक तरफ कर्मचारी वेतन, चिकित्सा सुविधा, बोनस और अन्य सेवा लाभों की मांग पर कायम हैं, वहीं सरकार ने निजी कंसेशनयर्स के जरिए समस्या सुलझाने के प्रयास तेज किए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">फिलहाल 5,000 से ज्यादा बसों के प्रभावित होने और करीब 40 लाख दैनिक यात्रियों पर असर की रिपोर्ट के बीच सबसे बड़ी चुनौती राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सामान्य करना है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली में DTC बस हड़ताल से 40 लाख यात्री परेशान, AAP ने BJP सरकार पर साधा निशाना ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/supreme-court-hpec-cjp-protest-violence-6399 ]]></guid><title><![CDATA[ CJP प्रदर्शन हिंसा की जांच कर रही HPEC के पुनर्गठन से सुप्रीम कोर्ट का इनकार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/supreme-court-hpec-cjp-protest-violence-6399 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 16 Sep 2026 13:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए CJP छात्र प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की जांच के लिए गठित हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) के पुनर्गठन की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए CJP छात्र प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की जांच के लिए गठित हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) के पुनर्गठन की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि समिति ने हाल ही में अपना काम शुरू किया है और इस स्तर पर उसके खिलाफ उठाई गई आपत्तियां अनुमान पर आधारित और समय से पहले हैं।</span></p><p>मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पीठ ने अपने आदेश में कहा कि HPEC पर इस तरह से सवाल उठाए गए हैं, जो समय से पहले और जल्दबाजी में की गई आपत्तियां हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समिति का गठन निष्पक्ष, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के जरिए अदालत की सहायता के लिए किया गया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">कोर्ट ने कहा कि HPEC का उद्देश्य मामले में किसी एक पक्ष के हितों का समर्थन करना नहीं है।</span></p><h5 class=""><b>18 अगस्त को हुआ था समिति का गठन</b></h5><p>सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को पांच सदस्यीय HPEC का गठन किया था। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी (R. Subhash Reddy) कर रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">समिति जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित अत्यधिक पुलिस बल के इस्तेमाल के साथ-साथ सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ कथित हिंसा के आरोपों की जांच कर रही है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">HPEC को अपनी रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को सौंपनी है और पूरी जांच अदालत की निगरानी में होगी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The Supreme Court has refused to reconstitute the High-Powered Enquiry Committee (HPEC) constituted to probe allegations surrounding violence during student protests, observing that the allegations against the panel were based on “conjecture and preconceived notions” even before… &lt;a href="https://t.co/J9SIdsO6B5"&gt;pic.twitter.com/J9SIdsO6B5&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Live Law (@LiveLawIndia) &lt;a href="https://x.com/LiveLawIndia/status/2100116375637500316?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 16, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>गोलीबारी और महिला प्रदर्शनकारियों से जुड़े आरोपों की होगी जांच</b></h5><p>सुप्रीम कोर्ट ने समिति की जांच का दायरा और प्रक्रिया भी तय की है। शुरुआत में HPEC को पेलेट गन के कथित इस्तेमाल, लक्षित हिंसा, महिला प्रदर्शनकारियों के कथित उत्पीड़न और दोनों पक्षों द्वारा कथित अत्यधिक हिंसा तथा संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों की जांच करने को कहा गया है।<span style="font-size: 1rem;">पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापक संवैधानिक सवालों पर उचित समय पर अदालत स्वयं विचार करेगी।</span></p><h5 class=""><b>गवाहों की पहचान रखी जाएगी गोपनीय</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>कमजोर और संवेदनशील गवाहों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी पहचान गोपनीय रखने का निर्देश दिया है। गवाहों के बयान और साक्ष्यों को भी अत्यंत गोपनीय तरीके से संभालने को कहा गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कोर्ट ने यह संभावना भी जताई कि गवाहों को दस्तावेज और अन्य साक्ष्य गोपनीय रूप से जमा करने के लिए एक अलग ऑनलाइन पोर्टल बनाया जा सकता है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि नोडल वकील केवल सुप्रीम कोर्ट की सहायता करेंगे और HPEC, अदालत तथा मामले के पक्षकारों के बीच संवाद के माध्यम के रूप में काम नहीं करेंगे।</span></i></b></p><h5 class=""><b>दो वकीलों को बनाया गया अमिकस क्यूरी</b></h5><p>वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. मोनिका गुसैन और एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड सी. सोलोमन (C Solomon) को अमिकस क्यूरी नियुक्त किया गया है। उन्हें पक्षकारों के बीच स्वतंत्र मध्यस्थ की भूमिका निभाने को कहा गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">HPEC को एक सदस्य सचिव नियुक्त करने और अपनी पहली रिपोर्ट जल्द से जल्द दाखिल करने का भी निर्देश दिया गया है।</span></p><h5 class=""><b>14 वर्षीय प्रदर्शनकारी की सुरक्षा पर भी कोर्ट सख्त</b></h5><p class="blue-bg-white"><b><i>सुप्रीम कोर्ट ने 14 वर्षीय एक प्रदर्शनकारी और उसके परिवार की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर भी संज्ञान लिया। अदालत के समक्ष दलील दी गई कि परिवार को कथित रूप से जान से मारने की धमकियां मिली हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर और लगातार आशंका बनी हुई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अदालत ने दिल्ली पुलिस को बच्ची और उसके परिवार की खतरे की स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">साथ ही कथित तौर पर धमकी या उत्पीड़न करने वाले लोगों के खिलाफ जांच तेजी से पूरी करने को कहा गया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इस मामले में दिल्ली पुलिस को अगली सुनवाई से पहले स्थिति रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को निर्धारित है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई</b></h5><p>सुप्रीम कोर्ट में इन मामलों से जुड़ी कई याचिकाएं लंबित हैं। इनमें दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों के दौरान कथित पुलिस ज्यादती के अलावा बिहार और देश के अन्य हिस्सों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े प्रदर्शन भी शामिल हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CJP प्रदर्शन हिंसा की जांच कर रही HPEC के पुनर्गठन से सुप्रीम कोर्ट का इनकार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/upi-new-mdr-rules-bjp-congress-fake-news-6396 ]]></guid><title><![CDATA[ UPI के नए नियमों पर BJP का कांग्रेस पर पलटवार, कहा- ग्राहकों से नहीं लिया जाएगा कोई अतिरिक्त शुल्क ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/upi-new-mdr-rules-bjp-congress-fake-news-6396 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 16 Sep 2026 13:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने UPI लेनदेन पर नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर कांग्रेस के कथित ‘फेक न्यूज’ अभियान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डिजि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने UPI लेनदेन पर नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर कांग्रेस के कथित ‘फेक न्यूज’ अभियान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान करते समय ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मीडिया से बातचीत में प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस को डिजिटल लेनदेन का ‘ऐतिहासिक विरोधी’ बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी UPI को लेकर गलत जानकारी फैला रही है।</span></p><p>उन्होंने कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि आज देश का आम नागरिक QR कोड के जरिए आसानी से भुगतान कर रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">भंडारी ने कहा कि UPI के जरिए भुगतान करने वाले ग्राहकों को किसी भी अतिरिक्त शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा। उन्होंने कांग्रेस पर इस मुद्दे को लेकर ‘फेक न्यूज’ फैलाने का आरोप भी लगाया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&amp;quot;Naraz Fufa party is spreading lies&amp;quot;: BJP slams Congress over &amp;#39;fake news&amp;#39; on new UPI rules&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story |&lt;a href="https://t.co/G5EhnF5FlL"&gt;https://t.co/G5EhnF5FlL&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/BJP?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#BJP&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/UPIRules?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPIRules&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Congress?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Congress&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/OdrVI0mxQb"&gt;pic.twitter.com/OdrVI0mxQb&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2100106806223925550?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 16, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर नया MDR</b></h5><p>नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मंगलवार को नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) ढांचा पेश किया है। इसके तहत ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा UPI मर्चेंट लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, यह शुल्क ग्राहकों से सीधे नहीं लिया जाएगा। ग्राहक UPI के जरिए भुगतान पहले की तरह बिना अतिरिक्त शुल्क के कर सकेंगे।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">नया MDR ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा और यह केवल चुनिंदा मर्चेंट लेनदेन पर लागू किया जाएगा।</span></p><h5 class=""><b>90 प्रतिशत से अधिक लेनदेन ₹2,000 से नीचे</b></h5><p>भंडारी ने दावा किया कि UPI के करीब 90 प्रतिशत या उससे अधिक लेनदेन ₹2,000 से कम के होते हैं। उन्होंने कहा कि ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर भी ग्राहक से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि जब ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जा रहा है, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर ‘फेक न्यूज’ क्यों फैला रही है।</span></p><h5 class=""><b>राहुल गांधी पर भी साधा निशाना</b></h5><p>BJP प्रवक्ता ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व नियमित रूप से ‘झूठे नैरेटिव’ को बढ़ावा देते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">भंडारी ने कहा कि आम नागरिक लगातार डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल कर रहे हैं और UPI को लेकर किए जा रहे दावों का असर इस इस्तेमाल पर नहीं पड़ेगा।</span></p><h5 class=""><b>11 देशों तक पहुंचा UPI</b></h5><p>भंडारी ने दावा किया कि UPI का विस्तार अब 11 देशों तक हो चुका है और यह वैश्विक डिजिटल वित्तीय लेनदेन में करीब 50 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। हालांकि, ये आंकड़े BJP प्रवक्ता के दावे के रूप में ही सामने आए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने UPI के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था की सफलता से जोड़ते हुए कांग्रेस की आलोचनाओं पर सवाल उठाया।</span></p><p>कुल मिलाकर, नए MDR ढांचे के तहत कुछ चुनिंदा मर्चेंट लेनदेन पर शुल्क व्यवस्था में बदलाव किया गया है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UPI के नए नियमों पर BJP का कांग्रेस पर पलटवार, कहा- ग्राहकों से नहीं लिया जाएगा कोई अतिरिक्त शुल्क ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-woman-200-crore-extortion-threat-goldy-brar-6362 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली की महिला को 200 करोड़ की रंगदारी की धमकी, गोल्डी बराड़ के नाम से आया कॉल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-woman-200-crore-extortion-threat-goldy-brar-6362 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 15 Sep 2026 11:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में रहने वाली करीब 50 वर्षीय महिला को कथित तौर पर गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम से 200 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाला धमकी भरा व्हाट्सऐप कॉल आया। पुलिस मामले  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में रहने वाली करीब 50 वर्षीय महिला को कथित तौर पर गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम से 200 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाला धमकी भरा व्हाट्सऐप कॉल आया। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">पुलिस सूत्रों के मुताबिक, महिला के पास 7 सितंबर की रात करीब 10:44 बजे विदेशी नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर खुद को गोल्डी बराड़ बताया और दावा किया कि उसके पास महिला के बारे में पूरी जानकारी है।</span></p><p>कॉलर ने कथित तौर पर महिला से 200 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। पैसे नहीं देने पर महिला और उसके पति को जान से मारने की धमकी दी गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">महिला ने शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन बाद में एक और धमकी भरा कॉल आने के बाद उसने सिविल लाइंस पुलिस थाने में शिकायत की। पुलिस की शुरुआती जांच के बाद 10 सितंबर को मामला दर्ज किया गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 351(4), 308(4) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;A woman in Delhi has received an extortion demand of ₹200 crore from a caller identifying himself as Punjab-based gangster Goldy Brar, who is operating from abroad. This is the largest extortion demand in terms of amount reported in Delhi so far. Following preliminary… &lt;a href="https://t.co/z9R8JNbUkF"&gt;pic.twitter.com/z9R8JNbUkF&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2099718739285676104?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 15, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>क्या गोल्डी बराड़ ने ही दी धमकी? हर एंगल से जांच</b></h5><p>पुलिस अभी यह पुष्टि नहीं कर पाई है कि धमकी वास्तव में गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की ओर से दी गई थी या किसी अन्य व्यक्ति ने उसका नाम इस्तेमाल किया।<span style="font-size: 1rem;">सूत्रों के अनुसार, पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला महिला की पैतृक संपत्ति या किसी निजी विवाद से जुड़ा तो नहीं है। महिला के पास सिविल लाइंस इलाके में पैतृक संपत्ति होने की बात सामने आई है।</span></p><p>जिला पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी मामले की जांच में जुटी है। जांच एजेंसियां विदेशी नंबर से कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान और धमकी के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं।</p><h5 class=""><b>दिल्ली में अब तक की सबसे बड़ी रंगदारी मांग</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 200 करोड़ रुपये की यह मांग दिल्ली में अब तक सामने आई सबसे बड़ी रंगदारी मांग बताई जा रही है। हालांकि, जांच पूरी होने तक यह स्पष्ट नहीं है कि इसके पीछे कौन है और क्या आरोपी ने वास्तव में किसी संगठित गिरोह की ओर से धमकी दी थी।</i></b></p><h5 class=""><b>भारत-कनाडा संबंधों पर भी आया गोल्डी बराड़ का संदर्भ</b></h5><p>इससे पहले 27 अगस्त को पूर्व वरिष्ठ राजनयिक विद्या भूषण सोनी ने भारत-कनाडा संबंधों में हालिया सकारात्मक बदलावों का स्वागत किया था। उन्होंने कहा था कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ के कथित दावे से दोनों देशों के संबंधों के लिए “और रास्ते” खुल सकते हैं।</p><p>सोनी ने भारत-कनाडा संबंधों में आई पिछली गिरावट के लिए पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की नीतियों और कथित खालिस्तानी लॉबी को लेकर उनके रुख पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि कनाडा में नेतृत्व परिवर्तन के बाद प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारत की चिंताओं को दूर करने की दिशा में कदम उठाए हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली की महिला को 200 करोड़ की रंगदारी की धमकी, गोल्डी बराड़ के नाम से आया कॉल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-woman-gets-200-crore-extortion-threat-in-goldy-brars-name-police-probe-all-angles-6361 ]]></guid><title><![CDATA[ Delhi woman gets 200 crore extortion threat in Goldy Brar's name; police probe all angles ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-woman-gets-200-crore-extortion-threat-in-goldy-brars-name-police-probe-all-angles-6361 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 15 Sep 2026 11:01:22 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ New Delhi, India: A Delhi-based woman allegedly received threatening WhatsApp calls from a foreign number in the name of gangster Goldy Brar, with the caller demanding 200 crore in extortion and threa ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>New Delhi, India:</b> A Delhi-based woman allegedly received threatening WhatsApp calls from a foreign number in the name of gangster Goldy Brar, with the caller demanding 200 crore in extortion and threatening to kill her and her husband, police sources said.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">The demand was the biggest extortion amount reported in Delhi so far.</span></p><p>The woman, aged around 50, resides in the Civil Lines area and owns ancestral property there, sources said. On September 7, at around 10:44 pm, she received a WhatsApp call from a foreign number. The caller allegedly identified himself as Goldy Brar and claimed to have complete information about her.</p><p>The caller allegedly demanded Rs 200 crore and threatened to kill the woman and her husband if the money was not paid.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;After initially dismissing the threat, the woman received another threatening call, following which she approached the Civil Lines Police Station.&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">After a preliminary inquiry, police registered a case on September 10 under Sections 351(4), 308(4) and 61(2) of the Bharatiya Nyaya Sanhita.&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">Police are probing the matter from all angles and have not yet established whether the threat was actually issued by gangster Goldy Brar or whether someone used his name in connection with a personal or property-related dispute, sources said*.</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;A woman in Delhi has received an extortion demand of ₹200 crore from a caller identifying himself as Punjab-based gangster Goldy Brar, who is operating from abroad. This is the largest extortion demand in terms of amount reported in Delhi so far. Following preliminary… &lt;a href="https://t.co/z9R8JNbUkF"&gt;pic.twitter.com/z9R8JNbUkF&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2099718739285676104?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 15, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>The district police and Delhi Police Special Cell are investigating the case, and efforts are underway to identify the caller and ascertain the motive behind the threat.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Earlier on August 27, Former senior diplomat Vidya Bhushan Soni welcomed the recent positive developments in India-Canada ties, saying the alleged claim by gangster Satinderjeet Singh alias Goldy Brar in the killing of Hardeep Singh Nijjar could help open "more avenues" for relations between the two countries.</span></p><p>Speaking to ANI, Soni said the deterioration in India-Canada ties under former Canadian Prime Minister Justin Trudeau was linked to his alleged efforts to appease the Khalistani lobby for political support.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"So far as Canada is concerned, the problem was with the previous Prime Minister of Canada. He was for political reasons or whatever reason we do not know, but he was playing the game of the Khalistani lobby," Soni said.</span></p><p>"There is a very active Khalistani lobby in operation, and so he felt that by pleasing them he'll gain their support, and that's why he went whole hog. He couldn't care about India's sensitivities. As a result, there was a freeze in our relationship," he added.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Soni said the change in leadership in Canada has brought a shift in the bilateral relationship, with Prime Minister Mark Carney taking steps to address India's concerns.</span></p><p>"But the moment - and he was supposed to lose because his local support on the ground among the average Canadian was going away. Not because of just the Khalistani angle but even otherwise. He was not trying to prove to be a popular person. His policies were not something which were in the interest of the average Canadian. And he was there for too long," he said. (ANI)</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Delhi woman gets 200 crore extortion threat in Goldy Brar's name; police probe all angles ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/17-ncpi-mps-bjp-join-jagadish-basunia-claim-6357 ]]></guid><title><![CDATA[ 17 NCPI सांसद BJP में जाएंगे? बागी TMC सांसद के दावे से सियासी हलचल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/17-ncpi-mps-bjp-join-jagadish-basunia-claim-6357 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 14 Sep 2026 19:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: बागी तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता और कूचबिहार सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से जुड़े 20 लोकसभा सांसदों में से 17 दुर्गा पूजा से ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> बागी तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता और कूचबिहार सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से जुड़े 20 लोकसभा सांसदों में से 17 दुर्गा पूजा से पहले या बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">बसुनिया ने सोमवार को कहा कि 17 सांसदों ने एक साथ BJP में जाने का फैसला किया है। उनके मुताबिक, दो-तिहाई से अधिक सांसदों के एक साथ पार्टी बदलने की स्थिति में उन पर दल-बदल विरोधी कानून लागू नहीं होगा।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">बसुनिया ने पत्रकारों से कहा कि 20 में से 17 सांसद एक साथ BJP में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दो-तिहाई से अधिक सांसदों के एक साथ पाला बदलने के कारण एंटी-डिफेक्शन कानून के प्रावधान उन पर लागू नहीं होंगे।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी दावा किया कि अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े तीन सांसद औपचारिक रूप से BJP में शामिल नहीं होंगे। अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए ये सांसद बाहर से NDA का समर्थन कर सकते हैं और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां या मंत्रालय दिए जा सकते हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Kolkata, West Bengal: On 20 Rebel TMC MPs Joining the NCPI, TMC MLA Kunal Ghosh says, &amp;quot;... The way they speak, we have been saying repeatedly that those 20 people... Went to act as middlemen for the BJP, as we&amp;#39;ve said from the beginning; they themselves don&amp;#39;t know where they… &lt;a href="https://t.co/5xhdO4DhhD"&gt;pic.twitter.com/5xhdO4DhhD&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2099479581296361783?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>साथी सांसदों ने दावे को किया खारिज</b></h5><p>बसुनिया के दावे के बाद NCPI से जुड़े अन्य सांसदों ने इससे दूरी बना ली। बागी सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि बसुनिया ने यह बयान अपने व्यक्तिगत स्तर पर दिया है और समूह की ओर से ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">एक अन्य सांसद अबू ताहेर खान ने कहा कि बसुनिया को सभी सांसदों की ओर से बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने खुद, जंगीपुर सांसद खलीलुर रहमान और बहरामपुर सांसद यूसुफ पठान के BJP या NDA में जाने के दावे को भी खारिज किया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अबू ताहेर खान ने स्पष्ट कहा कि वे न तो BJP में जाएंगे और न ही NDA का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने बसुनिया के बयान को उनका निजी विचार बताया।</span></p><h5 class=""><b>TMC में विभाजन के बाद बदले राजनीतिक समीकरण</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद TMC में बड़ा विभाजन सामने आया। दावा है कि TMC के 27 लोकसभा सांसदों में से 20 ने NCPI का रुख किया और BJP को समर्थन दिया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दूसरी ओर, रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले एक गुट ने नवनिर्वाचित TMC विधायकों के बहुमत के समर्थन का दावा करते हुए खुद को असली TMC बताया है। इस गुट ने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर भी अधिकार की मांग की है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>BJP ने भी दावे से बनाई दूरी</b></h5><p>BJP ने भी 17 सांसदों के पार्टी में शामिल होने के दावे से दूरी बना ली है। पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी किसी ऐसे व्यक्ति को केवल इसलिए शामिल नहीं करेगी क्योंकि वह BJP में आने की इच्छा जताता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने सवालिया अंदाज में पूछा कि बसुनिया जिस BJP की बात कर रहे हैं, क्या वह “मंगल ग्रह वाली BJP” है।</span></p><p>पश्चिम बंगाल BJP प्रवक्ता देबजीत सरकार ने भी कहा कि उन्हें इस तरह के किसी घटनाक्रम की जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति द्वारा BJP में शामिल होने की इच्छा जताने का मतलब यह नहीं है कि पार्टी उसे स्वतः सदस्यता दे देगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस तरह 17 सांसदों के BJP में जाने का दावा फिलहाल विवादों में है, क्योंकि संबंधित समूह के कई सांसदों और BJP के नेताओं ने इससे दूरी बना ली है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 17 NCPI सांसद BJP में जाएंगे? बागी TMC सांसद के दावे से सियासी हलचल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/cjp-20-year-ban-turncoat-mlas-mps-anti-defection-law-6355 ]]></guid><title><![CDATA[ दल-बदल करने वाले सांसद-विधायकों पर 20 साल की पाबंदी की मांग, CJP ने कहा- ‘युवा बदलेंगे व्यवस्था’ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/cjp-20-year-ban-turncoat-mlas-mps-anti-defection-law-6355 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 14 Sep 2026 18:35:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने पार्टी बदलने वाले सांसदों और विधायकों पर 20 साल तक चुनाव लड़ने और सार्वजनिक पद संभालने पर रोक लगाने की मांग की है। पार्टी ने यह मांग वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने पार्टी बदलने वाले सांसदों और विधायकों पर 20 साल तक चुनाव लड़ने और सार्वजनिक पद संभालने पर रोक लगाने की मांग की है। पार्टी ने यह मांग वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के 10 साल के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए उठाई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">CJP के नए मांग-पत्र के पांचवें बिंदु में दल-बदल करने वाले निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के खिलाफ 20 साल की कड़ी पाबंदी की मांग की गई है। पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि बड़े पैमाने पर दल-बदल और सरकारें गिराने के लिए कथित तौर पर करोड़ों रुपये के लेन-देन की घटनाएं देश के साथ धोखा हैं।</span></p><p>CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया मंच X पर सौरव दास की पोस्ट साझा करते हुए कहा कि चुनाव जीतने के बाद पार्टी बदलने वाले किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि को सार्वजनिक पद संभालने से रोकना समय की जरूरत है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दास ने कहा कि कपिल सिब्बल ने जिस सांसद या विधायक के खिलाफ 10 साल के प्रतिबंध का प्रस्ताव दिया है, जो पार्टी X के चुनाव चिह्न पर जीतकर बाद में पैसे या दबाव के कारण पार्टी Y में शामिल हो जाता है, CJP की मांग उससे भी अधिक सख्त है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उनके मुताबिक, CJP ने ऐसे नेताओं को 20 साल तक किसी भी सार्वजनिक पद के लिए अयोग्य ठहराने और चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग की है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Need of the hour!&lt;br&gt;&lt;br&gt;Any elected representative who switches parties after being elected should be barred from holding public office. &lt;a href="https://t.co/pJp92RhMfR"&gt;https://t.co/pJp92RhMfR&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) &lt;a href="https://x.com/abhijeet_dipke/status/2099399723564302576?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>‘एंटी-डिफेक्शन कानून पुराना हो चुका है’</b></h5><p>सौरव दास ने मौजूदा दल-बदल विरोधी कानून पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों को तोड़ने, सांसदों को कथित तौर पर 50 से 100 करोड़ रुपये देने और सरकारें गिराने जैसी गतिविधियां देश के साथ धोखा हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि मौजूदा एंटी-डिफेक्शन कानून पुराना हो चुका है और सत्तारूढ़ दल ने सत्ता में बने रहने की इच्छा के चलते इसके दुरुपयोग को बढ़ावा दिया है। दास ने अपने बयान के अंत में कहा, “युवा इसे बदलेंगे।”</span></p><h5 class=""><b>बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर सरकार पर तंज</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>इससे पहले रविवार को अभिजीत दिपके ने मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार पर व्यंग्यात्मक तरीके से निशाना साधा। उन्होंने बालाघाट जिले में आदिवासी बच्चों की मौतों को लेकर X पर एक व्यंग्यात्मक ‘इस्तीफा पत्र’ साझा किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">13 अगस्त की तारीख वाले इस पत्र में दिपके ने खुद को मध्य प्रदेश का “मुख्यमंत्री” बताते हुए कहा कि 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत के बाद उनका विवेक उन्हें इस पद पर बने रहने की अनुमति नहीं देता।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मध्य प्रदेश की जनता की सेवा करने का अवसर देने के लिए धन्यवाद भी दिया और व्यंग्य करते हुए कहा कि वह इस अवसर का सही तरीके से लाभ उठाने में “स्पष्ट रूप से विफल” रहे।</span></i></b></p><h5 class=""><b>हाईकोर्ट ने मांगा राज्य सरकार से जवाब</b></h5><p>बालाघाट में कथित संक्रामक बीमारियों के कारण 30 से अधिक बच्चों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने इस सप्ताह राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मामले में बच्चों की मौत और उसके कारणों को लेकर अदालत में सुनवाई चल रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">CJP की ताजा मांग ने एक बार फिर दल-बदल विरोधी कानून, निर्वाचित प्रतिनिधियों के पार्टी बदलने और सरकारों के गठन एवं गिरने में राजनीतिक खरीद-फरोख्त के आरोपों पर बहस तेज कर दी है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दल-बदल करने वाले सांसद-विधायकों पर 20 साल की पाबंदी की मांग, CJP ने कहा- ‘युवा बदलेंगे व्यवस्था’ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sonam-wangchuk-leh-chalo-andolan-september-19-ladakh-6303 ]]></guid><title><![CDATA[ सोनम वांगचुक ने 19 सितंबर से ‘लेह चलो आंदोलन’ का किया ऐलान, केंद्र को दिया एक हफ्ते का समय ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sonam-wangchuk-leh-chalo-andolan-september-19-ladakh-6303 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 12 Sep 2026 13:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: लद्दाख में भूमि, संस्कृति और स्थानीय शासन की सुरक्षा को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने 19 सितंबर से ‘लेह चलो आंदोलन’ शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> लद्दाख में भूमि, संस्कृति और स्थानीय शासन की सुरक्षा को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने 19 सितंबर से ‘लेह चलो आंदोलन’ शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने एक सप्ताह के भीतर जरूरी आश्वासन नहीं दिया तो यह आंदोलन देशव्यापी प्रदर्शन का रूप ले सकता है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">दिल्ली में जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा कि लद्दाख के प्रतिनिधि केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के साथ बातचीत के लिए राष्ट्रीय राजधानी आए हैं। उन्होंने बताया कि बातचीत का मुख्य मुद्दा लद्दाख की संस्कृति, प्रकृति और जमीन की सुरक्षा है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">वांगचुक के मुताबिक, प्रतिनिधियों ने सरकार से केवल यह आश्वासन मांगा है कि जब तक लद्दाख में लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित नहीं होती, तब तक केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन ऐसे बड़े फैसले न ले, जिनसे लद्दाख का स्वरूप बदल सकता है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने इसे एक “छोटा और वैध आश्वासन” बताया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;LADAKH CALLING THE NATION !&lt;br&gt;Leh Chalo Andolan, in support of Ladakh &amp;amp; in memory of our Martyrs.&lt;br&gt;Ladakh has always stood for the nation,&lt;br&gt;Now it&amp;#39;s the nation&amp;#39;s turn to save Ladakh! &lt;a href="https://t.co/jzcQB20Jar"&gt;pic.twitter.com/jzcQB20Jar&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) &lt;a href="https://x.com/Wangchuk66/status/2098450090516246946?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 11, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>सरकार को एक सप्ताह का समय</b></h5><p>सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर आश्वासन देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। अगर सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक आश्वासन देती है, तो 19 से 24 सितंबर तक प्रस्तावित पदयात्रा को लद्दाख के लिए बलिदान देने वाले लोगों की याद में ‘स्मृति पदयात्रा’ के रूप में आयोजित किया जाएगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार की ओर से आश्वासन नहीं मिलता है तो यह आंदोलन बड़े प्रदर्शन में बदल सकता है और इसमें देशभर से लोग शामिल हो सकते हैं।</span></p><h5 class=""><b>19 से 24 सितंबर तक प्रस्तावित पदयात्रा</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>सोनम वांगचुक ने बताया कि प्रस्तावित ‘लेह चलो आंदोलन’ 19 सितंबर से शुरू होगा और 24 सितंबर तक चलेगा। उन्होंने देश के लोगों से लद्दाख के मुद्दे पर समर्थन देने की अपील भी की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उनके अनुसार, आंदोलन का उद्देश्य लद्दाख की जमीन, पर्यावरण, संस्कृति और स्थानीय शासन से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करना है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>9 सितंबर को गृह मंत्रालय के साथ हुई थी बैठक</b></h5><p>यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के प्रतिनिधियों ने 9 सितंबर को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक उपसमिति के साथ बातचीत की थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">LAB और KDA लद्दाख के लिए अधिक प्रशासनिक स्वायत्तता और राजनीतिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार के साथ बातचीत करने वाले प्रमुख समूह हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">लद्दाख में लंबे समय से भूमि, पर्यावरण, संस्कृति और स्थानीय प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को लेकर मांगें उठती रही हैं। वांगचुक का नया आंदोलन इन्हीं मुद्दों पर केंद्र सरकार से स्पष्ट आश्वासन की मांग के बीच सामने आया है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सोनम वांगचुक ने 19 सितंबर से ‘लेह चलो आंदोलन’ का किया ऐलान, केंद्र को दिया एक हफ्ते का समय ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/brics-summit-2026-delhi-traffic-plan-22-diversion-points-6275 ]]></guid><title><![CDATA[ BRICS Summit 2026: दिल्ली में ट्रैफिक प्लान तैयार, 22 जगहों पर डायवर्जन ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/brics-summit-2026-delhi-traffic-plan-22-diversion-points-6275 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 11 Sep 2026 11:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में BRICS Summit 2026 को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था का विस्तृत प्लान तैयार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए 22 डायवर्जन पॉइंट चिन्हित किए हैं। इन ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>राजधानी दिल्ली में <b>BRICS Summit 2026 </b>को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था का विस्तृत प्लान तैयार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए 22 डायवर्जन पॉइंट चिन्हित किए हैं। इन स्थानों पर जरूरत के अनुसार आम वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर भेजा जाएगा।</span><span style="font-size: 1rem;"><b>BRICS Business Forum</b> के बीच अब 12 सितंबर से शिखर सम्मेलन का मुख्य कार्यक्रम शुरू होगा। सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों की एयरपोर्ट, होटल और भारत मंडपम के बीच आवाजाही को देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त (ट्रैफिक) दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि शिखर सम्मेलन के दौरान प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया गया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि BRICS Summit शुरू हो चुका है और प्रतिनिधियों की आवाजाही एयरपोर्ट से होटल तथा होटल से भारत मंडपम तक होगी। इसी के अनुरूप ट्रैफिक व्यवस्था तैयार की गई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">दिल्ली पुलिस के अनुसार, 22 चिन्हित डायवर्जन पॉइंट से आम यातायात को जरूरत के अनुसार वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा। लोगों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी सोशल मीडिया पर जारी की गई है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi | On security arrangements for BRICS Summit, Addl CP Traffic Dinesh Kumar Gupta, &amp;quot;The BRICS Summit has begun today. There will be movements from the airport to the hotel and from the hotel to the Bharat Mandapam. Accordingly, our traffic arrangement plan is… &lt;a href="https://t.co/4GLRDla8M6"&gt;pic.twitter.com/4GLRDla8M6&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2098266646507122722?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 11, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>घर से निकलने से पहले एडवाइजरी देखने की अपील</b></h5><p>अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देखें। उन्होंने कहा कि लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पहले से वैकल्पिक मार्ग की योजना बनाएं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस का उद्देश्य BRICS प्रतिनिधियों के काफिलों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखना है, साथ ही आम लोगों को होने वाली परेशानी को न्यूनतम करना है।</span></p><h5 class=""><b>12 सितंबर से शुरू होगा मुख्य BRICS कार्यक्रम</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>BRICS Summit का मुख्य कार्यक्रम 12 सितंबर से शुरू होगा। सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता के तहत की गई पहलों और BRICS रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान व्यापार, डिजिटल तकनीक, वित्त, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक शासन में सुधार जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा</b></h5><p class="blue-bg-white"><b><i>शिखर सम्मेलन में लचीली वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, सीमा-पार भुगतान व्यवस्था, राष्ट्रीय मुद्राओं के अधिक इस्तेमाल और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के विकास जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके अलावा डिजिटल व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता, विकास वित्त, न्यू डेवलपमेंट बैंक के विस्तार और बहुपक्षीय वित्तीय एवं राजनीतिक संस्थानों में सुधार पर भी चर्चा होने की संभावना है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>दिल्ली पुलिस की लोगों से अपील</b></h5><p>BRICS Summit के दौरान वीआईपी और विदेशी प्रतिनिधियों की आवाजाही के कारण दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना ट्रैफिक एडवाइजरी को ध्यान में रखकर बनाएं और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ BRICS Summit 2026: दिल्ली में ट्रैफिक प्लान तैयार, 22 जगहों पर डायवर्जन ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sc-notice-17-delhi-metro-stations-cjp-protests-6271 ]]></guid><title><![CDATA[ CJP प्रदर्शन के दौरान 17 मेट्रो स्टेशन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sc-notice-17-delhi-metro-stations-cjp-protests-6271 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 10 Sep 2026 18:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने CJP प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली मेट्रो के 17 स्टेशनों को बंद किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार को केंद्र सरकार समेत अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया। याचिका में स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>सुप्रीम कोर्ट ने CJP प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली मेट्रो के 17 स्टेशनों को बंद किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार को केंद्र सरकार समेत अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया। याचिका में सार्वजनिक सुविधा बंद करने और आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित करने के फैसले की वैधता और अनुपातिकता पर सवाल उठाए गए हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे। पीठ ने केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) और दिल्ली सरकार से मामले में जवाब मांगा है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का मामला संविधान के तहत आम लोगों के अधिकारों पर प्रतिबंध और कार्यपालिका की शक्तियों के इस्तेमाल से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">याचिका में कहा गया कि केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देकर सार्वजनिक परिवहन सेवा को बंद करने का फैसला उचित नहीं ठहराया जा सकता, खासकर तब जब ऐसी कार्रवाई के लिए कोई स्पष्ट वैधानिक प्रावधान मौजूद न हो।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi: On the Supreme Court&amp;#39;s notice to the Centre regarding the closure of metro stations during the Jantar Mantar protest, advocate Sanjiv Narang says, &amp;quot;Fundamentally, the issue was that the metro was shut down. Seventeen metro stations were shut down during the agitation,… &lt;a href="https://t.co/BmnIutmLnU"&gt;pic.twitter.com/BmnIutmLnU&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2098004083659661758?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 10, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>मेट्रो बंद करने के लिए SOP पर भी सवाल</b></h5><p>याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के लिए कोई स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP मौजूद नहीं है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यह भी दलील दी गई कि स्टेशनों को बंद करने का फैसला किसी औपचारिक आदेश के जरिए सार्वजनिक नहीं किया गया, बल्कि X पर सेवा संबंधी पोस्ट के माध्यम से इसकी जानकारी दी गई। इससे फैसले के कानूनी आधार को लेकर भी सवाल उठे हैं।</span></p><h5 class=""><b>जस्टिस बागची ने क्या कहा?</b></h5><p>सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में अदालतें आमतौर पर कार्यपालिका के फैसलों में हस्तक्षेप करने से बचती हैं। हालांकि, जब कार्यपालिका अपने विवेक का इस्तेमाल अनुपातहीन तरीके से करती है, तब न्यायिक हस्तक्षेप की गुंजाइश बन सकती है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">SOP की मांग पर टिप्पणी करते हुए न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में SOP की अवधारणा “वास्तव में एक मृगतृष्णा” जैसी है।</span></p><h5 class=""><b>20 और 22 जुलाई को बंद किए गए थे स्टेशन</b></h5><p>याचिका के अनुसार, DMRC ने 20 और 22 जुलाई को CJP प्रदर्शन के दौरान कई मेट्रो स्टेशनों को बंद किया था। DMRC ने इन बंदियों के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था और X पर सेवा संबंधी अपडेट के माध्यम से यात्रियों को इसकी जानकारी दी थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">याचिका में यह भी दावा किया गया कि मेट्रो अधिनियम में किसी मेट्रो स्टेशन को इस तरह बंद करने की स्पष्ट अनुमति देने वाला प्रावधान नहीं है। साथ ही, भूमिगत रेलवे से जुड़े विषयों के संघ सूची में आने का भी उल्लेख किया गया।</span></p><p>अब सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस, DMRC और दिल्ली सरकार को इस मामले में अपना पक्ष रखना होगा। मामले की आगे की सुनवाई में अदालत यह देख सकती है कि सार्वजनिक परिवहन सेवा को बंद करने के लिए कार्यपालिका के पास किस तरह का वैधानिक आधार और प्रक्रिया होनी चाहिए।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CJP प्रदर्शन के दौरान 17 मेट्रो स्टेशन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/gaurav-bhatia-defamation-case-cjp-posts-delhi-hc-6259 ]]></guid><title><![CDATA[ गौरव भाटिया केस: CJP नेताओं ने 24 घंटे में विवादित पोस्ट हटाने की बात मानी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/gaurav-bhatia-defamation-case-cjp-posts-delhi-hc-6259 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 10 Sep 2026 13:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: भाजपा नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया की ओर से दायर 2 करोड़ रुपये के मानहानि मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को Cockroach Janta Party (CJP) के सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका के उ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>भाजपा नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया की ओर से दायर 2 करोड़ रुपये के मानहानि मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को Cockroach Janta Party (CJP) के सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका के उस आश्वासन को रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर किए गए विवादित पोस्ट हटाने की बात कही।</span></p><p>न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान भाटिया स्वयं पेश हुए। दोनों प्रतिवादियों के वकीलों ने अदालत को बताया कि विवादित पोस्ट हटाए जाएंगे। इसके बाद अदालत ने उनके बयान को रिकॉर्ड करते हुए पोस्ट को 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यह मामला एक कथित AI-जनरेटेड ग्राफिक से जुड़ा है, जिसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया गया था। भाटिया का आरोप है कि इस ग्राफिक में उनके नाम से ऐसा बयान जोड़ा गया, जिसे उन्होंने कभी नहीं दिया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;CJP&amp;#39;s Saurav Das and Ashutosh Ranka have agreed to delete their tweets against BJP leader and senior advocate Gaurav Bhatia, which allegedly carried a fake quote attributed to him. The tweets will be deleted within 24 hours.&lt;br&gt;&lt;br&gt;The Delhi High Court has issued summons to CJP and… &lt;a href="https://t.co/kZuwSX3ZNa"&gt;pic.twitter.com/kZuwSX3ZNa&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2097947683097022652?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 10, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>विवादित पोस्ट में भाटिया के नाम से कथित बयान</b></h5><p><span style="font-size: 1rem;">गौरव भाटिया के अनुसार, पोस्ट में उनकी तस्वीर के साथ कथित तौर पर एक मनगढ़ंत बयान प्रकाशित किया गया। आरोप है कि ग्राफिक में एक समाचार संगठन के लोगो का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे सामग्री को विश्वसनीय दिखाने की कोशिश हुई।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">भाटिया ने अदालत को बताया कि कथित सामग्री के ऑनलाइन रहने से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है और इसे बड़ी संख्या में लोगों ने देखा है।</span></p><h5 class=""><b>अदालत ने कहा- विरोध के अलग-अलग तरीके हो सकते हैं</b></h5><p>सुनवाई के दौरान अदालत ने पहले भी टिप्पणी की थी कि विरोध दर्ज कराने के कई तरीके हो सकते हैं। अदालत ने प्रतिवादियों से कहा था कि उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन कई बार अभिव्यक्ति को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित तरीके से रखना जरूरी होता है, ताकि इच्छित संदेश सही ढंग से लोगों तक पहुंच सके।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सौरव दास की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि संबंधित ट्वीट पहले ही हटा दिया गया था। हालांकि, अदालत ने ध्यान दिलाया कि एक अन्य पोस्ट भी साझा किया गया था।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;No comments 🤣 🪳&lt;br&gt;&lt;br&gt;&amp;quot;CJP&amp;#39;s Saurav Das, Ashutosh Ranka to delete posts against BJP&amp;#39;s Gaurav Bhatia; Delhi High Court asks Meta, X to take down identical posts in future&amp;quot;&lt;br&gt;&lt;br&gt;&amp;quot;Will Take Down Posts Against Sr Advocate Gaurav Bhatia In 24 Hours: CJP&amp;#39;s Saurav Das, Ashutosh Ranka Tell… &lt;a href="https://t.co/TyqcyUTdOc"&gt;pic.twitter.com/TyqcyUTdOc&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Gaurav Bhatia गौरव भाटिया 🇮🇳 (@gauravbhatiabjp) &lt;a href="https://x.com/gauravbhatiabjp/status/2097951290806682077?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 10, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को लेकर भी हुई सुनवाई</b></h5><p>गौरव भाटिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Meta को कथित रूप से फर्जी तस्वीर और इसी तरह की अन्य सामग्री हटाने का निर्देश देने की मांग की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Meta की ओर से पेश वकील ने कहा कि प्लेटफॉर्म किसी विशेष कानूनी आधार या अदालत के निर्देश के बिना तस्वीरों या सामग्री को स्वतः हटाने की कार्रवाई नहीं कर सकता।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अदालत ने भाटिया को ऐसी समान सामग्री के संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संपर्क करने की स्वतंत्रता दी।</span></p><h5 class=""><b>एक अन्य प्रतिवादी की भूमिका पर अदालत का सवाल</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>सुनवाई के दौरान अदालत ने अभिजीत दिपके को मामले में प्रतिवादी बनाए जाने पर भी सवाल किया। अदालत ने पूछा कि उनके द्वारा ऐसा क्या कंटेंट पोस्ट किया गया था, जिसे मानहानि के विवाद का हिस्सा बनाया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिपके के वकील ने अदालत को बताया कि विवाद में ऐसा एक भी ट्वीट नहीं है, जिसे उनके मुवक्किल ने पोस्ट किया हो।</span></i></b></p><h5 class=""><b>1.32 लाख से ज्यादा बार देखा गया था विवादित पोस्ट</b></h5><p>भाटिया की ओर से दायर मुकदमे के अनुसार, विवादित पोस्ट 5 सितंबर को प्रकाशित किया गया था और इसे 1.32 लाख से अधिक बार देखा गया। भाटिया ने अदालत का रुख करने से पहले पोस्ट हटाने और बिना शर्त माफी की मांग की थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुकदमे में 2 करोड़ रुपये के हर्जाने के साथ-साथ स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा की मांग की गई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">हालांकि, गौरव भाटिया द्वारा लगाए गए आरोपों पर अभी अदालत ने कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है। मामले में आगे की सुनवाई के दौरान आरोपों और संबंधित पक्षों के दावों पर विचार किया जाएगा।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ गौरव भाटिया केस: CJP नेताओं ने 24 घंटे में विवादित पोस्ट हटाने की बात मानी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/du-hostel-pil-delhi-hc-notice-6247 ]]></guid><title><![CDATA[ सत्य निकेतन हादसे के बाद DU के सभी कॉलेजों में हॉस्टल की मांग, दिल्ली HC ने PIL पर जारी किया नोटिस ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/du-hostel-pil-delhi-hc-notice-6247 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 09 Sep 2026 17:35:23 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती आवास का मुद्दा अब दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से संबद्ध सभी कॉलेजों में हॉस्टल सुविधाएं उपलब्ध कराने और मौजूदा  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती आवास का मुद्दा अब दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया है।<b> दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) </b>से संबद्ध सभी कॉलेजों में हॉस्टल सुविधाएं उपलब्ध कराने और मौजूदा व्यवस्था का विस्तार करने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। सत्य निकेतन में PG की इमारत गिरने की घटना के बाद छात्रों के आवास और निजी PG की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच इस मामले ने और गंभीरता हासिल कर ली है।</p><p>याचिका में कहा गया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या की तुलना में संस्थागत हॉस्टल की क्षमता काफी कम है। इसके चलते बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को निजी PG, हॉस्टल और किराए के मकानों में रहना पड़ता है। याचिका का तर्क है कि निजी आवासों में सुरक्षा मानकों की निगरानी हर जगह समान रूप से नहीं हो पाती, जिससे छात्रों के सामने जोखिम पैदा हो सकता है।</p><h5 class=""><b>DU में 2.5 लाख से ज्यादा छात्र, हॉस्टल बेड करीब 9 हजार</b></h5><p>यह मामला खास तौर पर उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो उच्च शिक्षा के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से दिल्ली आते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालय में 2.5 लाख से अधिक छात्र पढ़ते हैं, जबकि विश्वविद्यालय की मौजूदा हॉस्टल क्षमता करीब 9,000 बेड की बताई गई है।</p><p>हॉस्टल और छात्रों की संख्या में इस बड़े अंतर के कारण सभी विद्यार्थियों को संस्थागत आवास उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पाता। इसके अलावा, दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ ही कॉलेजों में हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में बड़ी संख्या में छात्र नॉर्थ कैंपस, साउथ कैंपस और आसपास के इलाकों में निजी PG या किराए के आवास तलाशते हैं।</p><p>याचिका में इसी अंतर को प्रमुख समस्या के रूप में उठाया गया है। याचिकाकर्ता की दलील है कि यदि विश्वविद्यालय और उसके संबद्ध कॉलेज अपने हॉस्टल नेटवर्क का विस्तार करें तो छात्रों की निजी और अपेक्षाकृत कम निगरानी वाली संपत्तियों पर निर्भरता कम हो सकती है।</p><h5 class=""><b>सत्य निकेतन हादसे ने बढ़ाई चिंता</b></h5><p>सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG भवन गिरने की घटना ने दिल्ली में छात्र आवास की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए थे।</p><p>सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के कई कॉलेजों के नजदीक है और इलाके में बड़ी संख्या में छात्र निजी PG तथा किराए के मकानों में रहते हैं। हादसे के बाद यह सवाल प्रमुखता से उठा कि छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल हो रहे भवनों की structural safety, fire safety और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।</p><p>PIL में इसी व्यापक चिंता को संस्थागत आवास की कमी से जोड़ते हुए कहा गया है कि छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती हॉस्टल उपलब्ध कराना जरूरी है।</p><h5 class=""><b>सिर्फ नियम नहीं, हॉस्टल की संख्या बढ़ाने पर जोर</b></h5><p>छात्र आवास की समस्या का एक पहलू निजी PG का नियमन है, जबकि दूसरा संस्थागत हॉस्टल की उपलब्धता बढ़ाना है। याचिका का फोकस दूसरे पहलू पर अधिक है। इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में नए हॉस्टल बनाने और मौजूदा हॉस्टल सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।</p><p>दलील यह है कि केवल निजी PG के लिए नियम सख्त करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। यदि छात्रों के पास पर्याप्त संख्या में विश्वविद्यालय या कॉलेज द्वारा संचालित आवास उपलब्ध होंगे, तो उन्हें रहने के लिए निजी विकल्पों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।</p><p>खासकर दूसरे राज्यों से आने वाले और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए सस्ता और सुरक्षित आवास उनकी पढ़ाई जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।</p><h5 class=""><b>PG को लेकर सरकार भी नियम मजबूत करने की तैयारी में</b></h5><p>सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में PG और छात्रावासों के नियमन को मजबूत करने की चर्चा भी तेज हुई है। प्रस्तावित व्यवस्था में PG के लिए अनिवार्य लाइसेंसिंग, पुलिस वेरिफिकेशन, जरूरी मंजूरियां, structural stability certificate, fire safety certification और छात्र आवासों के अनिवार्य registration जैसे उपाय शामिल किए जाने की बात सामने आई है।</p><p>एक सार्वजनिक पोर्टल बनाने पर भी विचार किया जा रहा है, जहां छात्र और उनके अभिभावक पंजीकृत तथा स्वीकृत आवासों की जानकारी देख सकें। इससे छात्रों को आवास चुनने में मदद मिलने के साथ-साथ नियमों का पालन करने वाले PG की पहचान आसान हो सकती है।</p><p>हालांकि, इन नियामक कदमों का उद्देश्य तत्काल सुरक्षा संबंधी जोखिमों को कम करना है, जबकि हाई कोर्ट में दाखिल PIL इससे आगे जाकर संस्थागत छात्र आवास के विस्तार की जरूरत पर सवाल उठा रही है।</p><h5 class=""><b>क्या दिल्ली का Education Infrastructure छात्रों की जरूरत के अनुरूप है?</b></h5><p>PIL के जरिए उठाया गया बड़ा सवाल यही है कि क्या दिल्ली की उच्च शिक्षा व्यवस्था के साथ छात्र आवास का बुनियादी ढांचा भी उसी गति से विकसित हुआ है। विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी दिल्ली आते हैं, लेकिन हॉस्टल की सीमित क्षमता उन्हें निजी आवास की ओर जाने के लिए मजबूर करती है।</p><p>कई छात्रों के लिए किराया भी बड़ी चुनौती बन सकता है। इसके साथ ही निजी PG की गुणवत्ता, भवन की स्थिति, अग्नि सुरक्षा और अन्य सुविधाएं जगह-जगह अलग हो सकती हैं। ऐसे में छात्रावासों की संख्या बढ़ाने की मांग को केवल आवास की जरूरत नहीं, बल्कि छात्र सुरक्षा और शिक्षा तक समान पहुंच के मुद्दे के तौर पर भी देखा जा रहा है।</p><p>दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा PIL पर नोटिस जारी किए जाने के बाद अब यह मुद्दा न्यायिक जांच के दायरे में आ गया है। सत्य निकेतन हादसे के बाद शुरू हुई बहस अब इस बड़े सवाल की ओर बढ़ रही है कि दिल्ली विश्वविद्यालय और उसके संबद्ध कॉलेजों में बढ़ती छात्र संख्या के मुकाबले हॉस्टल सुविधाओं का विस्तार किस तरह किया जाए।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सत्य निकेतन हादसे के बाद DU के सभी कॉलेजों में हॉस्टल की मांग, दिल्ली HC ने PIL पर जारी किया नोटिस ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/manipuri-musician-death-delhi-6236 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘बदला नहीं, न्याय चाहिए’, मणिपुरी म्यूजिशियन की मौत के बाद पत्नी ने कहा- दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिले ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/manipuri-musician-death-delhi-6236 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 08 Sep 2026 18:22:31 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुर मूल के 55 वर्षीय संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की कथित मारपीट के बाद हुई मौत ने उनके परिवार और पूर्वोत्तर समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना के ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली:</b> दक्षिण दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुर मूल के 55 वर्षीय संगीतकार <b>चोंगथम विक्रम सिंह</b> की कथित मारपीट के बाद हुई मौत ने उनके परिवार और पूर्वोत्तर समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना के बाद विक्रम की पत्नी जोशना चोंगथम ने भावुक बयान जारी कर कहा है कि परिवार किसी से बदला नहीं चाहता, बल्कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के जरिए न्याय चाहता है।</p><p>जोशना ने कहा कि विक्रम की अचानक मौत ने परिवार को ऐसा सदमा दिया है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि विक्रम उनके पति होने के साथ-साथ उनके बच्चे के पिता, बेटे, भाई और दोस्तों व परिवार के लिए बेहद प्रिय व्यक्ति थे। वह एक संगीतकार के तौर पर भी अपनी अलग पहचान रखते थे।</p><h5 class=""><b>‘हम बदला नहीं, न्याय चाहते हैं’</b></h5><p>जोशना ने अपने बयान में अधिकारियों से अपील की कि घटना की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और जो भी व्यक्ति इसके लिए जिम्मेदार है, उसे कानून के अनुसार जवाबदेह बनाया जाए।</p><p>उन्होंने साफ कहा कि परिवार का उद्देश्य किसी से बदला लेना नहीं है। उनकी मांग सिर्फ न्याय की है। जोशना के मुताबिक, विक्रम की जिंदगी और उनकी पहचान महत्वपूर्ण थी और परिवार चाहता है कि उनकी मौत की पूरी सच्चाई सामने आए।</p><p>उन्होंने इस मुश्किल समय में परिवार के साथ खड़े लोगों, दिल्ली पुलिस, नेताओं और जनप्रतिनिधियों का आभार भी जताया। साथ ही उन्होंने लोगों से परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील की, ताकि वे शांति से अपने दुख को संभाल सकें।</p><p>जोशना ने उम्मीद जताई कि विक्रम की मौत के बाद उठी आवाज का उद्देश्य केवल उनके परिवार को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी होना चाहिए कि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह के दर्द से न गुजरना पड़े।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Manipur-origin musician C. Vikram Singh died after alleged physical assault by delivery executives in Delhi&lt;br&gt;&lt;br&gt;His wife, Joshna Chongtham, says, &amp;quot;I am still struggling to come to terms with the loss of my husband, Vikram Chongtham Vikram. He was my husband, my child&amp;#39;s… &lt;a href="https://t.co/Lzees4WW0e"&gt;pic.twitter.com/Lzees4WW0e&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2097263973964157346?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 8, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>पड़ोसी ने बताई घटना वाली रात की कहानी</b></h5><p>विक्रम सिंह की मौत से जुड़ी रात की घटनाओं को लेकर उनकी पड़ोसी चंदन मिरोडा देवी ने भी अपना अनुभव साझा किया है। उनके मुताबिक, 6 सितंबर की रात वह सोने की तैयारी कर रही थीं, तभी उन्हें बाहर से तेज आवाजें और चीख-पुकार सुनाई दी।</p><p>शोर सुनकर वह पहले घबरा गईं और सीधे बाहर निकलने के बजाय झरोखे से स्थिति देखने की कोशिश की। बाद में वह छत पर गईं। चंदन देवी के अनुसार, वहां उन्होंने दो लोगों को मोबाइल फोन पर किसी को बुलाते हुए देखा। वे बार-बार दूसरे लोगों को वहां आने के लिए कह रहे थे।</p><p>उन्होंने बताया कि उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि आखिर मामला क्या है, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उस समय उन्हें लगा कि शायद आसपास कोई सामान्य विवाद हुआ होगा। बेटी के साथ होने के कारण उन्होंने बाहर जाकर हस्तक्षेप नहीं किया और बाद में घर लौट गईं।</p><p>लेकिन जब उन्हें पता चला कि उसी रात विक्रम के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई और उनकी मौत हो गई, तो वह बेहद सदमे में आ गईं।</p><h5 class=""><b>आठ लोगों पर मारपीट का आरोप</b></h5><p>उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 6 सितंबर की रात किलोकरी गांव में विक्रम सिंह के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। आरोप है कि खाने-पीने की दुकान से जुड़े करीब आठ लोगों ने उनका पीछा किया और इमारत की सीढ़ियों के पास उनके साथ मारपीट की।</p><p>इस घटना की परिस्थितियों और मौत की पूरी वजह को लेकर पुलिस जांच कर रही है। ऐसे में सामने आए आरोपों को जांच पूरी होने तक आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है।</p><h5 class=""><b>‘विक्रम हमेशा मुस्कुराकर मिलते थे’</b></h5><p>पड़ोसी चंदन देवी ने विक्रम को शांत, मिलनसार और मददगार स्वभाव वाला व्यक्ति बताया। उनके परिवार और चंदन देवी का परिवार कई वर्षों से एक ही इमारत में रह रहा था।</p><p>चंदन के मुताबिक, विक्रम जब भी पड़ोसियों से मिलते थे तो मुस्कुराकर अभिवादन करते थे। मणिपुर से उनके परिवार के लिए सब्जियां आने पर वह उन्हें पड़ोसियों के साथ भी साझा करते थे। चंदन ने बताया कि वह विक्रम की पत्नी जोशना के साथ पहले काम भी कर चुकी हैं और उन्हें भी अच्छे स्वभाव की महिला के रूप में जानती हैं।</p><p>इसी वजह से वर्षों से परिचित एक शांत पड़ोसी की इस तरह मौत की खबर ने उन्हें गहरा झटका दिया।</p><h5 class=""><b>कैंडल मार्च में उठी न्याय की मांग</b></h5><p>विक्रम की मौत के बाद दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर समुदाय के लोगों में आक्रोश बढ़ा है। सोमवार रात कई लोगों ने सनलाइट कॉलोनी पुलिस स्टेशन से विक्रम के घर तक कैंडल मार्च निकाला और मामले में न्याय की मांग की।</p><p>इस घटना ने राजधानी में पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले लोगों के साथ कथित भेदभाव और नस्ली टिप्पणियों के मुद्दे को भी चर्चा में ला दिया है। चंदन देवी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें दिल्ली में कभी-कभी अपमानजनक शब्दों का सामना करना पड़ा है।</p><p>उनका कहना है कि देश की राजधानी में ऐसे अनुभव बेहद पीड़ादायक हैं। उनका मानना है कि पूर्वोत्तर से आने वाले लोग भी शिक्षा, रोजगार और बेहतर अवसरों की तलाश में देश के दूसरे हिस्सों से आने वाले लोगों की तरह ही सम्मान और सुरक्षा के हकदार हैं।</p><p>फिलहाल विक्रम सिंह की मौत से जुड़े मामले में जांच और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ रही है। परिवार की मुख्य मांग यही है कि जांच निष्पक्ष हो और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही कानून के तहत तय की जाए।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘बदला नहीं, न्याय चाहिए’, मणिपुरी म्यूजिशियन की मौत के बाद पत्नी ने कहा- दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिले ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/manipur-teacher-delhi-murder-6229 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली में मणिपुरी म्यूजिक टीचर की पीट-पीटकर हत्या, 7 आरोपी गिरफ्तार; नॉर्थ-ईस्ट के लोगों का प्रदर्शन ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/manipur-teacher-delhi-murder-6229 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 08 Sep 2026 12:20:41 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुर के म्यूजिक टीचर और संगीतकार चोंगथाम विक्रम सिंह की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या के बाद राजधानी में विरोध प्रदर्शन हुआ है। घटना रविवार देर रात की बताई जा रही ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुर के म्यूजिक टीचर और संगीतकार<b> चोंगथाम विक्रम सिंह</b> की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या के बाद राजधानी में विरोध प्रदर्शन हुआ है। घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है। पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।</p><p>विक्रम सिंह कई वर्षों से दिल्ली में रह रहे थे और इलाके में संगीत की शिक्षा देते थे। बताया गया है कि वह अपनी पत्नी जोशना चोंगथम और बेटे याइफ़ाबा चोंगथम के साथ फ्लैट में रहते थे। घटना के बाद पूर्वोत्तर समुदाय के लोगों में नाराजगी देखी गई है।</p><h5 class=""><b>शोर को लेकर शुरू हुआ विवाद</b></h5><p>घटना रविवार रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ता बी. रुचिदा शर्मा के मुताबिक, विक्रम सिंह अपने फ्लैट से कचरा फेंकने के लिए नीचे आए थे। उनके घर के बाहर आसपास के दो ढाबों में काम करने वाले कुछ लोग कथित तौर पर शोर कर रहे थे।</p><p>विक्रम सिंह ने शोर कम करने के लिए कहा, जिसके बाद उनके और वहां मौजूद लोगों के बीच बहस हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद जब वह वापस अपने घर की ओर जाने लगे तो कुछ लोगों ने उनका पीछा किया।</p><p>बताया गया है कि हमलावर उनका पीछा करते हुए तीसरी मंजिल तक पहुंचे और कॉरिडोर में उन्हें घेर लिया। वहां उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट किए जाने का आरोप है। हमले में गंभीर रूप से घायल विक्रम सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।</p><p>पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के पीछे के पूरे विवाद तथा हमले में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।</p><h5 class=""><b>सात आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी हिरासत में</b></h5><p>पुलिस ने मामले में <b>भरत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36) और मन्नू (26) </b>को गिरफ्तार किया है। एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है।</p><p>पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी अलग-अलग ढाबों में काम करते हैं। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।</p><h5 class=""><b>दिल्ली में नॉर्थ-ईस्ट समुदाय का प्रदर्शन</b></h5><p>घटना के विरोध में पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़े लोगों ने दिल्ली में प्रदर्शन किया। नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी (NESSDU) ने भी विक्रम सिंह की मौत की निंदा की है।</p><p>संगठन ने उन्हें सम्मानित मणिपुरी संगीतकार बताते हुए मामले की तेजी से जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</p><p>घटना ने दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर समुदाय की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।</p><h5 class=""><b>राहुल गांधी ने उठाया सुरक्षा का सवाल</b></h5><p>लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि विक्रम सिंह घर के बाहर हो रहे शोर को कम करने के लिए लोगों से बात करने गए थे और इसी विवाद के बाद उनकी हत्या कर दी गई।</p><p>राहुल गांधी ने दिल्ली में रहने वाले नॉर्थ-ईस्ट के लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।</p><p>मणिपुर के <b>पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह </b>ने भी घटना से जुड़ा CCTV फुटेज साझा करते हुए मामले की जांच की मांग की है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Deeply saddened by the tragic passing of renowned Manipuri guitarist and Western music pioneer, Shri Chongtham Vikram Singh, and deeply concerned by the incident in which he was allegedly assaulted near his residence in southeast Delhi. &lt;br&gt;&lt;br&gt;Shri Vikram Singh’s invaluable… &lt;a href="https://t.co/MH49Pcdh8A"&gt;pic.twitter.com/MH49Pcdh8A&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; N. Biren Singh (@NBirenSingh) &lt;a href="https://x.com/NBirenSingh/status/2096952980566376849?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 7, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>मणिपुर के रॉक म्यूजिक में भी थी पहचान</b></h5><p>चोंगथाम विक्रम सिंह केवल संगीत शिक्षक ही नहीं थे, बल्कि मणिपुर के रॉक संगीत के शुरुआती दौर से जुड़े कलाकारों में भी उनका नाम बताया जाता है।</p><p>उन्होंने अपने संगीत करियर की शुरुआत Ultra Vires बैंड के लीड गिटारिस्ट के तौर पर की थी। इसके बाद वह 1980 के दशक की शुरुआत में चर्चित मणिपुरी रॉक बैंड Phoenix से जुड़े। बाद में उन्होंने स्थानीय बैंड Eastern Dark के साथ भी काम किया।</p><p>अब उनकी मौत के बाद एक तरफ पुलिस जांच आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर समुदाय उनकी सुरक्षा और न्याय को लेकर आवाज उठा रहा है। मामले में पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि विवाद किस तरह हिंसा में बदला और हमले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की क्या भूमिका थी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली में मणिपुरी म्यूजिक टीचर की पीट-पीटकर हत्या, 7 आरोपी गिरफ्तार; नॉर्थ-ईस्ट के लोगों का प्रदर्शन ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/satya-niketan-fir-6226 ]]></guid><title><![CDATA[ सत्य निकेतन हादसे की FIR में बड़ा खुलासा, किराए के लालच में पुरानी इमारत पर बना दी गईं 4 मंजिलें ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/satya-niketan-fir-6226 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 08 Sep 2026 11:13:06 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत गिरने के मामले में दर्ज FIR में पुलिस ने भवन के निर्माण और हादसे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। FIR के अनुसार, बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल उर्फ गुप्ता ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत गिरने के मामले में दर्ज FIR में पुलिस ने भवन के निर्माण और हादसे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। FIR के अनुसार, <b>बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल उर्फ गुप्ता</b> और उसके भाई ने कथित तौर पर किराये से ज्यादा कमाई के उद्देश्य से वर्षों पुरानी इमारत के ऊपर चार मंजिलों का निर्माण कराया। पुलिस का आरोप है कि मालिकों को भवन की नींव की क्षमता की जानकारी थी, फिर भी अतिरिक्त निर्माण कराया गया।</p><p>पुलिस के मुताबिक, पुरानी इमारत की नींव अतिरिक्त भार उठाने की स्थिति में नहीं थी। ऊपर नई मंजिलें बनने के बाद भवन पर उसकी क्षमता से अधिक वजन पड़ गया। FIR में इसी अतिरिक्त भार को इमारत के अचानक ढहने की संभावित वजह के तौर पर बताया गया है।</p><h5 class=""><b>चार मंजिलों के अतिरिक्त निर्माण का आरोप</b></h5><p>FIR के मुताबिक, सत्य निकेतन की जिस इमारत में हादसा हुआ, उसमें ग्राउंड फ्लोर के अलावा चार ऊपरी मंजिलें थीं। यहां HostelDaze नाम से PG/हॉस्टल संचालित होने की बात सामने आई है। बड़ी संख्या में छात्र और अन्य लोग इस इमारत में रह रहे थे।</p><p>पुलिस का आरोप है कि भवन मालिकों को पता था कि मौजूदा ढांचा अतिरिक्त निर्माण का भार सहन नहीं कर सकता। इसके बावजूद ऊपरी हिस्से में निर्माण जारी रखा गया। FIR में कहा गया है कि अतिरिक्त मंजिलों और दूसरे निर्माण कार्यों के कारण इमारत की भार वहन क्षमता पर लगातार दबाव बढ़ता गया।</p><p>हालांकि, ये सभी बातें FIR में लगाए गए पुलिस के आरोप हैं। निर्माण और हादसे की वास्तविक वजह का अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही होगा।</p><h5 class=""><b>हादसे में 7 लोगों की मौत</b></h5><p>इमारत गिरने के बाद बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। रविवार से सोमवार शाम तक मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन इनमें से सात की जान चली गई।</p><p>मृतकों में 20 वर्षीय अभिषेक, 20 वर्षीय युवराज सोनी, 17 वर्षीय पवन, 19 वर्षीय अर्पित जाजज, 18 वर्षीय अक्षत सिंह यादव और 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह शामिल हैं। सातवें मृतक की पहचान अभी नहीं हो पाई है।</p><p>हादसे में कई युवा छात्रों की मौत ने इस घटना को और गंभीर बना दिया है।</p><h5 class=""><b>पांच घायलों का अस्पताल में इलाज</b></h5><p>मलबे से निकाले गए घायलों में <b>30 वर्षीय असगर अली, 19 वर्षीय नीरज बावन, 19 वर्षीय आदित्य कुमार, 19 वर्षीय नितिश चिब और 18 वर्षीय मोहम्मद अयान</b> शामिल हैं।</p><p>सभी का इलाज AIIMS ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें तीन घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।</p><p>पुलिस के मुताबिक, रविवार को मलबे से पांच मृतकों और पांच घायलों को निकाला गया था। इसके बाद सोमवार को दो और मृतकों के शव बरामद किए गए।</p><h5 class=""><b>किराये की कमाई को लेकर पुलिस का आरोप</b></h5><p>FIR में पुलिस ने बिल्डिंग मालिक पर आरोप लगाया है कि उसे इमारत की संरचनात्मक क्षमता के बारे में जानकारी थी। पुलिस के अनुसार, मालिक को यह भी अंदाजा था कि अतिरिक्त वजन से भवन को नुकसान पहुंच सकता है और लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।</p><p>इसके बावजूद कथित तौर पर किराये से अधिक आय हासिल करने के लिए ऊपरी मंजिलों का निर्माण कराया गया। पुलिस का कहना है कि इसी निर्माण से भवन पर उसकी क्षमता से अधिक भार पड़ा और हादसा हुआ।</p><p>FIR में PCR कॉल, घटनास्थल की परिस्थितियों तथा मृतकों और घायलों की मेडिकल रिपोर्ट यानी MLC को आधार बनाते हुए प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध सामने आने की बात कही गई है।</p><p>अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि भवन का निर्माण कब और किन परिस्थितियों में किया गया, अतिरिक्त मंजिलों के लिए अनुमति थी या नहीं और निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सत्य निकेतन हादसे की FIR में बड़ा खुलासा, किराए के लालच में पुरानी इमारत पर बना दी गईं 4 मंजिलें ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/satya-niketan-mcd-action-6214 ]]></guid><title><![CDATA[ सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD पर बड़ा एक्शन, डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारी सस्पेंड ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/satya-niketan-mcd-action-6214 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 07 Sep 2026 14:03:15 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम दिल्ली (MCD) ने दक्षिणी जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>दिल्ली </b>के <b>सत्य निकेतन</b> इलाके में इमारत गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। <b>नगर निगम दिल्ली (MCD) </b>ने दक्षिणी जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अधिकारियों पर हादसे से जुड़े मामलों में लापरवाही और निगरानी में चूक के आरोपों के बीच यह कार्रवाई की गई है।</p><p>निलंबित अधिकारियों में दक्षिणी जोन के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, बिल्डिंग विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। MCD की विजिलेंस शाखा की ओर से जारी आदेश में अधिकारियों को DMC Services (Control and Appeal) Regulations, 1959 के तहत सस्पेंड किए जाने की जानकारी दी गई है।</p><h5 class=""><b>सत्य निकेतन में ढही बहुमंजिला इमारत</b></h5><p>सत्य निकेतन में एक पुरानी बहुमंजिला इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया। इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) आवास के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए NDRF, दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियों ने अभियान चलाया।</p><p>सोमवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे का बड़ा हिस्सा हटाया जा चुका था और आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी कदम उठाए जा रहे थे।</p><h5 class=""><b>किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई?</b></h5><p><b>MCD की कार्रवाई में दक्षिणी जोन के ये अधिकारी शामिल हैं:</b></p><ul><li>डिप्टी कमिश्नर<br></li><li>सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर<br></li><li>एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग)<br></li><li>असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग)<br></li><li>जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग)</li></ul><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;MCD South Zone dy commissioner, four engineers suspended after Satya Niketan building collapse.&lt;br&gt;&lt;br&gt;The suspended officials are:&lt;br&gt;* Rakesh Kumar, Deputy Commissioner, South Zone&lt;br&gt;* Ranvir Singh, SE, South Zone&lt;br&gt;* Lalit Kumar Goel, EE (Bldg.), South Zone&lt;br&gt;* Sunil Chauhan, AE (Bldg.),… &lt;a href="https://t.co/j1Ci55hj79"&gt;pic.twitter.com/j1Ci55hj79&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2096869430815007029?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 7, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p>निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। हादसे के बाद अधिकारियों की जिम्मेदारी और बिल्डिंग की निगरानी से जुड़े सवालों की जांच आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।</p><h5 class=""><b>अवैध और कमजोर इमारतों पर भी नजर</b></h5><p>हादसे के बाद दिल्ली सरकार और MCD ने शहर की पुरानी तथा संभावित रूप से असुरक्षित इमारतों की जांच पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाली इमारतों के नियमित structural audit और safety certification की व्यवस्था तैयार करने की बात कही है। इसमें PG, नर्सिंग होम, स्कूल और अन्य संस्थानों को शामिल किया जा सकता है।</p><p>MCD के मुताबिक, इलाके में पहले भी अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई है। निगम ने हाल के महीनों में कई इमारतों को गिराने, सील करने और नोटिस जारी करने की कार्रवाई का भी उल्लेख किया है।</p><h5 class=""><b>बिल्डिंग मालिक की भी तलाश</b></h5><p>हादसे के मामले में पुलिस ने इमारत के मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। रिपोर्टों के मुताबिक, मालिक हरिराम बंसल की तलाश की जा रही है और उसके खिलाफ Look Out Circular जारी किया गया है।</p><p>इस हादसे ने दिल्ली में पुराने भवनों, अवैध निर्माण, PG में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा और स्थानीय निकाय की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब पांच MCD अधिकारियों के निलंबन के बाद जांच का फोकस यह पता लगाने पर भी रहेगा कि इमारत की स्थिति और वहां चल रहे काम को लेकर संबंधित विभागों की ओर से क्या निगरानी की गई थी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD पर बड़ा एक्शन, डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारी सस्पेंड ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/satya-niketan-pg-collapse-pil-6210 ]]></guid><title><![CDATA[ सत्य निकेतन हादसा: दिल्ली हाईकोर्ट में PIL, मृतक छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/satya-niketan-pg-collapse-pil-6210 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 07 Sep 2026 13:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में छात्र आवास की पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई होगी। याचिका में प्रत्येक मृत छात्र के परिवार को ₹1 ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली के सत्य निकेतन में छात्र आवास की पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई होगी। याचिका में प्रत्येक मृत छात्र के परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा, दिल्लीभर के पीजी और छात्रावासों का सुरक्षा ऑडिट तथा हादसे की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।</span></p><p>दिल्ली विश्वविद्यालय के कानून के छात्र अनिकेत कुमार गुप्ता ने अधिवक्ता उमेश कुमार के माध्यम से यह याचिका दायर की है। इसमें दिल्ली सरकार और संबंधित अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">याचिका में छात्रों के जीवन और सुरक्षा को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार बताते हुए हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की गई है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;[BREAKING] Satya Niketan building collapse: PIL filed before Delhi HC for ₹1 cr compensation to kin, audit of all hostels&lt;br&gt;&lt;br&gt;report by &lt;a href="https://x.com/prashantjha996?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@prashantjha996&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/kP7j0a0Z55"&gt;https://t.co/kP7j0a0Z55&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Bar and Bench (@barandbench) &lt;a href="https://x.com/barandbench/status/2096839254060171425?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 7, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>मालिक से लेकर ठेकेदार तक की भूमिका की जांच की मांग</b></h5><p>याचिका में भवन गिरने की निष्पक्ष और व्यापक आपराधिक जांच कराने की मांग की गई है। इसमें भवन मालिक, ठेकेदार, बिल्डर, वास्तुकार, संरचनात्मक इंजीनियर और मरम्मत या निर्माण कार्य से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग शामिल है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">याचिकाकर्ता ने एक स्वतंत्र समिति गठित करने की भी मांग की है, जो यह पता लगाए कि इमारत स्वीकृत नक्शे और संरचनात्मक सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं।</span></p><p>इसके अलावा यह जांच भी प्रस्तावित है कि क्या भवन में अनधिकृत निर्माण, अतिरिक्त मंजिल, खुदाई या भार वहन करने वाली संरचनाओं में बदलाव किया गया था और क्या हादसे से ठीक पहले चल रहा मरम्मत या नवीनीकरण कार्य इसके लिए जिम्मेदार था। हालिया रिपोर्टों में भी बेसमेंट में चल रहे काम और कथित निर्माण संबंधी अनियमितताओं पर सवाल उठे हैं।</p><h5 class=""><b>दिल्ली के सभी छात्र आवासों का सुरक्षा ऑडिट</b></h5><p>PIL में पहले सत्य निकेतन के सभी पीजी, हॉस्टल और छात्र आवासों का तत्काल संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की गई है। इसके बाद दिल्ली के अन्य प्रमुख छात्र क्षेत्रों में भी ऐसी जांच कराने का प्रस्ताव है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इन क्षेत्रों में विजय नगर, कमला नगर, मुखर्जी नगर, गांधी विहार, नेहरू विहार, हडसन लेन, गुरमंडी, करोल बाग, ओल्ड राजेंद्र नगर और लक्ष्मी नगर शामिल हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">याचिका में मांग की गई है कि जिन इमारतों से मानव जीवन को तत्काल खतरा है, उन्हें खाली कराया जाए या उनके इस्तेमाल पर रोक लगाई जाए। साथ ही प्रभावित छात्रों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक आवास की व्यवस्था भी की जाए।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;A petition has been filed in the Delhi High Court seeking an independent judicial inquiry into the Satya Niketan building collapse. The petition demands immediate medical care and rehabilitation for affected students, compensation for victims, and safe rehabilitation for…&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2096846953699066002?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 7, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>निरीक्षण की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग</b></h5><p>याचिका में दिल्ली सरकार से पीजी और हॉस्टल की जांच से जुड़ा एक सार्वजनिक डेटाबेस तैयार करने की मांग भी की गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसमें किसी आवास की निरीक्षण स्थिति, संरचनात्मक सुरक्षा प्रमाणपत्र और भवन के स्वीकृत उपयोग की जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही गई है, ताकि छात्र और उनके अभिभावक आवास लेने से पहले उसकी सुरक्षा स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकें।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem; color: inherit; font-family: inherit;">याचिका में प्रत्येक मृत छात्र के परिजन को ₹1 करोड़ का मुआवजा देने की मांग की गई है। इसके अलावा हादसे में घायल लोगों के लिए उचित मुआवजे और दिव्यांगता झेलने वाले छात्रों के लिए नौकरी की सुरक्षा जैसे राहत उपायों की भी मांग की गई है।</span></p><h5 class=""><b>सबूत सुरक्षित रखने की मांग</b></h5><p>याचिकाकर्ता ने हादसे से जुड़े महत्वपूर्ण भौतिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है। इनमें मलबा, स्वीकृत भवन नक्शे, नगर निगम रिकॉर्ड, संरचनात्मक स्थिरता प्रमाणपत्र, निरीक्षण रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और मरम्मत या निर्माण कार्य से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">याचिका में वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच के जरिए इमारत गिरने का वास्तविक कारण निर्धारित करने पर भी जोर दिया गया है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना से जुड़ी एक PIL को तुरंत सुनवाई के लिए लिस्ट करने की मंज़ूरी दे दी। इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;STORY | Delhi HC agrees to grant urgent hearing on PIL relating to Satya Niketan building collapse incident&lt;br&gt;&lt;br&gt;The Delhi High Court on Monday allowed urgent listing of a PIL relating to the building collapse incident in Satya Niketan here that left six people dead and several… &lt;a href="https://t.co/UNBLJAwZhV"&gt;pic.twitter.com/UNBLJAwZhV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2096848480669143245?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 7, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>आपातकालीन बचाव व्यवस्था मजबूत करने की मांग</b></h5><p>PIL में घनी आबादी वाले छात्र आवास क्षेत्रों के लिए समयबद्ध आपातकालीन प्रतिक्रिया और बचाव प्रोटोकॉल बनाने की मांग की गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके तहत भवन हादसे की स्थिति में दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, एंबुलेंस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच तत्काल समन्वय सुनिश्चित करने की मांग की गई है।</span></p><h5 class=""><b>सत्य निकेतन हादसे में हुई कई लोगों की मौत</b></h5><p>सत्य निकेतन में पांच मंजिला छात्र पीजी की इमारत रविवार को ढह गई थी। हादसे में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। बचाव एजेंसियों ने मलबे से लोगों को सुरक्षित निकाला।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">घटना के बाद दिल्ली सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और भवन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एमसीडी ने भी क्षेत्र में अवैध बहुमंजिला निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सत्य निकेतन और आसपास के इलाकों में छात्र पीजी की सुरक्षा को लेकर पहले से उठ रहे सवालों के बीच यह PIL अब पूरे दिल्ली में छात्र आवासों की संरचनात्मक सुरक्षा की व्यापक जांच की मांग कर रही है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सत्य निकेतन हादसा: दिल्ली हाईकोर्ट में PIL, मृतक छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/satya-niketan-building-collapse-traffic-advisory-6204 ]]></guid><title><![CDATA[ सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी, इन रास्तों से बचने की अपील... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/satya-niketan-building-collapse-traffic-advisory-6204 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 07 Sep 2026 10:08:57 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन मार्केट में बहुमंजिला इमारत गिरने के बाद राजधानी में यातायात प्रभावित हो गया है। बचाव और राहत अभियान जारी रहने के बीच दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को एडवाइजर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन मार्केट में बहुमंजिला इमारत गिरने के बाद राजधानी में यातायात प्रभावित हो गया है। बचाव और राहत अभियान जारी रहने के बीच दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को एडवाइजरी जारी कर यात्रियों से कुछ प्रमुख मार्गों से बचने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की। हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक्स पर जारी एडवाइजरी में बताया कि सत्य निकेतन मार्केट में इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। इसके कारण सफदरजंग अस्पताल से धौला कुआं, रिंग रोड (RTR) और बेनिटो जुआरेज मार्ग की ओर यातायात प्रभावित है।</span></p><p>पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि संभव हो तो इन मार्गों से बचें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने को भी कहा गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने लोगों से हादसे वाली जगह के आसपास रुकने, वाहन खड़ा करने या भीड़ लगाने से बचने को कहा है, ताकि एंबुलेंस और बचाव वाहनों को बिना रुकावट रास्ता मिल सके।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;TRAFFIC ALERT | SATYA NIKETAN&lt;br&gt;&lt;br&gt;Following a building collapse at Satya Niketan Market, South Campus, rescue and relief operations are underway. Emergency teams are working at the spot.&lt;br&gt;&lt;br&gt;🚦 Traffic movement is affected on routes from:&lt;br&gt;* Safdarjung Hospital towards Dhaula Kuan&lt;br&gt;* RTR…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Delhi Traffic Police (@dtptraffic) &lt;a href="https://x.com/dtptraffic/status/2096800460460146926?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 7, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>छह लोगों की मौत, एक और व्यक्ति के दबे होने की आशंका</b></h5><p>सत्य निकेतन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। राहत और बचाव दलों ने मलबा हटाने के दौरान एक और शव बरामद किया। अब तक 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की संभावना को देखते हुए तलाशी अभियान जारी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अभी यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि मलबे में कोई और व्यक्ति मौजूद है या नहीं। उन्होंने एक अज्ञात मजदूर के अंदर फंसे होने की आशंका जताई, लेकिन कहा कि बचाव अभियान पूरा होने से पहले इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती।</span></p><h5 class=""><b>आसपास की इमारत भी बनी चुनौती</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i style=""><span style="font-size: 1rem;">मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा</span>&nbsp;के मुताबिक, हादसे वाली इमारत के पास मौजूद एक पुरानी इमारत की स्थिति भी बचाव अभियान के लिए चुनौती बनी हुई है। इसे पहले ही खाली कराया जा चुका है और इसे गिराने की योजना है, लेकिन फिलहाल उसकी अस्थिर स्थिति के कारण तत्काल कार्रवाई करना जोखिम भरा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) लगातार अभियान में जुटा है और मलबे के नीचे किसी और व्यक्ति की मौजूदगी की जांच की जा रही है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>बेसमेंट में चल रहे काम पर उठे सवाल</b></h5><p>प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे से पहले इमारत के बेसमेंट में निर्माण या मरम्मत से जुड़ा काम चल रहा था। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इसी दौरान संरचनात्मक बदलाव के कारण इमारत की स्थिरता प्रभावित हुई हो सकती है। हालांकि हादसे के अंतिम कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">रिपोर्टों के अनुसार, यह इमारत छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) आवास के रूप में इस्तेमाल हो रही थी। हादसे के बाद दिल्ली में छात्र आवासों, पुराने भवनों और निर्माण सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।</span></p><h5 class=""><b>MCD ने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के दिए निर्देश</b></h5><p>हादसे के बाद नगर निगम ने अवैध रूप से निर्मित चार से अधिक मंजिल वाली इमारतों को सील करने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने निर्माण नियमों के उल्लंघन की जांच और जिम्मेदारी तय करने की बात कही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सत्य निकेतन जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र और किरायेदार रहते हैं। ऐसे में इस हादसे ने भवन सुरक्षा, पीजी आवासों की निगरानी और निर्माण नियमों के प्रभावी पालन पर नए सिरे से चिंता बढ़ा दी है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी, इन रास्तों से बचने की अपील... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/satya-niketan-collapse-amit-shah-6202 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली बिल्डिंग हादसे पर अमित शाह ने लिया अपडेट, घायलों को हरसंभव मेडिकल मदद का भरोसा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/satya-niketan-collapse-amit-shah-6202 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 06 Sep 2026 19:06:13 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को इमारत ढहने की घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बातचीत की और मौके की स्थिति का जायजा  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को इमारत ढहने की घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बातचीत की और मौके की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए घायलों को हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।</span></p><p>अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री, दिल्ली पुलिस आयुक्त और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के महानिदेशक से बातचीत कर घटनास्थल की स्थिति की जानकारी ली।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Deeply distressed by the collapse of a building at Satya Niketan in Delhi. Spoke with the Chief Minister, Commissioner of Police, Delhi, and the Director General, NDRF, and assessed the situation on the ground. The local administration and the NDRF are conducting intensive rescue…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Amit Shah (@AmitShah) &lt;a href="https://x.com/AmitShah/status/2096574135979630701?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>गृह मंत्री ने की&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना</span></b><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></h5><p>गृह मंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और NDRF की टीमें आपसी समन्वय के साथ व्यापक राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। उन्होंने घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता दिए जाने की जानकारी देते हुए सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।</p><h5 class=""><b>तलाशी और बचाव अभियान जारी है</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>दिल्ली पुलिस के अनुसार, इमारत ढहने के बाद अब तक छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। हालांकि, मलबे में अभी और लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी और बचाव अभियान जारी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हादसे की सूचना रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली अग्निशमन विभाग को मिली थी। सूचना मिलते ही दमकलकर्मियों, पुलिसकर्मियों और आपदा राहत दलों को मौके पर भेजा गया।</span></i></b></p><h5 class=""><b>CM रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का किया दौरा</b></h5><p>दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचीं और मौके की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने चल रहे तलाशी एवं बचाव अभियान की निगरानी की और अधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी ली।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;40-50 साल पुरानी इमारत ढही, 6 लोगों का रेस्क्यू, CM रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का किया दौरा...&lt;a href="https://x.com/hashtag/SatyaNiketan?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#SatyaNiketan&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/BuildingCollapse?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#BuildingCollapse&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Delhi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Delhi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/DelhiNews?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#DelhiNews&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/RekhaGupta?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#RekhaGupta&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/NDRF?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NDRF&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/RescueOperation?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#RescueOperation&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/GTCnews?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#GTCnews&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/GTCbharat?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#GTCbharat&lt;/a&gt;&lt;a href="https://t.co/T0Kl2rKVsG"&gt;https://t.co/T0Kl2rKVsG&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; GTC Bharat (@gtcbharatonline) &lt;a href="https://x.com/gtcbharatonline/status/2096589228855758948?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>कई एजेंसियां राहत-बचाव अभियान में जुटीं</b></h5><p>घटनास्थल पर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), NDRF, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, नगर निगम दिल्ली (MCD), केंद्रीयकृत दुर्घटना एवं ट्रॉमा सेवाएं (CATS) और सिविल डिफेंस की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।</p><p>सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की इमारतों को लेकर भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।</p><h5 class=""><b>40-50 साल पुरानी थी इमारत</b></h5><p>पुलिस की स्थानीय जांच के मुताबिक, ढही इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें बेसमेंट के अलावा पांच ऊपरी मंजिलें थीं और इसका इस्तेमाल पीजी आवास के तौर पर किया जा रहा था।<span style="font-size: 1rem;">पुलिस के अनुसार, हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान इमारत ढह गई। घटना के कारणों की विस्तृत जांच अभी जारी है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली बिल्डिंग हादसे पर अमित शाह ने लिया अपडेट, घायलों को हरसंभव मेडिकल मदद का भरोसा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/satya-niketan-building-collapse-rescue-6201 ]]></guid><title><![CDATA[ 40-50 साल पुरानी इमारत ढही, 6 लोगों का रेस्क्यू, CM रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का किया दौरा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/satya-niketan-building-collapse-rescue-6201 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 06 Sep 2026 18:35:50 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक इमारत के ढहने से हड़कंप मच गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद अब तक छह लोगों को मलबे से सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया ग ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक इमारत के ढहने से हड़कंप मच गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद अब तक छह लोगों को मलबे से सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। घटनास्थल पर बचाव और तलाशी अभियान लगातार जारी है।</span></p><p>दिल्ली पुलिस ने बताया कि स्थानीय जांच में सामने आया है कि ढही इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें बेसमेंट के अलावा पांच ऊपरी मंजिलें थीं और इसका इस्तेमाल पीजी आवास के रूप में किया जा रहा था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस के मुताबिक, हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान इमारत ढह गई। हादसे के बाद राहत एवं बचाव दलों ने तुरंत अभियान शुरू किया।</span></p><h5 class=""><b>छह लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया</b></h5><p>दिल्ली पुलिस ने बताया कि मलबे से बाहर निकाले गए छह लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मलबे में और कितने लोग फंसे हुए हैं। <span style="font-size: 1rem;">पुलिस के अनुसार, तलाशी और बचाव अभियान जारी है और मलबे के भीतर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।</span></p><p>दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, सत्य निकेतन में इमारत गिरने से मलबे से एक और व्यक्ति को बचाया गया। अब तक मलबे से आठ लोगों को बचाया जा चुका है। बचाए गए आठ लोगों में से एक की मौत हो गई है।"</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi Fire Service: &amp;quot;One more person was rescued from the debris of the building collapse in Satya Niketan. So far, eight people have been rescued from the debris. Of the eight rescued, one person has died.&amp;quot;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2096585341125996889?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>CM रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का किया दौरा</b></h5><p>हादसे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi Chief Minister Rekha Gupta oversees the rescue operations ongoing at the building collapse site in Satya Niketan. &lt;a href="https://t.co/tiJUJb1ujp"&gt;https://t.co/tiJUJb1ujp&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/ZQnfZ5uSVy"&gt;pic.twitter.com/ZQnfZ5uSVy&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2096575394715770906?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>कई एजेंसियां राहत-बचाव अभियान में जुटीं</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, नगर निगम दिल्ली (MCD), केंद्रीयकृत दुर्घटना एवं ट्रॉमा सेवाएं (CATS) और सिविल डिफेंस की टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।</p><p>सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल से सटी इमारत को भी खाली करा लिया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।</p><h5 class=""><b>मुख्यमंत्री ने जताई चिंता</b></h5><p>मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर हादसे को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान युद्धस्तर पर चल रहा है और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान जारी है और अधिकारियों की ओर से मलबे में फंसे लोगों तथा घायलों को लेकर आगे की जानकारी जुटाई जा रही है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 40-50 साल पुरानी इमारत ढही, 6 लोगों का रेस्क्यू, CM रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का किया दौरा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/nishu-azad-house-stone-pelting-6197 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘अगर हमारे साथ कुछ हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा?’ निशु आजाद ने घर पर पथराव का लगाया आरोप ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/nishu-azad-house-stone-pelting-6197 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 06 Sep 2026 17:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: छात्र प्रदर्शनकारी निशु आजाद ने आरोप लगाया है कि उनके घर पर कुछ लोगों ने पथराव किया। निशु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई वीडियो साझा कर दावा किया कि उनके घर की खिड़कियों और बालकनी पर पत् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> छात्र प्रदर्शनकारी निशु आजाद ने आरोप लगाया है कि उनके घर पर कुछ लोगों ने पथराव किया। निशु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई वीडियो साझा कर दावा किया कि उनके घर की खिड़कियों और बालकनी पर पत्थर फेंके गए। उन्होंने घटना के बाद अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।</span></p><p>निशु आजाद ने X पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, “अगर आज रात हमारे साथ कुछ होता है, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा?”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वीडियो में निशु ने दावा किया कि पत्थर उनकी रसोई की खिड़कियों के शीशे तोड़ते हुए अंदर तक आ गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके घर की बालकनी पर भी पत्थर फेंके गए।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;I respectfully request the police authorities to kindly provide necessary security, as I have genuine concerns for my safety. Your prompt assistance would be greatly appreciated.&lt;a href="https://x.com/ghaziabadpolice?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ghaziabadpolice&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/DelhiPolice?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@DelhiPolice&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/0g9oBaDNcF"&gt;pic.twitter.com/0g9oBaDNcF&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Nishu Aazad (@Nishuazad11) &lt;a href="https://x.com/Nishuazad11/status/2096266721741132018?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>पिता पर हमले के मामले में आरोपी को न्यायिक हिरासत</b></h5><p>निशु के मुताबिक, उनकी बहन ने कुछ लोगों को कथित तौर पर पथराव करने के बाद मौके से भागते हुए सुना। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यह घटनाक्रम उस मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में भेजे जाने के बाद सामने आया है, जो जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता पर कथित हमले से जुड़ा है।</span></p><p>दिल्ली पुलिस ने शनिवार को स्वतंत्र भारद्वाज को इस मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। रविवार को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।</p><h5 class=""><b>गिरफ्तारी की मांग को लेकर बढ़ा था दबाव</b></h5><p class="blue-bg-white"><b><i>स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधियों, समर्थकों और विपक्षी नेताओं ने पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बनाया था। शुक्रवार को CJP समर्थक और राजनीतिक नेता कार्रवाई की मांग को लेकर संसद मार्ग पुलिस थाने भी पहुंचे थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके बाद मामले में पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराओं को लेकर भी स्थिति आगे बढ़ी।</span></i></b></p><h5 class=""><b>FIR में SC/ST एक्ट और धमकी की धारा जोड़ी गई</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>पुलिस ने मौजूदा FIR में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Prevention of Atrocities Act) की धाराएं भी जोड़ी हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(3) भी जोड़ी गई है, जो मौत की धमकी से जुड़ी आपराधिक धमकी के प्रावधान से संबंधित है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>निशु को धमकी और उत्पीड़न को लेकर अलग POCSO मामला</b></h5><p>निशु आजाद को कथित तौर पर धमकी और उत्पीड़न से जुड़े आरोपों के बाद एक अलग POCSO मामला भी दर्ज किया गया है। निशु नाबालिग हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">फिलहाल उनके घर पर कथित पथराव के मामले में जांच और घटनाक्रम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पथराव किसने किया और इसके पीछे क्या वजह थी।</span></p><p>निशु द्वारा साझा किए गए वीडियो के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस बीच, मामले से जुड़े सभी पक्षों की ओर से आगे की कार्रवाई और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘अगर हमारे साथ कुछ हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा?’ निशु आजाद ने घर पर पथराव का लगाया आरोप ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-satya-niketan-building-collapse-6196 ]]></guid><title><![CDATA[ साउथ-वेस्ट दिल्ली में बिल्डिंग गिरी, JCB से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी; 2 लोगों को बचाया गया ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-satya-niketan-building-collapse-6196 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 06 Sep 2026 16:10:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, 6 सितंबर: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन के पास रविवार को एक इमारत के अचानक ढह जाने से हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन विभाग और अन्य आपातकालीन दल मौके पर पहुंचे  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, 6 सितंबर: </b>दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन के पास रविवार को एक इमारत के अचानक ढह जाने से हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन विभाग और अन्य आपातकालीन दल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। अब तक दो लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।</span></p><p>दिल्ली पुलिस के मुताबिक, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे के समय इमारत के अंदर कितने लोग मौजूद थे। न तो फंसे हुए लोगों की सही संख्या की पुष्टि हो पाई है और न ही घायलों की संख्या स्पष्ट है। राहत एवं बचाव दल लगातार मलबे की जांच कर रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बचाव अभियान में JCB मशीनों की मदद ली जा रही है, ताकि मलबे को सावधानीपूर्वक हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश की जा सके। घटनास्थल पर सुरक्षा और राहत कार्य जारी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi: JCB machines carry out rescue operations at the site of a building collapse near Satya Niketan in South-West Delhi. More details are awaited.&lt;br&gt;&lt;br&gt;As per Delhi Police, the exact number of persons trapped/injured is not known at present. 2 persons have been rescued so… &lt;a href="https://t.co/uyeYUxqNPK"&gt;pic.twitter.com/uyeYUxqNPK&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2096536316792262734?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>करीब 1:30 बजे मिली हादसे की सूचना</b></h5><p>पुलिस के अनुसार, दिल्ली अग्निशमन विभाग को रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही आपातकालीन कर्मचारियों और बचाव टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।</p><p>टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मलबे में संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश शुरू की। अधिकारियों की ओर से अभी हादसे में इमारत गिरने के कारणों या भवन की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Delhi: Two individuals have been rescued from the debris after a building collapsed in the Satya Niketan area; search and rescue operations underway.&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Full video available on PTI Videos - &lt;a href="https://t.co/d8jp61yd2p"&gt;https://t.co/d8jp61yd2p&lt;/a&gt;) &lt;a href="https://t.co/VKypZDGsza"&gt;pic.twitter.com/VKypZDGsza&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2096540097701392684?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने जताया दुख</b></h5><p>हादसे पर कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त (Abhishek Dutt) ने दुख जताते हुए सरकार से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को तत्काल मदद उपलब्ध कराने की अपील की।</p><p>उन्होंने कहा कि चुनाव से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि बच्चों की जान न जाए और दिल्ली में इस तरह इमारतें न गिरें। दत्त ने हादसे में जान गंवाने वालों की संभावित क्षति को बेहद दुखद बताते हुए सरकार से पीड़ित परिवारों की मदद करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों की मदद करना होनी चाहिए।</span></p><h5 class=""><b>बचाव अभियान जारी, विस्तृत जानकारी का इंतजार</b></h5><p>फिलहाल घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान जारी है। पुलिस, अग्निशमन विभाग और बचाव दल मलबे को हटाकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं कोई व्यक्ति अंदर फंसा तो नहीं है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं या कितने लोग मलबे में फंसे हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही सामने आ सकेगी। प्रशासन की ओर से आगे की जानकारी का इंतजार है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi: On the building collapse near Satya Niketan in South-West Delhi, an eyewitness says, &amp;quot;I have a shop nearby. We were sitting inside it when we suddenly heard a sound—like the rumble of an earthquake. We rushed out immediately; there was a lot of smoke and dust… &lt;a href="https://t.co/hGwQuo5IZK"&gt;pic.twitter.com/hGwQuo5IZK&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2096529010901565821?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ साउथ-वेस्ट दिल्ली में बिल्डिंग गिरी, JCB से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी; 2 लोगों को बचाया गया ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/swatantra-bhardwaj-police-custody-6178 ]]></guid><title><![CDATA[ स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत, मारपीट मामले में हुई पेशी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/swatantra-bhardwaj-police-custody-6178 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 05 Sep 2026 16:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: स्वतंत्र भारद्वाज को कथित मारपीट के मामले में शनिवार को कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में संबंधित न्यायाधीश के सामने पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। दिल्ली  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> स्वतंत्र भारद्वाज को कथित मारपीट के मामले में शनिवार को कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में संबंधित न्यायाधीश के सामने पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था।</span></p><p>पुलिस के अनुसार, यह मामला जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से आयोजित प्रदर्शन के दौरान हुई कथित मारपीट से जुड़ा है। आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद (Nishu Azad) के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की थी।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Swatantra Bhardwaj sent to one-day police custody in alleged assault case&lt;a href="https://x.com/hashtag/swatantrabhardwaj?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#swatantrabhardwaj&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/custody?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#custody&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/assault?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#assault&lt;/a&gt; &lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story|&lt;a href="https://t.co/LbT8E7C70J"&gt;https://t.co/LbT8E7C70J&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/kzb7uhTdtP"&gt;pic.twitter.com/kzb7uhTdtP&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2096177589010452888?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो क्लिप वायरल</b></h5><p>मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो क्लिप भी वायरल हुई, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। वायरल क्लिप में भारद्वाज कथित तौर पर यह कहते सुनाई दिए कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार की “खोपड़ी फोड़ दी” थी और राजनीतिक संबंधों के कारण जेल नहीं गए।</p><p>हालांकि, भारद्वाज ने बाद में इन आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया था कि उन्होंने संजय कुमार पर हमला नहीं किया, बल्कि प्रदर्शनकारियों के एक समूह से घिर जाने के बाद आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी।</p><h5 class=""><b>POCSO एक्ट के तहत नई FIR</b></h5><p>दिल्ली पुलिस ने बताया कि भारद्वाज के खिलाफ एक नाबालिग पीड़ित की शिकायत के आधार पर पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत एक नई प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। वहीं, पहले से दर्ज मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।</p><p>वीडियो सामने आने के बाद CJP ने भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी थी। शुक्रवार को संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया था।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi | On one-day Police custody of Swatantra Bhardwaj, Rishav Ranjan, counsel for Nishu Azad, says, &amp;quot;It is very strange. We were all present in the Court and waiting for the hearing to begin. Later, we came to know that legal aid counsel joined through video… &lt;a href="https://t.co/dgA29zsR1j"&gt;pic.twitter.com/dgA29zsR1j&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2096161754523083241?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>एलजेपी (राम विलास) ने राजनीतिक संरक्षण के आरोप से किया किनारा</b></h5><p>इस मामले में लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने भी स्वतंत्र भारद्वाज से दूरी बना ली है। पार्टी ने आरोप लगाया कि भारद्वाज ने राजनीतिक संरक्षण का दावा करने के लिए केंद्रीय मंत्री और पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) का नाम कथित तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल किया।</p><p>पार्टी ने पुलिस से भारद्वाज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले में यह रिकॉर्ड पर रखने की मांग की कि एलजेपी (राम विलास) का इस घटना से कोई संबंध नहीं है। पार्टी ने पुलिस से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत, मारपीट मामले में हुई पेशी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-ncr-rain-waterlogging-weather-alert-6174 ]]></guid><title><![CDATA[ Delhi-NCR Weather: बारिश ने दिलाई उमस से राहत, कई इलाकों में जलभराव; गुरुग्राम भी प्रभावित ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-ncr-rain-waterlogging-weather-alert-6174 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 05 Sep 2026 12:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में शनिवार सुबह हुई ताजा बारिश ने उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत दी। राजधानी के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ीं। हालांकि, बारिश के बाद कई जगह ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली-NCR में शनिवार सुबह हुई ताजा बारिश ने उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत दी। राजधानी के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ीं। हालांकि, बारिश के बाद कई जगह जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली।</span></p><p>भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पालम, जाफरपुर, लोधी रोड, सफदरजंग और रिज समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हुई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुबह 8:30 बजे दिल्ली का तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने शनिवार को आसमान में सामान्य रूप से बादल छाए रहने और दिनभर मध्यम बारिश की संभावना जताई है।</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/09/Delhi-Rain-1_c469426c785f6b0110ae6952276d8376_1050X524.webp" style="width: 599.438px;"><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><h5 class=""><b>बारिश से कई इलाकों में जलभराव</b></h5><p>बारिश ने जहां लोगों को उमस से राहत दी, वहीं राजधानी के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या भी सामने आई। गीता कॉलोनी और अकबर रोड समेत कई इलाकों में बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिल्ली-NCR के अन्य हिस्सों में भी बारिश का असर दिखाई दिया। गुरुग्राम की कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/09/Delhi-Rain-2_348b08cd747d62168d0b0cb73ade5b69_1079X606.webp" style="width: 599.438px;"><br></p><h5 class=""><b>शुक्रवार की बारिश से IGI एयरपोर्ट पर भी असर</b></h5><p>इससे पहले शुक्रवार दोपहर दिल्ली में हुई भारी बारिश ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर भी परिचालन प्रभावित किया था। अहमदाबाद, मुंबई और पोर्ट ब्लेयर समेत कई शहरों से आने वाली घरेलू उड़ानों में खराब मौसम के कारण देरी हुई।</p><p>हवाई अड्डे के कुछ हिस्सों में भी बारिश का पानी जमा होने की सूचना सामने आई। एयरपोर्ट कर्मचारी गोविंदा पांडे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने परिसर में इस स्तर का जलभराव पहले कभी नहीं देखा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने जल निकासी व्यवस्था की जांच और समस्या के स्थायी समाधान की जरूरत पर जोर दिया, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न बने।</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/09/Delhi-Rain-3_25df6433a76bb2c18e1609231e6b0120_1100X620.webp" style="width: 599.438px;"><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><h5 class=""><b>राजस्थान में भी भारी बारिश का असर</b></h5><p>दिल्ली-NCR के अलावा राजस्थान के दौसा में लगातार दूसरे दिन भारी बारिश हुई। इससे प्रमुख सड़क मार्गों पर जलभराव हो गया और स्थानीय यातायात प्रभावित हुआ।</p><p>वहीं, धौलपुर में भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में शनिवार को अवकाश घोषित किया। हालांकि, शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को स्कूल पहुंचकर नियमित कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/09/Delhi-Rain-4_f5530a803cfb793495817f6253ce3512_1056X524.webp" style="width: 599.438px;"><br></p><h5 class=""><b>कई राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान</b></h5><p>मौसम विभाग ने 4 और 5 सितंबर को पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई थी। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 4 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान था।इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तराखंड में 4 से 10 सितंबर के बीच बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 सितंबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Delhi-NCR Weather: बारिश ने दिलाई उमस से राहत, कई इलाकों में जलभराव; गुरुग्राम भी प्रभावित ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/amit-shah-max-saket-400-bed-tower-6166 ]]></guid><title><![CDATA[ अमित शाह ने साकेत के मैक्स अस्पताल में नए 400 बेड वाले टावर का किया उद्घाटन, क्षमता बढ़कर हुई 1,200 बेड ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/amit-shah-max-saket-400-bed-tower-6166 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 03 Sep 2026 17:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में नए 400 बेड वाले टावर का उद्घाटन किया। इस विस्तार के साथ अस्पताल की कुल क्षमता लगभ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में नए 400 बेड वाले टावर का उद्घाटन किया। इस विस्तार के साथ अस्पताल की कुल क्षमता लगभग 1,200 बेड हो गई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुईं। दिल्ली के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, परिवहन और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री पंकज कुमार सिंह तथा दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।</span></p><p>नए टावर का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर और देश के अन्य हिस्सों से आने वाले मरीजों को उच्चस्तरीय तृतीयक और चतुर्थक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ाना है। मैक्स अस्पताल, साकेत में 22 से अधिक विशेषज्ञताओं के तहत तृतीयक और चतुर्थक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अस्पताल के विस्तार से गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Hon’ble Union Home Minister Shri &lt;a href="https://x.com/AmitShah?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@AmitShah&lt;/a&gt; inaugurated the Max Smart Super Speciality Hospital in Saket, with Chief Minister Smt. Rekha Gupta joining him on the occasion.&lt;br&gt;&lt;br&gt;The new facility is an important addition to Delhi’s healthcare landscape and will further strengthen access… &lt;a href="https://t.co/9hhsxg9kJV"&gt;pic.twitter.com/9hhsxg9kJV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CMO Delhi (@CMODelhi) &lt;a href="https://x.com/CMODelhi/status/2095440830802870564?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक से लैस है नया टावर</b></h5><p>नए परिसर में अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों को शामिल किया गया है। इनमें दा विंची शी सर्जिकल रोबोट (Da Vinci Xi Surgical Robot) और माको टोटल नी रिप्लेसमेंट रोबोट (Mako Total Knee Replacement Robot) प्रमुख हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इन तकनीकों की मदद से विभिन्न विशेषज्ञताओं में कम चीरा लगाने वाली और अधिक सटीक प्रक्रियाओं को सहायता मिलेगी।</span></p><h5 class=""><b>‘उन्नत और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने का लक्ष्य’</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अभय सोई ने कहा कि नया अत्याधुनिक परिसर आधुनिक तकनीक, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और भारतीय चिकित्सकीय प्रतिभा को एक साथ लाता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य भारत और दुनिया भर के लोगों को उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने इसे भारत में मजबूत और समावेशी स्वास्थ्य व्यवस्था के निर्माण तथा ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में योगदान बताया।</span></i></b></p><h5 class=""><b>पिछले वित्त वर्ष में 40 लाख से अधिक मरीजों का इलाज</b></h5><p class="blue-bg-white"><b><i>कंपनी के अनुसार, मैक्स हेल्थकेयर के एकीकृत स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तंत्र में 42,000 से अधिक कर्मचारी हैं। कंपनी का दावा है कि पिछले वर्ष उसने 3.60 लाख मरीजों को करीब 244 करोड़ रुपये मूल्य का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के माध्यम से 1.62 लाख विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रशिक्षण और पेशेवर सीखने के कार्यक्रमों से जोड़ा गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">कंपनी के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में मैक्स हेल्थकेयर समूह ने 800 से अधिक शहरों और 180 देशों से आए 40 लाख से ज्यादा मरीजों का उपचार किया।</span></i></b></p><h5 class=""><b>21 अस्पतालों में 6,100 से अधिक बेड</b></h5><p>मैक्स हेल्थकेयर के अनुसार, समूह देशभर में 21 स्वास्थ्य सुविधाओं का संचालन करता है, जिनमें 6,100 से अधिक बेड हैं। इसका प्रमुख विस्तार उत्तर भारत में है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">समूह की सुविधाओं में साकेत, पटपड़गंज, वैशाली, राजेंद्र प्लेस, द्वारका, नोएडा और शालीमार बाग के अस्पतालों के अलावा लखनऊ, मुंबई, नागपुर, मोहाली, बठिंडा, देहरादून और भुवनेश्वर की स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं।</span></p><p>इसके अलावा गुरुग्राम में एक सेकेंडरी केयर अस्पताल और दिल्ली-एनसीआर में नोएडा, लाजपत नगर तथा पंचशील पार्क में मेडिकल सेंटर संचालित किए जाते हैं। मोहाली और बठिंडा के अस्पताल पंजाब सरकार के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत संचालित होते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मैक्स हेल्थकेयर अस्पतालों के अलावा Max@Home के जरिए घर पर स्वास्थ्य एवं वेलनेस सेवाएं तथा Max Lab के माध्यम से जांच सेवाएं भी उपलब्ध कराता है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अमित शाह ने साकेत के मैक्स अस्पताल में नए 400 बेड वाले टावर का किया उद्घाटन, क्षमता बढ़कर हुई 1,200 बेड ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/raghav-chadha-voter-list-sanjeev-jha-eci-6152 ]]></guid><title><![CDATA[ राघव चड्ढा की वोटर लिस्ट पर घमासान, AAP विधायक ने चुनाव आयोग से पूछा- क्या नियम सबके लिए समान हैं? ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/raghav-chadha-voter-list-sanjeev-jha-eci-6152 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 03 Sep 2026 12:05:07 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्य सचेतक और बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने पंजाब की मतदाता सूची में BJP सांसद राघव चड्ढा के नाम से जुड़े विवाद को लेकर चुनाव आयोग (ECI) पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्य सचेतक और बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने पंजाब की मतदाता सूची में BJP सांसद राघव चड्ढा के नाम से जुड़े विवाद को लेकर चुनाव आयोग (ECI) पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आयोग से पूछा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संशोधन के नियम क्या सभी नागरिकों के लिए समान हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">संजीव झा ने गुरुवार को X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि आम नागरिकों, गरीबों और प्रवासियों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आयोग को राघव चड्ढा के मामले में अपनी स्थिति देश के सामने स्पष्ट करनी चाहिए।&nbsp;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">संजीव झा ने चुनाव आयोग से सवाल करते हुए कहा कि क्या मतदाता सूची में नाम जोड़ने के नियम सभी के लिए समान हैं या राजनीतिक प्रभाव रखने वाले लोगों के लिए कोई अलग व्यवस्था है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि जब आम नागरिक, गरीब और प्रवासी अपने नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो उनकी शिकायतों पर भी समान रूप से सुनवाई होनी चाहिए।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">झा ने कहा कि चुनाव आयोग को केवल निष्पक्षता दिखानी नहीं चाहिए, बल्कि उसे अपनी निष्पक्षता साबित भी करनी चाहिए। अगर राघव चड्ढा के मामले में कोई विशेष प्रक्रिया अपनाई जा रही है तो देश को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Raghav Chadha has been caught by a National Daily English Newspaper, trying to get his voter registration made in Delhi through a backdated process, and is now attempting to put the entire blame on the Aam Aadmi Party (AAP) and Punjab government.&lt;br&gt;&lt;br&gt;SIR is conducted by the Election… &lt;a href="https://t.co/RDXkoGkGeI"&gt;https://t.co/RDXkoGkGeI&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; AAP (@AamAadmiParty) &lt;a href="https://x.com/AamAadmiParty/status/2095346173968282001?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>राघव चड्ढा ने लगाया था ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ का आरोप</b></h5><p>इससे पहले BJP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पंजाब की मसौदा मतदाता सूची में अपना नाम ‘Shifted’ यानी स्थानांतरित के रूप में दर्ज किए जाने का आरोप लगाया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">चड्ढा ने कहा था कि वह पंजाब से मौजूदा राज्यसभा सांसद हैं और उनका वोटर आईडी मोहाली में पंजीकृत है, लेकिन मसौदा मतदाता सूची में उनके नाम को ‘Shifted’ के तौर पर वर्गीकृत किया गया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ का मामला बताते हुए पंजाब की AAP सरकार पर निशाना साधा था।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;STORY | Raghav Chadha claims his name marked &amp;#39;shifted&amp;#39; in Punjab draft rolls at AAP’s behest&lt;br&gt;&lt;br&gt;Rajya Sabha MP from Punjab Raghav Chadha on Thursday said that his name has been marked as “shifted” in the draft electoral rolls despite his voter ID being registered in Mohali,… &lt;a href="https://t.co/pL8noS7IvX"&gt;pic.twitter.com/pL8noS7IvX&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2095380500928143730?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>‘अभी अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित नहीं हुई’</b></h5><p>राघव चड्ढा ने यह भी स्पष्ट किया था कि यह फिलहाल मसौदा मतदाता सूची है और अंतिम मतदाता सूची अभी प्रकाशित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि चल रही दावे और आपत्ति (Claims and Objections) प्रक्रिया के दौरान नाम और अन्य विवरणों में सुधार कराया जा सकता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">चड्ढा के अनुसार, वह Special Intensive Revision (SIR) के तहत उपलब्ध कानूनी उपायों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर 2026 में प्रकाशित होगी।</span></p><h5 class=""><b>SIR के प्रावधान का भी दिया हवाला</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>राघव चड्ढा ने अपने बयान में ECI की SIR संबंधी विस्तृत गाइडलाइंस के पैराग्राफ 4(d) का हवाला दिया। उनका दावा है कि इसमें निर्वाचित जनप्रतिनिधियों सहित कुछ श्रेणियों के लोगों के नामों को लेकर विशेष प्रावधान है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मामले में इस प्रावधान का पालन नहीं किया गया। चड्ढा ने कहा कि पंजाब में AAP की सरकार हो सकती है, लेकिन राज्य की मसौदा मतदाता सूची किसी राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>AAP छोड़कर BJP में शामिल हुए थे चड्ढा</b></h5><p>राघव चड्ढा ने अप्रैल 2026 में AAP छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा था। इससे पहले उन्हें AAP की ओर से राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अब मतदाता सूची में उनके नाम को लेकर BJP और AAP के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, मामले में अंतिम स्थिति मतदाता सूची की प्रक्रिया पूरी होने और संबंधित चुनाव अधिकारियों के निर्णय के बाद स्पष्ट होगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ राघव चड्ढा की वोटर लिस्ट पर घमासान, AAP विधायक ने चुनाव आयोग से पूछा- क्या नियम सबके लिए समान हैं? ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/malviya-nagar-hotel-fire-chargesheet-6135 ]]></guid><title><![CDATA[ मालवीय नगर होटल अग्निकांड: 22 मौतों के मामले में होटल मालिक समेत 3 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/malviya-nagar-hotel-fire-chargesheet-6135 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 01 Sep 2026 18:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर के Flourish Hotel में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में होटल मालिक समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मंगलवार को साकेत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इस हादसे में 22 लोगों की ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर के <b>Flourish Hotel </b>में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में होटल मालिक समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मंगलवार को साकेत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इस हादसे में 22 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 13 विदेशी नागरिक शामिल थे।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">चार्जशीट ड्यूटी मजिस्ट्रेट अरीबा खान के समक्ष दाखिल की गई है। अदालत इस पर 3 सितंबर को विचार करेगी।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में होटल मालिक लोकेश बजाज, होटल के अकाउंटेंट बताए गए जय मिश्रा और कुक केसर नेगी को आरोपी बनाया गया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">पुलिस के अनुसार, जय मिश्रा को न्यायिक हिरासत से अदालत में पेश किया गया। वहीं लोकेश बजाज न्यायिक हिरासत में रहते हुए फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। तीसरे आरोपी केसर नेगी को अदालत से जमानत मिल चुकी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Malviya Nagar (Delhi) fire tragedy case | Delhi Police filed a charge sheet in Malviya Nagar Hotel fire Tragedy case.&lt;br&gt;&lt;br&gt;The charge sheet has been filed against three accused including hotel owner Lovkesh Bajaj and two others.&lt;br&gt;&lt;br&gt;On June 3, a fire broke out in a hotel in the Malviya…&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2094735571432186354?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 1, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>3 जून को हुआ था भीषण अग्निकांड</b></h5><p>3 जून को मालवीय नगर स्थित Flourish Hotel में आग लग गई थी। हादसे में 22 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मृतकों में बड़ी संख्या उन मरीजों के परिजनों और सहायकों की थी, जो पास के अस्पताल में इलाज करा रहे अपने रिश्तेदारों के साथ रहने के लिए होटल में ठहरे हुए थे।</span></p><h5 class=""><b>होटल मालिक पर BNS की कई धाराएं</b></h5><p class="blue-bg-white"><b><i>पुलिस ने होटल मालिक लोकेश बजाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं लगाई हैं। इनमें गैर-इरादतन हत्या से संबंधित धारा 105, आग से शरारत से संबंधित धारा 326 (g), संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी धारा 324(5), जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने से संबंधित धारा 125 और आग के साथ लापरवाहीपूर्ण आचरण से जुड़ी धारा 287 शामिल हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस की जांच हादसे की परिस्थितियों और कथित सुरक्षा एवं प्रशासनिक लापरवाहियों पर केंद्रित रही, जिन्हें हादसे में हुई मौतों से जोड़कर देखा जा रहा है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>जय मिश्रा ने किया था आत्मसमर्पण</b></h5><p>पुलिस के मुताबिक, होटल के अकाउंटेंट बताए गए जय मिश्रा ने 8 जून को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं कुक केसर नेगी को मामले में गिरफ्तार किया गया था और बाद में 27 जुलाई को साकेत कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">दिल्ली पुलिस की जांच पूरी होने के बाद अब चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी गई है। साकेत कोर्ट 3 सितंबर को चार्जशीट पर विचार करेगा। इसके बाद मामले में आरोप तय करने और आगे की न्यायिक प्रक्रिया को लेकर तस्वीर स्पष्ट होगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मालवीय नगर होटल अग्निकांड: 22 मौतों के मामले में होटल मालिक समेत 3 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sc-stays-fir-dehradun-gym-owner-6117 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘बाबा’ नाम को लेकर विवाद से SC तक पहुंचा मामला, जिम मालिक मोहम्मद दीपक को मिली राहत ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sc-stays-fir-dehradun-gym-owner-6117 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 31 Aug 2026 16:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देहरादून के जिम संचालक मोहम्मद दीपक कुमार के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (FIR) से जुड़ी कार्यवाही पर रोक लगा दी। दीपक कुमार उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने कथित तौर  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देहरादून के जिम संचालक मोहम्मद दीपक कुमार के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (FIR) से जुड़ी कार्यवाही पर रोक लगा दी। दीपक कुमार उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने कथित तौर पर एक मुस्लिम दुकानदार और बजरंग दल के सदस्यों के बीच हुए विवाद में हस्तक्षेप किया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस आदेश पर भी रोक लगा दी, जिसमें दीपक को घटना से संबंधित संदेश या वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से रोका गया था।</span></p><p>दीपक कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार किया गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है। इस दौरान FIR के आधार पर होने वाली आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी।</span></p><h5 class=""><b>'बाबा' शब्द को लेकर हुआ था विवाद</b></h5><p>दीपक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पीठ को बताया कि एक मुस्लिम दुकानदार की दुकान के नाम में 'बाबा' शब्द के इस्तेमाल को लेकर बजरंग दल के कुछ सदस्यों ने कथित तौर पर आपत्ति जताई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सिंघवी के अनुसार, दीपक कुमार दुकानदार की मदद के लिए वहां पहुंचे थे। बाद में समूह के सदस्यों ने दीपक से भी कथित तौर पर पूछताछ की और उनका नाम पूछा। वकील के मुताबिक, दीपक ने जवाब दिया, “मोहम्मद दीपक।”</span></p><p>सिंघवी ने कहा कि दीपक ने घटना के संबंध में शिकायतें भी दर्ज कराई थीं, लेकिन उनके मुताबिक उन शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई और इसके बजाय दीपक के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The Supreme Court has stayed proceedings arising from an FIR against Dehradun gym owner &amp;#39;Mohammed&amp;#39; Deepak Kumar, who had approached the court seeking quashing of the case over allegations stemming from a confrontation involving Bajrang Dal members and a Muslim shopkeeper.&lt;br&gt;Read… &lt;a href="https://t.co/APqJhFHpfl"&gt;pic.twitter.com/APqJhFHpfl&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Live Law (@LiveLawIndia) &lt;a href="https://x.com/LiveLawIndia/status/2094311758584488246?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 31, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>'गुड समैरिटन के खिलाफ शिकायत कैसे?'</b></h5><p>सुप्रीम कोर्ट में दलील देते हुए सिंघवी ने सवाल उठाया कि एक व्यक्ति जो कथित तौर पर किसी की मदद करने के लिए विवाद में हस्तक्षेप कर रहा था, उसके खिलाफ इस तरह की शिकायत कैसे दर्ज की जा सकती है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने घटना के वीडियो फुटेज का भी हवाला दिया और कहा कि वीडियो में घटनाक्रम कथित आरोपों से अलग दिखाई देता है। उन्होंने हाईकोर्ट द्वारा FIR रद्द करने से इनकार करने के आधार पर भी सवाल उठाया।</span></p><h5 class=""><b>दंगा संबंधी धारा बाद में हटाई गई</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>दीपक के वकील ने अदालत को बताया कि शुरुआत में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191 के तहत दंगा करने से संबंधित अपराध भी लगाया गया था। हालांकि, बाद में इस प्रावधान को हटा दिया गया क्योंकि इसके लिए आवश्यक तत्व कथित तौर पर स्थापित नहीं हो पाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आगे दलील दी कि दीपक के खिलाफ बची धाराओं में अधिकतम सजा सात वर्ष से कम है। ऐसे मामलों में गिरफ्तारी और जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा Arnesh Kumar मामले में निर्धारित सुरक्षा उपाय लागू होने चाहिए।</span></i></b></p><h5 class=""><b>सोशल मीडिया पर रोक को भी चुनौती</b></h5><p>दीपक की ओर से हाईकोर्ट के उस निर्देश को भी चुनौती दी गई, जिसके तहत उन्हें मामले से संबंधित संदेश या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने से रोका गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सिंघवी ने दलील दी कि यह निर्देश आवश्यकता से अधिक व्यापक है और उनके मुवक्किल पर प्रभावी रूप से एक तरह का व्यापक प्रतिबंध (blanket gag order) लगा देता है।</span></p><h5 class=""><b>सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश</b></h5><p>सुप्रीम कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी करते हुए फिलहाल FIR के आधार पर चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी। साथ ही उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के प्रभाव और संचालन पर भी रोक लगा दी गई, जिसमें सोशल मीडिया पोस्ट पर लगाई गई पाबंदी शामिल है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मामले में अब संबंधित अधिकारियों के जवाब के बाद सुप्रीम कोर्ट आगे की सुनवाई करेगा।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘बाबा’ नाम को लेकर विवाद से SC तक पहुंचा मामला, जिम मालिक मोहम्मद दीपक को मिली राहत ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-school-girl-death-teacher-punishment-6112 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली के स्कूल में 10 वर्षीय छात्रा की मौत, परिजनों ने शिक्षिका पर प्रताड़ना का लगाया आरोप ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-school-girl-death-teacher-punishment-6112 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 31 Aug 2026 15:35:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली के ईस्ट विनोद नगर स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में 10 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान मौत के बाद हंगामा हो गया। छात्रा के परिजनों ने एक शिक्षिका पर उसे किताब नहीं लाने के कारण कथित तौ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली के ईस्ट विनोद नगर स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में 10 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान मौत के बाद हंगामा हो गया। छात्रा के परिजनों ने एक शिक्षिका पर उसे किताब नहीं लाने के कारण कथित तौर पर प्रताड़ित और दंडित करने का गंभीर आरोप लगाया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">परिजनों का आरोप है कि छात्रा स्कूल में किताब नहीं लाई थी, जिसके बाद शिक्षिका ने उसे कथित तौर पर सजा दी। परिवार के मुताबिक, छात्रा को धूप में खड़ा रहने के लिए मजबूर किया गया।</span></p><p>परिजनों का दावा है कि इसके बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, छात्रा की मौत के वास्तविक कारण और शिक्षिका द्वारा कथित रूप से दिए गए दंड के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।</span></p><h5 class=""><b>स्कूल के बाहर परिजनों का प्रदर्शन</b></h5><p>घटना से नाराज छात्रा के रिश्तेदारों ने स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">परिजनों ने आरोप लगाया कि छात्रा के साथ स्कूल में जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi: A 10-year-old student of a Sarvodaya Kanya Vidyalaya in East Vinod Nagar died during treatment, with her family alleging that she was tortured and punished by a teacher for not bringing a book. The family claimed she was made to stand in the sun and later fell ill.… &lt;a href="https://t.co/KBz6fHETMX"&gt;pic.twitter.com/KBz6fHETMX&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2094331416352080109?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 31, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई</b></h5><p>छात्रा की मौत के बाद मामले में कई सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि स्कूल में छात्रा के साथ वास्तव में क्या हुआ, उसे किस तरह की सजा दी गई और उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद स्कूल प्रशासन ने क्या कदम उठाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय दस्तावेज, स्कूल से जुड़े रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान महत्वपूर्ण हो सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही छात्रा की मौत की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।</span></p><p>बच्चों को शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित करना गंभीर विषय है। स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार के दंडात्मक या हिंसक व्यवहार पर रोक लगाना बेहद जरूरी है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली के स्कूल में 10 वर्षीय छात्रा की मौत, परिजनों ने शिक्षिका पर प्रताड़ना का लगाया आरोप ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-16-year-old-girl-bus-gangrape-case-6111 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली में 16 वर्षीय छात्रा से चलती स्लीपर बस में कथित सामूहिक दुष्कर्म, ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-16-year-old-girl-bus-gangrape-case-6111 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 31 Aug 2026 14:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में 16 वर्षीय कक्षा 11 की छात्रा के साथ चलती स्लीपर बस में कथित सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, घटना 4 अगस्त की रात की है। मामले में बस चालक कुल ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली-एनसीआर में 16 वर्षीय कक्षा 11 की छात्रा के साथ चलती स्लीपर बस में कथित सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, घटना 4 अगस्त की रात की है। मामले में बस चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया गया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस को जब्त कर लिया है और उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। मामले की जांच के दौरान बस के रूट से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।</span></p><p>पुलिस के मुताबिक, छात्रा उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली है और नोएडा में अपनी रिश्तेदार से मिलने जा रही थी। भारी बारिश और अंधेरे के बीच वह गलती से ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर उतर गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहां से आगे जाने के लिए वाहन की तलाश के दौरान उसने एक खाली स्लीपर बस को रुकने का संकेत दिया। पुलिस के अनुसार, बस चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप ने उसे बताया कि बस नोएडा सेक्टर-63 की ओर जा रही है और उसे वहां छोड़ने की बात कही।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;STORY | Delhi: 16-year-old girl gang-raped inside bus; driver, conductor held&lt;br&gt;&lt;br&gt;A 16-year-old Class 11 student was allegedly gang-raped inside a sleeper bus in Delhi&amp;#39;s Kashmere Gate area, following which police arrested the driver and conductor, police sources said.&lt;br&gt;&lt;br&gt;The incident… &lt;a href="https://t.co/8BEeuVw7lk"&gt;pic.twitter.com/8BEeuVw7lk&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2094304689315852290?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 31, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>बस के अंदर कथित तौर पर हुआ अपराध</b></h5><p>पुलिस के अनुसार, छात्रा ने आरोप लगाया कि बस चलने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने उसके साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू किया। इसके बाद चालक और कंडक्टर ने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस के मुताबिक, बस परी चौक से कश्मीरी गेट की ओर करीब 47 किलोमीटर चली। बाद में आरोपियों ने छात्रा को रिंग रोड पर कश्मीरी गेट आईएसबीटी के पास छोड़ दिया और वहां से फरार हो गए।</span></p><h5 class=""><b>कश्मीरी गेट थाने पहुंची छात्रा</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>घटना के बाद छात्रा कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन पहुंची और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने दोनों आरोपियों को उत्तर दिल्ली के तिमारपुर स्थित एक पार्किंग क्षेत्र से गिरफ्तार किया। एक आरोपी संदीप की उम्र 29 वर्ष बताई गई है और पुलिस के अनुसार उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>मरम्मत के बाद खाली बस लेकर लौट रहे थे आरोपी</b></h5><p>जांच में सामने आया कि बस में पहले खराबी आ गई थी और उसे ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित एक वर्कशॉप में मरम्मत के लिए ले जाया गया था। मरम्मत के बाद चालक और कंडक्टर खाली बस को तिमारपुर की ओर ले जा रहे थे, इसी दौरान परी चौक के पास उनकी मुलाकात छात्रा से हुई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने बताया कि स्लीपर बस में बर्थ के आसपास पर्दे लगे थे, जिससे अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई नहीं दे रही थीं। बस को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है।</span></p><h5 class=""><b>पुलिस जुटा रही साक्ष्य</b></h5><p>पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ बस की फॉरेंसिक जांच और घटनाक्रम से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नाबालिग पीड़िता की पहचान कानून के तहत गोपनीय रखी गई है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली में 16 वर्षीय छात्रा से चलती स्लीपर बस में कथित सामूहिक दुष्कर्म, ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/haldwani-purification-row-priyanka-gandhi-6097 ]]></guid><title><![CDATA[ हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर प्रियंका गांधी का सवाल- ‘सरकार कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?’ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/haldwani-purification-row-priyanka-gandhi-6097 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 30 Aug 2026 18:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) की रैली के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर एक बार फिर FIR दर् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">नई दिल्ली: </b><span style="font-size: 1rem;">कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) की रैली के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर एक बार फिर FIR दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने इस घटना को संविधान और SC/ST Act का उल्लंघन बताते हुए सरकार पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया।</span></p><p>प्रियंका गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;आरोप लगाया कि खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद BJP-RSS से जुड़े लोगों ने मंच का कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किया। उन्होंने इसे ‘बेहद निंदनीय और शर्मनाक मानसिकता’ का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह संविधान और SC/ST Act का गंभीर उल्लंघन है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&amp;quot;What&amp;#39;s reason for no action by govt&amp;quot;: Priyanka Gandhi reiterates demand for FIR amid Haldwani rally &amp;quot;purification&amp;quot; row&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/Nos2DOj6jU"&gt;https://t.co/Nos2DOj6jU&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/PriyankaGandhi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#PriyankaGandhi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/haldwani?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#haldwani&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Khargrally?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Khargrally&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/PurificationRitual?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#PurificationRitual&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/FDM6pXeekn"&gt;pic.twitter.com/FDM6pXeekn&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2094036708312695195?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>‘20 दिन बीत गए, कार्रवाई क्यों नहीं?’</b></h5><p>कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि घटना के करीब 20 दिन बीत जाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि यदि सरकार संविधान का सम्मान करती है तो उत्तराखंड में कथित ‘शुद्धिकरण’ करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कर SC/ST Act के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।</p><h5 class=""><b>राहुल गांधी भी उठा चुके हैं FIR का मुद्दा</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>इससे पहले कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी शनिवार को इस मुद्दे पर सरकार को घेरा था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राहुल गांधी ने कहा था कि कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना SC/ST Act का उल्लंघन है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दावे पर भी सवाल उठाया कि वह सभी जातियों और पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं।</span></i></b></p><h5 class=""><b>खड़गे ने राज्यसभा में उठाया था मुद्दा</b></h5><p>यह विवाद तब सामने आया जब मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में आरोप लगाया कि 8 अगस्त को हल्द्वानी में उनकी कांग्रेस रैली के बाद कार्यक्रम स्थल का कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किया गया था।<span style="font-size: 1rem;">यह रैली उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत आयोजित की गई थी। घटना के बाद खड़गे ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।</span></p><h5 class=""><b>BJP ने खारिज किया जातिगत एंगल</b></h5><p>वहीं, BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के आरोपों को लेकर अलग रुख रखा। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ से संबंधित वीडियो में जातिगत कोण होने से इनकार किया।</p><p>त्रिवेदी ने कांग्रेस पर हिंदू समाज में विभाजन पैदा करने के लिए बार-बार जाति और अन्य मुद्दों को उठाने का आरोप लगाया। इस तरह हल्द्वानी का कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब कांग्रेस और BJP के बीच राजनीतिक टकराव का मुद्दा बन गया है, जिसमें कांग्रेस FIR और SC/ST Act के तहत कार्रवाई की मांग कर रही है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर प्रियंका गांधी का सवाल- ‘सरकार कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?’ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-riots-case-umar-khalid-sharjeel-imam-bail-6059 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली दंगा मामला: उमर खालिद और शरजील इमाम की नई जमानत याचिका का पुलिस ने किया विरोध ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-riots-case-umar-khalid-sharjeel-imam-bail-6059 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 27 Aug 2026 13:35:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2020 के दिल्ली दंगा मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की नई जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट से इन्हें खारिज करने की मांग की है। पुलिस का कहना है  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2020 के दिल्ली दंगा मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की नई जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट से इन्हें खारिज करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों ने जमानत के लिए दोबारा अदालत का रुख उस समय से पहले किया है, जो सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया था।</span></p><p>राज्य ने इन नई जमानत अपीलों को <b>“भ्रामक और कानूनन असंगत”</b> बताते हुए कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के 5 जनवरी 2026 के फैसले के निर्देशों को दरकिनार करने का प्रयास है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिल्ली पुलिस ने अपने जवाब में गुलफिशा फातिमा बनाम राज्य (एनसीटी ऑफ दिल्ली) मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया। पुलिस के अनुसार, शीर्ष अदालत ने उमर खालिद और शरजील इमाम को दोबारा जमानत याचिका दाखिल करने के लिए एक निश्चित चरण तय किया था।</span></p><h5 class=""><b>‘मास्टरमाइंड’ की भूमिका से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के निष्कर्ष का हवाला</b></h5><p>सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, दोनों आरोपी संरक्षित गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद या 5 जनवरी 2026 से एक वर्ष पूरा होने पर, इनमें से जो भी पहले हो, जमानत के लिए दोबारा आवेदन कर सकते थे। <span style="font-size: 1rem;">पुलिस का तर्क है कि मौजूदा जमानत अपील इन दोनों में से किसी भी शर्त के पूरा होने से पहले दायर की गई है और इसलिए यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है।</span></p><p>दिल्ली पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट की उन टिप्पणियों का भी उल्लेख किया है, जिनमें अभियोजन पक्ष के अनुसार उमर खालिद और शरजील इमाम की कथित भूमिका को साजिश के “मास्टरमाइंड” के रूप में देखा गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राज्य के जवाब के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश सामग्री में डिजिटल कम्युनिकेशन ट्रेल, बरामदगी और गवाहों के बयान जैसे साक्ष्यों का उल्लेख था। पुलिस ने कहा कि शीर्ष अदालत ने प्रथम दृष्टया दोनों की कथित भूमिका को योजना बनाने, लोगों को संगठित करने और रणनीतिक दिशा देने से जुड़ा माना था।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/BREAKING?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#BREAKING&lt;/a&gt;: Delhi Police has opposed the bail pleas of Umar Khalid and Sharjeel Imam in the Delhi riots conspiracy case, calling them alleged masterminds with key roles in planning and mobilisation. Police argued their fresh pleas are premature &lt;a href="https://t.co/AjMVA6Yzt8"&gt;pic.twitter.com/AjMVA6Yzt8&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2092878281058271653?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 27, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>सह-आरोपियों को मिली राहत के आधार पर जमानत का विरोध</b></h5><p>उमर खालिद के मामले में राज्य ने सुप्रीम कोर्ट की उन टिप्पणियों का भी हवाला दिया, जिनमें कथित “मास्टरमाइंड” की भूमिका और लोगों को प्रभावित या संगठित करने की क्षमता का उल्लेख किया गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस आधार पर उमर खालिद की कथित भूमिका अन्य सह-आरोपियों से अलग है। इसलिए, सह-आरोपियों को मिली जमानत के आधार पर उमर खालिद और शरजील इमाम को समान राहत नहीं दी जा सकती।</span></p><h5 class=""><b>दूसरे मामलों के फैसलों पर भी पुलिस ने जताई आपत्ति</b></h5><p>राज्य ने सैयद इफ्तिखार अंद्राबी बनाम एनआईए मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आरोपियों की ओर से की जा रही निर्भरता का भी विरोध किया। पुलिस ने कहा कि यह मामला अलग परिस्थितियों से जुड़ा था और इसमें दिल्ली दंगा मामले या उमर खालिद और शरजील इमाम के खिलाफ लगाए गए विशेष आरोपों पर विचार नहीं किया गया था।</p><p>राज्य ने यह भी कहा कि 22 मई 2026 को तस्लीम अहमद बनाम राज्य (एनसीटी ऑफ दिल्ली) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुलफिशा फातिमा और सैयद इफ्तिखार अंद्राबी मामलों में व्यक्त विचारों के अंतर को बड़ी पीठ के पास भेजा था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, पुलिस का तर्क है कि किसी मामले को बड़ी पीठ के पास भेजे जाने मात्र से पहले से लागू कानून या सुप्रीम कोर्ट का निर्णय स्वतः निष्प्रभावी नहीं हो जाता।</span></p><h5 class=""><b>यूएपीए की धारा 43डी (5) का भी हवाला</b></h5><p>दिल्ली पुलिस ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम [UAPA] की धारा 43डी (5) के तहत जमानत पर लागू प्रतिबंध अब भी उमर खालिद और शरजील इमाम के मामले में प्रभावी हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राज्य के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट उनके पूर्व जमानत मामलों की सुनवाई के दौरान इस प्रावधान की लागू होने की स्थिति पर पहले ही विचार कर चुका है और आरोपियों द्वारा बताए गए बाद के कानूनी घटनाक्रम से उस निष्कर्ष में कोई बदलाव नहीं आया है।</span></p><p>दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि वह मौजूदा आपराधिक अपीलों को शुरुआती चरण में ही खारिज कर दे। सरकार ने इन्हें कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताते हुए सुनवाई के दौरान चार्जशीट और उससे जुड़े दस्तावेजों सहित अतिरिक्त सामग्री पेश करने की अनुमति भी मांगी है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली दंगा मामला: उमर खालिद और शरजील इमाम की नई जमानत याचिका का पुलिस ने किया विरोध ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-race-club-eviction-6046 ]]></guid><title><![CDATA[ 86 साल पुराने Delhi Race Club पर संकट, Eviction Order पर हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-race-club-eviction-6046 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 26 Aug 2026 13:06:29 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली के ऐतिहासिक रेस क्लब को फिलहाल बड़ी कानूनी राहत नहीं मिली है। पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली रेस क्लब को परिसर से बेदखल करने के एस्टेट ऑफिसर के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली के ऐतिहासिक रेस क्लब को फिलहाल बड़ी कानूनी राहत नहीं मिली है। पटियाला हाउस कोर्ट ने <b>दिल्ली रेस क्लब</b> को परिसर से बेदखल करने के एस्टेट ऑफिसर के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि क्लब को अपना पक्ष रखने और सबूत पेश करने के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए थे, लेकिन उसने उनका इस्तेमाल नहीं किया।</p><p>यह मामला उस जमीन और परिसर से जुड़ा है, जहां दिल्ली रेस क्लब लंबे समय से संचालित होता रहा है। अदालत ने 11 अगस्त 2026 को एस्टेट ऑफिसर की ओर से जारी बेदखली आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की क्लब की मांग खारिज कर दी। अब मामले की मुख्य अपील पर 26 सितंबर को सुनवाई होगी।</p><h5 class=""><b>क्लब को पक्ष रखने के पर्याप्त मौके मिले</b></h5><p>पटियाला हाउस कोर्ट के जिला एवं सत्र न्यायाधीश पितांबर दत्त ने कहा कि रिकॉर्ड से पता चलता है कि एस्टेट ऑफिसर ने क्लब को जवाब दाखिल करने और अपने पक्ष में सबूत पेश करने के लिए पर्याप्त समय दिया था।</p><p>क्लब की ओर से दावा किया गया था कि उसे केंद्र सरकार की ओर से दाखिल याचिका की कॉपी नहीं दी गई और इस वजह से उसे उचित अवसर नहीं मिला। हालांकि, अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।</p><p>अदालत ने कहा कि 27 अप्रैल 2026 के आदेश में स्पष्ट रूप से दर्ज था कि केंद्र की याचिका की कॉपी क्लब को उपलब्ध कराई गई थी। इस आदेश पर क्लब के सचिव और कानूनी प्रतिनिधि कर्नल एसके बख्शी के हस्ताक्षर भी मौजूद थे।</p><p>कोर्ट के मुताबिक, इसके बाद की सुनवाई के दौरान क्लब ने कभी यह शिकायत नहीं की कि उसे दस्तावेज नहीं मिले हैं। ऐसे में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के उल्लंघन का दावा अदालत को मजबूत नहीं लगा।</p><h5 class=""><b>12 मार्च को दिया गया था परिसर खाली करने का नोटिस</b></h5><p>केंद्र सरकार ने पब्लिक प्रिमाइसेज एक्ट की धारा 5 के तहत बेदखली की कार्रवाई शुरू करने से पहले 12 मार्च 2026 को क्लब को नोटिस दिया था। इसमें क्लब को 15 दिनों के भीतर परिसर खाली करके जमीन का शांतिपूर्ण कब्जा लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस को सौंपने के लिए कहा गया था।</p><p>नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया था कि यदि क्लब निर्धारित अवधि में परिसर खाली नहीं करता है तो कानून के तहत बेदखली और जमीन का कब्जा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।</p><p>इसके बाद क्लब ने नोटिस को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने शुरुआती चरण में क्लब को अंतरिम राहत दी थी। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से यह आश्वासन दिए जाने के बाद कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना क्लब को बेदखल नहीं किया जाएगा, हाईकोर्ट ने 9 अप्रैल 2026 को क्लब का मुकदमा निपटा दिया।</p><p>इसके बाद मामला एस्टेट ऑफिसर के सामने पहुंचा और क्लब को कारण बताओ नोटिस दिया गया।</p><h5 class=""><b>लीज खत्म होने के बाद किराया देना पर्याप्त नहीं</b></h5><p>क्लब ने अदालत में यह भी दलील दी कि वह लगातार किराया चुका रहा है, इसलिए उसे अनधिकृत कब्जेदार नहीं माना जा सकता। लेकिन अदालत ने इस तर्क को भी स्वीकार नहीं किया।</p><p>अदालत ने कहा कि 1994 के बाद केंद्र सरकार की ओर से लीज बढ़ाने या उसके नवीनीकरण से संबंधित कोई दस्तावेज रिकॉर्ड पर मौजूद नहीं है। सिर्फ लीज की अवधि खत्म होने के बाद किराया देते रहने से लीज अपने आप नवीनीकृत नहीं हो जाती।</p><p>कोर्ट ने यह भी माना कि क्लब की ओर से ऐसा कोई मजबूत प्रथमदृष्टया आधार नहीं दिखाया गया है, जिसके आधार पर 11 अगस्त के बेदखली आदेश पर रोक लगाई जा सके।</p><h5 class=""><b>‘Res Judicata’ की दलील भी खारिज</b></h5><p>क्लब ने यह तर्क भी दिया था कि इस मामले में पहले ही कार्रवाई हो चुकी है, इसलिए दोबारा कार्यवाही नहीं की जा सकती। इसे कानूनी भाषा में ‘रेस ज्यूडिकाटा’ यानी पहले से तय मामले का सिद्धांत बताया गया।</p><p>हालांकि, अदालत ने इस दलील को भी स्वीकार नहीं किया। कोर्ट के मुताबिक, मौजूदा कार्रवाई को देखते हुए क्लब के पास तत्काल अंतरिम राहत देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं था।</p><p>इस फैसले के बाद फिलहाल क्लब को बेदखली आदेश से राहत नहीं मिली है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे मामले पर अंतिम फैसला हो गया है। क्लब की मुख्य अपील पर 26 सितंबर को सुनवाई होनी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया उसी सुनवाई में स्पष्ट होगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 86 साल पुराने Delhi Race Club पर संकट, Eviction Order पर हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/kejriwal-e20-fuel-pre-2023-vehicles-6040 ]]></guid><title><![CDATA[ E20 पेट्रोल को लेकर केजरीवाल का केंद्र पर हमला, बोले- 2023 से पहले की गाड़ियों के लिए खतरनाक ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/kejriwal-e20-fuel-pre-2023-vehicles-6040 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 25 Aug 2026 19:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ पणजी, गोवा: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देशभर में E20 पेट्रोल की शुरुआत को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि 2023 से पहले निर्मित पेट्रोल वाहनो ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>पणजी, गोवा:</b> आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देशभर में E20 पेट्रोल की शुरुआत को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि 2023 से पहले निर्मित पेट्रोल वाहनों में E20 ईंधन के इस्तेमाल से गंभीर नुकसान हो सकता है, लेकिन ऑटोमोबाइल कंपनियां सरकारी कार्रवाई के डर से सार्वजनिक रूप से बोलने से बच रही हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">केजरीवाल ने मंगलवार को गोवा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ये आरोप लगाए। वह E20 ईंधन के मुद्दे पर आयोजित होने वाले टाउन हॉल कार्यक्रम से पहले मीडिया से बातचीत कर रहे थे।</span></p><p>केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने देश की 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या 2023 से पहले निर्मित उनके पेट्रोल वाहनों में E20 ईंधन का इस्तेमाल सुरक्षित है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने दावा किया कि उन्हें किसी भी कंपनी से उनके पत्र का जवाब नहीं मिला।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">केजरीवाल के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने नौ ऑटोमोबाइल कंपनियों के अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने उन्हें इस मुद्दे पर जानकारी दी, लेकिन अपनी पहचान और कंपनियों के नाम सार्वजनिक नहीं करने का अनुरोध किया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Goa | AAP National Convenor Arvind Kejriwal says, &amp;quot;I wrote letters to 29 auto manufacturing companies. I asked them whether E20 fuel could be safely used in vehicles they had manufactured prior to 2023. I received no response. I then called them. Officials from nine… &lt;a href="https://t.co/iP2kFUUUQZ"&gt;pic.twitter.com/iP2kFUUUQZ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2092212601602384258?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>अधिकारियों ने E20 को बताया 'बहुत खतरनाक': केजरीवाल</b></h5><p>केजरीवाल ने दावा किया कि जिन अधिकारियों से उन्होंने बातचीत की, उन्होंने E20 को "बहुत खतरनाक ईंधन" बताया और कहा कि 2023 से पहले बने पेट्रोल वाहनों में इसका इस्तेमाल वाहनों के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, इन दावों के समर्थन में केजरीवाल ने अधिकारियों या संबंधित कंपनियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।</span></p><h5 class=""><b>केंद्र पर लगाया दबाव बनाने का आरोप</b></h5><p>AAP नेता ने आरोप लगाया कि ऑटोमोबाइल कंपनियों के अधिकारी E20 के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बोलने से इसलिए डर रहे हैं क्योंकि उन्हें केंद्र सरकार की एजेंसियों की कार्रवाई का डर है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">केजरीवाल ने दावा किया कि E20 के खिलाफ बोलने पर कंपनियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) या आयकर विभाग की कार्रवाई हो सकती है और यहां तक कि उनके संयंत्र बंद किए जा सकते हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ अधिकारियों को विभिन्न तरीकों से परेशान किया जा रहा है, इसलिए वे अपनी पहचान या कंपनी का नाम सार्वजनिक नहीं करना चाहते।</span></p><h5 class=""><b>E20 पेट्रोल को लेकर AAP का विरोध</b></h5><p>E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। आम आदमी पार्टी लंबे समय से इसके देशव्यापी इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाती रही है।<span style="font-size: 1rem;">AAP का दावा है कि E20 के इस्तेमाल से कुछ उपभोक्ताओं को माइलेज कम होने, इंजन को नुकसान और ईंधन से जुड़े कलपुर्जों के समय से पहले खराब होने जैसी समस्याओं की शिकायत हो रही है। पार्टी का कहना है कि 2023 से पहले निर्मित वाहनों पर इसका प्रभाव अधिक पड़ सकता है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">हालांकि, केजरीवाल द्वारा लगाए गए इन आरोपों और नौ कंपनियों के अधिकारियों के कथित बयानों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।</span></p><h5 class=""><b>पेट्रोल पंपों पर विकल्प देने की मांग</b></h5><p>AAP ने केंद्र सरकार से पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को विकल्प देने की मांग की है। पार्टी चाहती है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के साथ सामान्य पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि वाहन मालिक अपनी गाड़ी के अनुरूप ईंधन का चुनाव कर सकें।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">केजरीवाल की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब AAP E20 पेट्रोल के मुद्दे पर कई राज्यों में टाउन हॉल कार्यक्रम आयोजित कर रही है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ E20 पेट्रोल को लेकर केजरीवाल का केंद्र पर हमला, बोले- 2023 से पहले की गाड़ियों के लिए खतरनाक ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/laxmi-scheme-hc-question-6031 ]]></guid><title><![CDATA[ ₹2,500 वाली लक्ष्मी योजना पर दिल्ली HC का सवाल, महिलाओं को MLA-MP की मंजूरी क्यों जरूरी? ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/laxmi-scheme-hc-question-6031 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 25 Aug 2026 16:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली सरकार की ₹2,500 प्रति माह वाली लक्ष्मी योजना को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम सवाल उठाया है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि किसी महिला को कल्याणकारी योजना का लाभ देने के लिए स्थानीय सां ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली सरकार की <b>₹2,500 </b>प्रति माह वाली <b>लक्ष्मी योजना</b> को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम सवाल उठाया है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि किसी महिला को कल्याणकारी योजना का लाभ देने के लिए स्थानीय सांसद या विधायक की मंजूरी को अनिवार्य क्यों बनाया गया है।</p><p>मुख्य न्यायाधीश <b>डीके उपाध्याय</b> और <b>जस्टिस तेजस करिया</b> की पीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान इस शर्त पर सवाल उठाते हुए सरकार से इसका उद्देश्य स्पष्ट करने को कहा। कोर्ट ने पूछा कि अगर कोई पात्र महिला अपने क्षेत्र के सांसद या विधायक को नहीं जानती है, तो क्या केवल इस वजह से वह सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो सकती है?</p><h5 class=""><b>MLA-MP की मंजूरी पर कोर्ट ने उठाया सवाल</b></h5><p>दिल्ली सरकार ने <b>लक्ष्मी योजना</b> को डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम के तौर पर शुरू किया है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।</p><p>हालांकि, योजना की प्रक्रिया में एक ऐसी शर्त शामिल है, जिस पर अब अदालत ने सवाल उठाया है। लाभार्थी महिला के आवेदन को आगे बढ़ाने के लिए उसके स्थानीय सांसद या विधायक से मंजूरी लेने की जरूरत बताई गई है।</p><p>हाई कोर्ट ने इस व्यवस्था पर सवाल करते हुए कहा कि लाभार्थियों की पहचान और पात्रता जांचने के कई अन्य तरीके हो सकते हैं। अदालत का मुख्य सवाल यह है कि चुने हुए जनप्रतिनिधि की मंजूरी को योजना का अनिवार्य हिस्सा बनाने के पीछे सरकार का उद्देश्य क्या है।</p><p>कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि किसी पात्र व्यक्ति को केवल इस शर्त की वजह से योजना का लाभ नहीं मिल पाता, तो इस व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकता है।</p><h5 class=""><b>सरकार को 10 दिन में देना होगा जवाब</b></h5><p>अदालत ने दिल्ली सरकार को इस शर्त के पीछे का उद्देश्य स्पष्ट करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। सरकार को एक संक्षिप्त हलफनामा दाखिल कर बताना होगा कि योजना में सांसद या विधायक की मंजूरी वाली व्यवस्था क्यों रखी गई है।</p><p>सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत को बताया कि सरकार इस प्रावधान को लेकर अपना पक्ष रिकॉर्ड पर रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार यह बताएगी कि कैबिनेट ने इस व्यवस्था को किस नजरिए से देखा और दूसरे राज्यों में ऐसी योजनाओं के लिए किस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाती है।</p><p>अब अगली सुनवाई में सरकार का जवाब इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।</p><h5 class=""><b>कांग्रेस नेताओं ने दाखिल की PIL</b></h5><p>यह मामला कांग्रेस के पूर्व पार्षद अभिषेक दत्त और आया नगर वार्ड के मौजूदा कांग्रेस पार्षद वेदपाल चौधरी की ओर से दायर जनहित याचिका के जरिए हाई कोर्ट पहुंचा है।</p><p>याचिकाकर्ताओं ने लक्ष्मी योजना में सांसद या विधायक से मंजूरी लेने की अनिवार्यता को हटाने की मांग की है। उनका तर्क है कि इस प्रक्रिया से उन महिलाओं को परेशानी हो सकती है जिन्हें अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों तक पहुंचने में मुश्किल होती है।</p><p>याचिका में खास तौर पर दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों और अपेक्षाकृत कमजोर वर्ग की महिलाओं की व्यावहारिक दिक्कतों का जिक्र किया गया है।</p><h5 class=""><b>महिलाओं के लिए क्या है लक्ष्मी योजना?</b></h5><p>लक्ष्मी योजना की शुरुआत 1 अगस्त से की गई है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की सहायता देने का प्रावधान है।</p><p>हालांकि, आर्थिक सहायता पाने के लिए कई पात्रता शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। इनमें दिल्ली में कम से कम 10 साल तक लगातार रहने या दिल्ली का डोमिसाइल होना शामिल है।</p><p>इसके अलावा ऐसी महिलाओं को योजना से बाहर रखा गया है जिनके तीन से ज्यादा बच्चे जीवित हैं। आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी शर्तों के आधार पर भी किसी आवेदक को अयोग्य माना जा सकता है।</p><p><b>इन शर्तों के अलावा स्थानीय सांसद या विधायक की मंजूरी वाली प्रक्रिया ही इस समय अदालत के सामने मुख्य विवाद का विषय है।</b></p><h5 class=""><b>याचिकाकर्ताओं ने बताई जमीनी परेशानी</b></h5><p>याचिकाकर्ताओं का कहना है कि दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों में रहने वाली कई महिलाओं के लिए स्थानीय सांसद या विधायक के कार्यालय तक पहुंचना आसान नहीं है। कई जगहों पर इन कार्यालयों तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा भी पर्याप्त नहीं होने का दावा किया गया है।</p><p>उनका कहना है कि मंजूरी लेने के लिए बार-बार कार्यालय जाने से महिलाओं का समय और पैसा खर्च हो सकता है। घरेलू जिम्मेदारियों और रोजमर्रा की आजीविका के बीच ऐसी अतिरिक्त प्रक्रिया उनके लिए परेशानी पैदा कर सकती है।</p><p>याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि जिस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से जरूरतमंद महिलाओं को सहायता देना है, उसकी आवेदन प्रक्रिया ऐसी नहीं होनी चाहिए जो सबसे कमजोर लाभार्थियों के लिए अतिरिक्त बाधा बन जाए।</p><h5 class=""><b>अब सरकार के जवाब पर टिकी नजर</b></h5><p>फिलहाल हाई कोर्ट ने योजना को रद्द करने या ₹2,500 की सहायता पर रोक लगाने जैसा कोई आदेश नहीं दिया है। अदालत का सवाल मुख्य रूप से सांसद-विधायक की मंजूरी वाली शर्त के औचित्य को लेकर है।</p><p>अब दिल्ली सरकार को 10 दिनों के भीतर अपना हलफनामा दाखिल करना है। इसके बाद अदालत यह देखेगी कि सरकार इस प्रावधान के पीछे क्या प्रशासनिक या नीतिगत कारण बताती है।</p><p>इस मामले का असर केवल लक्ष्मी योजना की आवेदन प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह सकता। यदि अदालत इस शर्त पर गंभीर सवाल उठाती है, तो भविष्य में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं में लाभार्थियों की पहचान और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर भी व्यापक बहस हो सकती है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ₹2,500 वाली लक्ष्मी योजना पर दिल्ली HC का सवाल, महिलाओं को MLA-MP की मंजूरी क्यों जरूरी? ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/supreme-court-tarun-tejpal-surrender-appeal-6029 ]]></guid><title><![CDATA[ तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट का झटका, दो हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/supreme-court-tarun-tejpal-surrender-appeal-6029 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 25 Aug 2026 14:26:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए और तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल की सरेंडर से छूट देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। अदालत ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर आत ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए और तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल की सरेंडर से छूट देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। अदालत ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने और उसका प्रमाण पत्र अदालत में जमा करने का निर्देश दिया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि सरेंडर प्रमाण पत्र दाखिल किए जाने के बाद तेजपाल की बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर आपराधिक अपील को 22 सितंबर को सूचीबद्ध किया जाएगा।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">तरुण तेजपाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि उनकी अपील को पहले सुप्रीम कोर्ट में सूचीबद्ध कर सुनवाई की जानी चाहिए और उपयुक्त मामले में अदालत के पास सरेंडर की अनिवार्यता से छूट देने की शक्ति है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सिब्बल ने कहा कि तेजपाल की अपील बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा ट्रायल कोर्ट के बरी करने के फैसले को पलटकर दोषसिद्धि किए जाने को चुनौती देती है और मामले के गुण-दोष पर विचार किया जाना आवश्यक है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि मंगलवार की सुनवाई का दायरा केवल सरेंडर से छूट के सवाल तक सीमित है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Supreme Court ordered rape convict and former editor of Tehelka magazine Tarun Tejpal to surrender within two weeks&amp;#39; time and to furnish the surrender certificate before the Court.&lt;br&gt;&lt;br&gt;A bench of Justice Alok Aradhe also agreed to list Tejpal’s appeal (challenge) against the Bombay… &lt;a href="https://t.co/hsctV9tS6o"&gt;pic.twitter.com/hsctV9tS6o&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2092165841269977292?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>गोवा सरकार ने याचिका का किया विरोध</b></h5><p>गोवा सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरेंडर से छूट देने की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस आवेदन पर मामले के तथ्यों और बॉम्बे हाई कोर्ट के निष्कर्षों को ध्यान में रखते हुए विचार किया जाना चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने अदालत को बताया कि मामले में गंभीर प्रकृति के दुष्कर्म का आरोप है और बॉम्बे हाई कोर्ट ने तेजपाल को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।</span></p><h5 class=""><b>दो सप्ताह में सरेंडर का निर्देश</b></h5><p>सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि तेजपाल को आत्मसमर्पण करने के लिए कितना समय चाहिए। उनकी ओर से दो सप्ताह का समय मांगा गया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके बाद अदालत ने सरेंडर से छूट की याचिका खारिज करते हुए तेजपाल को दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। अदालत ने उन्हें सरेंडर का प्रमाण पत्र भी दाखिल करने का निर्देश दिया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">कोर्ट ने कहा कि यदि प्रमाण पत्र समय पर दाखिल कर दिया जाता है, तो तेजपाल की आपराधिक अपील को 22 सितंबर को सूचीबद्ध किया जाएगा।</span></p><h5 class=""><b>बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को दी गई है चुनौती</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>तरुण तेजपाल की सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ है, जिसमें हाई कोर्ट ने 2013 के दुष्कर्म मामले में उन्हें दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हाई कोर्ट ने इस मामले में ट्रायल कोर्ट के बरी करने के फैसले को पलट दिया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">तेजपाल ने अपनी अपील में पीड़िता के बयान और हाई कोर्ट द्वारा साक्ष्यों के आकलन को चुनौती दी है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों का हवाला</b></h5><p>अपील में तेजपाल ने गोवा के उस होटल की लिफ्ट की सीसीटीवी फुटेज का भी हवाला दिया है, जहां कथित घटना हुई थी। उनका दावा है कि सीसीटीवी फुटेज अभियोजन पक्ष की उस कहानी से मेल नहीं खाती, जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार किया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">तेजपाल की याचिका के अनुसार, होटल के सुरक्षा प्रबंधक की गवाही और सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि लिफ्ट किसी निर्धारित मंजिल पर पहुंचने के बाद अपने आप खुलती थी और कम से कम चार सेकंड तक खुली रहती थी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी दावा किया है कि सीसीटीवी में दिखाई देने वाली घटनाओं का क्रम अभियोजन पक्ष के संस्करण से असंगत है।</span></p><p>इसके अलावा, तेजपाल ने व्हाट्सऐप संदेशों, ईमेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य गवाहों की गवाही का हवाला देते हुए हाई कोर्ट द्वारा पीड़िता के घटना के बाद के व्यवहार के आकलन को भी चुनौती दी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष तत्काल मुद्दा केवल यह था कि क्या तेजपाल को अपनी आपराधिक अपील सूचीबद्ध कराने के लिए आत्मसमर्पण की अनिवार्यता से छूट दी जा सकती है। अदालत ने इस मांग को खारिज करते हुए दो सप्ताह में सरेंडर करने का निर्देश दिया।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट का झटका, दो हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/ss-mota-singh-trust-file-aap-delhi-govt-6012 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘₹500 करोड़ की ट्रस्ट फाइल में क्या छिपा है?’ सौरभ भारद्वाज का दिल्ली सरकार पर बड़ा आरोप ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/ss-mota-singh-trust-file-aap-delhi-govt-6012 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 24 Aug 2026 19:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने SS Mota Singh School Trust की फाइल को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्हो ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने <b>SS Mota Singh School Trust</b> की फाइल को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बावजूद सरकार ने अब तक ट्रस्ट से जुड़ी फाइल उपलब्ध नहीं कराई है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ट्रस्ट की फाइल उपलब्ध नहीं होने के कारण AAP को दिल्ली हाई कोर्ट का रुख करना पड़ा था। उनके मुताबिक, 8 जुलाई 2026 को हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग, संभागीय आयुक्त और जिलाधिकारी को <b>SS Mota Singh School Trust </b>की फाइल तलाशकर पेश करने का निर्देश दिया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने दावा किया कि अदालत ने सरकार को एक महीने का समय दिया था। यह अवधि 8 अगस्त को समाप्त हो गई, लेकिन अब तक फाइल उपलब्ध नहीं कराई गई है।</span></p><h5 class=""><b>‘फाइल में ऐसा क्या है जिसे छिपाया जा रहा?’</b></h5><p>AAP नेता ने सवाल उठाया कि करीब ₹500 करोड़ की संपत्ति वाले ट्रस्ट की फाइल को लेकर सरकार आखिर क्या छिपाना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि फाइल में कथित तौर पर गुप्त रूप से नियुक्त किए गए ट्रस्टियों से जुड़ी जानकारी हो सकती है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सौरभ भारद्वाज ने यह भी सवाल उठाया कि क्या वरिष्ठ BJP नेताओं से जुड़े लोगों को किसी सिख अल्पसंख्यक संस्थान के ट्रस्ट पर नियंत्रण हासिल करने की अनुमति दी जानी चाहिए।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">हालांकि, ये आरोप AAP नेता की ओर से लगाए गए हैं और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने दिए गए विवरण में नहीं है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;BIG&lt;br&gt;&lt;br&gt;High Court has given directions to CM &lt;a href="https://x.com/gupta_rekha?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@gupta_rekha&lt;/a&gt; own Revenue Dept to provide the file of “SS Mota Singh School Trust”&lt;br&gt;&lt;br&gt;DM has still not provided the file despite of HC orders. &lt;br&gt;&lt;br&gt;The school Trust owns prime land worth 500 crores. &lt;br&gt;&lt;br&gt;What is BJP Govt hiding in the file of… &lt;a href="https://t.co/KS2l50s416"&gt;pic.twitter.com/KS2l50s416&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) &lt;a href="https://x.com/Saurabh_MLAgk/status/2091799851231314102?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>परवेश वर्मा और अमरजीत सिंह बब्बू का भी जिक्र</b></h5><p>सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि उन्हें सोशल मीडिया पर एक पोस्ट मिली थी, जिसमें अमरजीत सिंह बब्बू नामक व्यक्ति ने दिल्ली सरकार के मंत्री परवेश वर्मा को धन्यवाद देते हुए कथित तौर पर उन्हें SS Mota Singh School Trust का ट्रस्टी बनाए जाने की बात कही थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">AAP नेता ने कहा कि जब उन्होंने परवेश वर्मा से ट्रस्ट से उनके संबंध और किसी व्यक्ति को ट्रस्टी नियुक्त करने के अधिकार को लेकर सवाल किया, तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">भारद्वाज ने कहा कि मुकदमा अपनी जगह जारी रहेगा, लेकिन ट्रस्ट की फाइल को लेकर उठे सवाल अभी भी बने हुए हैं।</span></p><h5 class=""><b>‘फाइल नहीं मिली तो FIR क्यों नहीं?’</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>AAP नेता ने आरोप लगाया कि यदि फाइल वास्तव में गायब हो गई है तो इसकी सूचना पुलिस को देकर FIR दर्ज कराई जानी चाहिए थी। उन्होंने दावा किया कि अब तक इस संबंध में कोई FIR दर्ज नहीं हुई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने इसे फाइल को कथित तौर पर छिपाने की कोशिश से जोड़ते हुए दिल्ली सरकार पर सवाल उठाए। हालांकि, फाइल जानबूझकर छिपाए जाने या किसी भ्रष्टाचार से जुड़े होने का आरोप अभी राजनीतिक आरोप के स्तर पर है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>‘जल्द जनता के सामने रखेंगे खुलासे’</b></h5><p>सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वह SS Mota Singh School Trust से जुड़े पूरे मामले और दस्तावेजों को जल्द सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सीधे सवाल करते हुए पूछा कि ट्रस्ट की फाइल में आखिर क्या है और उसमें किन लोगों को कथित तौर पर ट्रस्टी बनाया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मामले में अब दिल्ली सरकार की ओर से फाइल को लेकर आधिकारिक जवाब और हाई कोर्ट के निर्देश के अनुपालन पर स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘₹500 करोड़ की ट्रस्ट फाइल में क्या छिपा है?’ सौरभ भारद्वाज का दिल्ली सरकार पर बड़ा आरोप ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-master-plan-2047-commercial-5951 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली मास्टर प्लान 2047: 30 मीटर चौड़ी सड़कों पर ग्राउंड फ्लोर पर कारोबार की अनुमति ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-master-plan-2047-commercial-5951 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 20 Aug 2026 19:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दिल्ली मास्टर प्लान 2047 का खाका पेश करते हुए कहा कि राजधानी के समग्र और संतुलित विकास को प्राथमिकता दी गई है। योजना में ग्रामीण क्षेत्रों, अ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दिल्ली मास्टर प्लान 2047 का खाका पेश करते हुए कहा कि राजधानी के समग्र और संतुलित विकास को प्राथमिकता दी गई है। योजना में ग्रामीण क्षेत्रों, अनधिकृत कॉलोनियों और नियोजित इलाकों के विकास के साथ सभी वर्गों के लिए आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">केंद्रीय मंत्री मनोजर लाल खट्टर के साथ मास्टर प्लान 2047 जारी करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने दिल्ली की सीमित भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए भविष्य के विकास की योजना बनाने की बात कही।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मास्टर प्लान 2047 की प्रमुख घोषणाओं में से एक दिल्ली की 30 मीटर चौड़ी सड़कों से जुड़ी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि अब ऐसी सड़कों के किनारे स्थित इमारतों के ग्राउंड फ्लोर पर व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इस प्रावधान से सड़क किनारे मौजूद संपत्तियों के उपयोग और स्थानीय व्यापार को लेकर नई व्यवस्था बनने की उम्मीद है।</span></p><h5 class=""><b>सभी वर्गों के लिए आवास पर जोर</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान का एक प्रमुख उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के लिए आवास उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली का क्षेत्रफल करीब 1,484 वर्ग किलोमीटर है और सीमित जमीन के कारण राजधानी में सुनियोजित विकास की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मास्टर प्लान में ग्रामीण इलाकों, अनधिकृत कॉलोनियों और पहले से नियोजित क्षेत्रों को भी व्यापक विकास योजना में शामिल किया गया है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Delhi CM Rekha Gupta (&lt;a href="https://x.com/gupta_rekha?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@gupta_rekha&lt;/a&gt;) says, “Commercial activities to be allowed on ground floors along roads 30 metres wide in residential areas.”&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Full video available on PTI Videos - &lt;a href="https://t.co/d8jp61yd2p"&gt;https://t.co/d8jp61yd2p&lt;/a&gt;) &lt;a href="https://t.co/rU5zy1mgn8"&gt;pic.twitter.com/rU5zy1mgn8&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2090414397156192600?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>2047 तक 30-40 लाख नए घरों का लक्ष्य</b></h5><p>केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के तहत 30 से 40 लाख नए आवासीय यूनिट जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें किफायती आवास को प्राथमिकता दी जाएगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने बताया कि दिल्ली की आबादी 1991 में करीब 94 लाख थी, जो 2001 में बढ़कर 1.38 करोड़ और 2021 में 2.12 करोड़ हो गई। वर्तमान में दिल्ली की आबादी करीब 2.40 करोड़ आंकी जा रही है, जिसके 2047 तक बढ़कर 3.20 करोड़ होने का अनुमान है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">खट्टर ने कहा कि 2047 तक करीब 80 लाख अतिरिक्त आबादी और बढ़ते न्यूक्लियर परिवारों की जरूरतों को देखते हुए नए आवासों का लक्ष्य तय किया गया है।</span></p><h5 class=""><b>मेट्रो, बस और RRTS पर फोकस</b></h5><p>मास्टर प्लान में सार्वजनिक परिवहन को भी प्रमुखता दी गई है। खट्टर ने कहा कि मेट्रो, बस नेटवर्क और RRTS वाले प्रमुख परिवहन गलियारों के आसपास विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके लिए ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति के तहत प्रमुख परिवहन मार्गों के आसपास अधिक घनत्व वाले विकास को दिशा देने का प्रावधान किया गया है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;इस मास्टर प्लान में लगभग 40 लाख नए affordable housing flats विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है.. &lt;br&gt;&lt;br&gt;इसके साथ ही विशेष रूप से Public Transport Corridor को सुदृढ़ करने के लिए भी TOD पॉलिसी तैयार की गई है.. &lt;a href="https://t.co/cUAA8ANDmH"&gt;pic.twitter.com/cUAA8ANDmH&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Manohar Lal (@mlkhattar) &lt;a href="https://x.com/mlkhattar/status/2090397631336067517?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>'24 घंटे वाले शहर' जोन का प्रस्ताव</b></h5><p>मास्टर प्लान में कुछ क्षेत्रों को '24-hour city' जोन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इन क्षेत्रों में व्यावसायिक और अन्य गतिविधियां चौबीसों घंटे संचालित हो सकेंगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">खट्टर के मुताबिक ऐसे क्षेत्रों में 24 घंटे परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें खास तौर पर मेट्रो कनेक्टिविटी पर जोर रहेगा।</span></p><h5 class=""><b>लो-डेंसिटी इलाकों में नए नियम</b></h5><p>लो-डेंसिटी डेवलपमेंट क्षेत्रों के लिए भी योजना में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इनमें 18 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कें और 45 मीटर राइट ऑफ वे (ROW) वाली मुख्य ट्रंक सड़कों का प्रावधान शामिल है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके अलावा 15 से 18 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कों के दोनों ओर प्लॉटों के साथ खुली जगह छोड़ना आवश्यक होगा, ताकि यातायात और भीड़भाड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके।</span></p><h5 class=""><b>2.5 एकड़ से छोटे प्लॉट पर फार्महाउस नहीं</b></h5><p>खट्टर ने बताया कि इन क्षेत्रों में प्लॉट विकसित करने वाले मालिकों को ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) और फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) 2.5 एकड़ के मानक के आधार पर दिया जाएगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसका अर्थ है कि यदि कोई प्लॉट 2.5 एकड़ से छोटा भी है, तो मालिक को 2.5 एकड़ वाले प्लॉट से संबंधित पूरा FAR अधिकार मिलेगा। हालांकि, ऐसे लो-डेंसिटी क्षेत्रों में 2.5 एकड़ से छोटे प्लॉट पर फार्महाउस नहीं बनाए जा सकेंगे।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;➡️ The Master Plan that the people of Delhi have been waiting for so long is finally reaching them today&lt;br&gt;&lt;br&gt;➡️ &lt;a href="https://x.com/hashtag/Delhi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Delhi&lt;/a&gt; is spread across 1,484 square kilometres, and within that, it carries many limitations of its own. But keeping those limitations in mind, the plan has been designed… &lt;a href="https://t.co/vk9pjRS5HE"&gt;pic.twitter.com/vk9pjRS5HE&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; PIB India (@PIB_India) &lt;a href="https://x.com/PIB_India/status/2090396496441323710?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>1957 से 2047 तक दिल्ली की योजना</b></h5><p>मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मास्टर प्लान तैयार करते समय दिल्ली में बढ़ते परिवहन संबंधी प्रदूषण को भी ध्यान में रखा गया है। शहरी विकास और परिवहन व्यवस्था को बेहतर तरीके से जोड़ने पर जोर दिया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली की शहरी योजना के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि 1957 में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की स्थापना हुई थी और 1962 में पहला विकास प्लान तैयार किया गया।</span></p><p>इसके बाद क्षेत्रीय विकास और पड़ोसी क्षेत्रों के साथ बेहतर समन्वय के लिए 1985 में NCR Planning Board का गठन हुआ। 1991 में दूसरा विकास प्लान और 2007 में तीसरा विकास प्लान तैयार किया गया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अब 2026 में दिल्ली विकास योजना 2047 को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया है। इसे विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप राजधानी के 2047 तक के विकास का रोडमैप बताया गया है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली मास्टर प्लान 2047: 30 मीटर चौड़ी सड़कों पर ग्राउंड फ्लोर पर कारोबार की अनुमति ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-hc-pm-modi-degree-september-29-5945 ]]></guid><title><![CDATA[ Delhi HC fixes September 29 hearing on appeals seeking PM Modi's degree details ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-hc-pm-modi-degree-september-29-5945 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 20 Aug 2026 16:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ New Delhi, India: The Delhi High Court on Thursday fixed September 29 for hearing appeals seeking disclosure of details relating to Prime Minister Narendra Modi's bachelor's degree, after Solicitor Ge ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>New Delhi, India:</b> The Delhi High Court on Thursday fixed September 29 for hearing appeals seeking disclosure of details relating to Prime Minister Narendra Modi's bachelor's degree, after Solicitor General Tushar Mehta, appearing for Delhi University, sought an earlier date.</span></p><p>A Division Bench comprising Chief Justice Devendra Kumar Upadhyaya and Justice Tejas Karia was hearing appeals challenging a single-judge order that had set aside a Central Information Commission (CIC) direction for disclosure of records concerning Modi's educational qualification.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">At the outset, a passover was sought on behalf of the appellants.</span></p><p>Mehta said the matter could be heard on another day and requested an early date. The Bench, however, said the matter would be taken up on September 29.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">The Solicitor General again requested whether an earlier date could be given, following which the Bench said it had checked its calendar.</span></p><p>The appeals have been filed by RTI activist Neeraj, Aam Aadmi Party leader Sanjay Singh and advocate Mohd Irshad.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">The matter arises from a single-judge judgment passed on August 25, 2025, which set aside the CIC's order directing disclosure of records relating to Modi's bachelor's degree.</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;[PM Modi Degree Case]&lt;br&gt;&lt;br&gt;Delhi High Court adjourns to September 29 appeals seeking disclosure of information with respect to bachelor&amp;#39;s degree of Prime Minister Narendra Modi.&lt;br&gt;&lt;br&gt;SGI Tushar Mehta for DU said that he has good case on merits.&lt;a href="https://x.com/hashtag/PMModi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#PMModi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/ModiDegree?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#ModiDegree&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/DelhiUniversity?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#DelhiUniversity&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/Kcwofgfyk2"&gt;pic.twitter.com/Kcwofgfyk2&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Live Law (@LiveLawIndia) &lt;a href="https://x.com/LiveLawIndia/status/2090348749617004689?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>The single judge had held that merely because a person holds public office, it does not mean that all personal information concerning him automatically becomes subject to public disclosure. The court had also ruled out any "implicit public interest" in the information sought.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">The court had observed that the Right to Information Act was enacted to promote transparency in government functioning and not to provide "fodder for sensationalism".</span></p><p>The proceedings originated from an RTI application filed by Neeraj. Pursuant to the application, the CIC on December 21, 2016, had permitted inspection of records of students who cleared the BA examination in 1978, the year Modi is stated to have passed the examination.</p><p>The single judge had passed a common judgment in six petitions, including Delhi University's challenge to the CIC direction.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Delhi University had sought the setting aside of the CIC order, while stating that it had no objection to producing the relevant records before the court.</span></p><p>The single judge had also held that educational qualifications were not a statutory requirement for holding public office or discharging official responsibilities.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">The court observed that the position could have been different if educational qualifications had been prescribed as a prerequisite for eligibility to a particular public office.</span></p><p>The single judge had further termed the CIC's approach "thoroughly misconceived" while setting aside its direction.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">The matter will now come up before the Division Bench on September 29 for further hearing on the appeals challenging the single-judge judgment.</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Delhi HC fixes September 29 hearing on appeals seeking PM Modi's degree details ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/up-japan-investment-3195-crore-10000-jobs-yeida-5930 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी में तीन हजार करोड़ के जापानी निवेश से खुलेंगे 10 हजार से अधिक रोजगार के द्वार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/up-japan-investment-3195-crore-10000-jobs-yeida-5930 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 19 Aug 2026 17:35:08 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश और जापान के बीच बढ़ती औद्योगिक साझेदारी ने बुधवार को बड़ी छलांग लगाई। नई दिल्ली के ताज पैलेस में आयोजित उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन 2026 में एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड और म ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">नई दिल्ली:</b><span style="font-size: 1rem;"> उत्तर प्रदेश और जापान के बीच बढ़ती औद्योगिक साझेदारी ने बुधवार को बड़ी छलांग लगाई। नई दिल्ली के ताज पैलेस में आयोजित उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन 2026 में एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड और मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड के ₹3,195 करोड़ के प्रोजेक्ट की वर्चुअल ग्राउंड ब्रेकिंग की गई। यीडा क्षेत्र में लगने वाली इन परियोजनाओं से 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही प्रदेश में नई विनिर्माण क्षमताओं के विकास और जापानी निवेश को गति मिलेगी।</span></p><p><br></p><p><b>रोजगार के खुलेंगे अवसर:</b></p><p><br></p><p>ट्रैक्टर और निर्माण उपकरण बनाने वाली एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड यीडा के सेक्टर-10 में ₹2,029 करोड़ का निवेश कर विनिर्माण इकाई स्थापित कर रही है। यहां ट्रैक्टर और उपकरण संबंधी उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। परियोजना से 3,800 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड भी यीडा में दो बड़े विनिर्माण प्रोजेक्ट स्थापित कर रही है। कंपनी इन परियोजनाओं में कुल ₹1,166 करोड़ का निवेश करेगी। इससे करीब 6,440 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।</p><p><br></p><p><b>यीडा में औद्योगिक गतिविधियों के साथ सहायक उद्योगों और सप्लाई चेन के लिए भी पैदा होंगे नए अवसर:</b></p><p><br></p><p>दोनों कंपनियों का कुल निवेश ₹3,195 करोड़ है और इनसे 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर तैयार होंगे। इन परियोजनाओं के जमीन पर उतरने से यीडा में औद्योगिक गतिविधियों के साथ सहायक उद्योगों और सप्लाई चेन के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे। यह निवेश उत्तर प्रदेश और जापान के बीच मजबूत होते औद्योगिक रिश्तों और प्रदेश में जापानी कंपनियों के बढ़ते भरोसे का भी संकेत है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी में तीन हजार करोड़ के जापानी निवेश से खुलेंगे 10 हजार से अधिक रोजगार के द्वार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-vbomb-threat-6-places-5870 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली हाईकोर्ट, IGI एयरपोर्ट T3 समेत 6 जगहों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-vbomb-threat-6-places-5870 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 14 Aug 2026 14:05:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में उस समय हड़कंप मच गया, जब दिल्ली हाईकोर्ट, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (IGI) के टर्मिनल-3 समेत छह स्थानों पर बम रखे होने क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में उस समय हड़कंप मच गया, जब दिल्ली हाईकोर्ट, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (IGI) के टर्मिनल-3 समेत छह स्थानों पर बम रखे होने की धमकी मिली। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और संबंधित स्थानों पर जांच शुरू कर दी गई।</span></p><p>दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट के अलावा जामनगर हाउस, झंडेवालान फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स, एमबी साकेत ऑफिस/DM ऑफिस, IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 और दिल्ली कैंट स्थित SDM ऑफिस को भी धमकी दी गई। इन सभी स्थानों पर फायर टेंडर भेजे गए और सुरक्षा जांच की गई।</p><h5 class=""><b>जांच में नहीं मिला कोई संदिग्ध सामान</b></h5><p>शुरुआती जांच के दौरान सभी संबंधित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, अब तक की जांच में किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिल्ली हाईकोर्ट को मिली धमकी के बाद परिसर में सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय किया गया और व्यापक सुरक्षा जांच की गई। यह घटनाक्रम स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले सामने आया है, जिसके चलते राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | The Delhi High Court on Friday received a bomb threat via e-mail that led to panic in the premises. The threat comes a day ahead of Independence Day. Visuals from Delhi High Court.&lt;a href="https://x.com/hashtag/DelhiHighCourt?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#DelhiHighCourt&lt;/a&gt;&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Full video available on PTI Videos - &lt;a href="https://t.co/d8jp61yd2p"&gt;https://t.co/d8jp61yd2p&lt;/a&gt;) &lt;a href="https://t.co/eJcDCjRWdh"&gt;pic.twitter.com/eJcDCjRWdh&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2088178971397743077?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>स्वतंत्रता दिवस से पहले बढ़ी सतर्कता</b></h5><p>15 अगस्त को देशभर में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए जाने हैं। ऐसे में राजधानी के महत्वपूर्ण सरकारी, सार्वजनिक और परिवहन स्थलों को मिली धमकी को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां धमकी के स्रोत और उसकी विश्वसनीयता का पता लगाने में जुटी हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">शुक्रवार सुबह मिली धमकियों के बाद दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। संबंधित स्थानों पर सुरक्षा जांच की गई और फायर टेंडर तैनात किए गए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार अभी तक किसी वास्तविक विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली हाईकोर्ट, IGI एयरपोर्ट T3 समेत 6 जगहों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/fcra-delimitation-bill-give-take-plan-5824 ]]></guid><title><![CDATA[ FCRA और परिसीमन बिल पर सस्पेंस, क्या विपक्ष से ‘Give and Take’ करेगी सरकार? ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/fcra-delimitation-bill-give-take-plan-5824 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 10 Aug 2026 17:48:52 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र के अब सिर्फ तीन दिन बचे हैं और इसके साथ ही दो अहम विधेयकों—FCRA संशोधन बिल और परिसीमन संविधान संशोधन बिल—को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली:</b> संसद के मॉनसून सत्र के अब सिर्फ तीन दिन बचे हैं और इसके साथ ही दो अहम विधेयकों—<b>FCRA संशोधन बिल और परिसीमन संविधान संशोधन बिल</b>—को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि दोनों विधेयकों को सदन में कब और किस रणनीति के साथ लाया जाएगा। हालांकि, सरकारी सूत्रों के मुताबिक विपक्षी दलों के साथ सहमति बनाने के लिए<b> ‘Give and Take’</b> का विकल्प खुला हुआ है।</p><p>20 जुलाई से शुरू हुए मॉनसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिला है। हंगामे के बीच सरकार ने कुछ विधेयकों को पारित भी कराया, लेकिन<b> FCRA और परिसीमन</b> जैसे मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बन पाई है।</p><h5 class=""><b>छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर चर्चा को सरकार तैयार</b></h5><p>संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सरकार ने 20 जुलाई को संसद भवन की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा की विपक्ष की मांग स्वीकार कर ली। सरकार की ओर से कहा गया कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में इस विषय पर जवाब देंगे।</p><p>हालांकि, इसके बाद विपक्षी दलों के बीच भी एकराय नजर नहीं आई। समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले पर चर्चा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब की मांग रख दी। ऐसे में संसद का गतिरोध पूरी तरह खत्म होने के संकेत अभी नहीं मिले हैं।</p><h5 class=""><b>FCRA बिल पर सरकार के सामने क्या विकल्प?</b></h5><p>FCRA संशोधन बिल को लेकर विपक्ष का विरोध जारी है। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने सरकार के बिल को संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC के पास भेजने के विकल्प को भी खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि सरकार को यह विधेयक वापस लेना चाहिए।</p><p>दूसरी ओर, सरकारी सूत्रों के मुताबिक आने वाले तीन दिनों में FCRA बिल को सदन में पेश करने का विकल्प अभी खुला है। सूत्रों का दावा है कि सरकार इस मुद्दे पर कांग्रेस और DMK जैसे दलों के साथ बातचीत कर सकती है।</p><p>सरकार FCRA बिल में कुछ बदलाव करके विपक्ष की आपत्तियां कम करने की कोशिश भी कर सकती है। इसी के साथ परिसीमन बिल पर समर्थन हासिल करने के लिए राजनीतिक स्तर पर सहमति बनाने की संभावना पर भी चर्चा है।</p><h5 class=""><b>DMK के रुख पर नजर</b></h5><p>FCRA और परिसीमन दोनों मुद्दों पर DMK का रुख सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, FCRA पर कुछ कदम पीछे हटने के बदले परिसीमन बिल पर DMK के समर्थन की संभावना तलाशने की कोशिश हो सकती है।</p><p>हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्षों के बीच किसी तरह की औपचारिक सहमति बनी है या नहीं। ऐसे में अगले कुछ दिन संसद की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं।</p><h5 class=""><b>शरद पवार गुट के सांसदों की PM मोदी से मुलाकात</b></h5><p>परिसीमन बिल को लेकर राजनीतिक गतिविधियां उस समय और तेज हुईं, जब NCP के शरद पवार गुट के सभी आठ लोकसभा सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बताया गया कि बैठक का मुख्य मुद्दा महाराष्ट्र में सूखे और अकाल की स्थिति था।</p><p>हालांकि, इस मुलाकात को परिसीमन बिल के लिए समर्थन जुटाने की सरकार की संभावित कोशिश से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकारी सूत्रों का दावा है कि परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन को पारित कराने के लिए सरकार के पास जरूरी संख्या मौजूद है।</p><h5 class=""><b>फिर बिल क्यों नहीं ला रही सरकार?</b></h5><p>यही सवाल अब संसद के गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा में है। अगर सरकार के पास आवश्यक संख्या होने का दावा है तो परिसीमन बिल को अभी तक सदन में क्यों नहीं लाया गया? सरकारी सूत्रों के अनुसार विपक्ष इस विधेयक को रोकने के लिए लगातार अलग-अलग मुद्दों के जरिए सदन में गतिरोध बनाए रखना चाहता है।</p><p>वहीं विपक्ष का तर्क है कि सरकार को पहले विवादित विधेयकों पर व्यापक चर्चा और सहमति का रास्ता अपनाना चाहिए।</p><h5 class=""><b>विशेष सत्र की भी चर्चा</b></h5><p>अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर अगले दो दिनों में परिसीमन विधेयक सदन में नहीं आया या पारित नहीं हो सका तो सरकार की अगली रणनीति क्या होगी। क्या सरकार शीतकालीन सत्र तक इंतजार करेगी या फिर इसके लिए विशेष सत्र बुलाने का विकल्प चुना जाएगा?</p><p>फिलहाल सरकार और विपक्ष दोनों की रणनीति पर नजर बनी हुई है। मॉनसून सत्र के आखिरी तीन दिन यह तय कर सकते हैं कि FCRA और परिसीमन बिल संसद की कार्यवाही में आगे बढ़ते हैं या राजनीतिक सहमति के अभाव में इनका इंतजार बढ़ जाता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ FCRA और परिसीमन बिल पर सस्पेंस, क्या विपक्ष से ‘Give and Take’ करेगी सरकार? ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/aap-saurabh-bharadwaj-rs-22000-crore-rice-scam-allegation-5805 ]]></guid><title><![CDATA[ ₹22,000 करोड़ के चावल घोटाले की साजिश का आरोप, AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने उठाए सवाल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/aap-saurabh-bharadwaj-rs-22000-crore-rice-scam-allegation-5805 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 09 Aug 2026 14:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में गरीबों के लिए मिलने वाले सब्सिडी वाले चावल की कथित हेराफेरी को लेकर 22,000 करोड़ रुपये के घोट ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में गरीबों के लिए मिलने वाले सब्सिडी वाले चावल की कथित हेराफेरी को लेकर 22,000 करोड़ रुपये के घोटाले की योजना का आरोप लगाया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">भारद्वाज ने दावा किया कि असम स्थित एक कॉरपोरेशन और दिल्ली सरकार की ओर से भारतीय खाद्य निगम (FCI) को भारी सब्सिडी वाले चावल की मांग को लेकर औपचारिक अनुरोध भेजा गया था।</span></p><p>उनके मुताबिक, दिल्ली में गरीबों के बीच वितरण के लिए हर सप्ताह 31,000 मीट्रिक टन चावल की मांग की गई थी। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित व्यवस्था के जरिए बड़े पैमाने पर सब्सिडी वाले खाद्यान्न की हेराफेरी की योजना थी।</p><h5 class=""><b>हर सप्ताह ₹143 करोड़ के घोटाले का आरोप</b></h5><p>सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया कि इस कथित व्यवस्था से हर सप्ताह करीब 143 करोड़ रुपये के घोटाले की योजना थी और इसे तीन वर्षों तक चलाया जाना था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब्सिडी वाला चावल दिल्ली के किसी गरीब व्यक्ति तक नहीं पहुंचा और कथित तौर पर इसे भारी मुनाफे पर हरियाणा की एक निजी कंपनी को बेच दिया गया।</span></p><p>AAP नेता के दावे के मुताबिक, यदि यह व्यवस्था तीन वर्षों तक चलती, तो कथित घोटाले की कुल राशि करीब 22,000 करोड़ रुपये होती।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, ये आरोप सौरभ भारद्वाज द्वारा लगाए गए हैं और दिए गए विवरण में किसी जांच एजेंसी या अदालत द्वारा इन आरोपों की पुष्टि का उल्लेख नहीं है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Read Rs 22000 Crore Scam Plan&lt;br&gt;&lt;br&gt;A corporation based in Assam and the Delhi government sent a formal request to FCI to get heavily subsidised rice from FCI (Food Corporation of India). &lt;br&gt;&lt;br&gt;A huge quantity of 31000 metric tons of rice per week was demanded to be distributed among the… &lt;a href="https://t.co/u3Kklhzbpt"&gt;pic.twitter.com/u3Kklhzbpt&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) &lt;a href="https://x.com/Saurabh_MLAgk/status/2086309085000163343?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>मतदाता सूची को लेकर भी उठाए सवाल</b></h5><p>इससे पहले गुरुवार को सौरभ भारद्वाज ने AAP नेताओं संजय झा और कुलदीप कुमार के साथ दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अशोक कुमार से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के चल रहे Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चिंता जताई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली के गांवों और JJ क्लस्टरों में रहने वाले कई वास्तविक मतदाताओं को अभी तक Enumeration Forms नहीं मिले हैं।&nbsp;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी दावा किया कि कई पात्र मतदाताओं को गलत तरीके से ‘shifted’ यानी स्थानांतरित बताया जा रहा है, जिसके चलते उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">AAP नेता ने इस प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने और मतदाता सूची को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ₹22,000 करोड़ के चावल घोटाले की साजिश का आरोप, AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने उठाए सवाल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/saurabh-bharadwaj-delhi-rice-scam-22000-crore-5804 ]]></guid><title><![CDATA[ AAP's Saurabh Bharadwaj alleges Rs 22,000 crore rice scam plan in Delhi ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/saurabh-bharadwaj-delhi-rice-scam-22000-crore-5804 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 09 Aug 2026 13:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ New Delhi, India: Aam Aadmi Party (AAP) Delhi president Saurabh Bharadwaj on Sunday alleged a Rs 22,000 crore scam involving the distribution of subsidised rice meant for the poor in the national capi ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>New Delhi, India:</b> Aam Aadmi Party (AAP) Delhi president Saurabh Bharadwaj on Sunday alleged a Rs 22,000 crore scam involving the distribution of subsidised rice meant for the poor in the national capital.</span></p><p>Bharadwaj alleged that a corporation based in Assam and the Delhi government had sent a formal request to the Food Corporation of India (FCI) for heavily subsidised rice.</p><p>He claimed that 31,000 metric tonnes of rice per week was demanded for distribution among the poor in Delhi and alleged that the proposed arrangement involved a large-scale diversion of subsidised foodgrain.</p><p>In a post on X, Bharadwaj wrote, "Read Rs 22000 Crore Scam Plan: A corporation based in Assam and the Delhi government sent a formal request to FCI to get heavily subsidised rice from FCI (Food Corporation of India). A huge quantity of 31000 metric tons of rice per week was demanded to be distributed among the poor of Delhi."</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Read Rs 22000 Crore Scam Plan&lt;br&gt;&lt;br&gt;A corporation based in Assam and the Delhi government sent a formal request to FCI to get heavily subsidised rice from FCI (Food Corporation of India). &lt;br&gt;&lt;br&gt;A huge quantity of 31000 metric tons of rice per week was demanded to be distributed among the… &lt;a href="https://t.co/u3Kklhzbpt"&gt;pic.twitter.com/u3Kklhzbpt&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) &lt;a href="https://x.com/Saurabh_MLAgk/status/2086309085000163343?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p>He further claimed that the alleged arrangement amounted to a scam of Rs 143 crore per week and was planned for three years, resulting in an alleged scam of Rs 22,000 crore.</p><p>"This subsidised rice never reached even a single poor person. All the rice was sold to a private company in Haryana at heavy profits. This means a scam of Rs 143 crore per week was planned for 3 years. This was a planned scam of Rs 22000 crore in 3 years," the post read.</p><p>Earlier on Thursday, Bhardwaj, Sanjeev Jha and Kuldeep Kumar met Delhi Chief Electoral Officer (CEO) Ashok Kumar and raised concerns regarding the ongoing Special Intensive Revision (SIR) of electoral rolls, alleging that several genuine voters are being wrongly removed from the voter list.</p><p>After the meeting, Bhardwaj claimed that a large number of eligible voters, particularly those residing in villages and JJ clusters, had not yet received enumeration forms.</p><p>"A large number of genuine voters in Delhi, particularly those living in villages and JJ clusters, have not yet received enumeration forms. At the same time, many genuine voters are being wrongly marked as 'shifted ', and their names are being removed from the electoral roll," Bhardwaj said.&nbsp;</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ AAP's Saurabh Bharadwaj alleges Rs 22,000 crore rice scam plan in Delhi ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/kejriwal-national-town-hall-e20-issue-5640 ]]></guid><title><![CDATA[ E20 विवाद पर केजरीवाल का ‘नेशनल टाउन हॉल’, PM मोदी को सौंपेंगे 2 लाख से ज्यादा याचिकाएं ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/kejriwal-national-town-hall-e20-issue-5640 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 27 Jul 2026 13:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: E20 पेट्रोल के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर जनता की राय जुटाने ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>E20 पेट्रोल के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर जनता की राय जुटाने के लिए ‘नेशनल टाउन हॉल’ आयोजित करेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2 लाख से ज्यादा याचिकाएं सौंपी जाएंगी।</span></p><p>एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि देश के युवाओं की ताकत के सामने सरकार को झुकना पड़ा और इसी का परिणाम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के रूप में सामने आया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से E20 मुद्दे का जल्द समाधान करने की अपील की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">केजरीवाल ने कहा, “देश के युवाओं ने एक अहंकारी सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ। अब मैं प्रधानमंत्री से अपील करता हूं कि E20 मुद्दे को भी बड़े जनआंदोलन में बदलने से पहले सुलझाया जाए।”</span></p><h5 class=""><b>E20 मुद्दे पर ‘नेशनल टाउन हॉल’ का ऐलान</b></h5><p>अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इस शनिवार दोपहर ‘नेशनल टाउन हॉल’ का आयोजन किया जाएगा। दिल्ली-एनसीआर के लोग इसमें व्यक्तिगत रूप से शामिल हो सकेंगे, जबकि देश के दूसरे हिस्सों से लोग ऑनलाइन जुड़ सकेंगे।</p><p>उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों, प्रभावित लोगों और आम जनता के साथ E20 मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। केजरीवाल के मुताबिक, आम आदमी पार्टी की ओर से शुरू की गई ऑनलाइन याचिका पर अब तक 2 लाख से ज्यादा पत्र मिल चुके हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “मैं अगले सप्ताह इन पत्रों को प्रधानमंत्री के आवास पर लेकर जाऊंगा।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;देश के युवाओं ने एक होकर आवाज़ उठाई तो धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा। E20 पर भी हमें एक होकर आवाज़ उठानी पड़ेगी।&lt;br&gt;&lt;br&gt;इस शनिवार हम &amp;#39;नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20&amp;#39; आयोजित कर रहे हैं, जिसमें शामिल होकर आप E20 पर अपनी बात रख सकते हैं। आप इसमें ऑनलाइन भी शामिल हो सकते हैं। आप सभी… &lt;a href="https://t.co/PacK9aVocX"&gt;pic.twitter.com/PacK9aVocX&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) &lt;a href="https://x.com/ArvindKejriwal/status/2081631768218923044?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 27, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>सरकार की नीयत पर उठाए सवाल</b></h5><p>केजरीवाल ने छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान बिहार और अन्य राज्यों में हुई पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है और इससे सरकार की नीयत पर सवाल उठते हैं।</p><p>केंद्र सरकार के नए पेपर लीक कानून पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। केजरीवाल ने कहा कि सवाल केवल कानून बनाने का नहीं, बल्कि उसे लागू करने की नीयत का है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर पेपर लीक माफिया के खिलाफ कार्रवाई की इच्छाशक्ति नहीं होगी, तो कितना भी सख्त कानून बना दिया जाए, उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।</p><h5 class=""><b>पंजाब और दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था का किया जिक्र</b></h5><p>पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से जुड़े सवाल पर केजरीवाल ने दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के शिक्षा क्षेत्र में किए गए कामों का उल्लेख किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में AAP सरकार के दस साल के कार्यकाल में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। वहीं, पंजाब में भी पिछले पांच वर्षों में पेपर लीक का कोई मामला सामने नहीं आया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">केजरीवाल ने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा करते हुए कहा कि 2022 से पहले पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान पर था, जबकि अब वह पहले स्थान पर पहुंच गया है।</span></p><p>E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार की नीति और इसके संभावित प्रभावों पर पहले से ही बहस जारी है। अब अरविंद केजरीवाल के ‘नेशनल टाउन हॉल’ और प्रधानमंत्री को 2 लाख से ज्यादा याचिकाएं सौंपने के ऐलान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ E20 विवाद पर केजरीवाल का ‘नेशनल टाउन हॉल’, PM मोदी को सौंपेंगे 2 लाख से ज्यादा याचिकाएं ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/jantar-mantar-cleanup-after-cjp-protest-5630 ]]></guid><title><![CDATA[ CJP प्रदर्शन खत्म होते ही जंतर मंतर की रातोंरात सफाई, NDMC ने लौटाई पुरानी रौनक... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/jantar-mantar-cleanup-after-cjp-protest-5630 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 26 Jul 2026 19:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का एक महीने से ज्यादा समय तक चला प्रदर्शन खत्म होने के बाद नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने जंतर मंतर में रातभर सफाई अभियान चलाकर इलाके को फिर से व्यवस्थित कर द ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का एक महीने से ज्यादा समय तक चला प्रदर्शन खत्म होने के बाद नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने जंतर मंतर में रातभर सफाई अभियान चलाकर इलाके को फिर से व्यवस्थित कर दिया।</span></p><p>प्रदर्शनकारियों के वहां से जाने के बाद NDMC कर्मचारियों ने पूरे इलाके से कचरा हटाया, सड़कों की धुलाई की, दीवारों पर दोबारा पेंट किया और सार्वजनिक स्थल को पहले की स्थिति में बहाल किया। NDMC के वाइस चेयरमैन कुलजीत सिंह चहल ने प्रदर्शन स्थल का दौरा करते हुए बताया कि प्रदर्शन खत्म होने के बाद पूरी रात नगर निकाय की टीम ने सफाई और बहाली का काम किया।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi: NDMC Vice Chairman Kuljeet Singh Chahal visits Jantar Mantar, says, &amp;quot;... After the protest ended yesterday and people began leaving, our entire NDMC team worked through the night. We cleaned the entire Jantar Mantar area—clearing garbage, washing the roads,… &lt;a href="https://t.co/vF0cuRK84e"&gt;pic.twitter.com/vF0cuRK84e&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2081320249077506054?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 26, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><span style="font-size: 1rem;"><b>रात भर सफाई की गई, कचरा हटाया गया- वाइस चेयरमैन</b></span></h5><p><span style="font-size: 1rem;">वाइस चेयरमैन&nbsp;</span>ने कहा, “प्रदर्शन खत्म होने और लोगों के वहां से जाने के बाद हमारी पूरी NDMC टीम ने रातभर काम किया। पूरे जंतर मंतर इलाके की सफाई की गई, कचरा हटाया गया, सड़कों को धोया गया, दीवारों पर दोबारा पेंट किया गया और जगह को बहाल किया गया।”</p><p>CJP का यह आंदोलन NEET-UG 2026 पेपर लीक और कथित परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर एक महीने से ज्यादा समय तक चला। आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक भूख हड़ताल की, जिसने आंदोलन को व्यापक समर्थन दिलाया।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi: After the CJP withdrew its protest and the protesters vacated the site, the NDMC launched a cleanliness drive at Jantar Mantar &lt;a href="https://t.co/0bZi0r1FIc"&gt;pic.twitter.com/0bZi0r1FIc&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2081152382449402059?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>‘चलो संसद’ मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद आंदोलन तेज हुआ</b></h5><p>20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद यह आंदोलन और तेज हो गया था। इसके बाद विपक्षी दलों के कई नेताओं ने भी जंतर मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद CJP ने अपना आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया।</span></p><p>CJP ने कहा कि सरकार ने NEET अभ्यर्थियों की आत्महत्या से मौत के मामलों में उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने का आश्वासन दिया है। वहीं, प्रदर्शन समाप्त होने के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने भी दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों पर यात्रियों के लिए प्रवेश और निकास द्वार फिर से खोल दिए।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CJP प्रदर्शन खत्म होते ही जंतर मंतर की रातोंरात सफाई, NDMC ने लौटाई पुरानी रौनक... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-hc-hearing-pil-internet-shutdown-jantar-mantar-student-protest-5597 ]]></guid><title><![CDATA[ छात्र आंदोलन के बीच इंटरनेट शटडाउन पर हाई कोर्ट सख्त, आज होगी PIL पर सुनवाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-hc-hearing-pil-internet-shutdown-jantar-mantar-student-protest-5597 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 24 Jul 2026 13:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर दिल्ली हाई कोर्ट आज सुनवाई करेगा। यह याचिका राजधानी में जारी छात्र विरोध प्रदर् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर दिल्ली हाई कोर्ट आज सुनवाई करेगा। यह याचिका राजधानी में जारी छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच इंटरनेट सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ दायर की गई है।</span></p><p>मामले को दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच के सामने तत्काल सुनवाई के लिए पेश किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई की मांग की थी। इसके बाद अदालत ने शुक्रवार को दोपहर 2:30 बजे मामले की सुनवाई करने पर सहमति जताई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्वेस के पेश होने की संभावना है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The Delhi High Court is set to hear a plea challenging the order suspending mobile internet services around the Jantar Mantar protest site. The petitioner&amp;#39;s counsel mentioned the matter before the Chief Justice, seeking an urgent hearing. The plea also challenges the restrictions… &lt;a href="https://t.co/CQQ6Inm9S1"&gt;pic.twitter.com/CQQ6Inm9S1&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2080525387189424590?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>इंटरनेट बंदी को बताया गया मनमाना और असंगत</b></p><p>PIL में जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने के फैसले को चुनौती दी गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इंटरनेट सेवाओं पर लगाया गया प्रतिबंध मनमाना, असंगत और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट से सरकार के इस फैसले की न्यायिक समीक्षा करने और उचित राहत देने की मांग की है।</p><p><b>1.5 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं बंद</b></p><p>गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद गुरुवार को जंतर-मंतर के आसपास करीब 1.5 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश दिया गया था। यह प्रतिबंध शाम 4 बजे से आधी रात तक लागू किया गया।</p><p>हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक इंटरनेट बंदी का असर जंतर-मंतर से आगे तक देखने को मिला। मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के आसपास भी मोबाइल डेटा सेवाएं प्रभावित होने की बात सामने आई, जो प्रदर्शन स्थल से करीब दो किलोमीटर दूर है।</p><p><b>कनॉट प्लेस में भी कारोबारी गतिविधियां प्रभावित</b></p><p>प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के चलते कनॉट प्लेस में भी कारोबारी गतिविधियों पर असर पड़ा। नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) की ओर से दुकानों, दफ्तरों और रेस्तरां को शाम 6:30 बजे तक बंद करने की अपील की गई थी।</p><p>एसोसिएशन के मुताबिक, यह सलाह नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) के चेयरपर्सन और वाइस चेयरपर्सन की ओर से मिले टेलीफोनिक निर्देशों के बाद जारी की गई। कारोबारियों से किसी अप्रिय घटना या संपत्ति को नुकसान से बचने के लिए सहयोग करने को कहा गया।</p><p><b>छात्र प्रदर्शन के बीच बढ़ी सुरक्षा</b></p><p>जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों और प्रदर्शनकारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत शिक्षा व्यवस्था और कथित NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।</p><p>प्रदर्शन को देखते हुए सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अब इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। आज की सुनवाई में अदालत यह देखेगी कि सरकार का यह फैसला कानूनी और संवैधानिक कसौटी पर कितना उचित है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ छात्र आंदोलन के बीच इंटरनेट शटडाउन पर हाई कोर्ट सख्त, आज होगी PIL पर सुनवाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/shraddha-walkar-case-aftab-court-seating-5578 ]]></guid><title><![CDATA[ श्रद्धा वॉकर हत्याकांड: आफताब को वकील के पास बैठने की अनुमति, कोर्ट ने खारिज की आपत्ति... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/shraddha-walkar-case-aftab-court-seating-5578 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 23 Jul 2026 09:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: श्रद्धा वॉकर हत्याकांड मामले में साकेत कोर्ट ने आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के वकील की सीट के पास बैठने को लेकर शिकायतकर्ता के वकील की आपत्ति खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि भारत में हर आरोपी को ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> श्रद्धा वॉकर हत्याकांड मामले में साकेत कोर्ट ने आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के वकील की सीट के पास बैठने को लेकर शिकायतकर्ता के वकील की आपत्ति खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि भारत में हर आरोपी को निर्दोष माने जाने की धारणा के तहत निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों की रिकॉर्डिंग के दौरान शिकायतकर्ता के वकील सीमा समृद्धि कुशवाहा ने आपत्ति जताई थी कि आरोपी आफताब वकील की मेज के पास बैठा है। अदालत ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार स्पष्ट किया है कि किसी आरोपी को अदालत कक्ष में उचित स्थान पर बैठने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।</span></p><p><b>आफताब अपने वकील के ठीक पीछे बैठ सकेगा</b></p><p>अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी ने कहा कि अदालत की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने और संचार में सुविधा के लिए आफताब अमीन पूनावाला को उसकी वकील मेघा सरोआ के ठीक पीछे बैठने की अनुमति दी गई है।</p><p>अदालत ने कहा कि अपराध कितना भी गंभीर या जघन्य क्यों न हो, आरोपी के अधिकारों को खत्म नहीं किया जा सकता। आरोपी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जा सकता जिसमें घृणा या बदले की भावना झलके।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi court rejects plea objecting to Shraddha Walkar murder accused seating during trial&lt;a href="https://x.com/aarnobs?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@aarnobs&lt;/a&gt; ✍🏻 &lt;a href="https://t.co/4CQEdncKxp"&gt;https://t.co/4CQEdncKxp&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Hindustan Times (@htTweets) &lt;a href="https://x.com/htTweets/status/2080124651745968397?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>'हर आरोपी को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार'</b></p><p>अदालत ने कहा कि आपराधिक न्याय व्यवस्था में निर्दोष माने जाने की धारणा और निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार महत्वपूर्ण हैं। निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार में वकील तक पहुंच और अपनी पसंद के कानूनी प्रतिनिधि से बचाव कराने का अधिकार भी शामिल है।</p><p>अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 22(1) और दंड प्रक्रिया से जुड़े कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि कई बार आरोपी को अपने वकील से संवाद करने के लिए उसके पर्याप्त करीब बैठना जरूरी हो सकता है।</p><p><b>27 जुलाई को होगी आगे की सुनवाई</b></p><p>साकेत कोर्ट ने मामले में आगे की जांच और जिरह के लिए 27 जुलाई की तारीख तय की है। वहीं, 23 जुलाई को जांच अधिकारी राम सिंह की गवाही दर्ज की जाएगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिल्ली पुलिस ने 2025 के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों के तहत विदेश में मौजूद गवाहों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही दर्ज करने की अनुमति मांगी है।</span></p><p>इन गवाहों में व्हाट्सऐप और मेटा प्लेटफॉर्म इंक के नोडल अधिकारी एड्रियन सिल्वेरा, गूगल एलएलसी की नोडल अधिकारी शेल्बी स्मिथ, गूगल (जीमेल) की नोडल अधिकारी आरती शेठ और बंबल के नोडल अधिकारी ल्यूक मित्सी शामिल हैं। ये सभी गवाह भारत से बाहर स्थित हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आरोपी के वकील के अनुरोध पर अदालत ने इस आवेदन पर जवाब दाखिल करने के लिए दो दिन का समय दिया है। इस आवेदन पर 24 जुलाई को सुनवाई होगी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">साकेत कोर्ट इस मामले में अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों की रोजाना आधार पर रिकॉर्डिंग कर रही है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ श्रद्धा वॉकर हत्याकांड: आफताब को वकील के पास बैठने की अनुमति, कोर्ट ने खारिज की आपत्ति... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-metro-16-stations-closed-dmrc-rajiv-chowk-blue-line-5568 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद, DMRC की एडवाइजरी जारी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-metro-16-stations-closed-dmrc-rajiv-chowk-blue-line-5568 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 22 Jul 2026 12:15:16 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने बड़ा फैसला लिया है। DMRC ने शहर के 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट को अगले ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए <b>दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) </b>ने बड़ा फैसला लिया है। DMRC ने शहर के 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। इस निर्णय का असर राजधानी के सबसे व्यस्त मेट्रो कॉरिडोरों में से एक ब्लू लाइन समेत कई प्रमुख रूटों पर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ सकता है।</p><p>DMRC के अनुसार, यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया है। हालांकि, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर ट्रेन बदलने की सुविधा जारी रहेगी। ऐसे में जिन यात्रियों को केवल इंटरचेंज करना है, वे निर्धारित स्टेशनों का उपयोग कर सकेंगे।</p><h5 class=""><b>इन स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद</b></h5><p><b>फिलहाल जिन 16 स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है, उनमें शामिल हैं—</b></p><ol><li>लोक कल्याण मार्ग<br></li><li>राजीव चौक<br></li><li>पटेल चौक<br></li><li>रामकृष्ण आश्रम मार्ग<br></li><li>बाराखंभा रोड<br></li><li>सुप्रीम कोर्ट<br></li><li>सेवा तीर्थ<br></li><li>जनपथ<br></li><li>मंडी हाउस<br></li><li>केंद्रीय सचिवालय<br></li><li>आईटीओ<br></li><li>दिल्ली गेट<br></li><li>इंद्रप्रस्थ<br></li><li>खान मार्केट<br></li><li>जोर बाग<br></li><li>शिवाजी स्टेडियम</li></ol><p>इन सभी स्टेशनों पर यात्रियों के लिए प्रवेश और निकास दोनों पर रोक लगा दी गई है।</p><h5 class=""><b>इंटरचेंज सुविधा रहेगी जारी</b></h5><p>DMRC ने स्पष्ट किया है कि राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय जैसे प्रमुख स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यानी यात्री इन स्टेशनों पर ट्रेन बदल सकेंगे, लेकिन स्टेशन से बाहर निकलने या अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Service Update &lt;br&gt;&lt;br&gt;Below mentioned Metro stations have been closed till further instructions. However, Interchange facility shall remain available at Rajiv Chowk, Mandi House and Central Secretariat. &lt;br&gt;&lt;br&gt;1. Lok Kalyan Marg&lt;br&gt;2. Rajiv Chowk&lt;br&gt;3. Patel Chowk&lt;br&gt;4. Ramakrishna Ashram Marg&lt;br&gt;5.…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Delhi Metro Rail Corporation (@OfficialDMRC) &lt;a href="https://x.com/OfficialDMRC/status/2079808079563301229?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>जंतर-मंतर और संसद क्षेत्र के आसपास बढ़ाई गई सुरक्षा</b></h5><p>बंद किए गए अधिकांश स्टेशन जंतर-मंतर, संसद मार्ग और केंद्रीय दिल्ली के संवेदनशील इलाकों के आसपास स्थित हैं। हाल के दिनों में राजधानी में विरोध प्रदर्शनों और संसद के मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। इसी के मद्देनजर यह एहतियाती कदम उठाया गया है।</p><h5 class=""><b>यात्रियों को पहले से योजना बनाने की सलाह</b></h5><p>दिल्ली मेट्रो देश की सबसे व्यस्त सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में शामिल है। खासतौर पर ब्लू लाइन और सेंट्रल दिल्ली के स्टेशन रोजाना लाखों यात्रियों की आवाजाही संभालते हैं। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई है कि घर से निकलने से पहले DMRC के आधिकारिक अपडेट जरूर देखें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।</p><h5 class=""><b>अगले आदेश तक लागू रहेगा फैसला</b></h5><p>DMRC ने फिलहाल यह नहीं बताया है कि ये स्टेशन कब तक बंद रहेंगे। यात्रियों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें और यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाएं। जैसे ही सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अनुमति मिलेगी, स्टेशनों को सामान्य संचालन के लिए फिर से खोला जाएगा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद, DMRC की एडवाइजरी जारी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/cjp-parliament-march-permission-delhi-police-5512 ]]></guid><title><![CDATA[ 20 जुलाई को संसद मार्च के लिए CJP ने नहीं मांगी अनुमति, दिल्ली पुलिस सूत्रों का दावा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/cjp-parliament-march-permission-delhi-police-5512 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 18 Jul 2026 16:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन जारी है। संगठन ने सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन संसद की ओर मार्च करने का आह्वान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस के सूत ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन जारी है। संगठन ने सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन संसद की ओर मार्च करने का आह्वान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने मीडिया को बताया कि संगठन ने इस मार्च के लिए अब तक पुलिस से आधिकारिक अनुमति नहीं मांगी है।</span></p><p>यह मार्च पहले जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने घोषित किया था। शनिवार सुबह तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सूत्रों के अनुसार, अगर संगठन अब अनुमति के लिए आवेदन करता भी है, तो संसद के आगामी मानसून सत्र को देखते हुए लागू कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण अनुमति मिलने की संभावना बेहद कम है।</span></p><p><b>संसद सत्र के दौरान दिल्ली पुलिस&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करती है</span></b></p><p>गौरतलब है कि संसद सत्र के दौरान दिल्ली पुलिस नई दिल्ली जिले में, खासकर संसद भवन और इंडिया गेट के आसपास, BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करती है। यह प्रावधान पहले धारा 144 के नाम से जाना जाता था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके तहत चार या उससे अधिक लोगों के जमावड़े, बिना अनुमति रैली और हथियार लेकर चलने पर रोक रहती है। संसद का मानसून सत्र शुरू होने के साथ ही इन प्रतिबंधों को कड़ाई से लागू किया जा रहा है, ताकि प्रदर्शन को रोका जा सके और सांसदों की आवाजाही सुचारू बनी रहे।</span></p><p>2026 का संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने वाला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस चार सप्ताह के विधायी सत्र के लिए दोनों सदनों की बैठक बुलाने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बिना अनुमति संसद की ओर मार्च करने वाले छात्र संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को तत्काल हिरासत में लिए जाने या वहां से हटाए जाने का सामना करना पड़ सकता है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The Cockroach Janta Party (CJP) has not yet sought permission for the proposed march to Parliament. Even if CJP applies for permission, the police are unlikely to grant it due to the ongoing Monsoon Session of Parliament: Delhi Police Sources &lt;a href="https://t.co/vcKc3pbhLY"&gt;pic.twitter.com/vcKc3pbhLY&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2078393789069353238?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 18, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>कुछ प्रदर्शनकारियों ने जांच में बाधा डालने की कोशिश की- पुलिस</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>प्रस्तावित मार्च को लेकर यह गतिरोध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह जंतर-मंतर पर एक मेडिकल टीम अदालत के निर्देश के तहत वांगचुक की नियमित दैनिक स्वास्थ्य जांच करने पहुंची थी। पुलिस ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने जांच में बाधा डालने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी।</span></p><p>नई दिल्ली के DCP ने X पर पोस्ट कर कहा, "श्री वांगचुक की नाजुक स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर उन्हें मेडिकल जांच और जरूरत पड़ने पर आगे के उपचार के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अस्पताल की मेडिकल टीम के विस्तृत परीक्षण में सामने आया कि 20 दिनों की भूख हड़ताल के कारण वांगचुक काफी कमजोर हो गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक उपवास के कारण उनमें डिहाइड्रेशन के स्पष्ट लक्षण भी पाए गए हैं।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>सोनम वांगचुक की हालत अब स्थिर है- डॉ. चारु बंबा</b></span></p><p>वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं। उनकी आगे की जांच की जा रही है और विशेषज्ञ चिकित्सकीय निगरानी में स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. चारु बंबा ने बताया कि वांगचुक की हालत स्थिर है, लेकिन लंबे समय तक भूख हड़ताल के कारण उन्हें हल्का डिहाइड्रेशन और कमजोरी है।</span></p><p>उन्होंने कहा, "सोनम वांगचुक सुबह करीब 7:40 बजे हमारे अस्पताल पहुंचे। लंबे समय तक भूख हड़ताल के कारण वह कुछ कमजोर हैं और उन्हें हल्का डिहाइड्रेशन है। इसके अलावा उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक स्थिर हैं। उनकी लगातार जांच और निगरानी की जा रही है और इलाज जारी है।"</p><p><b>दिल्ली पुलिस ने बुलाई&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आपातकालीन उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठक</span></b></p><p>इस बीच, दिल्ली पुलिस ने शनिवार दोपहर 1 बजे पुलिस मुख्यालय में एक आपातकालीन उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठक बुलाई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार की अध्यक्षता में हुई यह बैठक सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों को जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद बुलाई गई।</span></p><p>सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। वह कथित देशव्यापी परीक्षा अनियमितताओं, जिसमें NEET पेपर लीक विवाद भी शामिल है, को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं, वामपंथी छात्र संगठनों के सदस्य भी जंतर-मंतर पर CJP द्वारा आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक के खिलाफ हुई कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने खुद भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखने की घोषणा की।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 20 जुलाई को संसद मार्च के लिए CJP ने नहीं मांगी अनुमति, दिल्ली पुलिस सूत्रों का दावा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sanjay-singh-sonam-wangchuk-police-chief-row-5504 ]]></guid><title><![CDATA[ 'सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कराने के लिए पीएम मोदी ने बदला दिल्ली पुलिस कमिश्नर': संजय सिंह ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sanjay-singh-sonam-wangchuk-police-chief-row-5504 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 18 Jul 2026 11:24:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कराने के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को बदला ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">नई दिल्ली: </b><span style="font-size: 1rem;">आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कराने के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को बदला। उन्होंने दावा किया कि वांगचुक के 20 जुलाई को संसद की ओर प्रस्तावित मार्च से पहले यह बदलाव किया गया।</span></p><p>गृह मंत्रालय (MHA) ने शुक्रवार को वरिष्ठ IPS अधिकारी अनुराग कुमार को दिल्ली का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया। उन्होंने सतीश गोलचा की जगह पदभार संभाला।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">एक वीडियो संदेश में संजय सिंह ने कहा कि 59 वर्षीय सोनम वांगचुक 21 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और कथित पेपर लीक से प्रभावित देश के लाखों युवाओं की आवाज उठा रहे हैं।</span></p><p><b>प्रधानमंत्री को पता था कि यह आवाज़ बहुत तेज़ हो जाएगी- संजय सिंह</b></p><p>आप नेता ने आरोप लगाया, "प्रधानमंत्री को पता था कि यह आवाज बहुत तेज हो जाएगी। इसलिए उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को बदल दिया और ऐसे पुलिस कमिश्नर को नियुक्त किया जो सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर सके। उन्हें जबरन जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि वांगचुक ने युवाओं, सांसदों और विधायकों से 20 जुलाई को जंतर-मंतर पहुंचने और संसद की ओर मार्च करने की अपील की थी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;जुल्मी जब जब जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से, चप्पा चप्पा गूंज उठेगा इंकलाब के नारों से।&lt;a href="https://x.com/Wangchuk66?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@Wangchuk66&lt;/a&gt; ज़िंदाबाद, युवा शक्ति ज़िंदाबाद। &lt;a href="https://t.co/dcl8cHMeqM"&gt;pic.twitter.com/dcl8cHMeqM&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) &lt;a href="https://x.com/SanjayAzadSln/status/2078315753313607972?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 18, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>संजय सिंह ने लगाया सरकार पर प्रदर्शन को दबाने का आरोप</b></p><p>AAP नेता ने आगे आरोप लगाया कि 21 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहने के बावजूद सरकार ने वांगचुक की अनदेखी की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "भारत के प्रधानमंत्री ने 21 दिनों में उनसे बात नहीं की। उन्होंने भूख हड़ताल खत्म करने की अपील वाला ट्वीट करना भी जरूरी नहीं समझा। सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे बात करने नहीं आया।"&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने का भी दावा किया और आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शन को दबाने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने देश के युवाओं से सोनम वांगचुक का समर्थन करने और आंदोलन को कमजोर न पड़ने देने की अपील की।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>सोनम वांगचुक होश में हैं, महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक स्थिर हैं- सूत्र</b></span></p><p>संजय सिंह की यह टिप्पणी शनिवार सुबह सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाने के बाद आई। सूत्रों के अनुसार, वांगचुक होश में हैं, उनके महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक स्थिर हैं और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता डॉ. आशुतोष वर्मा ने भी आरोप लगाया कि लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के बावजूद सरकार का कोई प्रतिनिधि वांगचुक से मिलने नहीं पहुंचा।</span></p><p>उन्होंने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब तक सरकार की ओर से कोई जिम्मेदार व्यक्ति उनके लिए नहीं आया और आज उनकी हालत बिगड़ गई। 20 जुलाई को वह बड़ा मार्च करने वाले थे। उन्हें वहां से हटाना डरपोक सरकार का संकेत है।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">डॉ. आशुतोष वर्मा ने</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;आरोप लगाया कि अगर देश में युवाओं और जनता की आवाज नहीं सुनी जाएगी, तो फिर किसकी आवाज सुनी जा रही है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>सोनम वांगचुक के खिलाफ हुई कार्रवाई पर विपक्ष ने दी तीखी प्रतिक्रिया</b></span></p><p>वांगचुक के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर कई विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। AAP नेताओं मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने का आरोप लगाया। तृणमूल कांग्रेस नेता सागरिक घोष और समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने भी कार्रवाई की निंदा की।</p><p>हालांकि, दिल्ली पुलिस ने कहा कि सोनम वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और चिकित्सकीय सलाह के तहत उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी अफरा-तफरी हुई, लेकिन पुलिस ने अधिकतम संयम बरता।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने बाद में कहा कि वांगचुक को चिकित्सा हस्तक्षेप के लिए उपयुक्त सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | DCP New Delhi, Sachin Sharma says, &amp;quot;In accordance with the Honorable High Court&amp;#39;s order and considering his health condition and expert medical advice, Mr Sonam Wangchuk has been shifted from here to a government hospital for treatment; there has been absolutely no… &lt;a href="https://t.co/1iCx2xEecB"&gt;pic.twitter.com/1iCx2xEecB&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2078316977178005820?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 18, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>सोनम वांगचुक को पुलिस जबरन ले गई- अभिजीत दीपके</b></span></p><p>CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस सोनम वांगचुक को जबरन ले गई और प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने भी दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने दीपके को रोका और प्रदर्शन स्थल पर छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।</p><p>इस बीच, अभिजीत दीपके ने कहा, "मैं आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रहा हूँ। मैं सभी से अपील करता हूँ: पीछे न हटें; यह आंदोलन और बड़ा होगा। उन्होंने बहुत बड़ी गलती की है... मैं सभी से जंतर-मंतर आने का आग्रह करता हूँ; हमारा आंदोलन यहाँ से जारी रहेगा और हम 20 जुलाई को तय अपने मार्च के साथ आगे बढ़ेंगे।"</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi: Founding President of the Cockroach Janta Party, Abhijeet Dipke, says, &amp;quot;I am commencing my indefinite hunger strike starting today. I appeal to everyone: do not back down; this movement will only grow larger. They have made a grave mistake... I urge everyone to… &lt;a href="https://t.co/iCoB6jSOHQ"&gt;pic.twitter.com/iCoB6jSOHQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2078332555758375148?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 18, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>CJP ने की शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>CJP कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी की। अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक को हटाने से आंदोलन खत्म नहीं होगा और वे 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च करेंगे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "अब तक हम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, लेकिन इस निंदनीय कार्रवाई के बाद अब हम नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे।"</span></i></b></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">दिल्ली हाईकोर्ट ने&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">16 जुलाई को&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">दिया था निर्देश</span></b></p><p>सोनम वांगचुक कथित तौर पर देशभर में परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, जिनमें NEET पेपर लीक विवाद भी शामिल है, को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए भूख हड़ताल पर हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति की रोजाना निगरानी की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 'सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कराने के लिए पीएम मोदी ने बदला दिल्ली पुलिस कमिश्नर': संजय सिंह ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sonam-wangchuk-safdarjung-hospital-5502 ]]></guid><title><![CDATA[ सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में भर्ती, दिल्ली पुलिस बोली- न लाठीचार्ज हुआ, न कोई हिरासत में लिया गया... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sonam-wangchuk-safdarjung-hospital-5502 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 18 Jul 2026 10:27:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिल्ली पुलिस  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को इसकी पुष्टि की।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अस्पताल ने भी पुष्टि की कि वांगचुक को भर्ती कर लिया गया है और डॉक्टरों की टीम उनकी जांच कर रही है।</span></p><p>नई दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) सचिन शर्मा ने मीडिया को बताया कि प्रदर्शनकारियों पर कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया और किसी को हिरासत में नहीं लिया गया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सचिन शर्मा ने कहा, "माननीय हाई कोर्ट के आदेश और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए, विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह के अनुसार सोनम वांगचुक को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। बिल्कुल भी लाठीचार्ज नहीं हुआ और न ही ऐसा कुछ किया गया।"</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | DCP New Delhi, Sachin Sharma says, &amp;quot;In accordance with the Honorable High Court&amp;#39;s order and considering his health condition and expert medical advice, Mr Sonam Wangchuk has been shifted from here to a government hospital for treatment; there has been absolutely no… &lt;a href="https://t.co/1iCx2xEecB"&gt;pic.twitter.com/1iCx2xEecB&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2078316977178005820?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 18, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">सोनम वांगचुक को&nbsp;</span>दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">शनिवार को जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूत्रों के अनुसार, वह होश में हैं और उनके महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक (Vital Parameters) स्थिर हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इस बीच, वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया। प्रदर्शनकारियों से क्षेत्र खाली करने को कहा गया, जिसके बाद मौके पर दिल्ली पुलिस के जवानों की भारी तैनाती देखी गई।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi: The police took activist Sonam Wangchuk, who had been on a hunger strike at Jantar Mantar for the past 20 days, to the hospital&lt;br&gt;&lt;br&gt;DCP New Delhi tweeted, &amp;quot;As per orders of Hon’ble High Court and on expert medical advise due to the deteriorating health condition of… &lt;a href="https://t.co/o8HxPSzu0f"&gt;pic.twitter.com/o8HxPSzu0f&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2078307600865624446?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 18, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>'वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों पर अस्पताल ले जाया गया'</b></p><p>सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह पर अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ रही थी।</p><p>उन्होंने पोस्ट में कहा, "माननीय हाई कोर्ट के आदेश और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह के अनुसार, सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें आवश्यक चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल ले जाया गया है। हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए जब यह कार्रवाई की जा रही थी, तब प्रदर्शनकारियों ने बाधा उत्पन्न करने की कोशिश की, जिसके दौरान हल्की अफरा-तफरी हुई। हालांकि, पुलिस ने अधिकतम संयम बरता और पूरी कार्रवाई सुरक्षित तरीके से पूरी की।"</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में भर्ती, दिल्ली पुलिस बोली- न लाठीचार्ज हुआ, न कोई हिरासत में लिया गया... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-upsc-aspirant-rape-murder-chargesheet-5491 ]]></guid><title><![CDATA[ IRS अधिकारी की बेटी की हत्या मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 973 पन्नों की चार्जशीट दाखिल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-upsc-aspirant-rape-murder-chargesheet-5491 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 17 Jul 2026 16:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने अमर कॉलोनी इलाके में एक यूपीएससी अभ्यर्थी और भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी की बेटी के साथ कथित दुष्कर्म, हत्या और लूट के मामले में 973 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली पुलिस ने अमर कॉलोनी इलाके में एक यूपीएससी अभ्यर्थी और भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी की बेटी के साथ कथित दुष्कर्म, हत्या और लूट के मामले में 973 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ CCTV फुटेज, डीएनए प्रोफाइलिंग, फिंगरप्रिंट जांच और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों को मुख्य आधार बनाया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह घटना 22 अप्रैल को ईस्ट ऑफ कैलाश के कैलाश हिल्स स्थित एक घर में हुई थी, जो अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र में आता है। </span></p><p><span style="font-size: 1rem;">आरोप है कि यूपीएससी की तैयारी कर रही युवती के साथ उसके घर के अंदर दुष्कर्म किया गया, उसकी हत्या कर दी गई और लूटपाट भी की गई।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">घटना के तुरंत बाद केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL), लोधी कॉलोनी और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL), रोहिणी की विशेषज्ञ टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने के लिए 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi Police has filed a 973-page chargesheet in the Saket Court in connection with the rape, murder, and robbery of a UPSC aspirant in the Kailash Hills area of East of Kailash. Police said all evidence in the case was collected scientifically, building a strong case against the… &lt;a href="https://t.co/1p8HqTBkCr"&gt;pic.twitter.com/1p8HqTBkCr&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2078035419619553378?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 17, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>CCTV फुटेज के आधार पर राहुल मीणा को किया गिरफ्तार</b></p><p>पुलिस ने बताया कि 23 वर्षीय राहुल कुमार मीणा की पहचान CCTV फुटेज&nbsp; के आधार पर हुई और कई टीमों के संयुक्त प्रयास के बाद उसे उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की निशानदेही पर लूटा गया पूरा सामान भी बरामद कर लिया गया।</p><p>जांच के दौरान दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कई विशेष टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने इलाके में व्यापक पूछताछ की और पड़ोसियों, सुरक्षा गार्डों, घरेलू सहायकों, मजदूरों, ड्राइवरों, सफाई कर्मचारियों, ऑटो चालकों समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए। इसके अलावा साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस टीमें राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में भी भेजी गईं।</p><p><b>विशेषतज्ञों की मौजूदगी में क्राइम सीन रीक्रिएटशन किया गया</b></p><p>आरोपी की गिरफ्तारी के बाद CFSL विशेषज्ञों की मौजूदगी में घटनास्थल का क्राइम सीन रीक्रिएशन किया गया। इस दौरान आरोपी के घर में प्रवेश, गतिविधियों और बाहर निकलने की क्रमवार फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की गई। साथ ही CCTV फुटेज और रीक्रिएशन वीडियो का गेट पैटर्न एनालिसिस भी किया गया।</p><p>दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी का बिहेवियरल एनालिसिस इंटरव्यू (Behavioural Analysis Interview) और लेयर्ड वॉयस एनालिसिस (LVA) भी कराया गया। घटनास्थल से मिले फिंगरप्रिंट और पाम इम्प्रेशन आरोपी के नमूनों से मेल खाते पाए गए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने बताया कि CFSL की फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी डिवीजन द्वारा की गई फॉरेंसिक जांच में भी सकारात्मक परिणाम मिले। डीएनए प्रोफाइलिंग के जरिए आरोपी का डीएनए घटनास्थल से मिले जैविक साक्ष्यों से पूरी तरह मेल खाता पाया गया।</span></p><p><b>मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को निर्धारित</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>जांच के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 183 के तहत गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में 82 गवाहों को सूचीबद्ध किया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने 16 जुलाई को सक्षम अदालत में 973 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी। मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को निर्धारित है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ IRS अधिकारी की बेटी की हत्या मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 973 पन्नों की चार्जशीट दाखिल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/who-is-ips-anurag-kumar-delhi-police-chief-5483 ]]></guid><title><![CDATA[ कौन हैं IPS अनुराग कुमार? दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर बनने के पीछे की पूरी कहानी... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/who-is-ips-anurag-kumar-delhi-police-chief-5483 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 17 Jul 2026 12:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: देश की राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। गृह मंत्रालय (MHA) ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी अनुराग कुमार को दिल्ली पुलिस का नया कमिश्नर नियुक्त क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> देश की राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। गृह मंत्रालय (MHA) ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी अनुराग कुमार को दिल्ली पुलिस का नया कमिश्नर नियुक्त किया है। उन्होंने 1992 बैच के IPS अधिकारी सतीश गोलचा का स्थान लिया है, जिन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है।</span></p><p>यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब दिल्ली में कानून-व्यवस्था और आगामी सुरक्षा चुनौतियों को लेकर प्रशासन काफी सक्रिय है। इस विस्तृत एक्सप्लेनर में हम जानेंगे कि नए कमिश्नर अनुराग कुमार कौन हैं, उनका अनुभव क्या है और सतीश गोलचा को हटाए जाने के पीछे के आधिकारिक आदेश क्या कहते हैं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;IPS officer Anurag Kumar has been appointed as the new Commissioner of Police, Delhi. &lt;a href="https://t.co/DPyM8lKno0"&gt;pic.twitter.com/DPyM8lKno0&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2077989049479135380?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 17, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>कौन हैं IPS अनुराग कुमार?</b></p><p>IPS अनुराग कुमार 1994 बैच के वरिष्ठ अधिकारी हैं। उनके पास शैक्षणिक रूप से 'बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग' (B.E.) की डिग्री है, जो उनकी तकनीकी और विश्लेषणात्मक क्षमताओं को दर्शाती है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभालने से पहले, वे इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में स्पेशल डायरेक्टर के महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे।</p><p>अनुराग कुमार का पुलिस सेवा का करियर शानदार रहा है। उन्हें आंतरिक सुरक्षा और खुफिया जानकारी जुटाने का विशेषज्ञ माना जाता है। इंटेलिजेंस ब्यूरो में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए, उनकी नियुक्ति को दिल्ली की सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/07/Delhi-Police-HQ-AI_6b978598d4170630c092131538c7068b_605X346.webp" style="width: 604.986px;"><br></p><p>अनुराग कुमार की प्रोफाइल की मुख्य बातें:</p><ul><li>बैच: 1994 बैच, भारतीय पुलिस सेवा (IPS)।</li><li>शिक्षा: बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.)।</li><li>पिछला पद: स्पेशल डायरेक्टर, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB)।</li><li>कुल अनुभव: 32 साल से अधिक की पुलिस सेवा।</li><li>सराहनीय और विशिष्ट सेवा के लिए सम्मान</li></ul><p>अनुराग कुमार केवल एक अनुभवी अधिकारी ही नहीं हैं, बल्कि उनके काम को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा भी गया है। उनके पास वीरता और सेवा के लिए कई पदक हैं:</p><ul><li>2010: सराहनीय सेवा के लिए पुलिस मेडल (Police Medal for Meritorious Service).</li><li>2016: विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस मेडल (President's Police Medal for Distinguished Service).</li></ul><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/07/IPS_db2f64c521c83ad3be7f4ef08c2cfd82_608X613.webp" style="width: 607.983px;"><br></p><p>पिछले पांच वर्षों के दौरान, उनके उत्कृष्ट रिकॉर्ड के कारण उन्हें दो बार पदोन्नति (प्रमोशन) भी मिली है। खुफिया तंत्र में उनकी पकड़ और प्रशासनिक कौशल के कारण ही उन्हें राजधानी की पुलिस कमान सौंपी गई है।</p><p><b>सतीश गोलचा को क्यों हटाया गया?</b></p><p>सतीश गोलचा को अगस्त 2025 में दिल्ली पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया था। वे 1992 बैच के अधिकारी हैं और उन्होंने इस पद पर लगभग 11 महीने से अधिक समय तक सेवा दी। गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, अब उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे नए कमिश्नर के कार्यभार संभालने के बाद अपनी अगली पोस्टिंग के लिए दिल्ली के उप-राज्यपाल (LG) को रिपोर्ट करें।</p><p>सतीश गोलचा का कार्यकाल कई महत्वपूर्ण घटनाओं का गवाह रहा है। कमिश्नर बनने से पहले, वे तिहाड़ जेल के महानिदेशक (DG) और दिल्ली पुलिस में स्पेशल कमिश्नर (इंटेलिजेंस) के पदों पर भी रह चुके हैं। फिलहाल, उनके हटाए जाने को एक नियमित प्रशासनिक फेरबदल के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि मंत्रालय ने नए आदेश तक अनुराग कुमार को कमान सौंपने का स्पष्ट निर्देश दिया है।</p><p><b>नियुक्ति के आधिकारिक आदेश में क्या है?</b></p><p>गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अनुराग कुमार तब तक दिल्ली पुलिस कमिश्नर रहेंगे जब तक कि अगला आदेश जारी नहीं हो जाता। उन्होंने कार्यभार संभालने की तिथि से अपनी जिम्मेदारियां संभाल ली हैं। इस बदलाव की आधिकारिक पुष्टि गृह मंत्रालय के साथ-साथ दिल्ली पुलिस के विभिन्न विभागों द्वारा भी की गई है।</p><p class="grey-bg-red"><i><b>निष्कर्ष:&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अनुराग कुमार की नियुक्ति यह संकेत देती है कि सरकार दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था में खुफिया जानकारी और तकनीकी विशेषज्ञता को प्राथमिकता दे रही है। IB जैसे महत्वपूर्ण संस्थान से सीधे दिल्ली पुलिस की कमान संभालने वाले अधिकारियों का अपना एक विशेष प्रभाव होता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नए कमिश्नर राजधानी की कानून-व्यवस्था में क्या बड़े बदलाव लाते हैं।</span></b></i></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ कौन हैं IPS अनुराग कुमार? दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर बनने के पीछे की पूरी कहानी... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/anurag-kumar-delhi-police-commissioner-5482 ]]></guid><title><![CDATA[ IPS officer Anurag Kumar appointed Delhi Police Commissioner ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/anurag-kumar-delhi-police-commissioner-5482 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 17 Jul 2026 12:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ New Delhi, India: In a significant top-level reshuffle in the Delhi Police, the Ministry of Home Affairs (MHA) on Friday appointed senior IPS officer Anurag Kumar as the Commissioner of Police, Delhi. ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>New Delhi, India: </b>In a significant top-level reshuffle in the Delhi Police, the Ministry of Home Affairs (MHA) on Friday appointed senior IPS officer Anurag Kumar as the Commissioner of Police, Delhi.</span></p><p>According to an official order issued by the Ministry of Home Affairs, Anurag Kumar, a 1994-batch IPS officer of the AGMUT (Arunachal Pradesh-Goa-Mizoram and Union Territory) cadre, will take over the charge with immediate effect.</p><p>"With the approval of the Competent Authority, Sh. Anurag Kumar, IPS (AGMUT:1994) is hereby appointed as Commissioner of Police, Delhi with effect from the date of assumption of charge and until further orders," the MHA order stated.</p><p>The order further directed the outgoing Delhi Police Commissioner, Satish Golcha, a 1992-batch IPS officer, to report to the Lieutenant Governor of Delhi for his next posting.</p><p>"Sh. Satish Golcha, IPS (AGMUT:1992) is directed to report to the Lieutenant Governor of Delhi for further posting, upon assumption of charge by the new incumbent," the order added.</p><p>The order, signed by Rakesh Kumar Singh, Under Secretary to the Government of India, has been marked to the Chief Secretary of Delhi, the Commissioner of Police, and the Principal Secretary to the Lt. Governor.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ IPS officer Anurag Kumar appointed Delhi Police Commissioner ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/pm-modi-condoles-bjp-veteran-ramachandra-gowda-demise-5437 ]]></guid><title><![CDATA[ 88 वर्ष की उम्र में भाजपा के वरिष्ठ नेता रामचंद्र गौड़ा का निधन, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/pm-modi-condoles-bjp-veteran-ramachandra-gowda-demise-5437 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 14 Jul 2026 19:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वरिष्ठ भाजपा नेता रामचंद्र गौड़ा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रामचंद्र गौड़ा ने कर्नाटक में भाजपा संगठन को मजबूत करने में महत्वपू ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वरिष्ठ भाजपा नेता रामचंद्र गौड़ा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रामचंद्र गौड़ा ने कर्नाटक में भाजपा संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपना पूरा जीवन पार्टी एवं जनसेवा को समर्पित किया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">88 वर्षीय रामचंद्र गौड़ा का मंगलवार को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">"वरिष्ठ भाजपा नेता श्री रामचंद्र गौड़ा जी के निधन से अत्यंत दुखी हूं।"</span></p><p>उन्होंने कहा, "कर्नाटक में हमारी पार्टी के मजबूत स्तंभ रहे रामचंद्र गौड़ा जी ने दशकों तक जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और कई पीढ़ियों के कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पार्षद, एमएलसी और मंत्री के रूप में उनका सार्वजनिक जीवन अटूट प्रतिबद्धता और समर्पित सेवा का प्रतीक रहा।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रधानमंत्री ने उनके परिवार, समर्थकों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "मेरी हार्दिक संवेदनाएं उनके परिवार, समर्थकों और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं। ॐ शांति।"</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Deeply saddened by the passing of senior BJP leader Shri Ramachandra Gowda Ji.&lt;br&gt;&lt;br&gt;A strong pillar of our Party in Karnataka, he devoted decades of his life to strengthening the organisation at the grassroots and supporting generations of Karyakartas. Be it as a corporator, MLC or…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) &lt;a href="https://x.com/narendramodi/status/2077000371084689886?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>अमित शाह ने भी दी श्रद्धांजलि&nbsp;</b></p><p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी रामचंद्र गौड़ा के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अंतिम सांस तक राष्ट्रवाद की विचारधारा के लिए काम किया और कर्नाटक में भाजपा को जमीनी स्तर से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने लिखा, "रामचंद्र गौड़ा जी ने राष्ट्रवाद के उद्देश्य के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। मंत्री के रूप में उन्होंने सुशासन को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।"&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">शाह ने उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ॐ शांति।"</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Deeply pained by the demise of senior Karnataka BJP leader Ramachandra Gowda Ji. Gowda Ji dedicated himself to the cause of nationalism till his last breath and contributed immensely to building the BJP from the grassroots in Karnataka. He will be remembered as a seasoned…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Amit Shah (@AmitShah) &lt;a href="https://x.com/AmitShah/status/2076969689071448358?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>जेपी नड्डा ने भी जताया शोक</b></p><p>भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी रामचंद्र गौड़ा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय जनसंघ और भाजपा को कर्नाटक में मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने हमेशा जनकल्याण के मुद्दों को प्राथमिकता दी और राज्य के विकास के लिए निरंतर कार्य किया।"</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Deeply saddened by the passing of Shri Ramachandra Gowda Ji, a senior leader who dedicated his life to the Bharatiya Jana Sangh and the Bharatiya Janata Party.&lt;br&gt;&lt;br&gt;His hard work and commitment played an important role in strengthening the organisation in Karnataka. His service to…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) &lt;a href="https://x.com/JPNadda/status/2076974184996257936?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 88 वर्ष की उम्र में भाजपा के वरिष्ठ नेता रामचंद्र गौड़ा का निधन, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-red-fort-blast-nia-biological-remains-5413 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस: कोर्ट ने NIA को जैविक अवशेषों के निस्तारण की अनुमति दी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-red-fort-blast-nia-biological-remains-5413 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 13 Jul 2026 18:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को नवंबर 2025 के लाल किला कार बम विस्फोट मामले में घटनास्थल से बरामद पीड़ितों और मृत आरोपी डॉ. उमर उन नबी के जैविक अवशे ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को नवंबर 2025 के लाल किला कार बम विस्फोट मामले में घटनास्थल से बरामद पीड़ितों और मृत आरोपी डॉ. उमर उन नबी के जैविक अवशेषों (Biological Remains) के अंतिम निस्तारण की अनुमति दे दी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">विशेष न्यायाधीश पीतांबर दत्त ने आदेश दिया कि सभी जैविक अवशेषों का पूर्ण मानवीय गरिमा और संबंधित व्यक्तियों की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अंतिम निस्तारण किया जाए। अदालत ने NIA से इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) भी मांगी है।</span></p><p>सुनवाई के दौरान NIA ने अदालत को बताया कि इन जैविक अवशेषों से आवश्यक फॉरेंसिक साक्ष्य पहले ही एकत्र किए जा चुके हैं। अब इन्हें सुरक्षित रखने का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि समय के साथ ये अवशेष विघटित (Decompose) हो रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NIA ने अदालत से 11 नवंबर 2025 को हुए लाल किला विस्फोट में मारे गए लोगों और आरोपी के जैविक अवशेषों के निस्तारण की अनुमति मांगी थी।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>NIA 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है</b></span></p><p>जांच एजेंसी ने मृतकों के शरीर के अंगों से संबंधित फॉरेंसिक रिपोर्ट भी अदालत में दाखिल की। NIA इस मामले में पहले ही 10 आरोपियों के खिलाफ मुख्य चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वहीं जमीर अहमद अहंगर और तुफैल अहमद भट के खिलाफ दायर पूरक चार्जशीट पर अभी अदालत में विचार लंबित है।</p><p>NIA के अनुसार, दोनों आरोपियों को फरवरी 2026 में गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी का आरोप है कि दोनों हथियार और गोला-बारूद इकट्ठा कर रहे थे। जांच में दावा किया गया है कि इन्हें उमर, इरफान और आदिल द्वारा राइफल, पिस्तौल और जिंदा कारतूस उपलब्ध कराए गए थे। दोनों कथित तौर पर अंसार गजवत-उल-हिंद (Ansar Ghazwat-ul-Hind) से जुड़े हुए थे।</p><p><b>14 मई को NIA ने इस मामले में 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी</b></p><p>इससे पहले 14 मई को NIA ने इस मामले में 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 10 आरोपियों को नामजद किया गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच एजेंसी ने आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संरक्षण अधिनियम की धाराएं लगाई हैं।</span></p><p>चार्जशीट में मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर नामित डॉ. उमर उन नबी की मृत्यु हो चुकी है, इसलिए उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अन्य आरोपियों में आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. आदिल अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, शोएब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार शामिल हैं।</span></p><p><b>सभी आरोपी अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े थे</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>NIA का आरोप है कि सभी आरोपी अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े थे, जिसे गृह मंत्रालय ने वर्ष 2018 में आतंकी संगठन घोषित किया था। यह संगठन अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) का एक सहयोगी संगठन माना जाता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">एजेंसी के अनुसार, जांच जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में की गई। चार्जशीट में 588 गवाहों के बयान, 395 से अधिक दस्तावेज और 200 से अधिक जब्त सामग्री को साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है।</span></p><p><b>आरोपियों ने&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">शरिया कानून लागू करने की साजिश रची थी- NIA</span></b></p><p>NIA का दावा है कि आरोपियों ने "ऑपरेशन हेवनली हिंद" नामक अभियान चलाकर लोकतांत्रिक सरकार को उखाड़ फेंकने और शरिया कानून लागू करने की साजिश रची थी। जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार किया, लोगों की भर्ती की, हथियार जमा किए और बाजार में उपलब्ध रसायनों से TATP विस्फोटक तैयार किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच एजेंसी के मुताबिक, डीएनए फिंगरप्रिंटिंग और वॉयस एनालिसिस जैसी वैज्ञानिक जांच के जरिए मृत आरोपी डॉ. उमर उन नबी की पहचान की पुष्टि की गई।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस: कोर्ट ने NIA को जैविक अवशेषों के निस्तारण की अनुमति दी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-red-fort-blast-case-nia-biological-remains-5411 ]]></guid><title><![CDATA[ Delhi Red Fort blast case: Court allows NIA to dispose of victims', accused's biological remains ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-red-fort-blast-case-nia-biological-remains-5411 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 13 Jul 2026 16:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ New Delhi: Patiala House Court on Monday permitted the National Investigation Agency (NIA) to dispose of the biological body parts of victims and accused Umar Un Nabi collected from the spot.This case ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>New Delhi:</b> Patiala House Court on Monday permitted the National Investigation Agency (NIA) to dispose of the biological body parts of victims and accused Umar Un Nabi collected from the spot.</span></p><p>This case pertains to the November 2025 Red Fort car bomb blast. According to the NIA, the high-intensity Vehicle-Borne Improvised Explosive Device (VBIED) explosion killed 11 people and injured several others, besides causing extensive damage to nearby property.</p><p>Special Judge Pitambar Dutt directed the NIA to dispose of the biological parts with full human dignity and as per their religious belief. The court has also called for a compliance report.</p><p>During the hearing, the NIA informed the court that the forensic evidence has been lifted from these biological parts, and there is no use of keeping them as they are decomposing.</p><p>The investigation agency had sought the permission of the court to dispose of the biological parts of the deceased of the Red Fort blast victim and the accused, which occurred on November 11, 2025.</p><p>NIA had filed a forensic report in relation to the body parts of the deceased who died during the Delhi Red Fort blast. NIA has already filed a charge sheet against 10 accsued persons, including Dr. Shaheen Saeed and others. A supplementary charge sheet filed against Zamir Ahmed Ahangar and Tufail Ahmed Bhat is also pending consideration before the NIA court at Patiala</p><p>The National Investigation Agency (NIA) filed a supplementary charge sheet against Zamir Ahmed Ahangar and Tufail Ahmed Bhat, and one absconded accused in the Delhi Balst case of November 2025. Zamir and Tufail were arrested in February 2026. The Agency has already filed a main Charge sheet in this case.</p><p>It is alleged that Zamir and Tufail were collecting arms and ammunition. Zamir was given a rifle, a pistol and live ammunition by Umar, Irfan and Adil. Both are associated with Ansar Ghazawat Ul Hind.</p><p>Earlier, on May 14, the NIA had filed the first charge sheet. The National Investigation Agency (NIA) filed a 7,500-page chargesheet against 10 accused persons in connection with the blast that occurred near Delhi's Red Fort on November 10, 2025.</p><p>The agency has invoked provisions of the Unlawful Activities (Prevention) Act, Bharatiya Nyaya Sanhita, Explosive Substances Act, Arms Act and Prevention of Damage to Public Property Act.</p><p>Among those chargesheeted is the alleged main conspirator, Dr. Umer Un Nabi, whose proceedings are proposed to be abated owing to his death. The remaining accused named in the prosecution complaint are Aamir Rashid Mir, Jasir Bilal Wani, Dr. Muzamil Shakeel, Dr. Adeel Ahmed Rather, Dr. Shaheen Saeed, Mufti Irfan Ahmad Wagay, Soyab, Dr. Bilal Naseer Malla and Yasir Ahmad Dar.</p><p>The NIA alleged that all the accused were associated with Ansar Ghazwat-ul-Hind (AGuH), an offshoot of Al-Qaida in the Indian Subcontinent (AQIS), which was declared a terrorist organisation by the Ministry of Home Affairs in 2018.</p><p>According to the agency, the chargesheet is based on an extensive investigation conducted across Jammu &amp; Kashmir, Haryana, Uttar Pradesh, Maharashtra, Gujarat and Delhi-NCR. The prosecution complaint reportedly contains 588 oral testimonies, over 395 documents, and more than 200 seized material exhibits.</p><p>The NIA has alleged a larger "jihadi conspiracy" involving radicalised individuals, including medical professionals, allegedly inspired by AQIS/AGuH ideology. Investigators claimed the accused reorganised the outfit as "AGuH Interim" during a secret meeting in Srinagar in 2022.</p><p>The agency further alleged that the accused launched an operation titled "Operation Heavenly Hind" aimed at overthrowing the democratically elected government and imposing Sharia rule.</p><p>According to the probe agency, the accused allegedly recruited members, spread extremist ideology, stockpiled arms and ammunition and manufactured explosives using commercially available chemicals. The NIA claimed that the explosive substance used in the blast was Triacetone Triperoxide (TATP), allegedly prepared after multiple experiments.</p><p>The investigation also allegedly revealed illegal procurement of prohibited weapons, including AK-47 rifles, Krinkov rifles and country-made pistols, along with experiments involving rocket-based and drone-mounted IEDs targeting security establishments.</p><p>The agency stated that scientific and forensic examination, including DNA fingerprinting and voice analysis, helped establish the identity of the deceased accused, Dr. Umar Un Nabi.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Delhi Red Fort blast case: Court allows NIA to dispose of victims', accused's biological remains ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/abhijeet-deepke-tent-permission-police-viral-video-5409 ]]></guid><title><![CDATA[ अभिजीत दीपके ने पुलिस से मांगी तंबू लगाने की अनुमति, नोंकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/abhijeet-deepke-tent-permission-police-viral-video-5409 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 13 Jul 2026 16:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे कॉकरेच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके का पुलिस के साथ आपसी बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी ही तेज़ी से वायरल हो रहा है।&nbsp;दरअसल, हुआ  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे कॉकरेच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके का पुलिस के साथ आपसी बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी ही तेज़ी से वायरल हो रहा है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">दरअसल, हुआ कुछ यूँ कि इस प्रदर्शन में शामिल मशहूर पर्यावरणविद और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की हालत बेहद गंभीर हो गई। बता दें कि वो पिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। दीपके का कहना था कि गर्मी और चिलचिलाती धूप के चलते उनकी स्थिति और बिगड़ गई, जिससे उन्हें चक्कर आने लगे।&nbsp;</span></p><p>सोनम वांगचुक को धूप से बचाने के लिए दीपके ने पुलिस से मांग की कि वो उन्हें वांगचुक के आसपास तंबू लगाने की अनुमति दें। और ऐसा न होने की स्थिति में अभिजीत और पुलिस में बहस छिड़ गई। इस दौरान वहाँ मौजूद लोगों ने यह पूरा मामला मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया।</p><p>&lt;blockquote class="instagram-media" data-instgrm-captioned data-instgrm-permalink="https://www.instagram.com/reel/DauUlzLlUHG/?utm_source=ig_embed&amp;amp;utm_campaign=loading" data-instgrm-version="14" style=" background:#FFF; border:0; border-radius:3px; box-shadow:0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width:540px; min-width:326px; padding:0; width:99.375%; width:-webkit-calc(100% - 2px); width:calc(100% - 2px);"&gt;&lt;div style="padding:16px;"&gt; &lt;a href="https://www.instagram.com/reel/DauUlzLlUHG/?utm_source=ig_embed&amp;amp;utm_campaign=loading" style=" background:#FFFFFF; line-height:0; padding:0 0; text-align:center; text-decoration:none; width:100%;" target="_blank"&gt; &lt;div style=" display: flex; flex-direction: row; align-items: center;"&gt; &lt;div style="background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; flex-grow: 0; height: 40px; margin-right: 14px; width: 40px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display: flex; flex-direction: column; flex-grow: 1; justify-content: center;"&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; margin-bottom: 6px; width: 100px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; 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&lt;div style=" color:#3897f0; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; font-style:normal; font-weight:550; line-height:18px;"&gt;View this post on Instagram&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="padding: 12.5% 0;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display: flex; flex-direction: row; margin-bottom: 14px; align-items: center;"&gt;&lt;div&gt; &lt;div style="background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; height: 12.5px; width: 12.5px; transform: translateX(0px) translateY(7px);"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="background-color: #F4F4F4; height: 12.5px; transform: rotate(-45deg) translateX(3px) translateY(1px); width: 12.5px; flex-grow: 0; margin-right: 14px; margin-left: 2px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; height: 12.5px; width: 12.5px; transform: translateX(9px) translateY(-18px);"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="margin-left: 8px;"&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; flex-grow: 0; height: 20px; width: 20px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" width: 0; height: 0; border-top: 2px solid transparent; border-left: 6px solid #f4f4f4; border-bottom: 2px solid transparent; transform: translateX(16px) translateY(-4px) rotate(30deg)"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="margin-left: auto;"&gt; &lt;div style=" width: 0px; border-top: 8px solid #F4F4F4; border-right: 8px solid transparent; transform: translateY(16px);"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; flex-grow: 0; height: 12px; width: 16px; transform: translateY(-4px);"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" width: 0; height: 0; border-top: 8px solid #F4F4F4; border-left: 8px solid transparent; transform: translateY(-4px) translateX(8px);"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display: flex; flex-direction: column; flex-grow: 1; justify-content: center; margin-bottom: 24px;"&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; margin-bottom: 6px; width: 224px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; width: 144px;"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/a&gt;&lt;p style=" color:#c9c8cd; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; line-height:17px; margin-bottom:0; margin-top:8px; overflow:hidden; padding:8px 0 7px; text-align:center; text-overflow:ellipsis; white-space:nowrap;"&gt;&lt;a href="https://www.instagram.com/reel/DauUlzLlUHG/?utm_source=ig_embed&amp;amp;utm_campaign=loading" style=" color:#c9c8cd; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; font-style:normal; font-weight:normal; line-height:17px; text-decoration:none;" target="_blank"&gt;A post shared by GTC News (@gtcnewsonline)&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/blockquote&gt;</p><p>&lt;script async src="//www.instagram.com/embed.js"&gt;&lt;/script&gt;</p><p>सोशल मीडिया के इस दौर में कोई भी विवादित वीडियो अपनी पहुँच बनाने में देर नहीं लगाता। इस मामले में भी यही हुआ और देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर छा गया। वीडियो वायरल होते ही इस मामले पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएँ आना शुरू हो गईं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Frustrated with Low Turnout and Dying Campaign Abhijeet Dipke Vent out on Delhi Police.&lt;br&gt;&lt;br&gt;Aggressively he is saying:&lt;br&gt;&lt;br&gt;&amp;quot;Remove camera from our there&amp;quot;&lt;br&gt;&lt;br&gt;&amp;quot;Do you have Heart&amp;quot;&lt;br&gt;&lt;br&gt;From which angle and his tone he looks like American Graduate?&lt;br&gt;&lt;br&gt;He is testing Police Patience.&lt;a href="https://x.com/hashtag/cjp?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#cjp&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/4dkMyRl31l"&gt;pic.twitter.com/4dkMyRl31l&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Dear Men (@Dear_Men_Life) &lt;a href="https://x.com/Dear_Men_Life/status/2076553960933249124?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;DELHI POLICE: Please remove the side tarpaulin, the sun is already down. It is blocking surveillance camera.&lt;br&gt;&lt;br&gt;DIPKE : Do you have any common sense? Mere baap. I won&amp;#39;t remove 😳&lt;br&gt;&lt;br&gt;Abhijeet dipke is deliberately provoking Delhi Police so that they arrest him. &lt;a href="https://t.co/rRT9aQcfsV"&gt;pic.twitter.com/rRT9aQcfsV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Lakshay Mehta (@lakshaymehta08) &lt;a href="https://x.com/lakshaymehta08/status/2076578059910857030?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;"></span></p><p><b>कैसे हुई थी कॉकरेच पार्टी की शुरुआत ?</b></p><p>कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत एक व्यंग्य (satire) के रूप में हुई थी, लेकिन देखते ही देखते यह एक बड़ा आंदोलन बन गया। आज इंस्टाग्राम पर इनके 2.27 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इस 'पार्टी' का नाम भी काफी दिलचस्प है। कहा जाता है कि जब एक बड़े पद पर बैठे व्यक्ति ने युवाओं और एक्टिविस्टों की तुलना 'कॉकरोच' और 'परजीवी' से की थी, तो अभिजीत ने उसी नाम को अपनी ताकत बना लिया।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अभिजीत दीपके ने पुलिस से मांगी तंबू लगाने की अनुमति, नोंकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/kejriwal-amit-malviya-e20-petrol-row-5393 ]]></guid><title><![CDATA[ E20 ईंधन विवाद: अमित मालवीय के दावों पर केजरीवाल का पलटवार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/kejriwal-amit-malviya-e20-petrol-row-5393 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 12 Jul 2026 18:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: देश में E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के बीच सोशल मीडिया पर तीखी जुबानी जंग छिड़ गई  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>देश में E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के बीच सोशल मीडिया पर तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अमित मालवीय के X पर किए गए दावों का जवाब देते हुए पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता केंद्र सरकार द्वारा दिए गए गलत तथ्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।</span></p><p>केजरीवाल ने X पर लिखा, "आपके कई तथ्य गलत हैं। आपकी सरकार आपको गलत तथ्य देकर आगे कर देती है। शर्म आपकी है।" </p><p>यह प्रतिक्रिया अमित मालवीय के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने केजरीवाल पर E20 पेट्रोल को लेकर झूठ और डर फैलाने की राजनीति करने का आरोप लगाया था। शनिवार को केजरीवाल दिल्ली के कई पेट्रोल पंपों और सर्विस सेंटरों पर जाकर लोगों से E20 पेट्रोल के प्रभाव के बारे में बातचीत की थी।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;ये वीडियो ज़रूर देखें…&lt;br&gt;&lt;br&gt;कल मैंने दिल्ली में कुछ कार मैकेनिकों और गाड़ी मालिकों से Ethanol पर बात की। E20 के कारण ख़राब हुई गाड़ियों की लाइन लगी हुई थी। गाड़ियों के माइलेज में भी भारी गिरावट है। सब परेशान हैं।&lt;br&gt;&lt;br&gt;मोदी सरकार को समझना होगा कि टीवी पर झूठे इंटरव्यू देने और फर्जी प्रेस… &lt;a href="https://t.co/n2oi6YF3FV"&gt;pic.twitter.com/n2oi6YF3FV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) &lt;a href="https://x.com/ArvindKejriwal/status/2076163441707094498?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>E20 से वाहन खराब होता तो परिवहन तंत्र ठप हो गया होता- अमित मालवीय&nbsp;</b></p><p>अमित मालवीय ने कहा कि यदि E20 पेट्रोल से वास्तव में बड़ी संख्या में वाहन खराब हो रहे होते, तो पिछले पांच वर्षों में देश का पूरा परिवहन तंत्र ठप हो गया होता। उन्होंने लिखा, "अरविंद केजरीवाल एक बार फिर झूठ और डर फैलाने की राजनीति कर रहे हैं। अगर E20 पेट्रोल से बड़े पैमाने पर वाहन खराब हो रहे होते, तो देशभर की सड़कें बंद पड़े वाहनों से भर गई होतीं।"</p><p>सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति का बचाव करते हुए मालवीय ने दावा किया कि E15 ईंधन 2021 से, E19 वर्ष 2024 से और E20 अप्रैल 2025 से उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "आज लगभग 2.5 करोड़ पेट्रोल कारें और 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन E15  मिश्रित ईंधन पर चल रहे हैं।"</p><p><b>E20 से गाड़ी के इंजन खराब होता तो उसका असर दिखता- अमित मालवीय</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>मालवीय ने यह भी कहा कि यदि E20 वास्तव में इंजनों को नुकसान पहुंचा रहा होता, तो सेकेंड हैंड कार बाजार, बीमा प्रीमियम और पेट्रोल वाहनों की रीसेल वैल्यू पर इसका स्पष्ट असर दिखाई देता। उन्होंने दावा किया कि भारत का सेकेंड हैंड कार बाजार हर साल करीब 60 लाख वाहनों का कारोबार करता है, जिसकी कीमत 40 अरब डॉलर से अधिक है और वर्ष 2031 तक इसके 70-82 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।</i></b></p><p><b>वीडियो दिखाकर झूठ फैला रहे हैं केजरीवाल- अमिल मालवीय</b></p><p>अमित मालवीय ने कहा कि चुनिंदा वीडियो दिखाकर झूठ फैलाया जा सकता है, लेकिन तथ्यों को बदला नहीं जा सकता। वहीं, शनिवार को अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के पेट्रोल पंपों और सर्विस स्टेशनों का दौरा कर वाहन चालकों और वाहन मालिकों से बातचीत की। उन्होंने दावा किया कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद लोगों ने माइलेज कम होने और वाहनों में मैकेनिकल दिक्कतें आने की शिकायत की।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ E20 ईंधन विवाद: अमित मालवीय के दावों पर केजरीवाल का पलटवार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/mahadev-betting-case-ed-attaches-vikas-garg-assets-5363 ]]></guid><title><![CDATA[ महादेव ऐप घोटाला: कारोबारी विकास गर्ग की ₹940.77 करोड़ की संपत्तियां ED ने की जब्त ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/mahadev-betting-case-ed-attaches-vikas-garg-assets-5363 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 10 Jul 2026 15:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनके स्वामित्व एव ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनके स्वामित्व एवं नियंत्रण वाली कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं।</span></p><p>ED के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में आवासीय संपत्तियां, जमीन के भूखंड, इक्विटी शेयर और अन्य प्रतिभूतियां शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद मामले में अब तक कुर्क, जब्त और फ्रीज की गई कुल संपत्तियों का मूल्य करीब 3,800 करोड़ रुपये हो गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">रायपुर स्थित ED के क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत जारी अस्थायी कुर्की आदेश के आधार पर यह कार्रवाई की।</span></p><p><b>कई राज्यों में दर्ज एफआईआर के आधार पपर ED ने जांच शुरू की</b></p><p>ED ने बताया कि जांच छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर और आंध्र प्रदेश व पश्चिम बंगाल पुलिस की अन्य एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। इन मामलों में महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाए गए हैं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The Enforcement Directorate has attached movable and immovable properties of Vikas Garg, his family members and entities owned and controlled by him, having a total value of Rs 940.77 crore in the case of illegal betting operations of Mahadev Online Book and Skyexchange. The…&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2075484924833050680?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 10, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>इस सट्टेबाजी सिंडिकेट के तार विदेश से जुड़े हैं</b></p><p>जांच एजेंसी के मुताबिक, यह सट्टेबाजी सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित 'पैनल' नेटवर्क के जरिए काम करता था और अवैध सट्टेबाजी से हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई कर रहा था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">ED ने आरोप लगाया कि इस अवैध कमाई को नकदी के बदले शेल कंपनियों और कई स्तरों वाले वित्तीय लेन-देन के जरिए वैध धन के रूप में दिखाने की कोशिश की गई।</span></p><p>जांच में सामने आया कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से अर्जित लगभग ₹940.77 रुपये की अवैध राशि विकास गर्ग के स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनियों में भेजी गई। बाद में इन पैसों का उपयोग शेयर, प्रतिभूतियों और अन्य संपत्तियां खरीदने में किया गया।</p><p><b>अब तक इस मामले में 7 अस्थायी कुर्की आदेश जारी हो चुके हैं</b></p><p>ED ने बताया कि इससे पहले भी इस मामले में सात अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए जा चुके हैं। साथ ही विशेष पीएमएलए न्यायालय, रायपुर में अभियोजन शिकायतें और पूरक शिकायतें दाखिल की गई हैं, जिन पर अदालत संज्ञान ले चुकी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस ताजा कार्रवाई से पहले तक इस मामले में देश और विदेश की लगभग ₹2,825 करोड़ की चल और अचल संपत्तियां कुर्क, जब्त या फ्रीज की जा चुकी थीं।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ महादेव ऐप घोटाला: कारोबारी विकास गर्ग की ₹940.77 करोड़ की संपत्तियां ED ने की जब्त ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/cbi-dri-wildlife-smuggling-racket-busted-5358 ]]></guid><title><![CDATA[ CBI-DRI का बड़ा एक्शन, वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़; 53 दुर्लभ जीव बरामद, 6 गिरफ्तार... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/cbi-dri-wildlife-smuggling-racket-busted-5358 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 10 Jul 2026 12:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने संयुक्त अभियान चलाकर वन्यजीवों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 53 ऐसे दुर्लभ वन्य ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने संयुक्त अभियान चलाकर वन्यजीवों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 53 ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों और पक्षियों को बचाया गया, जिन्हें भारत में सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">DRI</span>, मुंबई को एक अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित जानवरों और पक्षियों की अवैध तस्करी में शामिल था। इसके आधार पर CBI, डीआरआई और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) ने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर संयुक्त छापेमारी की।</p><p><b>कौन-कौन से वन्यजीव बरामद हुए?</b></p><p>कार्रवाई के दौरान कुल 53 संरक्षित वन्यजीवों और पक्षियों को बरामद किया गया, जिनमें शामिल हैं—</p><ul><li>15 स्लो लोरिस</li><li>2 बिनटुरोंग</li><li>28 स्टार कछुए</li><li>6 मिस्री गिद्ध</li><li>2 शिकरा पक्षी</li></ul><p>ये सभी प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 (शेड्यूल-1) में शामिल हैं। इनका शिकार, व्यापार या तस्करी करना गंभीर अपराध माना जाता है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;CBI-DRI Joint Action Busts Wildlife Trafficking Racket &lt;br&gt;&lt;br&gt;53 Protected Animals/ Birds Rescued&lt;br&gt;&lt;br&gt;06 Accused Arrested &lt;a href="https://t.co/5ubOGRtg5p"&gt;pic.twitter.com/5ubOGRtg5p&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Central Bureau of Investigation (India) (@CBIHeadquarters) &lt;a href="https://x.com/CBIHeadquarters/status/2075192749436088531?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>6 आरोपी गिरफ्तार</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>CBI ने इस मामले में 7 और 8 जुलाई को दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियों ने मुंबई से तीन और कोलकाता से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नोमन खान, मोहम्मद फारूक, इंशा शकील (मुंबई) तथा सैकत बिस्वास, मिथुन मंडल उर्फ हिमांशु मंडल और अर्जुन मंडल (कोलकाता) के रूप में हुई है।</span></i></b></p><p><b>आगे क्या होगा?</b></p><p>बरामद किए गए सभी वन्यजीवों को सुरक्षित संरक्षण और देखभाल के लिए महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के वन विभागों को सौंप दिया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में जुटी हैं।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CBI-DRI का बड़ा एक्शन, वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़; 53 दुर्लभ जीव बरामद, 6 गिरफ्तार... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/cbi-files-charge-sheets-mahadev-app-betting-case-5352 ]]></guid><title><![CDATA[ महादेव ऐप घोटाला: CBI ने 6 चार्जशीट दायर, सौरभ चंद्राकर-रवि उप्पल के खिलाफ नए सबूत ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/cbi-files-charge-sheets-mahadev-app-betting-case-5352 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 09 Jul 2026 18:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने महादेव ऐप से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 चार्जशीट दाखिल की हैं। ये चार्जशीट आशीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छापरिया, अनिल धमानी, विशाल ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने महादेव ऐप से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 चार्जशीट दाखिल की हैं। ये चार्जशीट आशीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छापरिया, अनिल धमानी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा के खिलाफ दायर की गई हैं। इन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसे आरोप लगाए गए हैं।</span></p><p>CBI ने इस मामले में पहले चार्जशीट किए जा चुके मुख्य सरगनाओं सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त साक्ष्य भी अदालत में पेश किए हैं।</p><p><b>CBI ने 66 आरोपियों के खिलाफ 5 चार्जशीट दाखिल की</b></p><p>महादेव ऐप से जुड़े एक अन्य मामले में CBI ने 66 आरोपियों के खिलाफ 5 चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और बेटिंग सिंडिकेट के विभिन्न पैनलों के सदस्य शामिल हैं, जिनके माध्यम से अपराध से अर्जित धन का लेन-देन किया जाता था। ये चार्जशीट आईपीसी और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत दाखिल की गई हैं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;CBI FILES 06 CHARGE SHEETS IN MAHADEV APP GAMBLING CASE &lt;a href="https://t.co/IILyMpyngS"&gt;pic.twitter.com/IILyMpyngS&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Central Bureau of Investigation (India) (@CBIHeadquarters) &lt;a href="https://x.com/CBIHeadquarters/status/2075171086770327756?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>महादेव ऐप&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में से एक है</span></b></p><p>जांच एजेंसी के अनुसार, महादेव ऐप देश में अब तक सामने आए सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में से एक है, जिसे भारत के बाहर से संचालित किया जा रहा था। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने इसे एक ऐसे नेटवर्क में बदल दिया, जो सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर में लाखों लोगों तक पहुंच गया।</p><p><b><span style="font-size: 1rem;">जांच के अनुसार&nbsp;</span>अवैध कमाई में एक हिस्सा अधिकारियों का होता था</b></p><p>जांच में पता चला है कि यह सिंडिकेट देशभर में अवैध बेटिंग पैनल संचालित करता था। इसके जरिए लोगों को जोड़ा जाता था, ऑनलाइन गेम और सट्टेबाजी बाजार चलाए जाते थे तथा अवैध रूप से भारी मुनाफा कमाया जाता था। इस धन को पहले फर्जी (म्यूल) बैंक खातों के जरिए इधर-उधर भेजा जाता था और बाद में विदेश ट्रांसफर कर दिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि इस अवैध कमाई का एक हिस्सा सरकारी अधिकारियों को कथित तौर पर संरक्षण राशि (प्रोटेक्शन मनी) के रूप में दिया जाता था।</p><p><b>चार मुख्य आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी</b></p><p>CBI के अनुसार, महादेव ऐप के प्रमोटर और उनके कई सहयोगी कुछ वर्ष पहले पश्चिम एशियाई देशों में फरार हो गए थे और वहीं से इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। मामले के चार मुख्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।</p><p>CBI ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी इस सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क, इसके राजनीतिक और नौकरशाही संरक्षण तथा इसमें शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी चार्जशीट दाखिल की जाएंगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ महादेव ऐप घोटाला: CBI ने 6 चार्जशीट दायर, सौरभ चंद्राकर-रवि उप्पल के खिलाफ नए सबूत ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/cbi-chargesheets-mahadev-app-case-5348 ]]></guid><title><![CDATA[ CBI Files 6 Charge Sheets in Mahadev App Gambling Case ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/cbi-chargesheets-mahadev-app-case-5348 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 09 Jul 2026 17:00:36 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ New Delhi: The Central Bureau of Investigation (CBI) has filed 06 charge sheets in the Mahadev App related corruption case against the accused namely, Ashim Das, Rohit Gulati, Vikas Chhaparia, Anil Dh ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>New Delhi:</b> The Central Bureau of Investigation (CBI) has filed 06 charge sheets in the Mahadev App related corruption case against the accused namely, Ashim Das, Rohit Gulati, Vikas Chhaparia, Anil Dhammani, Vishal Ahuja, Dheeraj Ahuja for offences under PC Act, 1988 and offences of cheating, forgery and criminal conspiracy under IPC. The CBI has also filed additional evidences against the main kingpins Saurabh Chandrakar and Ravi Uppal and others who were charge sheeted earlier.</span></p><p>In the other Mahadev App case, the CBI has filed 05 charge sheets against 66 accused persons which include Saurabh Chandrakar, Ravi Uppal along with members of the Betting Syndicate Panels through whom the proceeds of crime were channeled. These 05 charge sheets were filed for offences under IPC and Chhattisgarh Gambling Prohibition Act.</p><p>Mahadev App is one of the largest illegal betting syndicate unearthed in the country, run from outside Indian soil. Saurabh Chandrakar and Ravi Uppal built it into a nationwide network reaching millions of users through social media platforms. Investigation has established that the syndicate operated illegal betting panels across the country, enrolling users and running games and betting markets, generating illegal profits which were then laundered through a web of mule accounts and finally transferred the funds abroad. Part of the proceeds of crime were paid as protection money to public servants.&nbsp;</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;CBI FILES 06 CHARGE SHEETS IN MAHADEV APP GAMBLING CASE &lt;a href="https://t.co/IILyMpyngS"&gt;pic.twitter.com/IILyMpyngS&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Central Bureau of Investigation (India) (@CBIHeadquarters) &lt;a href="https://x.com/CBIHeadquarters/status/2075171086770327756?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p>Investigation revealed that the promoters of Mahadev App and several of their associates have absconded few years back to West Asian countries and continue to operate this network from outside India.&nbsp;</p><p>Red Corner Notices have already been issued against 04 main accused persons who have gone abroad. Action to get them declared as Fugitive Economic Offenders has also been initiated.&nbsp;</p><p>Further investigation is continuing to unearth the full spread of this syndicate as well as its political and bureaucratic patronage and to bring all other accused persons involved to justice. More charge sheets will be filed in future.&nbsp;</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CBI Files 6 Charge Sheets in Mahadev App Gambling Case ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/rohini-building-collapse-saurabh-bhardwaj-bjp-safety-audit-5347 ]]></guid><title><![CDATA[ रोहिणी बिल्डिंग हादसे पर सौरभ भारद्वाज का हमला, बोले- 'सुरक्षा ऑडिट सिर्फ दिखावा था' ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/rohini-building-collapse-saurabh-bhardwaj-bjp-safety-audit-5347 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 09 Jul 2026 16:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने गुरुवार को रोहिणी में चार लोगों की जान लेने वाली इमारत ढहने की घटना को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने गुरुवार को रोहिणी में चार लोगों की जान लेने वाली इमारत ढहने की घटना को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में "जीरो अकाउंटेबिलिटी" है और भवन सुरक्षा ऑडिट केवल दिखावा बनकर रह गए हैं, जबकि जिम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है।</span></p><p>एक्स पर पोस्ट करते हुए सौरभ भारद्वाज ने लिखा, "जीरो अकाउंटेबिलिटी। रोहिणी में इमारत गिरने की घटना में अब तक चार लोगों की मलबे से मौत हो चुकी है और तीन लोग घायल हुए हैं। सैदुलाजाब (साकेत) में हुई बिल्डिंग गिरने की घटना से चार इंजन वाली बीजेपी सरकार ने आखिर क्या सीखा?"</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Zero Accountability &lt;br&gt;&lt;br&gt;Four persons have been found dead so far under the debris , 3 injured in the building collapse at Rohini.&lt;br&gt;&lt;br&gt;What did the 4 engine BJP Govt learn from the building collapse at Saket( Saidullajab) ? &lt;br&gt;&lt;br&gt;The BJP Govt claimed that they have done safety audit of…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) &lt;a href="https://x.com/Saurabh_MLAgk/status/2075108315944878536?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>बीजेपी सरकार पर सौरभ भारद्वाज ने लगाए कई आरोप</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">सौरभ भारद्वाज ने&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने दावा किया था कि दिल्ली की सभी इमारतों का सुरक्षा ऑडिट कराया गया है और खतरनाक भवनों की पहचान कर ली गई है, लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाएं नहीं रुक सकीं। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि सरकार और एमसीडी ने सुरक्षा ऑडिट के नाम पर कारोबारियों पर दबाव बनाकर उनसे भारी रिश्वत वसूली। पूरा अभियान सिर्फ एक दिखावा था।"</span></p><p>उन्होंने कहा, "हर बार ऐसी घटना में निर्दोष लोगों की जान जाती है और बीजेपी सरकार किसी जेई या एई को निलंबित कर देती है। कुछ हफ्तों बाद वे फिर नौकरी पर लौट आते हैं और सब कुछ पहले जैसा चलने लगता है। चाहे राम मंदिर का मामला हो, 650 करोड़ रुपये का स्वास्थ्य घोटाला, बिल्डिंग गिरने की घटनाएं हों या आग लगने की घटनाएं, कार्रवाई सिर्फ छोटे अधिकारियों पर होती है, जबकि बड़े लोग सरकार के संरक्षण में रहते हैं।"</p><p><b>दिल्ली में जलभराव को लेकर बीजेपी पर साधा निशाना</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>एक अन्य पोस्ट में सौरभ भारद्वाज ने भारी बारिश के बाद दिल्ली में हुए जलभराव को लेकर भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "दिल्ली में विकास हर तरफ बहता हुआ दिखाई दे रहा है। सड़क अभी बनी थी, पैसा अभी खर्च हुआ था और अब पानी के साथ-साथ बीजेपी सरकार की इज्जत भी बह रही है।"</i></b></p><p><b>हादसे में 4 की मौत, 1 के घायल होने की खबर</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">सौरभ भारद्वाज की</span>&nbsp;यह टिप्पणी गुरुवार दोपहर रोहिणी में निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद आई। अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ। मृतकों की पहचान नूरुल हुडा (20), राम दुआ (51) और राम (42) के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य घायल ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायल सद्दाम (34) का अस्पताल में इलाज चल रहा है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;दिल्ली - सब जगह से विकास बह रहा है &lt;br&gt;&lt;br&gt;अभी सड़क बनी थी, अभी पैसा बहाया , अब पानी और भाजपा सरकार की इज़्ज़त , सब बह रही है । &lt;a href="https://t.co/3KYs6jcLbH"&gt;pic.twitter.com/3KYs6jcLbH&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) &lt;a href="https://x.com/Saurabh_MLAgk/status/2075092669290979455?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>पुलिस ने दर्ज की कई धाराओं में FIR, मामले की जांच जारी</b></p><p>पुलिस ने बताया कि संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है। यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब बुधवार रात से हो रही भारी बारिश ने दिल्ली-एनसीआर में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मेहरौली-बदरपुर रोड, बुराड़ी और अक्षरधाम के पास एनएच-24 सहित कई इलाकों में भारी जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। वहीं नोएडा और गाजियाबाद में भी कई स्थानों पर जलभराव देखा गया, जबकि दक्षिणी दिल्ली में कई जगह पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ रोहिणी बिल्डिंग हादसे पर सौरभ भारद्वाज का हमला, बोले- 'सुरक्षा ऑडिट सिर्फ दिखावा था' ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-old-delhi-ivpn-heritage-redevelopment-5344 ]]></guid><title><![CDATA[ चांदनी चौक से जामा मस्जिद तक बदलेगी पुरानी दिल्ली की तस्वीर, सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा प्लान... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-old-delhi-ivpn-heritage-redevelopment-5344 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 09 Jul 2026 14:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत को संरक्षित करने और उसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने शाहजहानाबाद रीडेवलपमेंट  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत को संरक्षित करने और उसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने शाहजहानाबाद रीडेवलपमेंट कॉरपोरेशन का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (आईवीपीएन) कर दिया है।</span></p><p>मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह निगम पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक नागरिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए व्यापक और केंद्रित अभियान शुरू कर चुका है।</p><p><b>चांदनी चौक के पुनर्विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय</b></p><p>इस पहल के तहत इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (आईवीपीएन) की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शहरी विकास मंत्री एवं निगम के उपाध्यक्ष आशीष सूद, प्रबंध निदेशक संदीप कुमार और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।</p><p>बैठक में पुरानी दिल्ली के समग्र पुनर्विकास, विरासत संरक्षण, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इनमें चांदनी चौक के पुनर्विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय शामिल है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The Delhi Government has renamed the Shahjahanabad Redevelopment Corporation as the Indraprastha Virasat Redevelopment Corporation to accelerate the conservation and redevelopment of Old Delhi. Chaired by CM &lt;a href="https://x.com/gupta_rekha?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@gupta_rekha&lt;/a&gt; the corporation will focus on preserving the city&amp;#39;s… &lt;a href="https://t.co/KIgvks8W1k"&gt;pic.twitter.com/KIgvks8W1k&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; DD News (@DDNewslive) &lt;a href="https://x.com/DDNewslive/status/2075111444937371889?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>"चांदनी चौक को उसके सांस्कृतिक महत्व के अनुसार विकसित किया जाए"</b></p><p>मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चांदनी चौक का स्वरूप उसकी ऐतिहासिक पहचान, पारंपरिक स्वरूप और सांस्कृतिक महत्व के अनुरूप विकसित किया जाए। साथ ही, यहां प्रतिदिन आने वाले लाखों लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएं और नागरिक सुविधाओं को और मजबूत किया जाए।</p><p>बैठक में ऐतिहासिक टाउन हॉल के पुनर्विकास की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चांदनी चौक की ओर से एक प्रमुख प्रवेश और निकास द्वार विकसित किया जाए, ताकि यह इमारत प्रमुख विरासत एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सके।</p><p><b>विरासत क्षेत्रों के विकास में विशेषज्ञों को शामिल करें- सीएम रेखा गुप्ता</b>&nbsp;</p><p>यह भी तय किया गया कि चांदनी चौक और आसपास के विरासत क्षेत्रों के विकास में इतिहासकारों, विरासत विशेषज्ञों और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, ताकि बाजार की मूल ऐतिहासिक और स्थापत्य पहचान सुरक्षित रह सके। साथ ही स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों के हितों की रक्षा पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।</p><p>पर्यटकों की सुविधा के लिए चांदनी चौक में एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को जानकारी, मार्गदर्शन और त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।</p><p><b>पार्किंग सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया गया</b></p><p>बैठक में व्यवस्थित पार्किंग सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने यमुना बाजार स्थित हनुमान मंदिर और उसके पीछे के क्षेत्र के समग्र विकास की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जामा मस्जिद क्षेत्र और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग के सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास की व्यापक योजना बनाने को भी कहा गया।</p><p>बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि पुरानी दिल्ली का विकास केवल भौतिक ढांचे तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विरासत संरक्षण, पर्यटन, व्यापार, नागरिक सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।</p><p><b>पुरानी दिल्ली लगभग 7.12 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली है</b></p><p>अधिकारियों ने बताया कि पुरानी दिल्ली लगभग 7.12 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। 350 वर्ष से अधिक पुराने इस ऐतिहासिक इलाके में एक विश्व धरोहर स्थल, 10 राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक, 10 राज्य संरक्षित स्मारक और 700 से अधिक स्थानीय संरक्षित विरासत स्थल मौजूद हैं। यहां प्रतिदिन लाखों लोग खरीदारी, व्यापार, धार्मिक गतिविधियों और पर्यटन के लिए आते हैं। ऐसे में इस ऐतिहासिक क्षेत्र का योजनाबद्ध विकास विरासत संरक्षण के साथ-साथ व्यापार और पर्यटन को भी नई गति देगा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ चांदनी चौक से जामा मस्जिद तक बदलेगी पुरानी दिल्ली की तस्वीर, सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा प्लान... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-ncr-heavy-rain-waterlogging-noida-ghaziabad-5340 ]]></guid><title><![CDATA[ बारिश से दिल्ली-एनसीआर बेहाल, नोएडा और गाजियाबाद की सड़कों पर भरा पानी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-ncr-heavy-rain-waterlogging-noida-ghaziabad-5340 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 09 Jul 2026 10:23:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: गुरुवार सुबह दिल्ली-एनसीआर में हुई लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में भारी जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना प ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>गुरुवार सुबह दिल्ली-एनसीआर में हुई लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में भारी जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जबकि यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ।</span></p><p>हालांकि, दिल्ली में 228.1 मिमी की रिकॉर्ड बारिश और रेड तथा ऑरेंज अलर्ट के बावजूद नगर निकायों की पूर्व तैयारियों के चलते बड़े पैमाने पर जलभराव की स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया। प्रशासन ने पहले से नालों की सफाई (डी-सिल्टिंग) कराई थी और नरेला तथा द्वारका सहित प्रमुख स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों से अवरोध हटाए गए थे। इसके चलते एनएचपीसी चौक जैसे प्रमुख अंडरपास जलभराव से बचे रहे और यातायात सामान्य रूप से चलता रहा।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Delhi: Heavy rain hits parts of the national capital; Sangam Vihar witnesses waterlogging.&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Full video available on PTI Videos - &lt;a href="https://t.co/n147TvrpG7"&gt;https://t.co/n147TvrpG7&lt;/a&gt;) &lt;a href="https://t.co/XPFufx74JX"&gt;pic.twitter.com/XPFufx74JX&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2075064956412891264?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>सीएम रेखा गुप्ता ने सरकारी एजेंसियों को दिए 'हाई एलर्ट' के निर्देश</b></p><p>इसके बावजूद कुछ इलाकों में पानी भर गया। गीता कॉलोनी में तेज बारिश के बाद काफी जलभराव देखने को मिला। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी सरकारी एजेंसियों को "हाई अलर्ट" पर रहने के निर्देश दिए हैं।</p><p>मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने कहा, "दिल्ली सरकार जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर सभी सरकारी एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।" जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने और यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की विशेष टीमें विभिन्न स्थानों पर तैनात की गई हैं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Waterlogging on all major roads remains under control following heavy rainfall. On the directions of Chief Minister Rekha Gupta, government agencies are on high alert, with teams from the Delhi Jal Board, PWD, and the Municipal Corporation deployed on the ground. The Delhi… &lt;a href="https://t.co/Q06SaJbBwS"&gt;pic.twitter.com/Q06SaJbBwS&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2075052948149899403?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>बारिश से नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में बढ़ी परेशानी</b></p><p>बारिश से जहां उमस से राहत मिली, वहीं नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ गई। नोएडा सेक्टर-115 की सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। इसी तरह गाजियाबाद के शास्त्रीनगर इलाके में भी सड़कें जलमग्न हो गईं, जिसके कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात धीमा पड़ गया।</p><p>भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, शाहदरा, मध्य दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।</p><p><b>7 से 11 जुलाई तक कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान</b></p><p>मौसम विभाग ने बताया है कि दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 6 जुलाई और 10 जुलाई को कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं 7 से 9 जुलाई और 11 जुलाई के दौरान इन क्षेत्रों में भारी वर्षा होने का अनुमान है। विभाग ने इस अवधि में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी चेतावनी दी है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ बारिश से दिल्ली-एनसीआर बेहाल, नोएडा और गाजियाबाद की सड़कों पर भरा पानी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sis-ganj-gurudwara-history-seva-shraddha-delhi-5321 ]]></guid><title><![CDATA[ सीस गंज गुरुद्वारा: जहां इतिहास, सेवा और श्रद्धा का मिलता है अद्भुत संगम ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sis-ganj-gurudwara-history-seva-shraddha-delhi-5321 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 07 Jul 2026 16:36:20 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ दिल्ली का नाम आते ही लोगों के मन में लाल किला, इंडिया गेट और कुतुब मीनार जैसी ऐतिहासिक इमारतों की तस्वीर उभरती है। लेकिन पुरानी दिल्ली के दिल चांदनी चौक में स्थित गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब ऐसा पवि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>दिल्ली</b> का नाम आते ही लोगों के मन में लाल किला, इंडिया गेट और कुतुब मीनार जैसी ऐतिहासिक इमारतों की तस्वीर उभरती है। लेकिन पुरानी दिल्ली के दिल चांदनी चौक में स्थित गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब ऐसा पवित्र स्थल है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक इतिहास, आध्यात्मिकता और सेवा भाव का अनूठा अनुभव लेने पहुंचते हैं। यही वजह है कि यह स्थान सिर्फ सिख समुदाय ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी दिल्ली का सबसे खास 'मस्ट-विजिट' स्पॉट माना जाता है।</p><h5 class=""><b>गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान की याद</b></h5><p>गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब का सबसे बड़ा महत्व सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान से जुड़ा है। इतिहास के अनुसार, इसी स्थान पर 1675 में मुगल शासक औरंगजेब के शासनकाल के दौरान गुरु तेग बहादुर जी ने धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।<br></p><p>उन्होंने किसी एक धर्म नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार जीवन जीने के अधिकार की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। यही कारण है कि यह स्थान आज भी साहस, त्याग और मानवता का प्रतीक माना जाता है।</p><h5 class=""><b>इतिहास और वास्तुकला का अद्भुत मेल</b></h5><p>गुरुद्वारा परिसर में प्रवेश करते ही आधुनिक और पारंपरिक वास्तुकला का सुंदर संगम देखने को मिलता है। सफेद संगमरमर से बना विशाल भवन, सुनहरे गुंबद, शांत वातावरण और लगातार चल रहा गुरबाणी कीर्तन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है।<br></p><p>परिसर में कई ऐसे ऐतिहासिक अवशेष भी सुरक्षित रखे गए हैं, जिन्हें गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान से जुड़ा माना जाता है। इनमें वह स्थान भी शामिल है जहां उनका शीश अलग किया गया था और एक प्राचीन वृक्ष, जिसे ऐतिहासिक महत्व प्राप्त है।</p><p><img style="width: 780.067px;" src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/07/sisganj-gurudwara_27db19f5070b9b0153743a50d4a252cb_1280X720.webp"><br></p><p><br></p><h5 class=""><b>24 घंटे चलने वाली लंगर सेवा</b></h5><p>गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यहां की निःशुल्क लंगर सेवा है। प्रतिदिन हजारों लोग यहां बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण करते हैं।</p><p>जाति, धर्म, भाषा और आर्थिक स्थिति से परे हर व्यक्ति के लिए समान व्यवस्था इस स्थान की सबसे बड़ी पहचान है। यहां आने वाले कई विदेशी पर्यटक भी लंगर सेवा में स्वयंसेवक (सेवदार) के रूप में हिस्सा लेते हैं।</p><h5 class=""><b>सेवा भावना का अनूठा अनुभव</b></h5><p>गुरुद्वारे में केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि सेवा करने की परंपरा भी लोगों को आकर्षित करती है। कोई बर्तन साफ करता है, कोई जूते संभालता है, तो कोई भोजन परोसता है।</p><p>यही सेवा भावना सिख धर्म की मूल शिक्षाओं में शामिल है और यही कारण है कि यहां आने वाले लोग आध्यात्मिक अनुभव के साथ मानवीय मूल्यों को भी करीब से महसूस करते हैं।</p><h5 class=""><b>देश-विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद</b></h5><p>चांदनी चौक घूमने आने वाले अधिकांश पर्यटक गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब जरूर जाते हैं। लाल किला, जामा मस्जिद और चांदनी चौक मार्केट के बेहद करीब होने के कारण यह दिल्ली हेरिटेज वॉक का भी प्रमुख हिस्सा बन चुका है।</p><p>विदेशी पर्यटक यहां भारतीय संस्कृति, धार्मिक सहिष्णुता और सामुदायिक सेवा की परंपरा को करीब से समझने आते हैं। कई ट्रैवल गाइड भी इसे दिल्ली की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक विरासतों में शामिल करते हैं।</p><h5 class=""><b>क्या है यहां का सबसे खास अनुभव?</b></h5><p>गुरबाणी की मधुर ध्वनि, संगमरमर का शांत वातावरण, लंगर सेवा और श्रद्धालुओं की आस्था यहां आने वाले हर व्यक्ति को अलग अनुभव देती है। कई लोग मानते हैं कि यहां कुछ समय बैठने मात्र से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का एहसास होता है।</p><h5 class=""><b>कैसे पहुंचें?</b></h5><p>गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में स्थित है। यहां मेट्रो से पहुंचना सबसे आसान है। चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन और लाल किला मेट्रो स्टेशन से यह पैदल दूरी पर स्थित है। आसपास पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन भी उपलब्ध है।</p><h5 class=""><b>क्यों है दिल्ली का Must-Visit Spot?</b></h5><p>गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब केवल धार्मिक स्थल नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक स्वतंत्रता, मानव सेवा और सामाजिक समानता का जीवंत प्रतीक है। अगर आप दिल्ली घूमने की योजना बना रहे हैं, तो इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे का अनुभव आपकी यात्रा को यादगार बना सकता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सीस गंज गुरुद्वारा: जहां इतिहास, सेवा और श्रद्धा का मिलता है अद्भुत संगम ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/malviya-nagar-hotel-fire-custody-extended-5300 ]]></guid><title><![CDATA[ मालवीय नगर होटल अग्निकांड: लवकेश बजाज समेत तीन आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/malviya-nagar-hotel-fire-custody-extended-5300 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 06 Jul 2026 17:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड मामले में साकेत कोर्ट ने सोमवार को होटल मालिक लवकेश बजाज, केशव नेगी और जय मिश्रा की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी।&nbsp;न्यायिक मजिस्ट् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड मामले में साकेत कोर्ट ने सोमवार को होटल मालिक लवकेश बजाज, केशव नेगी और जय मिश्रा की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) भानु प्रताप सिंह ने तीनों आरोपियों को 14 दिन और न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।</span></p><p>सुनवाई के दौरान लवकेश बजाज के वकील ने जीएसटी और आयकर से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों तक पहुंच के लिए अदालत से सत्यापन (अटेस्टेशन) की अनुमति मांगते हुए एक आवेदन दायर किया। इस आवेदन पर मंगलवार को सुनवाई होगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं, दिल्ली पुलिस ने अदालत में न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध करते हुए कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपियों की आगे भी न्यायिक हिरासत आवश्यक है।</span></p><p><b>रसोइये केशव नेगी की जमानत याचिका खारिज हुई थी</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>इससे पहले 8 जून को अदालत ने होटल फ्लोरिश स्टे के रसोइये केशव नेगी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। दिल्ली पुलिस ने उसे 7 जून को गिरफ्तार किया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">होटल के कथित अकाउंटेंट जय मिश्रा ने 8 जून को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। वह 3 जून को हुई घटना के बाद से फरार चल रहा था।</span></p><p>इस मामले में अब तक तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें होटल मालिक लवकेश बजाज, रसोइया केशव नेगी और कथित अकाउंटेंट जय मिश्रा शामिल हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">गौरतलब है कि मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी भीषण आग में 22 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल थे। मृतकों में अधिकांश वे लोग थे जो पास के अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों के परिजन या उनसे मिलने आए थे।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मालवीय नगर होटल अग्निकांड: लवकेश बजाज समेत तीन आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-usmanpur-murder-three-arrested-18-hours-5282 ]]></guid><title><![CDATA[ पुरानी रंजिश में पार्क में बुलाकर युवक की हत्या, पुलिस ने 18 घंटे में सुलझाया केस... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-usmanpur-murder-three-arrested-18-hours-5282 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 05 Jul 2026 16:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली के जगत प्रवेश चंद्र (जेपीसी) अस्पताल के पास स्थित डीडीए पार्क में एक युवक की चाकू मारकर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। नई उस्मानपुर थाना पुलिस ने महज  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली के जगत प्रवेश चंद्र (जेपीसी) अस्पताल के पास स्थित डीडीए पार्क में एक युवक की चाकू मारकर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। नई उस्मानपुर थाना पुलिस ने महज 18 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शहनवाज (21), नूर हसन (20) और अनस (21) के रूप में हुई है। तीनों दिल्ली के सीलमपुर इलाके के रहने वाले हैं। यह घटना शनिवार सुबह की है।</span></p><p>पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची, जहां एक युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा मिला। उसे तत्काल जेपीसी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।</p><p><b>मृतक की पहचान तोहीद के रूप में हुई</b></p><p>मृतक की पहचान तोहीद (20) के रूप में हुई, जो न्यू सीलमपुर का निवासी था। इस मामले में नई उस्मानपुर थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। थाना प्रभारी के.एल. यादव के नेतृत्व में और सीलमपुर के सहायक पुलिस आयुक्त मलकीयत सिंह की निगरानी में पुलिस टीम ने विभिन्न स्रोतों से अहम सुराग जुटाए।</p><p><b>साक्ष्यों के आधार पर हुई&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></b></p><p>जांच के दौरान पता चला कि मृतक का कुछ लोगों से पहले विवाद हुआ था। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि मृतक ने पहले नूर हसन को थप्पड़ मारा था और शहनवाज को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। इसका बदला लेने के लिए तीनों ने साजिश रची, तोहीद को पार्क में बुलाया और चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी।</p><p>पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी शहनवाज पहले एक लूट के मामले में भी शामिल रह चुका है। मामले की आगे की जांच जारी है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ पुरानी रंजिश में पार्क में बुलाकर युवक की हत्या, पुलिस ने 18 घंटे में सुलझाया केस... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/umar-khalid-sharjeel-imam-bail-order-reserved-5265 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली दंगा यूएपीए मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत पर फैसला सुरक्षित ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/umar-khalid-sharjeel-imam-bail-order-reserved-5265 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 04 Jul 2026 16:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने वर्ष 2020 के दिल्ली दंगा मामले से जुड़े कथित बड़ी साजिश (लार्जर कॉन्सपिरेसी) प्रकरण में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार उमर खालि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने वर्ष 2020 के दिल्ली दंगा मामले से जुड़े कथित बड़ी साजिश (लार्जर कॉन्सपिरेसी) प्रकरण में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार उमर खालिद और शरजील इमाम की नियमित जमानत याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।</span></p><p>अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) समीर बजपई ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा। अदालत ने कहा कि यदि आदेश लिखने की प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो फैसला आज ही सुनाया जाएगा, अन्यथा सोमवार को आदेश जारी किया जाएगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दोनों आरोपियों ने 5 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद ट्रायल कोर्ट का रुख किया है।</span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">आरोप तय करने पर बहस अभी भी पूरी नहीं हुई</span>&nbsp;</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>शरजील इमाम की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के छह महीने बाद भी मुकदमे की सुनवाई में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई है और वह पिछले लगभग छह वर्षों से न्यायिक हिरासत में हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उनकी ओर से अधिवक्ता अहमद इब्राहिम ने अदालत में दलील दी कि मामला अभी तक आरोप तय (चार्ज फ्रेम) करने के चरण तक भी नहीं पहुंचा है और आरोप तय करने पर बहस अभी भी पूरी नहीं हुई है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/BREAKING?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#BREAKING&lt;/a&gt; The Karkardooma Court has reserved its order on the bail pleas of accused Umar Khalid and Sharjeel Imam in the Delhi riots larger conspiracy case. The duo has filed bail applications for the second time, arguing that there has been no significant progress in the case… &lt;a href="https://t.co/9Z5RZIITml"&gt;pic.twitter.com/9Z5RZIITml&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2073308316139139116?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 4, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>सैयद इफ्तिखार अंद्राबी बनाम NIA&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मामले का भी हवाला दिया गया</span></b></p><p>याचिका में यह भी कहा गया है कि गुलफिशा फातिमा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही माना था कि मुकदमे में सुनवाई की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है और छह महीने बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">याचिका में सैयद इफ्तिखार अंद्राबी बनाम राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) मामले का भी हवाला दिया गया है। इसमें कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट की एक समन्वय पीठ ने माना है कि गुलफिशा फातिमा मामले के फैसले ने के. ए. नजीब मामले में तीन न्यायाधीशों की पीठ द्वारा स्थापित सिद्धांतों के प्रभाव को सीमित कर दिया है।</span></p><p>इसके अलावा, याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि 22 मई 2026 को तस्लीम अहमद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इसी कथित बड़ी साजिश मामले के एक सह-आरोपी को अंतरिम जमानत देते हुए यूएपीए की धारा 43डी(5) के तहत जमानत से जुड़े कानूनी प्रश्न को बड़ी पीठ के पास भेजने का निर्देश दिया था।</p><p><b>सभी की निगाहें कड़कड़डूमा अदालत के फैसले पर टिकी</b></p><p>वहीं, उमर खालिद की ओर से भी नियमित जमानत के लिए अलग याचिका दायर की गई है। अदालत ने इससे पहले 9 जून को उनकी याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था, जबकि 13 जून को शरजील इमाम की याचिका पर भी पुलिस से जवाब मांगा गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अब सभी की निगाहें कड़कड़डूमा अदालत के फैसले पर टिकी हैं, जो आज या सोमवार को सुनाया जा सकता है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली दंगा यूएपीए मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत पर फैसला सुरक्षित ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-lg-sandhu-sustainable-development-roadmap-5263 ]]></guid><title><![CDATA[ राजधानी के भविष्य का रोडमैप तैयार, LG तरणजीत सिंह संधू ने बताए चार प्रमुख लक्ष्य... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-lg-sandhu-sustainable-development-roadmap-5263 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 04 Jul 2026 15:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की सलाहकार परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजधानी के दीर्घकालिक और सतत शहरी विकास की रणनीति की समीक्षा की। बैठक  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की सलाहकार परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजधानी के दीर्घकालिक और सतत शहरी विकास की रणनीति की समीक्षा की। बैठक में सस्ती आवास योजना, ट्रैफिक जाम, जल सुरक्षा, पुनर्विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।</span></p><p>बैठक में परिषद के सदस्यों के साथ सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी और सुधांशु त्रिवेदी भी मौजूद रहे। इसके अलावा दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी), राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी), दिल्ली जल बोर्ड, बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के प्रतिनिधि तथा डीडीए के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।</p><p><b>प्रमुख शहरी चुनौतियों की समीक्षा की गई</b></p><p>बैठक में राजधानी के सामने मौजूद प्रमुख शहरी चुनौतियों की समीक्षा की गई। इनमें किफायती आवास की मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ता अंतर, झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों का पुनर्वास, अनधिकृत कॉलोनियों का नियमितीकरण और पुनर्विकास, ट्रैफिक जाम, प्रदूषण, ज़ोन-ओ का विकास एवं नियमन, शहरी बाढ़, बढ़ते तापमान, विरासत भवनों का संरक्षण और जल संकट जैसे मुद्दे शामिल रहे।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Chaired the meeting of the Advisory Council of &lt;a href="https://x.com/official_dda?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@official_dda&lt;/a&gt; today, in the presence of Hon’ble MPs Shri &lt;a href="https://x.com/RamvirBidhuri?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@RamvirBidhuri&lt;/a&gt; and Shri &lt;a href="https://x.com/SudhanshuTrived?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@SudhanshuTrived&lt;/a&gt;, to review the roadmap for sustainable urban development in the National Capital.&lt;br&gt;&lt;br&gt;We held wide-ranging deliberations on the upcoming… &lt;a href="https://t.co/sWx6NLPKm1"&gt;pic.twitter.com/sWx6NLPKm1&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; LG Delhi (@LtGovDelhi) &lt;a href="https://x.com/LtGovDelhi/status/2072981966853669112?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p>&nbsp;<b>चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित रोडमैप का प्रस्ताव रखा</b></p><p>उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने राजधानी के विकास के लिए चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित रोडमैप का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि दिल्ली को एक टिकाऊ, हरित और रहने योग्य शहर बनाने के लिए पर्यावरण संरक्षण, बेहतर जीवन गुणवत्ता, आर्थिक एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और समावेशी शहरी विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।</p><p>पर्यावरण संरक्षण के तहत प्रति व्यक्ति हरित क्षेत्र बढ़ाने, यमुना नदी के तट का विकास और हरित एवं जल आधारित बुनियादी ढांचे को आपस में जोड़ने की योजना पर जोर दिया गया। वहीं, बेहतर जीवन गुणवत्ता के लिए आपदा प्रबंधन, जल सुरक्षा और सुरक्षित सड़कों को प्राथमिकता देने की बात कही गई।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया</b></span></p><p>आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए व्यावसायिक बाजारों के पुनर्विकास, लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने और विरासत स्थलों को आर्थिक एवं सांस्कृतिक संपदा के रूप में उपयोग करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">समावेशी विकास के तहत ट्रैफिक जाम मुक्त शहर, मल्टी-मॉडल परिवहन व्यवस्था और मेट्रो स्टेशनों से अंतिम छोर तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।</span></p><p><b>"दिल्ली का विकास समावेशी, टिकाऊ और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए"</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों के प्रस्तावित विकास कार्यों की भी जानकारी दी गई। इनमें 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी), 200 वर्ग किलोमीटर में लैंड पूलिंग, 700 वर्ग किलोमीटर विकसित आवासीय क्षेत्र, 150 वर्ग किलोमीटर कम घनत्व वाले क्षेत्र, ज़ोन-ओ में 100 वर्ग किलोमीटर नदी तट विकास, पुरानी दिल्ली के 24 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का पुनर्विकास, बंगला ज़ोन के 31 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का विकास तथा 20 वर्ग किलोमीटर के उच्च घनत्व वाले कॉरिडोर का विकास शामिल है।</p><p>बैठक के अंत में तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि "दिल्ली का विकास समावेशी, टिकाऊ और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि बैठक में तैयार की गई रणनीति राजधानी के विकास के लिए भविष्य का रोडमैप साबित होगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ राजधानी के भविष्य का रोडमैप तैयार, LG तरणजीत सिंह संधू ने बताए चार प्रमुख लक्ष्य... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sc-stays-cag-audit-delhi-power-discoms-5250 ]]></guid><title><![CDATA[ बिजली कंपनियों के ऑडिट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 15 जुलाई को होगी अगली सुनवाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/sc-stays-cag-audit-delhi-power-discoms-5250 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 03 Jul 2026 18:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा प्रस्तावित ऑडिट पर अंतरिम रोक लगा दी। अदालत ने 15 जुलाई तक यथास् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा प्रस्तावित ऑडिट पर अंतरिम रोक लगा दी। अदालत ने 15 जुलाई तक यथास्थिति (स्टेटस क्वो) बनाए रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई भी 15 जुलाई को होगी।</span></p><p>न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन और न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर की पीठ ने दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) द्वारा दायर अपील पर नोटिस भी जारी किया। इस अपील में अप्रैल 2026 में विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) द्वारा दिए गए उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें कहा गया था कि डीईआरसी बिजली वितरण कंपनियों के ऑडिट की जिम्मेदारी सीएजी को नहीं सौंप सकता।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुप्रीम कोर्ट ने एपीटीईएल के आदेश के प्रभाव पर फिलहाल रोक लगा दी। एपीटीईएल ने अपने आदेश में डीईआरसी को निर्देश दिया था कि वह ऑडिट के लिए किसी स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति करे।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Supreme Court Orders Status Quo On Audit Of Delhi&amp;#39;s Electricity Distribution Companies |&lt;a href="https://x.com/DebbyJain?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@DebbyJain&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/SupremeCourt?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#SupremeCourt&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/xw1y9wTWJY"&gt;https://t.co/xw1y9wTWJY&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Live Law (@LiveLawIndia) &lt;a href="https://x.com/LiveLawIndia/status/2072994336703471897?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>रेगुलेटरी एसेट्स की वसूली से पहले ऑडिट कराना अनिवार्य</b></p><p>डीईआरसी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में दलील दी कि 6 अगस्त 2025 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार बिजली उपभोक्ताओं से नियामकीय परिसंपत्तियों (रेगुलेटरी एसेट्स) की वसूली से पहले ऑडिट कराना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यह ऑडिट शीर्ष अदालत द्वारा तय की गई प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है।</p><p>वहीं, बिजली वितरण कंपनियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तर्क दिया कि ऑडिट और रेगुलेटरी एसेट्स की वसूली दो अलग-अलग मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान विवाद केवल इस बात तक सीमित है कि ऑडिट किस संस्था से कराया जाए।</p><p><b>6 अगस्त 2025 के अपने फैसले की व्याख्या करना आवश्यक-&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुप्रीम कोर्ट</span></b></p><p>दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में 6 अगस्त 2025 के अपने फैसले की व्याख्या करना आवश्यक है। अदालत ने मामले को 15 जुलाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए इसे उचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश के पास भेजने का निर्देश दिया।</p><p>गौरतलब है कि अगस्त 2025 का सुप्रीम कोर्ट का फैसला 2011 से 2014 के बीच डीईआरसी द्वारा जारी बिजली टैरिफ आदेशों से जुड़े मामलों पर आया था। उस फैसले में अदालत ने कहा था कि लंबे समय तक रेगुलेटरी एसेट्स का बोझ टालने से बिजली दर निर्धारण की प्रक्रिया प्रभावित होती है और इसका भार भविष्य के उपभोक्ताओं पर पड़ता है।</p><p><b>5 मार्च 2026 को&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीएजी से ऑडिट कराने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी</span></b></p><p>इसके बाद अदालत ने बिजली नियामकों को लागत आधारित टैरिफ लागू करने, तय समयसीमा में रेगुलेटरी एसेट्स का निपटान करने और उनके बढ़ने के कारणों की सख्त ऑडिट कराने का निर्देश दिया था। हालांकि, उस फैसले में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि ऑडिट किस संस्था द्वारा कराया जाएगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 5 मार्च 2026 को दिल्ली के उपराज्यपाल ने सीएजी से ऑडिट कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इस निर्णय को एपीटीईएल में चुनौती दी गई, जिसने प्रस्ताव रद्द करते हुए डीईआरसी को स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त करने का निर्देश दिया था।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ बिजली कंपनियों के ऑडिट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 15 जुलाई को होगी अगली सुनवाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-hc-dhruv-rathee-video-gac-order-5240 ]]></guid><title><![CDATA[ ध्रुव राठी के वीडियो पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, 15 दिन में फैसला करने का GAC को निर्देश ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/delhi-hc-dhruv-rathee-video-gac-order-5240 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 03 Jul 2026 15:44:07 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की ग्रिवेंस अपीलीय समिति (GAC) को यूट्यूबर ध्रुव राठी के यूट्यूब वीडियो "Can Hindus Eat Beef? | Kerala Story 2 Exposed" को हटाने की मांग वाली लंबित अपील पर 1 ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की ग्रिवेंस अपीलीय समिति (GAC) को यूट्यूबर ध्रुव राठी के यूट्यूब वीडियो "Can Hindus Eat Beef? | Kerala Story 2 Exposed" को हटाने की मांग वाली लंबित अपील पर 15 दिनों के भीतर फैसला करने का निर्देश दिया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यह आदेश अधिवक्ता अमिता सचदेवा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि संबंधित वीडियो मानहानिकारक है और उसमें भगवान राम तथा माता सीता के संबंध में आपत्तिजनक सामग्री प्रस्तुत की गई है।</span></p><p>याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मांग की थी कि या तो GAC को उनकी लंबित अपील पर जल्द फैसला करने का निर्देश दिया जाए या फिर यूट्यूब से उक्त वीडियो हटाने का आदेश दिया जाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने दलील दी कि मध्यस्थ (इंटरमीडियरी) को इस वीडियो को पहले ही हटा देना चाहिए था। उनका कहना था कि वीडियो की सामग्री समाज में विभाजन पैदा करने वाली और हानिकारक है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi High Court Asks Centre To Expeditiously Decide Plea Seeking Removal Of Dhruv Rathee&amp;#39;s YouTube Video On &lt;a href="https://x.com/hashtag/Hindu?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Hindu&lt;/a&gt; Deities&lt;a href="https://x.com/dhruv_rathee?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@dhruv_rathee&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/YouTube?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@YouTube&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/Google?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@Google&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/OKz1qRMUzV"&gt;https://t.co/OKz1qRMUzV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Live Law (@LiveLawIndia) &lt;a href="https://x.com/LiveLawIndia/status/2072936049173782902?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>लंबित अपील पर 15 दिनों के भीतर निर्णय का आदेश</b></p><p>वहीं, गूगल की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता पहले ही सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत गठित ग्रिवेंस अपीलीय समिति के समक्ष अपील दायर कर चुकी हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने GAC को निर्देश दिया कि वह लंबित अपील पर 15 दिनों के भीतर निर्णय ले। इसके साथ ही अदालत ने याचिका का निस्तारण कर दिया।</span></p><p>याचिका में कहा गया था कि आईटी नियम, 2021 के नियम 3A(4) के तहत निर्धारित समयसीमा के बावजूद GAC ने उनकी अपील पर कोई फैसला नहीं लिया। इससे पहले उन्होंने यूट्यूब के रेजिडेंट ग्रिवेंस ऑफिसर के समक्ष भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन समाधान नहीं मिलने पर उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">याचिका में साकेत कोर्ट में लंबित समानांतर आपराधिक कार्यवाही का भी उल्लेख किया गया है। वहां संबंधित वीडियो के संबंध में एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली अर्जी पर अदालत ने पहले संबंधित थाना प्रभारी (SHO) से एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) भी मांगी थी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ध्रुव राठी के वीडियो पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, 15 दिन में फैसला करने का GAC को निर्देश ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/punjab-congress-reshuffle-manish-tewari-cryptic-post-5207 ]]></guid><title><![CDATA[ कांग्रेस में किनारे किए जाने पर मनीष तिवारी का दर्द छलका, सोशल मीडिया पर लिखा भावुक संदेश... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/punjab-congress-reshuffle-manish-tewari-cryptic-post-5207 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 02 Jul 2026 11:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक फेरबदल में जगह नहीं मिलने के बाद कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक रहस्यमयी पोस्ट साझा किया है। उन्होंने लिखा, "Que sera, sera...  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक फेरबदल में जगह नहीं मिलने के बाद कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक रहस्यमयी पोस्ट साझा किया है। उन्होंने लिखा,<b> "Que sera, sera... Whatever will be, will be"</b> <b>यानी "जो होगा, सो होगा।"</b>&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मनीष तिवारी ने एक अखबार की उस खबर पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें शीर्षक था कि पंजाब कांग्रेस में नए कार्यकारी अध्यक्षों और चुनावी समितियों के गठन के बावजूद उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई।</span></p><p>अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, "काश मेरे पास व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षाओं का कोई इलाज होता। इसके बावजूद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पिछले 45 वर्षों में मुझे बहुत कुछ दिया है और मैंने भी अपने पूरे वयस्क जीवन को पार्टी की सेवा में समर्पित किया है। जो होगा, सो होगा।"</p><p><b>तीन बार के सांसद को नहीं दी कोई ज़िम्मेदोरी</b></p><p>दरअसल, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने बुधवार को 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक नियुक्तियों की घोषणा की। इन नियुक्तियों में चुनाव प्रचार, चुनाव प्रबंधन, समन्वय, कोर कमेटी और घोषणा पत्र समिति के अध्यक्षों के नाम घोषित किए गए, लेकिन तीन बार के सांसद और पंजाब कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में गिने जाने वाले मनीष तिवारी को किसी भी समिति में स्थान नहीं मिला।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Delhi: Congress leader Manish Tewari on prominent citizens from India and Pakistan appealing PMs of both countries for &amp;#39;restoring peace, normalcy, dialogue&amp;#39;, says, &amp;quot;Well, that&amp;#39;s not an appeal for a dialogue. It is an instrument of an unconditional surrender. We want peace… &lt;a href="https://t.co/g3e0NUxF78"&gt;pic.twitter.com/g3e0NUxF78&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2072552526063566954?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 2, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी के अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी</b></p><p>AICC के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इन नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">घोषणा के अनुसार, चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि विजय इंदर सिंगला को चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी का अध्यक्ष और अमर सिंह को घोषणा पत्र समिति का प्रमुख बनाया गया है।</span></p><p>पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने रहेंगे, जबकि प्रताप सिंह बाजवा पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके अलावा पंजाब कांग्रेस के लिए तीन नए कार्यकारी अध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है। इनमें सुखविंदर सिंह डैनी, राज कुमार वेरका और संगत सिंह गिलजियां शामिल हैं।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ कांग्रेस में किनारे किए जाने पर मनीष तिवारी का दर्द छलका, सोशल मीडिया पर लिखा भावुक संदेश... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/whatsapp-username-manish-sisodia-impersonation-concern-5206 ]]></guid><title><![CDATA[ Whatsapp के नए फीचर पर बढ़ा विवाद, मनीष सिसोदिया ने जताई पहचान की चोरी की आशंका... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/whatsapp-username-manish-sisodia-impersonation-concern-5206 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 02 Jul 2026 10:43:11 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने व्हाट्सऐप के नए यूजरनेम फीचर को लेकर पहचान की चोरी (इम्पर्सनेशन) की आशंका जताई है। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने अपना यूजरनेम रिजर्व  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">नई दिल्ली:</b><span style="font-size: 1rem;"> आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने व्हाट्सऐप के नए यूजरनेम फीचर को लेकर पहचान की चोरी (इम्पर्सनेशन) की आशंका जताई है। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने अपना यूजरनेम रिजर्व करने की कोशिश की तो उनके नाम और 'AAP' के साथ जुड़े कई संभावित यूजरनेम पहले से ही बुक मिले।</span></p><p>मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह समझते हैं कि "मनीष सिसोदिया" नाम केवल उनका ही नहीं हो सकता, इसलिए उनके नाम के कई वर्जन पहले से लिए जा चुके हों, यह स्वाभाविक है। लेकिन उन्हें हैरानी इस बात की हुई कि उनके नाम के साथ AAP जोड़कर बनाए गए लगभग सभी संभावित यूजरनेम भी पहले से रिजर्व दिखाई दिए।</p><p><b>मनीष सिसोदिया ने दिए कई उदाहरण</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मनीष सिसोदिया ने&nbsp;</span>उदाहरण देते हुए बताया कि Manish.Sisodia.AAP, Manish_Sisodia_AAP, ManishSisodiaAAP जैसे कई यूजरनेम उपलब्ध नहीं थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मनीष सिसोदिया ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार आम आदमी पार्टी में उनके नाम का कोई दूसरा व्यक्ति नहीं है। ऐसे में यदि किसी और ने ये यूजरनेम रिजर्व किए हैं तो इससे फर्जी पहचान बनाकर लोगों को गुमराह करने का खतरा पैदा हो सकता है।</span></p><p>उन्होंने व्हाट्सऐप और मेटा से अपील करते हुए कहा कि सार्वजनिक हस्तियों की पहचान की सुरक्षा के लिए मजबूत वेरिफिकेशन और शिकायत निवारण (ग्रीवेंस) व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, ताकि किसी की पहचान का दुरुपयोग न हो और उपयोगकर्ता सुरक्षित रहें।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस बीच, केंद्र सरकार द्वारा व्हाट्सऐप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर पर नोटिस जारी किए जाने के कुछ घंटे बाद कंपनी ने कहा कि यूजरनेम फीचर अभी लागू नहीं हुआ है और इसे इस वर्ष धीरे-धीरे शुरू किया जाएगा।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;With WhatsApp rolling out usernames, I tried to reserve mine today.&lt;br&gt;&lt;br&gt;I completely understand that ‘Manish Sisodia’ is not a unique name, so it’s quite possible that many versions of my name have already been taken.&lt;br&gt;&lt;br&gt;But what surprised me is that almost every variation using my… &lt;a href="https://t.co/KXxXYOs2VP"&gt;https://t.co/KXxXYOs2VP&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Manish Sisodia (@msisodia) &lt;a href="https://x.com/msisodia/status/2072350784608727150?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 1, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>'मशहूर हस्तियों,&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वेरिफाइड अकाउंट्स से जुड़े यूजरनेम पहले से सुरक्षित'</span></b></p><p>व्हाट्सऐप के प्रवक्ता ने कहा कि सार्वजनिक हस्तियों, सरकारी संस्थाओं, मशहूर हस्तियों और मेटा के वेरिफाइड अकाउंट्स से जुड़े प्रमुख यूजरनेम पहले से सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि केवल वास्तविक मालिक ही उन्हें प्राप्त कर सकें। इसके अलावा मिलते-जुलते यूजरनेम भी सुरक्षित रखे गए हैं।</p><p>कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि व्हाट्सऐप इस्तेमाल करने के लिए फोन नंबर अनिवार्य रहेगा। यूजरनेम के जरिए होने वाली धोखाधड़ी रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए गए हैं। किसी यूजर को पहला संदेश मिलने पर यह जानकारी भी दिखाई जाएगी कि संदेश भेजने वाला नया अकाउंट है या नहीं, वह संपर्क सूची में है या नहीं, कोई साझा ग्रुप है या नहीं और वह किसी दूसरे देश से संदेश भेज रहा है या नहीं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं, केंद्र सरकार ने इस फीचर पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे पहचान की चोरी और फर्जी पहचान (स्पूफिंग) का खतरा बढ़ सकता है। सरकार ने मेटा से तीन दिनों के भीतर इस संबंध में विस्तृत जवाब मांगा है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Whatsapp के नए फीचर पर बढ़ा विवाद, मनीष सिसोदिया ने जताई पहचान की चोरी की आशंका... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/pm-modi-high-level-meeting-central-secretaries-ease-of-doing-business-5181 ]]></guid><title><![CDATA[ पीएम मोदी केंद्रीय सचिवों के साथ करेंगे उच्चस्तरीय बैठक, 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' जैसे मुद्दों पर होगी चर्चा... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/delhi-news/pm-modi-high-level-meeting-central-secretaries-ease-of-doing-business-5181 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 30 Jun 2026 11:44:37 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक का मुख्य फोकस नीतिगत सुधार (पॉलिसी रिफॉर्म्स) और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्याप ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक का मुख्य फोकस नीतिगत सुधार (पॉलिसी रिफॉर्म्स) और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यापार सुगमता) को बेहतर बनाने पर रहेगा।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">शाम 4 बजे होने वाली यह बैठक पिछले दो महीनों से भी कम समय में शीर्ष नौकरशाही के साथ प्रधानमंत्री की दूसरी बड़ी संस्थागत बैठक होगी।</span></p><p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को सेशेल्स की अपनी आधिकारिक यात्रा पूरी कर भारत लौटे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इससे पहले 21 मई को प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद और सभी केंद्रीय सचिवों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता की थी। उस बैठक का उद्देश्य 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नियामकीय (रेगुलेटरी) सुधारों का रोडमैप तैयार करना था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों से तेज़ निर्णय प्रक्रिया और प्रभावी प्रशासन सुनिश्चित करने पर जोर दिया था।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/BREAKING?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#BREAKING&lt;/a&gt;: Prime Minister Narendra Modi will chair a high-level meeting with Secretaries of all Central Government ministries and departments at 4:30 PM tomorrow to review reforms aimed at improving Ease of Doing Business and Ease of Living, while discussing the roadmap for… &lt;a href="https://t.co/BdeOqP1SNH"&gt;pic.twitter.com/BdeOqP1SNH&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2071600445173420400?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 29, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>पीएम ने प्रशासनिक कार्यों में संरचनात्मक सुधारों पर ध्यान देने को कहा</b></span></p><p>इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने कहा था कि फाइलों का निपटारा बिना अनावश्यक देरी के तेजी से होना चाहिए और कम से कम समय में अधिकतम उत्पादकता हासिल करने की दिशा में काम करना चाहिए।<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने मंत्रालयों से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और संरचनात्मक सुधारों पर विशेष ध्यान देने का भी आह्वान किया था।</span></p><p>प्रधानमंत्री ने दोहराया था कि 'विकसित भारत 2047' केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">समीक्षा के दौरान जिन मंत्रालयों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया था, उन्हें सुधारात्मक कदम उठाने और अपनी कार्यप्रणाली बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए थे।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके सफल पांच देशों के दौरे के लिए भी बधाई दी थी। बैठक में विदेश मंत्री ने इस दौरे के परिणामों और उसके भू-राजनीतिक महत्व की जानकारी दी थी।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>जनसंपर्क अभियान चलाने का दिया निर्देशन</b></span></p><p>प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को पिछले 12 वर्षों में सरकार की उपलब्धियों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सक्रिय जनसंपर्क अभियान चलाने का भी निर्देश दिया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कवायद सरकार के कार्यकाल के मध्य में प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा के रूप में देखी जा रही है। पिछली बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल के मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री शामिल हुए थे।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">वर्तमान केंद्रीय मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री को छोड़कर 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 36 राज्य मंत्री शामिल हैं।&nbsp;</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ पीएम मोदी केंद्रीय सचिवों के साथ करेंगे उच्चस्तरीय बैठक, 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' जैसे मुद्दों पर होगी चर्चा... ]]></media:description></item></channel></rss>