<?xml version='1.0' encoding='UTF-8' ?><rss xmlns:content='http://purl.org/rss/1.0/modules/content/' xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/'  version='2.0'><channel><title>GTC Bharat</title><link>https://www.gtcbharat.com</link><lastBuildDate><![CDATA[Wed, 07 Oct 2026 19:55:59 +0530 ]]></lastBuildDate><language>en</language><image><title>GTC Bharat</title><url>https://media.gtcbharat.com/uploads/GTC-Bhart.svg</url><link>https://www.gtcbharat.com</link></image><description>GTC Bharat: Hindi News(हिंदी न्यूज़): Bharat की ताज़ा खबरें | Hindi News, हिंदी समाचार </description><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-farmers-dussehra-agricultural-machinery-subsidy-6832 ]]></guid><title><![CDATA[ दशहरा पर अन्नदाता किसानों को मिलेगा योगी सरकार का उपहार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-farmers-dussehra-agricultural-machinery-subsidy-6832 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 06 Oct 2026 20:06:30 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: योगी सरकार अन्नदाता किसानों को दशहरा पर उपहार देगी। उपहार स्वरूप प्रदेश के किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र प्राप्त होगा। इसके लिए अन्नदाता किसानों को 7 से 20 अक्टूबर तक www.agriculture.up.gov.in ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ: </b>योगी सरकार अन्नदाता किसानों को दशहरा पर उपहार देगी। उपहार स्वरूप प्रदेश के किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र प्राप्त होगा। इसके लिए अन्नदाता किसानों को 7 से 20 अक्टूबर तक www.agriculture.up.gov.in पर आवेदन करना होगा।&nbsp;</span></p><p><br></p><p>संयुक्त कृषि निदेशक (अभियंत्रण) बलराम वर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से संचालित नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजनांतर्गत सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना में 2166 कृषि यंत्र तथा प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फ़ॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिडयू अंतर्गत 1755 कृषि यंत्र तथा अन्य योजनाओं के कृषि यंत्र/ कृषि रक्षा उपकरण के लिए अनुदान दिया जाएगा।&nbsp;</p><p><br></p><p>कस्टम हायरिंग सेंटर व फार्म मशीनरी बैंक (10-10 लाख), किसान ड्रोन व अन्य एकल कृषि यंत्र पर अनुदान दिया जाएगा। वहीं फसल अवशेष प्रबंधन के तहत एकल कृषि यंत्र व कस्टम हायरिंग सेंटर (30 लाख), त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत मेज सेलर, मिलेट पर्लर, कीट रोग नियंत्रण योजना के तहत कृषि रक्षा यंत्र, सीडीपी योजना के तहत कृषि यंत्र के लिए किसान आवेदन कर सकेंगे।&nbsp;</p><p><br></p><p>उन्होंने बताया कि www.agriculture.up.gov.in पर यंत्रों की बुकिंग/जनपदवार आवेदन किया जाएगा। इस लिंक पर किसान कार्नर के अंतर्गत यंत्र बुकिंग प्रारंभ पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। यहां पूर्ण विवरण, यंत्र बुकिंग, अनुदान प्रक्रिया आदि की भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दशहरा पर अन्नदाता किसानों को मिलेगा योगी सरकार का उपहार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/pcs-training-forensic-dna-drone-lab-investigation-up-6831 ]]></guid><title><![CDATA[ डीएनए-ड्रोन लैब में प्रशिक्षु अफसरों ने समझी जांच की ताकत ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/pcs-training-forensic-dna-drone-lab-investigation-up-6831 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 06 Oct 2026 19:56:56 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: योगी सरकार की तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था को वैज्ञानिक साक्ष्यों का संबल मिल रहा है। इसी कड़ी में प्रान्तीय सिविल सेवा (PCS) 2025 बैच के 38 प्रशिक्षणाधीन अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">योगी सरकार की तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था को वैज्ञानिक साक्ष्यों का संबल मिल रहा है। इसी कड़ी में प्रान्तीय सिविल सेवा (PCS) 2025 बैच के 38 प्रशिक्षणाधीन अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस, लखनऊ का भ्रमण कर आधुनिक फॉरेंसिक जांच की बारीकियां समझीं। अधिकारियों ने संस्थान में स्थापित डीएनए लैब और ड्रोन लैब का अवलोकन किया तथा अपराध की वैज्ञानिक जांच में इनके उपयोग और महत्व की जानकारी प्राप्त की।</span></p><p><br></p><p>इस अवसर पर संस्थापक निदेशक डॉ जी.के. गोस्वामी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा फॉरेंसिक साइंस के माध्यम से सच्चाई को वैज्ञानिक रूप से कानून के समक्ष ला कर न्याय दिलाने में सहयोग करना ही हमारा मूल कार्य है। फील्ड में सिविल सेवा का काम बेहद कठिन काम है जो त्याग और समर्पण मांगता है, आपको मानसिक रूप से हर पल अपने को विषम परिस्थितियों से जूझने के लिए तैयार रखना होगा।</p><p>&nbsp;</p><p>उन्होंने कहा कि कानून और विज्ञान का संगम ही फॉरेंसिक विज्ञान है। यह एक विजन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश भर के अफसरों को फॉरेंसिक की बारीकियां से अवगत कराया जा रहा है। उन्होंने नए कानून के सदर्भ में तीन विषयों न्याय, सत्य एवं साक्ष्य पर भी प्रकाश डालते हुए इसका महत्व बताया। उन्होंने कहा कि आज के समय में फॉरेंसिक विज्ञान अति महत्वपूर्ण है साइबर और फॉरेंसिक हमारे जीवन में साया की तरह है क्योंकि हमारा जीवन आधुनिक तकनीक पर ज्यादा निर्भर है।</p><p><br></p><p>डॉ गोस्वामी ने कहा कि मृत्यु कालिक बयान के विषय पर प्रशिक्षु अधिकारियों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि मृत्युकालिक बयान की आवश्यकता तब पड़ती है जब ऐसा प्रतीत हो कि यदि पीड़ित के बयान तत्काल अंकित नहीं किए गये तो उसकी मृत्यु हो सकती है और बाद में अपराध को कानूनी रूप से सुझाने का महत्वपूर्ण साक्ष्य का लोप हो सकता है। ऐसी दशा में पुलिस अथवा चिकित्सक की सूचना पर किसी भी मजिस्ट्रेट को पीड़ित की भाषा में ही उसके बयान अंकित करने चाहिए जो क़ानूनी रूप से ग्राह्य है। उन्होंने कहा कि संभव हो तो बयान के समय डिजिटल रिकार्डिग भी करा लें। यदि पीड़ित व्यक्ति बात करने में सक्षम न हो परन्तु लिखित देने में सक्षम हो तो एसा बयान भी मृत्युकालिक बयान माना जायेगा।</p><p><br></p><p>संस्थान के अपर निदेशक संजीव सुमन ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संस्थान के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक चिरंजीब मुखर्जी, अतुल यादव, पलक अनेजा, सेंथिल शिव सुब्रमण्यम, जनसंपर्क अधिकारी संतोष कुमार तिवारी, आरआई शैलेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ डीएनए-ड्रोन लैब में प्रशिक्षु अफसरों ने समझी जांच की ताकत ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-rajya-sabha-election-bjp-eight-candidates-nomination-lucknow-6819 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी राज्यसभा चुनाव: बीजेपी के सभी 8 उम्मीदवारों ने लखनऊ में दाखिल किया नामांकन, सीएम योगी रहे मौजूद ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-rajya-sabha-election-bjp-eight-candidates-nomination-lucknow-6819 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 06 Oct 2026 15:35:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ,&nbsp;उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सभी आठ उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूद ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">लखनऊ,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश</span></b><span style="font-size: 1rem;"><b>:</b> उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सभी आठ उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में लखनऊ स्थित विधानसभा भवन में अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन का मंगलवार को अंतिम दिन था।</span></p><p>बीजेपी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं और उनके साथ विधानसभा परिसर पहुंचे।</p><h5 class=""><b>बीजेपी के सभी 8 उम्मीदवारों ने भरा पर्चा</b></h5><p>नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत योगी सरकार के कई मंत्री मौजूद रहे।</p><p>मौजूद नेताओं में सुरेश खन्ना, राकेश सचान, आशीष पटेल, संजय निषाद, कपिल देव अग्रवाल, जेपीएस राठौर, दिनेश प्रताप सिंह, गिरीश चंद्र यादव, ब्रजेश सिंह, सतीश चंद्र शर्मा, रजनी तिवारी और बलदेव सिंह औलख समेत अन्य नेता शामिल रहे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बीजेपी ने राज्यसभा की आगामी द्विवार्षिक चुनाव प्रक्रिया के लिए उत्तर प्रदेश से अपने आठ उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। चुनाव 16 अक्टूबर को प्रस्तावित है।</span></p><p><span style="color: rgb(15, 20, 25); font-family: &quot;Times New Roman&quot;; font-size: 15px; white-space: pre-wrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: The 8 candidates fielded by the BJP for the upcoming Rajya Sabha elections from Uttar Pradesh filed their nomination papers at the Vidhan Bhavan in Lucknow. 

UP CM Yogi Adityanath was also present with them. https://t.co/PKC3rigoBT&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2107372830262493278?ref_src=twsrc^tfw"&gt;October 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;
&lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>केशव मौर्य बोले- बीजेपी के सभी उम्मीदवार जीतेंगे</b></h5><p>नामांकन के बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बीजेपी की चुनावी ताकत पर भरोसा जताते हुए कहा कि पार्टी के सभी आठ उम्मीदवार राज्यसभा चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतारे या नहीं, बीजेपी के उम्मीदवारों की जीत तय है।</p><p>मौर्य ने कहा कि बीजेपी ने ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जिनमें अगड़े, पिछड़े और अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व दिखाई देता है। उन्होंने इसे ‘त्रिवेणी’ बताते हुए कहा कि पार्टी ने बेहतरीन उम्मीदवारों का चयन किया है।</p><h5 class=""><b>अखिलेश यादव पर केशव मौर्य का निशाना</b></h5><p>केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने अखिलेश यादव के पुराने चुनावी दावों का जिक्र करते हुए कहा कि 2022 में उन्होंने ‘403’ की बात की थी, लेकिन समाजवादी पार्टी 111 सीटों पर ही रुक गई थी।</p><p>मौर्य ने कहा कि अब अखिलेश यादव फिर ‘400 पार’ की बात कर रहे हैं, लेकिन इस बार वह ‘शतक’ भी नहीं लगा पाएंगे। उनका यह बयान राज्यसभा चुनाव के साथ-साथ आगामी राजनीतिक मुकाबले को लेकर भी बीजेपी और सपा के बीच बढ़ती बयानबाजी को दर्शाता है।</p><h5 class=""><b>विद्यासागर सोनकर ने नेतृत्व का जताया आभार</b></h5><p>बीजेपी के उम्मीदवार विद्यासागर सोनकर ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाए जाने पर पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने संगठन में बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक काम किया है और पार्टी नेतृत्व की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।</p><p>सोनकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अंत्योदय, सामाजिक समरसता और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि वह आगे भी पार्टी कार्यकर्ता के रूप में लोगों से जुड़े रहेंगे और पार्टी तथा समाज की सेवा करते रहेंगे।</span></p><h5 class=""><b>प्रकाश पाल ने हनुमान मंदिर में पूजा के बाद भरा नामांकन</b></h5><p>बीजेपी उम्मीदवार प्रकाश पाल ने नामांकन के दिन को अपने जीवन का शुभ दिन बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी के संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं और उत्तर प्रदेश के नेतृत्व का आभार जताया।</p><p>प्रकाश पाल ने बताया कि नामांकन दाखिल करने से पहले वह हनुमान मंदिर जाकर भगवान का आशीर्वाद लेंगे। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर से मिली जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने की शक्ति मांगेंगे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके बाद वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विधानसभा परिसर पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल करने पहुंचे।</span></p><h5 class=""><b>बीजेपी के उम्मीदवारों की जीत की राह आसान</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में बीजेपी के पास राज्यसभा चुनाव में अपने उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त राजनीतिक ताकत मानी जा रही है। यही वजह है कि पार्टी के सभी आठ उम्मीदवारों के उच्च सदन के लिए निर्वाचित होने की संभावना मजबूत बताई जा रही है।</p><p>वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से संभावित अतिरिक्त उम्मीदवार को लेकर राजनीतिक समीकरणों पर भी नजर बनी हुई है। राज्यसभा चुनाव से पहले बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी ने उत्तर प्रदेश की सियासत को और गर्म कर दिया है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी राज्यसभा चुनाव: बीजेपी के सभी 8 उम्मीदवारों ने लखनऊ में दाखिल किया नामांकन, सीएम योगी रहे मौजूद ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/bjp-names-8-up-rajya-sabha-candidates-6809 ]]></guid><title><![CDATA[ BJP names Vidyasagar Sonkar, Prakash Pal among eight UP candidates for Rajya Sabha polls ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/bjp-names-8-up-rajya-sabha-candidates-6809 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 06 Oct 2026 12:31:22 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Lucknow: &nbsp;The Bharatiya Janata Party (BJP) on Tuesday officially announced Vidyasagar Sonkar and Prakash Pal among its eight candidates from Uttar Pradesh for the upcoming biennial Rajya Sabha el ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>Lucknow: </b>&nbsp;The Bharatiya Janata Party (BJP) on Tuesday officially announced Vidyasagar Sonkar and Prakash Pal among its eight candidates from Uttar Pradesh for the upcoming biennial Rajya Sabha elections scheduled for October 16.&nbsp;</p><p>After the announcement, both Sonkar and Pal expressed gratitude to the party's central and state leadership for placing their trust in them and said they would strive to fulfil the responsibilities entrusted to them.</p><p>Sonkar said he had spoken with party leaders on Monday and thanked the central leadership for the opportunity.</p><p>"I spoke with everyone yesterday. I extend my heartfelt gratitude and best wishes to the entire central leadership. I am grateful to the leadership for placing their trust in me. I have always worked at every level, from the booth up to the state organisation. I will strive to live up to their expectations," he said.</p><p>Sonkar said the government under Prime Minister Narendra Modi at the Centre and Chief Minister Yogi Adityanath in Uttar Pradesh was working towards Antyodaya, social harmony and the welfare of vulnerable sections.</p><p>"Under the leadership of our successful PM Modi at the Centre and the CM Yogi in the state, the government is actively working on Antyodaya (upliftment of the last person), social harmony, and the welfare of the vulnerable sections of society," he said.</p><p>He added that he would continue to work as a party worker and maintain active connections with people.</p><p>"As a worker of this party, my constant endeavour is to maintain active connections with everyone. I have always maintained the mindset of a party worker, and I will continue to serve the party and society with that same spirit," Sonkar said.</p><p>Pal, meanwhile, described the day as auspicious and thanked the BJP's national and state leadership for placing their trust in him.</p><p>"Today is a very auspicious day in my life. Our national leadership, PM Modi, Amit Shah, Rajnath Singh, BL Santhosh and the entire national leadership, along with CM Yogi, Pankaj Chaudhary, and our state leadership, including Keshav Maurya and Brajesh Pathak, have placed their trust in me," Pal said.</p><p>He said he would visit a Hanuman temple before filing his nomination and seek blessings to fulfil the responsibility entrusted to him.</p><p>"I will go and visit the Hanuman temple right now to pray to the Lord. I will ask for the strength to properly discharge the responsibility entrusted to me with complete devotion and loyalty to the party," he said.</p><p>"After offering prayers to Lord Hanuman, I will return with my seniors to file my nomination," Pal added.</p><p>The eight candidates fielded by the Bharatiya Janata Party (BJP) for the upcoming Rajya Sabha elections from Uttar Pradesh are scheduled to file their nomination papers at the Vidhan Bhavan in Lucknow on Tuesday at 11 AM.</p><p>Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath, BJP State President Pankaj Chaudhary, both Deputy Chief Ministers Keshav Prasad Maurya and Brajesh Pathak, and senior cabinet ministers of the Uttar Pradesh government will remain present during the nomination process.</p><p>The party's eight nominees include Dharampal Singh, Vidyasagar Sonkar, Ram Pratap Singh, Priyanka Rawat, Radhakant Ojha, Gopikrishna Pandey, Shruti Gangwar, and Prakash Pal.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ BJP names Vidyasagar Sonkar, Prakash Pal among eight UP candidates for Rajya Sabha polls ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akash-anand-bsp-return-6797 ]]></guid><title><![CDATA[ आकाश आनंद की BSP में वापसी, मायावती ने फिर सौंपी बड़ी जिम्मेदारी; ससुर के मुद्दे के बाद बदला फैसला ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akash-anand-bsp-return-6797 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 05 Oct 2026 18:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी में पिछले कुछ समय से चल रहे संगठनात्मक बदलावों के बीच पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को फिर से बड़ी जिम्मेदारी दी है। मायावती ने आकाश आनंद को BSP का राष्ट्रीय सं ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ:</b> बहुजन समाज पार्टी में पिछले कुछ समय से चल रहे संगठनात्मक बदलावों के बीच पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को फिर से बड़ी जिम्मेदारी दी है। मायावती ने आकाश आनंद को BSP का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। इसके साथ ही पार्टी में उनकी सक्रिय राजनीतिक भूमिका एक बार फिर बहाल हो गई है।</p><p>यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। BSP लंबे समय से अपने संगठन को मजबूत करने और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है।</p><p>आकाश आनंद की वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ ही सप्ताह पहले मायावती ने उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से हटा दिया था। सितंबर में पार्टी की बैठक के बाद आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाया गया और बाद में उन्हें पार्टी से भी बाहर कर दिया गया था।&nbsp;</p><h5 class=""><b>आकाश आनंद ने मायावती से मांगा था एक और मौका</b></h5><p>पार्टी से बाहर किए जाने के बाद आकाश आनंद ने सार्वजनिक रूप से मायावती से दोबारा काम करने का अवसर मांगा था। उन्होंने मायावती को अपनी राजनीतिक मार्गदर्शक बताते हुए कहा था कि BSP उनके लिए सिर्फ एक राजनीतिक संगठन नहीं बल्कि परिवार है।</p><p>आकाश आनंद ने यह भी स्पष्ट किया था कि उनका किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में जाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने मायावती के नेतृत्व में पार्टी और बहुजन आंदोलन के लिए काम करने की इच्छा जताई थी।</p><p>उनके इस सार्वजनिक रुख के बाद BSP के भीतर उनकी वापसी को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।</p><h5 class=""><b>अशोक सिद्धार्थ का मुद्दा भी रहा अहम</b></h5><p>आकाश आनंद की राजनीतिक भूमिका को लेकर विवाद में उनके ससुर और BSP के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ का नाम भी प्रमुखता से सामने आया था।</p><p>मायावती ने पहले संकेत दिया था कि आकाश आनंद की पार्टी में सक्रिय भूमिका की वापसी पर विचार तभी किया जा सकता है, जब अशोक सिद्धार्थ राजनीति से दूरी बना लें। मायावती ने अशोक सिद्धार्थ पर पार्टी हितों की तुलना में व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया था।</p><p>बाद में अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी बदलाव देखने को मिले। इस पूरे घटनाक्रम का असर आकाश आनंद की संगठनात्मक भूमिका पर पड़ा था।</p><h5 class=""><b>मायावती ने क्यों बदला फैसला?</b></h5><p>मायावती ने आकाश आनंद को दोबारा जिम्मेदारी देने के पीछे पार्टी हित और संगठनात्मक जरूरतों को प्रमुख कारण बताया है। उनके अनुसार पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और इसी आधार पर अतीत में परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी फैसले लिए गए हैं।</p><p>अब आकाश आनंद को दोबारा जिम्मेदारी मिलने के बाद मायावती ने उनसे संगठन के हित में काम करने और अपने व्यवहार में अनुशासन बनाए रखने की अपेक्षा जताई है।</p><p>इससे पहले मायावती ने यह भी कहा था कि पार्टी में किसी को भी केवल पारिवारिक संबंधों के आधार पर जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। आकाश आनंद की वापसी ऐसे समय हुई है जब BSP आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने संगठन को सक्रिय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।</p><h5 class=""><b>BSP के लिए क्यों अहम है यह वापसी?</b></h5><p>आकाश आनंद को BSP में युवा चेहरे के तौर पर देखा जाता रहा है। पार्टी ने पहले भी उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर युवा मतदाताओं और नई पीढ़ी के बीच संगठन की पहुंच बढ़ाने की कोशिश की थी।</p><p>2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए BSP के लिए संगठन को मजबूत करना बड़ी चुनौती है। ऐसे में आकाश आनंद को फिर से राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलना पार्टी की चुनावी रणनीति में उनकी भूमिका को दोबारा महत्वपूर्ण बना सकता है।</p><p>हालांकि, उनकी वापसी के बाद पार्टी संगठन में उनकी वास्तविक भूमिका कितनी प्रभावी होगी, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। खास तौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में BSP के संगठनात्मक विस्तार और चुनावी अभियान में किस तरह सक्रिय होते हैं।</p><h5 class=""><b>आगे की राह पर नजर</b></h5><p>आकाश आनंद की वापसी BSP में पिछले कुछ महीनों के दौरान हुए कई संगठनात्मक बदलावों के बाद हुई है। पार्टी में परिवार के सदस्यों की भूमिका, अनुशासन और संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर मायावती के कई फैसले सामने आए हैं।</p><p>अब आकाश आनंद को दोबारा राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने से पार्टी के भीतर उनकी राजनीतिक यात्रा एक बार फिर शुरू होती दिखाई दे रही है। हालांकि, मायावती की ओर से अनुशासन और पार्टी हित को लेकर दिए गए संकेतों के बाद आकाश आनंद के लिए यह वापसी पहले की तुलना में अधिक जिम्मेदारी वाली भी होगी।</p><p>2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BSP किस तरह अपना संगठन तैयार करती है और आकाश आनंद को कितनी बड़ी भूमिका देती है, इस पर राजनीतिक नजरें बनी रहेंगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ आकाश आनंद की BSP में वापसी, मायावती ने फिर सौंपी बड़ी जिम्मेदारी; ससुर के मुद्दे के बाद बदला फैसला ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-bjp-rajya-sabha-8-candidates-6795 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Rajya Sabha Election: BJP के 8 उम्मीदवार कौन हैं? जानिए धर्मपाल सिंह से श्रुति गंगवार तक पूरी प्रोफाइल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-bjp-rajya-sabha-8-candidates-6795 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 05 Oct 2026 17:47:38 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद सामने आई सूची में धर्मपाल सिंह, राधाक ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>भारतीय जनता पार्टी </b>ने उत्तर प्रदेश से होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद सामने आई सूची में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया गया है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर को होना है।</p><p>इस सूची की खास बात यह है कि बीजेपी ने इस बार उत्तर प्रदेश से अपने मौजूदा कार्यकाल पूरा कर रहे राज्यसभा सदस्यों में से किसी को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। इनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा जैसे नाम भी शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, नए पैनल में संगठन से जुड़े नेताओं, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सामाजिक समूहों के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिखाई देता है।</p><h5 class=""><b>1. धर्मपाल सिंह</b></h5><p>धर्मपाल सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और बरेली जिले की आंवला विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह कई बार विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं और वर्तमान में पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग से जुड़े हैं।</p><p>बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाकर राज्य सरकार में सक्रिय भूमिका निभा रहे एक वरिष्ठ नेता को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने का विकल्प चुना है। धर्मपाल सिंह लोधी समुदाय से आते हैं, जिसे उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में महत्वपूर्ण ओबीसी समूह माना जाता है।</p><h5 class=""><b>2. राधाकांत ओझा</b></h5><p>राधाकांत ओझा पेशे से वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और प्रयागराज के कानूनी क्षेत्र में उनकी पहचान रही है। वह इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से भी जुड़े रहे हैं।</p><p>उनका चयन बीजेपी की सूची में कानूनी और पेशेवर पृष्ठभूमि वाले चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए ऐसे समय चुना है जब उच्च सदन में कानून, न्याय और संस्थागत मुद्दों पर चर्चा का महत्व लगातार बना हुआ है।</p><h5 class=""><b>3. प्रकाश पाल</b></h5><p>प्रकाश पाल बीजेपी के संगठन से लंबे समय से जुड़े नेता हैं। वह पार्टी के उत्तर प्रदेश ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके हैं और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं।</p><p>उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि मुख्य रूप से संगठनात्मक कार्यों से जुड़ी रही है। राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में उनका शामिल होना बीजेपी की ओर से संगठन में सक्रिय नेताओं को उच्च सदन में प्रतिनिधित्व देने की रणनीति का संकेत माना जा रहा है।<br></p><h5 class=""><b>4. विद्यासागर सोनकर</b></h5><p>विद्यासागर सोनकर उत्तर प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह जौनपुर क्षेत्र से आते हैं और पार्टी संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह पूर्व सांसद और विधान परिषद सदस्य भी रह चुके हैं।</p><p>सोनकर का नाम बीजेपी के दलित प्रतिनिधित्व वाले चेहरों में गिना जाता है। उनके संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है। रिपोर्टों के अनुसार आठ उम्मीदवारों की सूची में दो अनुसूचित जाति पृष्ठभूमि वाले नेताओं को जगह दी गई है।</p><h5 class=""><b>5. गोपी कृष्ण पांडेय</b></h5><p>गोपी कृष्ण पांडेय बीजेपी के संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेता हैं। वह पूर्वी उत्तर प्रदेश से आते हैं और पार्टी के साथ लंबे समय से काम कर रहे हैं। उनका संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की पृष्ठभूमि से भी बताया जाता है।</p><p>पांडेय का नाम पार्टी के ब्राह्मण चेहरों में शामिल किया जाता है। राज्यसभा के लिए उनके चयन से पूर्वांचल के साथ-साथ सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व को भी जगह मिलती है।</p><h5 class=""><b>6. प्रियंका सिंह रावत</b></h5><p>प्रियंका सिंह रावत बीजेपी की महिला नेताओं में प्रमुख नाम हैं। वह बाराबंकी लोकसभा सीट से सांसद रह चुकी हैं और पार्टी संगठन में भी सक्रिय रही हैं।</p><p>उनके राज्यसभा उम्मीदवार बनने से बीजेपी की सूची में महिला प्रतिनिधित्व मजबूत हुआ है। आठ उम्मीदवारों में प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार दो महिला चेहरे हैं।</p><p>प्रियंका रावत का राजनीतिक आधार अवध क्षेत्र से जुड़ा रहा है। लोकसभा सांसद के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान वह क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर सक्रिय रही हैं।</p><h5 class=""><b>7. राम प्रताप सिंह चौहान</b></h5><p>राम प्रताप सिंह चौहान बीजेपी के संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। जून 2026 में हुए संगठनात्मक बदलावों के बाद उन्हें प्रदेश संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली थी।</p><p>उनका नाम पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में सक्रिय नेताओं में लिया जाता है। राज्यसभा के लिए उनका चयन भी उन नेताओं को उच्च सदन में भेजने की दिशा में देखा जा रहा है, जिनका राजनीतिक अनुभव मुख्य रूप से संगठन और जमीनी स्तर से जुड़ा रहा है।</p><h5 class=""><b>8. श्रुति गंगवार</b></h5><p>श्रुति गंगवार बीजेपी की युवा महिला नेताओं में शामिल हैं और बरेली क्षेत्र में सक्रिय रही हैं। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता संतोष गंगवार की बेटी हैं।</p><p>उनका चयन बीजेपी की सूची में महिला प्रतिनिधित्व के साथ-साथ रुहेलखंड क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देने वाले नाम के रूप में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी ने उन्हें राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाकर संगठन में सक्रिय एक नए चेहरे को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने का अवसर दिया है।</p><h5 class=""><b>सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर</b></h5><p>बीजेपी की आठ उम्मीदवारों वाली सूची में तीन ओबीसी, दो अनुसूचित जाति और तीन सामान्य वर्ग के उम्मीदवार शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा दो महिला उम्मीदवारों को भी जगह मिली है। पार्टी की ओर से उम्मीदवारों का चयन सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए किया गया बताया गया है।</p><p>हालांकि, उम्मीदवारों की सामाजिक पृष्ठभूमि को सीधे चुनावी रणनीति का कारण मानना उचित नहीं होगा, क्योंकि बीजेपी ने आधिकारिक रूप से प्रत्येक नाम के चयन के पीछे विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए हैं। इतना जरूर है कि सूची में सरकार, संगठन, कानूनी क्षेत्र और महिला नेतृत्व से जुड़े अलग-अलग तरह के चेहरे शामिल हैं।</p><h5 class=""><b>चुनाव में क्या है गणित?</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर बीजेपी के लिए कई सीटों पर जीत की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। वहीं समाजवादी पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं और दसवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना जताई जा रही है।</p><p>बीजेपी के आठ उम्मीदवारों की घोषणा के साथ अब चुनावी तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। मौजूदा सांसदों को दोबारा मौका न देकर नए चेहरों को आगे बढ़ाने का फैसला पार्टी की संगठनात्मक और राजनीतिक प्राथमिकताओं पर चर्चा को जरूर बढ़ाएगा। हालांकि, इन उम्मीदवारों के राज्यसभा पहुंचने के बाद वे सदन में पार्टी और उत्तर प्रदेश से जुड़े मुद्दों को किस तरह उठाते हैं, यह आगे देखने वाली बात होगी।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Rajya Sabha Election: BJP के 8 उम्मीदवार कौन हैं? जानिए धर्मपाल सिंह से श्रुति गंगवार तक पूरी प्रोफाइल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-bjp-rajya-sabha-list-6790 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Rajya Sabha Election: BJP ने यूपी से 8 उम्मीदवार उतारे, जातीय-सामाजिक समीकरणों पर भी दिखा फोकस ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-bjp-rajya-sabha-list-6790 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 05 Oct 2026 15:28:56 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने राज्य से कुल&nbsp; 8 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इस सूची में संगठन और  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ: </b>उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने राज्य से कुल&nbsp; 8 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इस सूची में संगठन और सरकार से जुड़े नेताओं के साथ अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश दिखाई देती है।</p><p>बीजेपी की ओर से घोषित उम्मीदवारों में&nbsp;<b> धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार </b>शामिल हैं।</p><p>इन नामों के ऐलान के साथ ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।</p><h5 class=""><b>सूची में OBC, SC और सामान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व</b></h5><p>बीजेपी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक 8 उम्मीदवारों की सूची में&nbsp; 3 OBC, 2 SC और 3 सामान्य वर्ग&nbsp; से आने वाले नेता शामिल हैं। सूची में दो महिला उम्मीदवारों को भी जगह दी गई है।</p><p>OBC वर्ग में&nbsp; लोधी, पाल और कुर्मी&nbsp; समुदाय से जुड़े नेताओं को प्रतिनिधित्व मिला है। धर्मपाल सिंह लोधी समुदाय से आते हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।</p><p>वहीं&nbsp; प्रकाश पाल&nbsp; बीजेपी संगठन में क्षेत्रीय स्तर पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और पाल समुदाय से आते हैं। उनकी उम्मीदवारी को संगठन और सामाजिक प्रतिनिधित्व के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव 2026 हेतु निम्नलिखित नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। https://t.co/ra7duYMNre&lt;/p&gt;&amp;mdash; BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) &lt;a href="https://x.com/BJP4UP/status/2107044316854272306?ref_src=twsrc^tfw"&gt;October 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;<br>&lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>किन नेताओं को मिला टिकट?</b></h5><p>बीजेपी की सूची में धर्मपाल सिंह के अलावा राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार के नाम शामिल हैं।</p><p>सूची में दो महिला उम्मीदवारों की मौजूदगी भी उल्लेखनीय है। पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन में अलग-अलग सामाजिक समूहों और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखने का संकेत दिया है।</p><p>राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवारों के चयन का असर केवल सदन की संख्या पर ही नहीं पड़ता, बल्कि राजनीतिक दलों के संगठनात्मक और सामाजिक समीकरणों पर भी इसका प्रभाव देखा जाता है। ऐसे में बीजेपी की इस सूची को उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक रणनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।</p><h5 class=""><b>हरदीप पुरी और बीएल वर्मा का नाम नहीं</b><br></h5><p>बीजेपी की घोषित सूची में केंद्रीय मंत्री&nbsp; हरदीप सिंह पुरी&nbsp; और पूर्व केंद्रीय मंत्री&nbsp; बीएल वर्मा&nbsp; के नाम शामिल नहीं हैं। उम्मीदवारों की घोषणा के बाद पार्टी के भीतर और राजनीतिक गलियारों में इस चयन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।</p><p>उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की सीटों के लिहाज से यह चुनाव बीजेपी और विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद अब राजनीतिक दलों का अगला फोकस नामांकन और चुनावी रणनीति पर रहेगा।</p><p>राज्यसभा चुनाव के नतीजों में विधायकों के समर्थन और दलों की रणनीति की अहम भूमिका होगी। ऐसे में बीजेपी की ओर से घोषित 8 उम्मीदवारों की सूची के बाद अब विपक्षी दलों की रणनीति पर भी नजर रहेगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Rajya Sabha Election: BJP ने यूपी से 8 उम्मीदवार उतारे, जातीय-सामाजिक समीकरणों पर भी दिखा फोकस ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/owaisi-rajbhar-muslim-politics-up-6788 ]]></guid><title><![CDATA[ ओवैसी के ‘दरी नहीं बिछाएंगे’ वाले बयान पर राजभर का समर्थन, UP चुनाव से पहले मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर सियासत तेज ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/owaisi-rajbhar-muslim-politics-up-6788 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 05 Oct 2026 13:55:04 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की ओर से मुस्लिम समुदाय को केवल वोट बैंक के रूप ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ:</b> उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की ओर से मुस्लिम समुदाय को केवल वोट बैंक के रूप में देखे जाने के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने उनके बयान का समर्थन किया है।</p><p>राजभर ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों दलों ने लंबे समय तक मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन से चुनावी लाभ हासिल किया, लेकिन राजनीतिक नेतृत्व में मुस्लिम समुदाय को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। उन्होंने कहा कि ओवैसी का यह सवाल उठाना उचित है कि राजनीतिक दलों में मुस्लिम समुदाय की भूमिका केवल चुनावी समर्थन तक सीमित क्यों रहे।</p><h5 class=""><b>राजभर ने क्या कहा?</b></h5><p>ओम प्रकाश राजभर ने ओवैसी के उस बयान का समर्थन किया जिसमें AIMIM प्रमुख ने मुस्लिम मतदाताओं से कहा था कि वे खुद को केवल वोट बैंक के रूप में न देखें और राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग करें।</p><p>राजभर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने चुनावों के दौरान मुस्लिम समुदाय के समर्थन का इस्तेमाल किया, लेकिन सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री पद सहित शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व में मुस्लिम चेहरे को पर्याप्त अवसर नहीं दिया।</p><p>उन्होंने समाजवादी पार्टी का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी ने कई बार सरकार बनाई, लेकिन किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री बनाने की दिशा में कदम नहीं उठाया। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद राजनीतिक दलों ने अपने-अपने सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता दी।</p><p>हालांकि, ये सभी आरोप संबंधित नेताओं और दलों के राजनीतिक दावे हैं। इन पर सपा और कांग्रेस का पक्ष अलग हो सकता है।</p><h5 class=""><b>ओवैसी ने मुस्लिम राजनीतिक हिस्सेदारी का मुद्दा उठाया</b></h5><p>असदुद्दीन ओवैसी ने हालिया कार्यक्रमों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। बहराइच में उन्होंने विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी, पर आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज की राजनीतिक भूमिका को लंबे समय से सीमित रखा गया है।</p><p>ओवैसी का कहना है कि मुस्लिम समुदाय को सिर्फ चुनाव के दौरान समर्थन देने वाले समूह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका जोर राजनीतिक प्रतिनिधित्व और निर्णय लेने की प्रक्रिया में हिस्सेदारी बढ़ाने पर है।</p><p>इसी संदर्भ में उन्होंने ‘दरी नहीं बिछाएंगे’ जैसी राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल करते हुए यह संदेश देने की कोशिश की कि मुस्लिम मतदाता अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं और प्रतिनिधित्व को लेकर स्वतंत्र रूप से फैसला करें।</p><p>AIMIM की यह रणनीति ऐसे समय सामने आ रही है जब पार्टी उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अपना संगठन मजबूत कर रही है। पार्टी ने राज्य में बड़ी संख्या में विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारी के संकेत दिए हैं और गठबंधन की संभावना भी खुली रखी है।</p><h5 class=""><b>सपा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?</b></h5><p>उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम मतदाता लंबे समय से महत्वपूर्ण चुनावी समूह रहे हैं। समाजवादी पार्टी को इस वर्ग का प्रमुख समर्थन आधार माना जाता रहा है। ऐसे में AIMIM का मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाना सपा के लिए राजनीतिक चुनौती बन सकता है।</p><p>ओवैसी लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि मुस्लिम मतदाताओं को किसी एक पार्टी के साथ स्वाभाविक रूप से जुड़ा हुआ नहीं माना जाना चाहिए। AIMIM का प्रयास अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने और मुस्लिम मतदाताओं के बीच संगठन का विस्तार करने का है।</p><p>दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में अपने मौजूदा सहयोगियों के साथ चुनावी रणनीति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ओवैसी ने भी संकेत दिया है कि AIMIM चुनाव से पहले संभावित गठबंधन के विकल्पों पर विचार कर रही है।</p><h5 class=""><b>ओवैसी पर ‘बीजेपी की मदद’ के आरोप का जवाब</b></h5><p>AIMIM प्रमुख पर अक्सर विपक्षी दलों की ओर से यह आरोप लगाया जाता रहा है कि उनकी चुनावी मौजूदगी से भाजपा को फायदा हो सकता है। ओवैसी ने ऐसे आरोपों को खारिज किया है।</p><p>उनका कहना है कि AIMIM अपनी राजनीतिक विचारधारा और संगठन के आधार पर चुनाव लड़ती है। पार्टी का दावा है कि मुस्लिम समुदाय सहित अन्य सामाजिक समूहों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाना उसका प्रमुख उद्देश्य है।</p><p>उत्तर प्रदेश में AIMIM की चुनावी रणनीति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पार्टी गठबंधन के विकल्प खुले रखने के साथ अपने संगठन को भी विस्तार दे रही है।</p><h5 class=""><b>2027 चुनाव से पहले बढ़ेगी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा</b></h5><p>ओवैसी और राजभर के बयानों से यह संकेत मिलता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व एक महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा बन सकता है। एक तरफ समाजवादी पार्टी अपने पारंपरिक सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं AIMIM अलग राजनीतिक विकल्प के तौर पर अपनी जगह बनाने का प्रयास कर रही है।</p><p>राजभर के समर्थन से इस बहस को एक और राजनीतिक आयाम मिला है। हालांकि चुनाव में इसका वास्तविक असर कितना होगा, यह उम्मीदवारों के चयन, गठबंधन की तस्वीर, क्षेत्रीय समीकरण और मतदाताओं के अंतिम रुख पर निर्भर करेगा।</p><p>फिलहाल इतना स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में चुनावी राजनीति धीरे-धीरे तेज हो रही है और मुस्लिम प्रतिनिधित्व का सवाल आने वाले महीनों में राजनीतिक दलों के बीच बहस का प्रमुख विषय बन सकता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ओवैसी के ‘दरी नहीं बिछाएंगे’ वाले बयान पर राजभर का समर्थन, UP चुनाव से पहले मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर सियासत तेज ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-yadav-alliance-victory-up-election-2027-6775 ]]></guid><title><![CDATA[ अखिलेश यादव बोले- सीटों का नहीं, गठबंधन की जीत का सवाल; 2027 चुनाव से पहले दिया एकजुटता का संदेश ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-yadav-alliance-victory-up-election-2027-6775 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 04 Oct 2026 15:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की रणनीति को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा सी ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की रणनीति को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा सीटों का बंटवारा नहीं, बल्कि गठबंधन की चुनावी जीत होनी चाहिए।</span></p><p>अखिलेश यादव ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब लक्ष्य स्पष्ट हो और गठबंधन के सहयोगी मिलकर काम करें, तो मंजिल तक पहुंचने का रास्ता आसान हो जाता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सपा प्रमुख ने कहा कि गठबंधन में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलती हैं या कौन सी सीट किसके हिस्से में जाती है, यह सबसे बड़ा मुद्दा नहीं होना चाहिए।</span></p><p><span style="color: rgb(15, 20, 25); font-family: &quot;Times New Roman&quot;; font-size: 15px; white-space: pre-wrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;मक़सद जब साफ़ हो तो हाथ-में-हाथ होता है
निगाह मंज़िल पर हो तो सफ़र आसान होता है! 

बात बड़ी ये नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है बात बड़ी ये है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो। 

फिर दोहराते हैं : बात सीट की नहीं जीत की है।

ये जीत हमारे गठबंधन के दलों से बढ़कर हम सबकी उस संयुक्त कोशिश की जीत होगी जो इसलिए लगातार संघर्षरत है कि साम्प्रदायिकता फिर कभी सिर न उठा सके और लोकतंत्र-संविधान-आरक्षण पर भाजपाई आंच न आए और देश का सौहार्द फिर से खिलखिलाए, देश की तरक़्क़ी और ख़ुशहाली फिर से मुस्कुराए। 

जय संविधान-जय हिंदुस्तान!&lt;/p&gt;&amp;mdash; Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) &lt;a href="https://x.com/yadavakhilesh/status/2106594054423314816?ref_src=twsrc^tfw"&gt;October 4, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;
&lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>साम्प्रदायिकता, संविधान और आरक्षण का भी जिक्र</b></h5><p>सपा नेता ने कहा, “बड़ी बात यह नहीं है कि गठबंधन को कितनी सीटें मिलती हैं या कौन सी सीट किसके पास जाती है—बड़ी बात यह है कि हम सभी को यह सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अखिलेश यादव ने दोहराया कि गठबंधन के लिए प्राथमिकता सीटों की संख्या नहीं, बल्कि चुनाव में जीत होनी चाहिए।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अखिलेश यादव ने गठबंधन की संभावित जीत को व्यक्तिगत दलों के हितों से बड़ा बताते हुए इसे लोकतंत्र, संविधान, आरक्षण और सामाजिक सद्भाव जैसे मुद्दों से जोड़ा।</span></p><p>उन्होंने कहा कि गठबंधन की एकजुट कोशिश ऐसी होनी चाहिए जिससे साम्प्रदायिकता को बढ़ावा न मिले, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा हो, आरक्षण सुरक्षित रहे तथा देश में सामाजिक सद्भाव और विकास को मजबूती मिले। उन्होंने अपनी पोस्ट का समापन “संविधान की विजय—हिंदुस्तान की विजय!” के संदेश के साथ किया।</p><h5 class=""><b>2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले गठबंधन की संभावनाओं और सीट बंटवारे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच चर्चा जारी है। सपा और कांग्रेस ने 2024 का लोकसभा चुनाव उत्तर प्रदेश में विपक्षी INDIA गठबंधन के तहत मिलकर लड़ा था। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने उत्तर प्रदेश की 80 में से 37 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस ने 6 सीटें जीती थीं। सपा 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और 18वीं लोकसभा में वह देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी रही।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अखिलेश यादव बोले- सीटों का नहीं, गठबंधन की जीत का सवाल; 2027 चुनाव से पहले दिया एकजुटता का संदेश ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-exports-bhadohi-carpets-yogi-adityanath-6768 ]]></guid><title><![CDATA[ उत्तर प्रदेश बना देश का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य, भदोही के कालीनों का बड़ा योगदान: सीएम योगी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-exports-bhadohi-carpets-yogi-adityanath-6768 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 04 Oct 2026 11:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य देश का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन गया है और प्रदेश का निर्यात 2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। उन्होंने क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश: </b>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य देश का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन गया है और प्रदेश का निर्यात 2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि भदोही के कालीन उत्तर प्रदेश के निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।</span></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में उत्तर प्रदेश के निर्यात में करीब 2.27 गुना वृद्धि हुई है।</p><h5 class=""><b>भदोही के कालीनों की वैश्विक पहचान</b></h5><p>सीएम योगी ने कहा कि भदोही की प्रतिभा और कारीगरी को अब विकास, नए बाजार और वैश्विक अवसरों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भदोही के हाथों से तैयार होने वाले कालीनों की मांग आज दुनियाभर में है और इससे उत्तर प्रदेश की कारीगरी को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है।</p><p>उन्होंने कहा कि जिन कारीगरों ने अपनी मेहनत और हुनर से भदोही के कालीनों को दुनिया तक पहुंचाया, उन्हें वर्ष 2017 से पहले बुनियादी सुविधाओं और अवसरों के लिए इंतजार करना पड़ता था। अब सरकार उनकी कारीगरी को विकास और वैश्विक बाजार से जोड़ने का काम कर रही है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath shared a post on social media, “Earlier, Bhadohi’s craftsmanship had to find its own way. Today, the government is opening new doors of development, markets, and opportunities for it. The state’s exports have increased nearly 2.27… &lt;a href="https://t.co/5Dv304x7GO"&gt;pic.twitter.com/5Dv304x7GO&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; United News of India (@uniindianews) &lt;a href="https://x.com/uniindianews/status/2106597659670921394?ref_src=twsrc^tfw"&gt;October 4, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>इंडिया कारपेट एक्सपो का स्वर्ण जयंती संस्करण</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने बताया कि वह एशिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हस्तनिर्मित कालीन व्यापार मेले ‘इंडिया कारपेट एक्सपो’ के स्वर्ण जयंती संस्करण का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान वह कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं और उद्यमियों से भी संवाद करेंगे।</p><p>योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कारीगरों के हुनर का सम्मान, कारोबार का विस्तार, युवाओं के लिए रोजगार और भदोही की समृद्धि—ये सभी नए उत्तर प्रदेश में विरासत और विकास के संगम की नई पहचान हैं।</p><h5 class=""><b>भदोही को 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अवसर पर भदोही, औराई और ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं की सौगात दी जाएगी। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ उत्तर प्रदेश बना देश का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य, भदोही के कालीनों का बड़ा योगदान: सीएम योगी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-bhadohi-carpets-up-exports-6767 ]]></guid><title><![CDATA[ UP’s fifth-largest exporting state, Bhadohi’s carpets make a major contribution: CM Yogi ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-bhadohi-carpets-up-exports-6767 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 04 Oct 2026 11:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Lucknow, Uttar Pradesh: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath on Sunday said the state has become the country’s fifth-largest exporting state with exports crossing Rs 2 lakh crore, and announce ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Lucknow, Uttar Pradesh: </b>Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath on Sunday said the state has become the country’s fifth-largest exporting state with exports crossing Rs 2 lakh crore, and announced that he will inaugurate the golden jubilee edition of the international handmade carpet trade fair, ‘India Carpet Expo’, in Bhadohi.</span></p><p>In a post shared on X, CM Yogi said Uttar Pradesh’s exports have increased by nearly 2.27 times in the last 10 years and highlighted Bhadohi’s carpets as a major contributor to the state’s exports.</p><p>“The talent of Bhadohi once had to find its own way, but today the government is opening new doors of development, markets and opportunities for it. The state’s exports have increased by nearly 2.27 times in the last 10 years and have crossed Rs 2 lakh crore. Uttar Pradesh is the fifth-largest exporting state in the country. Bhadohi’s carpets make a major contribution to these exports," CM Yogi said.</p><p>The CM wrote that the same hands that took Bhadohi’s carpets to the world through their craftsmanship had, before 2017, continued to wait for basic facilities and opportunities.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"Today, under the double-engine government, the same craftsmanship is being connected with development and the global market. The demand for Bhadohi’s hand-made carpets is today the highest in the world, earning recognition for Uttar Pradesh’s craftsmanship on the global stage," he said.</span></p><p>CM Yogi said he would inaugurate the golden jubilee edition of the international handmade carpet trade fair, ‘India Carpet Expo’, and interact with exporters, sellers and entrepreneurs associated with the carpet industry.</p><p>“Today he will inaugurate the golden jubilee edition of Asia’s largest international handmade carpet trade fair, ‘India Carpet Expo’, and interact with exporters, sellers and entrepreneurs of the carpet industry. Respect for the artisan’s hands, expansion of enterprise, employment for the youth and prosperity for Bhadohi - this is the new identity of the confluence of heritage and development in the new Uttar Pradesh," he said.</p><p>The Chief Minister wrote that on this occasion, 112 development projects worth more than Rs 1,340 crore will be gifted to the Bhadohi, Aurai and Gyanpur Assembly constituencies, and beneficiaries of various schemes will be provided benefits.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP’s fifth-largest exporting state, Bhadohi’s carpets make a major contribution: CM Yogi ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-law-order-23000-criminals-arrested-mafia-assets-seized-6757 ]]></guid><title><![CDATA[ "Over 23,000 criminals arrested, Rs 15,233 cr mafia assets seized": UP govt highlights improved law and order in state ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-law-order-23000-criminals-arrested-mafia-assets-seized-6757 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 03 Oct 2026 11:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Lucknow, Uttar Pradesh: The Uttar Pradesh government on Saturday released detailed information on the action taken against criminals under the Chief Minister Yogi Adityanath-led administration since 2 ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Lucknow, Uttar Pradesh:</b> The Uttar Pradesh government on Saturday released detailed information on the action taken against criminals under the Chief Minister Yogi Adityanath-led administration since 2017, highlighting major actions against mafia networks, cybercrime prevention, and large-scale arrests across the state.</span></p><p>According to the official details released by the state government, the UP Police have killed a total of 303 criminals in encounters, while 12,202 criminals sustained injuries during police operations since March 20, 2017.&nbsp;</p><p>In its sustained drive against wanted fugitives, the state police have arrested and jailed 23,601 criminals carrying cash rewards. Furthermore, strict legal action has been initiated against 87,835 criminals under the Gangsters Act, while 995 criminals have been booked under the National Security Act (NSA).</p><p>Under the provisions of the Gangsters Act, movable and immovable assets worth Rs 152.33 crore have been confiscated. In total, illegal assets worth Rs 15,233 crore belonging to criminals and mafia elements have been seized across Uttar Pradesh.</p><p>Focusing on organised crime networks, action has been taken against 68 state-level identified mafia figures, along with their gang members and associates. In these targeted operations, police have registered 909 cases and arrested 651 individuals.</p><p>According to the UP government, cybercrime police stations have become operational across all 75 districts of the state. As part of these anti-cybercrime measures, police have successfully frozen funds worth Rs 874.58 crore.&nbsp;</p><p>Earlier, Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath on October 1 said that before the BJP came to power in the state in 2017, people were troubled by the mafia, and the police were in a helpless state.</p><p>Attending a flag-off ceremony of 87 Interceptor Vehicles equipped with advanced equipment, the UP Chief Minister said the state has been rescued from policy paralysis under his leadership.</p><p>"It was the most populous state yet lagged in the economy, recruitment, the adoption of emerging technologies, and the implementation of welfare schemes. Before 2017, people would immediately dismiss someone simply by labelling them UP-wala. We acknowledge the challenge the police faced; after all, if the political leadership lacks the resolve to make decisions, how can the law and order situation be set right? People would grovel and kneel before the mafia, and the police were helpless," said CM Yogi.&nbsp;</p><p>"Since 2017, casting aside that despair and rescuing the state from policy paralysis, we have successfully steered it toward progress. I can now state that we have implemented police reforms...we have installed over 14 lakh cameras in cities...Integrated Command and Control Centres have been established in every district, creating a new identity for them. Furthermore, the objective regarding 'Safe City' traffic initiatives—specifically the deployment of interceptor vehicles—has been realised," added CM Yogi.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ "Over 23,000 criminals arrested, Rs 15,233 cr mafia assets seized": UP govt highlights improved law and order in state ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/khadi-clothes-25-percent-discount-january-2027-cm-yogi-6755 ]]></guid><title><![CDATA[ खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूटः मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/khadi-clothes-25-percent-discount-january-2027-cm-yogi-6755 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 02 Oct 2026 18:34:50 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेशवासियों को उपहार दिया। उन्होंने कहा कि खादी भारत की स्वाधीनता का मंत्र है, प्रदेश सरकार ने खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ:</b><span style="font-size: 1rem;"> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेशवासियों को उपहार दिया। उन्होंने कहा कि खादी भारत की स्वाधीनता का मंत्र है, प्रदेश सरकार ने खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी की छूट उपलब्ध कराई है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि हर व्यक्ति खादी को जीवन का हिस्सा बनाकर कारीगरों, हस्तशिल्पियों व बुनकरों के हुनर को सम्मान दे। सीएम योगी ने एनेक्सी स्थित पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि दी। उन्होंने इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी याद किया।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><br></p><p><b>भारत की आजादी का मंत्र बना था ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने कहा कि भारत की स्वाधीनता के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज 157वीं तथा सादगी, सज्जनता के लिए प्रसिद्ध भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती है। बापू का ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ भारत की आजादी का मंत्र बना था। आजादी का जो आंदोलन पहले बिखरा था, वह बापू के नेतृत्व में जनांदोलन बना। जिसके कारण ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़कर भागने को मजबूर होना पड़ा।&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p><b>स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी का आत्मनिर्भरता व स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा, इसीलिए पीएम मोदी जी ‘लोकल टू ग्लोबल’ की चर्चा करते हैं। उनका मानना है कि गांवों, कारीगरों, हस्तशिल्पियों, बुनकरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को प्रोत्साहित करना और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना भारत की स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता भी है।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>हर भारतीय श्रद्धा से लेता है शास्त्री जी का नाम:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम आते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा का भाव उमड़ पड़ता है। वह अपनी सादगी, सज्जनता के लिए सदैव प्रसिद्ध रहेंगे। वह जितने संवेदनशील थे, उनका व्यक्तित्व उतना ही संघर्षशील भी था। उन्होंने जो कहा, वह करके दिखाया। जो किया, उतना ही बोला।&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p><b>‘जय जवान-जय किसान’ का नारा बना स्वाधीन भारत का मंत्र:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी का ध्येय था कि भारत खाद्यान्न आत्मनिर्भरता में लक्ष्य प्राप्त करे और देश की सीमाओं पर लड़ रहे जवानों के प्रति हर भारतीय के मन में सम्मान का भाव पैदा हो। शास्त्री जी का ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा स्वाधीन भारत का मंत्र बना।&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p><b>भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध किसान:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने कहा कि एक ओर जवान सीमाओं की रक्षा करते हुए दुश्मनों के छक्के छुड़ा रहे थे तो दूसरी ओर अन्नदाता किसान अपने पसीने, परिश्रम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहा था। उसी का परिणाम है कि आज भारत ने खाद्यान्न आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किया है। भारत अब 140 करोड़ देशवासियों का पेट भरने के साथ ही अनेक देशों में खाद्यान्न आपूर्ति का सामर्थ्य रखता है। शास्त्री जी ने 1965 में जो मंत्र दिया था, उसे भारत की आंतरिक/वाह्य सुरक्षा प्रदान करने वाले जवान व देशवासी आज भी आत्मसात करते हैं।&nbsp;</p><p><br></p><p>इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूटः मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-gandhi-mantras-cleanliness-swadeshi-self-reliance-gram-swaraj-6754 ]]></guid><title><![CDATA[ सीएम योगी बोले- स्वच्छता, स्वदेशी, स्वावलंबन और ग्राम स्वराज के बापू के मंत्र आज भी उतने ही प्रासंगिक ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-gandhi-mantras-cleanliness-swadeshi-self-reliance-gram-swaraj-6754 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 02 Oct 2026 18:23:26 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी के स्वदेशी और स्वावलंबन के मंत्र को आत्मनिर्भर और विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए कहा कि बापू का चरखा केवल चरखा नहीं था, बल्कि भारत के स्वावलंबन और  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी के स्वदेशी और स्वावलंबन के मंत्र को आत्मनिर्भर और विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए कहा कि बापू का चरखा केवल चरखा नहीं था, बल्कि भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का आधार था। उत्तर प्रदेश की ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना उसी स्वदेशी के भाव को आगे बढ़ाते हुए ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने की दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बापू के स्वावलंबन के सपने को आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। विकसित भारत की संकल्पना तभी पूरी होगी, जब देश आत्मनिर्भर बनेगा और इसके लिए प्रत्येक नागरिक, परिवार और गांव को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ना होगा।</span></p><p><br></p><p>राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बापू की स्मृतियों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के प्रिय भजनों का श्रवण किया और चरखा चलाकर बापू के स्वदेशी एवं स्वावलंबन के संदेश को प्रसारित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता से स्वदेशी, स्वदेशी से स्वावलंबन और स्वावलंबन से ग्राम स्वराज तक बापू के विचार आज भी देश के लिए मार्गदर्शक हैं। नया भारत बापू के इन्हीं सपनों को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>गांधी आश्रम के वस्त्र केवल कपड़े नहीं, आजादी के मंत्र के प्रतीक:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने स्वदेशी की चर्चा करते हुए अपने बचपन की स्मृतियों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि बचपन में हम लोग गांधी आश्रम के कपड़ों को बड़ी उत्सुकता से देखते थे। लोगों में इन वस्त्रों को लेकर विशेष उत्साह रहता था, क्योंकि ये केवल वस्त्र नहीं थे। ये भारत की आजादी के मंत्र के प्रतीक भी थे। बापू ने इन्हें स्वदेशी की भावना से जोड़कर आगे बढ़ाने का काम किया। उन्होंने देश को चरखे के माध्यम से स्वावलंबन का संदेश दिया। चरखा केवल सूत कातने का साधन नहीं था। वह भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का आधार बना। अपने श्रम, अपने उत्पाद और अपनी सामर्थ्य पर भरोसा करके देश कैसे आगे बढ़ सकता है, चरखा इसका प्रतीक बना।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>बापू के स्वदेशी से निकला ‘लोकल टू ग्लोबल’ मंत्र:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना उसी स्वदेशी के भाव के साथ आगे बढ़ रही है। इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लोकल से ग्लोबल’ और आत्मनिर्भर भारत के मंत्र से जोड़ते हुए कहा कि बापू ने जिस स्वावलंबन का सपना देखा था, उसे नए स्वरूप में आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री बार-बार कहते हैं कि विकसित भारत की संकल्पना तभी पूरी होगी, जब आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए हम सभी मिलकर कार्य करेंगे। इस आत्मनिर्भरता की शुरुआत स्वदेशी और स्वावलंबन के भाव से होती है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>दक्षिण अफ्रीका से अन्याय-रंगभेद के खिलाफ उठाई आवाज:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने महात्मा गांधी की जीवन यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात के पोरबंदर में एक परम वैष्णव परिवार में जन्मे बापू ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद दक्षिण अफ्रीका में वकालत की प्रैक्टिस प्रारंभ की। परिवार से मिले संस्कार उनके जीवन और संघर्ष में दिखाई दिए। उन्होंने अन्याय और किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठाई। दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरुद्ध अभियान को आगे बढ़ाया और वहां भारतीय मूल के नागरिकों को एकजुट किया। इसी संघर्ष ने आगे चलकर भारत की स्वाधीनता की अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>स्वतंत्रता आंदोलन को बापू ने बनाया जन आंदोलन:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सही मायने में जब भारत की स्वाधीनता का आंदोलन पूज्य बापू के हाथों में आया तो उन्होंने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उसका नेतृत्व किया और उसे एक व्यापक जन आंदोलन में बदल दिया। उस समय देश में हताशा और निराशा का वातावरण था। लोगों को लगने लगा था कि भारत शायद कभी स्वाधीन नहीं हो सकता। बापू के नेतृत्व और मार्गदर्शन ने इस निराशा को आशा और उत्साह में बदल दिया। भारतीय समाज स्वाधीनता की नई सुबह देखने के लिए पूरे उत्साह के साथ आंदोलन का हिस्सा बन गया। बापू के नेतृत्व की विशेषता यह रही कि भारत का स्वाधीनता आंदोलन केवल चंद नगरों तक सीमित नहीं रहा। यह गांव-गांव पहुंचा और हर नर-नारी व बच्चा इस अभियान का हिस्सा बना। इसी जनभागीदारी ने स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>आधी धोती और हाथ में छड़ी, दुनिया थी हैरान:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने कहा कि दुनिया के लोगों के लिए यह कौतूहल और आश्चर्य का विषय था कि आखिर वह कौन-सी चमत्कारिक ताकत है, जो भारत की स्वाधीनता के इतने बड़े अभियान से जुड़ी है। आधी धोती पहनकर आंदोलन का नेतृत्व करने वाले बापू के हाथ में एक छड़ी ही सहारा थी, लेकिन दुनिया ने उनके नेतृत्व की ताकत और उस चमत्कार को देखा। आज वही भारत पूज्य बापू के सपनों को साकार करते हुए आगे बढ़ रहा है। बापू ने जिन मूल्यों को स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनमानस से जोड़ा था, वे आज भी देश और समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>स्वच्छता, स्वदेशी और स्वावलंबन आज भी बापू के मंत्र:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के आंदोलन को जन आंदोलन में बदलने के लिए बापू ने जो मंत्र दिए थे, उनकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। हर नागरिक स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बनाए, हर नागरिक स्वदेशी को अपने जीवन का मंत्र बनाए और प्रत्येक परिवार आत्मनिर्भर बनकर स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़े। बापू के ये संदेश आज भी देश के लिए मंत्र के रूप में काम कर रहे हैं। स्वच्छता केवल आसपास की सफाई का विषय नहीं है और स्वदेशी केवल किसी वस्तु के उपयोग तक सीमित विचार नहीं है। इन विचारों के केंद्र में व्यक्ति, परिवार और समाज को आत्मनिर्भर बनाकर राष्ट्र को सशक्त करने की भावना है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>स्वच्छ भारत अभियान ने बापू के सपने को दिया नया विस्तार:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने कहा कि भारत की स्वाधीनता के समय बापू ने जो संकल्प लिया था, स्वतंत्र भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से उस सपने को साकार करने का कार्य किया है। देश में 12 करोड़ से अधिक परिवारों के घरों में शौचालय बनाए गए। स्वच्छ भारत अभियान न केवल स्वच्छता और स्वस्थ भारत की आधारशिला बना, बल्कि इसने लोगों को जागरूक करने के साथ नारी गरिमा की रक्षा का पाठ भी पढ़ाया। स्वच्छता को प्रत्येक नागरिक के जीवन का हिस्सा बनाना ही बापू के संदेश को वास्तविक अर्थों में आगे बढ़ाना है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>गांव बनेगा स्वावलंबन का आधार, साकार होगा ग्राम स्वराज:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना को वर्तमान ग्रामीण विकास से जोड़ते हुए कहा कि गांव भारत की आधारभूत इकाई हैं। लंबे समय तक हम विकास के बड़े-बड़े दावे करते रहे, लेकिन सच्चाई यह थी कि जिस गांव को विकास की आधारभूत इकाई होना चाहिए था, उसे उपेक्षित छोड़ दिया गया। आज पूज्य बापू के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने के लिए गांव को भी स्वावलंबन का आधार बनाया जा रहा है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने हर गांव में ग्राम सचिवालय का गठन किया है। इनके माध्यम से तकनीक का उपयोग करते हुए नागरिकों को गांव में ही विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। ग्राम सचिवालय स्थानीय स्तर पर रोजगार का भी माध्यम बन रहे हैं। इनके माध्यम से हर गांव में चार से सात लोगों को रोजगार की सुविधा उपलब्ध हो रही है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>लाल बहादुर शास्त्री को भी किया नमन:</b></p><p><br></p><p>लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें भी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 02 अक्टूबर का दिन एक और कारण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूज्य बापू की जयंती के साथ ही यह भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और बापू के अनन्य अनुयायी लाल बहादुर शास्त्री की भी पावन जयंती है। गांधी जी और शास्त्री जी का संपूर्ण जीवन चरित्र हम सभी को बड़ी प्रेरणा देता है। व्यक्ति की वाक्शक्ति में तभी ताकत होती है, जब उसके आचार व विचार में समन्वय हो। दोनों महापुरुषों ने जो कहा, उसे अपने जीवन में करके दिखाया और जितना किया, उतना ही बोला।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>एक ने दिया स्वदेशी का मंत्र, दूसरे ने ‘जय जवान-जय किसान’ का:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वदेशी ने भारत की जनचेतना को जागृत करते हुए स्वाधीनता का मंत्र बनने का काम किया। लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी से भरा, भारतीयता से ओतप्रोत और राष्ट्र के प्रति पूरी तरह समर्पित रहा। जब देश के ऊपर संकट आया तो शास्त्री जी ने दिखाया कि कैसे वज्र बनकर भारत की सुरक्षा की जा सकती है और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकता है। उनका ‘जय जवान-जय किसान’ का उद्घोष पूरे भारत का मंत्र बन गया।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>सीमा पर जवान, खेत में किसान ने संभाला देश:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय एक ओर सीमाओं पर भारत का जवान दुश्मन देशों के छक्के छुड़ा रहा था तो दूसरी ओर खेतों में अन्नदाता किसान देश को खाद्यान्न आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहा था। ‘जय जवान-जय किसान’ केवल एक नारा नहीं था। इसने राष्ट्रीय सुरक्षा और खाद्यान्न आत्मनिर्भरता, दोनों को एक साथ देश के संकल्प से जोड़ा। वर्ष 1965 में लाल बहादुर शास्त्री द्वारा देशवासियों को दिया गया यह मंत्र आगे चलकर भारत की आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बना।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>कभी गेहूं के लिए दूसरों पर निर्भर था भारत, आज दुनिया को आपूर्ति:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा था जब भारत को गेहूं के लिए भी दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई विकसित देशों से भारत को ऐसा खाद्यान्न तक आपूर्ति किया जाता था, जो खाने योग्य नहीं होता था। आज भारत उस स्थिति से बहुत आगे निकल चुका है। देश ने न केवल खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य प्राप्त किया है, बल्कि दुनिया के अनेक देशों को खाद्यान्न आपूर्ति का माध्यम भी बना हुआ है। इस आत्मनिर्भरता की नींव श्रद्धेय लाल बहादुर शास्त्री ने रखी थी।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता ही उज्ज्वल भविष्य का मार्ग:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान का भाव रखकर कृतज्ञता ज्ञापित करता है, उनके आदर्शों का अनुसरण करता है और उन्हीं आदर्शों से अपनी भावी पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है, उसका भविष्य निश्चित रूप से उज्ज्वल होता है। आज का नया भारत पूज्य बापू के इसी सपने को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रहा है। स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने, स्वदेशी को ‘लोकल से ग्लोबल’ तक पहुंचाने, परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और गांवों को स्वावलंबन का आधार बनाने की दिशा में कार्य हो रहा है।</p><p><br></p><p>इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खादी और वस्त्र उद्योग के मंत्री राकेश सचान, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, अल्पसंख्यक आयोग के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन रजा, क्षेत्रीय गांधी आश्रम के मंत्री देवी प्रसाद शर्मा, व्यवस्थापक अखिलेश कुमार उपाध्याय, सरोजित तिवारी, प्रमुख समाजसेवी और साहित्यकार अखिलेश द्विवेदी, क्षेत्रीय गांधी आश्रम से जुड़े हुए अन्य पदाधिकारीगण और विधायकगण उपस्थित रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सीएम योगी बोले- स्वच्छता, स्वदेशी, स्वावलंबन और ग्राम स्वराज के बापू के मंत्र आज भी उतने ही प्रासंगिक ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-mahatma-gandhi-statue-floral-tribute-lucknow-6753 ]]></guid><title><![CDATA[ मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर किया पुष्पार्चन ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-mahatma-gandhi-statue-floral-tribute-lucknow-6753 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 02 Oct 2026 18:07:38 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर उनके प्रति श्रद्धा निवेदित की। मुख्यमंत्री ने जीपीओ स्थित राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर स्कूली ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर उनके प्रति श्रद्धा निवेदित की। मुख्यमंत्री ने जीपीओ स्थित राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने 'रघुपति राघव राजा राम', 'वह शक्ति हमें दो दयानिधे', 'वैष्णव जन तो तेने कहिए' आदि भजनों/गीतों पर संगीतमयी प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने भजनों का श्रवण किया।</span></p><p><br></p><p><b>मुख्यमंत्री ने दी 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' की शुभकामना:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेशवासियों को 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर संपूर्ण विश्व को स्वदेशी व अहिंसा के माध्यम से स्वाधीनता का संदेश देने वाले, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पावन जयंती पर कोटिश: नमन। प्रदेशवासियों को 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' की शुभकामनाएं।</p><p><br></p><p>सीएम ने लिखा कि बापू के आदर्श, सादगी और विचार आज भी हम सभी को आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।</p><p><br></p><p>पुष्पांजलि कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, पवन सिंह चौहान, डॉ. नीरज बोरा, राजेश्वर सिंह, जय देवी, अमरेश कुमार, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर किया पुष्पार्चन ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-gram-swaraj-strong-panchayat-prosperous-villages-yogi-government-6752 ]]></guid><title><![CDATA[ सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव ही ग्राम स्वराज की आधारशिला, इसमें परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं: मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-gram-swaraj-strong-panchayat-prosperous-villages-yogi-government-6752 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 02 Oct 2026 17:48:06 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, बल्कि नए भारत के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानकर काम क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, बल्कि नए भारत के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानकर काम कर रही है। सशक्त पंचायत व समृद्ध गांव ही ग्राम स्वराज की आधारशिला हैं, जिसमें परिवारवादी मॉडल के लिए कोई जगह नहीं है।</span></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर साझा की गई पोस्ट में कहा कि वर्ष 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, केवल वादे मिले। गांवों के नाम पर राजनीति होती रही, लेकिन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव रहा। आय और जाति प्रमाण-पत्र जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी ग्रामीणों को तहसील, थाना और जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। गांवों को केवल वोट बैंक के रूप में देखने वाली राजनीति के कारण ग्रामीण क्षेत्रों का विकास प्रभावित हुआ। वर्तमान सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए ग्राम पंचायतों को सुविधाओं और सेवाओं से जोड़ने पर काम किया है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>57,600 ग्राम सचिवालयों में डिजिटल सुविधाएं:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के 57,600 ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे ग्राम पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। ग्राम सचिवालयों के संचालन से प्रत्येक गांव में 5 से 7 रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। इसके साथ ही प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>ग्राम स्वराज को बताया आत्मनिर्भरता का संकल्प:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए ग्राम स्वराज कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के सपनों के गांव और उसकी आत्मनिर्भरता का संकल्प है। सशक्त पंचायत व समृद्ध गांव ही ग्राम स्वराज और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की आधारशिला हैं। ग्राम स्वराज की इस व्यवस्था में परिवारवादी मॉडल के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री ने “सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” को ग्राम स्वराज की दिशा में सरकार के दृष्टिकोण के रूप में रेखांकित किया।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव ही ग्राम स्वराज की आधारशिला, इसमें परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं: मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-gandhi-jayanti-khadi-discount-2026-6745 ]]></guid><title><![CDATA[ गांधी जयंती पर सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि, खादी पर 25% छूट का किया ऐलान ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-gandhi-jayanti-khadi-discount-2026-6745 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 02 Oct 2026 13:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ,&nbsp;उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने गांधी के स्वावलंबन और स्वदेशी के सं ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">लखनऊ,&nbsp;</span>उत्तर प्रदेश</b><span style="font-size: 1rem;"><b>: </b>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने गांधी के स्वावलंबन और स्वदेशी के संदेश को याद किया। 2 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती भी मनाई जा रही है।</span></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गांधी जयंती हर भारतीय के लिए महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि गांधी के स्वदेशी और स्वावलंबन के विचार भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण आधार बने। योगी ने कहा कि गांधी के नेतृत्व में पहले बिखरा हुआ स्वतंत्रता आंदोलन जनआंदोलन में बदल गया और ब्रिटिश शासन के खिलाफ व्यापक संघर्ष खड़ा हुआ।</p><h5 class=""><b>खादी को बढ़ावा देने के लिए 25% छूट</b></h5><p>गांधी जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से खादी को बढ़ावा देने की बात करते हुए योगी आदित्यनाथ ने लोगों से खादी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि खादी के कपड़ों पर 25 प्रतिशत की छूट 30 जनवरी 2027 तक उपलब्ध रहेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कारीगरों, शिल्पकारों और बुनकरों के कौशल का सम्मान करने तथा स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की अपील की।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी आज हजरतगंज, लखनऊ स्थित क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए और पूज्य बापू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।&lt;br&gt;&lt;br&gt;इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने चरखा… &lt;a href="https://t.co/dXiPuY6yXP"&gt;pic.twitter.com/dXiPuY6yXP&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2105912877983133705?ref_src=twsrc^tfw"&gt;October 2, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>‘लोकल से ग्लोबल’ पर जोर</b></h5><p>योगी आदित्यनाथ ने गांधी के स्वावलंबन और स्वतंत्रता के संदेश को विकसित भारत की नींव से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल से ग्लोबल’ आह्वान का उल्लेख किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि गांवों और स्थानीय स्तर पर कारीगरों, शिल्पकारों और बुनकरों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को प्रोत्साहन देना और उन्हें बाजार उपलब्ध कराना स्वतंत्रता आंदोलन के महान नायकों के प्रति सम्मान का एक तरीका है।</span></p><h5 class=""><b>लाल बहादुर शास्त्री को भी किया याद</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शास्त्री के सरल व्यक्तित्व, संवेदनशीलता और दृढ़ता का उल्लेख किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">योगी ने कहा कि शास्त्री ने जो कहा, उसे करने और जो किया, उसे कहने के सिद्धांत को अपने जीवन में अपनाया। उन्होंने खाद्यान्न के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों और ‘जय जवान, जय किसान’ के संदेश को भी याद किया।</span></i></b></p><h5 class=""><b>खाद्यान्न आत्मनिर्भरता का किया उल्लेख</b></h5><p>योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक तरफ सैनिक देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे थे, वहीं किसान अपने परिश्रम से देश को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में जुटे थे। उन्होंने कहा कि आज भारत खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल कर चुका है और देश अपनी बड़ी आबादी की जरूरतें पूरी करने के साथ कई देशों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है।</p><h5 class=""><b>भाजपा सांसद बृजलाल ने भी गांधी को किया नमन</b></h5><p>भाजपा सांसद बृजलाल ने भी महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने गांधी के सत्य और अहिंसा के संदेश को याद करते हुए कहा कि देश को इन सिद्धांतों का अनुसरण करना चाहिए। गांधी जयंती 2026 पूरे देश में 2 अक्टूबर को मनाई जा रही है और इसी दिन लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती भी है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ गांधी जयंती पर सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि, खादी पर 25% छूट का किया ऐलान ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-pm-shri-schools-learning-by-doing-activity-based-learning-6738 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार में 586 पीएम श्री स्कूलों में ‘लर्निंग बाय डूइंग’ को मिलेगी नई गति ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-pm-shri-schools-learning-by-doing-activity-based-learning-6738 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 01 Oct 2026 17:56:51 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के पीएम श्री विद्यालयों में पढ़ाई को किताबों की सीमाओं से आगे ले जाकर प्रयोग, गतिविधि और अनुभव से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया ग ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के पीएम श्री विद्यालयों में पढ़ाई को किताबों की सीमाओं से आगे ले जाकर प्रयोग, गतिविधि और अनुभव से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वर्ष 2024-25 के लिए चयनित 586 उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट पीएम श्री विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग को और प्रभावी बनाया जाएगा।</span></p><p><br></p><p><br></p><p>इसके लिए ₹2.34 करोड़ की धनराशि से कंज्यूमेबल्स/ रॉ मैटेरियल क्रय किया जाएगा तथा प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए ₹40 हजार की धनराशि की सीमा निर्धारित की गई है। इससे 586 पीएम श्री विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे और बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ प्रयोग एवं अनुभव के माध्यम से सीखने के अधिक अवसर मिलेंगे।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>‘करके सीखने’ से मजबूत होगी अवधारणात्मक समझ:</b></p><p><br></p><p>लर्निंग बाय डूइंग के माध्यम से विद्यार्थियों को विषयवस्तु को केवल पढ़ने के बजाय गतिविधियों, प्रयोगों और प्रत्यक्ष अनुभवों के जरिए समझने के अवसर मिलेंगे। उपलब्ध कराई जाने वाली कंज्यूमेबल्स/रॉ मैटेरियल सामग्री का उपयोग विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा, जिससे बच्चे सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बन सकें।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>586 पीएम श्री विद्यालयों तक पहुंचेगा संसाधन:</b></p><p><br></p><p>महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी के निर्देशानुसार चयनित 586 विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग के लिए आवश्यक कंज्यूमेबल्स/ रॉ मैटेरियल क्रय किया जाएगा। इसके लिए कुल ₹2,34,40,000 का प्रावधान किया गया है, जिससे विद्यालयों में गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>गतिविधि, प्रयोग और अनुभव से सीखेंगे बच्चे:</b></p><p><br></p><p>इस पहल का उद्देश्य कक्षा-कक्ष में सीखने की प्रक्रिया को अधिक सक्रिय और अनुभवपरक बनाना है। विद्यार्थी विषयवस्तु को देखकर, प्रयोग करके और गतिविधियों में भाग लेकर समझ सकेंगे, जिससे पुस्तकीय ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने में मदद मिलेगी और उनकी सीखने की प्रक्रिया अधिक सहज एवं रोचक बनेगी।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>उपयोग और अनुश्रवण पर रहेगा जोर:</b></p><p><br></p><p>विद्यालयों को उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री का उचित एवं उद्देश्यपरक उपयोग सुनिश्चित करने के साथ गतिविधियों के संचालन और अभिलेखीकरण का अनुश्रवण किया जाएगा। पूर्व में संचालित लर्निंग बाय डूइंग गतिविधियों के अनुभवों को भी आगे की गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया है</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार में 586 पीएम श्री स्कूलों में ‘लर्निंग बाय डूइंग’ को मिलेगी नई गति ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-2017-law-order-police-reforms-uttar-pradesh-6737 ]]></guid><title><![CDATA[ 2017 से पहले माफिया के सामने नाक रगड़ती थी सरकार: सीएम योगी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-2017-law-order-police-reforms-uttar-pradesh-6737 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 01 Oct 2026 17:49:47 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकार की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के हर जिले में दुर्दांत माफिया का बोलबाला था। समानांतर सरकारें चलती थीं। म ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ:</b><span style="font-size: 1rem;"> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकार की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के हर जिले में दुर्दांत माफिया का बोलबाला था। समानांतर सरकारें चलती थीं। माफिया के सामने नाक रगड़ी जाती थी, घुटने टेके जाते थे और पुलिस मजबूर थी। राजनीतिक नेतृत्व की रीढ़ ही टेढ़ी हो तो वह कानून-व्यवस्था को सीधा कैसे कर सकता है।</span></p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लोकभवन सभागार में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई, वीर पुलिसकर्मियों को पदक प्रदान किए और पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद सरकार ने पुलिस सुधारों को आगे बढ़ाया। प्रकाश सिंह ने जिस पुलिस रिफॉर्म की वकालत की थी, उसे उत्तर प्रदेश ने देश में सबसे पहले लागू किया। प्रदेश में अब सात पुलिस कमिश्नरेट काम कर रहे हैं। आज यूपी पुलिस के सामने विचार, वीरता और तकनीक, तीनों का समन्वय दिखाई दे रहा है। ‘संघर्ष’ के माध्यम से पुलिस सेवा के अनुभव और चुनौतियां सामने आई हैं तो जांबाजों की वीरता का सम्मान हुआ है और सड़क सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहन पुलिस बल को समर्पित किए गए हैं।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>बंद कमरे में बैठकर टिप्पणी करना बेहद आसान:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद कमरे में बैठकर किसी के प्रति कोई भी टिप्पणी करना आसान है। कोई व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न हो और उसे अपने पद का कितना भी गुरूर हो, सुरक्षा हटा दी जाए तो अराजकता के माहौल में उसे भीगी बिल्ली बनने में देर नहीं लगेगी। स्वस्थ चिंतन तभी संभव है, जब समाज में सुरक्षा का वातावरण हो। सुरक्षित माहौल में ही समृद्धि की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। यूपी पुलिस की थीम ‘आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प’ इसी भावना को व्यक्त करती है। जब तराई क्षेत्र आतंकवाद की चपेट में था, तब पुलिस व सेना की सुरक्षा में ही आवागमन संभव था। सूर्यास्त के बाद आवाजाही लगभग बंद हो जाती थी। उस समय डीजीपी के रूप में प्रकाश सिंह ने इन चुनौतियों का सामना किया।&nbsp; पुलिस सुधारों के लिए प्रकाश सिंह को सुप्रीम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी थी। उत्तर प्रदेश ने पुलिस सुधारों को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>विचार तभी सार्थक, जब व्यवहार में उतरें:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि वैचारिकी केवल शब्द या आलेख नहीं होती, बल्कि वह व्यावहारिक जीवन की चुनौतियों को भी समाहित करती है। प्रकाश सिंह ने अपने सेवाकाल में पग-पग पर इन चुनौतियों का सामना किया और अपनी पूरी सेवा को कुशलतापूर्वक पूरा किया। लंबे समय तक विभिन्न संस्थानों में व्याख्यानों के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करने वाली उनकी वैचारिकी अब पुस्तक के रूप में सामने आई है। आचार और विचार में जब समन्वय होता है और दोनों एक ही दिशा में आगे बढ़ते हैं, तभी परिणाम सामने आता है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>2017 से पहले कानून-व्यवस्था थी बड़ी चुनौती:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय ‘यूपी वाला’ कहकर लोगों को बाहर कर दिया जाता था। पुलिस के सामने भी बड़ी चुनौतियां थीं। राजनीतिक नेतृत्व में स्वयं निर्णय लेने की सामर्थ्य नहीं हो तो कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करना कठिन होता है। तब पुलिस सुधार और अवस्थापना सुविधाओं की स्थिति भी बेहतर नहीं थी। एक वर्ष में करीब छह हजार पुलिस कार्मिकों को ही प्रशिक्षण दिया जा सकता था। पुलिसकर्मियों को टूटे भवनों में रहना पड़ता था। पीएसी की वाहिनियां समाप्त कर दी गई थीं। कोसीकलां, मेरठ, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर समेत कई स्थानों पर दंगों के चलते लंबे समय तक कर्फ्यू लगा। इन्हीं परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश को बीमारू कहा जाने लगा। अर्थव्यवस्था, रोजगार, तकनीक और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन सहित विभिन्न क्षेत्रों में चुनौतियां खड़ी थीं। 2017 के बाद इन परिस्थितियों को बदलते हुए प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम किया गया।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>तकनीक बनी आधुनिक पुलिसिंग का आधार:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने कहा कि पुलिस सुधारों के साथ तकनीक का समावेश भी आवश्यक है। सेफ सिटी के लक्ष्य के तहत प्रदेश के शहरों में 14 लाख से अधिक कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे घटनाओं की रोकथाम और उनके अनावरण में भूमिका निभा रहे हैं। जिलों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। विचार और व्यवहार के साथ जब तकनीक जुड़ती है तो उसके परिणाम भी सामने आते हैं। आज यूपी पुलिस की पहचान में यह बदलाव दिखाई देता है।</p><p><br></p><p><b>सुनील कुमार सिंह की वीरता को नमन:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस के एसटीएफ से जुड़े जांबाज इंस्पेक्टर स्वर्गीय सुनील कुमार सिंह की वीरता को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने उनकी वीरता के लिए उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया है और यूपी पुलिस को पहली बार यह गौरव प्राप्त हुआ है। सुनील कुमार सिंह ने 22 जनवरी, 2025 को आमने-सामने की मुठभेड़ में चार दुर्दांत अपराधियों को मार गिराया था। इस दौरान वह अपराधियों की गोलियों से गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनका बलिदान हुआ। मुख्यमंत्री ने उनकी धर्मपत्नी एवं परिवार के सदस्यों को सम्मानित करते हुए उनकी स्मृति को नमन किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में 16 पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार तथा 10 पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी वीर पुलिसकर्मियों को बधाई दी।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>सड़क सुरक्षा के लिए 87 इंटरसेप्टर वाहन:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रदेश के सामने बड़ी चुनौती है। कोविड के ढाई-तीन वर्षों में प्रदेश में लगभग 24 हजार लोगों की मृत्यु हुई थी, जबकि सड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष 23-24 हजार लोगों की जान चली जाती है। इसे तकनीक और प्रभावी प्रवर्तन के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित 87 इंटरसेप्टर वाहनों को उत्तर प्रदेश पुलिस को समर्पित किया गया है। सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन केवल एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसका प्रभाव पूरे परिवार और अंततः समाज पर पड़ता है। ये इंटरसेप्टर वाहन विभिन्न जनपदों में सड़क सुरक्षा के मानकों के अनुपालन और यातायात नियमों के प्रभावी प्रवर्तन में योगदान देंगे।</p><p><br></p><p>इस अवसर पर&nbsp; समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व महानिदेशक प्रकाश सिंह, उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, स्वामी धर्मबंधु, प्रभात प्रकाशन से पवन अग्रवाल और उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण,&nbsp; कार्मिकगण व उनके परिजन उपस्थित रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 2017 से पहले माफिया के सामने नाक रगड़ती थी सरकार: सीएम योगी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-bjp-mlas-sp-6719 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘कई BJP विधायक संपर्क में हैं’, अखिलेश के बयान से UP की सियासत में हलचल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-bjp-mlas-sp-6719 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 01 Oct 2026 13:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया है कि बीजेपी के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। हालांकि, उन्ह ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया है कि बीजेपी के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सभी नेताओं को समाजवादी पार्टी में शामिल करना संभव नहीं है, क्योंकि पार्टी ऐसे वादे नहीं करना चाहती जिन्हें बाद में पूरा करना मुश्किल हो।</p><p>अखिलेश यादव का यह बयान उस समय आया है जब उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन और सीट बंटवारे की बातचीत चल रही है। दोनों दलों की ओर से गठबंधन को लेकर अलग-अलग स्तर पर चर्चा जारी है, जबकि अंतिम सीट समझौते की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।</p><h5 class=""><b>BJP विधायकों के संपर्क में होने का दावा</b></h5><p>बीजेपी के कुछ विधायकों के सपा के संपर्क में होने से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि कई लोग संपर्क में हैं, लेकिन उन्हें पार्टी में शामिल करने को लेकर कई बातों पर विचार करना पड़ता है।</p><p>उन्होंने कहा कि सपा ऐसे वादे नहीं करना चाहती जिन्हें बाद में निभाना संभव न हो। उनके बयान से संकेत मिलता है कि पार्टी संभावित नेताओं को शामिल करने से पहले संगठनात्मक और राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखना चाहती है।</p><p>हालांकि, अखिलेश यादव ने जिन बीजेपी विधायकों के संपर्क में होने की बात कही, उनके नाम सार्वजनिक रूप से नहीं बताए। इसलिए इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि के लिए संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया उपलब्ध होना जरूरी है।</p><h5 class=""><b>2027 चुनाव और गठबंधन पर नजर</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। दोनों दल 2024 के लोकसभा चुनाव में साथ चुनाव लड़ चुके हैं और अब 2027 विधानसभा चुनाव के लिए भी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।</p><p>अखिलेश यादव पहले भी संकेत दे चुके हैं कि सीटों का बंटवारा चुनावी संभावनाओं और संबंधित क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। हाल में सपा ने उत्तर प्रदेश में अपनी चुनावी गतिविधियां भी बढ़ाई हैं और पार्टी की ओर से PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समूहों को लेकर अभियान पर जोर दिया जा रहा है।</p><h5 class=""><b>बृजभूषण शरण सिंह को लेकर क्या कहा?</b></h5><p>मीडिया के सवालों के दौरान बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह के समाजवादी पार्टी में आने की संभावनाओं को लेकर भी अखिलेश यादव से सवाल किया गया।</p><p>इस पर उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति पार्टी में आना चाहेगा, उसे स्वीकार किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह के सपा में शामिल होने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की।</p><p>इससे पहले बृजभूषण शरण सिंह के कुछ बयानों को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा रही है। फिलहाल उनके सपा में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।</p><h5 class=""><b>राज्यसभा चुनाव के बीच बयान</b></h5><p>अखिलेश यादव की यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की आगामी द्विवार्षिक चुनाव प्रक्रिया के बीच भी आई है। सपा ने राज्यसभा के लिए रामगोपाल यादव और उद्योग जगत से जुड़े धनराज पारिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है।</p><p>ऐसे में बीजेपी विधायकों के संपर्क में होने का दावा राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है। हालांकि, किसी विधायक के पार्टी बदलने की स्थिति तभी स्पष्ट होगी जब संबंधित नेता स्वयं इसकी घोषणा करें या संबंधित दल आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि करे।</p><h5 class=""><b>INDIA गठबंधन और चुनाव आयोग का मुद्दा</b></h5><p>अखिलेश यादव की पार्टी के नेता INDIA गठबंधन की बैठकों में भी शामिल रहे हैं। गठबंधन के भीतर चुनाव आयोग, मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR जैसे मुद्दों को लेकर विपक्षी दल अपनी आपत्तियां उठा रहे हैं।</p><p>विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर अभियान चलाने की घोषणा की है। वहीं चुनाव आयोग और सरकार की ओर से इन मुद्दों पर अलग-अलग पक्ष रखे गए हैं। इन राजनीतिक दावों और प्रतिक्रियाओं के बीच आगामी दिनों में विपक्षी दलों की संयुक्त गतिविधियां भी नजर में रहेंगी।</p><h5 class=""><b>आगे क्या?</b></h5><p>उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा के सामने संगठन को मजबूत करने, सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने और संभावित नए नेताओं को लेकर फैसले करने जैसी कई चुनौतियां हैं।</p><p>अखिलेश यादव का बीजेपी विधायकों के संपर्क में होने का दावा फिलहाल उनके बयान तक सीमित है। आने वाले समय में यदि कोई बीजेपी विधायक सार्वजनिक रूप से सपा में शामिल होने की घोषणा करता है, तभी इस दावे की पुष्टि हो सकेगी।</p><p>फिलहाल उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा-कांग्रेस गठबंधन, सीट बंटवारा और विभिन्न दलों के नेताओं के संभावित पाला बदलने की चर्चाएं आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का अहम हिस्सा बनी हुई हैं।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘कई BJP विधायक संपर्क में हैं’, अखिलेश के बयान से UP की सियासत में हलचल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-congress-leadership-change-6718 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Congress में संगठनात्मक बदलाव की चर्चा, अजय राय की जगह नए नामों पर मंथन ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-congress-leadership-change-6718 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 01 Oct 2026 12:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के प्रदेश संगठन में संभावित बदलाव को लेकर चर्चा तेज है। पार्टी के भीतर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बदलाव और संगठनात्मक ढांचे में फे ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ:</b> उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के प्रदेश संगठन में संभावित बदलाव को लेकर चर्चा तेज है। पार्टी के भीतर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बदलाव और संगठनात्मक ढांचे में फेरबदल के विकल्पों पर विचार किए जाने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, कांग्रेस की ओर से अभी प्रदेश अध्यक्ष को बदलने या किसी नए नेता के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।</p><p>अजय राय फिलहाल उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। उन्होंने 2023 में प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाला था। अब कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन में नई जिम्मेदारियां तय करने पर विचार कर रही है।</p><h5 class=""><b>कई विकल्पों पर चर्चा</b></h5><p>रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस नेतृत्व के सामने प्रदेश संगठन को लेकर कई विकल्प हैं। इनमें मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष को बनाए रखते हुए संगठन में अतिरिक्त कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करना और प्रदेश अध्यक्ष के पद पर किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी देना शामिल बताया जा रहा है।</p><p>कुछ रिपोर्टों में कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ का नाम संभावित प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर सामने आया है। वह प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से विधायक हैं। हालांकि, पार्टी ने उनके नाम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।</p><p>इसके अलावा कुछ अन्य नेताओं के नामों पर भी चर्चा होने की खबर है। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कांग्रेस नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष के लिए किस विकल्प को अंतिम रूप देगा।</p><h5 class=""><b>सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर भी चर्चा</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में अलग-अलग सामाजिक समूहों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को देखते हुए कांग्रेस संगठन में विभिन्न समुदायों को जिम्मेदारी देने के विकल्प पर भी चर्चा की खबर है।</p><p>कुछ रिपोर्टों में प्रदेश अध्यक्ष के साथ कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का मॉडल बताया गया है। इन पदों के जरिए अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की संभावना पर विचार किए जाने की बात कही गई है।</p><p>हालांकि, इन प्रस्तावों को लेकर कांग्रेस की ओर से कोई अंतिम आधिकारिक फैसला सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसलिए किसी विशेष सामाजिक समीकरण को पार्टी की अंतिम रणनीति के रूप में देखना फिलहाल उचित नहीं होगा।</p><h5 class=""><b>नए प्रदेश प्रभारी के बाद संगठन पर फोकस</b></h5><p>कांग्रेस ने जून 2026 में राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया था। इसके बाद प्रदेश संगठन और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी की गतिविधियां जारी हैं।</p><p>पार्टी स्तर पर जिला और प्रदेश संगठन को मजबूत करने के साथ चुनावी तैयारियों पर भी चर्चा हो रही है। संगठनात्मक बदलाव की मौजूदा चर्चा को इसी व्यापक तैयारी के संदर्भ में देखा जा रहा है।</p><h5 class=""><b>समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन भी अहम</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में अलग-अलग स्तर पर गठबंधन किया है। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए दोनों दलों के बीच सीटों और चुनावी रणनीति को लेकर भविष्य में होने वाली बातचीत भी महत्वपूर्ण होगी।</p><p>ऐसे में प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व में किसी बदलाव का फैसला पार्टी के संगठनात्मक कामकाज के साथ-साथ चुनावी तैयारियों को भी प्रभावित कर सकता है। हालांकि, नए प्रदेश अध्यक्ष या कार्यकारी अध्यक्षों को लेकर अंतिम तस्वीर कांग्रेस हाईकमान के फैसले के बाद ही साफ होगी।</p><h5 class=""><b>अजय राय को लेकर अंतिम निर्णय बाकी</b></h5><p>अजय राय को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने की चर्चा के बीच अभी तक कांग्रेस की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिसमें उनके पद से हटने की पुष्टि की गई हो।</p><p>इसी तरह आराधना मिश्रा या किसी अन्य नेता को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की खबरों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पार्टी नेतृत्व की ओर से फैसला होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस के संगठन में किस तरह का बदलाव किया जाता है।</p><p>फिलहाल प्रदेश कांग्रेस में संभावित नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कई नाम और विकल्प चर्चा में हैं, लेकिन अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान के आधिकारिक ऐलान के बाद ही सामने आएगा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Congress में संगठनात्मक बदलाव की चर्चा, अजय राय की जगह नए नामों पर मंथन ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-brijbhushan-divya-mittal-6707 ]]></guid><title><![CDATA[ बृजभूषण के ‘अखिलेश बिना सब सूना’ बयान पर अखिलेश यादव का जवाब, दिव्या मित्तल को लेकर भी बोले ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-brijbhushan-divya-mittal-6707 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 30 Sep 2026 15:46:15 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई मुद्दों पर  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ: </b>उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई मुद्दों पर अपनी पार्टी का रुख सामने रखा। उन्होंने किसानों, बाढ़ प्रबंधन, राज्यसभा चुनाव, गठबंधन की रणनीति और प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। साथ ही बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह के उनके बारे में दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी।</p><p>बृजभूषण शरण सिंह ने यूपी की राजनीति और INDIA गठबंधन में सीटों के बंटवारे से जुड़े सवाल पर कहा था कि ‘अखिलेश के बिना सब सूना है।’ उनका यह बयान उस समय आया है जब यूपी में सपा और कांग्रेस के बीच संभावित सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा चल रही है।</p><p>अखिलेश यादव से जब इस टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बृजभूषण सिंह के साथ अपने संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों के संबंध अच्छे हैं और उत्तर प्रदेश के विकास के मुद्दे पर सभी को साथ मिलकर काम करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं।</p><h5 class=""><b>दिव्या मित्तल को लेकर क्या बोले अखिलेश?</b></h5><p>प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल को लेकर भी अखिलेश यादव से सवाल किया गया। जवाब में उन्होंने कहा कि अब दिव्या मित्तल को स्वयं तय करना होगा कि वह किस राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ेंगी।</p><p>उनकी टिप्पणी को प्रदेश में पूर्व अधिकारियों की राजनीतिक सक्रियता और अलग-अलग दलों के साथ उनके जुड़ाव की चर्चाओं के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, किसी व्यक्ति की राजनीतिक भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित व्यक्ति के फैसले और आधिकारिक घोषणा से ही स्पष्ट होगी।</p><h5 class=""><b>बीजेपी विधायकों के संपर्क में होने का दावा</b></h5><p>अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि बीजेपी के कई विधायक समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं और पार्टी में आने की इच्छा रखते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि सपा सभी लोगों को शामिल नहीं कर सकती और संगठन में समायोजन की अपनी सीमाएं हैं।</p><p>उन्होंने गठबंधन की राजनीति को लेकर भी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। अखिलेश ने कहा कि पुराने गठबंधन को आगे भी जारी रखा जाएगा और सीटों के बंटवारे में जीत की संभावना को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।</p><p>यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चर्चा लगातार राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनी हुई है।</p><h5 class=""><b>राज्यसभा चुनाव और धनराज नथवानी पर सफाई</b></h5><p>राज्यसभा चुनाव के लिए सपा की ओर से धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने पर भी अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक और आर्थिक माहौल में उद्योग जगत से जुड़ाव बढ़ाने तथा नई पीढ़ी को अवसर देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।</p><p>सपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव के साथ धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार घोषित किया है। दोनों ने 30 सितंबर को नामांकन भी दाखिल किया।</p><h5 class=""><b>बाढ़ और सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल</b></h5><p>अखिलेश यादव ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बाढ़ की स्थिति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कुशीनगर और गोरखपुर में जलभराव तथा बाढ़ की समस्या का जिक्र करते हुए नदी और बांध प्रबंधन से जुड़ी कमियों को इसका कारण बताया।</p><p>उन्होंने नदियों में जमा मिट्टी और बांधों के डिजाइन से जुड़े मुद्दे उठाए। इसके साथ ही लखनऊ के रिवर फ्रंट का उदाहरण देते हुए उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल किए। अखिलेश यादव इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में बाढ़ और जलभराव को लेकर सरकार की नीतियों पर निशाना साधते रहे हैं।</p><h5 class=""><b>किसानों के लिए मुफ्त सिंचाई का वादा</b></h5><p>किसानों से जुड़े मुद्दे अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुखता से सामने आए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त सुविधा देने की दिशा में काम किया जाएगा।</p><p>गन्ना किसानों के भुगतान को लेकर भी उन्होंने समयबद्ध व्यवस्था का दावा किया। इससे पहले सितंबर में अखिलेश यादव ने कहा था कि सपा सरकार बनने पर गन्ना बेचने के 24 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।</p><p>अखिलेश ने कहा कि पार्टी के आगामी घोषणापत्र में किसानों से जुड़े अन्य फैसलों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने किसानों के हित और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को राजनीतिक एजेंडे में प्रमुख स्थान देने की बात कही।</p><h5 class=""><b>रायबरेली दौरे पर भी दिया जवाब</b></h5><p>अखिलेश यादव ने अपने रायबरेली दौरे को लेकर उठ रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि वह रथ से राहुल गांधी के यहां चाय पीने चले गए तो इसमें किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उस दिन रायबरेली के पार्टी नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी।</p><p>इस बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। सपा, कांग्रेस और अन्य दल गठबंधन, सीटों के बंटवारे और अपने-अपने चुनावी मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति तैयार कर रहे हैं। ऐसे में अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आए बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बने रह सकते हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ बृजभूषण के ‘अखिलेश बिना सब सूना’ बयान पर अखिलेश यादव का जवाब, दिव्या मित्तल को लेकर भी बोले ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/saurabh-rajput-case-verdict-6703 ]]></guid><title><![CDATA[ सौरभ राजपूत मर्डर केस: आज आएगा मुस्कान और साहिल पर फैसला, कचहरी में सुरक्षा बढ़ाई गई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/saurabh-rajput-case-verdict-6703 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 30 Sep 2026 13:21:32 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में सामने आए सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज का दिन अहम है। जिला अदालत इस चर्चित मामले में अपना फैसला सुना सकती है। मामले में सौरभ की पत्नी मुस्कान और साहिल पर हत्या में शामिल  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>मेरठ:</b> उत्तर प्रदेश के मेरठ में सामने आए सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज का दिन अहम है। जिला अदालत इस चर्चित मामले में अपना फैसला सुना सकती है। मामले में सौरभ की पत्नी मुस्कान और साहिल पर हत्या में शामिल होने का आरोप है। अदालत में अभियोजन पक्ष की गवाहियां पूरी हो चुकी हैं और अब सभी की नजर फैसले पर टिकी है।</p><p>फैसले से पहले सौरभ राजपूत के परिवार ने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है। सौरभ के भाई राहुल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि परिवार चाहता है कि उनके भाई के साथ जो हुआ, उसके लिए आरोपियों को कठोरतम सजा मिले। उन्होंने कहा कि सौरभ की हत्या के बाद परिवार को गहरा सदमा लगा और सामान्य जिंदगी प्रभावित हुई।</p><p>राहुल के मुताबिक, इस घटना के बाद परिवार के सामने मानसिक और भावनात्मक तौर पर बेहद कठिन स्थिति पैदा हो गई थी। उन्होंने सौरभ की बेटी को लेकर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि बच्ची पर परिवार की ओर से प्रभाव डालने की कोशिश की गई है। हालांकि, इन आरोपों पर अदालत का अंतिम निष्कर्ष उसके फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा।</p><h5 class=""><b>सौरभ की मां ने भी जताई न्याय की उम्मीद</b></h5><p>सौरभ की मां रेणु देवी ने भी प्रशासन और न्याय व्यवस्था से न्याय मिलने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है और परिवार चाहता है कि अदालत साक्ष्यों और कानून के आधार पर उचित फैसला करे।</p><p>रेणु देवी ने मामले में फैसला आने में लग रहे समय को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि अपराध के मामलों में दोष सिद्ध होने पर सजा मिलने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने इस घटना के कारण बहुत कुछ सहा है और अब उन्हें न्याय की प्रतीक्षा है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Meerut, UP | On the district court is set to deliver its verdict in the Saurabh Rajput Murder case today, elder brother of the deceased, Saurabh Rajput, Rahul, says, &amp;quot;... The accused should be hanged... No one is eating properly; everyone was in depression... They do not… &lt;a href="https://t.co/ZA1qPEnLJf"&gt;pic.twitter.com/ZA1qPEnLJf&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2105183552753344970?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>अभियोजन की गवाहियां पूरी</b></h5><p>अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस मामले में अदालत के सामने गवाहियां पूरी हो चुकी हैं। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी और डीजीसी फौजदारी केके चौबे ने बताया कि अभियोजन ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित कानूनों के आधार पर करेगी।</p><p>यानी आरोपों और परिवार की मांगों से अलग, मामले में दोष साबित हुआ है या नहीं और किस तरह की सजा दी जाएगी, इसका फैसला अदालत ही करेगी।</p><h5 class=""><b>मामले में क्या है आरोप?</b></h5><p>यह मामला मार्च 2025 में मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में हुई सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, सौरभ की हत्या की जांच के दौरान उनकी पत्नी मुस्कान और साहिल का नाम सामने आया। जांच के दौरान सामने आए कथित साक्ष्यों के आधार पर दोनों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया।</p><p>मामला सामने आने के बाद यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा। जांच एजेंसियों ने घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल की और उसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा। अब सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फैसला आने की बारी है।</p><h5 class=""><b>वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो सकती है पेशी</b></h5><p>फैसले को देखते हुए जेल प्रशासन ने भी तैयारियां की हैं। मेरठ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज के मुताबिक, दोनों आरोपियों की अदालत में पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराए जाने की संभावना है।</p><p>जेल प्रशासन के अनुसार, हाल के दिनों में आरोपियों के व्यवहार में बदलाव देखा गया है। बताया गया कि साहिल पिछले कुछ दिनों से अपेक्षाकृत शांत और कम बातचीत कर रहा है। जेल अधिकारी ने यह भी बताया कि दोनों आरोपियों ने हाल के दिनों में पूजा-पाठ में अधिक समय बिताया है।</p><h5 class=""><b>कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम</b></h5><p>फैसले के मद्देनजर मेरठ कचहरी परिसर और आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नगर पुलिस अधीक्षक विनायक भोसले के अनुसार, कचहरी और उसके आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि फैसले के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।</p><p>पुलिस प्रशासन की नजर कचहरी परिसर में आने-जाने वाले लोगों और संभावित भीड़ पर भी रहेगी। मामले को लेकर लोगों की दिलचस्पी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।</p><p>अब सभी की निगाहें जिला अदालत के फैसले पर हैं। अदालत का निर्णय उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहियों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर होगा। फैसले के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अदालत आरोपियों को दोषी मानती है या नहीं और यदि दोष सिद्ध होता है तो उनके खिलाफ क्या सजा निर्धारित की जाती है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सौरभ राजपूत मर्डर केस: आज आएगा मुस्कान और साहिल पर फैसला, कचहरी में सुरक्षा बढ़ाई गई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/sp-rajya-sabha-candidates-up-6698 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Rajya Sabha Election: सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को बनाया उम्मीदवार, आज दाखिल करेंगे नामांकन ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/sp-rajya-sabha-candidates-up-6698 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 30 Sep 2026 11:12:26 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के साथ उद्योग जगत से  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>उत्तर प्रदेश </b>में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के साथ उद्योग जगत से जुड़े धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है। दोनों प्रत्याशी 30 सितंबर को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल करेंगे।</p><p>उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हुई है और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। मतदान की जरूरत पड़ने पर 16 अक्टूबर को होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;सूचनार्थ &lt;br&gt;&lt;br&gt;समाजवादी पार्टी की ओर से राज्यसभा हेतु अधिकृत प्रत्याशी प्रो. राम गोपाल यादव जी एवं श्री धनराज परिमल नथवानी जी माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी की उपस्थिति में प्रातः 11 बजे अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।&lt;/p&gt;&amp;mdash; Samajwadi Party (@samajwadiparty) &lt;a href="https://x.com/samajwadiparty/status/2105146783727034871?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>रामगोपाल यादव को फिर मिला मौका</b></h5><p>सपा ने अपने वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव को एक बार फिर राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। वह लंबे समय से पार्टी के संसदीय मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। समाजवादी पार्टी की मौजूदा राज्यसभा सदस्य सूची में भी रामगोपाल यादव का नाम शामिल है।</p><p>रामगोपाल यादव के नाम की चर्चा पहले से ही उम्मीदवार के तौर पर चल रही थी। मंगलवार को सपा विधायकों की बैठक में उनके नामांकन के लिए प्रस्तावकों की प्रक्रिया भी पूरी की गई थी।</p><p>उनका नया नामांकन ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव होने जा रहा है। इनमें से कई मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है।</p><h5 class=""><b>धनराज नथवानी की उम्मीदवारी ने चौंकाया</b></h5><p>सपा के दूसरे उम्मीदवार के रूप में धनराज परिमल नथवानी का नाम सामने आने को चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। नथवानी कॉरपोरेट और खेल प्रशासन से जुड़े रहे हैं।</p><p>उनकी आधिकारिक प्रोफाइल के मुताबिक वह रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े हैं और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन में अध्यक्ष के तौर पर काम कर चुके हैं। गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन की वेबसाइट पर भी उन्हें एसोसिएशन के प्रबंधन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों में सूचीबद्ध किया गया है।</p><p>धनराज नथवानी, राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी के बेटे हैं। परिमल नथवानी लंबे समय से रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े रहे हैं और झारखंड से राज्यसभा सदस्य हैं। गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन की आधिकारिक प्रोफाइल में भी परिमल नथवानी के कॉरपोरेट और सार्वजनिक जीवन से जुड़े पदों का उल्लेख मिलता है।</p><h5 class=""><b>कौन हैं धनराज परिमल नथवानी?</b></h5><p>धनराज नथवानी की पेशेवर पहचान मुख्य रूप से कॉरपोरेट क्षेत्र और खेल प्रशासन से जुड़ी रही है। उनकी आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार उन्होंने लंदन के Regent’s Business School से International Business की पढ़ाई की है। वह खेल, वन्यजीव संरक्षण, फोटोग्राफी और सामाजिक गतिविधियों में भी रुचि रखते हैं।</p><p>गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन में उनकी भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रही है। उनकी प्रोफाइल में बताया गया है कि उन्होंने गुजरात में क्रिकेट से जुड़े प्रशासनिक कामकाज और नरेंद्र मोदी स्टेडियम परियोजना से संबंधित गतिविधियों में भूमिका निभाई।</p><p>इसके अलावा वह गुजरात में फुटबॉल प्रशासन से भी जुड़े रहे हैं। उनकी आधिकारिक प्रोफाइल में गुजरात स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका का उल्लेख है।</p><h5 class=""><b>यूपी में 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होने जा रहा है। चुनाव आयोग के मुताबिक इन सीटों में से आठ फिलहाल भाजपा के पास हैं, जबकि एक-एक सीट समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पास है।</p><p>इन सीटों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होना है। इनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा, गीता शाक्य, नीरज शेखर, अरुण सिंह, बृजलाल और अन्य सदस्य शामिल हैं। रामगोपाल यादव की मौजूदा सीट भी इसी चुनाव प्रक्रिया में खाली होने वाली सीटों में शामिल है।</p><p>राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं और चुनाव एकल संक्रमणीय मत वाली आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत होता है।</p><h5 class=""><b>सपा के दो नामों के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल</b></h5><p>सपा के दोनों उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब भाजपा समेत अन्य दलों के संभावित उम्मीदवारों को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा के कई नेता नामांकन पत्र ले चुके हैं और पार्टी उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है।</p><p>सपा की ओर से रामगोपाल यादव का नाम अपेक्षित माना जा रहा था, लेकिन धनराज नथवानी को दूसरा उम्मीदवार बनाए जाने से चुनावी चर्चा का दायरा बढ़ गया है। अब दोनों उम्मीदवारों के नामांकन के बाद यह स्पष्ट होगा कि अन्य दल कितने उम्मीदवार मैदान में उतारते हैं और चुनाव किस तरह आगे बढ़ता है।</p><p>फिलहाल सपा ने अपने दो उम्मीदवारों के जरिए राज्यसभा चुनाव के लिए अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। अब निगाहें भाजपा के उम्मीदवारों और 10 सीटों के लिए बनने वाले अंतिम चुनावी समीकरण पर हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Rajya Sabha Election: सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को बनाया उम्मीदवार, आज दाखिल करेंगे नामांकन ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/gorakhpur-janata-darshan-cm-yogi-problem-resolution-6697 ]]></guid><title><![CDATA[ सुनिश्चित होगा हर व्यक्ति की समस्या का समाधान : मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/gorakhpur-janata-darshan-cm-yogi-problem-resolution-6697 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 30 Sep 2026 10:50:46 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">गोरखपुर: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के प्रति आश्वस्त किया। उन्होंने समस्या/शिकायत लेकर आए लोगों से कहा कि चिंता मत करिए, सरकार हर व्यक्ति की समस्या का समाधान प्रतिबद्धता से कराएगी। इस अवसर पर सीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पूरी तत्परता और संवेदनशीलता से यह सुनिश्चित करें कि बिना भेदभाव सबको न्याय मिले। हर पात्र को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था हो, जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><br></p><p>गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान सुनिश्चित कराएगी। मुख्यमंत्री ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में शीघ्रता से निस्तारण के निर्देश दिए।</p><p><br></p><p><br></p><p>बुधवार को भी जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार विवेकाधीन कोष से धन उपलब्ध कराएगी।&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p><b>गुरु पूजा करने के बाद सीएम योगी ने की गोसेवा:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी गोरखनाथ मंदिर प्रवास पर होते हैं तो प्रातःकाल गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद अपने पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की समाधि स्थल पर जाकर शीश झुकाना, आशीर्वाद लेना उनकी दिनचर्या में शामिल होता है। पर, इस बुधवार उनके लिए गुरु की विशेष पूजा का अवसर था। बुधवार (आश्विन कृष्ण चतुर्थी) को ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी विशेष पूजा अर्चना की। मंदिर प्रवास के दौरान पारंपरिक दिनचर्या के अनुसार मुख्यमंत्री गोसेवा करने गोशाला में भी पहुंचे। यहां उन्होंने गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़ खिलाया। गोशाला में मुख्यमंत्री के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से आए संतजन भी उपस्थित रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सुनिश्चित होगा हर व्यक्ति की समस्या का समाधान : मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-congress-seat-sharing-6694 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Politics: अखिलेश यादव ने कांग्रेस के सामने रखा नया फॉर्मूला, बोले- ‘प्रत्याशी का नाम बताइए, सीट ले जाइए’ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-congress-seat-sharing-6694 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 29 Sep 2026 18:30:43 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से ज्यादा सीटों पर दावेदारी के संकेत दिए जा रहे हैं, जबकि सपा अध ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>उत्तर प्रदेश</b> में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से ज्यादा सीटों पर दावेदारी के संकेत दिए जा रहे हैं, जबकि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरफ से सीटों की संख्या से ज्यादा उम्मीदवार की मजबूती पर जोर दिया जा रहा है। मौजूदा चर्चा का केंद्र यही है कि गठबंधन में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी और किन सीटों पर कौन उम्मीदवार उतरेगा।</p><p>हालिया रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। दूसरी ओर, अखिलेश यादव का रुख बताया जा रहा है कि कांग्रेस को जिन सीटों पर चुनाव लड़ना है, वहां संभावित उम्मीदवारों के नाम और उनकी चुनावी स्थिति सामने रखनी होगी।</p><h5 class=""><b>अखिलेश का ‘नाम बताइए, सीट ले जाइए’ फॉर्मूला क्या है?</b></h5><p>सपा की ओर से सामने आ रहा संदेश यह है कि सीटों का बंटवारा केवल संख्या के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। जिस सीट पर कांग्रेस का ऐसा उम्मीदवार हो, जिसकी स्थानीय स्तर पर मजबूत मौजूदगी हो, वहां सीट देने पर विचार किया जा सकता है।</p><p>इस फॉर्मूले में कांग्रेस से संभावित उम्मीदवारों की सूची, संबंधित विधानसभा क्षेत्र में पार्टी का संगठन और उम्मीदवार की स्थानीय स्वीकार्यता जैसे पहलुओं को आधार बनाया जा सकता है।</p><p>यानी बातचीत का सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कांग्रेस को 80, 100 या 150 सीटें मिलेंगी, बल्कि यह भी है कि वह किन सीटों पर किस चेहरे के साथ चुनाव लड़ना चाहती है।</p><p>मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस इस समय उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक तैयारी कर रही है और पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ने की बात कही है।</p><h5 class=""><b>2024 का लोकसभा फॉर्मूला भी चर्चा में</b></h5><p>2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग समझौता हुआ था। उस समझौते के तहत कांग्रेस ने 80 में से 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जबकि बाकी सीटों पर सपा और उसके सहयोगियों ने उम्मीदवार उतारे।</p><p>इसी आधार पर विधानसभा चुनाव में सीटों की संख्या को लेकर अलग-अलग राजनीतिक गणित लगाए जा रहे हैं। हालांकि लोकसभा और विधानसभा चुनाव की सीटों की संख्या, क्षेत्रीय समीकरण और उम्मीदवारों की स्थिति अलग होने के कारण 2024 के फॉर्मूले को सीधे 2027 पर लागू करना तय नहीं माना जा सकता।</p><p>कांग्रेस की मौजूदा मांग 150 या उससे अधिक सीटों की बताई जा रही है, जबकि सपा की ओर से उम्मीदवार-केंद्रित बातचीत पर जोर है।</p><h5 class=""><b>2017 का अनुभव सपा के रुख की पृष्ठभूमि में</b></h5><p>अखिलेश यादव के मौजूदा रुख को समझने के लिए 2017 का सपा-कांग्रेस गठबंधन भी महत्वपूर्ण है। उस चुनाव में दोनों दलों ने गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था और कांग्रेस को 105 सीटें मिली थीं।</p><p class=""><span style="font-weight: normal;">कांग्रेस ने उन 105 सीटों में से सिर्फ 7 सीटें जीती थीं।</span></p><p>2017 के अनुभव के बाद 2027 के लिए सपा की रणनीति में उम्मीदवार चयन को अधिक महत्व देने की बात सामने आ रही है। सपा का तर्क यह है कि गठबंधन में शामिल दलों को उन विधानसभा क्षेत्रों की पहचान करनी चाहिए जहां उनका संगठन और उम्मीदवार प्रभावी स्थिति में हों।</p><p>हालांकि 2017 के चुनाव और 2027 के संभावित चुनाव के बीच राजनीतिक परिस्थितियां काफी बदल चुकी हैं। इसलिए उस चुनाव के प्रदर्शन को वर्तमान चुनाव की सीधी तस्वीर नहीं माना जा सकता।</p><h5 class=""><b>कांग्रेस के सामने क्या चुनौती है?</b></h5><p>कांग्रेस अगर ज्यादा विधानसभा सीटों पर दावेदारी करती है, तो उसे उन सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों और स्थानीय संगठन की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। यही वह बिंदु है जहां सपा और कांग्रेस की बातचीत में अंतर दिखाई दे रहा है।</p><p>कांग्रेस की तरफ से उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है और पार्टी सभी विधानसभा क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश कर रही है।</p><p>दूसरी तरफ सपा अपने स्तर पर 2027 की चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ा रही है। अखिलेश यादव ने हाल में PDA रथयात्रा के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समूहों के साथ पार्टी के राजनीतिक अभियान को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।</p><p>ऐसे में सीट शेयरिंग की बातचीत केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहने वाली है। इसमें क्षेत्रवार राजनीतिक स्थिति, संगठन और संभावित उम्मीदवारों की भूमिका भी अहम होगी।</p><h5 class=""><b>सहारनपुर से रायबरेली तक सीटों पर कैसे बनेगी सहमति?</b></h5><p>सपा और कांग्रेस के बीच जिन सीटों पर बातचीत हो सकती है, उनमें दोनों दलों के पारंपरिक प्रभाव वाले क्षेत्र महत्वपूर्ण होंगे। सहारनपुर, रायबरेली, अमेठी और बाराबंकी जैसे क्षेत्रों में दोनों दलों की राजनीतिक उपस्थिति और पिछले चुनावों के प्रदर्शन को देखते हुए सीटों पर सहमति बनाना बातचीत का अहम हिस्सा हो सकता है।</p><p>2024 के लोकसभा समझौते में कांग्रेस को रायबरेली, अमेठी, सहारनपुर और बाराबंकी समेत 17 सीटें मिली थीं। विधानसभा स्तर पर इन क्षेत्रों की प्रत्येक सीट का समीकरण अलग है, इसलिए लोकसभा सीट के आधार पर विधानसभा सीटों का बंटवारा अपने आप तय नहीं होता।</p><h5 class=""><b>अब आगे क्या?</b></h5><p>फिलहाल मुख्य सवाल यह है कि सपा और कांग्रेस के बीच 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम सीट शेयरिंग फॉर्मूला क्या होगा। कांग्रेस ज्यादा सीटों पर दावा कर रही है, जबकि सपा की तरफ से उम्मीदवारों के नाम और स्थानीय मजबूती को बातचीत का आधार बनाने का संकेत है।</p><p>इसलिए आने वाले चरण में दोनों दलों की ओर से संभावित उम्मीदवारों और सीटों की सूची महत्वपूर्ण हो सकती है। सीटों की संख्या पर अंतिम सहमति बनने से पहले किन विधानसभा क्षेत्रों में कौन-सा दल दावा करता है और उसके लिए कौन उम्मीदवार प्रस्तावित करता है, यह गठबंधन की बातचीत की दिशा स्पष्ट कर सकता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Politics: अखिलेश यादव ने कांग्रेस के सामने रखा नया फॉर्मूला, बोले- ‘प्रत्याशी का नाम बताइए, सीट ले जाइए’ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/former-ias-divya-mittal-politics-entry-up-6680 ]]></guid><title><![CDATA[ पूर्व IAS दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, बोलीं- यूपी में रहूंगी, डरूंगी नहीं और सवाल करूंगी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/former-ias-divya-mittal-politics-entry-up-6680 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 29 Sep 2026 13:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद अब राजनीति में उतरने का ऐलान कर दिया है। 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रहीं दिव्या मित्त ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश: </b>उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद अब राजनीति में उतरने का ऐलान कर दिया है। 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रहीं दिव्या मित्तल ने मंगलवार को अपने अगले कदम का खुलासा करते हुए कहा कि वह उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी और किसी मौजूदा राजनीतिक दल के साथ नहीं जुड़ेंगी।</span></p><p>दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि वह लोगों की आवाज बनने के लिए राजनीति में आ रही हैं। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी राजनीति किसी एक पार्टी या राजनीतिक झंडे के बजाय जनता के मुद्दों पर केंद्रित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह उत्तर प्रदेश में ही रहेंगी, डरेंगी नहीं और सवाल करेंगी।</p><h5 class=""><b>किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी दिव्या मित्तल</b></h5><p>दिव्या मित्तल ने साफ किया है कि वह फिलहाल किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं हो रही हैं। उन्होंने स्वतंत्र रूप से राजनीतिक मंच तैयार करने और लोगों के साथ मिलकर काम करने की बात कही है। उनके इस ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी संभावित भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।</p><p>उन्होंने लोगों से सीधे जुड़ने और अपनी बात रखने की अपील भी की है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि शुरुआती चरण में जनसंवाद और लोगों की स्थानीय समस्याएं उनकी राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख हिस्सा हो सकती हैं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;कुछ दिन पहले IAS से त्यागपत्र दिया था और आपके मन में कई सवाल छोड़ दिए थे। अपनी बात इस वीडियो में कह दी है। अगर आपको लगे कि ये आपकी भी बात है, तो 9198956957 पर whatsapp मैसेज करिए। &lt;a href="https://t.co/mtS6gzBzRw"&gt;pic.twitter.com/mtS6gzBzRw&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Divya Mittal (@divyamittal_IAS) &lt;a href="https://x.com/divyamittal_IAS/status/2104769086446280938?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 29, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>सरकारी व्यवस्था पर उठाए सवाल</b></h5><p>राजनीति में प्रवेश की घोषणा करते हुए दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक अनुभवों का भी जिक्र किया। उन्होंने ऐसे मामलों पर सवाल उठाए जहां स्कूलों को मंजूरी और धन मिलने के बावजूद निर्माण नहीं हुआ, जमीन आवंटित होने के बाद भी लोगों को उसका लाभ नहीं मिला, खराब सड़कों के कारण लोगों की जान गई और परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने से छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ।</p><p>उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्हें यह महसूस हुआ कि केवल मंजूरी, बजट और सरकारी प्रावधान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि योजनाओं को जमीन पर लागू करने की इच्छाशक्ति भी जरूरी है।</p><h5 class=""><b>मीरजापुर के अनुभव का किया जिक्र</b></h5><p>दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान मीरजापुर के अनुभव का भी उल्लेख किया। वह सितंबर 2022 से सितंबर 2023 तक मीरजापुर की जिलाधिकारी रही थीं। उनके कार्यकाल के दौरान लहुरियादह जैसे पहाड़ी क्षेत्र में पाइपलाइन के जरिए पेयजल पहुंचाने की पहल काफी चर्चा में रही थी।</p><p>उन्होंने अपने राजनीतिक संदेश में ग्रामीण शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े अनुभवों को भी सामने रखा। उनके मुताबिक, प्रशासन में रहते हुए कई बार ऐसी समस्याएं सामने आईं जिनका समाधान सरकारी फाइलों में मौजूद प्रावधानों के बावजूद जमीन पर नहीं हो पाया।</p><h5 class=""><b>13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद लिया इस्तीफा</b></h5><p>दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। वह 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की अधिकारी थीं। उनका इस्तीफा केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया और 15 सितंबर 2026 से वह प्रशासनिक सेवा से मुक्त हो गईं। इस्तीफे के समय उन्होंने निजी कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का उल्लेख किया था।</p><p>आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई करने वाली दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा में आने से पहले विदेश में काम किया था। अपने करीब 13 साल के प्रशासनिक करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिम्मेदारियां संभालीं। वह संतकबीरनगर, मीरजापुर और देवरिया की जिलाधिकारी भी रह चुकी हैं।</p><h5 class=""><b>इस्तीफे के बाद राजनीति को लेकर लग रहे थे कयास</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>इस्तीफे के बाद से ही दिव्या मित्तल के अगले कदम को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं थीं। राजनीति में आने, कोचिंग करने, किताब लिखने या विदेश लौटने जैसी संभावनाओं की चर्चा सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों में होती रही। दिव्या ने 27 सितंबर को खुद इन विकल्पों का जिक्र करते हुए कहा था कि वह 29 सितंबर की सुबह अपने अगले कदम की जानकारी देंगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अब उन्होंने राजनीति में आने का ऐलान कर इन अटकलों पर विराम लगा दिया है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>इस्तीफे को लेकर पहले भी हुई थी राजनीतिक बयानबाजी</b></h5><p>दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी इस मुद्दे पर बयानबाजी हुई थी। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके इस्तीफे के संदर्भ में उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर अधिकारियों पर कथित दबाव डालने के आरोप लगाए थे। ये अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप थे। दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे की सार्वजनिक घोषणा के समय इसे व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों से जोड़ा था।</p><p>इससे पहले बीजेपी नेता प्रशांत उमराव ने भी दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए थे और उनके राहुल गांधी से कथित मुलाकात का जिक्र किया था। हालांकि, यह एक राजनीतिक नेता का दावा था और उस समय दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने की पुष्टि नहीं की थी।</p><h5 class=""><b>आगे की रणनीति पर अभी तस्वीर साफ नहीं</b></h5><p>दिव्या मित्तल ने स्वतंत्र राजनीति में आने की घोषणा तो कर दी है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह औपचारिक राजनीतिक संगठन बनाएंगी, किसी चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतरेंगी या किसी व्यापक जनमंच का गठन करेंगी।</p><p>उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उनका यह फैसला राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, उनके चुनाव लड़ने, सीट चुनने या किसी राजनीतिक संगठन के गठन को लेकर अभी कोई औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ पूर्व IAS दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, बोलीं- यूपी में रहूंगी, डरूंगी नहीं और सवाल करूंगी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/mulla-afroz-nsa-case-6675 ]]></guid><title><![CDATA[ Sambhal Violence Case: सुप्रीम कोर्ट ने मुल्ला अफरोज की NSA हिरासत रद्द की, यूपी सरकार पर ₹10 लाख जुर्माना ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/mulla-afroz-nsa-case-6675 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 29 Sep 2026 11:37:14 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: संभल हिंसा मामले में आरोपी बनाए गए मुल्ला अफरोज को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत की गई निवारक हिरासत को रद्द कर दिया है  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नई दिल्ली: </b>संभल हिंसा मामले में आरोपी बनाए गए मुल्ला अफरोज को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत की गई निवारक हिरासत को रद्द कर दिया है और उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने अफरोज की रिहाई का रास्ता भी साफ किया है। यह फैसला उस याचिका पर आया जिसमें अफरोज ने अपनी NSA हिरासत को चुनौती दी थी।</p><p>यह मामला नवंबर 2024 में संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा से जुड़ा है। अफरोज को पुलिस ने इस मामले में कथित साजिशकर्ता बताया था। हालांकि, बाद में उनकी हिरासत और NSA लगाए जाने की प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी सवाल उठे।</p><h5 class=""><b>पुलिस हिरासत में दिए कथित बयान पर उठे सवाल</b></h5><p>मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा था कि क्या पुलिस हिरासत में दिए गए कथित इकबालिया बयान को किसी व्यक्ति की निवारक हिरासत का आधार बनाया जा सकता है। अदालत ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि यदि ऐसा बयान सामान्य आपराधिक मुकदमे में स्वीकार्य नहीं है, तो NSA के तहत हिरासत के लिए उस पर कितना भरोसा किया जा सकता है।</p><p>8 सितंबर की सुनवाई में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने यह भी पूछा था कि हिंसा के करीब 54 दिन बाद अफरोज की गिरफ्तारी क्यों हुई, जबकि घटना के समय से CCTV फुटेज उपलब्ध होने की बात सामने आई थी।</p><p>सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में निवारक हिरासत के लिए जरूरी ‘subjective satisfaction’ यानी सक्षम प्राधिकारी की कानूनी और तथ्यात्मक संतुष्टि के आधार पर भी सवाल उठे थे।</p><h5 class=""><b>पहले हाईकोर्ट से मिली थी जमानत</b></h5><p>मामले की टाइमलाइन के मुताबिक, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सितंबर 2025 में अफरोज को एक मामले में जमानत दी थी। इसके बाद 13 अक्टूबर 2025 को संभल के जिलाधिकारी ने उनके खिलाफ NSA के तहत निवारक हिरासत का आदेश जारी किया। बाद में इस आदेश को चुनौती दी गई, लेकिन हाईकोर्ट ने NSA कार्रवाई को बरकरार रखा। इसके बाद अफरोज ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।</p><p>सुप्रीम कोर्ट में अफरोज की ओर से दलील दी गई कि उनकी हिरासत का आधार बनाए गए पुलिस कस्टडी के कथित बयान की कानूनी वैधता पर सवाल है। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि केवल कई आपराधिक मामलों का होना अपने आप में निवारक हिरासत का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता।</p><p>दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश सरकार ने हिरासत का बचाव करते हुए कहा था कि अफरोज की रिहाई से सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने और दोबारा हिंसा की आशंका थी। राज्य की दलील थी कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए NSA के तहत कार्रवाई जरूरी थी।</p><h5 class=""><b>संभल हिंसा में क्या हुआ था?</b></h5><p>नवंबर 2024 में संभल की शाही जामा मस्जिद के अदालत के आदेश पर हो रहे सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। घटना में चार लोगों की मौत हुई थी और पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए थे। हिंसा के बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए और कई लोगों को आरोपी बनाया।</p><p>अफरोज को पुलिस और प्रशासन की ओर से हिंसा की साजिश में शामिल बताया गया था। हालांकि, यह आरोप आपराधिक मुकदमे में न्यायिक रूप से साबित होना अलग प्रश्न है। सुप्रीम कोर्ट का मौजूदा फैसला मुख्य रूप से उनके खिलाफ NSA के तहत की गई निवारक हिरासत की वैधता से संबंधित है।</p><h5 class=""><b>सुप्रीम कोर्ट ने क्यों उठाया था सवाल?</b></h5><p>इस मामले में अदालत के सामने सबसे अहम सवाल यह था कि निवारक हिरासत का आदेश किस तरह के विश्वसनीय और कानूनी रूप से प्रासंगिक आधार पर बनाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पुलिस कस्टडी में कथित स्वीकारोक्ति और हिरासत आदेश के बीच संबंध पर विशेष ध्यान दिया।</p><p>अदालत ने यह भी पूछा था कि जब घटना के बाद CCTV फुटेज उपलब्ध था तो गिरफ्तारी के लिए 54 दिन का अंतर क्यों रहा और NSA आदेश में CCTV सामग्री का उल्लेख किस तरह किया गया।</p><p>मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट करने की जरूरत पर जोर दिया कि NSA जैसी निवारक हिरासत की शक्ति का इस्तेमाल कानूनी प्रक्रिया और संवैधानिक सुरक्षा उपायों के अनुरूप होना चाहिए।</p><h5 class=""><b>फैसले में दिवंगत लॉ क्लर्क को श्रद्धांजलि</b></h5><p>इस मामले के फैसले से जुड़ा एक भावनात्मक पहलू भी सामने आया। जस्टिस दीपांकर दत्ता ने अपने निर्णय को दिवंगत लॉ क्लर्क रित्विक देसवाल की स्मृति को समर्पित किया। अदालत से जुड़े काम में लॉ क्लर्क न्यायाधीशों को शोध और कानूनी सामग्री तैयार करने में सहायता करते हैं।</p><p>फैसले की शुरुआत में जस्टिस दत्ता ने जीवन की क्षणभंगुरता का उल्लेख करते हुए दिवंगत लॉ क्लर्क के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि रित्विक ने फैसले की तैयारी के दौरान जरूरी शोध में सहायता की थी और उनके अंतिम काम की छाप निर्णय में मौजूद है।</p><p>यह पहल इसलिए भी उल्लेखनीय रही क्योंकि न्यायिक फैसलों में किसी दिवंगत लॉ क्लर्क की स्मृति को इस तरह दर्ज करना बेहद दुर्लभ माना जाता है।</p><h5 class=""><b>आगे क्या होगा?</b></h5><p>सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुल्ला अफरोज को NSA के तहत हिरासत में रखने का आधार समाप्त हो गया है। साथ ही अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।</p><p>हालांकि, इस फैसले का अर्थ यह नहीं है कि संभल हिंसा से जुड़े सभी आपराधिक आरोप स्वतः समाप्त हो गए हैं। अदालत का फैसला NSA के तहत निवारक हिरासत की वैधता पर है। हिंसा से जुड़े अन्य आपराधिक मामलों में आरोप और उनकी न्यायिक स्थिति अलग प्रक्रिया के तहत तय होगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Sambhal Violence Case: सुप्रीम कोर्ट ने मुल्ला अफरोज की NSA हिरासत रद्द की, यूपी सरकार पर ₹10 लाख जुर्माना ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-rajya-sabha-bjp-candidates-2026-6672 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Rajya Sabha Election 2026: स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी और वरुण गांधी के नाम चर्चा में, BJP में उम्मीदवारों पर मंथन तेज ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-rajya-sabha-bjp-candidates-2026-6672 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 28 Sep 2026 19:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को होने वाले चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में उम्मीदवारों के नाम को लेकर मंथन तेज हो गया है। पार्टी के सामने सिर्फ खाली हो रही सीटों को ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को होने वाले चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में उम्मीदवारों के नाम को लेकर मंथन तेज हो गया है। पार्टी के सामने सिर्फ खाली हो रही सीटों को भरने का सवाल नहीं है, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को भी साधने की चुनौती है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक यूपी की 10 सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर को होगा।</p><p>बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी, राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, पूर्व सांसद वरुण गांधी, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और पूर्व सांसद सत्यपाल सिंह समेत कई नाम चर्चा में हैं। हालांकि, इनमें से किसी नाम पर आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। हालिया रिपोर्टों में स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी के नाम संभावित नए चेहरों के तौर पर सामने आए हैं।</p><h5 class=""><b>16 अक्टूबर को यूपी की 10 सीटों पर चुनाव</b></h5><p>उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटें खाली हो रही हैं। इनमें वर्तमान में आठ सीटें बीजेपी के पास, जबकि एक-एक सीट समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पास है। बीजेपी की जिन सीटों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें अरुण सिंह, नीरज शेखर, बीएल वर्मा, गीता शाक्य, हरदीप सिंह पुरी, बृजलाल और सीमा द्विवेदी जैसे नाम शामिल हैं। एक अन्य बीजेपी सीट दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।</p><p>ऐसे में बीजेपी के सामने पुराने सांसदों को दोबारा मौका देने और नए चेहरों को संसद भेजने के बीच संतुलन बनाने का सवाल है। पार्टी के भीतर सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर भी चर्चा चल रही है।</p><h5 class=""><b>स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी के नाम पर नजर</b></h5><p>बीजेपी की संभावित सूची में स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। अगस्त 2026 में दोनों को बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी गई थीं। हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया, जबकि स्मृति ईरानी भी राष्ट्रीय संगठन में महामंत्री की भूमिका में हैं।</p><p>मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी राज्यसभा के लिए नए चेहरों पर भी विचार कर रही है। इसमें ब्राह्मण, ओबीसी, जाट, राजपूत और दलित समुदायों से नेताओं को प्रतिनिधित्व देने की संभावनाएं देखी जा रही हैं। हालांकि अंतिम सूची केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगी।</p><p>वरुण गांधी, संजीव बालियान, सत्यपाल सिंह, सुरेश राणा और अन्य नेताओं के नाम भी संभावित दावेदारों की चर्चाओं में सामने आए हैं। इन नामों को लेकर अभी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।</p><h5 class=""><b>बीएल वर्मा और गीता शाक्य को दोबारा मौका?</b></h5><p>मौजूदा सांसदों में केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में माना जा रहा है। उनके अलावा गीता शाक्य को भी दोबारा राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा है। India Today की रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी के भीतर वर्मा को फिर से मौका देने और गीता शाक्य की उम्मीदवारी पर भी विचार किया जा रहा है।</p><p>वहीं सीमा द्विवेदी को लेकर भी पार्टी के सामने विकल्प हो सकता है कि उन्हें राज्यसभा में दोबारा भेजा जाए या विधानसभा चुनाव में उतारा जाए। इसी तरह नीरज शेखर और अरुण सिंह के भविष्य को लेकर भी अलग-अलग संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है।</p><h5 class=""><b>सामाजिक समीकरण पर बीजेपी का फोकस</b></h5><p>राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक प्रतिनिधित्व महत्वपूर्ण मुद्दा माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक बीजेपी ब्राह्मण, ओबीसी, दलित, जाट और अन्य सामाजिक समूहों के बीच संतुलन बनाने पर विचार कर रही है। पार्टी के संगठनात्मक बदलावों में भी अलग-अलग सामाजिक समूहों और महिला प्रतिनिधित्व को जगह दी गई है।</p><p>2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह चयन पार्टी के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक संदेश का माध्यम भी बन सकता है। हालांकि उम्मीदवारों की सूची को लेकर अंतिम फैसला बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।</p><h5 class=""><b>क्या बीजेपी आठवीं सीट भी जीत सकती है?</b></h5><p>राज्यसभा चुनाव का गणित प्रथम वरीयता के वोटों पर आधारित होता है। मौजूदा विधानसभा संख्या के हिसाब से एक सीट के लिए 37 वोट का कोटा बनता है। हालिया आंकड़ों में बीजेपी के करीब 256-257 विधायक बताए गए हैं। उसके सहयोगी अपना दल (सोनेलाल), आरएलडी, एसबीएसपी और निषाद पार्टी के पास क्रमशः 13, 9, 6 और 5 विधायक हैं। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दो विधायकों का समर्थन भी बीजेपी के पक्ष में माना जा रहा है।</p><p>इस संख्या के आधार पर बीजेपी के नेतृत्व वाला खेमे आठवीं सीट के लिए भी दावा पेश कर सकता है, लेकिन उसके लिए अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग और निर्दलीय या असंबद्ध विधायकों की भूमिका पर नजर रहेगी। हालिया रिपोर्टों में भी बीजेपी के आठवीं सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाने की जरूरत बताई गई है।</p><p>दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के पास करीब 101 विधायक और कांग्रेस के दो विधायक हैं। इस संख्या के आधार पर एसपी दो सीटों के लिए अपनी स्थिति मजबूत रखती है, जबकि तीसरी सीट के लिए उसे अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा।</p><h5 class=""><b>नामांकन के बाद साफ होगी तस्वीर</b></h5><p>राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होनी है और 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच और 9 अक्टूबर को नाम वापसी की अंतिम तारीख है। इसके बाद उम्मीदवारों की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। मतदान 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना शुरू होगी।</p><p>फिलहाल बीजेपी में संभावित नामों को लेकर चर्चाएं जारी हैं। स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी, वरुण गांधी समेत जिन नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें से किसे अंतिम सूची में जगह मिलती है, इसका फैसला केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही होगा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Rajya Sabha Election 2026: स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी और वरुण गांधी के नाम चर्चा में, BJP में उम्मीदवारों पर मंथन तेज ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-yadav-demands-market-value-compensation-for-farmers-6661 ]]></guid><title><![CDATA[ "BJP is 'Bharatiya Zameen Party'": Akhilesh Yadav demands market-value compensation for farmers on Aligarh-Moradabad expressway ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-yadav-demands-market-value-compensation-for-farmers-6661 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 28 Sep 2026 15:34:45 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Lucknow: Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav on Monday attacked the BJP over land acquisition for the Aligarh-Moradabad Greenfield Access-Controlled Expressway, alleging that the party was discrimina ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>Lucknow:</b> Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav on Monday attacked the BJP over land acquisition for the Aligarh-Moradabad Greenfield Access-Controlled Expressway, alleging that the party was discriminating against farmers when it came to compensation.&nbsp;</p><p>Addressing a press conference in Lucknow, he called the BJP the biggest 'land mafia' party, naming it the 'Bharatiya Zameen Party'. He also demanded that circle rates be raised to reflect actual market value.</p><p>Yadav said, "BJP is the biggest 'land mafia' party; it is the 'Bharatiya Zameen Party' (Indian Land Party), leading the way in land grabbing. Yet, when it comes to compensating farmers, they practice discrimination."</p><p>He said, "We demand that for the Aligarh-Moradabad Greenfield Access-Controlled Expressway, the circle rates should be raised to reflect the actual market value."</p><p>Questioning the state government's claims on land recovery, Yadav asked why CM Yogi Adityanath is not using the reclaimed 84000 hectres land from the mafia to build an industrial corridor.&nbsp;</p><p>He said, "The Chief Minister used to claim that they reclaimed 84,000 hectares of land from the mafia, freeing it from encroachment; then why aren't you setting up industries there? Why are you snatching land from farmers? And if you are acquiring land for an industrial corridor, you ought to pay the market value by raising the circle rate."</p><p>The SP chief also targeted the government over its approach to Madrasas, accusing it of dividing society. He also accused it of not employing the youth of the country in 10 years.&nbsp;</p><p>"He wants there to be a debate on 1 lakh jobs. For ten years you have made the youth unemployed. You snatched away reservations.&nbsp;You leaked the papers. You don't want to give government jobs. You discriminated against madrasas. You discriminated against teachers. You ate the budget that was being given as honorarium for the un-aided.&nbsp;Under the guise of cashless, you are deceiving teachers and advocates. Your hospitals themselves need treatment," he said.&nbsp;</p><p>He accused the government of spreading hate and creating divisions within society and said that all issues addressing madrasas will be resolved under SP rule.&nbsp;</p><p>"This govt has no other agenda. They have consistently worked towards spreading hatred, creating divisions, widening rifts, and pursuing a path of appeasement. The govt has discriminated against madrasas. All issues concerning madrasas will be resolved under the Samajwadi govt," he said.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ "BJP is 'Bharatiya Zameen Party'": Akhilesh Yadav demands market-value compensation for farmers on Aligarh-Moradabad expressway ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/uttarkashi-rain-alert-char-dham-pilgrims-safety-6631 ]]></guid><title><![CDATA[ उत्तरकाशी में बारिश का अलर्ट, प्रशासन हाई अलर्ट पर; चारधाम यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए टीमें तैनात ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/uttarkashi-rain-alert-char-dham-pilgrims-safety-6631 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 27 Sep 2026 19:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तरकाशी, उत्तर प्रदेश: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से आने वाले घंटों में उत्तरकाशी जिले में बारिश का अलर्ट जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिका ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>उत्तरकाशी, उत्तर प्रदेश: </b>भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से आने वाले घंटों में उत्तरकाशी जिले में बारिश का अलर्ट जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों को ट्रेकिंग रूट पर मौजूद यात्रियों, चारधाम श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।</span></p><p>प्रशासन ने विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से ट्रेकिंग रूट और बेस कैंप में मौजूद ट्रेकर्स की स्थिति पर नजर रखने को कहा है। मौसम बिगड़ने की स्थिति में संबंधित टीमों को आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव अभियान चलाकर ट्रेकर्स को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Uttarakhand: Amid continuous rainfall in Uttarkashi district, the administration remains on high alert, with round-the-clock monitoring of vulnerable areas and landslide-prone locations.&lt;br&gt;&lt;br&gt;Following reports of traffic disruptions on national highways and internal roads… &lt;a href="https://t.co/W2ggUde0iV"&gt;pic.twitter.com/W2ggUde0iV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2104161861348598081?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 27, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>भूस्खलन और सड़क बंद होने की आशंका</b></h5><p>भारी बारिश के कारण जिले में भूस्खलन, नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने तथा सड़कों के बाधित होने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील और संभावित रूप से खतरनाक क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ पर्यटकों और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही आवाजाही करने की सलाह दी गई है।</span></p><h5 class=""><b>जेसीबी, राशन और दवाइयां तैयार रखने के निर्देश</b></h5><p>जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। सड़क बाधित होने या किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए जेसीबी मशीनें, जरूरी खाद्य सामग्री, दवाइयां और वैकल्पिक संचार व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रशासन का उद्देश्य बारिश के दौरान सड़क संपर्क बाधित होने या किसी अन्य आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य को तत्काल शुरू करना है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Uttarkashi, Uttarakhand: In view of the rainfall alert issued by the India Meteorological Department (IMD) for the district in the coming hours, the district administration is on high alert. District Magistrate is personally monitoring the situation in various parts of… &lt;a href="https://t.co/uYAJRdTys5"&gt;pic.twitter.com/uYAJRdTys5&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2104160972525248862?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 27, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>हर्षिल में दो एंबुलेंस और मेडिकल टीमें तैनात</b></h5><p>चारधाम यात्रियों, ट्रेकर्स और अन्य पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग को हर्षिल में दो एंबुलेंस और मेडिकल टीमें तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जिला अस्पताल की मेडिकल टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्रियों और पर्यटकों की स्वास्थ्य जांच तथा तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जा सके।</span></p><h5 class=""><b>नदियों और बरसाती नालों से दूर रहने की अपील</b></h5><p>जिला प्रशासन ने लोगों से नदियों और बरसाती नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों को नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है।</p><p>किसी भी आपात स्थिति में लोगों से जिला आपदा संचालन केंद्र की हेल्पलाइन पर तत्काल सूचना देने को कहा गया है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और अधिकारियों के निर्देशों में सहयोग करने की अपील की है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ उत्तरकाशी में बारिश का अलर्ट, प्रशासन हाई अलर्ट पर; चारधाम यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए टीमें तैनात ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/namami-gange-cleanliness-drive-namo-ghat-tourism-6627 ]]></guid><title><![CDATA[ वाराणसी: बाढ़ के बाद गंगा घाटों की सफाई तेज, नमामि गंगे ने पर्यटकों को किया जागरूक ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/namami-gange-cleanliness-drive-namo-ghat-tourism-6627 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 27 Sep 2026 17:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ वाराणसी, उत्तर प्रदेश: विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर वाराणसी के प्रसिद्ध नमो घाट पर नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत गंगा स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान गंगा को स्वच्छ और निर्मल रखने का संकल्प लिया गया ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>वाराणसी, उत्तर प्रदेश: </b>विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर वाराणसी के प्रसिद्ध नमो घाट पर नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत गंगा स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान गंगा को स्वच्छ और निर्मल रखने का संकल्प लिया गया। अभियान का मुख्य संदेश रहा—“नदियां साफ होंगी तो पर्यटन बढ़ेगा।”</span></p><p>नमामि गंगे काशी क्षेत्र के समन्वयक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने स्वयंसेवकों की टीम के साथ नमो घाट के आसपास सफाई की। उन्होंने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से गंगा और उसके घाटों को स्वच्छ रखने की अपील की।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;विश्व नदी दिवस पर जीवनदायिनी माँ गंगा को नमन।&lt;br&gt;&lt;br&gt;गंगा केवल एक नदी नहीं, भारत की सभ्यता, संस्कृति, आस्था, आजीविका और जैवविविधता की अविरल धारा हैं। हिमालय से मैदानों तक करोड़ों जीवन को संवारती गंगा, गांगेय डॉल्फिन सहित अनगिनत जीवों का भी आश्रय हैं।&lt;br&gt;&lt;br&gt;गंगा का संरक्षण केवल नदी का… &lt;a href="https://t.co/ptMSjCofnr"&gt;pic.twitter.com/ptMSjCofnr&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Namami Gange (@cleanganganmcg) &lt;a href="https://x.com/cleanganganmcg/status/2104125282785677807?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 27, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>साफ नदियों से बढ़ता है पर्यटन</b></h5><p>राजेश शुक्ला ने कहा कि स्वच्छ नदियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए नदियों की स्वच्छता बेहद जरूरी है।</p><p>पर्यटकों और श्रद्धालुओं को जागरूक करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी सभ्यता नदियों के बिना विकसित नहीं हो सकती। गंगा भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और देश को एक सूत्र में जोड़ती है। उन्होंने कहा कि मां गंगा के बिना भारतीय सभ्यता और पर्यटन की कल्पना अधूरी है।</p><h5 class=""><b>पर्यटकों से गंगा में कचरा न डालने की अपील</b></h5><p>गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने नदी किनारे यात्रा या तीर्थयात्रा करने वाले लोगों से जिम्मेदार पर्यटक बनने की अपील की। उन्होंने लोगों से संकल्प लेने को कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का कचरा गंगा में नहीं डालेंगे।</p><p>अभियान में नमामि गंगे काशी क्षेत्र के समन्वयक राजेश शुक्ला के साथ अविनाश तिवारी, रुचि पाठक, गोल्डी पाठक, अविनाश पाठक और विशाल भारद्वाज समेत बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और सैकड़ों पर्यटक शामिल हुए।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;विश्व पर्यटन दिवस पर &lt;a href="https://x.com/hashtag/SwachhataHiSeva?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#SwachhataHiSeva&lt;/a&gt; एवं &lt;a href="https://x.com/hashtag/SewaSankalp2026?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#SewaSankalp2026&lt;/a&gt; के अंतर्गत साहिबगंज के निर्माणाधीन Waste-to-Wonder Park में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।&lt;br&gt;&lt;br&gt;विद्यार्थियों को कचरा पृथक्करण, पुनः उपयोग एवं पुनर्चक्रण, नगर की स्वच्छता, महिला स्वच्छता एवं मासिक… &lt;a href="https://t.co/HgzIBbkbbT"&gt;pic.twitter.com/HgzIBbkbbT&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Namami Gange (@cleanganganmcg) &lt;a href="https://x.com/cleanganganmcg/status/2104092606984597936?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 27, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>बाढ़ के बाद घाटों पर सफाई अभियान तेज</b></h5><p>हाल में आई बाढ़ के बाद नमामि गंगे और वाराणसी नगर निगम ने गंगा और उसके घाटों पर सफाई अभियान तेज किया है। विभिन्न टीमों द्वारा नदी और आसपास के क्षेत्रों से गाद, पूजा सामग्री और बाढ़ के कारण जमा हुए कचरे को हटाया जा रहा है।</p><p>शहर के अलग-अलग घाटों के साथ गंगा नदी में भी सफाई अभियान चलाया गया। गंगापुत्रों और स्वयंसेवकों ने नदी में तैर रही पूजा सामग्री तथा बाढ़ से आए कचरे को हटाया और लोगों को नदी तथा उसके किनारों को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यह अभियान नमामि गंगे काशी क्षेत्र के समन्वयक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के समन्वय में चलाया गया।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ वाराणसी: बाढ़ के बाद गंगा घाटों की सफाई तेज, नमामि गंगे ने पर्यटकों को किया जागरूक ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-technology-hub-ai-semiconductor-electronics-jitin-prasada-6613 ]]></guid><title><![CDATA[ इलेक्ट्रॉनिक्स से एआई और सेमीकंडक्टर तक, यूपी बनेगा देश का नंबर-1 टेक्नोलॉजी हब: जितिन प्रसाद ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-technology-hub-ai-semiconductor-electronics-jitin-prasada-6613 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 26 Sep 2026 19:06:33 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का केंद्र बनने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एआई, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">ग्रेटर नोएडा: </b><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का केंद्र बनने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एआई, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश देश का अगला ग्रोथ इंजन बनने की ओर अग्रसर है। यह बात केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 'यूपीज जर्नी फ्रॉम इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर टू एआई एंड सेमीकंडक्टर पावरहाउस’ सत्र को संबोधित करते हुए कही।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब देश और दुनिया में निवेश की चर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश का नाम प्रमुखता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख हब बनाना है और इसके लिए राज्य में तेजी से जरूरी इकोसिस्टम तैयार हो रहा है।</p><p><br></p><p>जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में परिवर्तन स्पष्ट दिखाई दे रहा है। केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय वाली डबल इंजन सरकार इस बदलाव को गति दे रही है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और ट्रेड देश की विकास यात्रा के दो महत्वपूर्ण इंजन हैं और उत्तर प्रदेश इनके माध्यम से नई ऊंचाइयों को हासिल कर सकता है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>नोएडा से आगे पूरे यूपी में टेक्नोलॉजी का विस्तार:</b></p><p><br></p><p><br></p><p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब प्रयास केवल नोएडा तक निवेश सीमित रखने का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी के अवसर पैदा करने का है। इसका सीधा लाभ राज्य के युवाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सैमसंग और योटा जैसे बड़े निवेश, डाटा सेंटर्स, एआई लैब्स तथा अन्य टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर उत्तर प्रदेश में बन रहे नए इकोसिस्टम की तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। सरकार का प्रयास है कि राज्य में डिजाइन से लेकर सेमीकंडक्टर कॉम्पोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट तक पूरी वैल्यू चेन विकसित हो।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>असेंबली से कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ेगा यूपी:</b></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत अब केवल उत्पादों की असेंबली करने वाला देश नहीं रहेगा। इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम जैसी पहल के जरिए देश कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत की डिजाइन क्षमता और प्रतिभा को दुनिया पहले से पहचानती है। अब इसी ताकत के साथ मैन्युफैक्चरिंग क्षमता जोड़ने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्माण तथा उन्हें घरेलू और वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना इस विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।</span></p><p><br></p><p><br></p><p><b>सरकारी मदद का लाभ लें, लेकिन आत्मनिर्भर बनें उद्योग:</b></p><p><br></p><p><br></p><p>केंद्रीय मंत्री ने उद्योग जगत को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी प्रोत्साहन और सब्सिडी विकास को गति देने का माध्यम हैं, लेकिन उद्योगों की दीर्घकालिक सफलता उनकी अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर निर्भर करेगी। सरकार जमीन, नीतियां, मंजूरियां और सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है, लेकिन उद्योगों को अंततः कॉम्पिटेटिव और सेल्फ सस्टेनिंग बनना होगा।</p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार उद्योगों की जरूरतों को समझते हुए सक्रिय और गुड गवर्नेंस के साथ काम कर रही है। निवेशकों को सुरक्षित और स्थिर नीतिगत वातावरण देना जरूरी है, ताकि वे लंबी अवधि के फैसले ले सकें।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>एआई से बढ़ेगी एमएसएमई की उत्पादकता:</b></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">जितिन प्रसाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एआई का इस्तेमाल केवल तकनीक अपनाने के लिए नहीं, बल्कि प्रोडक्टिविटी, एफिशिएंसी और कॉस्ट कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाने के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि एआई के माध्यम से कोई एमएसएमई अपनी लागत कम करता है या उत्पादकता बढ़ाता है तो यही तकनीक का वास्तविक लाभ होगा।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने युवाओं को एआई इनोवेटर्स, रिसचर्स और एडॉप्टर्स के रूप में तैयार करने की जरूरत बताई। साथ ही आईआईटी कानपुर&nbsp; समेत शोध संस्थानों और उद्योगों के बीच मजबूत तालमेल पर जोर दिया।</p><p><br></p><p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए अवसर का यह महत्वपूर्ण दौर है। आने वाले वर्षों की योजना आज से बनानी होगी, ताकि राज्य की युवा पीढ़ी को एक ऐसा इकोसिस्टम मिल सके जो उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग पावर हाउस के रूप में स्थापित करे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ इलेक्ट्रॉनिक्स से एआई और सेमीकंडक्टर तक, यूपी बनेगा देश का नंबर-1 टेक्नोलॉजी हब: जितिन प्रसाद ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-heavy-rain-relief-rescue-nepal-border-districts-alert-6610 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी में भारी बारिश के बीच राहत-बचाव जारी, नेपाल सीमा से सटे जिलों में विशेष निगरानी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-heavy-rain-relief-rescue-nepal-border-districts-alert-6610 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 26 Sep 2026 18:34:15 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए योगी सरकार ने राहत एवं बचाव व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए योगी सरकार ने राहत एवं बचाव व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शनिवार को प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर परिस्थिति में आमजन की जान-माल की सुरक्षा जिलाधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।</span></p><p><br></p><p><br></p><p><b>नेपाल में भारी बारिश को देखते हुए सीमावर्ती जिलों में सतर्कता:</b></p><p><br></p><p>राहत आयुक्त ने नेपाल में हो रही भारी बारिश के मद्देनजर सीमावर्ती जिलों, विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा। संबंधित जिलाधिकारियों को नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और बाढ़ राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने के लिए कहा गया है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>36 घंटे बाद मौसम सामान्य होने की संभावना:</b></p><p><br></p><p>भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 36 घंटों के बाद प्रदेश में मौसम सामान्य होने की संभावना है। राहत आयुक्त ने आमजन से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। उन्होंने लोगों से प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश:</b></p><p><br></p><p>राहत आयुक्त ने बताया कि प्रदेश के 63 जनपदों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे प्रदेश में सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा हुई। फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना, कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई है। भदोही, देवरिया और अलीगढ़ में सामान्य वर्षा हुई, जबकि गाजीपुर में सबसे कम बारिश दर्ज की गई। वहीं बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में वर्षा नहीं हुई।</p><p><br></p><p><br></p><p>पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। राहत आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों को पूरी संवेदनशीलता के साथ अनुमन्य सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भारी बारिश से हुई क्षति का तत्काल सर्वेक्षण एवं आकलन कराने और प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही फील्ड अधिकारियों को बारिश से फसलों को हुए नुकसान का त्वरित आकलन कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>राहत-बचाव दल सक्रिय, डीएम को फील्ड में रहने के निर्देश:</b></p><p><br></p><p>राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवश्यकता के अनुसार फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और आपदा मित्रों की सेवाएं ली जाएं। सभी राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर भ्रमण और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है। जिलाधिकारियों को स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का लगातार आकलन करने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। योगी सरकार की ओर से प्रशासन को स्पष्ट किया गया है कि प्रतिकूल मौसम के दौरान आमजन की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>कच्चे मकानों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर:</b></p><p><br></p><p>लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से कच्चे मकानों के आस-पास जलभराव की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेने के निर्देश दिए गए हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था के साथ कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर ऐसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश हैं।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी में भारी बारिश के बीच राहत-बचाव जारी, नेपाल सीमा से सटे जिलों में विशेष निगरानी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ayodhya-ram-temple-offerings-theft-chargesheet-jairam-ramesh-vhp-6600 ]]></guid><title><![CDATA[ अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चार्जशीट पर जयराम रमेश ने उठाए सवाल, विहिप बोली- जांच पूरी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ayodhya-ram-temple-offerings-theft-chargesheet-jairam-ramesh-vhp-6600 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 26 Sep 2026 14:10:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़ी कथित चोरी के मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने जांच पर सवाल उठात ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़ी कथित चोरी के मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने जांच पर सवाल उठाते हुए कथित पर्दादारी का आरोप लगाया और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की। वहीं, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और इसमें चढ़ावे की चोरी के अलावा कोई अन्य अनियमितता सामने नहीं आई है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">जांच में सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल संदेशों, बैंक रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और फोरेंसिक ऑडिट समेत कई साक्ष्यों की जांच की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में चढ़ावे की रकम को कथित तौर पर हटाने या छिपाने की 105 घटनाएं सामने आईं। मामले में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है।</span><span style="font-size: 1rem;">चार्जशीट में अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला उर्फ शानी, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामाशंकर मिश्रा, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव के नाम आरोपी के तौर पर शामिल हैं। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।</span></p><h5 class=""><b>जयराम रमेश ने एफआईआर में देरी पर उठाया सवाल</b></h5><p>कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जांच को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 4 जून को बाथरूम से 2.25 लाख रुपये बरामद होने और संबंधित वीडियो व सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बावजूद एफआईआर 25 जून को दर्ज की गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">रमेश ने सवाल किया कि जब संदिग्ध कर्मचारियों की पहचान और कथित चोरी से जुड़े सबूत सामने आ चुके थे, तो आपराधिक कार्रवाई शुरू करने में 21 दिन की देरी क्यों हुई। उन्होंने यह भी पूछा कि इस अवधि में किन लोगों को बचाने का मौका मिला और क्या छिपाया गया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, &amp;quot;चंदा चोरी, आस्था धोखा हमने पहले दिन से कहा था कि भगवान श्रीराम के अयोध्या मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जांच के लिए बनाई गई सरकारी SIT पर देश की जनता को भरोसा नहीं है। अब चार्जशीट में सामने आए तथ्यों ने इस जांच पर और सरकारी… &lt;a href="https://t.co/FULrd81CwH"&gt;pic.twitter.com/FULrd81CwH&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; यूनीवार्ता (@univartaindia1) &lt;a href="https://x.com/univartaindia1/status/2103761491799245200?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 26, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>105 घटनाओं का हवाला देकर जांच पर सवाल</b></h5><p>रमेश ने चार्जशीट में सामने आई कथित 105 घटनाओं का हवाला देते हुए जांच के दायरे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि सीसीटीवी में इतनी बड़ी संख्या में घटनाएं सामने आईं, हजारों डिजिटल संदेशों की जांच हुई और बैंक खातों व संपत्तियों की भी पड़ताल की गई, तो जांच केवल आठ आरोपियों तक सीमित क्यों रही।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पूर्व ट्रस्ट महासचिव चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव को आरोपी बनाने के बजाय गवाह क्यों बनाया गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, चार्जशीट में इन वरिष्ठ पदाधिकारियों को अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर दर्ज किया गया है।</span></p><h5 class=""><b>सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग</b></h5><p>जयराम रमेश ने मामले में नई और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि जब तक चढ़ावे की कथित चोरी के लिए वास्तविक जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक मामला बंद नहीं माना जाना चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने जांच को पारदर्शी तरीके से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की और प्रधानमंत्री से भी इस मुद्दे पर जवाब देने को कहा।</span></p><h5 class=""><b>विहिप ने कहा- जांच पूरी, अब आरोपियों पर चलेगा मुकदमा</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>जयराम रमेश के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई और इसमें फोरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल किया गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आलोक कुमार के मुताबिक, जांच में चढ़ावे की चोरी सामने आई है और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि चढ़ावे के अलावा किसी अन्य तरह की गड़बड़ी नहीं मिली और रामलला को अर्पित कीमती वस्तुएं सुरक्षित हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि अब मामले को अदालत में आगे बढ़ना चाहिए और जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उन्हें मुकदमे का सामना करना होगा।</span></i></b></p><h5 class=""><b>जांच में सामने आए 105 कथित मामले</b></h5><p>इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को पहले दी गई जानकारी के मुताबिक, मंदिर परिसर के सीसीटीवी कैमरों में नकदी हटाने की 105 घटनाएं रिकॉर्ड हुई थीं। एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज के अलावा डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान, बैंक रिकॉर्ड और फोरेंसिक जांच को भी अपने निष्कर्षों का हिस्सा बनाया।</p><p>चार्जशीट में कथित चोरी के मामलों को मुख्य रूप से चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान हुई घटनाओं से जोड़ा गया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, बैंक में रकम स्थानांतरित किए जाने के बाद चोरी होने का कोई सबूत नहीं मिला।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में होगी, जहां आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और जांच में जुटाए गए साक्ष्यों की न्यायिक जांच की जाएगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चार्जशीट पर जयराम रमेश ने उठाए सवाल, विहिप बोली- जांच पूरी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-cooperative-sugar-mills-national-efficiency-awards-6595 ]]></guid><title><![CDATA[ उप्र की 8 सहकारी चीनी मिलों को मिला उत्कृष्ट दक्षता पुरस्कार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-cooperative-sugar-mills-national-efficiency-awards-6595 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 26 Sep 2026 01:24:23 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिखर पर पहुंचे गन्ना व चीनी उद्योग ने नई सफलता अर्जित की है। राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लि. (एनएफसीएसएफ) नई दिल्ली की ओर से डॉ. अंबेडकर इंटरनेशन ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिखर पर पहुंचे गन्ना व चीनी उद्योग ने नई सफलता अर्जित की है। राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लि. (एनएफसीएसएफ) नई दिल्ली की ओर से डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित ’राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार समारोह’ में उत्तर प्रदेश की 08 सहकारी चीनी मिलों को सम्मानित किया गया। संघ की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर देश की सहकारी चीनी मिलों को गन्ना विकास, तकनीकी दक्षता, वित्तीय प्रबंधन और समग्र प्रदर्शन आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं विशिष्ट योगदान के लिए प्रत्येक वर्ष दक्षता पुरस्कार दिए जाते हैं, जिससे सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों की कार्यक्षमता एवं दक्षता में सुधार के साथ-साथ वृद्धि हो सके।</span></p><p><br></p><p>वर्ष 2024-25 के लिए घोषित पुरस्कारों में प्रदेश की दि किसान सहकारी चीनी मिल, स्नेह रोड, नजीबाबाद (बिजनौर) को सभी मानकों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल का प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला। सरजू सहकारी चीनी मिल, बेलरायां (लखीमपुर खीरी) को गन्ना विकास, दि किसान सहकारी चीनी मिल, गजरौला (अमरोहा) को चीनी परता (शुगर रिकवरी) में सुधार एवं बागपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल्स लिमिटेड, बागपत को वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया है।&nbsp;</p><p><br></p><p>इसी प्रकार वर्ष 2025-26 के लिए घोषित पुरस्कारों में भी प्रदेश की चार अन्य सहकारी चीनी मिलों ने परचम लहराया है। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल, मोरना (मुजफ्फरनगर) को गन्ना विकास, रमाला सहकारी चीनी मिल, रमाला (बागपत) तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश की दि किसान सहकारी चीनी मिल, सठियांव (आजमगढ़) को उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता से पुरस्कृत किया गया। दि किसान सहकारी चीनी मिल, पुवायां (शाहजहांपुर) को उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार से नवाजा गया।&nbsp;</p><p><br></p><p>इस उपलब्धि पर चीनी उद्योग व गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी मीना, गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस., सहकारी चीनी मिल्स संघ के प्रबंध निदेशक मंगला प्रसाद सिंह, संयुक्त प्रबंध निदेशक अमृत पाल कौर ने सहकारी चीनी मिलों के प्रबंध तंत्र एवं कार्मिकों को बधाई दी है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ उप्र की 8 सहकारी चीनी मिलों को मिला उत्कृष्ट दक्षता पुरस्कार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-defense-corridor-vehicle-manufacturing-amit-shah-upits-6594 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी में अब कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर और वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण: गृह मंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-defense-corridor-vehicle-manufacturing-amit-shah-upits-6594 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 26 Sep 2026 01:17:25 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ग्रेटर नोएडा: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कभी अपराध की इंडस्ट्री चलती थी, शहर-शहर वाहन चोरी के कुटीर उद्योग लगते थे।&nbsp;अवैध कट्टे बनाए जाते थे, लेकिन आज उसी ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">ग्रेटर नोएडा: </b><span style="font-size: 1rem;">केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कभी अपराध की इंडस्ट्री चलती थी, शहर-शहर वाहन चोरी के कुटीर उद्योग लगते थे</span><span style="font-size: 1rem;">।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अवैध कट्टे बनाए जाते थे, लेकिन आज उसी उत्तर प्रदेश में कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर, वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण और चेन स्नैचिंग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहा है। यह परिवर्तन डबल इंजन की सरकार में आया है और उत्तर प्रदेश देश-दुनिया के निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री गुरुवार को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के चौथे संस्करण के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।</span></p><p><br></p><p><br></p><p>अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश का हाल यह था कि लखनऊ में औद्योगिक निवेश सम्मेलन कराने की स्थिति नहीं थी। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए दिल्ली में आयोजन किया था। आज वही उत्तर प्रदेश निवेश का केंद्र बनकर देश का विकास इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। निवेश के लिए कानून-व्यवस्था, अनुकूल औद्योगिक नीति, सक्रिय सरकार और उद्योगों को सुविधा देने की आवश्यक है और उत्तर प्रदेश में ये सभी स्थितियां मौजूद हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश ने वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय किया है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>यूपी के डिफेंस कॉरिडोर में बढ़ रहा निवेश:</b></p><p><br></p><p>केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर में डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड विकसित किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए निवेश आ रहा है। देश का रक्षा उत्पादन अब करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है और 2013-14 की तुलना में रक्षा उत्पादों के निर्यात में 56 गुना वृद्धि हुई है। आज भारत के रक्षा उत्पाद करीब 80 देशों को निर्यात किए जा रहे हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तर प्रदेश सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर और अनुकूल नीतियों के जरिए निवेश को सुगम बनाने का काम किया है। अमेठी में निर्मित एके-203 राइफल और उत्तर प्रदेश में बन रहे रक्षा उत्पाद देश की नई औद्योगिक क्षमता को दर्शाते हैं।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>ओडीओपी ने बदली रोजगार की तस्वीर:</b></p><p><br></p><p>अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) की महत्वपूर्ण भूमिका है। परंपरागत उद्योगों और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया गया है। कभी रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले प्रदेश के युवाओं को आज अपने ही राज्य में रोजगार और उद्यम के अवसर मिल रहे हैं। भदोही का कालीन, फिरोजाबाद का कांच, सहारनपुर की काष्ठ कला, कन्नौज का इत्र और बनारस की रेशमी साड़ी ने देश-दुनिया में पहचान बनाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यूपी के पारंपरिक उत्पादों के साथ वाराणसी की मलाईयो, तिरंगा बर्फी, आगरा के पेठा, मथुरा के पेड़ा और मेरठ की गजक जैसे उत्पादों को भी व्यापक बाजार मिलेगा।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो बनेगा वैश्विक व्यापार का मंच:</b></p><p><br></p><p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में देश-दुनिया से आए खरीदारों और उद्यमियों की भागीदारी प्रदेश में निवेश, उत्पादन और बिक्री की संभावनाओं को बढ़ाएगी। पहले संस्करण में राष्ट्रपति, दूसरे में उपराष्ट्रपति और तीसरे संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति रही, जबकि चौथे संस्करण के उद्घाटन में शामिल होकर उन्हें प्रसन्नता हो रही है। 2025 के ट्रेड शो में पांच लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था और 2,400 से अधिक एमओयू हुए थे। इस वर्ष के आयोजन से पिछले सभी रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद है। केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार को ट्रेड शो के आयोजन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश इसी प्रकार विकास की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी में अब कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर और वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण: गृह मंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-international-trade-show-global-market-msme-bhupendra-chaudhary-6593 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो वैश्विक बाजार में यूपी के उत्पादों की पहचान बनाने का सशक्त मंच : भूपेंद्र चौधरी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-international-trade-show-global-market-msme-bhupendra-chaudhary-6593 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 25 Sep 2026 19:29:58 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ग्रेटर नोएडा: प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सशक्त मंच बन चुका है। देश-द ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">ग्रेटर नोएडा: </b><span style="font-size: 1rem;">प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सशक्त मंच बन चुका है। देश-दुनिया से बड़ी संख्या में क्रेताओं और प्रतिनिधियों की सहभागिता से ये साफ है कि उत्तर प्रदेश नए भारत के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण के शुभारंभ अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले तीन आयोजनों की सफलता के बाद अब यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में देश-विदेश के क्रेताओं द्वारा दिखाई गई रुचि के कारण इस बार इसे और अधिक व्यापक एवं भव्य स्वरूप प्रदान किया गया है।</p><p><br></p><p>भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि आयोजन में रक्षा, कृषि, उद्योग, ई-कॉमर्स, आईटी, शिक्षा, अवसंरचना, चिकित्सा, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, डेयरी, हैंडलूम, टेक्सटाइल तथा विभिन्न प्राधिकरणों एवं जीआई उत्पादों से जुड़े क्षेत्रों के 2400 से अधिक स्टॉल प्रमुख आकर्षण हैं। आयोजन के दौरान विभिन्न विषयों पर नॉलेज सेशन भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर, वित्त, एफपीओ, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बेस्ट मैनेजमेंट और फार्मा जैसे विषय शामिल हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस के सहयोग से विभिन्न देशों के क्रेताओं के साथ बी2बी बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को अपने उत्पादों के संबंध में वैश्विक क्रेताओं से सीधे विचार-विमर्श करने, नए बाजार तलाशने तथा अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का व्यापक अवसर मिलेगा।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमों को वैश्विक एक्सपोजर मिलेगा:</b></p><p><br></p><p>एमएसएमई मंत्री ने बताया कि आयोजन में 5 लाख से अधिक फुटफॉल की संभावना है। साथ ही, 90 से अधिक देशों के 600 से अधिक क्रेताओं की सहभागिता प्रदेश के उद्यमियों के लिए नए व्यावसायिक अवसर सृजित करेगी। उन्होंने कहा कि निर्यातकों, युवा उद्यमियों, इनोवेटर्स, तकनीकी संस्थानों, ओडीओपी उद्यमियों, खाद्य क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों, महिला उद्यमियों तथा विभिन्न सरकारी विभागों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमों को वैश्विक एक्सपोजर मिलेगा।</p><p><br></p><p><br></p><p>उत्तर प्रदेश में पूंजी निवेश को आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न सेक्टरों के लिए नीतियां लागू की गई हैं। निवेश मित्र के माध्यम से विभिन्न सेक्टर आधारित नीतियों का लाभ ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है।</p><p><br></p><p>प्रदेश की जीडीपी, प्रति व्यक्ति आय, निर्यात तथा युवाओं के लिए रोजगार सृजन के क्षेत्र में हुई प्रगति यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश आर्थिक विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।</p><p><br></p><p>एमएसएमई मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। इन इकाइयों में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है और कृषि क्षेत्र के बाद एमएसएमई क्षेत्र प्रदेश में रोजगार उपलब्ध कराने वाला प्रमुख क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और प्लेज पार्क योजना जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश के छोटे उद्यमियों, कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को ऋण, प्रशिक्षण, विपणन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।</p><p><br></p><p>विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत परंपरागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण तथा उन्नत टूल किट उपलब्ध कराकर उन्हें अपने हुनर को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने का अवसर दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 6 लाख से अधिक कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को लाभान्वित किया जा चुका है।कारीगरों और युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस बार विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में 14 नई ट्रेडों को जोड़ते हुए कुल 25 ट्रेडों में प्रशिक्षण एवं उन्नत टूल किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बिना गारंटी और बिना ब्याज ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो वैश्विक बाजार में यूपी के उत्पादों की पहचान बनाने का सशक्त मंच : भूपेंद्र चौधरी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-ambedkar-statue-sites-development-yogi-government-6591 ]]></guid><title><![CDATA[ 4030 आंबेडकर प्रतिमा स्थलों का होगा विकास, योगी सरकार ने जारी किए 403 करोड़ रुपये ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-ambedkar-statue-sites-development-yogi-government-6591 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 25 Sep 2026 19:13:57 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सामाजिक समरसता और महान राष्ट्रीय विभूतियों के सम्मान से जुड़े सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण और विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में डॉ. बीआर आंबेडकर मूर्ति ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ:</b><span style="font-size: 1rem;"> उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सामाजिक समरसता और महान राष्ट्रीय विभूतियों के सम्मान से जुड़े सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण और विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में डॉ. बीआर आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना के तहत सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित आंबेडकर प्रतिमा स्थलों का विकास और सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। योजना के प्रथम चरण में 403 विधानसभा क्षेत्रों में 10-10, यानी कुल 4,030 प्रतिमा स्थलों को विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 403 करोड़ रुपये की धनराशि जिलाधिकारियों के निवर्तन पर आवंटित कर दी है।</span></p><p><br></p><p>योजना का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित आंबेडकर और अन्य महान विभूतियों की प्रतिमाओं को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक स्वरूप प्रदान करना है। शासन के दस्तावेज के अनुसार अनेक प्रतिमाएं छत और बाउंड्री वॉल जैसी आवश्यक सुविधाओं से रहित हैं, जिसके कारण वे मौसम, अतिक्रमण और उपेक्षा के प्रति संवेदनशील रहती हैं। ऐसे प्रतिमा स्थलों का संरक्षण करते हुए आसपास के क्षेत्र का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा।</p><p><br></p><p><b>403 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित:</b></p><p><br></p><p>योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 40300 लाख रुपये यानी 403 करोड़ रुपये की धनराशि प्राविधानित की गई थी। शासन के सितंबर 2026 के पत्र के अनुसार यह धनराशि अवमुक्त कर निदेशक, समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश के निवर्तन पर उपलब्ध करा दी गई। इसके बाद 22 सितंबर 2026 को निदेशालय स्तर से प्रदेश की 403 विधानसभाओं में स्थापित 4,030 प्रतिमा स्थलों के विकास के लिए 403 करोड़ रुपये जिलाधिकारियों के निवर्तन पर आवंटित कर दिए गए हैं।</p><p><br></p><p>इससे प्रत्येक प्रतिमा स्थल के विकास के लिए औसतन 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध होगी। हालांकि शासनादेश में स्थल विकास की अधिकतम लागत 40 लाख रुपये प्रति मूर्ति स्थल निर्धारित की गई है और वास्तविक कार्य का आकलन स्थल की आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा।</p><p><br></p><p><b>प्रतिमा स्थल बनेंगे सुरक्षित और आकर्षक:</b></p><p><br></p><p>योजना के तहत प्रतिमा स्थलों पर रैलिंगयुक्त स्टील की सीढ़ी, प्रतिमा की छत, बाउंड्री, फिनिशिंग, हरियाली और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही स्वच्छ, व्यवस्थित और सम्मानजनक वातावरण तैयार किया जाएगा। प्रतिमा के नाम और उसके इतिहास को संक्षिप्त रूप में प्रदर्शित करने वाला 3×2.5 फीट आकार का सूचना बोर्ड भी लगाया जाएगा, जिसे जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर नई पीढ़ी में डॉ. आंबेडकर और अन्य महान राष्ट्रीय विभूतियों के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना को मजबूत करना भी है।</p><p><br></p><p>शासन के अनुसार ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाली प्रतिमाओं का दीर्घकालीन संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ प्रतिमा स्थलों को बेहतर सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।</p><p><br></p><p><b>पुरानी या क्षतिग्रस्त प्रतिमाओं के स्थान पर नई प्रतिमा:</b></p><p><br></p><p>योजना में यह भी प्रावधान किया गया है कि सार्वजनिक स्थल पर स्थापित पुरानी अथवा क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर संगमरमर की नई प्रतिमा स्थापित की जा सकेगी। इस तरह योजना केवल स्थल के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आवश्यकतानुसार प्रतिमाओं के संरक्षण और प्रतिस्थापन को भी इसमें शामिल किया गया है।</p><p><br></p><p><b>मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी:</b></p><p><br></p><p>योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी गठित की गई है। इसमें न्याय, संस्कृति, पर्यटन, वित्त, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, नगर विकास और समाज कल्याण समेत संबंधित विभागों के मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।</p><p>&nbsp; इसके अलावा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अंतरविभागीय समन्वय समिति भी बनाई गई है। इससे योजना के क्रियान्वयन में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और नियमित निगरानी की व्यवस्था की गई है।</p><p><br></p><p><b>विधानसभा क्षेत्र स्तर से होगा विकास कार्य:</b></p><p><br></p><p>योजना के तहत विकास कार्य के लिए आवेदन खंड विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अथवा जिलाधिकारी को दिया जा सकता है। स्थल विकास से संबंधित आगणन जिलाधिकारी द्वारा चिन्हित कार्यदायी संस्था से तैयार कराया जाएगा। निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के सभी कार्य निर्धारित इंजीनियरिंग और सुरक्षा मानकों के अनुरूप कराए जाएंगे।</p><p><br></p><p>योजना का क्रियान्वयन संबंधित विभाग, नगरीय निकाय, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत अथवा ग्राम पंचायत के माध्यम से किया जा सकता है। कार्य पूरा होने के बाद प्रतिमा स्थल का लोकार्पण जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा।</p><p><br></p><p><b>दिसंबर तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य:</b></p><p><br></p><p>शासन ने योजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए समय-सारिणी भी निर्धारित की है। परियोजना स्थलों के प्रस्ताव/आवेदन प्राप्त करने, स्थल निरीक्षण और आगणन तैयार करने तथा निविदा संबंधी प्रक्रिया के लिए अलग-अलग समयसीमा तय की गई है। परियोजना को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सितंबर में जिलों को धनराशि आवंटित किए जाने के बाद अब जिला स्तर पर कार्यदायी संस्था का चयन, निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों के प्रशासनिक एवं वित्तीय अनुमोदन तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है।</p><p><br></p><p><b>प्रतिमा स्थलों के विकास के साथ सामाजिक स्मृति का संरक्षण:</b></p><p><br></p><p>योगी सरकार की इस योजना का व्यापक उद्देश्य केवल निर्माण और सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है। शासन दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि महान समाज सुधारकों और सांस्कृतिक विभूतियों की प्रतिमाएं देश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। इनके माध्यम से सार्वजनिक स्मृति, सामाजिक मूल्यों तथा राष्ट्रीय एवं स्थानीय योगदानकर्ताओं के प्रति सम्मान प्रदर्शित होता है।</p><p>&nbsp; &nbsp; &nbsp;</p><p><br></p><p>इसी दृष्टि से डॉ. बीआर आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना के तहत प्रतिमा स्थलों को सुरक्षित, स्वच्छ, व्यवस्थित और सम्मानजनक स्वरूप देने की दिशा में प्रदेशव्यापी कार्य शुरू किया जा रहा है। 403 विधानसभा क्षेत्रों में 4,030 प्रतिमा स्थलों के विकास के लिए 403 करोड़ रुपये का आवंटन और दिसंबर तक काम पूरा करने की समयसीमा इस योजना के व्यापक स्तर को रेखांकित करती है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 4030 आंबेडकर प्रतिमा स्थलों का होगा विकास, योगी सरकार ने जारी किए 403 करोड़ रुपये ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-international-trade-show-global-buyers-exports-yogi-adityanath-6589 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी के उत्पादों, सप्लाई चेन व उद्यमियों पर दुनिया को भरोसाः सीएम योगी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-international-trade-show-global-buyers-exports-yogi-adityanath-6589 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 25 Sep 2026 19:02:50 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के परंपरागत हुनर से लेकर आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तक की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में दुनिया के सामने दिखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में केंद्रीय गृह एवं सहक ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">ग्रेटर नोएडा: </b><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश के परंपरागत हुनर से लेकर आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तक की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में दुनिया के सामने दिखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं, जबकि 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स अपने उत्पादों के साथ ट्रेड शो में हिस्सा ले रहे हैं। अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और यहां के उद्यमियों की विश्वसनीयता पर आज पूरी दुनिया को भरोसा है। आज प्रदेश दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है।</span></p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>बढ़ता फुटफॉल वैश्विक भरोसे का प्रतीक:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश में तैयार होने वाले उत्पादों को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच बन गया है। पिछले वर्ष 72 देशों के 550 बायर्स इसमें शामिल हुए थे। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे हैं और करीब डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के आयोजन में शामिल होने की संभावना है। यह बढ़ती भागीदारी उत्तर प्रदेश के कारीगरों के हुनर, युवाओं के इनोवेशन, एमएसएमई सेक्टर और अन्नदाता किसानों की मेहनत के प्रति बढ़ते वैश्विक भरोसे को दिखाती है।</p><p>&nbsp;</p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इसका उदाहरण है। यह ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी, हेरिटेज और इनोवेशन के साथ हुनर और बाजार की ताकत को एक साथ देखने का अवसर है। यहां यूपी की लोकल स्ट्रेंथ ग्लोबल मार्केट के सामने अपनी पहचान बना रही है। यह डबल इंजन सरकार की क्षमता को संभावना और संभावना को समृद्धि में बदलने की कार्यसंस्कृति है।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>अमित शाह ने पहचानी थी परंपरागत उद्यमों की ताकत:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने अमित शाह को प्रदेश के परंपरागत उद्यमों को नई पहचान देने की सोच का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अमित शाह जी ने उत्तर प्रदेश के लोक कल्याण संकल्प पत्र के निर्माण के दौरान प्रदेश के परंपरागत उद्यमों की ताकत को पहचाना था। उनका मानना था कि जिस दिन उत्तर प्रदेश अपनी इस ताकत को पहचान लेगा, उसे मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाएगा। सरकार बनने के बाद इसी सोच को ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ के रूप में ब्रांड दिया गया।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b style="">गांव के हुनर को मिला दुनिया का बाजार:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संभावनाओं की कभी कमी नहीं थी। जरूरत उस क्षमता को पहचानने, सही माहौल देने और उसे बड़े बाजार तक पहुंचाने की थी। आजादी के बाद दशकों तक कारीगरों को जरूरी संसाधन, सही दिशा, बाजार और मंच नहीं मिला। इसका असर यह हुआ कि नई पीढ़ी अपने पुश्तैनी हुनर से दूर होने लगी। सरकार ने जिलों, गांवों और स्थानीय क्लस्टर में मौजूद हुनर को पहचानकर आगे बढ़ने का अवसर दिया।</p><p>&nbsp;</p><p>उन्होंने कहा कि टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया। गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार के अनुरूप तैयार किया गया। विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के रूप में एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक ढांचे के विस्तार ने स्थानीय उत्पादों के लिए बड़े एवं वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान की है।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>79 उत्पादों को जीआई टैग, 75 और कतार में:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है और 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की सिल्क साड़ियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत अब करोड़ों रुपये के कारोबार वाले ब्रांड में बदल चुकी है। ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं से कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ा गया है। ट्रेड शो में कारीगर और उद्यमी सीधे ग्लोबल बायर्स तक पहुंच रहे हैं।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>छह देशों के पवेलियन, कारोबार के नए रास्ते:</b></p><p><br></p><p>यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में जुड़े हैं। इनके विशेष पवेलियन भी लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन देशों की भागीदारी से द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी। रणनीतिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ज्वाइंट वेंचर के रास्ते भी खुलेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में दुनिया के कई बड़े देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को यहां उत्पादन करने और यहीं से वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर दे रहा है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>कार्यक्रम में ये गणमान्य रहे मौजूद:</b></p><p><br></p><p>उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक,&nbsp; कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, भूपेंद्र चौधरी, राकेश सचान, डॉ. संजय निषाद, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, बृजेश सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा, सुरेंद्र नागर, विधायक पंकज सिंह, धीरेंद्र सिंह, तेजपाल नागर, विधानपरिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा, नरेंद्र भाटी, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, नोएडा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, महानगर अध्यक्ष महेश चौहान समेत जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जापान के राजदूत ओनो केईची, भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त सायमन वोंग और बेलारूस के राजदूत मिखाइल कास्को समेत विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, विदेशी खरीदार, एग्जीबिटर्स और उद्यमी भी इस समारोह में शामिल हुए।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी के उत्पादों, सप्लाई चेन व उद्यमियों पर दुनिया को भरोसाः सीएम योगी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-pda-ajay-rai-6580 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Politics: अखिलेश की PDA रथयात्रा पर अजय राय का तंज, बोले- ‘कन्नौज-सैफई हम भी जा सकते हैं’ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-pda-ajay-rai-6580 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 25 Sep 2026 11:53:19 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिख रही है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 24 सितंबर को रायबरेली से अपनी PDA रथयात्रा  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>उत्तर प्रदेश </b>में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिख रही है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 24 सितंबर को रायबरेली से अपनी PDA रथयात्रा की शुरुआत की, वहीं उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इस यात्रा को लेकर कहा कि चुनाव प्रचार के लिए कोई भी नेता कहीं भी जा सकता है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि अगर अखिलेश यादव रायबरेली जा सकते हैं तो कांग्रेस के नेता भी कन्नौज, इटावा या सैफई जा सकते हैं।</p><p>अजय राय ने इसके साथ राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि देश की नजरें कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हैं और वह आम लोगों से जुड़े मुद्दों तथा चुनाव आयोग से जुड़े सवालों को उठा रहे हैं। यह अजय राय का राजनीतिक बयान है।</p><h5 class=""><b>रायबरेली से शुरू हुई अखिलेश की PDA यात्रा</b></h5><p>अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ से रायबरेली के लिए PDA रथयात्रा शुरू की। यह यात्रा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत समाजवादी पार्टी के जनसंपर्क अभियान का हिस्सा है। PDA का अर्थ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समूहों से जुड़ी राजनीतिक रणनीति से है।</p><p>रायबरेली पहुंचने पर अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित किया। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। अखिलेश ने इस दौरान भाजपा पर निशाना साधते हुए अपने चुनावी अभियान के मुद्दों को सामने रखा।</p><h5 class=""><b>‘कन्नौज-सैफई हम भी जा सकते हैं’</b></h5><p>अजय राय ने अखिलेश यादव की रायबरेली यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को चुनाव प्रचार के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में जाने की स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव रायबरेली या अमेठी जा सकते हैं तो कांग्रेस के नेता भी कन्नौज, इटावा और सैफई जा सकते हैं।</p><p>अजय राय के इस बयान को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच चुनावी क्षेत्रों में सक्रियता को लेकर जारी राजनीतिक संदेशों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपने स्तर पर संगठनात्मक और जनसंपर्क गतिविधियां जारी रखेगी।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Lucknow, Uttar Pradesh: On &amp;#39;PDA Rath Yatra&amp;#39;, Congress state president Ajay Rai says, &amp;quot;Look, it is election time, and any person can go anywhere. Akhilesh ji can go to Raebareli or Amethi. All of us can also go to Kannauj, Etawah, or Saifai; there is nothing wrong with that. But… &lt;a href="https://t.co/10s6AYYG7m"&gt;pic.twitter.com/10s6AYYG7m&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2103078069645070846?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;&nbsp;</p><h5 class=""><b>राहुल गांधी को लेकर अजय राय ने क्या कहा?</b></h5><p>उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी लगातार आम लोगों से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़े सवालों का भी उल्लेख किया और कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को जनता के सामने रख रही है।</p><p>अजय राय ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर जमीन पर काम कर रही है और जनता के बीच अपनी गतिविधियां बढ़ा रही है। उन्होंने पार्टी के साथ लोगों के जुड़ने का भी दावा किया।</p><p>इन बयानों के बीच यह भी महत्वपूर्ण है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने 2024 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में साथ चुनाव लड़ा था। हालिया रिपोर्टों के अनुसार अखिलेश यादव ने रायबरेली में भी गठबंधन को मजबूत बताते हुए 2027 में साथ काम करने की बात कही है, हालांकि सीट बंटवारे को लेकर उन्होंने जीतने की क्षमता को आधार बनाने की बात कही।</p><h5 class=""><b>अखिलेश ने BJP पर साधा निशाना</b></h5><p>रायबरेली में PDA रथयात्रा के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा के खिलाफ आक्रामक राजनीतिक बयान दिए। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में ‘वोट का बुलडोजर’ भाजपा को हराएगा और उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव आएगा। यह अखिलेश यादव का चुनावी दावा है, न कि चुनाव परिणाम का पूर्वानुमान।</p><p>अखिलेश ने भाजपा पर डर और भेदभाव की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विपक्ष के खिलाफ इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर अलग राजनीतिक प्रतिक्रिया हो सकती है।</p><p>उन्होंने PDA के दायरे में पिछड़े, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और महिलाओं को शामिल करने की बात कही। अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी सभी वर्गों के सम्मान और अधिकारों की बात कर रही है।</p><h5 class=""><b>2027 से पहले गठबंधन की राजनीति भी चर्चा में</b></h5><p>अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा ऐसे समय शुरू हुई है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। समाजवादी पार्टी अपने PDA सामाजिक गठजोड़ को राजनीतिक अभियान के केंद्र में रख रही है, जबकि कांग्रेस भी राज्य में संगठन को मजबूत करने की बात कर रही है।</p><p>रायबरेली से यात्रा की शुरुआत को लेकर राजनीतिक चर्चा इसलिए भी हुई क्योंकि यह राहुल गांधी का लोकसभा क्षेत्र है। हालांकि अखिलेश यादव ने यात्रा के दौरान कांग्रेस के साथ गठबंधन को मजबूत बताया है।</p><p>दूसरी ओर, अजय राय का कन्नौज, इटावा और सैफई का उल्लेख यह दिखाता है कि कांग्रेस भी उत्तर प्रदेश में अपने राजनीतिक विस्तार और जनसंपर्क पर जोर दे रही है। अब आगे दोनों दलों के बीच सीटों और चुनावी रणनीति को लेकर क्या बातचीत होती है, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Politics: अखिलेश की PDA रथयात्रा पर अजय राय का तंज, बोले- ‘कन्नौज-सैफई हम भी जा सकते हैं’ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/gorakhpur-janata-darshan-yogi-adityanath-land-encroachment-action-6574 ]]></guid><title><![CDATA[ कब्जामुक्त कराएं जमीन, दबंगों को सिखाएं कानूनी सबक: मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/gorakhpur-janata-darshan-yogi-adityanath-land-encroachment-action-6574 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 24 Sep 2026 18:12:51 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ गोरखपुर: जनता की सेवा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह बारिश होने के बावजूद ‘जनता दर्शन’ किया। दूरदराज से आए लोगों से उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात कर उनकी समस्याएं ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">गोरखपुर:</b><span style="font-size: 1rem;"> जनता की सेवा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह बारिश होने के बावजूद ‘जनता दर्शन’ किया। दूरदराज से आए लोगों से उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। समस्या लेकर आए लोगों को मुख्यमंत्री ने समाधान का भरोसा दिया। इस अवसर पर अवैध कब्जे की शिकायतों पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जामुक्त कराने के साथ जबरन कब्जा करने वालों को कड़ा कानूनी सबक सिखाया जाए।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><br></p><p>बारिश की वजह से मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोगों की सुविधा के लिए जनता दर्शन का आयोजन गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में किया गया। इस दौरान सीएम योगी ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनकी पीड़ा जानी और आश्वस्त किया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं।&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p>इस दौरान कुछ महिलाओं ने उनकी जमीन जबरन कब्जा कर लिए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जमीन अवैध या जबरन कब्जे से मुक्त होनी चाहिए।&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p>हर बार की तरह जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। ऐसे मामलों में सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ कब्जामुक्त कराएं जमीन, दबंगों को सिखाएं कानूनी सबक: मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/bharat-taxi-kisan-samriddhi-yojana-up-yogi-government-6550 ]]></guid><title><![CDATA[ जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी, चालक को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/bharat-taxi-kisan-samriddhi-yojana-up-yogi-government-6550 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 23 Sep 2026 22:04:30 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए टैक्सी चालकों और किसानों के लिए दो बड़े कदम उठाए। भारत टैक्सी से टैक्सी, टू व्हीलर और थ् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए टैक्सी चालकों और किसानों के लिए दो बड़े कदम उठाए। भारत टैक्सी से टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालक रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर जुड़ सकेंगे। उन्हें पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी। वहीं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत कर दी गई है।</span></p><p>&nbsp;</p><p>मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सहकारिता की कमान किन हाथों में है, उसी पर उसकी सफलता निर्भर करती है। अच्छा नेतृत्व सहकारिता को समृद्धि का माध्यम बनाता है, जबकि गलत नेतृत्व इसे अराजकता की ओर ले जा सकता है। आजादी के बाद पहली बार देश में अलग सहकारिता मंत्रालय बना और अब इसके परिणाम सामने आ रहे हैं।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>भारत की गति को प्रगति में बदलेगी भारत टैक्सी:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों के बारे में पहले कोई नहीं सोचता था। अब वे रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे और पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पाएंगे। सामाजिक सुरक्षा मिलने से चालक निश्चिंत होकर जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर सकेगा।</p><p>&nbsp;</p><p>उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी केवल यात्रियों को ढोने वाली टैक्सी नहीं है। यह पूरे भारत की टैक्सी है, जो भारत की गति को प्रगति में बदलने का काम करेगी। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में इसका संचालन शुरू किया गया है। लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू भी हुए हैं।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>महाकुंभ में देखा था रैपिडो का सफल प्रयोग:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लाखों नौजवान रैपिडो के माध्यम से अपनी बाइक पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित संगम तक पहुंचा रहे थे। संगम से रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में भी उनका योगदान रहा। इससे यातायात बाधित नहीं हुआ और लोगों को आसानी से आवागमन की सुविधा मिली।</p><p>&nbsp;</p><p>उन्होंने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से ग्रामीण बस सेवा को भी भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मॉडल को आगे बढ़ाया गया तो लाखों नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>पांच लाख किसानों को छह प्रतिशत पर ऋण:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था। इसे अब घटाकर छह प्रतिशत कर दिया गया है। खेती-बाड़ी और मशीनरी के लिए किसानों को पैसे की कमी न हो, इसके लिए दीर्घकालिक ऋण की व्यवस्था की गई है। आगामी कुछ वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है।</p><p>&nbsp;</p><p>मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो भारत खुशहाल होगा। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो भारत समृद्ध होगा। सहकारिता क्षेत्र जितना मजबूत होगा, देश भी उतना ही मजबूत होगा।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का ऋण माफ किया:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद 86 लाख लघु और सीमांत किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफ किए गए। दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को पूरा होने में करीब 50 वर्ष लगे। अर्जुन सहायक, बाणसागर और मध्य गंगा जैसी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया।</p><p>&nbsp;</p><p>उन्होंने कहा कि पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल वाले किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। नहर और सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई भी मुफ्त है।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें चल रही हैं। इनमें 100 से अधिक मिलें चौथे दिन गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने 29 चीनी मिलें बंद की थीं और इनमें से 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया था।</p><p>&nbsp;</p><p>उन्होंने कहा कि किसानों को बीज से बाजार तक सुविधा देने के लिए काम किया गया है। पैक हाउस बने, फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगीं और एफपीओ के गठन के साथ कृषि विज्ञान केंद्रों से तकनीकी सहयोग दिया गया। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के वेयरहाउस भी तैयार किए जा रहे हैं।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>54 लाख नए सदस्य, 15 सहकारी बैंक मुनाफे में:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के 16 सहकारी बैंक निष्क्रिय हो चुके थे और उनके लाइसेंस जब्त हो गए थे। इनमें किसानों के हजारों करोड़ रुपये जमा थे। अब 16 में से 15 बैंक फिर मुनाफे में आ चुके हैं। एक अन्य बैंक को भी बेहतर करने पर काम चल रहा है।</p><p>&nbsp;</p><p>उन्होंने बताया कि पैक्स को पहले 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की सुविधा दी गई थी, जिसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। सहकारिता से 54 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। किसानों को समय पर खाद, कीटनाशक और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>कृषक समृद्धि पोर्टल लॉन्च, भारत टैक्सी को किया रवाना:</b></p><p><br></p><p>कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि पोर्टल ऐप यूपीसीडीसी लॉन्च किया। उर्वरक के लिए मोबाइल ऐप और सहकारिता की सेवाओं को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए कोऑपरेटिव डाटा सेंटर तथा मोबाइल ऐप की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने पांच सारथियों को भारत टैक्सी के शेयर प्रमाण पत्र और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के पांच लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे।</p><p>&nbsp;</p><p>भारत टैक्सी के सीईओ कर्नल हिमांशु और अडानी एयरपोर्ट लखनऊ के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव मोहन ने विभिन्न संस्थाओं के साथ हुए एमओयू का आदान-प्रदान किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल समेत अतिथियों ने फ्लैग ऑफ कर भारत टैक्सी को रवाना किया।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>कार्यक्रम में ये रहे मौजूद:</b></p><p><br></p><p>कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर, परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति डॉ. विवेक कुमार सिंह तोमर, सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव पंकज कुमार बंसल, भारत टैक्सी के उपाध्यक्ष रोहित गुप्ता मौजूद रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी, चालक को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ishan-anand-bsp-coordinator-6543 ]]></guid><title><![CDATA[ BSP में बड़ा बदलाव: मायावती ने ईशान आनंद को बनाया राष्ट्रीय संयोजक, आकाश के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ishan-anand-bsp-coordinator-6543 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 23 Sep 2026 13:59:06 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी में संगठन को लेकर चल रहे बदलावों के बीच मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। यह जिम्मेदारी ऐसे समय में दी गई है, जब BSP पिछले कुछ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ: </b>बहुजन समाज पार्टी में संगठन को लेकर चल रहे बदलावों के बीच मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। यह जिम्मेदारी ऐसे समय में दी गई है, जब BSP पिछले कुछ दिनों में कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक फैसलों से गुजर रही है।</p><p>ईशान आनंद को मिली नई जिम्मेदारी का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इससे पहले पार्टी में राष्ट्रीय संयोजक का पद आकाश आनंद के पास था। मायावती ने सितंबर की शुरुआत में आकाश आनंद को इस जिम्मेदारी से हटा दिया था और बाद में उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से पूरी तरह अलग कर दिया।</p><p>अब ईशान आनंद को राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी संगठन में अहम भूमिका दी गई है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, मायावती ने 23 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने की घोषणा की।</p><h5 class=""><b>पहले भी ईशान को दी गई थी संगठन की जिम्मेदारी</b></h5><p>ईशान आनंद को पार्टी में अचानक सक्रिय भूमिका नहीं मिली है। इससे पहले सितंबर में मायावती ने उन्हें मुख्य सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी दी थी। उस समय उन्हें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर अन्य राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी।</p><p>ईशान को विभिन्न राज्यों में संगठन की स्थिति की समीक्षा करके मायावती को रिपोर्ट करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी। इसके बाद अब उन्हें राष्ट्रीय संयोजक का पद दिया गया है, जिससे पार्टी के केंद्रीय संगठन में उनकी भूमिका और बढ़ गई है।</p><h5 class=""><b>आकाश आनंद को लेकर मायावती का रुख साफ</b></h5><p>ईशान आनंद की नियुक्ति से पहले BSP में आकाश आनंद को लेकर लगातार बदलाव देखने को मिले। मायावती ने पहले उन्हें राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाया और बाद में पार्टी से भी अलग कर दिया। मायावती ने सार्वजनिक रूप से उनके व्यवहार और पार्टी हितों से जुड़े अपने मतभेदों का जिक्र किया था।</p><p>20 सितंबर को मायावती ने कहा था कि आकाश आनंद और उनकी बहन दीपिका आनंद को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके बजाय उन्होंने ईशान आनंद को परिवार से पार्टी में आगे बढ़ाने के लिए चुना। साथ ही मायावती ने यह भी कहा था कि यदि ईशान पार्टी विरोधी गंभीर गतिविधि में शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।</p><p>इससे साफ है कि मायावती ने ईशान को जिम्मेदारी देने के साथ उनके लिए पार्टी अनुशासन को भी महत्वपूर्ण बताया है।</p><h5 class=""><b>2027 से पहले BSP में संगठन पर फोकस</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले BSP लगातार अपने संगठन को लेकर फैसले कर रही है। ऐसे में ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने से पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।</p><p>हालांकि, ईशान की नियुक्ति को पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनका मुख्य महत्व BSP के राष्ट्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी संभालने का है।</p><p>मायावती ने अपने हालिया बयानों में यह भी कहा है कि पार्टी में जिम्मेदारी पाने वाले लोगों से अनुशासन, ईमानदारी और संगठन के प्रति निष्ठा की अपेक्षा रहेगी। ऐसे में ईशान आनंद के सामने अब संगठनात्मक जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाने की चुनौती होगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ BSP में बड़ा बदलाव: मायावती ने ईशान आनंद को बनाया राष्ट्रीय संयोजक, आकाश के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-mlc-election-2026-6539 ]]></guid><title><![CDATA[ UP MLC Election 2026: 11 सीटों पर चुनाव से पहले सपा के सामने नेता प्रतिपक्ष बचाने की चुनौती, NDA के लिए ताकत दिखाने का मौका ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-mlc-election-2026-6539 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 23 Sep 2026 12:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद की 11 सीटों के लिए होने वाला चुनाव राजनीतिक दलों के लिए अहम परीक्षा बन गया है। 23 अक्टूबर 2026 को पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ:</b> उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद की 11 सीटों के लिए होने वाला चुनाव राजनीतिक दलों के लिए अहम परीक्षा बन गया है। 23 अक्टूबर 2026 को पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर है।</p><p>इन चुनावों का असर सिर्फ विधान परिषद की खाली हो रही सीटों तक सीमित नहीं है। खास तौर पर समाजवादी पार्टी के लिए परिषद में अपनी मौजूदा संख्या और नेता प्रतिपक्ष के पद को बनाए रखना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। वहीं भाजपा के नेतृत्व वाले NDA के पास परिषद में पहले से स्पष्ट बहुमत है, इसलिए उसके सामने तत्काल कोई पद बचाने की चुनौती नहीं है, लेकिन ये चुनाव शिक्षित और शिक्षक मतदाताओं के बीच उसके संगठन और गठबंधन की स्थिति को परखने का अवसर देंगे।</p><h5 class=""><b>11 सीटों पर कहां-कहां होगा मुकाबला?</b></h5><p>इस बार विधान परिषद की पांच Graduates Constituencies और छह Teachers Constituencies में चुनाव होना है।</p><p>स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी शामिल हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद सीटें हैं। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।</p><p>यह चुनाव सामान्य विधानसभा चुनावों से अलग होता है। इसमें केवल संबंधित स्नातक या शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज मतदाता ही मतदान कर सकते हैं।</p><h5 class=""><b>सपा के सामने नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी का सवाल</b></h5><p>100 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधान परिषद में फिलहाल समाजवादी पार्टी के 10 सदस्य हैं। यही संख्या नेता प्रतिपक्ष का पद बनाए रखने के लिए जरूरी 10 प्रतिशत के स्तर पर है। इसलिए मौजूदा चुनाव में सपा की सीटों में कमी आती है तो इसका असर उसके उच्च सदन में आधिकारिक विपक्षी दर्जे पर पड़ सकता है।</p><p>सपा के मौजूदा 10 MLC में सात विधायक-निर्वाचित सदस्य हैं, जबकि तीन उन्हीं निर्वाचन क्षेत्रों से हैं जहां इस बार चुनाव हो रहा है। इनमें इलाहाबाद-झांसी स्नातक से मान सिंह यादव, वाराणसी स्नातक से आशुतोष सिन्हा और वाराणसी शिक्षक से लाल बिहारी यादव शामिल हैं। पार्टी ने तीनों को दोबारा मैदान में उतारा है।</p><p>इसके अलावा सपा ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से कमलेश यादव और लखनऊ स्नातक सीट से पूर्व MLC कांति सिंह को उम्मीदवार बनाया है।</p><p>इस तरह इन चुनावों में सपा के लिए मुकाबला केवल नए MLC चुनने तक सीमित नहीं है। परिणाम यह तय करने में भी भूमिका निभा सकते हैं कि पार्टी विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपनी मौजूदा स्थिति बनाए रख पाती है या नहीं।</p><h5 class=""><b>NDA के पास 83 सदस्य, फिर भी चुनाव अहम</b></h5><p>दूसरी तरफ भाजपा के नेतृत्व वाले NDA के पास 100 सदस्यीय विधान परिषद में फिलहाल 83 सदस्य हैं। इनमें भाजपा के 79 सदस्य हैं, जबकि अपना दल (एस), RLD, सुभासपा और निषाद पार्टी के पास एक-एक सदस्य है।</p><p>इस संख्याबल के कारण NDA के सामने सपा जैसी संस्थागत चुनौती नहीं है। लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे उसके लिए संगठनात्मक प्रदर्शन का संकेत दे सकते हैं।</p><p>इन सीटों पर मतदान आम विधानसभा चुनाव की तरह व्यापक मतदाता आधार पर नहीं होता। इसलिए उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़, स्थानीय संगठन, शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से संपर्क तथा गठबंधन का समर्थन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।</p><h5 class=""><b>2020 के नतीजे भी रहेंगे नजर में</b></h5><p>इन 11 सीटों पर पिछला चुनाव 2020 में हुआ था। उस समय भाजपा ने छह सीटें, समाजवादी पार्टी ने तीन सीटें जीती थीं, जबकि दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार सफल रहे थे। इस बार के मुकाबले में पिछले नतीजों को पार्टियों की रणनीति के लिए एक संदर्भ के तौर पर देखा जा रहा है।</p><p>हालांकि 2026 की परिस्थितियां 2020 से अलग हैं। अब राज्य में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है और राजनीतिक दल संगठनात्मक स्तर पर भी अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं।</p><h5 class=""><b>INDIA गठबंधन की एकजुटता भी होगी परखी</b></h5><p>इन चुनावों में विपक्षी दलों के बीच तालमेल भी महत्वपूर्ण रहेगा। विधान परिषद में फिलहाल कांग्रेस का कोई सदस्य नहीं है। इसके बावजूद कांग्रेस ने चुनाव में सक्रिय होने के संकेत दिए हैं और पांच निर्वाचन क्षेत्रों में अपने संयोजकों की नियुक्ति की है।</p><p>ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सपा और कांग्रेस समेत विपक्षी दल किस तरह उम्मीदवारों और चुनावी रणनीति को लेकर समन्वय करते हैं। अलग-अलग उम्मीदवार मैदान में रहने की स्थिति में विपक्षी मतों के विभाजन का असर भी चुनाव परिणामों पर पड़ सकता है।</p><h5 class=""><b>2027 से पहले चुनावी माहौल का एक और संकेत</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के दौरान राज्यसभा और विधान परिषद दोनों के चुनाव होने हैं। राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है, जबकि विधान परिषद की 11 स्नातक-शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी।</p><p>इस वजह से अक्टूबर का राजनीतिक कार्यक्रम 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दलों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। हालांकि MLC चुनावों के नतीजों को सीधे विधानसभा चुनाव का अनुमान मानना उचित नहीं होगा, क्योंकि दोनों चुनावों की मतदाता संरचना और निर्वाचन प्रक्रिया अलग है।</p><p>फिलहाल सबसे बड़ा संस्थागत सवाल सपा के लिए विधान परिषद में अपनी मौजूदा संख्या बनाए रखने का है, जबकि NDA के लिए चुनौती अपने मौजूदा प्रभाव को बनाए रखने और शिक्षक-स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में संगठनात्मक प्रदर्शन दिखाने की है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP MLC Election 2026: 11 सीटों पर चुनाव से पहले सपा के सामने नेता प्रतिपक्ष बचाने की चुनौती, NDA के लिए ताकत दिखाने का मौका ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-old-age-homes-health-checkup-yoga-meditation-senior-citizens-6535 ]]></guid><title><![CDATA[ वृद्धाश्रमों में स्वास्थ्य जांच से योग-ध्यान तक, बुजुर्गों की सेवा कर रही योगी सरकार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-old-age-homes-health-checkup-yoga-meditation-senior-citizens-6535 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 22 Sep 2026 19:06:35 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: वृद्धावस्था में बुजुर्गों को सुरक्षित आश्रय के साथ स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन मिले, इसके लिए योगी सरकार की ओर से वृद्धाश्रमों में सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग की ओर स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">वृद्धावस्था में बुजुर्गों को सुरक्षित आश्रय के साथ स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन मिले, इसके लिए योगी सरकार की ओर से वृद्धाश्रमों में सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित प्रदेश के सभी 75 वृद्धाश्रमों में नियमित साप्ताहिक स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन शिविरों में चिकित्सकों की टीम आश्रम पहुंचकर बुजुर्गों की बीपी, शुगर, नेत्र और सामान्य स्वास्थ्य की जांच करती है। जरूरत के अनुसार उन्हें आवश्यक दवाएं भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।</span></p><p><br></p><p><br></p><p><br></p><p>वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को साप्ताहिक स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों की टीम आश्रमों में पहुंचकर संवासियों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का परीक्षण करती है। बीपी, शुगर और नेत्र जांच के साथ सामान्य स्वास्थ्य की भी जांच की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर जरूरी दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य बुजुर्गों को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराना है।</p><p><br></p><p><b>पेयजल से पुस्तकालय तक, दैनिक जीवन की सुविधाओं पर जोर:</b></p><p><br></p><p>समाज कल्याण विभाग की ओर से बुजुर्गों के दैनिक जीवन को सुविधाजनक बनाने के साथ उनके मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है। वृद्धाश्रमों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के साथ मनोरंजन के लिए टीवी और पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बुजुर्गों को सक्रिय और सकारात्मक दिनचर्या से जोड़ने के लिए योग और ध्यान के सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। विभाग की ओर से आश्रमों के बुनियादी ढांचे और दैनिक जीवन स्तर में सुधार की भी निरंतर निगरानी की जा रही है।</p><p><br></p><p><b>आश्रय के साथ पेंशन और आयुष्मान का भी सहारा:</b></p><p><br></p><p>समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि वृद्धाश्रमों में सुविधाओं के विस्तार के साथ बुजुर्गों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने पर भी सरकार का जोर है। प्रदेश के 75 वृद्धाश्रमों में वर्तमान में 6,607 बुजुर्ग रह रहे हैं। इनमें 4,901 पात्र वृद्धजनों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा है, जबकि 2,551 बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में 1,073 नए बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा गया है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ वृद्धाश्रमों में स्वास्थ्य जांच से योग-ध्यान तक, बुजुर्गों की सेवा कर रही योगी सरकार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/mirzapur-carpet-industry-global-recognition-upits-2026-6534 ]]></guid><title><![CDATA[ मीरजापुर के कालीन कारोबार को मिलेगी वैश्विक पहचान ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/mirzapur-carpet-industry-global-recognition-upits-2026-6534 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 22 Sep 2026 18:41:47 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मीरजापुर: योगी सरकार की ओर से उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नोएडा में 25 सितंबर से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की यह पहल मीरजा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">मीरजापुर:</b><span style="font-size: 1rem;"> योगी सरकार की ओर से उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नोएडा में 25 सितंबर से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की यह पहल मीरजापुर के कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। इस ट्रेड शो में जनपद के 10 कालीन कारोबारी व 2 मिष्ठान कारोबारी हिस्सा लेकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इस आयोजन में देश-विदेश से आने वाले कारोबारियों और 86 देशों के आयातकों को मीरजापुर में तैयार होने वाले आकर्षक कालीन, दरी और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कालीन कारोबारियों को नए बाजार और विदेशी खरीदारों से जुड़ने का मंच मिलेगा।</span></p><p><br></p><p>जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि इंटरनेशनल ट्रेड शो मीरजापुर के कालीन उद्योग को नई उड़ान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय कारोबार के बदलते परिदृश्य में स्थानीय कालीन कारोबारियों को नए विदेशी खरीदारों और कारोबारियों से संपर्क स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इससे निर्यात के नए रास्ते खुलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ट्रेड शो में मेसर्स रमाशंकर कारपेट, मेसर्स शबनूर कारपेट, मेसर्स इस्तेखार कारपेट तथा मेसर्स बृजेश दरी एवं कारपेट हाल नंबर-9 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। वहीं मेसर्स परी हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स आरएस हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स नंदिनी हैंडीक्राफ्ट तथा मेसर्स चैंपियन ट्रेडर्स हाल नंबर-10 में उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। मेसर्स वन पैलेस ऑफ रग्स हाल नंबर-14 और मेसर्स आर्टलाइन क्रिएशन हाल नंबर-15 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।</p><p><br></p><p>उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार की एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना मीरजापुर के कालीन उद्योग के लिए 'संजीवनी' साबित हुई है। ओडीओपी के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं और आर्थिक सहायता से कालीन कारोबार को प्रोत्साहन मिला है। कारोबार में वृद्धि का सकारात्मक असर कालीन बुनकरों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही पारंपरिक कालीन निर्माण से जुड़े परिवारों को भी इसका लाभ मिल रहा है।</p><p><br></p><p><b>विदेशी मेहमान चखेंगे लाल पेड़ा और बालूशाही का स्वाद:</b></p><p><br></p><p>उन्होंने बताया कि एक जिला, एक व्यंजन (ओडीओसी) के तहत मीरजापुर के लाल पेड़ा और बालूशाही जैसे प्रसिद्ध स्थानीय उत्पादों को भी इंटरनेशनल ट्रेड शो में वैश्विक मंच मिलेगा। ओम मिष्ठान भंडार और गुरुकृपा स्वीट्स हाल नंबर-16 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। ट्रेड शो में शामिल होने वाले विदेशी मेहमान मीरजापुर के प्रसिद्ध लाल पेड़े और बालूशाही का स्वाद भी चख सकेंगे। उपायुक्त ने बताया कि स्थानीय कालीनों के साथ मीरजापुर की पारंपरिक मिठाइयों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुति से जिले के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध होने की उम्मीद है। इंटरनेशनल ट्रेड शो के माध्यम से मीरजापुर की हस्तशिल्प और खाद्य उत्पादों की पहचान देश वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय कारोबारियों, बुनकरों और कारीगरों को नए ग्राहक और बाजार मिलने के साथ ही जिले की पारंपरिक कला एवं उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मीरजापुर के कालीन कारोबार को मिलेगी वैश्विक पहचान ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/upits-2026-up-dairy-fisheries-sector-global-market-6532 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपीआईटीएस 2026 : डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को मिलेगा वैश्विक बाजार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/upits-2026-up-dairy-fisheries-sector-global-market-6532 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 22 Sep 2026 18:20:36 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 में प्रदेश के डेयरी व मत्स्य क्षेत्र की उपलब्धियों, संभावनाओं और उद्यमिता की नई तस्वीर देखने को मिलेगी। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इं ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 में प्रदेश के डेयरी व मत्स्य क्षेत्र की उपलब्धियों, संभावनाओं और उद्यमिता की नई तस्वीर देखने को मिलेगी। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो में मत्स्य एवं डेयरी को प्रमुख फोकस सेक्टर के रूप में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की विविध क्षमताओं को देश-विदेश के खरीदारों, निवेशकों और कारोबारियों के सामने प्रस्तुत करना है।</span></p><p><br></p><p><br></p><p><b>बड़े बाजार से जुड़ेंगे डेयरी और मत्स्य क्षेत्र के स्टेकहोल्डर्स:</b></p><p><br></p><p>डेयरी और मत्स्य क्षेत्र प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्वरोजगार से सीधे जुड़े हैं। ट्रेड शो में इन क्षेत्रों से संबंधित सरकारी योजनाओं, उत्पादों, सेवाओं, तकनीकों और उद्यमिता के अवसरों को व्यापक मंच मिलेगा। इससे किसानों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, स्वयं सहायता समूहों व उद्यमियों को अपने कार्य और उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने का अवसर मिलेगा।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, पैकेजिंग और विपणन में विकसित होंगे उद्यमिता के अवसर:</b></p><p><br></p><p>मत्स्य क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने के साथ आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन, प्रसंस्करण और विपणन की संभावनाओं को भी सामने लाया जाएगा। यूपीआईटीएस 2026 में मछली पालन, इससे जुड़े उत्पादन, फीड, प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, पैकेजिंग और विपणन जैसे क्षेत्रों में उद्यमिता के अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे मत्स्य पालकों और उद्यमियों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।</p><p><br></p><p>इसी तरह पशुधन, पशु स्वास्थ्य, दुग्ध उत्पादन और इससे जुड़े व्यवसायों की पूरी श्रृंखला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है। ट्रेड शो के माध्यम से इन गतिविधियों में उपलब्ध संभावनाओं और कारोबार के अवसरों को भी व्यापक बाजार के सामने रखने का प्रयास किया जाएगा।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>एक मंच पर प्रदर्शित होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की विविधता:</b></p><p><br></p><p>यूपीआईटीएस में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, घरेलू बी2बी खरीदारों, घरेलू बी2सी ग्राहकों के माध्यम से मत्स्य व डेयरी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों और सेवाओं को नए खरीदारों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। डेयरी और मत्स्य विभाग की सरकारी योजनाओं एवं नीतियों के साथ निजी क्षेत्र, उद्यमियों, निवेशकों, निर्यातकों और खरीदारों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। मत्स्य और पशुपालन जैसे कृषि-संबद्ध क्षेत्रों की भागीदारी से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ताकत और विविधता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, पैकेजिंग, विपणन और बाजार तक पूरी वैल्यू चेन में नए कारोबारी संपर्क विकसित होने की संभावनाएं बनेंगी।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपीआईटीएस 2026 : डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को मिलेगा वैश्विक बाजार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-police-special-32-crime-scene-management-forensic-training-6528 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी में अपराधियों पर और कसेगा शिकंजा, ‘स्पेशल 32’ संभालेंगे क्राइम सीन मैनेजमेंट ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-police-special-32-crime-scene-management-forensic-training-6528 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 22 Sep 2026 17:53:50 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ अब और सख्ती की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को अब वैज्ञानिक जांच की धार देने की कवायद शुरू की गई है। अपराध क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ अब और सख्ती की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को अब वैज्ञानिक जांच की धार देने की कवायद शुरू की गई है। अपराध के बाद घटनास्थल पर छूटे साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक तरीके से जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस के ‘स्पेशल 32 अफसर’ तैयार किए जा रहे हैं। छह बैच में 100-100 अफसरों को 40 दिन का प्रशिक्षण दिए जाने के बाद चयनित इन 32 अधिकारियों को अब फॉरेंसिक साइंस और क्राइम सीन मैनेजमेंट में मास्टर ट्रेनिंग दी जा रही है। आगे इनकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल सभी 75 जिलों में पुलिस की क्राइम सीन मैनेजमेंट क्षमता को मजबूत करने में किया जाएगा।</span></p><p><br></p><p><br></p><p>अब वैज्ञानिक तरीके से घटनास्थल को सुरक्षित कर छोटे से छोटे साक्ष्य की पहचान के जरिए जांच को मजबूत आधार मिलेगा। इसके साथ ही अपराधियों के खिलाफ तेजी से सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। इसी सोच के साथ उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट आफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS), लखनऊ में 32 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनिंग के जरिए विशेष रूप से तैयार कर रहा है। प्रशिक्षण में कृत्रिम घटनास्थल तैयार कर अधिकारियों की व्यावहारिक दक्षता भी परखी जाएगी।</p><p><br></p><p><b>600 की ट्रेनिंग से चुने गए ‘स्पेशल अफसर’:</b></p><p><br></p><p>छह बैच में 100-100 पुलिस अधिकारियों को पहले ही 40 दिन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इन अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में अन्य पुलिसकर्मियों को भी प्रशिक्षित किया। अब इन्हीं प्रशिक्षित अधिकारियों में से चयनित टॉप 32 अफसरों को फॉरेंसिक और क्राइम सीन मैनेजमेंट में विशेषज्ञता के अगले स्तर तक ले जाया जा रहा है। यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि यह स्पेशल ट्रेनिंग उन पुलिस अधिकारियों को दी जा रही है, जो प्रशिक्षण के दौरान टॉप पर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार पुलिस अधिकारियों की व्यावहारिक दक्षता को और बेहतर किया जाएगा। इसके लिए कृत्रिम घटनास्थल तैयार कर उनकी क्षमता का परीक्षण भी किया जाएगा।</p><p><br></p><p><b>क्राइम सीन मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत : डॉ. जीके गोस्वामी:</b></p><p><br></p><p>डॉ. गोस्वामी ने कहा कि आपराधिक जांच में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए क्राइम सीन मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से यूपीएसआईएफएस ने हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग की पहल की है। फॉरेंसिक साइंस और क्राइम सीन मैनेजमेंट की मास्टर ट्रेनिंग में व्यावहारिक अनुभव यानी एक्सपीरिएंशियल लर्निंग पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों के लेक्चर के साथ हैंड्स-ऑन सेशन के जरिए अधिकारियों को विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।</p><p><br></p><p><b>हर सुराग की होगी वैज्ञानिक पड़ताल:</b></p><p><br></p><p>प्रशिक्षण में घटनास्थल से तलाशी और जब्ती के नियम, क्राइम सीन नोट्स, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, पहचान और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया पर फोकस किया जा रहा है। फिंगरप्रिंट और खून के नमूने जैसे साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से पहचानने और सुरक्षित रूप से एकत्र करने की बारीकियां भी सिखाई जा रही हैं। इसका उद्देश्य यह है कि घटनास्थल पर मौजूद महत्वपूर्ण साक्ष्य अनदेखे न रह जाएं और उन्हें सही तरीके से संरक्षित कर आगे की विवेचना में इस्तेमाल किया जा सके। इससे जांच को साक्ष्य आधारित मजबूत आधार मिलने की संभावना बढ़ेगी।</p><p><br></p><p><b>दिन हो या रात, हर क्राइम सीन की तैयारी:</b></p><p><br></p><p>प्रशिक्षण में दिन और रात के अलग-अलग समय तथा विभिन्न स्थानों पर क्राइम सीन समेत व्यावहारिक जानकारी भी दी जा रही है। इसके अलावा वास्तविक घटनास्थल पर आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को फील्ड वर्क का महत्व समझाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों को ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए भी तैयार किया जा रहा है, जहां अपराध के साक्ष्य नष्ट करने, साक्ष्य छिपाने या गलत जानकारी देने का प्रयास किया जा सकता है। इसके जरिए घटनास्थल को सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर है।</p><p><br></p><p><b>‘स्पेशल 32’ बनेंगे विशेषज्ञ कड़ी:</b></p><p><br></p><p>छह बैच में प्रशिक्षित 600 अफसरों के बाद अब 32 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनिंग देने से प्रशिक्षण व्यवस्था को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी है। इनकी विशेषज्ञता का लाभ आगे जिलों में क्राइम सीन मैनेजमेंट से जुड़े अन्य पुलिस अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने में लिया जा सकेगा। इस पूरी कवायद का बड़ा उद्देश्य अपराध की जांच में घटनास्थल, सुराग, वैज्ञानिक साक्ष्य और विवेचना के बीच की कड़ी को मजबूत करना है। साक्ष्यों का बेहतर संरक्षण और वैज्ञानिक तरीके से संग्रह जांच को बेहतर आधार देगा और न्यायिक प्रक्रिया में तथ्य प्रस्तुत करने की गुणवत्ता को भी मजबूत करेगा।</p><p><br></p><p><b>जीरो टॉलरेंस को मिलेगी वैज्ञानिक जांच की धार:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ पुलिस की जांच व्यवस्था को भी लगातार मजबूत करने पर जोर है। प्रदेशवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली व्यवस्था में गंभीर अपराधों के घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने और उनकी वैज्ञानिक जांच की क्षमता महत्वपूर्ण है। ‘स्पेशल 32’ इसी व्यवस्था की विशेषज्ञ कड़ी होंगे। इनका प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इनके अनुभव और विशेषज्ञता का इस्तेमाल व्यापक पुलिस प्रशिक्षण में किया जाएगा, जिससे 75 जिलों में क्राइम सीन मैनेजमेंट और वैज्ञानिक विवेचना की क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में काम आगे बढ़ सकेगा।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी में अपराधियों पर और कसेगा शिकंजा, ‘स्पेशल 32’ संभालेंगे क्राइम सीन मैनेजमेंट ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-teacher-appointment-letters-selected-candidates-6526 ]]></guid><title><![CDATA[ नियुक्ति पाने वालों से पैसे मांगने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा: सीएम योगी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-teacher-appointment-letters-selected-candidates-6526 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 22 Sep 2026 17:39:55 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए कहा कि अब को ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ: </b>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए कहा कि अब कोई सैफई सिंडिकेट प्रतिभावान छात्रों के हितों पर डकैती डालने का दुस्साहस नहीं कर सकता। इसीलिए उत्तर प्रदेश पुलिस में अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को आयोग और बोर्डों की दिशा-दशा सुधारने का दायित्व दिया गया है। पहले युवाओं को उनके अधिकार से वंचित कर दिया जाता था। लेकिन, अब नियुक्ति पाने वाले किसी भी अभ्यर्थी से पैसे की मांग करने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा। आज का कार्यक्रम केवल नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा से जुड़े चारों स्तंभ, सहायक अध्यापक, प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य को एक साथ जोड़ने वाला विशेष अवसर है। यहां 3,567 लोगों का चयन कर उनके हाथों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने का महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया है।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><br></p><p><b>हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, वे गिनते जाएं:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं और पिछले एक सप्ताह में वह 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर चुके हैं। पिछले नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। हमने सैफई सिंडिकेट से कहा है कि हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, वे गिनते जाएं। सीएम ने तंज कसा कि यदि गिनती नहीं आती हो तो शिवपाल जी के सानिध्य में बैठ जाएं, बहुत अच्छी गिनती सीख जाएंगे।&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>2015-16 में घूसखोरी का शिकार बने युवा का सपना साकार:</b></span></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने हाल में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले एक नौजवान के इंटरव्यू का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस युवक की आंखों में आंसू भरे थे और उसने बताया कि 2015-16 में भी उसने इस पद के लिए आवेदन किया था। उससे आठ लाख रुपये की मांग की गई थी। वह खेत बेचकर पैसा लेकर आया, लेकिन तब तक उससे अधिक पैसा देने वाला दूसरा व्यक्ति आ गया और वह नौकरी से वंचित रह गया। आज उसका सपना साकार हुआ है और जिस पद के लिए उसने आवेदन किया था, उसी पद पर उसे नियुक्ति मिल गई है। पूरी प्रक्रिया निरस्त की गई और उस युवा को नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ।&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p><b>किसी ने लेनदेन की बात की तो जेल में सड़ेगा:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा सभी शिक्षकों को दी है। यह सुविधा शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी दी गई है। बेसिक शिक्षा में रसोइयों, शिक्षामित्रों और अन्य संबंधित कर्मियों को भी इसका लाभ दिया गया है, जिससे वे निश्चिंत होकर कार्य कर सकें। किसी भी शिक्षक को ज्वाइनिंग में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। यदि किसी प्रबंधक की कोई जिज्ञासा है तो वह शासन के समक्ष उपलब्ध कराए, लेकिन नियुक्ति पत्र प्राप्त होने के बाद यदि किसी प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता या शिक्षक से किसी ने लेनदेन की बात की तो उसे जेल में सड़ना पड़ेगा। हमें सख्त सख्त कार्रवाई पर मजबूर होना पड़ेगा।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ साल में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। अगले छह महीने के अंदर एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रहे हैं। जब लोग परिणाम पूछते हैं तो मैं कहता हूं कि परिणाम यह है कि जो उत्तर प्रदेश नौ वर्ष पहले बीमारू राज्य कहा जाता था, आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बना हुआ है। बॉटम फाइव से टॉप-थ्री में आया है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता मिली है। यही युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा किया गया था:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी के नौजवानों के लिए पूरी दुनिया खुली है। जिन लोगों ने उनके सामने पहचान का संकट खड़ा किया था, वे यहां नौकरी देते नहीं थे और दुनिया ‘यूपी वाला’ कहकर हमारे युवाओं को शक की निगाहों से देखती थी। जिनके कारनामों से प्रदेश थर्राता था, वही लोग आज उपदेश देते फिर रहे हैं। आज नियुक्ति पाने वालों में बहुत से ऐसे होंगे जिन्होंने पहली बार प्रतियोगी परीक्षा दी होगी। कई ऐसे भी होंगे जिन्हें पहले अवसर नहीं मिला होगा। यदि किसी ने पहली बार प्रतियोगी परीक्षा दी है तो स्वाभाविक रूप से दस वर्ष पहले उसकी उम्र 13 से 16-17 वर्ष के बीच रही होगी। उस उम्र में बच्चा मां-बाप पर ज्यादा आश्रित रहता है और माता-पिता उसकी हर जरूरत पूरी करने में योगदान देते हैं। ऐसे बच्चों को यह बताने की आवश्यकता है कि 2017 के पहले क्या होता था। परीक्षा कोई देता था और नियुक्ति पत्र उसे दिया जाता था, जिसने फॉर्म तक नहीं भरा होता था। यह अराजकता, बेईमानी और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा थी।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>एक शिक्षक 100 छात्रों से संवाद करे तो 3,567 शिक्षक 3.5 लाख से अधिक बच्चों का मार्गदर्शन करेंगे:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि एक शिक्षक प्रतिवर्ष 100 छात्रों के साथ इंटरेक्शन करता है तो 3,567 शिक्षक एक वर्ष में 3.5 लाख से अधिक बच्चों के साथ संवाद और उनका मार्गदर्शन करेंगे। बच्चों को गाइड करना, उनका मार्गदर्शन करना ही नए भारत की आधारशिला है। भारत तब विश्वगुरु था, जब वह दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का संचालन करता था। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय भारत की धरोहर रहे हैं। यह धरोहर पहले से मौजूद है, केवल उसे पहचानने और जानने की आवश्यकता है। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर दे सकती है, लेकिन उस इंफ्रास्ट्रक्चर पर गति कैसे होनी चाहिए, यह शिक्षक द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी तय करेगा। सरकार उद्योग लगाने का माहौल दे सकती है और उद्योग लगाने में मदद कर सकती है, लेकिन वह उद्योग इनोवेशन और रोजगार का आधार बनेगा या नहीं, यह प्रशिक्षित छात्र तय करेंगे। सरकार लैब बना सकती है, लेकिन वह लैब बेहतरीन शोध का आधार बने और छात्र उसके योग्य बनें, यह शिक्षक द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी तय करेंगे। जब यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, तभी आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना पूरी होगी।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>श्रीराम, कृष्ण, चाणक्य से लेकर मालवीय और कलाम तक, गुरु की भूमिका रही विशिष्ट:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नियुक्ति पाने वाले सभी लोग एक बड़े और पवित्र अभियान के साथ जुड़ रहे हैं। उन्होंने श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके जीवन में पग-पग पर ऐसी परिस्थितियां आईं, जहां गुरु की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पहले गुरु वशिष्ठ का सानिध्य मिला। गुरुकुल में रहकर भगवान राम ने अपने अनुजों के साथ जीवन के बारे में जाना और गुरु विश्वामित्र के सानिध्य में आने पर जीवन का उद्देश्य समझा तथा दिव्य अस्त्र-शस्त्र का ज्ञान प्राप्त किया। राम मर्यादा के आदर्श हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। जब यही गुरुतर दायित्व महर्षि वाल्मीकि के हाथों में आया तो उन्होंने वाल्मीकि रामायण के माध्यम से इसे आगे बढ़ाया। उत्तर और दक्षिण को जोड़ने का दायित्व जब महर्षि अगस्त्य के सामने आया तो उन्होंने भी उस कार्य को पूरा किया। चाणक्य का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के आचार्य थे, लेकिन भारत के सामने मौजूद संकटों और विभाजित राजनीतिक ताकतों को देखकर उन्हें लगा कि केवल इससे काम नहीं चलेगा। किसी चंद्रगुप्त को तैयार करना होगा और उन्होंने पाटलिपुत्र में वह साम्राज्य खड़ा कर दिया।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>धरनारत बच्चों के लिए एनसीटीई को पत्र लिखने का निर्देश:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति का समाज में योगदान है, लेकिन शिक्षक की भूमिका अन्य से भिन्न है। एक प्रशासनिक अधिकारी अपने प्रशासनिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर सकता है, लेकिन वह अच्छा शिक्षक नहीं हो सकता। पुलिस अधिकारी अपने कार्यों के माध्यम से लोगों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा कर सकता है, लेकिन शिक्षक होने के लिए उसे भी सीखना पड़ता है। मैंने माध्यमिक शिक्षा मंत्री से कहा है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को पत्र लिखा जाए। प्रयागराज में कुछ युवा धरने पर बैठे हैं। एक बार के लिए उन बच्चों के लिए रिलैक्सेशन किया जाए अथवा ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि एक समय के बाद वे बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में अपीयर हो सकें। कोई एक सिस्टम तैयार किया जाना चाहिए। जड़ता की शिकार व्यवस्था नौजवानों के हौसलों को रोकने का काम करती है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>9 साल में शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा दोनों की स्थिति बहुत बदहाल थी। बेसिक शिक्षा में जर्जर भवन थे, टॉयलेट की व्यवस्था नहीं थी, पेयजल की व्यवस्था नहीं थी। स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी की बात तो दूर थी। बच्चों के लिए यूनिफॉर्म की भी व्यवस्था नहीं थी। ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण भारत के तहत बेसिक शिक्षा परिषद में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। सैचुरेशन के टारगेट को 36 प्रतिशत से बढ़ाकर 96 प्रतिशत करने में सफलता मिली है। माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत अब तक 2,300 से अधिक विद्यालयों के नए भवन बने हैं और नया इंफ्रास्ट्रक्चर आया है। अच्छी लैब, लाइब्रेरी और क्लासरूम बनाए गए हैं।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी व अटल टिंकरिंग लैब से बच्चों को मिलेगा नया वातावरण:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और अच्छी लैबोरेटरी होगी तो बच्चे उससे प्रभावित होंगे। विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब बन रही हैं। औद्योगिक घरानों के साथ मिलकर स्किल डेवलपमेंट के नए-नए कार्यक्रम भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं। यह काम 2017 के पहले भी हो सकता था, लेकिन रुचि का अभाव था। सरकार का विजन नहीं था और करने की इच्छाशक्ति नहीं थी। अपना एक सीमित एजेंडा था और उस सीमित एजेंडे के साथ यूपी के युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ होता था।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>2047 के भारत का नेतृत्व करने वाली पीढ़ी को तैयार करेंगे शिक्षक:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के सामने 2047 का लक्ष्य रखा है। आज जो नौजवान 13, 14 या 15 वर्ष का है, उसकी उम्र तब 33 से 38 वर्ष के बीच होगी। यही वर्ग उस समय भारत को नेतृत्व देने वाला होगा। कोई डॉक्टर बनेगा, कोई इंजीनियर, कोई सोशल वर्कर, कोई शिक्षक और कोई साइंटिस्ट। अलग-अलग क्षेत्रों में जाने वाले ये छात्र भारत को नेतृत्व देंगे और आगे बढ़ाने में योगदान करेंगे। कभी उन्हें स्मरण करना हो तो उनकी स्मृति में शिक्षक की तस्वीर होनी चाहिए। छात्र को यह भाव होना चाहिए कि आप उसके निर्माता हैं और आपके प्रति उसके मन में श्रद्धा हो। यह गुरुतर दायित्व शिक्षक को निभाना होगा। एक प्रिंसिपल का काम केवल विद्यालय का अनुशासन बनाए रखना नहीं है, बल्कि विद्यालय को छात्र की जिज्ञासा का केंद्र बनाना भी है। इसके लिए सकारात्मक वातावरण और परिस्थितियां पैदा करनी होंगी।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>छात्रों को नकारात्मकता से बचाना और महापुरुषों से परिचित कराना भी शिक्षक का दायित्व:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि एक शिक्षक को सदैव शिक्षक की भूमिका में रहना चाहिए। समाज को बांटने वाले बहुत लोग होंगे। ऐसे लोगों से छात्रों को सावधान कराना भी शिक्षा का दायित्व होना चाहिए। बच्चों को पाठ्यक्रम के अलावा महापुरुषों की जीवनी के बारे में भी बताया जाए। देश और दुनिया में प्रतिदिन घटित होने वाली घटनाओं की जानकारी से अपडेट किया जाए। यह उनके जनरल नॉलेज के लिए भी उपयोगी होगा।</p><p><br></p><p><br></p><p>इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रशांत कुमार, सचिव माध्यमिक शिक्षा किंजल सिंह एवं माध्यमिक शिक्षा के अधिकारीगण उपस्थित रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ नियुक्ति पाने वालों से पैसे मांगने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा: सीएम योगी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ayodhya-ram-temple-donation-theft-105-cctv-sit-chargesheet-6507 ]]></guid><title><![CDATA[ राम मंदिर चंदा चोरी मामला: 70 नहीं, 105 बार CCTV में कैद हुई कथित चोरी, जयराम रमेश ने 25 सितंबर की डेडलाइन पर उठाए सवाल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ayodhya-ram-temple-donation-theft-105-cctv-sit-chargesheet-6507 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 22 Sep 2026 11:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने जांच और चार्जशीट दाखिल करने की समयसीमा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मंदिर के सीसी ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने जांच और चार्जशीट दाखिल करने की समयसीमा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मंदिर के सीसीटीवी फुटेज में कथित चोरी की घटनाएं पहले बताए गए 70 मामलों के बजाय 105 बार सामने आई हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">हालिया रिपोर्टों के अनुसार, SIT ने सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और दान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद 105 कथित चोरी की घटनाओं की पहचान की है। इससे पहले प्रारंभिक जांच में करीब 70 मामलों का उल्लेख किया गया था।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मामले में सुप्रीम कोर्ट को सोमवार को बताया गया कि विशेष जांच दल (SIT) 25 सितंबर तक अपनी पहली चार्जशीट दाखिल करेगा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि पहली गिरफ्तारी से 90 दिनों की वैधानिक अवधि 25 सितंबर को पूरी हो रही है और इसी वजह से उससे पहले चार्जशीट दाखिल की जाएगी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इसका महत्व इसलिए भी है क्योंकि 90 दिनों की अवधि के बाद आरोपी वैधानिक या डिफॉल्ट जमानत के लिए पात्र हो सकते हैं, यदि कानून के तहत निर्धारित शर्तें पूरी होती हैं।</span></p><h5 class=""><b>जयराम रमेश ने क्या कहा?</b></h5><p>जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जांच पूरी होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन प्रमुख आरोपियों के खिलाफ अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चार्जशीट में देरी से मामले के कथित मुख्य आरोपियों को फायदा हो सकता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">रमेश ने यह भी सवाल उठाया कि क्या जांच में किसी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मामले में पारदर्शी जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और कहा कि मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन और व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। ये उनके राजनीतिक आरोप और मांगें हैं; इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि को अलग से देखा जाना जरूरी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;चंदा चोरी, आस्था धोखा&lt;br&gt;&lt;br&gt;देखो ओ बीजेपी वालो, तुम ये काम न करो,&lt;br&gt;राम का नाम बदनाम न करो, बदनाम न करो!&lt;br&gt;&lt;br&gt;अयोध्या के भगवान श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में जांच शुरू हुए तीन महीने पूरे होने में सिर्फ तीन दिन शेष हैं, लेकिन शर्मनाक बात है कि अभी तक आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट… &lt;a href="https://t.co/4iFCyasPN4"&gt;pic.twitter.com/4iFCyasPN4&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) &lt;a href="https://x.com/Jairam_Ramesh/status/2102246712865898523?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>70 से 105 तक कैसे पहुंचा आंकड़ा?</b></h5><p>जून-जुलाई में सामने आई प्रारंभिक SIT जांच में करीब 70 कथित चोरी की घटनाओं का उल्लेख था। उस रिपोर्ट के अनुसार 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में नकदी को कथित तौर पर छिपाने के कई मामले सामने आए थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बाद की जांच में SIT ने अधिक फुटेज और दूसरे रिकॉर्ड की समीक्षा की। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, इसी विस्तृत जांच में कथित चोरी की घटनाओं की संख्या 105 तक पहुंची।</span></p><h5 class=""><b>सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच</b></h5><p class="grey-bg-red"><i><b>मामले की जांच SIT कर रही है और सुप्रीम कोर्ट में इसकी प्रगति की जानकारी दी गई है। अदालत ने जांच में पारदर्शिता और तेजी पर जोर दिया है। ताजा स्थिति रिपोर्ट भी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश की गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया गया कि मंदिर को दान में मिली चांदी की ईंटें सुरक्षित और हिसाब में दर्ज हैं। यानी दान की कथित चोरी से जुड़े सभी दावों को एक ही श्रेणी में रखना उचित नहीं होगा; जांच अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही है।</span></b></i></p><h5 class=""><b>अब 25 सितंबर पर टिकी नजर</b></h5><p>फिलहाल मामले में सबसे अहम तारीख 25 सितंबर है। इसी दिन 90 दिनों की वैधानिक अवधि पूरी होने की बात सुप्रीम कोर्ट को बताई गई है और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इसी तारीख तक पहली चार्जशीट दाखिल करने का आश्वासन दिया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">चार्जशीट दाखिल होने के बाद जांच में सामने आए आरोप, साक्ष्य और आरोपियों की कथित भूमिकाओं की विस्तृत जानकारी न्यायिक प्रक्रिया में सामने आ सकती है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ राम मंदिर चंदा चोरी मामला: 70 नहीं, 105 बार CCTV में कैद हुई कथित चोरी, जयराम रमेश ने 25 सितंबर की डेडलाइन पर उठाए सवाल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-meerut-opposition-dynastic-politics-casteism-6501 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर हमला, बोले- राजनीति परिवारवाद और जातिवाद से ग्रस्त रही ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-meerut-opposition-dynastic-politics-casteism-6501 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 21 Sep 2026 18:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मेरठ,&nbsp;उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मेरठ में आयोजित शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में विपक्षी दलों पर परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">मेरठ,&nbsp;</span>उत्तर प्रदेश</b><span style="font-size: 1rem;"><b>:</b> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मेरठ में आयोजित शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में विपक्षी दलों पर परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि BJP ने राजनीति के सामने ‘राष्ट्र प्रथम’ की अलग सोच रखी है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लंबे समय तक देश की राजनीति परिवारवाद और जातिवाद जैसी प्रवृत्तियों से प्रभावित रही। उनके मुताबिक, कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगियों ने राजनीति को परिवार के हितों और निजी लाभ का माध्यम बनाया।</span></p><p>उन्होंने BJP के संगठनात्मक ढांचे में शक्ति केंद्र संयोजकों की भूमिका पर भी बात की और कहा कि संगठन के स्तर पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी चुनावी गतिविधियों के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति भी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने BJP के राजनीतिक दृष्टिकोण को ‘राष्ट्र प्रथम’ बताते हुए कहा कि उनके लिए राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का जरिया है।</span></p><h5 class=""><b>‘मुझे क्या’ वाली सोच पर भी निशाना</b></h5><p>योगी ने अपने संबोधन में ‘मुझे क्या’ वाली मानसिकता की आलोचना करते हुए इसे ‘मंथरा-बुद्धि’ बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच व्यक्ति के साथ-साथ समाज को भी प्रभावित करती है और लोगों को सामाजिक जिम्मेदारियों से दूर कर सकती है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को व्यक्ति से ऊपर, समाज को संगठन से ऊपर और राष्ट्र को समाज से ऊपर रखने की अपील की।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&amp;quot;Politics was plagued by dynasties, casteism&amp;quot;: CM Yogi takes swipe at opposition parties&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story I &lt;a href="https://t.co/dDk4FjqWHi"&gt;https://t.co/dDk4FjqWHi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Yogi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Yogi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Casteism?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Casteism&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/UP?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UP&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/AxuGnznrZB"&gt;pic.twitter.com/AxuGnznrZB&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2102005170792173723?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>2014 के बाद बदलाव का दावा</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद देश में आए बदलाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी विरासत पर गर्व करने और विकास की अपनी गति तय करने वाला देश बन रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">योगी ने काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में राम मंदिर को ऐसे कार्यों के उदाहरण के तौर पर पेश किया, जिन्हें पहले कठिन या असंभव माना जाता था। उन्होंने मथुरा-वृंदावन में विकास कार्यों और शुकतीर्थ के पुनरुद्धार का भी उल्लेख किया।</span></p><h5 class=""><b>2017 के बाद UP की बदली पहचान का दावा</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की स्थिति को लेकर अपनी सरकार के कामकाज का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 से पहले राज्य को ‘BIMARU’ राज्यों में गिना जाता था और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की स्थिति खराब थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान करीब 9.5 लाख सरकारी नौकरियां दी गईं। साथ ही उन्होंने One District One Product (ODOP) योजना के जरिए पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर पैदा करने की बात कही।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने मेरठ के उत्पाद, आगरा के पेठे और मुजफ्फरनगर के गुड़ सहित स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग का भी उल्लेख किया।</span></i></b></p><h5 class=""><b>एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल और औद्योगिक परियोजनाओं का जिक्र</b></h5><p>योगी ने उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास से जुड़ी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर खेल विश्वविद्यालय, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और सेमीकंडक्टर इकाइयों का जिक्र किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल फोन उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़ने का भी दावा किया।</span></p><h5 class=""><b>जाति के आधार पर महापुरुषों को बांटने से बचने की अपील</b></h5><p class="blue-bg-white"><b><i>मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को जातिगत आधार पर समाज को विभाजित करने की कोशिशों से सावधान रहने को कहा। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को किसी एक जाति तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुष पूरे समाज और राष्ट्र की विरासत हैं।</span></i></b></p><h5 class=""><b>2027 विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां</b></h5><p>योगी आदित्यनाथ का यह बयान उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आया है। कार्यक्रम में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने BJP कार्यकर्ताओं से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ काम करने और संगठन के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर हमला, बोले- राजनीति परिवारवाद और जातिवाद से ग्रस्त रही ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-politics-ai-war-akhilesh-yadav-blue-colour-row-6495 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी में AI से लेकर ‘नीले’ रंग तक सियासी घमासान, अखिलेश ने BJP पर साधा निशाना ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-politics-ai-war-akhilesh-yadav-blue-colour-row-6495 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 21 Sep 2026 16:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच डिजिटल प्रचार और प्रतीकों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को भारत ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश: </b>उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच डिजिटल प्रचार और प्रतीकों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कथित तौर पर जनरेटिव AI के दुरुपयोग का आरोप लगाया। वहीं, SP की राजनीति में ‘नीले’ रंग के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर भी बहस जारी है।</span></p><p>लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा, “AI का इस्तेमाल रचनात्मक कामों के लिए होना चाहिए, गलत कामों के लिए नहीं।” उन्होंने आरोप लगाया कि BJP AI का इस्तेमाल राजनीतिक हमलों और नकारात्मक प्रचार के लिए कर रही है।</p><h5 class=""><b>AI वीडियो और गानों को लेकर बढ़ा विवाद</b></h5><p>अखिलेश यादव की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में AI से तैयार वीडियो और गीतों को लेकर दोनों प्रमुख दलों के समर्थक खेमों के बीच सोशल मीडिया पर गतिविधियां बढ़ी हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">रिपोर्ट के अनुसार, BJP से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल्स पर AI से तैयार एक वीडियो प्रसारित हुआ, जिसमें पूर्वांचल सहित कुछ क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के चुनावी प्रदर्शन को लेकर कथित चिंता दिखाई गई। इसके अलावा BJP समर्थक प्लेटफॉर्म्स से एक व्यंग्यात्मक AI गीत भी प्रसारित किया गया, जिसमें पिछली सपा सरकार पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा गया।</span></p><p>इसके जवाब में सपा समर्थक नेटवर्क की ओर से भी AI-जनरेटेड वीडियो प्रसारित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कथित तौर पर प्रशासनिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को स्वीकार करते हुए दिखाया गया। दोनों पक्षों से जुड़े राजनीतिक नेटवर्क इन डिजिटल सामग्रियों को प्रसारित कर रहे हैं, जबकि उनकी आधिकारिक जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;“AI should be used for constructive purposes, not wrongdoing”: Akhilesh Yadav slams BJP as visual propaganda, colour war escalates ahead of 2027 UP polls &lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/pyDAIsbUvE"&gt;https://t.co/pyDAIsbUvE&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/AI?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#AI&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/AkhileshYadav?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#AkhileshYadav&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/BJP?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#BJP&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/UPPolls?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPPolls&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/N3WFAAiCmJ"&gt;pic.twitter.com/N3WFAAiCmJ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2101964947987353988?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>अखिलेश ने महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया</b></h5><p>अखिलेश यादव ने AI आधारित राजनीतिक प्रचार को लेकर BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, निवेश और आवारा पशुओं जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर पर्याप्त काम नहीं हुआ है और डिजिटल माध्यमों से होने वाला राजनीतिक प्रचार जनता का ध्यान मूल समस्याओं से हटाने की कोशिश है। ये आरोप सपा प्रमुख के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।</span></p><h5 class=""><b>‘नीले’ रंग को लेकर भी सियासत तेज</b></h5><p>AI विवाद के साथ ही सपा की राजनीति में नीले रंग के इस्तेमाल को लेकर भी चर्चा तेज है। हाल के दिनों में अखिलेश यादव नीले गमछे/स्कार्फ में नजर आए हैं और सपा की छात्रसभा के नए परिधान में भी नीले रंग को जगह दी गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव से जब नीले रंग को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सपा का पारंपरिक रंग लाल है। साथ ही उन्होंने नीले रंग को भारतीय संविधान, स्वतंत्रता और डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा से जोड़ते हुए इसका बचाव किया।</span></p><p>सपा की पारंपरिक पहचान लाल और हरे रंग से जुड़ी रही है, जबकि नीला रंग उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से बहुजन और आंबेडकरवादी राजनीति का प्रमुख प्रतीक माना जाता है। इस वजह से सपा के नीले रंग के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है।</p><h5 class=""><b>मायावती ने SP पर साधा निशाना</b></h5><p class="blue-bg-white"><b><i>बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने सपा के नीले रंग के इस्तेमाल पर पहले ही सवाल उठाए थे। 11 सितंबर को उन्होंने कहा था कि केवल नीला रंग अपनाने, नीला गमछा पहनने या मंच पर नीला कपड़ा लगाने से कोई पार्टी आंबेडकरवादी नहीं बन जाती।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">21 सितंबर को मायावती ने एक बार फिर सपा के ‘PDA रथ’ और उसके रंगों को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने सपा के चुनावी प्रतीकों और PDA की राजनीति को लेकर सवाल उठाए तथा BSP को आंबेडकरवादी राजनीति से जोड़कर अपनी स्थिति रखी।</span></i></b></p><h5 class=""><b>चुनावी प्रचार में AI के इस्तेमाल पर ECI की नजर</b></h5><p>AI और डीपफेक से जुड़े राजनीतिक विवाद के बीच चुनाव आयोग की पुरानी एडवाइजरी भी महत्वपूर्ण है। आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को AI से तैयार या डिजिटल रूप से बदली गई सामग्री को स्पष्ट रूप से लेबल करने की सलाह दी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आयोग ने यह भी कहा है कि चुनाव प्रचार में डीपफेक ऑडियो-वीडियो, भ्रामक और स्पष्ट रूप से झूठी सामग्री के प्रसार से बचना चाहिए। 2024 में आयोग ने पार्टियों को ऐसी सामग्री की जानकारी मिलने के बाद उसे तीन घंटे के भीतर हटाने के निर्देश भी दिए थे।</span></p><p>उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले AI आधारित डिजिटल प्रचार, सोशल मीडिया अभियान और राजनीतिक प्रतीकों को लेकर यह बहस आने वाले महीनों में और तेज होने की संभावना है। हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी AI वीडियो या सामग्री की प्रामाणिकता और उसके आधिकारिक स्रोत की स्वतंत्र पुष्टि करना जरूरी होगा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी में AI से लेकर ‘नीले’ रंग तक सियासी घमासान, अखिलेश ने BJP पर साधा निशाना ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-up-women-safety-police-law-order-6467 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी में कानून-व्यवस्था पर CM योगी का बड़ा बयान, बेटियों की सुरक्षा पर कही ये बड़ी बात... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-up-women-safety-police-law-order-6467 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 20 Sep 2026 13:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की नीति पर बात करते हुए कहा कि प्रदेश में अब किसी बेटी को सड़क पर परेशान करने  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ, उत्तर प्रदेश:</b><span style="font-size: 1rem;"> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की नीति पर बात करते हुए कहा कि प्रदेश में अब किसी बेटी को सड़क पर परेशान करने की हिम्मत करने वाले को उसके परिणाम पता हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाला व्यक्ति “अपनी मौत का फरमान खुद लिख रहा है।”</span></p><p>मुख्यमंत्री रविवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पुलिस की भूमिका, कानून-व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सरकार के दावों को सामने रखा। 20 सितंबर को लखनऊ में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित होने की स्वतंत्र रिपोर्ट भी सामने आई है।</p><h5 class=""><b>‘बेटी को परेशान करने की हिम्मत करेगा तो अंजाम पता होगा’</b></h5><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज अगर कोई सड़क पर चल रही बेटी को परेशान करने की कोशिश करता है तो उसे मालूम है कि इसके क्या परिणाम होंगे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “अगर कोई ऐसा करता है और उसे परिणामों का पता नहीं है, तो मेरा मानना है कि वह खुद अपनी मौत का फरमान लिख रहा है।”&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">योगी ने कहा कि अब इन परिणामों को अलग से बताने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों की धारणा में बदलाव आया है और इसमें यूपी पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, &amp;quot;हमने उपद्रवग्रस्त उत्तर प्रदेश को उत्सवपूर्ण प्रदेश के रूप में बदला है। कर्फ्यू मुक्त और माफिया मुक्त प्रदेश के रूप में उत्तर प्रदेश की छवि को प्रस्तुत किया है...जब आप अच्छा करते हैं, तो आपके खिलाफ कितना भी कोई… &lt;a href="https://t.co/CKGcGTkJD9"&gt;pic.twitter.com/CKGcGTkJD9&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) &lt;a href="https://x.com/AHindinews/status/2101570301641244904?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>‘UP Police 25 करोड़ लोगों के भरोसे का प्रतीक’</b></h5><p>नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे ऐसी पुलिस फोर्स का हिस्सा बनने जा रहे हैं जिसे प्रदेश के 25 करोड़ लोगों के भरोसे का प्रतीक बताया जा रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि देश में जब भी शासन के मॉडल की चर्चा होती है तो यूपी पुलिस मॉडल का भी उल्लेख किया जाता है। मुख्यमंत्री ने नए पुलिसकर्मियों से ईमानदारी, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ काम करने का आह्वान किया।</span></p><h5 class=""><b>‘अब UP में दंगे नहीं होते, सिर्फ मॉक ड्रिल होती है’</b></h5><p>कानून-व्यवस्था में बदलाव का दावा करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दंगे अब अतीत की बात हो गए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि लोग पूछते हैं कि क्या उत्तर प्रदेश में अब कोई दंगा या अशांति नहीं होती। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अब दंगे नहीं होते, बल्कि कभी-कभी पुलिस की ओर से दंगा नियंत्रण की मॉक ड्रिल की जाती है ताकि लोगों को याद रहे कि दंगा कैसा होता है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय राज्य में दंगे, कर्फ्यू और आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों की शिकायतें सामने आती थीं। उन्होंने अलीगढ़, मेरठ और मुजफ्फरनगर के दंगों का भी उल्लेख किया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Lucknow, UP: Chief Minister Yogi Adityanath says, &amp;quot;Today, a ceremony is being held here to distribute appointment letters following the successful completion of the recruitment process for 912 posts within the Uttar Pradesh Police Force... I extend my heartfelt… &lt;a href="https://t.co/ASV7SA9Pl8"&gt;pic.twitter.com/ASV7SA9Pl8&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2101571585576435861?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>‘क्या आज कोई गैंगस्टर खुले में हथियार लहरा सकता है?’</b></h5><p>योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि मौजूदा समय में कोई गैंगस्टर खुले में हथियार लेकर घूमकर आसानी से उपद्रव नहीं कर सकता और त्योहारों से पहले माहौल बिगाड़ना भी आसान नहीं है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और उसकी छवि में बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">हालांकि, कानून-व्यवस्था से जुड़े ऐसे दावे मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के राजनीतिक एवं प्रशासनिक दावे हैं। इनका आकलन अपराध के आंकड़ों, पुलिस कार्रवाई और स्वतंत्र अध्ययनों के आधार पर अलग-अलग तरीके से किया जा सकता है।</span></p><h5 class=""><b>पुलिस भर्ती में पारदर्शिता पर जोर</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने पुलिस भर्ती की पुरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले परीक्षाओं में पेपर लीक और भर्ती में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती थीं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति भी थी जब परीक्षा कोई और देता था और नियुक्ति पत्र किसी दूसरे व्यक्ति को मिल जाता था। योगी ने दावा किया कि 2017 के बाद उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार शुरू किए।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि विभिन्न भर्ती बोर्डों, सेवा आयोगों और शिक्षा क्षेत्र की भर्तियों में पारदर्शिता और मेरिट आधारित चयन सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत बदलाव किए गए।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/LIVE?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#LIVE&lt;/a&gt;: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया से लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के अंतर्गत चयनित 912 अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित होते मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी।&lt;a href="https://t.co/JpikfrVo0B"&gt;https://t.co/JpikfrVo0B&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2101546155104727205?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>‘निष्पक्ष भर्ती से शासन पर भरोसा बढ़ता है’</b></h5><p>योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब किसी अभ्यर्थी का चयन निष्पक्ष, ईमानदार और पारदर्शी तरीके से होता है तो इससे सिर्फ उसके परिवार का भरोसा नहीं बढ़ता, बल्कि शासन और पूरी व्यवस्था के प्रति आम लोगों का विश्वास भी मजबूत होता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि 2017 में सत्ता संभालने के बाद उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में बिचौलियों और पेपर लीक से जुड़ी समस्याओं को खत्म करने के लिए सुधार किए।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो बदलाव हुआ है, उसके लिए किसी बाहरी प्रशासनिक ढांचे को लाने के बजाय मौजूदा सरकारी मशीनरी की कार्यशैली में बदलाव किया गया है।</span></p><h5 class=""><b>‘वही कर्मचारी और वही प्रशासनिक ढांचा, बदली सोच’</b></h5><p>योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक पद वही हैं और सरकारी मशीनरी भी वही है, लेकिन लोगों के नजरिए में बदलाव आया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि उन्होंने बाहर से अधिकारियों को लाकर सरकार नहीं चलाई, बल्कि मौजूदा व्यवस्था में काम करने की संस्कृति को बदलने पर जोर दिया गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक सूचना एवं जनसंपर्क वेबसाइट भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था और पुलिस सुधारों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और पहलों को प्रकाशित करती रही है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी में कानून-व्यवस्था पर CM योगी का बड़ा बयान, बेटियों की सुरक्षा पर कही ये बड़ी बात... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/pm-modi-birthday-varanasi-vadnagar-bike-rally-yogi-6433 ]]></guid><title><![CDATA[ PM मोदी के जन्मदिन पर वाराणसी से वडनगर तक बाइक यात्रा, CM योगी ने किया फ्लैग ऑफ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/pm-modi-birthday-varanasi-vadnagar-bike-rally-yogi-6433 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 17 Sep 2026 18:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ वाराणसी,&nbsp;उत्तर प्रदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के अवसर पर वाराणसी से गुजरात के वडनगर तक आयोजित बाइक यात्रा के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">वाराणसी,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश</span></b><span style="font-size: 1rem;"><b>:</b> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के अवसर पर वाराणसी से गुजरात के वडनगर तक आयोजित बाइक यात्रा के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इस बाइक यात्रा के जरिए सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का संदेश देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के कई प्रमुख नेता भी उपस्थित रहे।</span></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ वाराणसी से वडनगर जाने वाली बाइक यात्रा के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम में सहभाग किया। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित की गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कार्यक्रम में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद रहे।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;काशी से वडनगर तक - सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का संदेश लेकर बढ़ते कदम!&lt;br&gt;&lt;br&gt;माननीय प्रधानमंत्री श्री &lt;a href="https://x.com/narendramodi?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@narendramodi&lt;/a&gt; जी के 76वें जन्मदिवस के अवसर पर रक्षा मंत्री श्री &lt;a href="https://x.com/rajnathsingh?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@rajnathsingh&lt;/a&gt; जी के साथ मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी ने वाराणसी से वडनगर जाने वाली &amp;#39;बाइक यात्रा&amp;#39; के फ्लैग ऑफ… &lt;a href="https://t.co/DugoFe2aqU"&gt;pic.twitter.com/DugoFe2aqU&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2100553315235017166?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 17, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>काशी से वडनगर तक सेवा और समर्पण का संदेश</b></h5><p>बाइक यात्रा को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से जोड़ते हुए सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया। वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा क्षेत्र रहा है, जबकि वडनगर गुजरात में उनका जन्मस्थान है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">काशी से वडनगर तक की यह यात्रा इन दोनों स्थानों को जोड़ते हुए आयोजित की गई है और प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को एक साथ जोड़ने का संदेश देती है।</span></p><h5 class=""><b>कई प्रमुख नेता रहे मौजूद</b></h5><p>फ्लैग ऑफ कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की मौजूदगी रही।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में सेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ PM मोदी के जन्मदिन पर वाराणसी से वडनगर तक बाइक यात्रा, CM योगी ने किया फ्लैग ऑफ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-69000-teacher-bharti-case-6417 ]]></guid><title><![CDATA[ UP 69000 Teacher Bharti: 10 हजार शिक्षकों की नौकरी पर क्यों मंडरा रहा खतरा? Supreme Court में फिर सुनवाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-69000-teacher-bharti-case-6417 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 17 Sep 2026 12:12:58 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश की बहुचर्चित 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती का मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में चर्चा में है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने और बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति के बावजूद आरक्षण और मेरिट को  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>उत्तर प्रदेश की बहुचर्चित 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती का मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में चर्चा में है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने और बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति के बावजूद आरक्षण और मेरिट को लेकर विवाद अभी कानूनी स्तर पर जारी है।</p><p>हालिया सुनवाई में चयनित अभ्यर्थियों की ओर से पेश वकीलों ने अदालत के सामने अपनी दलीलें रखीं। उनका कहना था कि अगर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा जाता है, तो पहले से नियुक्त और कई वर्षों से काम कर रहे हजारों शिक्षकों की स्थिति प्रभावित हो सकती है। सुनवाई के दौरान करीब 10 हजार शिक्षकों के प्रभावित होने की बात रखी गई।</p><p>सुप्रीम कोर्ट ने मामले में स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला कानूनी अधिकार और लागू नियमों के आधार पर लिया जाएगा।</p><h5 class=""><b>TET में आरक्षण और भर्ती में आरक्षण पर सवाल</b></h5><p>सुनवाई के दौरान आरक्षण के दोहरे लाभ को लेकर भी दलील सामने आई। चयनित अभ्यर्थियों की ओर से कहा गया कि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET में पहले ही आरक्षण या आयु संबंधी छूट जैसे लाभ मिल चुके थे और बाद की शिक्षक भर्ती में भी आरक्षण का लाभ लिया गया।</p><p>इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि TET को भर्ती परीक्षा कैसे माना जा सकता है। अदालत ने कहा कि TET एक पात्रता परीक्षा है, नियुक्ति देने वाली भर्ती परीक्षा नहीं। इसलिए दोनों चरणों को एक ही तरह से देखना उचित नहीं हो सकता।</p><p>यह बिंदु इस पूरे विवाद में महत्वपूर्ण है, क्योंकि भर्ती की मेरिट और आरक्षण का निर्धारण किस चरण पर और किस नियम के तहत होगा, इसी से कई उम्मीदवारों की स्थिति प्रभावित हो सकती है।</p><h5 class=""><b>General Category में Migration का भी मुद्दा</b></h5><p>सुनवाई के दौरान यह सवाल भी उठाया गया कि आरक्षण का लाभ लेकर चयन प्रक्रिया में शामिल होने वाला उम्मीदवार अधिक अंक हासिल करने पर सामान्य वर्ग की सीट पर दावा कर सकता है या नहीं।</p><p>चयनित अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला दिया। उनकी दलील थी कि यदि किसी उम्मीदवार ने चयन प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़ी विशेष छूट का लाभ लिया है, तो बाद में उसे सामान्य वर्ग में स्थानांतरित करने के नियमों की जांच जरूरी है।</p><p>दूसरी ओर, आरक्षण से प्रभावित अभ्यर्थियों का पक्ष भी मामले में महत्वपूर्ण है। अगली सुनवाई में उनके वकीलों को अपनी दलील रखने का अवसर मिलेगा। अदालत इसी पूरे विवाद के अलग-अलग पहलुओं पर विचार कर रही है।</p><h5 class=""><b>कैसे शुरू हुआ 69 हजार भर्ती का विवाद?</b></h5><p>69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन दिसंबर 2018 में जारी हुआ था। इसके लिए चार लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया। शिक्षक भर्ती परीक्षा जनवरी 2019 में आयोजित हुई और इसका परिणाम मई 2020 में घोषित किया गया। आधिकारिक न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार 1,46,060 उम्मीदवार भर्ती परीक्षा में सफल हुए थे, जिनमें से निर्धारित 69 हजार पदों पर चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ी।</p><p>भर्ती के बाद आरक्षण के नियमों को लागू करने के तरीके और चयन सूची को लेकर विवाद सामने आया। आरक्षित वर्ग के कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि उनकी श्रेणी के लिए निर्धारित पदों पर उचित तरीके से नियुक्तियां नहीं हुईं।</p><p>इसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंचा। अलग-अलग याचिकाओं में भर्ती की मेरिट और आरक्षण व्यवस्था को चुनौती दी गई। 2024 में हाईकोर्ट की एक पीठ ने चयन सूची को दोबारा तैयार करने का निर्देश दिया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई।</p><h5 class=""><b>पहले भी सुप्रीम कोर्ट में हो चुका है बड़ा हस्तक्षेप</b></h5><p>इस भर्ती से जुड़े अलग-अलग विवादों पर सुप्रीम कोर्ट पहले भी सुनवाई कर चुका है। 2020 में अदालत ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दिए थे और बाद में 69 हजार पदों पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ी। न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार 2020 में 31,277 और 36,590 उम्मीदवारों को नियुक्ति दी गई थी, जबकि जनवरी 2022 में आरक्षित वर्ग से जुड़े 6,800 उम्मीदवारों की सूची भी प्रकाशित हुई थी।</p><p>बाद में चयन सूची और आरक्षण से जुड़े अलग-अलग विवाद अदालतों में पहुंचते रहे। यही वजह है कि कई वर्ष बीत जाने के बाद भी भर्ती से संबंधित कानूनी विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।</p><h5 class=""><b>सरकार ने पहले क्या कहा था?</b></h5><p>इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा था कि 2020 में नियुक्त किए गए 67,867 शिक्षकों की नौकरी प्रभावित नहीं होगी और नए पात्र उम्मीदवारों को भी समायोजित करने का प्रयास किया जा सकता है।</p><p>सरकार की यह स्थिति मौजूदा शिक्षकों और नए पात्र उम्मीदवारों, दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान तलाशने की कोशिश के रूप में सामने आई थी। हालांकि अंतिम स्थिति सुप्रीम कोर्ट के आदेश से ही स्पष्ट होगी।</p><h5 class=""><b>अब 22 सितंबर को होगी अगली सुनवाई</b></h5><p>हालिया सुनवाई के बाद अब मामले में अगला महत्वपूर्ण चरण 22 सितंबर 2026 को होगा। इस दौरान आरक्षण से प्रभावित अभ्यर्थियों की ओर से दलीलें रखी जानी हैं।</p><p>फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि 10 हजार शिक्षकों की नौकरी निश्चित रूप से जाएगी। यह संख्या सुनवाई के दौरान रखी गई दलील का हिस्सा है। मौजूदा शिक्षकों की नियुक्ति और नए उम्मीदवारों के अधिकार को लेकर अंतिम स्थिति सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP 69000 Teacher Bharti: 10 हजार शिक्षकों की नौकरी पर क्यों मंडरा रहा खतरा? Supreme Court में फिर सुनवाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-encephalitis-gorakhpur-health-services-6411 ]]></guid><title><![CDATA[ माफिया की तरह समाप्त हो गया इंसेफेलाइटिस : मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-encephalitis-gorakhpur-health-services-6411 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 16 Sep 2026 18:33:23 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साढ़े नौ वर्ष पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश मे इंसेफेलाइटिस से तड़पते बच्चों और दम तोड़ते बचपन को देखकर हर जागरूक माता-पिता चिंतित रहता था। पर, अब यह चिंता खत् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">गोरखपुर: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साढ़े नौ वर्ष पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश मे इंसेफेलाइटिस से तड़पते बच्चों और दम तोड़ते बचपन को देखकर हर जागरूक माता-पिता चिंतित रहता था। पर, अब यह चिंता खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि माफिया और मच्छर की तरह इंसेफेलाइटिस भी समाप्त हो गया है। अब हम नए युग में नए गोरखपुर और नए उत्तर प्रदेश का दर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में दस-दस बेड की डायलिसिस यूनिट की सुविधा शुरू कर रही है।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><br></p><p>सीएम योगी बुधवार पूर्वाह्न इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गोरखपुर की तरफ से संचालित चैरिटेबल ब्लड बैंक के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने फीता काटकर चैरिटेबल ब्लड सेंटर का उद्घाटन किया और सेंटर का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, उपकरणों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p>उद्घाटन समारोह के मंच से पूर्वी उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में आए सकारात्मक परिवर्तन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े नौ वर्ष पहले गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज ही इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रमुख केंद्र था। स्थिति यह थी कि एक ही बेड पर चार-चार मरीज तक भर्ती रहते थे। तीसरी मंजिल पर इंसेफेलाइटिस वार्ड था और वहां पंखे, शौचालय एवं अन्य जरूरी सुविधाओं का अभाव था। उन्होंने कहा कि पहले जो बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्वयं अस्वस्थ था, आज वही सुपर स्पेशियलिटी सेंटर और इंसेफेलाइटिस समेत विभिन्न बीमारियों के उपचार का प्रमुख केंद्र बन गया है।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में एम्स भी स्थापित हो चुका है। महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, अयोध्या और अंबेडकरनगर समेत विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं। प्रदेश में 75 जिले हैं, जबकि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 85 हो गई है। दो एम्स भी संचालित हैं। एमबीबीएस की सीटें 4600 से बढ़कर 13500 से अधिक हो चुकी हैं और पीजी की सीटें दोगुनी हुई हैं। नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा का भी विस्तार किया जा रहा है।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>कभी दुर्दांत माफिया थे जिलों की पहचान, डॉक्टर होते थे उनके शिकार:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक समय प्रदेश के प्रत्येक जिले की पहचान किसी न किसी दुर्दांत माफिया से जुड़ गई थी। डॉक्टर उनके शिकार बनते थे। गोरखपुर में डॉक्टरों का अपहरण होता था, उनसे रंगदारी मांगी जाती थी, धमकी भरे फोन आते थे और उनके चेंबर में घुसकर मारपीट की जाती थी। इन घटनाओं के खिलाफ उन्हें चिकित्सकों के साथ सड़कों पर आंदोलन करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि आज गोरखपुर के साथ पूरे प्रदेश में चिकित्सक, व्यापारी और नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अब प्रदेश की पहचान माफिया से नहीं बल्कि 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज' के लक्ष्य से बन रही है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>बनाया नहीं जा सकता खून, रक्तदान संवेदना का प्रतीक:</b></p><p><br></p><p>रक्तदान के महत्व को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक, दवाएं और संसाधन तो उपलब्ध कराए जा सकते हैं लेकिन खून बनाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि रक्तदान उस संवेदना का प्रतीक है, जिसके माध्यम से एक व्यक्ति किसी जरूरतमंद को नया जीवन देता है। उन्होंने इस बात पर चिंता भी जाहिर की कि रक्त की मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पाती है। सीएम ने कहा कि इसके लिए चिकित्सकों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों को प्रेरित करना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर समय-समय पर रक्तदान की अपील और जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>पेशेवर रक्तदाताओं पर प्रभावी अंकुश जरूरी:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने पेशेवर रक्तदाताओं को लेकर भी आगाह किया। कहा कि विभिन्न बीमारियों से ग्रसित पेशेवर रक्तदाताओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया तो संक्रमण का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। ऐसी गतिविधियों को शासन-प्रशासन के संज्ञान में लाने के साथ चिकित्सकों को जागरूकता कार्यक्रमों से भी जुड़ना चाहिए।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>आईएमए के सामाजिक सरोकारों की सराहना की सीएम ने:</b></p><p><br></p><p>अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने आईएमए के सामाजिक सरोकारों की मुक्तकंठ से सराहना की। कहा कि आईएमए केवल प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों की संस्था मात्र ही नहीं है। इसने गोरखपुर में निशुल्क ओपीडी के बाद चैरिटेबल ब्लड सेंटर शुरू करके उसने सामाजिक उत्तरदायित्व का उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संस्था की वास्तविक पहचान इससे होती है कि वह अपनी विशेषज्ञता का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने में कितना योगदान देती है। उन्होंने कहा कि 2017-18 में गोरखपुर के सीतापुर आई हॉस्पिटल में आईएमए ने निशुल्क ओपीडी शुरू की थी। इसके बाद आईएमए ने अपने कार्यालय के लिए भूमि मांगी तो गोरखपुर विकास प्राधिकरण के माध्यम से भूखंड उपलब्ध कराने में मदद की गई। आईएमए ने इस भूखंड का बेहतर उपयोग करते हुए चैरिटेबल ब्लड सेंटर स्थापित किया है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश के जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने में योगदान देगा।&nbsp;&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p><b>गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय का उल्लेख कर चैरिटी का मॉडल बताया:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के सानिध्य में गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय की शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि पहले 10 बेड से अस्पताल शुरू करने की चर्चा हुई थी, लेकिन गोरखपुर के चिकित्सकों के सहयोग से शुरुआत में ही इसे 100 बेड का अस्पताल बनाया गया। इस चिकित्सालय ने दिखाया कि चैरिटी में भी अस्पताल, ब्लड बैंक और आईसीयू सफलतापूर्वक संचालित हो सकते हैं। यहां ब्लड सेपरेटर, एफेरेसिस और डायलिसिस जैसी सुविधाएं विकसित हुईं। उन्होंने कहा कि जिस डायलिसिस के लिए कभी लोगों को लखनऊ या बीएचयू जाना पड़ता था, आज गोरखपुर में गुणवत्तापूर्ण सुविधा उपलब्ध है। सीएम ने बताया कि सरकार ने प्रदेश के जिला अस्पतालों में भी निशुल्क डायलिसिस की व्यवस्था करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>स्वास्थ्य सेवाओं की उत्कृष्टता के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। बताया कि आईआईटी कानपुर के सहयोग से मेडटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा एसजीपीजीआई लखनऊ में भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम हो रहा है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई पर पहुंचाया सीएम योगी ने : डॉ. शुक्ला:</b></p><p><br></p><p>चैरिटेबल ब्लड सेंटर के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री एवं अन्य अभ्यागतों का स्वागत करते हुए आईएमए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. आरपी शुक्ला ने कहा कि सीएम योगी ने अपने विजन से गोरखपुर और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में गोरखपुर मेडिकल हब और मेडिकल टूरिज्म का नया केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि आईएमए के 400 यूनिट की क्षमता वाले इस चैरिटेबल ब्लड सेंटर का संकल्प है कि रक्त के अभाव में किसी की मृत्यु न होने दी जाए। समारोह को महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने भी संबोधित किया। आभार ज्ञापन आईएमए गोरखपुर के पूर्व अध्यक्ष डॉ. डीके सिंह और संचालन आईएमए गोरखपुर के सचिव डॉ. वाई सिंह ने किया।</p><p><br></p><p>इस अवसर पर एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, आईएमए गोरखपुर के संयुक्त सचिव डॉ. दिनेश चंद्रा, गुरु गोरखनाथ ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. अवधेश अग्रवाल, डॉ. महेंद्र अग्रवाल, डॉ. अमरेश सिंह, डॉ. सीएम सिन्हा, डॉ. शिवशंकर शाही, डॉ. बबिता शुक्ला सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक उपस्थित रहे।</p><p><br></p><p><b>नन्ही बच्ची को दुलारा, दिया आशीर्वाद:</b></p><p><br></p><p>निरीक्षण के दौरान परिसर में मौजूद एक नन्ही बच्ची पर मुख्यमंत्री योगी की नजर पड़ी। उन्होंने बच्ची से आत्मीयता से बातचीत की, उसका हालचाल पूछा और स्नेह व आशीर्वाद दिया।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ माफिया की तरह समाप्त हो गया इंसेफेलाइटिस : मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-semiconductor-ecosystem-semicon-india-2026-delhi-6408 ]]></guid><title><![CDATA[ सेमीकंडक्टर के ग्लोबल मंच पर यूपी की दस्तक, 17 से 19 सितंबर तक सेमीकॉन इंडिया 2026 का दिल्ली में आयोजन ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-semiconductor-ecosystem-semicon-india-2026-delhi-6408 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 16 Sep 2026 17:54:12 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश अपनी बढ़ती क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने जा रहा है। सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ:</b><span style="font-size: 1rem;"> सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश अपनी बढ़ती क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने जा रहा है। सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि (आईआईसीसी) द्वारका में होगा। इसमें योगी सरकार, उत्तर प्रदेश के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, नीतिगत सहयोग और भविष्य की तैयारियों को प्रमुखता से सामने रखेगी। कार्यक्रम में दुनिया की सेमीकंडक्टर कंपनियों, विभिन्न राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों, भारतीय उद्योग जगत, स्टार्टअप और सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों की भागीदारी होगी।</span></p><p><br></p><p><br></p><p><b>यूपी के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की होगी प्रस्तुति:</b></p><p><br></p><p>सेमीकॉन इंडिया 2026 में उत्तर प्रदेश की ओर से ऐसे प्रचार वीडियो तैयार किए जाने की योजना है, जिनमें प्रदेश के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को दिखाया जाएगा। इसमें मौजूदा बुनियादी ढांचे, नीतिगत सहयोग और भविष्य की तैयारियों को सामने रखा जाएगा। इसके साथ ही यूपी को भारत के बड़े और तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में एक प्रमुख स्थान रखने वाले राज्य के रूप में प्रस्तुत करने पर भी जोर रहेगा।</p><p><br></p><p><br></p><p>आयोजन का मुख्य विषय ‘ट्रांसफॉर्म टुमारो–सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग ग्लोबल सप्लाई चैन्स’ रहेगा। कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन पर चर्चा और प्रदर्शन किया जाएगा।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>500 से ज्यादा प्रदर्शक, 10 राज्य पवेलियन:</b></p><p><br></p><p>सेमीकॉन इंडिया 2026 में 500 से अधिक प्रदर्शक शामिल होंगे। करीब 2 लाख वर्गफुट क्षेत्र में प्रदर्शनी होगी। कार्यक्रम में 10 स्टेट पवेलियन और 7 कंट्री पवेलियन भी होंगे। इसके अलावा 40 स्टार्टअप के लिए स्टार्टअप पवेलियन तैयार किया जाएगा। कार्यक्रम में 150 से अधिक वक्ताओं की भागीदारी, राज्य सरकारों के राउंडटेबल, प्रशिक्षण सत्र, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कंपोनेंट्स पर अलग ट्रैक और कंट्री राउंडटेबल भी आयोजित किए जाएंगे। इससे अलग-अलग राज्यों, कंपनियों और वैश्विक भागीदारों के बीच संवाद का अवसर मिलेगा।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>यूपी में निवेश और भविष्य की तैयारी पर फोकस:</b></p><p><br></p><p>प्रदेश की भागीदारी का एक प्रमुख उद्देश्य उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को व्यापक स्तर पर सामने रखना है। इसके तहत राज्य की मौजूदा सुविधाओं, नीतिगत समर्थन और भविष्य की तैयारियों की जानकारी दी जाएगी।</p><p><br></p><p><b>ग्लोबल कंपनियों और राज्यों के बीच संवाद:</b></p><p><br></p><p>सेमीकॉन इंडिया 2026 में सेमीकंडक्टर उद्योग की बदलती जरूरतों, निवेश, तकनीक, सप्लाई चेन और भविष्य के कार्यबल से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी। आयोजन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा है। साथ ही भविष्य के लिए तैयार कार्यबल विकसित करने को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सेमीकंडक्टर के ग्लोबल मंच पर यूपी की दस्तक, 17 से 19 सितंबर तक सेमीकॉन इंडिया 2026 का दिल्ली में आयोजन ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-teacher-recruitment-15012-posts-assistant-teacher-pgt-6406 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार में शिक्षक बनने का सुनहरा मौका, यूपी में 15,012 पदों पर भर्ती शुरू ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-teacher-recruitment-15012-posts-assistant-teacher-pgt-6406 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 16 Sep 2026 17:25:40 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश श ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती का बड़ा अवसर उपलब्ध कराया है। आयोग ने सहायक अध्यापक और प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) के कुल 15,012 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए दो महत्वपूर्ण विज्ञापन जारी किए हैं। इससे प्रदेश के हजारों शिक्षित युवाओं को शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा।</span></p><p><br></p><p><br></p><p>उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि आयोग द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी के 897 रिक्त पदों तथा बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक अध्यापक, शहरी के 11,508 रिक्त पदों का विज्ञापन जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त माध्यमिक शिक्षा विभाग के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) के 2,607 रिक्त पदों के लिए भी विज्ञापन प्रकाशित किया गया है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>15,012 पदों के लिए दो विज्ञापन, आवेदन प्रक्रिया अलग-अलग:</b></p><p><br></p><p>आयोग द्वारा जारी विज्ञापन के अंतर्गत सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी और सहायक अध्यापक, शहरी के पदों पर भर्ती की जाएगी। इन दोनों श्रेणियों में कुल 12,405 पद शामिल हैं। वहीं विज्ञापन संख्या-06/2026 के तहत प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) के 2,607 पदों पर भर्ती होगी। इस प्रकार दोनों विज्ञापनों के माध्यम से कुल 15,012 रिक्त पदों को भरा जाएगा।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>12,405 सहायक अध्यापक पदों के लिए 16 सितंबर से आवेदन:</b></p><p><br></p><p><br></p><p>सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी एवं सहायक अध्यापक, शहरी के पदों के लिए विज्ञापन के तहत 15 सितंबर, 2026 को विज्ञापन जारी किया गया है। ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन की प्रक्रिया 16 सितंबर, 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर, 2026 निर्धारित की गई है। ऑनलाइन आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर, 2026 होगी। इन पदों के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 3 एवं 4 दिसंबर, 2026 को प्रस्तावित है। भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 897 सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी तथा बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 11,508 सहायक अध्यापक शहरी के पदों पर चयन किया जाएगा।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>पीजीटी के 2,607 पदों के लिए 18 सितंबर से आवेदन:</b></p><p><br></p><p><br></p><p>अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) के 2,607 रिक्त पदों के लिए आयोग ने विज्ञापन जारी किया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन प्रक्रिया 18 सितंबर, 2026 से प्रारम्भ होगी। पीजीटी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर, 2026 निर्धारित की गई है। ऑनलाइन आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर, 2026 होगी। प्रवक्ता संवर्ग के पदों के लिए परीक्षा 15 एवं 16 दिसंबर, 2026 को आयोजित की जाएगी।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>वन टाइम रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू:</b></p><p><br></p><p><br></p><p>अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए आयोग ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) व्यवस्था लागू की है। संबंधित पदों के लिए आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को ओटीआर प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी। इसके बाद ही वे विज्ञापित पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आयोग की ओर से अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन की अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय से पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>विस्तृत विज्ञापन पढ़कर ही करें आवेदन:</b></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने अभ्यर्थियों से अपील की कि आवेदन करने से पूर्व आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध विस्तृत विज्ञापन एवं निर्देश पुस्तिका का सावधानीपूर्वक अध्ययन कर अपनी पात्रता सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा विज्ञापित पदों की अर्हता एवं पात्रता के संबंध में अलग से कोई परामर्श नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी भर्ती से संबंधित विस्तृत विज्ञापन, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, परीक्षा कार्यक्रम एवं अन्य आवश्यक निर्देशों के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in का अवलोकन कर सकते हैं।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार में शिक्षक बनने का सुनहरा मौका, यूपी में 15,012 पदों पर भर्ती शुरू ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-panchayat-assistants-honorarium-increased-50-percent-6405 ]]></guid><title><![CDATA[ पंचायत सहायकों को मुख्यमंत्री योगी की बड़ी सौगात, मानदेय में 50 फीसदी की बढ़ोतरी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-panchayat-assistants-honorarium-increased-50-percent-6405 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 16 Sep 2026 16:28:21 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को बड़ी सौगात दी है। उनके मानदेय में तीन हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अभी पंचायत सहायकों को छह हजार रुपये प्रतिमाह मिलते ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को बड़ी सौगात दी है। उनके मानदेय में तीन हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अभी पंचायत सहायकों को छह हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर नौ हजार रुपये किया जाएगा। इस तरह मानदेय में 50 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को सेवा सुरक्षा, कैशलेस उपचार और महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा भी मिलेगी।</span></p><p>&nbsp;</p><p>पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता के बाद पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पंचायत सहायकों के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उन्हें बुलाया। इसके बाद प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंचायत सहायकों के हित में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।</p><p>&nbsp;</p><p>अभी पंचायत सहायकों का मानदेय राज्य वित्त आयोग की धनराशि से दिया जाता है। अब कैबिनेट से स्वीकृति लेकर डीबीटी की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके बाद नौ हजार रुपये का मानदेय सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसका लाभ प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को मिलेगा।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>प्रधान-सचिव नहीं हटा सकेंगे पंचायत सहायक:</b></p><p><br></p><p>पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। अब ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव अपने स्तर से पंचायत सहायक को नहीं हटा सकेंगे। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। किसी पंचायत सहायक को हटाने का फैसला यही कमेटी कर सकेगी।</p><p>&nbsp;</p><p><b>आंदोलन के मुकदमे होंगे वापस:</b></p><p><br></p><p>आंदोलन के दौरान जिन पंचायत सहायकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाएगा। इस दौरान कार्रवाई कर जिन पंचायत सहायकों को हटाया गया है, उन्हें दोबारा बहाल किया जाएगा।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>महिलाओं को मातृत्व अवकाश, कैशलेस इलाज:</b></p><p><br></p><p>महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को उपचार के लिए कैशलेस सुविधा का लाभ भी दिया जाएगा।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>मंत्री से वार्ता के बाद धरना समाप्त:</b></p><p><br></p><p>अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे पंचायत सहायकों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों से पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बातचीत की। प्रतिनिधियों को बुलाकर उनके साथ वार्ता की गई। इसके बाद पंचायत सहायकों के प्रतिनिधि मंत्री के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर पर लिए गए फैसलों की जानकारी मिलने के बाद पंचायत सहायकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ पंचायत सहायकों को मुख्यमंत्री योगी की बड़ी सौगात, मानदेय में 50 फीसदी की बढ़ोतरी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-blue-tshirt-pda-6402 ]]></guid><title><![CDATA[ Akhilesh Yadav Blue T-Shirt: लाल टोपी के साथ ‘नीला रंग’ क्यों जोड़ रही सपा? 2027 से पहले PDA Politics का नया संकेत ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-blue-tshirt-pda-6402 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 16 Sep 2026 15:25:44 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश की राजनीति में रंग केवल पहचान नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश का भी हिस्सा रहे हैं। समाजवादी पार्टी के साथ लाल और हरे रंग की पहचान लंबे समय से जुड़ी हुई है, जबकि नीला रंग राज्य की राजनीति में  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>उत्तर प्रदेश </b>की राजनीति में रंग केवल पहचान नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश का भी हिस्सा रहे हैं। समाजवादी पार्टी के साथ लाल और हरे रंग की पहचान लंबे समय से जुड़ी हुई है, जबकि नीला रंग राज्य की राजनीति में आंबेडकरवादी और बहुजन राजनीति से गहरे तौर पर जुड़ा माना जाता है। अब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसी नीले रंग को पार्टी की छात्र इकाई की नई दृश्य पहचान का हिस्सा बनाया है।</p><p>समाजवादी छात्र सभा के सदस्यों के लिए नीली टी-शर्ट और नीली जींस का नया ड्रेस कोड पेश किया गया है। हालांकि सपा की पहचान वाली लाल टोपी को हटाया नहीं गया है। यानी नई यूनिफॉर्म में लाल और नीले दोनों रंग साथ दिखाई देंगे। अखिलेश ने कहा है कि नीला रंग संविधान, लोकतंत्र, बहुजन समाज और अन्याय के खिलाफ प्रतिरोध से जुड़ा है।</p><p>यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियां तेज हो रही हैं। ऐसे में नीले रंग को लेकर अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं भी सामने आ रही हैं।</p><h5 class=""><b>PDA की राजनीति से कैसे जुड़ता है नया ड्रेस कोड?</b></h5><p>अखिलेश यादव पिछले कुछ वर्षों से PDA—पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक—को अपनी राजनीति के प्रमुख राजनीतिक-सामाजिक फ्रेम के तौर पर पेश करते रहे हैं। इसी वजह से छात्र सभा की नई यूनिफॉर्म में नीले रंग के इस्तेमाल को PDA की व्यापक रणनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।</p><p>अखिलेश ने खुद इस रंग को बहुजन समाज और बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों से जोड़ा है। उनके मुताबिक नई पीढ़ी की सोच नई है, इसलिए छात्र संगठन की पहचान में भी बदलाव होना चाहिए। उन्होंने यूनिफॉर्म को समानता और संगठनात्मक पहचान से भी जोड़ा।</p><p>राजनीतिक विश्लेषणों में इसे सपा की उस कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें पार्टी अपने परंपरागत सामाजिक आधार से आगे अलग-अलग समुदायों के बीच पहुंच बढ़ाना चाहती है। हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि केवल प्रतीकात्मक बदलाव मतदाताओं के व्यवहार में कितना परिवर्तन करेगा।</p><p><img style="width: 780.067px;" src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/09/pda1_1789553031.jpg"><br></p><h5 class=""><b>2024 के नतीजों ने बढ़ाया PDA पर फोकस</b></h5><p>इस रणनीति को समझने के लिए 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजे अहम हैं। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने 37 लोकसभा सीटें जीतीं और राज्य में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी बनी। दूसरी तरफ BSP कोई लोकसभा सीट नहीं जीत पाई।</p><p>इसके बाद सपा ने PDA को और प्रमुखता से आगे बढ़ाया। पार्टी की चुनौती यह है कि वह 2024 में बने सामाजिक समर्थन को 2027 के विधानसभा चुनाव तक किस हद तक बनाए रख पाती है और उसका विस्तार कर पाती है।</p><p>नीले रंग को इस राजनीतिक कोशिश का एक दृश्य प्रतीक माना जा रहा है, लेकिन दलित मतदाताओं के बीच सपा की वास्तविक पहुंच का आकलन चुनावी नतीजों और विश्वसनीय मतदान अध्ययनों के आधार पर ही किया जा सकेगा।</p><h5 class=""><b>BSP की राजनीतिक पहचान से भी जुड़ा है नीला रंग</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में नीले रंग की चर्चा होते ही BSP और बहुजन आंदोलन का संदर्भ स्वाभाविक रूप से सामने आता है। कांशीराम और मायावती के नेतृत्व में BSP ने लंबे समय तक दलित राजनीति को राज्य में एक स्वतंत्र राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित किया।</p><p>इसी वजह से सपा के छात्र संगठन की नीली यूनिफॉर्म को BSP के परंपरागत सामाजिक आधार तक पहुंचने के प्रयास के रूप में भी विश्लेषित किया जा रहा है। Indian Express ने इसे 2027 से पहले सपा की बहुजन और दलित मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की व्यापक रणनीति के संदर्भ में रखा है।</p><p>हालांकि BSP इस तरह की कोशिशों की आलोचना कर रही है। हालिया प्रतिक्रियाओं में मायावती ने सपा के नीले रंग के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए पार्टी की आंबेडकरवादी राजनीति पर आपत्ति जताई है।</p><h5 class=""><b>लाल रंग छोड़ा नहीं, उसके साथ जोड़ा नीला</b></h5><p>नई यूनिफॉर्म का सबसे महत्वपूर्ण दृश्य संकेत शायद यही है कि लाल टोपी अभी भी मौजूद है। इससे यह बदलाव सपा की पुरानी पहचान को पूरी तरह बदलने के बजाय उसमें एक अतिरिक्त राजनीतिक प्रतीक जोड़ने जैसा दिखाई देता है।</p><p>सपा कार्यकर्ता नई नीली टी-शर्ट और जींस के साथ लाल टोपी पहनेंगे। इस तरह पार्टी की समाजवादी पहचान से जुड़ा लाल रंग और बहुजन-अंबेडकरवादी राजनीति से जोड़ा जाने वाला नीला रंग एक ही फ्रेम में दिखाई देगा।</p><p>हाल के दिनों में सपा के वरिष्ठ नेता नीले स्कार्फ के साथ भी दिखाई दिए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि नीले रंग का प्रयोग केवल छात्र सभा की यूनिफॉर्म तक सीमित नहीं है।</p><p><img style="width: 780.067px;" src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/09/pda2_1789553031.jpg"><br></p><h5 class=""><b>युवा मतदाताओं तक पहुंच भी है एक पहलू</b></h5><p>इस बदलाव में सिर्फ जातीय-सामाजिक समीकरण ही नहीं, युवा राजनीति का पहलू भी है। पारंपरिक कुर्ता-पायजामा के बजाय टी-शर्ट और जींस की यूनिफॉर्म को युवा और आधुनिक दृश्य पहचान के रूप में पेश किया गया है।</p><p>समाजवादी छात्र सभा ने शिक्षण संस्थानों में छात्रों से संपर्क बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान की भी योजना बनाई है। अखिलेश का कहना है कि इसका उद्देश्य केवल सदस्य बनाना नहीं, बल्कि छात्रों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ना भी है।</p><p>इस लिहाज से सपा का नया ड्रेस कोड दो संदेश एक साथ देने की कोशिश करता दिखता है—एक तरफ युवा पीढ़ी तक पहुंच और दूसरी तरफ बहुजन-सामाजिक न्याय की राजनीति से जुड़ाव।</p><h5 class=""><b>2027 से पहले रंगों की राजनीति पर बढ़ी बहस</b></h5><p>सपा के इस कदम पर राजनीतिक विरोध भी शुरू हो चुका है। भाजपा नेताओं ने नीली यूनिफॉर्म और PDA की राजनीति को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा है, जबकि BSP की ओर से भी इस बदलाव की आलोचना हुई है।</p><p>इसलिए नीली टी-शर्ट को केवल फैशन या संगठनात्मक ड्रेस कोड के रूप में देखना अधूरा होगा। सपा इसे संविधान, बहुजन समाज और नई पीढ़ी की पहचान से जोड़ रही है, जबकि विरोधी दल इसकी अलग राजनीतिक व्याख्या कर रहे हैं।</p><p>2027 के विधानसभा चुनाव से पहले लाल टोपी के साथ नीली टी-शर्ट सपा की नई दृश्य पहचान जरूर बन रही है। लेकिन इसका मतदाताओं, खासकर दलित और युवा मतदाताओं, के समर्थन पर कितना असर पड़ेगा—यह अभी खुला राजनीतिक सवाल है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Akhilesh Yadav Blue T-Shirt: लाल टोपी के साथ ‘नीला रंग’ क्यों जोड़ रही सपा? 2027 से पहले PDA Politics का नया संकेत ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-ration-dealers-125-rupees-margin-per-quintal-6391 ]]></guid><title><![CDATA[ कोटेदारों को योगी सरकार की बड़ी सौगात, अब हर कुंतल पर 125 रुपये लाभांश ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-ration-dealers-125-rupees-margin-per-quintal-6391 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 16 Sep 2026 01:01:35 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में प्रदेश के उचित दर विक्रेताओं यानी राशन कोटेदारों के हित में बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में प्रदेश के उचित दर विक्रेताओं यानी राशन कोटेदारों के हित में बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत वितरित होने वाले खाद्यान्न पर कोटेदारों को 25 रुपये प्रति कुंतल अतिरिक्त राज्य मार्जिन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से प्रदेश के राशन विक्रेताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी।</span></p><p><br></p><p><br></p><p><b>100 रुपये के आधारभूत लाभांश के बाद और 25 रुपये:</b></p><p><br></p><p>वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि इससे पहले 1 सितंबर 2026 के आदेश के तहत उचित दर विक्रेताओं के आधारभूत लाभांश को 90 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति कुंतल किया था। अब इसके अतिरिक्त 25 रुपये प्रति कुंतल का राज्य मार्जिन दिए जाने से कोटेदारों की आय में और बढ़ोतरी होगी।&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p><br></p><p><b>वितरण खर्च से घट रही थी कोटेदारों की बचत:</b></p><p><br></p><p>वर्तमान व्यवस्था में खाद्यान्न की सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के चलते राशन वितरण की प्रक्रिया में कोटेदारों को विभिन्न खर्च वहन करने पड़ते हैं। इसके कारण उनकी मासिक बचत अत्यंत सीमित रह जाती थी। ऐसे में अतिरिक्त राज्य मार्जिन मिलने से उन्हें प्रत्यक्ष वित्तीय राहत मिलेगी और परिवार का भरण-पोषण पहले की तुलना में आसान होगा।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>जुलाई से लागू होगा फैसला, 9 माह में 168.75 करोड़ का खर्च:</b></p><p><br></p><p>कैबिनेट के इस फैसले को जुलाई 2026 से प्रभावी माना जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई 2026 से मार्च 2027 तक 9 माह के लिए राज्य सरकार पर 168.75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। पूरे वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित व्यय करीब 225 करोड़ रुपये होगा। प्रदेश में सालाना औसतन 90 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न वितरित किया जाता है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ कोटेदारों को योगी सरकार की बड़ी सौगात, अब हर कुंतल पर 125 रुपये लाभांश ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-seva-sankalp-abhiyan-september-october-2026-6390 ]]></guid><title><![CDATA[ प्रदेश में आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा 'सेवा संकल्प अभियान' ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-seva-sankalp-abhiyan-september-october-2026-6390 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 16 Sep 2026 00:52:31 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को निर्देशित किया है कि आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर, 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को निर्देशित किया है कि आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर, 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा पिछले वर्षों में हुए विकास कार्यों से जनजीवन में आए सकारात्मक बदलावों को आमजन तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।</span></p><p><br></p><p><br></p><p>इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभागों को अपनी महत्वपूर्ण परियोजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का विधानसभा क्षेत्रवार, विकासखंडवार तथा ग्राम पंचायतवार विस्तृत विवरण तैयार करने को कहा गया है। इस अभियान के दौरान लाभार्थियों की जानकारी भी विधानसभा, ब्लॉक और ग्राम पंचायतवार तैयार की जाएगी। विकास कार्यों के ‘पहले और बाद’ के फोटो, वीडियो, ड्रोन फुटेज तथा रील्स का डाटा बैंक तैयार किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों के प्रभाव को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जा सके।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>CMIS पोर्टल पर प्रतिदिन दर्ज होगी प्रगति:</b></p><p><br></p><p>अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रमों और विकास कार्यों की प्रगति का विवरण फोटो एवं वीडियो सहित राज्य स्तरीय CMIS पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसकी प्रगति प्रतिदिन दर्ज की जाएगी, जिससे अभियान की गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित हो सके। अभियान शुरू होने से पहले सभी विभागों एवं जनपदों को कार्यक्रमों की समय-सारणी निर्धारित करने, लाभार्थियों का डेटाबेस तैयार करने, कार्यक्रम स्थलों का चिन्हांकन, यात्रा रूट तय करने, व्यवस्थापन टीमों का गठन, नोडल अधिकारियों की तैनाती तथा आवश्यक बजट की समय से व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।</p><p><br></p><p><b>12 प्रमुख कार्यक्रमों का होगा आयोजन:</b></p><p><br></p><p>अभियान के अंतर्गत 12 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनके लिए कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य, गतिविधियां, क्रियान्वयन एवं संबंधित विभागों की जिम्मेदारियों का विस्तृत विवरण तैयार किया गया है। संबंधित विभागों और जनपदों को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार इन कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संपादित करने के निर्देश दिए गए हैं।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>साप्ताहिक समीक्षा से होगी निगरानी:</b></p><p><br></p><p>अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यवस्था की गई है। विभागीय अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव स्तर पर संबंधित कार्यक्रमों की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी। मंडलायुक्त मंडल के समस्त जनपदों की तथा जिलाधिकारी अपने-अपने जनपद के सभी कार्यक्रमों की साप्ताहिक समीक्षा करेंगे। इसके अलावा मंडल प्रभारियों द्वारा भी अभियान की तैयारियों की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।</p><p><br></p><p><br></p><p>सभी प्रशासनिक विभागों को विभागीय नोडल अधिकारी नामित कर विस्तृत कार्ययोजना एवं समय-सारणी तत्काल तैयार करने को कहा गया है। जिलों में प्रत्येक कार्यक्रम के लिए नोडल अधिकारी नामित कर जिला स्तरीय कैलेंडर तैयार किया जाएगा तथा मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से दैनिक अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाएगा।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ प्रदेश में आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा 'सेवा संकल्प अभियान' ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-weavers-handloom-hospitals-government-market-6389 ]]></guid><title><![CDATA[ बुनकरों के हुनर को मिलेगा सरकारी बाजार, अस्पतालों में गूंजेगी हथकरघे की पहचान ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-weavers-handloom-hospitals-government-market-6389 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 16 Sep 2026 00:18:55 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: प्रदेश की योगी सरकार हथकरघा क्षेत्र को मजबूत करने और बुनकरों को उनके उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। अब सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य च ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ:</b><span style="font-size: 1rem;"> प्रदेश की योगी सरकार हथकरघा क्षेत्र को मजबूत करने और बुनकरों को उनके उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। अब सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में इस्तेमाल होने वाले हथकरघा निर्मित उत्पादों की खरीद के जरिए प्रदेश के बुनकरों को बड़ा और सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे सरकारी संस्थानों की जरूरतें पूरी होने के साथ बुनकर परिवारों को नियमित रोजगार और आर्थिक मजबूती मिलने का रास्ता तैयार होगा।</span></p><p><br></p><p><br></p><p>मंगलवार को खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, तिलक मार्ग, डालीबाग स्थित सभाकक्ष में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग में प्रयुक्त होने वाले हथकरघा उत्पादों की खरीद एवं आपूर्ति व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में सरकारी चिकित्सा संस्थानों में हथकरघा निर्मित बेडशीट और गॉज बैंडेज की खरीद एवं आपूर्ति सुनिश्चित करने की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>सरकारी खरीद से बुनकरों को मिलेगा बड़ा बाजार:</b></p><p><br></p><p>मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपूर्ति व्यवस्था को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। सरकार का उद्देश्य सरकारी खरीद को केवल सामान की खरीद तक सीमित रखना नहीं, बल्कि इसके माध्यम से बुनकर परिवारों को निरंतर रोजगार, स्थायी बाजार और आर्थिक मजबूती देना है। सरकारी संस्थानों में स्थानीय बुनकरों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीद बढ़ने से बुनकरी क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।</p><p><br></p><p>प्रस्तावित व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम लिमिटेड के माध्यम से सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में आवश्यकतानुसार बेडशीट, तकिया कवर और गॉज बैंडेज क्लॉथ की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए प्रदेश के बुनकरों और बुनकर सहकारी समितियों से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कराया जाएगा।</p><p><br></p><p><b>गुणवत्ता और समयबद्ध आपूर्ति पर जोर:</b></p><p><br></p><p>मंत्री ने निर्देश दिए कि चिकित्सा संस्थानों को उपलब्ध कराए जाने वाले उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले होने चाहिए। इसके साथ ही प्राथमिकता के आधार पर अंतिम रूप देने और आवश्यक दिशा-निर्देश शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग अनिल सागर, विशेष सचिव शेषमणि पांडेय, संयुक्त आयुक्त पीसी ठाकुर सहित चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ बुनकरों के हुनर को मिलेगा सरकारी बाजार, अस्पतालों में गूंजेगी हथकरघे की पहचान ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-cabinet-23-proposals-expressway-education-employment-6388 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी कैबिनेट में 23 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर, एक्सप्रेसवे से लेकर शिक्षा और रोजगार तक लिए गए बड़े फैसले ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-cabinet-23-proposals-expressway-education-employment-6388 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 16 Sep 2026 00:02:27 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में विकास और जनकल्याण से जुड़े 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में विकास और जनकल्याण से जुड़े 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, परिषदीय विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल बनाने, खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने, किसानों को सस्ती दर पर ऋण और पूर्व अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में आरक्षण देने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। बैठक में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, रोजगार, कृषि, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास को लेकर भी निर्णय लिए गए। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रेसवार्ता में स्वीकृत प्रस्तावों की जानकारी दी।</span></p><p><br></p><p><br></p><p><b>चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 1,008.67 करोड़ मंजूर:</b></p><p><br></p><p>कैबिनेट में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को विकसित करने के लिए संशोधित परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। 15.172 किलोमीटर लंबे प्रवेश नियंत्रित छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण ईपीसी मोड पर कराया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 1,008.67 करोड़ रुपये है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। निर्माणकर्ता के चयन के लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी। इससे बुंदेलखंड से चित्रकूट धाम तक आवागमन सुगम होने और पर्यटन को गति मिलने की उम्मीद है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>परिषदीय विद्यालय बनेंगे स्मार्ट स्कूल:</b></p><p><br></p><p>बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रण वाले परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>किसानों को छह प्रतिशत ब्याज पर छह लाख तक ऋण:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को रियायती ब्याज दर पर दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने का फैसला किया गया। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से किसानों को छह लाख रुपये तक का ऋण छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर लंबी अवधि के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों को कृषि और ग्रामीण जरूरतों के लिए सस्ती दर पर वित्तीय सहायता मिल सकेगी।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी भर्ती में आरक्षण:</b></p><p><br></p><p>योगी कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश जेल वार्डन की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत पद आरक्षित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही पूर्व अग्निवीरों को प्रवर्तन सिपाही (परिवहन) कि सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत पदों पर क्षैतिज एवं आयु सीमा में छूट देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। इन फैसलों से सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं को सरकारी रोजगार के अवसर मिलेंगे।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>पीआरडी जवानों और आश्रितों को कैशलेस इलाज:</b></p><p><br></p><p>प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा देने का निर्णय हुआ। इससे पीआरडी जवानों और उनके परिवारों को उपचार के दौरान आर्थिक राहत मिलेगी।</p><p><br></p><p><b>खिलौना उद्योग को मिलेगा प्रोत्साहन:</b></p><p><br></p><p>कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को मंजूरी दी गई। इस नीति से प्रदेश में खिलौना निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में मदद मिलेगी।</p><p><br></p><p><b>अन्य महत्वपूर्ण फैसले</b></p><p><br></p><p><b>औद्योगिक विकास एवं रोजगार:</b></p><p><br></p><p><b>- </b>उत्तर प्रदेश के अभियांत्रिकी विभागों में कार्य के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन के लिए वित्तीय नियमों के तहत अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी</p><p><b>-</b> उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड की छाता शुगर कंपनी लिमिटेड, जनपद मथुरा में कंसेशन-कम-लीज के माध्यम से 120 केएलपीडी एथेनॉल उत्पादन संयंत्र की स्थापना को मंजूरी।</p><p><b>- </b>उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में वर्ल्डफिश परियोजना के संचालन के लिए राज्य सरकार, मत्स्य विभाग, उत्तर प्रदेश और वर्ल्डफिश के बीच समझौता ज्ञापन पर अनुमोदन।</p><p><br></p><p><b>सुरक्षा और प्रशासन:</b></p><p><br></p><p><b>-</b> राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के लिए अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील स्थित ग्राम पूरे लाल खान में लगभग 65 एकड़ बंजर भूमि भारत सरकार को निशुल्क आवंटित करने की मंजूरी।</p><p><b>-</b> 10 वर्ष तक की अवधि के किरायेदारी/पट्टा विलेखों पर प्रभावी स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट देने का प्रस्ताव पास।</p><p><br></p><p><b>ग्रामीण विकास और जनकल्याण:</b></p><p><br></p><p><b>- </b>प्रदेश में वाहनों की तकनीकी स्वस्थता को सुनिश्चित करने के लिए वाहनों की जांच हेतु स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) की स्थापना संबंधी नीति में संशोधन को मंजूरी।</p><p><b>- </b>प्रांतीय रक्षक दल के स्वयंसेवकों की ड्यूटी भत्ता दर में बढ़ोतरी का प्रस्ताव स्वीकृत।</p><p><b>- </b>प्रदेश की उचित दर दुकानदारों को वितरित खाद्यान्न की मात्रा के सापेक्ष 25 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त मार्जिन मनी देने का फैसला।</p><p><br></p><p><b>शहरी विकास</b></p><p><br></p><p><b>- </b>लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली को मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत विकसित करने के लिए धनराशि स्वीकृत करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी।</p><p><b>- </b>लखनऊ में स्वीकृत हाईटेक टाउनशिप परियोजना को पूर्ण किए जाने के संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी कैबिनेट में 23 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर, एक्सप्रेसवे से लेकर शिक्षा और रोजगार तक लिए गए बड़े फैसले ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/kishau-dam-project-mou-yogi-adityanath-6386 ]]></guid><title><![CDATA[ किशाऊ बांध परियोजना के MoU पर योगी आदित्यनाथ ने जताई खुशी, बोले- सहयोग से समाधान की दिशा में बड़ा कदम ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/kishau-dam-project-mou-yogi-adityanath-6386 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 15 Sep 2026 20:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ,&nbsp;उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर छह राज्यों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का स्वागत किया है। उन्होंने इसे जल सुरक्षा और स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">लखनऊ,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश</span></b><span style="font-size: 1rem;"><b>:</b> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर छह राज्यों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का स्वागत किया है। उन्होंने इसे जल सुरक्षा और सहकारी संघवाद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">नई दिल्ली में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के बीच किशाऊ परियोजना को लेकर MoU पर हस्ताक्षर किए गए। यह कार्यक्रम केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुआ, जबकि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल (C.R. Paatil) भी मौजूद रहे।</span></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संसाधनों के उचित उपयोग और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण संकल्प साकार हुआ है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि छह राज्यों के बीच किशाऊ परियोजना को लेकर हुआ MoU ‘सहयोग से समाधान’ और सहकारी संघवाद की भावना का मजबूत उदाहरण है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परियोजना के पूरा होने से उत्तर प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही पेयजल की उपलब्धता मजबूत होगी और यमुना नदी के निर्बाध प्रवाह को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;आदरणीय प्रधानमंत्री श्री &lt;a href="https://x.com/narendramodi?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@narendramodi&lt;/a&gt; जी के यशस्वी नेतृत्व में जल संसाधनों के समुचित उपयोग और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण संकल्प साकार हुआ है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री &lt;a href="https://x.com/AmitShah?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@AmitShah&lt;/a&gt; जी की अध्यक्षता एवं माननीय… &lt;a href="https://t.co/l8trpBBOL2"&gt;pic.twitter.com/l8trpBBOL2&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath/status/2099824170934976603?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 15, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>किसानों और जल सुरक्षा को मिलेगा फायदा</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्यों का यह साझा प्रयास जल सुरक्षा और कृषि समृद्धि के नए रास्ते खोलेगा। उन्होंने कहा कि इससे ‘विकसित उत्तर प्रदेश-विकसित भारत’ के निर्माण को भी नई गति मिलेगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना उत्तराखंड के देहरादून और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से होकर बहने वाली टोंस नदी पर प्रस्तावित है। टोंस, यमुना नदी की प्रमुख सहायक नदियों में से एक है।</span></p><h5 class=""><b>232.6 मीटर ऊंचा होगा बांध</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>परियोजना के तहत 232.6 मीटर ऊंचे कंक्रीट ग्रेविटी बांध के निर्माण का प्रस्ताव है। इसमें 1,562 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) की लाइव स्टोरेज क्षमता होगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">परियोजना से करीब 0.97 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलने का अनुमान है। इसके अलावा सालाना करीब 1,476 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन की भी योजना है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">संग्रहित पानी से यमुना के पुनर्जीवन में मदद मिलेगी। साथ ही राजस्थान और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में पेयजल तथा औद्योगिक जल की जरूरतों को पूरा करने में भी इसका योगदान होगा।</span></i></b></p><h5 class=""><b>हिमाचल और उत्तराखंड की संयुक्त कंपनी करेगी निर्माण</b></h5><p class="blue-bg-white"><b><i>किशाऊ परियोजना को किशाऊ कॉरपोरेशन लिमिटेड के जरिए लागू किया जाएगा। यह हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों का संयुक्त उपक्रम है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">ऊपरी यमुना बेसिन के राज्यों के बीच 12 मई 1994 को यमुना के ओखला बैराज तक उपलब्ध सतही जल के बंटवारे को लेकर MoU हुआ था। इस समझौते में यमुना बेसिन में भंडारण परियोजनाएं विकसित करने की जरूरत को भी मान्यता दी गई थी।</span></i></b></p><h5 class=""><b>जून में बनी थी परियोजना पर सहमति</b></h5><p>किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर यह समझौता जून में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के करीब तीन महीने बाद हुआ है। 16 जून को केंद्रीय गृह मंत्रालय में अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में संबंधित राज्यों के बीच लंबे समय से लंबित इस परियोजना और यमुना के पुनर्जीवन को लेकर सहमति बनी थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अब छह राज्यों के बीच MoU पर हस्ताक्षर होने से परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण गति मिली है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ किशाऊ बांध परियोजना के MoU पर योगी आदित्यनाथ ने जताई खुशी, बोले- सहयोग से समाधान की दिशा में बड़ा कदम ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/future-ready-bar-future-ready-justice-system-ki-neenv-cm-yogi-6360 ]]></guid><title><![CDATA[ फ्यूचर रेडी बार ही रखेगी फ्यूचर रेडी जस्टिस सिस्टम की मजबूत नींव : सीएम योगी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/future-ready-bar-future-ready-justice-system-ki-neenv-cm-yogi-6360 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 14 Sep 2026 23:59:22 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ &nbsp;लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नई पीढ़ी के अधिवक्ता संवैधानिक मूल्यों के प्रहरी बनें और न्याय को जमीनी धरातल तक पहुंचाने में अपनी अहम भू ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ:</b><span style="font-size: 1rem;"> इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नई पीढ़ी के अधिवक्ता संवैधानिक मूल्यों के प्रहरी बनें और न्याय को जमीनी धरातल तक पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं। फ्यूचर रेडी बार ही फ्यूचर रेडी जस्टिस सिस्टम की मजबूत नींव रख सकती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के हाईकोर्ट और जिला अदालतों में सक्रिय सभी अधिवक्ताओं को सालाना पांच लाख रुपये तक की कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस सुविधा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के चैंबर में फर्नीचर व उपकरण के लिए शासन सहयोग करेगा और 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट दिए जाएंगे। इसके साथ ही राज्य विधि अधिकारियों की फीस में भी 50 फीसदी से अधिक वृद्धि की गई है।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी पुलिस में 45 से 50 प्रतिशत पद खाली थे। व्यवस्था में पारदर्शिता-जवाबदेही, कानून-व्यवस्था और न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी चुनौती थे। वहीं अब पुलिस प्रशिक्षण क्षमता 3,000 से बढ़ाकर 60,000 कार्मिक प्रतिवर्ष की गई है। पहले 10 जनपदों में जिला अदालतें अस्थायी व किराए के भवनों में चलती थीं और अधिवक्ताओं के चैंबर जर्जर थे। अब 700 करोड़ रुपये की लागत से 10,000 से अधिक अधिवक्ताओं के लिए एडवोकेट चैंबर बनाए जा चुके हैं। उन्होंने अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि 1.5 लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये और अधिवक्ता के निधन पर परिजनों को आर्थिक सहायता की पात्रता आयु 60 से बढ़ाकर 70 वर्ष करने की घोषणा की है।</p><p><br></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। हिंदी दिवस के साथ हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का भी अवसर है। उन्होंने आस्था की इस भूमि से प्रदेशवासियों को हिंदी दिवस, हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी की हृदय से बधाई और शुभकामनाएं दीं।</p><p><br></p><p><b>स्वाधीनता आंदोलन से राष्ट्र निर्माण तक अधिवक्ता समाज की अहम भूमिका:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अधिवक्ता समाज देश के प्रबुद्ध समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वह समाज की राय बनाने के साथ उसके विश्वास का प्रतीक भी माना जाता है। स्वाधीनता आंदोलन से लेकर संविधान निर्माण, स्वतंत्र भारत में शासन-प्रशासन के संचालन, लोकतंत्र के सभी स्तंभों को मजबूती देने और राष्ट्र निर्माण के वर्तमान अभियान तक अधिवक्ता समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि भारत का स्वतंत्रता आंदोलन लंबे समय तक बिखरा रहा। दक्षिण अफ्रीका से अपनी वकालत छोड़कर महात्मा गांधी के आंदोलन की कमान संभालने के बाद इसे नई दिशा और गति मिली। प्रयागराज की धरती भी ऐसे अनेक अधिवक्ताओं की गवाह रही है, जिन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट में प्रैक्टिस के साथ स्वाधीनता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।</p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित मोतीलाल नेहरू और महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जैसे अधिवक्ताओं ने लंबे समय तक देश और स्वतंत्रता आंदोलन को गति दी तथा क्रांतिकारियों के पक्ष में खड़े दिखाई दिए। सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. भीमराव आंबेडकर ने भी देश की आजादी के आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।</p><p><br></p><p>डॉ. राजेंद्र प्रसाद के प्रयागराज से जुड़े जीवन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संगम तट पर स्थित प्रेसिडेंशियल सूट भारत की संविधान सभा के अध्यक्ष और देश के प्रथम राष्ट्रपति की याद दिलाता है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद प्रत्येक कुंभ के दौरान प्रयागराज आते थे और माघ मेले में कल्पवास करते थे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार और प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्वयं सोमनाथ पहुंचे थे। राष्ट्र के प्रति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के योगदान और संविधान निर्माण से लेकर स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में उनकी भूमिका के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रयागराज में डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी स्थापित करने का निर्णय लिया।</p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र के तीनों प्रमुख स्तंभ अपनी-अपनी व्यवस्था के तहत काम करते हैं, लेकिन उनके बीच बेहतर समन्वय और संवाद लोकतंत्र को अधिक परिपक्व और मजबूत बनाता है। न्यायपालिका भी विधि के शासन और सुशासन के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि न्याय के रथ के बार और बेंच दो महत्वपूर्ण पहिए हैं। दोनों के बीच बेहतर संवाद और समन्वय हमेशा बना रहना चाहिए।&nbsp;</p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायाधीश की बैठकों में केवल न्यायपालिका से जुड़े विषयों पर चर्चा नहीं होती, बल्कि अधिवक्ताओं की समस्याओं को भी समान महत्व दिया जाता है। मुख्य न्यायाधीश, न्यायपालिका के संरक्षक के रूप में, अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों को भी शासन के सामने प्रभावी तरीके से रखते हैं और उनके समाधान का रास्ता निकालने का प्रयास होता है।</p><p><br></p><p><b>बार-बेंच के बीच सम्मान, संवाद और समन्वय जरूरी:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि न्याय प्रशासन के लिए बार और बेंच के बीच आपसी सम्मान, शिष्टाचार, संवाद, समन्वय और सहयोग निरंतर बना रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी 2017 से पहले की स्थिति की ओर ध्यान दिलाया। उस समय चुनौती केवल संसाधनों की नहीं, बल्कि व्यवस्था के दृष्टिकोण, प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही, कानून-व्यवस्था तथा न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भी थी। न्याय व्यवस्था की पहली कड़ी पुलिस है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 56 जनपदों में सबसे ऊंची इमारतों में पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर, पुलिस बैरक या प्रशिक्षण संस्थान शामिल हैं। उन्होंने लखनऊ में 2017 में किए गए पुलिस बैरक के अचानक निरीक्षण का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि वहां दो पुलिसकर्मी रह रहे थे और छत टूटी होने के साथ जाले लगे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों से दिन-रात, सर्दी-गर्मी और बरसात में रक्षक की भूमिका निभाने की अपेक्षा है, उन्हें बुनियादी सुविधाएं देना भी व्यवस्था की जिम्मेदारी है।</p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों की स्थिति भी बेहद खराब थी। कई अदालतें अस्थायी और किराए के भवनों में संचालित होती थीं। सरकार ने प्रभावी विटनेस प्रोटेक्शन की व्यवस्था मजबूत की है। पहले गवाहों के डर के कारण मुकर जाने से गंभीर आपराधिक मामलों में सजा दिलाना चुनौती बन जाता था। अपराधियों को जेल से अदालत लाने के लिए पुराने और असुरक्षित वाहनों की जगह व्यवस्था को सुरक्षित बनाया गया है।</p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यपालिका और न्यायपालिका के बेहतर समन्वय से व्यवस्था में रिफॉर्म और ट्रांसफॉर्मेशन के परिणाम सामने आ रहे हैं। सुदृढ़ न्यायपालिका सुशासन की आधारशिला को मजबूत करती है और सुशासन चुनी हुई सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पुलिस-प्रॉसिक्यूशन कोऑर्डिनेशन से कन्विक्शन रेट में सुधार हुआ है। अभियोजन प्रणाली को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़कर समय पर चार्जशीट दाखिल करने और वैज्ञानिक साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष मजबूती से रखने की व्यवस्था की गई है। जिला अदालतों और जेलों को हाईस्पीड इंटरनेट व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया है। न्याय श्रुति प्रणाली के माध्यम से अदालतों में गवाही वर्चुअल दर्ज कराने की शुरुआत हुई है। अदालती दस्तावेजों की स्कैनिंग और डिजिटाइजेशन में भी तेजी लाई गई है।</p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 जनपदों में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसके लिए मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली के प्रयासों की सराहना की। इन परिसरों में एक ही छत के नीचे सभी न्यायिक कार्यों के साथ न्यायिक अधिकारियों के आवास, अधिवक्ताओं के चेंबर, स्पोर्ट्स और इंडोर स्टेडियम तथा अधिवक्ताओं के लिए सस्ती कैंटीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।</p><p>उन्होंने बताया कि त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था को बढ़ाया गया है और प्रथम चरण में 900 जनपदीय स्तर के न्यायालयों के गठन की मंजूरी दी गई है।</p><p><br></p><p><b>700 करोड़ से बने अधिवक्ता चेंबर:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से 10,000 से अधिक अधिवक्ताओं के लिए एडवोकेट चेंबर बनाए जा चुके हैं। इसके साथ मल्टीलेवल पार्किंग, डाइनिंग हॉल, कॉमन रूम और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। जनपदीय स्तर पर भी एडवोकेट चेंबर के निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई है। कौशांबी, लखनऊ, कासगंज, श्रावस्ती समेत करीब एक दर्जन जनपदों में अधिवक्ताओं के चेंबर बनाए जा चुके हैं या निर्माणाधीन हैं।</p><p><br></p><p><b>न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत आम आदमी का विश्वास:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में तीन नए कानून लागू हुए हैं।&nbsp; इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिवक्ताओं को बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण की चुनौती थी, लेकिन बार ने जिस तेजी से नए कानूनों को अपनाया, वह सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत आम आदमी का विश्वास है। न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका तभी लोकतंत्र की कसौटी पर खरी उतरती हैं, जब नागरिकों का विश्वास कायम रहे। इसके लिए समय पर न्याय सबसे महत्वपूर्ण है। नागरिक को निष्पक्ष सुनवाई, भेदभाव रहित व्यवहार और कानून की नजर में समानता का भरोसा होना चाहिए।</p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि संवेदनशील और सशक्त न्याय व्यवस्था के लिए पारदर्शिता, निर्णयों में सत्यनिष्ठा, संस्थाओं में जवाबदेही और नागरिकों का विश्वास जरूरी है। बदलते दौर में कानून के सामने साइबर क्राइम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा प्राइवेसी, डिजिटल कॉमर्स, फिनटेक, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और क्लाइमेट लिटिगेशन जैसी नई चुनौतियां और संभावनाएं सामने हैं। अधिवक्ताओं को टेक्नोलॉजी, बदलती अर्थव्यवस्था और समाज में हो रहे परिवर्तनों की गहरी समझ विकसित करनी होगी।&nbsp;</p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी नई पीढ़ी के अधिवक्ताओं की है। युवा अधिवक्ता केवल सफल लीगल प्रोफेशनल बनने तक सीमित न रहें, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के प्रहरी और समाज के प्रति संवेदनशील एवं उत्तरदायी नागरिक बनें। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता की जिम्मेदारी केवल मुकदमे के परिणाम तक सीमित नहीं है। उसके प्रयास किसी व्यक्ति के विश्वास और जीवन की दिशा बदलने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।</p><p><br></p><p><b>चैंबर में सुविधाओं के लिए सरकार देगी पूरा सहयोग:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने इस दौरान अधिवक्ता भवन की चाबी भी सौंपी। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट परिसर में 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के लिए मल्टीलेवल पार्किंग और चैंबर बनाए गए हैं। चैंबर में फर्नीचर और आवश्यक उपकरणों जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए न्यायपालिका या बार एसोसिएशन के माध्यम से मुख्य न्यायमूर्ति की ओर से जो प्रस्ताव आएगा, राज्य सरकार उसमें हर प्रकार का सहयोग करेगी।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं और अपराधी को छोड़ेंगे नहीं : केशव मौर्य</b></p><p><br></p><p>उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रयागराज संगम के साथ न्याय की भी भूमि है और यहां के अधिवक्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा में बड़ी भूमिका निभाई है। अधिवक्ताओं और सरकार के बीच संबंध लोगों को न्याय दिलाने की साझा जिम्मेदारी से जुड़े हैं। आज ईज ऑफ जस्टिस को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पुराने औपनिवेशिक कानून बदले गए हैं। आज अपराधी कानून से डरता है और आम आदमी का कानून पर भरोसा बढ़ा है। सरकार की नीति साफ है कि निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं और अपराधी को छोड़ेंगे नहीं।</p><p>&nbsp;</p><p>समारोह में इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली, वरिष्ठ न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, महाधिवक्ता अजय मिश्रा, इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे, महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा आदि उपस्थित रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ फ्यूचर रेडी बार ही रखेगी फ्यूचर रेडी जस्टिस सिस्टम की मजबूत नींव : सीएम योगी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-lokayukta-50th-foundation-day-celebration-lucknow-6346 ]]></guid><title><![CDATA[ उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त संगठन का 50वां स्थापना दिवस समारोह ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-lokayukta-50th-foundation-day-celebration-lucknow-6346 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 14 Sep 2026 15:35:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त संगठन अपने 50वें स्थापना दिवस के अवसर पर विशेष समारोह आयोजित कर रहा है। पांच दशक की इस यात्रा में संगठन ने प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार से ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश: </b>उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त संगठन अपने 50वें स्थापना दिवस के अवसर पर विशेष समारोह आयोजित कर रहा है। पांच दशक की इस यात्रा में संगठन ने प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">स्थापना दिवस समारोह में लोक आयुक्त संगठन की पांच दशक लंबी कार्ययात्रा और उपलब्धियों को रेखांकित किया जाएगा।&nbsp;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">कार्यक्रम के दौरान संगठन की भूमिका, शिकायतों के निस्तारण और सार्वजनिक प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।&nbsp;</span>लोक आयुक्त व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी पदाधिकारियों और लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार तथा प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए एक संस्थागत व्यवस्था उपलब्ध कराना है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;सुशासन की सशक्त नींव - उत्तरदायी शासन!&lt;br&gt;&lt;br&gt;मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर लोक आयुक्त प्रशासन की सूचना पुस्तिका एवं स्वर्ण जयंती स्मारिका का विमोचन किया गया।&lt;br&gt;&lt;br&gt;मुख्यमंत्री जी ने कहा कि… &lt;a href="https://t.co/zMyvFn2K8j"&gt;pic.twitter.com/zMyvFn2K8j&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2099417444133834864?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>लोक आयुक्त संगठन लंबे समय से शासन व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगा है</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में लोक आयुक्त संगठन लंबे समय से शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। स्थापना दिवस समारोह इस व्यवस्था के सामने मौजूद चुनौतियों और भविष्य की भूमिका पर विचार करने का अवसर भी होगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कार्यक्रम में लोक प्रशासन, न्याय व्यवस्था और भ्रष्टाचार निरोधक तंत्र से जुड़े अधिकारियों तथा अन्य गणमान्य लोगों की भागीदारी रहेगी। समारोह में संगठन के कार्यों और भविष्य की प्राथमिकताओं पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।</span></p><h5 class=""><b>पांच दशक पूरे होने पर विशेष आयोजन</b></h5><p>लोक आयुक्त संगठन के 50 वर्ष पूरे होना उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इस दौरान संस्था की स्थापना से लेकर वर्तमान समय तक की यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों और बदलती प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप इसकी भूमिका पर चर्चा की जाएगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त संगठन का 50वां स्थापना दिवस समारोह ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-religion-life-force-tulsidas-rae-bareli-6331 ]]></guid><title><![CDATA[ रायबरेली: सीएम योगी ने धर्म को बताया समाज की जीवन शक्ति, तुलसीदास के योगदान को किया याद ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-religion-life-force-tulsidas-rae-bareli-6331 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 13 Sep 2026 16:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ रायबरेली, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रायबरेली में राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा में हिस्सा लिया। इस दौरान उन ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>रायबरेली, उत्तर प्रदेश:</b> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रायबरेली में राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने समाज में धर्म की भूमिका और देश के अलग-अलग हिस्सों में भगवान शिव के प्रति साझा आस्था पर अपने विचार रखे।</span></p><p>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धर्म को केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने धर्म को समाज की “जीवन शक्ति” बताया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “हमने धर्म को केवल पूजा के एक माध्यम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे समाज की जीवन शक्ति माना है।”&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश को अतीत में राजनीतिक कमजोरियों के कारण विदेशी आक्रमणकारियों की चुनौतियों का सामना करना पड़ा।</span></p><h5 class=""><b>तुलसीदास ने रामकथा के जरिए समाज को जोड़ा</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने मध्यकालीन दौर का उल्लेख करते हुए कवि-संत तुलसीदास (Tulsidas) के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय जब धर्म पर संकट था, तब तुलसीदास ने रामकथा के माध्यम से समाज को एकजुट करने का काम किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">योगी ने कहा कि तुलसीदास ने रामकथा को माध्यम बनाकर समाज में एकता स्थापित करने का प्रयास किया और लोगों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Raebareli: Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath says, &amp;quot;Customs, diet, and lifestyles may differ; yet, the devotion to Shiva found among the citizens of Tamil Nadu is the very same devotion shared by the faithful in Uttar Pradesh and Uttarakhand, by the followers of Sanatan… &lt;a href="https://t.co/UiGpbgnkGN"&gt;https://t.co/UiGpbgnkGN&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/8450Q8bgRN"&gt;pic.twitter.com/8450Q8bgRN&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2099051464140431607?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>अलग-अलग क्षेत्रों में शिव भक्ति की एकरूपता</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों के रीति-रिवाज, खान-पान और जीवनशैली अलग हो सकती है, लेकिन भगवान शिव के प्रति आस्था में समानता दिखाई देती है।</p><p>उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के नागरिकों में भगवान शिव के प्रति जो भक्ति है, वही आस्था उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के श्रद्धालुओं में भी दिखाई देती है। उन्होंने पूर्वोत्तर, महाराष्ट्र और गुजरात के सनातन धर्मावलंबियों के बीच भी शिव भक्ति की समानता का उल्लेख किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">योगी आदित्यनाथ ने इस साझा आध्यात्मिक जुड़ाव को भारत की विविधता में एकता और सांस्कृतिक परंपराओं की निरंतरता से जोड़कर प्रस्तुत किया।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ रायबरेली: सीएम योगी ने धर्म को बताया समाज की जीवन शक्ति, तुलसीदास के योगदान को किया याद ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/varanasi-seva-sankalp-abhiyan-blood-donation-camps-september-17-6313 ]]></guid><title><![CDATA[ सेवा संकल्प अभियान: वाराणसी में 17 सितंबर को लगेंगे बड़े रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच के बाद ही होगा रक्तदान ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/varanasi-seva-sankalp-abhiyan-blood-donation-camps-september-17-6313 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 12 Sep 2026 19:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ वाराणसी, उत्तर प्रदेश: ‘सेवा संकल्प अभियान’ के पहले दिन 17 सितंबर को वाराणसी जिले में बड़े स्तर पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों की तैयारियों को लेकर शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>वाराणसी, उत्तर प्रदेश:</b> ‘सेवा संकल्प अभियान’ के पहले दिन 17 सितंबर को वाराणसी जिले में बड़े स्तर पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों की तैयारियों को लेकर शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनपी सिंह के निर्देश पर बैठक हुई। इसमें रक्तदान शिविरों में चिकित्सा व्यवस्था, स्वच्छता और रक्तदाताओं की सुविधाओं को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर रक्तदान शिविरों से होगी।&nbsp;</span></p><p>यूपी बीजेपी ऑफिस में ‘सेवा संकल्प अभियान’ पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “यह खास प्रेस कॉन्फ्रेंस उन अलग-अलग कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देने के लिए बुलाई गई है जो 17 सितंबर (सेवा दिवस और प्रधानमंत्री का जन्मदिन) से लेकर 17 अक्टूबर तक, यानी एक महीने तक चलेंगे। 7 अक्टूबर 2026 को हमारे सफल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के गुजरात में मुख्यमंत्री के तौर पर काम शुरू करने के 25 साल पूरे हो रहे हैं... इस सफल 25 साल के सफर का सम्मान करने के लिए, राज्य सरकार और संगठन ने मिलकर एक एक्शन प्लान तैयार किया है।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Lucknow: Addressing a press conference on ‘Sewa Sankalp Abhiyan’ at state BJP office, UP CM Yogi Adityanath (&lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt;) says, “This special press conference has been organised regarding the various programmes that will be held over a period of one month, from… &lt;a href="https://t.co/PTbsKzn5hn"&gt;pic.twitter.com/PTbsKzn5hn&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2098657677027229857?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>'पूरे राज्य में स्वास्थ्य शिविर लगाएंगे, जहां लोग अलग-अलग तरह की जांच करवा सकेंगे'</b></h5><p>राज्य सरकार के 'सेवा संकल्प' अभियान पर यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, "हमने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, प्रिंसिपलों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, संस्थानों के निदेशकों और वाइस-चांसलरों के साथ एक बड़ी बैठक की है। हम 'सेवा संकल्प' अभियान को ज़मीनी स्तर तक ले जाएंगे और लोगों को केंद्र और राज्य के स्वास्थ्य विभागों की उपलब्धियों के बारे में जागरूक करेंगे। हम पूरे राज्य में स्वास्थ्य शिविर भी लगाएंगे, जहां लोग अलग-अलग तरह की जांच करवा सकेंगे और चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। जिन लोगों को टर्शियरी केयर या बड़ी सर्जरी की ज़रूरत होगी, उन्हें आगे के इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाएगा। रक्तदान शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।"</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Lucknow: On the state government&amp;#39;s Seva Sankalp campaign, UP Deputy Chief Minister Brajesh Pathak says, &amp;quot;We have held a major meeting with all the chief medical officers, principals, senior government officials, directors of institutes and vice-chancellors. We will take… &lt;a href="https://t.co/qV0YZuOzte"&gt;pic.twitter.com/qV0YZuOzte&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2098280097463832791?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 11, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>स्वच्छता और व्यवस्थाओं पर विशेष जोर</b></h5><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं को निर्देश दिया कि शिविर में रक्तदान करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की निर्धारित मानकों के अनुसार स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से की जाए। इसमें वजन और रक्तचाप की जांच के साथ आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण शामिल होंगे। </span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पात्र और स्वस्थ व्यक्ति ही रक्तदान करें। रक्तदान के दौरान निर्धारित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि रक्तदाताओं की सुरक्षा बनी रहे।</span></p><p>सीएमओ ने सभी रक्तदान शिविरों में साफ-सफाई और स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिविरों में तैनात सभी कर्मचारियों को निर्धारित वर्दी में उपस्थित रहने के लिए भी कहा गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">रक्तदान के बाद प्रत्येक रक्तदाता को तत्काल जलपान उपलब्ध कराने और रक्तदान प्रमाण पत्र देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया कि शिविरों में रक्तदाताओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था पहले से पूरी कर ली जाए।</span></p><h5 class=""><b>स्वस्थ नागरिकों से रक्तदान की अपील</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>डॉ. एनपी सिंह ने वाराणसी के नागरिकों से अपील की कि सभी स्वस्थ नागरिक स्वेच्छा से रक्तदान कर इस जनसेवा अभियान में भाग लें। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाने में दान किया गया रक्त महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने लोगों से मानव सेवा और जनसेवा की भावना को मजबूत करने के लिए रक्तदान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।</span></i></b></p><h5 class=""><b>28 संस्थानों के प्रतिनिधियों ने की तैयारियों पर चर्चा</b></h5><p>बैठक में कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजय राय, चिकित्सा अधिकारी एवं सह-नोडल अधिकारी अतुल सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी नवीन सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर जुबान अली समेत विभिन्न सरकारी और निजी ब्लड बैंकों तथा चिकित्सा संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।</p><p>बैठक में कुल 28 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें एसएसपीजी मंडलीय जिला अस्पताल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल, आईएमए, आईएमएस बीएचयू, हेरिटेज मेडिकल कॉलेज, हेरिटेज हॉस्पिटल ब्लड बैंक, एपेक्स हॉस्पिटल, स्वामी हरशंकरानंद ब्लड बैंक, अमृताशा ब्लड बैंक, गंगा सेवा सदन कंपोनेंट ब्लड बैंक, कालिंदी ब्लड बैंक और पॉपुलर हॉस्पिटल ब्लड बैंक सहित अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल रहे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बैठक में रक्तदान शिविरों के सफल आयोजन, रक्तदाताओं के लिए सुविधाओं, आवश्यक चिकित्सा इंतजाम और विभिन्न संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सेवा संकल्प अभियान: वाराणसी में 17 सितंबर को लगेंगे बड़े रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच के बाद ही होगा रक्तदान ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/gomti-book-festival-2026-yogi-adityanath-exam-warriors-lucknow-6311 ]]></guid><title><![CDATA[ 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ, CM योगी ने बच्चों को भेंट की ‘Exam Warriors’ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/gomti-book-festival-2026-yogi-adityanath-exam-warriors-lucknow-6311 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 12 Sep 2026 18:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ,&nbsp;उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को प्रधानमंत् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">लखनऊ,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश</span></b><span style="font-size: 1rem;"><b>: </b>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखित पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स (Exam Warriors)’ भेंट की और विद्यार्थियों को पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित किया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकें केवल परीक्षा की तैयारी का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण और जीवन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने युवाओं से पुस्तक पढ़ने की आदत विकसित करने और अपने आसपास पुस्तक संस्कृति को मजबूत करने का आह्वान किया।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">गोमती पुस्तक महोत्सव का पांचवां संस्करण 12 से 20 सितंबर 2026 तक लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) की ओर से आयोजित इस महोत्सव में करीब 250 पुस्तक स्टॉल और 121 प्रकाशक शामिल हो रहे हैं। यहां हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं की किताबें उपलब्ध हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">पुस्तक प्रदर्शनी के साथ साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और समकालीन विषयों पर संवाद तथा विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। आयोजन का उद्देश्य पाठकों, लेखकों, युवा रचनाकारों और साहित्य प्रेमियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी आज लखनऊ में आयोजित 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को माननीय प्रधानमंत्री श्री &lt;a href="https://x.com/narendramodi?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@narendramodi&lt;/a&gt; जी द्वारा लिखित पुस्तक &amp;#39;Exam Warriors&amp;#39; भेंट की।&lt;br&gt;&lt;br&gt;मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह पुस्तक महोत्सव 9… &lt;a href="https://t.co/owHU0wkBHn"&gt;pic.twitter.com/owHU0wkBHn&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2098695394750525499?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>‘युवा किताबें पढ़ना चाहते हैं, उन्हें किताबों तक पहुंचाना होगा’</b></h5><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह मानना सही नहीं है कि आज का युवा किताबों से दूर हो गया है। उनके अनुसार, जरूरत ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिससे अच्छी और उपयोगी किताबें युवाओं तक आसानी से पहुंच सकें। उन्होंने लखनऊ और गोरखपुर में आयोजित पुस्तक मेलों के अनुभव का भी उल्लेख किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि गोमती पुस्तक महोत्सव जैसे आयोजन युवाओं को किताबों और साहित्य से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे मंच विद्यार्थियों को ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और रोचक पुस्तकों से परिचित कराने के साथ उनकी पढ़ने की रुचि को भी बढ़ावा देते हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;मैंने यहां बच्चों को प्रधानमंत्री श्री &lt;a href="https://x.com/narendramodi?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@narendramodi&lt;/a&gt; जी की पुस्तक ‘Exam Warriors’ वितरित की।&lt;br&gt;&lt;br&gt;हर बच्चे को इसे देखना चाहिए, पढ़ना चाहिए और आत्मसात करना चाहिए। यह केवल स्कूली छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि हर युवा और हर नागरिक के लिए है, क्योंकि हर व्यक्ति को किसी न किसी अवसर पर,… &lt;a href="https://t.co/JJJWOy6012"&gt;pic.twitter.com/JJJWOy6012&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2098660407749808460?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>बच्चों को ‘Exam Warriors’ पढ़ने की सलाह</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ भेंट करते हुए इसे पढ़ने और इसके संदेशों को जीवन में अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पुस्तक विद्यार्थियों के साथ-साथ युवाओं के लिए भी उपयोगी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">गोमती पुस्तक महोत्सव के जरिए लखनऊ में अगले नौ दिनों तक साहित्य और ज्ञान से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन होगा। इससे विद्यार्थियों और युवाओं को पुस्तकों, लेखकों और विभिन्न विषयों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;आदरणीय प्रधानमंत्री जी की पुस्तक ‘Exam Warriors’ देश के हर बच्चे को पढ़नी चाहिए और इसमें दिए गए मूलमंत्रों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। यह पुस्तक केवल स्कूली छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि हर युवा और हर नागरिक के लिए प्रेरणादायी है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;—मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी &lt;a href="https://t.co/ZnbUA3fC4p"&gt;pic.twitter.com/ZnbUA3fC4p&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2098666206568067080?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ, CM योगी ने बच्चों को भेंट की ‘Exam Warriors’ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/varanasi-farmers-free-toria-seed-minikits-oilseed-cultivation-6307 ]]></guid><title><![CDATA[ वाराणसी में किसानों को मुफ्त तोरिया बीज मिनीकिट, तेलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/varanasi-farmers-free-toria-seed-minikits-oilseed-cultivation-6307 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 12 Sep 2026 16:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ वाराणसी, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार ने तेलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से वाराणसी में किसानों को मुफ्त तोरिया (लाही) बीज मिनीकिट वितरित किए। यह वितरण काशी  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>वाराणसी, उत्तर प्रदेश:</b> उत्तर प्रदेश सरकार ने तेलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से वाराणसी में किसानों को मुफ्त तोरिया (लाही) बीज मिनीकिट वितरित किए। यह वितरण काशी विद्यापीठ परिसर स्थित चांदपुर राजकीय बीज भंडार में किया गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में ई-लॉटरी के माध्यम से चयनित किसानों को तोरिया बीज मिनीकिट दिए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वाराणसी मंडल के संयुक्त कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार रहे।</span></p><p>उन्होंने खाली पड़ी जमीन वाले किसानों से तोरिया की खेती को नकदी फसल के तौर पर अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि तोरिया की फसल करीब 90 से 95 दिनों में तैयार हो जाती है। इसके बाद किसान उसी खेत में गेहूं या अन्य रबी फसलों की बुवाई कर सकते हैं।</p><h5 class=""><b>किसानों की आय बढ़ाने पर जोर</b></h5><p>कृषि विभाग के अधिकारी ने कहा कि खाली जमीन पर तोरिया की खेती करने से किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर मिल सकता है। उन्होंने किसानों से अन्य रबी फसलों के बीज के लिए ऑनलाइन बुकिंग कराने और किसान पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराने की भी अपील की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने किसानों से कृषि क्षेत्र के हित में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का भी आह्वान किया।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">कार्यक्रम में बीज भंडार प्रभारी राहुल राज, सहायक विकास अधिकारी बालकेश्वर सिंह, बीटीएम रामनरेश, तकनीकी सहायक सुप्रिया सोनी, नेहा रानी और अंकिता मौर्य समेत ई-लॉटरी से चयनित किसान नवीन कुमार, छोटेलाल और छविनाथ सहित अन्य लोग मौजूद रहे।</span></p><p>&lt;blockquote class="instagram-media" data-instgrm-captioned data-instgrm-permalink="https://www.instagram.com/p/DdHRgHCyC5H/?utm_source=ig_embed&amp;amp;utm_campaign=loading" data-instgrm-version="14" style=" background:#FFF; border:0; border-radius:3px; box-shadow:0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width:540px; min-width:326px; padding:0; width:99.375%; width:-webkit-calc(100% - 2px); width:calc(100% - 2px);"&gt;&lt;div style="padding:16px;"&gt; &lt;a href="https://www.instagram.com/p/DdHRgHCyC5H/?utm_source=ig_embed&amp;amp;utm_campaign=loading" style=" background:#FFFFFF; line-height:0; padding:0 0; text-align:center; text-decoration:none; width:100%;" target="_blank"&gt; &lt;div style=" display: flex; flex-direction: row; align-items: center;"&gt; &lt;div style="background-color: #F4F4F4; border-radius: 50%; flex-grow: 0; height: 40px; margin-right: 14px; width: 40px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display: flex; flex-direction: column; flex-grow: 1; justify-content: center;"&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; margin-bottom: 6px; width: 100px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; width: 60px;"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="padding: 19% 0;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display:block; height:50px; margin:0 auto 12px; width:50px;"&gt;&lt;svg width="50px" height="50px" viewBox="0 0 60 60" version="1.1" xmlns="https://www.w3.org/2000/svg" xmlns:xlink="https://www.w3.org/1999/xlink"&gt;&lt;g stroke="none" stroke-width="1" fill="none" fill-rule="evenodd"&gt;&lt;g transform="translate(-511.000000, -20.000000)" fill="#000000"&gt;&lt;g&gt;&lt;path d="M556.869,30.41 C554.814,30.41 553.148,32.076 553.148,34.131 C553.148,36.186 554.814,37.852 556.869,37.852 C558.924,37.852 560.59,36.186 560.59,34.131 C560.59,32.076 558.924,30.41 556.869,30.41 M541,60.657 C535.114,60.657 530.342,55.887 530.342,50 C530.342,44.114 535.114,39.342 541,39.342 C546.887,39.342 551.658,44.114 551.658,50 C551.658,55.887 546.887,60.657 541,60.657 M541,33.886 C532.1,33.886 524.886,41.1 524.886,50 C524.886,58.899 532.1,66.113 541,66.113 C549.9,66.113 557.115,58.899 557.115,50 C557.115,41.1 549.9,33.886 541,33.886 M565.378,62.101 C565.244,65.022 564.756,66.606 564.346,67.663 C563.803,69.06 563.154,70.057 562.106,71.106 C561.058,72.155 560.06,72.803 558.662,73.347 C557.607,73.757 556.021,74.244 553.102,74.378 C549.944,74.521 548.997,74.552 541,74.552 C533.003,74.552 532.056,74.521 528.898,74.378 C525.979,74.244 524.393,73.757 523.338,73.347 C521.94,72.803 520.942,72.155 519.894,71.106 C518.846,70.057 518.197,69.06 517.654,67.663 C517.244,66.606 516.755,65.022 516.623,62.101 C516.479,58.943 516.448,57.996 516.448,50 C516.448,42.003 516.479,41.056 516.623,37.899 C516.755,34.978 517.244,33.391 517.654,32.338 C518.197,30.938 518.846,29.942 519.894,28.894 C520.942,27.846 521.94,27.196 523.338,26.654 C524.393,26.244 525.979,25.756 528.898,25.623 C532.057,25.479 533.004,25.448 541,25.448 C548.997,25.448 549.943,25.479 553.102,25.623 C556.021,25.756 557.607,26.244 558.662,26.654 C560.06,27.196 561.058,27.846 562.106,28.894 C563.154,29.942 563.803,30.938 564.346,32.338 C564.756,33.391 565.244,34.978 565.378,37.899 C565.522,41.056 565.552,42.003 565.552,50 C565.552,57.996 565.522,58.943 565.378,62.101 M570.82,37.631 C570.674,34.438 570.167,32.258 569.425,30.349 C568.659,28.377 567.633,26.702 565.965,25.035 C564.297,23.368 562.623,22.342 560.652,21.575 C558.743,20.834 556.562,20.326 553.369,20.18 C550.169,20.033 549.148,20 541,20 C532.853,20 531.831,20.033 528.631,20.18 C525.438,20.326 523.257,20.834 521.349,21.575 C519.376,22.342 517.703,23.368 516.035,25.035 C514.368,26.702 513.342,28.377 512.574,30.349 C511.834,32.258 511.326,34.438 511.181,37.631 C511.035,40.831 511,41.851 511,50 C511,58.147 511.035,59.17 511.181,62.369 C511.326,65.562 511.834,67.743 512.574,69.651 C513.342,71.625 514.368,73.296 516.035,74.965 C517.703,76.634 519.376,77.658 521.349,78.425 C523.257,79.167 525.438,79.673 528.631,79.82 C531.831,79.965 532.853,80.001 541,80.001 C549.148,80.001 550.169,79.965 553.369,79.82 C556.562,79.673 558.743,79.167 560.652,78.425 C562.623,77.658 564.297,76.634 565.965,74.965 C567.633,73.296 568.659,71.625 569.425,69.651 C570.167,67.743 570.674,65.562 570.82,62.369 C570.966,59.17 571,58.147 571,50 C571,41.851 570.966,40.831 570.82,37.631"&gt;&lt;/path&gt;&lt;/g&gt;&lt;/g&gt;&lt;/g&gt;&lt;/svg&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="padding-top: 8px;"&gt; &lt;div style=" color:#3897f0; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; font-style:normal; font-weight:550; line-height:18px;"&gt;View this post on Instagram&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="padding: 12.5% 0;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display: flex; flex-direction: row; margin-bottom: 14px; align-items: center;"&gt;&lt;div&gt; &lt;div 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border-right: 8px solid transparent; transform: translateY(16px);"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; flex-grow: 0; height: 12px; width: 16px; transform: translateY(-4px);"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" width: 0; height: 0; border-top: 8px solid #F4F4F4; border-left: 8px solid transparent; transform: translateY(-4px) translateX(8px);"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style="display: flex; flex-direction: column; flex-grow: 1; justify-content: center; margin-bottom: 24px;"&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; margin-bottom: 6px; width: 224px;"&gt;&lt;/div&gt; &lt;div style=" background-color: #F4F4F4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; width: 144px;"&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/a&gt;&lt;p style=" color:#c9c8cd; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; line-height:17px; margin-bottom:0; margin-top:8px; overflow:hidden; padding:8px 0 7px; text-align:center; text-overflow:ellipsis; white-space:nowrap;"&gt;&lt;a href="https://www.instagram.com/p/DdHRgHCyC5H/?utm_source=ig_embed&amp;amp;utm_campaign=loading" style=" color:#c9c8cd; font-family:Arial,sans-serif; font-size:14px; font-style:normal; font-weight:normal; line-height:17px; text-decoration:none;" target="_blank"&gt;A post shared by Krish Vibhag Uttar Pradesh (@krishivibhag_up_gov)&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/blockquote&gt;</p><p>&lt;script async src="//www.instagram.com/embed.js"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>MY Bharat की बैठक में युवाओं की भागीदारी पर चर्चा</b></h5><p>इस बीच वाराणसी में My Young India (MY Bharat) की जिला सलाहकार समिति की बैठक भी आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता वाराणसी के अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल) विनय कुमार सिंह ने सनबीम स्कूल के विमर्श सभागार में की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बैठक में MY Bharat वाराणसी के उप निदेशक विकास सिंह ने प्रस्तुति के माध्यम से Viksit Bharat Young Leaders Dialogue 2027 के बारे में जानकारी दी। इसमें Viksit Bharat Young Leaders Dialogue, Viksit Bharat Quiz 2027, आगामी चयन प्रक्रिया और युवाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न ट्रैक की जानकारी साझा की गई।</span></p><h5 class=""><b>15 से 29 वर्ष के युवा ले सकते हैं क्विज में हिस्सा</b></h5><p>महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कार्यक्रम समन्वयक राहुल ने संस्थान के प्रतिनिधियों को MY Bharat पोर्टल पर पंजीकरण, रेफरल कोड बनाने और युवाओं को MY Bharat से जोड़ने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बैठक में विशेष रूप से <b>Viksit Bharat Quiz 2027</b> में युवाओं की भागीदारी पर चर्चा हुई। इसमें 15 से 29 वर्ष की आयु के युवा हिस्सा ले सकते हैं। क्विज में 20 प्रश्न होंगे और प्रतिभागियों को इन्हें हल करने के लिए 10 मिनट का समय मिलेगा।</span></p><p>अपर जिलाधिकारी विनय कुमार सिंह ने शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों से अपने-अपने संस्थानों के पात्र छात्रों और युवाओं तक VBYLD 2027 की जानकारी पहुंचाने की अपील की। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं को Viksit Bharat Quiz में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा, ताकि वाराणसी जिले के ज्यादा युवा इस राष्ट्रीय पहल से जुड़ सकें।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ वाराणसी में किसानों को मुफ्त तोरिया बीज मिनीकिट, तेलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/mayawati-akash-anand-bsp-crisis-6285 ]]></guid><title><![CDATA[ Explained: BSP Crisis: मायावती के भरोसे पर भारी पड़ा परिवार का रिश्ता, आकाश आनंद के निष्कासन के पीछे क्या है सत्ता की अंदरूनी लड़ाई? ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/mayawati-akash-anand-bsp-crisis-6285 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 11 Sep 2026 17:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ/नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (BSP) में एक बार फिर मायावती और उनके भतीजे आकाश आनंद के रिश्तों को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद को एक बार फिर पार्टी स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ/नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (BSP)</b> में एक बार फिर<b> मायावती </b>और उनके भतीजे <b>आकाश आनंद</b> के रिश्तों को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद को एक बार फिर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस फैसले ने सिर्फ आकाश के राजनीतिक भविष्य पर सवाल नहीं खड़े किए, बल्कि BSP के भीतर चल रहे नेतृत्व, भरोसे और प्रभाव की लड़ाई को भी सामने ला दिया है।</p><p>मामला सिर्फ इतना नहीं है कि आकाश ने पार्टी की एक पोस्ट सोशल मीडिया पर रीपोस्ट नहीं की। पार्टी के अंदरूनी घटनाक्रम से जुड़े विवरणों के मुताबिक, इसके पीछे लंबे समय से चल रही खींचतान, आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ की भूमिका और मायावती के करीबी नेताओं की शिकायतों ने भी माहौल बनाया। आकाश को पहले भी कई बार जिम्मेदारियों से हटाया जा चुका है।</p><h5 class=""><b>आकाश आनंद के निष्कासन की शुरुआत कहां से हुई?</b></h5><p>3 सितंबर को लखनऊ स्थित BSP मुख्यालय में हुई पार्टी बैठक में आकाश आनंद को नहीं बुलाया गया। इसी बैठक में उन्हें राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटाने का फैसला सामने आया। इसके बाद सोशल मीडिया पर मायावती के फैसले को लेकर चर्चा तेज हुई। हालांकि, इसके बाद मायावती ने आकाश के लिए पार्टी में बने रहने की संभावना का रास्ता खुला रखा।</p><p><img style="width: 780.067px;" src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/09/akash-anand_1789121053.jpg"><br></p><p><br></p><p>मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए संकेत दिया कि आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए। इसके बाद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने अपने भावुक संदेश में कहा कि पार्टी और मायावती के लिए वह पूरी तरह समर्पित रहे हैं और उन्होंने कभी BSP पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश नहीं की।</p><p>लेकिन इसके बाद घटनाक्रम तेजी से बदल गया। रिपोर्ट के मुताबिक मायावती इस बात से नाराज हुईं कि अशोक सिद्धार्थ की ओर से संन्यास की घोषणा तत्काल नहीं हुई। दूसरी तरफ, उनके स्वास्थ्य खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने की वजह से प्रतिक्रिया में देरी की बात भी सामने आई।</p><h5 class=""><b>सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट बना आखिरी वजह?</b></h5><p>BSP से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आए विवरण के अनुसार, एक पार्टी नेता ने आकाश आनंद से संपर्क कर मायावती की पोस्ट को रीपोस्ट करने के लिए कहा था। आकाश ने कथित तौर पर सवाल किया कि जब मायावती को उन पर भरोसा नहीं है तो उनकी पोस्ट को रीपोस्ट करने से क्या फायदा होगा।</p><p>आकाश ने यह भी आपत्ति जताई कि मायावती ने अपनी पोस्ट में उन्हें भतीजे के बजाय अशोक सिद्धार्थ के दामाद के रूप में संबोधित किया। यह बातचीत पार्टी नेतृत्व तक पहुंची और इसके बाद मामला और गंभीर हो गया।</p><p>यही घटनाक्रम आकाश के ताजा निष्कासन की तत्काल वजहों में से एक बताया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध सामग्री में इन अंदरूनी दावों की स्वतंत्र पुष्टि का विवरण नहीं है, इसलिए इन्हें पार्टी सूत्रों के दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।</p><h5 class=""><b>आकाश और अशोक सिद्धार्थ का रिश्ता क्यों बना मुद्दा?</b></h5><p>आकाश आनंद की शादी 26 मार्च 2023 को अशोक सिद्धार्थ की बेटी डॉ. प्रज्ञा सिद्धार्थ से हुई थी। शादी के कुछ महीनों बाद दिसंबर 2023 में मायावती ने आकाश को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। लेकिन इसके बाद उनके और आकाश के बीच राजनीतिक समीकरण लगातार बदलते रहे।</p><p>अशोक सिद्धार्थ का BSP से पुराना रिश्ता रहा है। उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद कांशीराम से जुड़े BAMCEF में काम किया था। बाद में वह BSP में आए और मायावती ने उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद तथा राज्यसभा तक भेजा। एक समय वह आकाश आनंद के साथ पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक भी रहे।</p><p>यहीं से आकाश के साथ उनका पारिवारिक और राजनीतिक रिश्ता पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बनने लगा। पार्टी के कुछ नेताओं को कथित तौर पर लगा कि अशोक सिद्धार्थ का प्रभाव बढ़ रहा है और इसका असर संगठन में उनकी अपनी भूमिका पर पड़ रहा है।</p><h5 class=""><b>आकाश पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई</b></h5><p>आकाश आनंद के खिलाफ मौजूदा कार्रवाई पहली बार नहीं हुई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, 2024 से 2026 के बीच मायावती ने उनके खिलाफ कई बार संगठनात्मक कार्रवाई की।</p><ul><li><b>मई 2024 में उन्हें राष्ट्रीय समन्वयक के पद से हटाया गया और उत्तराधिकारी का दर्जा भी वापस लिया गया।<br></b></li><li><b>मार्च 2025 में उन्हें दोबारा पद से हटाकर पार्टी से बाहर किया गया।<br></b></li><li><b>3 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया गया।<br></b></li><li><b>10 सितंबर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।</b></li></ul><p>इन घटनाओं से साफ है कि मायावती और आकाश के बीच राजनीतिक भरोसे का संकट अचानक पैदा नहीं हुआ। समय के साथ दोनों के बीच मतभेद सार्वजनिक होते गए।</p><h5 class=""><b>पार्टी में आकाश के काम करने के तरीके को लेकर भी सवाल</b></h5><p>पार्टी सूत्रों के अनुसार, विदेश में पढ़े आकाश आनंद BSP में आधुनिक राजनीतिक शैली और नए तौर-तरीके लाना चाहते थे। उन्होंने कथित तौर पर पार्टी के बड़े फंड का इस्तेमाल संगठन विस्तार और चुनाव प्रचार में ज्यादा प्रभावी तरीके से करने का सुझाव दिया था।</p><p>2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए आकाश ने हाथरस के सादाबाद में एक रैली के जरिए अभियान की शुरुआत भी की। इसके बाद जेवर में भी रैली हुई। पार्टी के भीतर यह चर्चा शुरू हुई कि राष्ट्रीय संयोजक के रूप में आकाश टिकट वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।</p><p><img style="width: 780.067px;" src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/09/bsp-crises_1789121053.jpg"><br></p><p>यही बढ़ती राजनीतिक सक्रियता शायद पार्टी के पुराने नेताओं के लिए चिंता का कारण बनी। आकाश के विरोधियों ने कथित तौर पर मायावती के सामने शिकायतें रखीं कि पार्टी के कार्यक्रमों और प्रचार को लेकर उनके फैसलों में केंद्रीय नेतृत्व की अनुमति का पर्याप्त पालन नहीं हो रहा।</p><p>इसके बाद मायावती ने निर्देश दिया कि पार्टी का कोई भी कार्यक्रम उनकी अनुमति के बिना आयोजित नहीं किया जाएगा। कुछ ही समय बाद आकाश को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया गया।</p><h5 class=""><b>मायावती तक पहुंच रही थीं लगातार शिकायतें?</b></h5><p>BSP के अंदरूनी घटनाक्रम के मुताबिक, आकाश के खिलाफ कई तरह की शिकायतें मायावती तक पहुंचाई जा रही थीं। इनमें यह आरोप भी शामिल था कि वह अपने ससुर के साथ मिलकर पार्टी में नई व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहे हैं।</p><p>ऐसी शिकायतों ने मायावती के मन में आकाश को लेकर संदेह पैदा किया। उपलब्ध सामग्री के अनुसार, आकाश को पहले भी हटाए जाने के बाद वापस लाया गया था, लेकिन पार्टी के भीतर उनका विरोध खत्म नहीं हुआ।</p><p>यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ये बातें पार्टी के सूत्रों और अंदरूनी दावों पर आधारित हैं। इनके आधार पर किसी व्यक्ति द्वारा पार्टी पर कब्जे या अलग गुट बनाने की कोशिश को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।</p><p><img style="width: 780.067px;" src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/09/ramji-gautam_1789121271.jpg"><br></p><h5 class=""><b><br></b></h5><h5 class=""><b>रामजी गौतम की भूमिका भी चर्चा में</b></h5><p>BSP के राज्यसभा सांसद रामजी गौतम का नाम भी इस पूरे घटनाक्रम में सामने आता है। उपलब्ध सामग्री के अनुसार, वह जमीनी स्तर से पार्टी में आगे बढ़े और आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ से उनके पुराने राजनीतिक संबंध रहे हैं।</p><p>दावा किया गया है कि जब भी अशोक सिद्धार्थ या आकाश आनंद पार्टी में कमजोर हुए, रामजी गौतम की संगठनात्मक स्थिति मजबूत हुई। आकाश को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाए जाने के बाद मायावती ने रामजी गौतम को 10 राज्यों का सेक्टर प्रभारी बनाया।</p><p>इसी संदर्भ में यह दावा भी सामने आया कि 3 सितंबर की बैठक में आकाश के BSP में काम करने के लिए उनके ससुर के राजनीति से हटने की शर्त रखी गई थी। बाद में मायावती की ओर से भी इसी तरह की शर्त सामने आई।</p><h5 class=""><b>ईशान आनंद को आगे बढ़ाने की चर्चा</b></h5><p>आकाश आनंद के बाद मायावती के छोटे भतीजे ईशान आनंद को लेकर भी BSP में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उपलब्ध सामग्री के मुताबिक, उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है और पार्टी में नई पीढ़ी के नेतृत्व के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।</p><p><img style="width: 780.067px;" src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/09/anand-kumar_1789121053.jpg"><br></p><p>लेकिन यही स्थिति BSP के सामने एक बड़ी चुनौती भी खड़ी करती है। अगर परिवार से आने वाले नेताओं को लेकर लगातार अविश्वास और संगठन के पुराने नेताओं के साथ टकराव बना रहता है, तो भविष्य में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया और कठिन हो सकती है।</p><h5 class=""><b>मायावती के लिए असली चुनौती क्या है?</b></h5><p>BSP की सबसे बड़ी ताकत लंबे समय तक मायावती का व्यक्तिगत राजनीतिक प्रभाव रहा है। कांशीराम के साथ राजनीतिक सफर शुरू करने के बाद वह पार्टी का प्रमुख चेहरा बनीं और उत्तर प्रदेश की राजनीति में कई बार सत्ता तक पहुंचीं।</p><p>लेकिन अब पार्टी के सामने पीढ़ीगत बदलाव की चुनौती है। मायावती के बाद BSP का नेतृत्व कौन संभालेगा, यह सवाल लंबे समय से राजनीतिक चर्चा में रहा है। आकाश आनंद को उत्तराधिकारी बनाए जाने के बाद उम्मीद थी कि पार्टी नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने की दिशा में बढ़ रही है। बार-बार हुई कार्रवाई ने इस प्रक्रिया को अनिश्चित बना दिया है।</p><p>मौजूदा घटनाक्रम यह भी बताता है कि BSP में सिर्फ परिवार बनाम संगठन का सवाल नहीं है। इसके पीछे नेतृत्व पर भरोसा, संगठन में प्रभाव और भविष्य की राजनीतिक दिशा से जुड़े कई स्तर हैं।</p><p>आकाश आनंद के ताजा निष्कासन के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि BSP की कमान आगे किस तरह व्यवस्थित की जाती है और मायावती नई पीढ़ी के नेतृत्व को किस रूप में आगे बढ़ाती हैं। फिलहाल इतना जरूर है कि आकाश का राजनीतिक सफर एक बार फिर मायावती के फैसले से बड़े मोड़ पर पहुंच गया है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Explained: BSP Crisis: मायावती के भरोसे पर भारी पड़ा परिवार का रिश्ता, आकाश आनंद के निष्कासन के पीछे क्या है सत्ता की अंदरूनी लड़ाई? ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-pwd-road-repair-review-lucknow-6284 ]]></guid><title><![CDATA[ बारिश-बाढ़ से खराब सड़कों की तुरंत मरम्मत के निर्देश, CM योगी ने PWD कार्यों की समीक्षा की ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-pwd-road-repair-review-lucknow-6284 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 11 Sep 2026 15:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश: </b>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें आवागमन योग्य बनाने के निर्देश दिए।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए नए मार्गों का भी सर्वे कराया जाए। जिन सड़कों की स्थिति खराब है, उन्हें फिलहाल मोटरेबल बनाया जाए, जबकि बरसात समाप्त होने के बाद जरूरत के अनुसार उनका स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।</span></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी पर्व और त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होगा। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व और त्योहारों से पहले जरूरी मरम्मत और नवीनीकरण के सभी कार्य पूरे किए जाएं। सड़कों को आवागमन योग्य बनाने के साथ-साथ निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखने को कहा गया।</span></p><h5 class=""><b>अस्पताल और बाजारों के आसपास की सड़कें प्राथमिकता पर</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और ऐसे अन्य स्थानों की सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए, जहां आमजन का आवागमन अधिक रहता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि ऐसे मार्गों पर तत्काल काम शुरू कराया जाए। जहां मरम्मत की आवश्यकता है, वहां बिना किसी देरी के सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाए। उन्होंने काम में तेजी के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आगामी पर्व एवं त्योहारों में बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होगा। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर आवागमन में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। पर्व एवं त्योहारों से पहले आवश्यक मरम्मत एवं नवीनीकरण के कार्य पूरे किए जाएं।&lt;br&gt;&lt;br&gt;मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शिक्षण…&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2098333260241887342?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 11, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>कई विभागों की कार्ययोजनाओं की समीक्षा</b></h5><p>समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों से उनकी कार्ययोजना की जानकारी ली। इसके अलावा मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की कार्ययोजनाओं की भी समीक्षा की।</p><p>मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों में विभागों के बीच प्रभावी तालमेल से आमजन को समय पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ बारिश-बाढ़ से खराब सड़कों की तुरंत मरम्मत के निर्देश, CM योगी ने PWD कार्यों की समीक्षा की ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-govind-ballabh-pant-jayanti-6257 ]]></guid><title><![CDATA[ पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर CM योगी ने किया नमन, बताया सुशासन का आदर्श ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-govind-ballabh-pant-jayanti-6257 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 10 Sep 2026 13:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ स्थित लोकभवन में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किय ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश:</b> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ स्थित लोकभवन में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और देश के महान राजनेता के रूप में पंडित पंत के योगदान को याद किया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने सुशासन का आदर्श प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रदेश के आर्थिक उन्नयन के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए उल्लेखनीय कार्य किए।</span></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का सार्वजनिक जीवन प्रशासनिक कुशलता, जनसेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा है। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने राज्य के विकास की मजबूत आधारशिला रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पंडित पंत ने शासन व्यवस्था को जनकल्याण से जोड़ते हुए प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देने का काम किया। उनके विचार और कार्य आज भी सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी ने आज लोकभवन, लखनऊ में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की 139वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।&lt;br&gt;&lt;br&gt;इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप… &lt;a href="https://t.co/xpUIG75r1L"&gt;pic.twitter.com/xpUIG75r1L&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2097931480068419943?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 10, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>देश के लिए पंडित पंत का महत्वपूर्ण योगदान</b></h5><p>पंडित गोविंद बल्लभ पंत स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और बाद में देश के केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1957 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से पंडित गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों और जनसेवा की भावना को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में &amp;#39;भारत रत्न&amp;#39; पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी ने सुशासन का मॉडल प्रस्तुत करने के साथ ही प्रदेश के आर्थिक उन्नयन और समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया।&lt;br&gt;&lt;br&gt;—मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी &lt;a href="https://t.co/W7BuITomgD"&gt;pic.twitter.com/W7BuITomgD&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2097926501845115355?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 10, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर CM योगी ने किया नमन, बताया सुशासन का आदर्श ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/mayawati-akash-anand-bsp-condition-6246 ]]></guid><title><![CDATA[ BSP में आकाश आनंद की वापसी पर मायावती ने रखी शर्त, अशोक सिद्धार्थ को लेकर साफ किया रुख ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/mayawati-akash-anand-bsp-condition-6246 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 09 Sep 2026 16:15:01 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) में आकाश आनंद की सक्रिय भूमिका को लेकर पार्टी प्रमुख मायावती ने बुधवार को बड़ा संकेत दिया है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि आकाश आनंद को पार्टी म ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP)</b> में <b>आकाश आनंद </b>की सक्रिय भूमिका को लेकर पार्टी प्रमुख मायावती ने बुधवार को बड़ा संकेत दिया है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि आकाश आनंद को पार्टी में दोबारा खुलकर काम करने का मौका तभी मिल सकता है, जब अशोक सिद्धार्थ अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं छोड़कर पूरी तरह राजनीति से संन्यास ले लें।</p><p>मायावती ने अपने बयान में अशोक सिद्धार्थ पर पार्टी हितों की तुलना में निजी और पारिवारिक हितों को अधिक महत्व देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से उन्हें अपनी कार्यशैली में सुधार करने के कई अवसर दिए गए, लेकिन उनका रवैया अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा।</p><h5 class=""><b>आकाश आनंद को जिम्मेदारी वापस मिलने का रास्ता क्या?</b></h5><p>मायावती के मुताबिक, आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए अशोक सिद्धार्थ के पास अभी भी अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा छोड़ने का विकल्प है। उन्होंने कहा कि यदि वह निजी स्वार्थों से ऊपर उठकर राजनीति से पूरी तरह अलग हो जाते हैं, तो ऐसी स्थिति में आकाश आनंद के लिए पार्टी में स्वतंत्र रूप से काम करना संभव हो सकता है।</p><p>मायावती ने यह भी संकेत दिया कि इसके बाद पार्टी आकाश आनंद को उनकी पुरानी जिम्मेदारियां वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकती है। यानी फिलहाल आकाश आनंद की पार्टी में सक्रिय भूमिका और जिम्मेदारियों की बहाली को लेकर फैसला सीधे तौर पर एक शर्त से जुड़ा दिखाई दे रहा है।</p><h5 class=""><b>अशोक सिद्धार्थ पर मायावती का आरोप</b></h5><p>BSP प्रमुख ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ को पार्टी और बहुजन आंदोलन के लिए अन्य कार्यकर्ताओं की तुलना में अधिक मेहनत और त्याग करना चाहिए था। उनके अनुसार, इसके विपरीत उन्होंने निजी और पारिवारिक हितों को प्राथमिकता दी।</p><p>मायावती ने यह भी कहा कि अशोक सिद्धार्थ ने बहुजन आंदोलन के हितों को उस तरह महत्व नहीं दिया, जिसकी पार्टी उनसे अपेक्षा करती थी। उनके बयान से साफ है कि पार्टी नेतृत्व और अशोक सिद्धार्थ के बीच मतभेद का असर आकाश आनंद की राजनीतिक भूमिका पर भी पड़ा है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;1. जैसाकि सर्वविदित है कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड व पंजाब में विधानसभा का आमचुनाव अब बहुत नज़दीक है और ये तीनों ही राज्य, परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के ’बहुजन समाज’ को ’शोषित से शासक वर्ग’ बनने हेतु उनके आत्म-सम्मान एवं स्वाभिमान के कारवाँ को आगे बढ़ाने के लिये…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Mayawati (@Mayawati) &lt;a href="https://x.com/Mayawati/status/2097615009685839986?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>UP, उत्तराखंड और पंजाब पर BSP का फोकस</b></h5><p>मायावती ने अपने पोस्ट में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब को BSP के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में पार्टी बहुजन समाज को शोषित वर्ग से सत्ता में भागीदारी हासिल करने वाले वर्ग में बदलने के उद्देश्य से काम कर रही है।</p><p>BSP प्रमुख ने आरक्षण और बहुजन आंदोलन के सामने मौजूद चुनौतियों का भी जिक्र किया और पार्टी में एकजुटता की जरूरत पर जोर दिया। ऐसे समय में जब इन राज्यों में चुनावी गतिविधियां महत्वपूर्ण होने वाली हैं, मायावती का यह बयान पार्टी के अंदर संगठनात्मक अनुशासन और नेतृत्व को लेकर उनकी प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है।</p><p>फिलहाल आकाश आनंद की सक्रिय भूमिका को लेकर अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है, लेकिन मायावती के बयान से इतना स्पष्ट है कि उनकी वापसी का रास्ता अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक भविष्य से जोड़ा गया है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ BSP में आकाश आनंद की वापसी पर मायावती ने रखी शर्त, अशोक सिद्धार्थ को लेकर साफ किया रुख ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/rahul-gandhi-raebareli-2027-6242 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Election 2027: रायबरेली में कांग्रेस के ‘0’ का संकट खत्म कर पाएंगे राहुल गांधी? सोनिया युग लौटाने की बड़ी चुनौती ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/rahul-gandhi-raebareli-2027-6242 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 09 Sep 2026 13:51:27 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ रायबरेली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और रायबरेली इस रणनीति के केंद्र में नजर आ रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली सांसद राहुल गांधी का ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>रायबरेली: </b>उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और रायबरेली इस रणनीति के केंद्र में नजर आ रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और <b>रायबरेली सांसद राहुल गांधी </b>का लगातार अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा करना इसी दिशा में देखा जा रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी की बड़ी जीत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा किया है, लेकिन विधानसभा चुनाव में पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने पारंपरिक गढ़ में खाता खोलने की है।</p><p>रायबरेली लंबे समय से गांधी परिवार और कांग्रेस की राजनीति से जुड़ा मजबूत क्षेत्र रहा है। लेकिन विधानसभा स्तर पर तस्वीर लोकसभा चुनाव से बिल्कुल अलग है। 2022 में जिले की किसी भी विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी जीत दर्ज नहीं कर सका था। अब सवाल यह है कि क्या राहुल गांधी अपनी लोकसभा जीत के प्रभाव को विधानसभा सीटों तक पहुंचाकर कांग्रेस को फिर से मजबूत कर पाएंगे?</p><h5 class=""><b>राहुल गांधी का लगातार रायबरेली दौरा क्यों अहम?</b></h5><p>रायबरेली से सांसद चुने जाने के बाद राहुल गांधी लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। इस बार भी उन्होंने दो दिवसीय दौरे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और अलग-अलग वर्गों के प्रतिनिधियों से संवाद किया।</p><p>उन्होंने व्यापारियों से मुलाकात कर उनके कारोबार से जुड़ी समस्याएं सुनीं। सर्राफा कारोबारियों ने सोने-चांदी के व्यापार में गिरावट, महंगाई और बाजार में कम होती क्रयशक्ति जैसे मुद्दे उठाए। राहुल गांधी ने उनकी समस्याओं को संसद और सड़क दोनों स्तरों पर उठाने का भरोसा दिया।</p><p>इसके बाद उन्होंने केमिस्ट प्रतिनिधिमंडल से भी बातचीत की। दवा कारोबारियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री और बिना चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री से पारंपरिक कारोबार पर पड़ रहे असर की शिकायत की।</p><p>राहुल गांधी का यह लगातार जनसंवाद कांग्रेस की स्थानीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व रायबरेली को केवल सांसद के क्षेत्र के तौर पर नहीं, बल्कि संगठन को दोबारा खड़ा करने के आधार के रूप में देख रहा है।</p><h5 class=""><b>‘सोनिया एरा’ की वापसी सबसे बड़ी चुनौती</b></h5><p>रायबरेली की राजनीति में सोनिया गांधी के दौर को कांग्रेस के मजबूत संगठन से जोड़कर देखा जाता है। सोनिया गांधी के 2004 में रायबरेली से सांसद बनने के बाद 2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जिले में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था।</p><p>उस चुनाव में बछरावां, सलोन, सरेनी, ऊंचाहार और हरचंदपुर सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवार विजयी हुए थे। रायबरेली सदर से अखिलेश सिंह निर्दलीय विधायक बने थे। यानी उस दौर में कांग्रेस का प्रभाव विधानसभा स्तर तक दिखाई देता था।</p><p>लेकिन इसके बाद पार्टी की स्थिति लगातार कमजोर होती गई। 2012 में कांग्रेस जिले की किसी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकी। 2017 में रायबरेली और हरचंदपुर से कांग्रेस के टिकट पर अदिति सिंह और राकेश सिंह चुनाव जीते, लेकिन बाद में दोनों भाजपा में चले गए।</p><p>2022 में पार्टी के सामने स्थिति और कठिन हो गई। कांग्रेस ने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत सकी। बछरावां से राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले सुशील पासी पार्टी के ऐसे उम्मीदवार रहे जिनकी जमानत बची।</p><h5 class=""><b>छह विधानसभा सीटों का गणित</b></h5><p>रायबरेली जिले में छह विधानसभा सीटें हैं—<b>रायबरेली सदर, हरचंदपुर, बछरावां, सरेनी, ऊंचाहार </b>और <b>सलोन</b>। इनमें पांच सीटें रायबरेली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं।</p><p>2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने रायबरेली सदर और सलोन सीट जीती थी, जबकि हरचंदपुर, बछरावां, सरेनी और ऊंचाहार में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार विजयी हुए थे।</p><p>हालांकि, ऊंचाहार के सपा विधायक मनोज पांडेय बाद में भाजपा में शामिल हो गए। इससे मौजूदा राजनीतिक समीकरणों में भी बदलाव आया है।</p><p>यानी राहुल गांधी लोकसभा में मजबूत स्थिति में हैं, लेकिन विधानसभा स्तर पर कांग्रेस के पास फिलहाल कोई विधायक नहीं है। यही विरोधाभास 2027 के चुनाव में पार्टी की सबसे बड़ी परीक्षा बनने वाला है।</p><h5 class=""><b>2024 के नतीजों ने बढ़ाई उम्मीद</b></h5><p>2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने रायबरेली सीट पर बड़ी जीत दर्ज की। खास बात यह रही कि रायबरेली लोकसभा क्षेत्र में आने वाली सभी पांच विधानसभा सीटों पर उन्हें बढ़त मिली।</p><p>कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए यह परिणाम महत्वपूर्ण संकेत है। उनका मानना है कि लोकसभा चुनाव की जीत से जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है और पार्टी के लिए विधानसभा चुनाव में नए सिरे से मुकाबला करने का आधार तैयार हुआ है।</p><p>राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की ओर से स्थानीय मुद्दों और संगठन को लेकर सक्रियता भी कांग्रेस के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।</p><p>लेकिन लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव की परिस्थितियां अलग होती हैं। विधानसभा में उम्मीदवार की स्थानीय पकड़, जातीय समीकरण, संगठन की ताकत और बूथ स्तर का नेटवर्क अधिक निर्णायक हो सकता है।</p><h5 class=""><b>सपा के साथ गठबंधन बना तो सीट शेयरिंग होगी चुनौती</b></h5><p>कांग्रेस के लिए 2027 में एक और बड़ा सवाल समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन को लेकर है। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में अच्छा प्रदर्शन किया था। यदि दोनों दल विधानसभा चुनाव में भी साथ आते हैं, तो रायबरेली में सीटों का बंटवारा आसान नहीं होगा।</p><p>वर्तमान में जिले की अधिकांश विधानसभा सीटों पर सपा का प्रभाव या उसका विधायक रहा है। ऐसे में सवाल उठेगा कि क्या सपा अपनी जीती हुई सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ेगी?</p><p>2017 में भी सपा-कांग्रेस गठबंधन के दौरान रायबरेली की कुछ सीटों पर दोनों दलों के बीच दोस्ताना मुकाबला देखने को मिला था। इसलिए 2027 में गठबंधन होने की स्थिति में सीट शेयरिंग कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन सकती है।</p><p>दूसरी तरफ भाजपा भी रायबरेली को हल्के में नहीं लेने वाली। पार्टी की ओर से विकास योजनाओं, संगठन और सामाजिक समीकरणों के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश होगी।</p><h5 class=""><b>राहुल के सामने सिर्फ जीत नहीं, संगठन खड़ा करने की चुनौती</b></h5><p>राहुल गांधी के लिए रायबरेली का चुनाव सिर्फ विधानसभा सीटें जीतने का सवाल नहीं है। यह कांग्रेस की उस राजनीतिक विरासत को दोबारा मजबूत करने की परीक्षा भी है, जो पिछले कुछ वर्षों में कमजोर हुई है।</p><p>राहुल गांधी की लोकसभा जीत ने निश्चित रूप से कांग्रेस को मनोबल दिया है, लेकिन विधानसभा चुनाव में उस लहर को सीटों में बदलने के लिए पार्टी को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करना होगा। स्थानीय नेताओं की पहचान, मजबूत उम्मीदवारों का चयन और अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच लगातार संवाद इसकी कुंजी हो सकता है।</p><p>व्यापारियों से लेकर सामाजिक समूहों और पार्टी कार्यकर्ताओं तक राहुल गांधी की सीधी बातचीत को इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।</p><p>अब असली परीक्षा 2027 में होगी। अगर कांग्रेस रायबरेली की एक या उससे अधिक विधानसभा सीटों पर वापसी करती है, तो इसे पार्टी के पुनरुत्थान का संकेत माना जा सकता है। लेकिन यदि 2022 की तरह फिर खाता नहीं खुलता, तो यह सवाल और मजबूत होगा कि गांधी परिवार का प्रभाव लोकसभा तक तो कायम है, लेकिन विधानसभा स्तर पर कांग्रेस संगठन अभी भी कमजोर है।</p><p>इसलिए रायबरेली में 2027 का मुकाबला राहुल गांधी के लिए सिर्फ ‘सांसद बनाम विधायक’ का चुनाव नहीं, बल्कि कांग्रेस के पुराने राजनीतिक आधार को फिर से खड़ा करने की बड़ी परीक्षा है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Election 2027: रायबरेली में कांग्रेस के ‘0’ का संकट खत्म कर पाएंगे राहुल गांधी? सोनिया युग लौटाने की बड़ी चुनौती ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-bjp-mla-ticket-survey-6241 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Election 2027: BJP के आंतरिक सर्वे से बढ़ी टेंशन, 125-128 विधायकों के टिकट पर संकट! ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-bjp-mla-ticket-survey-6241 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 09 Sep 2026 12:41:38 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठन और मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन का आकलन शुरू कर दिया है। पार्टी के कथित आंतरिक सर्वे में बड़ी संख्या में मौजूदा विधायकों के खि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ:</b> उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठन और मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन का आकलन शुरू कर दिया है। पार्टी के कथित आंतरिक सर्वे में बड़ी संख्या में मौजूदा विधायकों के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी के संकेत मिलने की चर्चा है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि करीब 125 से 128 मौजूदा विधायकों के टिकट बदले या काटे जा सकते हैं।</p><p>हालांकि, टिकटों को लेकर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और चुनाव से पहले होने वाली संगठनात्मक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा। ऐसे में फिलहाल इन आंकड़ों को संभावित रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।</p><h5 class=""><b>2024 के लोकसभा चुनाव से BJP ने लिया सबक</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश करेगी। इसी रणनीति के तहत विधानसभा की सभी 403 सीटों पर विधायकों के कामकाज, स्थानीय पकड़ और जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता को लेकर आकलन किए जाने की बात सामने आई है।</p><p>पार्टी के लिए 2024 का लोकसभा चुनाव एक महत्वपूर्ण सबक रहा, जब उत्तर प्रदेश में भाजपा को अपेक्षित प्रदर्शन नहीं मिला। इसके बाद संगठन स्तर पर स्थानीय स्तर की नाराजगी, उम्मीदवारों की छवि और क्षेत्रीय समीकरणों पर ज्यादा ध्यान देने की रणनीति अपनाई जा रही है।</p><p>चर्चा है कि पार्टी इस बार केवल बड़े नेताओं की लोकप्रियता के भरोसे नहीं रहना चाहती, बल्कि हर विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदवार की व्यक्तिगत स्थिति को भी अहम मान रही है।</p><h5 class=""><b>छह क्षेत्रों में संभावित टिकट बदलाव का दावा</b></h5><p>भाजपा संगठनात्मक तौर पर उत्तर प्रदेश को छह क्षेत्रों में देखती है। कथित आंतरिक सर्वे के आधार पर प्रत्येक क्षेत्र में मौजूदा विधायकों के टिकट बदले जाने की अलग-अलग संभावना जताई जा रही है।</p><ul><li>पश्चिम क्षेत्र: 71 सीटों में करीब 23-25 टिकट बदलने की चर्चा।<br></li><li>ब्रज क्षेत्र: 65 सीटों में 24-26 मौजूदा विधायकों पर बदलाव का अनुमान।<br></li><li>अवध क्षेत्र: 82 सीटों में 26-28 टिकट प्रभावित होने की संभावना।<br></li><li>कानपुर क्षेत्र: 52 सीटों में 22-24 सीटों पर बदलाव की चर्चा।<br></li><li>काशी क्षेत्र: 72 सीटों में 19-21 टिकट बदले जाने का अनुमान।<br></li><li>गोरखपुर क्षेत्र: 62 सीटों में 18-22 मौजूदा उम्मीदवारों को बदलने की संभावना।</li></ul><p>इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अगर पार्टी वास्तव में इतने बड़े पैमाने पर उम्मीदवार बदलती है तो 2027 के चुनाव में भाजपा का टिकट वितरण पिछले चुनावों की तुलना में काफी अलग नजर आ सकता है।</p><h5 class=""><b>योगी सरकार के सामने हैट्रिक की चुनौती</b></h5><p>2027 का चुनाव भाजपा के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने की कोशिश करेगी। 2022 में भाजपा ने 255 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) और निषाद पार्टी के साथ एनडीए की कुल संख्या 273 सीटों तक पहुंची थी।</p><p>उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 202 है। 2022 में भाजपा ने अपने सहयोगियों के साथ यह आंकड़ा आसानी से पार किया था।</p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चुनावी तैयारियों के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विकास परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। पार्टी की कोशिश सरकार के कामकाज को चुनावी मुद्दा बनाने के साथ-साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की है।</p><h5 class=""><b>विपक्ष भी तैयार कर रहा रणनीति</b></h5><p>भाजपा के सामने इस बार विपक्षी दलों का गठजोड़ भी बड़ी चुनौती हो सकता है। 2024 के लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस उत्साहित हैं।</p><p>अखिलेश यादव PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। वहीं कांग्रेस अपने पारंपरिक समर्थन आधार को विस्तार देने की कोशिश कर रही है।</p><p>दूसरी तरफ NDA के समीकरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में राष्ट्रीय लोकदल की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण है। अपना दल (सोनेलाल) और निषाद पार्टी जैसे सहयोगी पहले से भाजपा के साथ रहे हैं।</p><p>इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी, आजाद समाज पार्टी और AIMIM जैसे दल भी चुनाव मैदान में सक्रिय रहने की तैयारी कर रहे हैं। इससे कई सीटों पर मुकाबला बहुकोणीय हो सकता है।</p><h5 class=""><b>टिकट कटने का फैसला इतना अहम क्यों?</b></h5><p>मौजूदा विधायकों के टिकट बदलने का फैसला भाजपा के लिए दोधारी रणनीति हो सकता है। खराब स्थानीय छवि या मजबूत एंटी-इनकंबेंसी वाले उम्मीदवारों को बदलने से पार्टी को फायदा मिल सकता है। लेकिन दूसरी तरफ टिकट कटने से स्थानीय नेताओं और उनके समर्थकों में असंतोष पैदा होने का जोखिम भी रहेगा।</p><p>यही वजह है कि पार्टी संभावित उम्मीदवारों के प्रदर्शन के साथ-साथ संगठन में उनकी स्वीकार्यता, स्थानीय जातीय समीकरण और चुनावी क्षमता को भी ध्यान में रख सकती है।</p><p>फिलहाल 125-128 विधायकों के टिकट कटने की चर्चा अंतिम सूची नहीं है। चुनाव से पहले पार्टी कई स्तरों पर फीडबैक और सर्वे के आधार पर उम्मीदवारों का मूल्यांकन कर सकती है। इसलिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव नजदीक आने पर भाजपा वास्तव में कितने मौजूदा विधायकों को दोबारा मैदान में उतारती है और कितने नए चेहरों पर दांव लगाती है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Election 2027: BJP के आंतरिक सर्वे से बढ़ी टेंशन, 125-128 विधायकों के टिकट पर संकट! ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-blue-strategy-6228 ]]></guid><title><![CDATA[ लाल गमछे से नीली ड्रेस तक... अखिलेश यादव का बड़ा सियासी दांव, दलित वोट पर नजर; ओपी राजभर बोले- रंग बदलने से विचारधारा नहीं बदलती ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-blue-strategy-6228 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 08 Sep 2026 11:59:33 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी ने अपनी राजनीतिक रणनीति में एक नया रंग जोड़ दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नीले गमछे में नजर आने के बाद अब पार्टी की  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ:</b> <b>उत्तर प्रदेश</b> में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच <b>समाजवादी पार्टी</b> ने अपनी राजनीतिक रणनीति में एक नया रंग जोड़ दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नीले गमछे में नजर आने के बाद अब पार्टी की छात्र सभा के लिए भी नीला ड्रेस कोड लागू किया गया है। छात्र सभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता नीली शर्ट-पैंट या नीली टी-शर्ट और जींस में नजर आएंगे।</p><p>सपा के इस कदम को केवल संगठनात्मक बदलाव के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे दलित मतदाताओं, आंबेडकरवादी युवाओं और Gen-Z तक पहुंच बनाने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, सपा के इस कदम पर सत्तारूढ़ खेमे की ओर से हमला भी शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने निशाना साधते हुए कहा कि केवल नीला रंग पहनने से किसी पार्टी की विचारधारा नहीं बदल जाती।</p><h5 class=""><b>सपा के लाल रंग की जगह नीला रंग क्यों?</b></h5><p>समाजवादी पार्टी की पहचान लंबे समय से लाल टोपी और लाल गमछे से जुड़ी रही है। पार्टी की राजनीतिक पहचान समाजवादी विचारधारा और पिछड़े-अल्पसंख्यक सामाजिक आधार के साथ बनाई गई है।</p><p>वहीं, उत्तर प्रदेश की राजनीति में नीला रंग लंबे समय से दलित राजनीति और आंबेडकरवादी आंदोलन से जुड़ा माना जाता है। बहुजन समाज पार्टी के राजनीतिक प्रतीकों में भी नीले रंग की प्रमुख भूमिका रही है।</p><p>ऐसे में अखिलेश यादव का नीले गमछे के साथ नजर आना और फिर छात्र सभा के लिए नीले रंग की पोशाक तय करना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p><p>लखनऊ में पार्टी की बैठक के दौरान अखिलेश यादव और शिवपाल यादव नीले गमछे में नजर आए थे। इसके बाद छात्र सभा के नए ड्रेस कोड ने इस चर्चा को और हवा दे दी।</p><h5 class=""><b>छात्र सभा के जरिए युवा दलितों पर फोकस</b></h5><p>सपा के नए ड्रेस कोड में नीली शर्ट और पैंट के अलावा नीली टी-शर्ट और जींस का विकल्प रखा गया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब राजनीतिक दल 2027 के चुनाव से पहले युवा मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।</p><p>सपा की रणनीति को समझें तो पार्टी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सक्रिय युवाओं तक अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती है। नीले रंग को शामिल करके वह दलित और पिछड़े वर्ग के उन युवाओं को राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर सकती है, जो सामाजिक न्याय, संविधान और आरक्षण जैसे मुद्दों को अहम मानते हैं।</p><p>यानी ड्रेस कोड का यह फैसला पार्टी की युवा ब्रांडिंग और सामाजिक विस्तार दोनों से जुड़ा हुआ दिखाई देता है।</p><h5 class=""><b>PDA को 2027 में और मजबूत करने की कोशिश</b></h5><p>अखिलेश यादव पिछले कुछ समय से सपा की राजनीति को केवल यादव-मुस्लिम समीकरण तक सीमित रखने के बजाय PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक गठजोड़ के रूप में पेश कर रहे हैं।</p><p>2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने संविधान, आरक्षण और सामाजिक न्याय को अपने प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल किया था। अब पार्टी इसी सामाजिक समीकरण को 2027 के विधानसभा चुनाव तक बनाए रखने और उसका विस्तार करने की कोशिश कर रही है।</p><p>सपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती दलित वोटरों के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाना है। उत्तर प्रदेश में दलित मतदाता लंबे समय से बसपा का महत्वपूर्ण आधार रहे हैं। ऐसे में नीले रंग के जरिए आंबेडकरवादी प्रतीकों के करीब जाने की कोशिश को सपा की इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।</p><h5 class=""><b>आंबेडकरवादी राजनीति से जुड़ने का संदेश?</b></h5><p>अखिलेश यादव की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों में डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के विचारों का उल्लेख बढ़ा है। सपा की मूल राजनीतिक पहचान भले ही डॉ. राम मनोहर लोहिया और समाजवादी आंदोलन से जुड़ी रही हो, लेकिन पार्टी अब सामाजिक न्याय के व्यापक राजनीतिक फ्रेम में खुद को पेश करने की कोशिश कर रही है।</p><p>नीला रंग इस रणनीति में एक प्रतीकात्मक भूमिका निभा सकता है। इसके जरिए सपा यह संदेश देने की कोशिश कर सकती है कि वह पिछड़ों के साथ-साथ दलितों और अन्य वंचित समूहों की राजनीति को भी अपनी प्राथमिकता मानती है।</p><p>लेकिन इसी बिंदु पर विपक्ष ने सपा पर हमला शुरू कर दिया है।</p><h5 class=""><b>ओपी राजभर का पलटवार- ‘नीला पहनने से विचारधारा नहीं बदलती’</b></h5><p>उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा के नए नीले ड्रेस कोड पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि केवल नीला रंग पहन लेने से किसी की विचारधारा साबित नहीं होती। राजभर ने सपा पर बहुजन समाज को धोखा देने का आरोप लगाया।</p><p><img style="width: 780.067px;" src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/09/op-rajbhar_1788849582.jpg"><br></p><p><br></p><p>राजभर ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान बहुजन समाज की महान हस्तियों के नाम से गरीबों के विकास के लिए शुरू की गई कई योजनाओं को समाप्त किया गया। उन्होंने अखिलेश यादव और आजम खान का जिक्र करते हुए कहा कि जनता उनके कार्यकाल और उस समय दिए गए बयानों से परिचित है।</p><p>राजभर ने यह भी कहा कि विपक्ष चाहे नीला, लाल या कोई दूसरा रंग अपना ले, इससे राजनीतिक स्थिति नहीं बदलने वाली। उन्होंने दावा किया कि जनता एनडीए सरकार के साथ है और आगामी चुनाव में उसकी वापसी होगी। ये राजभर के राजनीतिक दावे हैं।</p><h5 class=""><b>क्या नीले रंग से बसपा के वोट बैंक में सेंध लगेगी?</b></h5><p>यही 2027 के चुनाव की सबसे अहम राजनीतिक पहेलियों में से एक है। सपा यदि दलित मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में कामयाब होती है तो उत्तर प्रदेश के चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।</p><p>हालांकि, केवल किसी रंग या प्रतीक को अपनाने से वोट बैंक अपने आप नहीं बदलता। सपा को दलित मतदाताओं के बीच संगठन मजबूत करने, स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाने और उम्मीदवार चयन में प्रतिनिधित्व देने जैसे कई स्तरों पर काम करना होगा।</p><p>ओपी राजभर का हमला भी इसी राजनीतिक बहस को सामने लाता है कि क्या प्रतीकों के जरिए सामाजिक आधार बदला जा सकता है या इसके लिए जमीन पर संगठन और नीतियों की जरूरत होगी?</p><h5 class=""><b>अखिलेश की रणनीति की असली परीक्षा 2027 में</b></h5><p>सपा के लिए नीला रंग केवल एक ड्रेस कोड नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है। पार्टी एक तरफ अपने पारंपरिक लाल रंग की पहचान को बनाए रखते हुए दूसरी तरफ नीले रंग के जरिए दलित और आंबेडकरवादी युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है।</p><p>PDA के जरिए सपा पहले ही अपने सामाजिक गठजोड़ का दायरा बढ़ाने का प्रयास कर रही है। अब छात्र संगठन के स्तर पर नीला ड्रेस कोड इस रणनीति को युवा राजनीति से जोड़ता है।</p><p>लेकिन असली सवाल यह है कि क्या नीला गमछा और नीली ड्रेस सपा को दलित वोटरों के बीच वह भरोसा दिला पाएंगे, जिसकी उसे 2027 में जरूरत है? या फिर ओपी राजभर जैसे विपक्षी नेताओं के हमले इस रणनीति को सिर्फ प्रतीकात्मक राजनीति तक सीमित कर देंगे?<br></p><p>2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब वोटिंग के दौरान ही मिलेगा। फिलहाल इतना साफ है कि अखिलेश यादव ने सपा की पारंपरिक राजनीतिक ब्रांडिंग में एक नया रंग जोड़कर यूपी की चुनावी लड़ाई को और दिलचस्प बना दिया है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ लाल गमछे से नीली ड्रेस तक... अखिलेश यादव का बड़ा सियासी दांव, दलित वोट पर नजर; ओपी राजभर बोले- रंग बदलने से विचारधारा नहीं बदलती ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ajay-rai-detained-saharanpur-mosque-row-6218 ]]></guid><title><![CDATA[ सहारनपुर जा रहे अजय राय को लखनऊ में पुलिस ने हिरासत में लिया, बोले- 'सरकार की दमनकारी कार्रवाई से नहीं झुकेंगे' ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ajay-rai-detained-saharanpur-mosque-row-6218 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 07 Sep 2026 16:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ,&nbsp;उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को सोमवार को सहारनपुर जाते समय लखनऊ में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, राय के साथ जा रहे पार्टी कार्यकर्ताओं और ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">लखनऊ,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश</span></b><span style="font-size: 1rem;"><b>: </b>उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को सोमवार को सहारनपुर जाते समय लखनऊ में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, राय के साथ जा रहे पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधिमंडल को भी पुलिस ने रोककर पुलिस लाइंस ले जाया गया। प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण से प्रभावित लोगों और मस्जिद समिति के सदस्यों से मिलने जा रहा था।</span></p><p>अजय राय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं को प्रभावित लोगों से मिलने से रोक रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस का इस्तेमाल कर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राय ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई कांग्रेस की आवाज को दबा नहीं सकती और प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">कांग्रेस का कहना है कि उसका प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचकर मस्जिद समिति के सदस्यों, स्थानीय लोगों और घटना से प्रभावित पक्षों से बातचीत करना चाहता था।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Lucknow: Uttar Pradesh Congress president Ajay Rai stopped from leaving for Saharanpur, detained.&lt;br&gt;&lt;br&gt;An illegally-constructed mosque located within the premises of the district collectorate office in Saharanpur was demolished early Saturday amid heavy police deployment&lt;br&gt;&lt;br&gt;He… &lt;a href="https://t.co/aDoCjRWyIK"&gt;pic.twitter.com/aDoCjRWyIK&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2096896442468339845?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 7, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>क्या है सहारनपुर मस्जिद विवाद?</b></h5><p>सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को जिला प्रशासन ने 5 सितंबर को ध्वस्त कर दिया था। यह कार्रवाई उस समय हुई जब जिला जज की अदालत ने 2 सितंबर को मस्जिद समिति की अपील खारिज करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के पहले के आदेश को बरकरार रखा था। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने निर्माण को सरकारी जमीन पर अनधिकृत बताते हुए कार्रवाई का आदेश दिया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रशासन के अनुसार, विवादित ढांचा करीब 315 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर था और मामले में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी। मामले में करीब 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।</span></p><h5 class=""><b>भारी सुरक्षा के बीच हुई थी कार्रवाई</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>मस्जिद ध्वस्तीकरण के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए थे। क्षेत्र में पुलिस, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा था कि प्रशासन ने अदालत के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की।</span></i></b></p><h5 class=""><b>ध्वस्तीकरण के बाद मिला कुआं, ASI करेगा जांच</b></h5><p>मस्जिद के मलबे के नीचे एक करीब 20 फुट गहरा कुआं मिलने के बाद मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस खोज के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से स्थल की जांच कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि कुएं की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और महत्व का पता लगाया जा सके।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद विपक्षी दलों ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने दावा किया था कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोकने के लिए नजरबंद किया गया। कांग्रेस नेता इमरान मसूद और बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अजय राय ने इससे पहले मस्जिद ध्वस्तीकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए 7 सितंबर को कांग्रेस के तथ्य-जांच दल के सहारनपुर पहुंचने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेगा।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सहारनपुर जा रहे अजय राय को लखनऊ में पुलिस ने हिरासत में लिया, बोले- 'सरकार की दमनकारी कार्रवाई से नहीं झुकेंगे' ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-chitrakoot-flood-review-assistance-6187 ]]></guid><title><![CDATA[ "Every affected person will get assistance": CM Yogi to review flood situation in Chitrakoot ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-chitrakoot-flood-review-assistance-6187 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 06 Sep 2026 10:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Lucknow, Uttar Pradesh: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath will visit flood-affected families in Chitrakoot on Sunday to take stock of the situation and review relief and rehabilitation meas ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Lucknow, Uttar Pradesh: </b>Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath will visit flood-affected families in Chitrakoot on Sunday to take stock of the situation and review relief and rehabilitation measures amid rising water levels in the region.&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">He said he would reach out to families affected by the floods in the sacred land of Chitrakoot, associated with Lord Shri Kamtanath Ji.</span></p><p>In a post on X, CM Yogi wrote, “Today, I will reach out to the flood-affected families in the sacred land of Chitrakoot, associated with Lord Shri Kamtanath Ji, to share in their suffering and assess the arrangements for relief and rehabilitation. Along with conducting an aerial survey of the flood-affected areas, relief materials will be provided to 800 flood-affected families, and land allotment certificates for housing will be given to families rendered homeless by the floods, along with relief amounts from the Disaster Relief Fund.”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;भगवान श्री कामतानाथ जी की पावन धरा चित्रकूट में आज बाढ़ प्रभावित परिवारों के मध्य पहुंचकर उनकी पीड़ा में सहभागी बनूंगा और राहत एवं पुनर्वास की व्यवस्थाओं का जायजा लूंगा।&lt;br&gt;&lt;br&gt;बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के साथ ही 800 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री तथा बाढ़…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath/status/2096419939276235040?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p>The Chief Minister said an aerial survey of the flood-hit areas would also be conducted.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">He added that relief materials would be provided to 800 affected families, while land allotment certificates for housing would be given to families who have been rendered homeless due to the floods.&nbsp;</span></p><p>“Ensuring assistance reaches every affected individual, rehabilitating every homeless person, and providing support to each suffering family in this hour of crisis is the highest priority of the double-engine government,” the post read.</p><p>The Mandakini River in Uttar Pradesh’s Chitrakoot has swollen to unprecedented levels, flooding Ramghat and several nearby areas along the Uttar Pradesh-Madhya Pradesh border following incessant rainfall.&nbsp;</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&amp;quot;Every affected person will get assistance&amp;quot;: CM Yogi to review flood situation in Chitrakoot&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/NzhmZXQ9i4"&gt;https://t.co/NzhmZXQ9i4&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/UttarPradesh?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UttarPradesh&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/CMYogi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CMYogi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Chitrakoot?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Chitrakoot&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Flood?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Flood&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/UsKmEg08SB"&gt;pic.twitter.com/UsKmEg08SB&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2096441139427725809?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p>The river has surpassed its previous 23-year high, leaving shops, temples and monasteries submerged, while several roads have been transformed into waterways.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">A flood-like situation has been reported in 31 districts of Uttar Pradesh, with 22 districts facing inundation.&nbsp;</span></p><p>The affected districts include Ayodhya, Badaun, Chandauli, Chitrakoot, Farrukhabad, Azamgarh, Ballia, Barabanki, Ghazipur, Gorakhpur, Hapur, Hardoi, Kasganj, Lakhimpur Kheri, Mirzapur, Moradabad, Prayagraj, Sant Kabir Nagar, Shahjahanpur, Sitapur, Unnao and Varanasi, among others.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ "Every affected person will get assistance": CM Yogi to review flood situation in Chitrakoot ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-chitrakoot-flood-relief-6186 ]]></guid><title><![CDATA[ मंदाकिनी ने तोड़ा 23 साल का रिकॉर्ड, CM योगी आज करेंगे चित्रकूट का हवाई सर्वेक्षण ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-chitrakoot-flood-relief-6186 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 06 Sep 2026 10:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश:&nbsp;उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को चित्रकूट का दौरा कर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेंगे। इस दौरान वह प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे और राहत एवं पुनर्वास का ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>उत्तर प्रदेश:</b></span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को चित्रकूट का दौरा कर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेंगे। इस दौरान वह प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करेंगे।</span></p><p>मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि वह भगवान श्री कामतानाथ जी की पावन भूमि चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनके दुख-दर्द को साझा करेंगे और राहत एवं पुनर्वास व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;भगवान श्री कामतानाथ जी की पावन धरा चित्रकूट में आज बाढ़ प्रभावित परिवारों के मध्य पहुंचकर उनकी पीड़ा में सहभागी बनूंगा और राहत एवं पुनर्वास की व्यवस्थाओं का जायजा लूंगा।&lt;br&gt;&lt;br&gt;बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के साथ ही 800 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री तथा बाढ़…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath/status/2096419939276235040?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>800 परिवारों को राहत सामग्री</b></h5><p>सीएम योगी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके अलावा करीब 800 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की जाएगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बाढ़ के कारण जिन परिवारों के घर पूरी तरह उजड़ गए हैं, उन्हें आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे। साथ ही आपदा राहत कोष से निर्धारित राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी।</span></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में हर प्रभावित व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना, हर बेघर परिवार का पुनर्वास करना और पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहयोग देना डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</p><h5 class=""><b>मंदाकिनी नदी ने तोड़ा 23 साल का रिकॉर्ड</b></h5><p>चित्रकूट में लगातार हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर अभूतपूर्व स्तर तक पहुंच गया है। नदी के उफान से रामघाट और आसपास के कई इलाकों में पानी भर गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">रिपोर्ट के मुताबिक मंदाकिनी नदी ने पिछले 23 वर्षों के उच्चतम जलस्तर को पार कर लिया है। बाढ़ के कारण कई दुकानें, मंदिर और मठ जलमग्न हो गए हैं, जबकि कई सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है।</span><span style="font-size: 1rem;">चित्रकूट उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा से सटा क्षेत्र है, जिससे नदी के बढ़ते जलस्तर का असर दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में दिखाई दे रहा है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&amp;quot;Every affected person will get assistance&amp;quot;: CM Yogi to review flood situation in Chitrakoot&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/NzhmZXQ9i4"&gt;https://t.co/NzhmZXQ9i4&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/UttarPradesh?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UttarPradesh&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/CMYogi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CMYogi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Chitrakoot?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Chitrakoot&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Flood?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Flood&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/UsKmEg08SB"&gt;pic.twitter.com/UsKmEg08SB&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2096441139427725809?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>यूपी के 31 जिलों में बाढ़ जैसे हालात</b></h5><p>उत्तर प्रदेश के 31 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, जबकि 22 जिलों में जलभराव और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है।</p><p>प्रभावित जिलों में अयोध्या, बदायूं, चंदौली, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, गाजीपुर, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, उन्नाव और वाराणसी समेत अन्य जिले शामिल हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मंदाकिनी ने तोड़ा 23 साल का रिकॉर्ड, CM योगी आज करेंगे चित्रकूट का हवाई सर्वेक्षण ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/saharanpur-mosque-demolition-owaisi-reaction-6184 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘मस्जिद को ऐसे नहीं गिरा सकते’, सहारनपुर कार्रवाई पर ओवैसी का योगी सरकार पर हमला ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/saharanpur-mosque-demolition-owaisi-reaction-6184 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 05 Sep 2026 19:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ हैदराबाद, सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को शनिवार सुबह करीब 5 बजे ध्वस्त किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्द ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>हैदराबाद, सहारनपुर: </b>उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को शनिवार सुबह करीब 5 बजे ध्वस्त किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि क्या मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता अब संवैधानिक संरक्षण के दायरे में नहीं है।</span></p><p>ओवैसी ने कहा कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद को सुबह करीब 5 बजे गिराया गया। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद कमेटी ने वर्ष 1911 तक के रिकॉर्ड पेश किए थे, जिनसे वहां लंबे समय से धार्मिक गतिविधियां होने की बात सामने आती है।</p><h5 class=""><b>‘धार्मिक स्वतंत्रता किसी की दया पर निर्भर नहीं’</b></h5><p>ओवैसी ने कहा कि एक सदी से अधिक समय से वहां लगातार नमाज पढ़े जाने के आधार पर मस्जिद कमेटी ने इसे ‘वक्फ बाय यूजर’ के दायरे में बताया था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि किसी धार्मिक स्थल का सार्वजनिक और निरंतर उपयोग लंबे समय से होता रहा है, तो उसके भूमि अधिकारों को किस तरह देखा जाना चाहिए।</p><p>उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता किसी प्रशासनिक कृपा पर निर्भर नहीं हो सकती। ओवैसी ने मस्जिदों को कथित रूप से मामूली आधारों पर बुलडोजर कार्रवाई का निशाना बनाए जाने पर भी आपत्ति जताई।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Hyderabad, Telangana | On the demolition of illegal mosque in DM office complex (Saharanpur) after court upheld the order, AIMIM Chief Asaduddin Owaisi says, &amp;quot;... How could you demolish a mosque that has been active since 1911, a place where prayers have been offered… &lt;a href="https://t.co/ZSBsUROOLg"&gt;https://t.co/ZSBsUROOLg&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/OE4CHIdh3b"&gt;pic.twitter.com/OE4CHIdh3b&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2096178689499451693?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>अदालत के आदेश के बाद हुई कार्रवाई</b></h5><p>सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर विवाद का केंद्र सरकारी जमीन पर निर्माण और कथित अतिक्रमण का मुद्दा था। भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 16 जुलाई को सिटी मजिस्ट्रेट ने संरचना को सरकारी जमीन पर अनधिकृत निर्माण माना था। इसके खिलाफ दायर अपील को जिला अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बाद शनिवार को प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।</p><p>रिपोर्टों के मुताबिक, जिला अदालत का हालिया फैसला स्वयं सीधे तौर पर ध्वस्तीकरण का नया आदेश नहीं था, बल्कि उसने पहले के मजिस्ट्रेट आदेश को बरकरार रखा था। प्रशासन ने इसी न्यायिक प्रक्रिया के अनुपालन में कार्रवाई की। मस्जिद पक्ष की ओर से मामले में करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति से जुड़ा आदेश भी चुनौती के दायरे में था। स्थानीय अदालत ने कथित सरकारी भूमि अतिक्रमण और उपयोग से जुड़े मामले में यह राशि निर्धारित की थी।</p><h5 class=""><b>इकरा हसन ने भी जताया विरोध</b></h5><p>समाजवादी पार्टी की कैराना सांसद इकरा हसन ने आरोप लगाया कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोकने के लिए उनके आवास पर पुलिस तैनात की गई और उन्हें नजरबंद किया गया। उन्होंने मस्जिद के ध्वस्तीकरण को शर्मनाक बताते हुए कहा कि मामले को कानूनी स्तर पर चुनौती दी जाएगी।</p><p>समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि दूसरे धर्म की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला व्यक्ति सच्चा सनातनी नहीं हो सकता। उन्होंने भाजपा सरकार पर धार्मिक मुद्दों के जरिए राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Lucknow, Uttar Pradesh: On the demolition of an illegal mosque in Saharanpur, Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav says, &amp;quot;When someone could have gotten justice in some other court, in High Court, in Supreme Court, you are snatching away their rights? What does snatching… &lt;a href="https://t.co/ZSFXIx2H8A"&gt;pic.twitter.com/ZSFXIx2H8A&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2096150709364490288?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>प्रशासन ने बताया अदालत के आदेश का पालन</b></h5><p>सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद मस्जिद को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण माना था। मस्जिद कमेटी की अपील खारिज होने के बाद अदालत के आदेश के अनुपालन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।</p><p>प्रशासन ने संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्ट्रेट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई। पुलिस बल और पीएसी की तैनाती के साथ सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी गई, ताकि अफवाहों और तनाव को फैलने से रोका जा सके।</p><h5 class=""><b>कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी उठाए सवाल</b></h5><p>कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी ध्वस्तीकरण की आलोचना की। उन्होंने मस्जिद के पुराने होने का दावा करते हुए कहा कि मामले की कानूनी प्रक्रिया में वक्फ बोर्ड को पक्षकार बनाया गया था या नहीं, इस पर भी सवाल उठाया जाना चाहिए।</p><p>इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों, सरकारी भूमि और न्यायिक आदेशों के अनुपालन को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। जहां प्रशासन इसे अदालत के आदेश का पालन बता रहा है, वहीं विपक्षी दल और ओवैसी इस कार्रवाई के तरीके और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े सवाल उठा रहे हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘मस्जिद को ऐसे नहीं गिरा सकते’, सहारनपुर कार्रवाई पर ओवैसी का योगी सरकार पर हमला ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/owaisi-saharanpur-mosque-demolition-religious-freedom-6183 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘You Cannot Bulldoze Our Masjid’: Owaisi Condemns Saharanpur Mosque Demolition ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/owaisi-saharanpur-mosque-demolition-religious-freedom-6183 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 05 Sep 2026 19:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Hyderabad, Telangana: All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) chief and Hyderabad MP Asaduddin Owaisi on Saturday strongly condemned the demolition of a century-old mosque at the Saharanpur Col ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Hyderabad, Telangana:</b> All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) chief and Hyderabad MP Asaduddin Owaisi on Saturday strongly condemned the demolition of a century-old mosque at the Saharanpur Collectorate premises in Uttar Pradesh, asserting that "religious freedom is not dependent on mercy" and questioning the constitutional safeguards for Muslims.</span></p><p>The mosque was demolished by local authorities at around 5:00 AM on Saturday following a judicial order that upheld its removal on allegations of illegal encroachment on government land.</p><p>Reacting to the demolition, Owaisi said historical records dating back to 1911 establish the existence of the mosque and argued that the place of worship predates the civil collectorate building.</p><p>"The mosque in the Saharanpur Collectorate was demolished at 5 AM this morning. Does the constitutional guarantee of freedom of religion no longer apply to Muslims? Why is it that our places of worship are constantly bulldozed on flimsy grounds?" Owaisi told ANI.</p><p>The AIMIM chief further pointed to records presented by the mosque committee, which he said showed that prayers had been offered at the site continuously for more than a century. He argued that the long-standing use of the property could qualify it as "Waqf by user" under applicable law.</p><p>"The mosque committee produced records going back to 1911 to establish its existence. Prayers have been offered there continuously for more than a century. This is the very definition of Waqf by user, which is still protected as Waqf under law," he said.</p><p>Owaisi also challenged the government's claim over the land, referring to provisions of the Limitation Act and the legal principle of adverse possession. He argued that the government could not assert possession over property after more than a century of open and continuous use.</p><p>"The Limitation Act does not ordinarily allow the Government an unlimited period to wake up one fine morning and assert possession over immovable property," Owaisi said.</p><p>"There was more than a century of open, continuous, and public possession. The State cannot pretend that this possession began yesterday; hence the principle of adverse possession would apply even if we concede to the State's arguments. The mosque came first, the collectorate later," he added.</p><p>Taking a strong exception to the demolition, Owaisi said religious freedom should not depend on administrative discretion.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"For some people, perhaps the very sight of a masjid causes pain. That is their problem, not ours. Look away if you must. You cannot bulldoze our masjid just because you have an itch. My religious freedom is not dependent on your mercy," he said.</span></p><p>The remarks came after the Saharanpur Collectorate mosque was demolished early Saturday following a court order upholding its removal. The District Judge's court on September 4 dismissed the mosque committee's appeal and upheld the City Magistrate's earlier order.</p><p>The City Magistrate's court had on July 17 ordered demolition of the structure and imposed compensation of approximately Rs 6.41 crore in connection with alleged encroachment and misuse of government land.</p><p>Meanwhile, Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav referred to the reported house arrest of SP MP Iqra Hasan ahead of her proposed visit to Saharanpur. "House arrest or not, you tell me who is a Sanatani? A true Sanatani will never hurt another religion. A true Sanatani will not play with others' faith," he said.</p><p>Hasan had alleged that she was prevented from travelling to Saharanpur and criticised the administration for not allowing sufficient time to approach the High Court. She termed the demolition "extremely shameful" and said the matter would be challenged legally.</p><p>Saharanpur DIG Abhishek Singh, however, said the demolition was being carried out following the court's order and in accordance with legal procedures. He said additional PAC and RAF personnel had been deployed at strategic locations and that social media was being monitored to prevent rumours.</p><p>Congress MP Imran Masood has also criticised the demolition, claiming that the mosque existed before 1911 and alleging that the Waqf Board was not made a party to the proceedings.</p><p>Yadav further alleged that the BJP was using religious issues for political gains and warned the government against relying on such tactics."Their delusion is that they can win elections by attacking religious sites like this. I want to warn this government: you will not be able to win this way," he said.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘You Cannot Bulldoze Our Masjid’: Owaisi Condemns Saharanpur Mosque Demolition ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/teacher-day-yogi-greetings-6177 ]]></guid><title><![CDATA[ शिक्षक दिवस पर CM योगी ने गुरुजनों को दी शुभकामनाएं, डॉ. राधाकृष्णन को किया नमन ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/teacher-day-yogi-greetings-6177 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 05 Sep 2026 15:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ,&nbsp;उत्तर प्रदेश: शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी सम्मानित गुरुजनों और शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने देश के महान ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">लखनऊ,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश</span></b><span style="font-size: 1rem;"><b>:</b> शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी सम्मानित गुरुजनों और शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने देश के महान शिक्षाविद्, दार्शनिक और भारत के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया।</span></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने संदेश में कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक न केवल विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को दिशा देने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षकों और गुरुजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्हें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;2017 से पहले शिक्षामित्रों का मानदेय मात्र ₹3,000 था, जबकि आज उन्हें ₹18,000 प्राप्त हो रहा है। अनुदेशकों का मानदेय भी अब बढ़कर ₹17,000 हो गया है। साथ ही, ₹5 लाख तक के कैशलेस उपचार की स्वास्थ्य सुविधा भी प्रदान की गई है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;—मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी &lt;a href="https://t.co/ehVwOmIeGI"&gt;pic.twitter.com/ehVwOmIeGI&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2096165813095215215?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>डॉ. राधाकृष्णन को दी श्रद्धांजलि</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने भारत के महान शिक्षाविद् और दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृतियों को नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. राधाकृष्णन के जन्मदिन 5 सितंबर को देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। मुख्यमंत्री का संदेश शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के योगदान और उनके प्रति समाज के सम्मान को रेखांकित करता है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;LIVE: शिक्षक दिवस के अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 81 शिक्षकों के सम्मान समारोह में सम्मिलित होते मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी।&lt;a href="https://t.co/HgqjGclwpB"&gt;https://t.co/HgqjGclwpB&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2096115197744455834?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ शिक्षक दिवस पर CM योगी ने गुरुजनों को दी शुभकामनाएं, डॉ. राधाकृष्णन को किया नमन ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/farrukhabad-flood-relief-yogi-6154 ]]></guid><title><![CDATA[ फर्रुखाबाद में सीएम योगी का राहत अभियान, 1,000 परिवारों को राहत किट और बेघरों को भूमि पट्टा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/farrukhabad-flood-relief-yogi-6154 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 03 Sep 2026 12:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को फर्रुखाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत और पुनर्वास से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश: </b>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को फर्रुखाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत और पुनर्वास से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित 1,000 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। साथ ही, बाढ़ के कारण बेघर हुए परिवारों को आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाण-पत्र और आपदा मोचक निधि से राहत राशि उपलब्ध कराई गई।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का आयोजन फतेहगढ़ स्थित पुलिस लाइन में किया गया। यहां बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित की गई। स्थानीय प्रशासन के अनुसार राहत किट में 26 प्रकार की आवश्यक सामग्री शामिल है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों से संवाद कर उनकी समस्याओं और मौजूदा स्थिति की जानकारी भी ली। उनका दौरा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा से भी जुड़ा रहा।</span></p><h5 class=""><b>बेघर हुए लोगों को जमीन और आवास के लिए आर्थिक सहायता</b></h5><p>बाढ़ में जिन परिवारों के मकान प्रभावित हुए हैं या जो पूरी तरह बेघर हो गए हैं, उनके पुनर्वास के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया के तहत प्रमाण-पत्र दिए गए।<span style="font-size: 1rem;">स्थानीय प्रशासन की जानकारी के मुताबिक, 31 बाढ़ पीड़ितों को आवासीय भूमि का पट्टा और मकान निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता चेक के माध्यम से दी जानी है। इससे पहले भी प्रभावित ग्रामीणों को आवास और भूमि से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/LIVE?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#LIVE&lt;/a&gt;: फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित 1,000 परिवारों को राहत सामग्री एंव भूमि आवंटन प्रमाण पत्रों के वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित होते मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी।&lt;a href="https://t.co/Y7xuyPQqJI"&gt;https://t.co/Y7xuyPQqJI&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2095401347898347794?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>फर्रुखाबाद में बाढ़ की स्थिति</b></h5><p>फर्रुखाबाद में गंगा नदी के जलस्तर बढ़ने से कई गांव प्रभावित हुए हैं। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार करीब 70 गांवों में बाढ़ का असर पड़ा है और बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के कई बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान तेज किया है। एक सितंबर को सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रदेश के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित थे। प्रभावित लोगों के लिए भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सेवाओं और पशुओं के चारे की व्यवस्था की गई थी।</span></p><h5 class=""><b>राहत के साथ पुनर्वास पर जोर</b></h5><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। फर्रुखाबाद कार्यक्रम में राहत सामग्री के साथ आवासीय भूमि और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सरकार के राहत से पुनर्वास की दिशा में बढ़ने का संकेत है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ फर्रुखाबाद में सीएम योगी का राहत अभियान, 1,000 परिवारों को राहत किट और बेघरों को भूमि पट्टा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/asim-waqar-aimim-exit-6145 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी चुनाव से पहले ओवैसी को बड़ा झटका, AIMIM के आसिम वकार ने छोड़ी पार्टी; कांग्रेस में हुए शामिल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/asim-waqar-aimim-exit-6145 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 02 Sep 2026 16:21:45 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) को झटका लगा है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आसिम वकार ने बुधवार को AIMIM से इस ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>उत्तर प्रदेश </b>विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी <b>AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) </b>को झटका लगा है। पार्टी के <b>राष्ट्रीय प्रवक्ता आसिम वकार</b> ने बुधवार को <b>AIMIM </b>से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।</p><p>इस दौरान कांग्रेस के <b>यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय</b> और पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख <b>इमरान प्रतापगढ़ी</b> मौजूद रहे।</p><p>आसिम वकार लंबे समय से AIMIM में सक्रिय थे और उत्तर प्रदेश में पार्टी का प्रमुख चेहरा माने जाते थे। वह राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। ऐसे में चुनाव से पहले उनका पार्टी छोड़ना AIMIM के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।</p><h5 class=""><b>पिछले छह महीने से चल रहा था मतभेद</b></h5><p>आसिम वकार के पार्टी छोड़ने की वजह AIMIM नेतृत्व के साथ उनके बढ़ते मतभेद बताए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, पिछले करीब छह महीने से पार्टी नेतृत्व के साथ उनके मतभेद बढ़ रहे थे।</p><p>कांग्रेस में शामिल होने के बाद वकार ने AIMIM की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में भाजपा को सत्ता से हटाकर एक सेक्युलर सरकार बनाना जरूरी है। हालांकि, उनका दावा है कि AIMIM में रहते हुए उन्हें पार्टी की जमीनी राजनीति और शीर्ष नेतृत्व के रुख में अंतर महसूस हुआ।</p><p>वकार ने आरोप लगाया कि ऊपर से ऐसा दिखाई देता था कि AIMIM भाजपा के खिलाफ लड़ रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसकी राजनीतिक लड़ाई कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों के खिलाफ ज्यादा दिखाई देती थी।</p><h5 class=""><b>‘ओवैसी और भाजपा मिले हुए हैं’ का लगाया आरोप</b></h5><p>कांग्रेस में शामिल होने के बाद आसिम वकार ने असदुद्दीन ओवैसी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी और भाजपा मिले हुए हैं और AIMIM जमीनी स्तर पर भाजपा का मुकाबला नहीं करती।</p><p>यह आरोप पूरी तरह वकार के राजनीतिक बयान के रूप में सामने आया है। AIMIM नेतृत्व की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।</p><p>वकार ने कहा कि उन्हें पार्टी की ऐसी राजनीति स्वीकार नहीं थी, इसलिए उन्होंने AIMIM छोड़ने और कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया।</p><h5 class=""><b>हुमायूं कबीर पर भी बोले वकार</b></h5><p>आसिम वकार ने पश्चिम बंगाल के नेता और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर का भी जिक्र किया। उन्होंने कबीर को लेकर पहले लगाए गए अपने आरोपों को दोहराया।</p><p>वकार ने दावा किया कि हुमायूं कबीर को कथित तौर पर 1,100 करोड़ रुपये मिले थे। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनती है तो इस कथित रकम के स्रोत और उसके इस्तेमाल की जांच कराई जाएगी।</p><p>हालांकि, यह दावा भी वकार की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है। उपलब्ध जानकारी में इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इसे तथ्य के रूप में नहीं बल्कि उनके बयान के तौर पर देखा जाना चाहिए।</p><h5 class=""><b>पहले समाजवादी पार्टी में भी रह चुके हैं</b></h5><p>आसिम वकार का राजनीतिक सफर AIMIM से पहले समाजवादी पार्टी से भी जुड़ा रहा है। बाद में वह ओवैसी की पार्टी में शामिल हुए और उत्तर प्रदेश में AIMIM की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।</p><p>राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर उन्होंने कई राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष सार्वजनिक रूप से रखा। ऐसे में उनका कांग्रेस में जाना यूपी की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।</p><h5 class=""><b>यूपी चुनाव से पहले कितना असर?</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे समय में AIMIM के एक प्रमुख प्रवक्ता का पार्टी छोड़कर कांग्रेस में जाना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।</p><p>आसिम वकार के कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी को खास तौर पर अल्पसंख्यक राजनीति के मोर्चे पर अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर मिल सकता है। दूसरी ओर, AIMIM को अपने पुराने संगठन और नेतृत्व के साथ चुनावी मैदान में आगे बढ़ना होगा।</p><p>हालांकि, वकार के पार्टी छोड़ने का वास्तविक चुनावी असर कितना होगा, यह आने वाले समय में साफ होगा। फिलहाल इतना जरूर है कि यूपी चुनाव से पहले उनके इस्तीफे ने AIMIM और कांग्रेस दोनों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी चुनाव से पहले ओवैसी को बड़ा झटका, AIMIM के आसिम वकार ने छोड़ी पार्टी; कांग्रेस में हुए शामिल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-outsource-employees-6143 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी के 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत, सैलरी से लेकर जॉब सिक्योरिटी तक बदले नियम ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-outsource-employees-6143 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 02 Sep 2026 15:00:58 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में सरकारी विभागों और विभिन्न संस्थानों में आउटसोर्स के जरिए काम कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए सरकार ने एक नई व्यवस्था शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स से ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>उत्तर प्रदेश </b>में सरकारी विभागों और विभिन्न संस्थानों में आउटसोर्स के जरिए काम कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए सरकार ने एक नई व्यवस्था शुरू की है। <b>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ</b> ने <b>उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) </b>का शुभारंभ किया है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना और उन्हें वे सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिनके लिए पहले अलग-अलग कार्यालयों और एजेंसियों पर निर्भर रहना पड़ता था।</p><p>इस नई व्यवस्था से करीब<b> 3.5 लाख </b>से ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारियों के जुड़ने की बात कही गई है। सरकार के मुताबिक, कर्मचारियों की सेवा से संबंधित जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इससे वे अपनी सर्विस डिटेल, बैंक खाते, उपस्थिति और वेतन से होने वाली कटौती जैसी जानकारी एक ही जगह देख सकेंगे।</p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार और कर्मचारी का संबंध केवल काम और वेतन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें विश्वास और जिम्मेदारी भी होनी चाहिए।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;वर्ष 2017 के पहले सैफई और रामपुर Syndicate पूरी व्यवस्था का खून चूसता था।&lt;br&gt;&lt;br&gt;आज ये Syndicates पूरी तरह समाप्त हो गए हैं... &lt;a href="https://t.co/QKKM8ELD9b"&gt;pic.twitter.com/QKKM8ELD9b&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath/status/2095056957786988863?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 2, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>समय पर सैलरी और अधिकारों की सुरक्षा पर जोर</b></h5><p>UPCOS के तहत कर्मचारियों के वेतन भुगतान और उनसे जुड़े दूसरे अधिकारों को व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया है। सरकार के अनुसार, कोशिश यह है कि कर्मचारियों को उनका वेतन समय पर मिले और भविष्य निधि तथा बीमा से जुड़े अधिकार सुरक्षित रहें।</p><p>डिजिटल व्यवस्था में कर्मचारी अपने बैंक अकाउंट, सर्विस डिटेल, अटेंडेंस और वेतन से होने वाली कटौती की जानकारी देख सकेंगे। इससे कर्मचारियों को अपनी सेवा से जुड़ी जानकारी के लिए बार-बार अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है।</p><p>सरकार का कहना है कि कर्मचारी की मेहनत के अनुरूप उसे भुगतान मिले और उसकी समस्याओं को सुनने के लिए एक प्रभावी व्यवस्था मौजूद हो।</p><h5 class=""><b>शिकायत भी पोर्टल से, स्टेटस भी ऑनलाइन</b></h5><p>आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए शिकायत व्यवस्था को भी डिजिटल बनाया जा रहा है। कर्मचारी पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और उसी प्लेटफॉर्म पर उसकी स्थिति यानी Complaint Status भी देख सकेंगे।</p><p>इसके अलावा EPF और ESIC जैसी सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग का प्रावधान बताया गया है। इससे कर्मचारियों को यह जानने में मदद मिल सकती है कि उनके नाम से संबंधित कटौती और सामाजिक सुरक्षा लाभ की स्थिति क्या है।</p><p>सरकार ने सभी आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए 50 लाख रुपये के दुर्घटना बीमा की सुविधा की भी जानकारी दी है।</p><h5 class=""><b>सीधे नौकरी से नहीं हटाने की बात</b></h5><p>UPCOS के शुभारंभ कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी से जुड़े मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत या आरोप आने पर उसे सीधे नौकरी से हटाने के बजाय प्रक्रिया के तहत मामले की जांच की जाएगी।</p><p>उनके मुताबिक, सरकारी कर्मचारियों की तरह आउटसोर्स कर्मियों के मामले में भी आरोपों की जांच और उसके बाद निर्णय की व्यवस्था होगी। यानी कर्मचारी पर कोई आरोप लगने मात्र से तत्काल सेवा समाप्त करने के बजाय संबंधित मामले में प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।</p><p>यह व्यवस्था कर्मचारियों के लिए नौकरी की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, किसी कर्मचारी की सेवा शर्तों और अंतिम कार्रवाई का स्वरूप संबंधित नियमों और प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।</p><h5 class=""><b>भर्ती में आरक्षण का भी प्रावधान</b></h5><p>सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि करीब तीन लाख कर्मचारियों को भर्ती में नियमों के अनुसार आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। इसका उद्देश्य आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के दायरे में लाना बताया गया है।</p><p>आउटसोर्स व्यवस्था में भर्ती और सेवा शर्तों को लेकर कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से अलग-अलग तरह की समस्याएं उठती रही हैं। ऐसे में सरकार की नई व्यवस्था का एक उद्देश्य इस पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना भी है।</p><h5 class=""><b>कुछ पदों पर बढ़ा मानदेय</b></h5><p>सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी के कुछ उदाहरण भी सामने रखे हैं। अगस्त में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में कार्यरत कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में जुलाई से 5 प्रतिशत वृद्धि की गई थी।</p><p><b>इसका लाभ परिवहन निगम के कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार-कम-टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को दिया गया।</b></p><ul><li>249 कंप्यूटर ऑपरेटरों का मानदेय करीब 20,655 रुपये से बढ़कर 21,420 रुपये हुआ।<br></li><li>35 लेखाकार-कम-टैली ऑपरेटरों का मानदेय करीब 20 हजार से बढ़कर 26 हजार रुपये तक किया गया।<br></li><li>26 प्रोग्रामरों का मानदेय करीब 42 हजार से बढ़कर 43,313 रुपये हुआ।</li></ul><p>इसके अलावा राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी, आशा वर्कर, रसोइया, ग्राम चौकीदार और कोटेदारों के प्रोत्साहन एवं मानदेय में वृद्धि के लिए बजट में राशि का प्रावधान किए जाने की बात भी कही है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) के शुभारंभ हेतु लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में...&lt;a href="https://t.co/5YZ2p3Xjsm"&gt;https://t.co/5YZ2p3Xjsm&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath/status/2095027578767831169?ref_src=twsrc^tfw"&gt;September 2, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><h5 class=""><b>योगी बोले- कर्मचारियों के योगदान को सम्मान मिलना जरूरी</b></h5><p>लखनऊ में UPCOS के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में स्थायी कर्मचारियों के साथ-साथ आउटसोर्स कर्मियों का भी योगदान रहा है। उन्होंने नगर निकायों के सफाई कर्मचारियों और शासन की अलग-अलग व्यवस्थाओं में काम करने वाले कर्मियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों का परिणाम प्रदेश के विकास में दिखाई देता है।</p><p>मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार की जिम्मेदारी है कि कर्मचारियों को उनके योगदान और गरिमा के अनुरूप सम्मान मिले। उन्होंने UPCOS को इसी दिशा में सरकार का प्रयास बताया।</p><p>उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण की शिकायतों को खत्म करने के उद्देश्य से नई व्यवस्था बनाई गई है। सरकार का दावा है कि निगम के जरिए कर्मचारियों और एजेंसियों के बीच व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।</p><p><br></p><h5 class=""><b>कर्मचारियों के लिए क्या बदलेगा?</b></h5><p>नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों को कई सुविधाएं एक ही डिजिटल सिस्टम पर मिलने की उम्मीद है। उन्हें अपनी सेवा संबंधी जानकारी देखने, शिकायत दर्ज कराने और शिकायत की स्थिति जानने की सुविधा मिलेगी। साथ ही <b>EPF, ESIC </b>और दुर्घटना बीमा जैसे लाभों की निगरानी की व्यवस्था होगी।</p><p>सबसे अहम बदलाव नौकरी से जुड़े मामलों में प्रक्रिया और जांच पर जोर देने का है। सरकार का कहना है कि कर्मचारी को मनमाने तरीके से हटाने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।</p><p>कुल मिलाकर, <b>UPCOS</b> को उत्तर प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और अधिक जवाबदेह बनाने की कोशिश के तौर पर पेश किया गया है। आने वाले समय में इसकी वास्तविक प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वेतन, सामाजिक सुरक्षा, शिकायत निवारण और सेवा संबंधी नियम जमीन पर कितनी प्रभावी तरह से लागू होते हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी के 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत, सैलरी से लेकर जॉब सिक्योरिटी तक बदले नियम ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-70k-jobs-6142 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी में 70 हजार सरकारी भर्तियों की तैयारी, चुनाव से पहले युवाओं को लेकर योगी सरकार का बड़ा प्लान ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-70k-jobs-6142 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 02 Sep 2026 12:56:32 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार सरकारी नौकरियों के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। राज्य में अलग-अलग विभागों में खाली पदों को भरने के लिए बड़े स्तर पर भर्ती प्र ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>उत्तर प्रदेश</b> में विधानसभा चुनाव से पहले <b>योगी आदित्यनाथ </b>सरकार सरकारी नौकरियों के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। राज्य में अलग-अलग विभागों में खाली पदों को भरने के लिए बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।</p><p>जानकारी के मुताबिक, सरकार करीब <b>70 हजार </b>पदों पर नई भर्तियां निकालने की दिशा में काम कर रही है। जिन पदों का विवरण संबंधित चयन आयोगों तक पहुंच चुका है, उनके लिए जल्द ही भर्ती विज्ञापन जारी किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही कई भर्तियों की परीक्षा तारीखों को लेकर भी तैयारी चल रही है।</p><p>सरकार का फोकस भर्ती प्रक्रिया को तेज करने और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सरकारी रोजगार उपलब्ध कराने पर बताया जा रहा है।</p><h5 class=""><b>मुख्य सचिव कर रहे भर्ती अभियान की निगरानी</b></h5><p>पूरे भर्ती अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी मुख्य सचिव एसपी गोयल संभाल रहे हैं। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यहां खाली पदों की जानकारी जल्द से जल्द संबंधित चयन आयोगों को भेजें।</p><p>सरकार का प्रयास है कि पदों का ब्योरा मिलने के बाद चयन आयोग भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं और विज्ञापन जारी करने में अनावश्यक देरी न हो। जिन रिक्तियों की जानकारी आयोगों को पहले ही मिल चुकी है, उन पर प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।</p><p>इस अभियान के तहत अलग-अलग सरकारी विभागों में उपलब्ध रिक्तियों को शामिल किया जा सकता है। हालांकि, किस विभाग में कितने पदों पर भर्ती होगी, इसका विस्तृत ब्योरा आधिकारिक विज्ञापनों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।</p><h5 class=""><b>सीएम योगी पहले ही कर चुके हैं बड़ा ऐलान</b></h5><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले महीने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे। इस दौरान उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार की नीति और आगे की योजना का उल्लेख किया।</p><p>मुख्यमंत्री ने कहा था कि भर्ती में बिना भेदभाव चयन, आरक्षण के नियमों का पालन और मेरिट को प्राथमिकता देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में इन मानकों को लागू किया है।</p><p>इसी कार्यक्रम में उन्होंने आने वाले महीनों में एक लाख और युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य बताया था। ऐसे में करीब 70 हजार नई भर्तियों की तैयारी को सरकार के इसी व्यापक रोजगार अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।</p><h5 class=""><b>अब तक 9.30 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियों का दावा</b></h5><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया था कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अब तक 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार के कार्यकाल में हुई भर्तियों की प्रक्रिया पारदर्शी रही है और इन पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।<br></p><p>सरकार की ओर से रोजगार और भर्ती को लेकर लगातार योजनाएं सामने आती रही हैं। इसी क्रम में अब विभागों से खाली पदों का ब्योरा जुटाकर नई भर्तियों को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।<br></p><h5 class=""><b>चुनाव से पहले युवाओं पर फोकस</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से पहले सरकारी भर्तियों की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राज्य में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों की तैयारी करते हैं। ऐसे में नई वैकेंसी और नियुक्ति प्रक्रिया उनके लिए महत्वपूर्ण होगी।</p><p>फिलहाल सरकार की ओर से करीब 70 हजार पदों की भर्ती की तैयारी की बात सामने आई है। भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद ही पदों की संख्या, योग्यता, आवेदन की तारीख और परीक्षा कार्यक्रम की पूरी तस्वीर साफ होगी। आने वाले दिनों में चयन आयोगों की ओर से जारी होने वाले नोटिफिकेशन पर युवाओं की नजर रहेगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी में 70 हजार सरकारी भर्तियों की तैयारी, चुनाव से पहले युवाओं को लेकर योगी सरकार का बड़ा प्लान ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-janata-darshan-public-grievances-6109 ]]></guid><title><![CDATA[ जनता दर्शन में CM योगी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-janata-darshan-public-grievances-6109 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 31 Aug 2026 14:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: लोक-कल्याण और जनसेवा के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश:</b> लोक-कल्याण और जनसेवा के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने जनता से सीधे संवाद करते हुए उनकी शिकायतों और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।</span></p><p>‘जनता दर्शन’ के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;लोक-कल्याण के पथ पर अविराम गतिशील &amp;#39;नया उत्तर प्रदेश&amp;#39;!&lt;br&gt;&lt;br&gt;मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित &amp;#39;जनता दर्शन&amp;#39; में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को जन-समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान हेतु निर्देशित किया। &lt;a href="https://t.co/bl2V5XGStw"&gt;pic.twitter.com/bl2V5XGStw&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2094285037554548937?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 31, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>जनसेवा को प्राथमिकता</b></h5><p>योगी सरकार लगातार जनता की समस्याओं के समाधान और प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने पर जोर देती रही है। ‘जनता दर्शन’ के माध्यम से मुख्यमंत्री स्वयं आम लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनते हैं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश देते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो।</span></p><h5 class=""><b>‘नया उत्तर प्रदेश’ में लोक-कल्याण का संकल्प</b></h5><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनते हुए अधिकारियों को प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। सरकार का कहना है कि ‘नया उत्तर प्रदेश’ के निर्माण में जनकल्याण, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ जनता दर्शन में CM योगी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ankit-baliyan-murder-encounter-family-appeal-6102 ]]></guid><title><![CDATA[ अंकित बालियान की हत्या: मां ने लगाई CM योगी से गुहार, ‘मेरा बेटा था परिवार का इकलौता सहारा’ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ankit-baliyan-murder-encounter-family-appeal-6102 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 31 Aug 2026 11:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ शामली, उत्तर प्रदेश: हरियाणवी गायक और अभिनेता अंकित बालियान की हत्या के मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद परिवार ने राहत जताई है। हालांकि, परिवार का कहना है कि न्याय की लड़ाई अभी पूरी नहीं हुई है। परिवा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>शामली, उत्तर प्रदेश: </b>हरियाणवी गायक और अभिनेता अंकित बालियान की हत्या के मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद परिवार ने राहत जताई है। हालांकि, परिवार का कहना है कि न्याय की लड़ाई अभी पूरी नहीं हुई है। परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">सोमवार को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) और जिला पुलिस ने शामली में अंकित बालियान हत्याकांड से कथित रूप से जुड़े दो प्रमुख शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया। इसके बाद अंकित के परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस प्रशासन का आभार जताया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अंकित की पत्नी स्वाति ने कहा कि अब तक हुई कार्रवाई से परिवार को कुछ राहत मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा मामले को गंभीरता से लेने के लिए उनका धन्यवाद किया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से उन्हें संतोष मिला है और इससे पता चलता है कि पुलिस प्रशासन मामले में गंभीरता से काम कर रहा है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Shamli, UP: On the encounter of two prime shooters in the Haryanvi singer and actor Ankit Baliyan murder case, wife of Ankit Baliyan, Swati says, &amp;quot;The action taken so far has given us some satisfaction; it shows the police administration is doing a good job, and the… &lt;a href="https://t.co/LUTbuTyo6s"&gt;pic.twitter.com/LUTbuTyo6s&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2094269755746128257?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 31, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>स्वाति बोलीं- अभी कार्रवाई पूरी नहीं हुई</b></h5><p>अंकित की पत्नी ने कहा कि मामले में कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि जब तक सभी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक मामले की जांच और कार्रवाई की रफ्तार कम नहीं होनी चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">स्वाति ने परिवार की आर्थिक स्थिति का भी जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिवार कठिन दौर से गुजर रहा है और वह चाहती हैं कि अंकित का नाम हमेशा जीवित रहे।</span></p><h5 class=""><b>पिता ने कहा- गिरोह को जड़ से खत्म किया जाए</b></h5><p>अंकित के पिता सतबीर बालियान ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस को कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि परिवार की इच्छा है कि हत्या के पीछे कथित तौर पर सक्रिय गिरोह के खिलाफ पूरी कार्रवाई की जाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, <b>“मैं मुख्यमंत्री योगी और पुलिस को धन्यवाद देता हूं। हम चाहते हैं कि इस गिरोह को जड़ से खत्म किया जाए।”</b></span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Shamli, UP: On the encounter of two prime shooters in the Haryanvi singer and actor Ankit Baliyan murder case, father of Ankit Baliyan, Satbir Baliyan, says, &amp;quot;I thank CM Yogi and the police... what we want is that this gang must be uprooted.&amp;quot; &lt;a href="https://t.co/CUyscVr9zf"&gt;pic.twitter.com/CUyscVr9zf&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2094274918032756801?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 31, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>मां की भावुक अपील- मेरा बेटा परिवार का इकलौता सहारा था</b></h5><p>अंकित की मां ने मुख्यमंत्री योगी से भावुक अपील करते हुए कहा कि उनका बेटा परिवार का इकलौता कमाने वाला और देखभाल करने वाला सदस्य था।<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि दो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन मामले में बचे अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने बेटे को न्याय दिलाने की गुहार लगाई।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Shamli, UP: On the encounter of two prime shooters in the Haryanvi singer and actor Ankit Baliyan murder case, mother of Ankit Baliyan, Amaresh Baliyan, says, &amp;quot;CM Yogi, I beg of you with folded hands. You caught the two men involved... Now, please catch the others who… &lt;a href="https://t.co/NB3edzA4y5"&gt;pic.twitter.com/NB3edzA4y5&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2094280172686172227?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 31, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>बहन ने मांगी नौकरी और अंकित के नाम पर स्टेडियम</b></h5><p>अंकित की बहन रीना ने कहा कि परिवार तब तक पूरी तरह संतुष्ट नहीं होगा, जब तक उसके भाई की हत्या के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो जाती।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने अपने बुजुर्ग माता-पिता के भविष्य को लेकर भी चिंता जताई। रीना ने मुख्यमंत्री से अंकित के नाम पर परिवार के किसी सदस्य को रोजगार देने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने अंकित की स्मृति में स्टेडियम और उनकी प्रतिमा स्थापित करने की भी अपील की।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Shamli, UP: On the encounter of two prime shooters in the Haryanvi singer and actor Ankit Baliyan murder case, sister of Ankit Baliyan, Reena says, &amp;quot;We are satisfied, but we will not find true satisfaction until my brother&amp;#39;s killers are completely eliminated and brought… &lt;a href="https://t.co/FiQ2XcprZ5"&gt;pic.twitter.com/FiQ2XcprZ5&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2094270977538732181?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 31, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>जिम से निकलते समय हुई थी अंकित की हत्या</b></h5><p>हरियाणवी गायक और अभिनेता अंकित बालियान की शामली जिले में उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह जिम से बाहर निकल रहे थे। हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित पोस्ट वायरल हुई, जिसमें <b>गोगी गैंग </b>से जुड़े होने का दावा किया गया था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वायरल पोस्ट में कथित तौर पर अंकित द्वारा गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या की थीम से मिलता-जुलता गाना बनाने का दावा किया गया। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">परिवार ने एनकाउंटर के बाद पुलिस कार्रवाई का स्वागत किया है, लेकिन स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता अब मामले में फरार सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार के लिए न्याय एवं सहायता सुनिश्चित कराना है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अंकित बालियान की हत्या: मां ने लगाई CM योगी से गुहार, ‘मेरा बेटा था परिवार का इकलौता सहारा’ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ankit-baliyan-murder-encounter-family-justice-6101 ]]></guid><title><![CDATA[ Ankit Baliyan Murder Case: Family Thanks CM Yogi After Two Shooters Killed in Encounter ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ankit-baliyan-murder-encounter-family-justice-6101 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 31 Aug 2026 10:31:29 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Shamli, Uttar Pradesh: The family of Haryanvi singer and actor Ankit Baliyan has welcomed the police action against two alleged shooters linked to his murder case, but said their fight for justice is  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Shamli, Uttar Pradesh: </b>The family of Haryanvi singer and actor Ankit Baliyan has welcomed the police action against two alleged shooters linked to his murder case, but said their fight for justice is not over yet.&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">Two prime shooters allegedly involved in Baliyan's murder were shot dead on Monday during an encounter with the Uttar Pradesh Special Task Force and district police in Shamli.</span></p><p>Following the encounter, Baliyan's family thanked Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath and the police for their action while urging them to continue working until all those involved in the case are arrested.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Baliyan's wife, Swati, said the action taken so far has given the family some relief. She also thanked the Chief Minister for taking the case seriously.</span></p><p>"The action taken so far has given us some satisfaction; it shows the police administration is doing a good job, and the Chief Minister has also taken this matter very seriously. I would like to thank Chief Minister Yogi ji for the support he is providing," she told ANI.</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Shamli, UP: On the encounter of two prime shooters in the Haryanvi singer and actor Ankit Baliyan murder case, wife of Ankit Baliyan, Swati says, &amp;quot;The action taken so far has given us some satisfaction; it shows the police administration is doing a good job, and the… &lt;a href="https://t.co/LUTbuTyo6s"&gt;pic.twitter.com/LUTbuTyo6s&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2094269755746128257?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 31, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p>However, Swati said some accused are still absconding and urged the Chief Minister to understand the family's financial difficulties. She also requested continued support for the family.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"At the same time, I must add that the work is not yet complete. Some accused are still absconding... I would also like to urge Chief Minister Yogi ji to understand our family's plight and the difficult phase we are going through. Our financial situation is not good, and we want Ankit's name to live on forever. I appeal to the Chief Minister not to let the momentum on this case slacken and to provide whatever assistance is possible..."</span></p><p>Baliyan's father, Satbir Baliyan, also thanked the Chief Minister and the police for their action and said the family wants the gang allegedly behind the killing to be dealt with.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"I thank CM Yogi and the police... what we want is that this gang must be uprooted."&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">Baliyan's mother made an emotional appeal to the Chief Minister, saying that her son was the sole breadwinner of the family. She asked the authorities to arrest those still wanted in the case.</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Shamli, UP: On the encounter of two prime shooters in the Haryanvi singer and actor Ankit Baliyan murder case, father of Ankit Baliyan, Satbir Baliyan, says, &amp;quot;I thank CM Yogi and the police... what we want is that this gang must be uprooted.&amp;quot; &lt;a href="https://t.co/CUyscVr9zf"&gt;pic.twitter.com/CUyscVr9zf&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2094274918032756801?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 31, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>"Yogi ji, we humbly fold our hands before you and beg you to give our son justice. Two people have been caught, and they have been killed. Please arrest the others who are still left. Our son was the sole breadwinner and the one who took care of our family."&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Baliyan's sister Reena said the family would not feel satisfied until all those responsible for his death are brought to justice. She also requested support for her elderly parents and sought a job in her brother's name.</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Shamli, UP: On the encounter of two prime shooters in the Haryanvi singer and actor Ankit Baliyan murder case, sister of Ankit Baliyan, Reena says, &amp;quot;We are satisfied, but we will not find true satisfaction until my brother&amp;#39;s killers are completely eliminated and brought… &lt;a href="https://t.co/FiQ2XcprZ5"&gt;pic.twitter.com/FiQ2XcprZ5&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2094270977538732181?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 31, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>"We are satisfied, but we will not find true satisfaction until my brother's killers are completely eliminated and brought to justice; until then, we will neither be satisfied nor rest. I have one more request. My parents are elderly. My brother, Ankit, was the sole breadwinner of the family, and my parents had no other support. I request that employment be provided to my brother. I also ask that something--perhaps a stadium--be established in Ankit's name, and that a statue of him be erected there. I make this appeal to you with folded hands."</p><p>The Haryanvi singer was fatally shot in Shamli district as he stepped out of a gym, while a viral social media post allegedly linked to the Gogi gang claimed responsibility for the murder. The viral post claims that Ankit had created a song featuring a similar theme as the killing of Gangster Jitendra Gogi, who was shot dead inside Rohini Court.&nbsp;</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Ankit Baliyan Murder Case: Family Thanks CM Yogi After Two Shooters Killed in Encounter ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/greater-noida-rape-murder-akhilesh-yadav-6092 ]]></guid><title><![CDATA[ ग्रेटर नोएडा में 6 साल की बच्ची की हत्या पर सियासत तेज, अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था पर घेरा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/greater-noida-rape-murder-akhilesh-yadav-6092 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 30 Aug 2026 14:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ग्रेटर नोएडा में छह वर्षीय बच्ची के कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना पर रविवार को गहरा आक्रोश जताया। उन्होंने घटना को ‘रीढ़ कंपा द ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश:</b> समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ग्रेटर नोएडा में छह वर्षीय बच्ची के कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना पर रविवार को गहरा आक्रोश जताया। उन्होंने घटना को ‘रीढ़ कंपा देने वाली’ बताते हुए उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने </span><span style="font-size: 1rem;">सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस घटना ने पूरे प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों के बीच डर पैदा कर दिया है।</span></p><p>&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अखिलेश यादव ने&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सवाल उठाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था इतनी कमजोर कैसे हो गई कि अपराधियों में सत्ता का भय समाप्त होता जा रहा है।</span><span style="font-size: 1rem;">सपा प्रमुख ने </span><span style="font-size: 1rem;">आरोप लगाया कि सत्ता से जुड़े लोगों द्वारा कथित तौर पर अपराधों को दबाने और छिपाने की कोशिश से दूसरे अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;ग्रेटर नोएडा में अल्पसंख्यक समाज की 6 साल की एक मासूम बच्ची के बलात्कार और हत्या का मामला रूह कँपा देनेवाला है। इससे पूरे प्रदेश में हर बेटी के माँ-बाप अपनी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर दहशत में हैं। &lt;br&gt;&lt;br&gt;सवाल ये है कि प्रदेश की क़ानून-व्यवस्था इतनी लचर कैसे हो गई है कि अपराधी सत्ता…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) &lt;a href="https://x.com/yadavakhilesh/status/2093919707619319876?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>क्या है ग्रेटर नोएडा का पूरा मामला?</b></h5><p>अखिलेश यादव ने अपने बयान में पुलिस व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण पुलिस की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है और कुछ भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">ग्रेटर नोएडा के हल्दौनी गांव में छह वर्षीय बच्ची के कथित अपहरण और हत्या का मामला सामने आया।</span></p><p>पुलिस के मुताबिक बच्ची 28 अगस्त को घर से लापता हुई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू की। पुलिस ने CCTV फुटेज और अन्य सुरागों की मदद से जांच आगे बढ़ाई। बाद में बच्ची का शव एक बोरे में बरामद किया गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">पुलिस ने मामले में एक संदिग्ध बलराज को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों के अनुसार बाद में पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई।</span></p><h5 class=""><b>घटना के बाद कानून-व्यवस्था पर बढ़ा राजनीतिक दबाव</b></h5><p>घटना के बाद उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों की ओर से सरकार से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मामले में त्वरित न्याय की मांग की जा रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अखिलेश यादव ने भी घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और ऐसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ग्रेटर नोएडा में 6 साल की बच्ची की हत्या पर सियासत तेज, अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था पर घेरा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/lucknow-cantonment-model-development-6089 ]]></guid><title><![CDATA[ लखनऊ छावनी में विकास की नई रफ्तार, ₹101 करोड़ की 12 परियोजनाओं का हुआ भूमि पूजन ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/lucknow-cantonment-model-development-6089 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 30 Aug 2026 12:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: लखनऊ छावनी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘मॉडल छावनी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसके तहत ₹101 करोड़ की लागत वाली 12 विकास परियोजनाओं के लिए भूमि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश:</b> लखनऊ छावनी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘मॉडल छावनी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसके तहत ₹101 करोड़ की लागत वाली 12 विकास परियोजनाओं के लिए भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया।</span></p><p>इन परियोजनाओं के माध्यम से छावनी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों को नई गति देने का लक्ष्य रखा गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">लखनऊ छावनी के विकास के लिए प्रस्तावित 12 परियोजनाओं पर करीब ₹101 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद छावनी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। भूमि पूजन एवं शिलान्यास के साथ इन विकास कार्यों को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/LIVE?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#LIVE&lt;/a&gt;: लखनऊ छावनी को &amp;#39;मॉडल छावनी&amp;#39; के रूप में विकसित करने हेतु ₹101 करोड़ की 12 विकास परियोजनाओं के लिए भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में सम्मिलित होते मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी।&lt;a href="https://t.co/GTcJpmyMwg"&gt;https://t.co/GTcJpmyMwg&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2093945236674462171?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>‘मॉडल छावनी’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य</b></h5><p>लखनऊ छावनी को मॉडल छावनी के रूप में विकसित करने की योजना के तहत क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस पहल का उद्देश्य छावनी क्षेत्र में बेहतर नागरिक सुविधाएं, मजबूत बुनियादी ढांचा और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है। विकास परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।</span></p><h5 class=""><b>छावनी क्षेत्र में विकास को मिलेगी गति</b></h5><p>₹101 करोड़ की इन परियोजनाओं को लखनऊ छावनी के समग्र विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। परियोजनाओं के क्रियान्वयन से स्थानीय स्तर पर सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">लखनऊ छावनी ऐतिहासिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में विकास परियोजनाओं के जरिए यहां आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ लखनऊ छावनी में विकास की नई रफ्तार, ₹101 करोड़ की 12 परियोजनाओं का हुआ भूमि पूजन ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/sonbhadra-nirmala-woman-entrepreneur-livelihood-mission-self-help-group-6086 ]]></guid><title><![CDATA[ आजीविका मिशन की सहायता से सालाना ढाई लाख कमा रहीं मजदूर रहीं सोनभद्र की निर्मला ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/sonbhadra-nirmala-woman-entrepreneur-livelihood-mission-self-help-group-6086 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 29 Aug 2026 19:20:56 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार राज्यव्यापी स्तर पर आजीविका मिशन को मजबूती से लागू कर रही है। इन प्रयासों का ही नतीजा है कि अब आदिवासी और पिछड़े अंचल की महिलाएं उ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार राज्यव्यापी स्तर पर आजीविका मिशन को मजबूती से लागू कर रही है। इन प्रयासों का ही नतीजा है कि अब आदिवासी और पिछड़े अंचल की महिलाएं उद्यमी बन रही हैं। सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज ब्लॉक के बिचपई गांव की अनुसूचित जाति की निर्मला इसकी एक जीवंत मिसाल हैं। कभी परिवार का खर्च चलाने के लिए मजदूरी करने वाली निर्मला अब सफल उद्यमी बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने हुनर सीखा और योगी सरकार से मिली आर्थिक मदद ने उन्हें अपने पैरों पर खड़ा कर दिया। रंग-बिरंगी डिजाइनर मोमबत्तियों से शुरू हुआ उनका सफर अब जूस, पॉपकॉर्न, गुलाब का गुलकंद, शर्बत और गाजर के मुरब्बे तक पहुंच चुका है। उनकी सालाना कमाई करीब ढाई लाख रुपये हो गई है। उनकी सफलता से प्रेरित होकर गांव की 12 से 15 महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ी हैं।</span></p><p><br></p><p><b>स्वयं सहायता समूह ने खोला नया रास्ता:</b></p><p><br></p><p>राबर्ट्सगंज ब्लॉक के बिचपई गांव की निर्मला बीए तक पढ़ी हैं। पति-पत्नी, तीन बेटियों और एक बेटे वाले छह सदस्यीय परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। घर की जिम्मेदारियों के साथ उन्हें मजदूरी करनी पड़ती थी। बच्चों की बेहतर परवरिश और परिवार की आय बढ़ाने की कोशिश में वह स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। यहीं से उनकी जिंदगी बदलने का रास्ता खुला। मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण लिया और अपने हुनर को कारोबार में बदलने का निर्णय लिया।</p><p><br></p><p><b>60 हजार की सीड मनी से शुरू हुआ उद्यम, बढ़ती गई आमदनी:</b></p><p><br></p><p>उद्यमिता विकास परियोजना की टीम ने निर्मला के प्रयास को देखते हुए 60 हजार रुपये की सीड मनी (प्रारंभिक सहायता राशि) उपलब्ध कराई। इससे उन्होंने अलग-अलग डिजाइन की मोमबत्तियों के सांचे खरीदे। दीपावली और अन्य त्योहारों पर मोमबत्तियां बनाकर उनकी बिक्री शुरू की। मांग बढ़ने पर इसे नियमित कारोबार बना लिया। खादी ग्रामोद्योग विभाग के सहयोग से पॉपकॉर्न मशीन मिली तो आमदनी का एक और जरिया जुड़ गया। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से दो माह का प्रशिक्षण लेकर उन्होंने गुलाब से गुलकंद, शर्बत और गाजर का मुरब्बा बनाना भी सीख लिया। अब मौसम के अनुसार इनका उत्पादन करती हैं। फूल, पेड़ और दूसरी सजावटी आकृतियों वाली उनकी रंगीन मोमबत्तियां बाजार में अपनी जगह बना रही हैं। उनका अगला लक्ष्य उत्पादों को ऑनलाइन बाजार तक पहुंचाना है।</p><p><br></p><p><b>गांव की महिलाओं में भी जाग रहा आत्मविश्वास:</b></p><p><br></p><p>निर्मला की सफलता का असर गांव की दूसरी महिलाओं पर भी पड़ा है। उनके उद्यम से प्रेरित होकर गांव की 15 महिलाएं काम से जुड़ने और अपना रोजगार शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ी हैं। पिछड़े और आदिवासी बहुल बिचपई में यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिन महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी सीमित थी, वे अब स्वयं सहायता समूहों के जरिए कारोबार की ओर कदम बढ़ा रही हैं। निर्मला बताती हैं कि पहले महिलाएं घर और घूंघट तक सीमित रहती थीं। अब वे बाहर निकलकर काम कर रही हैं। आमदनी बढ़ने से बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ाने का रास्ता खुला है। कभी लोगों से बात करने में झिझकने वाली निर्मला अब आत्मविश्वास से अपने कारोबार की बात करती हैं। उनके पति भी उद्यम को आगे बढ़ाने में साथ दे रहे हैं।</p><p><br></p><p><b>पूरे प्रदेश में महिलाओं को सशक्त बना रहा आजीविका मिशन:</b></p><p><br></p><p>उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से पूरे प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़कर महिलाएं प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग के सहारे अपने उद्यम खड़े कर रही हैं। निर्मला की कहानी इसी व्यापक बदलाव की एक तस्वीर है, जहां कभी मजदूरी परिवार की मजबूरी थी और आज अपना कारोबार उसकी आर्थिक ताकत बन गया है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ आजीविका मिशन की सहायता से सालाना ढाई लाख कमा रहीं मजदूर रहीं सोनभद्र की निर्मला ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/raksha-bandhan-bhai-behen-planted-over-one-lakh-trees-up-yogi-government-6085 ]]></guid><title><![CDATA[ रक्षाबंधन के पर्व पर भाई-बहनों ने लगाए एक लाख से अधिक पौधे ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/raksha-bandhan-bhai-behen-planted-over-one-lakh-trees-up-yogi-government-6085 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 29 Aug 2026 19:06:36 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: रक्षाबंधन पर भाई-बहनों ने प्रदेश में एक लाख से अधिक पौधे लगाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में इस विशिष्ट वन (ऱक्षाबंधन वाटिका) में पौधरोपण किया। विशिष्ट वनों के अंतर्गत सभी वन प्रभागो ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">रक्षाबंधन पर भाई-बहनों ने प्रदेश में एक लाख से अधिक पौधे लगाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में इस विशिष्ट वन (ऱक्षाबंधन वाटिका) में पौधरोपण किया। विशिष्ट वनों के अंतर्गत सभी वन प्रभागों में 28 अगस्त (शुक्रवार) को रक्षाबंधन वाटिका में पौधे लगाए गए।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><br></p><p>‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण महायज्ञ-2026 में विशिष्ट वन (महर्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, कपि वन, ऊर्जा वन, एक्सप्रेस-वे-पौधरोपण, अविरल धारा पौधरोपण, वंदे मातरम वाटिका) आदि स्थापित किए गए। इसी श्रृंखला में 'भाई-बहन' के स्नेह के प्रतीक’ रक्षाबंधन पर 28 अगस्त (शुक्रवार) को प्रत्येक वन प्रभाग में 'भाई-बहन पौधरोपण के माध्यम से 59 स्थलों पर 109171 पौधे रोपित कर 59 नई रक्षाबंधन वाटिकाओं की स्थापना की गई।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>पेड़-पौधों को बांधा रक्षासूत्र:</b></p><p><br></p><p>रक्षाबंधन पर बहनों ने भाइयों को राखी बांधकर उनकी खुशहाली की कामना की तो भाई-बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर पर्यावरण संरक्षण का भी संकल्प लिया। रक्षाबंधन पर पर्यावरण व प्रकृति के उपकारों के प्रति सम्मान व्यक्त करने तथा पर्यावरण प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रत्येक प्रभाग में पौध रोपित किए गए। भाई-बहनों ने पौधरोपण के साथ ही संयुक्त रूप से पेड़-पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर सुरक्षा का संदेश दिया।&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p><b>मुख्यमंत्री ने लगाया बरगद का पौधा:</b></p><p><br></p><p>गोरखपुर वन प्रभाग में रक्षाबंधन पर भाई-बहन पौधरोपण के अंतर्गत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर में बरगद का पौधा रोपा। साथ ही मौलश्री समेत 101 अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रजातियों पर छात्र एवं छात्राओं ने रक्षासूत्र बांधकर प्रकृति की रक्षा का संकल्प लिया गया।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ रक्षाबंधन के पर्व पर भाई-बहनों ने लगाए एक लाख से अधिक पौधे ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-ballia-flood-relief-50-kg-relief-kit-flood-affected-families-6084 ]]></guid><title><![CDATA[ 50-50 किलो राहत सामग्री दे रही सरकार, 500 ग्राम राहत नहीं पहुंचा पाती थी सपा: मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-ballia-flood-relief-50-kg-relief-kit-flood-affected-families-6084 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 29 Aug 2026 18:53:05 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ बलिया: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार बाढ़ पीड़ितों को करीब 50-50 किलो राहत सामग्री के पैकेट उपलब्ध करा रही है, जबकि सपा सरकार में 500 ग्राम राहत सामग्री भी नहीं पहुंच पाती थी। गरीबों के ह ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">बलिया: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार बाढ़ पीड़ितों को करीब 50-50 किलो राहत सामग्री के पैकेट उपलब्ध करा रही है, जबकि सपा सरकार में 500 ग्राम राहत सामग्री भी नहीं पहुंच पाती थी। गरीबों के हक की राहत सपा से जुड़े लोग हड़प लेते थे। आज हर आपदा में आवास समेत तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार गरीब, नौजवान, माता-बहनों और अन्नदाता किसानों के हक में संवेदनशीलता व ईमानदारी से काम कर रही है। अतिवृष्टि के कारण पिछले कुछ दिनों में करीब 26 जनपद बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सरकार लगातार व तेजी से राहत व बचाव कार्य में जुटी है। बाढ़ से 1.71 लाख से अधिक लोग और 251 गांव प्रभावित हुए हैं। एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित शरणालयों में पहुंचाया गया है।</span></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को बलिया में तीन विधानसभा क्षेत्रों में बाढ़ प्रभावित गांवों का हवाई निरीक्षण करने के उपरांत 1500 बाढ़ पीड़ित परिवारो को राहत सामग्री और चिकित्सकीय किट वितरित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने आयोजन स्थल पर मौजूद बाढ़ पीड़ितों से बातचीत की, उनका दुख साझा किया और सबको आश्वस्त किया कि किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं, सरकार हर पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़ी है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>जेपीएनआईसी को लूट-खसोट का अड्डा बनाने की कोशिश:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया था, सपा उसी की पिछलग्गू बन गई। जिन लोगों ने जयप्रकाश नारायण के सपनों को तार-तार किया,&nbsp; सपा उन्हीं के साथ खड़ी है। इन्होंने जयप्रकाश जी के नाम को किस तरह लूट-खसोट का माध्यम बनाया था, लखनऊ में बना जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएआईसी) उसका उदाहरण है। इस केंद्र की लागत मात्र 200 करोड़ थी। लेकिन, लुटेरी सपा सरकार ने उस पर 864 करोड़ रुपये खर्च किए, और तब भी यह अधूरा रहा। उनकी मंशा जनता-जनार्दन के पैसे से बने इस केंद्र को लूट-खसोट व अय्याशी का अड्डा बनाना थी। ऐसी कोशिश भी की गई।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>जेपीएनआईसी सेंटर के लिए बनाई परिवार की कमेटी:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने कहा कि जेपीएआईसी के संचालन से जुड़ी कमेटी में अखिलेश यादव, धर्मेंद्र यादव, डिंपल यादव और राजेंद्र चौधरी समेत कई लोगों को शामिल किया गया था। इस तरह केंद्र को व्यक्तिगत संपत्ति के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश हुई। अखिलेश को इसके लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। यूपी में संसाधनों व प्रतिभा की कमी कभी नहीं थी। प्रदेश का युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जावान था, किसान मेहनती था तथा व्यापारी और उद्यमी बनने की क्षमता रखता था। इसके बावजूद पिछली सरकारों की नीतियों और भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश पिछड़ गया।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>सीएम ने किया बाढ़ग्रस्त गांवों का हवाई निरीक्षण:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण करते हुए आए हैं। बांसडीह, बलिया और बैरिया विधानसभा क्षेत्रों में कटान और जलप्लावन से प्रभावित गांवों का निरीक्षण करने के बाद वह लोगों के बीच पहुंचे हैं। राहत कार्यों को लेकर वह लगातार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के संपर्क में रहे तथा कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी स्थिति की समीक्षा की। उद्देश्य यही रहा कि बाढ़ से प्रभावित किसी भी व्यक्ति को परेशानी न हो।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>राहत किट में आटा-चावल से लेकर टॉर्च और छतरी तक:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने कहा कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत किट उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, दो किलो अरहर की दाल, दो किलो चना, दो किलो भुना चना, एक किलो चीनी, 10 पैकेट बिस्कुट, माचिस, मोमबत्ती, दो नहाने के साबुन और एक तिरपाल शामिल है। इसके अलावा हल्दी, मिर्च, सब्जी मसाला, एक किलो रिफाइंड तेल, एक किलो नमक, सैनिटरी पैड, कपड़े धोने के दो साबुन, तौलिया, सूती कपड़ा, डिस्पोजल बैग, डेटॉल और 10 किलो आलू भी दिया जा रहा है। राहत किट में ढाई किलो लाई, एक बाल्टी, एक मग, एक टॉर्च और एक छतरी भी उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावितों के लिए मेडिसिन किट में ओआरएस पाउडर और आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। साथ ही पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन की गोलियां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि दूषित पानी से होने वाली समस्याओं से बचाव हो सके।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>सांप-बिच्छू के काटने से लेकर रेबीज तक की दवाओं का इंतजाम:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान सांप, बिच्छू और अन्य विषैले कीड़ों के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कुत्ते के काटने और जंगली जानवरों के हमले की शिकायतें भी सामने आती हैं। इसे देखते हुए सभी सीएचसी और जिला अस्पतालों में एंटी-स्नेक और एंटी-रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सरकार का प्रयास केवल लोगों को सुरक्षित बचाना ही नहीं, बल्कि उनके पशुधन को भी नुकसान से बचाना है। पशुओं के टीकाकरण, दवाओं और उनके लिए जरूरी खाद्य सामग्री की व्यवस्था की जा रही है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए अलग व्यवस्था:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं का चिह्नीकरण किया जा रहा है। बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से राहत सामग्री उपलब्ध कराने तथा उनकी विशेष देखभाल की व्यवस्था की जा रही है। यह कार्य इसलिए तेजी से हो पा रहा है, क्योंकि जनता ने अच्छे विधायक चुने हैं। राहत किट वितरण के दौरान हर व्यक्ति को करीब 50 किलो तक सामग्री दी गई है। यह सामग्री वाहनों के माध्यम से उनके घर तक पहुंचाई जाएगी।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>दुर्घटनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए कई राहत व्यवस्थाएं:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आपदा और दुर्घटनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए कई राहत व्यवस्थाएं लागू की हैं। सर्पदंश से मृत्यु पर तत्काल चार लाख रुपये की सहायता दी जाती है। 2017 से पहले यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। जंगली जानवरों के हमले में मृत्यु होने पर भी सरकार सहायता देती है। पागल कुत्ते के काटने से होने वाली दुर्भाग्यपूर्ण मौत पर भी राहत का प्रावधान है। ऐसे मामलों में परिवार को 24 घंटे के अंदर सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>बाढ़ या आकाशीय बिजली से किसान की मौत पर 5 लाख रुपये:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने कहा कि किसान, बटाईदार किसान या उनके परिवार के किसी सदस्य की बाढ़ अथवा आकाशीय बिजली से मृत्यु होने पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये की सहायता दी जाती है। बाढ़ के कारण मकान या झोपड़ी नष्ट होने पर सरकार तत्काल परिवार को नया मकान बनाने के लिए जमीन का पट्टा उपलब्ध कराती है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास भी स्वीकृत किया जाता है।&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p><b>घाघरा नदी की ड्रेजिंग पर विशेष जोर:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने बलिया में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जल शक्ति मंत्री को इस संबंध में व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मैंने स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया है और कई स्थानों पर घाघरा नदी को ड्रेजिंग के माध्यम से चैनलाइज करने की आवश्यकता दिखाई देती है। ड्रेजिंग से निकलने वाली सिल्ट को तटबंध के सामने उपयोग किया जाए। जरूरत वाले स्थानों पर बोल्डर से ठोकर बनाए जाएं, जिससे नदी के कटान को रोका जा सके और बाढ़ का खतरा कम हो।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>पहले 36-40 जिलों में आती थी बाढ़:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने कहा कि पहले बारिश के दौरान 36-40 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनती थी, जबकि इस बार 26 जनपद प्रभावित हुए हैं। इस बार भी जन-धन की क्षति न्यूनतम रही है और जनहानि लगभग न के बराबर हुई है। सरकार का प्रयास है कि राहत और बचाव के साथ-साथ बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। बलिया के लोगों की प्रतिभा और ऊर्जा को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान और विकास कार्यों को गति देना जरूरी है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>बलिया में बाबा भृगु के नाम पर मेडिकल कॉलेज:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिया में बाबा भृगु के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने धनराशि स्वीकृत कर दी है। बलिया में बाबा भृगु धाम कॉरिडोर का निर्माण भी कराया जा रहा है। यह मंगल पांडे, चित्तू पांडे व जयप्रकाश नारायण की भूमि है। ऐतिहासिक और लोकतांत्रिक विरासत को देखते हुए यहां विकास के साथ विरासत संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बलिया के सिताब दियारा को जेपी की पावन भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि मुझे वहां जाने के कई अवसर मिले हैं और जल्द ही वहां फिर कार्यक्रम बनाने की तैयारी है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>बुजुर्ग महिलाओं को अब निशुल्क बस यात्रा सुविधा:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर परिवहन निगम की बसों में माता-बहनों को तीन दिन तक निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई। दो दिन में ही लाखों महिलाओं ने सहयात्रियों के साथ इस सेवा का लाभ उठाया। आज भी निशुल्क बस यात्रा की सुविधा जारी है। अगले दिन से 60 वर्ष से अधिक उम्र की हर महिला को निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। वे प्रदेश में कहीं भी यात्रा कर सकेंगी। जब जनता अच्छी सरकार चुनती है तो उसका लाभ राहत, सुरक्षा, जनकल्याण और विकास के रूप में दिखाई देता है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा से समझौता नहीं:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जिन लोगों के शासन में अराजकता फैली, युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ और बेटियों तथा व्यापारियों की सुरक्षा प्रभावित हुई, वे किस मुंह से नौजवानों की बात करते हैं। डबल इंजन सरकार में कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। किसी ने बेटी या व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने का प्रयास किया तो उसके लिए जेल या जहन्नुम ही जगह होगी। सपा शासन में हर जिले में माफिया समानांतर सत्ता चलाते थे। हमारी सरकार ने माफिया को मिट्टी में मिला दिया। अब प्रदेश में वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया नहीं, बल्कि वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज का दौर है।</p><p><br></p><p>इस अवसर पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, दयाशंकर मिश्र दयालु, दयाशंकर सिंह, राज्य मंत्री दानिश आजाद, राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर, विधायक केतकी सिंह, विधायक हंसुराम, विधान परिषद सदस्य रवि शंकर (पप्पू सिंह) भाजपा जिला अध्यक्ष संजय मिश्र, राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 50-50 किलो राहत सामग्री दे रही सरकार, 500 ग्राम राहत नहीं पहुंचा पाती थी सपा: मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-deoria-rs305-crore-projects-6078 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘अब UP को कोई BIMARU राज्य नहीं कहता’, CM योगी ने देवरिया में ₹305 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-deoria-rs305-crore-projects-6078 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 29 Aug 2026 16:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ देवरिया, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देवरिया में ₹305 करोड़ की 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की बदली तस्वीर का जिक्र ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>देवरिया, उत्तर प्रदेश:</b> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देवरिया में ₹305 करोड़ की 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की बदली तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि अब कोई प्रदेश को ‘BIMARU’ राज्य नहीं कहता और यूपी ने देश में एक सम्मानजनक पहचान बनाई है।</span></p><p>मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्वास्थ्य, शिक्षा, कनेक्टिविटी और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में हुए बदलावों को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के तौर पर गिनाया।उन्होंने&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछड़ेपन से जुड़ी अपनी पुरानी छवि को पीछे छोड़ दिया है। उनके मुताबिक, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, सड़क और कनेक्टिविटी, शिक्षा तथा कानून-व्यवस्था में सुधार के कारण प्रदेश की छवि बदली है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश को लेकर देश में सवाल उठाने के बजाय प्रदेश की उपलब्धियों और विकास की चर्चा होती है।</span></p><h5 class=""><b>‘एक जिला, एक माफिया’ से ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’</b></h5><p>योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय प्रदेश में समानांतर ‘माफिया राज’ चलता था। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने अपराध और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार का फोकस ‘एक जिला, एक माफिया’ के बजाय ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ पर है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने देवरिया और कुशीनगर में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे पूर्वांचल में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिली है।</span></p><h5 class=""><b>इंसेफेलाइटिस को लेकर योगी का बड़ा दावा</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में लंबे समय से गंभीर समस्या रही इंसेफेलाइटिस का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे केवल बीमारी नहीं, बल्कि पिछली सरकारों की कथित ‘बीमार मानसिकता’ का परिणाम बताया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">योगी ने दावा किया कि चार दशकों में इंसेफेलाइटिस के कारण 50 हजार से अधिक लोगों की जान गई, जबकि तत्कालीन सरकारों ने इस समस्या पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सरकार की पहल के कारण इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण हासिल किया गया है और उन्होंने इसे समाप्त करने का दावा किया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;विकास का विस्तार, जनकल्याण का आधार!&lt;br&gt;&lt;br&gt;मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी आज जनपद देवरिया के सलेमपुर एवं भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्रों में ₹305 करोड़ की लागत से 80 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के… &lt;a href="https://t.co/EomkdPQUrV"&gt;pic.twitter.com/EomkdPQUrV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2093610396385210485?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 29, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>देवरिया में मेडिकल कॉलेज और बेहतर कनेक्टिविटी</b></h5><p>योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देवरिया में महर्षि देवरहा बाबा के नाम पर मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया है। उन्होंने जिले में सड़क और परिवहन कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि जिले में बाईपास और फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं तथा सड़कों को चरणबद्ध तरीके से चौड़ा किया जा रहा है। कई सड़कों को सिंगल लेन से डबल लेन, डबल लेन से फोर लेन और फोर लेन से सिक्स लेन में बदला जा रहा है।</span></p><h5 class=""><b>शिक्षा क्षेत्र में भी कई योजनाओं का जिक्र</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने देवरिया में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कंपोजिट स्कूलों के निर्माण और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के उन्नयन का उल्लेख किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था का भी जिक्र किया गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इसके अलावा बुनियादी शिक्षा से जुड़े विद्यालयों में सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के सुधार के लिए ऑपरेशन कायाकल्प के तहत किए जा रहे कार्यों को भी मुख्यमंत्री ने सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।</span></p><h5 class=""><b>महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा पर सख्त संदेश</b></h5><p>कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की है। उन्होंने महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त संदेश देते हुए कहा कि उन्हें धमकाने वालों के लिए जेल ही रास्ता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार की कानून-व्यवस्था संबंधी नीतियों ने प्रदेश में सुरक्षा का माहौल मजबूत किया है।</span></p><h5 class=""><b>₹305 करोड़ की परियोजनाओं से विकास को मिलेगी गति</b></h5><p>देवरिया में 80 परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास को जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया गया। इन परियोजनाओं से स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, कनेक्टिविटी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का लक्ष्य है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य देवरिया समेत पूरे प्रदेश में विकास के नए मानक स्थापित करना और युवाओं के लिए बेहतर अवसर तैयार करना है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘अब UP को कोई BIMARU राज्य नहीं कहता’, CM योगी ने देवरिया में ₹305 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-up-no-longer-bimaru-deoria-projects-6077 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Has Shed ‘Bimaru’ Tag, Says CM Yogi; Inaugurates ₹305 Crore Projects in Deoria ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-up-no-longer-bimaru-deoria-projects-6077 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 29 Aug 2026 15:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Deoria, Uttar Pradesh: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath on Saturday said the state has shed its image as a "Bimaru" state, stating that Uttar Pradesh now commands a "respectable image" due ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Deoria, Uttar Pradesh:</b> Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath on Saturday said the state has shed its image as a "Bimaru" state, stating that Uttar Pradesh now commands a "respectable image" due to improvements in healthcare, connectivity, education and law and order.</span></p><p>Addressing a programme in Deoria, where he inaugurated and laid the foundation stones for 80 development projects worth ₹305 crore, Adityanath said encephalitis was not merely a disease but reflected what he described as the "sick mindset" of previous Samajwadi Party and Congress governments.</p><p>"Encephalitis was not merely a disease; it was a sick mindset. It was the sick mentality of the Samajwadi Party and Congress governments of that time -- a mentality that was devouring the innocent lives here while the authorities remained completely indifferent. They stayed silent; their empathy had died, and the innocent paid the price. Over forty years, more than fifty thousand innocent lives were lost. Not once did a Chief Minister from the Samajwadi Party or the Congress, nor a Prime Minister from the Congress, ever come here to see the situation. They never came to inquire or check on the well-being of the poor," Adityanath said.</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;विकास का विस्तार, जनकल्याण का आधार!&lt;br&gt;&lt;br&gt;मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी आज जनपद देवरिया के सलेमपुर एवं भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्रों में ₹305 करोड़ की लागत से 80 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के… &lt;a href="https://t.co/EomkdPQUrV"&gt;pic.twitter.com/EomkdPQUrV&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2093610396385210485?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 29, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p>The Chief Minister alleged that the previous governments remained indifferent to the plight of the poor and claimed that a parallel "mafia rule" operated across the state.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Adityanath also highlighted the government's law-and-order measures, saying that the mafia had been "crushed" and warning those who threaten women and traders that they would face either jail or "hell".</span></p><p>He said the government had shifted its development focus from "one district, one mafia" to "one district, one medical college", pointing to the establishment of medical colleges in Deoria and Kushinagar. Adityanath said encephalitis had also been eradicated, linking the achievement to the government's healthcare initiatives.</p><p>"A parallel mafia rule operated across the state. Today, I can say that UP has truly lived up to its name. No one calls UP a 'Bimaru' state anymore. No one questions Uttar Pradesh now. The state now commands a respectable image. The mafia has been crushed, wiped out completely. For those who threaten the safety of daughters and traders, there are only two places: either jail or hell; there is no third option. It is no longer a case of 'one district, one mafia'; now, it is 'one district, one medical college', which is why Deoria and Kushinagar now have medical colleges. Just as we have crushed the mafia, we have also eradicated diseases like encephalitis forever," Yogi said.</p><p>Highlighting development works in Deoria, he said the district now has a medical college named after Maharishi Deoraha Baba. He said connectivity was being improved through bypasses and flyovers, while roads were being upgraded from single-lane to double-lane, double-lane to four-lane and four-lane to six-lane roads.</p><p>"Today, there is a medical college in Deoria. The medical college here has been constructed in the name of Maharishi Deoraha Baba, whose spiritual practice was dedicated to public welfare and national welfare. Deoria is today establishing new benchmarks of development. Here, connectivity is improving, bypasses and flyovers are being constructed. Single-lane roads are being converted to double lanes, double-lane roads to 4-lanes, and 4-lane roads to 6-lanes. Composite schools are being built. At the same time, the upgradation of Kasturba Gandhi schools is also underway," CM Yogi said.</p><p>He said Abhyudaya coaching facilities were being arranged to help young people prepare for competitive examinations, while basic education schools were being transformed under the government's 'Operation Kayakalp' programme.</p><p>"Arrangements for Abhyudaya coaching are being made for the preparation of competitive exams for the youth, and comprehensive transformations are being carried out in basic education schools under 'Operation Kayakalp', so that the bright future of our children can be advanced," Yogi added.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">CM Adityanath said these initiatives were aimed at strengthening education, healthcare, infrastructure and opportunities for the youth and establishing new benchmarks of development in Deoria.</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Has Shed ‘Bimaru’ Tag, Says CM Yogi; Inaugurates ₹305 Crore Projects in Deoria ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ballia-flood-yogi-aerial-survey-relief-6076 ]]></guid><title><![CDATA[ बलिया में बाढ़ प्रभावित इलाकों का CM योगी ने किया हवाई सर्वेक्षण, पीड़ित परिवारों को बांटी राहत सामग्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ballia-flood-yogi-aerial-survey-relief-6076 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 29 Aug 2026 14:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ बलिया, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर जमीनी हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने इसके ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>बलिया, उत्तर प्रदेश:</b> उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर जमीनी हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने इसके बाद बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण भी किया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम बांसडीह क्षेत्र के पकहां ग्राम पंचायत के गलाफरपुर/मलाफरपुर में रखा गया था, जहां बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित की गई।</span></p><p>निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देवरिया के मझौली तप्पा हवेली स्थित हेलीपैड से बलिया के लिए रवाना हुए। इसके बाद उन्होंने करीब आधे घंटे तक जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हवाई सर्वेक्षण के जरिए प्रभावित इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति का आकलन किया गया। प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, हेलीपैड और कार्यक्रम स्थल की तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/LIVE?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#LIVE&lt;/a&gt;: बलिया जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण एवं बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री के वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित होते मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी&lt;a href="https://t.co/dW1NCSmz8p"&gt;https://t.co/dW1NCSmz8p&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2093612883754274998?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 29, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण</b></h5><p>हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए करीब 50 बाढ़ पीड़ित परिवारों की सूची तैयार की थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक सूचनाओं में भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का हवाई सर्वेक्षण और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने की कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।</span></p><h5 class=""><b>प्रशासन पूरी तरह अलर्ट</b></h5><p>मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों की समीक्षा की। हेलीपैड, जर्मन हैंगर, पार्किंग, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां दी गई थीं।<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर जिले के माध्यमिक विद्यालयों में भी अवकाश घोषित किया गया था, ताकि प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।</span></p><h5 class=""><b>बाढ़ प्रभावितों तक राहत पहुंचाने पर सरकार का जोर</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>बलिया में बाढ़ का संकट नया नहीं है और पूर्व में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक दस्तावेजों में बलिया के दुबेछपरा क्षेत्र में मुख्यमंत्री द्वारा बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने और पीड़ितों के बीच राहत सामग्री वितरित करने का रिकॉर्ड मौजूद है। उस दौरान अधिकारियों को स्वच्छ पेयजल, दवाओं, ताजा भोजन और पर्याप्त नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मौजूदा बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन का फोकस प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने, संवेदनशील इलाकों की निगरानी और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>मुख्यमंत्री के दौरे से राहत कार्यों को मिली गति</b></h5><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हवाई सर्वेक्षण और राहत सामग्री वितरण से प्रशासनिक स्तर पर चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा भी हुई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी की स्थिति और प्रभावित परिवारों की जरूरतों के आधार पर आगे राहत एवं बचाव अभियान को तेज किए जाने की उम्मीद है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ बलिया में बाढ़ प्रभावित इलाकों का CM योगी ने किया हवाई सर्वेक्षण, पीड़ित परिवारों को बांटी राहत सामग्री ]]></media:description></item></channel></rss>