<?xml version='1.0' encoding='UTF-8' ?><rss xmlns:content='http://purl.org/rss/1.0/modules/content/' xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/'  version='2.0'><channel><title>GTC Bharat</title><link>https://www.gtcbharat.com</link><lastBuildDate><![CDATA[Sun, 23 Aug 2026 17:58:34 +0530 ]]></lastBuildDate><language>en</language><image><title>GTC Bharat</title><url>https://media.gtcbharat.com/uploads/GTC-Bhart.svg</url><link>https://www.gtcbharat.com</link></image><description>GTC Bharat: Hindi News(हिंदी न्यूज़): Bharat की ताज़ा खबरें | Hindi News, हिंदी समाचार </description><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/himachal-news/bjp-observes-emergency-black-day-himachal-rajiv-bindal-statement-5115 ]]></guid><title><![CDATA[ हिमाचल में भाजपा ने मनाया 'काला दिवस', आपातकाल को बताया संवैधानिक हत्या... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/himachal-news/bjp-observes-emergency-black-day-himachal-rajiv-bindal-statement-5115 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 25 Jun 2026 19:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ शिमला, हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ को 'काला दिवस' के रूप में मनाया। इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी और संगोष्ठी में भाजपा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>शिमला, हिमाचल प्रदेश:</b> हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ को 'काला दिवस' के रूप में मनाया। इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी और संगोष्ठी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस पर लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. राजीव बिंदल ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताते हुए इसे "संवैधानिक हत्या" करार दिया।</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></p><p>उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अदालत के फैसले के बाद सत्ता छोड़ने के बजाय देश में आपातकाल लागू कर लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों का दमन किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "51 वर्ष पहले संविधान और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंट दिया गया था। अदालत का फैसला अपने खिलाफ आने के बाद इंदिरा गांधी ने इस्तीफा देने की बजाय आपातकाल लागू कर दिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को दबाने का प्रयास किया।"</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Some nightmares never end. The Emergency still lives in the memories of those who suffered through it.&lt;br&gt;&lt;br&gt;𝐈𝐧𝐝𝐢𝐫𝐚 𝐆𝐚𝐧𝐝𝐡𝐢 𝐝𝐢𝐝 𝐧𝐨𝐭 𝐬𝐩𝐚𝐫𝐞 𝐞𝐯𝐞𝐧 𝐜𝐡𝐢𝐥𝐝𝐫𝐞𝐧. 𝐒𝐦𝐭. 𝐒𝐮𝐧𝐢𝐭𝐚&amp;#39;𝐬 𝐟𝐚𝐦𝐢𝐥𝐲, 𝐢𝐧𝐜𝐥𝐮𝐝𝐢𝐧𝐠 𝐭𝐨𝐝𝐝𝐥𝐞𝐫𝐬, 𝐰𝐚𝐬 𝐣𝐚𝐢𝐥𝐞𝐝… &lt;a href="https://t.co/gmWU67wARt"&gt;pic.twitter.com/gmWU67wARt&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; BJP Himachal Pradesh (@BJP4Himachal) &lt;a href="https://x.com/BJP4Himachal/status/2070122335143657935?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया-&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">भाजपा प्रदेश अध्यक्ष</span></b></p><p>भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि 19 महीने तक चले आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया, मीडिया पर सेंसरशिप लागू की गई और हजारों राजनीतिक विरोधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा लोकतंत्र समर्थकों को जेलों में बंद कर दिया गया।</p><p>उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की सत्ता बचाने के लिए एक लाख से अधिक लोगों को जेल भेजा गया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, चंद्रशेखर, राजनारायण और जयप्रकाश नारायण सहित कई बड़े नेताओं को हिरासत में लिया गया था। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के तत्कालीन सरसंघचालक बालासाहेब देवरस और हजारों स्वयंसेवकों को भी जेल में डाला गया।</p><p><b>संविधान की मूल भावना से छेड़छाड़ की गई-&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">भाजपा प्रदेश अध्यक्ष</span></b></p><p>राजीव बिंदल ने कहा कि आपातकाल का उद्देश्य नेहरू-गांधी परिवार के राजनीतिक हितों की रक्षा करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान संविधान की मूल भावना से छेड़छाड़ की गई और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया।</p><p>उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और नई पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास से अवगत कराने के लिए भाजपा हर वर्ष इस दिन को याद करती है। "आज का युवा वर्ग उस दौर का प्रत्यक्ष गवाह नहीं है। इसलिए यह जरूरी है कि उन्हें बताया जाए कि किस प्रकार लोकतांत्रिक अधिकारों को निलंबित किया गया था और संविधान की रक्षा क्यों आवश्यक है।"</p><p><b>आपातकाल से जुड़े प्रमुख घटनाक्रमों&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">को प्रदर्शित किया गया</span></b></p><p>इस अवसर पर भाजपा द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में आपातकाल से जुड़े प्रमुख घटनाक्रमों को प्रदर्शित किया गया। वहीं संगोष्ठी में लोकतंत्र, शासन व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं पर आपातकाल के प्रभावों पर चर्चा की गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राज्यभर में आयोजित कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक स्वतंत्रताओं की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पार्टी नेताओं ने कहा कि आपातकाल का दौर देश को यह याद दिलाता है कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सतत जागरूकता आवश्यक है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ हिमाचल में भाजपा ने मनाया 'काला दिवस', आपातकाल को बताया संवैधानिक हत्या... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/himachal-news/grand-sports-competitions-organised-in-dharamshala-4059 ]]></guid><title><![CDATA[ धर्मशाला में खेल प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/himachal-news/grand-sports-competitions-organised-in-dharamshala-4059 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 19 Feb 2026 13:17:45 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ हिमाचल के&nbsp;धर्मशाला&nbsp;में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, कबड्डी और फुटबॉल में भाग लिया।खेल विभाग के अधिकारियों ने कहा कि युवाओं क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p data-start="4098" data-end="4294">हिमाचल के<b>&nbsp;धर्मशाला&nbsp;</b><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, कबड्डी और फुटबॉल में भाग लिया।</span></p><p data-start="4296" data-end="4481">खेल विभाग के अधिकारियों ने कहा कि युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के लिए इस प्रकार के आयोजन आवश्यक हैं। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं की घोषणा की है।</p><p data-start="4483" data-end="4647">स्थानीय दर्शकों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। विशेषज्ञों का मानना है कि खेल गतिविधियों से युवाओं में अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ता है।</p><p data-start="4649" data-end="4745">सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकती हैं।</p><p>



</p><p data-start="4747" data-end="4816">इन आयोजनों से प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ धर्मशाला में खेल प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/himachal-news/road-project-in-kullu-gets-new-momentum-4058 ]]></guid><title><![CDATA[ कुल्लू में सड़क परियोजना को मिली नई गति ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/himachal-news/road-project-in-kullu-gets-new-momentum-4058 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 19 Feb 2026 13:16:23 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ हिमाचल के&nbsp;कुल्लू&nbsp; जिले में एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को नई गति मिली है। यह परियोजना पहाड़ी क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।लोक निर्माण विभाग के अनुस ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p data-start="3338" data-end="3552">हिमाचल के&nbsp;<b>कुल्लू</b>&nbsp; जिले में एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को नई गति मिली है। यह परियोजना पहाड़ी क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।</p><p data-start="3554" data-end="3695">लोक निर्माण विभाग के अनुसार, परियोजना के तहत कई पुलों और सुरंगों का निर्माण किया जाएगा। इससे यात्रा समय कम होगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।</p><p data-start="3697" data-end="3798">स्थानीय निवासियों का कहना है कि बेहतर सड़क सुविधा से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।</p><p data-start="3800" data-end="3954">पर्यावरण विशेषज्ञों ने निर्माण कार्य के दौरान पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की सलाह दी है। सरकार का कहना है कि सभी पर्यावरणीय मानकों का पालन किया जाएगा।</p><p>



</p><p data-start="3956" data-end="4040">यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ कुल्लू में सड़क परियोजना को मिली नई गति ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/himachal-news/apple-growers-demand-increase-in-support-price-4057 ]]></guid><title><![CDATA[ सेब उत्पादकों ने समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/himachal-news/apple-growers-demand-increase-in-support-price-4057 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 19 Feb 2026 13:14:56 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों ने फसल के लिए बेहतर समर्थन मूल्य की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि परिवहन और पैकेजिंग लागत में वृद्धि से उनकी आय प्रभावित हो रही है। राज्य के कई जिलों में किसान संग ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p data-start="2500" data-end="2749">हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों ने फसल के लिए बेहतर समर्थन मूल्य की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि परिवहन और पैकेजिंग लागत में वृद्धि से उनकी आय प्रभावित हो रही है। राज्य के कई जिलों में किसान संगठनों ने बैठक कर अपनी रणनीति तय की।</p><p data-start="2751" data-end="2972">किसानों ने सरकार से मांग की है कि सेब की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की जाए। बागवानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं और बदलते मौसम पैटर्न के कारण उत्पादन लागत बढ़ रही है।</p><p data-start="2974" data-end="3175">कृषि विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि किसानों की मांगों पर विचार किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सेब उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे संरक्षण की आवश्यकता है।</p><p>


</p><p data-start="3177" data-end="3285">यदि किसानों की मांगों पर सकारात्मक कदम उठाए जाते हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिरता बढ़ सकती है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सेब उत्पादकों ने समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/himachal-news/shimla-gears-up-for-tourist-season-4056 ]]></guid><title><![CDATA[ शिमला में पर्यटन सीजन की तैयारियां तेज ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/himachal-news/shimla-gears-up-for-tourist-season-4056 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 19 Feb 2026 13:13:35 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ राजधानी शिमला&nbsp;में आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग ने होटल, सड़क और सार्वजनिक सुविधाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। बर्फबारी के बाद बड़ी संख ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p data-start="1560" data-end="1856">राजधानी <b>शिमला</b>&nbsp;में आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग ने होटल, सड़क और सार्वजनिक सुविधाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। बर्फबारी के बाद बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p data-start="1858" data-end="2022">पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि इस वर्ष होटल बुकिंग में वृद्धि देखी जा रही है। राज्य सरकार ने पर्यटकों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन और सूचना केंद्र सक्रिय किए हैं।</p>
<p data-start="2024" data-end="2191">पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक उपयोग पर सख्ती बरती जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि स्वच्छता अभियान और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।</p>
<p data-start="2193" data-end="2297">स्थानीय व्यापारियों को उम्मीद है कि पर्यटन से आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।</p>
<p data-start="2299" data-end="2439">हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अनियंत्रित पर्यटन से पर्यावरण पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए संतुलित और सतत पर्यटन नीति की आवश्यकता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ शिमला में पर्यटन सीजन की तैयारियां तेज ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/himachal-news/administration-busy-in-restoring-normal-life-after-snowfall-4055 ]]></guid><title><![CDATA[ बर्फबारी के बाद जनजीवन सामान्य करने में जुटा प्रशासन ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/himachal-news/administration-busy-in-restoring-normal-life-after-snowfall-4055 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 19 Feb 2026 13:10:40 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हाल ही में हुई भारी बर्फबारी के बाद जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू किया है। शिमला, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जैसे इलाकों में सड़कों  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p data-start="289" data-end="673">हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हाल ही में हुई भारी बर्फबारी के बाद जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू किया है। शिमला, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जैसे इलाकों में सड़कों पर जमी बर्फ हटाने के लिए मशीनों और कर्मचारियों की टीमें लगातार काम कर रही हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई थी, जिसे बहाल करने के प्रयास जारी हैं।</p><p data-start="675" data-end="914">राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को खोलने को प्राथमिकता दी गई है ताकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रहे। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों को भी सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।</p><p data-start="916" data-end="1128">बर्फबारी से सेब और अन्य फसलों को आंशिक लाभ होने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि पर्याप्त ठंड से फलों की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। हालांकि कुछ किसानों ने अत्यधिक बर्फ से बागानों को नुकसान की आशंका भी जताई है।</p><p data-start="1130" data-end="1295">स्कूलों में सुरक्षा को देखते हुए कुछ जिलों में अवकाश घोषित किया गया है। परिवहन विभाग ने पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय चेन और विशेष टायर के उपयोग की सलाह दी है।</p><p>



</p><p data-start="1297" data-end="1508">विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी राज्यों में इस तरह की मौसमी चुनौतियों से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना आवश्यक है। सरकार का दावा है कि आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया गया है और भविष्य में बेहतर तैयारी की जाएगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ बर्फबारी के बाद जनजीवन सामान्य करने में जुटा प्रशासन ]]></media:description></item></channel></rss>