<?xml version='1.0' encoding='UTF-8' ?><rss xmlns:content='http://purl.org/rss/1.0/modules/content/' xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/'  version='2.0'><channel><title>GTC Bharat</title><link>https://www.gtcbharat.com</link><lastBuildDate><![CDATA[Thu, 25 Jun 2026 00:38:27 +0530 ]]></lastBuildDate><language>en</language><image><title>GTC Bharat</title><url>https://media.gtcbharat.com/uploads/GTC-Bhart.svg</url><link>https://www.gtcbharat.com</link></image><description>GTC Bharat: Hindi News(हिंदी न्यूज़): Bharat की ताज़ा खबरें | Hindi News, हिंदी समाचार </description><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/shiv-sena-ubt-crisis-6-mps-join-shinde-camp-om-birla-meeting-5092 ]]></guid><title><![CDATA[ शिवसेना (UBT) में बड़ी टूट के बाद हलचल, लोकसभा अध्यक्ष ने बुलाई अहम बैठक ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/shiv-sena-ubt-crisis-6-mps-join-shinde-camp-om-birla-meeting-5092 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 24 Jun 2026 13:30:31 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट को बड़ा झटका लगने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी के छह लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>महाराष्ट्र की राजनीति में <b>शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)</b> गुट को बड़ा झटका लगने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी के छह लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के बाद अब मामला संसद तक पहुंच गया है। इस घटनाक्रम के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार शाम एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता अपना पक्ष रखेंगे।</p><p>सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (UBT) के सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई शाम को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखते हुए मांग कर सकते हैं कि बागी सांसदों के समूह को अलग संसदीय गुट के रूप में मान्यता न दी जाए।</p><h5 class=""><b>छह सांसदों के जाने से बढ़ी मुश्किलें</b></h5><p>हाल ही में शिवसेना (UBT) के छह लोकसभा सांसदों ने आधिकारिक तौर पर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया। इनमें संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमप्रकाश निम्बालकर, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख और नागेश पाटिल अष्टीकर शामिल हैं।</p><p>इन सांसदों के जाने को शिंदे गुट की बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है। इस कदम से लोकसभा में उद्धव ठाकरे गुट की स्थिति कमजोर हुई है और महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना बढ़ गई है।</p><h5 class=""><b>संजय राउत का तीखा हमला</b></h5><p>घटनाक्रम के बाद शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए महाराष्ट्र के "गद्दारों" के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की बात कही।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;ना थके कभी पैर &lt;br&gt;ना कभी हिम्मत हारी है..&lt;br&gt;लडना है महाराष्ट्र के गद्दारो के खिलाफ &lt;br&gt;होंसला है बुलंद &lt;br&gt;सफर जारी है!&lt;br&gt;जय महाराष्ट्र &lt;br&gt;जय भवानी &lt;br&gt;जय शिवाजी! &lt;a href="https://t.co/kyVK2Fl9Dt"&gt;pic.twitter.com/kyVK2Fl9Dt&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Sanjay Raut (@rautsanjay61) &lt;a href="https://x.com/rautsanjay61/status/2069629026973692370?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><p>राउत ने अपने संदेश में कहा कि उनका संघर्ष जारी रहेगा और पार्टी अपने सिद्धांतों से पीछे नहीं हटेगी। उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई है।</p><h5 class=""><b>आदित्य ठाकरे ने भी साधा निशाना</b></h5><p>उद्धव ठाकरे के पुत्र और शिवसेना (UBT) विधायक आदित्य ठाकरे ने भी एकनाथ शिंदे पर हमला बोलते हुए उन्हें लेकर तीखी टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं को जनता के बीच जवाब देना होगा।</p><p>आदित्य ठाकरे लगातार शिंदे गुट को निशाने पर लेते रहे हैं और इस ताजा घटनाक्रम के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता और बढ़ गई है।</p><h5 class=""><b>शिंदे गुट का पलटवार</b><br></h5><p>वहीं, शिंदे गुट के सांसद नरेश म्हस्के ने दावा किया कि यह सब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर लोगों के भरोसे का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार मजबूत हो रही है और आने वाले समय में और भी नेता शिंदे गुट का समर्थन कर सकते हैं।<br></p><p>म्हस्के ने शिवसेना (UBT) नेतृत्व, खासकर संजय राउत पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। उनका आरोप है कि संगठन के कई कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि मौजूदा नेतृत्व की कार्यशैली से नाराज हैं।</p><h5 class=""><b>आगे क्या होगा?</b></h5><p>अब सबकी नजर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ होने वाली बैठक पर टिकी है। इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि संसद में बागी सांसदों की स्थिति क्या होगी और उद्धव ठाकरे गुट की आगे की रणनीति क्या रहेगी।</p><p>राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम केवल पार्टी संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति और आगामी चुनावी समीकरणों पर भी इसका असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में शिवसेना की अंदरूनी लड़ाई और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ शिवसेना (UBT) में बड़ी टूट के बाद हलचल, लोकसभा अध्यक्ष ने बुलाई अहम बैठक ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/supreme-court-private-medical-college-fees-ews-petition-rejected-5091 ]]></guid><title><![CDATA[ निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, EWS से जुड़ी याचिका खारिज ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/supreme-court-private-medical-college-fees-ews-petition-rejected-5091 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 24 Jun 2026 12:45:45 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों की पहुंच को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि निजी मेडिकल कॉलेजों को सरक ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों की पहुंच को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि निजी मेडिकल कॉलेजों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों के समान फीस लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, क्योंकि दोनों संस्थानों की वित्तीय संरचना और संचालन व्यवस्था अलग-अलग होती है।</p><p>सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने EWS आय सीमा और निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस के बीच कथित विरोधाभास को लेकर दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि निजी संस्थान सरकारी सहायता के बिना संचालित होते हैं। ऐसे में उनसे सरकारी कॉलेजों जैसी कम फीस की अपेक्षा करना व्यावहारिक नहीं है।</p><h5 class=""><b>क्या था मामला?</b></h5><p>याचिका में तर्क दिया गया था कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए निर्धारित 8 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा और निजी मेडिकल कॉलेजों की ऊंची फीस के बीच बड़ा अंतर है। याचिकाकर्ता का कहना था कि यदि किसी परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये तक है, तो वह निजी मेडिकल कॉलेजों में लाखों रुपये की फीस कैसे वहन कर सकता है।</p><p>याचिका में यह भी कहा गया कि कई निजी मेडिकल कॉलेजों में वार्षिक फीस लगभग 19 लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। ऐसे में EWS श्रेणी में आने वाले छात्रों को आरक्षण का लाभ मिलने के बावजूद मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।</p><h5 class=""><b>सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?</b></h5><p>सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की तुलना एक समान आधार पर नहीं की जा सकती। सरकारी संस्थानों को सरकार से वित्तीय सहायता और अनुदान प्राप्त होता है, जबकि निजी कॉलेज अपनी आय और फीस के आधार पर संचालित होते हैं।</p><p>अदालत ने यह भी माना कि देश में चिकित्सा शिक्षा की बढ़ती मांग को पूरा करने में निजी मेडिकल कॉलेजों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि उन्हें अपनी आवश्यकताओं के अनुसार फीस निर्धारित करने की स्वतंत्रता नहीं दी जाएगी, तो चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान प्रभावित हो सकता है।</p><h5 class=""><b>छात्रों के लिए उपलब्ध हैं अन्य विकल्प</b></h5><p>सुप्रीम कोर्ट ने अपने अवलोकन में कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए केवल फीस कम करना ही एकमात्र समाधान नहीं है। ऐसे छात्रों को छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण, सब्सिडी और अन्य वित्तीय सहायता योजनाओं का लाभ भी मिल सकता है।</p><p>अदालत ने संकेत दिया कि सरकार और संबंधित संस्थान जरूरतमंद छात्रों को सहायता प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रहे हैं, जिनका उपयोग कर उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ बनाया जा सकता है।</p><h5 class=""><b>हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा</b></h5><p>इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने पहले ही निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस संरचना को वैध माना था। हाईकोर्ट ने कहा था कि फीस निर्धारण राज्य की फीस नियामक समिति द्वारा सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है।</p><p>सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि उसे आदेश में कोई ऐसी त्रुटि नहीं दिखती, जिसके आधार पर हस्तक्षेप आवश्यक हो।</p><p>हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस विषय से जुड़े व्यापक कानूनी और नीतिगत प्रश्न भविष्य में उठाए जा सकते हैं। फिलहाल याचिका खारिज कर दी गई है, लेकिन इस मुद्दे पर आगे बहस की संभावना बनी हुई है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, EWS से जुड़ी याचिका खारिज ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/pune-ketan-agrawal-murder-mystery-lohagad-fort-fiancee-under-investigation-5084 ]]></guid><title><![CDATA[ पुणे कारोबारी मौत केस में बड़ा खुलासा, मंगेतर और दोस्त पर हत्या का शक ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/pune-ketan-agrawal-murder-mystery-lohagad-fort-fiancee-under-investigation-5084 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 23 Jun 2026 15:54:38 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ महाराष्ट्र के पुणे से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की यादें ताजा कर दी हैं। पहले जिस घटना को एक दर्दनाक हादसा माना जा रहा था, अब वही मामला कथित तौर पर सुनियोजित हत्या  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>महाराष्ट्र </b>के पुणे से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की यादें ताजा कर दी हैं। पहले जिस घटना को एक दर्दनाक हादसा माना जा रहा था, अब वही मामला कथित तौर पर सुनियोजित हत्या की जांच में बदल गया है। पुणे के युवा कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की लोहगढ़ किले की गहरी खाई में गिरने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने उनकी मंगेतर और उसके एक करीबी पुरुष मित्र को हिरासत में लिया है।</p><p>26 वर्षीय केतन अग्रवाल की इसी वर्ष नवंबर में शादी होने वाली थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था और बताया जाता है कि समारोह को भव्य बनाने के लिए राजस्थान के उदयपुर में एक आलीशान महल भी बुक किया गया था। इसके अलावा मेहमानों के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था की भी योजना बनाई गई थी। लेकिन शादी से कुछ महीने पहले ही घटी इस घटना ने दोनों परिवारों को सदमे में डाल दिया।</p><h5 class=""><b>जन्मदिन के जश्न के दौरान हुई घटना</b></h5><p>जानकारी के अनुसार, 18 जून को केतन अपना जन्मदिन मनाने के लिए अपनी मंगेतर और दोस्तों के साथ पुणे के प्रसिद्ध लोहगढ़ किले पर गए थे। यह स्थान ट्रैकिंग और पर्यटन के लिए काफी लोकप्रिय माना जाता है। बताया गया कि किले पर घूमने और तस्वीरें लेने के दौरान केतन अचानक गहरी खाई में गिर गए।</p><p>शुरुआती जांच में माना गया कि तेज हवाओं और फिसलन के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया होगा। रेस्क्यू टीम ने काफी प्रयासों के बाद उन्हें खाई से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।<br></p><h5 class=""><b>जांच में आया नया मोड़</b><br></h5><p>घटना के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण, मोबाइल फोन डेटा, कॉल रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद लोगों के बयानों का विश्लेषण करने के बाद जांच अधिकारियों को कई संदिग्ध तथ्य मिले।</p><p>पुलिस को यह आशंका हुई कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं थी। जांच में सामने आए कुछ तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का संदेह मंगेतर और उसके एक पुरुष मित्र पर गया। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।</p><h5 class=""><b>क्या थी कथित साजिश?</b></h5><p>पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि केतन की मंगेतर इस शादी से खुश नहीं थी और वह विवाह नहीं करना चाहती थी। इसी वजह से उसने कथित रूप से अपने एक करीबी मित्र के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।</p><p>जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित योजना कब बनाई गई, इसमें और कौन-कौन शामिल था तथा घटना के दिन क्या परिस्थितियां थीं। हालांकि पुलिस ने अभी तक अंतिम निष्कर्ष घोषित नहीं किया है और मामले की जांच जारी है।</p><h5 class=""><b>करोड़ों की शादी, लेकिन मातम में बदली खुशियां</b></h5><p>पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों परिवार विवाह को बेहद भव्य तरीके से आयोजित करने की तैयारी कर रहे थे। उदयपुर में करोड़ों रुपये के खर्च से समारोह आयोजित करने की योजना थी। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार शादी की तैयारियां कई महीनों से चल रही थीं।</p><p>लेकिन अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। केतन के परिजनों का कहना है कि उन्हें शुरुआत से ही घटना पर संदेह था और अब पुलिस जांच में सामने आ रहे तथ्यों ने उनके शक को और मजबूत कर दिया है।</p><h5 class=""><b>पुलिस की जांच जारी</b></h5><p>पुणे पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है और डिजिटल व फॉरेंसिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।</p><p>अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान घटना के पीछे की वास्तविक सच्चाई और संभावित मकसद को सामने लाने पर है।</p><p>यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि जिन रिश्तों की नींव भरोसे पर टिकी होती है, उनमें यदि धोखे और साजिश की आशंका जुड़ जाए तो उसके परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं। अब सभी की नजर पुणे पुलिस की आगे की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ पुणे कारोबारी मौत केस में बड़ा खुलासा, मंगेतर और दोस्त पर हत्या का शक ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/george-kurian-resigns-union-minister-after-rajya-sabha-tenure-ends-5077 ]]></guid><title><![CDATA[ केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा, राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद छोड़ा पद ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/george-kurian-resigns-union-minister-after-rajya-sabha-tenure-ends-5077 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 23 Jun 2026 11:24:27 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री<b> जॉर्ज कुरियन </b>ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद वह आधिकारिक रूप से केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा नहीं रहे। उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो चुका था और भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने का निर्णय नहीं लिया, जिसके चलते उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा।</p><p>राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति ने जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज किया गया है।</p><h5 class=""><b>राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद लिया फैसला</b></h5><p>जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था। संसदीय परंपराओं के अनुसार मंत्री पद पर बने रहने के लिए संसद के किसी एक सदन का सदस्य होना आवश्यक होता है। चूंकि उनका कार्यकाल समाप्त हो गया और उन्हें नया कार्यकाल नहीं मिला, इसलिए उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।</p><p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा द्वारा उन्हें दोबारा राज्यसभा का टिकट न दिए जाने के पीछे संगठनात्मक और राजनीतिक रणनीति हो सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;President Droupadi Murmu, as advised by the Prime Minister, has accepted the resignation of George Kurian from the Union Council of Ministers, with immediate effect: Rashtrapati Bhavan&lt;br&gt;&lt;br&gt;(file pic of George Kurian) &lt;a href="https://t.co/crXXDH0w7k"&gt;pic.twitter.com/crXXDH0w7k&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2069272412571779548?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>दो मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे</b></h5><p>जॉर्ज कुरियन केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में भी राज्य मंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े कई कार्यक्रमों और योजनाओं के क्रियान्वयन में भूमिका निभाई।</p><p>इसके अलावा ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी उन्होंने मंत्रालय के साथ मिलकर काम किया। सरकार की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के प्रयासों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही।</p><h5 class=""><b>केरल से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर</b></h5><p>1960 में केरल के कोट्टायम जिले में जन्मे जॉर्ज कुरियन पेशे से वकील हैं और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी वकालत की है। वे लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं और पार्टी के शुरुआती दौर से ही सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहे हैं।</p><p>राष्ट्रीय राजनीति में उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में रही है जो अल्पसंख्यक समुदायों के बीच भाजपा की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों से जुड़े रहे। मंत्री बनने से पहले वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।</p><h5 class=""><b>मोदी सरकार में ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व</b></h5><p>जॉर्ज कुरियन को मोदी सरकार में ईसाई समुदाय का प्रमुख चेहरा माना जाता था। केंद्र सरकार में उनकी मौजूदगी को दक्षिण भारत और विशेष रूप से केरल के ईसाई समाज के प्रतिनिधित्व के रूप में देखा जाता था।</p><p>उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि भाजपा भविष्य में इस प्रतिनिधित्व को किस रूप में आगे बढ़ाएगी। आगामी समय में मंत्रिमंडल विस्तार या संगठनात्मक बदलावों के दौरान इस पहलू पर ध्यान दिया जा सकता है।</p><h5 class=""><b>रवनीत सिंह बिट्टू का भी खत्म हुआ कार्यकाल</b></h5><p>जॉर्ज कुरियन के साथ केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल भी समाप्त हुआ है। हालांकि बिट्टू फिलहाल मंत्री पद पर बने हुए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार और भाजपा संगठन में कुछ और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।<br></p><h5 class=""><b>आगे क्या?</b></h5><p>जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद अब सवाल यह है कि उनके पास मौजूद मंत्रालयों की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी। केंद्र सरकार जल्द ही इस संबंध में फैसला ले सकती है। वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे भाजपा की व्यापक रणनीति और आगामी चुनावी समीकरणों से जोड़कर भी देख रहे हैं।</p><p>फिलहाल जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है, जिसने राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा, राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद छोड़ा पद ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/aaditya-thackeray-attacks-bjp-over-rebel-mps-shiv-sena-crisis-5063 ]]></guid><title><![CDATA[ 'संविधान बदलना भाजपा का लक्ष्य', बागी सांसदों के मुद्दे पर आदित्य ठाकरे का बड़ा हमला ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/aaditya-thackeray-attacks-bjp-over-rebel-mps-shiv-sena-crisis-5063 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 22 Jun 2026 14:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मुंबई, महाराष्ट्र: शिवसेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे ने सोमवार को भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी संविधान में बदलाव के लिए पर्याप्त संख्या जुटाने की कोशिश में शिवसेना (UBT) के सां ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>मुंबई, महाराष्ट्र: </b>शिवसेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे ने सोमवार को भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी संविधान में बदलाव के लिए पर्याप्त संख्या जुटाने की कोशिश में शिवसेना (UBT) के सांसदों और विधायकों को तोड़ रही है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा, “आज वे हमारे सांसदों और विधायकों को तोड़ रहे हैं क्योंकि वे बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को बदलना चाहते हैं।</span></p><p>वर्ष 2024 में मतदाताओं ने उन्हें रोक दिया था और उन्हें केवल 240 सांसद मिले थे, लेकिन अब वे फिर से पार्टियां तोड़कर वही कोशिश कर रहे हैं। उनका मुख्य मकसद संविधान बदलना है।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब शिवसेना (UBT) कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर राजनीतिक संकट का सामना कर रही है। माना जा रहा है कि इस अभियान के तहत पार्टी के कई सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल हो सकते हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Mumbai, Maharashtra: Shiv Sena (UBT) MLA Aaditya Thackeray says, &amp;quot;The six rebel MPs who were elected won on the face and leadership of Uddhav Balasaheb Thackeray. They were elected under the banner of the Maha Vikas Aghadi and the INDI alliance, and they won on an anti-BJP… &lt;a href="https://t.co/La96UQTZXc"&gt;pic.twitter.com/La96UQTZXc&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2068958590493499718?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>आदित्य ठाकरे ने की अटकलों से घिरे सांसदों की आलोचना</b></p><p>आदित्य ठाकरे ने पार्टी छोड़ने की अटकलों में घिरे सांसदों की आलोचना करते हुए कहा कि वे महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के संयुक्त प्रयासों की बदौलत चुने गए थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “ये सभी लोग शिवसेना (UBT) और महाविकास आघाड़ी के सहयोगी दलों की मदद से चुने गए थे, लेकिन अब वे जनता के जनादेश के खिलाफ दूसरी तरफ जा रहे हैं।”</span></p><p>उन्होंने दावा किया कि इन लोकसभा क्षेत्रों के मतदाताओं ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की विचारधारा को खारिज किया था, लेकिन संबंधित सांसद अब उसी गठबंधन का समर्थन करने जा रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">भाजपा नीत सरकार पर निशाना साधते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा, “भाजपा देश में दंगे करा सकती है, माहौल बिगाड़ सकती है और प्रचार कर सकती है, लेकिन एक बात तय है कि भाजपा को शासन करना नहीं आता। हम यह मुंबई की बीएमसी और पुणे की पीएमसी में देख रहे हैं।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Mumbai | Shiv Sena (UBT) leader Aaditya Thackeray says, &amp;quot;If in the last 12 years infiltrators could not be stopped, then it is the failure of the BJP government....First, focus on governance- look at the state of the foreign policy, inflation.&amp;quot; &lt;a href="https://t.co/q00R2gtXiC"&gt;pic.twitter.com/q00R2gtXiC&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2068956616922468726?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>आदित्य ठाकरे ने सरकार पर लगाए कई गंभीर आरोप</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">आदित्य ठाकरे ने</span>&nbsp;यह भी आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक जोड़तोड़ के लिए सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग कर रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आदित्य ठाकरे ने कहा, “इन लोगों के पास कर्मचारियों के वेतन और कल्याणकारी योजनाओं के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन सांसदों को खरीदने के लिए पैसे हैं।”&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आगे कहा, “मेरे हिसाब से असली शिवसेना सिर्फ हमारी है, यानी शिवसेना (UBT)। बाकी सब भाजपा की जगह है, शिवसेना शिंदे वगैरह नहीं।”</span></p><p>राजनीतिक विवाद तब और बढ़ गया जब गुरुवार को नई दिल्ली में हुई पार्टी की संसदीय बैठक में नौ में से केवल तीन लोकसभा सांसद ही शामिल हुए। बैठक में अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे उपस्थित रहे, जबकि छह सांसद अनुपस्थित रहे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">शिवसेना (UBT) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पहले ही कहा था कि अनुपस्थित सांसदों की अयोग्यता की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Mumbai, Maharashtra: On the rebellion by Shiv Sena (UBT) MPs, Shiv Sena (UBT) MLA Aaditya Thackeray says, &amp;quot;Keep doing this for the rest of your life if you want, but when will you actually govern? Today, the public is also asking questions. The amount of money allegedly being… &lt;a href="https://t.co/OEW3EVP0aB"&gt;pic.twitter.com/OEW3EVP0aB&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2068963715811246423?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>चंद्रकांत रघुवंशी के दावे के बाद बदली सियासत</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>इस राजनीतिक घटनाक्रम को और बल तब मिला जब शिवसेना विधान परिषद सदस्य चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया कि शिवसेना (UBT) के छह सांसदों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर विश्वास जताते हुए उनके गुट का समर्थन किया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सूत्रों के अनुसार, जिन सांसदों की अनुपस्थिति के बाद अटकलें तेज हुईं, उनमें नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">वहीं, पार्टी की संसदीय बैठक में अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय राउत मौजूद रहे।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 'संविधान बदलना भाजपा का लक्ष्य', बागी सांसदों के मुद्दे पर आदित्य ठाकरे का बड़ा हमला ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/six-ubt-sena-mps-likely-join-eknath-shinde-shiv-sena-5061 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘ऑपरेशन टाइगर’ जारी, छह सांसद आज थामेंगे शिवसेना का दामन: प्रताप सरनाईक ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/six-ubt-sena-mps-likely-join-eknath-shinde-shiv-sena-5061 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 22 Jun 2026 13:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मुंबई, महाराष्ट्र: शिवसेना (UBT) में बगावत की चर्चाओं के बीच शिवसेना विधायक और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक ने सोमवार को दावा किया कि UBT सेना के छह सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवस ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>मुंबई, महाराष्ट्र:</b> शिवसेना (UBT) में बगावत की चर्चाओं के बीच शिवसेना विधायक और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक ने सोमवार को दावा किया कि UBT सेना के छह सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे संसद में पार्टी की ताकत काफी बढ़ जाएगी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">पत्रकारों से बातचीत में प्रताप सरनाईक ने कहा, <b>“आज दोपहर 3 बजे छह सांसद आधिकारिक तौर पर शिवसेना में शामिल होंगे। इससे हमारे सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो जाएगी। इससे शिवसेना की ताकत बढ़ी है।”&nbsp;</b></span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने बताया कि UBT सेना के इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी सौंप दिया है।</span></p><p>सरनाईक ने आगे कहा, “ऑपरेशन टाइगर 365 दिन चलता है। बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा का पालन करने वाले छह सांसद आज दोपहर 3 बजे शिवसेना में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र दिया है। हम उनका स्वागत करते हैं। हम संजय राउत का धन्यवाद करते हैं, जिनकी वजह से पहले विधायक हमारे साथ आए और अब छह सांसद भी हमारी पार्टी में शामिल हो रहे हैं।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Mumbai | On 6 rebel Shiv Sena (UBT) MPs to join Shinde camp today, Maharashtra Minister &amp;amp; Shiv Sena MLA Pratap Sarnaik says, &amp;quot;At 3 pm today, six MPs will officially join Shiv Sena. This will increase the number of our MPs from 7 to 13. This has increased the strength of… &lt;a href="https://t.co/vNz6bnGUhQ"&gt;pic.twitter.com/vNz6bnGUhQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2068934963186254322?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>उद्धव ठाकरे 27 जून को यवतमाल से अपने दौरे की शुरुआत करेंगे</b></p><p>इस बीच, शिवसेना (UBT) के विधायक महेश सावंत ने कहा, “जाने वाले गए। हम सामना में जो प्रकाशित हुआ है, उससे सहमत हैं।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं, शिवसेना विधान परिषद सदस्य डॉ. मनीषा कायंदे ने कहा कि उन्हें इस राजनीतिक घटनाक्रम की आधिकारिक जानकारी नहीं है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “कोई बागी नहीं है। वे शिवसैनिक हैं जो शिवसेना में शामिल हो रहे हैं। मुझे इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन एकनाथ शिंदे जी ने निश्चित रूप से उनका स्वागत किया है।”</span></p><p>उन्होंने आगे कहा, “कल ओमराजे निंबालकर ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया था और अन्य सांसद भी अपने निर्वाचन क्षेत्रों में लोगों से मिल चुके हैं। आज कुछ अच्छी खबर मिल सकती है।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उधर, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे भी पार्टी में बढ़ती असंतोष की खबरों के बीच महाराष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रहे हैं। इस अभियान के तहत वह पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे, जिनमें उन क्षेत्रों के कार्यकर्ता भी शामिल होंगे जहां से बागी सांसद चुने गए हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">UBT सांसद संजय राउत द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, उद्धव ठाकरे 27 जून को यवतमाल से अपने दौरे की शुरुआत करेंगे। इसके बाद वह वाशिम, हिंगोली, परभणी, धाराशिव और शिर्डी का दौरा करेंगे।</span></p><p><b>बागी सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>यवतमाल-वाशिम सांसद संजय देशमुख, हिंगोली सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर, परभणी सांसद संजय जाधव, शिर्डी सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे, मुंबई उत्तर-पूर्व सांसद संजय दीना पाटिल और धाराशिव सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर ने शिवसेना (UBT) की संसदीय दल की बैठक में हिस्सा नहीं लिया था। माना जा रहा है कि ये सभी नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘ऑपरेशन टाइगर’ जारी, छह सांसद आज थामेंगे शिवसेना का दामन: प्रताप सरनाईक ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/uddhav-thackeray-maharashtra-outreach-campaign-rebel-mps-5058 ]]></guid><title><![CDATA[ बागी सांसदों के गढ़ में जाएंगे उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र में शुरू करेंगे बड़ा जनसंपर्क अभियान ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/uddhav-thackeray-maharashtra-outreach-campaign-rebel-mps-5058 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 22 Jun 2026 10:46:07 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मुंबई, महाराष्ट्र: पार्टी के भीतर बगावत की चर्चाओं के बीच शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र भर में जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रहे हैं। इस दौरान वे पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे, जि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>मुंबई, महाराष्ट्र: </b>पार्टी के भीतर बगावत की चर्चाओं के बीच शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र भर में जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रहे हैं। इस दौरान वे पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे, जिनमें उन लोकसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ता भी शामिल होंगे जहां से बागी सांसद चुने गए हैं।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">UBT</span>&nbsp;सांसद संजय राउत द्वारा साझा किए गए कार्यक्रम के अनुसार, <b>उद्धव ठाकरे 27 जून को यवतमाल से अपने अभियान की शुरुआत करेंगे</b>। इसके बाद वे वाशिम (विदर्भ) और हिंगोली (मराठवाड़ा) का दौरा करेंगे। 28 जून को वे परभणी और धाराशिव जाएंगे, जबकि 29 जून को उनका कार्यक्रम शिर्डी में रहेगा।</p><p><b>एकनाश शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं बागी सांसद</b></p><p>यवतमाल-वाशिम सांसद संजय देशमुख, हिंगोली सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर, परभणी सांसद संजय जाधव, शिर्डी सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे, मुंबई उत्तर-पूर्व सांसद संजय दीना पाटिल और धाराशिव सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर ने शिवसेना (UBT) की संसदीय दल की बैठक में हिस्सा नहीं लिया था। माना जा रहा है कि ये नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Maharashtra: Uddhav Thackeray to launch state-wide outreach campaign amid rebellion buzz in UBT Sena&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/KlIev9eCua"&gt;https://t.co/KlIev9eCua&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/UddhavThackeray?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UddhavThackeray&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/ShivSenaUBT?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#ShivSenaUBT&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Maharashtra?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Maharashtra&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/NTrlEgiMeT"&gt;pic.twitter.com/NTrlEgiMeT&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2068917886190785021?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>उद्धव ठाकरे ने बागी सांसदों पर साधा निशाना</b></p><p>इस बीच, उद्धव ठाकरे ने रविवार को मुंबई के भांडुप पश्चिम और घाटकोपर स्थित पार्टी कार्यालयों का दौरा किया और कार्यकर्ताओं से बातचीत की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बागी सांसदों, खासकर संजय दीना पाटिल, पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि उन्होंने खुद को “बेच” दिया है।</span></p><p>उन्होंने कहा, “विश्वासघात और सांसदों के बिक जाने के बावजूद शिवसैनिक मजबूती से खड़े हैं। मैं आपसे उस गद्दार को वोट देने की अपील करने के लिए माफी मांगता हूं। मैंने सभी लोकसभा क्षेत्रों में प्रचार किया था। मैंने उन्हें टिकट दिया था। चुनाव जीतने के बाद उनकी कीमत बढ़ गई और बाद में उन्होंने खुद को बेच दिया। यह प्रवृत्ति बेहद खतरनाक है।”</p><p><b>कांग्रेस के समर्थन में उद्धव ठाकरे ने कही बड़ी बात</b></p><p>कांग्रेस के प्रति पार्टी के समर्थन को दोहराते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, “क्या किसी को पता है कि भाजपा का अध्यक्ष कौन है? नहीं। एक दिन कांग्रेस का ही कोई व्यक्ति उनका अध्यक्ष बन जाएगा। उन्होंने ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ की बात की थी, लेकिन अब यह ‘भाजपा युक्त कांग्रेस’ बन गई है।”</p><p>हालांकि संजय दीना पाटिल बागी नेताओं में शामिल बताए जा रहे हैं, उनकी बेटी राजुल पाटिल ने मुंबई स्थित मातोश्री में उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">युवा सेना की कोर कमेटी सदस्य राजुल पाटिल ने कहा, <b>“मैं अपनी बात रखने के लिए उद्धव जी से मिलने आई थी और मैंने उन्हें स्पष्ट रूप से बताया कि मैं शिवसेना (UBT) के साथ हूं।”</b></span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ बागी सांसदों के गढ़ में जाएंगे उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र में शुरू करेंगे बड़ा जनसंपर्क अभियान ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/reasi-salal-forest-fire-jammu-kashmir-5053 ]]></guid><title><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर के जंगलों में धधकी आग, सलाल वन क्षेत्र में फैली लपटें ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/reasi-salal-forest-fire-jammu-kashmir-5053 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 21 Jun 2026 14:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ रियासी, जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के सलाल वन क्षेत्र में रविवार को भीषण जंगल की आग लग गई। सूखी वनस्पतियों, बढ़ते तापमान और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से जंगल के कई हिस्सों में फैल गई।आग ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>रियासी, जम्मू-कश्मीर: </b>जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के सलाल वन क्षेत्र में रविवार को भीषण जंगल की आग लग गई। सूखी वनस्पतियों, बढ़ते तापमान और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से जंगल के कई हिस्सों में फैल गई।</span></p><p>आग की सूचना मिलते ही वन विभाग और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए अभियान शुरू कर दिया।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Reasi, Jammu and Kashmir: A forest fire has erupted in the Salal forest area of Reasi district, with flames spreading rapidly across forest compartments due to dry vegetation, high temperatures, and prevailing winds. Forest Department and Fire &amp;amp; Emergency Services teams… &lt;a href="https://t.co/09SIUaovoQ"&gt;pic.twitter.com/09SIUaovoQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2068611685016084752?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>शुष्क मौसम और तेज हवाओं से भड़की आग'</b></p><p>अधिकारियों के अनुसार, शुष्क मौसम और तेज हवाओं ने आग को और भड़काने का काम किया है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में चुनौतियां बढ़ गई हैं। आग को आसपास के वन क्षेत्रों तक फैलने से रोकने और नुकसान को कम करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।</p><p>फिलहाल किसी के हताहत होने या आसपास की आबादी को नुकसान पहुंचने की कोई सूचना नहीं है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, जबकि दमकल और वन विभाग की टीमें आग बुझाने में जुटी हुई हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर के जंगलों में धधकी आग, सलाल वन क्षेत्र में फैली लपटें ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/dk-shivakumar-meets-uddhav-thackeray-amid-sena-ubt-rebellion-5050 ]]></guid><title><![CDATA[ मातोश्री पहुंचे डीके शिवकुमार, उद्धव ठाकरे से मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/dk-shivakumar-meets-uddhav-thackeray-amid-sena-ubt-rebellion-5050 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 21 Jun 2026 12:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मुंबई, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के भीतर जारी कथित बगावत और सांसदों के संभावित दल-बदल की अटकलों के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार न ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>मुंबई, महाराष्ट्र: </b>महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के भीतर जारी कथित बगावत और सांसदों के संभावित दल-बदल की अटकलों के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को मुंबई स्थित मातोश्री पहुंचकर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की।</span></p><p>यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब पार्टी के छह लोकसभा सांसदों द्वारा संसदीय दल की बैठक में अनुपस्थित रहने के बाद शिवसेना (यूबीटी) के भीतर असंतोष और टूट की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे, युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे और राज्यसभा सांसद संजय राउत भी मौजूद रहे।</p><p><b>उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा</b></p><p>शिवसेना (यूबीटी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि डीके शिवकुमार ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने भी अपनी पोस्ट में कहा कि दोनों नेताओं के बीच जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक बातचीत हुई।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Karnataka Chief Minister D. K. Shivakumar met Shiv Sena (UBT) chief Uddhavsaheb Thackeray at Matoshree. On this occasion Rashmi Vahini Thackeray, Yuva Sena chief Aditya Thackeray and Shiv Sena MP Sanjay Raut were also present.&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Source: Shiv Sena UBT) &lt;a href="https://t.co/glTr06pDNb"&gt;pic.twitter.com/glTr06pDNb&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2068396436166004959?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>'शिवसेना कांग्रेस में विलय नहीं करेगी'</b></p><p>इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे विपक्षी एकजुटता के प्रयास के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे शिवसेना (यूबीटी) की मौजूदा राजनीतिक चुनौतियों के बीच समर्थन जुटाने की कवायद मान रहे हैं।</p><p>हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस के संभावित विलय की अटकलों को उद्धव ठाकरे पहले ही खारिज कर चुके हैं। शिवसेना के स्थापना दिवस कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट कहा था कि शिवसेना कांग्रेस में विलय नहीं करेगी।</p><p><b>अनुपस्थित रहे सांसदों को&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">24 घंटे में लिखित जवाब का निर्देश</span></b></p><p>उधर, पार्टी के मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने बैठक से अनुपस्थित रहे सांसदों को नया कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सांसदों को 24 घंटे के भीतर लिखित जवाब देने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा में जवाब नहीं दिया गया तो इसे पार्टी सदस्यता स्वेच्छा से छोड़ने के रूप में माना जाएगा और उनके खिलाफ संविधान की दसवीं अनुसूची यानी दल-बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।</p><p>राजनीतिक जानकारों के अनुसार, लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के कुल नौ सांसद हैं और छह सांसदों का संख्या बल दो-तिहाई के बराबर है। यदि वे किसी अन्य दल में विलय का रास्ता अपनाते हैं तो दल-बदल कानून के तहत उन्हें कुछ कानूनी संरक्षण मिल सकता है।</p><p><b>अमित शाह ने कोल्हापुर में दिया बयान</b></p><p>इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोल्हापुर में आयोजित एक जनसभा में कहा कि अब शिवसेना का कोई अलग गुट नहीं है, बल्कि केवल एक ही शिवसेना है, जिसका नेतृत्व एकनाथ शिंदे कर रहे हैं। शाह के इस बयान को भी महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p><p>गौरतलब है कि डीके शिवकुमार मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले की पुत्री रेवती सुले के विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने मातोश्री जाकर उद्धव ठाकरे से मुलाकात की।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मातोश्री पहुंचे डीके शिवकुमार, उद्धव ठाकरे से मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/pm-modi-leads-international-yoga-day-2026-kolkata-5048 ]]></guid><title><![CDATA[ कोलकाता से पीएम मोदी का संदेश: 'योग से बनेगा स्वस्थ और सशक्त विश्व' ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/pm-modi-leads-international-yoga-day-2026-kolkata-5048 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 21 Jun 2026 10:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल, कोलकाता: कोलकाता। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित भव्य कार्यक्रम का नेतृत्व किया। हजारों लोगों क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>पश्चिम बंगाल, कोलकाता:</b> कोलकाता। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित भव्य कार्यक्रम का नेतृत्व किया। हजारों लोगों के साथ योगासन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि पूरी मानवता को जोड़ने वाली शक्ति है।</span></p><p>प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरा भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया योग के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ती हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि योग लोगों को जोड़ता है, समाज को जोड़ता है और पूरी मानवता को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करता है।</p><p><b>योग दिवस की थीम "Yoga for Healthy Ageing" रखी गई</b></p><p>इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम <b>"Yoga for Healthy Ageing"</b> रखी गई है। इस विषय का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि योग उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति की क्षमता को कम नहीं होने देता। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि 40 वर्ष की उम्र में हम 20 वर्ष से अधिक लचीले हों, 50 वर्ष की उम्र में 30 वर्ष से अधिक ऊर्जावान हों और 70 वर्ष की उम्र में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के प्रति अधिक सक्षम हों। योग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Kolkata, West Bengal: Prime Minister Narendra Modi says, &amp;quot;I extend my best wishes. On the occasion of Yoga Day, especially in Kolkata and across Bengal, I would also appreciate the efforts of the people of Kolkata for cleanliness and yoga...&amp;quot; &lt;a href="https://t.co/Q3hojZn2a5"&gt;pic.twitter.com/Q3hojZn2a5&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2068507092156391536?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>योग भविष्य की आवश्यकता है- पीएम मोदी</b></p><p>प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यक्तिगत जीवनशैली का हिस्सा नहीं है, बल्कि दुनिया के बेहतर भविष्य की आवश्यकता भी है। उन्होंने लोगों से योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखने और इसे परिवार तथा आने वाली पीढ़ियों की जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।</p><p>पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने महान साहित्यकार रबीन्द्रनाथ टैगौर को याद किया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव टैगोर का मानना था कि मनुष्य की पहचान दुनिया से जुड़ने में है और यही योग का मूल संदेश भी है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;An exceptional Yoga Day programme was held at Kolkata’s Red Road this morning, in which people from all walks of life participated, giving an important message on the vitality of Yoga in everyone’s lives. &lt;br&gt;&lt;br&gt;This time, the theme was ‘Yoga For Healthy Ageing’ which emphasised the… &lt;a href="https://t.co/XHd4pyK46f"&gt;pic.twitter.com/XHd4pyK46f&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) &lt;a href="https://x.com/narendramodi/status/2068538118639394933?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>प्रधानमंत्री ने किया भगवद्गीता का उल्लेख, संतुलित जीवन का दिया संदेश</b></p><p>अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भगवद्गीता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने संतुलित भोजन, संतुलित जीवनशैली, संतुलित कार्य और संतुलित दिनचर्या को योग का आधार बताया है। यही संतुलन आधुनिक जीवन की चुनौतियों और तनाव से मुक्ति दिलाने का मार्ग है।</p><p>गौरतलब है कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। 175 देशों के समर्थन से पारित इस प्रस्ताव के बाद 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था। आज योग एक वैश्विक जनआंदोलन का रूप ले चुका है और दुनिया भर में करोड़ों लोग इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ कोलकाता से पीएम मोदी का संदेश: 'योग से बनेगा स्वस्थ और सशक्त विश्व' ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/yoga-session-held-at-minara-masjid-mumbai-ahead-of-international-yoga-day-5040 ]]></guid><title><![CDATA[ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले मुंबई की मीनारा मस्जिद में योग कार्यक्रम, BJP अल्पसंख्यक मोर्चा की पहल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/yoga-session-held-at-minara-masjid-mumbai-ahead-of-international-yoga-day-5040 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 20 Jun 2026 12:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मुंबई: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से एक दिन पहले मुंबई की प्रसिद्ध मीनारा मस्जिद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>मुंबई: </b>अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से एक दिन पहले मुंबई की प्रसिद्ध मीनारा मस्जिद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देना था।</span></p><p>कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। यह आयोजन 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के तहत देशभर में चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था।</p><p><b>योग को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास</b></p><p>भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। आयोजकों ने कहा कि योग किसी धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की एक वैज्ञानिक पद्धति है, जिससे हर व्यक्ति लाभ उठा सकता है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Mumbai, Maharashtra: A Yoga session was organised today by the Mumbai BJP Minority Morcha at the Minara Masjid.&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Video Source: Mumbai BJP Minority Morcha) &lt;a href="https://t.co/JP8zlXjr4T"&gt;pic.twitter.com/JP8zlXjr4T&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2068179704830672927?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>देशभर में चल रहे हैं योग दिवस के कार्यक्रम</b></p><p>अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले देश के विभिन्न राज्यों में योग से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में हैदराबाद के परेड ग्राउंड में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी के नेतृत्व में 24 घंटे का विशेष काउंटडाउन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें योग संस्थाओं, छात्रों, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया।</p><p><b>12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस</b></p><p>संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसंबर 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी गई थी। वर्ष 2026 में इसका 12वां संस्करण मनाया जा रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस वर्ष योग दिवस की थीम "योग फॉर हेल्दी एजिंग" (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग) रखी गई है। इसका उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों को सक्रिय, स्वतंत्र और स्वस्थ जीवन जीने के लिए योग को अपनाने के लिए प्रेरित करना है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="et" dir="ltr"&gt;VIDEO | Mumbai: BJP Minority Morcha organises Yoga session at Minara Masjid.&lt;a href="https://x.com/hashtag/YogaDay2026?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#YogaDay2026&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/MumbaiNews?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#MumbaiNews&lt;/a&gt;&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Full video available on PTI Videos - &lt;a href="https://t.co/n147TvrpG7"&gt;https://t.co/n147TvrpG7&lt;/a&gt;) &lt;a href="https://t.co/w7Lvpcvfg5"&gt;pic.twitter.com/w7Lvpcvfg5&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2068165111072870789?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता का संदेश</b></p><p>मुंबई के मीनारा मस्जिद में आयोजित योग सत्र को स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव और समावेशिता का भी प्रतीक माना जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को नियमित रूप से योग अपनाने और इसके लाभों को जीवन में शामिल करने का संदेश दिया गया।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले मुंबई की मीनारा मस्जिद में योग कार्यक्रम, BJP अल्पसंख्यक मोर्चा की पहल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/best-employees-strike-continues-second-day-demand-regularisation-5038 ]]></guid><title><![CDATA[ मुंबई: BEST कर्मचारियों की हड़ताल जारी, ठेका प्रणाली खत्म कर स्थायी नियुक्ति की मांग पर अड़े कर्मचारी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/best-employees-strike-continues-second-day-demand-regularisation-5038 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 20 Jun 2026 11:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मुंबई: बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) के कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। प्रदर्शनकारी कर्मचारी ठेका आधारित बस व्यवस्था को समाप्त करने और लंबे समय से  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>मुंबई: </b>बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) के कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। प्रदर्शनकारी कर्मचारी ठेका आधारित बस व्यवस्था को समाप्त करने और लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति देने की मांग पर अड़े हुए हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">हड़ताल के कारण मुंबई में BEST बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी प्रवीण शांताराम होलमुखे ने कहा कि आंदोलन केवल वेतन वृद्धि के लिए नहीं, बल्कि ठेका प्रणाली समाप्त करने और कर्मचारियों को नियमित करने के लिए किया जा रहा है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “हमारा विरोध वेट-लीज (ठेका) पर चलने वाली बसों के खिलाफ है। हमें BEST में स्थायी किया जाए और सभी ठेका बसों को हटाया जाए। अधिकांश समस्याएं और दुर्घटनाएं ठेका बसों की वजह से होती हैं।”</span></p><p><b>16 घंटे काम के 20 हजार रुपए मिलते हैं, परिवार चलाना मुश्किल</b></p><p>होलमुखे ने दावा किया कि कर्मचारी 16-16 घंटे काम करते हैं, लेकिन उन्हें केवल 20 हजार रुपये वेतन मिलता है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो जाता है।<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “हमारी मांगें पूरी होते ही हम बस सेवा फिर से शुरू कर देंगे। अभी तक सरकार की ओर से कोई बातचीत नहीं हुई है।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Mumbai: A protesting employee, Praveen Shantaram Holmukhe says, &amp;quot;Our protest is against buses on wet lease contract. This is not about salary increase or anything else. Make us permanent in BEST and scrap all contract vehicles. All issues and accidents are because of… &lt;a href="https://t.co/Gpw51uQlre"&gt;pic.twitter.com/Gpw51uQlre&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2068165402711228659?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>धारावी डिपो में हुआ था बड़ा प्रदर्शन</b></p><p>शुक्रवार को BEST कर्मचारियों ने मुंबई के धारावी डिपो में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया था। कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि और लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रदर्शन के बाद स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।</span></p><p><b>सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाये का भी मुद्दा</b></p><p>BEST वर्कर्स यूनियन के नेता रंगनाथ सातवसे ने कहा कि वर्ष 2022 से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके बकाया भुगतान नहीं मिले हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “जो कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं, उन्हें उनका पैसा नहीं मिला है। वहीं वेटिंग लिस्ट वाले कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल रहा। यह प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी है कि इन समस्याओं का समाधान करे।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Mumbai | Brihanmumbai Electric Supply and Transport (BEST) Workers&amp;#39; Union leader Ranganath Satavase says, &amp;quot;Those who retired did not get their money since 2022, the waitlisted workers are not getting even the minimum wages, so it is the responsibility of the… &lt;a href="https://t.co/tkp6koDgBE"&gt;pic.twitter.com/tkp6koDgBE&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2067766547570098480?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>PPP मॉडल को लेकर बढ़ी चिंता</b></p><p>यूनियन ने BEST डिपो के सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकास की योजना पर भी चिंता जताई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सातवसे ने कहा कि यदि डिपो 99 वर्षों के लिए किराये पर दिए जाते हैं, तो भविष्य में BEST के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े हो सकते हैं। उन्होंने इसे कर्मचारियों के लिए बड़ी चिंता बताया।</span></p><p><b>BMC बजट में BEST बजट को शामिल करने की मांग</b></p><p>यूनियन ने BEST के बजट को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मुख्य बजट में शामिल करने की मांग भी दोहराई है। उनका कहना है कि इससे परिवहन सेवा को वित्तीय स्थिरता मिलेगी और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान आसान होगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">फिलहाल BEST कर्मचारियों की हड़ताल जारी है और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार के सकारात्मक कदम का इंतजार कर रहे हैं।&nbsp;</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मुंबई: BEST कर्मचारियों की हड़ताल जारी, ठेका प्रणाली खत्म कर स्थायी नियुक्ति की मांग पर अड़े कर्मचारी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/shiv-sena-ubt-show-cause-notice-6-mps-delhi-meeting-5020 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘ऑपरेशन टाइगर’ की अटकलों के बीच उद्धव गुट का बड़ा कदम, 6 सांसदों को नोटिस जारी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/shiv-sena-ubt-show-cause-notice-6-mps-delhi-meeting-5020 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 18 Jun 2026 13:11:59 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने पार्टी की अहम संसदीय बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है ज ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने पार्टी की अहम संसदीय बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (</span>UBT<span style="font-size: 1rem;">) के कुछ सांसदों के पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की अटकलें तेज हैं।</span></p><p>दिल्ली स्थित पार्टी के संसदीय कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद शिवसेना (UBT) सांसद अनिल देसाई ने बताया कि बैठक में अनुपस्थित रहने वाले सभी सांसदों को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अनिल देसाई ने कहा, “बैठक समाप्त हो गई है और आज ही कारण बताओ नोटिस भेज दिया गया है। जिन सांसदों ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया, उनसे पूछा जाएगा कि वे क्यों नहीं आए। सभी गैरहाजिर सांसदों को नोटिस जारी किया जाएगा।”&nbsp;</span></p><p><b>बैठक में 6 सांसद रहे गैरहाजिर</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">इसके आगे सांसद ने कहा कि सांसदों से पूछा जाएगा कि उन्हें बैठक की सूचना दी गई थी, संदेश भेजा गया था, व्हाट्सऐप पर भी जानकारी दी गई थी, इसके बावजूद उन्होंने अनुपस्थित रहने का कोई कारण नहीं बताया।&nbsp;</span>बैठक में शामिल हुए सांसद राजाभाऊ पराग प्रकाश वाजे ने बताया कि पार्टी के छह सांसद बैठक में उपस्थित नहीं थे। हालांकि, अनुपस्थित सांसदों के नाम तत्काल सार्वजनिक नहीं किए गए।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Delhi: Shiv Sena (UBT) MP Anil Desai after attending parliamentary party meeting, says, &amp;quot;Notice will be served (to MPs who didn&amp;#39;t attend the meeting). They will be asked why they didn&amp;#39;t attend the meeting despite a whip being issued in this regard.&amp;quot;&lt;a href="https://x.com/hashtag/ShivSenaUBT?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#ShivSenaUBT&lt;/a&gt;… &lt;a href="https://t.co/xXaCRyFu48"&gt;pic.twitter.com/xXaCRyFu48&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2067501580400857339?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 18, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चाओं के बीच बैठक</b></p><p>दिल्ली में आयोजित यह बैठक ऐसे समय हुई जब महाराष्ट्र की राजनीति में तथाकथित <b>‘ऑपरेशन टाइगर’</b> के तहत शिवसेना (UBT) के कुछ सांसदों के दल बदलने की अटकलें लगाई जा रही हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बैठक से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कड़ा संदेश देते हुए कहा था, <b>“जो आएंगे वो हमारे, जो नहीं आएंगे वो बेईमान-गद्दार।”</b></span></p><p><b>वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी</b></p><p>बैठक में शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत सहित लोकसभा के नौ सांसद मौजूद रहे। इनमें अरविंद सावंत, अनिल देसाई, संजय जाधव, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टीकर और राजाभाऊ वाजे शामिल थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बैठक से पहले पार्टी ने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी कर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया था।</span></p><p>सांसद संजय राउत ने कहा, "बैठक में लोकसभा के तीन सांसद - अरविंद सावंत, राजाभाऊ वाजे और अनिल देसाई शामिल हुए। मैं राज्यसभा से हूँ। जो सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए, उन्हें पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वाला पाया गया है। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्हें कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज नोटिस) जारी किया जाएगा और उनसे जवाब मांगा जाएगा। हम उनकी सदस्यता रद्द कराने की दिशा में भी कदम उठाएंगे।"</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi: After Shiv Sena (UBT) parliamentary party meeting, party&amp;#39;s Rajya Sabha MP Sanjay Raut says, &amp;quot;...Three Lok Sabha MPs attended the meeting - Arvind Sawant, Rajabhau Waje and Anil Desai. I am from Rajya Sabha. The MPs who did not attend it are found to be in… &lt;a href="https://t.co/OPHUF5t33i"&gt;pic.twitter.com/OPHUF5t33i&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2067509944237310071?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 18, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>शिवसेना (UBT) में बगावत या दल-बदल की आशंका</b></p><p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गैरहाजिर सांसदों को नोटिस जारी करना इस बात का संकेत है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) किसी भी संभावित बगावत या दल-बदल की आशंका को लेकर सतर्क है और संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रही है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘ऑपरेशन टाइगर’ की अटकलों के बीच उद्धव गुट का बड़ा कदम, 6 सांसदों को नोटिस जारी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/high-court-on-telegram-ban-before-neet-2026-5016 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET UG 2026 से पहले Telegram Ban पर बढ़ा विवाद, HC ने केंद्र को भेजा नोटिस ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/high-court-on-telegram-ban-before-neet-2026-5016 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 17 Jun 2026 19:33:24 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती, कोर्ट ने केंद्र और ऐप कंपनी दोनों के तर्क सुनने के बाद अगली सुनवाई तय कीNEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती, कोर्ट ने केंद्र और ऐप कंपनी दोनों के तर्क सुनने के बाद अगली सुनवाई तय की</p><p><b>NEET UG 2026</b> री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अब यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां केंद्र सरकार और टेलीग्राम के बीच कानूनी बहस शुरू हो गई है। लाखों छात्रों से जुड़ी इस परीक्षा और करोड़ों यूजर्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर लगाए गए प्रतिबंध ने डिजिटल स्वतंत्रता, परीक्षा सुरक्षा और सरकारी अधिकारों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।</p><p>केंद्र सरकार ने हाल ही में घोषणा की थी कि NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा के मद्देनजर टेलीग्राम की सेवाओं पर 22 जून तक अस्थायी रोक लगाई जाएगी। सरकार का तर्क था कि परीक्षा से पहले फर्जी प्रश्नपत्र, पेपर लीक से जुड़े संदेश और गलत जानकारी फैलाने वाले कई चैनलों का इस्तेमाल हो रहा था, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती थी।</p><p>सरकार के इस फैसले के बाद टेलीग्राम ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और प्रतिबंध को चुनौती दी। कंपनी का कहना है कि पूरे प्लेटफॉर्म को बंद करना उचित नहीं है, जबकि संदिग्ध चैनलों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी थी।</p><p>सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि सरकार के पास ऐसे कई इनपुट थे, जिनसे संकेत मिल रहा था कि कुछ समूह और चैनल परीक्षा से जुड़ी भ्रामक सामग्री फैलाने में सक्रिय थे। सरकार का दावा है कि कई बार कार्रवाई करने के बावजूद ऐसे चैनल नए नामों और पहचान के साथ दोबारा सामने आ जाते थे।</p><p>सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि छात्रों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अस्थायी प्रतिबंध आवश्यक समझा गया। अधिकारियों का मानना है कि यदि परीक्षा से पहले गलत सूचनाएं तेजी से फैलतीं तो इससे लाखों अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती थी।</p><p>दूसरी ओर, टेलीग्राम की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि कंपनी जांच एजेंसियों और सरकारी संस्थाओं के साथ लगातार सहयोग करती रही है। उनका कहना था कि जिन चैनलों पर आपत्ति थी, उनके खिलाफ कार्रवाई पहले ही की जा चुकी थी। कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि पूरे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने की बजाय केवल संदिग्ध अकाउंट्स और चैनलों पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी।</p><p>टेलीग्राम ने अदालत में यह सवाल भी उठाया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रतिबंध लगाने से पहले पर्याप्त विचार-विमर्श और संतुलित समीक्षा नहीं की गई। कंपनी के अनुसार, आदेश में उन कदमों का उल्लेख भी नहीं किया गया जो प्लेटफॉर्म ने पहले से उठाए थे।</p><p>दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाएगा, क्योंकि इसका असर केवल एक कंपनी या परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के संचालन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे बड़े मुद्दों से भी जुड़ा हुआ है।</p><p>विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और सरकार के नियामक अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है। यदि अदालत सरकार के फैसले को सही ठहराती है तो भविष्य में संवेदनशील परीक्षाओं और राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अधिक निगरानी देखने को मिल सकती है। वहीं यदि टेलीग्राम को राहत मिलती है तो यह डिजिटल अधिकारों और प्लेटफॉर्म स्वतंत्रता के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला माना जाएगा।</p><p>फिलहाल सभी की नजरें दिल्ली हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। छात्रों, अभिभावकों, शिक्षा विशेषज्ञों और डिजिटल अधिकारों से जुड़े संगठनों के लिए यह मामला बेहद अहम बन चुका है। अदालत का अंतिम फैसला यह तय करेगा कि परीक्षा सुरक्षा और डिजिटल स्वतंत्रता के बीच संतुलन किस प्रकार स्थापित किया जाएगा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET UG 2026 से पहले Telegram Ban पर बढ़ा विवाद, HC ने केंद्र को भेजा नोटिस ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/cji-on-cyber-fraud-accused-parasites-bail-rejected-5010 ]]></guid><title><![CDATA[ 'तुम लोग परजीवी हो...' साइबर ठग को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका ठुकराई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/cji-on-cyber-fraud-accused-parasites-bail-rejected-5010 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 17 Jun 2026 15:15:46 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने कहा- साइबर अपराध देशभर के लोगों को निशाना बनाते हैं, ऐसे मामलों में नरमी की कोई गुंजाइश नहीं।नई दिल्ली: साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक साइबर  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>सुप्रीम कोर्ट ने कहा- साइबर अपराध देशभर के लोगों को निशाना बनाते हैं, ऐसे मामलों में नरमी की कोई गुंजाइश नहीं।</p><p><b>नई दिल्ली:</b> साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक साइबर फ्रॉड आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि साइबर अपराध समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं, इसलिए ऐसे मामलों में सख्त दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।</p><p>मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि साइबर अपराधी देशभर के लोगों को निशाना बनाते हैं और आधुनिक तकनीक का गलत इस्तेमाल करके करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम देते हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे अपराध केवल किसी एक व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि लोगों के वित्तीय विश्वास और डिजिटल व्यवस्था पर भी असर डालते हैं।</p><h5 class=""><b>साइबर अपराध पर अदालत की कड़ी टिप्पणी</b></h5><p>सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि साइबर फ्रॉड के मामलों में शामिल लोग विभिन्न राज्यों के लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों के जरिए वे दूर-दराज के क्षेत्रों में बैठे लोगों को भी ठगी का निशाना बना लेते हैं। अदालत ने माना कि इस प्रकार के अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी है।</p><p>पीठ ने यह भी कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश जाना चाहिए ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने वालों को कानून का डर बना रहे। अदालत का मानना है कि ऐसे मामलों में जमानत देने से जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Supreme Court, while refusing to grant bail to a man accused of cyber fraud, observed that cyber criminals are “parasites” who swindle people out of large sums of money and that the interests of society are best served by keeping them behind bars.&lt;br&gt;&lt;br&gt;A partial-working day bench led…&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2067154986203824509?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 17, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;&nbsp;</p><h5 class=""><b>डिजिटल युग में बढ़ी चुनौती</b></h5><p>विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और निवेश प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं। फर्जी निवेश योजनाएं, ऑनलाइन ठगी, पहचान चोरी और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे मामलों में आम लोग बड़ी संख्या में प्रभावित हो रहे हैं।</p><p>सरकार और जांच एजेंसियां लगातार साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए नई तकनीकों और निगरानी तंत्र का इस्तेमाल कर रही हैं। इसके बावजूद अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं।</p><h5 class=""><b>समाज में जागरूकता की जरूरत</b></h5><p>कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए केवल कानून ही नहीं, बल्कि जनजागरूकता भी जरूरी है। लोगों को संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल और निवेश संबंधी धोखाधड़ी से सतर्क रहने की आवश्यकता है।</p><p>सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी को साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त न्यायिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अदालत ने साफ संकेत दिया है कि डिजिटल ठगी और साइबर फ्रॉड जैसे मामलों में कानून के प्रति कठोर रुख जारी रहेगा और ऐसे आरोपियों को राहत देने में सावधानी बरती जाएगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 'तुम लोग परजीवी हो...' साइबर ठग को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका ठुकराई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/shiv-sena-ubt-six-mps-seek-separate-group-recognition-lok-sabha-5009 ]]></guid><title><![CDATA[ शिवसेना (UBT) में बड़ी बगावत, 6 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र; अलग गुट की मांग ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/shiv-sena-ubt-six-mps-seek-separate-group-recognition-lok-sabha-5009 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 17 Jun 2026 13:54:58 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उद्धव ठाकरे के नेतृत्व को बड़ा झटका, पार्टी के 9 में से 6 सांसदों ने अलग पहचान की मांग उठाई; महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल।मुंबई/नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटन ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>उद्धव ठाकरे के नेतृत्व को बड़ा झटका, पार्टी के 9 में से 6 सांसदों ने अलग पहचान की मांग उठाई; महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल।</p><p><b>मुंबई/नई दिल्ली: </b>महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के भीतर लंबे समय से चल रही असंतोष की चर्चाओं के बीच अब पार्टी के छह लोकसभा सांसदों ने अलग समूह बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंपकर संसद में अलग पहचान देने की मांग की है।</p><p>इस घटनाक्रम को उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुए विद्रोह ने शिवसेना को दो हिस्सों में बांट दिया था। अब लोकसभा सांसदों के इस कदम ने पार्टी के भीतर नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।</p><p>जानकारी के अनुसार, जिन सांसदों ने अलग समूह की मांग की है उनमें संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय दीना पाटिल शामिल हैं। इन नेताओं ने संसद में स्वतंत्र समूह के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने की मांग की है।</p><h5 class=""><b>पार्टी के भीतर बढ़ा असंतोष</b></h5><p>राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर संगठनात्मक और नेतृत्व संबंधी मुद्दों को लेकर मतभेद बढ़ रहे थे। हालांकि पार्टी नेतृत्व लगातार एकजुटता का दावा करता रहा, लेकिन अब सांसदों के इस कदम ने अंदरूनी असंतोष को सार्वजनिक कर दिया है।</p><p>दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत, अरविंद सावंत और अनिल देसाई ने पार्टी की स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान यह भी सामने आया कि नौ सांसदों में से केवल तीन ही सार्वजनिक रूप से उद्धव ठाकरे के साथ दिखाई दिए, जिससे राजनीतिक अटकलों को और बल मिला।</p><h5 class=""><b>उद्धव खेमे की प्रतिक्रिया</b></h5><p>शिवसेना (UBT) नेतृत्व का कहना है कि सभी सांसद पार्टी के चुनाव चिह्न और संगठन के समर्थन से जीतकर संसद पहुंचे हैं। पार्टी नेताओं ने संकेत दिया है कि यदि कोई सांसद संगठन छोड़ना चाहता है तो उसे पहले जनता के बीच जाकर नया जनादेश लेना चाहिए।</p><p>संजय राउत ने भी हाल के बयानों में कहा है कि पार्टी अपने जनाधार और कार्यकर्ताओं के बल पर आगे बढ़ेगी तथा किसी भी प्रकार की राजनीतिक चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।</p><h5 class=""><b>महाराष्ट्र की राजनीति पर असर</b></h5><p>विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह अलग समूह औपचारिक रूप से अस्तित्व में आता है तो महाराष्ट्र की राजनीति में इसके दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं। लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी राजनीति के समीकरण बदल सकते हैं।</p><p>यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब राज्य में विभिन्न दल अपने संगठन को मजबूत करने और नए राजनीतिक गठबंधनों की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। ऐसे में शिवसेना (UBT) के भीतर यह बगावत आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन सकती है।</p><p>फिलहाल सभी की निगाहें लोकसभा अध्यक्ष के फैसले और बागी सांसदों के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह केवल असंतोष का संकेत है या फिर महाराष्ट्र की राजनीति में किसी बड़े बदलाव की शुरुआत।</p><p><br></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ शिवसेना (UBT) में बड़ी बगावत, 6 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र; अलग गुट की मांग ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/up-politics-om-prakash-rajbhar-claims-big-split-in-samajwadi-party-5008 ]]></guid><title><![CDATA[ सपा में बड़ी टूट का दावा, ओमप्रकाश राजभर बोले- जल्द दिखेगा यूपी की राजनीति में बड़ा बदलाव ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/up-politics-om-prakash-rajbhar-claims-big-split-in-samajwadi-party-5008 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 17 Jun 2026 12:43:29 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मंत्री ओमप्रकाश राजभर का दावा- महाराष्ट्र और बंगाल के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की तैयारी, समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना।लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>मंत्री ओमप्रकाश राजभर</b> का दावा- महाराष्ट्र और बंगाल के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की तैयारी, समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना।</p><p>लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और समाजवादी पार्टी के भीतर व्यापक असंतोष खुलकर सामने आ सकता है।</p><p>राजभर ने कहा कि देश के कई राज्यों में हाल के दिनों में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले हैं और इसी तरह की स्थिति उत्तर प्रदेश में भी बन सकती है। उनका दावा है कि समाजवादी पार्टी के कई नेता और जनप्रतिनिधि पार्टी के भविष्य को लेकर असमंजस में हैं और राजनीतिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।</p><h5 class=""><b>सपा नेतृत्व पर साधा निशाना</b></h5><p>ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के भीतर लंबे समय से कई मुद्दों को लेकर असंतोष मौजूद है। उनके अनुसार, संगठन के कई नेताओं को निर्णय प्रक्रिया में पर्याप्त महत्व नहीं मिल रहा है, जिसके कारण नाराजगी बढ़ रही है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होगी। राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी को चिट्ठी सौंपी है। &lt;br&gt;&lt;br&gt;खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाला का मास्टरमाइंड कौन है, पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। शिकंजा कस रहा है तो सपा परेशान है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;महाराष्ट्र बंगाल छोड़िए, समूची सपा, भाजपा में…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) &lt;a href="https://x.com/oprajbhar/status/2067115148721184812?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 17, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;&nbsp;</p><p>उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी लगातार अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने में असफल रही है और इसी वजह से पार्टी के कई नेता भविष्य की राजनीति को लेकर नए रास्ते तलाश रहे हैं।</p><h5 class=""><b>राजनीतिक गलियारों में बढ़ी चर्चा</b></h5><p>राजभर के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी चुनावी रणनीतियों और गठबंधनों से जोड़कर देख रहे हैं।</p><p>राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में कई बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में कई नेता अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।</p><h5 class=""><b>विपक्ष ने दावे को बताया राजनीतिक बयान</b></h5><p>राजभर के बयान पर विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि यह केवल राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश है। उनका मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह के दावे आम बात हैं और वास्तविक स्थिति समय आने पर स्पष्ट होगी।</p><p>वहीं राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से बड़े बदलावों और गठबंधनों के लिए जानी जाती रही है। ऐसे में किसी भी बयान को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन इसके लिए ठोस राजनीतिक घटनाक्रम का इंतजार करना होगा।</p><h5 class=""><b>आगामी चुनावों पर नजर</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों को देखते हुए सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे समय में राजभर का यह बयान राजनीतिक माहौल को और गर्माने वाला माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि समाजवादी पार्टी इन दावों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और प्रदेश की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।</p><p>फिलहाल राजभर के बयान ने राजनीतिक बहस को नया मुद्दा दे दिया है और आने वाले दिनों में इस पर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।</p><p><br></p><p><br></p><p><br></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सपा में बड़ी टूट का दावा, ओमप्रकाश राजभर बोले- जल्द दिखेगा यूपी की राजनीति में बड़ा बदलाव ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/neet-2026-telegram-ban-case-delhi-high-court-hearing-today-5006 ]]></guid><title><![CDATA[ NEET परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर रोक का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, आज होगी अहम सुनवाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/neet-2026-telegram-ban-case-delhi-high-court-hearing-today-5006 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 17 Jun 2026 12:01:22 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर सख्ती के बीच केंद्र सरकार द्वारा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस फैसले के ख ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली: </b>मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर सख्ती के बीच केंद्र सरकार द्वारा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर अदालत बुधवार को तत्काल सुनवाई करने जा रही है। मामला ऐसे समय सामने आया है जब 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां और परीक्षा प्राधिकरण पूरी तरह सतर्क हैं।</p><p>केंद्र सरकार ने हाल ही में टेलीग्राम की सेवाओं पर 22 जून तक अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया था। सरकार का कहना है कि यह कदम परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने और सोशल मीडिया के जरिए फैलाए जाने वाले फर्जी प्रश्नपत्रों तथा भ्रामक सूचनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है।</p><h5 class=""><b>परीक्षा सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त</b></h5><p>राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) और अन्य जांच एजेंसियों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में कुछ असामाजिक तत्वों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करके परीक्षा से जुड़ी अफवाहें फैलाने का प्रयास किया था। अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में पुराने दस्तावेजों या मैसेजों को एडिट कर उन्हें कथित प्रश्नपत्र लीक से जोड़कर वायरल किया गया, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई।</p><p>इसी आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने टेलीग्राम पर सीमित अवधि के लिए प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया। अधिकारियों का दावा है कि यह कदम केवल परीक्षा अवधि तक लागू रहेगा और इसका उद्देश्य किसी विशेष प्लेटफॉर्म को निशाना बनाना नहीं, बल्कि परीक्षा की विश्वसनीयता को सुरक्षित रखना है।</p><h5 class=""><b>हाईकोर्ट में कानूनी चुनौती</b></h5><p>प्रतिबंध के खिलाफ दाखिल याचिका में कहा गया है कि किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यापक रोक लगाना लाखों उपयोगकर्ताओं के अधिकारों को प्रभावित करता है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यदि कुछ लोग प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, न कि पूरे प्लेटफॉर्म को बंद किया जाए।</p><p>दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ के समक्ष होने की संभावना है। अदालत यह देखेगी कि सरकार द्वारा लगाया गया प्रतिबंध कानूनी रूप से कितना उचित और आवश्यक था तथा क्या इसके लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं।</p><h5 class=""><b>ऐप स्टोर से हटाया गया प्लेटफॉर्म</b></h5><p>सरकारी निर्देश जारी होने के बाद प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने भी कार्रवाई शुरू कर दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, गूगल और एप्पल ने अपने-अपने ऐप स्टोर से टेलीग्राम की उपलब्धता अस्थायी रूप से सीमित कर दी है। हालांकि जिन उपयोगकर्ताओं के मोबाइल में पहले से यह ऐप मौजूद है, उनके लिए स्थिति को लेकर अलग-अलग तकनीकी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।</p><h5 class=""><b>छात्रों और अभिभावकों की चिंता</b></h5><p>NEET परीक्षा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अफवाह या कथित पेपर लीक की खबर लाखों छात्रों को प्रभावित कर सकती है। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित रखने की मांग का समर्थन किया है, जबकि डिजिटल अधिकारों से जुड़े कुछ समूहों ने प्रतिबंध के तरीके पर सवाल उठाए हैं।</p><h5 class=""><b>सुनवाई पर टिकी निगाहें</b></h5><p>अब सभी की नजरें दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत का फैसला न केवल टेलीग्राम पर लगे अस्थायी प्रतिबंध के भविष्य को प्रभावित करेगा, बल्कि यह भी तय कर सकता है कि परीक्षा सुरक्षा और डिजिटल स्वतंत्रता के बीच संतुलन किस तरह बनाया जाए। आने वाले दिनों में यह मामला शिक्षा और तकनीक दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बहस का विषय बन सकता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ NEET परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर रोक का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, आज होगी अहम सुनवाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/shiv-sena-ubt-crisis-uddhav-thackeray-mps-rebellion-letter-speaker-5005 ]]></guid><title><![CDATA[ शिवसेना (UBT) में फिर बगावत की आहट? लोकसभा स्पीकर को पत्र लिख उद्धव गुट ने जताई बड़ी आशंका ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/shiv-sena-ubt-crisis-uddhav-thackeray-mps-rebellion-letter-speaker-5005 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 17 Jun 2026 11:36:12 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ सांसदों के टूटने की अटकलों के बीच शिवसेना (यूबीटी) ने लोकसभा अध्यक्ष से की अपील, कहा- किसी भी अलग गुट को न दी जाए मान्यता; पार्टी में नई राजनीतिक हलचल तेज।महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर शिवसेना  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>सांसदों के टूटने की अटकलों के बीच शिवसेना (यूबीटी) ने लोकसभा अध्यक्ष से की अपील, कहा- किसी भी अलग गुट को न दी जाए मान्यता; पार्टी में नई राजनीतिक हलचल तेज।</p><p>महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के भीतर संभावित असंतोष और सांसदों के टूटने की अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे गुट ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजा है। इस पत्र में आग्रह किया गया है कि यदि पार्टी के कुछ सांसद अलग गुट बनाने या किसी अन्य राजनीतिक दल के साथ जाने का दावा करते हैं, तो उन्हें संसद में किसी प्रकार की अलग मान्यता न दी जाए।</p><p>यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसद पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं और भविष्य की रणनीति को लेकर अलग रास्ता चुन सकते हैं। हालांकि इन अटकलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने संभावित संकट को देखते हुए पहले ही कानूनी और राजनीतिक मोर्चे पर तैयारी शुरू कर दी है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi | Amid speculations of a split in Shiv Sena UBT, party MP Sanjay Raut says, &amp;quot;I have information that Rs 15 crore each was delivered to the MPs, after which they boarded charter flights from three places, including Nanded and Pune. We have issued a whip for the… &lt;a href="https://t.co/s50XxiJV3E"&gt;pic.twitter.com/s50XxiJV3E&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2067121086760984668?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 17, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>2022 जैसी स्थिति से बचने की कोशिश</b></h5><p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरा घटनाक्रम वर्ष 2022 की उस बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल की याद दिलाता है, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विधायक शिवसेना से अलग हो गए थे। उस घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया था और अंततः चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को आधिकारिक शिवसेना के रूप में मान्यता दे दी थी।</p><p>अब उद्धव गुट नहीं चाहता कि सांसदों के स्तर पर वैसी ही स्थिति दोबारा बने। यही वजह है कि पार्टी ने पहले से ही लोकसभा अध्यक्ष को संवैधानिक और कानूनी पहलुओं का हवाला देते हुए अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है।</p><h5 class=""><b>अरविंद सावंत ने रखा कानूनी पक्ष</b></h5><p>शिवसेना (यूबीटी) संसदीय दल के नेता अरविंद सावंत ने पत्र में कहा कि संविधान के 91वें संशोधन के बाद राजनीतिक दलों में “विभाजन” की अवधारणा को कानूनी संरक्षण नहीं मिला हुआ है। उनका तर्क है कि केवल सांसदों या विधायकों की संख्या के आधार पर कोई नया समूह स्वतः वैध राजनीतिक इकाई नहीं बन जाता।</p><p>सावंत ने यह भी कहा कि सांसद जिस चुनाव चिन्ह और राजनीतिक दल के आधार पर चुनकर संसद पहुंचे हैं, उनकी वैधता उसी मूल राजनीतिक दल से जुड़ी हुई है। इसलिए केवल अलग होने की घोषणा कर देने से कोई नया संसदीय समूह संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं कर सकता।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi | Amid speculations of a split in Shiv Sena UBT, party MP Arvind Sawant says, &amp;quot;I have written to Lok Sabha Speaker Om Birla over safeguarding the Constitution. Until now, no party leader has told us that they are leaving.&amp;quot; &lt;a href="https://t.co/enmDoCctGV"&gt;pic.twitter.com/enmDoCctGV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2067122266127958334?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 17, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><p>सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला</p><p>पत्र में महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के फैसले का भी उल्लेख किया गया है। पार्टी का कहना है कि अदालत ने स्पष्ट किया था कि राजनीतिक दल की पहचान और अधिकार विधायिका दल से ऊपर हैं। इसलिए केवल विधायकों या सांसदों के बहुमत के आधार पर पार्टी की पहचान तय नहीं की जा सकती।</p><p>शिवसेना (यूबीटी) का मानना है कि यदि कोई सांसद पार्टी नेतृत्व की अनुमति के बिना अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश करता है तो वह दलबदल विरोधी कानून के दायरे में आ सकता है।</p><h5 class=""><b>सांसदों को जारी किया गया व्हिप</b></h5><p>संभावित राजनीतिक संकट के बीच पार्टी ने अपने सांसदों को संसदीय दल की बैठक में शामिल होने के लिए व्हिप भी जारी किया है। इसे पार्टी नेतृत्व की ओर से एकजुटता बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।</p><p>सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व लगातार सांसदों के संपर्क में है और किसी भी असंतोष को दूर करने का प्रयास कर रहा है। वहीं दूसरी ओर राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी जारी है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।</p><h5 class=""><b>क्या फिर बदलेंगे महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरण?</b></h5><p>महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई बड़े राजनीतिक बदलाव हुए हैं। ऐसे में शिवसेना (यूबीटी) के भीतर उठ रही नई चर्चाओं ने राजनीतिक माहौल को फिर गर्म कर दिया है। हालांकि अभी तक किसी सांसद ने सार्वजनिक रूप से पार्टी छोड़ने की घोषणा नहीं की है, लेकिन घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।</p><p>फिलहाल उद्धव ठाकरे गुट अपने संगठन को एकजुट रखने और किसी भी संभावित टूट को रोकने की कोशिश में जुटा है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि यह केवल राजनीतिक अटकलें हैं या फिर महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर किसी बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ शिवसेना (UBT) में फिर बगावत की आहट? लोकसभा स्पीकर को पत्र लिख उद्धव गुट ने जताई बड़ी आशंका ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/ranchi-rss-office-petrol-bomb-attack-police-investigation-5004 ]]></guid><title><![CDATA[ रांची में RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/ranchi-rss-office-petrol-bomb-attack-police-investigation-5004 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 17 Jun 2026 11:10:54 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। देर रात हुए इस हमले के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां सक्र ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>झारखंड की राजधानी रांची में <b>राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)</b> के कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। देर रात हुए इस हमले के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। शुरुआती जांच में यह मामला केवल शरारत का नहीं बल्कि संभावित बड़ी साजिश से जुड़ा होने की आशंका भी जताई जा रही है।&nbsp;<b>बाबूलाल मरांडी बोले- बड़ी साजिश की हो सकती है तैयारी।</b></p><p>जानकारी के अनुसार यह घटना रात करीब 12:36 बजे हुई, जब दो अज्ञात युवक संघ कार्यालय के पास पहुंचे और पेट्रोल बम फेंकने की कोशिश की। हालांकि दोनों प्रयास पूरी तरह सफल नहीं हो सके, जिससे किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस आरोपियों की पहचान में जुटी हुई है।</p><p>घटना को लेकर झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने इसे गंभीर मामला बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सामान्य घटना नहीं लगती, बल्कि इसके पीछे किसी बड़ी योजना या साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मामले की गहन जांच की मांग की है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Jharkhand | Petrol bombs thrown at RSS office in Ranchi&lt;br&gt;&lt;br&gt;Leader of the Opposition in Jharkhand Assembly, Babulal Marandi says, &amp;quot;At around am, two men threw petrol bombs at the RSS office. They came by car with motorbikes accompanying them. This is a serious matter… &lt;a href="https://t.co/OwPRd25V57"&gt;pic.twitter.com/OwPRd25V57&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2067107142495346806?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 17, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><p>पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फुटेज में दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए हैं, जो कथित रूप से बोतलों में ज्वलनशील पदार्थ लेकर आए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि हमले में इस्तेमाल की गई बोतलों को स्थानीय स्तर पर तैयार किया गया था।</p><p>सूत्रों के अनुसार, हमलावरों का पहला प्रयास विफल हो गया क्योंकि पेट्रोल बम का सुलगता हुआ हिस्सा लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नीचे गिर गया। इसके बाद दूसरा पेट्रोल बम फेंका गया, लेकिन वह भी कार्यालय परिसर तक नहीं पहुंच पाया। इस कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।</p><p>पुलिस अब घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हमले के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, स्थानीय विवाद या कोई संगठित योजना तो नहीं थी। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि सबूतों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सके।</p><p>स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने आसपास स्थित एक होटल के कर्मचारियों पर शक जताया है। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले संघ कार्यालय से जुड़े लोगों और होटल प्रबंधन के बीच कुछ मुद्दों को लेकर विवाद हुआ था। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी व्यक्ति या समूह की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।</p><p>इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक और सामाजिक संगठनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p><p>फिलहाल पुलिस विभिन्न एंगल से जांच कर रही है और सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ रांची में RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/jairam-ramesh-welcomes-us-iran-deal-raises-economic-foreign-policy-concerns-4984 ]]></guid><title><![CDATA[ अमेरिका-ईरान समझौते पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया, मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/jairam-ramesh-welcomes-us-iran-deal-raises-economic-foreign-policy-concerns-4984 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 15 Jun 2026 13:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के उद्देश्य से अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते का स्वागत किया है। हालांकि उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था और विदेश नीति क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के उद्देश्य से अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते का स्वागत किया है। हालांकि उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था और विदेश नीति को लेकर कई गंभीर चिंताएं भी जताईं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए एक पोस्ट में जयराम रमेश ने कहा कि 19 जून को अमरीका और ईरान के बीच जिनेवा में होने वाले संभावित समझौते की खबर सकारात्मक है, हालांकि इसके सभी विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं।&nbsp;</span></p><p>उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका, ईरान और इजरायल इस समझौते का पालन करेंगे और यह क्षेत्र में स्थायी शांति तथा संबंधों के सामान्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।</p><p><b>हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से भारत को राहत</b></p><p>जयराम रमेश ने कहा कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुल जाता है तो इससे भारत को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है। हालांकि उन्होंने कहा कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था की गहरी संरचनात्मक समस्याओं का समाधान नहीं होगा।</p><p><b>अर्थव्यवस्था को लेकर जताई चिंता</b></p><p>कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पश्चिम एशिया संकट से पहले ही भारतीय अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आरोप लगाया कि&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">रुपया पिछले एक वर्ष से दबाव में है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">डॉलर की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">निजी निवेश कई वर्षों से कमजोर बना हुआ है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">वास्तविक मजदूरी (रियल वेज) में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">चीन से आयात पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">कर विभाग और जांच एजेंसियों की शक्तियों के कारण निवेश माहौल प्रभावित हुआ है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Congress leader Jairam Ramesh, in a post on his social media, wrote, &amp;quot;The news that the US and Iran will be signing an agreement on June 19th in Geneva to halt hostilities in West Asia is to be welcomed, even though the full details are yet to be made public officially. There is… &lt;a href="https://t.co/H9NDMxP1Qs"&gt;pic.twitter.com/H9NDMxP1Qs&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; United News of India (@uniindianews) &lt;a href="https://x.com/uniindianews/status/2066407198192967808?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 15, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>विदेश नीति पर भी उठाए सवाल</b></p><p>जयराम रमेश ने भारत की पश्चिम एशिया नीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि राष्ट्रीय हितों की दृष्टि से क्षेत्र में अधिक संतुलित कूटनीतिक रुख अपनाने की आवश्यकता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इज़राइल नीति की अप्रत्यक्ष आलोचना करते हुए कहा कि भारत के दीर्घकालिक हित, मानवीय दृष्टिकोण और क्षेत्र के साथ उसके ऐतिहासिक संबंध एक संतुलित नीति की मांग करते हैं।</span></p><p><b>पाकिस्तान और चीन का भी किया जिक्र</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>अपने बयान में उन्होंने यह भी दावा किया कि 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान अब क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर फिर से प्रभाव बढ़ाता दिखाई दे रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">साथ ही उन्होंने पाकिस्तान की रणनीतिक संरचना में चीन की बढ़ती भूमिका को भारत की विदेश नीति के लिए एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक चुनौती बताया।</span></i></b></p><p><b>क्या है मामला?</b></p><p>जयराम रमेश की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए संभावित समझौते की खबरें सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अमेरिका-ईरान समझौते पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया, मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/operation-tiger-buzz-fadnavis-reaction-uddhav-thackeray-mp-meeting-4976 ]]></guid><title><![CDATA[ मातोश्री में उद्धव ठाकरे की अहम बैठक, 'ऑपरेशन टाइगर' पर गरमाई महाराष्ट्र की राजनीति ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/operation-tiger-buzz-fadnavis-reaction-uddhav-thackeray-mp-meeting-4976 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 14 Jun 2026 17:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मुंबई, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर राजनीतिक अटकलों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि विपक्ष के कौन से विधायक या सांसद ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>मुंबई, महाराष्ट्र: </b>महाराष्ट्र में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर राजनीतिक अटकलों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि विपक्ष के कौन से विधायक या सांसद महायुति गठबंधन में शामिल हो सकते हैं। यह बयान उस समय आया जब उद्धव ठाकरे ने मुंबई स्थित मातोश्री में अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक बुलाई।</span></p><p>बैठक में सांसदों की उपस्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर फडणवीस ने कहा, "मुझे नहीं पता कि कौन आएगा और कौन नहीं आएगा। बैठक खत्म होने के बाद मुझे बताइए कि कौन मौजूद था और कौन नहीं।"</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Mumbai, Maharashtra: On &amp;#39;Operation Tiger,&amp;#39; and a meeting of Shiv Sena UBT MPs meeting at Matoshree, Maharashtra CM Devendra Fadnavis says, &amp;quot;I have no idea who will attend or who won&amp;#39;t; let me know after the meeting who was there and who wasn&amp;#39;t...&amp;quot; &lt;a href="https://t.co/T7al25xsBY"&gt;pic.twitter.com/T7al25xsBY&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2066072886012678372?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>मातोश्री में हुई अहम बैठक</b></p><p>रविवार को उद्धव ठाकरे ने पार्टी सांसदों के साथ बैठक की। बैठक में कुछ सांसद व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे, जबकि कुछ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। बैठक में अनिल देसाई, संजय राउत और राजाभाऊ वाजे उपस्थित रहे। वहीं संजय देशमुख और नागेश पाटिल आश्तेकर ऑनलाइन जुड़े।</p><p><b>संजय राउत ने किया खंडन</b></p><p>बैठक के बाद संजय राउत ने पार्टी में टूट की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि यह एक नियमित बैठक थी और पार्टी के सभी नौ सांसद इसमें शामिल हुए। उन्होंने कहा, "चार सांसद बैठक में व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे, जबकि पांच सांसद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इस तरह सभी नौ सांसदों ने उद्धव जी के साथ बैठक में हिस्सा लिया।" राउत ने बताया कि आदित्य ठाकरे और विनायक राउत भी बैठक में शामिल हुए थे।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Mumbai: After the meeting of Shiv Sena (UBT) MPs called by party chief Uddhav Thackeray, party MP Sanjay Raut says, &amp;quot;What Operation Tiger are you asking about? We are all tigers. We are going to launch Operation Wolf...We are not going to be scared. All our MPs and… &lt;a href="https://t.co/6bHLc9njJR"&gt;pic.twitter.com/6bHLc9njJR&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2066089145597042745?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>क्यों चर्चा में है 'ऑपरेशन टाइगर'?</b></p><p>महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों ऐसी चर्चाएं हैं कि विपक्ष के कुछ नेता सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का रुख कर सकते हैं। इसी वजह से 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2022 में शिवसेना में बड़ी टूट हुई थी, जब पार्टी के कई विधायक एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में अलग हो गए थे और बाद में भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। इसके बाद से समय-समय पर शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के भी शिंदे गुट में जाने की अटकलें लगती रही हैं।</p><p><b>महाराष्ट्र में महायुति की सरकार</b></p><p>वर्ष 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना (शिंदे) और एनसीपी (अजित पवार) के महायुति गठबंधन ने सत्ता में वापसी की थी। ऐसे में विपक्षी दलों में संभावित टूट की खबरों ने राज्य की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मातोश्री में उद्धव ठाकरे की अहम बैठक, 'ऑपरेशन टाइगर' पर गरमाई महाराष्ट्र की राजनीति ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/amarnath-yatra-2026-ganderbal-police-joint-mock-drill-4974 ]]></guid><title><![CDATA[ अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले गंदरबल में सुरक्षा एजेंसियों का संयुक्त मॉक ड्रिल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/amarnath-yatra-2026-ganderbal-police-joint-mock-drill-4974 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 14 Jun 2026 16:00:24 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ गंदरबल, जम्मू-कश्मीर: आगामी श्री अमरनाथ जी यात्रा (SANJY)-2026 की सुरक्षा तैयारियों के तहत रविवार को गंदरबल जिले के पंडित कॉलोनी वुस्सन क्षेत्र में एक संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह अभ्यास स्पेशल  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>गंदरबल, जम्मू-कश्मीर: </b>आगामी श्री अमरनाथ जी यात्रा (SANJY)-2026 की सुरक्षा तैयारियों के तहत रविवार को गंदरबल जिले के पंडित कॉलोनी वुस्सन क्षेत्र में एक संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह अभ्यास स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) गंदरबल द्वारा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के साथ मिलकर किया गया। </span></p><p><span style="font-size: 1rem;">इसका उद्देश्य सुरक्षा बलों की परिचालन क्षमता का आकलन करना, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत बनाना और विभिन्न सुरक्षा परिस्थितियों से निपटने के लिए एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गंदरबल पुलिस सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार तैयारियों और प्रभावी समन्वय के माध्यम से अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुचारू बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Ahead of Shri Amarnath Yatra, &lt;a href="https://x.com/policekulgam?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@policekulgam&lt;/a&gt; along with security agencies conduct a comprehensive mock drill on the NH-44 to assess preparedness, strengthen coordination and rehearse response mechanisms for any emergency situation.&lt;a href="https://x.com/airnewsalerts?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@airnewsalerts&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/adgpi?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@adgpi&lt;/a&gt; &lt;br&gt;Report: &lt;a href="https://x.com/KhurshidPadroo?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@KhurshidPadroo&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/3bLUCFGbRZ"&gt;pic.twitter.com/3bLUCFGbRZ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Akashvani News Jammu (@radionews_jammu) &lt;a href="https://x.com/radionews_jammu/status/2066079211027374538?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>पहले भी हुई थी तैयारियों की समीक्षा</b></p><p>इससे पहले मई महीने में पर्यटन निदेशक, जम्मू की अध्यक्षता में अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधाओं, स्वच्छता, प्रचार-प्रसार, आधारभूत ढांचे, टेंट व्यवस्था, भोजन स्टॉल और अन्य आवश्यक सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई थी।</p><p>अध्यक्ष ने सभी विभागों और अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।</p><p><b>श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>बैठक में स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया गया था। अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि यात्रा शुरू होने से काफी पहले सभी सुविधाएं और सहायता सेवाएं पूरी तरह चालू कर दी जाएं, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।</i></b></p><p><b>यात्री निवास और ट्रांजिट कैंपों की भी समीक्षा</b></p><p>बैठक के दौरान यात्री निवास (यात्री निवास) और अन्य ट्रांजिट स्थलों पर चल रहे कार्यों तथा तैयारियों की स्थिति का भी जायजा लिया गया। संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित कार्यों और आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव मिल सके।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले गंदरबल में सुरक्षा एजेंसियों का संयुक्त मॉक ड्रिल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/lt-gen-dhiraj-seth-appointed-next-army-chief-4968 ]]></guid><title><![CDATA[ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के अगले प्रमुख, 30 जून को संभालेंगे पदभार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/lt-gen-dhiraj-seth-appointed-next-army-chief-4968 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 13 Jun 2026 18:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला थलसेना प्रमुख (चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) नियुक्त किया है। वह 30 जून 2026 को पदभार ग्रहण करेंगे। मौजूदा थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला थलसेना प्रमुख (चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) नियुक्त किया है। वह 30 जून 2026 को पदभार ग्रहण करेंगे। मौजूदा थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी उसी दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">वर्तमान में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ सेना के उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) के रूप में कार्यरत हैं।</span></p><p>रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी नियुक्ति की घोषणा करते हुए उनके शानदार सैन्य करियर और राष्ट्र सेवा में योगदान की सराहना की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मंत्रालय ने कहा, "सरकार ने वर्तमान में वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के पद पर कार्यरत लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम को 30 जून 2026 की दोपहर से जनरल के पद पर भारतीय सेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया है।"</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;The Government has appointed Lieutenant General Dhiraj Seth, PVSM, UYSM, AVSM, presently serving as the Vice Chief of the Army Staff, as the next Chief of the Army Staff in the substantive rank of General with effect from the afternoon of 30 June 2026.&lt;br&gt;&lt;br&gt;An alumnus of the National… &lt;a href="https://t.co/RExcCKjWJh"&gt;pic.twitter.com/RExcCKjWJh&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) &lt;a href="https://x.com/SpokespersonMoD/status/2065734279913758952?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>चार दशक का सैन्य अनुभव</b></p><p>लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं। उन्हें दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन मिला था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">करीब 40 वर्षों के सैन्य करियर में उन्होंने परिचालन, रणनीतिक योजना, क्षमता विकास और संस्थागत नेतृत्व जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य किया है।</span></p><p><u><span style="font-size: 1rem;">धीरज सेठ ने सेना में विभिन्न स्तरों पर&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">महत्वपूर्ण</span><span style="font-size: 1rem;"> </span><span style="font-size: 1rem;">कमान संभाली</span><span style="font-size: 1rem;">:</span></u></p><ul><li>रेगिस्तानी क्षेत्र में एक आर्मर्ड रेजिमेंट की कमान संभाली</li><li>पश्चिमी मोर्चे पर आर्मर्ड ब्रिगेड का नेतृत्व किया</li><li>जम्मू-कश्मीर में काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स का नेतृत्व किया</li><li>लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली</li><li>दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में भी सेवाएं दीं</li></ul><p>इसके बाद सेना कमांडर के रूप में उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान दोनों का नेतृत्व किया। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Lt Gen Dhiraj Seth appointed as next Army Chief, to assume charge on June 30&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story |&lt;a href="https://t.co/gohz31z69Y"&gt;https://t.co/gohz31z69Y&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/DhirajSeth?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#DhirajSeth&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/COAS?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#COAS&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/UpendraDwivedi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UpendraDwivedi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/gx0DnTHrYe"&gt;pic.twitter.com/gx0DnTHrYe&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2065771380969456077?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>सेना के आधुनिकीकरण में अहम भूमिका</b></p><p>धीरज सेठ को सेना के आधुनिकीकरण और भविष्य की युद्धक तैयारियों को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए भी जाना जाता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने सेना मुख्यालय में रणनीतिक योजना और क्षमता विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए सैन्य आधुनिकीकरण, नई तकनीकों के समावेशन और भविष्य की सैन्य संरचना तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</span></p><p><b>उत्कृष्ट सैन्य शिक्षा</b></p><p><u>धीरज सेठ ने अपने सैन्य प्रशिक्षण और शिक्षा के दौरान कई पाठ्यक्रमों में शीर्ष स्थान हासिल किए हैं:</u></p><ul><li>हायर कमांड कोर्स के स्नातक हैं</li><li>नेशनल डिफेंस कॉलेज से शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं</li><li>फ्रांस के प्रतिष्ठित कमांड एंड स्टाफ कोर्स में भी भाग ले चुके हैं</li></ul><p>उनकी नियुक्ति को भारतीय सेना के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब सेना आधुनिकीकरण, तकनीकी उन्नयन और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप खुद को मजबूत कर रही है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के अगले प्रमुख, 30 जून को संभालेंगे पदभार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/jp-nadda-india-fastest-growing-major-economy-modi-government-4967 ]]></guid><title><![CDATA[ 12 साल में भारत ने बदली आर्थिक तस्वीर, दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना देश: जेपी नड्डा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/jp-nadda-india-fastest-growing-major-economy-modi-government-4967 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 13 Jun 2026 17:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ शिमला, हिमाचल प्रदेश: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे मजबूत और सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>शिमला, हिमाचल प्रदेश:</b> केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे मजबूत और सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के प्रभाव से देश को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने पर्याप्त कदम उठाए हैं।</span></p><p>शिमला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार ने शासन के 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं, जो आर्थिक सुधारों, कल्याणकारी योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विस्तार और निर्णायक नीतिगत फैसलों के लिए याद किए जाएंगे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में लगातार निर्वाचित रहने वाले सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने देश को अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजारा है।</span></p><p><b>वैश्विक संस्थानों ने भी भारत की सराहना की</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">जगत प्रकाश नड्डा</span>&nbsp;ने कहा, "भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। एक समय दोहरे अंकों में रहने वाली महंगाई को नियंत्रित किया गया है और नीति पक्षाघात की जगह निर्णायक शासन ने ले ली है।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पूर्व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक जैसे वैश्विक संस्थान भारत को विश्व अर्थव्यवस्था का उज्ज्वल केंद्र और विकास का प्रमुख इंजन मान रहे हैं, जबकि कई देश आर्थिक अनिश्चितताओं का सामना कर रहे हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;Watch | केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा , &amp;quot; हम ‘फ्रैजाइल फाइव’ से निकलकर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरे हैं। जो इन्फ्लेशन डबल डिजिट में था, वो आज बिल्कुल कंट्रोल में है। ...&amp;quot;&lt;a href="https://x.com/JPNadda?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@JPNadda&lt;/a&gt; | &lt;a href="https://x.com/hashtag/JPNadda?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#JPNadda&lt;/a&gt; | &lt;a href="https://x.com/hashtag/IndianEconomy?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#IndianEconomy&lt;/a&gt; |… &lt;a href="https://t.co/Qdl24JaOZb"&gt;pic.twitter.com/Qdl24JaOZb&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; यूनीवार्ता (@univartaindia1) &lt;a href="https://x.com/univartaindia1/status/2065728803335549372?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>डीबीटी से 51 लाख करोड़ रुपये सीधे खातों में पहुंचे</b></p><p>नड्डा ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली का उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा चुकी है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और लगभग 4 लाख करोड़ रुपये की संभावित लीकेज पर रोक लगी।</p><p><b>पश्चिम एशिया संकट पर सरकार की तैयारी</b></p><p>पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव पर नड्डा ने कहा कि सरकार ने दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और उर्वरकों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "पश्चिम एशिया का संकट चिंता का विषय है, लेकिन भारत ने रणनीतिक रूप से खुद को तैयार किया है। हमने यह सुनिश्चित किया है कि देश में दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और खाद की कोई कमी न हो।"</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">केंद्रीय मंत्री</span>&nbsp;के अनुसार भारत ने उर्वरकों की खरीद के लिए इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, रूस और चीन जैसे देशों के साथ वैकल्पिक व्यवस्था विकसित की है, ताकि आपूर्ति प्रभावित न हो।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त उर्वरक भंडार उपलब्ध हैं और रबी सीजन की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;India emerges as world&amp;#39;s fastest growing major economy under PM Modi: Union Minister Nadda&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story |&lt;a href="https://t.co/gFZUI7qjTY"&gt;https://t.co/gFZUI7qjTY&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/JPNadda?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#JPNadda&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/PMModi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#PMModi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Economy?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Economy&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/7fnwUO4TiO"&gt;pic.twitter.com/7fnwUO4TiO&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2065755692418670716?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>स्वास्थ्य क्षेत्र में विस्तार</b></p><p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के दौरान देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। नए एम्स, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने मोटापे के खिलाफ अभियान, नियमित व्यायाम को बढ़ावा देने और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के तहत बीमारियों की समय रहते पहचान को सरकार की प्राथमिकता बताया।</span></p><p>कैंसर के बढ़ते मामलों पर उन्होंने कहा कि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं और सरकार रोकथाम, जागरूकता तथा समय पर उपचार पर विशेष ध्यान दे रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नड्डा ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की प्रगति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, दूरदृष्टि और जनता के भरोसे का परिणाम है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 12 साल में भारत ने बदली आर्थिक तस्वीर, दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना देश: जेपी नड्डा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/lufthansa-frankfurt-hyderabad-flight-bomb-threat-email-4962 ]]></guid><title><![CDATA[ फ्रैंकफर्ट-हैदराबाद लुफ्थांसा फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/lufthansa-frankfurt-hyderabad-flight-bomb-threat-email-4962 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 13 Jun 2026 13:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ हैदराबाद, तेलंगाना: जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से भारत के हैदराबाद आ रही लुफ्थांसा एयरलाइंस की एक उड़ान को शनिवार को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल प्राप्त हुआ। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।&nbsp;फिलहाल धमकी  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>हैदराबाद, तेलंगाना:</b> जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से भारत के हैदराबाद आ रही लुफ्थांसा एयरलाइंस की एक उड़ान को शनिवार को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल प्राप्त हुआ। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">फिलहाल धमकी की प्रकृति और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उठाए गए कदमों को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है। संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं।</span></p><p>गौरतलब है कि इससे पहले 16 मई को शमशाबाद स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी बम धमकी वाला ईमेल मिला था। हालांकि, व्यापक सुरक्षा जांच के बाद वह धमकी झूठी साबित हुई थी।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;A bomb threat email was received for a Lufthansa flight arriving at Shamshabad from Frankfurt. At midnight yesterday, after an email was received stating that there was an unmanned bomb on board that could explode at any moment before landing, security personnel at Shamshabad… &lt;a href="https://t.co/BqG5fGVA6W"&gt;pic.twitter.com/BqG5fGVA6W&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2065648880000422071?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>शाम करीब 6:30 बजे मिला धमकी भरा ईमेल</b></p><p>राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पुलिस के अनुसार, उस समय शाम करीब 6:30 बजे धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एयरपोर्ट परिसर और विभिन्न उड़ानों की गहन तलाशी ली थी, लेकिन कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी।</p><p>एक पुलिस अधिकारी ने बताया था, "हमने पूरे परिसर और उड़ानों की गहन जांच की थी, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। मामले में केस दर्ज कर जांच की गई थी।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">फिलहाल फ्रैंकफर्ट-हैदराबाद उड़ान को मिली ताजा धमकी के मामले में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और सभी आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। आगे की जानकारी आधिकारिक पुष्टि के बाद सामने आने की संभावना है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ फ्रैंकफर्ट-हैदराबाद लुफ्थांसा फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/odisha-free-education-kg-to-pg-big-announcement-4957 ]]></guid><title><![CDATA[ ओडिशा में बड़ा ऐलान: KG से PG तक मुफ्त शिक्षा, लाखों छात्रों को मिलेगा लाभ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/odisha-free-education-kg-to-pg-big-announcement-4957 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 12 Jun 2026 19:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शिक्षा को लेकर किया बड़ा ऐलान, सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में फीस खत्म करने की तैयारी; गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ।शिक्षा को किसी भी समाज की  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शिक्षा को लेकर किया बड़ा ऐलान, सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में फीस खत्म करने की तैयारी; गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ।</p><p>शिक्षा को किसी भी समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार माना जाता है। लेकिन आर्थिक चुनौतियों के कारण आज भी लाखों छात्र अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए ओडिशा सरकार ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि अब सरकारी शिक्षण संस्थानों में किंडरगार्टन (KG) से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) तक की पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।</p><p>मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य केवल छात्रों को आर्थिक राहत देना नहीं, बल्कि राज्य में शिक्षा की पहुंच को व्यापक बनाना और उच्च शिक्षा में नामांकन दर को बढ़ाना भी है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Bhubaneswar: Odisha CM Mohan Charan Majhi says, &amp;quot;The National Education Policy 2020 has been implemented and over 26,000 teaching and non-teaching staff have been recruited. Education from KG to PG will be made completely free in Odisha, benefiting students, especially those from… &lt;a href="https://t.co/5V8XYf5o56"&gt;pic.twitter.com/5V8XYf5o56&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2065415734134817023?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव</b></h5><p>ओडिशा सरकार का मानना है कि आर्थिक कारणों से कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसी सोच के तहत फीस आधारित बाधाओं को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को फीस की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।</p><p>राज्य सरकार का दावा है कि यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत साबित हो सकती है। इससे खासकर उन परिवारों को राहत मिलेगी जो सीमित आय के कारण बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में कठिनाई महसूस करते हैं।</p><h5 class=""><b>गरीब परिवारों के लिए राहत</b></h5><p>ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों के लिए यह योजना किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। अक्सर देखा जाता है कि उच्च शिक्षा के दौरान बढ़ते खर्च के कारण छात्र अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ देते हैं। अब फीस की बाधा खत्म होने से अधिक छात्र कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर तक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।</p><p>सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी और अधिक से अधिक छात्र शिक्षा व्यवस्था से जुड़े रहेंगे। इससे भविष्य में राज्य के युवाओं को बेहतर करियर अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।</p><h5 class=""><b>बेटियों की शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा</b></h5><p>ओडिशा सरकार की इस योजना का सबसे सकारात्मक प्रभाव लड़कियों की शिक्षा पर पड़ने की उम्मीद है। कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता नहीं दे पाते। मुफ्त शिक्षा उपलब्ध होने से अधिक परिवार अपनी बेटियों को स्कूल और कॉलेज भेजने के लिए प्रेरित होंगे।</p><p>विशेषज्ञों का मानना है कि महिला शिक्षा में वृद्धि किसी भी राज्य के सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण संकेतक होती है। ऐसे में यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।</p><h5 class=""><b>युवाओं के भविष्य को नई दिशा</b></h5><p>उच्च शिक्षा तक आसान पहुंच मिलने से युवाओं को बेहतर रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर मिलेंगे। सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह पहल राज्य को कुशल और शिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करेगी।</p><p>शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, जब अधिक युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करेंगे तो राज्य की आर्थिक प्रगति को भी नई गति मिलेगी। इससे उद्योग, तकनीक, स्वास्थ्य और प्रशासनिक क्षेत्रों में योग्य युवाओं की संख्या बढ़ेगी।</p><h5 class=""><b>दूसरे राज्यों के लिए बन सकता है उदाहरण</b></h5><p>देश के कई राज्यों में स्कूल स्तर तक मुफ्त शिक्षा की योजनाएं पहले से लागू हैं, लेकिन KG से PG तक निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था अपेक्षाकृत दुर्लभ है। ऐसे में ओडिशा का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।</p><p>राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में इस फैसले को सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि इसका प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो यह लाखों छात्रों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।</p><p>ओडिशा सरकार का यह निर्णय केवल एक कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि शिक्षा को हर वर्ग तक पहुंचाने का एक व्यापक प्रयास है। आने वाले समय में इसका असर राज्य की साक्षरता, रोजगार और सामाजिक विकास पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ओडिशा में बड़ा ऐलान: KG से PG तक मुफ्त शिक्षा, लाखों छात्रों को मिलेगा लाभ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/tarun-chugh-elected-unopposed-rajya-sabha-member-madhya-pradesh-4946 ]]></guid><title><![CDATA[ मध्य प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे तरुण चुग, भाजपा ने सौंपी नई संसदीय जिम्मेदारी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/tarun-chugh-elected-unopposed-rajya-sabha-member-madhya-pradesh-4946 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 11 Jun 2026 19:02:15 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण चुग राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं। मध्य प्रदेश से निर्विरोध जीत दर्ज कर उन्होंने संसदीय राजनीति में नई पारी की शुरुआत की है।भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तरुण चुग अब संसद के ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>भाजपा के वरिष्ठ नेता <b>तरुण चुग </b>राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं। मध्य प्रदेश से निर्विरोध जीत दर्ज कर उन्होंने संसदीय राजनीति में नई पारी की शुरुआत की है।</p><p>भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता <b>तरुण चुग</b> अब संसद के उच्च सदन राज्यसभा का हिस्सा बन गए हैं। मध्य प्रदेश से भाजपा उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे तरुण चुग निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। उनकी इस जीत को पार्टी नेतृत्व के भरोसे और संगठन में उनके लंबे अनुभव का सम्मान माना जा रहा है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Heartfelt gratitude to Hon’ble Prime Minister Shri &lt;a href="https://x.com/narendramodi?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@NarendraModi&lt;/a&gt; Ji and the party leadership for reposing their faith and confidence in me by entrusting me with the opportunity to serve in the Rajya Sabha.&lt;br&gt;&lt;br&gt;This is a matter of immense honour and responsibility for me. I reaffirm… &lt;a href="https://t.co/Qb3vcfQDO1"&gt;pic.twitter.com/Qb3vcfQDO1&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Tarun Chugh (@tarunchughbjp) &lt;a href="https://x.com/tarunchughbjp/status/2065033766234714402?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 11, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><p>राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने विजयी उम्मीदवारों को आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किए। इसी क्रम में तरुण चुग को भी राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र सौंपा गया। उनके साथ अन्य विजयी उम्मीदवारों को भी जीत का प्रमाणन दिया गया, जिसके बाद उनकी संसदीय जिम्मेदारियों की औपचारिक शुरुआत हो गई।</p><p>तरुण चुग लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने विभिन्न राज्यों में संगठन को मजबूत करने और पार्टी की रणनीतियों को जमीन पर लागू करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पार्टी के भीतर उनकी पहचान एक अनुभवी और कुशल संगठनकर्ता के रूप में रही है। यही वजह है कि भाजपा ने उन्हें राज्यसभा के लिए चुना और उन्हें संसद में भेजने का फैसला किया।</p><p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा में पहुंचने के बाद तरुण चुग राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ पंजाब और अन्य राज्यों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को भी मजबूती से उठाएंगे। उनकी संसदीय मौजूदगी भाजपा को सदन में एक अनुभवी और प्रभावशाली आवाज प्रदान करेगी।</p><p>भाजपा नेतृत्व ने समय-समय पर तरुण चुग को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं। संगठन में उनकी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले समय में उनकी भूमिका और भी व्यापक हो सकती है। राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उनका राजनीतिक कद बढ़ा है और पार्टी के भीतर उनकी स्थिति पहले से अधिक मजबूत हुई है।</p><p>राजनीतिक गलियारों में इस जीत को भाजपा की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है जिनके पास संगठनात्मक अनुभव और राष्ट्रीय स्तर पर काम करने की क्षमता हो। तरुण चुग का राज्यसभा पहुंचना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p><p>अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि वह संसद में किन मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं और जनता से जुड़े विषयों को किस तरह राष्ट्रीय मंच पर उठाते हैं। भाजपा समर्थकों और राजनीतिक पर्यवेक्षकों को उम्मीद है कि तरुण चुग अपनी नई जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाएंगे और पार्टी की नीतियों को सदन में मजबूती से प्रस्तुत करेंगे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मध्य प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे तरुण चुग, भाजपा ने सौंपी नई संसदीय जिम्मेदारी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/jahangir-khan-pushpa-police-parade-falta-west-bengal-news-4945 ]]></guid><title><![CDATA[ जहांगीर खान ‘पुष्पा’ पर पुलिस का शिकंजा, गिरफ्तारी के बाद इलाके में कराई गई पैदल परेड ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/jahangir-khan-pushpa-police-parade-falta-west-bengal-news-4945 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 11 Jun 2026 19:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ जबरन वसूली और कई आपराधिक मामलों में गिरफ्तार टीएमसी नेता जहांगीर खान को पुलिस ने फाल्टा क्षेत्र में ले जाकर घटनास्थलों का निरीक्षण कराया, वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना।पश्चिम बंगाल की राजनीत ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>जबरन वसूली और कई आपराधिक मामलों में गिरफ्तार टीएमसी नेता जहांगीर खान को पुलिस ने फाल्टा क्षेत्र में ले जाकर घटनास्थलों का निरीक्षण कराया, वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना।</p><p>पश्चिम बंगाल की राजनीति और अपराध जगत से जुड़े चर्चित नाम <b>जहांगीर खान उर्फ ‘पुष्पा’ </b>एक बार फिर सुर्खियों में हैं। जबरन वसूली, धमकी और अन्य गंभीर आरोपों के मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा इलाके में ले जाकर विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कराया। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।</p><p>वीडियो में <b>जहांगीर खान</b> साधारण कपड़ों में पुलिस सुरक्षा के बीच बाजार और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या उन्हें देखने के लिए सड़कों पर जुटी नजर आई। जिस क्षेत्र में कभी उनका प्रभाव माना जाता था, वहीं अब पुलिस कार्रवाई चर्चा का केंद्र बन गई है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Falta, West Bengal: Police escorted controversial local figure Jahangir Khan on foot through the Sahararhat area as part of an ongoing investigation. Dressed in shorts, Jahangir Khan was taken around the locality while investigators carried out inquiry-related procedures.… &lt;a href="https://t.co/031Ki9ZZNN"&gt;pic.twitter.com/031Ki9ZZNN&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2065042055693529127?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 11, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><p><br></p><h5 class=""><b>भारत-नेपाल सीमा के पास हुई थी गिरफ्तारी</b></h5><p>पुलिस के अनुसार जहांगीर खान को हाल ही में उत्तर बंगाल के पानीटंकी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था, जो भारत-नेपाल सीमा के नजदीक स्थित है। उनके खिलाफ फाल्टा थाने में कई शिकायतें दर्ज हैं। अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया ताकि मामलों की विस्तृत जांच की जा सके।</p><p>जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। इसी सिलसिले में पुलिस उन्हें संबंधित इलाकों में लेकर पहुंची ताकि घटनाओं और आरोपों से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया जा सके।</p><h5 class=""><b>विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं जहांगीर खान</b></h5><p>जहांगीर खान ने हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में फाल्टा सीट से चुनावी मैदान में उतरकर राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश की थी। हालांकि उन्हें चुनाव में सफलता नहीं मिली। चुनाव के बाद भी उनका नाम कई विवादों और कानूनी मामलों में सामने आता रहा।</p><p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी गिरफ्तारी और उसके बाद की घटनाएं राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे सकती हैं। खासकर ऐसे समय में जब प्रदेश में राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं।</p><h5 class=""><b>कानूनी चुनौतियां बढ़ीं</b></h5><p>सूत्रों के मुताबिक, जहांगीर खान पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें कुछ गैर-जमानती धाराएं भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में मामले से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं।</p><p>फिलहाल, गिरफ्तारी और इलाके में कराई गई पुलिस कार्रवाई ने जहांगीर खान को फिर से सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।</p><p><br></p><p><br></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ जहांगीर खान ‘पुष्पा’ पर पुलिस का शिकंजा, गिरफ्तारी के बाद इलाके में कराई गई पैदल परेड ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/kalyan-banerjee-targets-abhishek-banerjee-tmc-internal-conflict-4943 ]]></guid><title><![CDATA[ TMC में बढ़ी अंदरूनी कलह, कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर साधा सीधा निशाना ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/kalyan-banerjee-targets-abhishek-banerjee-tmc-internal-conflict-4943 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 11 Jun 2026 15:36:54 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) इन दिनों गंभीर राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और नेताओं की नाराजगी के बीच वरिष्ठ नेता एवं सांसद कल्याण बनर्जी का ए ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) इन दिनों गंभीर राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और नेताओं की नाराजगी के बीच वरिष्ठ नेता एवं सांसद कल्याण बनर्जी का एक बयान चर्चा का केंद्र बन गया है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के रवैये पर सवाल उठाते हुए खुलकर नाराजगी जाहिर की है।</p><p>कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्टी में फैसले लेने की प्रक्रिया और वरिष्ठ नेताओं के साथ व्यवहार को लेकर उन्हें गहरी आपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ फैसले बिना सलाह-मशविरा किए लिए जा रहे हैं, जिससे संगठन के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। उनका मानना है कि पार्टी के कई अनुभवी नेताओं की राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा।</p><h5 class=""><b>अभिषेक बनर्जी के रवैये पर उठाए सवाल</b></h5><p>अपने बयान में कल्याण बनर्जी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को सामूहिक नेतृत्व और संवाद की संस्कृति के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी में कुछ फैसले एकतरफा तरीके से लिए जा रहे हैं, जिससे कई वरिष्ठ नेताओं को असहजता महसूस हो रही है।</p><p>उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना जरूरी है। यदि संवाद की कमी होती है तो इसका असर पार्टी की एकजुटता पर पड़ सकता है।</p><h5 class=""><b>ममता बनर्जी के प्रति जताई निष्ठा</b></h5><p>हालांकि कल्याण बनर्जी ने स्पष्ट किया कि उनकी निष्ठा अब भी ममता बनर्जी के साथ है। उन्होंने कहा कि पार्टी सुप्रीमो के नेतृत्व पर उन्हें भरोसा है, लेकिन संगठन के भीतर कुछ मुद्दों पर गंभीर चर्चा की जरूरत है।</p><p>राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनका यह बयान सीधे तौर पर पार्टी नेतृत्व को संगठनात्मक चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाने का प्रयास हो सकता है।</p><h5 class=""><b>TMC में लगातार बढ़ रही है हलचल</b></h5><p>हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों के असंतोष की खबरें सामने आई हैं। कुछ नेताओं ने पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ ने संगठन छोड़ने का रास्ता चुना है।</p><p>इसी बीच कई सांसदों और विधायकों के अलग रुख अपनाने की चर्चाओं ने भी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनावी झटकों के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व और रणनीति को लेकर बहस तेज हो गई है।</p><h5 class=""><b>बंगाल चुनाव के बाद बदले समीकरण</b></h5><p>पश्चिम बंगाल की राजनीति में हालिया चुनाव परिणामों के बाद सत्ता समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। इसके बाद से विपक्ष लगातार टीएमसी पर दबाव बनाए हुए है। वहीं पार्टी के भीतर भी आत्ममंथन का दौर जारी है।</p><p>विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय पार्टी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को एकजुट बनाए रखना और कार्यकर्ताओं का मनोबल मजबूत रखना है।</p><p>कल्याण बनर्जी का बयान ऐसे समय आया है जब टीएमसी को कई मोर्चों पर राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इन मुद्दों पर किस तरह प्रतिक्रिया देता है और क्या संगठन के भीतर बढ़ते मतभेदों को दूर करने के लिए कोई बड़ा कदम उठाया जाता है।</p><p>फिलहाल इतना तय है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही हलचल आने वाले समय में और भी बड़ी राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे सकती है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ TMC में बढ़ी अंदरूनी कलह, कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर साधा सीधा निशाना ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/meenakshi-natarajan-rajya-sabha-nomination-case-supreme-court-hearing-4942 ]]></guid><title><![CDATA[ राज्यसभा चुनाव विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर कल होगी अहम सुनवाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/meenakshi-natarajan-rajya-sabha-nomination-case-supreme-court-hearing-4942 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 11 Jun 2026 13:41:48 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ meenakshi-natarajanमध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस विवाद पर देश की सर्वोच्च अदालत शुक्रवार को सु ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>meenakshi-natarajanमध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस विवाद पर देश की सर्वोच्च अदालत शुक्रवार को सुनवाई करेगी। मामले की अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख बेहद करीब है और अदालत का फैसला चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।<br></p><p>सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की ओर से दायर याचिका पर शीघ्र सुनवाई की मांग स्वीकार कर ली है। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत के सामने मामले की तात्कालिकता का हवाला देते हुए कहा कि यदि समय रहते सुनवाई नहीं हुई तो उम्मीदवार को बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।</p><h5 class=""><b>नामांकन रद्द होने पर उठे सवाल</b></h5><p>मीनाक्षी नटराजन ने अपनी याचिका में राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उनका नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया था। याचिका में दावा किया गया है कि नामांकन खारिज करने की प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं थी और चुनावी नियमों की गलत व्याख्या की गई।</p><p>कांग्रेस का कहना है कि नामांकन को रद्द करने का निर्णय लोकतांत्रिक प्रक्रिया की भावना के विपरीत है और इससे चुनाव में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है।</p><h5 class=""><b>सुप्रीम कोर्ट में क्या हुई बहस?</b></h5><p>सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत को बताया कि नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख निकट होने के कारण मामले पर तत्काल विचार आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि याचिका पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो उम्मीदवार के लिए चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर समाप्त हो सकता है।</p><p>दूसरी ओर, रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने जल्द सुनवाई की मांग का विरोध किया। हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले को अगले दिन के लिए सूचीबद्ध कर दिया।</p><h5 class=""><b>कांग्रेस ने फैसले को बताया अन्यायपूर्ण</b></h5><p>कांग्रेस नेताओं ने नामांकन रद्द किए जाने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी का दावा है कि यह फैसला न केवल कानूनी रूप से गलत है बल्कि इससे लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े होते हैं।</p><p>राजनीतिक हलकों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। कई विपक्षी नेताओं ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त की है और निष्पक्ष सुनवाई की मांग की है।</p><p>चुनावी राजनीति पर पड़ सकता है असर</p><p>राज्यसभा चुनाव को लेकर पहले से ही राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल एक उम्मीदवार के भविष्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर व्यापक राजनीतिक माहौल पर भी पड़ सकता है।</p><p>विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का निर्णय भविष्य में चुनावी नामांकन से जुड़े मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। अब सभी की निगाहें शुक्रवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस विवाद पर अगला महत्वपूर्ण मोड़ देखने को मिल सकता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ राज्यसभा चुनाव विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर कल होगी अहम सुनवाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/tmc-rajya-sabha-mp-prakash-chik-baraik-resignation-political-crisis-4939 ]]></guid><title><![CDATA[ TMC को एक और बड़ा झटका, राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने छोड़ी सदस्यता ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/tmc-rajya-sabha-mp-prakash-chik-baraik-resignation-political-crisis-4939 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 11 Jun 2026 12:14:07 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पार्टी के भीतर जारी राजनीतिक हलचल के बीच अब राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पार्टी के भीतर जारी राजनीतिक हलचल के बीच अब राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के साथ ही पिछले कुछ दिनों में राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले टीएमसी सांसदों की संख्या तीन हो गई है।</p><p>प्रकाश चिक बराइक ने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने का फैसला किया। इस्तीफे के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन्होंने पश्चिम बंगाल की जनता द्वारा दिए गए जनादेश और बदलते राजनीतिक माहौल को ध्यान में रखते हुए लिया है। हालांकि उन्होंने अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा।</p><h5 class=""><b>बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर दिया संकेत</b></h5><p>जब उनसे पूछा गया कि क्या वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने जा रहे हैं, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है।</p><p>विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, खासकर तब जब कई नेता अपनी राजनीतिक दिशा बदलने की तैयारी में दिखाई दे रहे हैं।</p><h5 class=""><b>आदिवासी समुदाय की मजबूत आवाज रहे हैं बराइक</b></h5><p>प्रकाश चिक बराइक पश्चिम बंगाल के आदिवासी समाज से आने वाले प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। राज्यसभा सदस्य के रूप में उन्होंने विभिन्न संसदीय समितियों में सक्रिय भूमिका निभाई। वे उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण से संबंधित संसदीय स्थायी समिति के सदस्य रहे हैं। इसके अलावा जनजातीय मामलों से जुड़ी सलाहकार समिति में भी उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी रही।</p><p>राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनके इस्तीफे से आदिवासी क्षेत्रों में भी राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।</p><h5 class=""><b>चार दिनों में तीसरा इस्तीफा</b></h5><p>टीएमसी के लिए यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के दिनों में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने अलग रास्ता चुना है। इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव भी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं।</p><p>लगातार हो रहे इस्तीफों ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। विपक्षी दल इसे टीएमसी के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत बता रहे हैं, जबकि पार्टी की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।</p><p>राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रकाश चिक बराइक अपने अगले राजनीतिक कदम की घोषणा कब करते हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ TMC को एक और बड़ा झटका, राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने छोड़ी सदस्यता ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/tmc-rebellion-19-mps-list-shatrughan-sinha-yusuf-pathan-bengal-politics-4937 ]]></guid><title><![CDATA[ TMC में बड़ा सियासी विस्फोट! 19 सांसदों ने दिखाई बगावत की राह, शत्रुघ्न सिन्हा, यूसुफ पठान भी शामिल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/tmc-rebellion-19-mps-list-shatrughan-sinha-yusuf-pathan-bengal-politics-4937 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 10 Jun 2026 19:04:17 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आता दिखाई दे रहा है। विधानसभा चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) अब अंदरूनी असंतोष से जूझती नजर आ रही है। पार्टी के कई विधायको ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आता दिखाई दे रहा है। विधानसभा चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) अब अंदरूनी असंतोष से जूझती नजर आ रही है। पार्टी के कई विधायकों के बाद अब सांसदों के एक बड़े समूह के भी नेतृत्व से नाराज होने की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच 19 सांसदों की एक सूची चर्चा में है, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि वे पार्टी लाइन से अलग रुख अपना रहे हैं।</p><p>इस सूची में पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान, वरिष्ठ अभिनेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा, युवा नेता सयोनी घोष और काकोली घोष जैसे चर्चित नाम शामिल बताए जा रहे हैं। राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को टीएमसी के लिए गंभीर चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।</p><h5 class=""><b>किन सांसदों के नाम चर्चा में?</b></h5><p>कथित बागी सांसदों की सूची में काकोली घोष, यूसुफ पठान, सयोनी घोष, शत्रुघ्न सिन्हा, माला रॉय, दीपक अधिकारी, शताब्दी रॉय, रचना बनर्जी समेत कुल 19 सांसदों के नाम सामने आए हैं। इन सांसदों को लेकर दावा किया जा रहा है कि वे पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली और संगठनात्मक फैसलों से संतुष्ट नहीं हैं।</p><ol><li>रचना बनर्जी (हुगली)</li><li>जगदीश चंद्र बसुनिया (कूचबिहार)&nbsp;</li><li>&nbsp;खली उर रहमान (जंगीपुर)<br></li><li>यूसुफ पठान, (बेहरामपुर)<br></li><li>अबू ताहिर खान, (मुर्शिदाबाद)<br></li><li>पार्थ भौमिक (बैरकपुर)<br></li><li>बापी हलधर (मथुरापुर)<br></li><li>सयोनी घोष (जादवपुर)<br></li><li>माला रॉय (कोलकाता दक्षिण)<br></li><li>मिताली बाग (आरामबाग)<br></li><li>दीपक अधिकारी (घाटल)<br></li><li>कालीपद सोरेन (झालग्राम)<br></li><li>जून मालिया (मेदिनीपुर)<br></li><li>अरूप चक्रवर्ती (बांकुड़ा)<br></li><li>डॉ. शर्मिला सरकार (वर्धमान पूर्व)<br></li><li>शत्रुघ्न सिन्हा (आसनसोल)<br></li><li>असित कुमार मल (बोलपुर)<br></li><li>शताब्दी रॉय (बीरभूम)<br></li><li>रचना बनर्जी (हुगली)</li></ol><h5 class=""><b>सयोनी घोष का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में</b></h5><p>जादवपुर से सांसद सयोनी घोष का नाम इस सूची में शामिल होना सबसे ज्यादा चौंकाने वाला माना जा रहा है। सयोनी को तृणमूल कांग्रेस के युवा और उभरते चेहरों में गिना जाता रहा है। उन्होंने पार्टी के कई महत्वपूर्ण चुनावी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई थी और उन्हें संगठन में भी अहम जिम्मेदारियां दी गई थीं।</p><p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि उनके जैसे नेताओं में असंतोष है, तो यह पार्टी के लिए चिंता का विषय हो सकता है।</p><h5 class=""><b>शत्रुघ्न सिन्हा और यूसुफ पठान की मौजूदगी ने बढ़ाई हलचल</b></h5><p>सूची में अभिनेता-राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान का नाम भी शामिल होने से राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।</p><p>शत्रुघ्न सिन्हा भारतीय राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं और विभिन्न दलों के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे हैं। वहीं यूसुफ पठान ने हाल ही में राजनीति में कदम रखा था और लोकसभा चुनाव में महत्वपूर्ण जीत दर्ज की थी।</p><p>इन दोनों नेताओं की मौजूदगी इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना रही है।</p><h5 class=""><b>अलग राजनीतिक समूह की चर्चा</b></h5><p>राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, कुछ सांसदों ने हाल के दिनों में अलग राजनीतिक रणनीति पर विचार-विमर्श किया है। यह भी चर्चा है कि कुछ नेताओं ने राष्ट्रीय स्तर पर नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर बातचीत की है।</p><p>हालांकि किसी नए दल या औपचारिक गुट के गठन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।</p><h5 class=""><b>काकोली घोष बनीं प्रमुख चेहरा</b></h5><p>काकोली घोष को इस कथित असंतुष्ट समूह का प्रमुख चेहरा माना जा रहा है। उन्होंने हाल ही में संगठन की दिशा और नीतियों को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि पार्टी के शुरुआती उद्देश्य आम जनता और गरीब वर्ग के हितों पर केंद्रित थे, लेकिन समय के साथ कई मुद्दों पर अपेक्षित बदलाव नहीं दिखाई दिए।</p><h5 class=""><b>बंगाल की राजनीति पर पड़ सकता है असर</b></h5><p>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टीएमसी के भीतर असंतोष इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर आने वाले राजनीतिक समीकरणों और संगठनात्मक मजबूती पर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें ममता बनर्जी और पार्टी नेतृत्व की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं।</p><p>आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह असंतोष केवल राजनीतिक चर्चा तक सीमित रहता है या फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति में किसी बड़े बदलाव की भूमिका तैयार करता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ TMC में बड़ा सियासी विस्फोट! 19 सांसदों ने दिखाई बगावत की राह, शत्रुघ्न सिन्हा, यूसुफ पठान भी शामिल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/jammu-kashmir-statehood-farooq-abdullah-pm-modi-promise-4936 ]]></guid><title><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर को फिर मिलेगा राज्य का दर्जा? फारूक अब्दुल्ला ने PM मोदी के वादे का किया जिक्र ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/jammu-kashmir-statehood-farooq-abdullah-pm-modi-promise-4936 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 10 Jun 2026 18:38:56 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस मिलने की चर्चाओं के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने दावा किया है कि प्रधानमंत्री  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस मिलने की चर्चाओं के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को भरोसा दिलाया है कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा पूरा किया जाएगा।</p><p>अनंतनाग में पत्रकारों से बातचीत करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद राज्य का दर्जा बहाल होना है। उन्होंने कहा कि केवल प्रशासनिक अधिकारों या कार्य संचालन के नियमों से बात पूरी नहीं होगी, बल्कि राज्य को उसका पुराना संवैधानिक दर्जा वापस मिलना चाहिए।</p><h5 class=""><b>राज्य के दर्जे की बहाली का इंतजार</b></h5><p>फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार पहले भी सार्वजनिक रूप से राज्य का दर्जा बहाल करने का आश्वासन दे चुकी है। उनका कहना है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बीच हुई बातचीत में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी।</p><p>उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार अपने वादे पर कायम रहेगी और उचित समय पर जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा मिलेगा। उनके अनुसार लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है।</p><h5 class=""><b>लोकतांत्रिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती</b></h5><p>नेशनल कॉन्फ्रेंस लंबे समय से राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठाती रही है। पार्टी का मानना है कि पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने से प्रशासनिक निर्णयों में तेजी आएगी और स्थानीय जनता की भागीदारी भी बढ़ेगी।</p><p>राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा जम्मू-कश्मीर की राजनीति में लंबे समय से प्रमुख विषय बना हुआ है। ऐसे में फारूक अब्दुल्ला का यह बयान राजनीतिक हलकों में नई चर्चा का विषय बन गया है।</p><h5 class=""><b>अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बोले फारूक</b></h5><p>मीडिया से बातचीत के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने अंतरराष्ट्रीय हालात पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए कहा कि दुनिया को संघर्ष की नहीं बल्कि शांति की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौजूदा विवादों का समाधान बातचीत के जरिए निकलेगा।</p><p>फारूक अब्दुल्ला का यह बयान ऐसे समय आया है जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और राज्य के भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं जारी हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर को फिर मिलेगा राज्य का दर्जा? फारूक अब्दुल्ला ने PM मोदी के वादे का किया जिक्र ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/pm-modi-completes-12-years-giorgia-meloni-congratulates-4933 ]]></guid><title><![CDATA[ PM मोदी के 12 साल पूरे, इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी समेत दुनिया के नेताओं ने दी बधाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/pm-modi-completes-12-years-giorgia-meloni-congratulates-4933 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 10 Jun 2026 13:54:23 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। लगातार 12 वर्षों तक देश का नेतृत्व करने के साथ ही उन्होंने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</b> ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। लगातार 12 वर्षों तक देश का नेतृत्व करने के साथ ही उन्होंने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस उपलब्धि पर दुनिया के कई देशों के नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। इनमें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का संदेश विशेष रूप से चर्चा में है।</p><p>प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल पूरे होने के अवसर पर जॉर्जिया मेलोनी ने उन्हें बधाई देते हुए भारत और इटली के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व भारत की राजनीतिक स्थिरता और वैश्विक प्रभाव का प्रतीक बन चुका है।</p><h5 class=""><b>मेलोनी ने क्या कहा?</b></h5><p>इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। उन्होंने हाल ही में रोम में हुई मुलाकात का भी जिक्र किया और कहा कि दोनों देशों के बीच शुरू हुई नई रणनीतिक साझेदारी भविष्य में कई नए अवसर पैदा करेगी।</p><p>मेलोनी ने भारत और इटली के रिश्तों को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देश व्यापार, निवेश, तकनीक और वैश्विक सहयोग के क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह साझेदारी आने वाले वर्षों में और मजबूत होगी।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="it" dir="ltr"&gt;Congratulazioni a &lt;a href="https://x.com/narendramodi?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@narendramodi&lt;/a&gt; che oggi diventa il Primo Ministro eletto più longevo nella storia dell’India.&lt;br&gt; &lt;br&gt;È stato un piacere ritrovarci a Roma nelle scorse settimane e lanciare assieme un Partenariato Strategico Speciale che guarda al futuro per creare nuove opportunità… &lt;a href="https://t.co/hiQICM6eKV"&gt;pic.twitter.com/hiQICM6eKV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) &lt;a href="https://x.com/GiorgiaMeloni/status/2064606040730095712?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 10, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>4,399 दिनों का ऐतिहासिक सफर</b></h5><p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल कर उन्होंने तीसरी बार सरकार बनाई।</p><p>प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा करने के साथ उन्होंने एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निर्वाचित कार्यकाल को पीछे छोड़ दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र में जनता के लगातार भरोसे को दर्शाती है।</p><p>हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का कुल कार्यकाल इससे अधिक रहा था, लेकिन वह लगातार नहीं था। इसी वजह से मोदी अब देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।</p><h5 class=""><b>वैश्विक मंच पर बढ़ा भारत का प्रभाव</b></h5><p>पिछले एक दशक में भारत की विदेश नीति और वैश्विक उपस्थिति में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। जी-20 की अध्यक्षता से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका तक, कई ऐसे कदम रहे हैं जिन्होंने देश की वैश्विक पहचान को मजबूत किया है।</p><p>विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने रणनीतिक साझेदारियों को नई दिशा दी है। इटली, फ्रांस, अमेरिका, जापान और खाड़ी देशों के साथ बढ़ते संबंध इसी नीति का हिस्सा माने जाते हैं।</p><h5 class=""><b>मालदीव समेत कई देशों ने दी शुभकामनाएं</b></h5><p>प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि पर मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू ने भी उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर मोदी को हार्दिक शुभकामनाएं। साथ ही उन्होंने भारत और मालदीव के बीच सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की।</p><p>इसके अलावा विभिन्न देशों के नेताओं और राजनयिकों ने भी प्रधानमंत्री मोदी को शुभकामनाएं भेजीं। यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और उसके नेतृत्व को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p><h5 class=""><b>राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धि</b></h5><p>प्रधानमंत्री मोदी का 12 वर्षों का कार्यकाल केवल एक राजनीतिक रिकॉर्ड नहीं बल्कि भारतीय राजनीति में स्थिर नेतृत्व का प्रतीक भी माना जा रहा है। लगातार तीन चुनावों में जीत और लंबे समय तक सत्ता में बने रहना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में बड़ी उपलब्धि माना जाता है।</p><p>दुनियाभर से मिल रही बधाइयों के बीच यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि को केवल भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी महत्वपूर्ण मान रहा है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ PM मोदी के 12 साल पूरे, इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी समेत दुनिया के नेताओं ने दी बधाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/sushmita-dev-resigns-rajya-sabha-tmc-political-setback-4930 ]]></guid><title><![CDATA[ TMC को एक और बड़ा झटका, राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने छोड़ी संसद सदस्यता ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/sushmita-dev-resigns-rajya-sabha-tmc-political-setback-4930 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 10 Jun 2026 11:53:55 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) को उस समय बड़ा झटका लगा जब पार्टी की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे की खबर सामने ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>पश्चिम बंगाल</b> की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) को उस समय बड़ा झटका लगा जब पार्टी की राज्यसभा सांसद <b>सुष्मिता देव</b> ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।</p><p>मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुष्मिता देव ने बुधवार को राज्यसभा सचिवालय पहुंचकर अपना इस्तीफा सौंपा। हालांकि, उनके इस्तीफे के पीछे की वजहों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। न ही टीएमसी नेतृत्व की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आई है।</p><h5 class=""><b>टीएमसी के राष्ट्रीय चेहरों में थीं शामिल</b></h5><p>सुष्मिता देव को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख नेताओं में गिना जाता था। उन्होंने अगस्त 2021 में कांग्रेस पार्टी छोड़कर टीएमसी का दामन थामा था। पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया और राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी की आवाज के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं।</p><p>पूर्वोत्तर भारत और महिला मुद्दों पर उनकी सक्रियता के कारण उन्हें टीएमसी के प्रमुख चेहरों में माना जाता था। संसद में भी उन्होंने कई अहम मुद्दों को उठाया और पार्टी की ओर से मुखर भूमिका निभाई।</p><h5 class=""><b>चुनाव बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल</b></h5><p>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से टीएमसी के भीतर कई तरह की राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। हाल के दिनों में पार्टी के कुछ नेताओं और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी की खबरें भी सामने आई थीं। ऐसे माहौल में सुष्मिता देव का इस्तीफा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p><p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका इस्तीफा केवल संसदीय पद छोड़ने तक सीमित मामला नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे बड़े राजनीतिक संकेत भी छिपे हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी किसी तरह की पुष्टि नहीं हुई है।</p><p>अब सभी की नजर सुष्मिता देव के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हुई है। क्या वह सक्रिय राजनीति में नई भूमिका निभाएंगी या किसी अन्य राजनीतिक मंच से जुड़ेंगी, इसे लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।</p><p>वहीं, टीएमसी के लिए यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में एक वरिष्ठ नेता का इस्तीफा पार्टी के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ TMC को एक और बड़ा झटका, राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने छोड़ी संसद सदस्यता ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/meenakshi-natarajan-nomination-rejected-congress-targets-election-commission-4929 ]]></guid><title><![CDATA[ मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, कांग्रेस ने चुनाव आयोग को घेरा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/meenakshi-natarajan-nomination-rejected-congress-targets-election-commission-4929 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 10 Jun 2026 11:40:15 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ राज्यसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद पार्टी ने चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ भाजपा पर गंभीर आरोप ल ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>राज्यसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद पार्टी ने चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह फैसला लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला है, जबकि चुनाव अधिकारियों का दावा है कि नामांकन पत्र में तकनीकी और दस्तावेजी खामियां पाई गईं, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया।</p><p>मामले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है और राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस इस मुद्दे को लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शिता से जोड़कर देख रही है, जबकि भाजपा इसे पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है।</p><h5 class=""><b>कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल</b></h5><p>कांग्रेस सांसद जेबी मैथर ने नामांकन रद्द किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्था के रूप में काम करना चाहिए, लेकिन हालिया घटनाक्रम कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर असर पड़ रहा है।</p><p>कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर नहीं दिया गया। उनका दावा है कि विरोध प्रदर्शन और दबाव के बाद ही सुनवाई का मौका मिला। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह इस फैसले को कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चुनौती देगी।</p><h5 class=""><b>मीनाक्षी नटराजन ने लगाए गंभीर आरोप</b></h5><h5 class=""></h5><p>नामांकन रद्द होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, जिस तरह से घटनाक्रम आगे बढ़ा है, उससे यह आशंका पैदा होती है कि राजनीतिक लाभ के लिए चुनावी प्रक्रिया पर दबाव बनाया जा रहा है।</p><p>नटराजन ने कहा कि राज्यसभा की सीटों को लेकर भाजपा ने अपेक्षित संख्या बल से अधिक उम्मीदवार उतारकर पहले ही राजनीतिक संदेश दे दिया था। अब नामांकन खारिज होने की घटना ने विवाद को और गहरा कर दिया है।</p><h5 class=""><b>मध्य प्रदेश कांग्रेस ने खोला मोर्चा</b></h5><p>मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को हल्के में नहीं लेगी और सभी संवैधानिक तथा कानूनी विकल्पों का उपयोग करेगी। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक और चुनावी प्रक्रियाओं को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई है।</p><p>उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कानूनी विशेषज्ञ पूरे मामले की समीक्षा कर रहे हैं और जल्द ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। पार्टी का मानना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना लोकतंत्र के लिए जरूरी है।</p><h5 class=""><b>राज्यसभा चुनाव पर बढ़ा सस्पेंस</b></h5><p>मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर पहले से ही राजनीतिक समीकरण दिलचस्प बने हुए हैं। ऐसे समय में कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द होना चुनावी मुकाबले को और अधिक चर्चा का विषय बना रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद का असर चुनावी माहौल और विपक्ष की रणनीति पर भी पड़ सकता है।</p><p>18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि कांग्रेस अदालत या चुनाव आयोग के समक्ष क्या कदम उठाती है और क्या इस मामले में कोई नई कानूनी राहत मिलती है।</p><h5 class=""><b>चुनावी लड़ाई अब कानूनी मोर्चे पर</b></h5><p>राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मामला अब कानूनी और संवैधानिक बहस का विषय बनता जा रहा है। कांग्रेस जहां इसे लोकतंत्र और चुनावी अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं भाजपा और चुनावी अधिकारी नियमों के पालन की बात कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद राज्यसभा चुनाव की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा बन सकता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, कांग्रेस ने चुनाव आयोग को घेरा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/andhra-pradesh-ebola-alert-airport-screening-4925 ]]></guid><title><![CDATA[ इबोला वायरस को लेकर आंध्र प्रदेश अलर्ट, विदेशी यात्रियों की हो रही स्क्रीनिंग ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/andhra-pradesh-ebola-alert-airport-screening-4925 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 09 Jun 2026 16:35:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश: इबोला वायरस के वैश्विक स्तर पर बढ़ते खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में सतर्कता बढ़ा दी है। विदेशी देशों से आने वाले यात्रियों की विशेष निगरानी की जा रही ह ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश:</b> इबोला वायरस के वैश्विक स्तर पर बढ़ते खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में सतर्कता बढ़ा दी है। विदेशी देशों से आने वाले यात्रियों की विशेष निगरानी की जा रही है और गन्नवरम हवाई अड्डे पर सघन स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सरकारी जनरल अस्पताल (जीजीएच) विजयवाड़ा की चिकित्सक डॉ. सुजाना ने बताया कि पिछले 20 दिनों से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की नियमित जांच की जा रही है।</span></p><p>विशेष रूप से सिंगापुर से आने वाले यात्रियों की सप्ताह में तीन दिन, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार स्क्रीनिंग की जा रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने बताया कि मंगलवार को सिंगापुर से आए 127 यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की गई। इसके अलावा पिछले सप्ताह गन्नवरम हवाई अड्डे पर पहुंचे हज यात्रियों की भी विशेष स्क्रीनिंग की गई, जिसमें दोपहर और देर रात के समय भी जांच शामिल रही।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">डॉ. सुजाना ने कहा कि अब तक जांच किए गए किसी भी यात्री में इबोला से जुड़े लक्षण नहीं पाए गए हैं। साथ ही, किसी संदिग्ध मामले के सामने आने पर तत्काल अलग रखने के लिए क्वारंटीन कक्ष भी तैयार रखे गए हैं।</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/Dr-Sujana_75b8ee448e4cb85f44d7e6dbe9896d8d_555X392.webp" style="width: 554.972px;"><br></p><p><b>क्या है इबोला वायरस?</b></p><p>इबोला एक गंभीर वायरल रक्तस्रावी बुखार (वायरल हेमरेजिक फीवर) है, जो बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के इबोला वायरस से फैलता है। यह अत्यंत खतरनाक बीमारी मानी जाती है और इसकी मृत्यु दर काफी अधिक होती है। वर्तमान में इस विशेष स्ट्रेन के इबोला संक्रमण की रोकथाम या उपचार के लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष दवा उपलब्ध नहीं है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Vijayawada, Andhra Pradesh: Medical officials conduct precautionary Ebola screening at Gannavaram airport. &lt;br&gt;&lt;br&gt;(Full video available on PTI Videos - &lt;a href="https://t.co/n147TvrpG7"&gt;https://t.co/n147TvrpG7&lt;/a&gt;)&lt;a href="https://x.com/hashtag/Vijayawada?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Vijayawada&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/We2hxRQhZK"&gt;pic.twitter.com/We2hxRQhZK&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2064211278764347700?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>केंद्र सरकार और WHO की चेतावनी</b></p><p>केंद्र सरकार ने नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कांगो और युगांडा में इबोला के प्रकोप को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 17 मई 2026 को इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (PHEIC) घोषित किया था।</span></p><p>वहीं, अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका CDC) ने भी कांगो और युगांडा में फैले बुंडीबुग्यो इबोला वायरस प्रकोप को महाद्वीपीय सुरक्षा से जुड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (PHECS) घोषित किया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">डब्ल्यूएचओ ने सदस्य देशों को प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाने, संक्रमित क्षेत्रों से आने वाले बुखारग्रस्त यात्रियों की जांच करने और प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दी है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ इबोला वायरस को लेकर आंध्र प्रदेश अलर्ट, विदेशी यात्रियों की हो रही स्क्रीनिंग ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/nda-govt-12-years-exhibition-inaugurated-delhi-4922 ]]></guid><title><![CDATA[ मोदी सरकार के 12 साल पूरे, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/nda-govt-12-years-exhibition-inaugurated-delhi-4922 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 09 Jun 2026 13:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन&nbsp;ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">नई दिल्ली: </b><span style="font-size: 1rem;">भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन </span>नबीन<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।&nbsp;सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए नितिन </span>नबीन<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;ने कहा कि 12 वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेकर सेवा, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की शुरुआत की थी।</span></p><p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री बनने की ओर अग्रसर हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नितिन </span>नबीन<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण, किसान समृद्धि, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए अवसर, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल परिवर्तन और बुनियादी ढांचे के अभूतपूर्व विकास को नई गति मिली है।</span></p><p><b>12 वर्षों में भाजपा सरकार ने विश्वास के आधार पर काम किया- नितिन नबीन</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">राष्ट्रीय अध्यक्ष</span><span style="font-size: 1rem;"> </span>ने कहा कि इस परिवर्तनकारी यात्रा के केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी की "प्रधान सेवक" की भावना और सेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता रही है। इसी प्रेरणा से सभी कार्यकर्ता विकसित भारत 2047 के सामूहिक संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रदर्शनी में पहुंचे आगंतुक अभिषेक पटेल ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भाजपा सरकार ने विश्वास के आधार पर काम किया है और लगातार तीसरी बार जनता का समर्थन हासिल किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विकास, आत्मनिर्भरता, स्टार्टअप्स और ऋण सुविधाओं के माध्यम से देश को मजबूत बनाने का कार्य किया है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | BJP National President Nitin Nabin inaugurates an exhibition marking the NDA government&amp;#39;s 12th anniversary under the leadership of PM Narendra Modi, at the BJP Headquarters in New Delhi. &lt;a href="https://t.co/ZTuk9pmQgf"&gt;pic.twitter.com/ZTuk9pmQgf&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2064240195982295113?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>'12 वर्षों के कार्यकाल में भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली'</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>एक अन्य आगंतुक आकांक्षा चतुर्वेदी ने कहा कि यह केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि देश के विकास और जनकल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए कार्यों और उपलब्धियों का प्रदर्शन है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं, आगंतुक शाश्वत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्पष्ट लक्ष्य मिला है, महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा को बढ़ावा मिला है तथा समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Delhi: BJP national president Nitin Nabin inaugurates exhibition marking 12 years of NDA government under PM Modi&amp;#39;s leadership.&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Full video available on PTI Videos - &lt;a href="https://t.co/n147TvrpG7"&gt;https://t.co/n147TvrpG7&lt;/a&gt;) &lt;a href="https://t.co/OR14byBWTv"&gt;pic.twitter.com/OR14byBWTv&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2064238079297347632?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>पिछले 12 वर्ष विश्वास, विकास और जनकल्याण को समर्पित रहे- पीएम मोदी</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि सरकार के पिछले 12 वर्ष विश्वास, विकास और जनकल्याण को समर्पित रहे हैं। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद और <b>"नेशन फर्स्ट"</b> की भावना के साथ युवाओं, महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे से लेकर डिजिटल क्रांति तक भारत ने वैश्विक मंच पर नई पहचान बनाई है और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार सेवा, सुशासन और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ती रहेगी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;हमारी सरकार के बीते 12 वर्ष विश्वास, विकास और जनकल्याण को समर्पित रहे हैं। 140 करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद और राष्ट्र प्रथम की भावना से हमने युवाओं, महिलाओं और अपने किसान भाई-बहनों को सशक्त बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। यह हमारे अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि… &lt;a href="https://t.co/URtsOWF4BT"&gt;pic.twitter.com/URtsOWF4BT&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) &lt;a href="https://x.com/narendramodi/status/2064188229788819477?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मोदी सरकार के 12 साल पूरे, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/jharkhand-rajya-sabha-election-parimal-nathwani-contest-4921 ]]></guid><title><![CDATA[ झारखंड में राज्यसभा सीटों पर सियासी गणित, क्या परिमल नथवानी कर पाएंगे बड़ा उलटफेर ? ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/jharkhand-rajya-sabha-election-parimal-nathwani-contest-4921 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 09 Jun 2026 12:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ रांची, झारखंड: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब दिलचस्प राजनीतिक मुकाबले में बदल गया है। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी के मैदान में उतरने के बाद यह चुनाव त्रिकोणीय ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>रांची, झारखंड:</b> झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब दिलचस्प राजनीतिक मुकाबले में बदल गया है। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी के मैदान में उतरने के बाद यह चुनाव त्रिकोणीय हो गया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">परिमल नथवानी ने सोमवार को अपना नामांकन दाखिल किया। उनका मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम से होगा।</span></p><p>तीन बार राज्यसभा सांसद रह चुके परिमल नथवानी ने भाजपा विधायक सी. पी. सिंह और नवीन जायसवाल की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया। वह 2008 से 2020 तक लगातार दो कार्यकाल तक झारखंड का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्तमान में वह आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं और उन्हें वाईएसआर कांग्रेस पार्टी का समर्थन प्राप्त है। उनका मौजूदा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है।</p><p><b>झारखंड में क्या है संख्या बल?</b></p><p class="blue-bg-white"><b><i>81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में सत्तारूढ़ INDI गठबंधन के पास 56 विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 28 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता होगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं, भाजपा के पास 21 विधायक हैं। इसके अलावा जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और आजसू पार्टी के एक-एक विधायक को जोड़कर एनडीए की संख्या 24 हो जाती है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का भी एक विधायक है।</span></i></b></p><p><b>परिमल नथवानी की उम्मीदवारी से चर्चाएं तेज हुई</b></p><p>संख्या बल के हिसाब से INDI गठबंधन दोनों सीटें जीतने की स्थिति में दिखाई देता है। लेकिन परिमल नथवानी की उम्मीदवारी ने क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। उन्हें जीत के लिए एनडीए के बाहर से कम से कम तीन अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी।</p><p><b>18 जून को होंगे चुनाव</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>राज्यसभा की 26 सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। इनमें महाराष्ट्र और तमिलनाडु की दो उपचुनाव सीटें भी शामिल हैं। कुल 28 उम्मीदवार मैदान में हैं और सीधा मुकाबला मुख्य रूप से झारखंड और मध्य प्रदेश में देखने को मिलेगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">ये चुनाव 24 राज्यसभा सदस्यों के सेवानिवृत्त होने के कारण कराए जा रहे हैं। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन जैसे नेता शामिल हैं।</span></i></b></p><p><b>एनडीए की नजर दो-तिहाई बहुमत पर</b></p><p>26 सीटों में से फिलहाल 18 सीटें एनडीए के पास हैं, जबकि कांग्रेस के पास 4, JMM के पास 1 और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के पास 3 सीटें हैं। ऐसे में इन चुनावों के नतीजे राज्यसभा में एनडीए की ताकत बढ़ाने और उसे दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ झारखंड में राज्यसभा सीटों पर सियासी गणित, क्या परिमल नथवानी कर पाएंगे बड़ा उलटफेर ? ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/hyderabad-fish-prasadam-distribution-nampally-2026-4910 ]]></guid><title><![CDATA[ हैदराबाद में 'फिश प्रसादम' के लिए उमड़ी हजारों लोगों की भीड़, अस्थमा मरीजों की लंबी कतारें ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/hyderabad-fish-prasadam-distribution-nampally-2026-4910 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 08 Jun 2026 13:44:07 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ हैदराबाद, तेलंगाना: हैदराबाद के नामपल्ली प्रदर्शनी मैदान में सोमवार को वार्षिक 'फिश प्रसादम' वितरण कार्यक्रम शुरू हुआ, जिसमें देशभर से हजारों अस्थमा मरीज राहत की उम्मीद लेकर पहुंचे।&nbsp;यह पारंपरिक उ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>हैदराबाद, तेलंगाना:</b> हैदराबाद के नामपल्ली प्रदर्शनी मैदान में सोमवार को वार्षिक <b>'फिश प्रसादम'</b> वितरण कार्यक्रम शुरू हुआ, जिसमें देशभर से हजारों अस्थमा मरीज राहत की उम्मीद लेकर पहुंचे।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यह पारंपरिक उपचार बथिनी गौड़ परिवार द्वारा दिया जाता है। इसमें एक छोटी जीवित मछली (सार्डिन फिंगरलिंग) के भीतर विशेष जड़ी-बूटियों का मिश्रण भरकर मरीज के गले में डाला जाता है। यह आयोजन हर वर्ष मृगशिरा कार्ति की शुरुआत के दौरान आयोजित किया जाता है, जिसे इस उपचार के लिए शुभ माना जाता है।</span></p><p>सोमवार शाम तक मैदान में लंबी-लंबी कतारें लग गई थीं। कई मरीज दूर-दराज के राज्यों से यहां पहुंचे थे। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक बैरिकेडिंग की व्यवस्था की है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मैदान में चिकित्सा सहायता केंद्र, पेयजल सुविधाएं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वैज्ञानिक समुदाय के कुछ लोग इस उपचार की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग इसकी पारंपरिक मान्यता और अनुभवों के आधार पर इसमें विश्वास रखते हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बाथिनी परिवार के प्रसिद्ध ‘मछली प्रसाद’ के वार्षिक वितरण के लिए नामपल्ली प्रदर्शनी मैदान में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मृगशिरा कर्ते के अवसर पर सोमवार रात 9 बजे से शुरू होने वाले इस आयोजन में देशभर से अस्थमा रोगियों के पहुंचने की संभावना… &lt;a href="https://t.co/JkR89YPcvG"&gt;pic.twitter.com/JkR89YPcvG&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; यूनीवार्ता (@univartaindia1) &lt;a href="https://x.com/univartaindia1/status/2063865993710231680?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 8, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>मरीज में 85 प्रतिशत तक राहत मिलने की संभावना</b></span></p><p>महाराष्ट्र से आए मरीज हनुमंथ ने कहा कि उन्हें इस उपचार से लगभग 85 प्रतिशत राहत महसूस हुई है। उन्होंने भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस प्रशासन की सराहना की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिल्ली से पहली बार पहुंचे रामप्रवेश ने कहा कि आवास सहित सभी व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से की गई हैं। वहीं उत्तर प्रदेश की ऋतु ने भी तेलंगाना पुलिस की व्यवस्था और अनुशासन की तारीफ की।</span></p><p>बिहार से 15 से 20 लोगों के समूह के साथ आए रोहित कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त भोजन सहित कई बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यह फिश प्रसादम वितरण कार्यक्रम दो दिनों तक चलेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि अगले दो दिनों में और अधिक मरीज पारंपरिक उपचार प्राप्त करने के लिए यहां पहुंचेंगे।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ हैदराबाद में 'फिश प्रसादम' के लिए उमड़ी हजारों लोगों की भीड़, अस्थमा मरीजों की लंबी कतारें ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/khan-sir-anticipatory-bail-patna-firing-case-4906 ]]></guid><title><![CDATA[ खान सर को अग्रिम जमानत की उम्मीद, फायरिंग मामले में कानून पर टिकी नजर ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/khan-sir-anticipatory-bail-patna-firing-case-4906 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 08 Jun 2026 10:33:24 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ पटना, बिहार: चर्चित शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर अपने कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग की घटना के मामले में अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) की मांग कर रहे हैं। उनके वकील अरविंद कुमार मव्वर ने सोमवार क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>पटना, बिहार:</b> चर्चित शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर अपने कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग की घटना के मामले में अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) की मांग कर रहे हैं। उनके वकील अरविंद कुमार मव्वर ने सोमवार को कहा कि जमानत को लेकर प्रक्रिया जारी है और सब कुछ कानून के अनुसार ही तय होगा।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यह मामला 2 जून को पटना स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग की घटना से जुड़ा है, जिसमें एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया था।</span></p><p>घटना के बाद कदमकुआं थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 और आर्म्स एक्ट की धाराओं 25(9), 27 और 35 के तहत खान सर सहित तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह एफआईआर एक वीडियो के आधार पर दर्ज हुई, जिसमें दो सुरक्षा गार्डों को कथित तौर पर फायरिंग करते हुए देखा गया था। बाद में दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर लिया गया।</p><p><b>सब कुछ कानून पर निर्भर करता है-&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अरविंद कुमार मव्वर</span></b></p><p>अग्रिम जमानत की संभावना पर अरविंद कुमार मव्वर ने कहा, "काम चल रहा है। सब कुछ कानून पर निर्भर करता है। अभी तक अदालत ने कोई फैसला नहीं दिया है।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस बीच, ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के शिक्षकों और छात्र नेताओं ने उसके निदेशक रौशन आनंद की तत्काल रिहाई की मांग की है। उनका कहना है कि रौशन आनंद की गिरफ्तारी निराधार है, जबकि खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&amp;quot;Work is in progress, everything depends on law&amp;quot;: Khan Sir&amp;#39;s lawyer on his anticipatory bail over firing incident&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/UbtI5cZAXW"&gt;https://t.co/UbtI5cZAXW&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/KhanSir?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#KhanSir&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/firingincident?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#firingincident&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/anticipatorybail?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#anticipatorybail&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/CIdxUuejvV"&gt;pic.twitter.com/CIdxUuejvV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2063826383110029328?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 8, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>रौशन आनंद के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद-&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">शशांक पाठक</span></b></p><p>इतिहास शिक्षक शशांक पाठक ने कहा कि रौशन आनंद के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद साबित हो चुके हैं, फिर भी उन्हें हिरासत में रखा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें रिहा नहीं किया गया तो वे भूख हड़ताल करेंगे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">एक अन्य शिक्षक वरुण ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि रौशन आनंद की गिरफ्तारी में तेजी दिखाई गई, लेकिन खान सर के मामले में वैसी तत्परता नहीं दिख रही। उन्होंने कहा कि यदि खान सर की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगे।</span></p><p><b>रौशन आनंद ने बिहार पुलिस पर संस्थान को बदनाम करने का लगाया आरोप</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>रौशन आनंद, अभिषेक और गौरव को 3 जून को पटना सिविल कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि बिहार पुलिस परीक्षा में सफलता के बाद उनके संस्थान को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">छात्र नेता खुशबू पाठक ने भी खान सर की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है, वे खुलेआम कक्षाएं ले रहे हैं, जबकि निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया गया है।</span></i></b></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>दूसरे पक्ष के खिलाफ खान सर ने कराया था मामला दर्ज</b></span></p><p>इससे पहले खान सर के वकील ने दावा किया था कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर प्रतिशोध की कार्रवाई है। उनका कहना है कि 2 जून को खान सर के स्टाफ ने पहले दूसरे पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए गार्डों ने हवाई फायरिंग की थी और कोई घायल नहीं हुआ था, लेकिन बाद में खान सर का नाम मामले में जोड़ दिया गया।</p><p><b>वीडियो में 2 लोग हवा में फायरिंग करने नजर आए</b></p><p>पुलिस के अनुसार जांच के दौरान एक वीडियो मिला, जिसमें तोड़फोड़ के बाद दो लोग हवाई फायरिंग करते दिखाई दिए। वीडियो की पुष्टि के बाद दोनों गार्डों को हिरासत में लिया गया। जांच और हथियारों की बरामदगी के आधार पर पुलिस ने खान सर और दो अन्य लोगों को एफआईआर में नामजद किया। पुलिस ने बताया कि बरामद हथियारों को जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) भेज दिया गया है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ खान सर को अग्रिम जमानत की उम्मीद, फायरिंग मामले में कानून पर टिकी नजर ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/sanjay-singh-slams-lpg-price-hike-calls-it-burden-on-people-4901 ]]></guid><title><![CDATA[ LPG सिलेंडर की बढ़ी कीमतें जनता पर एक और बोझ: संजय सिंह ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/sanjay-singh-slams-lpg-price-hike-calls-it-burden-on-people-4901 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 07 Jun 2026 14:10:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ रायपुर, छत्तीसगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने भारत में गैस की कीमतों की तुलना अमेरि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>रायपुर, छत्तीसगढ़: </b>आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने भारत में गैस की कीमतों की तुलना अमेरिका और कनाडा से किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रति व्यक्ति आय में भारी अंतर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।</span></p><p>मीडिया से बातचीत में संजय सिंह ने कहा, "पहले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए और अब घरेलू सिलेंडर भी महंगा कर दिया गया है। भारत की तुलना अमरीका और कनाडा से की जा रही है, लेकिन वहां की प्रति व्यक्ति आय क्या है और भारत की क्या है? प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत 142वें स्थान पर है। ऐसे में गैस की कीमत बढ़ाना देश की जनता पर एक और बोझ डालने जैसा है।"</p><p><b>सरकार महंगाई नहीं रोक पा रही है-&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">संजय सिंह</span></b></p><p>संजय सिंह ने कहा, "सरकार महंगाई नहीं रोक पा रही क्योंकि उसका पूरा ध्यान हिंदू-मुस्लिम मुद्दों पर है। देशभर में परीक्षा पत्र लीक हो रहे हैं और पांच छात्र अपनी जान गंवा चुके हैं।"</p><p>उन्होंने आगे कहा, "महंगाई बढ़े या पेपर लीक से लोग परेशान हों, सरकार के पास हर बात का बहाना होता है। इससे भी दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि सरकार महंगाई और रुपये की लगातार गिरती कीमत को स्वीकार करने तक को तैयार नहीं है।" वहीं, राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के नेता मलूक नागर ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा देश की जनता की चिंता करते हैं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Raipur, Chhattisgarh: On LPG price hike, AAP MP Sanjay Singh says, &amp;quot;…first the price of commercial cylinders was raised…now, the price of domestic cylinders has been raised too…India is being compared to America and Canada in terms of price of gas...what is the per… &lt;a href="https://t.co/TYHSYYYS66"&gt;pic.twitter.com/TYHSYYYS66&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) &lt;a href="https://x.com/ANI_MP_CG_RJ/status/2063503470838329741?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 7, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>"दूसरे देशों की तुलना में भारत में लोगों की परेशानियां कम हैं"</b></p><p>मलूक नागर ने कहा, "भारत में पेट्रोलियम क्षेत्र में महंगाई करीब 7 प्रतिशत है, जबकि दुनिया के कई देशों में यह 12.5 प्रतिशत से लेकर 90 प्रतिशत तक है। प्रधानमंत्री मोदी हर निर्णय के प्रभाव को ध्यान में रखते हैं और जनता के हितों का पूरा ख्याल रखते हैं।" उन्होंने कहा, "दूसरे देशों की तुलना में भारत में लोगों की परेशानियां कम हैं। हम और प्रधानमंत्री मोदी यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि आगे कीमतों में और बढ़ोतरी न हो।"</p><p><b>घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी</b></p><p>गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण बढ़ती लागत के बीच रविवार से घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, भारत में घरेलू उपभोक्ताओं को अभी भी पड़ोसी देशों के मुकाबले और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा कनाडा जैसे विकसित देशों की तुलना में काफी सस्ता रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ LPG सिलेंडर की बढ़ी कीमतें जनता पर एक और बोझ: संजय सिंह ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/army-jawan-dies-accidental-fall-operation-sheruwali-rajouri-4898 ]]></guid><title><![CDATA[ ऑपरेशन शेरूवाली के दौरान हादसा, राजौरी में चट्टान से फिसलकर भारतीय सेना के जवान की मौत ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/army-jawan-dies-accidental-fall-operation-sheruwali-rajouri-4898 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 07 Jun 2026 11:10:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ राजौरी, जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के मंजाकोट सेक्टर के गंभीर मुगलान-डोरीमल क्षेत्र में चल रहे ऑपरेशन शेरूवाली के दौरान एक दुखद हादसे में भारतीय सेना के एक जवान की मौत हो गई। सूत्रों के ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>राजौरी, जम्मू-कश्मीर: </b>जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के मंजाकोट सेक्टर के गंभीर मुगलान-डोरीमल क्षेत्र में चल रहे ऑपरेशन शेरूवाली के दौरान एक दुखद हादसे में भारतीय सेना के एक जवान की मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार, आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान जवान दुर्गम और कठिन पहाड़ी इलाके से गुजर रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह एक चट्टानी ढलान से नीचे गिर गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।</span></p><p>घायल जवान को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। सुरक्षा बलों का ऑपरेशन शेरूवाली अब 16वें दिन में प्रवेश कर चुका है। गंभीर मुगलान और डोरीमल के घने जंगलों तथा दुर्गम इलाकों में छिपे संदिग्ध आतंकवादियों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;GOC WhiteKnightCorps and all ranks express profound grief on the untimely demise of Lieutenant Beereshwar Goswami, who made the supreme sacrifice while undertaking operational duties in an area marked by rugged terrain, steep cliffs and adverse weather conditions. His unwavering… &lt;a href="https://t.co/iKGFuBkPFl"&gt;pic.twitter.com/iKGFuBkPFl&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2063475423770747011?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 7, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>खुफिया जानकारी पर शुरू हुआ अभियान</b></p><p>यह अभियान खुफिया सूचनाओं के आधार पर शुरू किया गया था, जिसमें क्षेत्र में संदिग्ध आतंकवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। अधिकारियों के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य संदिग्धों को निर्धारित क्षेत्रों में घेरकर रखना और तलाशी अभियान को और तेज करना है।</p><p><b>28 मई को हुई थी इलाके में भारी गोलीबारी</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>28 मई को राजौरी के डोरीमल वन क्षेत्र में भारी गोलीबारी और गोलाबारी हुई थी, जब ऑपरेशन शेरूवाली निर्णायक चरण में पहुंच गया था। उस दौरान सुरक्षा बलों ने घने जंगलों में छिपे आतंकवादियों को घेरने के लिए सुरक्षा घेरा और मजबूत कर दिया था।</i></b></p><p><b>कड़ी निगरानी के साथ तलाशी अभियान जारी</b></p><p>अधिकारियों के अनुसार, आतंकवादियों के किसी भी संभावित भागने के प्रयास को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों, संसाधनों और लॉजिस्टिक सहायता को मुठभेड़ स्थल पर तैनात किया गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि छिपे हुए आतंकवादियों को निष्क्रिय करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है और जंगलों के भीतर व्यापक तलाशी अभियान जारी है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ऑपरेशन शेरूवाली के दौरान हादसा, राजौरी में चट्टान से फिसलकर भारतीय सेना के जवान की मौत ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/chhattisgarh-health-minister-ebola-alert-durg-quarantine-african-nationals-4890 ]]></guid><title><![CDATA[ इबोला अलर्ट के बीच छत्तीसगढ़ सतर्क, दुर्ग में 3 विदेशी नागरिक क्वारंटीन ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/chhattisgarh-health-minister-ebola-alert-durg-quarantine-african-nationals-4890 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 06 Jun 2026 13:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ रायपुर, छत्तीसगढ़: अफ्रीका के कई देशों में इबोला वायरस के मामलों में हालिया वृद्धि के बीच छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि राज्य किसी भी संभावित वायरस संक्रमण से निपटने  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>रायपुर, छत्तीसगढ़: </b>अफ्रीका के कई देशों में इबोला वायरस के मामलों में हालिया वृद्धि के बीच छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि राज्य किसी भी संभावित वायरस संक्रमण से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के तहत एक नई जन शिकायत हेल्पलाइन शुरू करने की भी घोषणा की।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर के अस्पतालों और क्वारंटीन केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। </span></p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने बताया कि दुर्ग में पृथक रखे गए तीनों व्यक्ति अफ्रीकी देशों के नागरिक हैं और एहतियात के तौर पर उन्हें 21 दिनों के लिए क्वारंटीन किया गया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">पत्रकारों से बातचीत में जायसवाल ने कहा, "पिछले एक महीने से राज्य सरकार हर स्तर पर पूरी तरह तैयार है। दुर्ग में पृथक किए गए तीनों लोग अफ्रीकी देशों के नागरिक हैं और उन्हें सावधानी के तौर पर 21 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया है। अब तक की जांच में वायरस की पुष्टि नहीं हुई है और उनमें किसी प्रकार के लक्षण भी नहीं पाए गए हैं।"</span></p><p><b>त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू करने की तैयारी</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>स्वास्थ्य मंत्री&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">ने आगे बताया कि राज्य सरकार जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू कर रही है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "हमें विश्वास है कि यह पहल प्रदेश के लोगों को बड़ी राहत देगी और सरकार के प्रति उनका भरोसा मजबूत करेगी। यदि मुख्यमंत्री जनता को एक टोल-फ्री नंबर उपलब्ध कराते हैं तो इसका मतलब है कि कुछ समस्याएं सीधे उन तक नहीं पहुंच पातीं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि ऐसी समस्याएं मुख्यमंत्री तक पहुंच सकें।"&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी के हालिया इस्तीफे पर टिप्पणी करते हुए जायसवाल ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों के पास कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं है और वे केवल सत्ता प्राप्त करने के लिए चुनाव लड़ते हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&amp;quot;Three returnees from Ebola-hit African countries quarantined in Durg&amp;quot;: Chhattisgarh Health Minister&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story l &lt;a href="https://t.co/NOiNzD10bZ"&gt;https://t.co/NOiNzD10bZ&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Ebolavirus?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Ebolavirus&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Chhattisgarh?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Chhattisgarh&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/HealthMinister?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#HealthMinister&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/cnriAKsyfg"&gt;pic.twitter.com/cnriAKsyfg&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2063141906427855347?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>राज्य सरकार इबोला वायरस से निपटने की तैयारी में&nbsp;</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">इस बीच, राज्य सरकार इबोला वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए लगातार निगरानी और एहतियाती उपायों को मजबूत कर रही है। स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">केंद्र सरकार ने नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">कांगो और युगांडा में इबोला रोग के प्रकोप को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 17 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (IHR) 2005 के तहत इसे "अंतरराष्ट्रीय महत्व की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति" (PHEIC) घोषित किया था।</span></p><p><b>राजस्थान में इबोला वायरस के एक संदिग्ध मामले की मिली सूचना</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>उधर, शुक्रवार को राजस्थान में इबोला वायरस के एक संदिग्ध मामले की सूचना मिली। युगांडा से आई एक विदेशी महिला में इबोला जैसे लक्षण पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती प्रोटोकॉल लागू कर दिए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">युगांडा की यह महिला शारजाह से जयपुर पहुंची थी। नियमित हवाई अड्डा जांच के दौरान उसमें इबोला जैसे लक्षण पाए गए, जिसके बाद उसे जयपुर के आरयूएचएस अस्पताल में भर्ती कर सख्त निगरानी में रखा गया है।</span></i></b></p><p><b>इबोला एक गंभीर वायरल रक्तस्रावी बुखार&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">है</span></b></p><p>महिला के नमूने जांच के लिए पुणे स्थित विशेष प्रयोगशाला भेजे गए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इबोला एक गंभीर वायरल रक्तस्रावी बुखार (वायरल हेमरेजिक फीवर) है, जो इबोला वायरस के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से फैलता है। यह अत्यंत गंभीर बीमारी है और इसकी मृत्यु दर भी काफी अधिक मानी जाती है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">फिलहाल बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से होने वाले इबोला संक्रमण की रोकथाम या उपचार के लिए कोई स्वीकृत टीका या विशेष दवा उपलब्ध नहीं है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">भारत में अब तक बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से होने वाले इबोला रोग का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ इबोला अलर्ट के बीच छत्तीसगढ़ सतर्क, दुर्ग में 3 विदेशी नागरिक क्वारंटीन ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/asaduddin-owaisi-questions-census-data-integrity-modi-government-4881 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘मोदी सरकार जनगणना की विश्वसनीयता को खतरे में डाल रही है’: असदुद्दीन ओवैसी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/asaduddin-owaisi-questions-census-data-integrity-modi-government-4881 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 05 Jun 2026 14:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ हैदराबाद: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर राष्ट्रीय जनगणना की विश्वसनीयता से समझौता करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नवीनतम राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) में खु ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>हैदराबाद:</b> एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर राष्ट्रीय जनगणना की विश्वसनीयता से समझौता करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नवीनतम राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) में खुले में शौच और खाना पकाने के ईंधन से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों को शामिल नहीं किया गया, जिससे जनगणना की सटीकता प्रभावित हो सकती है।</span></p><p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए एक पोस्ट में ओवैसी ने कहा, "झूठ तीन प्रकार के होते हैं- झूठ, सफेद झूठ और आंकड़े। परिसीमन, विकास योजनाओं और खाद्य सुरक्षा के लिए जनगणना के आंकड़े बेहद महत्वपूर्ण हैं। मोदी सरकार केवल आलोचना से बचने के लिए जनगणना की विश्वसनीयता को खतरे में डाल रही है।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">ओवैसी ने दावा किया कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के नवीनतम संस्करण में खुले में शौच, खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाले ईंधन और कुछ अन्य महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक सूचनाओं का संग्रह बंद कर दिया गया है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;“There are three kinds of lies: lies, damned lies, and statistics.”&lt;br&gt;&lt;br&gt;Census data is essential for delimitation, development schemes and food security. The Modi govt is putting the integrity of census at risk just so that it’s not embarrassed. The latest National Family Health… &lt;a href="https://t.co/UnfduOKpBg"&gt;https://t.co/UnfduOKpBg&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) &lt;a href="https://x.com/asadowaisi/status/2062756624444567834?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>आंकड़ों और सरकारी रिकॉर्ड में पाया गया अंतर</b></p><p>यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के बाद आई है जिनमें बताया गया कि जनगणना के दौरान फील्ड स्तर पर जुटाए गए आंकड़ों और सरकारी रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, कई गांवों को खुले में शौच मुक्त घोषित किए जाने, एलपीजी कनेक्शन होने के बावजूद गोबर के उपले, मिट्टी के तेल या फसल अवशेषों के उपयोग तथा बिजली की उपलब्धता को लेकर विसंगतियां सामने आईं। इसके बाद अधिकारियों ने गणनाकर्मियों को दोबारा सत्यापन करने के निर्देश दिए।</p><p><b>असुद्दीन ओवैसी ने की 'SIR' प्रक्रिया की आलोचना&nbsp;</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>इससे पहले ओवैसी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की भी आलोचना की थी। उनका दावा है कि 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 6.5 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया "बहिष्कृत भारतीयों का एक स्थायी वर्ग" बनाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून के तहत SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटने का अर्थ नागरिकता समाप्त होना नहीं है।</span></i></b></p><p><b>"लगभग 27 लाख लोगों के मामले अभी विचाराधीन हैं"</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">ओवैसी ने</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;कहा कि लगभग 27 लाख लोगों के मामले अभी विचाराधीन हैं और वे फॉर्म-6 के माध्यम से दोबारा मतदाता पंजीकरण करा सकते हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">ओवैसी ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का सबसे अधिक असर मुसलमानों, महिलाओं, गरीबों और प्रवासी समुदायों पर पड़ रहा है। उन्होंने जनसंख्या और प्रजनन दर से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित अध्ययन समिति की आवश्यकता पर भी सवाल उठाए।</span></p><p><b>असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना</b></p><p>केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की KYC, SIR और विभिन्न दस्तावेजी प्रक्रियाओं के जरिए जांच की जाती है, लेकिन सरकार स्वयं किसी जांच या जवाबदेही के दायरे में नहीं आना चाहती।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग वर्तमान में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR के तीसरे चरण का संचालन कर रहा है, जिसमें 36 करोड़ से अधिक मतदाता शामिल हैं। यह प्रक्रिया जनगणना की हाउस-लिस्टिंग गतिविधियों के साथ समन्वय में चलाई जा रही है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘मोदी सरकार जनगणना की विश्वसनीयता को खतरे में डाल रही है’: असदुद्दीन ओवैसी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/pahalgam-hotels-narco-raids-anantnag-police-operation-sheruwali-4880 ]]></guid><title><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर: पहलगाम के होटलों में अनंतनाग पुलिस की नार्को रेड, नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/pahalgam-hotels-narco-raids-anantnag-police-operation-sheruwali-4880 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 05 Jun 2026 14:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर: नशा तस्करी और मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अनंतनाग पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम उप-मंडल के मावूरा, राफ्टिंग प्वाइंट और यन्नर क्षेत्रों में स्थ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर:</b> नशा तस्करी और मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अनंतनाग पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम उप-मंडल के मावूरा, राफ्टिंग प्वाइंट और यन्नर क्षेत्रों में स्थित विभिन्न होटलों में व्यापक नार्को छापेमारी की।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यह अभियान पहलगाम के उप-मंडलीय पुलिस अधिकारी (SDPO) की निगरानी में छह पुलिस टीमों द्वारा चलाया गया।</span></p><p>पुलिस के अनुसार, विश्वसनीय सूचनाओं के आधार पर कई होटल परिसरों की तलाशी ली गई। इस कार्रवाई का उद्देश्य पर्यटकों के ठहरने वाले स्थानों का इस्तेमाल नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों के लिए होने से रोकना और ड्रग नेटवर्क के खिलाफ निगरानी को मजबूत करना था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने कहा कि वह जिले को नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और मादक पदार्थों के खतरे पर अंकुश लगाने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रखे जाएंगे।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;As part of an ongoing anti-drug campaign, Anantnag Police conducted extensive raids at several hotels in the Mavoora, Rafting Point, and Yanner areas of Pahalgam. The operation was carried out by six police teams under the supervision of the SDPO Pahalgam, targeting suspected… &lt;a href="https://t.co/fjUulXuBZI"&gt;pic.twitter.com/fjUulXuBZI&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2062735825469935684?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>राजौरी में जारी है 'ऑपरेशन शेरूवाली'</b></p><p>इस बीच, राजौरी जिले में सुरक्षा बलों ने मंजाकोट सेक्टर के गंभीर मुगलां वन क्षेत्र में तलाशी अभियान और तेज कर दिया है, जहां आतंकवाद विरोधी अभियान जारी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुरक्षा बल क्षेत्र में छिपे संदिग्ध आतंकियों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। 'ऑपरेशन शेरूवाली' नामक इस संयुक्त अभियान में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) शामिल हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यह अभियान खुफिया सूचनाओं के आधार पर शुरू किया गया था, जिसमें क्षेत्र में संदिग्ध आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि संदिग्ध आतंकी निर्धारित इलाके से बाहर न निकल सकें। घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी इलाकों के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन सुरक्षा बल लगातार निगरानी रखते हुए सावधानीपूर्वक तलाशी अभियान चला रहे हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सुरक्षा एजेंसियां उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और किसी भी संभावित खतरे को समाप्त करने के प्रयास कर रही हैं।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर: पहलगाम के होटलों में अनंतनाग पुलिस की नार्को रेड, नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/k-annamalai-resigns-bjp-new-political-movement-tamil-nadu-4878 ]]></guid><title><![CDATA[ BJP से अलग हुए अन्नामलाई, नई राजनीतिक पारी का ऐलान; बोले- तमिलनाडु की आवाज को चाहिए नया मंच ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/k-annamalai-resigns-bjp-new-political-movement-tamil-nadu-4878 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 05 Jun 2026 13:05:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा देकर नई राजनीतिक दिशा में कदम बढ़ाने का फैसला किया है। इस्तीफे  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष <b>के. अन्नामलाई </b>ने पार्टी से इस्तीफा देकर नई राजनीतिक दिशा में कदम बढ़ाने का फैसला किया है। इस्तीफे के बाद उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही राज्य में एक नए जनआंदोलन की शुरुआत की जाएगी, जो आगे चलकर राजनीतिक दल का रूप भी ले सकता है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;K Annamalai, in his resignation letter to BJP National President Nitin Nabin on June 2, wrote, &amp;quot;I do not want to burden the top leadership any further with my ongoing thoughts on the way forward for a growth-oriented and culturally rooted politics in Tamil Nadu.&amp;quot; &lt;a href="https://t.co/IMnNtcOiul"&gt;pic.twitter.com/IMnNtcOiul&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2062787762307363267?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;&nbsp;</p><p>अन्नामलाई लंबे समय से तमिलनाडु में भाजपा का प्रमुख चेहरा माने जाते रहे हैं। हालांकि, पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने कहा कि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी राजनीतिक पहचान और तमिल समाज के हितों के बीच संतुलन बनाने की थी। उनका मानना है कि तमिलनाडु की राजनीति को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो स्थानीय भावनाओं और सांस्कृतिक पहचान को प्राथमिकता दे।</p><h4 class=""><b>पहले ही ले लिया था फैसला</b></h4><p>अन्नामलाई ने बताया कि उन्होंने कई महीने पहले ही पार्टी नेतृत्व को अपने फैसले की जानकारी दे दी थी। हालांकि शीर्ष नेतृत्व ने उनसे चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक संगठन के साथ बने रहने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसी तत्काल असंतोष का परिणाम नहीं बल्कि लंबे चिंतन और राजनीतिक अनुभव का नतीजा है।</p><p>अपने इस्तीफे में उन्होंने यह भी लिखा कि राष्ट्रीय दलों को तमिलनाडु की जनता से संवाद स्थापित करने के लिए स्थानीय भाषा और सांस्कृतिक संदर्भों को बेहतर ढंग से समझना होगा। उनका कहना था कि उन्होंने संगठन के भीतर इस सोच को बदलने की कोशिश की और कुछ हद तक इसमें सफलता भी हासिल की।</p><h4 class=""><b>युवाओं पर रहेगा फोकस</b></h4><p>अन्नामलाई के करीबी सूत्रों के अनुसार, उनका नया अभियान युवाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करने पर केंद्रित होगा। राज्यभर में ऐसे युवाओं की पहचान की जाएगी जो राजनीति और सामाजिक बदलाव में सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्हें प्रशिक्षण देकर एक मजबूत नेतृत्व नेटवर्क तैयार करने की योजना बनाई जा रही है।</p><p>बताया जा रहा है कि उनकी पहले से चल रही पहल "वी द लीडर्स" इसी बड़े राजनीतिक विजन की नींव साबित हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह अभियान सफल रहा तो तमिलनाडु की राजनीति में एक नए विकल्प का उदय हो सकता है।</p><h4 class=""><b>भाजपा ने किया नुकसान से इनकार</b></h4><p>अन्नामलाई के इस्तीफे पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी है। तमिलनाडु भाजपा नेतृत्व का कहना है कि पार्टी किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है और संगठन अपनी राजनीतिक यात्रा को पहले की तरह जारी रखेगा। प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने कहा कि अन्नामलाई के जाने से पार्टी को कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा।</p><h4 class=""><b>क्या बदलेंगे तमिलनाडु के राजनीतिक समीकरण?</b></h4><p>अन्नामलाई का यह कदम ऐसे समय में आया है जब राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। यदि उनका जनआंदोलन राजनीतिक दल में बदलता है तो यह तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि अन्नामलाई की नई राजनीतिक यात्रा किस दिशा में आगे बढ़ती है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ BJP से अलग हुए अन्नामलाई, नई राजनीतिक पारी का ऐलान; बोले- तमिलनाडु की आवाज को चाहिए नया मंच ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/ktr-balka-suman-arrest-coal-scam-charge-4864 ]]></guid><title><![CDATA[ सिंगरेनी कोयला घोटाले को छिपाने के लिए बाल्का सुमन की गिरफ्तारी: KTR ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/ktr-balka-suman-arrest-coal-scam-charge-4864 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 04 Jun 2026 14:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ हैदराबाद, तेलंगाना: तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष K. T. Rama Rao (केटीआर) ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पूर्व विधायक बाल्का सुमन&nbsp;को झूठे मामल ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">हैदराबाद, तेलंगाना:</b><span style="font-size: 1rem;"> तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष K. T. Rama Rao (केटीआर) ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पूर्व विधायक </span>बाल्का सुमन<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;को झूठे मामलों में जेल भेजा गया है ताकि राज्य सरकार की विफलताओं और सिंगरेनी कोलियरियों में कथित हजारों करोड़ रुपये के कोयला घोटाले से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके।</span></p><p>केटीआर ने चंचलगुडा जेल में बाल्का सुमन से मुलाकात के बाद कहा कि BRS अवैध कार्रवाइयों या जेल से डरने वाली नहीं है और कांग्रेस सरकार को सिंगरेनी कर्मचारियों के साथ किए जा रहे कथित अन्याय के लिए जवाबदेह ठहराएगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद BRS ने कई बड़े भ्रष्टाचार मामलों का खुलासा किया है। केटीआर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के रिश्तेदारों से जुड़े लगभग 15,000 करोड़ रुपये के घोटाले और सौर ऊर्जा टेंडरों में अनियमितताओं को भी पार्टी ने उजागर किया था।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="te" dir="ltr"&gt;సింగరేణిలో రేవంత్ బావమరిది రూ. 15 వేల కోట్ల భారీ కుంభకోణం నుండి ప్రజల దృష్టి మళ్లించేందుకే మాజీ ఎమ్మెల్యే బాల్క సుమన్ ను అక్రమంగా అరెస్ట్ చేసింది కాంగ్రెస్ సర్కార్! &lt;a href="https://t.co/wFWObs7rMQ"&gt;pic.twitter.com/wFWObs7rMQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Balka Suman (@balkasumantrs) &lt;a href="https://x.com/balkasumantrs/status/2062415251925266871?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 4, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>बाल्का सुमन&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">की बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया-&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">केटीआर</span></b></p><p>केटीआर ने कहा कि बाल्का सुमन ने तेलंगाना कोल माइन वर्कर्स यूनियन की बैठक में सिंगरेनी कर्मचारियों की समस्याओं को उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और उन्हें पीडीपीपी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी दावा किया कि सिंगरेनी में लगभग 1,600 करोड़ रुपये का कोयला घोटाला हुआ है और करीब 40 लाख मीट्रिक टन कोयले का हिसाब नहीं है। केटीआर ने कहा कि वह इस मामले में केंद्रीय कोयला मंत्री को विस्तृत पत्र लिखेंगे।</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/Balka-Suman_bce9615c162f7943e9da0c0385da3d43_743X944.webp" style="width: 742.983px;"><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p>बाल्का सुमन का हवाला देते हुए केटीआर ने कहा कि उन्होंने जेल में भी कार्यकर्ताओं से कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संदेश दिया है। उन्होंने दोहराया कि BRS इस मुद्दे को उठाती रहेगी और कथित घोटालों का खुलासा करती रहेगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सिंगरेनी कोयला घोटाले को छिपाने के लिए बाल्का सुमन की गिरफ्तारी: KTR ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/pm-modi-rs22000-crore-projects-gujarat-daman-lakshadweep-4862 ]]></guid><title><![CDATA[ पीएम मोदी का गुजरात, दमन और लक्षद्वीप को ₹22,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का तोहफा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/national-news/pm-modi-rs22000-crore-projects-gujarat-daman-lakshadweep-4862 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 04 Jun 2026 12:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जून 2026 को गुजरात और दमन के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे गुजरात, दमन और लक्षद्वीप में ₹22,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जून 2026 को गुजरात और दमन के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे गुजरात, दमन और लक्षद्वीप में ₹22,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।</span></p><p>दोपहर करीब 2:30 बजे प्रधानमंत्री हजीरा का दौरा करेंगे और वहां चल रही औद्योगिक गतिविधियों एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसके बाद सूरत में लगभग ₹18,800 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे तथा एक जनसभा को संबोधित करेंगे।</p><p><b>सूरत को मिलेंगे बड़े विकास कार्य</b></p><p>सूरत में प्रधानमंत्री सड़क, ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी कई परियोजनाओं की सौगात देंगे। वे वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के पैकेज-6 और पैकेज-7 को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे परिवहन, लॉजिस्टिक्स और आर्थिक संपर्क को बढ़ावा मिलेगा।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;">इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-56 के महत्वपूर्ण हिस्सों के फोरलेन निर्माण की आधारशिला रखी जाएगी, जिससे आदिवासी क्षेत्रों और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक बेहतर संपर्क सुनिश्चित होगा।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">प्रधानमंत्री 200 बिस्तरों वाले आधुनिक ईएसआईसी अस्पताल का भी उद्घाटन करेंगे, जहां 24x7 आपातकालीन और ट्रॉमा सेवाएं उपलब्ध होंगी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Prime Minister Narendra Modi will visit Surat and Daman tomorow. He will inaugurate, dedicate to the nation and lay the foundation stone of various development projects, worth around Rs 18,800 Crore in Surat and Rs 2,970 Crore in Daman.&lt;br&gt;&lt;br&gt;Among the projects, he will dedicate the… &lt;a href="https://t.co/KH9UGfK40h"&gt;pic.twitter.com/KH9UGfK40h&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2062409041327096254?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 4, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>दमन में नमो एयरपोर्ट और नमो अस्पताल की सौगात</b></p><p>शाम करीब 6:15 बजे प्रधानमंत्री दमन पहुंचेंगे, जहां वे नमो एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद नमो अस्पताल को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दमन में लगभग ₹2,970 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। इनमें स्वास्थ्य, नागरिक उड्डयन, पर्यटन, कनेक्टिविटी और जनकल्याण से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। नमो अस्पताल प्रतिदिन लगभग 1,500 ओपीडी मरीजों को सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होगा।</span></p><p>इसके अलावा प्रधानमंत्री प्रतिष्ठित पुल, दमन कन्वेंशन सेंटर और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) परिसर जैसी परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।</p><p><b>लक्षद्वीप में समुद्री विकास को मिलेगा बढ़ावा</b></p><p>प्रधानमंत्री लक्षद्वीप में लगभग ₹885 करोड़ की परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इनमें कल्पेनी द्वीप और कदमत द्वीप पर बंदरगाह सुविधाओं का विकास शामिल है।</p><p>इन बहुउद्देश्यीय जेट्टियों के निर्माण से बड़े यात्री जहाजों और क्रूज शिप्स की सालभर आवाजाही संभव होगी। साथ ही मछली प्रसंस्करण, ईंधन वितरण, बर्फ आपूर्ति और नौका मरम्मत जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे पर्यटन, मछुआरों की आजीविका और द्वीपों के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ पीएम मोदी का गुजरात, दमन और लक्षद्वीप को ₹22,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का तोहफा ]]></media:description></item></channel></rss>