<?xml version='1.0' encoding='UTF-8' ?><rss xmlns:content='http://purl.org/rss/1.0/modules/content/' xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/'  version='2.0'><channel><title>GTC Bharat</title><link>https://www.gtcbharat.com</link><lastBuildDate><![CDATA[Thu, 25 Jun 2026 00:32:02 +0530 ]]></lastBuildDate><language>en</language><image><title>GTC Bharat</title><url>https://media.gtcbharat.com/uploads/GTC-Bhart.svg</url><link>https://www.gtcbharat.com</link></image><description>GTC Bharat: Hindi News(हिंदी न्यूज़): Bharat की ताज़ा खबरें | Hindi News, हिंदी समाचार </description><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/dharmendra-pradhan-message-before-neet-ug-reexam-2026-5051 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET पुनर्परीक्षा आज, शिक्षा मंत्री ने कहा- सिस्टम पर रखें भरोसा... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/dharmendra-pradhan-message-before-neet-ug-reexam-2026-5051 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 21 Jun 2026 10:32:27 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा से ठीक पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देशभर के लाखों छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे बिना किसी डर और चिंता के परीक्षा देने की अपील की है। उ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा से ठीक पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देशभर के लाखों छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे बिना किसी डर और चिंता के परीक्षा देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने परीक्षा के सुचारू एवं निष्पक्ष आयोजन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं।</span></p><p>धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आज आयोजित हो रही NEET-UG पुनर्परीक्षा में करीब 22 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। उन्होंने छात्रों से कहा, "बिना किसी भय और चिंता के परीक्षा में बैठें। आपने मेहनत की है और निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन करेंगे।"</p><p><b>&nbsp;"भारत की नई पीढ़ी के भविष्य को दांव पर न लगाएं"</b></p><p>शिक्षा मंत्री ने कहा कि उन्हें NTA, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और देश की शिक्षा व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि छात्रों का भारत की परीक्षा प्रणाली पर विश्वास बना रहना चाहिए और इस विश्वास को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने देना चाहिए।</p><p>उन्होंने समाज और राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें। प्रधान ने कहा, "भारत की नई पीढ़ी के भविष्य को दांव पर न लगाएं। ऐसा कोई कार्य न करें जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़े।"</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi: On the NEET-UG Re-Examination, Union Education Minister Dharmendra Pradhan says, &amp;quot;NEET-UG re-examination is going to take place today. I have complete faith in the NTA, all the state governments, the district administrations, the Indian education sector, and… &lt;a href="https://t.co/nZe8IKJamA"&gt;pic.twitter.com/nZe8IKJamA&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2068530484481843479?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>धमेंद्र प्रधान ने बिना नाम लिए विरोधियों पर साधा निशाना</b></p><p>हालांकि शिक्षा मंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन अपने बयान में उन लोगों पर निशाना साधा जिन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर लगातार विवाद खड़ा किया। उन्होंने कहा कि कुछ तथाकथित जिम्मेदार लोगों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए छात्रों को परेशान करने का काम किया है।</p><p><b>NEET पेपर लीक मामले की जांच CBI जारी है</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>केंद्रीय मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि CBSE की पुनर्मूल्यांकन, पुनर्गणना और सत्यापन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और शेष परिणाम जल्द जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि लगभग 17 लाख विद्यार्थियों में से 15.5 लाख छात्रों के परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद केंद्र सरकार और NTA ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है और अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।</span></i></b></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">इस बार&nbsp;</span>पहले से अधिक मजबूत है सुरक्षा व्यवस्था</b></p><p>इस बार परीक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया गया है। देश के 551 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों पर 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा विदेशों में भी 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET पुनर्परीक्षा आज, शिक्षा मंत्री ने कहा- सिस्टम पर रखें भरोसा... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/how-neet-paper-leak-affected-lakhs-of-students-5045 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक ने बदल दी लाखों छात्रों की किस्मत, जानिए पूरा घटनाक्रम... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/how-neet-paper-leak-affected-lakhs-of-students-5045 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 20 Jun 2026 18:02:40 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक ने बदल दी लाखों छात्रों की किस्मत:&nbsp;3 मई 2026… वह दिन, जब देशभर के लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे। लेकिन परीक्षा खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>NEET-UG पेपर लीक ने बदल दी लाखों छात्रों की किस्मत:</b>&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">3 मई 2026… वह दिन, जब देशभर के लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे। लेकिन परीक्षा खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद कथित पेपर लीक, फर्जी प्रश्नपत्रों और अनियमितताओं के आरोपों ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को सवालों के घेरे में ला दिया।</span></p><p>कई राज्यों से जांच एजेंसियों को ऐसे इनपुट मिले कि परीक्षा से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मैसेजिंग ऐप्स पर कथित तौर पर प्रश्नपत्र बेचने और अभ्यर्थियों को गुमराह करने की कोशिश की गई। इसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने जांच के आधार पर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया और 21 जून को री-एग्जाम की घोषणा की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">लेकिन इस फैसले ने करीब 23 लाख छात्रों और उनके परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सालभर की तैयारी, कोचिंग पर खर्च हुए लाखों रुपये और महीनों का मानसिक दबाव, सब कुछ एक बार फिर दांव पर लग गया।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>NEET-UG परीक्षा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम</b></span></p><p>री-एग्जाम से पहले भी छात्रों की परेशानियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। प्रयागराज में NTA&nbsp;को ऐन वक्त पर एक परीक्षा केंद्र बदलना पड़ा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हरिवंश राय बच्चन सांस्कृतिक केंद्र में निर्माण कार्य, बिजली की कमी और प्रशासनिक कारणों के चलते अब अभ्यर्थियों को सीनेट हाउस परिसर स्थित नए केंद्र पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित छात्रों को एक बार फिर अपनी यात्रा और परीक्षा की तैयारी में बदलाव करना पड़ा है।</p><p>हालांकि सरकार का दावा है कि इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी, मल्टी-लेयर फ्रिस्किंग और हाई-पावर जैमर लगाए गए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रश्नपत्रों को रियल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल लॉक वाले विशेष कंटेनरों में भेजा जा रहा है। कई संवेदनशील क्षेत्रों में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान तैनात किए गए हैं।</span></p><p><b>भारतीय वायुसेना ने 200 से ज्यादा उड़ानों के ज़रिए पहुंचाए प्रश्नपत्र</b></p><p>रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय वायुसेना ने भी इस बार अभूतपूर्व अभियान चलाते हुए चार दिनों में 200 से ज्यादा उड़ानों के जरिए 20 से अधिक महत्वपूर्ण केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने में मदद की है। दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम से इनकी 24 घंटे निगरानी की जा रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हरियाणा के महेंद्रगढ़ में परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में फोटोस्टेट की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्थान, पंजाब और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में परीक्षा केंद्रों पर हाई-डेफिनिशन कैमरे, जैमर और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।</span></p><p>सरकार का कहना है कि पेपर लीक की आशंका होते ही परीक्षा रद्द करना ही ईमानदार छात्रों के साथ न्याय है। उत्तर प्रदेश सरकार भी यही दावा कर रही है कि पेपर लीक की आशंका पर परीक्षा रद्द करना जरूरी था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नीट विवाद का सबसे दर्दनाक पहलू वह मानसिक और भावनात्मक बोझ है, जिसे लाखों छात्रों और उनके परिवारों ने पिछले डेढ़ महीने में झेला है। हर बार जब परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं, तो उसकी सबसे बड़ी कीमत उस छात्र को चुकानी पड़ती है, जिसने बिना किसी शॉर्टकट के पूरे साल सिर्फ मेहनत की होती है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>सिस्टम की गलतियों का भुगतान छात्र क्यों करें ?</b></span></p><p>कई छात्रों ने एक नहीं, बल्कि लगातार दो-दो और तीन-तीन साल ड्रॉप लेकर तैयारी की। कई परिवारों ने बच्चों की कोचिंग के लिए कर्ज लिया, जमीन गिरवी रखी, बचत तोड़ी और अपनी जरूरतों में कटौती की। किसी ने घर की शादी टाल दी, तो किसी ने नौकरी छोड़कर बच्चे की तैयारी पर पूरा ध्यान लगाया।<span style="font-size: 1rem;">लेकिन महीनों की इस तपस्या के बाद अचानक उन्हें बताया गया कि परीक्षा दोबारा होगी। सवाल यही है कि अगर गलती सिस्टम की थी, तो उसकी सजा हमेशा छात्र ही क्यों भुगतें?</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>री-एग्जाम की घोषणा और छात्रों की आत्महत्या&nbsp;</b></span></p><p>परीक्षा रद्द होने और री-एग्जाम की घोषणा के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्रों की आत्महत्या की कई खबरें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स, परिवारों के बयानों और पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक, 3 मई को हुई परीक्षा रद्द होने और 21 जून को होने वाले री-एग्जाम के बीच कम से कम 11 नीट अभ्यर्थियों की मौत की खबरें सामने आई हैं।</p><p>हालांकि इन सभी मामलों की जांच जारी है और कई मामलों में किसी एक वजह को आधिकारिक तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है, लेकिन परिवारों के बयान, बरामद नोट्स और पुलिस जांच में बार-बार परीक्षा से जुड़ा तनाव, अनिश्चितता और मानसिक दबाव सामने आया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">तमिलनाडु के कोयंबटूर में 19 वर्षीय छात्रा अनुकीर्तना की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह पढ़ाई में बेहद होनहार थी और री-एग्जाम को लेकर दबाव महसूस कर रही थी।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>NEET सिर्फ एक परीक्षा नहीं बल्कि छात्रों का भविष्य</b></span></p><p>राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात से भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां परिवारों ने परीक्षा रद्द होने के बाद बढ़े तनाव और चिंता की बात कही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसी बीच नागरिक समाज संगठनों और छात्र समूहों ने मांग की है कि ऐसे परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए और परीक्षा से जुड़े मानसिक दबाव को कम करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता तंत्र को मजबूत किया जाए।&nbsp;&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">क्योंकि यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं है। यह लाखों युवाओं के सपनों, उनके आत्मविश्वास और उनके भविष्य का सवाल है।</span></p><p>नीट री-एग्जाम से पहले एक ऐसा कदम उठाया गया, जिसने डिजिटल दुनिया से लेकर अदालत तक बड़ी बहस छेड़ दी है। केंद्र सरकार की सिफारिश पर टेलीग्राम के इस्तेमाल पर अस्थायी रोक लगाई गई है। सरकार का आरोप है कि इसी प्लेटफॉर्म पर कई चैनलों और ग्रुप्स के जरिए फर्जी प्रश्नपत्र बेचने, छात्रों को गुमराह करने और पेपर लीक का नेटवर्क चलाया जा रहा था।</p><p><b>टेलीग्राम के इस्तेमाल पर रोक ने छेड़ी बड़ी बहस</b></p><p>दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस अस्थायी रोक को बरकरार रखते हुए कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और लाखों छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।<span style="font-size: 1rem;">लेकिन क्या किसी एक ऐप पर रोक लगाने से पेपर लीक रुक जाएगा?&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सरकार ने अदालत में दावा किया कि टेलीग्राम के कुछ फीचर्स, खासकर मैसेज एडिटिंग और मल्टीपल बॉट्स की सुविधा का दुरुपयोग किया जा रहा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, एक अकाउंट से कई बॉट बनाए जा सकते हैं, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।</span></p><p>जांच में ऐसे कई चैनलों की पहचान की गई, जिनके नाम 'री-नीट माफिया', 'पेपर लीक' और 'प्राइवेट माफिया' जैसे थे। आरोप है कि ये चैनल पुराने संदेशों को एडिट कर छात्रों को यह भरोसा दिलाते थे कि प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो चुका है और उनसे मोटी रकम वसूलते थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">टेलीग्राम का कहना है कि उसने सैकड़ों संदिग्ध लिंक हटाए हैं और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग किया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या किसी एक ऐप पर रोक लगाने से समस्या खत्म हो जाएगी?&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">तकनीक बदलती रहेगी। प्लेटफॉर्म बदलते रहेंगे। लेकिन जब तक परीक्षा माफिया के पूरे नेटवर्क को खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक युवाओं के सपनों पर मंडराता यह खतरा बना रहेगा।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>NEET विवाद बना राजनीतिक मुद्दा बना</b></span></p><p>नीट विवाद अब परीक्षा केंद्रों से निकलकर देश की राजनीति में पहुंच चुका है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोटा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के नाम पर छात्रों और उनके परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कांग्रेस का आरोप है कि परीक्षा माफिया के खिलाफ समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।</span></p><p>दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक करार दिया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि विपक्ष छात्रों की चिंता से ज्यादा राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। कोटा में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया।</p><p><b>देश की परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय हो</b></p><p>राजनीति के इस शोर के बीच सरकार 21 जून को होने वाले री-एग्जाम को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने का दावा कर रही है। देशभर के परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों, जैमर, बायोमेट्रिक सत्यापन और जीपीएस ट्रैकिंग जैसी तकनीकों के जरिए हर चरण पर निगरानी रखी जा रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">लेकिन, सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है… क्या सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने से भरोसा वापस आ जाएगा? या फिर अब समय आ गया है कि देश की परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय की जाए?</span></p><p><b>सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>क्या पेपर लीक को सिर्फ परीक्षा से जुड़ा अपराध मानना पर्याप्त है? या इसे युवाओं के भविष्य के खिलाफ संगठित अपराध की श्रेणी में रखा जाना चाहिए?&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नीट विवाद अब परीक्षा केंद्रों से निकलकर देश की राजनीति में भी पहुंच चुका है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोटा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के नाम पर छात्रों और उनके परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। प्रियंका गांधी ने दावा किया कि नीट की तैयारी और कोचिंग पर छात्रों और उनके परिवारों से करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च कराए गए, जो देश के कुल शिक्षा बजट के लगभग बराबर है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लाखों परिवार अपनी जमा-पूंजी बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर रहे हैं, तब सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रही है।</span></p><p>दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक करार दिया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि विपक्ष छात्रों की चिंता से ज्यादा राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। कोटा में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया।</p><p><b>संवेदनशील केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों की तैनाती</b></p><p>राजनीति के इस शोर के बीच सरकार 21 जून को होने वाले री-एग्जाम को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने का दावा कर रही है। देशभर के परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों, हाई-पावर जैमर, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और जीपीएस ट्रैकिंग जैसी तकनीकों के जरिए परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण पर निगरानी रखी जा रही है। प्रश्नपत्रों को डिजिटल लॉक वाले विशेष कंटेनरों में भेजा जा रहा है और कई संवेदनशील केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान तैनात किए गए हैं।</p><p>लेकिन, सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है… क्या सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने से छात्रों का भरोसा वापस आ जाएगा? या फिर अब समय आ गया है कि देश की परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय की जाए?&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नीट विवाद ने देश की कोचिंग व्यवस्था और शिक्षा के बढ़ते खर्च पर भी नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष का दावा है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी अब करोड़ों रुपये के उद्योग में बदल चुकी है, जहां लाखों परिवार अपनी बचत, कर्ज और उम्मीदों के सहारे बच्चों के सपनों को पूरा करने की कोशिश करते हैं।</span></p><p><b>सवाल सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, भरोसे का भी है</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ सुरक्षा बढ़ा देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। परीक्षा प्रणाली में तकनीकी सुधार, जवाबदेही तय करना और पेपर लीक के मामलों में त्वरित सजा सुनिश्चित करना उतना ही जरूरी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कई विशेषज्ञ और संसदीय समितियां लंबे समय से सुझाव दे रही हैं कि नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं को साल में एक से अधिक बार आयोजित करने, डिजिटल एन्क्रिप्शन आधारित प्रश्नपत्र वितरण प्रणाली अपनाने और परीक्षा संचालन के लिए स्वतंत्र निगरानी तंत्र बनाने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।</span></p><p>क्योंकि... सवाल सिर्फ एक परीक्षा का नहीं है। सवाल उस भरोसे का है, जिस पर करोड़ों युवाओं का भविष्य टिका हुआ है। 21 जून का री-एग्जाम सिर्फ छात्रों की नहीं, बल्कि देश की पूरी परीक्षा व्यवस्था की भी अग्निपरीक्षा है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक ने बदल दी लाखों छात्रों की किस्मत, जानिए पूरा घटनाक्रम... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-aspirant-avantika-maurya-death-indore-investigation-5041 ]]></guid><title><![CDATA[ डॉक्टर बनने का सपना अधूरा, इंदौर में NEET की तैयारी कर रही छात्रा का निधन, जांच शुरू... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-aspirant-avantika-maurya-death-indore-investigation-5041 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 20 Jun 2026 13:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ इंदौर, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के इंदौर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान अवंतिका मौर्य के रूप में हुई है, जो पिछले तीन वर्षों स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>इंदौर, मध्य प्रदेश:</b> मध्य प्रदेश के इंदौर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान अवंतिका मौर्य के रूप में हुई है, जो पिछले तीन वर्षों से डॉक्टर बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए तैयारी कर रही थीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है।</span></p><p>जानकारी के अनुसार, अवंतिका मौर्य मूल रूप से धार जिले के बलवारी खुर्द की रहने वाली थीं और पिछले तीन वर्षों से इंदौर में अपनी बड़ी बहन डॉ. सपना मौर्य के साथ रहकर NEET की तैयारी कर रही थीं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अवंतिका के पिता ने अन्य NEET अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से सकारात्मक सोच बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं जीवन का एक हिस्सा हैं और भविष्य में आगे बढ़ने के कई अवसर मिलते हैं।</span></p><p><b>अवंतिका का लक्ष्य डॉक्टर बनना था</b></p><p>परिजनों के अनुसार, अवंतिका पहले से फार्मेसी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं, लेकिन उनका लक्ष्य डॉक्टर बनना था। इसी उद्देश्य से वह लगातार मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटी हुई थीं।<span style="font-size: 1rem;">घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Madhya Pradesh: NEET aspirant allegedly dies by suicide after falling from building in Indore&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story I &lt;a href="https://t.co/GEHw5xGchK"&gt;https://t.co/GEHw5xGchK&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/MadhyaPradesh?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#MadhyaPradesh&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Dhar?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Dhar&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/suicide?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#suicide&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/NEETaspirant?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEETaspirant&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/CzT1PEqeRz"&gt;pic.twitter.com/CzT1PEqeRz&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2068230832985428452?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>परिवार ने जताई मानसिक तनाव की आशंका</b></p><p>परिवार का कहना है कि हाल के दिनों में अवंतिका मानसिक तनाव में दिखाई दे रही थीं। हालांकि, उनकी मौत के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अवंतिका के पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य, जो खरगोन जिले के भीकनगांव में मेडिकल अधिकारी हैं, उन्होंने बताया कि पूरा परिवार उन्हें डॉक्टर बनते देखना चाहता था। उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं है और जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।</span></p><p><b>पुलिस कर रही है जांच</b></p><p>मामले की सभी संभावित पहलुओं से जांच की जा रही है। <span style="font-size: 1rem;">भंवरकुआं थाने के SHO संतोष दूधी ने बताया, "गणेश नगर में रहने वाली एक छात्रा पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी कर रही थी। कल शाम मोबाइल पर बात करते हुए ऊपर जाते समय वह छत से गिर गई। मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है कि यह हादसा था या आत्महत्या।"</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम हो चुका है और उसके मोबाइल की जांच की जा रही है ताकि पता चल सके कि उस समय वह किससे बात कर रही थी। वह कोचिंग ले रही थी और पहले भी NEET की परीक्षा दे चुकी थी। परिवार वालों ने बताया कि वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे रही थी और उन्हें आत्महत्या की किसी वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Indore, MP: On NEET aspirant falls from 3rd floor, dies, SHO Bhanwarkuwa, Santosh Dudhi says, &amp;quot;... A student living in Ganesh Nagar was studying and preparing for exams. Yesterday evening, while talking on her mobile and going upstairs, she fell from the roof. A case has… &lt;a href="https://t.co/SU23nDlPsg"&gt;pic.twitter.com/SU23nDlPsg&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) &lt;a href="https://x.com/ANI_MP_CG_RJ/status/2068168046460686442?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ डॉक्टर बनने का सपना अधूरा, इंदौर में NEET की तैयारी कर रही छात्रा का निधन, जांच शुरू... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/khan-sir-bail-hearing-final-arguments-on-june-25-5039 ]]></guid><title><![CDATA[ पटना कोर्ट में खान सर केस की अगली सुनवाई 25 जून को, तब तक राहत बरकरार... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/khan-sir-bail-hearing-final-arguments-on-june-25-5039 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 20 Jun 2026 12:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ पटना, बिहार: चर्चित शिक्षाविद खान सर से जुड़े कोचिंग संस्थान फायरिंग मामले में पटना कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम बहस के लिए 25 जून की तारीख तय की है। यह जानकारी खान सर की ओर से पैरवी कर रहे अ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>पटना, बिहार:</b> चर्चित शिक्षाविद खान सर से जुड़े कोचिंग संस्थान फायरिंग मामले में पटना कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम बहस के लिए 25 जून की तारीख तय की है। यह जानकारी खान सर की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अरविंद कुमार मावर ने दी।</span></p><p>उन्होंने बताया कि अदालत द्वारा मांगी गई केस डायरी पुलिस ने प्रस्तुत कर दी है और उसे तैयारी के लिए लोक अभियोजक (पब्लिक प्रॉसीक्यूटर) को सौंपा गया है। यह डायरी 23 जून को वापस अदालत में प्रस्तुत की जाएगी, जिसके बाद 25 जून को अंतिम बहस होगी।</p><p><b>25 जून को जमानत पर होगा फैसला</b></p><p>अधिवक्ता अरविंद कुमार मावर ने कहा, “जज साहब द्वारा मांगी गई केस डायरी पुलिस ने जमा कर दी है। इसे लोक अभियोजक को तैयारी के लिए दिया गया है और 23 जून को वापस किया जाएगा। <b>अंतिम बहस के लिए 25 जून की तारीख तय की गई है।</b> तब तक वर्तमान राहत जारी रहेगी।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों सुरक्षाकर्मियों की जमानत याचिका पर भी उसी दिन सुनवाई होगी, क्योंकि सभी मामले आपस में जुड़े हुए हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Patna, Bihar: On educator Khan sir&amp;#39;s case, Advocate Arvind Kumar Mawar says, &amp;quot;... During the hearing, the case diary requested by the judge was submitted by the police and handed to the public prosecutor for preparation. It will be returned on the 23rd, and the next date… &lt;a href="https://t.co/z7gQsJt0W4"&gt;https://t.co/z7gQsJt0W4&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/va6OJB577T"&gt;pic.twitter.com/va6OJB577T&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2068200111612874980?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>खान सर को मिली है अंतरिम राहत</b></p><p>इससे पहले पटना की अदालत ने खान सर को अंतरिम राहत देते हुए पुलिस को निर्देश दिया था कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई कठोर या जबरन कार्रवाई न की जाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अदालत के इस आदेश के बाद फिलहाल खान सर को गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है।</span></p><p><b>क्या है पूरा मामला?</b></p><p>यह मामला 2 जून की रात पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान के बाहर हुई तोड़फोड़ और कथित फायरिंग की घटना से जुड़ा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों ने संस्थान पर पथराव और तोड़फोड़ की थी। जांच के दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें दो लोगों को हवाई फायरिंग करते हुए देखा गया।</span></p><p><b>दो सुरक्षाकर्मी गिरफ्तार</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>वीडियो की जांच के आधार पर पुलिस ने संस्थान से जुड़े दो सुरक्षाकर्मियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद घटनाक्रम और बरामद हथियारों की जांच के आधार पर पुलिस ने खान सर सहित तीन लोगों को एफआईआर में नामजद किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन पर उकसावे (Abetment) और शस्त्र अधिनियम (Arms Act) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।</span></i></b></p><p><b>25 जून पर टिकी सभी की नजरें</b></p><p>अब इस मामले में 25 जून की सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। इसी दिन अदालत खान सर की अग्रिम जमानत याचिका और गिरफ्तार सुरक्षाकर्मियों की जमानत पर अंतिम निर्णय ले सकती है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ पटना कोर्ट में खान सर केस की अगली सुनवाई 25 जून को, तब तक राहत बरकरार... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/nta-corrects-neet-ug-2026-centre-allotment-nagpur-student-5037 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET एडमिट कार्ड में गड़बड़ी दूर, नागपुर के छात्र को मिली राहत, अब नहीं जाना पड़ेगा अबू धाबी... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/nta-corrects-neet-ug-2026-centre-allotment-nagpur-student-5037 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 20 Jun 2026 11:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नागपुर, महाराष्ट्र: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने उस विवाद को सुलझा लिया है, जिसमें नागपुर के एक छात्र को NEET-UG 2026 री-एग्जाम के लिए गलती से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में परीक्षा कें ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नागपुर, महाराष्ट्र:</b> राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने उस विवाद को सुलझा लिया है, जिसमें नागपुर के एक छात्र को NEET-UG 2026 री-एग्जाम के लिए गलती से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया था। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने शनिवार को स्पष्ट किया कि छात्र को अब नागपुर में ही नया परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है।</span></p><p>मीडिया से बातचीत में अभिषेक सिंह ने कहा, “यह समस्या अब पूरी तरह सुलझा ली गई है और उम्मीदवार को नागपुर में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यह मामला तब सामने आया जब नागपुर के एक छात्र ने<b> NEET-UG 2026 री-एग्जाम</b> के लिए अपना नया एडमिट कार्ड डाउनलोड किया।</span></p><p><b>एडमिट कार्ड देखकर परिवार रह गया था हैरान</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"> </span></p><p><span style="font-size: 1rem;">जानकारी के अनुसार, छात्र को पहले आयोजित परीक्षा के लिए नागपुर स्थित सरस्वती विद्यालय में केंद्र मिला था, लेकिन री-एग्जाम के एडमिट कार्ड में उसका केंद्र अचानक अबू धाबी इंडियन स्कूल, UAE दर्शाया गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">छात्र और उसके परिवार के लिए यह बड़ा झटका था, क्योंकि आवेदन के दौरान छात्र ने अपनी पहली पसंद नागपुर, दूसरी वर्धा और तीसरी भंडारा चुनी थी।</span></p><p><b>परिवार ने जताई थी चिंता</b></p><p>छात्र के पिता मोहम्मद तालिब ने कहा था कि उनके बेटे के पास पासपोर्ट तक नहीं है और परीक्षा से ठीक पहले विदेश जाकर परीक्षा देना संभव नहीं है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “हम अपने बच्चे को परीक्षा देने के लिए विदेश नहीं भेज सकते। उसके पास पासपोर्ट भी नहीं है और यात्रा की तैयारी के लिए समय भी नहीं बचा है।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Nagpur, Mahrashtra: Family of a NEET aspirant, Abdullah Mohammad Talib, claims that he was allocated a school in Abu Dhabi as his exam center for NEET-UG re-exam scheduled to be held on 21st June.&lt;br&gt;&lt;br&gt;His father, Mohammad Talib, says, &amp;quot;...After the admit card was downloaded… &lt;a href="https://t.co/EmFqhIFVRK"&gt;pic.twitter.com/EmFqhIFVRK&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2068183173062922435?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>शिकायत के बाद NTA ने लिया संज्ञान</b></p><p>परिवार ने NTA हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने मामले की जांच शुरू की और गलती स्वीकार करते हुए संशोधित एडमिट कार्ड जारी करने का आश्वासन दिया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अब NTA ने पुष्टि की है कि छात्र को नागपुर में ही परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली है।</span></p><p><b>NTA की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>महाराष्ट्र के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. अनीस अहमद ने इस घटना को परीक्षा प्रबंधन में गंभीर लापरवाही बताते हुए NTA की आलोचना की थी। उन्होंने मांग की थी कि छात्र को तुरंत नागपुर या आसपास के किसी शहर में केंद्र आवंटित किया जाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस घटना ने NTA की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर ऐसे समय में जब एजेंसी पहले से ही परीक्षा प्रबंधन और पेपर लीक विवादों को लेकर जांच के दायरे में है।</span></i></b></p><p><b>21 जून को होगी री-एग्जाम</b></p><p>गौरतलब है कि प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। अब इसका पुनः आयोजन <b>21 जून को किया जाएगा</b>। NTA का दावा है कि इस बार परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं की गई हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET एडमिट कार्ड में गड़बड़ी दूर, नागपुर के छात्र को मिली राहत, अब नहीं जाना पड़ेगा अबू धाबी... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/khan-sir-gets-interim-relief-in-patna-coaching-firing-case-5036 ]]></guid><title><![CDATA[ पटना कोर्ट से खान सर को अंतरिम राहत, अगली सुनवाई तक नहीं होगी कोई सख्त कार्रवाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/khan-sir-gets-interim-relief-in-patna-coaching-firing-case-5036 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 20 Jun 2026 10:28:55 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ पटना, बिहार: बिहार के चर्चित शिक्षाविद खान सर को कोचिंग संस्थान फायरिंग मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना की एक अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>पटना, बिहार:</b> बिहार के चर्चित शिक्षाविद खान सर को कोचिंग संस्थान फायरिंग मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना की एक अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में पुलिस को निर्देश दिया कि मामले की अगली सुनवाई तक खान सर के खिलाफ कोई दंडात्मक या जबरन कार्रवाई न की जाए। इससे उन्हें फिलहाल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">यह मामला 2 जून की रात पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान के बाहर हुई <b>तोड़फोड़ और फायरिंग </b>की घटना से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, रात करीब 10:10 बजे कुछ लोगों ने संस्थान के बाहर पथराव और तोड़फोड़ की थी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें तोड़फोड़ के बाद दो लोगों को हवाई फायरिंग करते हुए देखा गया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Bihar | Court grants interim relief to educator Khan Sir in hearing of his anticipatory bail plea. Court upholds the &amp;#39;no coercive action&amp;#39; order. Police have been directed not to take harsh action until the next hearing.&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2068177092089663608?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>वीडियो के आधार पर हुई कार्रवाई</b></p><p>पुलिस ने वीडियो फुटेज की जांच के बाद संस्थान से जुड़े दो सुरक्षाकर्मियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हथियारों की बरामदगी और घटनाक्रम की जांच के आधार पर पुलिस ने खान सर समेत तीन लोगों को एफआईआर में नामजद किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन पर उकसावे (Abetment) और शस्त्र अधिनियम (Arms Act) से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।</span></p><p><b>पुलिस ने छात्रों से की अपील</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>मामले के बाद पटना पुलिस ने छात्रों से भी अपील की है कि वे विभिन्न कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा या कथित पेशेवर विवादों से प्रभावित न हों।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और अपराध नियंत्रण को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।</span></i></b></p><p><b>अगली सुनवाई पर टिकी नजरें</b></p><p>पटना कोर्ट द्वारा दी गई अंतरिम राहत के बाद अब सभी की नजर मामले की अगली सुनवाई पर है। अदालत के अंतिम निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि खान सर को स्थायी राहत मिलती है या मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ पटना कोर्ट से खान सर को अंतरिम राहत, अगली सुनवाई तक नहीं होगी कोई सख्त कार्रवाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/arvind-kejriwal-message-for-neet-ug-2026-re-exam-students-5030 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET री-एग्जाम से पहले छात्रों को केजरीवाल का संदेश, बोले- 'शांत मन से दें परीक्षा' ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/arvind-kejriwal-message-for-neet-ug-2026-re-exam-students-5030 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 19 Jun 2026 14:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने छात्रों से तनाव मुक्त होकर  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने छात्रों से तनाव मुक्त होकर परीक्षा देने और अपनी मेहनत पर भरोसा रखने की अपील की।</span></p><p>सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए केजरीवाल ने लिखा, <b><i>“हैलो बच्चों! आपकी NEET परीक्षा के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं। अब अपना सारा तनाव एक तरफ रख दीजिए। अपनी मेहनत पर भरोसा रखिए और पूरी शांति के साथ परीक्षा दीजिए। आप यह कर सकते हैं।”</i></b>&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश भी जारी किया, जिसमें उन्होंने छात्रों की कठिनाइयों को स्वीकार करते हुए कहा कि एक ही महीने में दो बार परीक्षा देना आसान नहीं होता।</span></p><p><b>‘एक महीने में दो बार परीक्षा देना मजाक नहीं’</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">अरविंद केजरीवाल ने&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">कहा, “इस रविवार को NEET परीक्षा है। मुझे पता है कि आप सभी ने बहुत कुछ सहा है। एक महीने में दो बार परीक्षा देना कोई मजाक नहीं है। लेकिन अब उन बातों को पीछे छोड़ दीजिए और पूरी लगन से पढ़ाई पर ध्यान दीजिए। अब सिर्फ कुछ घंटे बचे हैं। शांत और सकारात्मक मन से परीक्षा देने जाइए।” इसके आगे&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, <b><i>“मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी शानदार प्रदर्शन करेंगे। आप NEET पास करेंगे और अच्छे डॉक्टर बनेंगे। आप सभी को मेरी शुभकामनाएं। ईश्वर आपका भला करे।”</i></b></span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Hello Bachchon! All the best for your NEET exam.&lt;br&gt;&lt;br&gt;Saara stress ab side mein rakh do. Apni mehnat par bharosa rakho aur bilkul shant mann se exam dena. You’ve got this 👍 &lt;a href="https://t.co/o1XLiwINvQ"&gt;pic.twitter.com/o1XLiwINvQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) &lt;a href="https://x.com/ArvindKejriwal/status/2067850243618799808?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>NTA ने भी छात्रों से की अपील</b></p><p>इससे पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने भी NEET-UG 2026 री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों के लिए एक संदेश जारी किया था। एजेंसी ने छात्रों से शांत रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA ने कहा, “परीक्षा अब केवल तीन दिन दूर है। आपने कड़ी मेहनत की है, तैयारी की है और अब समय है कि आप अपनी मेहनत पर भरोसा करें। शांत रहें, पर्याप्त आराम करें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।”</span></p><p><b>अफवाहों से दूर रहने की सलाह</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>NTA ने स्पष्ट किया कि परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 जून को ही आयोजित होगी और किसी भी प्रकार के स्थगन की अफवाहों पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">एजेंसी ने कहा, “सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से प्रभावित न हों। केवल NTA की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।”</span></i></b></p><p><b>पेपर लीक के आरोपों के बाद हो रही री-एग्जाम</b></p><p>गौरतलब है कि पिछले महीने आयोजित NEET परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए 21 जून को पुनः परीक्षा कराने का निर्णय लिया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA का कहना है कि पिछली परीक्षा से मिले अनुभवों के आधार पर इस बार सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है ताकि सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष माहौल मिल सके।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET री-एग्जाम से पहले छात्रों को केजरीवाल का संदेश, बोले- 'शांत मन से दें परीक्षा' ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/telegram-restricted-india-neet-ug-reexam-fraud-prevention-4995 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG री-एग्जाम से पहले भारत में टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, NTA का बड़ा फैसला ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/telegram-restricted-india-neet-ug-reexam-fraud-prevention-4995 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 16 Jun 2026 11:32:03 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET&nbsp;(UG) 2026 री-एग्जाम को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने के लिए भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म की पहुंच को 22 जून 2026 तक अस्थायी रूप से प ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET&nbsp;(UG) 2026 री-एग्जाम को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने के लिए भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म की पहुंच को 22 जून 2026 तक अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। यह निर्णय परीक्षा के दिन और उसके तुरंत बाद कथित पेपर लीक से जुड़े फर्जी दावों तथा संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है।</span></p><p>इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और उच्च शिक्षा विभाग की सिफारिशों के आधार पर यह निर्देश जारी किए हैं। NTA के अनुसार, यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत की गई है।</p><p><b>टेलीग्राम के कुछ फीचर्स का इस्तेमाल गिरोह करता है</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">NTA ने बताया कि टेलीग्राम के कुछ फीचर्स का उपयोग कथित तौर पर ऐसे गिरोहों द्वारा किया जा रहा था, जो परीक्षा समाप्त होने के बाद पुराने संदेशों को संपादित कर वास्तविक प्रश्नपत्र जोड़ देते थे और फिर उसे परीक्षा से पहले पेपर लीक होने के कथित सबूत के रूप में प्रसारित करते थे।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इसी को ध्यान में रखते हुए MeitY ने टेलीग्राम को भारत में पहले से पोस्ट किए गए संदेशों के लिए मैसेज एडिटिंग फीचर भी 30 जून 2026 तक निष्क्रिय करने का निर्देश दिया है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The National Testing Agency (NTA) has welcomed the Ministry of Electronics and IT&amp;#39;s directions restricting Telegram access in India until June 22, 2026, ahead of the NEET (UG) 2026 re-examination on June 21 &lt;a href="https://t.co/TkCFPQjl29"&gt;pic.twitter.com/TkCFPQjl29&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2066746803551347114?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 16, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>21 जून को आयोजित NEET री-एग्जाम को ध्यान में रखकर लिया फैसला</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">NTA ने कहा कि ये दोनों कदम सीमित अवधि और विशेष उद्देश्य के लिए उठाए गए हैं। एजेंसी के मुताबिक, 21 जून 2026 को होने वाली&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">NEET (UG)</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों को धोखाधड़ी और फर्जी पेपर लीक दावों से बचाने के लिए यह कदम आवश्यक समझा गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इससे पहले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) और विभिन्न राज्यों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने कई फर्जी टेलीग्राम चैनलों, ग्रुप्स और बॉट्स के खिलाफ कार्रवाई की थी। बिहार, गुजरात और राजस्थान की एजेंसियों ने ऐसे कई चैनलों की पहचान की थी, जो छात्रों और अभिभावकों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की मांग कर रहे थे।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>टेलीग्राम के 8 चैनल्स का संचालकों की हुई गिरफ्तारी</b></span></p><p>हाल ही में अहमदाबाद साइबर क्राइम शाखा ने एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए आठ ऐसे चैनल्स का संचालन करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में लगभग 1.5 करोड़ रुपये के लेन-देन का पता चला था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA ने स्पष्ट किया कि चैनल-दर-चैनल कार्रवाई के बावजूद पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने के कारण यह अस्थायी प्लेटफॉर्म-स्तरीय प्रतिबंध अंतिम विकल्प के रूप में लागू किया गया।</span></p><p>एजेंसी ने यह भी माना कि इस फैसले से टेलीग्राम का वैध और नियमित उपयोग करने वाले लाखों लोगों को असुविधा हो सकती है। हालांकि, उसने दोहराया कि परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित है और प्रश्नपत्र निर्धारित सुरक्षा श्रृंखला के बाहर उपलब्ध नहीं है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA के अनुसार, NEET (UG) 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG री-एग्जाम से पहले भारत में टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, NTA का बड़ा फैसला ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-cbi-jail-interrogation-court-order-4989 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI को मिली अनुमति, तीनों आरोपियों से जेल में होगी पूछताछ... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-cbi-jail-interrogation-court-order-4989 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 15 Jun 2026 16:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को बड़ा कानूनी समर्थन मिला है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई की उस याचिका को मंजूरी दे दी है, जिसमें तीन आरोपियों से न् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को बड़ा कानूनी समर्थन मिला है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई की उस याचिका को मंजूरी दे दी है, जिसमें तीन आरोपियों से न्यायिक हिरासत के दौरान जेल में पूछताछ करने की अनुमति मांगी गई थी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अवकाशकालीन न्यायाधीश सुरेंद्र मोहित सिंह ने सीबीआई को आरोपी मनीषा वाघमारे, शुभम खैरनार और धनंजय लोखंडे से <b>17 जून से 19 जून तक</b> जेल में पूछताछ करने की अनुमति दी। अदालत ने प्रत्येक दिन एक घंटे की पूछताछ की इजाजत दी है।</span></p><p>साथ ही अदालत ने मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों मंगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, धनंजय लोखंडे, शुभम खैरनार, डॉ. मनोज शिरुरे, तेजस हर्षद कुमार, मनीषा वाघमारे और मनीषा हवालदार की न्यायिक हिरासत 29 जून तक बढ़ा दी है।</p><p><b>वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पेश हुए आरोपी&nbsp;</b></p><p>सभी आरोपियों को तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक वी.के. पाठक और जांच अधिकारी बी.पी. राजू अदालत में उपस्थित हुए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीबीआई ने अदालत को बताया कि कुछ गवाहों के बयानों में नए तथ्य सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि इन तीन आरोपियों से पूछताछ करके की जानी आवश्यक है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;STORY | NEET paper leak: Court allows CBI to quiz 3 accused in jail&lt;br&gt;&lt;br&gt;A court here on Monday allowed the CBI’s plea to question three accused in jail in the NEET paper leak case. Duty judge Surender Mohit Singh was hearing the agency’s plea to question in judicial custody three… &lt;a href="https://t.co/dGGiSmRIQN"&gt;pic.twitter.com/dGGiSmRIQN&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2066425923990397125?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 15, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>इस मामले में 12 मई को दर्ज हुई FIR</b></span></p><p>मामले में 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी मंगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए NEET&nbsp; प्रश्नपत्र हासिल करने के उद्देश्य से शुभम खैरनार से संपर्क किया था। जांच के दौरान मंगीलाल के मोबाइल फोन से कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र भी बरामद किया गया।</span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">CBI का दावा,&nbsp;</span>₹<span style="font-size: 1rem;">10 लाख में प्रश्नपत्र का सौदा</span></b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>सीबीआई का दावा है कि मंगीलाल को यश यादव के माध्यम से 10 लाख रुपये के सौदे में लीक प्रश्नपत्र मिला था। पूछताछ में विकास बिवाल ने बताया कि उसकी मुलाकात राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान यश यादव से हुई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच में यह भी सामने आया है कि शुभम खैरनार ने कथित तौर पर सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को उपलब्ध कराया, जिसके बाद यह मंगीलाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल तक पहुंचा। सीबीआई के अनुसार, मंगीलाल ने बाद में यही प्रश्नपत्र अन्य अभ्यर्थियों को लगभग 12 लाख रुपये में बेचा।</span></i></b></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>आरोपी यश यादव की अंतरिम जमानत पर 16 जून को होगी सुनवाई</b></span></p><p>इस बीच, अदालत ने 9 जून को मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वहीं, आरोपी यश यादव की अंतरिम जमानत याचिका पर 16 जून को सुनवाई होनी है। याचिका में उसने 21 जून को होने वाली NEET-UG परीक्षा में शामिल होने और अपनी बहन की शादी में उपस्थित होने के लिए अंतरिम राहत की मांग की है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और सीबीआई इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI को मिली अनुमति, तीनों आरोपियों से जेल में होगी पूछताछ... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ncert-dancing-girl-image-change-class-9-textbook-4986 ]]></guid><title><![CDATA[ NCERT की नई किताब में बदली गई सिंधु घाटी की ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर, उठा विवाद ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ncert-dancing-girl-image-change-class-9-textbook-4986 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 15 Jun 2026 14:25:57 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की नई कक्षा 9 कला शिक्षा की पाठ्यपुस्तक में सिंधु घाटी सभ्यता की प्रसिद्ध ‘डांसिंग गर्ल’ प्रतिमा की तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की नई कक्षा 9 कला शिक्षा की पाठ्यपुस्तक में सिंधु घाटी सभ्यता की प्रसिद्ध ‘डांसिंग गर्ल’ प्रतिमा की तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पुस्तक में प्रकाशित तस्वीर में प्रतिमा के रंग और स्वरूप में बदलाव किया गया है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मोहनजो-दड़ो</span>&nbsp;से प्राप्त लगभग 4500 वर्ष पुरानी कांस्य प्रतिमा भारतीय इतिहास और पुरातत्व की सबसे प्रसिद्ध धरोहरों में गिनी जाती है। दशकों से यह प्रतिमा विभिन्न स्कूली पाठ्यपुस्तकों में अपने मूल स्वरूप में दिखाई जाती रही है। हालांकि नई पुस्तक में इसका रंग पहले की तुलना में अधिक गहरा दिखाया गया है और शरीर के कुछ हिस्सों को ढका हुआ दर्शाया गया है।</p><p><b><span style="font-size: 1rem;">कक्षा 1 से 9 तक की पुस्तकें जारी की जा चुकी हैं</span>&nbsp;</b></p><p>यह चित्र NCERT की पहली कला शिक्षा श्रृंखला का हिस्सा है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के तहत कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। अब तक कक्षा 1 से 9 तक की पुस्तकें जारी की जा चुकी हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मूल ‘डांसिंग गर्ल’ प्रतिमा की ऊंचाई लगभग 10.5 सेंटीमीटर है। यह कांस्य से बनी है और अपनी प्राकृतिक कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए जानी जाती है। प्रतिमा में एक हाथ पर कई चूड़ियां और गले में हार दिखाई देता है, जबकि बाकी शरीर बिना वस्त्र के दर्शाया गया है।</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/Mohenjo-Daro_c130f6c48371107b21a8908ce80477c8_1600X1200.webp" style="width: 910.383px;"><b>NCERT के निदेशक से नहीं आया कोई जवाब</b><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p>इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए NCERT के निदेशक दिनेश सकलानी से संपर्क किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, NCERT के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि मामले को पाठ्यपुस्तक विकास टीम के पास समीक्षा के लिए भेज दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि फिलहाल तस्वीर में बदलाव के पीछे कोई विशेष कारण सामने नहीं आया है। उन्होंने यह भी बताया कि कक्षा 6 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में ‘डांसिंग गर्ल’ को उसके मूल स्वरूप में ही प्रकाशित किया गया है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>मोहनजो-दड़ो</b></span><b>&nbsp;की प्रतिमा से जुड़ा विवाद पहले भी आया है सामने</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i><span style="font-size: 1rem;">यह पहली बार नहीं है जब&nbsp;</span>मोहनजो-दड़ो&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">की यह प्रसिद्ध प्रतिमा विवादों में आई हो। मई 2023 में अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित इंटरनेशनल म्यूजियम एक्सपो का उद्घाटन किया था। इस दौरान कार्यक्रम के शुभंकर के रूप में ‘डांसिंग गर्ल’ का आधुनिक रूप पेश किया गया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उस समय आयोजकों ने इसे प्राचीन प्रतिमा की समकालीन व्याख्या बताया था, लेकिन कई इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इसकी आलोचना की थी। आलोचकों का कहना था कि मूल प्रतिमा के स्वरूप में काफी बदलाव किया गया है। जहां प्राचीन कांस्य प्रतिमा गहरे रंग की और लगभग निर्वस्त्र दिखाई देती है, वहीं शुभंकर को हल्के रंग और आधुनिक परिधान में प्रस्तुत किया गया था।</span></i></b></p><p><b>कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने सरकार पर उठाए सवाल</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">इंडियन नेशनल कांग्रेस की&nbsp;</span>राष्ट्रीय प्रवक्ता&nbsp;डॉ. शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा पर सवाल उठाए। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, "<span style="font-size: 1rem;">NCERT की कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में मोहनजो-दड़ो की 'डांसिंग गर्ल' की तस्वीर छपी है, जिसमें उसका धड़ ढका हुआ है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">ऐसे समय में जब NEET पेपर लीक और CBSE OSM में गड़बड़ी जैसे मुद्दे सामने आ रहे हैं, शिक्षा मंत्रालय इन चीज़ों को प्राथमिकता दे रहा है। हर जगह अयोग्य और अक्षम लोग अहम पदों पर बैठे हैं। @dpradhanbjp को शर्म आनी चाहिए!"</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The image of the Mohenjo-daro Dancing Girl has appeared with its torso covered in an NCERT Class 9 textbook.&lt;br&gt;&lt;br&gt;At a time when there are issues like NEET paper leaks and CBSE OSM discrepancies, this is what the Ministry of Education is prioritising. Uneducated and incompetent… &lt;a href="https://t.co/zn4B1qYkuh"&gt;pic.twitter.com/zn4B1qYkuh&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Dr. Shama Mohamed (@drshamamohd) &lt;a href="https://x.com/drshamamohd/status/2066385108442153269?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 15, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>कक्षा-9 की पाठ्यपुस्तक को लेकर बहस शुरू</b></p><p>अब कक्षा 9 की नई पाठ्यपुस्तक में प्रकाशित तस्वीर को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों और शिक्षाविदों का मानना है कि ऐतिहासिक धरोहरों को उनकी मूल पहचान और स्वरूप के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। वहीं, NCERT की समीक्षा टीम इस मामले की जांच कर रही है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NCERT की नई किताब में बदली गई सिंधु घाटी की ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर, उठा विवाद ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-yash-yadav-interim-bail-plea-4927 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक आरोपी यश यादव ने मांगी अंतरिम जमानत, अगली सुनवाई 12 जून को होगी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-yash-yadav-interim-bail-plea-4927 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 09 Jun 2026 18:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले के आरोपी यश यादव ने 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा में शामिल होने और अपनी बहन की शादी में उपस्थित रहने के लिए 15 दिनों की अंतरिम जमानत की मांग की है।&nbsp;म ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>NEET-UG पेपर लीक मामले के आरोपी यश यादव ने 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा में शामिल होने और अपनी बहन की शादी में उपस्थित रहने के लिए 15 दिनों की अंतरिम जमानत की मांग की है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मंगलवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने यश यादव की अंतरिम जमानत याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (</span>CBI<span style="font-size: 1rem;">) से जवाब मांगा।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">विशेष CBI न्यायाधीश अजय गुप्ता ने&nbsp;</span>CBI<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया और मामले की अगली सुनवाई 12 जून के लिए निर्धारित की है।</span><span style="font-size: 1rem;">सुनवाई के दौरान अदालत ने याद दिलाया कि 2 जून को यश यादव को NEET-UG परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने की अनुमति दी गई थी। अदालत ने यह भी नोट किया था कि पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित होनी है।&nbsp;</span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">यश यादव का&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">पक्ष&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अधिवक्ता कपिल यादव और अंबिका ने&nbsp; रखा</span></b></p><p><span style="font-size: 1rem;">यश यादव की ओर से अधिवक्ता कपिल यादव और अंबिका ने अदालत में पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने पहले बताया था कि यश यादव 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में शामिल हुआ था और पुनर्परीक्षा की तैयारी के लिए उसे अध्ययन सामग्री की आवश्यकता है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी पूछा था कि क्या राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने आरोपी होने के बावजूद यश यादव को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी है और क्या उसे प्रवेश पत्र जारी किया गया है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;NEET paper leak accused Yash Yadav has filed an interim bail application in the Rouse Avenue Court seeking permission to appear for the NEET exam and attend his sister&amp;#39;s wedding. The court has sought a response from the CBI and will hear the matter on June 12. Yadav has requested… &lt;a href="https://t.co/HpaKpON5qr"&gt;pic.twitter.com/HpaKpON5qr&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2064268160317190596?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>क्या है मामला?</b></p><p>मामले में 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच के अनुसार, मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए प्रश्नपत्र हासिल करने हेतु शुभम खैरनार से संपर्क किया था। इसके बाद कथित रूप से पेपर लीक का एक बड़ा नेटवर्क तैयार हुआ।</span></p><p><b>सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को मिला- CBI</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>CBI के अनुसार, शुभम खैरनार ने सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को उपलब्ध कराया। इसके बाद यश यादव ने इसे मांगीलाल बिवाल को दिया, जिसने आगे विकास बिवाल और फिर दिनेश बिवाल तक पहुंचाया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आरोप है कि मांगीलाल बिवाल ने यश यादव से 10 लाख रुपये में लीक प्रश्नपत्र प्राप्त किया था। पूछताछ में विकास बिवाल ने बताया कि उसकी मुलाकात यश यादव से राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान हुई थी।</span></i></b></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">मांगीलाल बिवाल ने&nbsp;</span>₹<span style="font-size: 1rem;">12 लाख लेकर प्रश्नपत्र अन्य अभ्यर्थियों तक पहुंचाया</span></b></p><p>जांच में यह भी सामने आया है कि मांगीलाल बिवाल ने कथित तौर पर करीब 12 लाख रुपये लेकर प्रश्नपत्र अन्य अभ्यर्थियों तक पहुंचाया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस मामले में सीबीआई कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, प्रह्लाद कुलकर्णी, मनीषा मांधारे, मनीषा संजय हवलदार, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, डॉ. मनोज शिरुरे और तेजस हर्षद कुमार शाह शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।</span></p><p><b>आरोपी मनीषा वाघमारे की जमानत अर्जी खारिज</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>वहीं, राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने NEET पेपर लीक मामले की आरोपी मनीषा वाघमारे की ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी है। वाघमारे के वकील ने दलील दी कि वह एक सर्टिफ़ाइड एजुकेशन काउंसलर हैं और ₹3.5 लाख का लेन-देन एक गिफ़्ट डीड के ज़रिए हुआ था। CBI ने ज़मानत का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पैसे के लिए प्रश्न-पत्र लीक किए और एक ब्यूटी पार्लर भी चलाया। कोर्ट ने CBI की दलीलों को मानते हुए ज़मानत देने से इनकार कर दिया।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The Rouse Avenue Court has rejected the bail plea of Manisha Waghmare, an accused in the NEET paper leak case. Waghmare&amp;#39;s counsel argued that she is a certified education counselor and that the ₹3.5 lakh transaction came from a gift deed. The CBI opposed bail, alleging she… &lt;a href="https://t.co/H2s7Q69Mjf"&gt;pic.twitter.com/H2s7Q69Mjf&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2064265913067884587?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक आरोपी यश यादव ने मांगी अंतरिम जमानत, अगली सुनवाई 12 जून को होगी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-verification-revaluation-portal-functional-2026-4911 ]]></guid><title><![CDATA[ 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने किया आवेदन, CBSE ने पोर्टल पर उठे सवालों का दिया जवाब ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-verification-revaluation-portal-functional-2026-4911 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 08 Jun 2026 14:12:19 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सोमवार को कहा कि सत्यापन (वेरिफिकेशन) और पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) के लिए आवेदन विंडो 2 जून से 7 जून 2026 तक पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित रही ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सोमवार को कहा कि सत्यापन (वेरिफिकेशन) और पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) के लिए आवेदन विंडो 2 जून से 7 जून 2026 तक पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित रही। इस दौरान 1.6 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने 3.8 लाख से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं के संबंध में सफलतापूर्वक आवेदन जमा किए।</span></p><p>उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) पोर्टल में सुरक्षा कमजोरियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद CBSE&nbsp;और कोएम्प्ट एडुटेक की आलोचना हुई थी। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह पोर्टल सरकारी तकनीकी एजेंसियों और आईआईटी की टीमों की निगरानी में संचालित किया गया।</p><p><b>CBSE ने सोशल मीडिया पर जारी किया बयान</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">CBSE</span>&nbsp;ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि निर्धारित अवधि के दौरान पोर्टल पूरी तरह कार्यरत रहा और बड़ी संख्या में छात्रों ने इसकी सेवाओं का उपयोग किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बोर्ड के अनुसार, पूरे संचालन काल में समर्पित साइबर सुरक्षा टीमों द्वारा सिस्टम की लगातार निगरानी की गई ताकि किसी भी प्रकार के साइबर हमले या संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके। इसके अलावा&nbsp;</span>CBSE<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;की विशेष टीमों ने हेल्पडेस्क और शिकायत निवारण चैनलों के माध्यम से छात्रों को सक्रिय सहायता भी प्रदान की।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Verification and Re-evaluation window remained fully functional, 1.6 lakh candidates submitted requests: CBSE&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/7g5S0JzpBi"&gt;https://t.co/7g5S0JzpBi&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/CBSE?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CBSE&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/OSMPortal?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#OSMPortal&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Reevaluation?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Reevaluation&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/vlzmq2gzPV"&gt;pic.twitter.com/vlzmq2gzPV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2063898114139005306?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 8, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>सोशल मीडिया पर पोर्टल के कामकाज को लेकर फैलाया भ्रम</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">CBSE</span>&nbsp;ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल वही छात्र सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के पात्र थे, जिन्होंने पहले चरण में उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी (स्कैन कॉपी) के लिए आवेदन किया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बोर्ड ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में पोर्टल के कामकाज को लेकर भ्रम फैलाया गया। "रोल नंबर नॉट फाउंड" संदेश उन छात्रों को दिखाई देता है जिन्होंने पहले चरण यानी उत्तर पुस्तिका फोटोकॉपी आवेदन प्रक्रिया में सफलतापूर्वक आवेदन नहीं किया था।</span></p><p><b>CBSE ने कोएम्प्ट एडुटेक के प्लेटफॉर्म का उपयोग किया बंद</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">CBSE</span>&nbsp;ने दोहराया कि वह पारदर्शी, छात्र-केंद्रित और सहज पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बोर्ड ने कहा कि छात्रों की सभी वास्तविक समस्याओं का समाधान हेल्पलाइन, शिकायत निवारण तंत्र और अन्य संचार माध्यमों के जरिए किया जा रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इससे पहले, CBSE&nbsp;के पोस्ट-रिजल्ट सिस्टम की सुरक्षा जांच करने वाले एक आईआईटी पैनल ने नए मूल्यांकन पोर्टल को सुरक्षा मंजूरी दी थी। यह नया पोर्टल तब विकसित किया गया जब पुराने पोर्टल में कई सुरक्षा खामियां मिलने के बाद CBSE&nbsp;ने कोएम्प्ट एडुटेक के प्लेटफॉर्म का उपयोग बंद करने का फैसला किया।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने किया आवेदन, CBSE ने पोर्टल पर उठे सवालों का दिया जवाब ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-new-revaluation-portal-iit-security-clearance-4908 ]]></guid><title><![CDATA[ CBSE री-इवैल्यूएशन के लिए नया पोर्टल मंजूर, IIT मद्रास और IIT कानपुर की अहम भूमिका... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-new-revaluation-portal-iit-security-clearance-4908 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 08 Jun 2026 12:10:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली:&nbsp;CBSE के पोस्ट-रिजल्ट सिस्टम की सुरक्षा जांच करने वाले IIT&nbsp;पैनल ने नए परीक्षक-उन्मुख पोर्टल को पूर्ण सुरक्षा मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही हजारों छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">नई दिल्ली:&nbsp;</b>CBSE<span style="font-size: 1rem;"> के पोस्ट-रिजल्ट सिस्टम की सुरक्षा जांच करने वाले </span>IIT<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;पैनल ने नए परीक्षक-उन्मुख पोर्टल को पूर्ण सुरक्षा मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही हजारों छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) का रास्ता साफ हो गया है।&nbsp;यह नया पोर्टल उस पुराने पोर्टल की जगह लाया गया है, जिसे कोएम्प्ट एडुटेक ने विकसित किया था। सुरक्षा जांच में उस पोर्टल में कई गंभीर कमजोरियां पाई गई थीं, जिसके बाद </span>CBSE<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;ने उसे इस्तेमाल न करने का फैसला लिया।</span></p><p>IIT पैनल के एक सदस्य ने बताया कि नया पोर्टल पुराने कोड के आधार पर तैयार किया गया है, लेकिन इसमें सुरक्षा के लिहाज से बड़े बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बदलाव कार्यक्षमता में नहीं, बल्कि सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किए गए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पैनल सदस्य के अनुसार पुराने पोर्टल में ऐसी कई सुरक्षा कमजोरियां थीं, जिनके जरिए डेटा और रिकॉर्ड तक अनधिकृत पहुंच संभव थी। यह एक गंभीर मामला था और सभी संभावित खामियों को दूर करने के लिए विस्तृत समीक्षा की गई।</span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">ऑन-स्क्रीन मार्किंग</span>&nbsp;पोर्टल में सामने आईं थी साइबर सुरक्षा संबंधी खामियां</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">कोएम्प्ट एडुटेक उस समय विवादों में आया था जब बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और मूल्यांकन के लिए उपयोग किए जाने वाले ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल में साइबर सुरक्षा संबंधी खामियां सामने आई थीं। कई व्हिसलब्लोअर्स ने भी इस सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल उठाए थे।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इन निष्कर्षों के बाद </span><span style="font-size: 1rem;">CBSE</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से जुड़े सभी डेटा और रिकॉर्ड को कंपनी के सर्वरों से हटाकर अपने नियंत्रण वाले सर्वरों में स्थानांतरित कर दिया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;IIT panel grants security clearance to examiner-facing CBSE evaluation portal&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/tutLY14Wen"&gt;https://t.co/tutLY14Wen&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/CBSE?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CBSE&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/IITPanel?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#IITPanel&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/CBSEEvaluationPortal?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CBSEEvaluationPortal&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/nKfsr86h3m"&gt;pic.twitter.com/nKfsr86h3m&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2063845782932123724?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 8, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>नए पोर्टल को बनाने में कई संस्थानों की भूमिका है</b></p><p>जब नए पोर्टल के विकासकर्ताओं के बारे में पूछा गया तो पैनल सदस्य ने बताया कि इसमें कई संस्थानों की भूमिका रही। डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (डीआईसी) और IIT मद्रास ने बेस कोड को बेहतर बनाने पर काम किया, जबकि IIT कानपुर ने सुरक्षा कमजोरियों की पहचान और परीक्षण किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस बीच, 7 जून पुनर्मूल्यांकन और अंकों के सत्यापन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि थी। </span>CBSE<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;ने अभी तक यह नहीं बताया है कि कुल कितने छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन का विकल्प चुना है।</span></p><p>4 जून 2026 तक CBSE की पोस्ट-रिजल्ट शिकायत निवारण प्रक्रिया के तहत कुल 70,433 सफल आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें 7,314 आवेदन अंकों के सत्यापन के लिए और 63,119 आवेदन पुनर्मूल्यांकन के लिए दर्ज किए गए थे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CBSE री-इवैल्यूएशन के लिए नया पोर्टल मंजूर, IIT मद्रास और IIT कानपुर की अहम भूमिका... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/digvijaya-singh-seeks-halt-cbse-three-language-policy-4900 ]]></guid><title><![CDATA[ दिग्विजय सिंह ने PM मोदी को लिखा पत्र, CBSE की तीन-भाषा नीति पर तत्काल रोक लगाने की मांग ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/digvijaya-singh-seeks-halt-cbse-three-language-policy-4900 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 07 Jun 2026 13:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीबीएसई की तीन-भाषा नीति को मौजूदा शैक्षणिक सत्र के बीच में लागू किए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने केंद्र  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीबीएसई की तीन-भाषा नीति को मौजूदा शैक्षणिक सत्र के बीच में लागू किए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस नीति के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।</span></p><p>अपने पत्र में दिग्विजय सिंह ने लिखा, "मुझे सीबीएसई की कक्षा 9 के छात्रों के अभिभावकों के एक समूह का ज्ञापन प्राप्त हुआ है, जिसमें मौजूदा सत्र के बीच तीन-भाषा नीति को अनिवार्य रूप से लागू करने का विरोध किया गया है।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि अभिभावकों द्वारा उठाई गई चिंताएं वास्तविक हैं और तत्काल ध्यान देने योग्य हैं। उनके अनुसार, पर्याप्त शिक्षकों, पाठ्यपुस्तकों और संक्रमण अवधि के बिना इस नीति को अचानक लागू करने से छात्रों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Congress Rajya Sabha MP Digvijaya Singh has written to Prime Minister Narendra Modi urging an immediate hold on the mandatory implementation of CBSE&amp;#39;s Three-Language Policy for Class IX students &lt;a href="https://t.co/d2kikLUALs"&gt;pic.twitter.com/d2kikLUALs&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2063491524030234779?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 7, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">15 मई को CBSE ने तीसरी भाषा से संबंधित परिपत्र किया&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">जारी</span></b><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></p><p>दिग्विजय सिंह ने कहा कि दिसंबर 2025 में हुई सीबीएसई की गवर्निंग बॉडी की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि एनसीईआरटी द्वारा भाषाओं की ग्रेडेड पाठ्यपुस्तकें जारी होने तक स्कूल मौजूदा भाषा व्यवस्था को जारी रखें।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद सीबीएसई ने 15 मई 2026 को एक परिपत्र जारी कर 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 में तीसरी भाषा की पढ़ाई अनिवार्य करने का निर्देश दे दिया।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>1 जुलाई 2026 से 3 भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य&nbsp;</b></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>उल्लेखनीय है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 में तीसरी भाषा (आर-3) की कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी।</i></b></p><p><b>CBSE द्वारा गवर्निंग बॉडी के फैसले की अवमानना पर उठे सवाल</b></p><p>दिग्विजय सिंह ने कहा कि एनसीईआरटी ने अभी तक नई ग्रेडेड भाषा पुस्तकों को जारी नहीं किया है और फिलहाल सीबीएसई ने कक्षा 6 की एनसीईआरटी पुस्तकों के उपयोग की सिफारिश की है।<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सीबीएसई ने अपनी ही गवर्निंग बॉडी के फैसले को कैसे और क्यों पलट दिया, जबकि इससे देशभर के हजारों स्कूलों की शैक्षणिक योजना प्रभावित हो सकती है।</span></p><p>राज्यसभा सांसद ने कहा कि दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के छात्रों के लिए स्थिति और भी कठिन है, जहां हिंदी व्यापक रूप से नहीं बोली जाती और कई स्थानीय जनजातीय भाषाएं सीबीएसई की मान्यता प्राप्त भाषा सूची में शामिल नहीं हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृत कई स्कूलों में तीसरी भाषा के रूप में लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरी है, लेकिन योग्य संस्कृत शिक्षकों और उपयुक्त पाठ्यपुस्तकों की भारी कमी है, जिससे इस भाषा को बढ़ावा देने का उद्देश्य ही प्रभावित हो सकता है।</span></p><p><b>दिग्विजय सिंह ने की पत्र में पीएम मोदी से सिफारिश</b></p><p>दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में कहा, "सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मेरी विनम्र सिफारिश है कि वर्तमान कक्षा 9 के छात्रों के लिए इस नीति के क्रियान्वयन को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए।"</p><p>उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अदालत का फैसला 15 जुलाई 2026 को आने की संभावना है, जबकि स्कूलों को 1 जुलाई 2026 से ही तीसरी भाषा पढ़ाना शुरू करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस विषय पर शीघ्र और संवेदनशील विचार करने की अपील करते हुए कहा कि लाखों छात्रों का शैक्षणिक भविष्य इस निर्णय से जुड़ा हुआ है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिग्विजय सिंह ने PM मोदी को लिखा पत्र, CBSE की तीन-भाषा नीति पर तत्काल रोक लगाने की मांग ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-shubham-khairnar-judicial-custody-extended-4892 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-shubham-khairnar-judicial-custody-extended-4892 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 06 Jun 2026 15:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को NEET-UG&nbsp;पेपर लीक मामले के आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ा दी। पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद उसे अदालत में पेश किया  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">नई दिल्ली:</b><span style="font-size: 1rem;"> राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को </span>NEET-UG<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;पेपर लीक मामले के आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ा दी। पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया था।&nbsp;सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दायर न्यायिक हिरासत बढ़ाने की अर्जी पर विचार करने के बाद शुभम खैरनार की हिरासत 15 जून तक बढ़ाने का आदेश दिया। उसे 24 मई को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।</span></p><p>जांच एजेंसी का आरोप है कि शुभम खैरनार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अपने एक स्रोत के जरिए परीक्षा का प्रश्नपत्र हासिल किया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीबीआई ने पहले उसकी हिरासत की मांग करते हुए कहा था कि मामले की व्यापक साजिश की जांच, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ और अन्य आरोपियों से आमना-सामना कराने के लिए उसकी कस्टडी आवश्यक है। एजेंसी ने यह भी कहा था कि जांच के सिलसिले में उसे महाराष्ट्र ले जाना जरूरी है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>शुभम खैरनार ने लीक हुआ प्रश्नपत्र अन्य लोगों तक पहुंचाया</b></span></p><p>आरोप है कि शुभम खैरनार ने लीक हुआ प्रश्नपत्र अन्य लोगों तक भी पहुंचाया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक नीतू सिंह और वी.के. पाठक अदालत में पेश हुए। उन्होंने कहा कि बड़ी साजिश का खुलासा करने और उन लोगों की पहचान करने के लिए शुभम से पूछताछ जरूरी है, जिन्हें उसने प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सीबीआई ने पहले रिमांड की मांग करते हुए कहा था कि पेपर लीक के पीछे की बड़ी साजिश और इसमें शामिल सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की जांच के लिए आरोपियों की हिरासत आवश्यक है, क्योंकि&nbsp;NEET परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;NEET-UG 2026 examination paper leak | Delhi&amp;#39;s Rouse Avenue court extended the judicial custody of accused Shubham Khairnar till June 15.&lt;br&gt;&lt;br&gt;He was produced before the court after expiry of previous judicial custody.&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2063135624660742349?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>NEET का प्रश्नपत्र पाने के लिए&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">शुभम खैरनार से किया गया सम्पर्क</span></b></p><p>जांच एजेंसी ने बताया कि 12 मई 2026 को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीबीआई के अनुसार, मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए NEET का प्रश्नपत्र पाने के लिए शुभम खैरनार से संपर्क किया था। जांच के दौरान मांगीलाल बिवाल के मोबाइल फोन से प्रश्नपत्र भी बरामद किया गया।</span></p><p>आरोप है कि मांगीलाल बिवाल ने यश यादव से 10 लाख रुपये में लीक प्रश्नपत्र प्राप्त किया था। पूछताछ में विकास बिवाल ने बताया कि उसकी मुलाकात यश यादव से राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान हुई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच के अनुसार, मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे के लिए प्रश्नपत्र हासिल करने हेतु शुभम खैरनार से संपर्क किया था। इसके बाद अन्य आरोपियों को जोड़कर एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया।</span></p><p><b>शुभम ने <span style="font-size: 1rem; font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">सबसे पहले&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">प्रश्नपत्र यश यादव को दिया, </span>₹<span style="font-size: 1rem;">12 लाख में बेचा पेपर</span></b></p><p>सीबीआई का आरोप है कि सबसे पहले शुभम ने प्रश्नपत्र यश यादव को दिया, फिर यश से मांगीलाल बिवाल, मांगीलाल से विकास बिवाल और आगे दिनेश बिवाल तक प्रश्नपत्र पहुंचा। साथ ही मांगीलाल ने कथित तौर पर 12 लाख रुपये लेकर कई अन्य अभ्यर्थियों को भी लीक प्रश्नपत्र बेचा।</p><p>इस मामले में सीबीआई ने मनीषा वाघमारे, रसायन विज्ञान विशेषज्ञ प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी, शिक्षक मनीष मंधारे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा संजय हवलदार, डॉ. मनोज शिरुरे और तेजस हर्षद कुमार शाह को भी गिरफ्तार किया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीबीआई की पूछताछ के बाद ये सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/upsc-face-authentication-civil-services-exam-2026-4874 ]]></guid><title><![CDATA[ UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा में लागू किया फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम, फर्जी उम्मीदवारों पर लगेगी रोक ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/upsc-face-authentication-civil-services-exam-2026-4874 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 04 Jun 2026 19:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: सिविल सेवा परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को और मजबूत बनाने तथा प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) पर रोक लगाने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने फेस ऑथेंटिकेशन प्रोटोकॉल को सफलतापूर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> सिविल सेवा परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को और मजबूत बनाने तथा प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) पर रोक लगाने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने फेस ऑथेंटिकेशन प्रोटोकॉल को सफलतापूर्वक लागू किया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यह तकनीक हाल ही में आयोजित सिविल सेवा और भारतीय वन सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 में इस्तेमाल की गई। इसके तहत यह सुनिश्चित किया गया कि आवेदन पत्र भरते समय जिस अभ्यर्थी की फोटो अपलोड की गई थी, वही उम्मीदवार एडमिट कार्ड के साथ परीक्षा देने पहुंचा है।</span></p><p>UPSC के अनुसार, इस प्रणाली ने परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों की लाइव और रियल-टाइम पहचान सुनिश्चित की। निरीक्षकों (इनविजिलेटर्स) ने मोबाइल फोन आधारित सत्यापन के जरिए अभ्यर्थियों का फेस ऑथेंटिकेशन किया, जिससे फर्जी उम्मीदवारों और परीक्षा में गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आयोग ने इस वर्ष सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 के दौरान देशभर के 2,072 परीक्षा केंद्रों पर रियल-टाइम फेस ऑथेंटिकेशन अभियान चलाया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;➡️Union Public Service Commission Developed Face Authentication Protocol; Used Successfully in the Civil Services (Preliminary) Examination, 2026 to Enhance Examination Integrity&lt;br&gt;&lt;br&gt;➡️The face-authentication protocol ensures that the candidate whose photo was uploaded at the time…&lt;/p&gt;&amp;mdash; PIB India (@PIB_India) &lt;a href="https://x.com/PIB_India/status/2062503627521224828?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 4, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>फेस ऑथेंटिकेशन कराना अनिवार्य किया गया</b></p><p>यह एप्लिकेशन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) के तकनीकी सहयोग से UPSC द्वारा विकसित और लागू की गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">UPSC ने एक ऐसी प्रक्रिया भी तैयार की है, जिसके तहत प्रत्येक अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले फेस ऑथेंटिकेशन कराना अनिवार्य किया गया। इसके लिए विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर सभी राज्यों, जिलों और परीक्षा केंद्रों के साथ साझा की गई।</span></p><p>आयोग के मुताबिक, निरीक्षकों को कई चरणों में प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रणाली की खास बात यह है कि इसके लिए किसी महंगे हार्डवेयर की जरूरत नहीं पड़ती। यह किसी भी एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर काम करती है और निरीक्षकों ने अपने मोबाइल फोन का उपयोग कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी की, जिससे लागत और लॉजिस्टिक बोझ दोनों कम हुए।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;UPSC implements face authentication protocol in civil services exams to enhance integrity&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/Vh9RJDYKMV"&gt;https://t.co/Vh9RJDYKMV&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/UPSC?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPSC&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/FaceAuthentication?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#FaceAuthentication&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/CivilServiceExam?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CivilServiceExam&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/0dCwBhdOhb"&gt;pic.twitter.com/0dCwBhdOhb&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2062516234965696624?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 4, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>प्रति मिनट लगभग 12,000 फेस ऑथेंटिकेशन प्रोसेस करने में सक्षम है एप्लिकेशन</b></p><p>एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता इसकी गति है। किसी एक उम्मीदवार का फेस ऑथेंटिकेशन करने में केवल 6 से 8 सेकंड का समय लगता है, जिससे परीक्षा केंद्रों पर लंबी कतारें नहीं लगीं और प्रवेश प्रक्रिया सुचारू रही।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यह प्रणाली इतनी सक्षम रही कि एक ही समय में 7,000 से अधिक निरीक्षकों ने इसका उपयोग किया। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के व्यस्त समय में यह एप्लिकेशन प्रति मिनट लगभग 12,000 फेस ऑथेंटिकेशन प्रोसेस करने में सक्षम रही।</span></p><p>UPSC के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा, "यह प्रतिरूपण-मुक्त परीक्षाएं सुनिश्चित करने की दिशा में UPSC का नया कदम है। यह तकनीक NeGD के सहयोग से पूरी तरह स्वदेशी रूप से विकसित की गई है। लगभग 5.5 लाख उम्मीदवारों और 2,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर इसे सफलतापूर्वक लागू करना एक बड़ी उपलब्धि है।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">UPSC का मानना है कि रियल-टाइम फेस ऑथेंटिकेशन का सफल क्रियान्वयन सिविल सेवा परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा में लागू किया फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम, फर्जी उम्मीदवारों पर लगेगी रोक ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-osm-controversy-chairman-secretary-transferred-investigation-committee-4848 ]]></guid><title><![CDATA[ CBSE में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, OSM विवाद के बाद चेयरमैन और सचिव का तबादला ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-osm-controversy-chairman-secretary-transferred-investigation-committee-4848 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 02 Jun 2026 18:21:46 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए केंद्र सरकार ने बोर्ड के चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब CBSE की ऑन-स्क्री ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली: </b>केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए केंद्र सरकार ने बोर्ड के चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सेवाओं की खरीद प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन भी कर दिया है।</p><p>सूत्रों के अनुसार, OSM प्रणाली से जुड़ी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। इस मुद्दे के सामने आने के बाद शिक्षा मंत्रालय ने मामले की विस्तृत समीक्षा शुरू की। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर बदलाव करते हुए बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों को उनके पदों से हटाने का निर्णय लिया गया।</p><p>सरकार द्वारा गठित जांच समिति OSM सेवाओं की खरीद से जुड़े सभी दस्तावेजों, निविदा प्रक्रिया और वित्तीय पहलुओं की जांच करेगी। समिति यह भी पता लगाएगी कि कहीं खरीद प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन या किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई।</p><p>CBSE देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्डों में से एक है और हर साल लाखों छात्र इसकी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में बोर्ड की कार्यप्रणाली और परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली को लेकर किसी भी तरह का विवाद शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बन जाता है।</p><p>विशेषज्ञों का मानना है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग जैसी तकनीकी व्यवस्था परीक्षा मूल्यांकन को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए लागू की गई थी, लेकिन यदि इसकी खरीद प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।</p><p>अब सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि OSM खरीद प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी हुई थी या नहीं। फिलहाल सरकार के इस कदम को जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।</p><p><br><br></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CBSE में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, OSM विवाद के बाद चेयरमैन और सचिव का तबादला ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-yash-yadav-books-exam-preparation-4839 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले के आरोपी को परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने की अनुमति ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-yash-yadav-books-exam-preparation-4839 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 02 Jun 2026 13:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को नीट-यूजी पेपर लीक मामले के आरोपी यश यादव की उस याचिका को मंजूरी दे दी, जिसमें उसने 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को नीट-यूजी पेपर लीक मामले के आरोपी यश यादव की उस याचिका को मंजूरी दे दी, जिसमें उसने 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने की अनुमति मांगी थी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इस बीच, अदालत ने मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे की न्यायिक हिरासत <b>15 जून</b> तक बढ़ा दी।</span></p><p>सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने यश यादव को न्यायिक हिरासत के दौरान पढ़ाई के लिए किताबें रखने की अनुमति प्रदान की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुनवाई के दौरान यश यादव की ओर से अधिवक्ता अंबिका ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को 21 जून को निर्धारित नीट-यूजी परीक्षा की तैयारी के लिए किताबों की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि <b>यश यादव 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में भी शामिल हुआ था</b>।</span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">राउज एवेन्यू कोर्ट ने</span><span style="font-size: 1rem;"> </span>20 मई को&nbsp;</b><span style="font-size: 1rem;"><b>5 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा</b>&nbsp;</span></p><p>इस पर अदालत ने पूछा कि क्या राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने आरोपी को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी है और क्या उसे प्रवेश पत्र जारी किया गया है, क्योंकि वह इस मामले में आरोपी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">गौरतलब है कि 20 मई को राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई पूछताछ पूरी होने के बाद पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सीबीआई की ओर से जांच अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक पवन कुमार कौशिक ने हिरासत बढ़ाने की मांग की थी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;NEET UG Paper leak case: Accused Yash Yadav has filed an application seeking permission to have books for the preparation of the NEET UG examination. This examination is scheduled for June 21.&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2061687518765154476?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 2, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>इस मामले में 12 मई 2026 को दर्ज की गई थी FIR</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>मामले में आरोप है कि 12 मई 2026 को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच के अनुसार, मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए प्रश्नपत्र हासिल करने हेतु शुभम खैरनार से संपर्क किया था। इसके बाद प्रश्नपत्र लीक करने और बेचने का एक बड़ा नेटवर्क तैयार हुआ।</span></p><p><b>शुभम खैरनार ने सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को उपलब्ध कराया- CBI</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>सीबीआई का आरोप है कि शुभम खैरनार ने सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को उपलब्ध कराया, जिसके बाद यह मांगीलाल, विकास और दिनेश बिवाल तक पहुंचा। जांच में यह भी सामने आया कि यश यादव से 10 लाख रुपये में पेपर लेने के बाद मांगीलाल ने इसे अन्य अभ्यर्थियों को 12 लाख रुपये तक में बेचा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस मामले में सीबीआई ने शुभम खैरनार सहित कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले के आरोपी को परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने की अनुमति ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jee-advanced-2026-air1-shubham-kumar-4829 ]]></guid><title><![CDATA[ 330 अंक लेकर शुभम कुमार ने किया कमाल, जेईई एडवांस्ड में देशभर में पहला स्थान ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jee-advanced-2026-air1-shubham-kumar-4829 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 01 Jun 2026 17:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ कोटा, राजस्थान: जेईई एडवांस्ड 2026 में शुभम कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल की है। आईआईटी दिल्ली जोन के छात्र शुभम ने 360 में से 330 अंक प्राप्त कर देशभर में पहला स्थान  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>कोटा, राजस्थान:</b> जेईई एडवांस्ड 2026 में शुभम कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल की है। आईआईटी दिल्ली जोन के छात्र शुभम ने 360 में से 330 अंक प्राप्त कर देशभर में पहला स्थान हासिल किया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए शुभम कुमार ने कहा कि इस उपलब्धि का श्रेय उनकी कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और साथी छात्रों के सहयोग को जाता है।</span></p><p>उन्होंने कहा, "मैं बहुत उत्साहित हूं। अपनी मेहनत के साथ-साथ अपने शिक्षकों और साथी छात्रों के योगदान को इसका श्रेय देता हूं। सफलता हासिल करने में दृढ़ संकल्प की बहुत बड़ी भूमिका होती है।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं, आरोही देशपांडे इस परीक्षा की टॉप महिला उम्मीदवार रहीं। उन्होंने 360 में से 280 अंक हासिल किए और कॉमन रैंक लिस्ट (CRL) में 77वां स्थान प्राप्त किया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Kota, Rajasthan | Shubham Kumar ranks first in JEE-Advance 2026&lt;br&gt;&lt;br&gt;He says, &amp;quot;I am very excited. I give credit to my hard work and to the contributions of my teachers and fellow students. One&amp;#39;s determination plays a huge role in gaining success.&amp;quot; &lt;a href="https://t.co/FquLa92Zkj"&gt;pic.twitter.com/FquLa92Zkj&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2061339870644367684?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 1, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>कबीर छिल्लर ने दूसरा,&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जतिन चाहर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया</span></b></p><p>आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कबीर छिल्लर ने 329 अंकों के साथ दूसरा और जतिन चाहर ने 319 अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। खास बात यह रही कि टॉप-3 रैंक आईआईटी दिल्ली जोन के छात्रों ने हासिल कीं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस वर्ष जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए कुल 1,87,389 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,79,694 अभ्यर्थी दोनों पेपरों में शामिल हुए। परीक्षा 17 मई को आयोजित की गई थी।</span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">परीक्षा में&nbsp;</span>कुल 56,880 उम्मीदवार सफल हुए हैं</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>परीक्षा में कुल 56,880 उम्मीदवार सफल हुए हैं, जिनमें 10,107 छात्राएं शामिल हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस अवसर पर कमल किशोर पंत ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वे JoSAA 2026 काउंसलिंग और सीट आवंटन प्रक्रिया में जरूर भाग लें। उन्होंने बताया कि अंतिम प्रवेश जेईई एडवांस्ड 2026 की पात्रता शर्तों और अन्य नियमों के अनुसार होगा।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 330 अंक लेकर शुभम कुमार ने किया कमाल, जेईई एडवांस्ड में देशभर में पहला स्थान ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/udf-neet-nta-reform-new-exam-body-demand-4825 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET और NTA में बड़े सुधार की मांग, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने संसदीय समिति को सौंपे सुझाव ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/udf-neet-nta-reform-new-exam-body-demand-4825 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 01 Jun 2026 15:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने सोमवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति के समक्ष NEET और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने सोमवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति के समक्ष NEET और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझाव और सिफारिशें प्रस्तुत कीं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यूडीएफ के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्य मित्तल ने समिति के अध्यक्ष के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान समिति अध्यक्ष ने संगठन द्वारा प्रस्तुत चिंताओं, सुझावों और सिफारिशों को गंभीरता से सुना।</span></p><p>यूडीएफ ने अपने ज्ञापन में कहा कि NEET से जुड़े विवाद केवल परीक्षा के स्वरूप (पेन-पेपर या कंप्यूटर आधारित परीक्षा) तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही, गोपनीयता और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की विश्वसनीयता जैसे बड़े मुद्दों से भी जुड़े हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">संगठन ने सिफारिश की कि वर्तमान राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की संरचना को समाप्त कर संसद के कानून के माध्यम से एक नई राष्ट्रीय परीक्षा संस्था का गठन किया जाए।</span></p><p><b>NTA द्वारा राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">के उपयोग</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;की जांच की मांग</span></b></p><p>यूडीएफ का मानना है कि संसद के प्रति जवाबदेह और अधिक सार्वजनिक निगरानी वाली वैधानिक संस्था ही NEET जैसी उच्च महत्व की राष्ट्रीय परीक्षाओं का संचालन करे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">संगठन ने NTA द्वारा राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह (National Emblem) के उपयोग को लेकर भी जांच की मांग की। यूडीएफ ने कहा कि संबंधित प्राधिकरणों को यह जांच करनी चाहिए कि NTA द्वारा राष्ट्रीय प्रतीक का उपयोग और आधिकारिक प्रस्तुतीकरण कानूनी रूप से अधिकृत है या नहीं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Upon being invited as a Special Invitee by the Rajya Sabha Parliamentary Standing Committee, Chairperson Dr. Lakshya Mittal, National President Dr. Babita and the UDF team will participate in the high-level meeting to be held on 1st June in the Indian Parliament.&lt;br&gt;&lt;br&gt;In this… &lt;a href="https://t.co/LHrLCszhAE"&gt;pic.twitter.com/LHrLCszhAE&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; UNITED DOCTORS FRONT (UDF) (@UDF_BHARAT) &lt;a href="https://x.com/UDF_BHARAT/status/2060657853367779459?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>'पेपर लीक के आरोपों को अलग-थलग नहीं देखा जाना चाहिए'</b></p><p>यूडीएफ ने यह भी कहा कि NEET-UG 2026 से जुड़े पेपर लीक के आरोपों को अलग-थलग नहीं देखा जाना चाहिए। संगठन ने NEET-UG 2024 के लंबित विवादों, विशेष पंजीकरण विंडो, परीक्षा केंद्र आवंटन, ग्रेस मार्क्स, एजेंसियों और केंद्रों की भूमिका तथा पूर्व जांचों में कथित असहयोग जैसे मुद्दों की भी संयुक्त जांच की मांग की।</p><p>संगठन के अनुसार, NEET को लेकर लगातार सामने आ रहे विवादों ने लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों का भरोसा कमजोर किया है। इसलिए सभी संस्थागत खामियों, अधिकारियों, एजेंसियों, विक्रेताओं, परीक्षा केंद्रों और जिम्मेदार व्यक्तियों की व्यापक, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए।</p><p><b>NEET केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि मेडिकल शिक्षा प्रणाली में प्रवेश का मुख्य द्वार है</b></p><p>डॉ. बबीता सिकरीवाल और डॉ. राकेश बेनीवाल ने कहा कि NEET केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि भारत की मेडिकल शिक्षा प्रणाली में प्रवेश का मुख्य द्वार है। इसलिए इसकी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यूडीएफ ने उम्मीद जताई कि संसदीय समिति छात्रों, मेडिकल शिक्षा व्यवस्था और जनविश्वास के व्यापक हित में इन सुझावों पर विचार करेगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET और NTA में बड़े सुधार की मांग, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने संसदीय समिति को सौंपे सुझाव ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-nta-parliamentary-panel-meeting-digvijaya-singh-4819 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET और NTA पर आज संसदीय समिति की अहम बैठक, दिग्विजय सिंह करेंगे अध्यक्षता ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-nta-parliamentary-panel-meeting-digvijaya-singh-4819 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 01 Jun 2026 12:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह सोमवार को संसद भवन एनेक्सी (PHA) पहुंचे, जहां उन्होंने शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता की।&nbsp;बैठक म ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत: </b>कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह सोमवार को संसद भवन एनेक्सी (PHA) पहुंचे, जहां उन्होंने शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता की।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">बैठक में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली तथा पारंपरिक पेन-पेपर परीक्षा और कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) प्रणाली को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।</span></p><p>बैठक के पहले एजेंडे में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित वर्ष 2025-26 की अनुदान मांगों पर आधारित 364वीं रिपोर्ट की सिफारिशों पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई संबंधी 381वीं रिपोर्ट पर विचार और उसे अपनाना शामिल है।</p><p><b>मंगलवार को होगी समिति की अगली बैठक</b></p><p>मंगलवार को समिति की अगली बैठक में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12 की परीक्षाओं में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली की समीक्षा की जाएगी। साथ ही छात्रों द्वारा सामना की जा रही समस्याओं पर भी चर्चा होगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">समिति कक्षा 9 और 10 में तीन-भाषा फार्मूले के क्रियान्वयन पर भी विचार-विमर्श करेगी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब NEET-UG और CBSE की मूल्यांकन प्रक्रियाओं को लेकर विवाद जारी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | दिल्ली: कांग्रेस MP दिग्विजय सिंह शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा और खेल पर संसदीय स्थायी समिति की बैठक में शामिल होने के लिए पार्लियामेंट हाउस एनेक्सी (PHA) पहुंचे।&lt;br&gt;&lt;br&gt;बैठक का पहला एजेंडा शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ग्रांट्स की मांगों (2025-26) पर 364वीं रिपोर्ट… &lt;a href="https://t.co/23MxswE3Du"&gt;pic.twitter.com/23MxswE3Du&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) &lt;a href="https://x.com/AHindinews/status/2061311327906541782?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 1, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>21 जून को दोबारा आयोजित होगी&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">NEET-UG परीक्षा</span></b></p><p>सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को संसदीय समिति के सदस्यों ने NEET-UG परीक्षा की पवित्रता और विश्वसनीयता बनाए रखने तथा प्रणाली में मौजूद खामियों को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। इस दौरान उन्हें NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही जांच की जानकारी भी दी गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस वर्ष NEET-UG परीक्षा रद्द कर दी गई थी और अब इसे 21 जून को दोबारा आयोजित किया जाएगा। पेपर लीक मामले की जांच के दौरान CBI अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।</span></p><p><b>साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से सिस्टम&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मजबूत करने की कोशिश जारी</span></b></p><p>शुक्रवार को CBI निदेशक प्रवीण सूद और NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने भी संसदीय समिति की बैठक में भाग लिया था, जहां जांच की प्रगति पर चर्चा की गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं CBSE ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच कहा है कि उसने अपने सेवा प्रदाता के OnMark पोर्टल में सामने आई कमजोरियों पर नजर रखी है और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET और NTA पर आज संसदीय समिति की अहम बैठक, दिग्विजय सिंह करेंगे अध्यक्षता ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cuet-ug-2026-exam-delay-nta-revised-timing-4801 ]]></guid><title><![CDATA[ CUET-UG परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी, NTA ने बदला दोपहर सत्र का समय ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cuet-ug-2026-exam-delay-nta-revised-timing-4801 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 30 May 2026 15:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने शनिवार को बताया कि CUET-UG 2026 परीक्षा कुछ केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण देरी से शुरू हुई। एजेंसी ने आश्वासन दिया कि प्रभावित सभी अभ्यर्थियों को परीक ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने शनिवार को बताया कि CUET-UG 2026 परीक्षा कुछ केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण देरी से शुरू हुई। एजेंसी ने आश्वासन दिया कि प्रभावित सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा का पूरा समय दिया जाएगा ताकि किसी को नुकसान न हो।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि यह व्यवधान टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की ओर से आई तकनीकी समस्या के कारण हुआ था, जिसे अब ठीक कर लिया गया है।</span></p><p>संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर सत्र के लिए अभ्यर्थियों की रिपोर्टिंग और प्रवेश प्रक्रिया दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी, जबकि परीक्षा अब निर्धारित समय 3:00 बजे के बजाय शाम 4:00 बजे शुरू होगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि सुबह की पाली में परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए पूरा निर्धारित समय दिया जा रहा है और उन्हें अपनी परीक्षा अवधि पूरी होने के बाद ही केंद्र से बाहर जाने की अनुमति मिलेगी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Technical glitch ke karan aaj (30 May 2026) CUET UG exam ki shuruaat kuch centres par delay ho gayi hai. NTA ke anusar issue solve hone ke baad exam shuru hoga aur candidates ko compensatory time diya jayega.&lt;a href="https://t.co/B4ekMd2IJX"&gt;https://t.co/B4ekMd2IJX&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/CUET2026?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CUET2026&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/NTA?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NTA&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/ExamUpdate?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#ExamUpdate&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/BreakingNews?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#BreakingNews&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/UHGjiTm0jm"&gt;pic.twitter.com/UHGjiTm0jm&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Alok (@Alokkumar9198) &lt;a href="https://x.com/Alokkumar9198/status/2060634787875012703?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>तकनीकी गड़बड़ी के कारण देरी हुई</b></p><p>NTA ने अपने बयान में कहा, "TCS ने सूचित किया है कि 30 मई 2026 को कुछ परीक्षा केंद्रों पर CUET (UG) 2026 की शुरुआत में तकनीकी गड़बड़ी के कारण देरी हुई। समस्या का समाधान कर लिया गया है और परीक्षा पूरी क्षतिपूर्ति अवधि के साथ आयोजित की जा रही है ताकि किसी भी अभ्यर्थी को नुकसान न हो।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों को हुई असुविधा के लिए खेद भी व्यक्त किया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;NTA tweets - TCS has reported that a technical glitch at their end delayed the commencement of CUET (UG) 2026 at some centres on 30.05.2026. The issue has since been resolved, and the exam is being conducted with full compensatory time so that no candidate is disadvantaged.… &lt;a href="https://t.co/fFth4ByLrQ"&gt;pic.twitter.com/fFth4ByLrQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2060626479029829798?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>NTA ने 28 मई को&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">परीक्षा स्थगित कर दी थी</span></b></p><p>इससे पहले 24 मई को NTA ने 28 मई को आयोजित होने वाली कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट 2026 की परीक्षा को स्थगित कर दिया था। यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा ईद-उल-जुहा (बकरीद) अवकाश की तिथि में बदलाव किए जाने के बाद लिया गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA ने तब जानकारी दी थी कि 28 मई की दोनों पालियों की परीक्षाएं बाद में घोषित नई तारीखों पर आयोजित की जाएंगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CUET-UG परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी, NTA ने बदला दोपहर सत्र का समय ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/tet-deadline-extended-up-teachers-supreme-court-relief-4794 ]]></guid><title><![CDATA[ TET पर SC की बड़ी राहत, यूपी के 1.86 लाख शिक्षकों को मिला एक साल का अतिरिक्त समय ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/tet-deadline-extended-up-teachers-supreme-court-relief-4794 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 29 May 2026 19:16:21 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ TET से छूट की मांग खारिज, लेकिन परीक्षा पास करने की नई समयसीमा&nbsp; 31 अगस्त 2028 तक बढ़ाई गई |उत्तर प्रदेश के करीब 1.86 लाख शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट से राहत भरी खबर आई है। लंबे समय से शिक्षक पा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>TET से छूट की मांग खारिज, लेकिन परीक्षा पास करने की नई समयसीमा&nbsp; 31 अगस्त 2028 तक बढ़ाई गई |</p><p><b>उत्तर प्रदेश</b> के करीब 1.86 लाख शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट से राहत भरी खबर आई है। लंबे समय से <b>शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) </b>को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे शिक्षकों को अब परीक्षा पास करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। सर्वोच्च अदालत ने TET उत्तीर्ण करने की समयसीमा एक वर्ष बढ़ाते हुए <b>31 अगस्त 2028</b> तक कर दी है।</p><p>हालांकि कोर्ट ने शिक्षकों को TET से पूरी तरह छूट देने की मांग स्वीकार नहीं की, लेकिन अतिरिक्त समय देकर उन्हें अपनी योग्यता साबित करने का अवसर जरूर प्रदान किया है। इस फैसले से हजारों शिक्षकों को तत्काल राहत मिली है, जो वर्षों से इस मुद्दे को लेकर चिंतित थे।</p><h4 class=""><b>क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला?</b></h4><p>सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षण पेशे में गुणवत्ता और योग्यता को बनाए रखना आवश्यक है। इसलिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य बनाए रखने का निर्णय बरकरार रखा गया है। अदालत ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षित और योग्य शिक्षकों की आवश्यकता है।</p><p>हालांकि न्यायालय ने यह भी माना कि कई शिक्षक लंबे समय से सेवा में हैं और उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। इसी कारण पहले निर्धारित समयसीमा को बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया गया।</p><h4 class=""><b>TET से छूट की मांग क्यों हुई खारिज?</b></h4><p>याचिकाकर्ता शिक्षकों का तर्क था कि उनकी नियुक्ति उस समय हुई थी जब TET अनिवार्य नहीं था। ऐसे में वर्षों बाद उन पर परीक्षा पास करने की शर्त लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने अदालत से मांग की थी कि 2009 से पहले नियुक्त शिक्षकों को इस परीक्षा से मुक्त किया जाए।</p><p>लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जा सकता और बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। कोर्ट के अनुसार, शिक्षक का दायित्व केवल नौकरी करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना भी है।</p><h4 class=""><b>NCTE के नियमों से जुड़ा है मामला</b></h4><p>पूरा विवाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा लागू किए गए नियमों से जुड़ा है। परिषद ने देशभर में शिक्षकों की योग्यता का एक समान मानक तय करने के लिए TET को अनिवार्य बनाया था।</p><p>इस नियम के लागू होने के बाद बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक प्रभावित हुए जो वर्षों से स्कूलों में पढ़ा रहे थे लेकिन उन्होंने TET परीक्षा पास नहीं की थी। इसके बाद विभिन्न राज्यों में शिक्षकों ने प्रदर्शन किए और समयसीमा बढ़ाने की मांग उठाई।</p><h4 class=""><b>शिक्षकों को क्या होगा फायदा?</b></h4><p>नए फैसले के बाद प्रभावित शिक्षकों को लगभग एक अतिरिक्त वर्ष का समय मिल गया है। इस दौरान वे परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकेंगे और अपनी नौकरी से जुड़ी चिंताओं को कम कर पाएंगे।</p><p>शिक्षक संगठनों ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे हजारों शिक्षकों को राहत मिलेगी और वे बिना दबाव के परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।</p><h4 class=""><b>शिक्षा व्यवस्था पर भी रहेगा असर</b></h4><p>विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था दोनों के हित में है। एक ओर शिक्षकों को पर्याप्त समय मिला है, वहीं दूसरी ओर TET की अनिवार्यता बरकरार रखकर शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का प्रयास भी जारी रहेगा।</p><p>अब सभी की नजरें आगामी TET परीक्षाओं पर रहेंगी, जहां लाखों शिक्षक अपनी योग्यता साबित करने और सेवा जारी रखने के लिए प्रयास करेंगे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ TET पर SC की बड़ी राहत, यूपी के 1.86 लाख शिक्षकों को मिला एक साल का अतिरिक्त समय ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-parliament-panel-meeting-4781 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक पर संसद की स्थायी समिति की अहम बैठक आज ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-parliament-panel-meeting-4781 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 29 May 2026 10:49:29 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद और CBSE कक्षा 12 पुनर्मूल्यांकन मामले के बीच संसद की सरकारी आश्वासन संबंधी स्थायी समिति शुक्रवार को शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ अहम बैठक क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद और CBSE कक्षा 12 पुनर्मूल्यांकन मामले के बीच संसद की सरकारी आश्वासन संबंधी स्थायी समिति शुक्रवार को शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ अहम बैठक करेगी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">राज्यसभा सांसद एम. थंबीदुरई की अध्यक्षता वाली संसदीय स्थायी समिति की यह बैठक शुक्रवार सुबह 11 बजे संसद भवन एनेक्सी एक्सटेंशन बिल्डिंग में आयोजित होगी।</span></p><p>बैठक के दौरान समिति शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक के विचार सुनेगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके अलावा समिति स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अध्यक्ष और CBI निदेशक के साथ भी चर्चा करेगी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Parliamentary Standing Committee on Government Assurances to meet at 11 am today in EPHA (Parliament House Annexe Extension Building).&lt;br&gt;&lt;br&gt;In this meeting committee to hear the views of Secretary, Department of Higher Education, Ministry of Education along with Director General, NTA… &lt;a href="https://t.co/GS1ddFK0qK"&gt;pic.twitter.com/GS1ddFK0qK&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2060218325742067900?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 29, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>यह बैठक पेपर लीक मामले को लेकर बेहद महत्वपूर्ण</b></p><p>यह बैठक NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले और CBSE कक्षा 12 पुनर्मूल्यांकन विवाद के चलते काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसी बीच, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।</span></p><p>CBI के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में लातूर के एक डॉक्टर और पुणे स्थित कोचिंग संस्थान के एक फैकल्टी सदस्य शामिल हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच एजेंसी ने बताया कि लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे को तीन छात्रों को लीक हुए केमिस्ट्री प्रश्न उपलब्ध कराने में भूमिका निभाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>कोचिंग सेंटर संचालक का बेटा आरोपियों में शामिल</b></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i><span style="font-size: 1rem;"> इन छात्रों में एक आरोपी कोचिंग सेंटर संचालक का बेटा भी शामिल है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">वहीं, दूसरी गिरफ्तारी पुणे की डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी (APMA) के फिजिक्स फैकल्टी सदस्य तेजस हर्षदकुमार शाह की हुई है। CBI के मुताबिक उन्होंने गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से लीक हुए फिजिक्स प्रश्न हासिल किए थे।</span></i></b></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>पूरी साजिश और नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी</b></span></p><p>CBI ने कहा कि इस मामले में पूरी साजिश और नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है। एजेंसी अब तक देशभर में 49 स्थानों पर छापेमारी कर चुकी है और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">CBI ने बताया कि यह मामला 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। इसके बाद विशेष जांच टीमें गठित की गईं और देशभर में कई जगहों पर छापेमारी व पूछताछ की गई।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक पर संसद की स्थायी समिति की अहम बैठक आज ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-manisha-hawaldar-cbi-custody-4757 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में मनीषा हवलदार 6 दिन की सीबीआई हिरासत में... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-manisha-hawaldar-cbi-custody-4757 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 25 May 2026 15:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली:&nbsp;NEET-UG&nbsp;पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को मनीषा संजय हवलदार को 6 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। मनीषा हवलदार को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया गया था। वह ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">नई दिल्ली:</b><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span>NEET-UG<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को मनीषा संजय हवलदार को 6 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। मनीषा हवलदार को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया गया था। वह फिजिक्स एक्सपर्ट और ट्रांसलेटर बताई जा रही हैं।</span></p><p>केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आरोप लगाया कि मनीषा हवलदार ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची और अवैध तरीके से नीट-यूजी परीक्षा का पेपर अपने पास रखा तथा पैसों के बदले उसे वितरित किया।</p><p><b>6 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश</b></p><p>विशेष सीबीआई जज अजय गुप्ता ने सीबीआई की दलीलें सुनने और रिमांड आवेदन पर विचार करने के बाद मनीषा हवलदार को 6 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत ने सीबीआई को 30 मई को उन्हें फिर से पेश करने का निर्देश दिया। साथ ही कोर्ट ने डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयां लेने की अनुमति भी दी।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/neet-1_4804b904dbeee970634b4dd33d0aed7f_606X356.webp" style="width: 606px;"><br></p><p><b>मामले में बड़ी साजिश की जांच के लिए हिरासत की मांग</b></p><p>जांच अधिकारी डिप्टी एसपी पवन कुमार कौशिक ने मनीषा हवलदार को अदालत में पेश करते हुए 6 दिन की पुलिस हिरासत की मांग की। उन्हें 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक नीतू सिंह और वी.के. पाठक ने अदालत में पक्ष रखा और मामले में बड़ी साजिश की जांच के लिए हिरासत की मांग की।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;NEET UG Paper leak case: The CBI sought 6 days of police custody. CBI said that she is an NTA empanelled physics translator. Her counsel opposed the remand application. The court reserved the order till 12.30 PM&lt;br&gt;&lt;br&gt;Her counsel said she was arrested on May 22 and cooperated in the…&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2058797061559276009?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>मनीषा हवलदार को एनटीए द्वारा नियुक्त किया गया था</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>सीबीआई ने बताया कि मनीषा हवलदार को एनटीए द्वारा फिजिक्स ट्रांसलेटर के रूप में नियुक्त किया गया था। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नीट-यूजी प्रश्नपत्र को अवैध रूप से सुरक्षित रखा और आर्थिक लाभ के लिए उसे प्रसारित किया।</p><p><b><span style="font-size: 1rem;">मनीषा के अधिवक्ता ने&nbsp;</span>पुलिस हिरासत का किया विरोध</b></p><p>वहीं, मनीषा हवलदार की ओर से अधिवक्ता अखिलेश रेक्सवाल ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि उनकी मुवक्किल को 22 मई को गिरफ्तार किया गया था और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है। उन्होंने अदालत से पुलिस हिरासत देने के बजाय न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में मनीषा हवलदार 6 दिन की सीबीआई हिरासत में... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-reexam-kejriwal-free-bus-travel-4746 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET UG 2026: पेपर लीक से परेशान छात्रों के समर्थन में उतरे केजरीवाल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-reexam-kejriwal-free-bus-travel-4746 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 24 May 2026 16:54:56 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देशभर के सभी मुख्यमंत्रियों से 21 जून को होने वाली NEET री-एग्जाम परीक्षा के लिए छात्रों को मुफ्त बस यात्रा सुविधा देने की अपील क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देशभर के सभी मुख्यमंत्रियों से 21 जून को होने वाली NEET री-एग्जाम परीक्षा के लिए छात्रों को मुफ्त बस यात्रा सुविधा देने की अपील की है। एक्स पर साझा किए गए अपने वीडियो संदेश में अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा और बिहार सरकार की सराहना की, जिन्होंने पंजाब सरकार की तरह NEET अभ्यर्थियों के लिए मुफ्त बस सेवा की घोषणा की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य राज्य भी छात्रों की मदद के लिए इसी तरह के कदम उठाएंगे।</span></p><p>केजरीवाल ने कहा, “मैं देश के सभी मुख्यमंत्रियों से अनुरोध करता हूं कि NEET री-एग्जाम के दिन अपने-अपने राज्यों में छात्रों के लिए मुफ्त बस सेवा उपलब्ध कराएं। कुछ दिन पहले हमारी पंजाब सरकार ने घोषणा की थी कि सभी छात्रों के लिए बस यात्रा मुफ्त होगी। अब हरियाणा और बिहार के मुख्यमंत्रियों ने भी इसकी घोषणा की है। मैं बाकी राज्यों से भी अपील करता हूं कि वे ऐसा करें। छात्र बहुत खुश होंगे।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Free bus NEET Re-exam:&lt;br&gt;&lt;br&gt;All state governments should make bus travel free for students appearing for the NEET Re-exam. Our government in Punjab has already implemented this facility, following which the governments of Haryana and Bihar have also taken steps in the same direction. &lt;a href="https://t.co/lzQDuRy62J"&gt;pic.twitter.com/lzQDuRy62J&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Aam Aadmi Party Puducherry (@AAPPondy) &lt;a href="https://twitter.com/AAPPondy/status/2058496604286636388?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>पेपर लीक से छात्रों में गहरा दुख है- केजरीवाल</b></p><p>केजरीवाल ने आगे कहा, “छात्र बहुत मेहनत कर रहे हैं। पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से वे दुखी हैं। अब उन्हें दोबारा परीक्षा देनी पड़ रही है। सभी छात्रों को मेरी शुभकामनाएं।” इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की थी कि NEET परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए पंजाब रोडवेज की बसों में 20, 21 और 22 जून को यात्रा मुफ्त रहेगी।</p><p><b>पंजाब में छात्रों के लिए बसों में कोई किराया नहीं- सीएम भगवंत मान&nbsp;</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>भगवंत मान ने एक्स पर लिखा था कि कई गरीब परिवारों के छात्र NEET परीक्षा देते हैं और उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए किराया जुटाने में भी दिक्कत होती है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “जब हाल ही में अरविंद केजरीवाल ने NEET छात्रों से बात की, तब छात्रों ने मदद की मांग की थी। इसलिए पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि NEET परीक्षा देने वाले सभी छात्रों के लिए पंजाब रोडवेज बसों में किराया माफ रहेगा। छात्र सिर्फ अपना एडमिट कार्ड दिखाएं और टिकट नहीं लगेगा।”</span></i></b></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>हरियाणा में भी छात्रों को बसों में नहीं देना होगा किराया</b></span></p><p>वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार NEET परीक्षा को लेकर पूरी तरह तैयार है और छात्रों के लिए मुफ्त रोडवेज बस सेवा समेत विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।</p><p>गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा, जो 3 मई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की गई थी, उसे 12 मई को कथित पेपर लीक मामले के बाद रद्द कर दिया गया था। यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,400 से अधिक केंद्रों पर आयोजित हुई थी, जिसमें 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET UG 2026: पेपर लीक से परेशान छात्रों के समर्थन में उतरे केजरीवाल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/bihar-free-bus-service-neet-reexam-4731 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET री-एग्जाम देने वाले छात्रों के लिए बिहार में फ्री बस सेवा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/bihar-free-bus-service-neet-reexam-4731 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 23 May 2026 11:19:44 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ पटना, बिहार: सम्राट चौधरी ने शनिवार को घोषणा की कि NEET-UG 2026 री-एग्जाम देने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिए बिहार की सरकारी बस सेवाओं में यात्रा मुफ्त होगी।&nbsp;मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हु ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>पटना, बिहार: </b>सम्राट चौधरी ने शनिवार को घोषणा की कि<b> NEET-UG 2026</b> री-एग्जाम देने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिए बिहार की सरकारी बस सेवाओं में यात्रा मुफ्त होगी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए राज्य के मठों, मंदिरों और गैर-सरकारी संगठनों से अपील की कि वे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए स्वच्छ पेयजल, सत्तू आदि की व्यवस्था में सहयोग करें।</span></p><p>उन्होंने लिखा, “NEET परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए बिहार राज्य की सभी सरकारी बसों में यात्रा निःशुल्क रहेगी। साथ ही जिला प्रशासन, राज्य के सभी मठ-मंदिर और गैर-सरकारी संगठनों से अनुरोध है कि वे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए पेयजल, सत्तू आदि की व्यवस्था में सहयोग करें।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;STORY | Bihar govt announces free bus travel for students appearing for NEET re-examination&lt;br&gt;&lt;br&gt;The Bihar government on Saturday announced free travel on state-run buses for all students appearing for the NEET UG re-examination, scheduled for June 21.&lt;br&gt;&lt;br&gt;READ: &lt;a href="https://t.co/pTEL4Zwro8"&gt;https://t.co/pTEL4Zwro8&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/wfZhENVLpo"&gt;https://t.co/wfZhENVLpo&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2058045221473243553?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>NEET-UG 2026 विवाद पर चिराग पासवान ने भी दर्ज कराई आपत्ति</b></p><p>इससे पहले केंद्रीय मंत्री और चिराग पासवान ने NEET-UG 2026 विवाद पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह की प्रतिक्रिया की आलोचना की।</p><p>पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला बेहद गंभीर है और भविष्य में ऐसी घटनाएं स्वीकार नहीं की जाएंगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “यह गंभीर मुद्दा है और इस पर सिर्फ बयानबाजी नहीं हो सकती। जांच जारी है और गिरफ्तारियां हो रही हैं। सिस्टम को संवेदनशील बनाना होगा। भविष्य में यह स्वीकार्य नहीं होगा।”</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>'पूरा प्रश्नपत्र नहीं हुआ था लीक, कुछ सवाल थे मिलते-जुलते'</b></span></p><p>यह बयान ऐसे समय आया है जब NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। सूत्रों के मुताबिक, NTA अधिकारियों ने संसदीय स्थायी समिति को बताया कि पूरा प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था, बल्कि परीक्षा से पहले कुछ सवाल ही सामने आए थे।</p><p>सूत्रों के अनुसार, NTA महानिदेशक अभिषेक सिंह और उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने समिति को बताया कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए सुझाए गए कई सुधार लागू किए जा चुके हैं और बाकी उपायों पर काम जारी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अधिकारियों ने कहा कि कथित पेपर लीक NTA सिस्टम से नहीं हुआ था। साथ ही उन्होंने बताया कि परीक्षा रद्द होने के पीछे लीक सवालों के प्रसार की जांच सीबीआई कर रही है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>NTA ने दिया जीरो टॉलरेंस नीति का हवाला</b></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>NTA ने “जीरो टॉलरेंस” नीति का हवाला देते हुए परीक्षा रद्द करने का बचाव किया और कहा कि सीमित स्तर पर भी प्रश्नों से समझौता प्रतियोगी परीक्षाओं में जनता के भरोसे को कमजोर कर सकता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">संसदीय स्थायी समिति ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों की समीक्षा भी की और अगले वर्ष से NEET-UG को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा की।</span></i></b></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>पेपर लीक के चलते रद्द कर दी गई NEET-UG परीक्षा</b></span></p><p>NEET-UG 2026 विवाद के कारण 3 मई को भारत के 551 शहरों और 14 अंतरराष्ट्रीय केंद्रों पर आयोजित परीक्षा रद्द कर दी गई थी, जिसमें 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">री-एग्जाम 21 जून को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा तय कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित किया जाएगा।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET री-एग्जाम देने वाले छात्रों के लिए बिहार में फ्री बस सेवा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-three-language-rule-class-9-10-no-board-exam-r3-4666 ]]></guid><title><![CDATA[ CBSE का बड़ा बदलाव, कक्षा 9-10 में तीन भाषाएं अनिवार्य ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-three-language-rule-class-9-10-no-board-exam-r3-4666 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 16 May 2026 16:45:29 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया है। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 में तीसरी भ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया है। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 में तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">15 मई को जारी सर्कुलर में सीबीएसई ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE) 2023 के अनुरूप तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य होगा।</span></p><p>सर्कुलर में कहा गया, “1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 में तीन भाषाओं (R1, R2, R3) का अध्ययन अनिवार्य होगा, जिनमें कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होंगी।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, छात्रों पर अतिरिक्त दबाव कम करने और सीखने पर ध्यान बनाए रखने के उद्देश्य से कक्षा 10 में तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं ली जाएगी।</span></p><p><b>तीसरी भाषा के कारण&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा</span></b></p><p>सीबीएसई ने कहा, “R3 से संबंधित सभी मूल्यांकन स्कूल स्तर पर और आंतरिक रूप से किए जाएंगे। छात्रों का प्रदर्शन सीबीएसई प्रमाणपत्र में दर्ज किया जाएगा।” बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी छात्र को तीसरी भाषा के कारण कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The Central Board of Secondary Education (CBSE) has made the study of three languages compulsory for students from Class IX beginning July 1, 2026, while clarifying that there will be no Board examination for the third language (R3) in Class X.&lt;br&gt;&lt;br&gt;In a circular issued on May 15,… &lt;a href="https://t.co/D1jlOPbqXQ"&gt;pic.twitter.com/D1jlOPbqXQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2055600070301765944?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 16, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>सूची में शामिल किसी भी भाषा को पढ़ा सकते हैं</b></p><p>सीबीएसई के अनुसार, स्कूल सीबीएसई विषय सूची में शामिल किसी भी भाषा को पढ़ा सकते हैं, बशर्ते चुनी गई तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं हों। विदेशी भाषाएं तभी तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाई जा सकेंगी जब बाकी दो भाषाएं भारतीय हों, या फिर उन्हें वैकल्पिक चौथी भाषा के रूप में लिया जा सकेगा।</p><p>संक्रमण व्यवस्था के तहत सीबीएसई ने कहा कि कक्षा 9 के छात्र फिलहाल चुनी गई तीसरी भाषा के लिए कक्षा 6 की पाठ्यपुस्तकों का उपयोग करेंगे, जब तक कि माध्यमिक स्तर की नई पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो जातीं। स्कूलों को स्थानीय और राज्य स्तरीय साहित्यिक सामग्री भी जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।</p><p><b>स्कूलों में भाषा शिक्षकों की कमी है</b></p><p>सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि जिन स्कूलों में भाषा शिक्षकों की कमी है, वे अस्थायी तौर पर अन्य स्कूलों के संसाधनों की साझेदारी, वर्चुअल शिक्षण सहायता या सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं योग्य स्नातकोत्तर शिक्षकों की सेवाएं ले सकते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीबीएसई ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN), विदेशों में स्थित स्कूलों और विदेश से भारत लौटने वाले छात्रों को मामले-दर-मामले के आधार पर छूट देने की भी घोषणा की है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CBSE का बड़ा बदलाव, कक्षा 9-10 में तीन भाषाएं अनिवार्य ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/prakash-reddy-attacks-rahul-gandhi-over-neet-paper-leak-4661 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET पेपर लीक पर बीजेपी का राहुल गांधी पर पलटवार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/prakash-reddy-attacks-rahul-gandhi-over-neet-paper-leak-4661 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 16 May 2026 12:25:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ हैदराबाद, तेलंगाना: बीजेपी नेता प्रकाश रेड्डी ने शनिवार को विपक्ष द्वारा NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>हैदराबाद, तेलंगाना:</b> बीजेपी नेता प्रकाश रेड्डी ने शनिवार को विपक्ष द्वारा NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती थी, जबकि मौजूदा बीजेपी सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी।</span></p><p>मीडिया से बातचीत में प्रकाश रेड्डी ने जांच से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस मामले में मुख्य आरोपी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने केंद्र सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि 2027 से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों को “राजनीतिक बयानबाजी” करार दिया।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Hyderabad | On the NEET-UG paper leak controversy, BJP leader Prakash Reddy says, “In independent India, the exam papers of competitive exams were leaked many a time in different parts of the country, but no action was taken by the then Congress ruling. However, the… &lt;a href="https://t.co/VRMTUh0d2a"&gt;pic.twitter.com/VRMTUh0d2a&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2055501953166147664?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 16, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>पहले भी&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पेपर लीक हुए, कांग्रेस ने नहीं की कोई कार्रवाई</span></b></p><p>प्रकाश रेड्डी ने कहा, “स्वतंत्र भारत में कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन उस समय की कांग्रेस सरकारों ने कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि भारत सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच शुरू की और मुख्य आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वह पुणे का रहने वाला है और फिलहाल जेल में है। सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले साल से परीक्षा ऑनलाइन मोड में कराई जाएगी ताकि पेपर लीक रोका जा सके। राहुल गांधी के राजनीतिक आरोपों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।”</p><p><b>राहुल गांधी ने की थी परीक्षा रद्द होने पर तल्ख टिप्पणी</b></p><p>प्रकाश रेड्डी की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला था। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए परीक्षा रद्द होने के बाद कथित तौर पर कुछ छात्रों की मौत की खबरों का जिक्र किया।</p><p class="grey-bg-red"><b><i>उन्होंने लिखा, “2015 से 2026 तक 148 परीक्षा घोटाले हुए। 87 परीक्षाएं रद्द हुईं और 9 करोड़ बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राहुल गांधी ने जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों की जांच के बावजूद किसी को कड़ी सजा नहीं मिली।</span></i></b></p><p>राहुल गांधी ने कहा, “148 घोटालों में सिर्फ एक मामले में सजा हुई। सीबीआई ने 17 केस और ईडी ने 11 केस लिए, लेकिन किसी को सजा नहीं मिली।” राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि जवाबदेही तय करने के लिए और कितनी घटनाएं होने का इंतजार किया जाएगा।</p><p><b>21 जून को होगी&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">NEET-UG की पुनर्परीक्षा</span></b></p><p> </p><p>इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की कि NEET-UG की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी और अगले वर्ष से यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाएगी, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।</p><p><b>नहीं होगी इस बार परीक्षा में कोई गड़बड़ी- धर्मेंद्र प्रधान</b></p><p class="blue-bg-white"><b><i>धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी और सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा, “हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है। हम इस बार किसी भी प्रकार की धांधली नहीं होने देंगे। सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। देशहित में हमें कठिन फैसला लेना पड़ा और हमें इसका दुख है।”</i></b></p><p><b>12 मई को परीक्षा रद्द करने का लिया गया फैसला</b></p><p>प्रेस कॉन्फ्रेंस में धर्मेंद्र प्रधान ने स्वीकार किया कि “गेस पेपर” के नाम पर प्रश्न बाहर गए थे। उन्होंने बताया कि 8 मई से सत्यापन प्रक्रिया शुरू हुई थी और चार दिनों तक जांच के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET पेपर लीक पर बीजेपी का राहुल गांधी पर पलटवार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-reexam-cbt-mode-dharmendra-pradhan-4650 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET पेपर लीक पर बड़ा फैसला: अगले साल से CBT मोड में होगी परीक्षा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-reexam-cbt-mode-dharmendra-pradhan-4650 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 15 May 2026 12:04:37 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) 21 जून को NEET-UG की पुनर्परीक्षा आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) 21 जून को NEET-UG की पुनर्परीक्षा आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अगले साल से परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाएगी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी और सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है।</span></p><p>उन्होंने कहा, “हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है और सरकार उनकी मेहनत और प्रयासों के प्रति संवेदनशील है। इस बार किसी भी तरह की धांधली नहीं होने दी जाएगी। सरकार आपके साथ है। देशहित में हमें कठिन फैसला लेना पड़ा और हमें इसका दुख है।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने स्वीकार किया कि “गेस पेपर” के नाम पर प्रश्नपत्र बाहर पहुंच गए थे।</span></p><p><b>सत्यापन प्रक्रिया&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">8 से 11 मई तक चली</span></b></p><p><span style="font-size: 1rem;">शिक्षा मंत्री</span><span style="font-size: 1rem;"> </span>ने कहा, “गेस पेपर के नाम पर प्रश्न बाहर चले गए थे।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया 8 मई से शुरू हुई और 8 से 11 मई तक चली। इसके बाद 12 मई को केंद्र सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “जब हमें स्पष्ट हो गया कि इस बार पेपर लीक के आधार पर प्रश्न बाहर पहुंचे हैं, तब हमने छात्रों के हित में परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया। हम नहीं चाहते थे कि शिक्षा माफियाओं की साजिश के कारण कोई योग्य छात्र अपने अधिकार से वंचित हो।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi | On NEET re-examination, Union Education Minister Dharmendra Pradhan says, &amp;quot;The root cause of this was OMR and therefore, from the next year, the exam will be conducted in Computer-Based Test (CBT) mode...&amp;quot; &lt;a href="https://t.co/5BepLQD7CC"&gt;pic.twitter.com/5BepLQD7CC&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2055167737228599764?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 15, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>अनियमितताओं को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है</b>&nbsp;</p><p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए हुए है। उन्होंने बताया कि पिछली बार सामने आई गड़बड़ियों के बाद गठित राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को 2025 और 2026 के लिए पूरी तरह लागू किया गया था, लेकिन इसके बावजूद यह घटना हुई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “इसी कारण हमारा पहला निर्णय परीक्षा रद्द करना था।”</span></p><p>धर्मेंद्र प्रधान ने NTA का बचाव करते हुए कहा कि एजेंसी पूरी तरह जवाबदेह है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “NTA पूरी तरह जवाबदेह है। यह सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश पर बनाई गई संस्था है और हर साल करीब 1 करोड़ छात्रों की परीक्षाएं आयोजित करती है। हम NTA में शून्य त्रुटि सुनिश्चित करेंगे।”&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को किसी एक संस्था की विफलता नहीं बल्कि परीक्षा प्रणाली की चुनौती के रूप में देखा जाना चाहिए।</span></p><p><b>आगामी परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>शिक्षा मंत्री ने छात्रों की परीक्षा फीस लौटाने और आगामी परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लेने की घोषणा भी की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “छात्रों की फीस वापस की जाएगी और आगामी परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।”&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि अगले साल से NEET परीक्षा CBT मोड में आयोजित होगी ताकि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत किया जा सके और अनियमितताओं पर रोक लगे।</span></p><p><b>परीक्षा अवधि 15 मिनट बढ़ाई जाएगी</b>&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>उन्होंने कहा कि NTA छात्रों को परीक्षा शहर दोबारा चुनने का विकल्प भी देगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कई छात्र उस शहर से वापस जा चुके होंगे जहां उन्होंने पिछली परीक्षा दी थी। इसलिए NTA उन्हें एक सप्ताह का समय देगा ताकि वे अपना पसंदीदा परीक्षा शहर फिर से चुन सकें।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">केंद्रीय मंत्री ने यह भी घोषणा की कि परीक्षा अवधि 15 मिनट बढ़ाई जाएगी ताकि उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर जैसी औपचारिकताओं के लिए पर्याप्त समय मिल सके।</span></p><p>उन्होंने कहा, “पहले परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक थी, अब यह 5:15 बजे तक चलेगी।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार राज्यों से परिवहन व्यवस्था को लेकर बात करेगी ताकि छात्रों को कम से कम परेशानी हो।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि सभी उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET पेपर लीक पर बड़ा फैसला: अगले साल से CBT मोड में होगी परीक्षा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/dharmendra-pradhan-tenure-paper-leak-controversies-2021-2026-4646 ]]></guid><title><![CDATA[ धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में लगातार पेपर लीक विवाद, 2021 से कई परीक्षाएं सवालों के घेरे में ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/dharmendra-pradhan-tenure-paper-leak-controversies-2021-2026-4646 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 15 May 2026 10:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के 22 लाख से ज्यादा छात्रों के सामने अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। National Testing Agency (NTA) ने दोबारा परीक्षा कराने का संकेत देते हुए कहा है कि न ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>NEET UG 2026</b> परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के 22 लाख से ज्यादा छात्रों के सामने अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। National Testing Agency (NTA) ने दोबारा परीक्षा कराने का संकेत देते हुए कहा है कि नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि री-एग्जाम जून के आखिर या जुलाई की शुरुआत में आयोजित हो सकता है।</p><p>परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है। कई जगहों पर NTA की कार्यप्रणाली और परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस विवाद के बीच <b>केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan </b>का कार्यकाल भी विपक्ष और छात्र संगठनों के निशाने पर आ गया है।</p><h4 class=""><b>शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल और पेपर लीक का 'साया': 2021 से अब तक सवालों के घेरे में कई परीक्षाएं</b></h4><p>भारत के शिक्षा तंत्र में पिछले कुछ वर्षों से '<b>पेपर लीक</b>' एक ऐसा शब्द बन गया है, जो किसी भी परीक्षा की घोषणा के साथ ही छात्रों के मन में डर पैदा कर देता है। जुलाई 2021 में जब <b>धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्रालय </b>का कार्यभार संभाला था, तब देश को उम्मीद थी कि <b>नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) </b>के नेतृत्व में एक पारदर्शी और त्रुटिहीन परीक्षा प्रणाली विकसित होगी। लेकिन आज, पांच साल बाद, स्थिति इसके ठीक विपरीत नजर आती है। 2021 से लेकर 2026 तक, शायद ही कोई ऐसा साल बीता हो जब किसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा की सुचिता पर सवाल न उठे हों।</p><p><b>नीट (NEET-UG), यूजीसी-नेट (UGC-NET), सीयूईटी (CUET)</b> और अन्य भर्ती परीक्षाओं में जिस तरह से पेपर लीक और धांधली के मामले सामने आए हैं, उसने न केवल सरकारी दावों की पोल खोल दी है, बल्कि करोड़ों मेहनतकश छात्रों के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया है। GTC Bharat की इस विशेष रिपोर्ट में हम विश्लेषण करेंगे कि आखिर क्यों<b> धर्मेंद्र प्रधान</b> का कार्यकाल विवादों के साये में रहा है।</p><h4 class=""><b>जुलाई 2021 और नई चुनौतियां</b></h4><p>7 जुलाई 2021 को <b>धर्मेंद्र प्रधान ने रमेश पोखरियाल 'निशंक' के बाद शिक्षा मंत्री </b>के रूप में शपथ ली थी। उस समय देश कोरोना महामारी की चुनौतियों से उबर रहा था और परीक्षाओं का आयोजन एक बड़ी चुनौती थी। मंत्रालय ने नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के क्रियान्वयन और डिजिटल लर्निंग पर जोर देने की बात कही थी। लेकिन जल्द ही, प्रशासनिक सुधारों की जगह 'पेपर लीक' की खबरें सुर्खियों में आने लगीं।</p><h4 class=""><b>विवादों का घटनाक्रम (2021-2026): एक कड़वी सच्चाई</b></h4><p>मंत्री जी के कार्यकाल के दौरान परीक्षाओं में आई गड़बड़ियों की सूची काफी लंबी है। यहाँ कुछ मुख्य घटनाओं का विवरण दिया गया है:</p><p><b>1. 2021: JEE Main 2021 शुरुआत में ही उठे सवाल&nbsp;</b></p><p>धर्मेंद्र प्रधान के पदभार संभालने के कुछ ही महीनों बाद, सितंबर 2021 में नीट-यूजी की परीक्षा के दौरान राजस्थान के सीकर और जयपुर से पेपर लीक की खबरें आईं। इसके अलावा, दिसंबर 2021 में <b>UGC-NET (हिंदी)</b> का पेपर व्हाट्सएप पर 6 घंटे पहले ही लीक हो गया था। सीबीआई ने <b>जेईई मेंस 2021 </b>में भी रिमोट एक्सेस के जरिए धांधली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था।</p><p><img style="width: 780.067px;" src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/student_0e803fda4f22069e3a036a134767482e_1280X720.webp"><br></p><p><b>2. 2022: CUET UG 2022</b></p><p>CUET UG 2022 देश में पहली बार बड़े स्तर पर आयोजित की गई केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा थी, लेकिन इसकी शुरुआत कई विवादों और तकनीकी समस्याओं के साथ हुई। परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर सर्वर डाउन, प्रश्नपत्र में गड़बड़ी, परीक्षा समय में देरी और तकनीकी खराबी की शिकायतें सामने आईं। कुछ छात्रों को परीक्षा शुरू होने के कई घंटे बाद तक इंतजार करना पड़ा, जबकि कई केंद्रों पर परीक्षा रद्द भी करनी पड़ी।</p><p>इसके बाद National Testing Agency ने प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की थी।</p><p><b>3. 2024: विश्वास का सबसे बड़ा संकट</b></p><p>यह साल भारतीय परीक्षा इतिहास के सबसे खराब वर्षों में से एक माना जाएगा।</p><ul><li><b>NEET-UG 2024: </b>24 लाख से ज्यादा छात्रों ने यह परीक्षा दी, लेकिन परिणाम आने के बाद 'ग्रेस मार्क्स' और पेपर लीक के आरोपों ने पूरे देश को हिला दिया। एक ही सेंटर से कई टॉपर्स का निकलना और बिहार पुलिस द्वारा पेपर लीक के पुख्ता सबूत पेश करना, मंत्रालय के लिए बड़ी फजीहत का कारण बना।<br></li><li><b>UGC-NET 2024:</b> जून में परीक्षा संपन्न होने के ठीक एक दिन बाद इसे रद्द कर दिया गया। मंत्रालय ने स्वीकार किया कि डार्क नेट पर पेपर लीक होने की सूचना मिली थी।</li></ul><p><b>4. 2026: ताजा मामला और हताशा</b></p><p><b>NEET UG 2026 </b>का आयोजन 3 मई 2026 को देशभर में किया गया था। परीक्षा के बाद कई राज्यों में पेपर लीक और परीक्षा केंद्रों पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए। सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल होने के दावे किए गए, जिसके बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया।</p><p>National Testing Agency (NTA) ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।</p><p>विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए, जबकि केंद्र सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।</p><h4 class=""><b>NTA: सवालों के घेरे में 'एजेंसी'</b></h4><p>नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को इस उद्देश्य से बनाया गया था कि यह परीक्षाओं को उच्च स्तरीय तकनीक और सुरक्षा के साथ आयोजित करेगी। लेकिन हकीकत यह है कि आज NTA विवादों का केंद्र बन चुकी है।</p><ul><li><b>संरचनात्मक खामियां:</b> एजेंसी की निर्भरता निजी वेंडरों पर बहुत ज्यादा है, जिससे डेटा लीक होने का खतरा बना रहता है।<br></li><li><b>तकनीकी खामियां:</b> CUET जैसी परीक्षाओं में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण परीक्षा केंद्रों पर छात्रों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई बार परीक्षाएं टालनी पड़ीं।</li></ul><h4 class=""><b>सरकार की प्रतिक्रिया: कानून और समितियां</b></h4><p>विपक्ष और छात्रों के बढ़ते दबाव के बीच, सरकार ने 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024' लागू किया है। इस कानून के तहत पेपर लीक करने वालों के लिए 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।</p><p>इसके अलावा, परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए डॉ. के. राधाकृष्णन के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है। हालांकि, छात्रों का कहना है कि कानून और समितियां तब तक बेकार हैं जब तक कि प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय नहीं की जाती।</p><h4 class=""><b>विशेषज्ञों और छात्रों की प्रतिक्रिया</b></h4><p>शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली का केंद्रीकरण (Centralization) ही सबसे बड़ी समस्या है। मनोवैज्ञानिक रूप से छात्र इस कदर टूट चुके हैं कि अब वे अपनी मेहनत पर कम और 'लीक' की खबरों पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं।</p><p>"हमने दो साल तक दिन-रात एक कर दिया, लेकिन अंत में पता चला कि पेपर पहले ही बिक चुका था। शिक्षा मंत्री और NTA को हमारे आंसुओं का हिसाब देना होगा।" - एक निराश नीट अभ्यर्थी</p><h4 class=""><b>राजनीतिक प्रभाव और विश्वसनीयता पर प्रहार</b></h4><p>विपक्ष ने इन विफलताओं को लेकर लगातार <b>धर्मेंद्र प्रधान </b>के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई अन्य नेताओं ने इसे "भ्रष्ट तंत्र" करार दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा की साख को धक्का लगा है। अगर भारत के प्रवेश परीक्षाओं पर ही सवाल उठेंगे, तो यहां की डिग्रियों की वैश्विक मान्यता पर भी असर पड़ना लाजमी है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में लगातार पेपर लीक विवाद, 2021 से कई परीक्षाएं सवालों के घेरे में ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-nta-restructuring-plea-supreme-court-4627 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक विवाद: NTA को बदलने या पुनर्गठित करने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-nta-restructuring-plea-supreme-court-4627 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 13 May 2026 14:12:09 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: भारत की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा, NEET-UG 2026, इन दिनों एक बड़े विवाद के केंद्र में है। 3 मई 2026 को आयोजित हुई इस परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों के बाद मचे देशव्यापी हंग ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली:</b> भारत की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा, NEET-UG 2026, इन दिनों एक बड़े विवाद के केंद्र में है। 3 मई 2026 को आयोजित हुई इस परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों के बाद मचे देशव्यापी हंगामे ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। देश भर के चिकित्सा संगठनों और छात्रों के बढ़ते आक्रोश के बीच, <b>फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA)</b> ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस याचिका में न केवल राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं, बल्कि इसे पूरी तरह से भंग करने या इसमें बड़े पैमाने पर सुधार करने की मांग की गई है।</p><p>यह विवाद तब और गहरा गया जब जांच एजेंसियों ने पाया कि परीक्षा के "<b>अनुमानित प्रश्न पत्र" (Guess Papers)</b> सोशल मीडिया पर हफ्तों पहले से ही घूम रहे थे। 22 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य अब अधर में लटका हुआ है, जिससे पूरे देश के शैक्षणिक गलियारे में तनाव और अनिश्चितता का माहौल है।</p><h4 class=""><b>सुप्रीम कोर्ट में याचिका: FAIMA की कड़ी मांगें</b></h4><p>FAIMA द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) में केंद्र सरकार और NTA की कड़ी आलोचना की गई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि पेपर लीक की यह घटना केवल एक "छिटपुट चूक" नहीं है, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली की "प्रणालीगत विफलता" (Systemic Failure) है।</p><p>याचिका में निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गई हैं:</p><ul><li>NTA का पुनर्गठन या प्रतिस्थापन: NTA की जगह एक अधिक मजबूत, स्वायत्त और पारदर्शी परीक्षा निकाय की स्थापना की जाए।</li><li>न्यायिक निगरानी में परीक्षा: नीट-यूजी 2026 की आगामी पुन: परीक्षा (Re-exam) सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व वाली उच्च-स्तरीय समिति की प्रत्यक्ष निगरानी में कराई जाए।</li><li>नेशनल एग्जामिनेशन इंटीग्रिटी कमीशन (NEIC): भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक समर्पित 'राष्ट्रीय परीक्षा सत्यनिष्ठा आयोग' के गठन का प्रस्ताव दिया गया है।</li><li>तकनीकी सुरक्षा: प्रश्नपत्रों के लिए डिजिटल लॉकिंग सिस्टम और कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (CBT) को अपनाने पर जोर दिया गया है।</li><li>CBI स्टेटस रिपोर्ट: जांच की वर्तमान स्थिति और अब तक हुई गिरफ्तारियों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।</li></ul><p>FAIMA के पदाधिकारियों का कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी अनियमितताएं प्रतिभाशाली छात्रों के मनोबल को तोड़ती हैं और देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करती हैं।</p><h4 class=""><b>जांच का दायरा: व्हाट्सएप 'गेस पेपर्स' और CBI की कार्रवाई</b></h4><p>पेपर लीक के तार कई राज्यों से जुड़े होने की संभावना के चलते केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच <b>केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)</b> को सौंप दी है। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:</p><ul><li><b>व्हाट्सएप पर लीक:</b> परीक्षा से लगभग 42 घंटे पहले व्हाट्सएप ग्रुप्स पर प्रश्न पत्र के हिस्से साझा किए गए थे।</li><li><b>केमिस्ट्री पेपर का मिलान: </b>जांच में पाया गया कि वायरल हुए "गेस पेपर्स" के लगभग 120 प्रश्न वास्तविक केमिस्ट्री पेपर से हूबहू मेल खाते थे।</li><li><b>भारी लेनदेन</b>: रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये पेपर परीक्षा से दो दिन पहले 5 लाख रुपये तक में बेचे जा रहे थे।</li><li><b>गिरफ्तारियां:</b> राजस्थान, बिहार और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से अब तक 13 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कई कोचिंग संस्थानों के संचालक और एडमिशन सलाहकार शामिल हैं।</li></ul><p>सीबीआई की विशेष टीमें अब उन मुख्य सरगनाओं की तलाश कर रही हैं जिन्होंने परीक्षा केंद्रों के साथ मिलीभगत कर पेपर को एक्सेस किया था। GTC Bharat की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले में 'सॉल्वर गैंग' की भूमिका भी संदिग्ध है।</p><h4 class=""><b>22 लाख छात्रों पर प्रभाव: तनाव और विरोध प्रदर्शन</b></h4><p>NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद ने छात्रों को मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया है। दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर देश के विभिन्न शहरों में छात्र और उनके अभिभावक सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।</p><p>कड़ी मेहनत और लाखों रुपये कोचिंग पर खर्च करने वाले छात्रों के लिए परीक्षा का रद्द होना किसी सदमे से कम नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अनिश्चितता के कारण छात्रों में मनोवैज्ञानिक तनाव और एंग्जायटी बढ़ रही है। कई छात्र संगठनों ने मांग की है कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिल जाती और सिस्टम पूरी तरह फूलप्रूफ नहीं हो जाता, तब तक नई परीक्षा की तारीखों की घोषणा न की जाए।</p><p><img style="width: 780.067px;" src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/neet_3bd4f4d324c2af002282bc805aaec6af_1280X720.webp"><br></p><h4 class=""><b>NTA के अस्तित्व पर संकट: क्या होगा अगला कदम?</b></h4><p>NTA की साख इस समय सबसे निचले स्तर पर है। विपक्ष और शिक्षाविदों द्वारा NTA प्रमुख के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। आलोचकों का कहना है कि सरकार ने राधाकृष्णन पैनल द्वारा प्रस्तावित सुधारों को लागू करने में देरी की, जिसका खामियाजा अब लाखों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।</p><p>राधाकृष्णन समिति ने परीक्षा केंद्रों के ऑडिट, डेटा सुरक्षा और पेपर लीक रोधी कानूनों को सख्त बनाने की सिफारिश की थी। सरकार पर अब दबाव है कि वह या तो NTA में आमूल-चूल परिवर्तन करे या FAIMA की मांग के अनुसार एक नया स्वतंत्र आयोग गठित करे।</p><h4 class=""><b>पुन: परीक्षा की तैयारी और भविष्य की राह</b></h4><p>ताजा जानकारी के अनुसार, सरकार ने जून 2026 की शुरुआत में NEET-UG पुन: परीक्षा आयोजित करने की योजना बनाई है। NTA ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने पहले पंजीकरण कराया था, उन्हें दोबारा आवेदन शुल्क नहीं देना होगा। हालांकि, छात्रों और विपक्षी दलों का कहना है कि केवल परीक्षा दोबारा कराना समाधान नहीं है; समाधान उस भ्रष्ट तंत्र को खत्म करने में है जो बार-बार पेपर लीक की घटनाओं को अंजाम देता है।</p><p><b>NEET-UG पेपर लीक विवाद</b> केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि यह भारत की शिक्षा व्यवस्था की शुद्धता का सवाल है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका अब लाखों छात्रों के लिए आशा की आखिरी किरण है। क्या कोर्ट NTA को भंग करने का आदेश देगा? क्या भारत को '<b>नेशनल एग्जामिनेशन इंटीग्रिटी कमीशन</b>' जैसा नया सुरक्षा कवच मिलेगा? इन सवालों के जवाब आने वाले हफ्तों में मिलेंगे। तब तक, 22 लाख छात्रों की निगाहें देश की सबसे बड़ी अदालत और सीबीआई की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक विवाद: NTA को बदलने या पुनर्गठित करने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-class-12-board-result-2026-announced-live-updates-4626 ]]></guid><title><![CDATA[ CBSE 12th Result 2026 Out: सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट घोषित, यहाँ देखें अपना स्कोरकार्ड और पास प्रतिशत ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/cbse-class-12-board-result-2026-announced-live-updates-4626 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 13 May 2026 13:55:55 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ परिणाम घोषित: आज 13 मई, 2026 को सीबीएसई ने देशभर के 12वीं कक्षा के छात्रों के नतीजे आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए हैं।लड़कियों का दबदबा:&nbsp;12वीं के छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है. CBSE ने 12वीं के ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>परिणाम घोषित</b>: आज 13 मई, 2026 को सीबीएसई ने देशभर के 12वीं कक्षा के छात्रों के नतीजे आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए हैं।</p><p><b>लड़कियों का दबदबा</b>:&nbsp;12वीं के छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है. CBSE ने 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए हैं. रिजल्ट के हिसाब से 12वीं के कुल 85.20 फीसदी छात्र पास हुए.&nbsp;</p><p>- लड़कियों का पास परसेंट 88.86%</p><p>- लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 82.13%</p><p><b>चेक करने के विकल्प</b>: छात्र अपना रिजल्ट <a href="https://results.cbse.nic.in/" target="_blank">results.cbse.nic.in</a>, <a href="https://www.cbse.gov.in/" target="_blank">cbse.gov.in</a> के अलावा <b>DigiLocker</b> और <b>UMANG</b> ऐप पर भी देख सकते हैं।</p><p><b>कोई मेरिट लिस्ट नहीं</b>: सीबीएसई ने छात्रों के बीच अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा को रोकने के लिए आधिकारिक मेरिट लिस्ट जारी न करने की अपनी नीति को बरकरार रखा है।</p><p><b>डिजिटल मार्कशीट</b>: डिजिलॉकर के जरिए छात्र अपनी 'डिजिटल साइन्ड' मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CBSE 12th Result 2026 Out: सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट घोषित, यहाँ देखें अपना स्कोरकार्ड और पास प्रतिशत ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-case-all-accused-will-go-to-jail-nta-dg-abhishek-singh-4623 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में सभी आरोपी जाएंगे जेल: NTA डीजी अभिषेक सिंह ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-paper-leak-case-all-accused-will-go-to-jail-nta-dg-abhishek-singh-4623 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 12 May 2026 19:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को कहा कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने परीक्षा रद्द क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को कहा कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने परीक्षा रद्द करने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि छात्रों के हित में निष्पक्ष तरीके से दोबारा परीक्षा कराई जाएगी और इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।</span></p><p>राष्ट्रीय राजधानी में मीडिया से बातचीत करते हुए अभिषेक सिंह ने कहा, “हमने मामला सीबीआई को सौंप दिया है। सभी आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा ताकि छात्रों के भविष्य पर कोई असर न पड़े। हम छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करेंगे और यह पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से होगी।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;This is regarding the news article headlined “NITI calls for two-year construction ban as West Asia crisis drains economy” published in The Tribune on May 12, 2026. This is to clarify that no such recommendation in any form has been made by NITI Aayog calling for a construction… &lt;a href="https://t.co/Bo9XNDL12G"&gt;https://t.co/Bo9XNDL12G&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; DD News (@DDNewslive) &lt;a href="https://twitter.com/DDNewslive/status/2054169276857372843?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>री-एग्जाम में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">अभिषेक सिंह</span><span style="font-size: 1rem;"> </span>ने कहा कि छात्रों से री-एग्जाम के लिए कोई नया शुल्क नहीं लिया जाएगा और पहले परीक्षा के लिए जमा की गई फीस भी वापस की जाएगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अभिषेक सिंह ने बताया, “हमने फैसला किया है कि री-एग्जाम के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी और पहली परीक्षा में ली गई फीस भी रिफंड की जाएगी।”</span></p><p>उन्होंने परीक्षा रद्द होने की पूरी प्रक्रिया बताते हुए कहा कि 7 मई की रात एजेंसी को एक व्हिसलब्लोअर से सूचना मिली थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “हमें जानकारी मिली कि परीक्षा से पहले एक व्यक्ति को व्हाट्सऐप पर कुछ सवाल भेजे गए थे, जो असली परीक्षा के सवालों से मेल खाते थे।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | CBI will probe number of questions leaked; no additional fees will be charged for re-exam, previous fees will be refunded: NTA Director General Abhishek Singh after NEET-UG paper leak&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NEETUG2026?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEETUG2026&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NEET?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEET&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NTA?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NTA&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/UgOEVMnghr"&gt;pic.twitter.com/UgOEVMnghr&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; All India Radio News (@airnewsalerts) &lt;a href="https://twitter.com/airnewsalerts/status/2054165855416836590?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Delhi: &amp;quot;We will appeal CBI to probe and nab culprits and take strong action,&amp;quot; says NTA Director General Abhishek Singh on NEET-UG paper leak.&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Full video available on PTI Videos - &lt;a href="https://t.co/n147TvrpG7"&gt;https://t.co/n147TvrpG7&lt;/a&gt;)&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NEET?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEET&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/Delhi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Delhi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/ySXUbw7auQ"&gt;pic.twitter.com/ySXUbw7auQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2054173369814421842?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>जांच में पता चला कुछ सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>NTA प्रमुख के अनुसार, एजेंसी ने यह जांच शुरू की कि कथित लीक पीडीएफ परीक्षा से पहले उपलब्ध थी या नहीं। जांच में पाया गया कि कुछ सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे और 1 तथा 2 मई को यह पीडीएफ कुछ लोगों के मोबाइल फोन में मौजूद थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अभिषेक सिंह ने कहा कि यह NTA की “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी” के खिलाफ था और इससे मेहनत कर रहे छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता था। इसी कारण परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Delhi: &amp;quot;Some questions in PDF circulating among students prior to exams matched actual question paper,&amp;quot; says NTA Director General Abhishek Singh on NEET-UG paper leak.&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Full video available on PTI Videos - &lt;a href="https://t.co/n147TvrpG7"&gt;https://t.co/n147TvrpG7&lt;/a&gt;)&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NEET?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEET&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/x9TXEZQVTV"&gt;pic.twitter.com/x9TXEZQVTV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2054173705480356055?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">3 मई को आयोजित&nbsp;</span>NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>इस बीच, केंद्र सरकार ने 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया है और कहा है कि परीक्षा नई तारीखों पर दोबारा कराई जाएगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सरकार ने पूरे मामले की व्यापक जांच के लिए इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">NTA ने स्पष्ट किया कि मई 2026 परीक्षा चक्र के लिए छात्रों का पंजीकरण डेटा, उम्मीदवार विवरण और चुने गए परीक्षा केंद्र दोबारा परीक्षा में भी मान्य रहेंगे। छात्रों को दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।</span></p><p>गौरतलब है कि NEET-UG देशभर में एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य मेडिकल स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली सबसे बड़ी परीक्षा है। 3 मई को यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,400 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | NEET-UG 2026 exam cancelled | Delhi: When asked if someone in NTA could be involved in the paper leak, NTA DG Abhishek Singh says, &amp;quot;Be it someone inside or outside, whoever it is, we urge the CBI to arrest them and punish them so that this issue can be cured at the… &lt;a href="https://t.co/RMm0jUXMKj"&gt;pic.twitter.com/RMm0jUXMKj&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2054167935468572955?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET-UG पेपर लीक मामले में सभी आरोपी जाएंगे जेल: NTA डीजी अभिषेक सिंह ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/declining-trust-in-government-schools-growing-hold-of-private-institutions-how-much-has-indias-education-system-changed-in-10-years-4618 ]]></guid><title><![CDATA[ सरकारी स्कूलों से घटता भरोसा, निजी स्कूलों की बढ़ती पकड़: 10 साल में कितनी बदली शिक्षा व्यवस्था ? ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/declining-trust-in-government-schools-growing-hold-of-private-institutions-how-much-has-indias-education-system-changed-in-10-years-4618 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 12 May 2026 15:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पिछले एक दशक में बड़े बदलावों से गुजरी है। एक ओर स्कूल छोड़ने वाले बच्चों यानी ड्रॉपआउट दर में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों से निजी स्कूलों की ओर छात्रों क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p></p><p>भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पिछले एक दशक में बड़े बदलावों से गुजरी है। एक ओर स्कूल छोड़ने वाले बच्चों यानी ड्रॉपआउट दर में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों से निजी स्कूलों की ओर छात्रों का तेजी से बढ़ता रुझान नई बहस खड़ी कर रहा है।</p><p><b>NITI Aayog</b> की हालिया रिपोर्ट “<b>School Education System in India: Temporal Analysis and Policy Roadmap for Quality Enhancement</b>” के मुताबिक, 2014-15 से 2024-25 के बीच शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुविधाओं, नामांकन और डिजिटल पहुंच में सुधार हुआ है, लेकिन सरकारी स्कूलों में छात्रों की हिस्सेदारी पहली बार 50% से नीचे चली गई है।</p><h4 class=""><b>सरकारी स्कूलों में घटे छात्र, निजी स्कूलों में बढ़ी भीड़</b></h4><p>रिपोर्ट के अनुसार, 2005 में जहां करीब 71% छात्र सरकारी स्कूलों में पढ़ते थे, वहीं 2024-25 तक यह आंकड़ा घटकर 49.24% रह गया। यानी अब आधे से कम छात्र सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं।</p><p>इसके उलट निजी स्कूलों में दाखिले लगातार बढ़े हैं। माध्यमिक स्तर पर करीब 44% स्कूल निजी क्षेत्र के हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अंग्रेजी माध्यम, स्मार्ट क्लास, डिजिटल सुविधाएं और बेहतर अनुशासन की धारणा ने निजी स्कूलों को बढ़त दिलाई है।</p><p>शहरी क्षेत्रों में यह बदलाव ज्यादा स्पष्ट दिख रहा है, जहां मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा परिवार निजी स्कूलों को भविष्य और करियर से जोड़कर देख रहे हैं।</p><h4 class=""><b>ड्रॉपआउट दर में सुधार, लेकिन माध्यमिक स्तर अब भी चिंता</b></h4><p><b>रिपोर्ट के मुताबिक, प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर में बड़ा सुधार हुआ है।</b></p><ul><li>2014-15 में जहां कई राज्यों में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट बड़ी चुनौती था, वहीं 2024-25 तक यह घटकर लगभग 0.3% तक पहुंच गया।<br></li><li>हालांकि माध्यमिक स्तर पर स्थिति अब भी चिंाजनक है। 2024-25 में सेकेंडरी स्तर की ड्रॉपआउट दर करीब 11.5% दर्ज की गई।</li></ul><p>विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थिक दबाव, ग्रामीण इलाकों में स्कूलों की दूरी, किशोरावस्था में पढ़ाई छोड़ना और रोजगार की मजबूरी इसके प्रमुख कारण हैं।</p><h4 class=""><b>10 साल में स्कूलों की तस्वीर कितनी बदली?</b></h4><p>पिछले दशक में स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार जरूर हुआ है।</p><table class="table table-bordered"><tbody><tr><td><b>संकेतक</b></td><td><b>2014-15</b></td><td><b>2024-25</b></td></tr><tr><td>सरकारी स्कूलों में नामांकन</td><td>50% से ऊपर</td><td>49.24%</td></tr><tr><td>प्राथमिक ड्रॉपआउट</td><td>कई राज्यों में ऊंचा</td><td>करीब 0.3%</td></tr><tr><td>माध्यमिक ड्रॉपआउट</td><td>गंभीर चुनौती</td><td>11.5%</td></tr><tr><td>बिजली वाले स्कूल</td><td>करीब 55%</td><td>91.9%</td></tr><tr><td>इंटरनेट सुविधा</td><td>बेहद सीमित</td><td>तेजी से विस्तार</td></tr><tr><td>कुल छात्र संख्या</td><td>-</td><td>24.69 करोड़</td></tr><tr><td>कुल स्कूल</td><td>-</td><td><p>14.71 लाख</p></td></tr></tbody></table><p></p><h4 class=""><b><br></b></h4><h4 class=""><b>सुविधाएं बढ़ीं, लेकिन समस्याएं खत्म नहीं</b></h4><p>रिपोर्ट में कहा गया है कि स्कूलों में बिजली, शौचालय और पानी जैसी सुविधाओं में सुधार हुआ है। फिर भी कई सरकारी स्कूल अब भी बुनियादी जरूरतों से जूझ रहे हैं।</p><ul><li>1 लाख से ज्यादा स्कूलों में बिजली की पर्याप्त व्यवस्था नहीं</li><li>करीब 98 हजार स्कूलों में लड़कियों के लिए कार्यरत शौचालय नहीं</li><li>एक लाख से अधिक स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं</li></ul><p>ग्रामीण भारत में यह समस्या ज्यादा गंभीर मानी जा रही है।</p><h4 class=""><b>डिजिटल इंडिया का असर, लेकिन ‘डिजिटल डिवाइड’ कायम</b></h4><p>कोविड-19 महामारी के बाद शिक्षा में डिजिटल बदलाव तेजी से बढ़ा। कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास, ऑनलाइन पढ़ाई और टैबलेट जैसी सुविधाएं आईं।</p><p>लेकिन रिपोर्ट बताती है कि ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों तक डिजिटल संसाधनों की पहुंच अब भी सीमित है। यही वजह है कि ऑनलाइन शिक्षा का फायदा सभी छात्रों तक समान रूप से नहीं पहुंच पाया।</p><h4 class=""><b>क्या कहती है नई शिक्षा नीति?</b></h4><p>Ministry of Education की नई शिक्षा नीति (NEP 2020) शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, ड्रॉपआउट कम करने और डिजिटल लर्निंग बढ़ाने पर जोर देती है</p><p>सरकार का लक्ष्य 2030 तक शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी और आधुनिक बनाना है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ स्कूल खोलना या नामांकन बढ़ाना काफी नहीं होगा, बल्कि सीखने की गुणवत्ता सुधारना सबसे बड़ी चुनौती है।</p><h4 class=""><b>विशेषज्ञों की राय</b></h4><p>शिक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकारी स्कूलों में भरोसा वापस लाने के लिए सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि शिक्षण गुणवत्ता, शिक्षक प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा पर ज्यादा निवेश करना होगा।</p><p>उनका मानना है कि अगर सरकारी स्कूल आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शिक्षण मॉडल के साथ आगे बढ़ते हैं, तो निजी स्कूलों की ओर बढ़ते पलायन को रोका जा सकता है।</p><h4 class=""><b>निष्कर्ष</b></h4><p>भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था बदलाव के निर्णायक दौर में है। ड्रॉपआउट दर में कमी और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों से निजी संस्थानों की ओर बढ़ता रुझान शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती असमानता की ओर भी इशारा करता है।</p><p>आने वाले वर्षों में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ बच्चों को स्कूल तक पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा उपलब्ध कराना होगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सरकारी स्कूलों से घटता भरोसा, निजी स्कूलों की बढ़ती पकड़: 10 साल में कितनी बदली शिक्षा व्यवस्था ? ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-2026-exam-cancelled-retest-4615 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET UG-2026 परीक्षा रद्द, NTA ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-2026-exam-cancelled-retest-4615 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 12 May 2026 12:22:21 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने भारत सरकार की मंजूरी के बाद 3 मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है।&nbsp;NTA ने घोषणा की है कि NEET UG 2026 परीक्षा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने भारत सरकार की मंजूरी के बाद 3 मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">NTA ने घोषणा की है कि NEET UG 2026 परीक्षा अब दोबारा आयोजित की जाएगी। पुनर्परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा अलग से की जाएगी।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">यह फैसला लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परीक्षा रद्द किए जाने के कारणों और नई परीक्षा तिथियों को लेकर विस्तृत जानकारी जल्द जारी की जाएगी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;National Testing Agency- &amp;quot;The Government of India has further decided to refer the matter to the Central Bureau of Investigation for a comprehensive inquiry into the allegations therein. NTA will extend full cooperation to the Bureau and will provide all materials, records, and… &lt;a href="https://t.co/3wPDmXSMXh"&gt;pic.twitter.com/3wPDmXSMXh&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2054091080480817321?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>CBI को सौंपी गई मामले की जांच</b></p><p>NTA ने कहा कि 10 मई 2026 की प्रेस रिलीज के क्रम में यह फैसला लिया गया है। एजेंसी के मुताबिक, 8 मई को परीक्षा से जुड़े मामलों को स्वतंत्र जांच और जरूरी कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेजा गया था। इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से मिले इनपुट और जांच रिपोर्ट की समीक्षा की गई। पेपर लीक होने को लेकर CBI जांच के भी आदेश दिए गए हैं।</p><p><span style="font-size: 1rem;">एजेंसी ने कहा कि एग्जाम सिस्टम में पारदर्शिता बनाए रखने और निष्पक्ष व विश्वसनीय परीक्षा तय करने के लिए यह कदम उठाया गया है। NTA के अनुसार, अब NEET UG-2026 परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। नई परीक्षा की तारीख, एडमिट कार्ड जारी करने का शेड्यूल और अन्य जरूरी जानकारी जल्द ही एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट और अन्य आधिकारिक माध्यमों से जारी की जाएगी। NTA ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Amid leak allegations, Centre cancels NEET-UG 2026; re-test to be held, matter referred to CBI&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://twitter.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/k84pFnXQ32"&gt;https://t.co/k84pFnXQ32&lt;/a&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NEETUG2026?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEETUG2026&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/ReExam?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#ReExam&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NEETExam?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NEETExam&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/CBI?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CBI&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/SBnEDKKSov"&gt;pic.twitter.com/SBnEDKKSov&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://twitter.com/ani_digital/status/2054094107749011888?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET UG-2026 परीक्षा रद्द, NTA ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-2026-guess-paper-probe-rajasthan-sog-4609 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET परीक्षा में AI निगरानी और 5G जैमर के बावजूद विवाद... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-2026-guess-paper-probe-rajasthan-sog-4609 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 11 May 2026 17:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ जयपुर,&nbsp;राजस्थान: राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) NEET UG-2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच कर रही है। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि 410 सवालों वाले एक  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">जयपुर,</span>&nbsp;राजस्थान</b><b style="font-size: 1rem;">:</b><span style="font-size: 1rem;"> राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) </span><b>NEET UG-</b><span style="font-size: 1rem;"><b>2026 </b>परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच कर रही है। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि 410 सवालों वाले एक विशेष<b> ‘</b></span><b>Guess Paper</b><span style="font-size: 1rem;"><b>’ </b>की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें किसी तरह की नकल या आपराधिक गतिविधि हुई है या नहीं।</span></p><p>आरोप है कि इस&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">‘</span>Guess Paper<span style="font-size: 1rem;">’</span>&nbsp;के लगभग <b>120 सवाल</b> वास्तविक परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन में पूछे गए सवालों से मेल खाते थे। बंसल ने कहा कि यह दस्तावेज परीक्षा से 15 दिन से लेकर एक महीने पहले तक छात्रों के बीच प्रसारित हो रहा था। फिलहाल एजेंसियां इस मामले में किसी भी आपराधिक गतिविधि की जांच कर रही हैं।</p><p><b style="font-size: 1rem;">"NEET परीक्षा को लेकर कई गलतफहमियां फैल रही हैं"</b></p><p>विशाल बंसल ने कहा, “NEET परीक्षा को लेकर कई तरह की गलतफहमियां फैल रही हैं। एक खास बिंदु स्पष्ट करना चाहता हूं कि 410 सवालों वाला एक&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">‘</span>Guess Paper<span style="font-size: 1rem;">’&nbsp;</span>सामने आया है। आरोप है कि इनमें से लगभग 120 सवाल केमिस्ट्री सेक्शन में पूछे गए। यह&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">‘</span>Guess Paper<span style="font-size: 1rem;">’</span>&nbsp;परीक्षा से काफी पहले छात्रों तक पहुंच चुका था।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आगे कहा, “हमारी जांच फिलहाल इस बात पर केंद्रित है कि इस&nbsp;</span><b><span style="font-size: 1rem;">‘</span><span style="font-size: 1rem;">Guess Paper</span><span style="font-size: 1rem;">’</span></b><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;के आधार पर किसी तरह की नकल या आपराधिक गतिविधि हुई या नहीं। अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Jaipur, Rajasthan: Vishal Bansal, Additional Director General (ADG) of the Rajasthan Police&amp;#39;s Special Operations Group (SOG), says, &amp;quot;Regarding the various misconceptions surrounding the NEET examination, let me clarify one specific point: there is a guess paper… &lt;a href="https://t.co/SqekUuorQt"&gt;pic.twitter.com/SqekUuorQt&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2053701639631151551?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 11, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>NTA ने सोशल मीडिया पर जारी किया बयान</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>इस बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भी NEET UG-<span style="font-size: 1rem;">2026</span>&nbsp;परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर बयान जारी किया है। यह बयान राजस्थान SOG&nbsp;की कार्रवाई के बाद सामने आया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि 3 मई को हुई परीक्षा सभी केंद्रों पर “पूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल” के तहत आयोजित की गई थी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The National Testing Agency is aware of reports concerning the action initiated by the Rajasthan Special Operations Group in connection with alleged irregularities around NEET (UG) 2026. The following is placed on record for the information of candidates, parents, and the public.…&lt;/p&gt;&amp;mdash; National Testing Agency (@NTA_Exams) &lt;a href="https://twitter.com/NTA_Exams/status/2053385885899796680?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 10, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>प्रश्नपत्र जीपीएस ट्रैकिंग वाले वाहनों के जरिए भेजे गए</b></p><p>एजेंसी के अनुसार, प्रश्नपत्र जीपीएस ट्रैकिंग वाले वाहनों के जरिए भेजे गए थे, जिन पर यूनिक और ट्रैसेबल वॉटरमार्क लगे थे। परीक्षा केंद्रों पर AI आधारित सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और 5जी जैमर जैसी व्यवस्थाएं लागू थीं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">NTA ने बताया कि उसे 7 मई को कथित गड़बड़ियों से जुड़ी सूचनाएं मिली थीं। इसके बाद 8 मई की सुबह इन जानकारियों को जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया गया।</span></p><p>एजेंसी ने कहा कि जांच अभी जारी है और तथ्य सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। NTA ने कहा, “हम जांच के नतीजों को लेकर पहले से कोई निष्कर्ष नहीं निकालेंगे। जांच एजेंसियां जो भी तथ्य सामने लाएंगी, उनके आधार पर पारदर्शी तरीके से आगे की कार्रवाई की जाएगी।”</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET परीक्षा में AI निगरानी और 5G जैमर के बावजूद विवाद... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/al-falah-university-chairman-jawad-ahmad-siddiqui-pmla-case-police-custody-4590 ]]></guid><title><![CDATA[ 493 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस में अल-फलाह ट्रस्ट पर ED का शिकंजा... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/al-falah-university-chairman-jawad-ahmad-siddiqui-pmla-case-police-custody-4590 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 10 May 2026 12:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: साकेत कोर्ट ने शनिवार को अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन और तारबिया एजुकेशन फाउंडेशन&nbsp;के निदेशक एवं प्रमुख शेयरधारक जवाद अहमद सिद्दीकी&nbsp;को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजने की  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> साकेत कोर्ट ने शनिवार को अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन और </span>तारबिया एजुकेशन फाउंडेशन<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;के निदेशक एवं प्रमुख शेयरधारक </span>जवाद अहमद सिद्दीकी&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजने की मंजूरी दे दी। उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) मामले में 24 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।</span></p><p>आरोप है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने छात्रों को संस्थानों में दाखिला दिलाने के नाम पर कथित रूप से 493.24 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) अर्जित की। जांच एजेंसी ने दावा किया कि आरोपी ने हरियाणा सरकार से Essentiality Certificate और National Medical Commission से अनुमति हासिल करने के लिए कई नियामक संस्थाओं को गुमराह किया।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/BREAKING?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#BREAKING&lt;/a&gt;: Saket Court has sent Al-Falah University Chairman Jawad Ahmad Siddiqui to three days of police custody after his arrest by the Delhi Police Special Cell. He was earlier in judicial custody in a money laundering case &lt;a href="https://t.co/lXqgzITuaL"&gt;pic.twitter.com/lXqgzITuaL&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://twitter.com/ians_india/status/2053108842293272843?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>नियमित जमानत याचिका खारिज हुई थी</b></p><p>इससे पहले 2 मई को अदालत ने जवाद अहमद सिद्दीकी की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नियमित जमानत की मांग की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) उनके खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुका है।</p><p>अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशशीतल चौधरी प्रधान ने आरोपी और ED की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।</p><p><b>विदेशों में व्यवसाय,&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">चल-अचल संपत्तियों में निवेश का आरोप</span></b></p><p>अदालत ने अपने आदेश में कहा, “यह स्पष्ट है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी/ट्रस्ट/कॉलेज से उत्पन्न अवैध धनराशि संबंधित कंपनियों—आमला एंटरप्राइजेज एलएलपी, कारकुन कंस्ट्रक्शंस एंड डेवलपर्स और दियाला कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए भेजी गई। ये कंपनियां उनकी पत्नी, बच्चों और भरोसेमंद कर्मचारियों के नाम पर थीं, लेकिन नियंत्रण खुद आरोपी के पास था। इस धन को विदेशों में व्यवसाय और चल-अचल संपत्तियों में निवेश किया गया।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Saket Court has approved a 3-day police custody for Al-Falah University Chairman, and Director and major shareholder of Tarbia Education Foundation, Jawad Ahmad Siddiqui. &lt;br&gt;&lt;br&gt;He was arrested on March 24 in connection with an ongoing investigation under the provisions of… &lt;a href="https://t.co/HDlc3oq8qB"&gt;pic.twitter.com/HDlc3oq8qB&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2053145153314107691?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>भरोसेमंद पद का दुरुपयोग किया- कोर्ट</b></p><p>कोर्ट ने आगे कहा कि मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के रूप में आरोपी ने अपने भरोसेमंद पद का दुरुपयोग किया और शैक्षणिक एवं चैरिटेबल संस्थानों का इस्तेमाल निजी, पारिवारिक और व्यावसायिक लाभ के लिए किया, जो कानूनी दायित्वों का उल्लंघन है।</p><p>ED ने अदालत को बताया कि NAAC मान्यता और UGC की धारा 12(B) के तहत फर्जी मान्यता दिखाकर अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज समेत सभी संस्थानों को प्राप्त शैक्षणिक फीस से कुल 493.24 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 493 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस में अल-फलाह ट्रस्ट पर ED का शिकंजा... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/centre-plans-to-extend-nipun-bharat-mission-till-class-5-4562 ]]></guid><title><![CDATA[ केंद्र की योजना: NIPUN भारत मिशन का दायरा बढ़ेगा, अब कक्षा 5 तक मिलेगा लाभ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/centre-plans-to-extend-nipun-bharat-mission-till-class-5-4562 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 07 May 2026 14:25:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: शिक्षा मंत्रालय NIPUN Bharat Mission (नेशनल इनिशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरसी) को कक्षा 5 तक विस्तार देने की योजना बना रहा है। अधिकारियों ने यह जानक ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> शिक्षा मंत्रालय <b>NIPUN Bharat Mission </b>(नेशनल इनिशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरसी) को कक्षा 5 तक विस्तार देने की योजना बना रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">जुलाई 2021 में शुरू किया गया यह मिशन 2026-27 तक कक्षा 3 के सभी बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (FLN) हासिल कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसका लक्ष्य 3 से 9 वर्ष के बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणितीय क्षमता विकसित करना है।</span></p><p>एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमारे पास NIPUN भारत मिशन को कक्षा 5 तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। PARAKH Rashtriya Sarvekshan 2024 के परिणामों में साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता लगभग 60 प्रतिशत रही है। इसलिए हम उन बच्चों तक भी पहुंच बनाना चाहते हैं जो शुरुआती कक्षाओं में यह कौशल हासिल नहीं कर पाए।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Education Ministry Plans: PM SHRI in West Bengal, Kerala, TN; NIPUN Bharat till Class 5; mental health policy&lt;br&gt;While the Samagra Shikha undergoes reform, the ministry of education has extended its existing guidelines for 6 months. &lt;br&gt;Read more: &lt;a href="https://t.co/4SkVCHU7m0"&gt;https://t.co/4SkVCHU7m0&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/wO3mAzHNOh"&gt;pic.twitter.com/wO3mAzHNOh&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Careers360 (@careers360) &lt;a href="https://twitter.com/careers360/status/2052289861118198273?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 7, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>कक्षा 3 के छात्रों में भाषा में दक्षता 18 प्रतिशत बढ़ी</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>यह मिशन ऐसा वातावरण तैयार करने पर केंद्रित है, जिससे हर बच्चा कक्षा 3 तक पढ़ने, लिखने और गणित में निर्धारित दक्षता हासिल कर सके।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">PARAKH Rashtriya Sarvekshan 2024 के अनुसार, कक्षा 3 के छात्रों में भाषा में दक्षता 18 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि गणित में 23 प्रतिशत अधिक छात्र दक्ष पाए गए हैं, जो National Achievement Survey 2021 2021 की तुलना में बेहतर है।</span></i></b></p><p><b>2024 में 57 प्रतिशत छात्र भाषा में और 65 प्रतिशत छात्र गणित में दक्ष</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>आइटम रिस्पॉन्स थ्योरी (IRT) स्कोर के मुताबिक, 2024 में 57 प्रतिशत छात्र भाषा में और 65 प्रतिशत छात्र गणित में दक्ष या उससे अधिक स्तर पर पहुंचे हैं। वहीं 2021 के सर्वे में यह आंकड़े क्रमशः 39 प्रतिशत और 42 प्रतिशत थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">2017 के National Achievement Survey 2017 के मुकाबले भी यह सुधार महत्वपूर्ण है, जहां भाषा में 47 प्रतिशत और गणित में 53 प्रतिशत दक्षता दर्ज की गई थी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि बुनियादी स्तर पर कोविड-19 के कारण हुई सीखने की कमी की काफी हद तक भरपाई हो चुकी है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ केंद्र की योजना: NIPUN भारत मिशन का दायरा बढ़ेगा, अब कक्षा 5 तक मिलेगा लाभ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ncert-faces-textbook-shortage-only-half-books-printed-for-new-session-4559 ]]></guid><title><![CDATA[ NCERT बनाम निजी प्रकाशक: शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ncert-faces-textbook-shortage-only-half-books-printed-for-new-session-4559 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 07 May 2026 12:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद NCERT अपनी पाठ्यपुस्तकों की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को भरने के लिए तेजी से काम कर रहा है। अब तक निर्धारित पुस ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद NCERT अपनी पाठ्यपुस्तकों की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को भरने के लिए तेजी से काम कर रहा है। अब तक निर्धारित पुस्तकों में से केवल आधी से कुछ अधिक किताबें ही छप पाई हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">NCERT ने नए पाठ्यक्रम ढांचे के तहत कक्षा 3 से 9 तक की संशोधित पाठ्यपुस्तकें जारी की हैं।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"> 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए लगभग 15 करोड़ किताबें छापने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक अब तक केवल 7 से 8 करोड़ प्रतियां ही छपी हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मांग और आपूर्ति के अंतर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमें उम्मीद है कि मई महीने में हम बड़ी संख्या में किताबें छाप पाएंगे। NCERT ने करीब 15 करोड़ किताबें छापने की योजना बनाई थी, जिनमें से लगभग 7-8 करोड़ किताबें छप चुकी हैं।”</span></p><p><b>नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>अधिकारियों ने यह भी भरोसा जताया कि जल्द ही NCERT आपूर्ति की कमी को पूरा कर लेगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस देरी के कारण कई छात्रों को नई किताबें नहीं मिल पाई हैं, जबकि नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">जब अधिकारियों से पूछा गया कि संशोधित किताबों के अभाव में छात्र कैसे पढ़ाई कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, “पिछले वर्षों की किताबें उपलब्ध हैं और छात्र उन्हीं से पढ़ाई कर रहे हैं।”</span></p><p><b>निजी प्रकाशकों की किताबों पर बढ़ती निर्भरता से चिंता</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>किताबों की उपलब्धता में देरी के अलावा निजी स्कूलों द्वारा महंगी निजी प्रकाशकों की किताबों पर बढ़ती निर्भरता को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। आरोप हैं कि कई निजी स्कूल निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए दबाव बना रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भी आरोप लगाया कि एक 'शिक्षा माफिया' सस्ती सरकारी किताबों की पहल को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;भारत के गरीब बच्चों को पढ़ाने के प्राइवेट स्कूलों में निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबों के स्थान पर NCERT और SCERT की किफ़ायती पुस्तकों का उपयोग किये जाने हेतु मैंने RTE Act 2009 की परिधि के अंतर्गत PHR 1993 द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए राज्य सरकारों को निर्देश दिया था।… &lt;a href="https://t.co/R9LhM2Afph"&gt;pic.twitter.com/R9LhM2Afph&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) &lt;a href="https://twitter.com/KanoongoPriyank/status/2051680076207698319?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>NHRC&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सुझाया रास्ता</span></b></p><p>प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि निजी स्कूलों में महंगी निजी किताबों की जगह सस्ती NCERT और SCERT किताबों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कदम मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के तहत उठाया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इन शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि CBSE ने निजी स्कूलों से NCERT की किताबें इस्तेमाल करने का आग्रह किया है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NCERT बनाम निजी प्रकाशक: शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ncert-class-8-social-science-book-revised-after-sc-ban-release-soon-4549 ]]></guid><title><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद NCERT ने बदला पाठ्यक्रम, नई किताब जल्द होगी बाजार में... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/ncert-class-8-social-science-book-revised-after-sc-ban-release-soon-4549 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 05 May 2026 13:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक, जिसे पहले Supreme Court of India ने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े एक अध्याय के कारण प ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक, जिसे पहले Supreme Court of India ने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े एक अध्याय के कारण प्रतिबंधित कर दिया था, अब संशोधित कर दी गई है और इसके एक सप्ताह के भीतर जारी होने की संभावना है। यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने दी।</span></p><p>संशोधित पुस्तक को एनसीईआरटी द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति से मंजूरी मिल चुकी है, जिसने न्यायपालिका से जुड़े विवादित अध्याय की समीक्षा की थी। अंतिम स्वीकृति एनसीईआरटी की सिलेबस समिति की बैठक के बाद मिलने की उम्मीद है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सूत्रों के अनुसार, “संशोधित पुस्तक को विशेषज्ञ पैनल ने मंजूरी दे दी है। अब सिलेबस समिति की बैठक होगी, जिसके बाद अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी। इस सप्ताह के अंत तक प्रिंटिंग शुरू होने की संभावना है।”</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>किताबों की उपलब्धता में देरी का सामना कर रहे छात्र</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">यह कदम ऐसे समय में आया है जब 1 अप्रैल से शुरू हुए नए शैक्षणिक सत्र के कारण छात्रों को एनसीईआरटी की किताबों की उपलब्धता में देरी का सामना करना पड़ रहा है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">संशोधित संस्करण की छपाई जल्द शुरू होने की उम्मीद है और यह पुस्तक एक सप्ताह के भीतर बाजार में उपलब्ध हो सकती है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;SC-banned NCERT Class 8 Social Science textbook revised, likely to be released within a week&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://twitter.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/4mgvArX3Oj"&gt;https://t.co/4mgvArX3Oj&lt;/a&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NCERT?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NCERT&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/SocialScienceBook?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#SocialScienceBook&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/HVN4yA1TPn"&gt;pic.twitter.com/HVN4yA1TPn&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://twitter.com/ani_digital/status/2051563382038462569?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>SC ने कक्षा 8 की किताब पर लगाया था प्रतिबंध</b></p><p>एनसीईआरटी ने मार्च में कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब <b>'Exploring Society: India and Beyond (Part II)'&nbsp;</b>को वापस ले लिया था, जब सुप्रीम कोर्ट ने इसके प्रकाशन, पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अदालत ने न्यायपालिका से जुड़े अध्याय के कुछ हिस्सों को “आपत्तिजनक” बताया था और कहा था कि इस सामग्री से संस्था की छवि को नुकसान पहुंचा है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>NCERT ने बिना किसी शर्त के मांगी माफ़ी</b></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>इसके बाद एनसीईआरटी ने बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा था कि “हम बिना किसी शर्त के माफी मांगते हैं... यह पूरी पुस्तक वापस ले ली गई है और उपलब्ध नहीं है।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में विधि (Legal Studies) से जुड़े विषयों को अंतिम रूप देने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जाए और सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री के प्रसार को लेकर भी चेतावनी दी थी।</span></i></b></p><p><b>न्यायपालिका से जुड़े अध्याय को फिर से लिखने के लिए समिति</b></p><p>इसके बाद केंद्र ने अदालत को बताया कि न्यायपालिका से जुड़े अध्याय को फिर से लिखने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अलग से, एनसीईआरटी ने कक्षा 8 और उससे ऊपर के पाठ्यक्रम को देखने के लिए <b>20 सदस्यीय </b>नेशनल सिलेबस एंड टीचिंग लर्निंग मैटेरियल कमेटी (NSTC) का पुनर्गठन किया है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई समिति में प्रमुख सदस्यों के सदस्य थे शामिल</b></span></p><p class="blue-bg-white"><b><i><span style="font-size: 1rem;">इस नई समिति में&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास, भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;जैसे प्रमुख संस्थानों के सदस्य शामिल हैं।&nbsp;</span>नए सदस्यों में वी. कामाकोटी (निदेशक, IIT मद्रास), रघुवेंद्र तंवर (अध्यक्ष, ICHR), पूर्व कुलपति आर. वेंकट राव (NLSIU) और अमरेंद्र प्रसाद बेहरा (NCERT) शामिल हैं। वहीं, विवाद के बाद मिशेल डैनिनो, बिबेक देबरॉय और एम.डी. श्रीनिवास को समिति से हटा दिया गया है।</i></b></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद NCERT ने बदला पाठ्यक्रम, नई किताब जल्द होगी बाजार में... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-2026-22-lakh-candidates-exam-centers-nta-india-4533 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET UG 2026: 22.79 लाख छात्र आज देंगे परीक्षा, देशभर में 5,400+ केंद्र तैयार... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/neet-ug-2026-22-lakh-candidates-exam-centers-nta-india-4533 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 03 May 2026 14:10:38 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: National Testing Agency (NTA) रविवार को देशभर और विदेशों में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) (UG) 2026 आयोजित कर रहा है। इस परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक उम्मीदवार 5,400 से ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत: </b>National Testing Agency (NTA) रविवार को देशभर और विदेशों में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) (UG) 2026 आयोजित कर रहा है। इस परीक्षा में <b>22.79 लाख से अधिक उम्मीदवार 5,400 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर शामिल हो रहे हैं।</b> दिव्यांग (PwD/PwBD) उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त समय जैसी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, वहीं परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए 2 लाख से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है।</span></p><p>NTA के अनुसार, “NEET (UG) 2026 का आयोजन आज दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे (IST) तक पेन-एंड-पेपर मोड में किया जा रहा है। दिव्यांग उम्मीदवारों को निर्धारित नियमों के अनुसार शाम 6:00 बजे तक परीक्षा देने की अनुमति होगी।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | NEET UG 2026: Gujarat: Aspirants arrive at an examination centre in Rajkot to appear for the medical entrance exam. &lt;a href="https://t.co/z1rnmmvC62"&gt;pic.twitter.com/z1rnmmvC62&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2050833296096125032?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>दुनिया की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक NEET</b></p><p>परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,432 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। लगभग 22.79 लाख पंजीकृत उम्मीदवारों के साथ यह दुनिया की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है।</p><p>तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में 10 केंद्रों पर कुल 4,945 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। भीषण गर्मी के बावजूद छात्र परीक्षा केंद्रों के बाहर इंतजार करते नजर आए।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | NEET UG 2026: Tamil Nadu: Aspirants arrive at an examination centre in Coimbatore to appear for the medical entrance exam. &lt;a href="https://t.co/BdbnQSMObz"&gt;pic.twitter.com/BdbnQSMObz&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2050835155187822705?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>देशभर में मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए परीक्षा</b></p><p>यह परीक्षा देशभर में मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। कन्याकुमारी मेंकार्मेल हायर सेकेंडरी स्कूल, एसएलबी स्कूल और एसएमआरवी स्कूल (वडास्सेरी, नागरकोइल) सहित कई केंद्र बनाए गए हैं, जहां छात्र सुबह 10 बजे से ही पहुंचने लगे थे।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | NEET UG 2026: Uttar Pradesh: Aspirants arrive at an examination centre in Lucknow to appear for the medical entrance exam. &lt;a href="https://t.co/nghyUqjDlK"&gt;pic.twitter.com/nghyUqjDlK&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2050838024750285154?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p> </p><p><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;<b>अपने&nbsp;</b></span><b><span style="font-size: 1rem;">परीक्षा केंद्रों में&nbsp;</span>देशभर के स्टूडेंट्स पहुंचे&nbsp;</b></p><p>देश के विभिन्न हिस्सों जैसे अनंतनाग (जम्मू-कश्मीर), जयपुर (राजस्थान) और कोयंबटूर (तमिलनाडु) में भी अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचते दिखाई दिए।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | NEET UG 2026: Rajasthan: Aspirants arrive at an examination centre in Jaipur to appear for the medical entrance exam. &lt;a href="https://t.co/E7zZbr1tfQ"&gt;pic.twitter.com/E7zZbr1tfQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2050835785864397257?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET UG 2026: 22.79 लाख छात्र आज देंगे परीक्षा, देशभर में 5,400+ केंद्र तैयार... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/up-board-result-2026-girls-top-highschool-intermediate-how-to-check-result-4475 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Board Result 2026: हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में लड़कियों ने मारी बाजी, ऐसे देखें रिजल्ट... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/up-board-result-2026-girls-top-highschool-intermediate-how-to-check-result-4475 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 23 Apr 2026 17:22:22 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ UP Board Result 2026: यूपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी हो गया है। रिजल्ट जारी होने के साथ ही यह बात सामने आई कि परीक्षा में हर बार की तरह इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी।&nbsp;यूपी बोर्ड 10वीं में 90 ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>UP Board Result 2026:</b> यूपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी हो गया है। रिजल्ट जारी होने के साथ ही यह बात सामने आई कि परीक्षा में हर बार की तरह इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यूपी बोर्ड 1<b>0वीं में 90.42% स्टूडेंट्स </b>पास हैं। हाईस्कूल में 97.83% अंक लाकर कशिश और अंशिका टॉपर रही हैं।</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP), प्रयागराज मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 23 अप्रैल 2026 को दोपहर 4 बजे 10वीं का रिजल्ट जारी किया गया है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">इस मौके पर</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span>उ<span style="font-size: 1rem;">त्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में 26.1 लाख छात्र शामिल हुए, जिनमें से 23.52 लाख पास हुए, जिससे सफलता दर 90.42% रही। इंटरमीडिएट परीक्षा में 24.86 लाख छात्र शामिल हुए, जिनमें से 19.98 लाख पास हुए, और कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 80.38% रहा। लड़कियों ने एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया—कशिश वर्मा और अंशिका वर्मा ने 97.83% अंक के साथ हाईस्कूल में टॉप किया, जबकि शिखा वर्मा ने इंटरमीडिएट में 97.60% अंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Lucknow, Uttar Pradesh: UP Board Results 2026 out with girls lead in High School and Intermediate exams.&lt;br&gt;&lt;br&gt;Minister of Secondary Education, UP, Gulab Devi, says, &amp;quot;... This year, 26.1 lakh students appeared for the High School exam, of which 23.52 lakh passed, giving a… &lt;a href="https://t.co/JllHK4YaIc"&gt;pic.twitter.com/JllHK4YaIc&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2047276661633331386?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>पिछली सरकारों पर किया तीखा हमला</b></p><p>इसके आगे शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, जहां परीक्षा सूची में हेरफेर होता था, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में परीक्षाएं निष्पक्ष और बिना किसी अनियमितता के आयोजित की गईं। ये शानदार परिणाम छात्रों की कड़ी मेहनत और शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाचार्यों तथा शिक्षकों के समर्पित प्रयासों को दर्शाते हैं।</p><p><b>मजदूर की बेटी ने रचा इतिहास</b></p><p>सीतापुर की शिखा वर्मा ने 12वीं में यूपी में टॉप किया है। शिखा ने 97.60 प्रतिशत नंबर हासिल किए हैं। दूसरे नंबर पर नंदनी गुप्ता और श्रिया वर्मा हैं। दोनों के 97.20 फीसदी नंबर हैं। <b>नंदिनी के पिता बेल्डिंग का काम करते हैं।</b>&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">तीसरे स्थान पर भी दो छात्राएं हैं। सुरभि यादव और पूजा पाल को 97 फीसदी नंबर मिले हैं। सुरभि के पिता इफको फैक्ट्री में जॉब करते हैं। यूपी बोर्ड 12वीं में टॉप-10 में 23 छात्रों ने जगह बनाई है। इनमें सीतापुर के चार स्टूडेंट हैं। इन छात्रों ने 500 में 488 से 477 अंक हासिल किए हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/UPBoardResults?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPBoardResults&lt;/a&gt;&lt;br&gt;हमारें टॉपर्स- &lt;a href="https://t.co/2x22zR9Hfr"&gt;pic.twitter.com/2x22zR9Hfr&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Madhyamik Shiksha Parishad, Uttar Pradesh (@upboardpryj) &lt;a href="https://twitter.com/upboardpryj/status/2047264349795029048?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट</b></p><p>छात्र ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया, यूपी बोर्ड के रिजल्ट जारी होने के साथ ही टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की गई है। जिन छात्राओं ने राज्य भर में टॉप पोजिशन हासिल किया है, उन्हें राज्य सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा।<span style="font-size: 1rem;">स्टूडेंट्स बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट <a href="https://upmsp.edu.in/" target="_blank">upmsp.edu.in</a> पर अपना Roll Number डालकर ऑनलाइन मार्कशीट चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।&nbsp;</span></p><p><b>UP Board 10th Result 2026 on upmsp.edu.in: यहां देखें...</b></p><ul><li>स्टेप 1: ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं: यूपी बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाएं।</li><li>स्टेप 2: रिजल्ट लिंक सर्च करें: होमपेज पर 'परीक्षाफल' लिंक पर क्लिक करें।</li><li>स्टेप 3: डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करें: नए पेज खुल, यहां 'हाई स्कूल (कक्षा X) का परीक्षाफल वर्ष 2026' लिंक (जल्द एक्टिव होगा) पर क्लिक करें।</li><li>स्टेप 4: डिटेल्स भरें: अब अपना जिला और साल चुनें और रोल नंबर (Roll Number) दर्ज करके 'View Result' पर क्लिक करें।</li><li>स्टेप 5: मार्कशीट चेक करें: आपके यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 की ऑनलाइन मार्कशीट स्क्रीन पर खुल जाएगी। इसे चेक करें।</li><li>स्टेप 6: मार्कशीट डाउनलोड करें: आगे के लिए ऑनलाइन मार्कशीट डाउनलोड करें और प्रिंटआउट ले लेकर रख लें।</li></ul> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Board Result 2026: हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में लड़कियों ने मारी बाजी, ऐसे देखें रिजल्ट... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/up-board-exam-result-2026-declared-highschool-inter-results-announced-4474 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Board Exam 2026: परीक्षा परिणाम घोषित, 10वीं में 90.42% और 12वीं में 80.38% छात्र सफल... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/up-board-exam-result-2026-declared-highschool-inter-results-announced-4474 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 23 Apr 2026 16:50:01 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ यूपी बोर्ड एग्जाम 2026&nbsp;रिजल्ट&nbsp;घोषित: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा-2026 का परिणाम घोषित हो गया है।&nbsp;प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उत्तर प्रदेश मा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>यूपी बोर्ड एग्जाम 2026&nbsp;</b></span><span style="font-weight: bolder; font-size: 1rem;">रिजल्ट</span><b style="font-size: 1rem;">&nbsp;घोषित:</b><span style="font-size: 1rem;"> उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा-2026 का परिणाम घोषित हो गया है।&nbsp;</span>प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने हाई स्कूल परिणाम देखने का लिंक <a href="https://upmsp.edu.in/" target="_blank">upmsp.edu.in</a> और upresults.nic.in पर जारी किया है। इस दौरान शिक्षा मंत्री गुलाब देवी भी उपस्थित रहीं। आपको बता दें कि वेबसाइट के अलावा, <a href="https://web.umang.gov.in/landing/" target="_blank">UMANG App</a> पर भी परिणाम देखा जा सकता है।&nbsp;</p><p>यूपी बोर्ड के अधिकारियों ने इस साल 10वीं क्लास में टॉप करने वाले स्टूडेंट्स के नामों का ऐलान भी कर दिया है। टॉपर्स की लिस्ट में छात्राओं ने ज्यादा जगह बनाई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आज 23 अप्रैल को हाई स्कूल के रिजल्ट की घोषणा हो चुकी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;“डॉ. महेंद्र देव, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश द्वारा परीक्षाफल घोषणा”&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/शिक्षा_का_समारोह?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#शिक्षा_का_समारोह&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/UPMSP?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPMSP&lt;/a&gt;&lt;br&gt;परीक्षाफल घोषणा से प्रमुख अंश- &lt;a href="https://t.co/7qG4kMIYal"&gt;pic.twitter.com/7qG4kMIYal&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Madhyamik Shiksha Parishad, Uttar Pradesh (@upboardpryj) &lt;a href="https://twitter.com/upboardpryj/status/2047276723990126797?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"> </span></p><p><b>पहला स्थान कशिश वर्मा और अंशिका वर्मा ने प्राप्त किया</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">पूरे राज्य में 10वीं क्लास में पहला स्थान कशिश वर्मा और अंशिका वर्मा ने प्राप्त किया है। दोनों छात्राओं ने<b> 97.83 प्रतिशत अंकों के साथ रैंक 1 हासिल की है</b>। उनके बाद दूसरे स्थान पर 97.50 प्रतिशत अंकों के साथ अदिति रही हैं। तीसरे स्थान पर तीन छात्र टॉपर रहे हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/UPBoardResults?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPBoardResults&lt;/a&gt;&lt;br&gt;हमारें टॉपर्स- &lt;a href="https://t.co/794SpWjF2e"&gt;pic.twitter.com/794SpWjF2e&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Madhyamik Shiksha Parishad, Uttar Pradesh (@upboardpryj) &lt;a href="https://twitter.com/upboardpryj/status/2047264281755046388?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>परीक्षा सम्पन्न कराने के लिए कराए गए थे पुख्ता इंतजाम</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">इस वर्ष परीक्षाएं प्रदेश भर के 8,033 केंद्रों पर आयोजित की गईं, जो 15 कार्य दिवसों में पूरी हुईं। बोर्ड प्रशासन के अनुसार परीक्षा प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे।</span></p><p>बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक: हाईस्कूल (10वीं) का उत्तीर्ण प्रतिशत 90.42% रहा इंटरमीडिएट (12वीं) का उत्तीर्ण प्रतिशत 80.38% दर्ज किया गया।<span style="font-size: 1rem;">यह परिणाम पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर माने जा रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि छात्रों की तैयारी और मूल्यांकन प्रक्रिया दोनों में सुधार हुआ है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/UPBoardResults?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPBoardResults&lt;/a&gt;&lt;br&gt;हमारें टॉपर्स- &lt;a href="https://t.co/2x22zR9Hfr"&gt;pic.twitter.com/2x22zR9Hfr&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Madhyamik Shiksha Parishad, Uttar Pradesh (@upboardpryj) &lt;a href="https://twitter.com/upboardpryj/status/2047264349795029048?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>मूल्यांकन प्रक्रिया भी समय पर पूरी</b></p><p>परीक्षाओं के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 254 केंद्रों पर किया गया। बोर्ड ने यह सुनिश्चित किया कि मूल्यांकन तय समयसीमा के भीतर पूरा हो, जिससे परिणाम घोषित करने में कोई देरी न हो।</p><p><b>पारदर्शिता और निगरानी पर विशेष जोर</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>इस वर्ष परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कई तकनीकी उपाय अपनाए गए। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, उड़नदस्तों की तैनाती और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। इससे नकल और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा गया।</i></b></p><p><b>छात्रों की मेहनत रंग लाई</b></p><p>शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर परिणामों के पीछे छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों का मार्गदर्शन और ऑनलाइन-ऑफलाइन संसाधनों का संतुलित उपयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;“परीक्षाफल केवल अंक नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के परिश्रम और संकल्प का प्रतीक है। जिन विद्यार्थियों का परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वे निराश न हों—आगे सुधार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं।”&lt;br&gt;— डॉ. महेंद्र देव, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/UPBoardResult?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPBoardResult&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Madhyamik Shiksha Parishad, Uttar Pradesh (@upboardpryj) &lt;a href="https://twitter.com/upboardpryj/status/2047267213464539404?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>आगे की राह</b></p><p>अब सफल छात्र उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर कदम बढ़ाएंगे। वहीं, असफल या कम अंक पाने वाले छात्रों के लिए सुधार परीक्षा (compartment) का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिससे वे अपने परिणाम बेहतर कर सकें। साथ ही&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बोर्ड ने </span><span style="font-size: 1rem;">सभी छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से लें और आगे की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करें।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Board Exam 2026: परीक्षा परिणाम घोषित, 10वीं में 90.42% और 12वीं में 80.38% छात्र सफल... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/marathi-made-compulsory-in-all-maharashtra-schools-dadaji-bhuse-4213 ]]></guid><title><![CDATA[ महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में मराठी अनिवार्य विषय, नियम उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई: शिक्षा मंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/marathi-made-compulsory-in-all-maharashtra-schools-dadaji-bhuse-4213 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 14 Mar 2026 12:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मुंबई, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी माध्यमों और सभी शिक्षा बोर्डों के तहत आने वाले स्कूलों में मराठी भाषा को अनिवार्य विषय बनाने का नोटिफिकेशन जारी किया है। नियम का उल्लंघन करने वाले स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>मुंबई, महाराष्ट्र:</b> महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी माध्यमों और सभी शिक्षा बोर्डों के तहत आने वाले स्कूलों में मराठी भाषा को अनिवार्य विषय बनाने का नोटिफिकेशन जारी किया है। नियम का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे (Dadaji Bhuse) ने विधानसभा में यह जानकारी दी। वह विधायक&nbsp;</span>हारून खान<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब दे रहे थे।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मंत्री भुसे ने बताया कि 1 मार्च 2020 को जारी सरकारी अधिसूचना के अनुसार राज्य के सभी माध्यमों और सभी प्रबंधन के स्कूलों में मराठी को अनिवार्य विषय बनाया गया है। कुछ अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय शिक्षा बोर्डों में मराठी को दूसरी भाषा या तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाया जाना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में मराठी को पाठ्यक्रम से हटाया नहीं जा सकता।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/Maharashtra?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Maharashtra&lt;/a&gt; | Government has issued a strict warning to schools, including those affiliated with national and international boards, where Marathi is not taught.&lt;a href="https://t.co/KzduDUhrnA"&gt;https://t.co/KzduDUhrnA&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Deccan Chronicle (@DeccanChronicle) &lt;a href="https://twitter.com/DeccanChronicle/status/2032496234016153670?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>मराठी न पढ़ाए जाने पर होगी स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई</b></p><p>विधायक हारून खान द्वारा एक विशेष स्कूल को लेकर की गई शिकायत पर मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग उस संस्थान का तुरंत निरीक्षण करेगा। यदि वहां मराठी नहीं पढ़ाई जा रही है तो स्कूल को कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि स्कूलों में मराठी पढ़ाने का नियम केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निजी, गैर-अनुदानित और विदेशी बोर्ड से संबद्ध स्कूलों पर भी लागू होता है। चूंकि मराठी राज्य की आधिकारिक भाषा है, इसलिए नई पीढ़ी का इसे सीखना और इसके संरक्षण में योगदान देना जरूरी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Marathi Language Made Mandatory in Maharashtra Schools: Education Minister Bhuse. Maharashtra&amp;#39;s Education Minister Dadaji Bhuse announced a new mandate requiring&lt;br&gt;all schools to teach Marathi as a compulsory subject. This initiative aims to&lt;br&gt;preserve... &lt;a href="https://t.co/3ztBSbfaxj"&gt;https://t.co/3ztBSbfaxj&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/juCvmQK4a8"&gt;pic.twitter.com/juCvmQK4a8&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; NationPress (@np_nationpress) &lt;a href="https://twitter.com/np_nationpress/status/2032415562228252810?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जो स्कूल मराठी नहीं पढ़ा रहे हैं उन्हें नियम लागू करने के निर्देश दिए जाएंगे और आदेश का पालन नहीं करने वाले संस्थानों की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस मुद्दे पर विधानसभा में विधायक </span>अतुल भातखालकर<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;और </span>अमित देशमुख<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;ने भी चर्चा में भाग लिया।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में मराठी अनिवार्य विषय, नियम उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई: शिक्षा मंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/delhi-hc-orders-private-schools-will-not-be-able-to-increase-fees-this-year-4141 ]]></guid><title><![CDATA[ दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, इस साल प्राइवेट स्कूल नहीं बढ़ा सकेंगे फीस ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/delhi-hc-orders-private-schools-will-not-be-able-to-increase-fees-this-year-4141 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 28 Feb 2026 17:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार की 1 फरवरी की उस अधिसूचना पर रोक लगा दी है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी के निजी स्कूलों को स्कूल-स्तरीय शुल्क विनियमन समितियां (SLFRC) गठित करने और अगले त ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार की 1 फरवरी की उस अधिसूचना पर रोक लगा दी है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी के निजी स्कूलों को स्कूल-स्तरीय शुल्क विनियमन समितियां (SLFRC) गठित करने और अगले तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए प्रस्तावित फीस संरचना जमा करने का निर्देश दिया गया था।</span></p><p>मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने आदेश दिया कि याचिकाओं के अंतिम निर्णय तक यह अधिसूचना स्थगित रहेगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अदालत ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए स्कूल पिछले वर्ष के समान फीस ही वसूल सकते हैं, जो मामले के अंतिम फैसले के अधीन होगी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi High Court Delhi stays government notification directing private schools to constitute school-level fee regulation committees and submit details of the proposed fee for the next three academic years. &lt;br&gt;&lt;br&gt;HC says schools can charge the same fee for the year 2026-27 as they… &lt;a href="https://t.co/5jB3AAViog"&gt;pic.twitter.com/5jB3AAViog&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Bar and Bench (@barandbench) &lt;a href="https://twitter.com/barandbench/status/2027674373084352978?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 28, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई 12 मार्च को होगी</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">खंडपीठ ने कहा कि मामले के लंबित रहने के दौरान&nbsp;</span>SLFRC<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;का गठन टालना उचित होगा। इसलिए अधिसूचना की धारा 3(1) और 3(2) को फिलहाल स्थगित रखा गया है। अदालत ने याचिकाओं की अंतिम सुनवाई 12 मार्च, 2026 को तय की है।</span></p><p class="blue-bg-white"><b><i>यह मामला 1 फरवरी को दिल्ली सरकार द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना से जुड़ा है, जिसमें निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को 10 दिनों (10 फरवरी तक) के भीतर SLFRC&nbsp;गठित करने और उसके बाद 14 दिनों के भीतर अगले तीन शैक्षणिक सत्रों के लिए प्रस्तावित फीस संरचना का विवरण प्रस्तुत करने को कहा गया था।</i></b></p><p><b>कई&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">स्कूल संगठनों ने इस आदेश को चुनौती दी</span></b></p><p>दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसायटी और एक्शन कमेटी ऑफ अनएडेड रिकग्नाइज्ड प्राइवेट स्कूल्स सहित कई स्कूल संगठनों ने इस आदेश को चुनौती दी। उनका कहना था कि यह अधिसूचना दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम में निर्धारित समय-सीमाओं को बदलती है, जो कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है।</p><p>शुक्रवार को हाईकोर्ट&nbsp;ने अंतरिम राहत पर विस्तृत सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि सरकार कार्यकारी अधिसूचना के जरिए वैधानिक समय-सीमाओं में बदलाव नहीं कर सकती।</p><p><b>'शिक्षा में व्यावसायीकरण और मुनाफाखोरी को रोकना है' -&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सॉलिसिटर जनरल</span></b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि अधिनियम के तहत समय-सीमाएं कठोर नहीं हैं और उन्हें उचित रूप से समायोजित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य शिक्षा में व्यावसायीकरण और मुनाफाखोरी को रोकना है, और इसके लागू होने में देरी से छात्रों और अभिभावकों पर अनियंत्रित फीस वृद्धि का असर पड़ सकता है।</i></b></p><p class="">इससे पहले, 9 फरवरी को हाईकोर्ट ने समितियों के गठन की 10 फरवरी की समय-सीमा बढ़ा दी थी। शिक्षा निदेशालय ने अपने जवाब में कहा कि 1 अप्रैल से अधिनियम लागू करना फीस नियमन सुनिश्चित करने और शोषणकारी प्रथाओं पर रोक लगाने के लिए आवश्यक है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, इस साल प्राइवेट स्कूल नहीं बढ़ा सकेंगे फीस ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jnusu-strongly-condemns-police-action-on-campus-4135 ]]></guid><title><![CDATA[ JNUSU ने की कैंपस में पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा, पुलिसकर्मी डॉ. आंबेडकर का चित्र फाड़ते दिखे... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jnusu-strongly-condemns-police-action-on-campus-4135 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 27 Feb 2026 17:38:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली,भारत:&nbsp;जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) ने शुक्रवार को शिक्षा मंत्रालय (MoE) तक निकाले गए “लॉन्ग मार्च” के दौरान पुलिस कार्रवाई और 50 से अधिक छात्रों की सामूहिक हिरास ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <article class="text-token-text-primary w-full focus:outline-none [--shadow-height:45px] has-data-writing-block:pointer-events-none has-data-writing-block:-mt-(--shadow-height) has-data-writing-block:pt-(--shadow-height) [&amp;:has([data-writing-block])&gt;*]:pointer-events-auto scroll-mt-(--header-height)" tabindex="-1" dir="auto" data-turn-id="d7c42c34-98fe-4a69-afa1-87bdb4c359c2" data-testid="conversation-turn-11" data-scroll-anchor="false" data-turn="user"></article><article class="text-token-text-primary w-full focus:outline-none [--shadow-height:45px] has-data-writing-block:pointer-events-none has-data-writing-block:-mt-(--shadow-height) has-data-writing-block:pt-(--shadow-height) [&amp;:has([data-writing-block])&gt;*]:pointer-events-auto scroll-mt-[calc(var(--header-height) min(200px,max(70px,20svh)))]" tabindex="-1" dir="auto" data-turn-id="request-WEB:8708c357-6306-4f3a-acc8-abd8bf4accdd-5" data-testid="conversation-turn-12" data-scroll-anchor="false" data-turn="assistant"><div class="text-base my-auto mx-auto [--thread-content-margin:--spacing(4)] @w-sm/main:[--thread-content-margin:--spacing(6)] @w-lg/main:[--thread-content-margin:--spacing(16)] px-(--thread-content-margin)"><div tabindex="-1" class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn"><div class="flex max-w-full flex-col grow"><div data-message-author-role="assistant" data-message-id="47685191-1fa5-4a2c-8fdb-08b4055c3869" dir="auto" data-message-model-slug="gpt-5-2" class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal [.text-message &amp;]:mt-1"><div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden first:pt-[1px]"><div class="markdown prose dark:prose-invert w-full wrap-break-word light markdown-new-styling"><p data-start="0" data-end="101"><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली,भारत:</b>&nbsp;जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) ने शुक्रवार को शिक्षा मंत्रालय (MoE) तक निकाले गए “लॉन्ग मार्च” के दौरान पुलिस कार्रवाई और 50 से अधिक छात्रों की सामूहिक हिरासत पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।</span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="font-size: 1rem;">प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई, जिसमें जेएनयू के 14 छात्र और&nbsp;</span>JNUSU<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;के तीन पदाधिकारी भी शामिल हैं, उन्हें गिरफ्तार किया गया था। पटियाला हाउस कोर्ट ने सभी छात्रों को 25,000 रुपये के जमानती बॉन्ड पर जमानत दे दी है।</span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;JNU Student Union protest violence | 14 people have been arrested so far in the case.&lt;br&gt;&lt;br&gt;The arrested persons include:&lt;br&gt;1. Nitish Kumar (former JNUSU president)&lt;br&gt;2. ⁠Aditi Mishra (JNUSU president) &lt;br&gt;3. ⁠Gopika Babu (JNUSU Vice President)&lt;br&gt;4. ⁠Danish Ali (JNUSU Joint Secretary)&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2027213022343872976?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 27, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p data-start="0" data-end="101"><b>कुलपति को तत्काल हटाने की मांग पर अड़े प्रदर्शकारी</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="font-size: 1rem;">JNUSU</span>&nbsp;ने बयान में कहा कि “लॉन्ग मार्च” रोहित एक्ट लागू करने, विश्वविद्यालय के फंड की बहाली और&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कुलपति शांतिश्री धुलीपुडी पंडित</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;(Santishree D Pandit) को उनके कथित जातिवादी बयान और “कैंपस में भ्रष्टाचार में मिलीभगत” के आरोपों के कारण तत्काल हटाने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।</span></p><p data-start="0" data-end="101"><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/02/JNU_fb372e807d2c34935afe4cdce45ac205_1600X1200.webp" style="width: 599.438px;"><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p data-start="0" data-end="101">बता दें कि 16 फरवरी को एक पॉडकास्ट में दलितों और अश्वेतों को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। उन्हीं टिप्पणियों के चलते प्रदर्शनकारी कुलपति के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">JNUSU&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने जानबूझकर मुख्य द्वार को जंजीरों से बंद कर दिया और प्रदर्शनकारियों को कैंपस के भीतर रोकने के लिए कई परतों में बैरिकेडिंग की।</span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="font-size: 1rem;"><b>पुलिस पर 50 छात्रों को जबरन बसों में ले जाने का आरोप लगाया</b></span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="font-size: 1rem;">JNUSU</span>&nbsp;ने आरोप लगाया कि&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जब छात्रों ने सामूहिक रूप से आगे बढ़ने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का दावा किया, तो पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया। करीब 50 छात्रों को जबरन बसों में भरकर विभिन्न थानों में ले जाया गया। कई छात्राओं सहित अनेक छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। चोटों के बावजूद पुलिस ने चिकित्सीय सहायता देने से इनकार किया। इतना ही नहीं, गहरी असम्मानजनक कार्रवाई करते हुए पुलिसकर्मी डॉ. बी.आर. आंबेडकर का चित्र फाड़ते हुए देखे गए, जो इस कार्रवाई के जातिवादी स्वरूप को दर्शाता है।</span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | The recent protest at Jawaharlal Nehru University (JNU) in Delhi escalated into violence, leading to the detention of 51 students, with heavy deployment of Delhi Police. More details awaited.&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Full video available on PTI Videos - &lt;a href="https://t.co/n147TvrpG7"&gt;https://t.co/n147TvrpG7&lt;/a&gt;) &lt;a href="https://t.co/PWJ9na2wfG"&gt;pic.twitter.com/PWJ9na2wfG&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2027103920460616103?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 26, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p data-start="0" data-end="101"><b>पुलिस-प्रदर्शनकारियों में हुई झड़प में कई घायल</b></p><p data-start="0" data-end="101">वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय का बंद मुख्य द्वार तोड़ दिया और लगाए गए बैरिकेड्स पार कर मार्च निकालने की कोशिश की, जिससे झड़प हुई और कई पुलिसकर्मी घायल हुए।</p><p data-start="0" data-end="101"><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi: Several police personnel were injured during a JNU students&amp;#39; protest today after some protesters allegedly threw stones and shoes at Delhi police, according to sources. Further details are awaited. &lt;a href="https://t.co/q7WDPYDs0z"&gt;pic.twitter.com/q7WDPYDs0z&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2027026764262998378?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 26, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p data-start="0" data-end="101">दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी अमित गोयल ने कहा,&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">“हमने उनसे अनुरोध किया कि वे परिसर के अंदर ही विरोध करें, बाहर नहीं, क्योंकि उन्हें अनुमति नहीं दी गई थी। उन्हें यह भी बताया गया कि यदि वे प्रतिनिधिमंडल भेजना चाहें तो सुविधा दी जा सकती है। लेकिन उन्होंने इन सभी अनुरोधों की अनदेखी की, 400-500 लोग इकट्ठा किए, गेट तोड़ा और करीब 3 बजे बाहर निकल आए, यह कहते हुए कि वे बाहर मार्च करेंगे।”</span></p><p data-start="0" data-end="101"><b>पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लगाए गंभीर आरोप</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p data-start="0" data-end="101">पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा कर्मियों के साथ हाथापाई की। दिल्ली पुलिस के अनुसार प्रदर्शन हिंसक हो गया और प्रदर्शनकारियों ने “बैनर और डंडे फेंके, जूते उछाले और यहां तक कि पुलिसकर्मियों को काटा,” जिसके बाद कानून का उल्लंघन करने वालों को हिरासत में लिया गया।</p><p data-start="0" data-end="101"><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi | DCP South West district, Amit Goel, says, &amp;quot;Today, JNUSU called for a protest. A long march from the JNU campus, Sabarmati Tea Point, to the Ministry of Education. Yesterday, they were tried to reason with that they should conduct any protests inside the campus,… &lt;a href="https://t.co/gjjBciSOAi"&gt;pic.twitter.com/gjjBciSOAi&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2027219904060117084?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 27, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><b><span style="font-size: 1rem;">प्रदर्शनकारियों ने नहीं किया</span>&nbsp;वैध आदेशों का पालन</b></p><p data-start="0" data-end="101">पुलिस के बयान में कहा गया,&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">“प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड्स क्षतिग्रस्त हुए और स्थिति हिंसक हो गई। कई पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रदर्शनकारियों को जेएनयू के नॉर्थ गेट पर रोका गया और धीरे-धीरे परिसर के अंदर वापस भेजा गया। जो लोग हिंसक हुए और वैध आदेशों का पालन नहीं किया, उन्हें हिरासत में लिया गया। आगे की जानकारी समय आने पर साझा की जाएगी।”</span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi | DCP South West district, Amit Goel, says, &amp;quot;Today, JNUSU called for a protest. A long march from the JNU campus, Sabarmati Tea Point, to the Ministry of Education. Yesterday, they were tried to reason with that they should conduct any protests inside the campus,… &lt;a href="https://t.co/jtQPRA54TR"&gt;pic.twitter.com/jtQPRA54TR&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2027089519997304991?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 26, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p data-start="0" data-end="101"><span style="font-size: 1rem;"><b>UGC के नए नियमों पर हुआ था विवाद</b></span></p><p data-start="0" data-end="101">विवाद की जड़ 2026 के प्रस्तावित यूजीसी इक्विटी (एंटी-डिस्क्रिमिनेशन) विनियमों पर चर्चा के दौरान कुलपति संतिश्री डी पंडित की पॉडकास्ट में की गई टिप्पणियां हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित क्लिप में उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि दलित और अश्वेत “हमेशा पीड़ित बने रहकर या पीड़ित कार्ड खेलकर प्रगति नहीं कर सकते,” जिस पर छात्र संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, कुलपति ने स्पष्टीकरण दिया है कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर “राजनीतिक उद्देश्यों” के लिए गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।</span></p></div></div></div></div></div></div></article> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ JNUSU ने की कैंपस में पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा, पुलिसकर्मी डॉ. आंबेडकर का चित्र फाड़ते दिखे... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/pariksha-pe-charcha-2026-pm-modi-gives-success-mantras-to-students-4088 ]]></guid><title><![CDATA[ परीक्षा पे चर्चा 2026: पीएम मोदी ने छात्रों को दिए सफलता के मंत्र ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/pariksha-pe-charcha-2026-pm-modi-gives-success-mantras-to-students-4088 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 20 Feb 2026 12:42:12 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ 9वां संस्करण और रिकॉर्ड भागीदारी
इस वर्ष 'परीक्षा पे चर्चा' ने भागीदारी के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2026 के इस संस्करण के लिए देश भर से 4.5 करोड़ से अधिक  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p data-path-to-node="2"><b data-path-to-node="2" data-index-in-node="0">9वां संस्करण और रिकॉर्ड भागीदारी</b>
इस वर्ष 'परीक्षा पे चर्चा' ने भागीदारी के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2026 के इस संस्करण के लिए देश भर से <b data-path-to-node="2" data-index-in-node="181">4.5 करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों</b> ने पंजीकरण कराया। यह कार्यक्रम 6 फरवरी को सुबह 10:00 बजे से लाइव प्रसारित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने न केवल दिल्ली के प्रगति मैदान (भारत मंडपम) से छात्रों को संबोधित किया, बल्कि पहली बार 'मल्टी-लोकेशन फॉर्मेट' के जरिए देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर और गुवाहाटी जैसे शहरों के छात्रों से भी सीधे बातचीत की। इस विकेंद्रीकृत दृष्टिकोण ने कार्यक्रम को अधिक समावेशी और प्रभावशाली बनाया।</p><p data-path-to-node="3"><b data-path-to-node="3" data-index-in-node="0">एआई (AI) और आधुनिक चुनौतियों पर मार्गदर्शन</b>
पीएम मोदी ने इस बार के संवाद में आधुनिक तकनीक, विशेषकर <b data-path-to-node="3" data-index-in-node="98">आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)</b> के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे एआई से डरे नहीं, बल्कि इसे अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए एक 'उपकरण' की तरह इस्तेमाल करें। प्रधानमंत्री ने कहा, "एआई को अपना मास्टर न बनने दें, बल्कि इसका उपयोग अपनी जिज्ञासा और सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए करें।" इसके अलावा, उन्होंने छात्रों को 'एग्जाम वॉरियर' बनने की प्रेरणा देते हुए रटने के बजाय सीखने पर ध्यान केंद्रित करने और समय प्रबंधन (Time Management) के गुर सिखाए। उन्होंने 'सोशल मीडिया' और 'गेमिंग' जैसे विकर्षणों को संतुलित करने के व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए।</p><p data-path-to-node="4"><b data-path-to-node="4" data-index-in-node="0">परीक्षाओं को उत्सव बनाने की अपील</b>
प्रधानमंत्री ने अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अंकों का अनावश्यक दबाव न डालें। उन्होंने अपनी पुस्तक <b data-path-to-node="4" data-index-in-node="154">'एग्जाम वॉरियर्स'</b> के सूत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षाएं जीवन का केवल एक हिस्सा हैं, पूरा जीवन नहीं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने छात्रों को अपनी हॉबी और शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की सलाह दी। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों ने अपनी कलाकृतियां और नवाचार भी प्रदर्शित किए। 'परीक्षा पे चर्चा 2026' ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आत्मविश्वास और सही मानसिक स्थिति ही किसी भी परीक्षा में सफलता की असली कुंजी है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ परीक्षा पे चर्चा 2026: पीएम मोदी ने छात्रों को दिए सफलता के मंत्र ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jee-main-2026-session-1-results-released-12-students-score-100-percentile-4087 ]]></guid><title><![CDATA[ JEE Main 2026 सेशन 1 रिजल्ट जारी; 12 छात्रों ने हासिल किया 100 परसेंटाइल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/jee-main-2026-session-1-results-released-12-students-score-100-percentile-4087 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 20 Feb 2026 12:34:13 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नतीजों की घोषणा और मुख्य आंकड़े:
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 16 फरवरी 2026 को जेईई मेन (JEE Main) सेशन 1 के परिणामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस वर्ष जनवरी सत्र की परीक्षा में रिकॉर्ड 13.04 लाख ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p data-path-to-node="2"><b data-path-to-node="2" data-index-in-node="0">नतीजों की घोषणा और मुख्य आंकड़े:</b>
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने <b data-path-to-node="2" data-index-in-node="64">16 फरवरी 2026</b> को जेईई मेन (JEE Main) सेशन 1 के परिणामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस वर्ष जनवरी सत्र की परीक्षा में रिकॉर्ड <b data-path-to-node="2" data-index-in-node="190">13.04 लाख से अधिक छात्र</b> शामिल हुए थे, जो कि कुल पंजीकृत 13.55 लाख उम्मीदवारों का लगभग 96.26% है। परीक्षा 21 जनवरी से 29 जनवरी के बीच देश-विदेश के 658 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। छात्र अपना स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट <b data-path-to-node="2" data-index-in-node="408">jeemain.nta.nic.in</b> पर जाकर अपने आवेदन संख्या और जन्म तिथि के माध्यम से देख और डाउनलोड कर सकते हैं।</p><p data-path-to-node="3"><b data-path-to-node="3" data-index-in-node="0">टॉपर्स और स्कोरकार्ड का विवरण:</b>
इस बार के परिणामों में 12 छात्रों ने <b data-path-to-node="3" data-index-in-node="68">परफेक्ट 100 परसेंटाइल</b> हासिल कर इतिहास रच दिया है। टॉपर्स की सूची में दिल्ली के <b data-path-to-node="3" data-index-in-node="147">श्रेयस मिश्रा</b> (AIR 1) के साथ राजस्थान के कबीर छिल्लर, चिरंजीव कार और अर्णव गौतम शामिल हैं। राजस्थान इस वर्ष सबसे अधिक टॉपर्स देने वाला राज्य बनकर उभरा है। स्कोरकार्ड में छात्रों के विषय-वार (भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित) परसेंटाइल के साथ-साथ कुल एनटीए स्कोर (NTA Score) भी दिया गया है। विशेष रूप से, कबीर छिल्लर और पासला मोहित जैसे छात्रों ने <b data-path-to-node="3" data-index-in-node="491">300 में से 300</b> का पूर्ण अंक हासिल किया है, जो उनकी असाधारण तैयारी को दर्शाता है।</p><p data-path-to-node="4"><b data-path-to-node="4" data-index-in-node="0">आगे की राह और सत्र 2 की तैयारी:</b>
रिजल्ट घोषित होने के साथ ही <b data-path-to-node="4" data-index-in-node="60">सत्र 2 (अप्रैल सत्र)</b> के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। जो छात्र अपने वर्तमान स्कोर से संतुष्ट नहीं हैं, वे 2 अप्रैल से 9 अप्रैल 2026 के बीच होने वाली दूसरी परीक्षा में सुधार के लिए शामिल हो सकते हैं। ध्यान रहे कि दोनों सत्रों में से छात्र के <b data-path-to-node="4" data-index-in-node="313">सर्वश्रेष्ठ स्कोर (Best Score)</b> को ही फाइनल मेरिट और ऑल इंडिया रैंक के लिए माना जाएगा। इसके अलावा, शीर्ष 2.5 लाख सफल छात्र <b data-path-to-node="4" data-index-in-node="435">JEE Advanced 2026</b> के लिए क्वालीफाई करेंगे, जो आईआईटी (IIT) में प्रवेश का द्वार है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि जनरल कैटेगरी के लिए क्वालीफाइंग कट-ऑफ इस बार 90-91 परसेंटाइल के आसपास रह सकता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ JEE Main 2026 सेशन 1 रिजल्ट जारी; 12 छात्रों ने हासिल किया 100 परसेंटाइल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/yogi-government-abhyudaya-scheme-now-prepare-for-ias-pcs-for-free-4086 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार की अभ्युदय योजना: अब मुफ्त में करें IAS-PCS की तैयारी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/education-news/yogi-government-abhyudaya-scheme-now-prepare-for-ias-pcs-for-free-4086 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 20 Feb 2026 12:23:55 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ योजना का मुख्य उद्देश्य और लाभमुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का प्राथमिक लक्ष्य उन प्रतिभावान छात्रों को मंच प्रदान करना है, जो भारी-भरकम फीस के कारण निजी कोचिंग संस्थानों में दाखिला नहीं ले पाते। इस योजना ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>योजना का मुख्य उद्देश्य और लाभ</b></p><p>मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का प्राथमिक लक्ष्य उन प्रतिभावान छात्रों को मंच प्रदान करना है, जो भारी-भरकम फीस के कारण निजी कोचिंग संस्थानों में दाखिला नहीं ले पाते। इस योजना के तहत छात्रों को न केवल अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलता है, बल्कि IAS और IPS अधिकारियों द्वारा सीधी मेंटरशिप भी दी जाती है। छात्र ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, छात्रों को मुफ्त स्टडी मटेरियल, डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा और नियमित रूप से डाउट-क्लियरिंग सत्र भी उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि उनकी तैयारी में कोई बाधा न आए।</p><p><b>पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया</b></p><p>इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) छात्र इसके लिए पात्र हैं। आवेदन करने के लिए छात्रों को आधिकारिक पोर्टल abhyuday.up.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना होता है। पंजीकरण के बाद, एक चयन परीक्षा (Entrance Exam) आयोजित की जाती है, जिसके आधार पर मेधावी छात्रों का चयन कोचिंग के लिए किया जाता है। 2025-26 सत्र के लिए कई जनपदों में कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं और समय-समय पर नए बैच के लिए आवेदन मांगे जाते हैं।</p><p><b>सफलता की नई इबारत और प्रशासनिक सहयोग</b></p><p class="blue-bg-white">अभ्युदय योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका प्रशासनिक ढांचा है। प्रत्येक मंडल स्तर पर इस योजना की निगरानी मंडलायुक्त (Divisional Commissioner) की अध्यक्षता में की जाती है। हाल के वर्षों में, इस योजना से पढ़े हुए कई छात्रों ने UPPSC और अन्य परीक्षाओं में शीर्ष रैंक हासिल कर इसकी सार्थकता सिद्ध की है। सरकार अब इस मॉडल को और अधिक हाई-टेक बना रही है, जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेषज्ञ लेक्चर और रीयल-टाइम क्विज़ शामिल किए जा रहे हैं। यदि आप भी सिविल सेवा या मेडिकल-इंजीनियरिंग में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो यह योजना आपके सपनों को उड़ान देने का सबसे सशक्त माध्यम है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार की अभ्युदय योजना: अब मुफ्त में करें IAS-PCS की तैयारी ]]></media:description></item></channel></rss>