<?xml version='1.0' encoding='UTF-8' ?><rss xmlns:content='http://purl.org/rss/1.0/modules/content/' xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/'  version='2.0'><channel><title>GTC Bharat</title><link>https://www.gtcbharat.com</link><lastBuildDate><![CDATA[Sun, 23 Aug 2026 17:58:35 +0530 ]]></lastBuildDate><language>en</language><image><title>GTC Bharat</title><url>https://media.gtcbharat.com/uploads/GTC-Bhart.svg</url><link>https://www.gtcbharat.com</link></image><description>GTC Bharat: Hindi News(हिंदी न्यूज़): Bharat की ताज़ा खबरें | Hindi News, हिंदी समाचार </description><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-jssc-cgl-candidates-job-relief-5979 ]]></guid><title><![CDATA[ सालों की मेहनत, फिर नौकरी पर संकट: हाईकोर्ट की राहत के बाद दफ्तर लौटे JSSC-CGL उम्मीदवार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-jssc-cgl-candidates-job-relief-5979 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 22 Aug 2026 13:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ रांची, झारखंड: सालों की तैयारी, आर्थिक संघर्ष और परिवार के सहयोग के बाद सरकारी नौकरी हासिल करने वाले झारखंड के सैकड़ों उम्मीदवारों के लिए नियुक्ति पत्र किसी सपने के सच होने जैसा था। लेकिन नौकरी ज्वाइन ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>रांची, झारखंड:</b> सालों की तैयारी, आर्थिक संघर्ष और परिवार के सहयोग के बाद सरकारी नौकरी हासिल करने वाले झारखंड के सैकड़ों उम्मीदवारों के लिए नियुक्ति पत्र किसी सपने के सच होने जैसा था। लेकिन नौकरी ज्वाइन करने के कुछ ही दिनों बाद भर्ती परीक्षाएं रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले ने उनकी खुशियों को चिंता में बदल दिया।</span></p><p>अब झारखंड हाईकोर्ट द्वारा सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद उम्मीदवारों को फिलहाल राहत मिली है। विरोध प्रदर्शन कर रहे कई उम्मीदवार अब अपने-अपने कार्यालयों में लौटने की तैयारी कर रहे हैं, हालांकि भर्ती और नियुक्तियों को लेकर कानूनी लड़ाई अभी जारी है।</p><h5 class=""><b>पिता का सपना था सरकारी अधिकारी बनने का: नैना मिंच</b></h5><p>ब्लॉक वेलफेयर ऑफिसर (BWO) नैना मिंच के लिए यह नौकरी सिर्फ एक सरकारी पद नहीं, बल्कि उनके पिता का सपना भी थी। कोरोना महामारी के दौरान पिता को खोने के बाद उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी तैयारी जारी रखी।</p><p>नैना मिंच ने मीडिया से कहा, "मैंने इस नौकरी के लिए बहुत मेहनत की है। यह सिर्फ मेरा सपना नहीं था, बल्कि मेरे पिता का भी सपना था। उन्हें खोने के बाद भी मैंने खुद को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। जब नौकरी मिली तो लगा कि उनके आशीर्वाद से यहां तक पहुंची हूं। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि सब कुछ फिर से छिन गया।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हाईकोर्ट की अंतरिम राहत के बाद उनका सरकारी अधिकारी बनने का सपना फिलहाल बरकरार है, लेकिन अंतिम फैसले को लेकर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।</span></p><h5 class=""><b>सरकार के भर्ती रद्द करने के फैसले से बढ़ा विवाद</b></h5><p>विवाद उस समय गहरा गया, जब हेमंत सोरेन सरकार ने कथित अनियमितताओं के आरोपों का हवाला देते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा JSSC-CGL 2024 समेत आउटसोर्स एजेंसी TSR Data Processing Pvt Ltd (TDPL) द्वारा आयोजित अन्य भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सरकार के फैसले के बाद उन उम्मीदवारों ने विरोध शुरू कर दिया, जिन्होंने परीक्षा पास की थी, नियुक्ति पत्र प्राप्त कर लिया था और सरकारी सेवा में शामिल भी हो चुके थे।</span></p><p>उम्मीदवारों का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी व्यक्ति ने गलत तरीके अपनाए हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन ईमानदारी से परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को सामूहिक रूप से सजा नहीं मिलनी चाहिए।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/08/JharkhandCGL_0d76c2587b0c19c48f28000da48ca9b7_1280X960.webp" style="width: 910.383px;"><br></p><h5 class=""><b>हाईकोर्ट की अंतरिम रोक से मिली राहत</b></h5><p>हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उम्मीदवारों को अस्थायी राहत मिली है। प्रदर्शन कर रहे एक उम्मीदवार ने मीडिया से कहा, "हाईकोर्ट द्वारा सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद हमारा प्रदर्शन समाप्त हो गया है। हमें राहत मिली है और हम वापस अपने कार्यालयों में लौटेंगे।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, अदालत का यह आदेश अंतरिम है और कथित अनियमितताओं तथा भर्ती रद्द करने के सरकार के फैसले पर अंतिम कानूनी फैसला अभी होना बाकी है।</span></p><h5 class=""><b>छह साल की तैयारी के बाद मिली पहली नौकरी</b></h5><p>वर्षा ऐंद के लिए यह नौकरी उनके वर्षों के संघर्ष का परिणाम थी। उन्होंने बताया कि करीब छह साल तक तैयारी और इंतजार के बाद उन्हें अपनी पहली सरकारी नौकरी मिली थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "यह मेरी पहली नौकरी थी। मैंने इसके लिए कई साल मेहनत की थी। अचानक सब कुछ खोने की आशंका बेहद दर्दनाक थी। हमें न्यायपालिका पर भरोसा है और हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि हमारी वर्षों की मेहनत को मान्यता मिले।"</span></p><h5 class=""><b>शुरुआत से विवादों में रही JSSC-CGL परीक्षा</b></h5><p>प्रदर्शनकारियों के अनुसार, JSSC-CGL 2024 भर्ती प्रक्रिया शुरुआत से ही विवादों में रही। जनवरी 2024 में आयोजित पहली परीक्षा कथित प्रश्नपत्र लीक के बाद रद्द कर दी गई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके बाद सितंबर में दोबारा परीक्षा कराई गई, लेकिन इस परीक्षा को लेकर भी कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए। भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगातार बनी अनिश्चितता के बीच मामला अदालतों तक पहुंचा।</span></p><p>उम्मीदवारों के अनुसार, दिसंबर 2025 में झारखंड हाईकोर्ट ने अधिकारियों को उन चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया था, जिनके खिलाफ कोई विशेष संदेह या आरोप नहीं था। इसके बाद जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने भी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का आदेश देने से इनकार कर दिया था।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/08/JharkhandCGLExam_1015bc96e08c6bad80bf10d121129232_780X1040.webp" style="width: 780px;"><br></p><h5 class=""><b>30 दिसंबर को मिला नियुक्ति पत्र, अगले दिन ज्वाइनिंग</b></h5><p>प्रदर्शन में शामिल ब्लॉक वेलफेयर ऑफिसर सत्याम दासौंधी ने बताया कि हाईकोर्ट से मिली अंतरिम राहत के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "यह सिर्फ अंतरिम रोक है, लेकिन इससे हमें राहत मिली है। हम कल से वापस अपने कार्यालयों में जाएंगे।"&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में अदालत ने CID जांच जारी रहने के दौरान नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी। अदालत के आदेश के बाद सरकार ने अंतिम परिणाम घोषित किया।</span></p><p>सत्याम के अनुसार, चयनित उम्मीदवारों को 30 दिसंबर 2025 को नियुक्ति पत्र मिला और उन्होंने 31 दिसंबर 2025 को अपने पदों पर कार्यभार संभाल लिया।<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश में कोई बदलाव नहीं हुआ। ऐसे में उम्मीदवारों को लगा था कि उनकी नौकरी अब सुरक्षित है।</span></p><h5 class=""><b>'दोषियों पर कार्रवाई हो, लेकिन ईमानदार उम्मीदवारों को क्यों सजा?'</b></h5><p>सत्याम दासौंधी ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर प्रश्नपत्र लीक, नकल और पैसे देकर नौकरी पाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "अगर किसी ने गलत काम किया है तो उसके खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। हमें जांच से कोई समस्या नहीं है और हम पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं। लेकिन जिन्होंने अपनी मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा पास की, उनकी नौकरी क्यों छीन ली जाए?"&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उम्मीदवारों का तर्क है कि जांच के जरिए दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जबकि निर्दोष और ईमानदार अभ्यर्थियों की नियुक्ति को बरकरार रखा जाना चाहिए।</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/08/JharkhandIssue_0164c03d7ece2586c8f0c0fc7a2b0f2b_427X614.webp" style="width: 426.989px;"><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><h5 class=""><b>नियुक्ति पत्र के साथ अब कानूनी लड़ाई भी</b></h5><p>फिलहाल, हाईकोर्ट की अंतरिम रोक ने उम्मीदवारों को अपने कार्यालयों में लौटने का रास्ता दिया है। लेकिन उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इन उम्मीदवारों के लिए यह मामला अब केवल सरकारी नौकरी का नहीं रहा। यह वर्षों की तैयारी, परिवारों के त्याग और व्यक्तिगत संघर्ष की उस लड़ाई का सवाल बन गया है, जिसका अंतिम फैसला अदालत में होना बाकी है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उम्मीदवार फिलहाल राहत के साथ काम पर लौट रहे हैं, लेकिन उनके मन में यह आशंका अभी भी बनी हुई है कि लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई का अंतिम नतीजा क्या होगा।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सालों की मेहनत, फिर नौकरी पर संकट: हाईकोर्ट की राहत के बाद दफ्तर लौटे JSSC-CGL उम्मीदवार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cjp-jaipur-attack-abhijeet-dipke-ultimatum-5976 ]]></guid><title><![CDATA[ 24 घंटे में गिरफ्तारी या जयपुर में प्रदर्शन? CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का अल्टीमेटम ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cjp-jaipur-attack-abhijeet-dipke-ultimatum-5976 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 22 Aug 2026 11:25:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ जयपुर, राजस्थान: CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जयपुर में CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी टीम पर कथित हमले के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर राजस्थान सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>जयपुर, राजस्थान: </b>CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जयपुर में CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी टीम पर कथित हमले के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर राजस्थान सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। अब इस समयसीमा के समाप्त होने में सिर्फ 24 घंटे बाकी हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">दीपके ने चेतावनी दी है कि यदि कथित हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वह खुद जयपुर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। ऐसे में अब सबकी नजर राजस्थान सरकार और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मामला जयपुर के रामपुरा कानारपुरा स्थित एक सरकारी स्कूल के निरीक्षण से जुड़ा है। CJP के अनुसार, आशुतोष रांका और उनकी टीम स्कूल की स्थिति देखने पहुंची थी। टीम ने आरोप लगाया कि स्कूल बेहद खराब हालत में है और कथित तौर पर भैंसों के बाड़े जैसी जगह से संचालित हो रहा था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">दीपके का आरोप है कि निरीक्षण के बाद टीम पर हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि पथराव किया गया, वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और एक स्वयंसेवक का हाथ टूट गया। रांका के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई, जबकि कुछ स्वयंसेवकों को अस्पताल में उपचार कराना पड़ा।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;What the F is happening in Rajasthan?????&lt;br&gt;&lt;br&gt;Goons of BJP are after the blood of Ashutosh and other CJP volunteers.&lt;br&gt;&lt;br&gt;How can &lt;a href="https://x.com/PoliceRajasthan?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@PoliceRajasthan&lt;/a&gt; allow this kind of attack? &lt;a href="https://t.co/F3kdPwS4kD"&gt;pic.twitter.com/F3kdPwS4kD&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) &lt;a href="https://x.com/abhijeet_dipke/status/2090667144208060563?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>BJP से जुड़े लोगों पर लगाया आरोप</b></h5><p>दीपके ने आरोप लगाया कि हमले में BJP से जुड़े लोग शामिल थे। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष और पुलिस की प्रतिक्रिया का इंतजार है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने राजस्थान पुलिस से सवाल करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी और मामले में कार्रवाई की मांग की।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">दीपके का कहना है कि CJP केवल सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को सामने ला रहा है और बच्चों के लिए बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहा है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">दीपके ने साफ कहा है कि 48 घंटे के भीतर गिरफ्तारी या ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वह जयपुर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। अब बड़ा सवाल यह है कि अगले 24 घंटों में राजस्थान पुलिस या सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई करती है या नहीं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;I will go to Jaipur if the school repair work doesn’t begin and the BJP goons are not arrested within the next 48 hours.&lt;a href="https://x.com/AshutoshRanka?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@AshutoshRanka&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/jYXRUKKY45"&gt;pic.twitter.com/jYXRUKKY45&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) &lt;a href="https://x.com/abhijeet_dipke/status/2090752763131281485?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>'Fix Our Schools' अभियान जारी रहेगा</b></h5><p>CJP ने यह भी स्पष्ट किया है कि कथित हमला उसके 'Fix Our Schools' अभियान को नहीं रोक पाएगा। दीपके के अनुसार, आशुतोष रांका सरकारी स्कूलों का निरीक्षण जारी रखेंगे और वह स्वयं भी राजस्थान का दौरा करेंगे।</p><p>उनका कहना है कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि गरीब परिवारों के बच्चों को बेहतर सरकारी स्कूल, पानी, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अब अगले 24 घंटे बेहद अहम हैं। राजस्थान सरकार और पुलिस की कार्रवाई के साथ यह भी तय होगा कि क्या अभिजीत दीपके अपनी चेतावनी के अनुसार जयपुर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Villagers uniting for better school! &lt;a href="https://x.com/hashtag/SchoolThikKaro?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#SchoolThikKaro&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/axrvg054G2"&gt;pic.twitter.com/axrvg054G2&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) &lt;a href="https://x.com/abhijeet_dipke/status/2091034276498387185?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 24 घंटे में गिरफ्तारी या जयपुर में प्रदर्शन? CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का अल्टीमेटम ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/delhi-hc-pm-modi-degree-case-5946 ]]></guid><title><![CDATA[ PM मोदी की डिग्री से जुड़े रिकॉर्ड पर दिल्ली HC में 29 सितंबर को सुनवाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/delhi-hc-pm-modi-degree-case-5946 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 20 Aug 2026 16:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्नातक डिग्री से संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग वाली अपीलों पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख तय की है। दिल्ली विश्वविद्यालय क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्नातक डिग्री से संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग वाली अपीलों पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख तय की है। दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले की जल्द सुनवाई का अनुरोध किया था।</span></p><p>मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की डिवीजन बेंच गुरुवार को उन अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें एकल न्यायाधीश के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के प्रधानमंत्री मोदी की शैक्षणिक योग्यता से संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने के निर्देश को रद्द कर दिया गया था।</p><h5 class=""><b>डिवीजन बेंच ने 29 सितंबर की तारीख तय की</b></h5><p>सुनवाई की शुरुआत में अपीलकर्ताओं की ओर से मामले को कुछ समय के लिए टालने यानी पासओवर का अनुरोध किया गया। इसके बाद तुषार मेहता ने मामले की सुनवाई किसी अन्य दिन करने और जल्द तारीख देने का आग्रह किया। हालांकि, पीठ ने 29 सितंबर को सुनवाई तय कर दी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सॉलिसिटर जनरल ने दोबारा पहले की तारीख देने का अनुरोध किया, जिस पर पीठ ने कहा कि उसने अपना कैलेंडर देख लिया है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;[PM Modi Degree Case]&lt;br&gt;&lt;br&gt;Delhi High Court adjourns to September 29 appeals seeking disclosure of information with respect to bachelor&amp;#39;s degree of Prime Minister Narendra Modi.&lt;br&gt;&lt;br&gt;SGI Tushar Mehta for DU said that he has good case on merits.&lt;a href="https://x.com/hashtag/PMModi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#PMModi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/ModiDegree?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#ModiDegree&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/DelhiUniversity?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#DelhiUniversity&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/Kcwofgfyk2"&gt;pic.twitter.com/Kcwofgfyk2&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Live Law (@LiveLawIndia) &lt;a href="https://x.com/LiveLawIndia/status/2090348749617004689?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>किन लोगों ने दाखिल की अपील?</b></h5><p>इन अपीलों को RTI कार्यकर्ता नीरज, आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह और अधिवक्ता मोहम्मद इरशाद ने दाखिल किया है। मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 1978 में बताई गई बीए परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी मांगने वाली RTI याचिका से जुड़ा है।</p><h5 class=""><b>2025 के एकल पीठ के फैसले को दी गई चुनौती</b></h5><p>यह मामला 25 अगस्त 2025 को दिए गए एकल न्यायाधीश के फैसले से जुड़ा है। एकल पीठ ने CIC के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें मोदी की स्नातक डिग्री से संबंधित रिकॉर्ड के निरीक्षण की अनुमति दी गई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">एकल पीठ ने कहा था कि केवल किसी व्यक्ति के सार्वजनिक पद पर होने से उसकी सभी निजी जानकारियां स्वतः सार्वजनिक करने योग्य नहीं हो जातीं। अदालत ने यह भी कहा था कि मांगी गई जानकारी में कोई<b> "अंतर्निहित सार्वजनिक हित"</b> नहीं है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अदालत ने टिप्पणी की थी कि सूचना का अधिकार अधिनियम सरकारी कामकाज में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है, न कि सनसनीखेज सामग्री उपलब्ध कराने के लिए।</span></p><h5 class=""><b>2016 के CIC आदेश से शुरू हुआ था मामला</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>मामले की शुरुआत RTI कार्यकर्ता नीरज द्वारा दाखिल RTI आवेदन से हुई थी। इसके बाद 21 दिसंबर 2016 को CIC ने 1978 में बीए परीक्षा पास करने वाले छात्रों के रिकॉर्ड के निरीक्षण की अनुमति दी थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिल्ली विश्वविद्यालय ने CIC के आदेश को चुनौती देते हुए उसे रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, विश्वविद्यालय ने यह भी कहा था कि उसे संबंधित रिकॉर्ड अदालत के समक्ष पेश करने में कोई आपत्ति नहीं है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>शैक्षणिक योग्यता को लेकर अदालत की टिप्पणी</b></h5><p>एकल पीठ ने यह भी कहा था कि किसी सार्वजनिक पद पर बने रहने या आधिकारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए शैक्षणिक योग्यता का होना कोई वैधानिक अनिवार्यता नहीं है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अदालत ने स्पष्ट किया था कि स्थिति अलग हो सकती थी, यदि किसी विशेष सार्वजनिक पद के लिए शैक्षणिक योग्यता को पात्रता की अनिवार्य शर्त बनाया गया होता।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">एकल पीठ ने CIC के दृष्टिकोण को <b>"पूरी तरह गलत"</b> बताते हुए उसके आदेश को रद्द कर दिया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अब इन अपीलों पर 29 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच आगे सुनवाई करेगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ PM मोदी की डिग्री से जुड़े रिकॉर्ड पर दिल्ली HC में 29 सितंबर को सुनवाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-jpsc-jssc-student-protest-government-dialogue-5901 ]]></guid><title><![CDATA[ झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों की मांगों पर बातचीत जारी, सरकार बोली- संवाद से निकलेगा समाधान ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-jpsc-jssc-student-protest-government-dialogue-5901 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 17 Aug 2026 14:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ रांची, झारखंड: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी है। इसी बीच राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों को लेकर बातचीत का एक और दौर शुरू किया है।  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>रांची, झारखंड:</b> झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी है। इसी बीच राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों को लेकर बातचीत का एक और दौर शुरू किया है। मंत्री दीपिका पांडे और इरफान अंसारी ने सोमवार को कहा कि सरकार छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है और समाधान के लिए लगातार संवाद किया जा रहा है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मंत्री दीपिका पांडे ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के साथ पहले ही कई दौर की बातचीत कर चुकी है और उनकी मांगों को पूरा करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “छात्रों की सभी जायज मांगों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनके साथ दो दौर की बातचीत के बाद जिन बिंदुओं पर सहमति बनी है, उन्हें आपके सामने रखना चाहती हूं।”&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सरकार का कहना है कि बातचीत के जरिए लंबित मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है।</span></p><h5 class=""><b>‘संवाद ही समस्या का समाधान है’: इरफान अंसारी</b></h5><p>झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि छात्रों के साथ बातचीत ही इस विवाद का रास्ता निकाल सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राज्य सरकार युवाओं के साथ खड़ी है और अभ्यर्थियों की मांगों को जायज मानते हुए उन पर विचार किया जा रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अंसारी ने कहा, “संवाद ही इस मुद्दे को हल करने का एकमात्र रास्ता है।”&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि सरकार छात्रों से बातचीत कर रही है और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश जारी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Protest by JPSC-JSSC candidates | Ranchi: Jharkhand Minister Irfan Ansari says, &amp;quot;The Congress party stands with the youth; our government stands with the youth. Their demands are legitimate. The government is considering them. There was uncertainty regarding whether the… &lt;a href="https://t.co/OSG9M3ptde"&gt;pic.twitter.com/OSG9M3ptde&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2089244476044874163?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 17, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन</b></h5><p>जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लंबे समय से चल रहा है। प्रदर्शनकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करना और कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराना शामिल है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पिछली बातचीत में कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका था। ऐसे में सोमवार को हुई ताजा वार्ता को गतिरोध खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</span></p><h5 class=""><b>विधानसभा मार्च के दौरान बढ़ा था तनाव</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>इसी महीने हजारों अभ्यर्थियों ने रांची में झारखंड विधानसभा की ओर मार्च किया था। 10 अगस्त को प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस बैरिकेडिंग पार करने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया था। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी। घटना के बाद सरकार और प्रदर्शनकारी छात्र संगठनों के बीच तनाव और बढ़ गया।</span></i></b></p><h5 class=""><b>बीजेपी ने सरकार पर साधा निशाना</b></h5><p>आंदोलन को लेकर विपक्षी भाजपा लगातार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साध रही है। भाजपा ने भर्ती परीक्षाओं से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है और सरकार की ओर से सीबीआई जांच नहीं कराए जाने पर सवाल उठाए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि वह प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से बातचीत के लिए तैयार है और उनकी जायज मांगों पर विचार किया जा रहा है।</span></p><h5 class=""><b>देवेंद्र नाथ महतो का अनशन जारी</b></h5><p class="blue-bg-white"><b><i>भर्ती संबंधी मांगों को लेकर जेएलकेएम नेता और छात्र कार्यकर्ता देवेंद्र नाथ महतो भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। 17 अगस्त को उनके अनशन का 15वां दिन बताया गया। रिपोर्टों के अनुसार, लगातार अनशन के बीच उनकी तबीयत बिगड़ी है और उन्हें निर्जलीकरण तथा रक्तचाप कम होने की समस्या का सामना करना पड़ा है।</i></b></p><h5 class=""><b>ठोस कार्रवाई पर अड़े हैं प्रदर्शनकारी</b></h5><p>सरकार की ओर से संवाद और बातचीत पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि केवल बातचीत से नहीं, बल्कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने से ही आंदोलन समाप्त होगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अब सभी की नजर सोमवार को हुई ताजा वार्ता के परिणाम पर है। यदि सरकार और अभ्यर्थियों के बीच प्रमुख मांगों पर सहमति बनती है, तो तीन सप्ताह से अधिक समय से चल रहे आंदोलन को समाप्त करने की राह खुल सकती है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों की मांगों पर बातचीत जारी, सरकार बोली- संवाद से निकलेगा समाधान ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-jpsc-jssc-candidates-talks-5900 ]]></guid><title><![CDATA[ JPSC-JSSC Row: Jharkhand Government Holds Talks to Address Candidates’ Demands ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-jpsc-jssc-candidates-talks-5900 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 17 Aug 2026 14:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Ranchi, Jharkhand: Amid the prolonged agitation by JPSC-JSSC candidates in Ranchi, Jharkhand Ministers Deepika Pandey and Irfan Ansari on Monday said the state government was committed to addressing t ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Ranchi, Jharkhand: </b>Amid the prolonged agitation by JPSC-JSSC candidates in Ranchi, Jharkhand Ministers Deepika Pandey and Irfan Ansari on Monday said the state government was committed to addressing the legitimate demands of protesting students and maintained that dialogue remained the only way to find a solution.</span></p><p>Minister Deepika Pandey said the government had already held multiple rounds of discussions with representatives of the protesting candidates and was continuing efforts to reach an understanding on their demands.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"Continuous efforts are being made to meet all the legitimate demands of the students. I wish to place before you the points agreed upon after two rounds of discussions with them," she said.</span></p><p>Jharkhand Minister Irfan Ansari said that Dialogue with the students was the only way to resolve any issues.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"The Congress party stands with the youth; our government stands with the youth. Their demands are legitimate. The government is considering them. There was uncertainty regarding whether the government would agree to certain points, but those matters are being discussed again. Dialogue is the only way to resolve this issue... The BJP wants to hijack this issue. Where did the BJP come from in all this? The youth belong to us; we are talking to them," he said.</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Protest by JPSC-JSSC candidates | Ranchi: Jharkhand Minister Irfan Ansari says, &amp;quot;The Congress party stands with the youth; our government stands with the youth. Their demands are legitimate. The government is considering them. There was uncertainty regarding whether the… &lt;a href="https://t.co/OSG9M3ptde"&gt;pic.twitter.com/OSG9M3ptde&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2089244476044874163?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 17, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>Both ministers also accused the BJP of attempting to politically appropriate the student movement. Deepika Pandey alleged that the opposition was using students as a "shield" to target the state government and cause economic harm to Jharkhand.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"The BJP wants to hijack this issue. Where did the BJP come from in all this? The youth belong to us; we are talking to them," Ansari said.</span></p><p>The remarks came as the government made another attempt to engage with the protesters amid growing tensions over alleged irregularities in recruitment examinations conducted by the Jharkhand Public Service Commission (JPSC) and Jharkhand Staff Selection Commission (JSSC). The latest round of talks was scheduled for Monday, with the government seeking to break the deadlock after earlier discussions failed to produce a final resolution.</p><p>The agitation has now continued for more than three weeks. Protesters have been demanding greater transparency and accountability in the recruitment process and have sought, among other things, cancellation of the JSSC-CGL examination and a Central Bureau of Investigation (CBI) probe into alleged irregularities.</p><p>The dispute intensified earlier this month when thousands of job aspirants marched towards the Jharkhand Assembly in Ranchi. On August 10, protesters breached police barricades during the march, following which police used lathi-charge, tear gas and water cannons to disperse the crowd. The confrontation resulted in injuries and further escalated the standoff between the government and the student groups.</p><p>The agitation has also drawn increasing political attention. The BJP has criticised the Hemant Soren government over its handling of the protests and has demanded an impartial investigation into the allegations. The opposition has also questioned the government's reluctance to order a CBI probe.</p><p>Meanwhile, JLKM leader and student activist Devendra Nath Mahto has been on an indefinite hunger strike over the recruitment-related grievances. On August 17, he entered the 15th day of his hunger strike, with reports saying his health had deteriorated amid dehydration and falling blood pressure.</p><p>The government has maintained that it is willing to engage with the protesters, while the students have insisted that discussions must result in concrete action on their demands. The latest talks are therefore being closely watched as the prolonged agitation continues to put pressure on the Jharkhand government.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ JPSC-JSSC Row: Jharkhand Government Holds Talks to Address Candidates’ Demands ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ugc-net-reexam-rahul-gandhi-targets-nta-5893 ]]></guid><title><![CDATA[ UGC-NET पुनर्परीक्षा पर सियासत तेज, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और NTA से मांगी जवाबदेही ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ugc-net-reexam-rahul-gandhi-targets-nta-5893 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 17 Aug 2026 11:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC-NET) के अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की पुनर्परीक्षा कराने के फैसले पर कांग्रेस नेत ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC-NET) के अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की पुनर्परीक्षा कराने के फैसले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्रों में गलतियां और पुराने प्रश्न दोहराए जाने की वजह से हजारों अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र की UGC-NET परीक्षाएं 22 से 30 जून के बीच आयोजित हुई थीं। करीब दो महीने बाद NTA ने इन तीनों विषयों की परीक्षा रद्द कर पुनः आयोजित करने का फैसला किया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि हजारों अभ्यर्थियों ने वर्षों तक तैयारी की, आवेदन किया, शुल्क जमा किया और दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक यात्रा की। अब उन्हें सितंबर में फिर से पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा, “मोदी जी, देखिए आपकी NTA ने अभी क्या कर दिया।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Modi ji, look at what your NTA has just done.&lt;br&gt;&lt;br&gt;UGC-NET exams for Sociology, English and Commerce were held between 22 and 30 June. Nearly two months later, NTA has cancelled all three because it set faulty papers and repeated old questions.&lt;br&gt;&lt;br&gt;Thousands of candidates who prepared… &lt;a href="https://t.co/TUMhhMhjvL"&gt;https://t.co/TUMhhMhjvL&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) &lt;a href="https://x.com/RahulGandhi/status/2089203904395477304?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 17, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>‘परीक्षा में गलती NTA की, सजा छात्रों को क्यों?’</b></h5><p>कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था अब ऐसी प्रणाली बन गई है, जिसमें छात्रों का पैसा, वर्षों की मेहनत, मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास खर्च हो जाता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि गलती NTA की है, लेकिन उसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक हुए थे।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने NTA के कामकाज में जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल पहला कदम था और NTA के नेतृत्व को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।</span></p><h5 class=""><b>‘क्या प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक हुए थे?’</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>राहुल गांधी ने NTA से कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि एजेंसी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक हुए थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि सितंबर में दोबारा परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि वे समस्या नहीं हैं, बल्कि व्यवस्था की खामियों का सामना कर रहे हैं।</span></i></b></p><h5 class=""><b>NTA ने क्यों लिया पुनर्परीक्षा का फैसला?</b></h5><p>NTA के अनुसार, उसे अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों में कई त्रुटियों को लेकर शिकायतें मिली थीं। इसके बाद एजेंसी ने इन शिकायतों की जांच के लिए एक समिति गठित की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">समिति की सिफारिशों के आधार पर NTA ने निष्पक्ष और त्रुटिरहित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन तीन विषयों की पुनर्परीक्षा कराने का फैसला किया।</span></p><h5 class=""><b>9 और 10 सितंबर को होगी पुनर्परीक्षा</b></h5><p>NTA के अनुसार, अंग्रेजी और वाणिज्य विषय की पुनर्परीक्षा 9 सितंबर को होगी, जबकि समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को आयोजित की जाएगी।<span style="font-size: 1rem;">अभ्यर्थियों से पुनर्परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य 84 विषयों के परिणाम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी किए जाएंगे और सीटों की संख्या में कोई कमी नहीं की जाएगी।</span></p><h5 class=""><b>कांग्रेस सांसद ने भी उठाए सवाल</b></h5><p class="blue-bg-white"><b><i>कांग्रेस के राज्यसभा सांसद ने भी NTA के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि जून में आयोजित परीक्षा के करीब दो महीने बाद प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, मुद्रण संबंधी और अनुवाद संबंधी त्रुटियों का पता चला।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने पूछा कि इतनी गंभीर गलतियों का पता लगाने में करीब दो महीने क्यों लगे और जिन हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, उन्हें NTA की गलतियों की सजा क्यों भुगतनी चाहिए।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 84 अन्य विषयों की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के परिणाम में देरी क्यों हो रही है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>छात्रों की चिंता फिर बढ़ी</b></h5><p>UGC-NET की पुनर्परीक्षा के ऐलान से उन अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ सकती है, जिन्होंने जून में परीक्षा दी थी। एक ओर उन्हें दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी होगी, वहीं दूसरी ओर परिणाम और आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया को लेकर भी इंतजार करना पड़ रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA ने हालांकि स्पष्ट किया है कि पुनर्परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और अन्य विषयों के परिणाम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी किए जाएंगे।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UGC-NET पुनर्परीक्षा पर सियासत तेज, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और NTA से मांगी जवाबदेही ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/rahul-gandhi-nta-ugc-net-reexam-5892 ]]></guid><title><![CDATA[ "Modi ji, look at what your NTA has just done": Rahul Gandhi targets Govt as NTA announces re-exam of UGC-NET ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/rahul-gandhi-nta-ugc-net-reexam-5892 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 17 Aug 2026 11:10:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ New Delhi, India: Congress leader Rahul Gandhi on Monday criticised the National Testing Agency (NTA) over its decision to re-conduct the UGC-NET examinations for English, Commerce and Sociology, targ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>New Delhi, India: </b>Congress leader Rahul Gandhi on Monday criticised the National Testing Agency (NTA) over its decision to re-conduct the UGC-NET examinations for English, Commerce and Sociology, targeting Prime Minister Narendra Modi and saying, "Modi ji, look at what your NTA has just done."</span></p><p>He said that the agency had set faulty papers and repeated old questions, forcing thousands of candidates to appear for the examinations again in September.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">In a post on X, Gandhi said, "UGC-NET exams for Sociology, English and Commerce were held between 22 and 30 June. Nearly two months later, NTA has cancelled all three because it set faulty papers and repeated old questions."</span></p><p>He said thousands of candidates who had prepared for the exams would now have to repeat the process.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"Thousands of candidates who prepared for years, filled forms, paid the fees, travelled to distant centres, must now do it all again in September. NTA makes the mistake but the student serves the sentence," Gandhi said.</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Modi ji, look at what your NTA has just done.&lt;br&gt;&lt;br&gt;UGC-NET exams for Sociology, English and Commerce were held between 22 and 30 June. Nearly two months later, NTA has cancelled all three because it set faulty papers and repeated old questions.&lt;br&gt;&lt;br&gt;Thousands of candidates who prepared… &lt;a href="https://t.co/TUMhhMhjvL"&gt;https://t.co/TUMhhMhjvL&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) &lt;a href="https://x.com/RahulGandhi/status/2089203904395477304?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 17, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>The Congress leader alleged that the examination system had become an "extraction machine", claiming that it takes students' money, years, mental health and confidence without providing adequate returns.</p><p>"I said this in Kota, in Dehradun, in Prayagraj, and I will keep saying it - this is no longer an education system. It is an extraction machine. It takes your money, your years, your mental health, and your confidence and returns nothing. Not even a job," he said.</p><p>"NTA still won't answer the real question - were these papers leaked before the exam? Just like every other arm of the Modi government, NTA never says it's their fault. Just like every other compromised paper, I am absolutely sure there will be no accountability," he said.</p><p>He also demanded accountability from the NTA leadership, saying, "Dharmendra Pradhan's resignation was the first step, not the last. NTA's leadership must be held accountable too. To every student sitting this exam again in September - you are not the problem."</p><p>"PM Modi built a system that cannot run an exam and then blames the students who take it. Your years are being stolen and we will not stop until PM Modi answers for it," he added.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Congress RS MP also raised questions on the NTA's functioning after the Re-exam was announced.</span></p><p>Nearly two months after the UGC NET June 2026 exam, the NTA itself admitted that the question papers for English, Commerce, and Sociology contained factual, typographical, and translation errors...Now, the exams for these three subjects will be held again on September 9 and 10. Our question is: Why should the country's students bear the punishment for NTA's mistakes? Does it really take nearly two months to detect such serious errors?...The government must explain why the results for thousands of candidates who have already taken the exams in 84 other subjects are delayed. For the young people who took the exam in June, every day matters... Will the Prime Minister, who scolds the country's youth from the ramparts of the Red Fort, say anything about his own responsibility? The youth of the country demands answers," he said.</p><p>According to the NTA, it received several complaints about multiple errors in the English, Commerce and Sociology question papers. The agency said it formed a committee to examine the errors and, based on its recommendations, decided to re-conduct the examinations to ensure a "fair and error-free examination."</p><p>The re-examination for English and Commerce will be held on September 9, while Sociology will be conducted on September 10. NTA said candidates will not be charged any additional fee, while results for the remaining 84 subjects will be declared as scheduled and seat allocation will not be reduced.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ "Modi ji, look at what your NTA has just done": Rahul Gandhi targets Govt as NTA announces re-exam of UGC-NET ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-exam-row-sanjay-seth-cbi-probe-demand-5855 ]]></guid><title><![CDATA[ JPSC Protest: ‘करीब 600 युवाओं पर FIR क्यों?’ संजय सेठ ने झारखंड सरकार पर उठाए सवाल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-exam-row-sanjay-seth-cbi-probe-demand-5855 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 13 Aug 2026 12:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ रांची, झारखंड: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>रांची, झारखंड:</b> झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले करीब 600 युवाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की जरूरत है।</span></p><p>संजय सेठ ने दावा किया कि झारखंड में विरोध प्रदर्शन करने वाले युवा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने पहुंचे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब न दंगा हुआ और न ही पत्थरबाजी, तो प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी क्यों दर्ज की गईं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि एक तरफ युवाओं पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही हैं, जबकि दूसरी तरफ मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा के नाम पर सड़कों को नुकीले तारों से घेरा जा रहा है।</span></p><h5 class=""><b>‘मुख्यमंत्री आवास को किले में बदल दिया गया’</b></h5><p>केंद्रीय राज्य मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन मार्च से पहले रांची के कई हिस्सों में नुकीले तारों वाली बैरिकेडिंग की गई थी। उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री आवास के आसपास की सड़कों को भी इसी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">संजय सेठ ने कहा कि सरकार को प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मांगों को सुनना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय परीक्षा से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi: Union MoS Sanjay Seth says, &amp;quot;When blood was shed in Jharkhand, Rahul Gandhi didn&amp;#39;t even go to witness it, and now things have gone too far. FIRs have been filed against approximately 600 youths. Why were FIRs filed? Those youths had gone to protest peacefully.… &lt;a href="https://t.co/hoAYhBeDyj"&gt;pic.twitter.com/hoAYhBeDyj&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2087777400025456830?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>परीक्षा में कथित अनियमितताओं का भी उठाया मुद्दा</b></h5><p>संजय सेठ ने सीडीपीओ परीक्षा का जिक्र करते हुए प्रमोद कुमार पाठक को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पाठक परीक्षा में दूसरे स्थान पर रहे और उनका संबंध उत्तर प्रदेश के कथित ‘सॉल्वर गिरोह’ से रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आपराधिक रिकॉर्ड और जेल जाने के बावजूद संबंधित व्यक्ति झारखंड सरकार में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान में उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। इसलिए संबंधित दावों की आधिकारिक जांच और दस्तावेजों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।</span></p><h5 class=""><b>‘CBI जांच के अलावा किसी और चीज से संतुष्टि नहीं’</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>संजय सेठ ने कहा कि परीक्षा से जुड़े विवाद और कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच की मांग की जा रही है।<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “CBI जांच के अलावा किसी और चीज से हमें संतुष्टि नहीं मिलेगी।”&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उनके मुताबिक, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को देखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>झारखंड में परीक्षा विवाद पर बढ़ा राजनीतिक दबाव</b></h5><p>झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों का विरोध लगातार राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं, सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। संजय सेठ के ताजा बयान के बाद सीबीआई जांच की मांग को लेकर राजनीतिक दबाव और बढ़ सकता है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ JPSC Protest: ‘करीब 600 युवाओं पर FIR क्यों?’ संजय सेठ ने झारखंड सरकार पर उठाए सवाल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-student-protest-nda-targets-rahul-gandhi-5831 ]]></guid><title><![CDATA[ झारखंड: छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर NDA सांसदों का राहुल गांधी पर हमला, बोले- ‘संसद में जवाब दें’ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-student-protest-nda-targets-rahul-gandhi-5831 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 11 Aug 2026 12:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, 11 अगस्त 2026: झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल ग ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, 11 अगस्त 2026:</b> झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। NDA सांसदों ने दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन करते हुए विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और सदन के बाहर मुद्दे उठाने का आरोप लगाया।</span></p><p>BJP सांसदों ने सवाल किया कि झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर राहुल गांधी चुप क्यों हैं। सांसदों ने उनसे इस मुद्दे पर संसद में आकर जवाब देने की मांग की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">BJP सांसद अपराजिता सारंगी (Aparajita Sarangi) ने राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">कि झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मामले पर राहुल गांधी को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Parliament Monsoon Session: NDA leaders hold a march inside Parliament premises over police action against protesting students in Jharkhand.&lt;br&gt;&lt;br&gt;BJP MP Nishikant Dubey says, &amp;quot;Rahul Gandhi&amp;#39;s mindset has been exposed before the world. Devendra Nath Mahto, who is on hunger… &lt;a href="https://t.co/sWG58BBkkL"&gt;pic.twitter.com/sWG58BBkkL&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2087041836074389867?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 11, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>अनुराग ठाकुर बोले- झारखंड के युवाओं को मिलना चाहिए न्याय</b></h5><p>BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने भी राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड के प्रदर्शनकारी युवाओं के साथ न्याय होना चाहिए।<span style="font-size: 1rem;">ठाकुर ने आरोप लगाया कि जिस तरह छात्रों पर लाठीचार्ज और कथित ज्यादती हुई, उससे झारखंड के युवाओं के प्रति सरकार के रवैये पर सवाल उठते हैं।</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस केंद्र के गृह मंत्री से संसद में जवाब मांगते हैं, लेकिन खुद सदन में चर्चा में शामिल नहीं होते।</span></p><p>&lt;blockquote class="instagram-media" data-instgrm-captioned data-instgrm-permalink="https://www.instagram.com/reel/Db45GEyHPrn/?utm_source=ig_embed&amp;amp;utm_campaign=loading" data-instgrm-version="14" style=" background:#FFF; border:0; border-radius:3px; box-shadow:0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width:540px; min-width:326px; padding:0; width:99.375%; width:-webkit-calc(100% - 2px); width:calc(100% - 2px);"&gt;&lt;div style="padding:16px;"&gt; &lt;a href="https://www.instagram.com/reel/Db45GEyHPrn/?utm_source=ig_embed&amp;amp;utm_campaign=loading" style=" background:#FFFFFF; line-height:0; padding:0 0; text-align:center; text-decoration:none; width:100%;" target="_blank"&gt; &lt;div style=" display: flex; flex-direction: row; align-items: center;"&gt; &lt;div style="background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; flex-grow: 0; height: 40px; margin-right: 14px; width: 40px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display: flex; flex-direction: column; flex-grow: 1; justify-content: center;"&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; margin-bottom: 6px; width: 100px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; width: 60px;"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="padding: 19% 0;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display:block; height:50px; margin:0 auto 12px; width:50px;"&gt;&lt;svg width="50px" height="50px" viewBox="0 0 60 60" version="1.1" xmlns="https://www.w3.org/2000/svg" xmlns:xlink="https://www.w3.org/1999/xlink"&gt;&lt;g stroke="none" stroke-width="1" fill="none" fill-rule="evenodd"&gt;&lt;g transform="translate(-511.000000, -20.000000)" fill="#000000"&gt;&lt;g&gt;&lt;path d="M556.869,30.41 C554.814,30.41 553.148,32.076 553.148,34.131 C553.148,36.186 554.814,37.852 556.869,37.852 C558.924,37.852 560.59,36.186 560.59,34.131 C560.59,32.076 558.924,30.41 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519.894,28.894 C520.942,27.846 521.94,27.196 523.338,26.654 C524.393,26.244 525.979,25.756 528.898,25.623 C532.057,25.479 533.004,25.448 541,25.448 C548.997,25.448 549.943,25.479 553.102,25.623 C556.021,25.756 557.607,26.244 558.662,26.654 C560.06,27.196 561.058,27.846 562.106,28.894 C563.154,29.942 563.803,30.938 564.346,32.338 C564.756,33.391 565.244,34.978 565.378,37.899 C565.522,41.056 565.552,42.003 565.552,50 C565.552,57.996 565.522,58.943 565.378,62.101 M570.82,37.631 C570.674,34.438 570.167,32.258 569.425,30.349 C568.659,28.377 567.633,26.702 565.965,25.035 C564.297,23.368 562.623,22.342 560.652,21.575 C558.743,20.834 556.562,20.326 553.369,20.18 C550.169,20.033 549.148,20 541,20 C532.853,20 531.831,20.033 528.631,20.18 C525.438,20.326 523.257,20.834 521.349,21.575 C519.376,22.342 517.703,23.368 516.035,25.035 C514.368,26.702 513.342,28.377 512.574,30.349 C511.834,32.258 511.326,34.438 511.181,37.631 C511.035,40.831 511,41.851 511,50 C511,58.147 511.035,59.17 511.181,62.369 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border-right: 8px solid transparent; transform: translateY(16px);"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; flex-grow: 0; height: 12px; width: 16px; transform: translateY(-4px);"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" width: 0; height: 0; border-top: 8px solid #F4F4F4; border-left: 8px solid transparent; transform: translateY(-4px) translateX(8px);"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display: flex; flex-direction: column; flex-grow: 1; justify-content: center; margin-bottom: 24px;"&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; margin-bottom: 6px; width: 224px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; width: 144px;"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/a&gt;&lt;p style=" color:#c9c8cd; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; line-height:17px; margin-bottom:0; margin-top:8px; overflow:hidden; padding:8px 0 7px; text-align:center; text-overflow:ellipsis; white-space:nowrap;"&gt;&lt;a href="https://www.instagram.com/reel/Db45GEyHPrn/?utm_source=ig_embed&amp;amp;utm_campaign=loading" style=" color:#c9c8cd; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; font-style:normal; font-weight:normal; line-height:17px; text-decoration:none;" target="_blank"&gt;A post shared by Asian News International (@ani_trending)&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/blockquote&gt;</p><p></p><p>&lt;script async src="//www.instagram.com/embed.js"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>तरुण चुग का आरोप- ‘संसद से भाग रहे हैं राहुल गांधी’</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>BJP के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद तरुण चुग (Tarun Chugh) ने भी राहुल गांधी को निशाने पर लिया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">चुग ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद से “भाग रहे हैं” और झारखंड में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के मुद्दे पर चुप हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को सदन में आकर इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए।</span></i></b></p><h5 class=""><span style="font-size: 16px;">&lt;blockquote class="instagram-media" data-instgrm-captioned data-instgrm-permalink="https://www.instagram.com/reel/Db44djmiHqU/?utm_source=ig_embed&amp;amp;utm_campaign=loading" data-instgrm-version="14" style=" background:#FFF; border:0; border-radius:3px; box-shadow:0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width:540px; min-width:326px; padding:0; width:99.375%; width:-webkit-calc(100% - 2px); width:calc(100% - 2px);"&gt;&lt;div style="padding:16px;"&gt; &lt;a href="https://www.instagram.com/reel/Db44djmiHqU/?utm_source=ig_embed&amp;amp;utm_campaign=loading" style=" background:#FFFFFF; line-height:0; padding:0 0; text-align:center; text-decoration:none; width:100%;" target="_blank"&gt; &lt;div style=" display: flex; flex-direction: row; align-items: center;"&gt; &lt;div style="background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; flex-grow: 0; height: 40px; margin-right: 14px; width: 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511.035,59.17 511.181,62.369 C511.326,65.562 511.834,67.743 512.574,69.651 C513.342,71.625 514.368,73.296 516.035,74.965 C517.703,76.634 519.376,77.658 521.349,78.425 C523.257,79.167 525.438,79.673 528.631,79.82 C531.831,79.965 532.853,80.001 541,80.001 C549.148,80.001 550.169,79.965 553.369,79.82 C556.562,79.673 558.743,79.167 560.652,78.425 C562.623,77.658 564.297,76.634 565.965,74.965 C567.633,73.296 568.659,71.625 569.425,69.651 C570.167,67.743 570.674,65.562 570.82,62.369 C570.966,59.17 571,58.147 571,50 C571,41.851 570.966,40.831 570.82,37.631"&gt;&lt;/path&gt;&lt;/g&gt;&lt;/g&gt;&lt;/g&gt;&lt;/svg&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="padding-top: 8px;"&gt; &lt;div style=" color:#3897f0; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; font-style:normal; font-weight:550; line-height:18px;"&gt;View this post on Instagram&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="padding: 12.5% 0;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display: flex; flex-direction: row; margin-bottom: 14px; align-items: center;"&gt;&lt;div&gt; &lt;div style="background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; height: 12.5px; width: 12.5px; transform: translateX(0px) translateY(7px);"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="background-color: #F4F4F4; height: 12.5px; transform: rotate(-45deg) translateX(3px) translateY(1px); width: 12.5px; flex-grow: 0; margin-right: 14px; margin-left: 2px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; height: 12.5px; width: 12.5px; transform: translateX(9px) translateY(-18px);"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="margin-left: 8px;"&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; flex-grow: 0; height: 20px; width: 20px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" width: 0; height: 0; border-top: 2px solid transparent; border-left: 6px solid #f4f4f4; border-bottom: 2px solid transparent; transform: translateX(16px) translateY(-4px) rotate(30deg)"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="margin-left: auto;"&gt; &lt;div style=" width: 0px; border-top: 8px solid #F4F4F4; border-right: 8px solid transparent; transform: translateY(16px);"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; flex-grow: 0; height: 12px; width: 16px; transform: translateY(-4px);"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" width: 0; height: 0; border-top: 8px solid #F4F4F4; border-left: 8px solid transparent; transform: translateY(-4px) translateX(8px);"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display: flex; flex-direction: column; flex-grow: 1; justify-content: center; margin-bottom: 24px;"&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; margin-bottom: 6px; width: 224px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; width: 144px;"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/a&gt;&lt;p style=" color:#c9c8cd; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; line-height:17px; margin-bottom:0; margin-top:8px; overflow:hidden; padding:8px 0 7px; text-align:center; text-overflow:ellipsis; white-space:nowrap;"&gt;&lt;a href="https://www.instagram.com/reel/Db44djmiHqU/?utm_source=ig_embed&amp;amp;utm_campaign=loading" style=" color:#c9c8cd; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; font-style:normal; font-weight:normal; line-height:17px; text-decoration:none;" target="_blank"&gt;A post shared by Asian News International (@ani_trending)&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/blockquote&gt;</span></h5><h5 class=""></h5><h5 class=""><span style="font-size: 16px;">&lt;script async src="//www.instagram.com/embed.js"&gt;&lt;/script&gt;</span></h5><h5 class=""><b><span style="font-size: 1rem;">श्रीकांत शिंदे</span>&nbsp;बोले- गृह मंत्री चर्चा के लिए तैयार</b></h5><p>शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री झारखंड छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष सदन को चलने नहीं दे रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के विरोध के कारण संसद की कार्यवाही बाधित हो रही है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">BJP सांसद जगदंबिका पाल ने झारखंड में पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने सवाल किया कि झारखंड में छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर विपक्ष आज चुप क्यों है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">पाल ने आरोप लगाया कि संसद में जारी हंगामे के बीच विपक्ष की स्थिति झारखंड छात्र आंदोलन के मुद्दे पर उसके रवैये को लेकर सवाल खड़े करती है।</span></p><h5 class=""><b>JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन बना राजनीतिक मुद्दा</b></h5><p class="blue-bg-white"><b><i>NDA सांसदों के बयान ऐसे समय आए हैं जब झारखंड में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्र परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा रद्द करना, CBI जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार शामिल हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं।</span></i></b></p><h5 class=""><b>संसद में सरकार और विपक्ष आमने-सामने</b></h5><p>झारखंड छात्र आंदोलन के अलावा संसद की कार्यवाही को लेकर भी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NDA सांसदों का आरोप है कि विपक्ष संसद में चर्चा से बच रहा है और सदन के बाहर राजनीतिक मुद्दे उठा रहा है। वहीं, विपक्ष सरकार से विभिन्न मुद्दों पर जवाब और चर्चा की मांग कर रहा है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">ऐसे में झारखंड में छात्रों के आंदोलन और कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा अब संसद के राजनीतिक विवाद का हिस्सा बन गया है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ झारखंड: छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर NDA सांसदों का राहुल गांधी पर हमला, बोले- ‘संसद में जवाब दें’ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jpsc-exam-irregularities-ed-ecir-pmla-probe-5817 ]]></guid><title><![CDATA[ JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर ED की बड़ी कार्रवाई, PMLA के तहत दर्ज की ECIR ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jpsc-exam-irregularities-ed-ecir-pmla-probe-5817 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 10 Aug 2026 13:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ रांची,&nbsp;झारखंड: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate-ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों के मुताबिक, ED ने सोमवा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">रांची,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">झारखंड</span></b><span style="font-size: 1rem;"><b>: </b>झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate-ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों के मुताबिक, ED ने सोमवार को Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत Enforcement Case Information Report (ECIR) दर्ज कर मामले के कथित मनी ट्रेल की जांच शुरू कर दी है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अधिकारियों के अनुसार, ED की जांच का मुख्य फोकस उन वित्तीय लेन-देन पर रहेगा, जिनका संबंध JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से हो सकता है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या इस मामले में अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) पैदा हुआ या उसे किसी वित्तीय लेन-देन के जरिए इधर-उधर किया गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">जांच के दौरान बैंक खातों, वित्तीय रिकॉर्ड, लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य आर्थिक गतिविधियों की पड़ताल की जा सकती है। एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित अनियमितताओं से किसी व्यक्ति या संस्था को आर्थिक लाभ पहुंचा या नहीं।</span></p><h5 class=""><b>ECIR दर्ज होने के साथ शुरू हुई वित्तीय जांच</b></h5><p>ED द्वारा ECIR दर्ज किया जाना मामले के वित्तीय पहलू की औपचारिक जांच की शुरुआत माना जा रहा है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब JPSC की परीक्षाओं के संचालन और परीक्षा प्रक्रिया के लिए एजेंसियों की नियुक्ति को लेकर विवाद जारी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मामले ने उस समय और तूल पकड़ा, जब JPSC के तीन मौजूदा सदस्यों—अजीता भट्टाचार्य (Ajita Bhattacharya), अनीमा हांसदा (Anima Hansda) और जमाल अहमद (Jamal Ahmed)—ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The Enforcement Directorate (ED) has taken major action in the JPSC examination irregularities case by registering an ECIR and initiating an investigation into alleged financial irregularities linked to the matter. &lt;a href="https://t.co/oDoIqC1yJG"&gt;pic.twitter.com/oDoIqC1yJG&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2086670227375620204?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 10, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>JPSC-PT रद्द करने पर सहमति, CBI जांच की मांग जारी</b></h5><p>JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन भी जारी है। प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बातचीत के बाद झारखंड सरकार ने रविवार को JPSC Preliminary Test (JPSC-PT) को रद्द करने पर सहमति जताई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, छात्रों ने अपनी CBI जांच की मांग वापस नहीं ली। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराई जानी चाहिए। छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।</span></p><h5 class=""><b>CM Hemant Soren ने पारदर्शी न्याय का दिया भरोसा</b></h5><p>मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को भरोसा दिया है कि सरकार पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करेगी।<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि “justice will be delivered with full transparency”, यानी न्याय पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाएगा।</span></p><h5 class=""><b>Jharkhand CID भी कर रही है मामले की जांच</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>ED की कार्रवाई से पहले ही कथित JPSC भर्ती परीक्षा अनियमितताओं को लेकर Jharkhand CID की जांच चल रही है। CID की जांच में परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के चयन और उसे काम दिए जाने की प्रक्रिया भी शामिल है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच के दायरे में TSR Data Processing Private Limited (TDPL) भी है। यह लखनऊ स्थित कंपनी है, जिसे JPSC ने परीक्षा आयोजित करने के लिए नियुक्त किया था।</span></i></b></p><h5 class=""><b>TDPL के चयन पर भी उठे सवाल</b></h5><p>जानकारी के मुताबिक, TDPL को लेकर भी पहले सवाल उठ चुके हैं। कंपनी को कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद May 2025 में Jharkhand Staff Selection Commission (JSSC) द्वारा ब्लैकलिस्ट किया गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि TDPL को JPSC की परीक्षाओं के संचालन का काम किस प्रक्रिया के तहत दिया गया और कंपनी के चयन में निर्धारित नियमों का पालन हुआ था या नहीं।</span></p><h5 class=""><b>ED जांच से आगे क्या होगा?</b></h5><p>ECIR दर्ज होने के बाद ED कथित मनी ट्रेल की जांच को आगे बढ़ा सकती है। एजेंसी वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन की जांच के साथ उन लोगों या संस्थाओं की भूमिका भी देख सकती है, जिनका कथित तौर पर इस मामले से आर्थिक संबंध रहा हो।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">फिलहाल ED की जांच शुरुआती चरण में है। कथित अनियमितताओं, पैसों के लेन-देन और संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर ED की बड़ी कार्रवाई, PMLA के तहत दर्ज की ECIR ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-jpsc-ed-ecir-5816 ]]></guid><title><![CDATA[ ED Launches Money Laundering Probe Into Alleged JPSC-2 Examination Scam in Jharkhand ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-jpsc-ed-ecir-5816 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 10 Aug 2026 12:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ New Delhi, India: The Enforcement Directorate (ED) on Monday registered an Enforcement Case Information Report (ECIR) under the Prevention of Money Laundering Act (PMLA) in connection with alleged irr ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>New Delhi, India: </b>The Enforcement Directorate (ED) on Monday registered an Enforcement Case Information Report (ECIR) under the Prevention of Money Laundering Act (PMLA) in connection with alleged irregularities in examinations conducted by the Jharkhand Public Service Commission (JPSC).</span></p><p>According to officials, the agency has initiated a probe into the alleged money trail linked to the examination irregularities. The investigation will examine whether proceeds of crime were generated or routed through financial transactions in connection with the alleged wrongdoing.</p><p>The ED is expected to trace the source and movement of funds allegedly linked to examination-related activities. Financial records, bank transactions and other documents may also be examined to identify individuals or entities that may have benefited from the alleged irregularities.</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The Enforcement Directorate (ED) has taken major action in the JPSC examination irregularities case by registering an ECIR and initiating an investigation into alleged financial irregularities linked to the matter. &lt;a href="https://t.co/oDoIqC1yJG"&gt;pic.twitter.com/oDoIqC1yJG&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2086670227375620204?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 10, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p>The registration of the ECIR marks the beginning of the investigation into the financial aspects of the case and comes amid an ongoing controversy surrounding the conduct of JPSC examinations and the appointment of agencies to manage the examination process.</p><p>The development follows the resignation of three serving JPSC members, including Ajita Bhattacharya, Anima Hansda and Jamal Ahmed, from their posts.</p><p>The issue has also triggered student protests over alleged irregularities in competitive examinations and the selection of agencies involved in conducting them. Following discussions with protesting students, the Jharkhand government on Sunday agreed to cancel the JPSC Preliminary Test (JPSC-PT).</p><p>However, the protesting students remained firm on their demand for a Central Bureau of Investigation (CBI) probe into the alleged irregularities and said their agitation would continue.</p><p>Chief Minister Hemant Soren had assured the protesters that "justice will be delivered with full transparency" amid the ongoing developments.</p><p>The ED's action comes against the backdrop of an ongoing CID investigation into alleged discrepancies in JPSC recruitment examinations. The CID is also examining the process through which TSR Data Processing Private Limited (TDPL), a Lucknow-based company engaged by JPSC to conduct examinations, was empanelled and awarded the work.</p><p>TDPL had reportedly been blacklisted by the Jharkhand Staff Selection Commission (JSSC) in May 2025 following allegations of irregularities.&nbsp;</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ED Launches Money Laundering Probe Into Alleged JPSC-2 Examination Scam in Jharkhand ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-student-protest-jpsc-jssc-vidhan-sabha-march-5814 ]]></guid><title><![CDATA[ JPSC-JSSC विवाद: रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च, बोले- आंदोलन रहेगा शांतिपूर्ण ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-student-protest-jpsc-jssc-vidhan-sabha-march-5814 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 10 Aug 2026 10:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ रांची, झारखंड: झारखंड में JPSC-JSSC Reform Manch से जुड़े छात्र और नौकरी के अभ्यर्थियों ने सोमवार को विधानसभा घेराव के लिए मार्च शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटने के ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>रांची, झारखंड:</b> झारखंड में <b>JPSC-JSSC Reform Manch</b> से जुड़े छात्र और नौकरी के अभ्यर्थियों ने सोमवार को विधानसभा घेराव के लिए मार्च शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटने के बाद विधानसभा की ओर कूच किया। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका मार्च शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से होगा।</span></p><p>प्रदर्शन में शामिल कई छात्र सफेद टी-शर्ट पर <b>“VOLUNTEER”</b> लिखकर पहुंचे। आयोजकों ने मेगाफोन के जरिए भीड़ को नियंत्रित किया और स्वयंसेवकों को अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए। प्रदर्शनकारियों से सुरक्षा कर्मियों के साथ सहयोग करने और किसी भी तरह की तोड़फोड़ या व्यवधान की कोशिश की सूचना देने को कहा गया।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Student protestors in Ranchi begin march to Assembly, say &amp;quot;march will be peaceful, constitutional&amp;quot;&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/mzqXKL4qA3"&gt;https://t.co/mzqXKL4qA3&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/Studentprotestors?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Studentprotestors&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Ranchi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Ranchi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/march?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#march&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Assembly?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Assembly&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/peaceful?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#peaceful&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/constitutional?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#constitutional&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/gQFt81IJlU"&gt;pic.twitter.com/gQFt81IJlU&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2086674384060866902?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 10, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>24 जिलों से छात्र और युवा अपनी मांगों को लेकर रांची पहुंचे</b></h5><p>छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि झारखंड के सभी 24 जिलों से छात्र और युवा अपनी मांगों को लेकर रांची पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक रहेगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पासवान ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य के युवाओं की ओर से उनकी मांगों को पूरा करना मुख्यमंत्री के लिए <b>“रिटर्न गिफ्ट”</b> जैसा होगा। उन्होंने सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में सुधार कर छात्रों की समस्याओं का समाधान करने की अपील की।</span></p><h5 class=""><b>विधानसभा परिसर और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई</b></h5><p>यह प्रदर्शन JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले कई हफ्तों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच हो रहा है। प्रदर्शनकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग के साथ-साथ मामले की CBI जांच और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">विधानसभा घेराव के मद्देनजर रांची प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। विधानसभा परिसर और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ JPSC-JSSC विवाद: रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च, बोले- आंदोलन रहेगा शांतिपूर्ण ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-jpsc-jssc-student-protest-reform-policy-email-5790 ]]></guid><title><![CDATA[ झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों को सरकार का बड़ा भरोसा, सुझाव के लिए जारी किया ईमेल... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-jpsc-jssc-student-protest-reform-policy-email-5790 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 08 Aug 2026 13:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ रांची, झारखंड: झारखंड में JPSC और JSSC प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। झारखंड सरकार ने अभ्यर्थियों, छात्रों और अन्य हित ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>रांची, झारखंड: </b>झारखंड में JPSC और JSSC प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। झारखंड सरकार ने अभ्यर्थियों, छात्रों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने के लिए एक समर्पित ईमेल आईडी जारी की है। </span></p><p><span style="font-size: 1rem;">सरकार ने सुझावों के आधार पर भर्ती परीक्षाओं में सुधार के लिए नई नीति तैयार करने की बात कही है। झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शनिवार को रांची में आंदोलनकारी JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद यह जानकारी दी।</span></p><h5 class=""><b>JPSSC.feedback@gmail.com ईमेल आईडी जारी की गई</b></h5><p>मंत्री ने कहा कि सरकार अलग-अलग छात्र संगठनों और हितधारकों से लगातार बातचीत करेगी। उन्होंने बताया कि सुझाव भेजने के लिए JPSSC.feedback@gmail.com ईमेल आईडी जारी की गई है। छात्र, अभ्यर्थी या कोई भी संबंधित व्यक्ति इस माध्यम से अपनी राय और सुझाव सरकार तक पहुंचा सकता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सोनू के मुताबिक, सरकार प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा सुधार नीति तैयार करने और सभी पक्षों की सहमति से सामूहिक निर्णय लेने की दिशा में आगे बढ़ेगी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;सरकार ने फीडबैक के लिए जारी किया ईमेल 🆔 :- &lt;br&gt;&lt;br&gt;JPSC.Jssc.feedback@gmail.com&lt;/p&gt;&amp;mdash; JPSC JSSC REFORM MANCH (@JPSCreformanch) &lt;a href="https://x.com/JPSCreformanch/status/2085990206046638338?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 8, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>14वीं JPSC PT परीक्षा को लेकर जारी है विवाद</b></h5><p>यह पूरा घटनाक्रम 14वीं झारखंड सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच सामने आया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं और इनका समाधान किया जाना चाहिए।</p><p>आंदोलन कर रहे छात्र 5 जुलाई से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। बताया गया है कि प्रदर्शनकारी छात्र अब अपने आंदोलन के 15वें दिन अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर हैं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/Jharkhand?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Jharkhand&lt;/a&gt; government holds talks with protesting students and job aspirants over alleged irregularities in examinations conducted by the &lt;a href="https://x.com/hashtag/JPSC?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#JPSC&lt;/a&gt; and &lt;a href="https://x.com/hashtag/JSSC?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#JSSC&lt;/a&gt; in &lt;a href="https://x.com/hashtag/Ranchi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Ranchi&lt;/a&gt;. &lt;br&gt;&lt;br&gt;An 8-member delegation representing the students and job aspirants is holding discussions with government… &lt;a href="https://t.co/OChgUhXt5i"&gt;pic.twitter.com/OChgUhXt5i&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; All India Radio News (@airnewsalerts) &lt;a href="https://x.com/airnewsalerts/status/2085988781317038593?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 8, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>सरकार से बातचीत के लिए छात्र प्रतिनिधिमंडल</b></h5><p>सरकार और छात्रों के बीच संवाद की कोशिशों के तहत JPSC-JSSC Aspirants Justice Forum के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को सरकारी प्रतिनिधियों से मुलाकात की। बातचीत के मद्देनजर रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी।</p><p>इससे पहले छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर सर्किट हाउस के लिए भी रवाना हुआ था। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया कि सरकार से बातचीत के दौरान छात्रों की मांगों में कोई बदलाव नहीं होगा।</p><h5 class=""><b>छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?</b></h5><p>रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में 2019 के बाद आयोजित JSSC CGL, JSSC JE और PGT परीक्षाओं को रद्द करना शामिल है। इसके अलावा छात्र कथित अनियमितताओं की CBI जांच, जिम्मेदार लोगों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा परीक्षा प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।</p><p>अभ्यर्थियों ने UR, EWS, BC-I, BC-II, SC और ST वर्ग के लिए श्रेणीवार कटऑफ जारी करने, OMR शीट और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध कराने की भी मांग रखी है। छात्रों की एक अन्य प्रमुख मांग UPSC और SSC की तर्ज पर नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने की है, ताकि सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर स्पष्ट समयसीमा तय हो सके।</p><h5 class=""><b>सरकार ने मांगे 'रचनात्मक सुझाव'</b></h5><p>सरकार की ओर से ईमेल आईडी जारी किए जाने को छात्रों के साथ संवाद बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब सरकार ने अभ्यर्थियों और अन्य हितधारकों से कहा है कि वे अपने सुझाव सीधे साझा करें, ताकि भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जा सकें।</p><p>आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से समाधान की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, अभ्यर्थियों की मुख्य मांगों पर सरकार क्या फैसला लेती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों को सरकार का बड़ा भरोसा, सुझाव के लिए जारी किया ईमेल... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-jpsc-jssc-student-protest-government-talks-ranchi-5787 ]]></guid><title><![CDATA[ झारखंड में छात्रों का आंदोलन तेज, सरकार से बातचीत के लिए सर्किट हाउस रवाना हुआ प्रतिनिधिमंडल... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jharkhand-jpsc-jssc-student-protest-government-talks-ranchi-5787 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 08 Aug 2026 11:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ रांची, झारखंड: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन अब बातचीत के दौर में पहुंच गया है। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का एक  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>रांची, झारखंड:</b> झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन अब बातचीत के दौर में पहुंच गया है। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए रांची स्थित सर्किट हाउस के लिए रवाना हुआ।</span></p><p>छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के प्रारंभिक परीक्षण (PT) को रद्द करना और TDPL एजेंसियों के माध्यम से कराई गई परीक्षाओं की समीक्षा करना शामिल है।</p><h5 class=""><b>8 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल करेगा बातचीत</b></h5><p>सरकार से बातचीत के लिए जाने वाले छात्र प्रतिनिधिमंडल में कुल 8 छात्र प्रतिनिधि शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि सरकार छात्रों की बात सुनेगी और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। एक अन्य छात्र प्रतिनिधि ने कहा कि वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अभ्यर्थियों की परेशानियों को दूर करने की अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ सकारात्मक बातचीत शुरू करना उनका उद्देश्य है और उन्हें उम्मीद है कि बैठक सफल रहेगी।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | JPSC-JSSC aspirants&amp;#39; protest in Jharkhand | State government officials arrive at the State Guest House in Ranchi to meet the eight-member student delegation and discuss aspirants&amp;#39; demands. &lt;a href="https://t.co/Ig62wC5U13"&gt;pic.twitter.com/Ig62wC5U13&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2085963390812647542?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 8, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>मांगों में कोई बदलाव नहीं</b></h5><p>छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि बातचीत की मेज पर सरकार की ओर से कोई भी प्रतिनिधि हो, अभ्यर्थियों की मांगें वही रहेंगी।</p><p>उन्होंने कहा कि छात्रों की पहले भी सरकार के साथ बातचीत हुई थी, लेकिन अगर उनकी मांगें मान ली गई होतीं तो दोबारा बातचीत की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की संख्या महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि सभी छात्रों की मांगें समान हैं और उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।</p><h5 class=""><b>JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा</b></h5><p>रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने वर्ष 2019 के बाद आयोजित JSSC CGL, JSSC JE और PGT परीक्षाओं को रद्द करने की मांग भी उठाई है। छात्रों ने कथित अनियमितताओं की CBI जांच, इसमें शामिल कथित एजेंसियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है।</p><p>इसके अलावा अभ्यर्थी UR, EWS, BC-I, BC-II, SC और ST वर्ग के लिए श्रेणीवार कटऑफ, OMR शीट और रिस्पॉन्स शीट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने UPSC और SSC की तर्ज पर एक नियमित Recruitment Calendar जारी करने की भी मांग रखी है।</p><h5 class=""><b>AISA भी आंदोलन में शामिल</b></h5><p>शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी रांची में चल रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन में हिस्सा लिया। AISA ने झारखंड विधानसभा तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। हालांकि, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे JPSC-JSSC Reform Manch ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित विधानसभा मार्च का उनके संगठन के आंदोलन से कोई संबंध नहीं है।</p><p>वहीं, सरकार से बातचीत के लिए आंदोलनकारी मंच ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तैयार किया है। इसमें 8 छात्र प्रतिनिधियों के अलावा एक वकील और दो तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं। अब सभी की नजरें सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली इस बैठक के नतीजे पर हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ झारखंड में छात्रों का आंदोलन तेज, सरकार से बातचीत के लिए सर्किट हाउस रवाना हुआ प्रतिनिधिमंडल... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/supreme-court-student-protest-fir-withdrawal-jantar-mantar-5725 ]]></guid><title><![CDATA[ छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR को बंद कर सकती हैं सरकारें, सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया रुख... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/supreme-court-student-protest-fir-withdrawal-jantar-mantar-5725 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 03 Aug 2026 17:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में छात्र प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार और अन्य राज्य  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली के जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में छात्र प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार और अन्य राज्य सरकारें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को कानूनी प्रक्रिया के तहत बंद करने या अभियोजन वापस लेने के लिए स्वतंत्र हैं।</span></p><p>मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने स्पष्ट किया कि 28 जुलाई के आदेश में इस्तेमाल किए गए <b>‘क्रिमिनल एंटीसिडेंट्स’ </b>यानी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले शब्द का अर्थ सीमित संदर्भ में समझा जाना चाहिए। इसका इस्तेमाल ऐसे लोगों के लिए नहीं किया जाना चाहिए, जिनके खिलाफ केवल मामूली प्रकृति के पुराने मामले हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The Supreme Court has begun hearing petitions related to police action against students who participated in protests at Jantar Mantar and other parts of the country over the alleged NEET paper leak issue. A bench comprising Chief Justice of India (CJI) Surya Kant, Justice… &lt;a href="https://t.co/fHH58woAM3"&gt;pic.twitter.com/fHH58woAM3&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2084187652396597393?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>गंभीर अपराध और मामूली मामलों में अंतर</b></h5><p>सुनवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से पेश वकीलों ने अदालत का ध्यान इस बात पर दिलाया कि पिछली सुनवाई में ‘क्रिमिनल एंटीसिडेंट्स’ शब्द के कारण कुछ छात्रों के खिलाफ मामूली पुराने मामलों में भी कार्रवाई जारी रहने की आशंका है। इनमें ट्रैफिक उल्लंघन या पहले के प्रदर्शनों में शामिल होने जैसे मामले भी बताए गए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि 28 जुलाई के आदेश में यह शब्द गंभीर और जघन्य अपराधों के आरोपियों के संदर्भ में इस्तेमाल किया गया था। वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कुछ आरोपियों पर हत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप भी हैं।</span></p><h5 class=""><b>FIR वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया पर भी स्पष्टीकरण</b></h5><p>सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि आपराधिक कानून में सीधे तौर पर ‘FIR वापस लेने’ की कोई प्रक्रिया नहीं है। इसके बजाय मामले की परिस्थितियों के आधार पर क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जा सकती है, अभियोजन वापस लेने के लिए आवेदन किया जा सकता है या सक्षम अदालत के सामने कार्यवाही रद्द करने की मांग की जा सकती है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि छात्रों के खिलाफ मामलों को वापस लेने की दिशा में दिए गए आश्वासन पर सरकार कायम है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Solicitor General Tushar Mehta told the Supreme Court that 2,738 people have been identified who are accused of serious offences such as murder and rape.&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2084188437834534962?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी</b></h5><p>मामला 20 जुलाई को जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित पुलिस ज्यादती से जुड़ा है। 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में होने वाले प्रदर्शन का अधिकार संविधान के तहत सुरक्षित है और केवल प्रदर्शन होने के कारण पुलिस ज्यादती नहीं की जा सकती।<span style="font-size: 1rem;">सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में याचिकाकर्ताओं की ओर से लाठीचार्ज, आंसू गैस और कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल सहित पुलिस कार्रवाई के आरोपों का उल्लेख है। रिकॉर्ड में यह भी कहा गया है कि इन घटनाओं में कुछ छात्रों के घायल होने के आरोप लगाए गए हैं।</span></p><p>मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने यह भी कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया है तो उसे अनुचित संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। साथ ही अदालत ने यह संतुलन बनाए रखने की जरूरत बताई कि गंभीर अपराध के आरोपी व्यक्ति को सिर्फ छात्र प्रदर्शन की आड़ में संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Delhi: On the Supreme Court hearing related to the student protests, CJP chief spokesperson Saurav Das says, &amp;quot;As you all know, after the historic victory of the youth on July 25, the government gave us certain guarantees under the agreement. One of them was that all… &lt;a href="https://t.co/MHWCzUwSsV"&gt;pic.twitter.com/MHWCzUwSsV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2084210048897863989?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>फेस रिकग्निशन और बायोमेट्रिक निगरानी का मुद्दा</b></h5><p class="blue-bg-white"><b><i>सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने प्रदर्शनकारियों की पहचान के लिए कथित फेशियल रिकग्निशन तकनीक और बायोमेट्रिक सर्विलांस के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने अपने बायोमेट्रिक डेटा के इस्तेमाल की सहमति नहीं दी थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, जंतर-मंतर पर पुलिस की ओर से लाइव फेशियल रिकग्निशन के इस्तेमाल की बात सामने आई है, जिससे प्रदर्शन के दौरान निगरानी और निजता का मुद्दा भी चर्चा में आया है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>पेलेट गन के इस्तेमाल पर भी बनेगा प्रोटोकॉल</b></h5><p>सुनवाई के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए गए। वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने कहा कि उनकी जानकारी में नागरिक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पेलेट गन के इस्तेमाल को अधिकृत करने वाला कोई कानूनी या प्रशासनिक दस्तावेज सामने नहीं आया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस पर मुख्य न्यायाधीश ने संकेत दिया कि सुप्रीम कोर्ट पेलेट गन के इस्तेमाल की परिस्थितियों और तरीके को लेकर एक प्रोटोकॉल तय कर सकता है।</span></p><h5 class=""><b>SIT या रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली समिति पर विचार</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>अदालत ने पुलिस कार्रवाई के आरोपों की स्वतंत्र जांच के विकल्प पर भी विचार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि वह पुलिस अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर सकता है या फिर किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाई जा सकती है। 28 जुलाई की सुनवाई में अदालत ने यह सवाल भी उठाया था कि जवाबदेही तय करने के लिए स्वतंत्र जांच क्यों नहीं होनी चाहिए।</i></b></p><h5 class=""><b>20 जुलाई के प्रदर्शन से शुरू हुआ विवाद</b></h5><p>यह पूरा मामला 20 जुलाई को दिल्ली में हुए <b>‘संसद चलो’</b> प्रदर्शन से जुड़ा है। जंतर-मंतर पर कई दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बाद प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया और स्थिति बिगड़ने पर आंसू गैस तथा लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया। पुलिस का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से हिंसा और पथराव के बाद बल प्रयोग किया गया था।</p><p>वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने के आरोप लगाए गए। इस विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल हुईं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को तय की है। उस दौरान FIR, पुलिस कार्रवाई, कथित निगरानी और जांच की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर आगे सुनवाई होने की संभावना है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR को बंद कर सकती हैं सरकारें, सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया रुख... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/kejriwal-ak47-bihar-student-protest-5649 ]]></guid><title><![CDATA[ 'छात्रों से मत उलझिए...': बिहार में AK-47 इस्तेमाल को लेकर अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर हमला ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/kejriwal-ak47-bihar-student-protest-5649 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 28 Jul 2026 11:11:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ &nbsp;नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमल ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>&nbsp;नई दिल्ली: </b>आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और छात्रों के साथ सख्ती न बरतने की सलाह दी।</span></p><p>केजरीवाल ने अपने पोस्ट में कहा, "बीजेपी को क्या हो गया है? बिहार में हमारे छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई गईं। क्या ये छात्र आतंकवादी हैं? मैं सम्राट मोदी को याद दिलाना चाहता हूं कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में बिहार की धरती पर एक नारा गूंजा था- 'सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।' कृपया छात्रों से मत उलझिए।"</p><h5 class=""><b>NEET पेपर लीक विवाद को लेकर हुई थी आपसी झड़प</b></h5><p>यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार के सीवान में परीक्षा अनियमितताओं और NEET पेपर लीक विवाद को लेकर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान AK-47 से फायरिंग की घटना भी सामने आई, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;STORY | Kejriwal hits out at BJP over &amp;#39;use of AK-47&amp;#39; on student protesters in Bihar&lt;br&gt;&lt;br&gt;AAP supremo Arvind Kejriwal on Tuesday criticised the BJP over allegations that an AK-47 rifle was used to fire at a students&amp;#39; protest in Siwan district of Bihar and said students should not be… &lt;a href="https://t.co/01nVD8U27F"&gt;pic.twitter.com/01nVD8U27F&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2081968886745047463?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 28, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>'भीड़ नियंत्रण के दौरान AK-47 से फायरिंग करना अनधिकृत और अनुचित था'</b></h5><p>पुलिस का कहना है कि एक कांस्टेबल ने प्रदर्शनकारियों से घिर जाने के बाद हवा में चार राउंड फायर किए थे। घटना के बाद संबंधित कांस्टेबल अभिषेक कुमार को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जिला प्रशासन के अनुसार, कांस्टेबल जिला खुफिया इकाई (DIU) की टीम के साथ एक अलग हत्या के मामले की जांच के सिलसिले में जेपी चौक से गुजर रहे थे। इसी दौरान वे प्रदर्शनकारियों की भीड़ में फंस गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भीड़ नियंत्रण के दौरान AK-47 से फायरिंग करना अनधिकृत और अनुचित था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इस बीच, विपक्ष लगातार इस घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है और पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 'छात्रों से मत उलझिए...': बिहार में AK-47 इस्तेमाल को लेकर अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर हमला ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/tarun-chugh-pm-modi-exam-reforms-5642 ]]></guid><title><![CDATA[ तरुण चुग ने PM मोदी के परीक्षा सुधार कदमों को बताया ‘ऐतिहासिक’, विपक्ष पर साधा निशाना ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/tarun-chugh-pm-modi-exam-reforms-5642 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 27 Jul 2026 15:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर केंद्र सरकार के हालिया कदमों की सराहना की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर केंद्र सरकार के हालिया कदमों की सराहना की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा सुधारों के लिए एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स गठित किए जाने को देश के युवाओं के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में ‘ऐतिहासिक कदम’ बताया।</span></p><p>विशेषज्ञ समिति के गठन पर प्रतिक्रिया देते हुए तरुण चुग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 मई 2014 से ही छात्रों और युवाओं के हितों के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टास्क फोर्स बनाना एक बड़ा कदम है।</p><h5 class=""><b>‘पेपर लीक माफिया पर हो सख्त कार्रवाई’</b></h5><p>तरुण चुग ने कहा कि पेपर लीक माफिया युवाओं के सपनों पर हमला कर रहा है और ऐसे मामलों में सख्त सजा के साथ-साथ समयबद्ध जांच और तेजी से सुनवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून के तहत मामलों की जांच समय सीमा में पूरी की जाएगी और अदालतों में रोजाना सुनवाई का प्रावधान किया जा रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि दोषियों को सख्त सजा और भारी जुर्माना मिलना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराध करने से पहले कई बार सोचे।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; || BJP General Secretary and Rajya Sabha MP Tarun Chugh says, &amp;quot;Those who remained in power for six decades did not address this issue. Over the past two terms, the Prime Minister has consistently worked to secure the future of our children. The proposed Bill to curb… &lt;a href="https://t.co/OeYP5hpR1l"&gt;pic.twitter.com/OeYP5hpR1l&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; All India Radio News (@airnewsalerts) &lt;a href="https://x.com/airnewsalerts/status/2081633750635753676?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 27, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>टेक्नोलॉजी से पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पर जोर</b></h5><p>बीजेपी नेता ने परीक्षा व्यवस्था को तकनीक आधारित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था तैयार करने से योग्य छात्रों को उनके अधिकार के अवसर मिलेंगे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">चुग ने कहा कि परीक्षा सुधारों के लिए उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का गठन, सख्त कानून और देश के निर्माण में युवाओं की भूमिका—ये सभी महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम हैं।</span></p><h5 class=""><b>विपक्ष पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप</b></h5><p>तरुण चुग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं पर संसद में सार्थक चर्चा से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए, न कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल समेत विपक्षी नेताओं में छात्र आंदोलन को राजनीतिक रूप से अपने पक्ष में करने की होड़ लगी हुई है।</span></p><p>चुग ने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य समाधान निकालने के बजाय भ्रम और डर फैलाना है। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार, सख्त कानून और तकनीकी उपायों के जरिए युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में काम कर रही है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ तरुण चुग ने PM मोदी के परीक्षा सुधार कदमों को बताया ‘ऐतिहासिक’, विपक्ष पर साधा निशाना ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/gen-z-cjp-protest-indian-politics-5637 ]]></guid><title><![CDATA[ CJP जिसने सरकार को झुका दिया: कैसे Gen Z ने भारतीय राजनीति को हमेशा के लिए बदल दिया... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/gen-z-cjp-protest-indian-politics-5637 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 27 Jul 2026 12:15:24 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: 25 जुलाई 2026 को, उस दिन के रूप में याद किया जाएगा जब वर्तमान प्रशासन की "अजेयता" अंततः उस पीढ़ी के बोझ तले चकनाचूर हो गई, जिसे उसने खारिज करने का दुस्साहस किया था। आज सुबह केंद्रीय शिक्षा  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>25 जुलाई 2026 को, उस दिन के रूप में याद किया जाएगा जब वर्तमान प्रशासन की "अजेयता" अंततः उस पीढ़ी के बोझ तले चकनाचूर हो गई, जिसे उसने खारिज करने का दुस्साहस किया था। आज सुबह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने वह हासिल कर लिया है, जिसे कई लोग असंभव मानते थे: एक ऐसी सरकार को बड़े संरचनात्मक बदलाव के लिए मजबूर करना, जिसने ऐतिहासिक रूप से कभी भी झुकने न देने पर गर्व किया है।</span></p><p>पिछले एक दशक में यह केवल दूसरी बार है जब मोदी सरकार को पूर्ण रूप से पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा है। पहला अवसर साल भर चला किसान आंदोलन (2020-21) था। दूसरा यह है: "कॉकरोच क्रांति" — एक ऐसा आंदोलन जो मुश्किल से दो महीने तक चला, लेकिन जिसने भारतीय असंतोष की कार्यप्रणाली को मौलिक रूप से बदल दिया।</p><h5 class=""><b>चिंगारी: 22 लाख भविष्य और एक अकेला अपमान</b></h5><p>इस भूकंप की जड़ें मई 2026 के विनाशकारी NEET-UG पेपर लीक में निहित हैं। जब यह खुलासा हुआ कि 20 लाख से अधिक छात्रों के सपनों को राजस्थान और उसके बाहर सबसे ऊंची बोली लगाने वालों को नीलाम कर दिया गया था, तो सत्ता की शुरुआती प्रतिक्रिया सिर्फ 'चुप्पी' थी।</p><p>लेकिन यह चुप्पी माफी से नहीं, बल्कि एक अपमान से टूटी। लीक पर प्रारंभिक सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्य कांत ने बेरोजगारी और परीक्षा में देरी के प्रभाव पर चर्चा करते हुए कथित तौर पर प्रदर्शनकारी युवाओं को "दिल्ली की सड़कों पर रेंगने वाले कॉकरोच" कहा था, जो कानूनी व्यवस्था को अव्यवस्थित कर रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसे एक तिरस्कार के रूप में कहा गया था। लेकिन इसके बजाय, यह एक युद्धघोष बन गया।</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/07/GenZPic_b91035458aad03e344ad25bcc428bb3e_685X684.webp" style="width: 684.986px;"><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p>डिजिटल व्यंग्य में माहिर बोस्टन यूनिवर्सिटी के स्नातक अभिजीत दीपके ने इस टिप्पणी को लपक लिया। उन्होंने 48 घंटों के भीतर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की स्थापना कर दी। दीपके ने अपने प्रसिद्ध ट्वीट में कहा, "अगर वे सोचते हैं कि हम कॉकरोच हैं, तो हम उन्हें दिखा देंगे कि कॉकरोच ही एकमात्र ऐसी चीज़ हैं जो परमाणु विस्फोट में भी जीवित रहते हैं। हमें कुचला नहीं जा सकता (We are uncrushable)।"</p><h5 class=""><b>जंतर-मंतर की घेराबंदी</b></h5><p>जो एक डिजिटल मीम के रूप में शुरू हुआ था, वह जल्द ही सड़कों पर उतर आया। 6 जून 2026 को छात्रों की पहली लहर जंतर-मंतर पहुंची। वे राजनीतिक दलों के झंडे लेकर नहीं आए थे; वे अपने एडमिट कार्ड, अपनी पाठ्यपुस्तकें और कॉकरोच-थीम वाले पोस्टर लेकर आए थे।</p><p>सरकार ने 26 दिनों तक उन्हें नज़रअंदाज़ किया। धर्मेंद्र प्रधान ने शुरू में CJP को "आतंकी समूहों की बी-टीम" और "भटके हुए शहरी युवा" कहकर खारिज कर दिया था। लेकिन आंदोलन ने तब ऐतिहासिक मोड़ लिया जब प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इस विरोध में शामिल हो गए। उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल ने आंदोलन को वह नैतिक ताकत दी, जिसे सरकार "युवा उत्साह" कहकर खारिज नहीं कर सकती थी।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/07/GenZPics1_6ead4ec90217776fcf8e36de065ee2e0_779X437.webp" style="width: 778.991px;"><br></p><h5 class=""><b>20 जुलाई: वह रात जिसने सब कुछ बदल दिया</b></h5><p>निर्णायक मोड़ 20 जुलाई की रात को आया। जैसे ही छात्रों ने ज्ञापन सौंपने के लिए संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च शुरू किया, दिल्ली पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी। मोमबत्तियाँ थामे छात्रों पर आंसू गैस के गोले बरस रहे थे, लाठीचार्ज में 150 से अधिक छात्र घायल हो गए, और राष्ट्रीय राजधानी में पैलेट गन के इस्तेमाल की खबरें आईं।</p><p class="grey-bg-red"><b><i>लेकिन 2026 में, क्रांति केवल टेलीविजन पर नहीं दिखाई जाती — यह लाइव-स्ट्रीम की जाती है</i></b></p><p>खून से सने एडमिट कार्ड और धुएं के बादलों के बीच एक-दूसरे की मदद करते छात्रों की तस्वीरें तुरंत वायरल हो गईं। अगली सुबह तक, विरोध केवल जंतर-मंतर तक सीमित नहीं रहा। मुंबई के आज़ाद मैदान, बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क और हैदराबाद, पटना और अहमदाबाद की सड़कों पर स्वतःस्फूर्त प्रदर्शन शुरू हो गए।</p><p>यहाँ तक कि सांस्कृतिक अभिजात वर्ग ने भी चुप्पी तोड़ी। सलमान खान का<b> "उन बच्चों के लिए जो सिर्फ एक निष्पक्ष मौका चाहते हैं" </b>समर्थन वाला ट्वीट लाखों बार साझा किया गया। दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और NHRC को कड़ी फटकार लगाते हुए <b>"निहत्थे परीक्षार्थियों के खिलाफ बल के अत्यधिक उपयोग"</b> पर सवाल उठाया।</p><h5 class=""><b>यह आंदोलन क्यों सफल रहा — 5 मुख्य कारण</b></h5><p><b>सार्वभौमिक जुड़ाव: </b>हर मध्यमवर्गीय परिवार की परीक्षा प्रणाली में हिस्सेदारी है। जब आप NEET से छेड़छाड़ करते हैं, तो आप लाखों माता-पिता की सेवानिवृत्ति योजनाओं और लाखों बच्चों के जीवन लक्ष्यों के साथ खिलवाड़ करते हैं।</p><ul><li><b>डिजिटल महारत: </b>&nbsp;Gen Z ने सोशल मीडिया को एक हथियार बना लिया। जब समाचार चैनल प्रदर्शनकारियों के "इरादे" पर बहस कर रहे थे, TikTok और Instagram रील्स पेपर लीक की "हकीकत" दिखा रही थीं।</li><li><b>अपमान को अपनाना:</b> "कॉकरोच" लेबल को अपनाकर CJP ने सत्ता से उन्हें अमानवीय बनाने की शक्ति छीन ली। एक गाली को सम्मान का बैज बना दिया गया।</li><li><b>अनुशासन और अहिंसा: 2</b>0 जुलाई के भीषण उकसावे के बावजूद, CJP नेतृत्व ने बार-बार शांति की अपील की और एक ही मांग पर ध्यान केंद्रित किया: जवाबदेही।</li><li><b>शहीद कारक: </b>सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत ने सरकार पर ऐसा दबाव बनाया जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता था।</li><li><b>राजनीतिक बदलाव:</b> जवाबदेही का एक नया युग</li></ul><p>धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल कैबिनेट में फेरबदल से कहीं अधिक है। यह इस बात का संकेत है कि भाजपा की "अजेयता का आभामंडल" — जो 2024 के आम चुनावों के बाद पहले ही डगमगा गया था — उसमें अब एक संरचनात्मक दरार आ गई है।</p><p>पहली बार, सरकार की प्रारंभिक प्रतिक्रिया (फास्ट-ट्रैक कोर्ट और "भविष्य के सुधारों" के वादे) को जनता ने "बहुत कम, बहुत देर से" कहकर खारिज कर दिया। मांग थी कि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो, और आज एक बड़ा इस्तीफा सामने आया।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/07/GenZPics_4fa8ae34aff6b89080e65cc6e2e7a28e_675X677.webp" style="width: 674.986px;"><br></p><h5 class=""><b>भारतीय राजनीति के भविष्य के लिए इसके मायने:</b></h5><ul><li><b>युवा वोट एक अखंड शक्ति है: </b>परीक्षाएं, नौकरियां और पारदर्शिता — अब लामबंदी के प्राथमिक चालक हैं।</li><li><b>विपक्ष के लिए एक खाका: </b>CJP ने दिखाया कि एक गैर-पक्षपाती, मुद्दे-आधारित आंदोलन पारंपरिक रैलियों से कहीं अधिक हासिल कर सकता है।</li><li><b>लचीलेपन की शक्ति:</b> "कॉकरोच क्रांति" ने सड़क की शक्ति में युवा भारतीयों का विश्वास बहाल किया है।</li></ul><p><b>लोकतंत्र के लिए एक आशाजनक स्वर</b></p><p>इस्तीफे और एक नए, अचूक Exam Transparency Act की घोषणा के बाद विरोध प्रदर्शन वापस लेने का CJP का निर्णय परिपक्वता के एक उल्लेखनीय स्तर को दर्शाता है। यह अराजकता या सरकार गिराने के बारे में नहीं था; यह एक टूटी हुई प्रणाली को ठीक करने और जवाबदेही की मांग करने के बारे में था।</p><p>आज जब छात्र जंतर-मंतर से अपना सामान समेट रहे हैं, तो वे केवल अपनी पुनः परीक्षाओं के लिए पढ़ने घर नहीं जा रहे हैं। वे एक नई राजनीतिक वास्तविकता के वास्तुकार के रूप में घर जा रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अंततः पता चला कि कॉकरोच कभी कोई कीट नहीं था। वह एक उत्तरजीवी (Survivor) था, और 2026 में, उत्तरजीवियों ने अंततः अपनी कहानी की कमान अपने हाथों में ले ली है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CJP जिसने सरकार को झुका दिया: कैसे Gen Z ने भारतीय राजनीति को हमेशा के लिए बदल दिया... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/parliament-ruckus-student-protest-police-action-5636 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘संसद चलो’ मार्च पर बवाल, पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा; दोनों सदन स्थगित ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/parliament-ruckus-student-protest-police-action-5636 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 27 Jul 2026 11:30:10 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।&nbsp;संसद की कार्यवाही शुर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी और 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की। भारी हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।</span></p><p>इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने वाली भारोत्तोलक मीराबाई चानू को बधाई दी। मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।</p><h5 class=""><b>विपक्ष ने संसद के बाहर भी किया प्रदर्शन</b></h5><p>इससे पहले विपक्षी दलों ने संसद परिसर के बाहर भी प्रदर्शन किया। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दल 20 जुलाई की घटना को लेकर अपनी मांग पर कायम हैं और केंद्रीय गृह मंत्री से जवाबदेही की मांग को लेकर सदन में चर्चा में हिस्सा नहीं लेने की रणनीति पर आगे बढ़ रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">विपक्ष ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव और राज्यसभा में कार्य स्थगन के नोटिस दिए हैं। इन नोटिसों में 20 जुलाई को NEET-UG 2026 पेपर लीक के मुद्दे पर हुए ‘संसद चलो’ प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर तत्काल चर्चा की मांग की गई है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Parliament Storm: Both Houses adjourned till 12 PM amid massive Opposition ruckus over police action&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story |&lt;a href="https://t.co/Hid8nSI1gP"&gt;https://t.co/Hid8nSI1gP&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/Parliament?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Parliament&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/RajyaSabha?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#RajyaSabha&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/LokSabha?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#LokSabha&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Adjourn?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Adjourn&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/oEohfN1ail"&gt;pic.twitter.com/oEohfN1ail&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2081619704544960611?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 27, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>राहुल गांधी ने अमित शाह से मांगा जवाब</b></h5><p>एक दिन पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कथित बल प्रयोग को लेकर जवाबदेही की मांग की थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने “अंधाधुंध बल प्रयोग” किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या छात्रों पर कथित रूप से पेलेट गन के इस्तेमाल को गृह मंत्री की मंजूरी मिली थी।</span></p><p>उन्होंने यह भी सवाल किया कि सादे कपड़ों में छात्रों पर लाठी चलाते दिख रहे लोग पुलिसकर्मी थे या स्वयंसेवक और उनकी तैनाती की अनुमति किसने दी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राहुल गांधी ने महिला छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार और कई लोगों, जिनमें एक पत्रकार भी शामिल है, के गंभीर रूप से घायल होने का भी आरोप लगाया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने NEET-UG 2026 पेपर लीक के मुद्दे और अन्य मांगों को लेकर जंतर-मंतर से संसद की ओर ‘संसद चलो’ मार्च निकाला था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की घटनाएं सामने आई थीं।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘संसद चलो’ मार्च पर बवाल, पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा; दोनों सदन स्थगित ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/anna-hazare-cjp-protest-dialogue-5624 ]]></guid><title><![CDATA[ CJP का आंदोलन खत्म होने पर अन्ना हजारे बोले- संवाद ही समाधान का रास्ता ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/anna-hazare-cjp-protest-dialogue-5624 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 26 Jul 2026 14:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 37 दिनों तक चले आंदोलन के खत्म होने के कुछ घंटे बाद सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण विरोध और संवाद के जरिए ही किया ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 37 दिनों तक चले आंदोलन के खत्म होने के कुछ घंटे बाद सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण विरोध और संवाद के जरिए ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में टकराव और हिंसा किसी भी जनआंदोलन को कमजोर कर देती है।</span></p><p>अन्ना हजारे ने कहा, “यह लोकतंत्र है, किसी का हुक्म नहीं चलता। हमेशा लोकतंत्र का रास्ता अपनाना चाहिए।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अपने लंबे सामाजिक जीवन का जिक्र करते हुए 89 वर्षीय अन्ना हजारे ने कहा कि उन्होंने 22 बार अनशन किया, लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया। उनके मुताबिक, शांतिपूर्ण आंदोलनों के परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण कानून भी बने।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Ahilyanagar, Maharashtra: Veteran social activist Anna Hazare says, &amp;quot;...I have undertaken 22 hunger strikes and have never resorted to violence. As a result, 10 laws were enacted. This is an important lesson, violence is never the right path. No matter who you are, you should… &lt;a href="https://t.co/ve82wjYkH1"&gt;pic.twitter.com/ve82wjYkH1&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2081012309389082874?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>"मैंने 22 बार अनशन किया, कभी हिंसा नहीं की"</b></h5><p>अन्ना हजारे ने कहा, “मैंने 22 बार अनशन किया, कभी हिंसा नहीं की और इसी वजह से 10 कानून बने। हिंसा करना सही नहीं है। कोई भी व्यक्ति हो, उसे कभी हिंसा का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अन्ना हजारे ने जोर देकर कहा कि विवादों और समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए ही संभव है। उन्होंने सरकार और जनता दोनों से लोकतांत्रिक तरीके से संवाद करने की अपील की।&nbsp;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “हर समस्या का समाधान संवाद से होता है। संवाद से रास्ता निकलता है। तनाव पैदा करने और गलत रास्ते पर जाने से कोई समाधान नहीं निकलेगा।”</span></p><h5 class=""><b>"जनता क्या कह रही है, यह देखना जरूरी है"</b></h5><p><span style="font-size: 1rem;">अन्ना हजारे ने&nbsp;</span>सरकारों से भी जनता की समस्याओं पर ध्यान देने और लोगों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;कहा, “जनता क्या कह रही है, यह देखना जरूरी है। जनता के हित के लिए आगे आना पड़े तो इसमें कोई बुराई नहीं है। लेकिन जनहित होना चाहिए। समस्याओं का समाधान हिंसा से नहीं, बल्कि लोगों के बीच संवाद से होता है।”</span></p><h5 class=""><b>CJP ने 37 दिनों बाद खत्म किया आंदोलन</b></h5><p>अन्ना हजारे की यह प्रतिक्रिया उस समय आई है, जब CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 37 दिनों से जारी अपना आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। संगठन ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई तीसरे दौर की बातचीत के बाद प्रदर्शन वापस लेने का फैसला किया।</p><h5 class=""><b>&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">CJP का यह आंदोलन 37 दिनों तक चला</span></b></h5><p>CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों पर भरोसा करते हुए “सद्भावना के साथ” आंदोलन वापस ले रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार तय समयसीमा के भीतर किए गए वादों को लागू करेगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">CJP का यह आंदोलन कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर 37 दिनों तक चला। आंदोलन के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई थी।</span></p><p>धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद आंदोलन खत्म हुआ। अन्ना हजारे ने अपने बयान में एक बार फिर शांतिपूर्ण आंदोलन और बातचीत को ही लोकतांत्रिक समाधान का रास्ता बताया।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CJP का आंदोलन खत्म होने पर अन्ना हजारे बोले- संवाद ही समाधान का रास्ता ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/sonam-wangchuk-dharmendra-pradhan-resignation-5619 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘लोकतंत्र की जीत’: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक की प्रतिक्रिया ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/sonam-wangchuk-dharmendra-pradhan-resignation-5619 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 25 Jul 2026 16:07:44 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: देशभर में कई हफ्तों तक चले लगातार विरोध प्रदर्शनों और जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक चले कठिन भूख हड़ताल आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत: </b>देशभर में कई हफ्तों तक चले लगातार विरोध प्रदर्शनों और जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक चले कठिन भूख हड़ताल आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यह कदम परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों, खासकर नीट-यूजी परीक्षाओं को लेकर बढ़ते देशव्यापी असंतोष के बीच सामने आया है।</span></p><p>कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इस घटनाक्रम को भारत में सीधे नागरिक आंदोलन और लोकतांत्रिक कार्रवाई की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कॉकroach जनता पार्टी (सीजेपी) और छात्र संगठनों के साथ मिलकर भूख हड़ताल का नेतृत्व किया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">समाचार पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देश के युवाओं और नागरिकों के धैर्य और संघर्ष की सराहना की।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने लिखा, “यह लोकतंत्र की जीत है। सीधी लोकतांत्रिक आवाज... सीधे सड़कों से। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। सीजेपी, देश के जेनरेशन जेड और उन सभी नागरिकों को बधाई, जिन्होंने डर और डर के डर को पीछे छोड़कर देश के हर कोने से आवाज उठाई। अब जवाबदेही से सुधारों की ओर।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;IT&amp;#39;S A VICTORY OF DEMOCRACY&lt;br&gt;direct democracy... straight from the streets.&lt;br&gt;It&amp;#39;s a victory of peace, patience &amp;amp; persévérance.&lt;br&gt;Congratulations CJP, Gen Z of the nation and thank you all citizens for shedding fear and the fear of fear and rising up from every corner of the nation.… &lt;a href="https://t.co/rSLOfvba2R"&gt;pic.twitter.com/rSLOfvba2R&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) &lt;a href="https://x.com/Wangchuk66/status/2080952734141088056?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>‘राष्ट्र-विरोधी ताकतों’ को हराने के लिए दिया इस्तीफा</b></h5><p>वांगचुक ने कहा कि सरकार को जवाबदेह ठहराना जरूरी था, लेकिन अब अंतिम लक्ष्य भारत की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और बुनियादी सुधार होना चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उनकी यह प्रतिक्रिया केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आई। धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों से पैदा हुई स्थिति का इस्तेमाल ‘राष्ट्र-विरोधी ताकतों’ द्वारा न किया जा सके।</span></p><p>मंत्री के इस्तीफे का स्वागत करते हुए सीजेपी ने कहा कि उसकी मांगें पूरी होने तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">समर्थकों को संबोधित करते हुए सीजेपी नेता अभिजीत दिपके ने कहा, “कहा जाता था इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते। झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए। हमने कर दिखाया।” उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में किसी केंद्रीय मंत्री का पहला इस्तीफा बताया।</span></p><h5 class=""><span style="font-size: 1rem;"><b>जब तक सारी मांगे पूरी नहीं होती, तब तक जारी रहेगा आंदोलन- अभिजीत दिपके</b></span></h5><p>धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद विरोध प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने जश्न मनाया और नारे लगाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अभिजीत दिपके ने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक बाकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती। इनमें परीक्षा से जुड़े मुद्दों के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे और प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज करने वाले दिल्ली पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शामिल है।</span></p><p>सीजेपी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उसकी एक मांग के पूरा होने का संकेत है, लेकिन दो प्रमुख मांगें अभी लंबित हैं। इनमें प्रभावित परिवारों को मुआवजा और छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने का आश्वासन शामिल है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अपने इस्तीफे के पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने छात्रों और देश के व्यापक हित में यह फैसला लिया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सीजेपी ने</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;लिखा, “जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में जो स्थिति पैदा हुई है, उसका इस्तेमाल राष्ट्र-विरोधी ताकतों द्वारा नहीं किया जाना चाहिए। देश की एकता कायम रहनी चाहिए। भारत के हर छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों में नहीं फंसना चाहिए।”</span></p><h5 class=""><b>नीट पेपर लीक का पता चलते ही मामला सीबीआई को सौंपा गया- धर्मेंद्र प्रधान</b></h5><p><span style="font-size: 1rem;">धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्हें हमेशा देश के युवाओं की आकांक्षाओं और उनकी शक्ति पर विश्वास रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुए घटनाक्रम से उन्हें गहरा दुख हुआ है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">नीट-यूजी विवाद पर सरकार के रुख का बचाव करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 3 मई, 2026 को आयोजित परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंप दी थी। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की गई।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि 21 जून को दो करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस दौरान राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों, अभिभावकों और अभिभावकों के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</span></p><p>उन्होंने यह भी घोषणा की कि पारदर्शिता मजबूत करने के लिए अगले वर्ष से नीट-यूजी परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी सीबीटी मोड में आयोजित की जाएगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस बीच, केंद्र सरकार देशभर में परीक्षा में धांधली और पेपर लीक को रोकने के लिए एक सख्त एंटी-पेपर लीक कानून लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों, विशेष कार्यबल यानी एसटीएफ और परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए कई अन्य प्रावधान शामिल होंगे।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘लोकतंत्र की जीत’: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक की प्रतिक्रिया ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/dharmendra-pradhan-resigns-5616 ]]></guid><title><![CDATA[ Breaking: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया पद से इस्तीफा... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/dharmendra-pradhan-resigns-5616 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 25 Jul 2026 14:32:55 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया।&nbsp;प्रधा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली, भारत: </b>NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रधान ने कहा कि वे छात्रों के व्यापक हित में यह कदम उठा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि देश के युवा "भ्रम के जाल में न फंसें।"</span></p><p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने इस्तीफे पत्र में, प्रधान ने शिक्षा के क्षेत्र से अपने लंबे जुड़ाव का जिक्र किया और भारत के युवाओं की आकांक्षाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रधान ने कहा, "चार दशकों से अधिक समय से मैं छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के कार्यों से जुड़ा रहा हूं। मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि एक मजबूत, समावेशी और भविष्योन्मुखी शिक्षा प्रणाली ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव होती है।"</span></p><h5 class=""><b>'परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई की गई'</b></h5><p>NEET-UG विवाद को याद करते हुए प्रधान ने कहा कि 3 मई की परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "हालांकि, 3 मई, 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताएं पाई गईं। भारत सरकार ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया, जांच CBI को सौंपी, परीक्षा रद्द कर दी और दोबारा परीक्षा की तारीख की घोषणा की। इसके साथ ही, यह निर्णय लिया गया कि अगले साल से परीक्षा कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।"</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="zxx" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://t.co/VSArqS98OJ"&gt;pic.twitter.com/VSArqS98OJ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) &lt;a href="https://x.com/dpradhanbjp/status/2080938216505667663?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>"मेधावी छात्र के भविष्य को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा"</b></h5><p>संबलपुर के सांसद ने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि दोबारा परीक्षा प्रक्रिया के दौरान 20 लाख से अधिक छात्रों के हितों की रक्षा हो।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रधान ने कहा, "इस दौरान हमारी मुख्य चिंता यह सुनिश्चित करना था कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित हो... पहले दिन से ही मैंने स्थिति की जिम्मेदारी ली और कभी इससे पीछे नहीं हटा। मेरा संकल्प था कि परीक्षा विवाद के कारण किसी भी मेधावी छात्र के भविष्य को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा।"</span></p><p>उन्होंने कहा कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणामों में कई मेधावी छात्रों की सफलता दिखी, जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्र भी शामिल थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणाम संतोषजनक रहे, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के कई मेधावी छात्रों ने भी सफलता हासिल की।" इस मुद्दे से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर निराशा ज़ाहिर करते हुए, प्रधान ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की।</span></p><h5 class=""><b>'छात्रों को गुमराह करने की कोशिश से बहुत दुख पहुँचा'</b></h5><p>इसके आगे प्रधान&nbsp; लिखा, "हालांकि, इस दौरान ज़िम्मेदार पदों पर बैठे कई लोगों ने बाधाएँ खड़ी करने और छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे मुझे बहुत दुख हुआ।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अपने इस्तीफ़े की वजह बताते हुए प्रधान ने कहा कि चल रहे विरोध प्रदर्शनों का फ़ायदा देश-विरोधी ताकतों को नहीं उठाना चाहिए और ज़ोर दिया कि छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने में सक्षम होना चाहिए।</span></p><p>उन्होंने कहा, "पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने मुझे दुखी किया है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं है... मेरा संकल्प है कि हम देश की युवा शक्ति को भ्रम के जाल में नहीं फंसने देंगे। जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में जो स्थिति पैदा हुई है, उसका फ़ायदा देश-विरोधी ताकतों को नहीं उठाना चाहिए... इन बातों को ध्यान में रखते हुए, मैंने माननीय प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफ़ा भेज दिया है।"</p><h5 class=""><b>धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम मोदी का किया आभार व्यक्त</b></h5><p>प्रधान ने शिक्षा मंत्री के तौर पर सेवा करने का मौका देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा किया और अपने कैबिनेट सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और स्टाफ़ का आभार व्यक्त किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "मैं माननीय प्रधानमंत्री का उनके मार्गदर्शन, भरोसे और लगातार समर्थन के लिए दिल से आभार व्यक्त करता हूं... देश की सेवा करना मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मैं हमेशा इसके लिए समर्पित रहूंगा।"&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यह घटनाक्रम देश भर में हो रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच और जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की 26 दिन की भूख हड़ताल के बाद सामने आया है।</span></p><p>इस बीच, केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने के लिए एक सख़्त कानून लाने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत देश भर में पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए स्पेशल फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट और स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) बनाने के साथ-साथ अन्य अहम प्रावधान भी किए जाएंगे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Breaking: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया पद से इस्तीफा... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jantar-mantar-protest-death-fake-news-5615 ]]></guid><title><![CDATA[ जंतर-मंतर प्रदर्शन में मौत की खबर फर्जी, दिल्ली पुलिस ने कहा, महिला जिंदा और खतरे से बाहर ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jantar-mantar-protest-death-fake-news-5615 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 25 Jul 2026 14:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जारी छात्र प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे फर्जी नैरेटिव और गलत खबरों को लेकर लोगों को चेतावनी दी। पुलिस ने खास तौर पर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जारी छात्र प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे फर्जी नैरेटिव और गलत खबरों को लेकर लोगों को चेतावनी दी। पुलिस ने खास तौर पर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत से जुड़ी खबर को फर्जी बताया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">राजधानी में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय जिले के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम, पर बड़ी संख्या में फर्जी पोस्ट प्रसारित की जा रही हैं।</span></p><p>उन्होंने कहा, “कॉकरेच जनता पार्टी की ओर से पिछले कई हफ्तों से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन चल रहा है। सोशल मीडिया पर जानकारी बहुत तेजी से वायरल होती है, लेकिन हर पोस्ट, वीडियो या तस्वीर जरूरी नहीं कि सही हो। किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसे आगे साझा करने से पहले उसका फैक्ट-चेक करना बेहद जरूरी है। दिल्ली पुलिस भी सोशल मीडिया पर लगातार नजर रख रही है।”</p><h5 class=""><b>20 जुलाई को मौत की खबर फर्जी</b></h5><p>डीसीपी ने कहा कि दिल्ली पुलिस अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए फर्जी खबरों, एआई और डीपफेक वीडियो, एडिटेड क्लिप और भ्रामक पोस्ट से जुड़ी जानकारी लगातार साझा कर रही है, ताकि लोग सही और गलत सूचना के बीच अंतर कर सकें।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई थी।</span></p><p>उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर किए गए उस दावे को खारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। प्रदर्शन के दौरान किसी की भी मौत नहीं हुई।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi: On the misleading and false information related to Jantar Mantar protest, DCP Central Rohit Rajbir Singh says, &amp;quot;A protest has been going on at Jantar Mantar for the past several weeks by the Cockroach Janata Party... Information on social media goes viral very… &lt;a href="https://t.co/eStIyMXa1Y"&gt;pic.twitter.com/eStIyMXa1Y&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2080925418606272858?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>400 से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल ब्लॉक</b></h5><p>दिल्ली पुलिस ने पहले एक्स पर जारी एक नोटिस में भी कहा था कि जिस महिला की मौत की खबर सोशल मीडिया पर फैलाई गई थी, वह जिंदा है और राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित इस फर्जी दावे का खंडन किया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">डीसीपी ने आगे कहा कि पुलिस की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान से संचालित कुछ सोशल मीडिया अकाउंट फर्जी सामग्री फैला रहे हैं।</span></p><p>उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे और अकाउंट्स की पहचान करने में जुटी है। अब तक 400 से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया जा चुका है। इन हैंडल्स पर प्रदर्शन से जुड़ी एआई-जनरेटेड सामग्री, डीपफेक वीडियो, एडिटेड तस्वीरें और अन्य झूठी सामग्री फैलाने का आरोप है।&nbsp;</p><h5 class=""><b>जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई</b></h5><p><span style="font-size: 1rem;">डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;यह भी कहा कि इनमें से कुछ हैंडल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी फर्जी जानकारी फैलाते पाए गए थे। इन अकाउंट्स ने वरिष्ठ अधिकारियों के आधिकारिक बयानों को एडिट कर और दृश्य सामग्री में हेरफेर कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की थी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इस बीच दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। प्रदर्शन स्थल के आसपास अतिरिक्त बैरिकेड लगाए गए हैं।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ जंतर-मंतर प्रदर्शन में मौत की खबर फर्जी, दिल्ली पुलिस ने कहा, महिला जिंदा और खतरे से बाहर ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/sonam-wangchuk-wife-questions-police-presence-5612 ]]></guid><title><![CDATA[ आईसीयू के बाहर पुलिस पहरा क्यों? सोनम वांगचुक की पत्नी ने उठाए गंभीर सवाल... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/sonam-wangchuk-wife-questions-police-presence-5612 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 25 Jul 2026 13:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने शनिवार को मेदांता अस्पताल में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और उनके आईसीयू के बाहर तैनाती पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अगर अदालत  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने शनिवार को मेदांता अस्पताल में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और उनके आईसीयू के बाहर तैनाती पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अगर अदालत साफ कर चुकी है कि सोनम वांगचुक हिरासत में नहीं हैं, तो पुलिस लोगों को उनसे मिलने से किस अधिकार के तहत रोक रही है?&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">एक्स पर पोस्ट करते हुए गीतांजलि जे. आंगमो ने कहा, “सफदरजंग से लेकर अब मेदांता तक, हर जगह पुलिस मौजूद है। मुख्य गेट पर, रिसेप्शन पर, लिफ्ट के पास और सोनम वांगचुक के आईसीयू के बाहर। वे तय कर रहे हैं कि कौन उनसे मिल सकता है और कौन नहीं।”</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आगे कहा, “अगर अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह हिरासत में नहीं हैं, तो यह सब किस अधिकार के तहत हो रहा है? एक प्रबुद्ध लोकतंत्र में पुलिस की भूमिका नागरिकों की रक्षा करना और कानून का पालन सुनिश्चित करना है या सत्ता में बैठे लोगों की ओर से नागरिकों को नियंत्रित करना? ये ऐसे सवाल हैं जो हर भारतीय को पूछने चाहिए।”&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी थी। यह फैसला केंद्र सरकार की ओर से नीट परीक्षा और देश की प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में व्यापक सुधार को लेकर लिखित आश्वासन मिलने के बाद लिया गया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;At both Safdarjung and now Medanta, police are everywhere. At the main gate. The reception. The lifts. Outside &lt;a href="https://x.com/Wangchuk66?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@Wangchuk66&lt;/a&gt;’s ICU. They decide who may or may not meet him.&lt;br&gt;If the Court has clarified that he is not under detention, then under what authority is this happening?&lt;br&gt;In an… &lt;a href="https://t.co/CmZNYqWTHN"&gt;pic.twitter.com/CmZNYqWTHN&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Gitanjali J Angmo (@GitanjaliAngmo) &lt;a href="https://x.com/GitanjaliAngmo/status/2080883363964133663?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b style="color: inherit; font-family: inherit; font-size: 1.25rem;">आंगमो ने की लोगों से पति के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की अपील</b></h5><p>इससे पहले शुक्रवार को गीतांजलि जे. आंगमो ने लोगों से अपने पति के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि 26 दिनों की भूख हड़ताल के दौरान सोनम वांगचुक का 11 किलोग्राम वजन कम हुआ, जिसमें मांसपेशियों का वजन भी शामिल है और फिलहाल वह आईसीयू में भर्ती हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा था, “सोनम वांगचुक की आलोचना करने से पहले एक पल रुकिए और सोचिए कि 26 दिनों तक अपने से बड़े उद्देश्य के लिए उपवास करने का साहस क्या होता है। आज वह आईसीयू में हैं। उन्होंने आराम की जगह त्याग को चुना और इस दौरान 11 किलोग्राम वजन गंवाया, जिसमें मांसपेशियों का वजन भी शामिल है।”</span></p><h5 style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; color: rgb(33, 37, 41);" class=""><span style="font-size: 1rem;"><b>सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म करने के फैसले पर दिए जवाब</b></span></h5><p>शुक्रवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म करने के फैसले पर सवाल उठाने वाले आलोचकों को भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अपनी प्रतिबद्धता साबित करने के लिए उन्हें किसी से “चरित्र प्रमाणपत्र” लेने की जरूरत नहीं है।</p><p>उन्होंने कहा, “छात्रों के लिए 26 दिनों तक उपवास करने के बाद, 11 किलोग्राम वजन कम करने के बाद, जिसमें मांसपेशियों का वजन भी शामिल है, और जब मेरे अंगों और दिमाग को स्थायी नुकसान का खतरा पैदा हो गया था… क्या मुझे किसी से यह चरित्र प्रमाणपत्र लेना होगा कि मेरा उपवास कितना पवित्र था, मैंने इसे किसके हाथों खत्म किया या मैंने कोई समझौता किया या नहीं?”</p><h5 class=""><b>"प्रिय दिल्ली पुलिस, आप जो करना चाहते हैं कर लीजिए"</b></h5><p>सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में मेदांता अस्पताल में अपनी भूख हड़ताल खत्म की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस बीच कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कहा है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इससे पहले सीजेपी कार्यकर्ता आशुतोष रांका ने भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर लोगों को खाना भेजने और प्रदर्शनकारियों की मदद करने से रोक रही है।</span></p><p>आशुतोष रांका ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “प्रिय दिल्ली पुलिस, आप जो करना चाहते हैं कर लीजिए। आप लोगों को जंतर-मंतर आने से नहीं रोक सकते। आप लोगों को खाना खाने से नहीं रोक सकते। आप हमें मदद मिलने से नहीं रोक सकते। और सबसे महत्वपूर्ण बात, आप धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को नहीं रोक सकते। वह इस्तीफा देंगे।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ करीब दो घंटे चली बैठक के बाद सीजेपी प्रतिनिधियों ने दावा किया था कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर विचार करने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ आईसीयू के बाहर पुलिस पहरा क्यों? सोनम वांगचुक की पत्नी ने उठाए गंभीर सवाल... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/delhi-hc-jantar-mantar-protest-surveillance-privacy-rights-5605 ]]></guid><title><![CDATA[ प्रदर्शनकारियों की वीडियोग्राफी पर विवाद, केंद्र ने कहा- हर प्रदर्शन में होती है रिकॉर्डिंग ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/delhi-hc-jantar-mantar-protest-surveillance-privacy-rights-5605 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 24 Jul 2026 17:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की कथित निगरानी को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट में विस्तृत सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि प्रदर्शनकारियो ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की कथित निगरानी को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट में विस्तृत सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि प्रदर्शनकारियों की वीडियोग्राफी और कथित तौर पर चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक (Facial Recognition Technology) का इस्तेमाल नागरिकों के मौलिक निजता के अधिकार का उल्लंघन करता है।</span></p><p>हालांकि, केंद्र सरकार ने वीडियोग्राफी का बचाव करते हुए कहा कि प्रदर्शन स्थलों पर रिकॉर्डिंग कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए की जाती है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई सोमवार के लिए तय कर दी।</p><h5 class=""><b>याचिकाकर्ता ने कहा- प्रदर्शन के दौरान भी निजता का अधिकार</b></h5><p>याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नंदिता राव ने नोटिस जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह याचिका 20 जुलाई के प्रदर्शनों से जुड़े अन्य लंबित मामलों से अलग मुद्दा उठाती है।</p><p>उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के Justice K.S. Puttaswamy बनाम Union of India फैसले का हवाला देते हुए कहा कि नागरिकों को सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शन करते समय भी निजता का अधिकार प्राप्त है। व ने दलील दी कि निजता के अधिकार पर कोई भी प्रतिबंध तभी लगाया जा सकता है, जब वह कानून पर आधारित हो, उसका कोई वैध सरकारी उद्देश्य हो और वह प्रतिबंध आनुपातिक हो। उन्होंने कहा कि यह याचिका पुलिस निगरानी से संबंधित है और 20 जुलाई को हुई पुलिस कार्रवाई से पहले ही दायर की गई थी।</p><h5 class=""><b>16 से 20 साल के युवाओं की कथित निगरानी का मुद्दा</b></h5><p>याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि मामला 16 से 20 वर्ष की उम्र के छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों की कथित निगरानी से जुड़ा है। एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि पुलिस वैन के जरिए लाइव फेशियल रिकग्निशन किया जा रहा था।</p><p>याचिकाकर्ता ने चिंता जताई कि पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक का इस्तेमाल शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक भागीदारी को अपराध की तरह पेश करने का खतरा पैदा कर सकता है। रिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि सरकार को प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग करने की जरूरत हो सकती है, लेकिन इस डेटा को एकत्र करने, सुरक्षित रखने और इस्तेमाल करने के लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा होना चाहिए।</p><h5 class=""><b>केंद्र बोला- हर प्रदर्शन की होती है वीडियोग्राफी</b></h5><p>केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका पर नोटिस जारी करने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन स्थलों पर वीडियोग्राफी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत जारी स्थायी आदेशों के अनुसार प्रदर्शनों की वीडियोग्राफी की जाती है।</p><p>केंद्र ने कहा कि जंतर-मंतर पर होने वाले हर प्रदर्शन की वीडियोग्राफी की जाती है और यह किसी विशेष प्रदर्शन या किसी खास समूह को निशाना बनाने की कार्रवाई नहीं है। हता ने कहा कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे वैध सरकारी उद्देश्यों के लिए उस पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय घटना होती है, तो वीडियोग्राफी से जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में मदद मिलती है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Centre Defends Police Surveillance Of Jantar Mantar Protests, Calls Claim Of Privacy In Public Space &amp;#39;Ironical&amp;#39;&lt;a href="https://x.com/hashtag/NEETProtests?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEETProtests&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/JantarMantar?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#JantarMantar&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Privacy?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Privacy&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/DelhiPolice?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@DelhiPolice&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/Cockroachisback?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@Cockroachisback&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/yYHprkf05t"&gt;https://t.co/yYHprkf05t&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Live Law (@LiveLawIndia) &lt;a href="https://x.com/LiveLawIndia/status/2080600557245608070?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>याचिकाकर्ता ने कहा- निजी रिकॉर्डिंग और सरकारी निगरानी अलग</b></h5><p>याचिकाकर्ता की ओर से जवाब देते हुए नंदिता राव ने कहा कि पत्रकारों या निजी लोगों द्वारा बनाई गई रिकॉर्डिंग और सरकार द्वारा की जाने वाली निगरानी में अंतर है। उन्होंने दलील दी कि निजी रिकॉर्डिंग के दुरुपयोग पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन सरकारी रिकॉर्डिंग के संग्रह, भंडारण और इस्तेमाल को लेकर समान सुरक्षा व्यवस्था स्पष्ट नहीं है। उन्होंने अदालत से अधिकारियों को एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देने की मांग की, जिसमें प्रदर्शन के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो फुटेज को लेकर लागू प्रोटोकॉल की जानकारी दी जाए।</p><h5 class=""><b>सोमवार को होगी अगली सुनवाई</b></h5><p>सुनवाई के अंत में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले को सोमवार को सुनने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से विवाद बढ़ाए बिना सुलझाया जाना चाहिए। अदालत ने अनुरोध स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई सोमवार के लिए तय कर दी।</p><p>यह जनहित याचिका CPI(M) नेता आइशी घोष ने दायर की है। याचिका में जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की कथित अवैध निगरानी का आरोप लगाया गया है। इसमें जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों में शामिल लोगों की कथित निगरानी का मुद्दा भी उठाया गया है।</p><h5 class=""><b>प्रदर्शन स्थलों पर वीडियोग्राफी केवल कानून-व्यवस्था का हिस्सा है</b></h5><p> </p><p>इससे पहले हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा था कि क्या उसने सुप्रीम कोर्ट के मज़दूर किसान शक्ति संस्थान (MKSS) मामले के फैसले के अनुरूप प्रदर्शनों से निपटने के लिए कोई SOP या स्थायी आदेश तैयार किया है। केंद्र ने पहले भी कहा था कि प्रदर्शन स्थलों पर वीडियोग्राफी केवल कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जाती है और उसने जासूसी या अवैध निगरानी के आरोपों से इनकार किया है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ प्रदर्शनकारियों की वीडियोग्राफी पर विवाद, केंद्र ने कहा- हर प्रदर्शन में होती है रिकॉर्डिंग ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jnu-advisory-students-avoid-jantar-mantar-protests-5602 ]]></guid><title><![CDATA[ जंतर मंतर प्रदर्शन को लेकर JNU की एडवाइजरी, छात्रों-स्टाफ से भीड़ से दूर रहने की अपील ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jnu-advisory-students-avoid-jantar-mantar-protests-5602 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 24 Jul 2026 15:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों से जंतर-मंतर और उसके आसपास होने वाली सभाओं में शामिल होने या वहां जाने से बचने की अपील की है। विश्वविद्यालय ने यह एडवा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों से जंतर-मंतर और उसके आसपास होने वाली सभाओं में शामिल होने या वहां जाने से बचने की अपील की है। विश्वविद्यालय ने यह एडवाइजरी सार्वजनिक प्रदर्शनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए जारी की है।</span></p><p>विश्वविद्यालय की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया, “JNU के शैक्षणिक समुदाय के सभी सदस्यों से जिम्मेदारी से व्यवहार करने और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की जाती है। भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट के सार्वजनिक प्रदर्शनों से जुड़े निर्देशों के अनुरूप, आपसे नई दिल्ली के जंतर-मंतर या उसके आसपास होने वाली सभाओं में शामिल होने या वहां जाने से बचने का अनुरोध किया जाता है।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Advisory&lt;br&gt;All stakeholders of JNU’s epistemic community are advised to act responsibly and prioritize their personal safety. In accordance with the Hon’ble Supreme Court of India’s directions on public demonstrations, you are requested to refrain from participating in or visiting…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Jawaharlal Nehru University (JNU) (@JNU_official_50) &lt;a href="https://x.com/JNU_official_50/status/2080526866914672651?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>JNU ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करने की दी सलाह</b></h5><p><span style="font-size: 1rem;">JNU ने अपने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर भी जिम्मेदारी से व्यवहार करने की सलाह दी है। एडवाइजरी में कहा गया कि नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ विश्वविद्यालय की आचार संहिता के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">विश्वविद्यालय ने अपने समुदाय के सदस्यों से शैक्षणिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखने की अपील की है।</span></p><h5 class=""><b>CJP ने कहा- धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन</b></h5><p>इस बीच, कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता दीपक बालियान ने कहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफा देने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के सरकार के आश्वासन को अपर्याप्त बताया। CJP प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी का स्पष्ट रुख है कि यह आंदोलन तब तक अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा, जब तक धमेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते।</p><p>उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी, लेकिन ये सिर्फ बातें हैं। हमें इन पर भरोसा नहीं है, क्योंकि युवाओं के साथ कई बार धोखा हुआ है।”</p><h5 class=""><b>'यह लड़ाई जवाबदेही और जिम्मेदारी तय करने की है'</b></h5><p><span style="font-size: 1rem;">दीपक बालियान&nbsp;</span>ने आगे कहा कि देश का युवा अब जाग चुका है और ऐसी बातों से गुमराह नहीं होगा। प्रदर्शनकारियों की सीधी मांग है कि जवाबदेही तय करने के लिए धमेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। CJP प्रवक्ता ने कहा कि यह लड़ाई जवाबदेही और जिम्मेदारी तय करने की है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ जंतर मंतर प्रदर्शन को लेकर JNU की एडवाइजरी, छात्रों-स्टाफ से भीड़ से दूर रहने की अपील ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/kejriwal-pm-modi-fast-track-courts-paper-leak-neet-controversy-5594 ]]></guid><title><![CDATA[ पेपर लीक पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट के ऐलान पर केजरीवाल का PM मोदी पर हमला, बोले- ‘खोखला आश्वासन’ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/kejriwal-pm-modi-fast-track-courts-paper-leak-neet-controversy-5594 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 24 Jul 2026 12:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान पर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाए ह ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान पर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाए हैं। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री के आश्वासन को ‘खोखला’ बताते हुए 2024 के NEET पेपर लीक मामले का हवाला दिया।</span></p><p>केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि प्रधानमंत्री ने देर रात वीडियो जारी कर देश को बताया कि पेपर लीक मामलों के लिए संसद में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने से जुड़ा कानून लाया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुराने पेपर लीक मामलों में ही जांच और कार्रवाई को लेकर सवाल बने हुए हैं, तो नए फास्ट-ट्रैक कोर्ट आखिर किस काम आएंगे।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;कल रात को 12 बजे प्रधानमंत्री जी ने ऐलान किया कि पेपर लीक के लिए सोमवार को संसद में फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए क़ानून लाया जाएगा। &lt;br&gt;&lt;br&gt;मोदी जी का दिया आश्वासन कितना खोखला है, ये कल ख़ुद ही साबित हो गया।&lt;br&gt;&lt;br&gt;2024 NEET पेपर लीक के mastermind को कल CBI ने कोर्ट में निर्दोष घोषित कर… &lt;a href="https://t.co/PvpXjiJjQh"&gt;https://t.co/PvpXjiJjQh&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/AuM1AODWnM"&gt;pic.twitter.com/AuM1AODWnM&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) &lt;a href="https://x.com/ArvindKejriwal/status/2080512320602591470?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>अरविंद केजरीवाल ने संजीव मुखिया को बताया 'मास्टरमाइंड'</b></p><p>AAP नेता ने 2024 के NEET पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए संजीव मुखिया को लेकर सवाल उठाया। केजरीवाल ने दावा किया कि जिसे पहले मामले का कथित मास्टरमाइंड बताया गया था, उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिलने की बात सामने आई है।</p><p>उन्होंने सवाल किया, “अगर CBI के मुताबिक संजीव मुखिया मास्टरमाइंड नहीं है, तो फिर मास्टरमाइंड कौन है?” केजरीवाल ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां अगर ठोस सबूत पेश नहीं कर पातीं और आरोपी जमानत पर बाहर आ जाते हैं, तो ऐसे में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का क्या फायदा होगा।</p><p><b>PM मोदी ने पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का किया ऐलान</b></p><p>यह विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वीडियो संदेश के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने पेपर लीक को लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बेहद गंभीर और पीड़ादायक मुद्दा बताया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p><p>PM मोदी ने यह भी कहा कि संबंधित विभागों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने संकेत दिया कि पेपर लीक मामलों में तेजी से सुनवाई और कड़ी सजा का प्रावधान करने के लिए एक ड्राफ्ट बिल पर भी विचार किया जाएगा।</p><p><b>विपक्ष ने संसद में विस्तृत चर्चा और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की</b></p><p>प्रधानमंत्री के इस ऐलान के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। विपक्षी दल NEET-UG परीक्षा विवाद पर संसद में विस्तृत चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।</p><p>वहीं, NEET विवाद को लेकर छात्र संगठनों और विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन भी जारी है। इस मुद्दे पर संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। अब फास्ट-ट्रैक कोर्ट के प्रस्ताव को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ पेपर लीक पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट के ऐलान पर केजरीवाल का PM मोदी पर हमला, बोले- ‘खोखला आश्वासन’ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/opposition-protest-parliament-student-issues-neet-5592 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET विवाद: विपक्ष का प्रदर्शन आज, संसद के मकर द्वार पर 10:30 बजे जुटेंगे INDIA ब्लॉक के सांसद ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/opposition-protest-parliament-student-issues-neet-5592 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 24 Jul 2026 10:05:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और छात्रों के मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसद आज संसद परिसर में प्रदर्शन करेंगे। INDIA ब्लॉक के सांसद सुबह 10:30 बजे संसद के मकर द्वार पर जुटेंगे।मानसून सत्र के दौर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और छात्रों के मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसद आज संसद परिसर में प्रदर्शन करेंगे। INDIA ब्लॉक के सांसद सुबह 10:30 बजे संसद के मकर द्वार पर जुटेंगे।</span></p><p>मानसून सत्र के दौरान NEET विवाद को लेकर संसद में लगातार गतिरोध बना हुआ है। विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है, जबकि NDA ने विपक्ष पर इस मुद्दे पर चर्चा को जानबूझकर रोकने का आरोप लगाया है।</p><p><b>विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें</b></p><p>कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें बताई हैं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्रों के खिलाफ हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के युवाओं से माफी मांगने की मांग शामिल है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कांग्रेस ने कहा कि युवाओं की ये तीनों मांगें पूरी होनी चाहिए।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Monsoon session of Parliament | Opposition MPs to protest at Makar Dwar at 10.30 am today, over students&amp;#39; issue.&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2080498015434113489?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>खड़गे ने PM मोदी से संसद में बयान देने की मांग की</b></p><p>कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर जारी वीडियो संदेश को लेकर सवाल उठाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">खड़गे ने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा है तो प्रधानमंत्री को सदन के पटल पर बयान देना चाहिए, न कि संसद के बाहर वीडियो संदेश जारी करना चाहिए।</span></p><p>उन्होंने प्रधानमंत्री से धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, छात्रों से माफी मांगने और प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज, बल प्रयोग और अन्य कार्रवाई के आदेश देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;जब संसद चल रही होती है तो प्रधानमंत्री को संसद के पटल पर Statement देना होता है, देर रात एक वीडियो बनाकर, संसद के बाहर एकतरफ़ा “मन की बात” नहीं करनी होती !! &lt;a href="https://x.com/narendramodi?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@narendramodi&lt;/a&gt; जी, &lt;br&gt;&lt;br&gt;आज संसद में आने से पहले, धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त कर के आइएगा। पहले छात्रों से माफ़ी माँगिए और…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Mallikarjun Kharge (@kharge) &lt;a href="https://x.com/kharge/status/2080490082004607142?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>PM मोदी ने पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का दिया भरोसा</b></p><p>विपक्ष का प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश के बाद भी हो रहा है, जिसमें उन्होंने पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था।</p><p>प्रधानमंत्री ने कहा था कि पेपर लीक करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल फास्ट-ट्रैक कोर्ट और पेपर लीक के दोषियों के लिए कड़ी सजा से जुड़े प्रस्तावित कानून पर विचार करेगा।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! &lt;a href="https://t.co/NRysBukk5U"&gt;pic.twitter.com/NRysBukk5U&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) &lt;a href="https://x.com/narendramodi/status/2080357811662492096?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>सोनिया गांधी ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल</b></p><p>कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी छात्र आंदोलनों से निपटने के तरीके को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शनों का सामना सरकार ने कठोर कार्रवाई से किया और युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार किया गया जैसे वे देश के दुश्मन हों।</p><p>सोनिया गांधी ने 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों द्वारा कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने सरकार से पुलिस कार्रवाई रोककर प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने की अपील की।</p><p><b>संसद में फिर बढ़ सकता है राजनीतिक तनाव</b></p><p>NEET विवाद, छात्रों पर कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">ऐसे में आज मकर द्वार पर विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन संसद के भीतर भी राजनीतिक हलचल बढ़ा सकता है। विपक्ष का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET विवाद: विपक्ष का प्रदर्शन आज, संसद के मकर द्वार पर 10:30 बजे जुटेंगे INDIA ब्लॉक के सांसद ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/sonam-wangchuk-ends-hunger-strike-written-assurance-5590 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET और परीक्षा सुधार पर सरकार का लिखित भरोसा, सोनम वांगचुक ने खत्म किया 26 दिन का अनशन ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/sonam-wangchuk-ends-hunger-strike-written-assurance-5590 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 24 Jul 2026 09:26:25 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं और NEET विवाद को लेकर 26 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल शुक्रवार को खत्म कर दी। उन्होंने यह फैसला केंद्र सरकार की ओर से मिले लि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं और NEET विवाद को लेकर 26 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल शुक्रवार को खत्म कर दी। उन्होंने यह फैसला केंद्र सरकार की ओर से मिले लिखित आश्वासन के बाद लिया।</span></p><p>वांगचुक ने दिल्ली के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना अनशन समाप्त किया। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें लिखित रूप से कई महत्वपूर्ण आश्वासन दिए हैं।</p><p><b>दो दिन तक लिखित आश्वासन के लिए चली बातचीत</b></p><p>सोनम वांगचुक ने बताया कि इससे पहले करीब 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात कर अनशन खत्म करने की अपील की थी। सांसदों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि NEET और देश की परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाया जाएगा।</p><p>हालांकि, वांगचुक ने कहा कि वह केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं थे। वह सरकार से लिखित गारंटी चाहते थे। इसी वजह से अनशन खत्म करने में दो दिन की देरी हुई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि आखिरकार सरकार की ओर से उन्हें लिखित आश्वासन मिल गया और इसके बाद उन्होंने अपना 26 दिन लंबा अनशन समाप्त करने का फैसला किया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;END OF HUNGER... BEGINNING OF ACCOUNTABILITY...!&lt;br&gt;Sonam Wangchuk ends his fast after 26 days upon getting assurance from the government and members of parliament of all political parties that the issue of accountability in the failing examination system will be discussed on the… &lt;a href="https://t.co/0C9YX5VlsL"&gt;pic.twitter.com/0C9YX5VlsL&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) &lt;a href="https://x.com/Wangchuk66/status/2080471599237702014?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>सरकार ने दिए ये प्रमुख आश्वासन</b></p><p>वांगचुक के मुताबिक, सरकार ने आश्वासन दिया है कि:</p><ul><li>NEET और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा होगी।</li><li>शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में जवाबदेही तय करने के लिए गंभीर समीक्षा की जाएगी।</li><li>भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में सुधार पर चर्चा होगी।</li><li>NEET विवाद में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।</li><li>शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और 20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।</li></ul><p>वांगचुक ने कहा कि इन आश्वासनों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखना है।</p><p><b>‘धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए था’</b></p><p>हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं मिली। इस पर वांगचुक ने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है। उन्होंने कहा, “उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए था।”</p><p>वांगचुक ने कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो इससे छात्रों को नुकसान नहीं होगा, बल्कि सरकार की मुश्किलें बढ़ेंगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए मंत्री का इस्तीफा छात्रों के भविष्य से बड़ा मुद्दा नहीं था।</p><p><b>‘छात्रों के खिलाफ FIR नहीं होनी चाहिए’</b></p><p>सोनम वांगचुक ने कहा कि उनके लिए सबसे जरूरी था कि आंदोलन में शामिल छात्रों का भविष्य खराब न हो।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि कई बार FIR और कानूनी मामलों के कारण युवाओं के करियर पर लंबे समय तक असर पड़ता है। इसलिए उन्होंने सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कार्रवाई न हो।</span></p><p>उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर संसद में बहस और मृत छात्रों के परिवारों को मुआवजे का आश्वासन मिलना आंदोलन की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।</p><p><b>PM मोदी ने की जल्द स्वस्थ होने की कामना</b></p><p>सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रधानमंत्री ने कहा कि सोनम वांगचुक डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या का पालन करें और जल्द से जल्द अपना पुराना वजन हासिल करें। उन्होंने प्रार्थना की कि सोनम वांगचुक स्वस्थ रहें।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;मैं सोनम जी से आग्रह करता हूँ की वो डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वज़न फिर से प्राप्त करें। &lt;br&gt;&lt;br&gt;मैं प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि सोनम जी स्वस्थ रहें।&lt;a href="https://x.com/Wangchuk66?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@Wangchuk66&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/GitanjaliAngmo?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@GitanjaliAngmo&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) &lt;a href="https://x.com/narendramodi/status/2080381829723635831?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Mr. Sonam Wangchuk has ended his fast after Union Ministers Shri JP Nadda and Shri Jitendra Singh met him at Medanta Hospital, Gurugram, and assured him of the government&amp;#39;s commitment to address the concerns.&lt;br&gt;&lt;br&gt;Shri JP Nadda said: &lt;br&gt;&lt;br&gt;“The government is positive on not registering… &lt;a href="https://t.co/lVSr83Af8y"&gt;pic.twitter.com/lVSr83Af8y&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; BJP (@BJP4India) &lt;a href="https://x.com/BJP4India/status/2080390327350030342?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET और परीक्षा सुधार पर सरकार का लिखित भरोसा, सोनम वांगचुक ने खत्म किया 26 दिन का अनशन ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/delhi-hc-nia-probe-sansad-chalo-protest-5583 ]]></guid><title><![CDATA[ 'संसद चलो' प्रदर्शन पर NIA जांच की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में कल होगी सुनवाई... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/delhi-hc-nia-probe-sansad-chalo-protest-5583 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 23 Jul 2026 12:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को NEET पेपर लीक के आरोपों को लेकर 20 जुलाई को आयोजित 'संसद चलो' प्रदर्शन की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर शुक्रवार ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को NEET पेपर लीक के आरोपों को लेकर 20 जुलाई को आयोजित 'संसद चलो' प्रदर्शन की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">याचिका में घटना के संबंध में दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज सभी FIR को किसी विशेष जांच एजेंसी को सौंपने और कथित हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।</span></p><p>मामले का उल्लेख मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ के समक्ष किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता बरुण कुमार सिन्हा ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि इसे शुक्रवार को ही सुना जाए। पीठ ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/Breaking?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Breaking&lt;/a&gt; &lt;br&gt;&lt;br&gt;Delhi High Court agrees to hear tomorrow the PIL seeking NIA probe into Cockroach Janta Party&amp;#39;s protest and its march to Parliament on July 20. &lt;br&gt;&lt;br&gt;The PIL claims that the protest was a conspiracy and involved foreign funded actors and the city has been &amp;quot;held hostage&amp;quot;.… &lt;a href="https://t.co/jxweKxLA25"&gt;pic.twitter.com/jxweKxLA25&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Bar and Bench (@barandbench) &lt;a href="https://x.com/barandbench/status/2080161967965450645?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च की NIA जांच की मांग</b></p><p>यह जनहित याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल ने अधिवक्ता स्नेह वर्धन और प्रतिभा सिन्हा के माध्यम से दायर की है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">याचिका में केंद्र सरकार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), दिल्ली पुलिस आयुक्त और दिल्ली सरकार को पक्षकार बनाया गया है।</span><span style="font-size: 1rem;">याचिकाकर्ता के अनुसार, कथित NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन 6 जून 2026 को जंतर-मंतर से शुरू हुआ था और 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च के रूप में सामने आया।</span></p><p><b>याचिका में हिंसा और संपत्ति को नुकसान का आरोप</b></p><p>याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हो गई। इसमें पथराव, पुलिसकर्मियों के घायल होने, पत्रकारों पर हमले, सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान, आपातकालीन सेवाओं में बाधा और संसद भवन की ओर बढ़ने के प्रयास जैसे आरोप लगाए गए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">याचिकाकर्ता ने 20 जुलाई की घटना की NIA या किसी अन्य विशेष जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। याचिका में संसद क्षेत्र में कथित रूप से प्रवेश करने के प्रयास और पुलिसकर्मियों पर हमले की भी जांच की मांग की गई है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi High Court to hear tomorrow a PIL seeking an NIA probe into the July 20 “Sansad Chalo” protest over the alleged NEET paper leak.&lt;br&gt;&lt;br&gt;The matter was mentioned today before the Bench of Chief Justice D.K. Upadhyaya and Justice Tejas Karia. Appearing for the petitioner, Advocate…&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2080162482623271120?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>सभी FIR विशेष जांच एजेंसी को ट्रांसफर करने की मांग</b></p><p>PIL में दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज सभी FIR को किसी विशेष जांच एजेंसी को सौंपने की मांग की गई है। इसके अलावा हिंसा, तोड़फोड़, आपातकालीन सेवाओं में बाधा और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">याचिका में आरोप लगाया गया है कि शुरुआत में NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दे पर शुरू हुआ प्रदर्शन बाद में राजनीतिक नेताओं और अन्य संगठनों के प्रभाव में आ गया।</span></p><p>याचिका में विदेशी फंडिंग और कुछ कार्यकर्ताओं व संगठनों की कथित भूमिका से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं और इन पहलुओं की जांच की मांग की गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">याचिकाकर्ता का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन संविधान के तहत अधिकार है, लेकिन इसका इस्तेमाल हिंसा, संपत्ति को नुकसान, सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा या राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 'संसद चलो' प्रदर्शन पर NIA जांच की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में कल होगी सुनवाई... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/pm-modi-fast-track-courts-paper-leak-5581 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान- दोषियों को जल्द सजा के लिए बनेंगी फास्ट-ट्रैक अदालतें ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/pm-modi-fast-track-courts-paper-leak-5581 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 23 Jul 2026 10:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने घोषणा की कि प ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक में शामिल लोगों को तेजी से और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएंगी।</span><span style="font-size: 1rem;">प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।</span></p><p>प्रधानमंत्री ने लिखा, “हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है। हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को तेज और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का निर्णय लिया है। मैंने संबंधित अधिकारियों और विभागों को इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आगे कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है और युवाओं का भविष्य नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Nothing is more important than the welfare and future of our youth!&lt;br&gt;&lt;br&gt;We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) &lt;a href="https://x.com/narendramodi/status/2080135258142617785?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>NEET पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली समेत कई शहरों में प्रदर्शन</b></p><p>प्रधानमंत्री का यह बयान दिल्ली और अन्य शहरों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है। प्रदर्शनकारियों ने 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ का आह्वान किया था। आंदोलन को खत्म करने के लिए प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">CJP के प्रवक्ता सौरव दास के मुताबिक, पहली मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। दूसरी मांग NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की है।</span></p><p>तीसरी मांग शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई कथित अनावश्यक FIR वापस लेने की है। प्रदर्शनकारी भविष्य में ऐसे किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी के खिलाफ FIR दर्ज न करने की सरकार से गारंटी भी चाहते हैं।</p><p><b>धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा 'गैर-परक्राम्य': CJP</b></p><p>सौरव दास ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को “गैर-परक्राम्य” बताया। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा गैर-परक्राम्य है। इसके बिना प्रदर्शन जारी रहेगा और जब तक जरूरत होगी, तब तक जारी रहेगा।”</span></p><p><b>सोनम वांगचुक से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील</b></p><p>सौरव दास ने कहा कि उन्होंने सोनम वांगचुक से कई बार बातचीत की है और इस बात पर सहमति बनी है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि वांगचुक ने भी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और प्रदर्शन को सही तरीके से संचालित करने की सार्वजनिक अपील की है।</p><p>दास ने आरोप लगाया कि पिछले कई आंदोलनों में असामाजिक तत्वों के जरिए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को भटकाने की कोशिश की गई, जिसके बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को ही दोषी ठहराया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन में ऐसा नहीं होना चाहिए।</p><p><b>पुलिस के 118 से ज्यादा जवान घायल: दिल्ली पुलिस</b></p><p>दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायलों में विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और सहायक आयुक्त स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। कई महिला पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी दी गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं, करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना है।</span></p><p><b>जेपी नड्डा बोले- पेपर लीक के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए</b></p><p>केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को कहा था कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर समस्या है, जिस पर गहन चर्चा की जरूरत है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान- दोषियों को जल्द सजा के लिए बनेंगी फास्ट-ट्रैक अदालतें ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cjp-protest-abhijeet-dipke-sonam-wangchuk-5579 ]]></guid><title><![CDATA[ अभिजीत दिपके का आरोप- 'बाहर से भेजे जा रहे लोग, पथराव कर आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश' ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cjp-protest-abhijeet-dipke-sonam-wangchuk-5579 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 23 Jul 2026 10:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधि अभिजीत दिपके ने गुरुवार को आरोप लगाया कि जारी छात्रों के प्रदर्शन को जानबूझकर बाधित करने के लिए बाहर से लोगों को भेजा जा रहा है। उन्होंने भारतीय जनता प ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधि अभिजीत दिपके ने गुरुवार को आरोप लगाया कि जारी छात्रों के प्रदर्शन को जानबूझकर बाधित करने के लिए बाहर से लोगों को भेजा जा रहा है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं पर पथराव करने और प्रदर्शनकारियों को बदनाम करने की कोशिश का आरोप लगाया।</span></p><p>पत्रकारों से बातचीत में दिपके ने कहा कि प्रदर्शन पिछले एक महीने से जारी है और इस दौरान ऐसी कोई घटना नहीं हुई। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के जोर पकड़ने के बाद स्थिति बदल गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “प्रदर्शन को जानबूझकर बाधित करने के लिए बाहर से लोगों को भेजा जा रहा है। हम एक महीने से यहां बैठे हैं। एक महीने में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। लेकिन अब, जब यह प्रदर्शन बड़ा हो गया है, तो BJP की ओर से लोगों को जानबूझकर माहौल बिगाड़ने के लिए भेजा जा रहा है।”</span></p><p><b>'BJP के लोग कर रहे हैं पथराव': CJP प्रतिनिधि का आरोप</b></p><p>दिपके ने आरोप लगाया, “पथराव करने वाले लोग BJP से जुड़े हैं। पुलिस यहां पत्थरों से भरे ट्रक लाती है। BJP के लोग आते हैं, पथराव करते हैं और फिर CJP के लोगों को बदनाम करते हैं।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज को बेहद क्रूर बताया। दिपके ने कहा कि लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अदालत का रुख किया जाएगा।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi: Founding President of Cockroach Janta Party, Abhijeet Dipke says, &amp;quot;People are being sent from outside to deliberately disrupt the protest. We have been sitting here for a month. No such incident has happened in a month. But now, as this protest has grown, goons… &lt;a href="https://t.co/eqSeYcfhm1"&gt;pic.twitter.com/eqSeYcfhm1&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2080123814214836587?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>प्रदर्शन का 34वां दिन, सोनम वांगचुक का अनशन 26वें दिन जारी</b></p><p>दिपके ने बताया कि प्रदर्शन 34वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जबकि सोनम वांगचुक का अनशन 26वें दिन भी जारी है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, दिपके ने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील भी की। उन्होंने कहा, “हम सोनम सर से अनशन खत्म करने का अनुरोध कर रहे हैं, क्योंकि हम उनकी जान नहीं गंवा सकते।”</span></p><p><b>'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा गैर-परक्राम्य': सौरव दास</b></p><p>CJP के सौरव दास ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को “गैर-परक्राम्य” बताया। उन्होंने कहा कि यह मांग पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दास ने कहा कि उन्होंने दिन में कई बार सोनम वांगचुक से बातचीत की और दोनों इस बात पर सहमत हैं कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि वांगचुक ने भी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और प्रदर्शन को सही तरीके से संचालित करने की सार्वजनिक अपील की है।</span></p><p>दास ने आरोप लगाया कि देश में पहले भी कई प्रदर्शनों के दौरान सत्तारूढ़ व्यवस्था द्वारा असामाजिक तत्वों को प्रदर्शन में शामिल कर आंदोलन को भटकाने की कोशिश की गई। इसके बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को ही दोषी ठहराया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन में ऐसा नहीं होना चाहिए।</p><p><b>जेपी नड्डा बोले- पेपर लीक जैसे मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए</b></p><p>केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को कहा कि पेपर लीक का मुद्दा राजनीतिक नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने इसे गंभीर समस्या बताते हुए इस पर गहन चर्चा की जरूरत बताई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राज्यसभा में सदन के नेता नड्डा ने कहा कि सरकार संसद में NEET-UG पेपर लीक मामले के सभी पहलुओं पर चर्चा के लिए तैयार है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अभिजीत दिपके का आरोप- 'बाहर से भेजे जा रहे लोग, पथराव कर आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश' ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-cbi-handwriting-sample-5575 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET UG पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट, आरोपी मनीषा हवलदार के फिर लिए जाएंगे हैंडराइटिंग सैंपल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-cbi-handwriting-sample-5575 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 23 Jul 2026 08:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी मनीषा संजय हवलदार के अतिरिक्त हैंडराइटिंग सैंपल लेने की अनुमति दे दी। आरोप है कि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी मनीषा संजय हवलदार के अतिरिक्त हैंडराइटिंग सैंपल लेने की अनुमति दे दी। आरोप है कि मनीषा ने भौतिकी के अपने हाथ से लिखे सवाल एक अन्य आरोपी मनीषा मंधारे के साथ साझा किए थे। CBI ने मंधारे के मोबाइल फोन से हाथ से लिखे सवालों की तस्वीरें बरामद की थीं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इस मामले को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन भी जारी है।</span></p><p>विशेष CBI जज अजय गुप्ता ने CBI की ओर से दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए उसे मंजूरी दी। CBI ने अदालत को बताया कि फॉरेंसिक लैब में जिन दस्तावेजों की तुलना की जानी है, उनकी संख्या काफी अधिक है। साथ ही, सरकारी प्रश्नित दस्तावेज परीक्षक (GEQD) ने पहले लिए गए हैंडराइटिंग और हस्ताक्षर के नमूनों को अपर्याप्त बताया है। इसके बाद अदालत ने अतिरिक्त नमूने लेने की अनुमति दी।</p><p><b>27, 29 जुलाई को हैंडराइटिंग और हस्ताक्षर के नमूने लिए जाएंगे</b>&nbsp;</p><p>अदालत ने अपने आदेश में कहा, “इसके अनुसार, CBI को आरोपी मनीषा संजय हवलदार की अतिरिक्त हैंडराइटिंग और हस्ताक्षर के नमूने संबंधित जेल में लेने की अनुमति दी जाती है।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि CBI अधिकारियों द्वारा 27 जुलाई 2026 से 29 जुलाई 2026 तक तीन दिनों के लिए आरोपी की हैंडराइटिंग और हस्ताक्षर के नमूने लेने की आवश्यक व्यवस्था की जाए। यह प्रक्रिया एक स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में कराई जाएगी।</span></p><p>सुनवाई के दौरान CBI की वरिष्ठ लोक अभियोजक नीतू सिंह ने कहा कि आरोपी मनीषा संजय हवलदार NEET UG 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में शामिल हैं। आरोप है कि उन्होंने NEET UG 2026 से संबंधित भौतिकी के हाथ से लिखे सवाल सह-आरोपी मनीषा मंधारे के साथ साझा किए। जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि उन्होंने एक अन्य आरोपी तेजस हर्षद कुमार शाह को भौतिकी के सवाल बोलकर भी बताए थे।</p><p><b>भौतिकी के सवालों से जुड़े नोट्स की तस्वीरें हुई थी बरामद</b></p><p>CBI के अनुसार, जांच के दौरान सह-आरोपी मनीषा मंधारे के मोबाइल फोन से भौतिकी के सवालों से जुड़े हाथ से लिखे नोट्स की तस्वीरें बरामद की गईं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि आरोपी की हैंडराइटिंग के नमूने लेने की अनुमति पहले ही 30 मई 2026 के आदेश के जरिए दी जा चुकी है। हालांकि, मामले का रिकॉर्ड काफी बड़ा है। हर दस्तावेज की निष्पक्ष तरीके से तुलना करने और जांच को पूरी तरह निष्पक्ष बनाए रखने के लिए आरोपी की अतिरिक्त हैंडराइटिंग और हस्ताक्षर के नमूनों की आवश्यकता है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>आरोपी से 60 पन्नों पर हैंडराइटिंग लिखवाई जा चुके हैं</b></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>वहीं, आरोपी मनीषा संजय हवलदार के वकील ने CBI की दलीलों का जोरदार विरोध किया। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि CBI ने अतिरिक्त हैंडराइटिंग सैंपल लेने का पर्याप्त कारण स्पष्ट नहीं किया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वकील ने कहा कि पहले ही आरोपी से करीब 60 पन्नों पर हैंडराइटिंग लिखवाई जा चुकी है। इसके बावजूद CBI यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि तुलना के लिए ये पन्ने किस तरह अपर्याप्त हैं।</span></i></b></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>बार-बार लिखने को मजबूर नहीं किया जा सकता- बचाव पक्ष</b></span></p><p>बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपी वरिष्ठ नागरिक हैं और इस प्रक्रिया से उन्हें अतिरिक्त मानसिक और शारीरिक परेशानी हो सकती है। वकील के अनुसार, आरोपी ने जांच में पूरा सहयोग किया है और जांच अधिकारियों के कहने पर आवश्यक सामग्री लिखी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बचाव पक्ष ने दलील दी कि यदि पहले लिए गए हैंडराइटिंग सैंपल अपर्याप्त हैं, तो जांच एजेंसी की किसी कमी को दूर करने के लिए आरोपी को बार-बार लिखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।</span></p><p>हालांकि, अदालत ने CBI की दलीलों को स्वीकार करते हुए अतिरिक्त हैंडराइटिंग और हस्ताक्षर के नमूने लेने की अनुमति दे दी। अब यह प्रक्रिया 27 से 29 जुलाई 2026 के बीच संबंधित जेल में स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में पूरी की जाएगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET UG पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट, आरोपी मनीषा हवलदार के फिर लिए जाएंगे हैंडराइटिंग सैंपल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/sonam-wangchuk-shifted-medanta-hospital-delhi-hc-order-5559 ]]></guid><title><![CDATA[ सोनम वांगचुक को बड़ी राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने मेदांता अस्पताल ट्रांसफर की दी मंजूरी... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/sonam-wangchuk-shifted-medanta-hospital-delhi-hc-order-5559 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 21 Jul 2026 14:02:05 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति दे दी। यह फैसला उनकी पत्नी गितांजलि जे. आंगमो क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति दे दी। यह फैसला उनकी पत्नी गितांजलि जे. आंगमो की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें उन्होंने वांगचुक को परिवार की पसंद के निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की थी।</span></p><p>यह मामला उस समय और महत्वपूर्ण हो गया था जब वांगचुक को 18 जुलाई को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। वह उस समय लंबे समय से जारी भूख हड़ताल पर थे।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The Delhi High Court has directed that activist Sonam Wangchuk be shifted to Medanta Hospital. The court also ordered that all medical test reports be handed over to a panel of doctors at Medanta. The hospital has been directed to form a panel of doctors for his treatment &lt;a href="https://t.co/wXKMruNcJ7"&gt;pic.twitter.com/wXKMruNcJ7&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2079478608800997510?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>HC ने मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय पर की सुनवाई</b></p><p>दिल्ली हाई कोर्ट की पीठ ने सोमवार को सफदरजंग अस्पताल, AIIMS और निजी प्रयोगशाला से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट और स्वास्थ्य बुलेटिन रिकॉर्ड पर मंगाए थे। अदालत ने वांगचुक की मेडिकल स्थिति और विभिन्न जांच रिपोर्टों की समीक्षा के बाद निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग पर सुनवाई की।</p><p><span style="font-size: 1rem;">मंगलवार की सुनवाई में अदालत ने मेदांता अस्पताल में आगे के इलाज के लिए वांगचुक को स्थानांतरित करने की अनुमति दी। इससे पहले एकल पीठ ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल से तत्काल डिस्चार्ज कर निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की अंतरिम राहत देने से इनकार किया था।</span></p><p><b>पत्नी ने उठाए थे मेडिकल रिपोर्ट को लेकर सवाल</b></p><p class="blue-bg-white"><b><i>वांगचुक की पत्नी गितांजलि आंगमो ने सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल रिपोर्टिंग और इलाज को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि अस्पताल के स्वास्थ्य बुलेटिन में पोटैशियम स्तर से जुड़ी पूरी जानकारी नहीं दी गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आंगमो ने यह भी आरोप लगाया था कि वांगचुक को उनकी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। इसी के बाद उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था।</span></i></b></p><p><b>21 दिन की भूख हड़ताल के बाद अस्पताल में भर्ती</b></p><p>सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। उनका प्रदर्शन NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">लगभग 21 दिनों की भूख हड़ताल के बाद 18 जुलाई को उनकी तबीयत को लेकर चिंता जताई गई और उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद उनके अस्पताल में रहने और इलाज को लेकर परिवार तथा प्रशासन के बीच विवाद सामने आया।</span></p><p>इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की तत्काल अनुमति नहीं दी थी। हालांकि, बाद की सुनवाई में मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय पर विचार करने के बाद अदालत ने उन्हें मेदांता अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति दे दी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सोनम वांगचुक को बड़ी राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने मेदांता अस्पताल ट्रांसफर की दी मंजूरी... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/kejriwal-meets-injured-students-cjp-march-fir-list-5557 ]]></guid><title><![CDATA[ अरविंद केजरीवाल ने घायल छात्र प्रदर्शनकारियों से की मुलाकात, बोले- सभी FIR की सूची सार्वजनिक करे पुलिस ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/kejriwal-meets-injured-students-cjp-march-fir-list-5557 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 21 Jul 2026 13:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचकर CJP के संसद मार्च के दौरान घायल हुए छात्र प्रदर् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचकर CJP के संसद मार्च के दौरान घायल हुए छात्र प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। यह मार्च कथित NEET-UG पेपर लीक के मुद्दे को लेकर किया गया था।&nbsp;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ “बर्बर हमला” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं और कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">केजरीवाल ने छात्रों और उनके अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है।</span></p><p><b>घायल छात्रों से मिलने RML अस्पताल पहुंचे केजरीवाल</b></p><p>अस्पताल के बाहर पत्रकारों से बातचीत में केजरीवाल ने कहा कि कई घायल छात्रों को RML अस्पताल लाया गया था। उन्होंने बताया कि अधिकांश छात्रों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है, जबकि एक छात्रा अभी भी भर्ती है।</p><p>उन्होंने कहा, “मोदी सरकार द्वारा निहत्थे बच्चों पर किए गए बर्बर हमले में कई बच्चे घायल हुए और कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए। मैं आज यहां सभी घायल लोगों से मिलने आया था। हमें बताया गया कि एक लड़की को छोड़कर बाकी सभी को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">केजरीवाल ने घायल छात्रा के परिवार से भी मुलाकात की और उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Delhi: AAP national convenor Arvind Kejriwal (&lt;a href="https://x.com/ArvindKejriwal?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ArvindKejriwal&lt;/a&gt;), Delhi AAP president Saurabh Bharadwaj (&lt;a href="https://x.com/Saurabh_MLAgk?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@Saurabh_MLAgk&lt;/a&gt;), LoP Atishi (&lt;a href="https://x.com/AtishiAAP?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@AtishiAAP&lt;/a&gt;), and other leaders leave from RML Hospital after meeting those injured during July 20th CJP protest over NEET issue.&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Full… &lt;a href="https://t.co/5nsrVZ3EKx"&gt;pic.twitter.com/5nsrVZ3EKx&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2079450271764427018?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>FIR और हिरासत में लिए गए छात्रों की सूची की मांग</b></p><p>AAP नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कई छात्रों को अवैध रूप से हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी अब संसद मार्ग पुलिस थाने जाकर यह पता लगाएगी कि प्रदर्शन के संबंध में कितनी FIR दर्ज की गई हैं और कितने छात्रों को हिरासत में लिया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">केजरीवाल के साथ AAP सांसद संजय सिंह और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी समेत पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद थे।</span></p><p>बाद में केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि AAP नेता संसद पुलिस परिसर पहुंच गए हैं और पुलिस उपायुक्त (DCP) से मुलाकात का इंतजार कर रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने पुलिस से निम्न जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की:</span></p><ul><li>पिछले दिन के प्रदर्शन से संबंधित दर्ज सभी FIR की पूरी सूची</li><li>बिना FIR के गिरफ्तार किए गए छात्रों की सूची</li><li>हिरासत में लिए गए छात्रों को किस जेल में रखा गया है, इसकी जानकारी</li></ul><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;संसद मार्च के प्रोटेस्ट में गिरफ्तार हुए छात्रों के लिए Helpline नंबर जारी | LIVE &lt;a href="https://t.co/hWvFBNtZ3f"&gt;https://t.co/hWvFBNtZ3f&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) &lt;a href="https://x.com/ArvindKejriwal/status/2079439430943920580?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>राहुल गांधी ने भी उठाया छात्र प्रदर्शन का मुद्दा</b></p><p>इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को अपने भविष्य से जुड़े जायज सवाल पूछने के लिए पीटा गया। उन्होंने संसद के मानसून सत्र में छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई और NEET परीक्षा पेपर लीक संकट पर विस्तृत चर्चा की मांग की।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi | LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi says, &amp;quot;The point is this is no way to treat the young people of this country. The young people of this country do not have opportunities; all the doors are closed; one door is open for competitive exams, which is also destroyed. These… &lt;a href="https://t.co/oShKkLfFd1"&gt;pic.twitter.com/oShKkLfFd1&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2079462611910115452?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>संसद के बाहर AAP सांसदों का प्रदर्शन</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>इस बीच, AAP सांसदों ने मंगलवार को NEET-UG पेपर लीक के मुद्दे को लेकर संसद के मकर द्वार के बाहर प्रदर्शन किया। विपक्षी दलों की ओर से सरकार की कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यह घटनाक्रम CJP कार्यकर्ताओं के संसद मार्च के एक दिन बाद सामने आया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों द्वारा संसद की ओर मार्च की कोशिश के दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि 60 से अधिक प्रदर्शनकारियों के घायल होने की सूचना है।</span></i></b></p><p><b>CJP ने जेपी नड्डा के सामने रखी थीं तीन मांगें</b></p><p>इससे पहले CJP के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर तीन प्रमुख मांगें रखी थीं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई शामिल है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">CJP का दावा है कि 20 से अधिक NEET अभ्यर्थियों की मौत हो चुकी है। वहीं, CJP कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;सोनम वांगचुक की रिहाई से लेकर धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक, CJP ने रखीं 3 मांगें...&lt;a href="https://x.com/hashtag/CJP?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CJP&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/JPNadda?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#JPNadda&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/SonamWangchuk?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#SonamWangchuk&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/DharmendraPradhan?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#DharmendraPradhan&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/NEETProtest?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEETProtest&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/DelhiPolice?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#DelhiPolice&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/NEETControversy?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEETControversy&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/GTCnews?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#GTCnews&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/GTCbharat?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#GTCbharat&lt;/a&gt;&lt;a href="https://t.co/5zPTHnBgDw"&gt;https://t.co/5zPTHnBgDw&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; GTC Bharat (@gtcbharatonline) &lt;a href="https://x.com/gtcbharatonline/status/2079194614297141391?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अरविंद केजरीवाल ने घायल छात्र प्रदर्शनकारियों से की मुलाकात, बोले- सभी FIR की सूची सार्वजनिक करे पुलिस ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cjp-jp-nadda-three-demands-dharmendra-pradhan-5550 ]]></guid><title><![CDATA[ सोनम वांगचुक की रिहाई से लेकर धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक, CJP ने रखीं 3 मांगें... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cjp-jp-nadda-three-demands-dharmendra-pradhan-5550 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 20 Jul 2026 18:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोमवार को बताया कि पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सामाजिक ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोमवार को बताया कि पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या उन्हें मंत्रिमंडल से हटाना और NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना शामिल है।</span></p><p>सौरव दास और CJP नेता आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। दास ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने नड्डा से दो बार मुलाकात की और अपनी मांगों को विस्तार से उनके सामने रखा।</p><p><b>CJP की तीन प्रमुख मांगें</b></p><p>सौरव दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी पहली मांग है कि अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “हमने जेपी नड्डा से मुलाकात की और अपनी तीन मांगें रखीं। पहली मांग है कि सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए। दूसरी मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। उन्हें मंत्रिमंडल से हटाया जाना चाहिए या उन्हें खुद इस्तीफा देना चाहिए। जब तक उनका इस्तीफा नहीं होता, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।”</span></p><p>दास ने आगे कहा कि उनकी तीसरी मांग NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की है। उन्होंने दावा किया कि 20 से अधिक NEET अभ्यर्थियों की मौत हो चुकी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “हम NEET अभ्यर्थियों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग करते हैं। इन परिवारों में 20 से अधिक ऐसे हैं जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;🚨&lt;a href="https://x.com/hashtag/ImportantAnnouncement?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#ImportantAnnouncement&lt;/a&gt;: &lt;a href="https://x.com/AshutoshRanka?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@AshutoshRanka&lt;/a&gt; and I have been at J.P. Nadda’s residence since 12 noon. The demands have been conveyed, including immediate resignation/sacking of Dharmendra Pradhan.&lt;br&gt;&lt;br&gt;The Minister assured us he will discuss this at the appropriate level. However, no… &lt;a href="https://t.co/vzLluczbkV"&gt;pic.twitter.com/vzLluczbkV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Saurav Das (@SauravDassss) &lt;a href="https://x.com/SauravDassss/status/2079155844982432196?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>करीब चार घंटे तक नड्डा के आवास पर रहे प्रतिनिधिमंडल</b></p><p>CJP प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि प्रतिनिधिमंडल करीब चार घंटे तक जेपी नड्डा के आवास पर रहा। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या बर्खास्तगी समेत सभी मांगें केंद्रीय मंत्री के सामने रखी गईं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दास ने कहा कि मंत्री ने मांगों पर उचित स्तर पर चर्चा करने का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं की गई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे।”</span></p><p><b>जेपी नड्डा ने कहा- बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई</b></p><p>केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नड्डा ने कहा कि सोमवार सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया था। इसके बाद सुबह 11:50 बजे से बातचीत शुरू हुई और बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के साथ शुरुआती मौखिक चर्चा विस्तार से हुई और शाम करीब 4 बजे उन्हें एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने और प्रशासन को सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग करने की अपील भी की।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 AM से ही हमारी बातचीत जारी है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई।&lt;br&gt;&lt;br&gt;मैंने… &lt;a href="https://t.co/HLCl20RBSp"&gt;pic.twitter.com/HLCl20RBSp&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) &lt;a href="https://x.com/JPNadda/status/2079161225121091904?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>CJP के आरोपों को दिल्ली पुलिस ने बताया झूठा</b></p><p>इस बीच, दिल्ली पुलिस ने CJP के प्रदर्शन के दौरान एक 12 वर्षीय लड़की के साथ कथित मारपीट और दर्जनों लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के दावों को खारिज कर दिया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों को “झूठी जानकारी” बताया और लोगों से भ्रामक सूचनाओं को साझा या बढ़ावा न देने की अपील की।</span></p><p>दिल्ली पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि गीतांजलि नाम की 12 वर्षीय लड़की के साथ मारपीट की गई, उसके बाल खींचे गए और उसके सिर में चोट लगी। साथ ही करीब 40 से 50 अन्य लोगों के सिर में गंभीर चोट लगने का भी दावा किया गया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने कहा कि ये दावे सही नहीं हैं और लोगों को ऐसी झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाने से बचना चाहिए।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सोनम वांगचुक की रिहाई से लेकर धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक, CJP ने रखीं 3 मांगें... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cjp-abhijeet-dipke-police-detention-protest-5542 ]]></guid><title><![CDATA[ संसद मार्च के बीच CJP का बड़ा आरोप, अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cjp-abhijeet-dipke-police-detention-protest-5542 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 20 Jul 2026 15:25:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में सोमवार को संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया कि उसके संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने “उठा लिया” ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में सोमवार को संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया कि उसके संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने “उठा लिया” है। पार्टी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।</span></p><p>CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि पुलिस ने अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया है। उन्होंने सांसदों से छात्रों के समर्थन में तत्काल सड़क पर उतरने की अपील भी की। उन्होंने&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अपनी पोस्ट में कहा, “दीपके को पुलिस उठा ले गई है। हम सभी सांसदों से अपील करते हैं कि वे सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में तुरंत खड़े हों। पुलिस शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बेरहमी से कार्रवाई कर रही है और उन्हें पीट रही है।”</span><span style="font-size: 1rem;">हालांकि, पुलिस की ओर से अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने के CJP के दावे पर तत्काल आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;News Alert! Abhijeet Dipke detained by Delhi Police: CJP spokesperson Saurav Das. &lt;a href="https://t.co/aNLteA8Z6R"&gt;pic.twitter.com/aNLteA8Z6R&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2079134422365000097?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>सोनम वांगचुक के कहने पर दीपके ने खत्म किया अनशन</b></p><p>इससे पहले सोमवार को अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनुरोध पर अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया था। दीपके ने वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद भूख हड़ताल शुरू की थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सोनम वांगचुक को 18 जुलाई को 21 दिनों की भूख हड़ताल के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। वह NEET परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;🚨&lt;a href="https://x.com/hashtag/JustIn?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#JustIn&lt;/a&gt;: DIPKE HAS BEEN PICKED UP BY THE POLICE! &lt;br&gt;&lt;br&gt;WE REQUEST ALL MPs TO IMMEDIATELY STAND IN SUPPORT OF THE STUDENTS ON THE STREETS!&lt;br&gt;&lt;br&gt;THE POLICE IS BRUTALLY CRACKING DOWN AND BEATING UP PEACEFUL PROTESTERS.&lt;/p&gt;&amp;mdash; Saurav Das (@SauravDassss) &lt;a href="https://x.com/SauravDassss/status/2079130004441743404?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से CJP प्रतिनिधियों की मुलाकात</b></p><p>प्रदर्शन के बीच CJP के प्रतिनिधि आशुतोष रांका और सौरव दास ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बैठक के बाद सौरव दास ने X पर बताया कि दोनों नेताओं ने करीब दो घंटे इंतजार करने के बाद जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांगों से जुड़ा एक लिखित पत्र भी सौंपा।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">दास के अनुसार, “आशुतोष रांका और मैंने जेपी नड्डा जी से उनके आवास पर 10 मिनट मुलाकात की। हमने अपनी मांगों को लेकर एक लिखित पत्र सौंपा। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह इस मामले पर आंतरिक रूप से बात करेंगे। हम इसी प्रक्रिया में हैं। सामूहिक हिरासत जैसी खबरें भी सामने आ रही हैं।”</span></p><p><b>सोनम वांगचुक ने अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति मांगी</b></p><p class="blue-bg-white"><b><i>इस बीच सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने अपनी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर होने का हवाला देते हुए अस्पताल प्रशासन से छुट्टी देने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह संसद की ओर प्रस्तावित 'संसद चलो' मार्च में शामिल होना चाहते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अपने आधिकारिक X हैंडल पर साझा किए गए एक नोट में वांगचुक ने कहा कि वह सोमवार को खुद को काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य संबंधी पैरामीटर भी सामान्य हैं। उन्होंने अस्पताल से अस्थायी रूप से बाहर जाने की अनुमति मांगी ताकि वह संसद मार्च में शामिल हो सकें।</span></i></b></p><p><b>संसद मार्च की कोशिश पर पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग</b></p><p>इससे पहले सोमवार को संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जंतर-मंतर से शुरू हुए प्रदर्शन के कारण राजधानी में यातायात भी प्रभावित हुआ। संसद के मानसून सत्र को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।</span></p><p>दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, नई दिल्ली जिले में पांच या उससे अधिक लोगों के जुलूस, मार्च, प्रदर्शन और सभा पर रोक है। हालांकि, पूर्व अनुमति के साथ जंतर-मंतर के निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन की अनुमति है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने संसद के मानसून सत्र के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">CJP और प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए पुलिस कार्रवाई और हिरासत के आरोपों पर आधिकारिक पुलिस प्रतिक्रिया का इंतजार है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ संसद मार्च के बीच CJP का बड़ा आरोप, अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/sonam-wangchuk-cjp-dharmendra-pradhan-resignation-demand-5535 ]]></guid><title><![CDATA[ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे हटे वांगचुक और CJP, अब जवाबदेही तय करने पर जोर... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/sonam-wangchuk-cjp-dharmendra-pradhan-resignation-demand-5535 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 20 Jul 2026 11:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और CJP (Cockroach Janata Party) ने अपने रुख में बदलाव किया है ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और CJP (Cockroach Janata Party) ने अपने रुख में बदलाव किया है। अब प्रदर्शनकारियों की ओर से सीधे तौर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर जोर नहीं दिया जा रहा है। इसके बजाय सरकार और संबंधित जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग को प्रमुखता दी जा रही है।</span></p><p>दरअसल, शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर सोनम वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। CJP भी इस आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन कर रहा है। शुरुआती दौर में प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल था। हालांकि, अब आंदोलन की मांगों में बदलाव दिखाई दे रहा है।</p><p><b>इस्तीफे की जगह जवाबदेही पर जोर</b></p><p>रिपोर्ट के मुताबिक, सोनम वांगचुक की मौजूदा शर्तों में अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल नहीं है। उनका जोर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार की जिम्मेदारी तय करने और इन मामलों को संसद में उठाए जाने पर है। वांगचुक ने आंदोलन समाप्त करने के लिए सरकार की ओर से जिम्मेदारी स्वीकार करने या राजनीतिक नेताओं द्वारा संसद में मुद्दों को उठाने जैसी शर्तें रखी हैं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;WHEN WILL I END THE FAST….!&lt;br&gt;Not withstanding my health my fast continues till after the Sansad Chalo March, and will be broken only under the following circumstances… &lt;a href="https://t.co/kaOGx2Nk4T"&gt;pic.twitter.com/kaOGx2Nk4T&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) &lt;a href="https://x.com/Wangchuk66/status/2079010870760542679?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>लंबे समय से जारी है विरोध प्रदर्शन</b></p><p>सोनम वांगचुक और CJP का यह आंदोलन कथित परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर शुरू हुआ था। वांगचुक ने 28 जून 2026 से CJP के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था। शुरुआती मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा प्रमुख रूप से शामिल था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">लंबे समय तक अनशन के कारण वांगचुक की सेहत को लेकर भी चिंता जताई गई। उनके समर्थकों और कई राजनीतिक नेताओं ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की। इस बीच आंदोलन ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दिया है।</span></p><p>वहीं, CJP ने भी अपने रुख में नरमी दिखाई है। संगठन की ओर से अब केवल किसी एक मंत्री के इस्तीफे पर जोर देने के बजाय शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, सुधार और जवाबदेही की मांग को आगे रखा जा रहा है।</p><p>&lt;blockquote class="instagram-media" data-instgrm-captioned data-instgrm-permalink="https://www.instagram.com/p/Da_XeeCxXFC/?utm_source=ig_embed&amp;amp;utm_campaign=loading" data-instgrm-version="14" style=" background:#FFF; border:0; border-radius:3px; box-shadow:0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width:540px; min-width:326px; padding:0; width:99.375%; width:-webkit-calc(100% - 2px); width:calc(100% - 2px);"&gt;&lt;div style="padding:16px;"&gt; &lt;a href="https://www.instagram.com/p/Da_XeeCxXFC/?utm_source=ig_embed&amp;amp;utm_campaign=loading" style=" background:#FFFFFF; line-height:0; padding:0 0; text-align:center; text-decoration:none; width:100%;" target="_blank"&gt; &lt;div style=" display: flex; flex-direction: row; align-items: center;"&gt; &lt;div style="background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; flex-grow: 0; height: 40px; margin-right: 14px; width: 40px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display: flex; flex-direction: column; flex-grow: 1; justify-content: center;"&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; margin-bottom: 6px; width: 100px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; width: 60px;"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="padding: 19% 0;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display:block; height:50px; margin:0 auto 12px; width:50px;"&gt;&lt;svg width="50px" height="50px" viewBox="0 0 60 60" version="1.1" xmlns="https://www.w3.org/2000/svg" xmlns:xlink="https://www.w3.org/1999/xlink"&gt;&lt;g stroke="none" stroke-width="1" fill="none" fill-rule="evenodd"&gt;&lt;g transform="translate(-511.000000, -20.000000)" fill="#000000"&gt;&lt;g&gt;&lt;path d="M556.869,30.41 C554.814,30.41 553.148,32.076 553.148,34.131 C553.148,36.186 554.814,37.852 556.869,37.852 C558.924,37.852 560.59,36.186 560.59,34.131 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511.035,59.17 511.181,62.369 C511.326,65.562 511.834,67.743 512.574,69.651 C513.342,71.625 514.368,73.296 516.035,74.965 C517.703,76.634 519.376,77.658 521.349,78.425 C523.257,79.167 525.438,79.673 528.631,79.82 C531.831,79.965 532.853,80.001 541,80.001 C549.148,80.001 550.169,79.965 553.369,79.82 C556.562,79.673 558.743,79.167 560.652,78.425 C562.623,77.658 564.297,76.634 565.965,74.965 C567.633,73.296 568.659,71.625 569.425,69.651 C570.167,67.743 570.674,65.562 570.82,62.369 C570.966,59.17 571,58.147 571,50 C571,41.851 570.966,40.831 570.82,37.631"&gt;&lt;/path&gt;&lt;/g&gt;&lt;/g&gt;&lt;/g&gt;&lt;/svg&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="padding-top: 8px;"&gt; &lt;div style=" color:#3897f0; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; font-style:normal; font-weight:550; line-height:18px;"&gt;View this post on Instagram&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="padding: 12.5% 0;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display: flex; flex-direction: row; margin-bottom: 14px; align-items: center;"&gt;&lt;div&gt; &lt;div style="background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; height: 12.5px; width: 12.5px; transform: translateX(0px) translateY(7px);"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="background-color: #F4F4F4; height: 12.5px; transform: rotate(-45deg) translateX(3px) translateY(1px); width: 12.5px; flex-grow: 0; margin-right: 14px; margin-left: 2px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; height: 12.5px; width: 12.5px; transform: translateX(9px) translateY(-18px);"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="margin-left: 8px;"&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; flex-grow: 0; height: 20px; width: 20px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" width: 0; height: 0; border-top: 2px solid transparent; border-left: 6px solid #f4f4f4; border-bottom: 2px solid transparent; transform: translateX(16px) translateY(-4px) rotate(30deg)"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="margin-left: auto;"&gt; &lt;div style=" width: 0px; border-top: 8px solid #F4F4F4; border-right: 8px solid transparent; transform: translateY(16px);"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; flex-grow: 0; height: 12px; width: 16px; transform: translateY(-4px);"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" width: 0; height: 0; border-top: 8px solid #F4F4F4; border-left: 8px solid transparent; transform: translateY(-4px) translateX(8px);"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display: flex; flex-direction: column; flex-grow: 1; justify-content: center; margin-bottom: 24px;"&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; margin-bottom: 6px; width: 224px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; width: 144px;"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/a&gt;&lt;p style=" color:#c9c8cd; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; line-height:17px; margin-bottom:0; margin-top:8px; overflow:hidden; padding:8px 0 7px; text-align:center; text-overflow:ellipsis; white-space:nowrap;"&gt;&lt;a href="https://www.instagram.com/p/Da_XeeCxXFC/?utm_source=ig_embed&amp;amp;utm_campaign=loading" style=" color:#c9c8cd; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; font-style:normal; font-weight:normal; line-height:17px; text-decoration:none;" target="_blank"&gt;A post shared by Cockroach Janta Party (@cockroachjantaparty)&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/blockquote&gt;</p><p></p><p>&lt;script async src="//www.instagram.com/embed.js"&gt;&lt;/script&gt;</p><p><b style="font-size: 1rem;">आंदोलन की रणनीति में बदलाव के संकेत</b></p><p>धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे हटना आंदोलन की रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। अब आंदोलन का फोकस किसी व्यक्ति के इस्तीफे के बजाय शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित होता दिखाई दे रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार से जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्रवाई की मांग अभी भी जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और आंदोलनकारी पक्ष के बीच संवाद की दिशा क्या रहती है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे हटे वांगचुक और CJP, अब जवाबदेही तय करने पर जोर... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cjp-protestors-parliament-march-delhi-police-5534 ]]></guid><title><![CDATA[ CJP का संसद मार्च रोका गया, दिल्ली पुलिस ने किया हल्का लाठीचार्ज; सोनम वांगचुक ने रखी तीन शर्तें... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cjp-protestors-parliament-march-delhi-police-5534 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 20 Jul 2026 10:49:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने सोमवार को हल्का लाठीचार्ज किया। जंतर-मंतर से शुरू हुए इस प्रदर्शन के कारण राष्ट्री ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने सोमवार को हल्का लाठीचार्ज किया। जंतर-मंतर से शुरू हुए इस प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजधानी में यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।</span></p><p>CJP के प्रदर्शन मार्च और संसद के आगामी सत्र को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के कई जवानों को भी आसपास तैनात किया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। यह प्रावधान पहले लागू रही दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 के अनुरूप है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, पांच या उससे अधिक लोगों के जुलूस, मार्च, प्रदर्शन और सभाओं पर रोक है। हालांकि, पूर्व अनुमति के साथ जंतर-मंतर के निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर सभा की अनुमति है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi: Rapid Action Force (RAF) and Delhi Police personnel at Jantar Mantar as security has been heightened in view of the CJP&amp;#39;s call for a March to Parliament today &lt;a href="https://t.co/Qf604fWnuK"&gt;pic.twitter.com/Qf604fWnuK&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2079041158316188010?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई</b></p><p>दिल्ली पुलिस ने कहा कि 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होने के मद्देनजर सार्वजनिक सुरक्षा, सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों की सुरक्षा और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने आगे चेतावनी दी कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और कानून की अन्य लागू धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।</span></p><p><b>संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में संसद की ओर प्रस्तावित प्रदर्शन मार्च को देखते हुए संसद परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिल्ली पुलिस के अनुसार, संगठन ने इस मार्च के लिए आधिकारिक अनुमति लेने के लिए अब तक पुलिस से संपर्क नहीं किया है। इस मार्च की घोषणा पहले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने की थी, जिन्हें शनिवार सुबह अस्पताल ले जाया गया था।</span></i></b></p><p><b>संसद तक किसी प्रस्तावित मार्च के लिए CJP ने नहीं मांगी अनुमति- दिल्ली पुलिस</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जारी अपनी एडवाइजरी में स्पष्ट किया कि CJP की ओर से संसद तक किसी प्रस्तावित मार्च के लिए न तो अनुमति मांगी गई है और न ही अनुमति दी गई है। पुलिस ने नई दिल्ली जिले में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इससे पहले सोमवार को सोनम वांगचुक ने कहा कि अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल की विफलताओं, जिनमें पेपर लीक भी शामिल हैं, उसकी जवाबदेही स्वीकार करती है, तो वह अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सांसद उन्हें आश्वासन देते हैं कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही का मुद्दा सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में उठाया जाएगा, तो भी वह अपना अनशन खत्म कर देंगे।</span></p><p><b>भूख हड़ताल समाप्त करने के लिए सोनम वांगचुक ने रखी तीन शर्तें</b></p><p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की तीन संभावित शर्तें बताईं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था की हालिया विफलताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं की जवाबदेही स्वीकार करती है, या अगर वह और CJP का नेतृत्व संसद के दरवाजे तक पहुंचता है और विभिन्न दलों के सांसद व नेता उन्हें आश्वासन देते हैं कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा, तो वह 20 जुलाई को अपना अनशन समाप्त कर देंगे।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;WHEN WILL I END THE FAST….!&lt;br&gt;Not withstanding my health my fast continues till after the Sansad Chalo March, and will be broken only under the following circumstances… &lt;a href="https://t.co/kaOGx2Nk4T"&gt;pic.twitter.com/kaOGx2Nk4T&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) &lt;a href="https://x.com/Wangchuk66/status/2079010870760542679?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>पोस्ट में वांगचुक ने 'अवैध हिरासत' का किया उल्लेख</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">सोनम वांगचुक ने&nbsp;</span>यह भी कहा कि यदि उनका स्वास्थ्य या अन्य परिस्थितियां उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं देती हैं, तो विभिन्न दलों के सांसद और नेता अस्पताल आकर उन्हें वही आश्वासन दे सकते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल में कथित 'अवैध हिरासत' का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उनकी आवाजाही, बोलने और संवाद करने की स्वतंत्रता प्रतिबंधित है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CJP का संसद मार्च रोका गया, दिल्ली पुलिस ने किया हल्का लाठीचार्ज; सोनम वांगचुक ने रखी तीन शर्तें... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/delhi-hc-sonam-wangchuk-hospital-transfer-5529 ]]></guid><title><![CDATA[ सोनम वांगचुक की पत्नी को हाईकोर्ट से झटका, निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग खारिज... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/delhi-hc-sonam-wangchuk-hospital-transfer-5529 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 19 Jul 2026 18:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो की उस अंतरिम मांग को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से तत्काल डिस्चार्ज  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>दिल्ली हाई कोर्ट ने रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो की उस अंतरिम मांग को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से तत्काल डिस्चार्ज कर परिवार की पसंद के निजी अस्पताल, मेदांता अस्पताल, में स्थानांतरित करने की मांग की थी।</span></p><p>कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध सामग्री से यह नहीं दिखता कि सोनम वांगचुक को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। अदालत ने यह भी कहा कि उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सरकार का उन्हें सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित करने का फैसला मनमाना नहीं कहा जा सकता।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi HC finds Sonam Wangchuk not under detention, declines interim relief to shift him to private hospital&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/7HhDormcZH"&gt;https://t.co/7HhDormcZH&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/DelhiHighCourt?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#DelhiHighCourt&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/SonamWangchuk?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#SonamWangchuk&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/GitanjaliJAngmo?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#GitanjaliJAngmo&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/MpoNH54ryM"&gt;pic.twitter.com/MpoNH54ryM&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2078798277282329055?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>पत्नी समेत परिजनों को मिली&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सोनम वांगचुक से&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मिलने की अनुमति</span></b></p><p>न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा ने सुनवाई के दौरान कहा कि वांगचुक की पत्नी, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों को उनसे मिलने की बिना किसी प्रतिबंध के अनुमति दी गई है। परिवार को अस्पताल में रहने के लिए एक अलग कमरा भी उपलब्ध कराया गया है।</p><p><b>वांगचुक की बिगड़ती सेहत के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया- कोर्ट</b></p><p>अदालत ने यह भी ध्यान दिया कि सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किए जाने से पहले सोनम वांगचुक करीब 17-18 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। कोर्ट ने पहले की डिवीजन बेंच के उस आदेश का भी उल्लेख किया, जिसमें सरकारी डॉक्टरों को उनकी रोजाना चिकित्सा निगरानी करने का निर्देश दिया गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">केंद्र सरकार की दलीलों को रिकॉर्ड करते हुए अदालत ने कहा कि वांगचुक की बिगड़ती चिकित्सा स्थिति के कारण उन्हें सफदरजंग अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था।</span></p><p>कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि उनका शुगर और सोडियम स्तर सामान्य से कम था, जबकि पोटैशियम का स्तर बेहद खतरनाक स्तर तक गिर गया था। अदालत ने यह भी ध्यान दिया कि वांगचुक ने इंट्रावेनस फ्लूइड लेने की सहमति नहीं दी थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हाई कोर्ट ने कहा कि चूंकि सरकार ने सोनम वांगचुक की चिकित्सा स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था, इसलिए इस कार्रवाई को मनमाना नहीं माना जा सकता।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>सोनम वांगचुक अस्पताल के डॉक्टर्स की निगरानी में हैं- कोर्ट</b>&nbsp;</span></p><p class="blue-bg-white"><b><i>अदालत ने यह भी कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर लगातार उनकी सेहत की निगरानी कर रहे हैं और उनकी सहमति से केवल मौखिक दवाएं और तरल पदार्थ दिए गए हैं। ऐसे में रिकॉर्ड पर ऐसा कुछ नहीं है, जिससे यह संकेत मिले कि उनके खिलाफ बल का इस्तेमाल किया गया।</i></b></p><p class="blue-bg-white"><b><i>सुनवाई के दौरान गीतांजलि आंगमो की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि सोनम वांगचुक को अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि परिवार ने मेदांता अस्पताल से बात कर ली है और उन्हें वहां स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी है।</i></b></p><p><b>'सोनम वांगचुक अपराधी नहीं, उन्हें अपनी पसंद का अस्पताल चुनने का हक़ है'</b></p><p>कपिल सिब्बल ने कहा कि सोनम वांगचुक हिरासत में नहीं हैं, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और उन्हें अपनी पसंद का अस्पताल चुनने से रोकने का कोई औचित्य नहीं है।</p><p>केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने सरकार के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक भूख हड़ताल के कारण वांगचुक की सेहत बिगड़ी और उनके शरीर में कीटोसिस सहित कई चिकित्सकीय जटिलताएं पैदा हुईं। इसलिए सरकारी डॉक्टरों की करीबी निगरानी जरूरी थी।</p><p><b>तीन दिनों के अंदर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश जारी</b></p><p>अदालत ने कहा कि “हर जिंदगी कीमती है” और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के इस बयान को रिकॉर्ड किया कि सोनम वांगचुक की पत्नी और भाई को उनसे 24 घंटे मिलने की अनुमति दी गई है। अदालत ने यह भी दर्ज किया कि परिवार को अस्पताल में एक अलग कमरा दिया गया है।</p><p>हाई कोर्ट ने फिलहाल सोनम वांगचुक को निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने का कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया। हालांकि, अदालत ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए प्रतिवादियों को तीन दिनों के भीतर स्टेटस रिपोर्ट और जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।</p><p><b>मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि सोनम वांगचुक मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज कर रहे डॉक्टरों द्वारा आवश्यक समझे जाने वाले चिकित्सा हस्तक्षेप में सहयोग करें। केंद्र ने अदालत को यह भी बताया कि वांगचुक से जुड़ी सभी मेडिकल रिपोर्ट नियमित रूप से उनके परिवार के साथ साझा की जाएंगी। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।</i></b></p><p><b>पत्नी आंगमों ने अस्पताल से स्थानांतरित करने की&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">याचिका&nbsp;</span></b><span style="font-size: 1rem;"><b>दाखिल की थी</b>&nbsp;</span></p><p>गीतांजलि आंगमो ने अपनी याचिका में सोनम वांगचुक को तत्काल डिस्चार्ज करने, परिवार की पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित करने, उनके वकीलों और इलाज की निगरानी कर रहे डॉक्टरों को <b>unrestricted access</b> देने और उनके पूरे मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग की थी।</p><p>यह याचिका दिल्ली हाई कोर्ट की पहले की डिवीजन बेंच के उस आदेश के बाद दायर की गई थी, जिसमें सरकारी डॉक्टरों को वांगचुक के स्वास्थ्य की रोजाना निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर आवश्यक चिकित्सा हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया गया था।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सोनम वांगचुक की पत्नी को हाईकोर्ट से झटका, निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग खारिज... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/abhijeet-dipke-ink-attack-barkha-trehan-5527 ]]></guid><title><![CDATA[ स्याही विवाद: 'धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची, इसलिए स्याही फेंकी', बरखा त्रेहन ने बताई पूरी वजह... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/abhijeet-dipke-ink-attack-barkha-trehan-5527 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 19 Jul 2026 16:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके पर नीली स्याही फेंकने वाली महिला बरखा त्रेहन ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर उनके साथ मारपीट की गई और उनके बाल खींचे गए। खुद को पु ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>जंतर-मंतर पर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके पर नीली स्याही फेंकने वाली महिला बरखा त्रेहन ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर उनके साथ मारपीट की गई और उनके बाल खींचे गए। खुद को पुरुष अधिकार कार्यकर्ता बताने वाली त्रेहन ने दावा किया कि उन्होंने धार्मिक भावनाओं की कथित रूप से अनदेखी किए जाने के विरोध में यह कदम उठाया।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने</span><span style="font-size: 1rem;"> </span>कहा कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ नहीं हैं और उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन का वास्तविक NEET मुद्दे से कोई संबंध नहीं है और इसके पीछे “राजनीतिक एजेंडा” है।</p><p><b>"मैं शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बिल्कुल खिलाफ नहीं हूं"</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">बरखा त्रेहन ने</span><span style="font-size: 1rem;"> </span>कहा, “मैं शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बिल्कुल खिलाफ नहीं हूं। मेरा किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध या जुड़ाव नहीं है। जंतर-मंतर पर चल रहा यह कार्यक्रम वास्तविक NEET मुद्दे से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक एजेंडा है।”</p><p>स्याही फेंकने की वजह बताते हुए त्रेहन ने आरोप लगाया कि मंच से हिंदू देवी-देवताओं को लेकर कथित तौर पर मजाक किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्होंने अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi: On throwing ink on CJP founder Abhijeet Dipke, self-described men’s rights activist Barkha Trehan says, “I am not at all opposed to peaceful protest. I have no affiliation or connection with any political party. The event currently underway, involving those… &lt;a href="https://t.co/K9BcsJI1b6"&gt;pic.twitter.com/K9BcsJI1b6&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2078738232985202859?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p>बरखा त्रेहन ने आरोप लगाया, “आप कल्पना भी नहीं कर सकते कि अभिजीत के लोगों ने मेरे साथ कैसा व्यवहार किया। अभिजीत और उनके सहयोगी मंच पर भगवान श्रीराम और माता सीता का मजाक उड़ा रहे थे। मैंने विरोध जताने के लिए अभिजीत पर स्याही फेंकी। मैं ऐसी बातों को बर्दाश्त नहीं करती, चाहे वह देवी दुर्गा, देवी काली या भगवान श्रीराम को लेकर कही जाए।” </p><p>उन्होंने आगे दावा किया कि घटना के बाद उन्हें बुरी तरह पीटा गया और उनके बाल खींचे गए। त्रेहन ने दिल्ली पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि पुलिस ने उन्हें भीड़ से बाहर निकालकर सुरक्षित बचाया।</p><p><b>सोनम वांगचुक के आंदोलन पर लगाए गंभीर आरोप</b></p><p>बरखा त्रेहन ने सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि वांगचुक का इस्तेमाल प्रदर्शन के लिए एक “उपकरण” की तरह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह सोनम वांगचुक से यही कहने के लिए जंतर-मंतर गई थीं कि उनका इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने इसकी तुलना अन्ना हजारे के नेतृत्व वाले 2014 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से भी की।</p><p>जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। यह घटना उसी दिन हुई जब दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट के आदेश के बाद सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल पहुंचाया था। वांगचुक 18 जुलाई को अपनी भूख हड़ताल के 21वें दिन थे।</p><p><b>वांगचुक की पत्नी आंगमो ने लगाए चिकित्सा व्यवस्था पर आरोप</b></p><p>इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने सफदरजंग अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि अस्पताल ने वांगचुक के पोटैशियम स्तर के 2.9 तक गिरने की जानकारी परिवार को दी, लेकिन सार्वजनिक स्वास्थ्य बुलेटिन में इस आंकड़े का उल्लेख नहीं किया।</p><p>आंगमो ने दावा किया कि एक स्वतंत्र प्रयोगशाला जांच में वांगचुक का पोटैशियम स्तर 3.5 पाया गया। उन्होंने अस्पताल में भारी पुलिस तैनाती पर भी सवाल उठाते हुए इसे “अवैध हिरासत” बताया है।</p><p><b>वांगचुक की पत्नी आंगमों ने दिल्ली हाईकोर्ट से की मांग</b></p><p>सोनम वांगचुक की पत्नी ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख करते हुए उन्हें सफदरजंग अस्पताल से तत्काल डिस्चार्ज करने और परिवार की पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की है। याचिका में उनके अस्पताल में रहने को “अवैध और असंवैधानिक बंदी” बताया गया है। वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। वह NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में आंदोलन कर रहे थे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ स्याही विवाद: 'धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची, इसलिए स्याही फेंकी', बरखा त्रेहन ने बताई पूरी वजह... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/sonam-wangchuk-wife-safdarjung-hospital-5519 ]]></guid><title><![CDATA[ 'अस्पताल से मेरा विश्वास उठ गया', सोनम वांगचुक की पत्नी ने पोटैशियम लेवल को लेकर उठाए सवाल... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/sonam-wangchuk-wife-safdarjung-hospital-5519 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 19 Jul 2026 12:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: जलवायु और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने रविवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका अस्पताल से “विश्वास उठ गया है।” उन्होंने आरो ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> जलवायु और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने रविवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका अस्पताल से “विश्वास उठ गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल ने परिवार को वांगचुक का पोटैशियम स्तर 2.9 तक गिरने की जानकारी दी थी, लेकिन सार्वजनिक स्वास्थ्य बुलेटिन में इस आंकड़े का उल्लेख नहीं किया गया।</span></p><p>आंगमो के मुताबिक, अस्पताल ने परिवार को बताया था कि सोनम वांगचुक का पोटैशियम स्तर 2.9 तक पहुंच गया है, जिसे उन्होंने चिंताजनक और जानलेवा बताया। हालांकि, अस्पताल के सार्वजनिक हेल्थ बुलेटिन में केवल “पोटैशियम का स्तर कम हो रहा है” लिखा गया। उन्होंने दावा किया कि एक स्वतंत्र प्रयोगशाला जांच में वांगचुक का पोटैशियम स्तर 3.5 पाया गया, जो सामान्य सीमा में है।</p><p><b>वांगचुक की पत्नी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पूछे सवाल</b></p><p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में आंगमो ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, “मेरा सफदरजंग सरकारी अस्पताल से विश्वास उठ गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल ने वांगचुक को डिस्चार्ज करने या परिवार की पसंद के निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;I have lost faith in Safdarjung Government Hospital.&lt;br&gt;The hospital told us &lt;a href="https://x.com/Wangchuk66?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@Wangchuk66&lt;/a&gt;’s potassium had dropped to 2.9, describing it as alarming and life-threatening. Yet, in its public health bulletin, it conveniently omitted the actual number, referring only to &amp;quot;decreasing…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Gitanjali J Angmo (@GitanjaliAngmo) &lt;a href="https://x.com/GitanjaliAngmo/status/2078698266431279120?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>अस्पताल में भारी पुलिस तैनाती पर उठाए सवाल</b></p><p>आंगमो ने अस्पताल में भारी पुलिस तैनाती पर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि उनके वार्ड के आसपास करीब 30 पुलिसकर्मी और पूरे अस्पताल में 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिससे परिवार की आवाजाही प्रतिबंधित है। उन्होंने इसे “चिकित्सकीय देखभाल नहीं, बल्कि अवैध हिरासत” करार दिया।</p><p>उन्होंने कहा कि परिवार को सोनम वांगचुक के इलाज से जुड़े फैसले लेने की स्वतंत्रता नहीं दी जा रही है। आंगमो ने बताया कि उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है और तत्काल सुनवाई की मांग की है, ताकि वांगचुक को उनकी पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित किया जा सके।</p><p><b>अगर वांगचुक को कुछ हुआ तो सरकार, अस्पताल जिम्मेदार होंगे- आंगमो</b></p><p class="blue-bg-white"><b><i>आंगमो ने कहा कि अगर सोनम वांगचुक को कुछ होता है तो अस्पताल प्रशासन और सरकार को इसकी पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने अदालत से वांगचुक के स्वास्थ्य के और बिगड़ने से पहले उन्हें दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति देने की मांग की है।</i></b></p><p class="blue-bg-white"><b><i>यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब सफदरजंग अस्पताल ने कहा है कि सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन लंबे समय तक भूख हड़ताल के कारण उनके शरीर पर पड़े प्रभावों को देखते हुए उन्हें 24 घंटे चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत है।</i></b></p><p><b>वांगचुक की लगातार निगरानी बेहद ज़रुरी- डॉक्टर्स</b></p><p>अस्पताल के अनुसार, वांगचुक को आवश्यक चिकित्सा उपचार दिया जा रहा है और उनके महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक फिलहाल स्थिर हैं। हालांकि, उनके रक्त संबंधी पैरामीटर में मामूली बदलाव हैं। सफदरजंग अस्पताल और AIIMS, नई दिल्ली के डॉक्टरों ने संयुक्त रूप से उनका आकलन किया है और लगातार चिकित्सा निगरानी को जरूरी बताया है।</p><p>स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी कहा था कि इलाज कर रही टीम और AIIMS के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ की बार-बार सलाह के बावजूद वांगचुक के परिवार ने अभी तक सुझाए गए चिकित्सा हस्तक्षेप के लिए सहमति नहीं दी है।</p><p><b style="font-size: 1rem;">सोनम वांगचुक ने 28 जून को शुरू की थी भूख हड़ताल</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>सोनम वांगचुक 28 जून से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। वह NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों के समर्थन में यह आंदोलन कर रहे थे। 18 जुलाई को भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें आवश्यक चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था।</i></b></p><p><b>पत्नी आंगमो ने खटखटाया दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाज़ा</b></p><p>अब उनकी पत्नी ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से तत्काल डिस्चार्ज करने और परिवार की पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की है। याचिका में उनके अस्पताल में रहने को “अवैध और असंवैधानिक बंदी” बताया गया है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 'अस्पताल से मेरा विश्वास उठ गया', सोनम वांगचुक की पत्नी ने पोटैशियम लेवल को लेकर उठाए सवाल... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/rahul-gandhi-education-system-paper-leaks-5506 ]]></guid><title><![CDATA[ Paper Leak: परिवारों का दर्द देख बोले राहुल गांधी- 'शिक्षा व्यवस्था को नए सिरे से बनाना होगा' ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/rahul-gandhi-education-system-paper-leaks-5506 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 18 Jul 2026 13:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने कई परिवारों को गहरा दर्द दिया है। उन्होंने छात्रों की सुरक्षा और अभिभावकों को न्याय सुनिश्च ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने कई परिवारों को गहरा दर्द दिया है। उन्होंने छात्रों की सुरक्षा और अभिभावकों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह नए सिरे से तैयार करने की मांग की।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाली छात्रा रिया के पिता से हुई मुलाकात को याद किया।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"> उन्होंने कहा कि यह घटना देश के कई परिवारों के दर्द को दर्शाती है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">राहुल गांधी ने लिखा, "रिया के पिता राजेश जी अपनी बेटी को इस तरह खोने के बाद पूरी तरह टूट गए थे। उन्हें देखने वाले हर व्यक्ति की आंखों में आंसू आ गए। यह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं है। पेपर लीक ने ऐसे कई परिवारों से उनके बच्चों को छीन लिया है।"</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;रिया के पिता, राजेश जी बेटी को खोकर इस तरह टूटे कि उन्हें देखने वाले हर शख़्स की आँखें भर आईं।&lt;br&gt;&lt;br&gt;यह सिर्फ़ एक परिवार का दर्द नहीं। पेपर लीक ने ऐसे कई परिवारों से उनका बच्चा छीन लिया।&lt;br&gt;&lt;br&gt;हर नाम के पीछे एक माँ है, एक पिता है - जिनके लिए अब कोई कल नहीं।&lt;br&gt;&lt;br&gt;इस System को नए सिरे से बनाना… &lt;a href="https://t.co/wCGC5lleh1"&gt;pic.twitter.com/wCGC5lleh1&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) &lt;a href="https://x.com/RahulGandhi/status/2078363088605364522?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 18, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>"हर नाम के पीछे एक मां और एक पिता हैं, जिनके लिए अब कोई कल नहीं है"</b></p><p>अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, "हर नाम के पीछे एक मां और एक पिता हैं, जिनके लिए अब कोई कल नहीं है। इस व्यवस्था को जड़ से नए सिरे से बनाना होगा, जहां बच्चों को तनाव नहीं, सुरक्षा मिले। और माता-पिता को उनके त्याग का फल मिले, आंसू नहीं।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी शुक्रवार को देहरादून में उनके 'छात्रों की गूंज' (Chhatron Ki Goonj) अभियान के दौरान रिया के पिता से हुई मुलाकात के बाद आई।</span></p><p><b>रिया के पिता ने बेटी को खोने का दर्द साझा किया</b></p><p>बन्नू स्कूल ग्राउंड में हुई बातचीत के दौरान रिया के पिता ने अपनी बेटी को खोने का दर्द साझा किया और राहुल गांधी से इस मुद्दे को संसद में उठाने की अपील की, ताकि किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "मेरी बेटी 3 मई को खुशी-खुशी घर आई थी। मैंने उससे परीक्षा के बारे में पूछा। वह बहुत खुश थी, लेकिन जब पेपर लीक की खबर सामने आई तो उसने मुझे अपने मोबाइल पर दिखाया। मैंने उस खबर को झूठा मानकर खारिज कर दिया, लेकिन उसने कहा कि पेपर वास्तव में लीक हुआ है।"</span></p><p>इसके आगे उन्होंने आगे कहा, "मेरी बेटी के साथ जो हुआ, मैं नहीं चाहता कि किसी और के साथ ऐसा हो। कृपया इस मुद्दे को संसद में उठाइए, ताकि किसी और को यह सब न झेलना पड़े। मैं अपनी बेटी के बिना जी नहीं पा रहा हूं।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राहुल गांधी ने परीक्षा में अनियमितताओं और छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं को उजागर करने के लिए 17 जून को राजस्थान के कोटा से राष्ट्रव्यापी 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत की थी।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>राहुल गांधी ने पेपर लीक मामले पर सरकार को घेरा</b></span></p><p>देहरादून कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि पिछले एक दशक में करीब 7.5 करोड़ युवा छात्र पेपर लीक से प्रभावित हुए हैं और सरकार इस समस्या का समाधान करने में विफल रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा था, "भारत में परीक्षा के पेपर लीक कराने के लिए हाई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर आपके पास करोड़ों रुपये हैं तो आप इन पेपरों को इंटरनेट, टेलीग्राम या सिग्नल पर पा सकते हैं। यही भारत की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति है।"</span></p><p>राहुल गांधी ने आगे दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं और इनमें किसी को सजा नहीं मिली।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "यह भारत के युवाओं के भविष्य से जुड़ा केंद्रीय मुद्दा है। यह आपके और आपके माता-पिता का अपमान है। यह आपकी मेहनत और समर्पण का अपमान है।"</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Paper Leak: परिवारों का दर्द देख बोले राहुल गांधी- 'शिक्षा व्यवस्था को नए सिरे से बनाना होगा' ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/rahul-gandhi-education-system-overhaul-paper-leak-crisis-5505 ]]></guid><title><![CDATA[ 'Education System Must Be Rebuilt from Scratch': Rahul Gandhi Amid Paper Leak Crisis ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/rahul-gandhi-education-system-overhaul-paper-leak-crisis-5505 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 18 Jul 2026 12:58:13 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ New Delhi, India: Leader of Opposition in Lok Sabha and Congress MP Rahul Gandhi on Saturday said that paper leaks have caused immense pain to several families, stressing that the examination system n ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>New Delhi, India: </b>Leader of Opposition in Lok Sabha and Congress MP Rahul Gandhi on Saturday said that paper leaks have caused immense pain to several families, stressing that the examination system needs to be rebuilt to ensure security for students and justice for parents.</span></p><p>In a post shared on X, Gandhi recalled his interaction with the father of Riya, a student who allegedly died by suicide following the NEET paper leak controversy, and said the incident reflected the suffering of many families.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"Riya's father, Rajesh ji, was shattered by the loss of his daughter in such a way that every person who saw him had tears in their eyes. This is not just the pain of one family. The paper leak has snatched children away from many such families," Gandhi wrote.</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;रिया के पिता, राजेश जी बेटी को खोकर इस तरह टूटे कि उन्हें देखने वाले हर शख़्स की आँखें भर आईं।&lt;br&gt;&lt;br&gt;यह सिर्फ़ एक परिवार का दर्द नहीं। पेपर लीक ने ऐसे कई परिवारों से उनका बच्चा छीन लिया।&lt;br&gt;&lt;br&gt;हर नाम के पीछे एक माँ है, एक पिता है - जिनके लिए अब कोई कल नहीं।&lt;br&gt;&lt;br&gt;इस System को नए सिरे से बनाना… &lt;a href="https://t.co/wCGC5lleh1"&gt;pic.twitter.com/wCGC5lleh1&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) &lt;a href="https://x.com/RahulGandhi/status/2078363088605364522?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 18, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>"Behind every name is a mother, a father--for whom there is no tomorrow now. This system will have to be rebuilt from scratch--where children find not stress, but security. And for parents, the fruit of their sacrifice should be theirs--not tears," he added.</p><p>The Congress leader's remarks came after he interacted with Riya's father during his 'Chhatron Ki Goonj' initiative in Dehradun on Friday.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">During the interaction at the Bannu School Ground, Riya's father expressed his grief over losing his daughter and urged Gandhi to raise the issue in Parliament so that no other family suffers a similar tragedy.</span></p><p>"My daughter came home happy on May 3. I asked her about the exam. She was very happy, but when the news of the paper leak broke, she showed it to me on her mobile. I dismissed the report as false, but she insisted that the paper had indeed been leaked," he said.</p><p>He added, "What happened to my daughter, I wouldn't want that to happen to anyone else. Please raise this issue in Parliament so that no one else has to face this. I cannot go on living without my daughter."</p><p>Gandhi had launched the nationwide 'Chhatron Ki Goonj' campaign from Rajasthan's Kota on June 17 to highlight concerns related to examination irregularities and challenges faced by students.</p><p>During the programme in Dehradun, Gandhi alleged that over the last decade, around 7.5 crore young students had suffered due to paper leaks and accused the government of failing to address the issue.</p><p>"High technology is being used in India to facilitate exam paper leaks. You can find these papers on the internet, on Telegram or Signal, if you have crores of rupees. This is the state of India's education system," Gandhi had said.</p><p>He further alleged that there had been 152 paper leak incidents in the last decade, claiming that no one had been punished in connection with them.</p><p>"This is a central issue concerning the future of India's youth. It is an insult to you and your parents; it is an insult to your hard work and dedication," Gandhi said while addressing students.&nbsp;</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 'Education System Must Be Rebuilt from Scratch': Rahul Gandhi Amid Paper Leak Crisis ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-biwal-bail-cbi-reply-court-5486 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET पेपर लीक: दिनेश और विकास बिवाल की जमानत पर CBI से जवाब तलब, 23 जुलाई को सुनवाई... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-biwal-bail-cbi-reply-court-5486 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 17 Jul 2026 15:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जवाब मांगा है। अदालत ने मामले की अगली सु ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जवाब मांगा है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को तय की है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">विशेष CBI न्यायाधीश अजय गुप्ता ने CBI को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">आरोपियों की ओर से अधिवक्ता ए.पी. सिंह पेश हुए, जबकि CBI की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक नीतू सिंह ने नोटिस स्वीकार करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">दिनेश बिवाल और विकास बिवाल उन 13 आरोपियों में शामिल हैं जिन्हें CBI ने NEET UG पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी फिलहाल 24 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;NEET UG paper leak case: Delhi&amp;#39;s Rouse Avenue Court has sought a reply from the CBI on the bail plea of accused Dinesh Biwal and Vikas Biwal. The court has listed the matter for reply and arguments on bail plea on July 23.&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2078038241346040086?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 17, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>क्या है मामला?</b></p><p>CBI ने 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच एजेंसी के अनुसार, मंगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए NEET का प्रश्नपत्र हासिल करने हेतु शुभम खैरनार से संपर्क किया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">CBI का दावा है कि मंगीलाल के मोबाइल फोन से लीक हुआ प्रश्नपत्र बरामद हुआ है।</span></p><p><b>₹10 लाख में हुआ था सौदा</b></p><p>जांच में सामने आया कि मंगीलाल बिवाल ने यश यादव से कथित तौर पर 10 लाख रुपये में लीक प्रश्नपत्र खरीदा था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पूछताछ के दौरान विकास बिवाल ने बताया कि उसकी मुलाकात राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान यश यादव से हुई थी।</span></p><p><b>CBI के मुताबिक, पेपर लीक की कथित श्रृंखला इस प्रकार थी:</b></p><p class="grey-bg-red"><b>शुभम खैरनार → यश यादव → मंगीलाल बिवाल → विकास बिवाल → दिनेश बिवाल</b></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>यश यादव को मिली थी विशेष अनुमति</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">जांच एजेंसी का आरोप है कि मंगीलाल ने बाद में यही प्रश्नपत्र अन्य अभ्यर्थियों को 12 लाख रुपये में भी बेचा।&nbsp;</span>इससे पहले अदालत ने आरोपी यश यादव को 21 जून को आयोजित NEET UG परीक्षा में शामिल होने और 22 जून को अपनी बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति न्यायिक हिरासत के दौरान दी थी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET पेपर लीक: दिनेश और विकास बिवाल की जमानत पर CBI से जवाब तलब, 23 जुलाई को सुनवाई... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-2026-topper-aryan-gupta-air1-aiims-delhi-5481 ]]></guid><title><![CDATA[ 715 अंक, AIR-1 और AIIMS दिल्ली का सपना; जानिए NEET टॉपर आर्यन की सफलता का मंत्र... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-2026-topper-aryan-gupta-air1-aiims-delhi-5481 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 17 Jul 2026 11:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लुधियाना, पंजाब: NEET UG 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल करने वाले आर्यन गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय लगातार मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के अटूट सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि उनका  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लुधियाना, पंजाब: </b>NEET UG 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल करने वाले आर्यन गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय लगातार मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के अटूट सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि उनका सपना AIIMS दिल्ली से एमबीबीएस कर ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर विशेषज्ञ) बनने का है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आर्यन ने 720 में से 715 अंक हासिल किए। परिणाम घोषित होने के बाद उन्होंने कहा,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">"मैंने दो साल तक लगातार कड़ी मेहनत की, बहुत पढ़ाई की और काफी तनाव भी झेला। आज मेहनत का फल मिल गया है और बहुत राहत महसूस हो रही है।"</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">अपनी तैयारी की रणनीति बताते हुए आर्यन ने कहा कि उन्होंने अपने बड़े भाई की सलाह मानी और शिक्षकों के निर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन किया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">"मेरे बड़े भाई आदित्य ने कहा था कि टीचर्स की बात आंख बंद करके मानो। जो भी होमवर्क, DPP या असाइनमेंट मिलता था, उसे समय पर पूरा करता था। इसी तरह दो साल निकल गए।"&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने भविष्य के छात्रों को भी यही सलाह दी कि वे शिक्षकों के मार्गदर्शन पर भरोसा रखें और पूरी ईमानदारी से मेहनत करें।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Punjab | Aryan Gupta from Ludhiana secures Rank 1 in re-NEET 2026 examination, celebrates with his parents&lt;br&gt;&lt;br&gt;He says, &amp;quot;I have secured 715 marks out of 720. I studied a lot. I am happy to get the result of the hard work I have put in. Both my parents are doctors, and my… &lt;a href="https://t.co/C27prQU5gM"&gt;pic.twitter.com/C27prQU5gM&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2077968780609867921?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 17, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>AIIMS दिल्ली से पढ़ाई, ऑन्कोलॉजिस्ट बनने का सपना</b></p><p>आर्यन ने कहा कि वह AIIMS दिल्ली में दाखिला लेकर आगे चलकर ऑन्कोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आर्यन के पिता डॉ. सचिन गुप्ता, जो लुधियाना में एनेस्थेटिस्ट हैं,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "इस साल मेरे छोटे बेटे ने AIR-1 हासिल की है, जबकि पिछले साल बड़े बेटे आदित्य ने AIR-54 प्राप्त की थी। वह मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली में पढ़ रहा है और अब आर्यन AIIMS दिल्ली जाएगा।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"> इससे बड़ी खुशी किसी माता-पिता के लिए नहीं हो सकती।"&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने बताया कि वे रोज़ रात 8 बजे काम से लौटने के बाद आधी रात तक बेटे के साथ बैठते थे ताकि उसे मानसिक सहयोग मिल सके। वहीं,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">आर्यन की मां डॉ. रीनू गुप्ता, जो स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं, ने कहा कि बेटे की सफलता उसकी कड़ी मेहनत और पूरे परिवार के सहयोग का परिणाम है।</span></p><p><b>NTA ने जारी की टॉपर्स की सूची</b></p><p>राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अनुसार:</p><ul><li>AIR 1: आर्यन गुप्ता (पंजाब) – 715/720</li><li>AIR 2: पंशुल बंसल (हरियाणा)</li><li>AIR 3: उपलक्ष्य गोयल (राजस्थान)</li><li>AIR 4: आयुष भालोटिया (बिहार)</li><li>AIR 5: कुडाले श्रावणी कृष्णा (महाराष्ट्र) – सर्वोच्च रैंक प्राप्त महिला उम्मीदवार</li></ul><p>इस वर्ष करीब 20 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 11.21 लाख उम्मीदवार मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए योग्य घोषित हुए।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 715 अंक, AIR-1 और AIIMS दिल्ली का सपना; जानिए NEET टॉपर आर्यन की सफलता का मंत्र... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-topper-aryan-gupta-air1-5480 ]]></guid><title><![CDATA[ "Nothing bigger than this": NEET UG topper Aryan Gupta's parents celebrate AIR 1; to join AIIMS Delhi... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-topper-aryan-gupta-air1-5480 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 17 Jul 2026 11:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Ludhiana, Punjab: Ludhiana's Aryan Gupta, who secured All India Rank (AIR) 1 in the National Eligibility cum Entrance Test (NEET) (Undergraduate) 2026, said consistent hard work, following his teacher ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Ludhiana, Punjab: </b>Ludhiana's Aryan Gupta, who secured All India Rank (AIR) 1 in the National Eligibility cum Entrance Test (NEET) (Undergraduate) 2026, said consistent hard work, following his teachers' guidance and unwavering support from his family helped him achieve the top rank. He now hopes to join AIIMS Delhi and pursue a career in oncology.</span></p><p>Speaking to media after the results were announced, Aryan said, "I secured All India Rank 1 in NEET (UG) 2026. I got 715 out of 720 marks. I worked very hard for two years, studied a lot, and took a lot of stress too, so it feels very good. I'm feeling very relieved. It feels like I've got the fruit of the hard work I put in."</p><p>Sharing his preparation strategy, he advised aspirants to trust their teachers and remain disciplined.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"My elder brother Aditya had already told me to follow the teachers blindly... Whatever homework, DPPs or assignments they gave, I'd finish them at home. Two years passed like this," he said.</span></p><p>Aryan credited his parents and elder brother for constantly motivating him during his preparation.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"My family's support was immense. My elder brother has been a role model for me for two years... My father always made sure someone was sitting with me. Every night, Papa would come after work and sit with me. The family has been very supportive," he said.</span></p><p>Expressing his future aspirations, Aryan said, "I will join AIIMS Delhi and hopefully become a great oncologist."&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Offering advice to future NEET aspirants, he said, "First, follow the teachers blindly; do as they say and don't use your own brain too much. Second, work hard with honesty. If you don't work honestly, you won't get the result you want."</span></p><p>Aryan's father, Dr Sachin Gupta, an anaesthetist based in Ludhiana, said it was a proud moment for the family.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"As parents, there is nothing bigger than this. This year, my son has secured All India Rank 1, and my elder son secured All India Rank 54 last year. He is studying at Maulana Azad Medical College in Delhi, and Aryan will be joining AIIMS Delhi. As a father and a parent, there can be no greater happiness than your children turning out to be capable and sincere in their studies," he said.</span></p><p>Dr Gupta said the family's role was to stand by the children throughout their preparation.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"We used to give time to the children. After coming home at 8 PM, I used to sit with them until midnight while they were studying. We couldn't teach them that much, but we were always there for them," he said.</span></p><p>He added that growing up in a family of doctors inspired both his sons to pursue medicine.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"I am an anaesthetist, my wife is a gynaecologist... Seeing the entire family of doctors, the children chose this line themselves," he said.&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">Aryan's mother, Dr Reenu Gupta, a gynaecologist, credited her son's dedication and the family's support for the achievement.&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">"He has achieved a very big milestone. It's because of his hard work and the support of his father and brother," she told media.</span></p><p>According to the National Testing Agency (NTA), Aryan Gupta topped NEET UG 2026 with an exceptional percentile of 99.9999, while Panshul Bansal from Haryana secured AIR 2 with the same percentile. Uplakshya Goyal of Rajasthan secured AIR 3, Ayush Bhalotia of Bihar claimed AIR 4, and Kudale Shravani Krishna of Maharashtra emerged as the highest-ranked female candidate with AIR 5.</p><p>The NTA said 11.21 lakh candidates qualified for admission to undergraduate medical, dental, AYUSH and allied courses. Nearly 20 lakh candidates appeared for the examination, which was conducted on June 21 across 5,440 centres in 551 cities in India and 14 cities abroad in 13 languages.</p><p>This year's NEET-UG remained under intense public scrutiny following the paper leak controversy that led to the cancellation of the earlier examination. The re-examination held on June 21 took place amid continuing political debate over the integrity of competitive examinations and concerns over student welfare.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">The NTA said the results were declared in time to ensure that the counselling and medical college admission schedule remains on track.&nbsp;</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ "Nothing bigger than this": NEET UG topper Aryan Gupta's parents celebrate AIR 1; to join AIIMS Delhi... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/hyderabad-school-teacher-fired-religious-homework-row-5471 ]]></guid><title><![CDATA[ हैदराबाद: धार्मिक पाठ का होमवर्क देने पर शिक्षिका बर्खास्त, स्कूल ने लिया बड़ा एक्शन ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/hyderabad-school-teacher-fired-religious-homework-row-5471 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 16 Jul 2026 16:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ हैदराबाद, तेलंगाना: हैदराबाद के चारमीनार ज़ोन स्थित एक निजी स्कूल ने प्राथमिक कक्षा की एक शिक्षिका को छात्रों को धार्मिक आयतें (कलमा और सूरह फातिहा) याद करने का होमवर्क देने के आरोप में सेवा से बर्खास ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>हैदराबाद, तेलंगाना:</b> हैदराबाद के चारमीनार ज़ोन स्थित एक निजी स्कूल ने प्राथमिक कक्षा की एक शिक्षिका को छात्रों को धार्मिक आयतें (कलमा और सूरह फातिहा) याद करने का होमवर्क देने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया है।</span></p><p>स्कूल प्रबंधन ने न केवल शिक्षिका की सेवाएं समाप्त कर दीं, बल्कि उन्हें Success Group of Education Institutions में भविष्य में किसी भी नौकरी के लिए स्थायी रूप से अयोग्य भी घोषित कर दिया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">15 जुलाई को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सईदाबाद शाखा में कार्यरत 'मदर टीचर' की सेवाएं 16 जुलाई से प्रभावी रूप से समाप्त कर दी गईं।</span></p><p><b>क्या है पूरा मामला?</b></p><p>पुलिस के अनुसार, संबंधित कक्षा में 25 छात्र थे, जिनमें 24 मुस्लिम और 1 हिंदू छात्र शामिल था। शिक्षिका ने सभी छात्रों को दैनिक होमवर्क के रूप में कलमा और सूरह फातिहा का पाठ करने के लिए कहा था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बुधवार शाम जब हिंदू छात्र के अभिभावकों ने होमवर्क देखा, तो उन्होंने स्कूल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना था कि छात्रों पर धार्मिक पाठ थोपना उचित नहीं है।</span></p><p><b>पुलिस ने क्या कहा?</b></p><p>चारमीनार ज़ोन के डीसीपी खरे किरण प्रभाकर ने बताया कि यह मामला शिक्षा नीति और स्कूल की आंतरिक नीति का उल्लंघन था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "25 छात्रों की कक्षा में एक हिंदू छात्र भी था। सभी को कलमा पढ़ने का होमवर्क देना शिक्षा नीति और स्कूल की नीति का स्पष्ट उल्लंघन है। शिकायत मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया।"</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Hyderabad, Telangana: Police detain BJP workers protesting outside Success, The School, Sayeedabad, after a teacher of the school, Shaik Aisha Parveen allegedly gave religious homework for Class 2 students.&lt;br&gt;&lt;br&gt;The school has permanently disqualified to apply for employment… &lt;a href="https://t.co/jPpmIyKPAN"&gt;https://t.co/jPpmIyKPAN&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/69abeFisbI"&gt;pic.twitter.com/69abeFisbI&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2077631360760734176?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 16, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>प्रदर्शन, लेकिन स्थिति शांतिपूर्ण</b></p><p>घटना के बाद कुछ स्थानीय संगठनों ने स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई और 30 से अधिक लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">डीसीपी ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांत है और अभिभावकों ने भी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने लोगों से अपील की कि इस मामले को सांप्रदायिक रंग न दें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।</span></p><p><b>स्कूल प्रबंधन का बयान</b></p><p>स्कूल प्रशासन ने कहा कि संस्था धर्मनिरपेक्ष शिक्षा नीति के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कक्षा में दिए जाने वाले असाइनमेंट की आंतरिक जांच प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ हैदराबाद: धार्मिक पाठ का होमवर्क देने पर शिक्षिका बर्खास्त, स्कूल ने लिया बड़ा एक्शन ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-three-language-policy-class-10-certificate-5430 ]]></guid><title><![CDATA[ CBSE का नया नियम: तीसरी भाषा में पास होना जरूरी, तभी मिलेगा 10वीं का सर्टिफिकेट ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-three-language-policy-class-10-certificate-5430 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 14 Jul 2026 17:31:56 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत लागू की जा रही थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर छात्रों और अभिभावकों की शंकाओं का समाधान करते हुए नया स्पष्टीकरण जारी किया है। ब ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE)</b> ने <b>राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)</b> के तहत लागू की जा रही <b>थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी</b> को लेकर छात्रों और अभिभावकों की शंकाओं का समाधान करते हुए नया स्पष्टीकरण जारी किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आने वाले वर्षों में कक्षा 10वीं के छात्रों को तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी, लेकिन स्कूल स्तर पर आयोजित मूल्यांकन में पास होना अनिवार्य रहेगा। यदि छात्र तीसरी भाषा में निर्धारित मानदंड पूरा नहीं करता है, तो उसे 10वीं का पास सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा।</p><p>बोर्ड के इस स्पष्टीकरण के बाद उन छात्रों और अभिभावकों के लिए स्थिति काफी स्पष्ट हो गई है, जो नई भाषा नीति को लेकर असमंजस में थे।<br></p><h5 class=""><b>10वीं बोर्ड परीक्षा में नहीं होगा तीसरी भाषा का पेपर</b></h5><p>CBSE द्वारा जारी FAQ के अनुसार, वर्तमान कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए तीसरी भाषा (R3) का मूल्यांकन केवल स्कूल स्तर पर किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि इस विषय की कोई अलग बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं होगी।</p><p>स्कूल के शिक्षक इंटरनल असेसमेंट के माध्यम से छात्रों का मूल्यांकन करेंगे और उसी के आधार पर उन्हें पास या फेल घोषित किया जाएगा।</p><h5 class=""><b>9वीं में फेल होने पर क्या होगा?</b></h5><p>बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई छात्र कक्षा 9वीं में तीसरी भाषा के मूल्यांकन में सफल नहीं हो पाता है, तब भी उसे कक्षा 10वीं में प्रोन्नत (Promote) कर दिया जाएगा।</p><p>हालांकि, उसे कक्षा 10वीं के दौरान ही तीसरी भाषा में दोबारा मूल्यांकन देकर पास होना होगा। यानी प्रमोशन तो मिल जाएगा, लेकिन भाषा विषय में सफलता हासिल करना अनिवार्य रहेगा।</p><h5 class=""><b>पास सर्टिफिकेट के लिए तीसरी भाषा में सफलता जरूरी</b><br></h5><p>CBSE के अनुसार, कक्षा 10वीं का पास सर्टिफिकेट जारी करने के लिए तीसरी भाषा में स्कूल स्तर के मूल्यांकन में सफल होना आवश्यक होगा।</p><p>यदि कोई छात्र 10वीं तक भी तीसरी भाषा में पास नहीं हो पाता है, तो बोर्ड रिजल्ट जारी होने से पहले स्कूल उसे एक और अवसर देगा। स्कूल दोबारा परीक्षा आयोजित करेगा ताकि छात्र आवश्यक योग्यता पूरी कर सके।</p><p>यदि छात्र इसके बाद भी पास नहीं होता है, तो उसे 10वीं का पास प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा।</p><h5 class=""><b>7वीं और 8वीं के छात्रों पर क्या होगा असर?</b></h5><p>CBSE ने यह भी बताया है कि वर्तमान में कक्षा 7 और 8 में पढ़ रहे छात्रों पर भी नई भाषा नीति लागू होगी। जब ये छात्र कक्षा 9 और 10 में पहुंचेंगे, तब उन्हें तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होंगी।</p><p>यदि किसी छात्र ने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी हैं, तो उसे तीसरी भाषा के रूप में एक भारतीय भाषा पढ़नी होगी।</p><h5 class=""><b>छठी कक्षा से लागू होगा नया ढांचा</b></h5><p>बोर्ड के अनुसार, वर्तमान में कक्षा 6 में पढ़ रहे छात्रों और आने वाले बैचों के लिए भाषा व्यवस्था और भी व्यापक होगी। इन छात्रों को शुरुआत से ही दो भारतीय भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा। जब यह बैच भविष्य में कक्षा 10वीं तक पहुंचेगा, तब तीसरी भाषा के लिए बोर्ड परीक्षा भी लागू की जा सकती है।</p><p>यानी आने वाले वर्षों में भाषा नीति चरणबद्ध तरीके से लागू होगी और विभिन्न बैचों के लिए नियम अलग-अलग रहेंगे।</p><h5 class=""><b>छात्रों और अभिभावकों के लिए क्या है संदेश?</b></h5><p>नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल परीक्षा बढ़ाना नहीं, बल्कि भारतीय भाषाओं के अध्ययन को प्रोत्साहित करना है। इसलिए छात्रों को तीसरी भाषा को केवल औपचारिक विषय न मानकर नियमित रूप से पढ़ाई पर ध्यान देना होगा।</p><p>अभिभावकों के लिए भी जरूरी है कि वे बच्चों को स्कूल स्तर के मूल्यांकन को गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि यही मूल्यांकन आगे चलकर उनके 10वीं के पास सर्टिफिकेट से जुड़ा होगा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CBSE का नया नियम: तीसरी भाषा में पास होना जरूरी, तभी मिलेगा 10वीं का सर्टिफिकेट ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/uptet-2026-lucknow-exam-security-inspection-5232 ]]></guid><title><![CDATA[ UPTET परीक्षा शुरू, लखनऊ के 46 केंद्रों का डीएम और ज्वाइंट सीपी ने किया निरीक्षण ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/uptet-2026-lucknow-exam-security-inspection-5232 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 02 Jul 2026 18:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पहले दिन लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर और संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रो ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश: </b>उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पहले दिन लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर और संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">राजधानी लखनऊ में यह परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई तक आयोजित की जा रही है। तीन दिनों के दौरान शहर के 46 परीक्षा केंद्रों पर करीब 76 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर ने बताया कि आयोग के निर्देशों के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं और परीक्षा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, आंतरिक और बाहरी पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी सहित व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Lucknow, Uttar Pradesh: District Magistrate Vishakh G. Iyer inspected UPTET examination centres along with Joint Commissioner of Police (Law &amp;amp; Order) Babloo Kumar, reviewing security arrangements, CCTV surveillance, seating facilities and other preparations to ensure a fair and… &lt;a href="https://t.co/vWcUtFQrJ6"&gt;pic.twitter.com/vWcUtFQrJ6&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2072580516961030389?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 2, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनाती</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">वहीं, संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि गोपनीय परीक्षा सामग्री को सुरक्षित तरीके से कोषागार से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ दो पुलिसकर्मियों को लगाया गया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">बबलू कुमार ने बताया कि परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की सघन जांच और फ्रिस्किंग की गई। </span></p><p><span style="font-size: 1rem;">इसके बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। उन्होंने कहा कि अब तक परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">गौरतलब है कि UPTET उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा है, जिसके माध्यम से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों की पात्रता निर्धारित की जाती है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UPTET परीक्षा शुरू, लखनऊ के 46 केंद्रों का डीएम और ज्वाइंट सीपी ने किया निरीक्षण ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/re-neet-ug-2026-result-by-july-20-5209 ]]></guid><title><![CDATA[ 20 जुलाई तक आएगा Re-NEET UG का रिजल्ट, समय पर शुरू होगा MBBS सत्र: NTA ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/re-neet-ug-2026-result-by-july-20-5209 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 02 Jul 2026 12:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने Re-NEET UG (NEET-UG) परीक्षा में शामिल हुए लाखों छात्रों के लिए बड़ी जानकारी साझा की है। एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, Re-NEET-UG 2026 का परिणाम 2 ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने Re-NEET UG (NEET-UG) परीक्षा में शामिल हुए लाखों छात्रों के लिए बड़ी जानकारी साझा की है। एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, Re-NEET-UG 2026 का परिणाम 20 जुलाई तक घोषित कर दिया जाएगा। हालांकि, रिजल्ट जारी करने की सटीक तारीख अभी तय नहीं की गई है।</span></p><p>NTA अधिकारी ने&nbsp; से बातचीत में बताया कि एजेंसी युद्ध स्तर पर काम कर रही है ताकि परिणाम जल्द जारी किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि MBBS का नया शैक्षणिक सत्र समय पर शुरू होगा और इसमें किसी तरह की देरी नहीं होगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 21 जून को 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Re-NEET UG result by July 20; academic session to begin on time: NTA official&lt;a href="https://x.com/NTA_Exams?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@NTA_Exams&lt;/a&gt;&lt;a href="https://t.co/7IItkWK2NS"&gt;https://t.co/7IItkWK2NS&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/YUpwEpk6QD"&gt;pic.twitter.com/YUpwEpk6QD&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Rising Kashmir (@RisingKashmir) &lt;a href="https://x.com/RisingKashmir/status/2072567794877792438?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 2, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">NTA ने 25 जून को जारी की थी&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">प्रोविजनल आंसर-की</span></b></p><p>अधिकारी ने बताया कि सामान्य तौर पर परीक्षा के 45 दिनों के भीतर परिणाम घोषित किए जाते हैं, लेकिन इस बार परीक्षा निर्धारित समय से पहले आयोजित कर ली गई, इसलिए परिणाम भी पहले जारी किए जाएंगे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA ने 25 जून को&nbsp;</span>प्रोविजनल आंसर-की&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जारी की थी और अभ्यर्थियों को 28 जून तक आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया। अधिकारी के मुताबिक, एजेंसी को करीब 10,000 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।</span></p><p>उन्होंने बताया कि प्रत्येक आपत्ति की अलग-अलग जांच की जा रही है। अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण किया जाता है और हर आपत्ति पर विशेषज्ञों की राय के आधार पर फैसला लिया जाता है। प्रत्येक प्रश्न पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 200 रुपये शुल्क लिया जाता है, जो आपत्ति सही पाए जाने पर वापस कर दिया जाता है।</p><p><b>रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रक्रिया होगी शुरू</b></p><p>रिजल्ट घोषित होने के बाद मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा (AIQ), एम्स, जिपमर, केंद्रीय और डीम्ड विश्वविद्यालयों के लिए काउंसलिंग कार्यक्रम जारी करेगी। वहीं, 85 प्रतिशत राज्य कोटा सीटों के लिए संबंधित राज्य अपनी अलग काउंसलिंग प्रक्रिया घोषित करेंगे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा, शुल्क जमा करना होगा और अपनी पसंद के मेडिकल कॉलेज एवं पाठ्यक्रम चुनने होंगे। सीटों का आवंटन नीट रैंक, श्रेणी, आरक्षण, कॉलेज विकल्प और उपलब्ध सीटों के आधार पर किया जाएगा।</span></p><p>&nbsp;इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए संबंधित मेडिकल कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">काउंसलिंग आमतौर पर राउंड-1, राउंड-2, मॉप-अप राउंड और स्ट्रे वैकेंसी राउंड के माध्यम से पूरी की जाती है, ताकि शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले सभी सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित किया जा सके।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 20 जुलाई तक आएगा Re-NEET UG का रिजल्ट, समय पर शुरू होगा MBBS सत्र: NTA ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ncert-class-9-book-manusmriti-women-vedic-period-social-science-5134 ]]></guid><title><![CDATA[ महिलाओं के सम्मान से लेकर वर्ण व्यवस्था तक, NCERT की किताब में क्या है नया? ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ncert-class-9-book-manusmriti-women-vedic-period-social-science-5134 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 26 Jun 2026 11:22:55 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की नई कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में वैदिक काल में महिलाओं के सम्मान और उनकी सामाजिक स्थिति का उल्लेख करते हुए मनुस्मृति ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की नई कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में वैदिक काल में महिलाओं के सम्मान और उनकी सामाजिक स्थिति का उल्लेख करते हुए मनुस्मृति के एक श्लोक को शामिल किया गया है। हालांकि पुस्तक में यह भी स्पष्ट किया गया है कि समय के साथ महिलाओं की स्थिति में उतार-चढ़ाव आया और कई चरणों में उसमें गिरावट भी दर्ज की गई।</span></p><p>'1000 ईस्वी तक राज्य और समाज' शीर्षक वाले अध्याय में कहा गया है कि वैदिक काल को अक्सर ऐसा समय माना जाता है, जब महिलाओं को समाज में सम्मानजनक और महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुस्तक के अनुसार, उस समय महिलाएं विद्या अध्ययन करती थीं, कुछ धार्मिक अनुष्ठानों में पुरुषों के साथ भाग लेती थीं, सार्वजनिक सभाओं में शामिल होती थीं तथा ऋग्वेद के कई सूक्तों की रचना अपाला, विश्ववारा, घोषा और लोपामुद्रा जैसी महिला ऋषियों द्वारा की गई मानी जाती है।</span></p><p><b>'जहाँ महिलाओं का सम्मान होता है, वहाँ देवता प्रसन्न होते हैं'</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>इसके बाद पुस्तक में मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए लिखा गया है कि वैदिक काल के बाद भी महिलाओं के सम्मान की परंपरा विभिन्न ग्रंथों में दिखाई देती है। इसी संदर्भ में मनुस्मृति (अध्याय 3, श्लोक 56) का उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया है—&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"जहाँ महिलाओं का सम्मान होता है, वहाँ देवता प्रसन्न होते हैं और जहाँ उनका सम्मान नहीं होता, वहाँ सभी धार्मिक कर्म निष्फल हो जाते हैं।"</span></p><p>हालांकि, इस उद्धरण के तुरंत बाद पाठ्यपुस्तक यह भी स्पष्ट करती है कि महिलाओं की स्थिति हमेशा समान नहीं रही।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुस्तक में कहा गया है कि समय के साथ सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के कारण महिलाओं की भूमिका और सामाजिक स्थिति में परिवर्तन आया तथा कई मामलों में उसमें गिरावट भी देखी गई। इसके बावजूद महिलाओं ने गृह प्रबंधन, कृषि, हस्तशिल्प और धार्मिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देना जारी रखा।</span></p><p><b>साहित्य में शिक्षित और कला में दक्ष महिलाओं का वर्णन है</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>अध्याय में गुप्त-वाकाटक काल का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि उस समय साहित्य में शिक्षित और कला में दक्ष महिलाओं का वर्णन मिलता है। वहीं, वाकाटक साम्राज्य की शासक प्रभावती गुप्ता जैसी महिलाओं के प्रशासनिक योगदान का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा संगम साहित्य में भी महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी का जिक्र किया गया है।</p><p>इसी अध्याय में वर्ण और जाति व्यवस्था पर भी चर्चा की गई है। पुस्तक के अनुसार, प्रारंभिक वैदिक समाज में सामाजिक पहचान केवल जन्म के आधार पर तय नहीं होती थी, बल्कि भाषा, क्षेत्र, व्यवसाय, सांस्कृतिक संबंध और समुदाय जैसे कई कारकों से निर्धारित होती थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस संदर्भ में ऋग्वेद का उदाहरण देते हुए पुस्तक में उल्लेख है कि एक ही परिवार में अलग-अलग व्यवसाय होते थे। एक सूक्त में कहा गया है— <b>"मैं कवि हूँ, मेरे पिता वैद्य हैं और मेरी माता अनाज पीसने का कार्य करती हैं।"</b></span></p><p><b>बौद्ध ग्रंथ सुत्त निपात का भी उल्लेख है</b><span style="font-size: 1rem;"><b></b></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>NCERT की पुस्तक के अनुसार, चार वर्णों की अवधारणा प्रारंभ में कार्य और मूल्यों पर आधारित थी, न कि कठोर सामाजिक विभाजन पर। इसमें ज्ञान को सर्वोच्च स्थान दिया गया, उसके बाद राजनीतिक शक्ति और फिर संपत्ति को महत्व दिया गया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुस्तक में बौद्ध ग्रंथ सुत्त निपात का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया है कि व्यक्ति की पहचान जन्म से नहीं बल्कि उसके कर्मों से होती है। उद्धृत कथन के अनुसार, "कोई व्यक्ति जन्म से अछूत नहीं होता, बल्कि अपने कर्मों से होता है। इसी प्रकार ब्राह्मण भी जन्म से नहीं, बल्कि अपने कर्मों से बनता है।"</span></i></b></p><p><b>वर्ण और जाति हमेशा कठोर सामाजिक श्रेणियां नहीं थीं</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>अध्याय में आगे बताया गया है कि समय के साथ अंतर्विवाह, भौगोलिक विस्तार और नए व्यवसायों के विकास के कारण जातियों की संख्या बढ़ती गई, जबकि वर्णों की संख्या चार ही रही। पुस्तक यह भी स्पष्ट करती है कि वर्ण और जाति हमेशा कठोर सामाजिक श्रेणियां नहीं थीं तथा इतिहास में विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमि के शासकों और व्यवसाय बदलने के अनेक उदाहरण मिलते हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ महिलाओं के सम्मान से लेकर वर्ण व्यवस्था तक, NCERT की किताब में क्या है नया? ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/dharmendra-pradhan-message-before-neet-ug-reexam-2026-5051 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET पुनर्परीक्षा आज, शिक्षा मंत्री ने कहा- सिस्टम पर रखें भरोसा... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/dharmendra-pradhan-message-before-neet-ug-reexam-2026-5051 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 21 Jun 2026 10:32:27 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा से ठीक पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देशभर के लाखों छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे बिना किसी डर और चिंता के परीक्षा देने की अपील की है। उ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा से ठीक पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देशभर के लाखों छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे बिना किसी डर और चिंता के परीक्षा देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने परीक्षा के सुचारू एवं निष्पक्ष आयोजन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं।</span></p><p>धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आज आयोजित हो रही NEET-UG पुनर्परीक्षा में करीब 22 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। उन्होंने छात्रों से कहा, "बिना किसी भय और चिंता के परीक्षा में बैठें। आपने मेहनत की है और निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन करेंगे।"</p><p><b>&nbsp;"भारत की नई पीढ़ी के भविष्य को दांव पर न लगाएं"</b></p><p>शिक्षा मंत्री ने कहा कि उन्हें NTA, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और देश की शिक्षा व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि छात्रों का भारत की परीक्षा प्रणाली पर विश्वास बना रहना चाहिए और इस विश्वास को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने देना चाहिए।</p><p>उन्होंने समाज और राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें। प्रधान ने कहा, "भारत की नई पीढ़ी के भविष्य को दांव पर न लगाएं। ऐसा कोई कार्य न करें जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़े।"</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi: On the NEET-UG Re-Examination, Union Education Minister Dharmendra Pradhan says, &amp;quot;NEET-UG re-examination is going to take place today. I have complete faith in the NTA, all the state governments, the district administrations, the Indian education sector, and… &lt;a href="https://t.co/nZe8IKJamA"&gt;pic.twitter.com/nZe8IKJamA&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2068530484481843479?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>धमेंद्र प्रधान ने बिना नाम लिए विरोधियों पर साधा निशाना</b></p><p>हालांकि शिक्षा मंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन अपने बयान में उन लोगों पर निशाना साधा जिन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर लगातार विवाद खड़ा किया। उन्होंने कहा कि कुछ तथाकथित जिम्मेदार लोगों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए छात्रों को परेशान करने का काम किया है।</p><p><b>NEET पेपर लीक मामले की जांच CBI जारी है</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>केंद्रीय मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि CBSE की पुनर्मूल्यांकन, पुनर्गणना और सत्यापन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और शेष परिणाम जल्द जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि लगभग 17 लाख विद्यार्थियों में से 15.5 लाख छात्रों के परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद केंद्र सरकार और NTA ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है और अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।</span></i></b></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">इस बार&nbsp;</span>पहले से अधिक मजबूत है सुरक्षा व्यवस्था</b></p><p>इस बार परीक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया गया है। देश के 551 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों पर 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा विदेशों में भी 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET पुनर्परीक्षा आज, शिक्षा मंत्री ने कहा- सिस्टम पर रखें भरोसा... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/how-neet-paper-leak-affected-lakhs-of-students-5045 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक ने बदल दी लाखों छात्रों की किस्मत, जानिए पूरा घटनाक्रम... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/how-neet-paper-leak-affected-lakhs-of-students-5045 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 20 Jun 2026 18:02:40 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक ने बदल दी लाखों छात्रों की किस्मत:&nbsp;3 मई 2026… वह दिन, जब देशभर के लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे। लेकिन परीक्षा खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>NEET-UG पेपर लीक ने बदल दी लाखों छात्रों की किस्मत:</b>&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">3 मई 2026… वह दिन, जब देशभर के लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे। लेकिन परीक्षा खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद कथित पेपर लीक, फर्जी प्रश्नपत्रों और अनियमितताओं के आरोपों ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को सवालों के घेरे में ला दिया।</span></p><p>कई राज्यों से जांच एजेंसियों को ऐसे इनपुट मिले कि परीक्षा से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मैसेजिंग ऐप्स पर कथित तौर पर प्रश्नपत्र बेचने और अभ्यर्थियों को गुमराह करने की कोशिश की गई। इसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने जांच के आधार पर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया और 21 जून को री-एग्जाम की घोषणा की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">लेकिन इस फैसले ने करीब 23 लाख छात्रों और उनके परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सालभर की तैयारी, कोचिंग पर खर्च हुए लाखों रुपये और महीनों का मानसिक दबाव, सब कुछ एक बार फिर दांव पर लग गया।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>NEET-UG परीक्षा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम</b></span></p><p>री-एग्जाम से पहले भी छात्रों की परेशानियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। प्रयागराज में NTA&nbsp;को ऐन वक्त पर एक परीक्षा केंद्र बदलना पड़ा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हरिवंश राय बच्चन सांस्कृतिक केंद्र में निर्माण कार्य, बिजली की कमी और प्रशासनिक कारणों के चलते अब अभ्यर्थियों को सीनेट हाउस परिसर स्थित नए केंद्र पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित छात्रों को एक बार फिर अपनी यात्रा और परीक्षा की तैयारी में बदलाव करना पड़ा है।</p><p>हालांकि सरकार का दावा है कि इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी, मल्टी-लेयर फ्रिस्किंग और हाई-पावर जैमर लगाए गए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रश्नपत्रों को रियल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल लॉक वाले विशेष कंटेनरों में भेजा जा रहा है। कई संवेदनशील क्षेत्रों में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान तैनात किए गए हैं।</span></p><p><b>भारतीय वायुसेना ने 200 से ज्यादा उड़ानों के ज़रिए पहुंचाए प्रश्नपत्र</b></p><p>रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय वायुसेना ने भी इस बार अभूतपूर्व अभियान चलाते हुए चार दिनों में 200 से ज्यादा उड़ानों के जरिए 20 से अधिक महत्वपूर्ण केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने में मदद की है। दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम से इनकी 24 घंटे निगरानी की जा रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हरियाणा के महेंद्रगढ़ में परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में फोटोस्टेट की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्थान, पंजाब और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में परीक्षा केंद्रों पर हाई-डेफिनिशन कैमरे, जैमर और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।</span></p><p>सरकार का कहना है कि पेपर लीक की आशंका होते ही परीक्षा रद्द करना ही ईमानदार छात्रों के साथ न्याय है। उत्तर प्रदेश सरकार भी यही दावा कर रही है कि पेपर लीक की आशंका पर परीक्षा रद्द करना जरूरी था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नीट विवाद का सबसे दर्दनाक पहलू वह मानसिक और भावनात्मक बोझ है, जिसे लाखों छात्रों और उनके परिवारों ने पिछले डेढ़ महीने में झेला है। हर बार जब परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं, तो उसकी सबसे बड़ी कीमत उस छात्र को चुकानी पड़ती है, जिसने बिना किसी शॉर्टकट के पूरे साल सिर्फ मेहनत की होती है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>सिस्टम की गलतियों का भुगतान छात्र क्यों करें ?</b></span></p><p>कई छात्रों ने एक नहीं, बल्कि लगातार दो-दो और तीन-तीन साल ड्रॉप लेकर तैयारी की। कई परिवारों ने बच्चों की कोचिंग के लिए कर्ज लिया, जमीन गिरवी रखी, बचत तोड़ी और अपनी जरूरतों में कटौती की। किसी ने घर की शादी टाल दी, तो किसी ने नौकरी छोड़कर बच्चे की तैयारी पर पूरा ध्यान लगाया।<span style="font-size: 1rem;">लेकिन महीनों की इस तपस्या के बाद अचानक उन्हें बताया गया कि परीक्षा दोबारा होगी। सवाल यही है कि अगर गलती सिस्टम की थी, तो उसकी सजा हमेशा छात्र ही क्यों भुगतें?</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>री-एग्जाम की घोषणा और छात्रों की आत्महत्या&nbsp;</b></span></p><p>परीक्षा रद्द होने और री-एग्जाम की घोषणा के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्रों की आत्महत्या की कई खबरें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स, परिवारों के बयानों और पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक, 3 मई को हुई परीक्षा रद्द होने और 21 जून को होने वाले री-एग्जाम के बीच कम से कम 11 नीट अभ्यर्थियों की मौत की खबरें सामने आई हैं।</p><p>हालांकि इन सभी मामलों की जांच जारी है और कई मामलों में किसी एक वजह को आधिकारिक तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है, लेकिन परिवारों के बयान, बरामद नोट्स और पुलिस जांच में बार-बार परीक्षा से जुड़ा तनाव, अनिश्चितता और मानसिक दबाव सामने आया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">तमिलनाडु के कोयंबटूर में 19 वर्षीय छात्रा अनुकीर्तना की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह पढ़ाई में बेहद होनहार थी और री-एग्जाम को लेकर दबाव महसूस कर रही थी।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>NEET सिर्फ एक परीक्षा नहीं बल्कि छात्रों का भविष्य</b></span></p><p>राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात से भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां परिवारों ने परीक्षा रद्द होने के बाद बढ़े तनाव और चिंता की बात कही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसी बीच नागरिक समाज संगठनों और छात्र समूहों ने मांग की है कि ऐसे परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए और परीक्षा से जुड़े मानसिक दबाव को कम करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता तंत्र को मजबूत किया जाए।&nbsp;&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">क्योंकि यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं है। यह लाखों युवाओं के सपनों, उनके आत्मविश्वास और उनके भविष्य का सवाल है।</span></p><p>नीट री-एग्जाम से पहले एक ऐसा कदम उठाया गया, जिसने डिजिटल दुनिया से लेकर अदालत तक बड़ी बहस छेड़ दी है। केंद्र सरकार की सिफारिश पर टेलीग्राम के इस्तेमाल पर अस्थायी रोक लगाई गई है। सरकार का आरोप है कि इसी प्लेटफॉर्म पर कई चैनलों और ग्रुप्स के जरिए फर्जी प्रश्नपत्र बेचने, छात्रों को गुमराह करने और पेपर लीक का नेटवर्क चलाया जा रहा था।</p><p><b>टेलीग्राम के इस्तेमाल पर रोक ने छेड़ी बड़ी बहस</b></p><p>दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस अस्थायी रोक को बरकरार रखते हुए कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और लाखों छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।<span style="font-size: 1rem;">लेकिन क्या किसी एक ऐप पर रोक लगाने से पेपर लीक रुक जाएगा?&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सरकार ने अदालत में दावा किया कि टेलीग्राम के कुछ फीचर्स, खासकर मैसेज एडिटिंग और मल्टीपल बॉट्स की सुविधा का दुरुपयोग किया जा रहा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, एक अकाउंट से कई बॉट बनाए जा सकते हैं, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।</span></p><p>जांच में ऐसे कई चैनलों की पहचान की गई, जिनके नाम 'री-नीट माफिया', 'पेपर लीक' और 'प्राइवेट माफिया' जैसे थे। आरोप है कि ये चैनल पुराने संदेशों को एडिट कर छात्रों को यह भरोसा दिलाते थे कि प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो चुका है और उनसे मोटी रकम वसूलते थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">टेलीग्राम का कहना है कि उसने सैकड़ों संदिग्ध लिंक हटाए हैं और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग किया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या किसी एक ऐप पर रोक लगाने से समस्या खत्म हो जाएगी?&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">तकनीक बदलती रहेगी। प्लेटफॉर्म बदलते रहेंगे। लेकिन जब तक परीक्षा माफिया के पूरे नेटवर्क को खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक युवाओं के सपनों पर मंडराता यह खतरा बना रहेगा।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>NEET विवाद बना राजनीतिक मुद्दा बना</b></span></p><p>नीट विवाद अब परीक्षा केंद्रों से निकलकर देश की राजनीति में पहुंच चुका है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोटा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के नाम पर छात्रों और उनके परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कांग्रेस का आरोप है कि परीक्षा माफिया के खिलाफ समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।</span></p><p>दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक करार दिया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि विपक्ष छात्रों की चिंता से ज्यादा राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। कोटा में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया।</p><p><b>देश की परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय हो</b></p><p>राजनीति के इस शोर के बीच सरकार 21 जून को होने वाले री-एग्जाम को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने का दावा कर रही है। देशभर के परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों, जैमर, बायोमेट्रिक सत्यापन और जीपीएस ट्रैकिंग जैसी तकनीकों के जरिए हर चरण पर निगरानी रखी जा रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">लेकिन, सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है… क्या सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने से भरोसा वापस आ जाएगा? या फिर अब समय आ गया है कि देश की परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय की जाए?</span></p><p><b>सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>क्या पेपर लीक को सिर्फ परीक्षा से जुड़ा अपराध मानना पर्याप्त है? या इसे युवाओं के भविष्य के खिलाफ संगठित अपराध की श्रेणी में रखा जाना चाहिए?&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नीट विवाद अब परीक्षा केंद्रों से निकलकर देश की राजनीति में भी पहुंच चुका है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोटा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के नाम पर छात्रों और उनके परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। प्रियंका गांधी ने दावा किया कि नीट की तैयारी और कोचिंग पर छात्रों और उनके परिवारों से करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च कराए गए, जो देश के कुल शिक्षा बजट के लगभग बराबर है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लाखों परिवार अपनी जमा-पूंजी बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर रहे हैं, तब सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रही है।</span></p><p>दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक करार दिया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि विपक्ष छात्रों की चिंता से ज्यादा राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। कोटा में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया।</p><p><b>संवेदनशील केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों की तैनाती</b></p><p>राजनीति के इस शोर के बीच सरकार 21 जून को होने वाले री-एग्जाम को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने का दावा कर रही है। देशभर के परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों, हाई-पावर जैमर, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और जीपीएस ट्रैकिंग जैसी तकनीकों के जरिए परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण पर निगरानी रखी जा रही है। प्रश्नपत्रों को डिजिटल लॉक वाले विशेष कंटेनरों में भेजा जा रहा है और कई संवेदनशील केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान तैनात किए गए हैं।</p><p>लेकिन, सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है… क्या सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने से छात्रों का भरोसा वापस आ जाएगा? या फिर अब समय आ गया है कि देश की परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय की जाए?&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नीट विवाद ने देश की कोचिंग व्यवस्था और शिक्षा के बढ़ते खर्च पर भी नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष का दावा है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी अब करोड़ों रुपये के उद्योग में बदल चुकी है, जहां लाखों परिवार अपनी बचत, कर्ज और उम्मीदों के सहारे बच्चों के सपनों को पूरा करने की कोशिश करते हैं।</span></p><p><b>सवाल सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, भरोसे का भी है</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ सुरक्षा बढ़ा देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। परीक्षा प्रणाली में तकनीकी सुधार, जवाबदेही तय करना और पेपर लीक के मामलों में त्वरित सजा सुनिश्चित करना उतना ही जरूरी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कई विशेषज्ञ और संसदीय समितियां लंबे समय से सुझाव दे रही हैं कि नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं को साल में एक से अधिक बार आयोजित करने, डिजिटल एन्क्रिप्शन आधारित प्रश्नपत्र वितरण प्रणाली अपनाने और परीक्षा संचालन के लिए स्वतंत्र निगरानी तंत्र बनाने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।</span></p><p>क्योंकि... सवाल सिर्फ एक परीक्षा का नहीं है। सवाल उस भरोसे का है, जिस पर करोड़ों युवाओं का भविष्य टिका हुआ है। 21 जून का री-एग्जाम सिर्फ छात्रों की नहीं, बल्कि देश की पूरी परीक्षा व्यवस्था की भी अग्निपरीक्षा है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक ने बदल दी लाखों छात्रों की किस्मत, जानिए पूरा घटनाक्रम... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-aspirant-avantika-maurya-death-indore-investigation-5041 ]]></guid><title><![CDATA[ डॉक्टर बनने का सपना अधूरा, इंदौर में NEET की तैयारी कर रही छात्रा का निधन, जांच शुरू... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-aspirant-avantika-maurya-death-indore-investigation-5041 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 20 Jun 2026 13:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ इंदौर, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के इंदौर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान अवंतिका मौर्य के रूप में हुई है, जो पिछले तीन वर्षों स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>इंदौर, मध्य प्रदेश:</b> मध्य प्रदेश के इंदौर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान अवंतिका मौर्य के रूप में हुई है, जो पिछले तीन वर्षों से डॉक्टर बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए तैयारी कर रही थीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है।</span></p><p>जानकारी के अनुसार, अवंतिका मौर्य मूल रूप से धार जिले के बलवारी खुर्द की रहने वाली थीं और पिछले तीन वर्षों से इंदौर में अपनी बड़ी बहन डॉ. सपना मौर्य के साथ रहकर NEET की तैयारी कर रही थीं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अवंतिका के पिता ने अन्य NEET अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से सकारात्मक सोच बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं जीवन का एक हिस्सा हैं और भविष्य में आगे बढ़ने के कई अवसर मिलते हैं।</span></p><p><b>अवंतिका का लक्ष्य डॉक्टर बनना था</b></p><p>परिजनों के अनुसार, अवंतिका पहले से फार्मेसी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं, लेकिन उनका लक्ष्य डॉक्टर बनना था। इसी उद्देश्य से वह लगातार मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटी हुई थीं।<span style="font-size: 1rem;">घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Madhya Pradesh: NEET aspirant allegedly dies by suicide after falling from building in Indore&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story I &lt;a href="https://t.co/GEHw5xGchK"&gt;https://t.co/GEHw5xGchK&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/MadhyaPradesh?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#MadhyaPradesh&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Dhar?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Dhar&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/suicide?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#suicide&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/NEETaspirant?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEETaspirant&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/CzT1PEqeRz"&gt;pic.twitter.com/CzT1PEqeRz&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2068230832985428452?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>परिवार ने जताई मानसिक तनाव की आशंका</b></p><p>परिवार का कहना है कि हाल के दिनों में अवंतिका मानसिक तनाव में दिखाई दे रही थीं। हालांकि, उनकी मौत के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अवंतिका के पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य, जो खरगोन जिले के भीकनगांव में मेडिकल अधिकारी हैं, उन्होंने बताया कि पूरा परिवार उन्हें डॉक्टर बनते देखना चाहता था। उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं है और जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।</span></p><p><b>पुलिस कर रही है जांच</b></p><p>मामले की सभी संभावित पहलुओं से जांच की जा रही है। <span style="font-size: 1rem;">भंवरकुआं थाने के SHO संतोष दूधी ने बताया, "गणेश नगर में रहने वाली एक छात्रा पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी कर रही थी। कल शाम मोबाइल पर बात करते हुए ऊपर जाते समय वह छत से गिर गई। मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है कि यह हादसा था या आत्महत्या।"</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम हो चुका है और उसके मोबाइल की जांच की जा रही है ताकि पता चल सके कि उस समय वह किससे बात कर रही थी। वह कोचिंग ले रही थी और पहले भी NEET की परीक्षा दे चुकी थी। परिवार वालों ने बताया कि वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे रही थी और उन्हें आत्महत्या की किसी वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Indore, MP: On NEET aspirant falls from 3rd floor, dies, SHO Bhanwarkuwa, Santosh Dudhi says, &amp;quot;... A student living in Ganesh Nagar was studying and preparing for exams. Yesterday evening, while talking on her mobile and going upstairs, she fell from the roof. A case has… &lt;a href="https://t.co/SU23nDlPsg"&gt;pic.twitter.com/SU23nDlPsg&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) &lt;a href="https://x.com/ANI_MP_CG_RJ/status/2068168046460686442?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ डॉक्टर बनने का सपना अधूरा, इंदौर में NEET की तैयारी कर रही छात्रा का निधन, जांच शुरू... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/khan-sir-bail-hearing-final-arguments-on-june-25-5039 ]]></guid><title><![CDATA[ पटना कोर्ट में खान सर केस की अगली सुनवाई 25 जून को, तब तक राहत बरकरार... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/khan-sir-bail-hearing-final-arguments-on-june-25-5039 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 20 Jun 2026 12:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ पटना, बिहार: चर्चित शिक्षाविद खान सर से जुड़े कोचिंग संस्थान फायरिंग मामले में पटना कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम बहस के लिए 25 जून की तारीख तय की है। यह जानकारी खान सर की ओर से पैरवी कर रहे अ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>पटना, बिहार:</b> चर्चित शिक्षाविद खान सर से जुड़े कोचिंग संस्थान फायरिंग मामले में पटना कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम बहस के लिए 25 जून की तारीख तय की है। यह जानकारी खान सर की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अरविंद कुमार मावर ने दी।</span></p><p>उन्होंने बताया कि अदालत द्वारा मांगी गई केस डायरी पुलिस ने प्रस्तुत कर दी है और उसे तैयारी के लिए लोक अभियोजक (पब्लिक प्रॉसीक्यूटर) को सौंपा गया है। यह डायरी 23 जून को वापस अदालत में प्रस्तुत की जाएगी, जिसके बाद 25 जून को अंतिम बहस होगी।</p><p><b>25 जून को जमानत पर होगा फैसला</b></p><p>अधिवक्ता अरविंद कुमार मावर ने कहा, “जज साहब द्वारा मांगी गई केस डायरी पुलिस ने जमा कर दी है। इसे लोक अभियोजक को तैयारी के लिए दिया गया है और 23 जून को वापस किया जाएगा। <b>अंतिम बहस के लिए 25 जून की तारीख तय की गई है।</b> तब तक वर्तमान राहत जारी रहेगी।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों सुरक्षाकर्मियों की जमानत याचिका पर भी उसी दिन सुनवाई होगी, क्योंकि सभी मामले आपस में जुड़े हुए हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Patna, Bihar: On educator Khan sir&amp;#39;s case, Advocate Arvind Kumar Mawar says, &amp;quot;... During the hearing, the case diary requested by the judge was submitted by the police and handed to the public prosecutor for preparation. It will be returned on the 23rd, and the next date… &lt;a href="https://t.co/z7gQsJt0W4"&gt;https://t.co/z7gQsJt0W4&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/va6OJB577T"&gt;pic.twitter.com/va6OJB577T&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2068200111612874980?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>खान सर को मिली है अंतरिम राहत</b></p><p>इससे पहले पटना की अदालत ने खान सर को अंतरिम राहत देते हुए पुलिस को निर्देश दिया था कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई कठोर या जबरन कार्रवाई न की जाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अदालत के इस आदेश के बाद फिलहाल खान सर को गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है।</span></p><p><b>क्या है पूरा मामला?</b></p><p>यह मामला 2 जून की रात पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान के बाहर हुई तोड़फोड़ और कथित फायरिंग की घटना से जुड़ा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों ने संस्थान पर पथराव और तोड़फोड़ की थी। जांच के दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें दो लोगों को हवाई फायरिंग करते हुए देखा गया।</span></p><p><b>दो सुरक्षाकर्मी गिरफ्तार</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>वीडियो की जांच के आधार पर पुलिस ने संस्थान से जुड़े दो सुरक्षाकर्मियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद घटनाक्रम और बरामद हथियारों की जांच के आधार पर पुलिस ने खान सर सहित तीन लोगों को एफआईआर में नामजद किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन पर उकसावे (Abetment) और शस्त्र अधिनियम (Arms Act) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।</span></i></b></p><p><b>25 जून पर टिकी सभी की नजरें</b></p><p>अब इस मामले में 25 जून की सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। इसी दिन अदालत खान सर की अग्रिम जमानत याचिका और गिरफ्तार सुरक्षाकर्मियों की जमानत पर अंतिम निर्णय ले सकती है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ पटना कोर्ट में खान सर केस की अगली सुनवाई 25 जून को, तब तक राहत बरकरार... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/nta-corrects-neet-ug-2026-centre-allotment-nagpur-student-5037 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET एडमिट कार्ड में गड़बड़ी दूर, नागपुर के छात्र को मिली राहत, अब नहीं जाना पड़ेगा अबू धाबी... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/nta-corrects-neet-ug-2026-centre-allotment-nagpur-student-5037 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 20 Jun 2026 11:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नागपुर, महाराष्ट्र: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने उस विवाद को सुलझा लिया है, जिसमें नागपुर के एक छात्र को NEET-UG 2026 री-एग्जाम के लिए गलती से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में परीक्षा कें ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नागपुर, महाराष्ट्र:</b> राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने उस विवाद को सुलझा लिया है, जिसमें नागपुर के एक छात्र को NEET-UG 2026 री-एग्जाम के लिए गलती से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया था। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने शनिवार को स्पष्ट किया कि छात्र को अब नागपुर में ही नया परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है।</span></p><p>मीडिया से बातचीत में अभिषेक सिंह ने कहा, “यह समस्या अब पूरी तरह सुलझा ली गई है और उम्मीदवार को नागपुर में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यह मामला तब सामने आया जब नागपुर के एक छात्र ने<b> NEET-UG 2026 री-एग्जाम</b> के लिए अपना नया एडमिट कार्ड डाउनलोड किया।</span></p><p><b>एडमिट कार्ड देखकर परिवार रह गया था हैरान</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"> </span></p><p><span style="font-size: 1rem;">जानकारी के अनुसार, छात्र को पहले आयोजित परीक्षा के लिए नागपुर स्थित सरस्वती विद्यालय में केंद्र मिला था, लेकिन री-एग्जाम के एडमिट कार्ड में उसका केंद्र अचानक अबू धाबी इंडियन स्कूल, UAE दर्शाया गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">छात्र और उसके परिवार के लिए यह बड़ा झटका था, क्योंकि आवेदन के दौरान छात्र ने अपनी पहली पसंद नागपुर, दूसरी वर्धा और तीसरी भंडारा चुनी थी।</span></p><p><b>परिवार ने जताई थी चिंता</b></p><p>छात्र के पिता मोहम्मद तालिब ने कहा था कि उनके बेटे के पास पासपोर्ट तक नहीं है और परीक्षा से ठीक पहले विदेश जाकर परीक्षा देना संभव नहीं है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “हम अपने बच्चे को परीक्षा देने के लिए विदेश नहीं भेज सकते। उसके पास पासपोर्ट भी नहीं है और यात्रा की तैयारी के लिए समय भी नहीं बचा है।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Nagpur, Mahrashtra: Family of a NEET aspirant, Abdullah Mohammad Talib, claims that he was allocated a school in Abu Dhabi as his exam center for NEET-UG re-exam scheduled to be held on 21st June.&lt;br&gt;&lt;br&gt;His father, Mohammad Talib, says, &amp;quot;...After the admit card was downloaded… &lt;a href="https://t.co/EmFqhIFVRK"&gt;pic.twitter.com/EmFqhIFVRK&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2068183173062922435?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>शिकायत के बाद NTA ने लिया संज्ञान</b></p><p>परिवार ने NTA हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने मामले की जांच शुरू की और गलती स्वीकार करते हुए संशोधित एडमिट कार्ड जारी करने का आश्वासन दिया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अब NTA ने पुष्टि की है कि छात्र को नागपुर में ही परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली है।</span></p><p><b>NTA की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>महाराष्ट्र के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. अनीस अहमद ने इस घटना को परीक्षा प्रबंधन में गंभीर लापरवाही बताते हुए NTA की आलोचना की थी। उन्होंने मांग की थी कि छात्र को तुरंत नागपुर या आसपास के किसी शहर में केंद्र आवंटित किया जाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस घटना ने NTA की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर ऐसे समय में जब एजेंसी पहले से ही परीक्षा प्रबंधन और पेपर लीक विवादों को लेकर जांच के दायरे में है।</span></i></b></p><p><b>21 जून को होगी री-एग्जाम</b></p><p>गौरतलब है कि प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। अब इसका पुनः आयोजन <b>21 जून को किया जाएगा</b>। NTA का दावा है कि इस बार परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं की गई हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET एडमिट कार्ड में गड़बड़ी दूर, नागपुर के छात्र को मिली राहत, अब नहीं जाना पड़ेगा अबू धाबी... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/khan-sir-gets-interim-relief-in-patna-coaching-firing-case-5036 ]]></guid><title><![CDATA[ पटना कोर्ट से खान सर को अंतरिम राहत, अगली सुनवाई तक नहीं होगी कोई सख्त कार्रवाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/khan-sir-gets-interim-relief-in-patna-coaching-firing-case-5036 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 20 Jun 2026 10:28:55 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ पटना, बिहार: बिहार के चर्चित शिक्षाविद खान सर को कोचिंग संस्थान फायरिंग मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना की एक अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>पटना, बिहार:</b> बिहार के चर्चित शिक्षाविद खान सर को कोचिंग संस्थान फायरिंग मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना की एक अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में पुलिस को निर्देश दिया कि मामले की अगली सुनवाई तक खान सर के खिलाफ कोई दंडात्मक या जबरन कार्रवाई न की जाए। इससे उन्हें फिलहाल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">यह मामला 2 जून की रात पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान के बाहर हुई <b>तोड़फोड़ और फायरिंग </b>की घटना से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, रात करीब 10:10 बजे कुछ लोगों ने संस्थान के बाहर पथराव और तोड़फोड़ की थी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें तोड़फोड़ के बाद दो लोगों को हवाई फायरिंग करते हुए देखा गया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Bihar | Court grants interim relief to educator Khan Sir in hearing of his anticipatory bail plea. Court upholds the &amp;#39;no coercive action&amp;#39; order. Police have been directed not to take harsh action until the next hearing.&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2068177092089663608?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>वीडियो के आधार पर हुई कार्रवाई</b></p><p>पुलिस ने वीडियो फुटेज की जांच के बाद संस्थान से जुड़े दो सुरक्षाकर्मियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हथियारों की बरामदगी और घटनाक्रम की जांच के आधार पर पुलिस ने खान सर समेत तीन लोगों को एफआईआर में नामजद किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन पर उकसावे (Abetment) और शस्त्र अधिनियम (Arms Act) से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।</span></p><p><b>पुलिस ने छात्रों से की अपील</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>मामले के बाद पटना पुलिस ने छात्रों से भी अपील की है कि वे विभिन्न कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा या कथित पेशेवर विवादों से प्रभावित न हों।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और अपराध नियंत्रण को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।</span></i></b></p><p><b>अगली सुनवाई पर टिकी नजरें</b></p><p>पटना कोर्ट द्वारा दी गई अंतरिम राहत के बाद अब सभी की नजर मामले की अगली सुनवाई पर है। अदालत के अंतिम निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि खान सर को स्थायी राहत मिलती है या मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ पटना कोर्ट से खान सर को अंतरिम राहत, अगली सुनवाई तक नहीं होगी कोई सख्त कार्रवाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/arvind-kejriwal-message-for-neet-ug-2026-re-exam-students-5030 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET री-एग्जाम से पहले छात्रों को केजरीवाल का संदेश, बोले- 'शांत मन से दें परीक्षा' ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/arvind-kejriwal-message-for-neet-ug-2026-re-exam-students-5030 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 19 Jun 2026 14:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने छात्रों से तनाव मुक्त होकर  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने छात्रों से तनाव मुक्त होकर परीक्षा देने और अपनी मेहनत पर भरोसा रखने की अपील की।</span></p><p>सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए केजरीवाल ने लिखा, <b><i>“हैलो बच्चों! आपकी NEET परीक्षा के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं। अब अपना सारा तनाव एक तरफ रख दीजिए। अपनी मेहनत पर भरोसा रखिए और पूरी शांति के साथ परीक्षा दीजिए। आप यह कर सकते हैं।”</i></b>&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश भी जारी किया, जिसमें उन्होंने छात्रों की कठिनाइयों को स्वीकार करते हुए कहा कि एक ही महीने में दो बार परीक्षा देना आसान नहीं होता।</span></p><p><b>‘एक महीने में दो बार परीक्षा देना मजाक नहीं’</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">अरविंद केजरीवाल ने&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">कहा, “इस रविवार को NEET परीक्षा है। मुझे पता है कि आप सभी ने बहुत कुछ सहा है। एक महीने में दो बार परीक्षा देना कोई मजाक नहीं है। लेकिन अब उन बातों को पीछे छोड़ दीजिए और पूरी लगन से पढ़ाई पर ध्यान दीजिए। अब सिर्फ कुछ घंटे बचे हैं। शांत और सकारात्मक मन से परीक्षा देने जाइए।” इसके आगे&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, <b><i>“मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी शानदार प्रदर्शन करेंगे। आप NEET पास करेंगे और अच्छे डॉक्टर बनेंगे। आप सभी को मेरी शुभकामनाएं। ईश्वर आपका भला करे।”</i></b></span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Hello Bachchon! All the best for your NEET exam.&lt;br&gt;&lt;br&gt;Saara stress ab side mein rakh do. Apni mehnat par bharosa rakho aur bilkul shant mann se exam dena. You’ve got this 👍 &lt;a href="https://t.co/o1XLiwINvQ"&gt;pic.twitter.com/o1XLiwINvQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) &lt;a href="https://x.com/ArvindKejriwal/status/2067850243618799808?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>NTA ने भी छात्रों से की अपील</b></p><p>इससे पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने भी NEET-UG 2026 री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों के लिए एक संदेश जारी किया था। एजेंसी ने छात्रों से शांत रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA ने कहा, “परीक्षा अब केवल तीन दिन दूर है। आपने कड़ी मेहनत की है, तैयारी की है और अब समय है कि आप अपनी मेहनत पर भरोसा करें। शांत रहें, पर्याप्त आराम करें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।”</span></p><p><b>अफवाहों से दूर रहने की सलाह</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>NTA ने स्पष्ट किया कि परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 जून को ही आयोजित होगी और किसी भी प्रकार के स्थगन की अफवाहों पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">एजेंसी ने कहा, “सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से प्रभावित न हों। केवल NTA की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।”</span></i></b></p><p><b>पेपर लीक के आरोपों के बाद हो रही री-एग्जाम</b></p><p>गौरतलब है कि पिछले महीने आयोजित NEET परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए 21 जून को पुनः परीक्षा कराने का निर्णय लिया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA का कहना है कि पिछली परीक्षा से मिले अनुभवों के आधार पर इस बार सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है ताकि सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष माहौल मिल सके।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET री-एग्जाम से पहले छात्रों को केजरीवाल का संदेश, बोले- 'शांत मन से दें परीक्षा' ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/telegram-restricted-india-neet-ug-reexam-fraud-prevention-4995 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG री-एग्जाम से पहले भारत में टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, NTA का बड़ा फैसला ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/telegram-restricted-india-neet-ug-reexam-fraud-prevention-4995 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 16 Jun 2026 11:32:03 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET&nbsp;(UG) 2026 री-एग्जाम को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने के लिए भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म की पहुंच को 22 जून 2026 तक अस्थायी रूप से प ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET&nbsp;(UG) 2026 री-एग्जाम को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने के लिए भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म की पहुंच को 22 जून 2026 तक अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। यह निर्णय परीक्षा के दिन और उसके तुरंत बाद कथित पेपर लीक से जुड़े फर्जी दावों तथा संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है।</span></p><p>इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और उच्च शिक्षा विभाग की सिफारिशों के आधार पर यह निर्देश जारी किए हैं। NTA के अनुसार, यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत की गई है।</p><p><b>टेलीग्राम के कुछ फीचर्स का इस्तेमाल गिरोह करता है</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">NTA ने बताया कि टेलीग्राम के कुछ फीचर्स का उपयोग कथित तौर पर ऐसे गिरोहों द्वारा किया जा रहा था, जो परीक्षा समाप्त होने के बाद पुराने संदेशों को संपादित कर वास्तविक प्रश्नपत्र जोड़ देते थे और फिर उसे परीक्षा से पहले पेपर लीक होने के कथित सबूत के रूप में प्रसारित करते थे।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इसी को ध्यान में रखते हुए MeitY ने टेलीग्राम को भारत में पहले से पोस्ट किए गए संदेशों के लिए मैसेज एडिटिंग फीचर भी 30 जून 2026 तक निष्क्रिय करने का निर्देश दिया है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The National Testing Agency (NTA) has welcomed the Ministry of Electronics and IT&amp;#39;s directions restricting Telegram access in India until June 22, 2026, ahead of the NEET (UG) 2026 re-examination on June 21 &lt;a href="https://t.co/TkCFPQjl29"&gt;pic.twitter.com/TkCFPQjl29&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2066746803551347114?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 16, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>21 जून को आयोजित NEET री-एग्जाम को ध्यान में रखकर लिया फैसला</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">NTA ने कहा कि ये दोनों कदम सीमित अवधि और विशेष उद्देश्य के लिए उठाए गए हैं। एजेंसी के मुताबिक, 21 जून 2026 को होने वाली&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">NEET (UG)</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों को धोखाधड़ी और फर्जी पेपर लीक दावों से बचाने के लिए यह कदम आवश्यक समझा गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इससे पहले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) और विभिन्न राज्यों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने कई फर्जी टेलीग्राम चैनलों, ग्रुप्स और बॉट्स के खिलाफ कार्रवाई की थी। बिहार, गुजरात और राजस्थान की एजेंसियों ने ऐसे कई चैनलों की पहचान की थी, जो छात्रों और अभिभावकों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की मांग कर रहे थे।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>टेलीग्राम के 8 चैनल्स का संचालकों की हुई गिरफ्तारी</b></span></p><p>हाल ही में अहमदाबाद साइबर क्राइम शाखा ने एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए आठ ऐसे चैनल्स का संचालन करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में लगभग 1.5 करोड़ रुपये के लेन-देन का पता चला था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA ने स्पष्ट किया कि चैनल-दर-चैनल कार्रवाई के बावजूद पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने के कारण यह अस्थायी प्लेटफॉर्म-स्तरीय प्रतिबंध अंतिम विकल्प के रूप में लागू किया गया।</span></p><p>एजेंसी ने यह भी माना कि इस फैसले से टेलीग्राम का वैध और नियमित उपयोग करने वाले लाखों लोगों को असुविधा हो सकती है। हालांकि, उसने दोहराया कि परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित है और प्रश्नपत्र निर्धारित सुरक्षा श्रृंखला के बाहर उपलब्ध नहीं है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA के अनुसार, NEET (UG) 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG री-एग्जाम से पहले भारत में टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, NTA का बड़ा फैसला ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-cbi-jail-interrogation-court-order-4989 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI को मिली अनुमति, तीनों आरोपियों से जेल में होगी पूछताछ... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-cbi-jail-interrogation-court-order-4989 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 15 Jun 2026 16:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को बड़ा कानूनी समर्थन मिला है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई की उस याचिका को मंजूरी दे दी है, जिसमें तीन आरोपियों से न् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को बड़ा कानूनी समर्थन मिला है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई की उस याचिका को मंजूरी दे दी है, जिसमें तीन आरोपियों से न्यायिक हिरासत के दौरान जेल में पूछताछ करने की अनुमति मांगी गई थी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अवकाशकालीन न्यायाधीश सुरेंद्र मोहित सिंह ने सीबीआई को आरोपी मनीषा वाघमारे, शुभम खैरनार और धनंजय लोखंडे से <b>17 जून से 19 जून तक</b> जेल में पूछताछ करने की अनुमति दी। अदालत ने प्रत्येक दिन एक घंटे की पूछताछ की इजाजत दी है।</span></p><p>साथ ही अदालत ने मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों मंगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, धनंजय लोखंडे, शुभम खैरनार, डॉ. मनोज शिरुरे, तेजस हर्षद कुमार, मनीषा वाघमारे और मनीषा हवालदार की न्यायिक हिरासत 29 जून तक बढ़ा दी है।</p><p><b>वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पेश हुए आरोपी&nbsp;</b></p><p>सभी आरोपियों को तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक वी.के. पाठक और जांच अधिकारी बी.पी. राजू अदालत में उपस्थित हुए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीबीआई ने अदालत को बताया कि कुछ गवाहों के बयानों में नए तथ्य सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि इन तीन आरोपियों से पूछताछ करके की जानी आवश्यक है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;STORY | NEET paper leak: Court allows CBI to quiz 3 accused in jail&lt;br&gt;&lt;br&gt;A court here on Monday allowed the CBI’s plea to question three accused in jail in the NEET paper leak case. Duty judge Surender Mohit Singh was hearing the agency’s plea to question in judicial custody three… &lt;a href="https://t.co/dGGiSmRIQN"&gt;pic.twitter.com/dGGiSmRIQN&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2066425923990397125?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 15, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>इस मामले में 12 मई को दर्ज हुई FIR</b></span></p><p>मामले में 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी मंगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए NEET&nbsp; प्रश्नपत्र हासिल करने के उद्देश्य से शुभम खैरनार से संपर्क किया था। जांच के दौरान मंगीलाल के मोबाइल फोन से कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र भी बरामद किया गया।</span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">CBI का दावा,&nbsp;</span>₹<span style="font-size: 1rem;">10 लाख में प्रश्नपत्र का सौदा</span></b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>सीबीआई का दावा है कि मंगीलाल को यश यादव के माध्यम से 10 लाख रुपये के सौदे में लीक प्रश्नपत्र मिला था। पूछताछ में विकास बिवाल ने बताया कि उसकी मुलाकात राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान यश यादव से हुई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच में यह भी सामने आया है कि शुभम खैरनार ने कथित तौर पर सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को उपलब्ध कराया, जिसके बाद यह मंगीलाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल तक पहुंचा। सीबीआई के अनुसार, मंगीलाल ने बाद में यही प्रश्नपत्र अन्य अभ्यर्थियों को लगभग 12 लाख रुपये में बेचा।</span></i></b></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>आरोपी यश यादव की अंतरिम जमानत पर 16 जून को होगी सुनवाई</b></span></p><p>इस बीच, अदालत ने 9 जून को मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वहीं, आरोपी यश यादव की अंतरिम जमानत याचिका पर 16 जून को सुनवाई होनी है। याचिका में उसने 21 जून को होने वाली NEET-UG परीक्षा में शामिल होने और अपनी बहन की शादी में उपस्थित होने के लिए अंतरिम राहत की मांग की है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और सीबीआई इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI को मिली अनुमति, तीनों आरोपियों से जेल में होगी पूछताछ... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ncert-dancing-girl-image-change-class-9-textbook-4986 ]]></guid><title><![CDATA[ NCERT की नई किताब में बदली गई सिंधु घाटी की ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर, उठा विवाद ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ncert-dancing-girl-image-change-class-9-textbook-4986 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 15 Jun 2026 14:25:57 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की नई कक्षा 9 कला शिक्षा की पाठ्यपुस्तक में सिंधु घाटी सभ्यता की प्रसिद्ध ‘डांसिंग गर्ल’ प्रतिमा की तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की नई कक्षा 9 कला शिक्षा की पाठ्यपुस्तक में सिंधु घाटी सभ्यता की प्रसिद्ध ‘डांसिंग गर्ल’ प्रतिमा की तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पुस्तक में प्रकाशित तस्वीर में प्रतिमा के रंग और स्वरूप में बदलाव किया गया है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मोहनजो-दड़ो</span>&nbsp;से प्राप्त लगभग 4500 वर्ष पुरानी कांस्य प्रतिमा भारतीय इतिहास और पुरातत्व की सबसे प्रसिद्ध धरोहरों में गिनी जाती है। दशकों से यह प्रतिमा विभिन्न स्कूली पाठ्यपुस्तकों में अपने मूल स्वरूप में दिखाई जाती रही है। हालांकि नई पुस्तक में इसका रंग पहले की तुलना में अधिक गहरा दिखाया गया है और शरीर के कुछ हिस्सों को ढका हुआ दर्शाया गया है।</p><p><b><span style="font-size: 1rem;">कक्षा 1 से 9 तक की पुस्तकें जारी की जा चुकी हैं</span>&nbsp;</b></p><p>यह चित्र NCERT की पहली कला शिक्षा श्रृंखला का हिस्सा है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के तहत कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। अब तक कक्षा 1 से 9 तक की पुस्तकें जारी की जा चुकी हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मूल ‘डांसिंग गर्ल’ प्रतिमा की ऊंचाई लगभग 10.5 सेंटीमीटर है। यह कांस्य से बनी है और अपनी प्राकृतिक कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए जानी जाती है। प्रतिमा में एक हाथ पर कई चूड़ियां और गले में हार दिखाई देता है, जबकि बाकी शरीर बिना वस्त्र के दर्शाया गया है।</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/Mohenjo-Daro_c130f6c48371107b21a8908ce80477c8_1600X1200.webp" style="width: 910.383px;"><b>NCERT के निदेशक से नहीं आया कोई जवाब</b><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p>इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए NCERT के निदेशक दिनेश सकलानी से संपर्क किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, NCERT के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि मामले को पाठ्यपुस्तक विकास टीम के पास समीक्षा के लिए भेज दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि फिलहाल तस्वीर में बदलाव के पीछे कोई विशेष कारण सामने नहीं आया है। उन्होंने यह भी बताया कि कक्षा 6 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में ‘डांसिंग गर्ल’ को उसके मूल स्वरूप में ही प्रकाशित किया गया है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>मोहनजो-दड़ो</b></span><b>&nbsp;की प्रतिमा से जुड़ा विवाद पहले भी आया है सामने</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i><span style="font-size: 1rem;">यह पहली बार नहीं है जब&nbsp;</span>मोहनजो-दड़ो&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">की यह प्रसिद्ध प्रतिमा विवादों में आई हो। मई 2023 में अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित इंटरनेशनल म्यूजियम एक्सपो का उद्घाटन किया था। इस दौरान कार्यक्रम के शुभंकर के रूप में ‘डांसिंग गर्ल’ का आधुनिक रूप पेश किया गया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उस समय आयोजकों ने इसे प्राचीन प्रतिमा की समकालीन व्याख्या बताया था, लेकिन कई इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इसकी आलोचना की थी। आलोचकों का कहना था कि मूल प्रतिमा के स्वरूप में काफी बदलाव किया गया है। जहां प्राचीन कांस्य प्रतिमा गहरे रंग की और लगभग निर्वस्त्र दिखाई देती है, वहीं शुभंकर को हल्के रंग और आधुनिक परिधान में प्रस्तुत किया गया था।</span></i></b></p><p><b>कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने सरकार पर उठाए सवाल</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">इंडियन नेशनल कांग्रेस की&nbsp;</span>राष्ट्रीय प्रवक्ता&nbsp;डॉ. शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा पर सवाल उठाए। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, "<span style="font-size: 1rem;">NCERT की कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में मोहनजो-दड़ो की 'डांसिंग गर्ल' की तस्वीर छपी है, जिसमें उसका धड़ ढका हुआ है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">ऐसे समय में जब NEET पेपर लीक और CBSE OSM में गड़बड़ी जैसे मुद्दे सामने आ रहे हैं, शिक्षा मंत्रालय इन चीज़ों को प्राथमिकता दे रहा है। हर जगह अयोग्य और अक्षम लोग अहम पदों पर बैठे हैं। @dpradhanbjp को शर्म आनी चाहिए!"</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The image of the Mohenjo-daro Dancing Girl has appeared with its torso covered in an NCERT Class 9 textbook.&lt;br&gt;&lt;br&gt;At a time when there are issues like NEET paper leaks and CBSE OSM discrepancies, this is what the Ministry of Education is prioritising. Uneducated and incompetent… &lt;a href="https://t.co/zn4B1qYkuh"&gt;pic.twitter.com/zn4B1qYkuh&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Dr. Shama Mohamed (@drshamamohd) &lt;a href="https://x.com/drshamamohd/status/2066385108442153269?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 15, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>कक्षा-9 की पाठ्यपुस्तक को लेकर बहस शुरू</b></p><p>अब कक्षा 9 की नई पाठ्यपुस्तक में प्रकाशित तस्वीर को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों और शिक्षाविदों का मानना है कि ऐतिहासिक धरोहरों को उनकी मूल पहचान और स्वरूप के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। वहीं, NCERT की समीक्षा टीम इस मामले की जांच कर रही है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NCERT की नई किताब में बदली गई सिंधु घाटी की ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर, उठा विवाद ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-yash-yadav-interim-bail-plea-4927 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक आरोपी यश यादव ने मांगी अंतरिम जमानत, अगली सुनवाई 12 जून को होगी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-yash-yadav-interim-bail-plea-4927 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 09 Jun 2026 18:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले के आरोपी यश यादव ने 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा में शामिल होने और अपनी बहन की शादी में उपस्थित रहने के लिए 15 दिनों की अंतरिम जमानत की मांग की है।&nbsp;म ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>NEET-UG पेपर लीक मामले के आरोपी यश यादव ने 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा में शामिल होने और अपनी बहन की शादी में उपस्थित रहने के लिए 15 दिनों की अंतरिम जमानत की मांग की है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मंगलवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने यश यादव की अंतरिम जमानत याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (</span>CBI<span style="font-size: 1rem;">) से जवाब मांगा।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">विशेष CBI न्यायाधीश अजय गुप्ता ने&nbsp;</span>CBI<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया और मामले की अगली सुनवाई 12 जून के लिए निर्धारित की है।</span><span style="font-size: 1rem;">सुनवाई के दौरान अदालत ने याद दिलाया कि 2 जून को यश यादव को NEET-UG परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने की अनुमति दी गई थी। अदालत ने यह भी नोट किया था कि पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित होनी है।&nbsp;</span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">यश यादव का&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">पक्ष&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अधिवक्ता कपिल यादव और अंबिका ने&nbsp; रखा</span></b></p><p><span style="font-size: 1rem;">यश यादव की ओर से अधिवक्ता कपिल यादव और अंबिका ने अदालत में पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने पहले बताया था कि यश यादव 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में शामिल हुआ था और पुनर्परीक्षा की तैयारी के लिए उसे अध्ययन सामग्री की आवश्यकता है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी पूछा था कि क्या राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने आरोपी होने के बावजूद यश यादव को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी है और क्या उसे प्रवेश पत्र जारी किया गया है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;NEET paper leak accused Yash Yadav has filed an interim bail application in the Rouse Avenue Court seeking permission to appear for the NEET exam and attend his sister&amp;#39;s wedding. The court has sought a response from the CBI and will hear the matter on June 12. Yadav has requested… &lt;a href="https://t.co/HpaKpON5qr"&gt;pic.twitter.com/HpaKpON5qr&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2064268160317190596?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>क्या है मामला?</b></p><p>मामले में 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच के अनुसार, मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए प्रश्नपत्र हासिल करने हेतु शुभम खैरनार से संपर्क किया था। इसके बाद कथित रूप से पेपर लीक का एक बड़ा नेटवर्क तैयार हुआ।</span></p><p><b>सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को मिला- CBI</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>CBI के अनुसार, शुभम खैरनार ने सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को उपलब्ध कराया। इसके बाद यश यादव ने इसे मांगीलाल बिवाल को दिया, जिसने आगे विकास बिवाल और फिर दिनेश बिवाल तक पहुंचाया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आरोप है कि मांगीलाल बिवाल ने यश यादव से 10 लाख रुपये में लीक प्रश्नपत्र प्राप्त किया था। पूछताछ में विकास बिवाल ने बताया कि उसकी मुलाकात यश यादव से राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान हुई थी।</span></i></b></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">मांगीलाल बिवाल ने&nbsp;</span>₹<span style="font-size: 1rem;">12 लाख लेकर प्रश्नपत्र अन्य अभ्यर्थियों तक पहुंचाया</span></b></p><p>जांच में यह भी सामने आया है कि मांगीलाल बिवाल ने कथित तौर पर करीब 12 लाख रुपये लेकर प्रश्नपत्र अन्य अभ्यर्थियों तक पहुंचाया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस मामले में सीबीआई कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, प्रह्लाद कुलकर्णी, मनीषा मांधारे, मनीषा संजय हवलदार, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, डॉ. मनोज शिरुरे और तेजस हर्षद कुमार शाह शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।</span></p><p><b>आरोपी मनीषा वाघमारे की जमानत अर्जी खारिज</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>वहीं, राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने NEET पेपर लीक मामले की आरोपी मनीषा वाघमारे की ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी है। वाघमारे के वकील ने दलील दी कि वह एक सर्टिफ़ाइड एजुकेशन काउंसलर हैं और ₹3.5 लाख का लेन-देन एक गिफ़्ट डीड के ज़रिए हुआ था। CBI ने ज़मानत का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पैसे के लिए प्रश्न-पत्र लीक किए और एक ब्यूटी पार्लर भी चलाया। कोर्ट ने CBI की दलीलों को मानते हुए ज़मानत देने से इनकार कर दिया।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The Rouse Avenue Court has rejected the bail plea of Manisha Waghmare, an accused in the NEET paper leak case. Waghmare&amp;#39;s counsel argued that she is a certified education counselor and that the ₹3.5 lakh transaction came from a gift deed. The CBI opposed bail, alleging she… &lt;a href="https://t.co/H2s7Q69Mjf"&gt;pic.twitter.com/H2s7Q69Mjf&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2064265913067884587?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक आरोपी यश यादव ने मांगी अंतरिम जमानत, अगली सुनवाई 12 जून को होगी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-verification-revaluation-portal-functional-2026-4911 ]]></guid><title><![CDATA[ 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने किया आवेदन, CBSE ने पोर्टल पर उठे सवालों का दिया जवाब ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-verification-revaluation-portal-functional-2026-4911 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 08 Jun 2026 14:12:19 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सोमवार को कहा कि सत्यापन (वेरिफिकेशन) और पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) के लिए आवेदन विंडो 2 जून से 7 जून 2026 तक पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित रही ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सोमवार को कहा कि सत्यापन (वेरिफिकेशन) और पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) के लिए आवेदन विंडो 2 जून से 7 जून 2026 तक पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित रही। इस दौरान 1.6 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने 3.8 लाख से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं के संबंध में सफलतापूर्वक आवेदन जमा किए।</span></p><p>उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) पोर्टल में सुरक्षा कमजोरियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद CBSE&nbsp;और कोएम्प्ट एडुटेक की आलोचना हुई थी। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह पोर्टल सरकारी तकनीकी एजेंसियों और आईआईटी की टीमों की निगरानी में संचालित किया गया।</p><p><b>CBSE ने सोशल मीडिया पर जारी किया बयान</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">CBSE</span>&nbsp;ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि निर्धारित अवधि के दौरान पोर्टल पूरी तरह कार्यरत रहा और बड़ी संख्या में छात्रों ने इसकी सेवाओं का उपयोग किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बोर्ड के अनुसार, पूरे संचालन काल में समर्पित साइबर सुरक्षा टीमों द्वारा सिस्टम की लगातार निगरानी की गई ताकि किसी भी प्रकार के साइबर हमले या संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके। इसके अलावा&nbsp;</span>CBSE<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;की विशेष टीमों ने हेल्पडेस्क और शिकायत निवारण चैनलों के माध्यम से छात्रों को सक्रिय सहायता भी प्रदान की।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Verification and Re-evaluation window remained fully functional, 1.6 lakh candidates submitted requests: CBSE&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/7g5S0JzpBi"&gt;https://t.co/7g5S0JzpBi&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/CBSE?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CBSE&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/OSMPortal?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#OSMPortal&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Reevaluation?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Reevaluation&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/vlzmq2gzPV"&gt;pic.twitter.com/vlzmq2gzPV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2063898114139005306?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 8, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>सोशल मीडिया पर पोर्टल के कामकाज को लेकर फैलाया भ्रम</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">CBSE</span>&nbsp;ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल वही छात्र सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के पात्र थे, जिन्होंने पहले चरण में उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी (स्कैन कॉपी) के लिए आवेदन किया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बोर्ड ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में पोर्टल के कामकाज को लेकर भ्रम फैलाया गया। "रोल नंबर नॉट फाउंड" संदेश उन छात्रों को दिखाई देता है जिन्होंने पहले चरण यानी उत्तर पुस्तिका फोटोकॉपी आवेदन प्रक्रिया में सफलतापूर्वक आवेदन नहीं किया था।</span></p><p><b>CBSE ने कोएम्प्ट एडुटेक के प्लेटफॉर्म का उपयोग किया बंद</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">CBSE</span>&nbsp;ने दोहराया कि वह पारदर्शी, छात्र-केंद्रित और सहज पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बोर्ड ने कहा कि छात्रों की सभी वास्तविक समस्याओं का समाधान हेल्पलाइन, शिकायत निवारण तंत्र और अन्य संचार माध्यमों के जरिए किया जा रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इससे पहले, CBSE&nbsp;के पोस्ट-रिजल्ट सिस्टम की सुरक्षा जांच करने वाले एक आईआईटी पैनल ने नए मूल्यांकन पोर्टल को सुरक्षा मंजूरी दी थी। यह नया पोर्टल तब विकसित किया गया जब पुराने पोर्टल में कई सुरक्षा खामियां मिलने के बाद CBSE&nbsp;ने कोएम्प्ट एडुटेक के प्लेटफॉर्म का उपयोग बंद करने का फैसला किया।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने किया आवेदन, CBSE ने पोर्टल पर उठे सवालों का दिया जवाब ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-new-revaluation-portal-iit-security-clearance-4908 ]]></guid><title><![CDATA[ CBSE री-इवैल्यूएशन के लिए नया पोर्टल मंजूर, IIT मद्रास और IIT कानपुर की अहम भूमिका... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-new-revaluation-portal-iit-security-clearance-4908 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 08 Jun 2026 12:10:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली:&nbsp;CBSE के पोस्ट-रिजल्ट सिस्टम की सुरक्षा जांच करने वाले IIT&nbsp;पैनल ने नए परीक्षक-उन्मुख पोर्टल को पूर्ण सुरक्षा मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही हजारों छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">नई दिल्ली:&nbsp;</b>CBSE<span style="font-size: 1rem;"> के पोस्ट-रिजल्ट सिस्टम की सुरक्षा जांच करने वाले </span>IIT<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;पैनल ने नए परीक्षक-उन्मुख पोर्टल को पूर्ण सुरक्षा मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही हजारों छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) का रास्ता साफ हो गया है।&nbsp;यह नया पोर्टल उस पुराने पोर्टल की जगह लाया गया है, जिसे कोएम्प्ट एडुटेक ने विकसित किया था। सुरक्षा जांच में उस पोर्टल में कई गंभीर कमजोरियां पाई गई थीं, जिसके बाद </span>CBSE<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;ने उसे इस्तेमाल न करने का फैसला लिया।</span></p><p>IIT पैनल के एक सदस्य ने बताया कि नया पोर्टल पुराने कोड के आधार पर तैयार किया गया है, लेकिन इसमें सुरक्षा के लिहाज से बड़े बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बदलाव कार्यक्षमता में नहीं, बल्कि सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किए गए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पैनल सदस्य के अनुसार पुराने पोर्टल में ऐसी कई सुरक्षा कमजोरियां थीं, जिनके जरिए डेटा और रिकॉर्ड तक अनधिकृत पहुंच संभव थी। यह एक गंभीर मामला था और सभी संभावित खामियों को दूर करने के लिए विस्तृत समीक्षा की गई।</span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">ऑन-स्क्रीन मार्किंग</span>&nbsp;पोर्टल में सामने आईं थी साइबर सुरक्षा संबंधी खामियां</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">कोएम्प्ट एडुटेक उस समय विवादों में आया था जब बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और मूल्यांकन के लिए उपयोग किए जाने वाले ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल में साइबर सुरक्षा संबंधी खामियां सामने आई थीं। कई व्हिसलब्लोअर्स ने भी इस सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल उठाए थे।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इन निष्कर्षों के बाद </span><span style="font-size: 1rem;">CBSE</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से जुड़े सभी डेटा और रिकॉर्ड को कंपनी के सर्वरों से हटाकर अपने नियंत्रण वाले सर्वरों में स्थानांतरित कर दिया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;IIT panel grants security clearance to examiner-facing CBSE evaluation portal&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/tutLY14Wen"&gt;https://t.co/tutLY14Wen&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/CBSE?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CBSE&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/IITPanel?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#IITPanel&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/CBSEEvaluationPortal?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CBSEEvaluationPortal&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/nKfsr86h3m"&gt;pic.twitter.com/nKfsr86h3m&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2063845782932123724?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 8, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>नए पोर्टल को बनाने में कई संस्थानों की भूमिका है</b></p><p>जब नए पोर्टल के विकासकर्ताओं के बारे में पूछा गया तो पैनल सदस्य ने बताया कि इसमें कई संस्थानों की भूमिका रही। डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (डीआईसी) और IIT मद्रास ने बेस कोड को बेहतर बनाने पर काम किया, जबकि IIT कानपुर ने सुरक्षा कमजोरियों की पहचान और परीक्षण किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस बीच, 7 जून पुनर्मूल्यांकन और अंकों के सत्यापन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि थी। </span>CBSE<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;ने अभी तक यह नहीं बताया है कि कुल कितने छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन का विकल्प चुना है।</span></p><p>4 जून 2026 तक CBSE की पोस्ट-रिजल्ट शिकायत निवारण प्रक्रिया के तहत कुल 70,433 सफल आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें 7,314 आवेदन अंकों के सत्यापन के लिए और 63,119 आवेदन पुनर्मूल्यांकन के लिए दर्ज किए गए थे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CBSE री-इवैल्यूएशन के लिए नया पोर्टल मंजूर, IIT मद्रास और IIT कानपुर की अहम भूमिका... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/digvijaya-singh-seeks-halt-cbse-three-language-policy-4900 ]]></guid><title><![CDATA[ दिग्विजय सिंह ने PM मोदी को लिखा पत्र, CBSE की तीन-भाषा नीति पर तत्काल रोक लगाने की मांग ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/digvijaya-singh-seeks-halt-cbse-three-language-policy-4900 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 07 Jun 2026 13:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीबीएसई की तीन-भाषा नीति को मौजूदा शैक्षणिक सत्र के बीच में लागू किए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने केंद्र  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीबीएसई की तीन-भाषा नीति को मौजूदा शैक्षणिक सत्र के बीच में लागू किए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस नीति के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।</span></p><p>अपने पत्र में दिग्विजय सिंह ने लिखा, "मुझे सीबीएसई की कक्षा 9 के छात्रों के अभिभावकों के एक समूह का ज्ञापन प्राप्त हुआ है, जिसमें मौजूदा सत्र के बीच तीन-भाषा नीति को अनिवार्य रूप से लागू करने का विरोध किया गया है।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि अभिभावकों द्वारा उठाई गई चिंताएं वास्तविक हैं और तत्काल ध्यान देने योग्य हैं। उनके अनुसार, पर्याप्त शिक्षकों, पाठ्यपुस्तकों और संक्रमण अवधि के बिना इस नीति को अचानक लागू करने से छात्रों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Congress Rajya Sabha MP Digvijaya Singh has written to Prime Minister Narendra Modi urging an immediate hold on the mandatory implementation of CBSE&amp;#39;s Three-Language Policy for Class IX students &lt;a href="https://t.co/d2kikLUALs"&gt;pic.twitter.com/d2kikLUALs&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2063491524030234779?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 7, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">15 मई को CBSE ने तीसरी भाषा से संबंधित परिपत्र किया&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">जारी</span></b><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></p><p>दिग्विजय सिंह ने कहा कि दिसंबर 2025 में हुई सीबीएसई की गवर्निंग बॉडी की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि एनसीईआरटी द्वारा भाषाओं की ग्रेडेड पाठ्यपुस्तकें जारी होने तक स्कूल मौजूदा भाषा व्यवस्था को जारी रखें।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद सीबीएसई ने 15 मई 2026 को एक परिपत्र जारी कर 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 में तीसरी भाषा की पढ़ाई अनिवार्य करने का निर्देश दे दिया।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>1 जुलाई 2026 से 3 भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य&nbsp;</b></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>उल्लेखनीय है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 में तीसरी भाषा (आर-3) की कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी।</i></b></p><p><b>CBSE द्वारा गवर्निंग बॉडी के फैसले की अवमानना पर उठे सवाल</b></p><p>दिग्विजय सिंह ने कहा कि एनसीईआरटी ने अभी तक नई ग्रेडेड भाषा पुस्तकों को जारी नहीं किया है और फिलहाल सीबीएसई ने कक्षा 6 की एनसीईआरटी पुस्तकों के उपयोग की सिफारिश की है।<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सीबीएसई ने अपनी ही गवर्निंग बॉडी के फैसले को कैसे और क्यों पलट दिया, जबकि इससे देशभर के हजारों स्कूलों की शैक्षणिक योजना प्रभावित हो सकती है।</span></p><p>राज्यसभा सांसद ने कहा कि दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के छात्रों के लिए स्थिति और भी कठिन है, जहां हिंदी व्यापक रूप से नहीं बोली जाती और कई स्थानीय जनजातीय भाषाएं सीबीएसई की मान्यता प्राप्त भाषा सूची में शामिल नहीं हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृत कई स्कूलों में तीसरी भाषा के रूप में लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरी है, लेकिन योग्य संस्कृत शिक्षकों और उपयुक्त पाठ्यपुस्तकों की भारी कमी है, जिससे इस भाषा को बढ़ावा देने का उद्देश्य ही प्रभावित हो सकता है।</span></p><p><b>दिग्विजय सिंह ने की पत्र में पीएम मोदी से सिफारिश</b></p><p>दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में कहा, "सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मेरी विनम्र सिफारिश है कि वर्तमान कक्षा 9 के छात्रों के लिए इस नीति के क्रियान्वयन को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए।"</p><p>उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अदालत का फैसला 15 जुलाई 2026 को आने की संभावना है, जबकि स्कूलों को 1 जुलाई 2026 से ही तीसरी भाषा पढ़ाना शुरू करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस विषय पर शीघ्र और संवेदनशील विचार करने की अपील करते हुए कहा कि लाखों छात्रों का शैक्षणिक भविष्य इस निर्णय से जुड़ा हुआ है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिग्विजय सिंह ने PM मोदी को लिखा पत्र, CBSE की तीन-भाषा नीति पर तत्काल रोक लगाने की मांग ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-shubham-khairnar-judicial-custody-extended-4892 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-shubham-khairnar-judicial-custody-extended-4892 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 06 Jun 2026 15:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को NEET-UG&nbsp;पेपर लीक मामले के आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ा दी। पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद उसे अदालत में पेश किया  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">नई दिल्ली:</b><span style="font-size: 1rem;"> राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को </span>NEET-UG<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;पेपर लीक मामले के आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ा दी। पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया था।&nbsp;सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दायर न्यायिक हिरासत बढ़ाने की अर्जी पर विचार करने के बाद शुभम खैरनार की हिरासत 15 जून तक बढ़ाने का आदेश दिया। उसे 24 मई को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।</span></p><p>जांच एजेंसी का आरोप है कि शुभम खैरनार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अपने एक स्रोत के जरिए परीक्षा का प्रश्नपत्र हासिल किया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीबीआई ने पहले उसकी हिरासत की मांग करते हुए कहा था कि मामले की व्यापक साजिश की जांच, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ और अन्य आरोपियों से आमना-सामना कराने के लिए उसकी कस्टडी आवश्यक है। एजेंसी ने यह भी कहा था कि जांच के सिलसिले में उसे महाराष्ट्र ले जाना जरूरी है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>शुभम खैरनार ने लीक हुआ प्रश्नपत्र अन्य लोगों तक पहुंचाया</b></span></p><p>आरोप है कि शुभम खैरनार ने लीक हुआ प्रश्नपत्र अन्य लोगों तक भी पहुंचाया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक नीतू सिंह और वी.के. पाठक अदालत में पेश हुए। उन्होंने कहा कि बड़ी साजिश का खुलासा करने और उन लोगों की पहचान करने के लिए शुभम से पूछताछ जरूरी है, जिन्हें उसने प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सीबीआई ने पहले रिमांड की मांग करते हुए कहा था कि पेपर लीक के पीछे की बड़ी साजिश और इसमें शामिल सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की जांच के लिए आरोपियों की हिरासत आवश्यक है, क्योंकि&nbsp;NEET परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;NEET-UG 2026 examination paper leak | Delhi&amp;#39;s Rouse Avenue court extended the judicial custody of accused Shubham Khairnar till June 15.&lt;br&gt;&lt;br&gt;He was produced before the court after expiry of previous judicial custody.&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2063135624660742349?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>NEET का प्रश्नपत्र पाने के लिए&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">शुभम खैरनार से किया गया सम्पर्क</span></b></p><p>जांच एजेंसी ने बताया कि 12 मई 2026 को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीबीआई के अनुसार, मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए NEET का प्रश्नपत्र पाने के लिए शुभम खैरनार से संपर्क किया था। जांच के दौरान मांगीलाल बिवाल के मोबाइल फोन से प्रश्नपत्र भी बरामद किया गया।</span></p><p>आरोप है कि मांगीलाल बिवाल ने यश यादव से 10 लाख रुपये में लीक प्रश्नपत्र प्राप्त किया था। पूछताछ में विकास बिवाल ने बताया कि उसकी मुलाकात यश यादव से राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान हुई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच के अनुसार, मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे के लिए प्रश्नपत्र हासिल करने हेतु शुभम खैरनार से संपर्क किया था। इसके बाद अन्य आरोपियों को जोड़कर एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया।</span></p><p><b>शुभम ने <span style="font-size: 1rem; font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">सबसे पहले&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">प्रश्नपत्र यश यादव को दिया, </span>₹<span style="font-size: 1rem;">12 लाख में बेचा पेपर</span></b></p><p>सीबीआई का आरोप है कि सबसे पहले शुभम ने प्रश्नपत्र यश यादव को दिया, फिर यश से मांगीलाल बिवाल, मांगीलाल से विकास बिवाल और आगे दिनेश बिवाल तक प्रश्नपत्र पहुंचा। साथ ही मांगीलाल ने कथित तौर पर 12 लाख रुपये लेकर कई अन्य अभ्यर्थियों को भी लीक प्रश्नपत्र बेचा।</p><p>इस मामले में सीबीआई ने मनीषा वाघमारे, रसायन विज्ञान विशेषज्ञ प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी, शिक्षक मनीष मंधारे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा संजय हवलदार, डॉ. मनोज शिरुरे और तेजस हर्षद कुमार शाह को भी गिरफ्तार किया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीबीआई की पूछताछ के बाद ये सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/upsc-face-authentication-civil-services-exam-2026-4874 ]]></guid><title><![CDATA[ UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा में लागू किया फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम, फर्जी उम्मीदवारों पर लगेगी रोक ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/upsc-face-authentication-civil-services-exam-2026-4874 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 04 Jun 2026 19:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: सिविल सेवा परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को और मजबूत बनाने तथा प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) पर रोक लगाने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने फेस ऑथेंटिकेशन प्रोटोकॉल को सफलतापूर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> सिविल सेवा परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को और मजबूत बनाने तथा प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) पर रोक लगाने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने फेस ऑथेंटिकेशन प्रोटोकॉल को सफलतापूर्वक लागू किया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यह तकनीक हाल ही में आयोजित सिविल सेवा और भारतीय वन सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 में इस्तेमाल की गई। इसके तहत यह सुनिश्चित किया गया कि आवेदन पत्र भरते समय जिस अभ्यर्थी की फोटो अपलोड की गई थी, वही उम्मीदवार एडमिट कार्ड के साथ परीक्षा देने पहुंचा है।</span></p><p>UPSC के अनुसार, इस प्रणाली ने परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों की लाइव और रियल-टाइम पहचान सुनिश्चित की। निरीक्षकों (इनविजिलेटर्स) ने मोबाइल फोन आधारित सत्यापन के जरिए अभ्यर्थियों का फेस ऑथेंटिकेशन किया, जिससे फर्जी उम्मीदवारों और परीक्षा में गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आयोग ने इस वर्ष सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 के दौरान देशभर के 2,072 परीक्षा केंद्रों पर रियल-टाइम फेस ऑथेंटिकेशन अभियान चलाया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;➡️Union Public Service Commission Developed Face Authentication Protocol; Used Successfully in the Civil Services (Preliminary) Examination, 2026 to Enhance Examination Integrity&lt;br&gt;&lt;br&gt;➡️The face-authentication protocol ensures that the candidate whose photo was uploaded at the time…&lt;/p&gt;&amp;mdash; PIB India (@PIB_India) &lt;a href="https://x.com/PIB_India/status/2062503627521224828?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 4, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>फेस ऑथेंटिकेशन कराना अनिवार्य किया गया</b></p><p>यह एप्लिकेशन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) के तकनीकी सहयोग से UPSC द्वारा विकसित और लागू की गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">UPSC ने एक ऐसी प्रक्रिया भी तैयार की है, जिसके तहत प्रत्येक अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले फेस ऑथेंटिकेशन कराना अनिवार्य किया गया। इसके लिए विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर सभी राज्यों, जिलों और परीक्षा केंद्रों के साथ साझा की गई।</span></p><p>आयोग के मुताबिक, निरीक्षकों को कई चरणों में प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रणाली की खास बात यह है कि इसके लिए किसी महंगे हार्डवेयर की जरूरत नहीं पड़ती। यह किसी भी एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर काम करती है और निरीक्षकों ने अपने मोबाइल फोन का उपयोग कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी की, जिससे लागत और लॉजिस्टिक बोझ दोनों कम हुए।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;UPSC implements face authentication protocol in civil services exams to enhance integrity&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/Vh9RJDYKMV"&gt;https://t.co/Vh9RJDYKMV&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/UPSC?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPSC&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/FaceAuthentication?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#FaceAuthentication&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/CivilServiceExam?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CivilServiceExam&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/0dCwBhdOhb"&gt;pic.twitter.com/0dCwBhdOhb&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2062516234965696624?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 4, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>प्रति मिनट लगभग 12,000 फेस ऑथेंटिकेशन प्रोसेस करने में सक्षम है एप्लिकेशन</b></p><p>एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता इसकी गति है। किसी एक उम्मीदवार का फेस ऑथेंटिकेशन करने में केवल 6 से 8 सेकंड का समय लगता है, जिससे परीक्षा केंद्रों पर लंबी कतारें नहीं लगीं और प्रवेश प्रक्रिया सुचारू रही।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यह प्रणाली इतनी सक्षम रही कि एक ही समय में 7,000 से अधिक निरीक्षकों ने इसका उपयोग किया। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के व्यस्त समय में यह एप्लिकेशन प्रति मिनट लगभग 12,000 फेस ऑथेंटिकेशन प्रोसेस करने में सक्षम रही।</span></p><p>UPSC के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा, "यह प्रतिरूपण-मुक्त परीक्षाएं सुनिश्चित करने की दिशा में UPSC का नया कदम है। यह तकनीक NeGD के सहयोग से पूरी तरह स्वदेशी रूप से विकसित की गई है। लगभग 5.5 लाख उम्मीदवारों और 2,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर इसे सफलतापूर्वक लागू करना एक बड़ी उपलब्धि है।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">UPSC का मानना है कि रियल-टाइम फेस ऑथेंटिकेशन का सफल क्रियान्वयन सिविल सेवा परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा में लागू किया फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम, फर्जी उम्मीदवारों पर लगेगी रोक ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-osm-controversy-chairman-secretary-transferred-investigation-committee-4848 ]]></guid><title><![CDATA[ CBSE में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, OSM विवाद के बाद चेयरमैन और सचिव का तबादला ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-osm-controversy-chairman-secretary-transferred-investigation-committee-4848 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 02 Jun 2026 18:21:46 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए केंद्र सरकार ने बोर्ड के चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब CBSE की ऑन-स्क्री ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली: </b>केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए केंद्र सरकार ने बोर्ड के चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सेवाओं की खरीद प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन भी कर दिया है।</p><p>सूत्रों के अनुसार, OSM प्रणाली से जुड़ी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। इस मुद्दे के सामने आने के बाद शिक्षा मंत्रालय ने मामले की विस्तृत समीक्षा शुरू की। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर बदलाव करते हुए बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों को उनके पदों से हटाने का निर्णय लिया गया।</p><p>सरकार द्वारा गठित जांच समिति OSM सेवाओं की खरीद से जुड़े सभी दस्तावेजों, निविदा प्रक्रिया और वित्तीय पहलुओं की जांच करेगी। समिति यह भी पता लगाएगी कि कहीं खरीद प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन या किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई।</p><p>CBSE देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्डों में से एक है और हर साल लाखों छात्र इसकी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में बोर्ड की कार्यप्रणाली और परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली को लेकर किसी भी तरह का विवाद शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बन जाता है।</p><p>विशेषज्ञों का मानना है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग जैसी तकनीकी व्यवस्था परीक्षा मूल्यांकन को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए लागू की गई थी, लेकिन यदि इसकी खरीद प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।</p><p>अब सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि OSM खरीद प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी हुई थी या नहीं। फिलहाल सरकार के इस कदम को जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।</p><p><br><br></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CBSE में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, OSM विवाद के बाद चेयरमैन और सचिव का तबादला ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-yash-yadav-books-exam-preparation-4839 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले के आरोपी को परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने की अनुमति ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-yash-yadav-books-exam-preparation-4839 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 02 Jun 2026 13:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को नीट-यूजी पेपर लीक मामले के आरोपी यश यादव की उस याचिका को मंजूरी दे दी, जिसमें उसने 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को नीट-यूजी पेपर लीक मामले के आरोपी यश यादव की उस याचिका को मंजूरी दे दी, जिसमें उसने 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने की अनुमति मांगी थी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इस बीच, अदालत ने मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे की न्यायिक हिरासत <b>15 जून</b> तक बढ़ा दी।</span></p><p>सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने यश यादव को न्यायिक हिरासत के दौरान पढ़ाई के लिए किताबें रखने की अनुमति प्रदान की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुनवाई के दौरान यश यादव की ओर से अधिवक्ता अंबिका ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को 21 जून को निर्धारित नीट-यूजी परीक्षा की तैयारी के लिए किताबों की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि <b>यश यादव 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में भी शामिल हुआ था</b>।</span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">राउज एवेन्यू कोर्ट ने</span><span style="font-size: 1rem;"> </span>20 मई को&nbsp;</b><span style="font-size: 1rem;"><b>5 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा</b>&nbsp;</span></p><p>इस पर अदालत ने पूछा कि क्या राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने आरोपी को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी है और क्या उसे प्रवेश पत्र जारी किया गया है, क्योंकि वह इस मामले में आरोपी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">गौरतलब है कि 20 मई को राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई पूछताछ पूरी होने के बाद पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सीबीआई की ओर से जांच अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक पवन कुमार कौशिक ने हिरासत बढ़ाने की मांग की थी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;NEET UG Paper leak case: Accused Yash Yadav has filed an application seeking permission to have books for the preparation of the NEET UG examination. This examination is scheduled for June 21.&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2061687518765154476?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 2, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>इस मामले में 12 मई 2026 को दर्ज की गई थी FIR</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>मामले में आरोप है कि 12 मई 2026 को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच के अनुसार, मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए प्रश्नपत्र हासिल करने हेतु शुभम खैरनार से संपर्क किया था। इसके बाद प्रश्नपत्र लीक करने और बेचने का एक बड़ा नेटवर्क तैयार हुआ।</span></p><p><b>शुभम खैरनार ने सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को उपलब्ध कराया- CBI</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>सीबीआई का आरोप है कि शुभम खैरनार ने सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को उपलब्ध कराया, जिसके बाद यह मांगीलाल, विकास और दिनेश बिवाल तक पहुंचा। जांच में यह भी सामने आया कि यश यादव से 10 लाख रुपये में पेपर लेने के बाद मांगीलाल ने इसे अन्य अभ्यर्थियों को 12 लाख रुपये तक में बेचा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस मामले में सीबीआई ने शुभम खैरनार सहित कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले के आरोपी को परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने की अनुमति ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jee-advanced-2026-air1-shubham-kumar-4829 ]]></guid><title><![CDATA[ 330 अंक लेकर शुभम कुमार ने किया कमाल, जेईई एडवांस्ड में देशभर में पहला स्थान ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jee-advanced-2026-air1-shubham-kumar-4829 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 01 Jun 2026 17:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ कोटा, राजस्थान: जेईई एडवांस्ड 2026 में शुभम कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल की है। आईआईटी दिल्ली जोन के छात्र शुभम ने 360 में से 330 अंक प्राप्त कर देशभर में पहला स्थान  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>कोटा, राजस्थान:</b> जेईई एडवांस्ड 2026 में शुभम कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल की है। आईआईटी दिल्ली जोन के छात्र शुभम ने 360 में से 330 अंक प्राप्त कर देशभर में पहला स्थान हासिल किया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए शुभम कुमार ने कहा कि इस उपलब्धि का श्रेय उनकी कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और साथी छात्रों के सहयोग को जाता है।</span></p><p>उन्होंने कहा, "मैं बहुत उत्साहित हूं। अपनी मेहनत के साथ-साथ अपने शिक्षकों और साथी छात्रों के योगदान को इसका श्रेय देता हूं। सफलता हासिल करने में दृढ़ संकल्प की बहुत बड़ी भूमिका होती है।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं, आरोही देशपांडे इस परीक्षा की टॉप महिला उम्मीदवार रहीं। उन्होंने 360 में से 280 अंक हासिल किए और कॉमन रैंक लिस्ट (CRL) में 77वां स्थान प्राप्त किया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Kota, Rajasthan | Shubham Kumar ranks first in JEE-Advance 2026&lt;br&gt;&lt;br&gt;He says, &amp;quot;I am very excited. I give credit to my hard work and to the contributions of my teachers and fellow students. One&amp;#39;s determination plays a huge role in gaining success.&amp;quot; &lt;a href="https://t.co/FquLa92Zkj"&gt;pic.twitter.com/FquLa92Zkj&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2061339870644367684?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 1, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>कबीर छिल्लर ने दूसरा,&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जतिन चाहर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया</span></b></p><p>आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कबीर छिल्लर ने 329 अंकों के साथ दूसरा और जतिन चाहर ने 319 अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। खास बात यह रही कि टॉप-3 रैंक आईआईटी दिल्ली जोन के छात्रों ने हासिल कीं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस वर्ष जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए कुल 1,87,389 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,79,694 अभ्यर्थी दोनों पेपरों में शामिल हुए। परीक्षा 17 मई को आयोजित की गई थी।</span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">परीक्षा में&nbsp;</span>कुल 56,880 उम्मीदवार सफल हुए हैं</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>परीक्षा में कुल 56,880 उम्मीदवार सफल हुए हैं, जिनमें 10,107 छात्राएं शामिल हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस अवसर पर कमल किशोर पंत ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वे JoSAA 2026 काउंसलिंग और सीट आवंटन प्रक्रिया में जरूर भाग लें। उन्होंने बताया कि अंतिम प्रवेश जेईई एडवांस्ड 2026 की पात्रता शर्तों और अन्य नियमों के अनुसार होगा।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 330 अंक लेकर शुभम कुमार ने किया कमाल, जेईई एडवांस्ड में देशभर में पहला स्थान ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/udf-neet-nta-reform-new-exam-body-demand-4825 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET और NTA में बड़े सुधार की मांग, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने संसदीय समिति को सौंपे सुझाव ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/udf-neet-nta-reform-new-exam-body-demand-4825 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 01 Jun 2026 15:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने सोमवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति के समक्ष NEET और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने सोमवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति के समक्ष NEET और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझाव और सिफारिशें प्रस्तुत कीं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यूडीएफ के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्य मित्तल ने समिति के अध्यक्ष के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान समिति अध्यक्ष ने संगठन द्वारा प्रस्तुत चिंताओं, सुझावों और सिफारिशों को गंभीरता से सुना।</span></p><p>यूडीएफ ने अपने ज्ञापन में कहा कि NEET से जुड़े विवाद केवल परीक्षा के स्वरूप (पेन-पेपर या कंप्यूटर आधारित परीक्षा) तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही, गोपनीयता और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की विश्वसनीयता जैसे बड़े मुद्दों से भी जुड़े हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">संगठन ने सिफारिश की कि वर्तमान राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की संरचना को समाप्त कर संसद के कानून के माध्यम से एक नई राष्ट्रीय परीक्षा संस्था का गठन किया जाए।</span></p><p><b>NTA द्वारा राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">के उपयोग</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;की जांच की मांग</span></b></p><p>यूडीएफ का मानना है कि संसद के प्रति जवाबदेह और अधिक सार्वजनिक निगरानी वाली वैधानिक संस्था ही NEET जैसी उच्च महत्व की राष्ट्रीय परीक्षाओं का संचालन करे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">संगठन ने NTA द्वारा राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह (National Emblem) के उपयोग को लेकर भी जांच की मांग की। यूडीएफ ने कहा कि संबंधित प्राधिकरणों को यह जांच करनी चाहिए कि NTA द्वारा राष्ट्रीय प्रतीक का उपयोग और आधिकारिक प्रस्तुतीकरण कानूनी रूप से अधिकृत है या नहीं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Upon being invited as a Special Invitee by the Rajya Sabha Parliamentary Standing Committee, Chairperson Dr. Lakshya Mittal, National President Dr. Babita and the UDF team will participate in the high-level meeting to be held on 1st June in the Indian Parliament.&lt;br&gt;&lt;br&gt;In this… &lt;a href="https://t.co/LHrLCszhAE"&gt;pic.twitter.com/LHrLCszhAE&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; UNITED DOCTORS FRONT (UDF) (@UDF_BHARAT) &lt;a href="https://x.com/UDF_BHARAT/status/2060657853367779459?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>'पेपर लीक के आरोपों को अलग-थलग नहीं देखा जाना चाहिए'</b></p><p>यूडीएफ ने यह भी कहा कि NEET-UG 2026 से जुड़े पेपर लीक के आरोपों को अलग-थलग नहीं देखा जाना चाहिए। संगठन ने NEET-UG 2024 के लंबित विवादों, विशेष पंजीकरण विंडो, परीक्षा केंद्र आवंटन, ग्रेस मार्क्स, एजेंसियों और केंद्रों की भूमिका तथा पूर्व जांचों में कथित असहयोग जैसे मुद्दों की भी संयुक्त जांच की मांग की।</p><p>संगठन के अनुसार, NEET को लेकर लगातार सामने आ रहे विवादों ने लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों का भरोसा कमजोर किया है। इसलिए सभी संस्थागत खामियों, अधिकारियों, एजेंसियों, विक्रेताओं, परीक्षा केंद्रों और जिम्मेदार व्यक्तियों की व्यापक, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए।</p><p><b>NEET केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि मेडिकल शिक्षा प्रणाली में प्रवेश का मुख्य द्वार है</b></p><p>डॉ. बबीता सिकरीवाल और डॉ. राकेश बेनीवाल ने कहा कि NEET केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि भारत की मेडिकल शिक्षा प्रणाली में प्रवेश का मुख्य द्वार है। इसलिए इसकी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यूडीएफ ने उम्मीद जताई कि संसदीय समिति छात्रों, मेडिकल शिक्षा व्यवस्था और जनविश्वास के व्यापक हित में इन सुझावों पर विचार करेगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET और NTA में बड़े सुधार की मांग, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने संसदीय समिति को सौंपे सुझाव ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-nta-parliamentary-panel-meeting-digvijaya-singh-4819 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET और NTA पर आज संसदीय समिति की अहम बैठक, दिग्विजय सिंह करेंगे अध्यक्षता ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-nta-parliamentary-panel-meeting-digvijaya-singh-4819 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 01 Jun 2026 12:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह सोमवार को संसद भवन एनेक्सी (PHA) पहुंचे, जहां उन्होंने शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता की।&nbsp;बैठक म ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत: </b>कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह सोमवार को संसद भवन एनेक्सी (PHA) पहुंचे, जहां उन्होंने शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता की।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">बैठक में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली तथा पारंपरिक पेन-पेपर परीक्षा और कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) प्रणाली को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।</span></p><p>बैठक के पहले एजेंडे में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित वर्ष 2025-26 की अनुदान मांगों पर आधारित 364वीं रिपोर्ट की सिफारिशों पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई संबंधी 381वीं रिपोर्ट पर विचार और उसे अपनाना शामिल है।</p><p><b>मंगलवार को होगी समिति की अगली बैठक</b></p><p>मंगलवार को समिति की अगली बैठक में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12 की परीक्षाओं में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली की समीक्षा की जाएगी। साथ ही छात्रों द्वारा सामना की जा रही समस्याओं पर भी चर्चा होगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">समिति कक्षा 9 और 10 में तीन-भाषा फार्मूले के क्रियान्वयन पर भी विचार-विमर्श करेगी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब NEET-UG और CBSE की मूल्यांकन प्रक्रियाओं को लेकर विवाद जारी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | दिल्ली: कांग्रेस MP दिग्विजय सिंह शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा और खेल पर संसदीय स्थायी समिति की बैठक में शामिल होने के लिए पार्लियामेंट हाउस एनेक्सी (PHA) पहुंचे।&lt;br&gt;&lt;br&gt;बैठक का पहला एजेंडा शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ग्रांट्स की मांगों (2025-26) पर 364वीं रिपोर्ट… &lt;a href="https://t.co/23MxswE3Du"&gt;pic.twitter.com/23MxswE3Du&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) &lt;a href="https://x.com/AHindinews/status/2061311327906541782?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 1, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>21 जून को दोबारा आयोजित होगी&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">NEET-UG परीक्षा</span></b></p><p>सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को संसदीय समिति के सदस्यों ने NEET-UG परीक्षा की पवित्रता और विश्वसनीयता बनाए रखने तथा प्रणाली में मौजूद खामियों को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। इस दौरान उन्हें NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही जांच की जानकारी भी दी गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस वर्ष NEET-UG परीक्षा रद्द कर दी गई थी और अब इसे 21 जून को दोबारा आयोजित किया जाएगा। पेपर लीक मामले की जांच के दौरान CBI अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।</span></p><p><b>साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से सिस्टम&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मजबूत करने की कोशिश जारी</span></b></p><p>शुक्रवार को CBI निदेशक प्रवीण सूद और NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने भी संसदीय समिति की बैठक में भाग लिया था, जहां जांच की प्रगति पर चर्चा की गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं CBSE ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच कहा है कि उसने अपने सेवा प्रदाता के OnMark पोर्टल में सामने आई कमजोरियों पर नजर रखी है और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET और NTA पर आज संसदीय समिति की अहम बैठक, दिग्विजय सिंह करेंगे अध्यक्षता ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cuet-ug-2026-exam-delay-nta-revised-timing-4801 ]]></guid><title><![CDATA[ CUET-UG परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी, NTA ने बदला दोपहर सत्र का समय ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cuet-ug-2026-exam-delay-nta-revised-timing-4801 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 30 May 2026 15:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने शनिवार को बताया कि CUET-UG 2026 परीक्षा कुछ केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण देरी से शुरू हुई। एजेंसी ने आश्वासन दिया कि प्रभावित सभी अभ्यर्थियों को परीक ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने शनिवार को बताया कि CUET-UG 2026 परीक्षा कुछ केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण देरी से शुरू हुई। एजेंसी ने आश्वासन दिया कि प्रभावित सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा का पूरा समय दिया जाएगा ताकि किसी को नुकसान न हो।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि यह व्यवधान टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की ओर से आई तकनीकी समस्या के कारण हुआ था, जिसे अब ठीक कर लिया गया है।</span></p><p>संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर सत्र के लिए अभ्यर्थियों की रिपोर्टिंग और प्रवेश प्रक्रिया दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी, जबकि परीक्षा अब निर्धारित समय 3:00 बजे के बजाय शाम 4:00 बजे शुरू होगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि सुबह की पाली में परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए पूरा निर्धारित समय दिया जा रहा है और उन्हें अपनी परीक्षा अवधि पूरी होने के बाद ही केंद्र से बाहर जाने की अनुमति मिलेगी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Technical glitch ke karan aaj (30 May 2026) CUET UG exam ki shuruaat kuch centres par delay ho gayi hai. NTA ke anusar issue solve hone ke baad exam shuru hoga aur candidates ko compensatory time diya jayega.&lt;a href="https://t.co/B4ekMd2IJX"&gt;https://t.co/B4ekMd2IJX&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/CUET2026?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CUET2026&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/NTA?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NTA&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/ExamUpdate?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#ExamUpdate&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/BreakingNews?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#BreakingNews&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/UHGjiTm0jm"&gt;pic.twitter.com/UHGjiTm0jm&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Alok (@Alokkumar9198) &lt;a href="https://x.com/Alokkumar9198/status/2060634787875012703?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>तकनीकी गड़बड़ी के कारण देरी हुई</b></p><p>NTA ने अपने बयान में कहा, "TCS ने सूचित किया है कि 30 मई 2026 को कुछ परीक्षा केंद्रों पर CUET (UG) 2026 की शुरुआत में तकनीकी गड़बड़ी के कारण देरी हुई। समस्या का समाधान कर लिया गया है और परीक्षा पूरी क्षतिपूर्ति अवधि के साथ आयोजित की जा रही है ताकि किसी भी अभ्यर्थी को नुकसान न हो।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों को हुई असुविधा के लिए खेद भी व्यक्त किया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;NTA tweets - TCS has reported that a technical glitch at their end delayed the commencement of CUET (UG) 2026 at some centres on 30.05.2026. The issue has since been resolved, and the exam is being conducted with full compensatory time so that no candidate is disadvantaged.… &lt;a href="https://t.co/fFth4ByLrQ"&gt;pic.twitter.com/fFth4ByLrQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2060626479029829798?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>NTA ने 28 मई को&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">परीक्षा स्थगित कर दी थी</span></b></p><p>इससे पहले 24 मई को NTA ने 28 मई को आयोजित होने वाली कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट 2026 की परीक्षा को स्थगित कर दिया था। यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा ईद-उल-जुहा (बकरीद) अवकाश की तिथि में बदलाव किए जाने के बाद लिया गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA ने तब जानकारी दी थी कि 28 मई की दोनों पालियों की परीक्षाएं बाद में घोषित नई तारीखों पर आयोजित की जाएंगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CUET-UG परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी, NTA ने बदला दोपहर सत्र का समय ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/tet-deadline-extended-up-teachers-supreme-court-relief-4794 ]]></guid><title><![CDATA[ TET पर SC की बड़ी राहत, यूपी के 1.86 लाख शिक्षकों को मिला एक साल का अतिरिक्त समय ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/tet-deadline-extended-up-teachers-supreme-court-relief-4794 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 29 May 2026 19:16:21 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ TET से छूट की मांग खारिज, लेकिन परीक्षा पास करने की नई समयसीमा&nbsp; 31 अगस्त 2028 तक बढ़ाई गई |उत्तर प्रदेश के करीब 1.86 लाख शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट से राहत भरी खबर आई है। लंबे समय से शिक्षक पा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>TET से छूट की मांग खारिज, लेकिन परीक्षा पास करने की नई समयसीमा&nbsp; 31 अगस्त 2028 तक बढ़ाई गई |</p><p><b>उत्तर प्रदेश</b> के करीब 1.86 लाख शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट से राहत भरी खबर आई है। लंबे समय से <b>शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) </b>को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे शिक्षकों को अब परीक्षा पास करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। सर्वोच्च अदालत ने TET उत्तीर्ण करने की समयसीमा एक वर्ष बढ़ाते हुए <b>31 अगस्त 2028</b> तक कर दी है।</p><p>हालांकि कोर्ट ने शिक्षकों को TET से पूरी तरह छूट देने की मांग स्वीकार नहीं की, लेकिन अतिरिक्त समय देकर उन्हें अपनी योग्यता साबित करने का अवसर जरूर प्रदान किया है। इस फैसले से हजारों शिक्षकों को तत्काल राहत मिली है, जो वर्षों से इस मुद्दे को लेकर चिंतित थे।</p><h4 class=""><b>क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला?</b></h4><p>सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षण पेशे में गुणवत्ता और योग्यता को बनाए रखना आवश्यक है। इसलिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य बनाए रखने का निर्णय बरकरार रखा गया है। अदालत ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षित और योग्य शिक्षकों की आवश्यकता है।</p><p>हालांकि न्यायालय ने यह भी माना कि कई शिक्षक लंबे समय से सेवा में हैं और उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। इसी कारण पहले निर्धारित समयसीमा को बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया गया।</p><h4 class=""><b>TET से छूट की मांग क्यों हुई खारिज?</b></h4><p>याचिकाकर्ता शिक्षकों का तर्क था कि उनकी नियुक्ति उस समय हुई थी जब TET अनिवार्य नहीं था। ऐसे में वर्षों बाद उन पर परीक्षा पास करने की शर्त लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने अदालत से मांग की थी कि 2009 से पहले नियुक्त शिक्षकों को इस परीक्षा से मुक्त किया जाए।</p><p>लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जा सकता और बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। कोर्ट के अनुसार, शिक्षक का दायित्व केवल नौकरी करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना भी है।</p><h4 class=""><b>NCTE के नियमों से जुड़ा है मामला</b></h4><p>पूरा विवाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा लागू किए गए नियमों से जुड़ा है। परिषद ने देशभर में शिक्षकों की योग्यता का एक समान मानक तय करने के लिए TET को अनिवार्य बनाया था।</p><p>इस नियम के लागू होने के बाद बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक प्रभावित हुए जो वर्षों से स्कूलों में पढ़ा रहे थे लेकिन उन्होंने TET परीक्षा पास नहीं की थी। इसके बाद विभिन्न राज्यों में शिक्षकों ने प्रदर्शन किए और समयसीमा बढ़ाने की मांग उठाई।</p><h4 class=""><b>शिक्षकों को क्या होगा फायदा?</b></h4><p>नए फैसले के बाद प्रभावित शिक्षकों को लगभग एक अतिरिक्त वर्ष का समय मिल गया है। इस दौरान वे परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकेंगे और अपनी नौकरी से जुड़ी चिंताओं को कम कर पाएंगे।</p><p>शिक्षक संगठनों ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे हजारों शिक्षकों को राहत मिलेगी और वे बिना दबाव के परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।</p><h4 class=""><b>शिक्षा व्यवस्था पर भी रहेगा असर</b></h4><p>विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था दोनों के हित में है। एक ओर शिक्षकों को पर्याप्त समय मिला है, वहीं दूसरी ओर TET की अनिवार्यता बरकरार रखकर शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का प्रयास भी जारी रहेगा।</p><p>अब सभी की नजरें आगामी TET परीक्षाओं पर रहेंगी, जहां लाखों शिक्षक अपनी योग्यता साबित करने और सेवा जारी रखने के लिए प्रयास करेंगे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ TET पर SC की बड़ी राहत, यूपी के 1.86 लाख शिक्षकों को मिला एक साल का अतिरिक्त समय ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-parliament-panel-meeting-4781 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक पर संसद की स्थायी समिति की अहम बैठक आज ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-parliament-panel-meeting-4781 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 29 May 2026 10:49:29 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद और CBSE कक्षा 12 पुनर्मूल्यांकन मामले के बीच संसद की सरकारी आश्वासन संबंधी स्थायी समिति शुक्रवार को शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ अहम बैठक क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद और CBSE कक्षा 12 पुनर्मूल्यांकन मामले के बीच संसद की सरकारी आश्वासन संबंधी स्थायी समिति शुक्रवार को शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ अहम बैठक करेगी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">राज्यसभा सांसद एम. थंबीदुरई की अध्यक्षता वाली संसदीय स्थायी समिति की यह बैठक शुक्रवार सुबह 11 बजे संसद भवन एनेक्सी एक्सटेंशन बिल्डिंग में आयोजित होगी।</span></p><p>बैठक के दौरान समिति शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक के विचार सुनेगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके अलावा समिति स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अध्यक्ष और CBI निदेशक के साथ भी चर्चा करेगी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Parliamentary Standing Committee on Government Assurances to meet at 11 am today in EPHA (Parliament House Annexe Extension Building).&lt;br&gt;&lt;br&gt;In this meeting committee to hear the views of Secretary, Department of Higher Education, Ministry of Education along with Director General, NTA… &lt;a href="https://t.co/GS1ddFK0qK"&gt;pic.twitter.com/GS1ddFK0qK&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2060218325742067900?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 29, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>यह बैठक पेपर लीक मामले को लेकर बेहद महत्वपूर्ण</b></p><p>यह बैठक NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले और CBSE कक्षा 12 पुनर्मूल्यांकन विवाद के चलते काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसी बीच, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।</span></p><p>CBI के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में लातूर के एक डॉक्टर और पुणे स्थित कोचिंग संस्थान के एक फैकल्टी सदस्य शामिल हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच एजेंसी ने बताया कि लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे को तीन छात्रों को लीक हुए केमिस्ट्री प्रश्न उपलब्ध कराने में भूमिका निभाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>कोचिंग सेंटर संचालक का बेटा आरोपियों में शामिल</b></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i><span style="font-size: 1rem;"> इन छात्रों में एक आरोपी कोचिंग सेंटर संचालक का बेटा भी शामिल है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">वहीं, दूसरी गिरफ्तारी पुणे की डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी (APMA) के फिजिक्स फैकल्टी सदस्य तेजस हर्षदकुमार शाह की हुई है। CBI के मुताबिक उन्होंने गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से लीक हुए फिजिक्स प्रश्न हासिल किए थे।</span></i></b></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>पूरी साजिश और नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी</b></span></p><p>CBI ने कहा कि इस मामले में पूरी साजिश और नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है। एजेंसी अब तक देशभर में 49 स्थानों पर छापेमारी कर चुकी है और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">CBI ने बताया कि यह मामला 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। इसके बाद विशेष जांच टीमें गठित की गईं और देशभर में कई जगहों पर छापेमारी व पूछताछ की गई।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक पर संसद की स्थायी समिति की अहम बैठक आज ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-manisha-hawaldar-cbi-custody-4757 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में मनीषा हवलदार 6 दिन की सीबीआई हिरासत में... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-manisha-hawaldar-cbi-custody-4757 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 25 May 2026 15:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली:&nbsp;NEET-UG&nbsp;पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को मनीषा संजय हवलदार को 6 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। मनीषा हवलदार को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया गया था। वह ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">नई दिल्ली:</b><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span>NEET-UG<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को मनीषा संजय हवलदार को 6 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। मनीषा हवलदार को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया गया था। वह फिजिक्स एक्सपर्ट और ट्रांसलेटर बताई जा रही हैं।</span></p><p>केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आरोप लगाया कि मनीषा हवलदार ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची और अवैध तरीके से नीट-यूजी परीक्षा का पेपर अपने पास रखा तथा पैसों के बदले उसे वितरित किया।</p><p><b>6 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश</b></p><p>विशेष सीबीआई जज अजय गुप्ता ने सीबीआई की दलीलें सुनने और रिमांड आवेदन पर विचार करने के बाद मनीषा हवलदार को 6 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत ने सीबीआई को 30 मई को उन्हें फिर से पेश करने का निर्देश दिया। साथ ही कोर्ट ने डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयां लेने की अनुमति भी दी।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/neet-1_4804b904dbeee970634b4dd33d0aed7f_606X356.webp" style="width: 606px;"><br></p><p><b>मामले में बड़ी साजिश की जांच के लिए हिरासत की मांग</b></p><p>जांच अधिकारी डिप्टी एसपी पवन कुमार कौशिक ने मनीषा हवलदार को अदालत में पेश करते हुए 6 दिन की पुलिस हिरासत की मांग की। उन्हें 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक नीतू सिंह और वी.के. पाठक ने अदालत में पक्ष रखा और मामले में बड़ी साजिश की जांच के लिए हिरासत की मांग की।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;NEET UG Paper leak case: The CBI sought 6 days of police custody. CBI said that she is an NTA empanelled physics translator. Her counsel opposed the remand application. The court reserved the order till 12.30 PM&lt;br&gt;&lt;br&gt;Her counsel said she was arrested on May 22 and cooperated in the…&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2058797061559276009?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>मनीषा हवलदार को एनटीए द्वारा नियुक्त किया गया था</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>सीबीआई ने बताया कि मनीषा हवलदार को एनटीए द्वारा फिजिक्स ट्रांसलेटर के रूप में नियुक्त किया गया था। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नीट-यूजी प्रश्नपत्र को अवैध रूप से सुरक्षित रखा और आर्थिक लाभ के लिए उसे प्रसारित किया।</p><p><b><span style="font-size: 1rem;">मनीषा के अधिवक्ता ने&nbsp;</span>पुलिस हिरासत का किया विरोध</b></p><p>वहीं, मनीषा हवलदार की ओर से अधिवक्ता अखिलेश रेक्सवाल ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि उनकी मुवक्किल को 22 मई को गिरफ्तार किया गया था और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है। उन्होंने अदालत से पुलिस हिरासत देने के बजाय न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में मनीषा हवलदार 6 दिन की सीबीआई हिरासत में... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-reexam-kejriwal-free-bus-travel-4746 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET UG 2026: पेपर लीक से परेशान छात्रों के समर्थन में उतरे केजरीवाल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-reexam-kejriwal-free-bus-travel-4746 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 24 May 2026 16:54:56 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देशभर के सभी मुख्यमंत्रियों से 21 जून को होने वाली NEET री-एग्जाम परीक्षा के लिए छात्रों को मुफ्त बस यात्रा सुविधा देने की अपील क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देशभर के सभी मुख्यमंत्रियों से 21 जून को होने वाली NEET री-एग्जाम परीक्षा के लिए छात्रों को मुफ्त बस यात्रा सुविधा देने की अपील की है। एक्स पर साझा किए गए अपने वीडियो संदेश में अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा और बिहार सरकार की सराहना की, जिन्होंने पंजाब सरकार की तरह NEET अभ्यर्थियों के लिए मुफ्त बस सेवा की घोषणा की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य राज्य भी छात्रों की मदद के लिए इसी तरह के कदम उठाएंगे।</span></p><p>केजरीवाल ने कहा, “मैं देश के सभी मुख्यमंत्रियों से अनुरोध करता हूं कि NEET री-एग्जाम के दिन अपने-अपने राज्यों में छात्रों के लिए मुफ्त बस सेवा उपलब्ध कराएं। कुछ दिन पहले हमारी पंजाब सरकार ने घोषणा की थी कि सभी छात्रों के लिए बस यात्रा मुफ्त होगी। अब हरियाणा और बिहार के मुख्यमंत्रियों ने भी इसकी घोषणा की है। मैं बाकी राज्यों से भी अपील करता हूं कि वे ऐसा करें। छात्र बहुत खुश होंगे।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Free bus NEET Re-exam:&lt;br&gt;&lt;br&gt;All state governments should make bus travel free for students appearing for the NEET Re-exam. Our government in Punjab has already implemented this facility, following which the governments of Haryana and Bihar have also taken steps in the same direction. &lt;a href="https://t.co/lzQDuRy62J"&gt;pic.twitter.com/lzQDuRy62J&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Aam Aadmi Party Puducherry (@AAPPondy) &lt;a href="https://twitter.com/AAPPondy/status/2058496604286636388?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>पेपर लीक से छात्रों में गहरा दुख है- केजरीवाल</b></p><p>केजरीवाल ने आगे कहा, “छात्र बहुत मेहनत कर रहे हैं। पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से वे दुखी हैं। अब उन्हें दोबारा परीक्षा देनी पड़ रही है। सभी छात्रों को मेरी शुभकामनाएं।” इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की थी कि NEET परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए पंजाब रोडवेज की बसों में 20, 21 और 22 जून को यात्रा मुफ्त रहेगी।</p><p><b>पंजाब में छात्रों के लिए बसों में कोई किराया नहीं- सीएम भगवंत मान&nbsp;</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>भगवंत मान ने एक्स पर लिखा था कि कई गरीब परिवारों के छात्र NEET परीक्षा देते हैं और उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए किराया जुटाने में भी दिक्कत होती है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “जब हाल ही में अरविंद केजरीवाल ने NEET छात्रों से बात की, तब छात्रों ने मदद की मांग की थी। इसलिए पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि NEET परीक्षा देने वाले सभी छात्रों के लिए पंजाब रोडवेज बसों में किराया माफ रहेगा। छात्र सिर्फ अपना एडमिट कार्ड दिखाएं और टिकट नहीं लगेगा।”</span></i></b></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>हरियाणा में भी छात्रों को बसों में नहीं देना होगा किराया</b></span></p><p>वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार NEET परीक्षा को लेकर पूरी तरह तैयार है और छात्रों के लिए मुफ्त रोडवेज बस सेवा समेत विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।</p><p>गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा, जो 3 मई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की गई थी, उसे 12 मई को कथित पेपर लीक मामले के बाद रद्द कर दिया गया था। यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,400 से अधिक केंद्रों पर आयोजित हुई थी, जिसमें 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET UG 2026: पेपर लीक से परेशान छात्रों के समर्थन में उतरे केजरीवाल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/bihar-free-bus-service-neet-reexam-4731 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET री-एग्जाम देने वाले छात्रों के लिए बिहार में फ्री बस सेवा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/bihar-free-bus-service-neet-reexam-4731 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 23 May 2026 11:19:44 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ पटना, बिहार: सम्राट चौधरी ने शनिवार को घोषणा की कि NEET-UG 2026 री-एग्जाम देने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिए बिहार की सरकारी बस सेवाओं में यात्रा मुफ्त होगी।&nbsp;मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हु ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>पटना, बिहार: </b>सम्राट चौधरी ने शनिवार को घोषणा की कि<b> NEET-UG 2026</b> री-एग्जाम देने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिए बिहार की सरकारी बस सेवाओं में यात्रा मुफ्त होगी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए राज्य के मठों, मंदिरों और गैर-सरकारी संगठनों से अपील की कि वे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए स्वच्छ पेयजल, सत्तू आदि की व्यवस्था में सहयोग करें।</span></p><p>उन्होंने लिखा, “NEET परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए बिहार राज्य की सभी सरकारी बसों में यात्रा निःशुल्क रहेगी। साथ ही जिला प्रशासन, राज्य के सभी मठ-मंदिर और गैर-सरकारी संगठनों से अनुरोध है कि वे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए पेयजल, सत्तू आदि की व्यवस्था में सहयोग करें।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;STORY | Bihar govt announces free bus travel for students appearing for NEET re-examination&lt;br&gt;&lt;br&gt;The Bihar government on Saturday announced free travel on state-run buses for all students appearing for the NEET UG re-examination, scheduled for June 21.&lt;br&gt;&lt;br&gt;READ: &lt;a href="https://t.co/pTEL4Zwro8"&gt;https://t.co/pTEL4Zwro8&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/wfZhENVLpo"&gt;https://t.co/wfZhENVLpo&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2058045221473243553?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>NEET-UG 2026 विवाद पर चिराग पासवान ने भी दर्ज कराई आपत्ति</b></p><p>इससे पहले केंद्रीय मंत्री और चिराग पासवान ने NEET-UG 2026 विवाद पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह की प्रतिक्रिया की आलोचना की।</p><p>पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला बेहद गंभीर है और भविष्य में ऐसी घटनाएं स्वीकार नहीं की जाएंगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “यह गंभीर मुद्दा है और इस पर सिर्फ बयानबाजी नहीं हो सकती। जांच जारी है और गिरफ्तारियां हो रही हैं। सिस्टम को संवेदनशील बनाना होगा। भविष्य में यह स्वीकार्य नहीं होगा।”</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>'पूरा प्रश्नपत्र नहीं हुआ था लीक, कुछ सवाल थे मिलते-जुलते'</b></span></p><p>यह बयान ऐसे समय आया है जब NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। सूत्रों के मुताबिक, NTA अधिकारियों ने संसदीय स्थायी समिति को बताया कि पूरा प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था, बल्कि परीक्षा से पहले कुछ सवाल ही सामने आए थे।</p><p>सूत्रों के अनुसार, NTA महानिदेशक अभिषेक सिंह और उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने समिति को बताया कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए सुझाए गए कई सुधार लागू किए जा चुके हैं और बाकी उपायों पर काम जारी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अधिकारियों ने कहा कि कथित पेपर लीक NTA सिस्टम से नहीं हुआ था। साथ ही उन्होंने बताया कि परीक्षा रद्द होने के पीछे लीक सवालों के प्रसार की जांच सीबीआई कर रही है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>NTA ने दिया जीरो टॉलरेंस नीति का हवाला</b></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>NTA ने “जीरो टॉलरेंस” नीति का हवाला देते हुए परीक्षा रद्द करने का बचाव किया और कहा कि सीमित स्तर पर भी प्रश्नों से समझौता प्रतियोगी परीक्षाओं में जनता के भरोसे को कमजोर कर सकता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">संसदीय स्थायी समिति ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों की समीक्षा भी की और अगले वर्ष से NEET-UG को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा की।</span></i></b></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>पेपर लीक के चलते रद्द कर दी गई NEET-UG परीक्षा</b></span></p><p>NEET-UG 2026 विवाद के कारण 3 मई को भारत के 551 शहरों और 14 अंतरराष्ट्रीय केंद्रों पर आयोजित परीक्षा रद्द कर दी गई थी, जिसमें 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">री-एग्जाम 21 जून को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा तय कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित किया जाएगा।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET री-एग्जाम देने वाले छात्रों के लिए बिहार में फ्री बस सेवा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-three-language-rule-class-9-10-no-board-exam-r3-4666 ]]></guid><title><![CDATA[ CBSE का बड़ा बदलाव, कक्षा 9-10 में तीन भाषाएं अनिवार्य ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-three-language-rule-class-9-10-no-board-exam-r3-4666 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 16 May 2026 16:45:29 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया है। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 में तीसरी भ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया है। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 में तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">15 मई को जारी सर्कुलर में सीबीएसई ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE) 2023 के अनुरूप तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य होगा।</span></p><p>सर्कुलर में कहा गया, “1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 में तीन भाषाओं (R1, R2, R3) का अध्ययन अनिवार्य होगा, जिनमें कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होंगी।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, छात्रों पर अतिरिक्त दबाव कम करने और सीखने पर ध्यान बनाए रखने के उद्देश्य से कक्षा 10 में तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं ली जाएगी।</span></p><p><b>तीसरी भाषा के कारण&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा</span></b></p><p>सीबीएसई ने कहा, “R3 से संबंधित सभी मूल्यांकन स्कूल स्तर पर और आंतरिक रूप से किए जाएंगे। छात्रों का प्रदर्शन सीबीएसई प्रमाणपत्र में दर्ज किया जाएगा।” बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी छात्र को तीसरी भाषा के कारण कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The Central Board of Secondary Education (CBSE) has made the study of three languages compulsory for students from Class IX beginning July 1, 2026, while clarifying that there will be no Board examination for the third language (R3) in Class X.&lt;br&gt;&lt;br&gt;In a circular issued on May 15,… &lt;a href="https://t.co/D1jlOPbqXQ"&gt;pic.twitter.com/D1jlOPbqXQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2055600070301765944?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 16, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>सूची में शामिल किसी भी भाषा को पढ़ा सकते हैं</b></p><p>सीबीएसई के अनुसार, स्कूल सीबीएसई विषय सूची में शामिल किसी भी भाषा को पढ़ा सकते हैं, बशर्ते चुनी गई तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं हों। विदेशी भाषाएं तभी तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाई जा सकेंगी जब बाकी दो भाषाएं भारतीय हों, या फिर उन्हें वैकल्पिक चौथी भाषा के रूप में लिया जा सकेगा।</p><p>संक्रमण व्यवस्था के तहत सीबीएसई ने कहा कि कक्षा 9 के छात्र फिलहाल चुनी गई तीसरी भाषा के लिए कक्षा 6 की पाठ्यपुस्तकों का उपयोग करेंगे, जब तक कि माध्यमिक स्तर की नई पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो जातीं। स्कूलों को स्थानीय और राज्य स्तरीय साहित्यिक सामग्री भी जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।</p><p><b>स्कूलों में भाषा शिक्षकों की कमी है</b></p><p>सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि जिन स्कूलों में भाषा शिक्षकों की कमी है, वे अस्थायी तौर पर अन्य स्कूलों के संसाधनों की साझेदारी, वर्चुअल शिक्षण सहायता या सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं योग्य स्नातकोत्तर शिक्षकों की सेवाएं ले सकते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीबीएसई ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN), विदेशों में स्थित स्कूलों और विदेश से भारत लौटने वाले छात्रों को मामले-दर-मामले के आधार पर छूट देने की भी घोषणा की है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CBSE का बड़ा बदलाव, कक्षा 9-10 में तीन भाषाएं अनिवार्य ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/prakash-reddy-attacks-rahul-gandhi-over-neet-paper-leak-4661 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET पेपर लीक पर बीजेपी का राहुल गांधी पर पलटवार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/prakash-reddy-attacks-rahul-gandhi-over-neet-paper-leak-4661 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 16 May 2026 12:25:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ हैदराबाद, तेलंगाना: बीजेपी नेता प्रकाश रेड्डी ने शनिवार को विपक्ष द्वारा NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>हैदराबाद, तेलंगाना:</b> बीजेपी नेता प्रकाश रेड्डी ने शनिवार को विपक्ष द्वारा NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती थी, जबकि मौजूदा बीजेपी सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी।</span></p><p>मीडिया से बातचीत में प्रकाश रेड्डी ने जांच से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस मामले में मुख्य आरोपी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने केंद्र सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि 2027 से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों को “राजनीतिक बयानबाजी” करार दिया।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Hyderabad | On the NEET-UG paper leak controversy, BJP leader Prakash Reddy says, “In independent India, the exam papers of competitive exams were leaked many a time in different parts of the country, but no action was taken by the then Congress ruling. However, the… &lt;a href="https://t.co/VRMTUh0d2a"&gt;pic.twitter.com/VRMTUh0d2a&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2055501953166147664?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 16, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>पहले भी&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पेपर लीक हुए, कांग्रेस ने नहीं की कोई कार्रवाई</span></b></p><p>प्रकाश रेड्डी ने कहा, “स्वतंत्र भारत में कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन उस समय की कांग्रेस सरकारों ने कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि भारत सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच शुरू की और मुख्य आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वह पुणे का रहने वाला है और फिलहाल जेल में है। सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले साल से परीक्षा ऑनलाइन मोड में कराई जाएगी ताकि पेपर लीक रोका जा सके। राहुल गांधी के राजनीतिक आरोपों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।”</p><p><b>राहुल गांधी ने की थी परीक्षा रद्द होने पर तल्ख टिप्पणी</b></p><p>प्रकाश रेड्डी की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला था। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए परीक्षा रद्द होने के बाद कथित तौर पर कुछ छात्रों की मौत की खबरों का जिक्र किया।</p><p class="grey-bg-red"><b><i>उन्होंने लिखा, “2015 से 2026 तक 148 परीक्षा घोटाले हुए। 87 परीक्षाएं रद्द हुईं और 9 करोड़ बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राहुल गांधी ने जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों की जांच के बावजूद किसी को कड़ी सजा नहीं मिली।</span></i></b></p><p>राहुल गांधी ने कहा, “148 घोटालों में सिर्फ एक मामले में सजा हुई। सीबीआई ने 17 केस और ईडी ने 11 केस लिए, लेकिन किसी को सजा नहीं मिली।” राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि जवाबदेही तय करने के लिए और कितनी घटनाएं होने का इंतजार किया जाएगा।</p><p><b>21 जून को होगी&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">NEET-UG की पुनर्परीक्षा</span></b></p><p> </p><p>इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की कि NEET-UG की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी और अगले वर्ष से यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाएगी, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।</p><p><b>नहीं होगी इस बार परीक्षा में कोई गड़बड़ी- धर्मेंद्र प्रधान</b></p><p class="blue-bg-white"><b><i>धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी और सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा, “हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है। हम इस बार किसी भी प्रकार की धांधली नहीं होने देंगे। सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। देशहित में हमें कठिन फैसला लेना पड़ा और हमें इसका दुख है।”</i></b></p><p><b>12 मई को परीक्षा रद्द करने का लिया गया फैसला</b></p><p>प्रेस कॉन्फ्रेंस में धर्मेंद्र प्रधान ने स्वीकार किया कि “गेस पेपर” के नाम पर प्रश्न बाहर गए थे। उन्होंने बताया कि 8 मई से सत्यापन प्रक्रिया शुरू हुई थी और चार दिनों तक जांच के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET पेपर लीक पर बीजेपी का राहुल गांधी पर पलटवार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-reexam-cbt-mode-dharmendra-pradhan-4650 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET पेपर लीक पर बड़ा फैसला: अगले साल से CBT मोड में होगी परीक्षा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-reexam-cbt-mode-dharmendra-pradhan-4650 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 15 May 2026 12:04:37 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) 21 जून को NEET-UG की पुनर्परीक्षा आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) 21 जून को NEET-UG की पुनर्परीक्षा आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अगले साल से परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाएगी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी और सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है।</span></p><p>उन्होंने कहा, “हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है और सरकार उनकी मेहनत और प्रयासों के प्रति संवेदनशील है। इस बार किसी भी तरह की धांधली नहीं होने दी जाएगी। सरकार आपके साथ है। देशहित में हमें कठिन फैसला लेना पड़ा और हमें इसका दुख है।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने स्वीकार किया कि “गेस पेपर” के नाम पर प्रश्नपत्र बाहर पहुंच गए थे।</span></p><p><b>सत्यापन प्रक्रिया&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">8 से 11 मई तक चली</span></b></p><p><span style="font-size: 1rem;">शिक्षा मंत्री</span><span style="font-size: 1rem;"> </span>ने कहा, “गेस पेपर के नाम पर प्रश्न बाहर चले गए थे।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया 8 मई से शुरू हुई और 8 से 11 मई तक चली। इसके बाद 12 मई को केंद्र सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “जब हमें स्पष्ट हो गया कि इस बार पेपर लीक के आधार पर प्रश्न बाहर पहुंचे हैं, तब हमने छात्रों के हित में परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया। हम नहीं चाहते थे कि शिक्षा माफियाओं की साजिश के कारण कोई योग्य छात्र अपने अधिकार से वंचित हो।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi | On NEET re-examination, Union Education Minister Dharmendra Pradhan says, &amp;quot;The root cause of this was OMR and therefore, from the next year, the exam will be conducted in Computer-Based Test (CBT) mode...&amp;quot; &lt;a href="https://t.co/5BepLQD7CC"&gt;pic.twitter.com/5BepLQD7CC&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2055167737228599764?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 15, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>अनियमितताओं को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है</b>&nbsp;</p><p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए हुए है। उन्होंने बताया कि पिछली बार सामने आई गड़बड़ियों के बाद गठित राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को 2025 और 2026 के लिए पूरी तरह लागू किया गया था, लेकिन इसके बावजूद यह घटना हुई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “इसी कारण हमारा पहला निर्णय परीक्षा रद्द करना था।”</span></p><p>धर्मेंद्र प्रधान ने NTA का बचाव करते हुए कहा कि एजेंसी पूरी तरह जवाबदेह है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “NTA पूरी तरह जवाबदेह है। यह सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश पर बनाई गई संस्था है और हर साल करीब 1 करोड़ छात्रों की परीक्षाएं आयोजित करती है। हम NTA में शून्य त्रुटि सुनिश्चित करेंगे।”&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को किसी एक संस्था की विफलता नहीं बल्कि परीक्षा प्रणाली की चुनौती के रूप में देखा जाना चाहिए।</span></p><p><b>आगामी परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>शिक्षा मंत्री ने छात्रों की परीक्षा फीस लौटाने और आगामी परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लेने की घोषणा भी की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “छात्रों की फीस वापस की जाएगी और आगामी परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।”&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि अगले साल से NEET परीक्षा CBT मोड में आयोजित होगी ताकि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत किया जा सके और अनियमितताओं पर रोक लगे।</span></p><p><b>परीक्षा अवधि 15 मिनट बढ़ाई जाएगी</b>&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>उन्होंने कहा कि NTA छात्रों को परीक्षा शहर दोबारा चुनने का विकल्प भी देगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कई छात्र उस शहर से वापस जा चुके होंगे जहां उन्होंने पिछली परीक्षा दी थी। इसलिए NTA उन्हें एक सप्ताह का समय देगा ताकि वे अपना पसंदीदा परीक्षा शहर फिर से चुन सकें।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">केंद्रीय मंत्री ने यह भी घोषणा की कि परीक्षा अवधि 15 मिनट बढ़ाई जाएगी ताकि उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर जैसी औपचारिकताओं के लिए पर्याप्त समय मिल सके।</span></p><p>उन्होंने कहा, “पहले परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक थी, अब यह 5:15 बजे तक चलेगी।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार राज्यों से परिवहन व्यवस्था को लेकर बात करेगी ताकि छात्रों को कम से कम परेशानी हो।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि सभी उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET पेपर लीक पर बड़ा फैसला: अगले साल से CBT मोड में होगी परीक्षा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/dharmendra-pradhan-tenure-paper-leak-controversies-2021-2026-4646 ]]></guid><title><![CDATA[ धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में लगातार पेपर लीक विवाद, 2021 से कई परीक्षाएं सवालों के घेरे में ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/dharmendra-pradhan-tenure-paper-leak-controversies-2021-2026-4646 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 15 May 2026 10:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के 22 लाख से ज्यादा छात्रों के सामने अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। National Testing Agency (NTA) ने दोबारा परीक्षा कराने का संकेत देते हुए कहा है कि न ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>NEET UG 2026</b> परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के 22 लाख से ज्यादा छात्रों के सामने अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। National Testing Agency (NTA) ने दोबारा परीक्षा कराने का संकेत देते हुए कहा है कि नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि री-एग्जाम जून के आखिर या जुलाई की शुरुआत में आयोजित हो सकता है।</p><p>परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है। कई जगहों पर NTA की कार्यप्रणाली और परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस विवाद के बीच <b>केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan </b>का कार्यकाल भी विपक्ष और छात्र संगठनों के निशाने पर आ गया है।</p><h4 class=""><b>शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल और पेपर लीक का 'साया': 2021 से अब तक सवालों के घेरे में कई परीक्षाएं</b></h4><p>भारत के शिक्षा तंत्र में पिछले कुछ वर्षों से '<b>पेपर लीक</b>' एक ऐसा शब्द बन गया है, जो किसी भी परीक्षा की घोषणा के साथ ही छात्रों के मन में डर पैदा कर देता है। जुलाई 2021 में जब <b>धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्रालय </b>का कार्यभार संभाला था, तब देश को उम्मीद थी कि <b>नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) </b>के नेतृत्व में एक पारदर्शी और त्रुटिहीन परीक्षा प्रणाली विकसित होगी। लेकिन आज, पांच साल बाद, स्थिति इसके ठीक विपरीत नजर आती है। 2021 से लेकर 2026 तक, शायद ही कोई ऐसा साल बीता हो जब किसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा की सुचिता पर सवाल न उठे हों।</p><p><b>नीट (NEET-UG), यूजीसी-नेट (UGC-NET), सीयूईटी (CUET)</b> और अन्य भर्ती परीक्षाओं में जिस तरह से पेपर लीक और धांधली के मामले सामने आए हैं, उसने न केवल सरकारी दावों की पोल खोल दी है, बल्कि करोड़ों मेहनतकश छात्रों के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया है। GTC Bharat की इस विशेष रिपोर्ट में हम विश्लेषण करेंगे कि आखिर क्यों<b> धर्मेंद्र प्रधान</b> का कार्यकाल विवादों के साये में रहा है।</p><h4 class=""><b>जुलाई 2021 और नई चुनौतियां</b></h4><p>7 जुलाई 2021 को <b>धर्मेंद्र प्रधान ने रमेश पोखरियाल 'निशंक' के बाद शिक्षा मंत्री </b>के रूप में शपथ ली थी। उस समय देश कोरोना महामारी की चुनौतियों से उबर रहा था और परीक्षाओं का आयोजन एक बड़ी चुनौती थी। मंत्रालय ने नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के क्रियान्वयन और डिजिटल लर्निंग पर जोर देने की बात कही थी। लेकिन जल्द ही, प्रशासनिक सुधारों की जगह 'पेपर लीक' की खबरें सुर्खियों में आने लगीं।</p><h4 class=""><b>विवादों का घटनाक्रम (2021-2026): एक कड़वी सच्चाई</b></h4><p>मंत्री जी के कार्यकाल के दौरान परीक्षाओं में आई गड़बड़ियों की सूची काफी लंबी है। यहाँ कुछ मुख्य घटनाओं का विवरण दिया गया है:</p><p><b>1. 2021: JEE Main 2021 शुरुआत में ही उठे सवाल&nbsp;</b></p><p>धर्मेंद्र प्रधान के पदभार संभालने के कुछ ही महीनों बाद, सितंबर 2021 में नीट-यूजी की परीक्षा के दौरान राजस्थान के सीकर और जयपुर से पेपर लीक की खबरें आईं। इसके अलावा, दिसंबर 2021 में <b>UGC-NET (हिंदी)</b> का पेपर व्हाट्सएप पर 6 घंटे पहले ही लीक हो गया था। सीबीआई ने <b>जेईई मेंस 2021 </b>में भी रिमोट एक्सेस के जरिए धांधली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था।</p><p><img style="width: 780.067px;" src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/student_0e803fda4f22069e3a036a134767482e_1280X720.webp"><br></p><p><b>2. 2022: CUET UG 2022</b></p><p>CUET UG 2022 देश में पहली बार बड़े स्तर पर आयोजित की गई केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा थी, लेकिन इसकी शुरुआत कई विवादों और तकनीकी समस्याओं के साथ हुई। परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर सर्वर डाउन, प्रश्नपत्र में गड़बड़ी, परीक्षा समय में देरी और तकनीकी खराबी की शिकायतें सामने आईं। कुछ छात्रों को परीक्षा शुरू होने के कई घंटे बाद तक इंतजार करना पड़ा, जबकि कई केंद्रों पर परीक्षा रद्द भी करनी पड़ी।</p><p>इसके बाद National Testing Agency ने प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की थी।</p><p><b>3. 2024: विश्वास का सबसे बड़ा संकट</b></p><p>यह साल भारतीय परीक्षा इतिहास के सबसे खराब वर्षों में से एक माना जाएगा।</p><ul><li><b>NEET-UG 2024: </b>24 लाख से ज्यादा छात्रों ने यह परीक्षा दी, लेकिन परिणाम आने के बाद 'ग्रेस मार्क्स' और पेपर लीक के आरोपों ने पूरे देश को हिला दिया। एक ही सेंटर से कई टॉपर्स का निकलना और बिहार पुलिस द्वारा पेपर लीक के पुख्ता सबूत पेश करना, मंत्रालय के लिए बड़ी फजीहत का कारण बना।<br></li><li><b>UGC-NET 2024:</b> जून में परीक्षा संपन्न होने के ठीक एक दिन बाद इसे रद्द कर दिया गया। मंत्रालय ने स्वीकार किया कि डार्क नेट पर पेपर लीक होने की सूचना मिली थी।</li></ul><p><b>4. 2026: ताजा मामला और हताशा</b></p><p><b>NEET UG 2026 </b>का आयोजन 3 मई 2026 को देशभर में किया गया था। परीक्षा के बाद कई राज्यों में पेपर लीक और परीक्षा केंद्रों पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए। सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल होने के दावे किए गए, जिसके बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया।</p><p>National Testing Agency (NTA) ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।</p><p>विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए, जबकि केंद्र सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।</p><h4 class=""><b>NTA: सवालों के घेरे में 'एजेंसी'</b></h4><p>नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को इस उद्देश्य से बनाया गया था कि यह परीक्षाओं को उच्च स्तरीय तकनीक और सुरक्षा के साथ आयोजित करेगी। लेकिन हकीकत यह है कि आज NTA विवादों का केंद्र बन चुकी है।</p><ul><li><b>संरचनात्मक खामियां:</b> एजेंसी की निर्भरता निजी वेंडरों पर बहुत ज्यादा है, जिससे डेटा लीक होने का खतरा बना रहता है।<br></li><li><b>तकनीकी खामियां:</b> CUET जैसी परीक्षाओं में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण परीक्षा केंद्रों पर छात्रों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई बार परीक्षाएं टालनी पड़ीं।</li></ul><h4 class=""><b>सरकार की प्रतिक्रिया: कानून और समितियां</b></h4><p>विपक्ष और छात्रों के बढ़ते दबाव के बीच, सरकार ने 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024' लागू किया है। इस कानून के तहत पेपर लीक करने वालों के लिए 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।</p><p>इसके अलावा, परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए डॉ. के. राधाकृष्णन के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है। हालांकि, छात्रों का कहना है कि कानून और समितियां तब तक बेकार हैं जब तक कि प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय नहीं की जाती।</p><h4 class=""><b>विशेषज्ञों और छात्रों की प्रतिक्रिया</b></h4><p>शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली का केंद्रीकरण (Centralization) ही सबसे बड़ी समस्या है। मनोवैज्ञानिक रूप से छात्र इस कदर टूट चुके हैं कि अब वे अपनी मेहनत पर कम और 'लीक' की खबरों पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं।</p><p>"हमने दो साल तक दिन-रात एक कर दिया, लेकिन अंत में पता चला कि पेपर पहले ही बिक चुका था। शिक्षा मंत्री और NTA को हमारे आंसुओं का हिसाब देना होगा।" - एक निराश नीट अभ्यर्थी</p><h4 class=""><b>राजनीतिक प्रभाव और विश्वसनीयता पर प्रहार</b></h4><p>विपक्ष ने इन विफलताओं को लेकर लगातार <b>धर्मेंद्र प्रधान </b>के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई अन्य नेताओं ने इसे "भ्रष्ट तंत्र" करार दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा की साख को धक्का लगा है। अगर भारत के प्रवेश परीक्षाओं पर ही सवाल उठेंगे, तो यहां की डिग्रियों की वैश्विक मान्यता पर भी असर पड़ना लाजमी है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में लगातार पेपर लीक विवाद, 2021 से कई परीक्षाएं सवालों के घेरे में ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-nta-restructuring-plea-supreme-court-4627 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक विवाद: NTA को बदलने या पुनर्गठित करने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-nta-restructuring-plea-supreme-court-4627 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 13 May 2026 14:12:09 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: भारत की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा, NEET-UG 2026, इन दिनों एक बड़े विवाद के केंद्र में है। 3 मई 2026 को आयोजित हुई इस परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों के बाद मचे देशव्यापी हंग ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली:</b> भारत की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा, NEET-UG 2026, इन दिनों एक बड़े विवाद के केंद्र में है। 3 मई 2026 को आयोजित हुई इस परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों के बाद मचे देशव्यापी हंगामे ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। देश भर के चिकित्सा संगठनों और छात्रों के बढ़ते आक्रोश के बीच, <b>फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA)</b> ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस याचिका में न केवल राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं, बल्कि इसे पूरी तरह से भंग करने या इसमें बड़े पैमाने पर सुधार करने की मांग की गई है।</p><p>यह विवाद तब और गहरा गया जब जांच एजेंसियों ने पाया कि परीक्षा के "<b>अनुमानित प्रश्न पत्र" (Guess Papers)</b> सोशल मीडिया पर हफ्तों पहले से ही घूम रहे थे। 22 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य अब अधर में लटका हुआ है, जिससे पूरे देश के शैक्षणिक गलियारे में तनाव और अनिश्चितता का माहौल है।</p><h4 class=""><b>सुप्रीम कोर्ट में याचिका: FAIMA की कड़ी मांगें</b></h4><p>FAIMA द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) में केंद्र सरकार और NTA की कड़ी आलोचना की गई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि पेपर लीक की यह घटना केवल एक "छिटपुट चूक" नहीं है, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली की "प्रणालीगत विफलता" (Systemic Failure) है।</p><p>याचिका में निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गई हैं:</p><ul><li>NTA का पुनर्गठन या प्रतिस्थापन: NTA की जगह एक अधिक मजबूत, स्वायत्त और पारदर्शी परीक्षा निकाय की स्थापना की जाए।</li><li>न्यायिक निगरानी में परीक्षा: नीट-यूजी 2026 की आगामी पुन: परीक्षा (Re-exam) सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व वाली उच्च-स्तरीय समिति की प्रत्यक्ष निगरानी में कराई जाए।</li><li>नेशनल एग्जामिनेशन इंटीग्रिटी कमीशन (NEIC): भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक समर्पित 'राष्ट्रीय परीक्षा सत्यनिष्ठा आयोग' के गठन का प्रस्ताव दिया गया है।</li><li>तकनीकी सुरक्षा: प्रश्नपत्रों के लिए डिजिटल लॉकिंग सिस्टम और कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (CBT) को अपनाने पर जोर दिया गया है।</li><li>CBI स्टेटस रिपोर्ट: जांच की वर्तमान स्थिति और अब तक हुई गिरफ्तारियों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।</li></ul><p>FAIMA के पदाधिकारियों का कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी अनियमितताएं प्रतिभाशाली छात्रों के मनोबल को तोड़ती हैं और देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करती हैं।</p><h4 class=""><b>जांच का दायरा: व्हाट्सएप 'गेस पेपर्स' और CBI की कार्रवाई</b></h4><p>पेपर लीक के तार कई राज्यों से जुड़े होने की संभावना के चलते केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच <b>केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)</b> को सौंप दी है। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:</p><ul><li><b>व्हाट्सएप पर लीक:</b> परीक्षा से लगभग 42 घंटे पहले व्हाट्सएप ग्रुप्स पर प्रश्न पत्र के हिस्से साझा किए गए थे।</li><li><b>केमिस्ट्री पेपर का मिलान: </b>जांच में पाया गया कि वायरल हुए "गेस पेपर्स" के लगभग 120 प्रश्न वास्तविक केमिस्ट्री पेपर से हूबहू मेल खाते थे।</li><li><b>भारी लेनदेन</b>: रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये पेपर परीक्षा से दो दिन पहले 5 लाख रुपये तक में बेचे जा रहे थे।</li><li><b>गिरफ्तारियां:</b> राजस्थान, बिहार और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से अब तक 13 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कई कोचिंग संस्थानों के संचालक और एडमिशन सलाहकार शामिल हैं।</li></ul><p>सीबीआई की विशेष टीमें अब उन मुख्य सरगनाओं की तलाश कर रही हैं जिन्होंने परीक्षा केंद्रों के साथ मिलीभगत कर पेपर को एक्सेस किया था। GTC Bharat की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले में 'सॉल्वर गैंग' की भूमिका भी संदिग्ध है।</p><h4 class=""><b>22 लाख छात्रों पर प्रभाव: तनाव और विरोध प्रदर्शन</b></h4><p>NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद ने छात्रों को मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया है। दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर देश के विभिन्न शहरों में छात्र और उनके अभिभावक सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।</p><p>कड़ी मेहनत और लाखों रुपये कोचिंग पर खर्च करने वाले छात्रों के लिए परीक्षा का रद्द होना किसी सदमे से कम नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अनिश्चितता के कारण छात्रों में मनोवैज्ञानिक तनाव और एंग्जायटी बढ़ रही है। कई छात्र संगठनों ने मांग की है कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिल जाती और सिस्टम पूरी तरह फूलप्रूफ नहीं हो जाता, तब तक नई परीक्षा की तारीखों की घोषणा न की जाए।</p><p><img style="width: 780.067px;" src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/neet_3bd4f4d324c2af002282bc805aaec6af_1280X720.webp"><br></p><h4 class=""><b>NTA के अस्तित्व पर संकट: क्या होगा अगला कदम?</b></h4><p>NTA की साख इस समय सबसे निचले स्तर पर है। विपक्ष और शिक्षाविदों द्वारा NTA प्रमुख के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। आलोचकों का कहना है कि सरकार ने राधाकृष्णन पैनल द्वारा प्रस्तावित सुधारों को लागू करने में देरी की, जिसका खामियाजा अब लाखों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।</p><p>राधाकृष्णन समिति ने परीक्षा केंद्रों के ऑडिट, डेटा सुरक्षा और पेपर लीक रोधी कानूनों को सख्त बनाने की सिफारिश की थी। सरकार पर अब दबाव है कि वह या तो NTA में आमूल-चूल परिवर्तन करे या FAIMA की मांग के अनुसार एक नया स्वतंत्र आयोग गठित करे।</p><h4 class=""><b>पुन: परीक्षा की तैयारी और भविष्य की राह</b></h4><p>ताजा जानकारी के अनुसार, सरकार ने जून 2026 की शुरुआत में NEET-UG पुन: परीक्षा आयोजित करने की योजना बनाई है। NTA ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने पहले पंजीकरण कराया था, उन्हें दोबारा आवेदन शुल्क नहीं देना होगा। हालांकि, छात्रों और विपक्षी दलों का कहना है कि केवल परीक्षा दोबारा कराना समाधान नहीं है; समाधान उस भ्रष्ट तंत्र को खत्म करने में है जो बार-बार पेपर लीक की घटनाओं को अंजाम देता है।</p><p><b>NEET-UG पेपर लीक विवाद</b> केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि यह भारत की शिक्षा व्यवस्था की शुद्धता का सवाल है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका अब लाखों छात्रों के लिए आशा की आखिरी किरण है। क्या कोर्ट NTA को भंग करने का आदेश देगा? क्या भारत को '<b>नेशनल एग्जामिनेशन इंटीग्रिटी कमीशन</b>' जैसा नया सुरक्षा कवच मिलेगा? इन सवालों के जवाब आने वाले हफ्तों में मिलेंगे। तब तक, 22 लाख छात्रों की निगाहें देश की सबसे बड़ी अदालत और सीबीआई की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक विवाद: NTA को बदलने या पुनर्गठित करने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-class-12-board-result-2026-announced-live-updates-4626 ]]></guid><title><![CDATA[ CBSE 12th Result 2026 Out: सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट घोषित, यहाँ देखें अपना स्कोरकार्ड और पास प्रतिशत ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-class-12-board-result-2026-announced-live-updates-4626 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 13 May 2026 13:55:55 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ परिणाम घोषित: आज 13 मई, 2026 को सीबीएसई ने देशभर के 12वीं कक्षा के छात्रों के नतीजे आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए हैं।लड़कियों का दबदबा:&nbsp;12वीं के छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है. CBSE ने 12वीं के ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>परिणाम घोषित</b>: आज 13 मई, 2026 को सीबीएसई ने देशभर के 12वीं कक्षा के छात्रों के नतीजे आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए हैं।</p><p><b>लड़कियों का दबदबा</b>:&nbsp;12वीं के छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है. CBSE ने 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए हैं. रिजल्ट के हिसाब से 12वीं के कुल 85.20 फीसदी छात्र पास हुए.&nbsp;</p><p>- लड़कियों का पास परसेंट 88.86%</p><p>- लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 82.13%</p><p><b>चेक करने के विकल्प</b>: छात्र अपना रिजल्ट <a href="https://results.cbse.nic.in/" target="_blank">results.cbse.nic.in</a>, <a href="https://www.cbse.gov.in/" target="_blank">cbse.gov.in</a> के अलावा <b>DigiLocker</b> और <b>UMANG</b> ऐप पर भी देख सकते हैं।</p><p><b>कोई मेरिट लिस्ट नहीं</b>: सीबीएसई ने छात्रों के बीच अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा को रोकने के लिए आधिकारिक मेरिट लिस्ट जारी न करने की अपनी नीति को बरकरार रखा है।</p><p><b>डिजिटल मार्कशीट</b>: डिजिलॉकर के जरिए छात्र अपनी 'डिजिटल साइन्ड' मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CBSE 12th Result 2026 Out: सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट घोषित, यहाँ देखें अपना स्कोरकार्ड और पास प्रतिशत ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-case-all-accused-will-go-to-jail-nta-dg-abhishek-singh-4623 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में सभी आरोपी जाएंगे जेल: NTA डीजी अभिषेक सिंह ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-case-all-accused-will-go-to-jail-nta-dg-abhishek-singh-4623 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 12 May 2026 19:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को कहा कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने परीक्षा रद्द क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को कहा कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने परीक्षा रद्द करने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि छात्रों के हित में निष्पक्ष तरीके से दोबारा परीक्षा कराई जाएगी और इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।</span></p><p>राष्ट्रीय राजधानी में मीडिया से बातचीत करते हुए अभिषेक सिंह ने कहा, “हमने मामला सीबीआई को सौंप दिया है। सभी आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा ताकि छात्रों के भविष्य पर कोई असर न पड़े। हम छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करेंगे और यह पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से होगी।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;This is regarding the news article headlined “NITI calls for two-year construction ban as West Asia crisis drains economy” published in The Tribune on May 12, 2026. This is to clarify that no such recommendation in any form has been made by NITI Aayog calling for a construction… &lt;a href="https://t.co/Bo9XNDL12G"&gt;https://t.co/Bo9XNDL12G&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; DD News (@DDNewslive) &lt;a href="https://twitter.com/DDNewslive/status/2054169276857372843?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>री-एग्जाम में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">अभिषेक सिंह</span><span style="font-size: 1rem;"> </span>ने कहा कि छात्रों से री-एग्जाम के लिए कोई नया शुल्क नहीं लिया जाएगा और पहले परीक्षा के लिए जमा की गई फीस भी वापस की जाएगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अभिषेक सिंह ने बताया, “हमने फैसला किया है कि री-एग्जाम के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी और पहली परीक्षा में ली गई फीस भी रिफंड की जाएगी।”</span></p><p>उन्होंने परीक्षा रद्द होने की पूरी प्रक्रिया बताते हुए कहा कि 7 मई की रात एजेंसी को एक व्हिसलब्लोअर से सूचना मिली थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “हमें जानकारी मिली कि परीक्षा से पहले एक व्यक्ति को व्हाट्सऐप पर कुछ सवाल भेजे गए थे, जो असली परीक्षा के सवालों से मेल खाते थे।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | CBI will probe number of questions leaked; no additional fees will be charged for re-exam, previous fees will be refunded: NTA Director General Abhishek Singh after NEET-UG paper leak&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NEETUG2026?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEETUG2026&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NEET?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEET&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NTA?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NTA&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/UgOEVMnghr"&gt;pic.twitter.com/UgOEVMnghr&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; All India Radio News (@airnewsalerts) &lt;a href="https://twitter.com/airnewsalerts/status/2054165855416836590?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Delhi: &amp;quot;We will appeal CBI to probe and nab culprits and take strong action,&amp;quot; says NTA Director General Abhishek Singh on NEET-UG paper leak.&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Full video available on PTI Videos - &lt;a href="https://t.co/n147TvrpG7"&gt;https://t.co/n147TvrpG7&lt;/a&gt;)&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NEET?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEET&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/Delhi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Delhi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/ySXUbw7auQ"&gt;pic.twitter.com/ySXUbw7auQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2054173369814421842?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>जांच में पता चला कुछ सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>NTA प्रमुख के अनुसार, एजेंसी ने यह जांच शुरू की कि कथित लीक पीडीएफ परीक्षा से पहले उपलब्ध थी या नहीं। जांच में पाया गया कि कुछ सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे और 1 तथा 2 मई को यह पीडीएफ कुछ लोगों के मोबाइल फोन में मौजूद थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अभिषेक सिंह ने कहा कि यह NTA की “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी” के खिलाफ था और इससे मेहनत कर रहे छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता था। इसी कारण परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Delhi: &amp;quot;Some questions in PDF circulating among students prior to exams matched actual question paper,&amp;quot; says NTA Director General Abhishek Singh on NEET-UG paper leak.&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Full video available on PTI Videos - &lt;a href="https://t.co/n147TvrpG7"&gt;https://t.co/n147TvrpG7&lt;/a&gt;)&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NEET?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEET&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/x9TXEZQVTV"&gt;pic.twitter.com/x9TXEZQVTV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2054173705480356055?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">3 मई को आयोजित&nbsp;</span>NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>इस बीच, केंद्र सरकार ने 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया है और कहा है कि परीक्षा नई तारीखों पर दोबारा कराई जाएगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सरकार ने पूरे मामले की व्यापक जांच के लिए इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">NTA ने स्पष्ट किया कि मई 2026 परीक्षा चक्र के लिए छात्रों का पंजीकरण डेटा, उम्मीदवार विवरण और चुने गए परीक्षा केंद्र दोबारा परीक्षा में भी मान्य रहेंगे। छात्रों को दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।</span></p><p>गौरतलब है कि NEET-UG देशभर में एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य मेडिकल स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली सबसे बड़ी परीक्षा है। 3 मई को यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,400 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | NEET-UG 2026 exam cancelled | Delhi: When asked if someone in NTA could be involved in the paper leak, NTA DG Abhishek Singh says, &amp;quot;Be it someone inside or outside, whoever it is, we urge the CBI to arrest them and punish them so that this issue can be cured at the… &lt;a href="https://t.co/RMm0jUXMKj"&gt;pic.twitter.com/RMm0jUXMKj&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2054167935468572955?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में सभी आरोपी जाएंगे जेल: NTA डीजी अभिषेक सिंह ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/declining-trust-in-government-schools-growing-hold-of-private-institutions-how-much-has-indias-education-system-changed-in-10-years-4618 ]]></guid><title><![CDATA[ सरकारी स्कूलों से घटता भरोसा, निजी स्कूलों की बढ़ती पकड़: 10 साल में कितनी बदली शिक्षा व्यवस्था ? ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/declining-trust-in-government-schools-growing-hold-of-private-institutions-how-much-has-indias-education-system-changed-in-10-years-4618 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 12 May 2026 15:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पिछले एक दशक में बड़े बदलावों से गुजरी है। एक ओर स्कूल छोड़ने वाले बच्चों यानी ड्रॉपआउट दर में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों से निजी स्कूलों की ओर छात्रों क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p></p><p>भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पिछले एक दशक में बड़े बदलावों से गुजरी है। एक ओर स्कूल छोड़ने वाले बच्चों यानी ड्रॉपआउट दर में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों से निजी स्कूलों की ओर छात्रों का तेजी से बढ़ता रुझान नई बहस खड़ी कर रहा है।</p><p><b>NITI Aayog</b> की हालिया रिपोर्ट “<b>School Education System in India: Temporal Analysis and Policy Roadmap for Quality Enhancement</b>” के मुताबिक, 2014-15 से 2024-25 के बीच शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुविधाओं, नामांकन और डिजिटल पहुंच में सुधार हुआ है, लेकिन सरकारी स्कूलों में छात्रों की हिस्सेदारी पहली बार 50% से नीचे चली गई है।</p><h4 class=""><b>सरकारी स्कूलों में घटे छात्र, निजी स्कूलों में बढ़ी भीड़</b></h4><p>रिपोर्ट के अनुसार, 2005 में जहां करीब 71% छात्र सरकारी स्कूलों में पढ़ते थे, वहीं 2024-25 तक यह आंकड़ा घटकर 49.24% रह गया। यानी अब आधे से कम छात्र सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं।</p><p>इसके उलट निजी स्कूलों में दाखिले लगातार बढ़े हैं। माध्यमिक स्तर पर करीब 44% स्कूल निजी क्षेत्र के हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अंग्रेजी माध्यम, स्मार्ट क्लास, डिजिटल सुविधाएं और बेहतर अनुशासन की धारणा ने निजी स्कूलों को बढ़त दिलाई है।</p><p>शहरी क्षेत्रों में यह बदलाव ज्यादा स्पष्ट दिख रहा है, जहां मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा परिवार निजी स्कूलों को भविष्य और करियर से जोड़कर देख रहे हैं।</p><h4 class=""><b>ड्रॉपआउट दर में सुधार, लेकिन माध्यमिक स्तर अब भी चिंता</b></h4><p><b>रिपोर्ट के मुताबिक, प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर में बड़ा सुधार हुआ है।</b></p><ul><li>2014-15 में जहां कई राज्यों में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट बड़ी चुनौती था, वहीं 2024-25 तक यह घटकर लगभग 0.3% तक पहुंच गया।<br></li><li>हालांकि माध्यमिक स्तर पर स्थिति अब भी चिंाजनक है। 2024-25 में सेकेंडरी स्तर की ड्रॉपआउट दर करीब 11.5% दर्ज की गई।</li></ul><p>विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थिक दबाव, ग्रामीण इलाकों में स्कूलों की दूरी, किशोरावस्था में पढ़ाई छोड़ना और रोजगार की मजबूरी इसके प्रमुख कारण हैं।</p><h4 class=""><b>10 साल में स्कूलों की तस्वीर कितनी बदली?</b></h4><p>पिछले दशक में स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार जरूर हुआ है।</p><table class="table table-bordered"><tbody><tr><td><b>संकेतक</b></td><td><b>2014-15</b></td><td><b>2024-25</b></td></tr><tr><td>सरकारी स्कूलों में नामांकन</td><td>50% से ऊपर</td><td>49.24%</td></tr><tr><td>प्राथमिक ड्रॉपआउट</td><td>कई राज्यों में ऊंचा</td><td>करीब 0.3%</td></tr><tr><td>माध्यमिक ड्रॉपआउट</td><td>गंभीर चुनौती</td><td>11.5%</td></tr><tr><td>बिजली वाले स्कूल</td><td>करीब 55%</td><td>91.9%</td></tr><tr><td>इंटरनेट सुविधा</td><td>बेहद सीमित</td><td>तेजी से विस्तार</td></tr><tr><td>कुल छात्र संख्या</td><td>-</td><td>24.69 करोड़</td></tr><tr><td>कुल स्कूल</td><td>-</td><td><p>14.71 लाख</p></td></tr></tbody></table><p></p><h4 class=""><b><br></b></h4><h4 class=""><b>सुविधाएं बढ़ीं, लेकिन समस्याएं खत्म नहीं</b></h4><p>रिपोर्ट में कहा गया है कि स्कूलों में बिजली, शौचालय और पानी जैसी सुविधाओं में सुधार हुआ है। फिर भी कई सरकारी स्कूल अब भी बुनियादी जरूरतों से जूझ रहे हैं।</p><ul><li>1 लाख से ज्यादा स्कूलों में बिजली की पर्याप्त व्यवस्था नहीं</li><li>करीब 98 हजार स्कूलों में लड़कियों के लिए कार्यरत शौचालय नहीं</li><li>एक लाख से अधिक स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं</li></ul><p>ग्रामीण भारत में यह समस्या ज्यादा गंभीर मानी जा रही है।</p><h4 class=""><b>डिजिटल इंडिया का असर, लेकिन ‘डिजिटल डिवाइड’ कायम</b></h4><p>कोविड-19 महामारी के बाद शिक्षा में डिजिटल बदलाव तेजी से बढ़ा। कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास, ऑनलाइन पढ़ाई और टैबलेट जैसी सुविधाएं आईं।</p><p>लेकिन रिपोर्ट बताती है कि ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों तक डिजिटल संसाधनों की पहुंच अब भी सीमित है। यही वजह है कि ऑनलाइन शिक्षा का फायदा सभी छात्रों तक समान रूप से नहीं पहुंच पाया।</p><h4 class=""><b>क्या कहती है नई शिक्षा नीति?</b></h4><p>Ministry of Education की नई शिक्षा नीति (NEP 2020) शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, ड्रॉपआउट कम करने और डिजिटल लर्निंग बढ़ाने पर जोर देती है</p><p>सरकार का लक्ष्य 2030 तक शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी और आधुनिक बनाना है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ स्कूल खोलना या नामांकन बढ़ाना काफी नहीं होगा, बल्कि सीखने की गुणवत्ता सुधारना सबसे बड़ी चुनौती है।</p><h4 class=""><b>विशेषज्ञों की राय</b></h4><p>शिक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकारी स्कूलों में भरोसा वापस लाने के लिए सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि शिक्षण गुणवत्ता, शिक्षक प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा पर ज्यादा निवेश करना होगा।</p><p>उनका मानना है कि अगर सरकारी स्कूल आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शिक्षण मॉडल के साथ आगे बढ़ते हैं, तो निजी स्कूलों की ओर बढ़ते पलायन को रोका जा सकता है।</p><h4 class=""><b>निष्कर्ष</b></h4><p>भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था बदलाव के निर्णायक दौर में है। ड्रॉपआउट दर में कमी और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों से निजी संस्थानों की ओर बढ़ता रुझान शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती असमानता की ओर भी इशारा करता है।</p><p>आने वाले वर्षों में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ बच्चों को स्कूल तक पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा उपलब्ध कराना होगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सरकारी स्कूलों से घटता भरोसा, निजी स्कूलों की बढ़ती पकड़: 10 साल में कितनी बदली शिक्षा व्यवस्था ? ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-2026-exam-cancelled-retest-4615 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET UG-2026 परीक्षा रद्द, NTA ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-2026-exam-cancelled-retest-4615 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 12 May 2026 12:22:21 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने भारत सरकार की मंजूरी के बाद 3 मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है।&nbsp;NTA ने घोषणा की है कि NEET UG 2026 परीक्षा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने भारत सरकार की मंजूरी के बाद 3 मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">NTA ने घोषणा की है कि NEET UG 2026 परीक्षा अब दोबारा आयोजित की जाएगी। पुनर्परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा अलग से की जाएगी।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">यह फैसला लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परीक्षा रद्द किए जाने के कारणों और नई परीक्षा तिथियों को लेकर विस्तृत जानकारी जल्द जारी की जाएगी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;National Testing Agency- &amp;quot;The Government of India has further decided to refer the matter to the Central Bureau of Investigation for a comprehensive inquiry into the allegations therein. NTA will extend full cooperation to the Bureau and will provide all materials, records, and… &lt;a href="https://t.co/3wPDmXSMXh"&gt;pic.twitter.com/3wPDmXSMXh&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2054091080480817321?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>CBI को सौंपी गई मामले की जांच</b></p><p>NTA ने कहा कि 10 मई 2026 की प्रेस रिलीज के क्रम में यह फैसला लिया गया है। एजेंसी के मुताबिक, 8 मई को परीक्षा से जुड़े मामलों को स्वतंत्र जांच और जरूरी कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेजा गया था। इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से मिले इनपुट और जांच रिपोर्ट की समीक्षा की गई। पेपर लीक होने को लेकर CBI जांच के भी आदेश दिए गए हैं।</p><p><span style="font-size: 1rem;">एजेंसी ने कहा कि एग्जाम सिस्टम में पारदर्शिता बनाए रखने और निष्पक्ष व विश्वसनीय परीक्षा तय करने के लिए यह कदम उठाया गया है। NTA के अनुसार, अब NEET UG-2026 परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। नई परीक्षा की तारीख, एडमिट कार्ड जारी करने का शेड्यूल और अन्य जरूरी जानकारी जल्द ही एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट और अन्य आधिकारिक माध्यमों से जारी की जाएगी। NTA ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Amid leak allegations, Centre cancels NEET-UG 2026; re-test to be held, matter referred to CBI&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://twitter.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/k84pFnXQ32"&gt;https://t.co/k84pFnXQ32&lt;/a&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NEETUG2026?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEETUG2026&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/ReExam?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#ReExam&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NEETExam?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEETExam&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/CBI?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CBI&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/SBnEDKKSov"&gt;pic.twitter.com/SBnEDKKSov&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://twitter.com/ani_digital/status/2054094107749011888?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET UG-2026 परीक्षा रद्द, NTA ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-2026-guess-paper-probe-rajasthan-sog-4609 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET परीक्षा में AI निगरानी और 5G जैमर के बावजूद विवाद... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-2026-guess-paper-probe-rajasthan-sog-4609 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 11 May 2026 17:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ जयपुर,&nbsp;राजस्थान: राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) NEET UG-2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच कर रही है। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि 410 सवालों वाले एक  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">जयपुर,</span>&nbsp;राजस्थान</b><b style="font-size: 1rem;">:</b><span style="font-size: 1rem;"> राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) </span><b>NEET UG-</b><span style="font-size: 1rem;"><b>2026 </b>परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच कर रही है। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि 410 सवालों वाले एक विशेष<b> ‘</b></span><b>Guess Paper</b><span style="font-size: 1rem;"><b>’ </b>की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें किसी तरह की नकल या आपराधिक गतिविधि हुई है या नहीं।</span></p><p>आरोप है कि इस&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">‘</span>Guess Paper<span style="font-size: 1rem;">’</span>&nbsp;के लगभग <b>120 सवाल</b> वास्तविक परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन में पूछे गए सवालों से मेल खाते थे। बंसल ने कहा कि यह दस्तावेज परीक्षा से 15 दिन से लेकर एक महीने पहले तक छात्रों के बीच प्रसारित हो रहा था। फिलहाल एजेंसियां इस मामले में किसी भी आपराधिक गतिविधि की जांच कर रही हैं।</p><p><b style="font-size: 1rem;">"NEET परीक्षा को लेकर कई गलतफहमियां फैल रही हैं"</b></p><p>विशाल बंसल ने कहा, “NEET परीक्षा को लेकर कई तरह की गलतफहमियां फैल रही हैं। एक खास बिंदु स्पष्ट करना चाहता हूं कि 410 सवालों वाला एक&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">‘</span>Guess Paper<span style="font-size: 1rem;">’&nbsp;</span>सामने आया है। आरोप है कि इनमें से लगभग 120 सवाल केमिस्ट्री सेक्शन में पूछे गए। यह&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">‘</span>Guess Paper<span style="font-size: 1rem;">’</span>&nbsp;परीक्षा से काफी पहले छात्रों तक पहुंच चुका था।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आगे कहा, “हमारी जांच फिलहाल इस बात पर केंद्रित है कि इस&nbsp;</span><b><span style="font-size: 1rem;">‘</span><span style="font-size: 1rem;">Guess Paper</span><span style="font-size: 1rem;">’</span></b><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;के आधार पर किसी तरह की नकल या आपराधिक गतिविधि हुई या नहीं। अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Jaipur, Rajasthan: Vishal Bansal, Additional Director General (ADG) of the Rajasthan Police&amp;#39;s Special Operations Group (SOG), says, &amp;quot;Regarding the various misconceptions surrounding the NEET examination, let me clarify one specific point: there is a guess paper… &lt;a href="https://t.co/SqekUuorQt"&gt;pic.twitter.com/SqekUuorQt&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2053701639631151551?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 11, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>NTA ने सोशल मीडिया पर जारी किया बयान</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>इस बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भी NEET UG-<span style="font-size: 1rem;">2026</span>&nbsp;परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर बयान जारी किया है। यह बयान राजस्थान SOG&nbsp;की कार्रवाई के बाद सामने आया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि 3 मई को हुई परीक्षा सभी केंद्रों पर “पूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल” के तहत आयोजित की गई थी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The National Testing Agency is aware of reports concerning the action initiated by the Rajasthan Special Operations Group in connection with alleged irregularities around NEET (UG) 2026. The following is placed on record for the information of candidates, parents, and the public.…&lt;/p&gt;&amp;mdash; National Testing Agency (@NTA_Exams) &lt;a href="https://twitter.com/NTA_Exams/status/2053385885899796680?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 10, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>प्रश्नपत्र जीपीएस ट्रैकिंग वाले वाहनों के जरिए भेजे गए</b></p><p>एजेंसी के अनुसार, प्रश्नपत्र जीपीएस ट्रैकिंग वाले वाहनों के जरिए भेजे गए थे, जिन पर यूनिक और ट्रैसेबल वॉटरमार्क लगे थे। परीक्षा केंद्रों पर AI आधारित सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और 5जी जैमर जैसी व्यवस्थाएं लागू थीं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA ने बताया कि उसे 7 मई को कथित गड़बड़ियों से जुड़ी सूचनाएं मिली थीं। इसके बाद 8 मई की सुबह इन जानकारियों को जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया गया।</span></p><p>एजेंसी ने कहा कि जांच अभी जारी है और तथ्य सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। NTA ने कहा, “हम जांच के नतीजों को लेकर पहले से कोई निष्कर्ष नहीं निकालेंगे। जांच एजेंसियां जो भी तथ्य सामने लाएंगी, उनके आधार पर पारदर्शी तरीके से आगे की कार्रवाई की जाएगी।”</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET परीक्षा में AI निगरानी और 5G जैमर के बावजूद विवाद... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/al-falah-university-chairman-jawad-ahmad-siddiqui-pmla-case-police-custody-4590 ]]></guid><title><![CDATA[ 493 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस में अल-फलाह ट्रस्ट पर ED का शिकंजा... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/al-falah-university-chairman-jawad-ahmad-siddiqui-pmla-case-police-custody-4590 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 10 May 2026 12:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: साकेत कोर्ट ने शनिवार को अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन और तारबिया एजुकेशन फाउंडेशन&nbsp;के निदेशक एवं प्रमुख शेयरधारक जवाद अहमद सिद्दीकी&nbsp;को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजने की  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> साकेत कोर्ट ने शनिवार को अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन और </span>तारबिया एजुकेशन फाउंडेशन<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;के निदेशक एवं प्रमुख शेयरधारक </span>जवाद अहमद सिद्दीकी&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजने की मंजूरी दे दी। उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) मामले में 24 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।</span></p><p>आरोप है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने छात्रों को संस्थानों में दाखिला दिलाने के नाम पर कथित रूप से 493.24 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) अर्जित की। जांच एजेंसी ने दावा किया कि आरोपी ने हरियाणा सरकार से Essentiality Certificate और National Medical Commission से अनुमति हासिल करने के लिए कई नियामक संस्थाओं को गुमराह किया।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/BREAKING?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#BREAKING&lt;/a&gt;: Saket Court has sent Al-Falah University Chairman Jawad Ahmad Siddiqui to three days of police custody after his arrest by the Delhi Police Special Cell. He was earlier in judicial custody in a money laundering case &lt;a href="https://t.co/lXqgzITuaL"&gt;pic.twitter.com/lXqgzITuaL&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://twitter.com/ians_india/status/2053108842293272843?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>नियमित जमानत याचिका खारिज हुई थी</b></p><p>इससे पहले 2 मई को अदालत ने जवाद अहमद सिद्दीकी की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नियमित जमानत की मांग की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) उनके खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुका है।</p><p>अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशशीतल चौधरी प्रधान ने आरोपी और ED की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।</p><p><b>विदेशों में व्यवसाय,&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">चल-अचल संपत्तियों में निवेश का आरोप</span></b></p><p>अदालत ने अपने आदेश में कहा, “यह स्पष्ट है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी/ट्रस्ट/कॉलेज से उत्पन्न अवैध धनराशि संबंधित कंपनियों—आमला एंटरप्राइजेज एलएलपी, कारकुन कंस्ट्रक्शंस एंड डेवलपर्स और दियाला कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए भेजी गई। ये कंपनियां उनकी पत्नी, बच्चों और भरोसेमंद कर्मचारियों के नाम पर थीं, लेकिन नियंत्रण खुद आरोपी के पास था। इस धन को विदेशों में व्यवसाय और चल-अचल संपत्तियों में निवेश किया गया।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Saket Court has approved a 3-day police custody for Al-Falah University Chairman, and Director and major shareholder of Tarbia Education Foundation, Jawad Ahmad Siddiqui. &lt;br&gt;&lt;br&gt;He was arrested on March 24 in connection with an ongoing investigation under the provisions of… &lt;a href="https://t.co/HDlc3oq8qB"&gt;pic.twitter.com/HDlc3oq8qB&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2053145153314107691?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>भरोसेमंद पद का दुरुपयोग किया- कोर्ट</b></p><p>कोर्ट ने आगे कहा कि मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के रूप में आरोपी ने अपने भरोसेमंद पद का दुरुपयोग किया और शैक्षणिक एवं चैरिटेबल संस्थानों का इस्तेमाल निजी, पारिवारिक और व्यावसायिक लाभ के लिए किया, जो कानूनी दायित्वों का उल्लंघन है।</p><p>ED ने अदालत को बताया कि NAAC मान्यता और UGC की धारा 12(B) के तहत फर्जी मान्यता दिखाकर अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज समेत सभी संस्थानों को प्राप्त शैक्षणिक फीस से कुल 493.24 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 493 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस में अल-फलाह ट्रस्ट पर ED का शिकंजा... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/centre-plans-to-extend-nipun-bharat-mission-till-class-5-4562 ]]></guid><title><![CDATA[ केंद्र की योजना: NIPUN भारत मिशन का दायरा बढ़ेगा, अब कक्षा 5 तक मिलेगा लाभ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/centre-plans-to-extend-nipun-bharat-mission-till-class-5-4562 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 07 May 2026 14:25:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: शिक्षा मंत्रालय NIPUN Bharat Mission (नेशनल इनिशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरसी) को कक्षा 5 तक विस्तार देने की योजना बना रहा है। अधिकारियों ने यह जानक ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> शिक्षा मंत्रालय <b>NIPUN Bharat Mission </b>(नेशनल इनिशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरसी) को कक्षा 5 तक विस्तार देने की योजना बना रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">जुलाई 2021 में शुरू किया गया यह मिशन 2026-27 तक कक्षा 3 के सभी बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (FLN) हासिल कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसका लक्ष्य 3 से 9 वर्ष के बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणितीय क्षमता विकसित करना है।</span></p><p>एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमारे पास NIPUN भारत मिशन को कक्षा 5 तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। PARAKH Rashtriya Sarvekshan 2024 के परिणामों में साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता लगभग 60 प्रतिशत रही है। इसलिए हम उन बच्चों तक भी पहुंच बनाना चाहते हैं जो शुरुआती कक्षाओं में यह कौशल हासिल नहीं कर पाए।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Education Ministry Plans: PM SHRI in West Bengal, Kerala, TN; NIPUN Bharat till Class 5; mental health policy&lt;br&gt;While the Samagra Shikha undergoes reform, the ministry of education has extended its existing guidelines for 6 months. &lt;br&gt;Read more: &lt;a href="https://t.co/4SkVCHU7m0"&gt;https://t.co/4SkVCHU7m0&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/wO3mAzHNOh"&gt;pic.twitter.com/wO3mAzHNOh&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Careers360 (@careers360) &lt;a href="https://twitter.com/careers360/status/2052289861118198273?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 7, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>कक्षा 3 के छात्रों में भाषा में दक्षता 18 प्रतिशत बढ़ी</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>यह मिशन ऐसा वातावरण तैयार करने पर केंद्रित है, जिससे हर बच्चा कक्षा 3 तक पढ़ने, लिखने और गणित में निर्धारित दक्षता हासिल कर सके।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">PARAKH Rashtriya Sarvekshan 2024 के अनुसार, कक्षा 3 के छात्रों में भाषा में दक्षता 18 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि गणित में 23 प्रतिशत अधिक छात्र दक्ष पाए गए हैं, जो National Achievement Survey 2021 2021 की तुलना में बेहतर है।</span></i></b></p><p><b>2024 में 57 प्रतिशत छात्र भाषा में और 65 प्रतिशत छात्र गणित में दक्ष</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>आइटम रिस्पॉन्स थ्योरी (IRT) स्कोर के मुताबिक, 2024 में 57 प्रतिशत छात्र भाषा में और 65 प्रतिशत छात्र गणित में दक्ष या उससे अधिक स्तर पर पहुंचे हैं। वहीं 2021 के सर्वे में यह आंकड़े क्रमशः 39 प्रतिशत और 42 प्रतिशत थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">2017 के National Achievement Survey 2017 के मुकाबले भी यह सुधार महत्वपूर्ण है, जहां भाषा में 47 प्रतिशत और गणित में 53 प्रतिशत दक्षता दर्ज की गई थी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि बुनियादी स्तर पर कोविड-19 के कारण हुई सीखने की कमी की काफी हद तक भरपाई हो चुकी है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ केंद्र की योजना: NIPUN भारत मिशन का दायरा बढ़ेगा, अब कक्षा 5 तक मिलेगा लाभ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ncert-faces-textbook-shortage-only-half-books-printed-for-new-session-4559 ]]></guid><title><![CDATA[ NCERT बनाम निजी प्रकाशक: शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ncert-faces-textbook-shortage-only-half-books-printed-for-new-session-4559 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 07 May 2026 12:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद NCERT अपनी पाठ्यपुस्तकों की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को भरने के लिए तेजी से काम कर रहा है। अब तक निर्धारित पुस ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद NCERT अपनी पाठ्यपुस्तकों की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को भरने के लिए तेजी से काम कर रहा है। अब तक निर्धारित पुस्तकों में से केवल आधी से कुछ अधिक किताबें ही छप पाई हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">NCERT ने नए पाठ्यक्रम ढांचे के तहत कक्षा 3 से 9 तक की संशोधित पाठ्यपुस्तकें जारी की हैं।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"> 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए लगभग 15 करोड़ किताबें छापने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक अब तक केवल 7 से 8 करोड़ प्रतियां ही छपी हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मांग और आपूर्ति के अंतर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमें उम्मीद है कि मई महीने में हम बड़ी संख्या में किताबें छाप पाएंगे। NCERT ने करीब 15 करोड़ किताबें छापने की योजना बनाई थी, जिनमें से लगभग 7-8 करोड़ किताबें छप चुकी हैं।”</span></p><p><b>नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>अधिकारियों ने यह भी भरोसा जताया कि जल्द ही NCERT आपूर्ति की कमी को पूरा कर लेगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस देरी के कारण कई छात्रों को नई किताबें नहीं मिल पाई हैं, जबकि नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">जब अधिकारियों से पूछा गया कि संशोधित किताबों के अभाव में छात्र कैसे पढ़ाई कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, “पिछले वर्षों की किताबें उपलब्ध हैं और छात्र उन्हीं से पढ़ाई कर रहे हैं।”</span></p><p><b>निजी प्रकाशकों की किताबों पर बढ़ती निर्भरता से चिंता</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>किताबों की उपलब्धता में देरी के अलावा निजी स्कूलों द्वारा महंगी निजी प्रकाशकों की किताबों पर बढ़ती निर्भरता को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। आरोप हैं कि कई निजी स्कूल निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए दबाव बना रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भी आरोप लगाया कि एक 'शिक्षा माफिया' सस्ती सरकारी किताबों की पहल को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;भारत के गरीब बच्चों को पढ़ाने के प्राइवेट स्कूलों में निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबों के स्थान पर NCERT और SCERT की किफ़ायती पुस्तकों का उपयोग किये जाने हेतु मैंने RTE Act 2009 की परिधि के अंतर्गत PHR 1993 द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए राज्य सरकारों को निर्देश दिया था।… &lt;a href="https://t.co/R9LhM2Afph"&gt;pic.twitter.com/R9LhM2Afph&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) &lt;a href="https://twitter.com/KanoongoPriyank/status/2051680076207698319?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>NHRC&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सुझाया रास्ता</span></b></p><p>प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि निजी स्कूलों में महंगी निजी किताबों की जगह सस्ती NCERT और SCERT किताबों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कदम मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के तहत उठाया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इन शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि CBSE ने निजी स्कूलों से NCERT की किताबें इस्तेमाल करने का आग्रह किया है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NCERT बनाम निजी प्रकाशक: शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ncert-class-8-social-science-book-revised-after-sc-ban-release-soon-4549 ]]></guid><title><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद NCERT ने बदला पाठ्यक्रम, नई किताब जल्द होगी बाजार में... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ncert-class-8-social-science-book-revised-after-sc-ban-release-soon-4549 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 05 May 2026 13:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक, जिसे पहले Supreme Court of India ने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े एक अध्याय के कारण प ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक, जिसे पहले Supreme Court of India ने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े एक अध्याय के कारण प्रतिबंधित कर दिया था, अब संशोधित कर दी गई है और इसके एक सप्ताह के भीतर जारी होने की संभावना है। यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने दी।</span></p><p>संशोधित पुस्तक को एनसीईआरटी द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति से मंजूरी मिल चुकी है, जिसने न्यायपालिका से जुड़े विवादित अध्याय की समीक्षा की थी। अंतिम स्वीकृति एनसीईआरटी की सिलेबस समिति की बैठक के बाद मिलने की उम्मीद है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सूत्रों के अनुसार, “संशोधित पुस्तक को विशेषज्ञ पैनल ने मंजूरी दे दी है। अब सिलेबस समिति की बैठक होगी, जिसके बाद अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी। इस सप्ताह के अंत तक प्रिंटिंग शुरू होने की संभावना है।”</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>किताबों की उपलब्धता में देरी का सामना कर रहे छात्र</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">यह कदम ऐसे समय में आया है जब 1 अप्रैल से शुरू हुए नए शैक्षणिक सत्र के कारण छात्रों को एनसीईआरटी की किताबों की उपलब्धता में देरी का सामना करना पड़ रहा है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">संशोधित संस्करण की छपाई जल्द शुरू होने की उम्मीद है और यह पुस्तक एक सप्ताह के भीतर बाजार में उपलब्ध हो सकती है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;SC-banned NCERT Class 8 Social Science textbook revised, likely to be released within a week&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://twitter.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/4mgvArX3Oj"&gt;https://t.co/4mgvArX3Oj&lt;/a&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NCERT?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NCERT&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/SocialScienceBook?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#SocialScienceBook&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/HVN4yA1TPn"&gt;pic.twitter.com/HVN4yA1TPn&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://twitter.com/ani_digital/status/2051563382038462569?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>SC ने कक्षा 8 की किताब पर लगाया था प्रतिबंध</b></p><p>एनसीईआरटी ने मार्च में कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब <b>'Exploring Society: India and Beyond (Part II)'&nbsp;</b>को वापस ले लिया था, जब सुप्रीम कोर्ट ने इसके प्रकाशन, पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अदालत ने न्यायपालिका से जुड़े अध्याय के कुछ हिस्सों को “आपत्तिजनक” बताया था और कहा था कि इस सामग्री से संस्था की छवि को नुकसान पहुंचा है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>NCERT ने बिना किसी शर्त के मांगी माफ़ी</b></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>इसके बाद एनसीईआरटी ने बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा था कि “हम बिना किसी शर्त के माफी मांगते हैं... यह पूरी पुस्तक वापस ले ली गई है और उपलब्ध नहीं है।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में विधि (Legal Studies) से जुड़े विषयों को अंतिम रूप देने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जाए और सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री के प्रसार को लेकर भी चेतावनी दी थी।</span></i></b></p><p><b>न्यायपालिका से जुड़े अध्याय को फिर से लिखने के लिए समिति</b></p><p>इसके बाद केंद्र ने अदालत को बताया कि न्यायपालिका से जुड़े अध्याय को फिर से लिखने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अलग से, एनसीईआरटी ने कक्षा 8 और उससे ऊपर के पाठ्यक्रम को देखने के लिए <b>20 सदस्यीय </b>नेशनल सिलेबस एंड टीचिंग लर्निंग मैटेरियल कमेटी (NSTC) का पुनर्गठन किया है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई समिति में प्रमुख सदस्यों के सदस्य थे शामिल</b></span></p><p class="blue-bg-white"><b><i><span style="font-size: 1rem;">इस नई समिति में&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास, भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;जैसे प्रमुख संस्थानों के सदस्य शामिल हैं।&nbsp;</span>नए सदस्यों में वी. कामाकोटी (निदेशक, IIT मद्रास), रघुवेंद्र तंवर (अध्यक्ष, ICHR), पूर्व कुलपति आर. वेंकट राव (NLSIU) और अमरेंद्र प्रसाद बेहरा (NCERT) शामिल हैं। वहीं, विवाद के बाद मिशेल डैनिनो, बिबेक देबरॉय और एम.डी. श्रीनिवास को समिति से हटा दिया गया है।</i></b></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद NCERT ने बदला पाठ्यक्रम, नई किताब जल्द होगी बाजार में... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-2026-22-lakh-candidates-exam-centers-nta-india-4533 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET UG 2026: 22.79 लाख छात्र आज देंगे परीक्षा, देशभर में 5,400+ केंद्र तैयार... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-2026-22-lakh-candidates-exam-centers-nta-india-4533 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 03 May 2026 14:10:38 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: National Testing Agency (NTA) रविवार को देशभर और विदेशों में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) (UG) 2026 आयोजित कर रहा है। इस परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक उम्मीदवार 5,400 से ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत: </b>National Testing Agency (NTA) रविवार को देशभर और विदेशों में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) (UG) 2026 आयोजित कर रहा है। इस परीक्षा में <b>22.79 लाख से अधिक उम्मीदवार 5,400 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर शामिल हो रहे हैं।</b> दिव्यांग (PwD/PwBD) उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त समय जैसी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, वहीं परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए 2 लाख से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है।</span></p><p>NTA के अनुसार, “NEET (UG) 2026 का आयोजन आज दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे (IST) तक पेन-एंड-पेपर मोड में किया जा रहा है। दिव्यांग उम्मीदवारों को निर्धारित नियमों के अनुसार शाम 6:00 बजे तक परीक्षा देने की अनुमति होगी।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | NEET UG 2026: Gujarat: Aspirants arrive at an examination centre in Rajkot to appear for the medical entrance exam. &lt;a href="https://t.co/z1rnmmvC62"&gt;pic.twitter.com/z1rnmmvC62&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2050833296096125032?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>दुनिया की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक NEET</b></p><p>परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,432 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। लगभग 22.79 लाख पंजीकृत उम्मीदवारों के साथ यह दुनिया की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है।</p><p>तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में 10 केंद्रों पर कुल 4,945 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। भीषण गर्मी के बावजूद छात्र परीक्षा केंद्रों के बाहर इंतजार करते नजर आए।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | NEET UG 2026: Tamil Nadu: Aspirants arrive at an examination centre in Coimbatore to appear for the medical entrance exam. &lt;a href="https://t.co/BdbnQSMObz"&gt;pic.twitter.com/BdbnQSMObz&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2050835155187822705?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>देशभर में मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए परीक्षा</b></p><p>यह परीक्षा देशभर में मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। कन्याकुमारी मेंकार्मेल हायर सेकेंडरी स्कूल, एसएलबी स्कूल और एसएमआरवी स्कूल (वडास्सेरी, नागरकोइल) सहित कई केंद्र बनाए गए हैं, जहां छात्र सुबह 10 बजे से ही पहुंचने लगे थे।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | NEET UG 2026: Uttar Pradesh: Aspirants arrive at an examination centre in Lucknow to appear for the medical entrance exam. &lt;a href="https://t.co/nghyUqjDlK"&gt;pic.twitter.com/nghyUqjDlK&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2050838024750285154?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p> </p><p><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;<b>अपने&nbsp;</b></span><b><span style="font-size: 1rem;">परीक्षा केंद्रों में&nbsp;</span>देशभर के स्टूडेंट्स पहुंचे&nbsp;</b></p><p>देश के विभिन्न हिस्सों जैसे अनंतनाग (जम्मू-कश्मीर), जयपुर (राजस्थान) और कोयंबटूर (तमिलनाडु) में भी अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचते दिखाई दिए।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | NEET UG 2026: Rajasthan: Aspirants arrive at an examination centre in Jaipur to appear for the medical entrance exam. &lt;a href="https://t.co/E7zZbr1tfQ"&gt;pic.twitter.com/E7zZbr1tfQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2050835785864397257?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET UG 2026: 22.79 लाख छात्र आज देंगे परीक्षा, देशभर में 5,400+ केंद्र तैयार... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/up-board-result-2026-girls-top-highschool-intermediate-how-to-check-result-4475 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Board Result 2026: हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में लड़कियों ने मारी बाजी, ऐसे देखें रिजल्ट... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/up-board-result-2026-girls-top-highschool-intermediate-how-to-check-result-4475 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 23 Apr 2026 17:22:22 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ UP Board Result 2026: यूपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी हो गया है। रिजल्ट जारी होने के साथ ही यह बात सामने आई कि परीक्षा में हर बार की तरह इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी।&nbsp;यूपी बोर्ड 10वीं में 90 ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>UP Board Result 2026:</b> यूपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी हो गया है। रिजल्ट जारी होने के साथ ही यह बात सामने आई कि परीक्षा में हर बार की तरह इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यूपी बोर्ड 1<b>0वीं में 90.42% स्टूडेंट्स </b>पास हैं। हाईस्कूल में 97.83% अंक लाकर कशिश और अंशिका टॉपर रही हैं।</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP), प्रयागराज मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 23 अप्रैल 2026 को दोपहर 4 बजे 10वीं का रिजल्ट जारी किया गया है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">इस मौके पर</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span>उ<span style="font-size: 1rem;">त्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में 26.1 लाख छात्र शामिल हुए, जिनमें से 23.52 लाख पास हुए, जिससे सफलता दर 90.42% रही। इंटरमीडिएट परीक्षा में 24.86 लाख छात्र शामिल हुए, जिनमें से 19.98 लाख पास हुए, और कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 80.38% रहा। लड़कियों ने एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया—कशिश वर्मा और अंशिका वर्मा ने 97.83% अंक के साथ हाईस्कूल में टॉप किया, जबकि शिखा वर्मा ने इंटरमीडिएट में 97.60% अंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Lucknow, Uttar Pradesh: UP Board Results 2026 out with girls lead in High School and Intermediate exams.&lt;br&gt;&lt;br&gt;Minister of Secondary Education, UP, Gulab Devi, says, &amp;quot;... This year, 26.1 lakh students appeared for the High School exam, of which 23.52 lakh passed, giving a… &lt;a href="https://t.co/JllHK4YaIc"&gt;pic.twitter.com/JllHK4YaIc&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2047276661633331386?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>पिछली सरकारों पर किया तीखा हमला</b></p><p>इसके आगे शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, जहां परीक्षा सूची में हेरफेर होता था, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में परीक्षाएं निष्पक्ष और बिना किसी अनियमितता के आयोजित की गईं। ये शानदार परिणाम छात्रों की कड़ी मेहनत और शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाचार्यों तथा शिक्षकों के समर्पित प्रयासों को दर्शाते हैं।</p><p><b>मजदूर की बेटी ने रचा इतिहास</b></p><p>सीतापुर की शिखा वर्मा ने 12वीं में यूपी में टॉप किया है। शिखा ने 97.60 प्रतिशत नंबर हासिल किए हैं। दूसरे नंबर पर नंदनी गुप्ता और श्रिया वर्मा हैं। दोनों के 97.20 फीसदी नंबर हैं। <b>नंदिनी के पिता बेल्डिंग का काम करते हैं।</b>&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">तीसरे स्थान पर भी दो छात्राएं हैं। सुरभि यादव और पूजा पाल को 97 फीसदी नंबर मिले हैं। सुरभि के पिता इफको फैक्ट्री में जॉब करते हैं। यूपी बोर्ड 12वीं में टॉप-10 में 23 छात्रों ने जगह बनाई है। इनमें सीतापुर के चार स्टूडेंट हैं। इन छात्रों ने 500 में 488 से 477 अंक हासिल किए हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/UPBoardResults?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPBoardResults&lt;/a&gt;&lt;br&gt;हमारें टॉपर्स- &lt;a href="https://t.co/2x22zR9Hfr"&gt;pic.twitter.com/2x22zR9Hfr&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Madhyamik Shiksha Parishad, Uttar Pradesh (@upboardpryj) &lt;a href="https://twitter.com/upboardpryj/status/2047264349795029048?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट</b></p><p>छात्र ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया, यूपी बोर्ड के रिजल्ट जारी होने के साथ ही टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की गई है। जिन छात्राओं ने राज्य भर में टॉप पोजिशन हासिल किया है, उन्हें राज्य सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा।<span style="font-size: 1rem;">स्टूडेंट्स बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट <a href="https://upmsp.edu.in/" target="_blank">upmsp.edu.in</a> पर अपना Roll Number डालकर ऑनलाइन मार्कशीट चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।&nbsp;</span></p><p><b>UP Board 10th Result 2026 on upmsp.edu.in: यहां देखें...</b></p><ul><li>स्टेप 1: ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं: यूपी बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाएं।</li><li>स्टेप 2: रिजल्ट लिंक सर्च करें: होमपेज पर 'परीक्षाफल' लिंक पर क्लिक करें।</li><li>स्टेप 3: डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करें: नए पेज खुल, यहां 'हाई स्कूल (कक्षा X) का परीक्षाफल वर्ष 2026' लिंक (जल्द एक्टिव होगा) पर क्लिक करें।</li><li>स्टेप 4: डिटेल्स भरें: अब अपना जिला और साल चुनें और रोल नंबर (Roll Number) दर्ज करके 'View Result' पर क्लिक करें।</li><li>स्टेप 5: मार्कशीट चेक करें: आपके यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 की ऑनलाइन मार्कशीट स्क्रीन पर खुल जाएगी। इसे चेक करें।</li><li>स्टेप 6: मार्कशीट डाउनलोड करें: आगे के लिए ऑनलाइन मार्कशीट डाउनलोड करें और प्रिंटआउट ले लेकर रख लें।</li></ul> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Board Result 2026: हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में लड़कियों ने मारी बाजी, ऐसे देखें रिजल्ट... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/up-board-exam-result-2026-declared-highschool-inter-results-announced-4474 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Board Exam 2026: परीक्षा परिणाम घोषित, 10वीं में 90.42% और 12वीं में 80.38% छात्र सफल... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/up-board-exam-result-2026-declared-highschool-inter-results-announced-4474 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 23 Apr 2026 16:50:01 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ यूपी बोर्ड एग्जाम 2026&nbsp;रिजल्ट&nbsp;घोषित: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा-2026 का परिणाम घोषित हो गया है।&nbsp;प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उत्तर प्रदेश मा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>यूपी बोर्ड एग्जाम 2026&nbsp;</b></span><span style="font-weight: bolder; font-size: 1rem;">रिजल्ट</span><b style="font-size: 1rem;">&nbsp;घोषित:</b><span style="font-size: 1rem;"> उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा-2026 का परिणाम घोषित हो गया है।&nbsp;</span>प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने हाई स्कूल परिणाम देखने का लिंक <a href="https://upmsp.edu.in/" target="_blank">upmsp.edu.in</a> और upresults.nic.in पर जारी किया है। इस दौरान शिक्षा मंत्री गुलाब देवी भी उपस्थित रहीं। आपको बता दें कि वेबसाइट के अलावा, <a href="https://web.umang.gov.in/landing/" target="_blank">UMANG App</a> पर भी परिणाम देखा जा सकता है।&nbsp;</p><p>यूपी बोर्ड के अधिकारियों ने इस साल 10वीं क्लास में टॉप करने वाले स्टूडेंट्स के नामों का ऐलान भी कर दिया है। टॉपर्स की लिस्ट में छात्राओं ने ज्यादा जगह बनाई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आज 23 अप्रैल को हाई स्कूल के रिजल्ट की घोषणा हो चुकी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;“डॉ. महेंद्र देव, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश द्वारा परीक्षाफल घोषणा”&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/शिक्षा_का_समारोह?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#शिक्षा_का_समारोह&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/UPMSP?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPMSP&lt;/a&gt;&lt;br&gt;परीक्षाफल घोषणा से प्रमुख अंश- &lt;a href="https://t.co/7qG4kMIYal"&gt;pic.twitter.com/7qG4kMIYal&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Madhyamik Shiksha Parishad, Uttar Pradesh (@upboardpryj) &lt;a href="https://twitter.com/upboardpryj/status/2047276723990126797?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"> </span></p><p><b>पहला स्थान कशिश वर्मा और अंशिका वर्मा ने प्राप्त किया</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">पूरे राज्य में 10वीं क्लास में पहला स्थान कशिश वर्मा और अंशिका वर्मा ने प्राप्त किया है। दोनों छात्राओं ने<b> 97.83 प्रतिशत अंकों के साथ रैंक 1 हासिल की है</b>। उनके बाद दूसरे स्थान पर 97.50 प्रतिशत अंकों के साथ अदिति रही हैं। तीसरे स्थान पर तीन छात्र टॉपर रहे हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/UPBoardResults?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPBoardResults&lt;/a&gt;&lt;br&gt;हमारें टॉपर्स- &lt;a href="https://t.co/794SpWjF2e"&gt;pic.twitter.com/794SpWjF2e&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Madhyamik Shiksha Parishad, Uttar Pradesh (@upboardpryj) &lt;a href="https://twitter.com/upboardpryj/status/2047264281755046388?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>परीक्षा सम्पन्न कराने के लिए कराए गए थे पुख्ता इंतजाम</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">इस वर्ष परीक्षाएं प्रदेश भर के 8,033 केंद्रों पर आयोजित की गईं, जो 15 कार्य दिवसों में पूरी हुईं। बोर्ड प्रशासन के अनुसार परीक्षा प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे।</span></p><p>बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक: हाईस्कूल (10वीं) का उत्तीर्ण प्रतिशत 90.42% रहा इंटरमीडिएट (12वीं) का उत्तीर्ण प्रतिशत 80.38% दर्ज किया गया।<span style="font-size: 1rem;">यह परिणाम पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर माने जा रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि छात्रों की तैयारी और मूल्यांकन प्रक्रिया दोनों में सुधार हुआ है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/UPBoardResults?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPBoardResults&lt;/a&gt;&lt;br&gt;हमारें टॉपर्स- &lt;a href="https://t.co/2x22zR9Hfr"&gt;pic.twitter.com/2x22zR9Hfr&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Madhyamik Shiksha Parishad, Uttar Pradesh (@upboardpryj) &lt;a href="https://twitter.com/upboardpryj/status/2047264349795029048?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>मूल्यांकन प्रक्रिया भी समय पर पूरी</b></p><p>परीक्षाओं के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 254 केंद्रों पर किया गया। बोर्ड ने यह सुनिश्चित किया कि मूल्यांकन तय समयसीमा के भीतर पूरा हो, जिससे परिणाम घोषित करने में कोई देरी न हो।</p><p><b>पारदर्शिता और निगरानी पर विशेष जोर</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>इस वर्ष परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कई तकनीकी उपाय अपनाए गए। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, उड़नदस्तों की तैनाती और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। इससे नकल और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा गया।</i></b></p><p><b>छात्रों की मेहनत रंग लाई</b></p><p>शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर परिणामों के पीछे छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों का मार्गदर्शन और ऑनलाइन-ऑफलाइन संसाधनों का संतुलित उपयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;“परीक्षाफल केवल अंक नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के परिश्रम और संकल्प का प्रतीक है। जिन विद्यार्थियों का परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वे निराश न हों—आगे सुधार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं।”&lt;br&gt;— डॉ. महेंद्र देव, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/UPBoardResult?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPBoardResult&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Madhyamik Shiksha Parishad, Uttar Pradesh (@upboardpryj) &lt;a href="https://twitter.com/upboardpryj/status/2047267213464539404?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>आगे की राह</b></p><p>अब सफल छात्र उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर कदम बढ़ाएंगे। वहीं, असफल या कम अंक पाने वाले छात्रों के लिए सुधार परीक्षा (compartment) का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिससे वे अपने परिणाम बेहतर कर सकें। साथ ही&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बोर्ड ने </span><span style="font-size: 1rem;">सभी छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से लें और आगे की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करें।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Board Exam 2026: परीक्षा परिणाम घोषित, 10वीं में 90.42% और 12वीं में 80.38% छात्र सफल... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/marathi-made-compulsory-in-all-maharashtra-schools-dadaji-bhuse-4213 ]]></guid><title><![CDATA[ महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में मराठी अनिवार्य विषय, नियम उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई: शिक्षा मंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/marathi-made-compulsory-in-all-maharashtra-schools-dadaji-bhuse-4213 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 14 Mar 2026 12:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मुंबई, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी माध्यमों और सभी शिक्षा बोर्डों के तहत आने वाले स्कूलों में मराठी भाषा को अनिवार्य विषय बनाने का नोटिफिकेशन जारी किया है। नियम का उल्लंघन करने वाले स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>मुंबई, महाराष्ट्र:</b> महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी माध्यमों और सभी शिक्षा बोर्डों के तहत आने वाले स्कूलों में मराठी भाषा को अनिवार्य विषय बनाने का नोटिफिकेशन जारी किया है। नियम का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे (Dadaji Bhuse) ने विधानसभा में यह जानकारी दी। वह विधायक&nbsp;</span>हारून खान<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब दे रहे थे।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मंत्री भुसे ने बताया कि 1 मार्च 2020 को जारी सरकारी अधिसूचना के अनुसार राज्य के सभी माध्यमों और सभी प्रबंधन के स्कूलों में मराठी को अनिवार्य विषय बनाया गया है। कुछ अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय शिक्षा बोर्डों में मराठी को दूसरी भाषा या तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाया जाना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में मराठी को पाठ्यक्रम से हटाया नहीं जा सकता।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/Maharashtra?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Maharashtra&lt;/a&gt; | Government has issued a strict warning to schools, including those affiliated with national and international boards, where Marathi is not taught.&lt;a href="https://t.co/KzduDUhrnA"&gt;https://t.co/KzduDUhrnA&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Deccan Chronicle (@DeccanChronicle) &lt;a href="https://twitter.com/DeccanChronicle/status/2032496234016153670?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>मराठी न पढ़ाए जाने पर होगी स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई</b></p><p>विधायक हारून खान द्वारा एक विशेष स्कूल को लेकर की गई शिकायत पर मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग उस संस्थान का तुरंत निरीक्षण करेगा। यदि वहां मराठी नहीं पढ़ाई जा रही है तो स्कूल को कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि स्कूलों में मराठी पढ़ाने का नियम केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निजी, गैर-अनुदानित और विदेशी बोर्ड से संबद्ध स्कूलों पर भी लागू होता है। चूंकि मराठी राज्य की आधिकारिक भाषा है, इसलिए नई पीढ़ी का इसे सीखना और इसके संरक्षण में योगदान देना जरूरी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Marathi Language Made Mandatory in Maharashtra Schools: Education Minister Bhuse. Maharashtra&amp;#39;s Education Minister Dadaji Bhuse announced a new mandate requiring&lt;br&gt;all schools to teach Marathi as a compulsory subject. This initiative aims to&lt;br&gt;preserve... &lt;a href="https://t.co/3ztBSbfaxj"&gt;https://t.co/3ztBSbfaxj&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/juCvmQK4a8"&gt;pic.twitter.com/juCvmQK4a8&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; NationPress (@np_nationpress) &lt;a href="https://twitter.com/np_nationpress/status/2032415562228252810?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जो स्कूल मराठी नहीं पढ़ा रहे हैं उन्हें नियम लागू करने के निर्देश दिए जाएंगे और आदेश का पालन नहीं करने वाले संस्थानों की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस मुद्दे पर विधानसभा में विधायक </span>अतुल भातखालकर<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;और </span>अमित देशमुख<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;ने भी चर्चा में भाग लिया।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में मराठी अनिवार्य विषय, नियम उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई: शिक्षा मंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/delhi-hc-orders-private-schools-will-not-be-able-to-increase-fees-this-year-4141 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, इस साल प्राइवेट स्कूल नहीं बढ़ा सकेंगे फीस ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/delhi-hc-orders-private-schools-will-not-be-able-to-increase-fees-this-year-4141 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 28 Feb 2026 17:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार की 1 फरवरी की उस अधिसूचना पर रोक लगा दी है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी के निजी स्कूलों को स्कूल-स्तरीय शुल्क विनियमन समितियां (SLFRC) गठित करने और अगले त ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार की 1 फरवरी की उस अधिसूचना पर रोक लगा दी है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी के निजी स्कूलों को स्कूल-स्तरीय शुल्क विनियमन समितियां (SLFRC) गठित करने और अगले तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए प्रस्तावित फीस संरचना जमा करने का निर्देश दिया गया था।</span></p><p>मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने आदेश दिया कि याचिकाओं के अंतिम निर्णय तक यह अधिसूचना स्थगित रहेगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अदालत ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए स्कूल पिछले वर्ष के समान फीस ही वसूल सकते हैं, जो मामले के अंतिम फैसले के अधीन होगी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi High Court Delhi stays government notification directing private schools to constitute school-level fee regulation committees and submit details of the proposed fee for the next three academic years. &lt;br&gt;&lt;br&gt;HC says schools can charge the same fee for the year 2026-27 as they… &lt;a href="https://t.co/5jB3AAViog"&gt;pic.twitter.com/5jB3AAViog&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Bar and Bench (@barandbench) &lt;a href="https://twitter.com/barandbench/status/2027674373084352978?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 28, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई 12 मार्च को होगी</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">खंडपीठ ने कहा कि मामले के लंबित रहने के दौरान&nbsp;</span>SLFRC<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;का गठन टालना उचित होगा। इसलिए अधिसूचना की धारा 3(1) और 3(2) को फिलहाल स्थगित रखा गया है। अदालत ने याचिकाओं की अंतिम सुनवाई 12 मार्च, 2026 को तय की है।</span></p><p class="blue-bg-white"><b><i>यह मामला 1 फरवरी को दिल्ली सरकार द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना से जुड़ा है, जिसमें निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को 10 दिनों (10 फरवरी तक) के भीतर SLFRC&nbsp;गठित करने और उसके बाद 14 दिनों के भीतर अगले तीन शैक्षणिक सत्रों के लिए प्रस्तावित फीस संरचना का विवरण प्रस्तुत करने को कहा गया था।</i></b></p><p><b>कई&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">स्कूल संगठनों ने इस आदेश को चुनौती दी</span></b></p><p>दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसायटी और एक्शन कमेटी ऑफ अनएडेड रिकग्नाइज्ड प्राइवेट स्कूल्स सहित कई स्कूल संगठनों ने इस आदेश को चुनौती दी। उनका कहना था कि यह अधिसूचना दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम में निर्धारित समय-सीमाओं को बदलती है, जो कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है।</p><p>शुक्रवार को हाईकोर्ट&nbsp;ने अंतरिम राहत पर विस्तृत सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि सरकार कार्यकारी अधिसूचना के जरिए वैधानिक समय-सीमाओं में बदलाव नहीं कर सकती।</p><p><b>'शिक्षा में व्यावसायीकरण और मुनाफाखोरी को रोकना है' -&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सॉलिसिटर जनरल</span></b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि अधिनियम के तहत समय-सीमाएं कठोर नहीं हैं और उन्हें उचित रूप से समायोजित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य शिक्षा में व्यावसायीकरण और मुनाफाखोरी को रोकना है, और इसके लागू होने में देरी से छात्रों और अभिभावकों पर अनियंत्रित फीस वृद्धि का असर पड़ सकता है।</i></b></p><p class="">इससे पहले, 9 फरवरी को हाईकोर्ट ने समितियों के गठन की 10 फरवरी की समय-सीमा बढ़ा दी थी। शिक्षा निदेशालय ने अपने जवाब में कहा कि 1 अप्रैल से अधिनियम लागू करना फीस नियमन सुनिश्चित करने और शोषणकारी प्रथाओं पर रोक लगाने के लिए आवश्यक है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, इस साल प्राइवेट स्कूल नहीं बढ़ा सकेंगे फीस ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jnusu-strongly-condemns-police-action-on-campus-4135 ]]></guid><title><![CDATA[ JNUSU ने की कैंपस में पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा, पुलिसकर्मी डॉ. आंबेडकर का चित्र फाड़ते दिखे... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jnusu-strongly-condemns-police-action-on-campus-4135 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 27 Feb 2026 17:38:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली,भारत:&nbsp;जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) ने शुक्रवार को शिक्षा मंत्रालय (MoE) तक निकाले गए “लॉन्ग मार्च” के दौरान पुलिस कार्रवाई और 50 से अधिक छात्रों की सामूहिक हिरास ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <article class="text-token-text-primary w-full focus:outline-none [--shadow-height:45px] has-data-writing-block:pointer-events-none has-data-writing-block:-mt-(--shadow-height) has-data-writing-block:pt-(--shadow-height) [&amp;:has([data-writing-block])&gt;*]:pointer-events-auto scroll-mt-(--header-height)" tabindex="-1" dir="auto" data-turn-id="d7c42c34-98fe-4a69-afa1-87bdb4c359c2" data-testid="conversation-turn-11" data-scroll-anchor="false" data-turn="user"></article><article class="text-token-text-primary w-full focus:outline-none [--shadow-height:45px] has-data-writing-block:pointer-events-none has-data-writing-block:-mt-(--shadow-height) has-data-writing-block:pt-(--shadow-height) [&amp;:has([data-writing-block])&gt;*]:pointer-events-auto scroll-mt-[calc(var(--header-height) min(200px,max(70px,20svh)))]" tabindex="-1" dir="auto" data-turn-id="request-WEB:8708c357-6306-4f3a-acc8-abd8bf4accdd-5" data-testid="conversation-turn-12" data-scroll-anchor="false" data-turn="assistant"><div class="text-base my-auto mx-auto [--thread-content-margin:--spacing(4)] @w-sm/main:[--thread-content-margin:--spacing(6)] @w-lg/main:[--thread-content-margin:--spacing(16)] px-(--thread-content-margin)"><div tabindex="-1" class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn"><div class="flex max-w-full flex-col grow"><div data-message-author-role="assistant" data-message-id="47685191-1fa5-4a2c-8fdb-08b4055c3869" dir="auto" data-message-model-slug="gpt-5-2" class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal [.text-message &amp;]:mt-1"><div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden first:pt-[1px]"><div class="markdown prose dark:prose-invert w-full wrap-break-word light markdown-new-styling"><p data-start="0" data-end="101"><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली,भारत:</b>&nbsp;जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) ने शुक्रवार को शिक्षा मंत्रालय (MoE) तक निकाले गए “लॉन्ग मार्च” के दौरान पुलिस कार्रवाई और 50 से अधिक छात्रों की सामूहिक हिरासत पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।</span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="font-size: 1rem;">प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई, जिसमें जेएनयू के 14 छात्र और&nbsp;</span>JNUSU<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;के तीन पदाधिकारी भी शामिल हैं, उन्हें गिरफ्तार किया गया था। पटियाला हाउस कोर्ट ने सभी छात्रों को 25,000 रुपये के जमानती बॉन्ड पर जमानत दे दी है।</span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;JNU Student Union protest violence | 14 people have been arrested so far in the case.&lt;br&gt;&lt;br&gt;The arrested persons include:&lt;br&gt;1. Nitish Kumar (former JNUSU president)&lt;br&gt;2. ⁠Aditi Mishra (JNUSU president) &lt;br&gt;3. ⁠Gopika Babu (JNUSU Vice President)&lt;br&gt;4. ⁠Danish Ali (JNUSU Joint Secretary)&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2027213022343872976?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 27, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p data-start="0" data-end="101"><b>कुलपति को तत्काल हटाने की मांग पर अड़े प्रदर्शकारी</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="font-size: 1rem;">JNUSU</span>&nbsp;ने बयान में कहा कि “लॉन्ग मार्च” रोहित एक्ट लागू करने, विश्वविद्यालय के फंड की बहाली और&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कुलपति शांतिश्री धुलीपुडी पंडित</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;(Santishree D Pandit) को उनके कथित जातिवादी बयान और “कैंपस में भ्रष्टाचार में मिलीभगत” के आरोपों के कारण तत्काल हटाने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।</span></p><p data-start="0" data-end="101"><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/02/JNU_fb372e807d2c34935afe4cdce45ac205_1600X1200.webp" style="width: 599.438px;"><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p data-start="0" data-end="101">बता दें कि 16 फरवरी को एक पॉडकास्ट में दलितों और अश्वेतों को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। उन्हीं टिप्पणियों के चलते प्रदर्शनकारी कुलपति के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">JNUSU&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने जानबूझकर मुख्य द्वार को जंजीरों से बंद कर दिया और प्रदर्शनकारियों को कैंपस के भीतर रोकने के लिए कई परतों में बैरिकेडिंग की।</span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="font-size: 1rem;"><b>पुलिस पर 50 छात्रों को जबरन बसों में ले जाने का आरोप लगाया</b></span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="font-size: 1rem;">JNUSU</span>&nbsp;ने आरोप लगाया कि&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जब छात्रों ने सामूहिक रूप से आगे बढ़ने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का दावा किया, तो पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया। करीब 50 छात्रों को जबरन बसों में भरकर विभिन्न थानों में ले जाया गया। कई छात्राओं सहित अनेक छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। चोटों के बावजूद पुलिस ने चिकित्सीय सहायता देने से इनकार किया। इतना ही नहीं, गहरी असम्मानजनक कार्रवाई करते हुए पुलिसकर्मी डॉ. बी.आर. आंबेडकर का चित्र फाड़ते हुए देखे गए, जो इस कार्रवाई के जातिवादी स्वरूप को दर्शाता है।</span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | The recent protest at Jawaharlal Nehru University (JNU) in Delhi escalated into violence, leading to the detention of 51 students, with heavy deployment of Delhi Police. More details awaited.&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Full video available on PTI Videos - &lt;a href="https://t.co/n147TvrpG7"&gt;https://t.co/n147TvrpG7&lt;/a&gt;) &lt;a href="https://t.co/PWJ9na2wfG"&gt;pic.twitter.com/PWJ9na2wfG&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2027103920460616103?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 26, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p data-start="0" data-end="101"><b>पुलिस-प्रदर्शनकारियों में हुई झड़प में कई घायल</b></p><p data-start="0" data-end="101">वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय का बंद मुख्य द्वार तोड़ दिया और लगाए गए बैरिकेड्स पार कर मार्च निकालने की कोशिश की, जिससे झड़प हुई और कई पुलिसकर्मी घायल हुए।</p><p data-start="0" data-end="101"><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi: Several police personnel were injured during a JNU students&amp;#39; protest today after some protesters allegedly threw stones and shoes at Delhi police, according to sources. Further details are awaited. &lt;a href="https://t.co/q7WDPYDs0z"&gt;pic.twitter.com/q7WDPYDs0z&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2027026764262998378?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 26, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p data-start="0" data-end="101">दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी अमित गोयल ने कहा,&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">“हमने उनसे अनुरोध किया कि वे परिसर के अंदर ही विरोध करें, बाहर नहीं, क्योंकि उन्हें अनुमति नहीं दी गई थी। उन्हें यह भी बताया गया कि यदि वे प्रतिनिधिमंडल भेजना चाहें तो सुविधा दी जा सकती है। लेकिन उन्होंने इन सभी अनुरोधों की अनदेखी की, 400-500 लोग इकट्ठा किए, गेट तोड़ा और करीब 3 बजे बाहर निकल आए, यह कहते हुए कि वे बाहर मार्च करेंगे।”</span></p><p data-start="0" data-end="101"><b>पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लगाए गंभीर आरोप</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p data-start="0" data-end="101">पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा कर्मियों के साथ हाथापाई की। दिल्ली पुलिस के अनुसार प्रदर्शन हिंसक हो गया और प्रदर्शनकारियों ने “बैनर और डंडे फेंके, जूते उछाले और यहां तक कि पुलिसकर्मियों को काटा,” जिसके बाद कानून का उल्लंघन करने वालों को हिरासत में लिया गया।</p><p data-start="0" data-end="101"><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi | DCP South West district, Amit Goel, says, &amp;quot;Today, JNUSU called for a protest. A long march from the JNU campus, Sabarmati Tea Point, to the Ministry of Education. Yesterday, they were tried to reason with that they should conduct any protests inside the campus,… &lt;a href="https://t.co/gjjBciSOAi"&gt;pic.twitter.com/gjjBciSOAi&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2027219904060117084?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 27, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><b><span style="font-size: 1rem;">प्रदर्शनकारियों ने नहीं किया</span>&nbsp;वैध आदेशों का पालन</b></p><p data-start="0" data-end="101">पुलिस के बयान में कहा गया,&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">“प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड्स क्षतिग्रस्त हुए और स्थिति हिंसक हो गई। कई पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रदर्शनकारियों को जेएनयू के नॉर्थ गेट पर रोका गया और धीरे-धीरे परिसर के अंदर वापस भेजा गया। जो लोग हिंसक हुए और वैध आदेशों का पालन नहीं किया, उन्हें हिरासत में लिया गया। आगे की जानकारी समय आने पर साझा की जाएगी।”</span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi | DCP South West district, Amit Goel, says, &amp;quot;Today, JNUSU called for a protest. A long march from the JNU campus, Sabarmati Tea Point, to the Ministry of Education. Yesterday, they were tried to reason with that they should conduct any protests inside the campus,… &lt;a href="https://t.co/jtQPRA54TR"&gt;pic.twitter.com/jtQPRA54TR&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2027089519997304991?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 26, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="font-size: 1rem;"><b>UGC के नए नियमों पर हुआ था विवाद</b></span></p><p data-start="0" data-end="101">विवाद की जड़ 2026 के प्रस्तावित यूजीसी इक्विटी (एंटी-डिस्क्रिमिनेशन) विनियमों पर चर्चा के दौरान कुलपति संतिश्री डी पंडित की पॉडकास्ट में की गई टिप्पणियां हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित क्लिप में उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि दलित और अश्वेत “हमेशा पीड़ित बने रहकर या पीड़ित कार्ड खेलकर प्रगति नहीं कर सकते,” जिस पर छात्र संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, कुलपति ने स्पष्टीकरण दिया है कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर “राजनीतिक उद्देश्यों” के लिए गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।</span></p></div></div></div></div></div></div></article> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ JNUSU ने की कैंपस में पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा, पुलिसकर्मी डॉ. आंबेडकर का चित्र फाड़ते दिखे... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/pariksha-pe-charcha-2026-pm-modi-gives-success-mantras-to-students-4088 ]]></guid><title><![CDATA[ परीक्षा पे चर्चा 2026: पीएम मोदी ने छात्रों को दिए सफलता के मंत्र ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/pariksha-pe-charcha-2026-pm-modi-gives-success-mantras-to-students-4088 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 20 Feb 2026 12:42:12 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ 9वां संस्करण और रिकॉर्ड भागीदारी
इस वर्ष 'परीक्षा पे चर्चा' ने भागीदारी के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2026 के इस संस्करण के लिए देश भर से 4.5 करोड़ से अधिक  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p data-path-to-node="2"><b data-path-to-node="2" data-index-in-node="0">9वां संस्करण और रिकॉर्ड भागीदारी</b>
इस वर्ष 'परीक्षा पे चर्चा' ने भागीदारी के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2026 के इस संस्करण के लिए देश भर से <b data-path-to-node="2" data-index-in-node="181">4.5 करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों</b> ने पंजीकरण कराया। यह कार्यक्रम 6 फरवरी को सुबह 10:00 बजे से लाइव प्रसारित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने न केवल दिल्ली के प्रगति मैदान (भारत मंडपम) से छात्रों को संबोधित किया, बल्कि पहली बार 'मल्टी-लोकेशन फॉर्मेट' के जरिए देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर और गुवाहाटी जैसे शहरों के छात्रों से भी सीधे बातचीत की। इस विकेंद्रीकृत दृष्टिकोण ने कार्यक्रम को अधिक समावेशी और प्रभावशाली बनाया।</p><p data-path-to-node="3"><b data-path-to-node="3" data-index-in-node="0">एआई (AI) और आधुनिक चुनौतियों पर मार्गदर्शन</b>
पीएम मोदी ने इस बार के संवाद में आधुनिक तकनीक, विशेषकर <b data-path-to-node="3" data-index-in-node="98">आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)</b> के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे एआई से डरे नहीं, बल्कि इसे अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए एक 'उपकरण' की तरह इस्तेमाल करें। प्रधानमंत्री ने कहा, "एआई को अपना मास्टर न बनने दें, बल्कि इसका उपयोग अपनी जिज्ञासा और सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए करें।" इसके अलावा, उन्होंने छात्रों को 'एग्जाम वॉरियर' बनने की प्रेरणा देते हुए रटने के बजाय सीखने पर ध्यान केंद्रित करने और समय प्रबंधन (Time Management) के गुर सिखाए। उन्होंने 'सोशल मीडिया' और 'गेमिंग' जैसे विकर्षणों को संतुलित करने के व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए।</p><p data-path-to-node="4"><b data-path-to-node="4" data-index-in-node="0">परीक्षाओं को उत्सव बनाने की अपील</b>
प्रधानमंत्री ने अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अंकों का अनावश्यक दबाव न डालें। उन्होंने अपनी पुस्तक <b data-path-to-node="4" data-index-in-node="154">'एग्जाम वॉरियर्स'</b> के सूत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षाएं जीवन का केवल एक हिस्सा हैं, पूरा जीवन नहीं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने छात्रों को अपनी हॉबी और शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की सलाह दी। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों ने अपनी कलाकृतियां और नवाचार भी प्रदर्शित किए। 'परीक्षा पे चर्चा 2026' ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आत्मविश्वास और सही मानसिक स्थिति ही किसी भी परीक्षा में सफलता की असली कुंजी है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ परीक्षा पे चर्चा 2026: पीएम मोदी ने छात्रों को दिए सफलता के मंत्र ]]></media:description></item></channel></rss>