<?xml version='1.0' encoding='UTF-8' ?><rss xmlns:content='http://purl.org/rss/1.0/modules/content/' xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/'  version='2.0'><channel><title>GTC Bharat</title><link>https://www.gtcbharat.com</link><lastBuildDate><![CDATA[Sun, 23 Aug 2026 18:00:50 +0530 ]]></lastBuildDate><language>en</language><image><title>GTC Bharat</title><url>https://media.gtcbharat.com/uploads/GTC-Bhart.svg</url><link>https://www.gtcbharat.com</link></image><description>GTC Bharat: Hindi News(हिंदी न्यूज़): Bharat की ताज़ा खबरें | Hindi News, हिंदी समाचार </description><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-sugar-stock-yogi-action-5983 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं, 179.38 लाख कुंतल स्टॉक उपलब्ध; कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-sugar-stock-yogi-action-5983 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 22 Aug 2026 16:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ,&nbsp;उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने चीनी की उपलब्धता, ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">लखनऊ,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश</span></b><span style="font-size: 1rem;"><b>:</b> उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने चीनी की उपलब्धता, बिक्री और आगामी पेराई सत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जमाखोरी, कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश की चीनी मिलों में 179.38 लाख कुंतल चीनी का भंडार उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि आमजन को चीनी की उपलब्धता को लेकर किसी भी तरह परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">जून और जुलाई के दौरान चीनी मिलों ने करीब 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की है। सरकार के अनुसार, इसमें से अधिकांश चीनी अभी भी खुले बाजार में उपलब्ध है।</span></p><h5 class=""><b>जरूरत पड़ी तो 15 अक्टूबर से शुरू होगी मिलों की पेराई</b></h5><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन शुरू कराया जाए। इसका उद्देश्य बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और किसी भी संभावित कमी की स्थिति को रोकना है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने चीनी की कमी को लेकर भ्रम फैलाने वालों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;मुख्यमंत्री जी ने चीनी की कमी को लेकर भ्रम फैलाने एवं कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।&lt;br&gt;&lt;br&gt;उन्होंने कहा कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक का चीनी स्टॉक नहीं रख सकेगा और एक समय में 400 टन से अधिक स्टॉक भी नहीं रख सकेगा।…&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2091098139386384762?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>डीलरों के स्टॉक पर भी तय हुई सीमा</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप चीनी के स्टॉक की निर्धारित सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।</p><p><font color="#000000" style="background-color: rgb(255, 255, 0);"><b>इसके तहत—</b></font></p><ul><li><i>कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक का चीनी स्टॉक नहीं रख सकेगा।</i></li><li><i>एक समय में किसी डीलर के पास 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं होना चाहिए।</i></li><li><i>बल्क कंज्यूमर्स, जिनकी मासिक खपत 10 मीट्रिक टन है, वे 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे।</i></li><li><i>निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</i></li></ul><h5 class=""><b>चीनी मिलों को भी दिया गया निर्देश</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने चीनी मिलों को निर्देश दिया कि अपने मासिक कोटे के तहत बेची गई चीनी को विक्रय की तारीख से सात दिन से अधिक समय तक गोदाम में रोककर न रखा जाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसका उद्देश्य बाजार में चीनी की नियमित आपूर्ति बनाए रखना और अनावश्यक स्टॉक जमा होने से रोकना है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में पंजीकृत चीनी मिलों के साथ-साथ थोक और फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अधिकारियों को गोदामों में मौजूद चीनी के वास्तविक स्टॉक की स्थिति की रिपोर्ट प्राप्त करनी होगी। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक, जमाखोरी या किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।</span></p><h5 class=""><b>चीनी की कीमत और उपलब्धता पर लगातार निगरानी</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक जनपद में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार निगरानी रखी जाए। यदि कहीं कृत्रिम कमी पैदा करने या कीमतों में अनुचित बढ़ोतरी की स्थिति सामने आती है तो इसकी जानकारी तत्काल शासन को दी जाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सरकार का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद जमाखोरी या अफवाहों के कारण बाजार में चीनी की कृत्रिम कमी न बने।</span></i></b></p><h5 class=""><b>2026-27 में 90 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान</b></h5><p>आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश में करीब 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित है। इससे लगभग 90 लाख टन चीनी उत्पादन होने की संभावना जताई गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रदेश में चीनी की अनुमानित मासिक खपत करीब 4 लाख टन है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को ₹32,554 करोड़ से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं, 179.38 लाख कुंतल स्टॉक उपलब्ध; कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-model-composite-schools-hardoi-banda-5982 ]]></guid><title><![CDATA[ हरदोई और बांदा में बनेंगे मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, योगी सरकार ने ₹52.16 करोड़ से अधिक की धनराशि मंजूर ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-model-composite-schools-hardoi-banda-5982 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 22 Aug 2026 15:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में हरदोई और बांदा जनपदों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण के लिए कुल ₹5,21 ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश:</b> उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में हरदोई और बांदा जनपदों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण के लिए कुल ₹5,216.77 लाख यानी करीब ₹52.17 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। दोनों विद्यालय प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक की शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किए जाएंगे।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">हरदोई जनपद की तहसील सवायजपुर के राजस्व ग्राम शेखपुर में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय-द्वितीय (फेज-2) के निर्माण के लिए ₹2,689.14 लाख यानी करीब ₹26.89 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश सरकार के ई-परियोजना संबंधी आधिकारिक रिकॉर्ड में भी शेखपुर, जनपद हरदोई में बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित परियोजना के लिए ₹2,689.14 लाख की राशि दर्ज है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यह विद्यालय प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों को एक ही परिसर में शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया जाएगा।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी ने जनपद हरदोई में तहसील सवायजपुर के राजस्व ग्राम- शेखपुर में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय- द्वितीय (फेज-2) (प्री प्राइमरी से कक्षा-12 तक) के निर्माण कार्य हेतु धनराशि ₹2689.14 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।&lt;a href="https://x.com/UPGovt?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@UPGovt&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/cBjv4ewvpT"&gt;pic.twitter.com/cBjv4ewvpT&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2091083879230984254?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>बांदा के भसरौड में ₹25.28 करोड़ की परियोजना</b></h5><p>इसी क्रम में बांदा जनपद की तहसील नरैनी के ग्राम भसरौड में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण के लिए ₹2,527.63 लाख यानी करीब ₹25.28 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सरकारी ई-परियोजना रिकॉर्ड में भी भसरौड, तहसील नरैनी से संबंधित निर्माण परियोजना के लिए ₹2,527.63 लाख की राशि दर्ज है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">यह विद्यालय भी प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक की शिक्षा के लिए विकसित किया जाएगा।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी ने जनपद बांदा में तहसील- नरैनी के ग्राम- भसरौड में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय (प्री प्राइमरी से कक्षा-12 तक) के निर्माण कार्य हेतु धनराशि ₹2527.63 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।&lt;a href="https://x.com/UPGovt?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@UPGovt&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/6DjmGGcfuD"&gt;pic.twitter.com/6DjmGGcfuD&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2091084776170213785?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>एक परिसर में मिलेगी स्कूल शिक्षा की पूरी व्यवस्था</b></h5><p>मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की अवधारणा का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्राथमिक स्तर से लेकर माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर तक बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में आधुनिक और व्यवस्थित स्कूल सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हरदोई और बांदा की इन दोनों परियोजनाओं पर स्वीकृत धनराशि को जोड़ने पर कुल ₹5,216.77 लाख (लगभग ₹52.17 करोड़) होती है।</span></p><h5 class=""><b>शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर</b></h5><p>उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार पर लगातार जोर दिया जा रहा है। मॉडल कंपोजिट विद्यालय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखे जा रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इन दोनों विद्यालयों के निर्माण से संबंधित स्वीकृत परियोजनाओं के पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को एक ही परिसर में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ हरदोई और बांदा में बनेंगे मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, योगी सरकार ने ₹52.16 करोड़ से अधिक की धनराशि मंजूर ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-election-2027-leaders-bulletproof-jackets-5978 ]]></guid><title><![CDATA[ UP चुनाव 2027 से पहले योगी, अखिलेश समेत 52 नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-election-2027-leaders-bulletproof-jackets-5978 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 22 Aug 2026 12:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच राज्य के 52 नेताओं को सुरक्षा व्यवस्था के तहत बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस सूची में मुख्यमंत्री  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश: </b>उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच राज्य के 52 नेताओं को सुरक्षा व्यवस्था के तहत बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस सूची में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती भी शामिल हैं।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">सूत्रों के अनुसार, बुलेटप्रूफ जैकेट पाने वाले नेताओं में उत्तर प्रदेश सरकार के 11 मंत्री भी शामिल हैं। इनमें संजय निषाद, नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', ओम प्रकाश राजभर और भाजपा नेता अपर्णा यादव के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">बताया गया है कि एक बुलेटप्रूफ जैकेट की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पहले चरण में आठ नेताओं और दूसरे चरण में 44 नेताओं को जैकेट उपलब्ध कराई गई।</span></p><h5 class=""><b>कई नेताओं की सुरक्षा भी बढ़ाई गई</b></h5><p>सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के कई अन्य नेताओं की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। इनमें स्वतंत्र देव सिंह, जयवीर सिंह और महेंद्र सिंह समेत अन्य नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में 98 नेताओं और अन्य प्रमुख व्यक्तियों को विभिन्न श्रेणियों की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों पर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;52 leaders, including CM Yogi, Akhilesh Yadav get bulletproof jackets ahead of Assembly polls 2027: Sources&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/PUWP4ChhHZ"&gt;https://t.co/PUWP4ChhHZ&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/CMYogi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CMYogi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/AkhileshYadav?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#AkhileshYadav&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/BulletproofJackets?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#BulletproofJackets&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/AssemblyPolls2027?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#AssemblyPolls2027&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/W8kTLXHgCt"&gt;pic.twitter.com/W8kTLXHgCt&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2091045117998293459?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>2027 चुनाव की तैयारी में जुटी BJP</b></h5><p>उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भाजपा ने अपनी संगठनात्मक और चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने अनुभवी नेता विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी बनाया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सूत्रों के मुताबिक, भाजपा इस बार सामाजिक और जातीय समीकरणों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। पार्टी संगठन में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े नेताओं को भी अधिक प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रही है।</span></p><h5 class=""><b>उम्मीदवारों और स्थानीय मुद्दों पर सर्वे</b></h5><p>भाजपा ने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अपनी स्थिति का आकलन करने के लिए सर्वे भी शुरू कर दिए हैं। इन सर्वे के जरिए संगठन की मजबूती, संभावित उम्मीदवारों की स्वीकार्यता और स्थानीय मुद्दों पर जनता की राय जुटाई जा रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इन आंकड़ों के आधार पर पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति और उम्मीदवारों के चयन को अंतिम रूप दे सकती है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP चुनाव 2027 से पहले योगी, अखिलेश समेत 52 नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-leaders-bulletproof-jackets-2027-polls-5977 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Polls 2027: Yogi Adityanath, Akhilesh Yadav Among 52 Leaders Provided Bulletproof Jackets: Sources ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-leaders-bulletproof-jackets-2027-polls-5977 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 22 Aug 2026 12:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Lucknow, Uttar Pradesh: Ahead of the Uttar Pradesh Assembly Elections next year, 52 leaders in the state have been provided bulletproof jackets as part of the security arrangements, sources said.&nbsp ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Lucknow, Uttar Pradesh:</b> Ahead of the Uttar Pradesh Assembly Elections next year, 52 leaders in the state have been provided bulletproof jackets as part of the security arrangements, sources said.&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">According to sources, the leaders on the list include Chief Minister Yogi Adityanath, Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav, and BSP chief Mayawati.</span></p><p>Eleven state government ministers are also among the recipients of the bulletproof jackets, including Sanjay Nishad, Nand Gopal Gupta "Nandi," Om Prakash Rajbhar, and BJP leader Aparna Yadav.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Sources said the cost of the jackets is approximately Rs 10 lakh each. The jackets were issued to eight leaders in the first phase and to 44 leaders in the second phase.</span></p><p>Security cover has also been extended to several other BJP leaders, including Swatantra Dev Singh, Jaiveer Singh, and Mahendra Singh, sources said.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Additionally, 98 leaders and prominent individuals in UP will be provided with various categories of security, sources said.</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;52 leaders, including CM Yogi, Akhilesh Yadav get bulletproof jackets ahead of Assembly polls 2027: Sources&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/PUWP4ChhHZ"&gt;https://t.co/PUWP4ChhHZ&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/CMYogi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CMYogi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/AkhileshYadav?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#AkhileshYadav&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/BulletproofJackets?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#BulletproofJackets&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/AssemblyPolls2027?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#AssemblyPolls2027&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/W8kTLXHgCt"&gt;pic.twitter.com/W8kTLXHgCt&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2091045117998293459?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>Meanwhile, the BJP is gearing up its preparations for the Uttar Pradesh Assembly elections in 2027, and the appointment of General Secretary Vinod Tawde as the in-charge of the crucial electoral state reflects the party's decision to have an experienced leader with vast experience of elections in the position. The party also appointed Jagdish Ishwarbhai Patel as the co-in-charge of the state.</p><p>Sources said the BJP's focus is on strengthening social and caste equations. Leaders from Other Backward Classes (OBC) and minority communities in Uttar Pradesh are also being given greater representation in the appointment of office-bearers.</p><p>As part of its preparations, the BJP has begun conducting surveys to assess potential candidates and the party's position across different Assembly constituencies. The surveys are aimed at gathering feedback on the party's organisational strength, prospective candidates and key local issues likely to influence the elections.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Polls 2027: Yogi Adityanath, Akhilesh Yadav Among 52 Leaders Provided Bulletproof Jackets: Sources ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-japan-agriculture-food-processing-hub-investment-5975 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी की कृषि संपदा और जापानी तकनीक के मेल से बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा फूड प्रोसेसिंग हब ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-japan-agriculture-food-processing-hub-investment-5975 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 21 Aug 2026 22:17:38 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश की कृषि संपदा, खाद्य प्रसंस्करण क्षमता और जापान की अत्याधुनिक त ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश की कृषि संपदा, खाद्य प्रसंस्करण क्षमता और जापान की अत्याधुनिक तकनीक के समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने विशिष्ट अतिथियों, भारत में जापान के राजदूत, जापानी प्रतिनिधिमंडल, उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश वैश्विक पटल पर अपने उत्कृष्ट उत्पादों और अपार संभावनाओं के साथ पूरी तरह तैयार है। प्रदेश का विशाल बाजार सभी निवेशकों और उद्यमियों के स्वागत के लिए खुला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन और&nbsp; मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में निवेश का स्वर्णिम युग प्रारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि आज हम सभी यहां बैठकर इस ऐतिहासिक साझेदारी की ठोस कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं।</span></p><p><br></p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि हमारा एक स्पष्ट संकल्प है कि विश्व की कोई भी ऐसी डाइनिंग टेबल न हो, जहां भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का कोई न कोई कृषि या खाद्य उत्पाद मौजूद न हो। सभी उद्यमियों में वह सामर्थ्य है और इसी सामर्थ्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए जापानी मित्र आज हमारे बीच उपस्थित हैं।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>व्यापार से आगे विश्वास और संस्कृति का संबंध:</b></p><p><br></p><p>केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारत और जापान के संबंध केवल व्यापार और तकनीक तक सीमित नहीं हैं। यह संबंध विश्वास, साझा संस्कृति और आत्मीयता की सुदृढ़ नींव पर टिके हैं। वर्ष 2027 में दोनों देशों के इन सौहार्दपूर्ण कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। भगवान बुद्ध की पावन शिक्षाएं दोनों देशों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ती हैं। भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश उत्तर प्रदेश के सारनाथ में दिया था, जो आज हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में है। यह यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित है। जापान में बुद्ध के अनुयायियों की अपार श्रद्धा यह सिद्ध करती है कि दोनों देशों की सांस्कृतिक जड़ें एक हैं।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>जापानी तकनीक और यूपी की कृषि शक्ति का होगा समन्वय:</b></p><p><br></p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास उपजाऊ भूमि, प्रचुर जल संसाधन, मेहनती अन्नदाता और सबसे बड़ा युवा कार्यबल है। यदि इसके साथ जापान की अत्याधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार का समन्वय हो जाए तो उत्तर प्रदेश के उत्पाद दुनिया के कोने-कोने तक अपनी पहचान बनाएंगे।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>कृषि पर निर्भर 65 प्रतिशत आबादी, फूड प्रोसेसिंग पर जोर:</b></p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि फूड प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, उनकी आय में भारी वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।</p><p><br></p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद सुदृढ़ खाद्य प्रसंस्करण नीति लागू की गई, जिसे वर्ष 2023 में और अधिक व्यावहारिक तथा आकर्षक बनाया गया। आज उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जो खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए भारी कैपिटल सब्सिडी, मंडी शुल्क में छूट और व्यापक वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान कर रहा है। महिलाओं के नेतृत्व में स्थापित होने वाली इकाइयों के लिए सोलर पावर पर 90 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का काम कर रहे हैं। हर ब्लॉक और तहसील स्तर पर आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए राज्य सरकार के पास पर्याप्त लैंड बैंक, 24 घंटे विद्युत आपूर्ति और देश का सबसे बेहतरीन एक्सप्रेस-वे व लॉजिस्टिक्स नेटवर्क उपलब्ध है।</p><p><br></p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि चाहे लखनऊ हो, वाराणसी, कुशीनगर या निर्माणाधीन जेवर (नोएडा इंटरनेशनल) एयरपोर्ट, उत्तर प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पूरी दुनिया से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। टोक्यो से चलने वाला निवेशक सीधे उत्तर प्रदेश में उतरकर अपना कारोबार संचालित कर सकता है। उत्तर प्रदेश के पास 'काला नमक चावल' जैसी ऐतिहासिक और अनूठी धरोहर है, जिसे 'बुद्ध राइस' के नाम से भी जाना जाता है। प्रदेश में एक करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर विभिन्न उत्पादों का निर्माण कर रही हैं।&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p><b>जापानी निवेशकों को सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था का भरोसा:</b></p><p><br></p><p>उपमुख्यमंत्री ने जापानी निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में उन्हें सर्वश्रेष्ठ कानून-व्यवस्था, पूर्ण सुरक्षा और पारदर्शी सिंगल-विंडो सिस्टम मिलेगा। उन्होंने आह्वान किया कि उत्तर प्रदेश की कृषि संपदा और जापान की तकनीक को मिलाकर इस राज्य को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा फूड प्रोसेसिंग हब बनाया जाए।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>जापान ने यूपी को दीर्घकालिक खाद्य और विनिर्माण साझेदार के रूप में देखा:</b></p><p><br></p><p>भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची ने खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक और मानव संसाधन विकास में जापान–उत्तर प्रदेश सहयोग को और गहरा करने की संभावनाओं पर जोर दिया। ओनो केइची ने कहा कि उत्तर प्रदेश की कृषि शक्ति, औद्योगिक आधार और प्रतिभाशाली मानव संसाधन जापानी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। हमें ऐसी व्यावहारिक साझेदारियां विकसित करनी चाहिए, जो तकनीक, निवेश और कौशल को स्थानीय अवसरों से जोड़ें और दोनों पक्षों के लिए दीर्घकालिक मूल्य का निर्माण करें।</p><p><br></p><p><br></p><p>किक्कोमन इंडिया के निदेशक हैरी हकुई कोसाटो ने भारत के प्रति जापान की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि जापानी कंपनियों को भारतीय उपभोक्ताओं की पसंद और जरूरतों के अनुरूप अपने उत्पादों को ढालना होगा। उन्होंने भारत में जापानी और पैन-एशियन व्यंजनों की बढ़ती स्वीकार्यता तथा बीटूबी से बीटूसी बाजारों में विस्तार की संभावनाओं का उल्लेख किया। कोसाटो ने उत्तर प्रदेश में स्थानीय विनिर्माण की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला और कहा कि भारत पड़ोसी तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए संभावित निर्यात केंद्र बन सकता है। सत्र में गोल्डी ग्रुप के निदेशक सुदीप गोयनका और अमूल (बनास डेयरी) के यूपी ऑपरेशंस प्रमुख दिनेश कुमार चौधरी समेत अन्य लोगों ने हिस्सा लिया।</p><p><br></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी की कृषि संपदा और जापानी तकनीक के मेल से बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा फूड प्रोसेसिंग हब ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/japan-delegation-varanasi-investment-industrial-cooperation-5974 ]]></guid><title><![CDATA[ काशी में जापानी प्रतिनिधिमंडल का आगमन, निवेश और औद्योगिक सहयोग को मिलेगी नई दिशा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/japan-delegation-varanasi-investment-industrial-cooperation-5974 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 21 Aug 2026 21:28:23 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ वाराणसी: जापान की ‘उगते सूरज की धरती’ और काशी की आध्यात्मिक सुबह अब भारत-जापान के सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को औद्योगिक सहयोग की नई ऊंचाई देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। योगी सरकार&nbsp; उत् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">वाराणसी: </b><span style="font-size: 1rem;">जापान की ‘उगते सूरज की धरती’ और काशी की आध्यात्मिक सुबह अब भारत-जापान के सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को औद्योगिक सहयोग की नई ऊंचाई देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। योगी सरकार&nbsp; उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत की संस्कृति, धर्म और कला तथा काशी की समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर पहुंचाने के प्रयास कर रही है।</span></p><p><br></p><p>आज (22 अगस्त) करीब 109 सदस्यीय उच्चस्तरीय जापानी प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय दौरे पर धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी पहुंचेगा। जापान के यामानाशी प्रिफेक्चर के माननीय गवर्नर के नेतृत्व में आ रहे इस प्रतिनिधिमंडल में जापान की प्रमुख कंपनियों के कई वरिष्ठ अधिकारी और सीईओ शामिल होंगे। प्रतिनिधिमंडल के वाराणसी दौरे से उत्तर प्रदेश में निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने के साथ ही पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।</p><p><br></p><p><br></p><p>जापानी प्रतिनिधिमंडल भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ का भ्रमण करेगा, विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती और काशी की कला-संस्कृति से रूबरू होगा। इस दौरान मेहमानों को काशी की सदियों पुरानी आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और हस्तशिल्प परंपरा की झलक भी देखने को मिलेगी।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>सारनाथ का भ्रमण और गंगा आरती देखेगा जापानी दल:</b></p><p><br></p><p>22 अगस्त को दोपहर में वाराणसी पहुंचने के बाद जापानी प्रतिनिधिमंडल&nbsp; हाल ही में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हुई तथागत की तपोस्थली सारनाथ का भ्रमण करेगा । इसके बाद दल नमो घाट पर गंगा आरती का अद्भुत दृश्य देखेगा। शाम को ताज होटल में डिनर के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भारतीय संस्कृति, कला और हस्तशिल्प से परिचित होंगे।23 अगस्त को&nbsp; प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्यों में से कुछ लोग श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेंगे, जबकि अन्य सदस्य एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>निवेश और औद्योगिक सहयोग पर रहेगा जोर:</b></p><p><br></p><p>उत्तर प्रदेश मजबूत कानून-व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सरल औद्योगिक नीतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जापानी प्रतिनिधिमंडल के दौरे का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश एवं औद्योगिक सहयोग को प्रोत्साहित करना तथा हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, अवसंरचना, पर्यटन और मानव संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को तलाशना है।</p><p><br></p><p>यह दौरा उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के साथ ही भारत-जापान, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रिफेक्चर के बीच औद्योगिक सहयोग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कौशल विकास और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>जीआई और ओडीओपी उत्पादों के लगेंगे स्टॉल, दिखेगी काशी की सांस्कृतिक विरासत:</b></p><p><br></p><p>जापानी मेहमानों को काशी की सदियों पुरानी हस्तशिल्प परंपरा से परिचित कराने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) और जीआई उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें काशी की प्रसिद्ध गुलाबी मीनाकारी, सॉफ्ट स्टोन कार्विंग , वुडन लैकरवेयर एंड टॉयज (लकड़ी के खिलौने ) और बनारसी सिल्क साड़ी समेत अन्य स्थानीय हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।</p><p><br></p><p>इसके साथ ही मेहमानों के लिए भारतीय संगीत और नृत्य की सांस्कृतिक प्रस्तुति भी होगी। कार्यक्रम में कथक, लोकनृत्य और वाद्य-वृंद के माध्यम से भारत और काशी की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की झलक प्रस्तुत की जाएगी। इस तरह जापानी प्रतिनिधिमंडल का काशी दौरा सिर्फ निवेश और औद्योगिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गंगा की आध्यात्मिक धारा, सारनाथ की बौद्ध विरासत और काशी की कला-संस्कृति के माध्यम से भारत-जापान के रिश्तों को एक नया सांस्कृतिक आयाम भी देगा।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ काशी में जापानी प्रतिनिधिमंडल का आगमन, निवेश और औद्योगिक सहयोग को मिलेगी नई दिशा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-japan-three-mous-yamanashi-employment-tourism-japanese-language-5973 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी-जापान के बीच तीन अहम एमओयू, युवाओं के रोजगार से पर्यटन और जापानी भाषा दक्षता तक सहयोग ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-japan-three-mous-yamanashi-employment-tourism-japanese-language-5973 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 21 Aug 2026 21:12:19 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के बीच आर्थिक, पर्यटन और रोजगार संबंधों को नई मजबूती देने के लिए यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में तीन महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इन समझ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के बीच आर्थिक, पर्यटन और रोजगार संबंधों को नई मजबूती देने के लिए यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में तीन महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इन समझौतों के जरिए उत्तर प्रदेश के युवाओं को जापान में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, दोनों क्षेत्रों के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने तथा जापानी भाषा में दक्ष वर्कफोर्स की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में सहयोग का रास्ता तैयार हुआ।</span></p><p><br></p><p><b>जापान में 100 से अधिक युवाओं को मिला रोजगार:</b></p><p><br></p><p>सबसे पहले इन्वेस्ट यूपी और जापान टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर (टीटीआरसी) के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। उत्तर प्रदेश की ओर से अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने समझौते का प्रतिनिधित्व किया, जबकि जापानी पक्ष की ओर से जापान टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर के डायरेक्टर सुचकी कमाडा ने भाग लिया। कार्यक्रम में बताया गया कि टीटीआरसी के प्रयासों से अब तक 100 से अधिक उत्तर प्रदेश के युवाओं को जापान में रोजगार हासिल हो चुका है।</p><p><br></p><p>इन युवाओं के लिए जापान में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को कार्यक्रम में विशेष रूप से रेखांकित किया गया। इस अवसर पर जापान में रोजगार हासिल करने वाले उत्तर प्रदेश के दो युवाओं पुष्पेंद्र सिंह चौहान और आदर्श कुमार कुशवाहा को मंच पर आमंत्रित कर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। उनकी सफलता को जापान और उत्तर प्रदेश के बीच बढ़ते कौशल एवं रोजगार संबंधों का उदाहरण बताया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जापान में रोजगार हासिल करने वाले इन युवाओं और टीटीआरसी के प्रयासों के लिए तालियों से उत्साहवर्धन किया।</p><p><br></p><p><b>पर्यटन क्षेत्र में यूपी-यामानाशी की साझेदारी:</b></p><p><br></p><p>दूसरा एमओयू उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग और यामानाशी प्रीफेक्चर, जापान के बीच हुआ। इसका उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच पर्यटकों की आवाजाही को बढ़ावा देने के साथ पर्यटन क्षेत्र में इनहांस्ड एंड सस्टेन्ड इंगेजमेंट विकसित करना है। उत्तर प्रदेश की ओर से पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और जापान की ओर से यामानाशी प्रीफेक्चर सरकार के संस्कृति, पर्यटन एवं खेल विभाग के डायरेक्टर जनरल योशी यूकी कोजुमी ने एमओयू का आदान-प्रदान किया।</p><p><br></p><p>समझौते के माध्यम से दोनों क्षेत्रों के पर्यटन संसाधनों और संभावनाओं को एक-दूसरे के सामने प्रस्तुत करने, पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तथा पर्यटन क्षेत्र में निरंतर संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने का आधार तैयार हुआ है। इससे उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक, बौद्ध, सांस्कृतिक एवं हेरिटेज पर्यटन को जापानी पर्यटकों के बीच बढ़ावा देने की संभावनाएं मजबूत होंगी।</p><p><br></p><p><b>जापानी भाषा दक्ष वर्कफोर्स की निरंतर आपूर्ति:</b></p><p><br></p><p>तीसरा एमओयू उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन विभाग और यामानाशी प्रीफेक्चर, जापान के बीच हुआ। इसका उद्देश्य जापानी भाषा में दक्ष वर्कफोर्स की निरंतर आपूर्ति के लिए दोनों पक्षों के बीच सहयोग को मजबूत करना है। उत्तर प्रदेश की ओर से श्रम एवं सेवायोजन विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एमके शनमुखा सुंदरम ने एमओयू का प्रतिनिधित्व किया, जबकि जापानी पक्ष की ओर से यामानाशी प्रीफेक्चर सरकार के डायरेक्टर जनरल, इनोवेशन प्रमोशन ब्यूरो, कत्सुया हादा ने भाग लिया।</p><p><br></p><p>समझौते के तहत जापानी भाषा में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने और उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इससे उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए जापान में रोजगार के नए अवसर खुलने के साथ जापानी कंपनियों की प्रशिक्षित और भाषा-दक्ष वर्कफोर्स की जरूरत को भी पूरा करने में मदद मिलेगी।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी-जापान के बीच तीन अहम एमओयू, युवाओं के रोजगार से पर्यटन और जापानी भाषा दक्षता तक सहयोग ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-japan-partnership-global-future-yogi-adityanath-investment-5972 ]]></guid><title><![CDATA[ निवेश से आगे ग्लोबल फ्यूचर की ओर बढ़ रही यूपी-जापान साझेदारी: सीएम योगी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-japan-partnership-global-future-yogi-adityanath-investment-5972 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 21 Aug 2026 20:46:55 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान के रिश्ते अब केवल निवेश तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि लॉन्ग-टर्म, ट्रस्ट-बेस्ड पार्टनरशिप के रूप में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे। जापान के प ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान के रिश्ते अब केवल निवेश तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि लॉन्ग-टर्म, ट्रस्ट-बेस्ड पार्टनरशिप के रूप में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे। जापान के प्रिसिजन और टेक्नोलॉजी को उत्तर प्रदेश के स्केल, युवा शक्ति और टैलेंट से जोड़ते हुए प्रदेश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में काम होगा।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट के वेलेडक्टरी सेशन में मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान उत्तर प्रदेश के लिए केवल इन्वेस्टर नहीं, बल्कि को-क्रिएटर है। एमओयू को प्रोडक्शन, प्रोडक्शन को ग्लोबल एक्सपोर्ट और निवेश को रोजगार में बदलना सरकार का लक्ष्य है। 2047 के भारत के उद्योग आज डिजाइन हो रहे हैं और उत्तर प्रदेश चाहता है कि जापान के साथ मिलकर इन उद्योगों का भविष्य तैयार किया जाए।</span></p><p><br></p><p><b>जापानी भाषा में मुख्यमंत्री ने दिया दोस्ती और साझेदारी का संदेश:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जापानी भाषा का प्रयोग करते हुए जापानी प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने “कोनिचिवा मिनासान” कहकर सभी जापानी अतिथियों का अभिवादन किया और भारत-जापान के मजबूत होते संबंधों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री ने जापानी भाषा में “अरिगातो गोजाइमासु” कहकर प्रतिनिधिमंडल और उपस्थित जापानी अतिथियों का आभार जताया। जापानी भाषा में मुख्यमंत्री के इस आत्मीय संवाद ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक जुड़ाव और दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास का संदेश दिया। सीएम योगी के इस भाव ने उपस्थित मेहमानों का उत्साहवर्धन भी किया।</p><p><br></p><p><b>जापान के साथ बातचीत अब स्ट्रांग बिजनेस पार्टनरशिप में बदल रही:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पूर्व जापान की धरती पर जो संकल्प लिया गया था, आज लखनऊ की धरती पर उसे साकार रूप लेते हुए देखा जा रहा है। जापान में हुई बातचीत अब स्ट्रांग बिजनेस पार्टनरशिप में बदल रही है, जो उत्तर प्रदेश में इन्वेस्टमेंट, इंडस्ट्री और एम्प्लॉयमेंट के नए अवसरों का आधार बनेगी। यह भारत-जापान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और यामानाशी के संबंधों में भी नई साझेदारी के युग की शुरुआत है। जापान ने दुनिया को दिखाया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद डिसिप्लिन, विल पावर, हाई क्वालिटी स्टैंडर्ड, इनोवेशन और नेशन फर्स्ट की भावना के साथ सही दिशा में प्रयास किया जाए तो कोई भी चुनौती मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। जापान आज विश्व की प्रमुख इकोनॉमिक एंड इंडस्ट्रियल पावर के रूप में स्थापित है। ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स और हाई क्वालिटी मैन्युफैक्चरिंग के साथ क्लीनलीनेस और कलेक्टिव रिस्पॉन्सिबिलिटी के लिए भी उसकी पूरी दुनिया में अलग पहचान है। काइजेन, मोनोजुकुरी और ‘वा’ यानी सामाजिक सामंजस्य जापान की लाइफस्टाइल और वर्क कल्चर के महत्वपूर्ण आधार हैं। इन मूल्यों की झलक जापान के एडमिनिस्ट्रेशन, इंडस्ट्री, एजुकेशन और सोशल लाइफ के हर क्षेत्र में दिखाई देती है। शिंकानसेन, यानी जापान की बुलेट ट्रेन, टेक्निकल एफिशिएंसी, पंक्चुअलिटी, सेफ्टी और रिलायबिलिटी के लिए पूरी दुनिया में विख्यात है। यह जापान की उस सोच का प्रतीक है, जहां टेक्नोलॉजी के साथ प्रिसिजन, स्पीड के साथ सेफ्टी और डेवलपमेंट के साथ रिलायबिलिटी को समान महत्व दिया जाता है।</p><p><br></p><p><b>जापान का इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस और यूपी की युवा शक्ति मिलकर रचेंगे नई कहानी:</b></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट्स, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और मॉडर्न ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश का लक्ष्य केवल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम तैयार करना है, जो इंडस्ट्री को स्पीड, आम नागरिक को सेफ्टी और इन्वेस्टर्स को रिलायबिलिटी दे सके। जापान के पास इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस की असाधारण विरासत है, जबकि उत्तर प्रदेश के पास सीखने, सृजन करने और नेतृत्व करने के लिए तैयार युवाओं की ऊर्जावान पीढ़ी है। यूपी के युवाओं को ऐसी स्किल, प्रिसिजन और वर्क कल्चर से जोड़ा जाएगा, जिसकी मांग टोक्यो से लेकर दुनिया के किसी भी एडवांस मैन्युफैक्चरिंग हब तक हो। लैंग्वेज उन्हें जापान से, टेक्निकल स्किल इंडस्ट्री से और जापानी वर्क कल्चर उन्हें ग्लोबल स्टैंडर्ड से जोड़ेगा। आज ग्लोबल कंपनियां ऐसे स्थान की तलाश में हैं, जहां रेजिलिएंस, रिलायबिलिटी, ग्लोबल सप्लाई चेन के लिए डायवर्सिफिकेशन और बड़े पैमाने पर ग्रोथ की क्षमता हो। उत्तर प्रदेश इन चारों आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता रखता है।</span></p><p><br></p><p><b>600 करोड़ के फंड से बढ़ेगा जापानी निवेश:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन दिनों में जापानी डेलीगेशन के साथ हुई बातचीत में वर्किंग रिलेशनशिप मजबूत करने, उत्तर प्रदेश की पॉलिसीज और बिजनेस एनवायरमेंट को समझने तथा निवेश के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। जापानी प्रतिनिधियों ने प्रदेश में पॉलिसी रिफॉर्म और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हुए सुधारों की सराहना की है। उन्होंने सीमलेस अप्रूवल, लैंड अलॉटमेंट की सरल प्रक्रिया और रिड्यूस्ड कंप्लायंसेज को सकारात्मक बदलाव बताया। वहीं मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब, इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर्स, इंडस्ट्रियल पार्क्स और बेहतर कनेक्टिविटी को निवेश के लिए महत्वपूर्ण सकारात्मक पहलू माना। सीएम ने कहा कि इन सुविधाओं के कारण प्रदेश में निर्मित उत्पादों की देश के अलग-अलग हिस्सों में सीमलेस मूवमेंट संभव हो रही है। यामानाशी के साथ सहयोग को अब मजबूत और संस्थागत व्यवस्था में बदला जाएगा। इन्वेस्ट यूपी में डेडिकेटेड यामानाशी डेस्क स्थापित की जाएगी, जो यामानाशी सरकार, वहां के उद्योगों और निवेशकों के साथ निरंतर समन्वय करेगी। दोनों पक्ष इन्वेस्टमेंट प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री की आवश्यकताओं, अप्रूवल्स और सामने आ रही चुनौतियों की हर 90 दिन में कोऑर्डिनेशन के साथ रिव्यू करेंगे, ताकि किसी भी स्तर पर कोई गैप न रहे। इससे एमओयू के क्रियान्वयन से लेकर निवेश तक की पूरी प्रक्रिया को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यामानाशी के गवर्नर को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने यामानाशी की एमएसएमई कंपनियों के उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए 600 करोड़ रुपये का फंड घोषित किया है। यह उत्तर प्रदेश में जापानी उद्योग के बढ़ते विश्वास का महत्वपूर्ण प्रमाण है।</p><p><br></p><p><b>यामानाशी मॉडल को जापान के अन्य प्रिफेक्चर्स तक विस्तार देंगे:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि फरवरी 2026 की जापान यात्रा के दौरान जापानी सीईओज, बिजनेस एसोसिएशंस और इंडस्ट्री डेलिगेशंस के साथ व्यापक चर्चा हुई थी। इन चर्चाओं में उत्तर प्रदेश सरकार और जापान के अन्य प्रीफेक्चर्स के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी थी। अब यामानाशी के साथ विकसित मॉडल को जापान के अन्य प्रिफेक्चर्स तक भी विस्तार दिया जाएगा। इसके लिए यामानाशी के गवर्नर ने सहयोग की इच्छा जताई है। प्रसन्नता का विषय है कि उत्तर प्रदेश की गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने जापानी डेलिगेशन के साथ एमओयू किया है। इसी तरह की साझेदारी यूपी के अन्य विश्वविद्यालयों और जापान के विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के बीच भी विकसित की जाएगी। हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग प्रोफेशनल्स के साथ-साथ पॉलिटेक्निक, नर्सिंग ग्रेजुएट्स और अन्य टेक्निकल कोर्सेज के छात्रों को जापानी लैंग्वेज में प्रशिक्षित करने तथा उनके लिए रोजगार और ट्रेनिंग के अवसरों का विस्तार किया जाएगा। जापानी कंपनियों के साथ मिलकर उनकी सेक्टर-स्पेसिफिक मैनपावर जरूरतों को समझा जाएगा और उसी आधार पर उत्तर प्रदेश में विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयार किए जाएंगे। हमारा लक्ष्य इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार स्किल और स्किल के अनुसार एंप्लॉयमेंट का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है। इससे जापानी कंपनियों को प्रशिक्षित वर्कफोर्स और उत्तर प्रदेश के युवाओं को ग्लोबल इंडस्ट्री स्टैंडर्ड के अनुरूप रोजगार के अवसर मिलेंगे।</p><p><br></p><p><b>बौद्ध सर्किट से जापानी पर्यटकों को यूपी की ओर आकर्षित करेंगे:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बौद्ध सर्किट के माध्यम से जापानी पर्यटकों के लिए पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काम करेगी। इस संबंध में यहां एक एमओयू भी संपन्न हुआ है। उत्तर प्रदेश भारत का प्रमुख स्पिरिचुअल टूरिज्म हब है और यहां आध्यात्मिक, बौद्ध, कल्चरल और हेरिटेज टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। जापान में आयोजित होने वाले टूरिज्म फेस्टिवल में उत्तर प्रदेश की भागीदारी के माध्यम से भारत की संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और हॉस्पिटैलिटी को वहां प्रस्तुत किया जाएगा।</p><p><br></p><p><b>ग्रीन हाइड्रोजन पर मिलकर करेंगे काम:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में भी यामानाशी के साथ सहयोग को अगले चरण तक ले जाया जाएगा। आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू के सहयोग से ग्रीन हाइड्रोजन के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। इसी मॉडल की तर्ज पर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा सकते हैं, ताकि रिसर्च एंड डेवलपमेंट, न्यू टेक्नोलॉजी के एडॉप्शन और क्लीन एनर्जी में इनोवेशन को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। यामानाशी के साथ एक पायलट प्रोजेक्ट विकसित करने पर सहमति हुई है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर इंप्लीमेंट करेगी। इसके लिए भारतीय और जापानी कंपनियों के बीच टेक्नोलॉजी एवं बिजनेस पार्टनरशिप विकसित की जाएगी। यूपी के उद्यमी और इन्वेस्टर इस टेक्नोलॉजी को अपनी-अपनी इंडस्ट्री में लागू करने के लिए आगे आ सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर उनके डेलिगेशन को यामानाशी प्रीफेक्चर की यात्रा पर भेजा जाएगा, ताकि वे वहां इन कार्यों का अनुभव कर सकें। साथ ही, उद्योग जगत के साथ समन्वय कर एक उपयुक्त ऑफ-टेकर की पहचान की जाएगी, जिससे पायलट परियोजना को बड़े स्तर पर विस्तार योग्य कमर्शियल मॉडल में बदला जा सके। अक्टूबर 2026 में यामानाशी में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल हाइड्रोजन समिट में उत्तर प्रदेश अपना डेलिगेशन अवश्य भेजेगा।</p><p><br></p><p><b>जापानी जीसीसी कंपनियों को यूपी में निवेश और बिजनेस सेटअप का न्योता:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) की स्थापना के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार हो रहा है। उन्होंने जापानी जीसीसी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में आने, निवेश करने और अपना बिजनेस सेटअप करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि इस विषय में एक एमओयू भी संपन्न हुआ है। प्रदेश का लक्ष्य केवल निवेश लाना नहीं, बल्कि जापान के साथ लॉन्ग-टर्म, ट्रस्ट-बेस्ड पार्टनरशिप विकसित करना है। जापानी कंपनियां यूपी में निवेश और उत्पादन करें तथा यहां से पूरे भारत और ग्लोबल मार्केट तक पहुंच बनाएं, यही सरकार का प्रयास है। भारत और जापान ऐसे देश हैं, जिन्होंने अपनी विरासत और परंपरा को दैनिक जीवन और कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाए रखा है। जापान की संस्कृति हजारों वर्षों की समृद्ध परंपरा से विकसित हुई है और उस पर शिंतो तथा बौद्ध परंपराओं का गहरा प्रभाव रहा है। भारतीय जीवन पद्धति भी प्रकृति के प्रति सम्मान, समाज के प्रति दायित्व और समस्त मानवता को एक परिवार मानने की भावना पर आधारित है। हमारी संस्कृति का संदेश ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ और ‘माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’ है। 2047 में भारत अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी का महोत्सव मनाएगा। तब हमारी आकांक्षा है कि उत्तर प्रदेश में काम कर रही जापानी कंपनियां केवल यह न कहें कि हमने भारत में निवेश किया है, अपितु गर्व से कहें कि हमने अपना ग्लोबल फ्यूचर उत्तर प्रदेश से बनाया है। उत्तर प्रदेश एक रिलायबल और लॉन्ग-टर्म पार्टनर के रूप में जापान के साथ खड़ा है।</p><p><br></p><p>इस अवसर पर यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी, यामानाशी प्रीफेक्चर के वाइस गवर्नर जुनिची इशिदेरा, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, औद्योगिक विकास राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, यूपी ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह, उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार और गवर्नर यामानाशी के साथ आए उच्चस्तरीय डेलीगेशन के इंडस्ट्री लीडर्स, सीईओज व अन्य अतिथिगण उपस्थित रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ निवेश से आगे ग्लोबल फ्यूचर की ओर बढ़ रही यूपी-जापान साझेदारी: सीएम योगी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-rise-kanpur-youth-startup-innovation-employment-creation-5971 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी राइज से युवाओं को नई उड़ान, इनोवेशन के दम पर रोजगार सृजन का संकल्प ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-rise-kanpur-youth-startup-innovation-employment-creation-5971 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 21 Aug 2026 20:19:17 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ कानपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर यूपी' के विजन को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय स्थित वीरांगना लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह म ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">कानपुर: </b><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर यूपी' के विजन को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय स्थित वीरांगना लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में 'यूपी राइज' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए 1700 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। आयोजन का मूल उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला न बनाकर, स्वयं का उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाला 'जॉब क्रिएटर' बनाना है।</span></p><p><br></p><p>कार्यक्रम के दौरान युवाओं को योगी सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और रोजगारपरक नीतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना' और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया। छात्रों को बताया गया कि वे किस प्रकार आसान शर्तों पर वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्राप्त करके अपना स्टार्टअप या व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य के हर क्षेत्र में नए और ऊर्जावान उद्यमियों को तैयार करना है।</p><p><br></p><p>आयोजन की सबसे खास बात युवाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए बिजनेस मॉडल और स्टार्टअप आइडियाज रहे। इस कार्यक्रम के लिए कुल 30 आइडिया आए, जिनमें से 10 बेहतरीन आइडियाज को शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद 12 चयनित टीमों ने इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और जूरी मेंबर्स के सामने अपने इनोवेटिव आइडियाज की प्रेजेंटेशन दी। एक्सपर्ट्स ने युवाओं की रचनात्मक सोच की सराहना की और विजेताओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया। इसमें टीम जॉयलिशियस ने प्रथम स्थान हासिल कर 25,000 रुपए का मुख्य पुरस्कार जीता, टीम आयनप्राइम को&nbsp; (द्वितीय) 15,000 रुपए और टीम कायरो को&nbsp; (तृतीय) 10,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि मिली, जबकि टीम मेडियोटेक रनर-अप रही।</p><p><br></p><p>'यूपी राइज' कार्यक्रम की शुरुआत कानपुर से हो चुकी है और अब इस अभियान को प्रदेश के 29 अन्य प्रमुख कॉलेजों तक ले जाया जाएगा। इस पहल के माध्यम से राज्य के प्रतिभाशाली छात्रों को सीधे बड़ी और नामी कंपनियों में इंटर्नशिप तथा रोजगार पाने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। चयनित टीमों ने कृषि, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने व्यावहारिक विचार प्रस्तुत कर यह साबित कर दिया कि यूपी का युवा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।</p><p><br></p><p><b>युवाओं के अनूठे स्टार्टअप आइडियाज:</b></p><p><br></p><p>कार्यक्रम में छात्रों ने रोजमर्रा की समस्याओं और आधुनिक तकनीकों को ध्यान में रखकर बेहद दिलचस्प प्रोजेक्ट पेश किए। टीम दिव्यकेयर ने 10 मिनट में घर पर नर्स, डॉक्टर, दवाइयां और लैब टेस्ट जैसी हेल्थकेयर सेवाएं पहुंचाने वाला मॉडल पेश किया, तो टीम समर्पण ने छात्रों के लिए एआई-आधारित मल्टीप्लेयर लर्निंग प्लेटफॉर्म तैयार किया। टीम कायरो ने युवाओं के लिए विशेष डिजिटल टेक सॉल्यूशन प्रस्तुत किया, वहीं टीम मेडबिड ने फार्मेसी के लिए रिवर्स ऑक्शन आधारित दवा खरीद सिस्टम बनाया। टीम फाइनट्यूनर्स ने सैलून की कतार से बचाने के लिए 'हेयरकार्ट' ऐप पेश किया। टीम जेनहेर ने महिलाओं के लिए पीरियड साइकिल ट्रैकिंग टूल, टीम कोडरवा ने छोटे व्यवसायों को ऑनलाइन टेक सपोर्ट देने की सेवा और पुरस्कार विजेता टीम आयनप्राइम ने बिना लाइन में लगे तुरंत प्रिंटआउट निकालने वाला 'सेल्फ प्रिंटिंग कियोस्क' प्रस्तुत किया।</p><p><br></p><p><b>स्वास्थ्य, पर्यावरण और समाज को नई दिशा देते प्रोजेक्ट्स:</b></p><p><br></p><p>अन्य टीमों ने भी अपनी रचनात्मक सोच से जूरी को काफी प्रभावित किया। टीम वर्चुअललैब ने 11वीं-12वीं और कॉलेज के छात्रों के लिए 'वर्चुअल केमिस्ट्री लैब' का मॉडल बनाया, जबकि टीम कॉस्मोलिथ ने छोटे अस्पतालों के मरीजों का डेटाबेस और रिकॉर्ड मैनेज करने के लिए 'हेल्थ ओएस' प्लेटफॉर्म तैयार किया। टीम इकोकार्बन ने चाय की पत्तियों और केले के छिलकों से ऑर्गेनिक कार्बन फिल्टर बनाने का पर्यावरण अनुकूल विचार दिया। इसके साथ ही, विजेता टीम जॉयलिशियस ने भारतीय मिठाइयों और वेस्टर्न फ्लेवर्स के शानदार मिश्रण से नए 'फ्यूजन डेजर्ट्स' पेश कर बाजी मारी और रनरअप टीम मेडियोटेक ने अस्पतालों में मरीजों को एक बेड या स्ट्रेचर से दूसरे स्थान पर आसानी से शिफ्ट करने के लिए मोटराइज्ड कन्वेयर-बेस्ड सिस्टम का ढांचा पेश किया।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी राइज से युवाओं को नई उड़ान, इनोवेशन के दम पर रोजगार सृजन का संकल्प ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-japan-investment-meet-lucknow-2026-5962 ]]></guid><title><![CDATA[ लखनऊ में आज यूपी-जापान निवेश सम्मेलन, 200 से ज्यादा जापानी कारोबारी शामिल... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-japan-investment-meet-lucknow-2026-5962 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 21 Aug 2026 16:00:26 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए आज लखनऊ में ‘यू.पी.-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026’ का मुख्य राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश: </b>उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए आज लखनऊ में ‘यू.पी.-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026’ का मुख्य राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा, जिसमें 200 से अधिक जापानी सीईओ, उद्योगपति, कारोबारी प्रतिनिधि और नीति-निर्माता हिस्सा ले रहे हैं। यह कार्यक्रम 18 से 23 अगस्त तक चल रहे जापानी प्रतिनिधिमंडल के दौरे का हिस्सा है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी कर रहे हैं। इससे पहले नई दिल्ली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जापानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया था। दोनों पक्षों ने भारत-जापान आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा निवेश के नए अवसर तलाशने पर जोर दिया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इन्वेस्ट यूपी के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक ढांचे, निवेश नीतियों, बुनियादी सुविधाओं और कारोबारी संभावनाओं से परिचित कराना है।</span></p><h5 class=""><b>लखनऊ में G2B और B2B बैठकें</b></h5><p>लखनऊ में होने वाले मुख्य सम्मेलन में सरकार से कारोबार (G2B) और कारोबार से कारोबार (B2B) के बीच मैचमेकिंग सत्र होंगे। इन बैठकों में कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के बीच सीधे संवाद के साथ संभावित निवेश परियोजनाओं और तकनीकी साझेदारी पर चर्चा होगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सम्मेलन में मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दी जा रही है।</span></p><p>&lt;iframe width="560" height="315" src="https://www.youtube.com/embed/aloUBVlGRCw?si=6B70EDEfMC5JMJk-" title="YouTube video player" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen&gt;&lt;/iframe&gt;</p><h5 class=""><b>यीडा में प्रस्तावित होगी ‘जापानी सिटी’</b></h5><p>जापानी निवेश को एक जगह संगठित करने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में करीब 500 एकड़ में जापानी सिटी विकसित करने की योजना भी सामने रखी जा रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इसका उद्देश्य जापानी कंपनियों, उनके आपूर्तिकर्ताओं और सहायक उद्योगों के लिए एक ऐसा औद्योगिक क्लस्टर तैयार करना है, जहां उत्पादन, तकनीकी सहयोग और आपूर्ति श्रृंखला को एक साथ बढ़ावा दिया जा सके।</span></p><h5 class=""><b>3,191 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर भी नजर</b></h5><p>निवेश सम्मेलन के दौरान एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन की परियोजनाओं को भी प्रमुखता दी जा रही है। दोनों कंपनियों की तीन परियोजनाओं में कुल करीब 3,191 करोड़ रुपये के निवेश की बात सामने आई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इनमें एस्कॉर्ट्स कुबोटा की करीब 2,025 करोड़ रुपये की परियोजना और मिंडा कॉरपोरेशन की करीब 1,166 करोड़ रुपये की दो परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं से कुल मिलाकर 10 हजार से अधिक रोजगार पैदा होने की संभावना जताई गई है।</span></p><h5 class=""><b>लखनऊ के साथ कई शहरों में कार्यक्रम</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>यह निवेश पहल केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। जापानी प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम में नई दिल्ली, लखनऊ, ग्रेटर नोएडा, आगरा और वाराणसी को शामिल किया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नई दिल्ली में उच्चस्तरीय सीईओ राउंडटेबल के बाद लखनऊ में मुख्य निवेश सम्मेलन हो रहा है। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के अलग-अलग औद्योगिक और पर्यटन क्षेत्रों की संभावनाओं को भी देख रहा है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>उत्तर प्रदेश के लिए क्यों अहम है यह सम्मेलन?</b></h5><p>उत्तर प्रदेश सरकार जापान के साथ संबंधों को केवल निवेश तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि तकनीकी सहयोग, विनिर्माण, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में लंबे समय की साझेदारी विकसित करने पर जोर दे रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी निवेशकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी की प्रतिबद्धता जताई है। वहीं, जापानी प्रतिनिधिमंडल की ओर से भी उत्तर प्रदेश में निवेश, तकनीकी साझेदारी, विनिर्माण और रोजगार के अवसरों में रुचि व्यक्त की गई है।</span></p><p>इस सम्मेलन से अब नजर इस बात पर रहेगी कि बैठकों के बाद कितने निवेश प्रस्ताव ठोस परियोजनाओं में बदलते हैं और उत्तर प्रदेश में जापानी कंपनियों के निवेश से कितने नए रोजगार और तकनीकी अवसर पैदा होते हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ लखनऊ में आज यूपी-जापान निवेश सम्मेलन, 200 से ज्यादा जापानी कारोबारी शामिल... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-social-welfare-review-scholarship-pension-5952 ]]></guid><title><![CDATA[ सीएम योगी का बड़ा निर्देश: पात्र बुजुर्गों को जल्द मिले पेंशन, छात्रों को समय पर मिले छात्रवृत्ति... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-social-welfare-review-scholarship-pension-5952 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 20 Aug 2026 20:10:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ,&nbsp;उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में समाज कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के बेहतर प्र ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">लखनऊ,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश</span></b><span style="font-size: 1rem;"><b>:</b> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में समाज कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के बेहतर प्रबंधन, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की पहुंच बढ़ाने, वृद्धावस्था पेंशन से वंचित पात्र लोगों को जल्द लाभ देने और छात्रवृत्ति वितरण को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों से जुड़ी एक स्पष्ट नियमावली तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षकों के रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने और विद्यालयों के प्रबंधन एवं संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए एक सोसाइटी के गठन की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य जरूरी मानव संसाधन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए।</span></p><h5 class=""><b>अभ्युदय योजना के 163 केंद्रों में 23,801 विद्यार्थी पंजीकृत</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की भी समीक्षा की और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना की पहुंच और प्रभावशीलता को और बढ़ाने पर जोर दिया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 163 केंद्रों के माध्यम से संचालित इस योजना में 1,783 इम्पैनल्ड शिक्षक जुड़े हुए हैं। यूपीएससी, पीसीएस, नीट, जेईई, एनडीए/सीडीएस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 23,801 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। योजना के तहत चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी संचालित किए जा रहे हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&amp;#39;मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना&amp;#39; की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराने तथा योजना की पहुंच और प्रभावशीलता को और बढ़ाने के निर्देश दिए।&lt;br&gt;&lt;br&gt;मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 163…&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2090409836186054824?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>पात्र वृद्धजनों को जल्द मिले पेंशन का लाभ</b></h5><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वृद्धावस्था पेंशन योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जो पात्र वृद्धजन अभी तक योजना के लाभ से वंचित हैं, उनके आवेदनों का सत्यापन जल्द कराया जाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने निर्देश दिए कि आवेदन के सत्यापन से लेकर पेंशन स्वीकृति तक की प्रक्रिया समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि पात्र वृद्धजनों को अनावश्यक रूप से इंतजार न करना पड़े और उन्हें जल्द आर्थिक सहायता मिल सके।</span></p><h5 class=""><b>छात्रवृत्ति पोर्टल तत्काल खोलने के निर्देश</b></h5><p>छात्रवृत्ति वितरण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का लाभ हर पात्र विद्यार्थी तक समय पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति से वंचित विद्यार्थियों के लिए आवेदन पोर्टल तत्काल खोलने के निर्देश दिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हर हाल में 2 अक्टूबर तक पात्र विद्यार्थियों के खातों में छात्रवृत्ति की धनराशि अंतरित कर दी जाए।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सीएम योगी का बड़ा निर्देश: पात्र बुजुर्गों को जल्द मिले पेंशन, छात्रों को समय पर मिले छात्रवृत्ति... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-flood-relief-school-vehicle-safety-mission-safe-future-5936 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी में बाढ़ राहत-बचाव अभियान तेज, ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत स्कूल वाहनों की जांच ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-flood-relief-school-vehicle-safety-mission-safe-future-5936 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 20 Aug 2026 12:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ,&nbsp;उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति के बीच राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। वहीं, स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">लखनऊ,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश</span></b><span style="font-size: 1rem;"><b>: </b>उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति के बीच राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। वहीं, स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ सहित विभिन्न अभियानों के तहत स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच और चालकों के चरित्र सत्यापन पर विशेष ध्यान दे रहा है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों को तेज किया गया है। विशेष रूप से लखीमपुर खीरी और अयोध्या समेत प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रयागराज सहित विभिन्न जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमें भी खोज एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं।</span></p><p><span style="color: inherit; font-family: inherit; font-size: 1rem;">13 अगस्त तक के परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 19,680 स्कूल हैं। इनके नाम पर 74,337 वाहन पंजीकृत हैं, जबकि 8,022 वाहन अनुबंध के आधार पर स्कूलों से जुड़े हैं। इस तरह प्रदेश में कुल 82,259 स्कूल वाहन संचालित हो रहे हैं।&nbsp;</span><span style="color: inherit; font-family: inherit; font-size: 1rem;">अतिरिक्त परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर ने बताया कि ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच और बच्चों को लाने-ले जाने वाले चालकों के सत्यापन को प्राथमिकता दी जा रही है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Prayagraj, Uttar Pradesh: Relief operations are underway in flood-affected areas of Prayagraj. NDRF and SDRF teams are reaching out to people stranded in the floodwaters, distributing relief materials, medical kits, and food packets &lt;a href="https://t.co/JEDyMHhGai"&gt;pic.twitter.com/JEDyMHhGai&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2089979695324618858?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="color: inherit; font-family: inherit; font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>27 हजार से अधिक चालकों का चरित्र सत्यापन</b></h5><p>परिवहन विभाग के अनुसार, अब तक 27,066 स्कूल वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन पूरा किया जा चुका है। विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों की जिम्मेदारी सौंपने से पहले चालकों की पृष्ठभूमि और अन्य सुरक्षा मानकों की पूरी जांच सुनिश्चित की जाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जांच अभियान के दौरान 6,066 स्कूल वाहन अनफिट पाए गए, जिनके खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,072 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 356 वाहनों को जब्त किया गया।</span></p><h5 class=""><b>बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की तैनाती</b></h5><p>दूसरी ओर, प्रदेश में बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव एजेंसियों को सक्रिय किया गया है। प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में 11वीं बटालियन एनडीआरएफ ने डूबे हुए एक व्यक्ति की तलाश के लिए गहन अभियान चलाया। गहरे पानी में गोताखोरों की मदद से चलाए गए इस अभियान में 18 अगस्त को दोपहर 2:10 बजे व्यक्ति को बरामद किया गया।</p><p>एनडीआरएफ ने लोगों से नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को तेज बहाव और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में जाने से बचने तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सरकार का कहना है कि स्कूल बच्चों की सुरक्षित आवाजाही और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय पर राहत एवं बचाव, दोनों मोर्चों पर लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी में बाढ़ राहत-बचाव अभियान तेज, ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत स्कूल वाहनों की जांच ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-flood-rescue-mission-safe-future-5935 ]]></guid><title><![CDATA[ Flood Rescue Operations Intensified Across Uttar Pradesh; School Vehicles Checked Under Safety Drive ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-flood-rescue-mission-safe-future-5935 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 20 Aug 2026 12:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Lucknow, Uttar Pradesh: The Uttar Pradesh government has intensified measures to ensure the safety of school children under the 'Mission Safe Future' campaign and strengthen relief and rescue operatio ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Lucknow, Uttar Pradesh:</b> The Uttar Pradesh government has intensified measures to ensure the safety of school children under the 'Mission Safe Future' campaign and strengthen relief and rescue operations amid the ongoing flood and waterlogging situation in parts of the state.&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">The UP Transport Department is conducting inspections of school vehicles and verifying the character of their drivers under campaigns including 'Mission Safe Future'.</span></p><p>According to a press release, the government also intensified flood-related relief and rescue operations in affected districts, with special focus on Lakhimpur, Kheri and Ayodhya. The National Disaster Response Force (NDRF) teams have also been mobilised in various districts, including Prayagraj, where search and rescue operations are being carried out following drowning incidents.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">The two initiatives are part of the government's focus on safety, preparedness and timely response during emergencies.</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Prayagraj, Uttar Pradesh: Relief operations are underway in flood-affected areas of Prayagraj. NDRF and SDRF teams are reaching out to people stranded in the floodwaters, distributing relief materials, medical kits, and food packets &lt;a href="https://t.co/JEDyMHhGai"&gt;pic.twitter.com/JEDyMHhGai&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2089979695324618858?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>According to Transport Department data as of August 13, Uttar Pradesh has 19,680 schools. Of these, 74,337 vehicles are registered in the names of schools, while another 8,022 vehicles have been contracted by schools. This brings the total number of school vehicles operating for schools across the state to 82,259, the release said.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">The Transport Department is carrying out fitness checks on these vehicles as part of the campaigns being conducted across Uttar Pradesh.</span></p><p>Additional Transport Commissioner (Enforcement) KD Singh Gaur said that under 'Mission Safe Future' and other campaigns, priority is being given to checking the fitness of school vehicles and verifying the drivers responsible for transporting students.</p><p>The objective is to ensure that schoolchildren have access to safe transportation and that action is taken against vehicles and drivers found violating prescribed regulations.</p><p>The inspections have identified a significant number of vehicles that did not meet the required fitness standards, the release said, adding that a total of 6,066 school vehicles were found to be unfit during inspections conducted under various campaigns. Notices were issued against the vehicles found unfit during the inspections.</p><p>Enforcement teams also issued challans to 1,072 school vehicles for violations. A further 356 vehicles were impounded for rule violations. The Transport Department has simultaneously focused on the drivers operating school buses and vans.</p><p>According to department data, character verification of 27,066 school vehicle drivers has been completed so far. The department has issued directives to schools regarding safety checks for drivers and has stressed the importance of verifying their background before they are entrusted with the responsibility of transporting children.</p><p>The Transport Department's ongoing inspections are aimed at identifying vehicles that do not meet safety requirements and ensuring that corrective action is taken, the release said.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Meanwhile, the state government intensified relief and rescue operations in flood-affected districts amid the prevailing flood and waterlogging situation.</span></p><p>The government and rescue agencies are also urging people to remain cautious around rivers, ponds and other water bodies. People have been advised to stay away from locations with strong currents and deep water and to follow safety instructions issued by local administrations.</p><p>In Prayagraj's Naini area, the 11th Battalion of the NDRF conducted an extensive search operation for a person who had drowned. The operation was carried out with the assistance of deep divers. The NDRF team recovered the person at 2:10 pm on August 18, the release said.</p><p>Following the incident, the NDRF advised members of the public to exercise extreme caution while bathing or undertaking other activities in rivers, ponds and other water bodies.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">The rescue operation in Prayagraj comes as authorities continue to monitor flood and waterlogging conditions in different parts of the state.</span></p><p>The NDRF has urged people to exercise caution near rivers, ponds and other water bodies, particularly during the ongoing flood and waterlogging situation. People have been advised not to enter areas with strong currents or deep water.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Flood Rescue Operations Intensified Across Uttar Pradesh; School Vehicles Checked Under Safety Drive ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-diksha-digital-education-27-lakh-users-yogi-government-5932 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा को बड़ी उड़ान, दीक्षा पर यूपी के 27 लाख से अधिक उपयोगकर्ता ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-diksha-digital-education-27-lakh-users-yogi-government-5932 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 19 Aug 2026 18:32:35 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: किताब, ब्लैकबोर्ड और कक्षा से आगे बढ़कर जब पढ़ाई मोबाइल, कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास तक पहुंचती है, तो ज्ञान की पहुंच भी व्यापक होती है। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को इसी व्यापक  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">किताब, ब्लैकबोर्ड और कक्षा से आगे बढ़कर जब पढ़ाई मोबाइल, कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास तक पहुंचती है, तो ज्ञान की पहुंच भी व्यापक होती है। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को इसी व्यापक पहुंच से जोड़ते हुए दीक्षा (DIKSHA) के उपयोग और डिजिटल शिक्षण संसाधनों के विस्तार पर जोर दिया है। इसका परिणाम प्रदेश में बने 27.01 लाख पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के बड़े आधार के रूप में सामने आया है, जो देश के कुल पंजीकृत दीक्षा उपयोगकर्ताओं का लगभग 12 प्रतिशत है। वर्ष 2025-26 में प्रतिदिन औसतन 17,597 सक्रिय उपयोगकर्ता दीक्षा से जुड़े रहे, जबकि इसी अवधि में 49,789 नए उपयोगकर्ता भी इस डिजिटल मंच से जुड़े।</span></p><p><br></p><p><b>योगी सरकार की पहल से गांव-गांव पहुंच रही डिजिटल पढ़ाई:</b></p><p><br></p><p>डिजिटल शिक्षा को शहरों के साथ-साथ ग्रामीण और दूरदराज के विद्यालयों तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश ने दीक्षा पर 16 हजार से अधिक क्यूआरलिंक्ड शिक्षण वीडियो उपलब्ध कराए हैं। संबंधित पाठ में दिए क्यूआर कोड के माध्यम से शिक्षक और विद्यार्थी शिक्षण वीडियो तक आसानी से पहुंच सकते हैं। इससे विद्यालयों में उपलब्ध पाठ्य सामग्री को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने और बच्चों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। इसके साथ गेम आधारित आकलन, प्री लोडेड स्मार्ट क्लास सामग्री और बहुभाषी पाठ्य सामग्री जैसे नवाचार भी डिजिटल शिक्षण व्यवस्था का हिस्सा बनाए गए हैं। इससे शिक्षकों को विषयों को समझाने के लिए अतिरिक्त डिजिटल संसाधन मिल रहे हैं और बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज और रोचक बनाया जा रहा है।&nbsp;&nbsp;</p><p><br></p><p><b>समावेशी शिक्षा को भी मिला डिजिटल सहारा:</b></p><p><br></p><p>योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा पहल में समावेशिता पर भी ध्यान दिया गया है। दीक्षा पर भारतीय सांकेतिक भाषा में कंटेंट उपलब्ध कराया गया है, जिससे विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए भी डिजिटल शिक्षण संसाधनों की पहुंच बेहतर हो सके। वहीं दीक्षा पॉकेट बुकलेट जैसे प्रयासों के माध्यम से डिजिटल संसाधनों के उपयोग को विद्यालय स्तर पर अधिक सहज बनाने की दिशा में काम किया गया है।</p><p><br></p><p><b>हर दिन हजारों उपयोगकर्ता कर रहे इस्तेमाल:</b></p><p><br></p><p>वर्ष 2025-26 में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 17,597 सक्रिय उपयोगकर्ताओं का दीक्षा से जुड़े रहना इसके नियमित उपयोग को दर्शाता है। इसी अवधि में 49,789 नए उपयोगकर्ताओं का जुड़ना भी प्रदेश में डिजिटल शिक्षा के बढ़ते आधार की तस्वीर सामने रखता है। यानी दीक्षा के माध्यम से उपलब्ध शिक्षण सामग्री का उपयोग लगातार नए शिक्षकों और अन्य उपयोगकर्ताओं तक पहुंच रहा है।</p><p><br></p><p><b>सिर्फ अनुपात से नहीं दिखती पूरी तस्वीर:</b></p><p><br></p><p>केवल प्रति हजार उपयोगकर्ताओं के अनुपात को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश की दीक्षा उपलब्धि का आकलन करने से तस्वीर पूरी तरह सामने नहीं आती। प्रदेश की बड़ी आबादी और व्यापक विद्यालयी पहुंच को देखते हुए 27.01 लाख पंजीकृत उपयोगकर्ताओं का आधार डिजिटल शिक्षा की व्यापक पहुंच को दर्शाता है। देश के कुल पंजीकृत उपयोगकर्ताओं में लगभग 12 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ उत्तर प्रदेश ने दीक्षा पर मजबूत डिजिटल शिक्षा आधार तैयार किया है।</p><p><br></p><p><b>डिजिटल संसाधनों से मजबूत होगी बच्चों की सीख:</b></p><p><br></p><p>योगी सरकार का प्रयास डिजिटल संसाधनों को केवल तकनीकी सुविधा के रूप में उपलब्ध कराने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें शिक्षक और विद्यार्थी के नियमित शिक्षण-अधिगम अनुभव से जोड़ना है। क्यूआरलिंक्ड वीडियो से लेकर स्मार्ट-क्लास सामग्री, गेम-आधारित आकलन, बहुभाषी कंटेंट और भारतीय सांकेतिक भाषा की सामग्री तक, विभिन्न माध्यमों से डिजिटल शिक्षा को अधिक उपयोगी और समावेशी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।</p><p><br></p><p><b>बेसिक शिक्षा मंत्री ने ये कहा:</b></p><p><br></p><p>बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि दीक्षा के माध्यम से डिजिटल शिक्षा को प्रदेश के हर बच्चे और शिक्षक तक पहुंचाना योगी सरकार की प्राथमिकता है। लाखों उपयोगकर्ताओं की भागीदारी डिजिटल शिक्षा की बढ़ती पहुंच को दर्शाती है। हमारा लक्ष्य तकनीक के माध्यम से बच्चों की सीख को और बेहतर बनाना है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा को बड़ी उड़ान, दीक्षा पर यूपी के 27 लाख से अधिक उपयोगकर्ता ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-school-children-safety-82259-school-vehicles-driver-verification-5931 ]]></guid><title><![CDATA[ स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, 82 हजार से ज्यादा स्कूली वाहनों की हो रही निगरानी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-school-children-safety-82259-school-vehicles-driver-verification-5931 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 19 Aug 2026 17:46:04 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश में मिशन सेफ फ्यूचर के साथ ही कई अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग स्कूली वाहनों  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश में मिशन सेफ फ्यूचर के साथ ही कई अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच के साथ-साथ वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन भी करा रहा है। मुख्यमंत्री ने हाल में स्कूली वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान देने और चालकों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे।</span></p><p><br></p><p>परिवहन विभाग के 13 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल 19,680 स्कूल हैं। इनमें 74,337 वाहन स्कूल के नाम से पंजीकृत हैं, जबकि 8,022 वाहन स्कूलों से अनुबंधित हैं। इस तरह प्रदेश में कुल 82,259 स्कूली वाहन हैं।</p><p><br></p><p><b>स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर फोकस:</b></p><p><br></p><p>अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर ने बताया कि मिशन सेफ फ्यूचर समेत अन्य सभी अभियान के तहत परिवहन विभाग का जोर स्कूली वाहनों को फिट रखने और चालकों का सत्यापन कराने पर है। इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों व चालकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है।</p><p><br></p><p><b>जांच में 6,066 वाहन अनफिट मिले:</b></p><p><br></p><p>विभिन्न अभियानों के दौरान प्रदेशभर में स्कूली वाहनों की जांच की गई। जांच में 6,066 स्कूली वाहन अनफिट पाए गए। इन वाहनों के खिलाफ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई। वहीं प्रवर्तन टीमों ने 1,072 स्कूली वाहनों का चालान किया और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 356 वाहनों को बंद यानी सीज किया।</p><p><br></p><p><b>27,066 चालकों का चरित्र सत्यापन:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">अभियान के तहत अब तक 27,066 स्कूल वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन कराया जा चुका है। परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों के चालकों की सुरक्षा जांच को लेकर सभी संबंधित स्कूलों को निर्देश दिए हैं।</span></p><p><br></p><p><b>सभी बोर्ड के स्कूलों को अहम निर्देश:</b></p><p><br></p><p>परिवहन विभाग ने यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड, आईसीएसई बोर्ड, यूपी मदरसा शिक्षा बोर्ड व अन्य बोर्ड के स्कूलों को बस और वैन चालकों का पुलिस चरित्र सत्यापन और मेडिकल परीक्षण अनिवार्य रूप से कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से इसके लिए पत्र भी जारी किया गया है। इसमें संबंधित बोर्ड के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, 82 हजार से ज्यादा स्कूली वाहनों की हो रही निगरानी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-election-2027-vinod-tawde-pda-bjp-strategy-5926 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Election 2027: विनोद तावड़े के सामने सपा के PDA की चुनौती, BJP की क्या होगी रणनीति? ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-election-2027-vinod-tawde-pda-bjp-strategy-5926 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 19 Aug 2026 15:04:16 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027: बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की चुनावी कमान अपने अनुभवी रणनीतिकार विनोद तावड़े को सौंप दी है। पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में अहम जिम्मेदारी मिलने के ब ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027:</b> बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की चुनावी कमान अपने अनुभवी रणनीतिकार <b>विनोद तावड़े </b>को सौंप दी है। पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष <b>नितिन नवीन</b> की टीम में अहम जिम्मेदारी मिलने के बाद तावड़े को यूपी का चुनाव प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ राष्ट्रीय मंत्री <b>जगदीश ईश्वरभाई पटेल</b> को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। अब तावड़े के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2024 के लोकसभा चुनाव में कमजोर पड़े बीजेपी के सामाजिक समीकरणों को फिर से मजबूत करना और समाजवादी पार्टी के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक फॉर्मूले की काट तैयार करना है।</p><p>करीब ढाई साल तक यूपी में स्थायी प्रभारी नहीं होने के बाद बीजेपी ने तावड़े पर भरोसा जताया है। पार्टी के लिए यह नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि 2027 में 403 विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में सत्ता की लड़ाई बेहद अहम होगी। बीजेपी पिछले दो विधानसभा चुनावों में सरकार बनाने में सफल रही है, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने अपने प्रदर्शन में बड़ा सुधार किया और बीजेपी के पुराने सामाजिक समीकरणों को चुनौती दी।</p><h5 class=""><b>अमित शाह के बाद अब तावड़े के सामने बड़ी चुनौती</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में बीजेपी की चुनावी रणनीति की चर्चा हो तो 2014 का लोकसभा चुनाव और 2017 का विधानसभा चुनाव अहम पड़ाव माने जाते हैं। उस दौर में अमित शाह को यूपी का प्रभारी बनाया गया था। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, सामाजिक समीकरणों को नए सिरे से साधने और चुनावी प्रबंधन पर जोर देने की रणनीति ने बीजेपी को बड़ी सफलता दिलाई थी।</p><p>2014 में बीजेपी गठबंधन ने उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 73 पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 312 सीटों पर जीत हासिल की थी। यही वजह है कि अब तावड़े की नियुक्ति को अमित शाह के दौर की रणनीतिक शैली से जोड़कर देखा जा रहा है।</p><p>हालांकि, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां उस समय से अलग हैं। 2024 में समाजवादी पार्टी ने PDA के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश की और बीजेपी के सामाजिक आधार में सेंध लगाने में सफलता हासिल की। ऐसे में तावड़े के लिए चुनौती केवल चुनावी अभियान चलाने की नहीं, बल्कि उन सामाजिक समूहों के बीच बीजेपी का भरोसा दोबारा मजबूत करने की भी है।</p><h5 class=""><b>तावड़े की सबसे बड़ी ताकत क्या है?</b></h5><p>महाराष्ट्र से आने वाले विनोद तावड़े को बीजेपी में संगठन और चुनावी प्रबंधन के लिए जाना जाता है। उनकी कार्यशैली अपेक्षाकृत शांत मानी जाती है और वह आक्रामक राजनीतिक बयानों के बजाय संगठनात्मक बैठकों, रणनीति और बूथ स्तर के प्रबंधन पर ज्यादा जोर देते हैं।</p><p>तावड़े का राजनीतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से शुरू हुआ और बाद में उन्होंने बीजेपी संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। पार्टी के भीतर उन्हें संगठन के भरोसेमंद नेताओं और रणनीतिकारों में गिना जाता है।</p><p>बिहार विधानसभा चुनाव में भी उनकी भूमिका को पार्टी के चुनावी प्रबंधन से जोड़कर देखा गया। अब उसी अनुभव को उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और जटिल राज्य में इस्तेमाल करने की जिम्मेदारी उन्हें मिली है।</p><h5 class=""><b>PDA के सामने बीजेपी का नया सोशल इंजीनियरिंग प्लान</b></h5><p>अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी ने PDA को अपने प्रमुख राजनीतिक फॉर्मूले के तौर पर आगे बढ़ाया है। इसका उद्देश्य पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं को एक व्यापक सामाजिक गठजोड़ में जोड़ना है।<br></p><p>बीजेपी के सामने अब खास तौर पर गैर-यादव OBC और गैर-जाटव दलित वोट बैंक को अपने साथ बनाए रखने की चुनौती है। पार्टी का पारंपरिक समर्थन आधार इन समूहों के बीच मजबूत रहा है, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव ने संकेत दिया कि इन वर्गों में विपक्ष की पहुंच बढ़ी है।</p><p>तावड़े के सामने इसलिए एक ऐसा सामाजिक संतुलन तैयार करने की चुनौती होगी जिसमें बीजेपी का पारंपरिक कोर वोट बैंक भी कायम रहे और उन पिछड़ी जातियों तथा दलित समूहों के बीच भी पार्टी की स्वीकार्यता बढ़े, जहां समाजवादी पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।</p><h5 class=""><b>अवध और पूर्वांचल पर भी नजर</b></h5><p>यूपी की राजनीति में क्षेत्रीय समीकरण भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने जातीय समीकरण। बीजेपी के लिए अवध और पूर्वांचल जैसे क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करना महत्वपूर्ण होगा। 2024 के चुनाव में जिन क्षेत्रों में पार्टी को अपेक्षाकृत नुकसान हुआ, वहां दोबारा जनाधार मजबूत करना तावड़े की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।</p><p>इसके अलावा स्थानीय स्तर पर विधायकों के प्रति नाराजगी, संगठन के भीतर गुटबाजी और टिकट वितरण जैसे मुद्दे भी चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। लंबे समय से सत्ता में रहने के कारण बीजेपी के सामने एंटी-इनकंबेंसी का सवाल भी रहेगा।</p><p>तावड़े को केवल केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति को जमीन पर उतारना नहीं होगा, बल्कि स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल भी बनाना होगा।</p><h5 class=""><b>योगी सरकार और संगठन के बीच तालमेल भी अहम</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में बीजेपी की चुनावी सफलता के लिए सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी होगा। तावड़े को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच संतुलन बनाए रखना होगा।</p><p>इसके साथ ही सहयोगी दलों के साथ संबंध भी महत्वपूर्ण होंगे। निषाद पार्टी, अपना दल (एस), सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और आरएलडी जैसे सहयोगियों के साथ तालमेल बनाए रखना तथा भविष्य में सीट बंटवारे को लेकर सहमति बनाना तावड़े के लिए बड़ी संगठनात्मक परीक्षा होगी।</p><p>बिहार में सीट बंटवारे और गठबंधन प्रबंधन के अनुभव को यूपी में इस्तेमाल करना उनके लिए मददगार हो सकता है, लेकिन यूपी का राजनीतिक और सामाजिक समीकरण अलग है। इसलिए बिहार की रणनीति को हूबहू लागू करने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक बदलाव करना होगा।</p><h5 class=""><b>बूथ मैनेजमेंट बनेगा सबसे बड़ा हथियार?</b></h5><p>बीजेपी की चुनावी रणनीति में बूथ स्तर का संगठन हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। अमित शाह के दौर में भी बूथ मैनेजमेंट, पन्ना प्रमुख और डेटा आधारित चुनावी रणनीति को काफी महत्व दिया गया था।</p><p>अब तावड़े के सामने पार्टी के जमीनी कैडर को दोबारा सक्रिय करने की चुनौती होगी। यदि बीजेपी 2024 के बाद कमजोर पड़े संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत कर पाती है और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर पाती है, तो विधानसभा चुनाव में पार्टी को इसका फायदा मिल सकता है।</p><p>इसके लिए केवल चुनाव से कुछ महीने पहले सक्रियता पर्याप्त नहीं होगी। संगठन को लंबे समय तक जमीन पर काम करना होगा और स्थानीय स्तर पर मतदाताओं के साथ संपर्क बढ़ाना होगा।</p><h5 class=""><b>क्या तावड़े अमित शाह जैसा करिश्मा दोहरा पाएंगे?</b></h5><p>यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि अमित शाह की 2014 की रणनीति एक अलग राजनीतिक माहौल में सफल हुई थी। उस समय नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूत लहर थी, जबकि आज विपक्ष पहले के मुकाबले अधिक संगठित नजर आता है और सामाजिक समीकरणों की लड़ाई भी ज्यादा तीखी है।</p><p>तावड़े के पास अमित शाह की तरह आक्रामक राजनीतिक शैली नहीं, बल्कि संगठनात्मक प्रबंधन और माइक्रो-मैनेजमेंट का अनुभव है। इसलिए उनकी रणनीति का आधार बड़े राजनीतिक नारों के बजाय संगठन को मजबूत करना, सामाजिक समूहों के बीच संपर्क बढ़ाना और बूथ स्तर पर चुनावी मशीनरी को सक्रिय करना हो सकता है।</p><p><b>2027 का चुनाव यह तय करेगा कि तावड़े की शांत और संगठन-केंद्रित शैली बीजेपी के लिए कितनी प्रभावी साबित होती है।</b></p><p>फिलहाल बीजेपी ने अपनी पहली बड़ी चाल चल दी है। अब असली परीक्षा तावड़े की है—क्या वह सपा के PDA फॉर्मूले की काट तैयार कर पाएंगे, बीजेपी के खिसके सामाजिक आधार को वापस ला पाएंगे और सत्ता विरोधी माहौल को नियंत्रित कर पाएंगे? अगर वह इन चुनौतियों को साध लेते हैं, तो 2027 में बीजेपी को मजबूत स्थिति में पहुंचाने का उनका मिशन सफल माना जाएगा। लेकिन क्या वह अमित शाह की 2014 वाली सफलता दोहरा पाएंगे, इसका जवाब चुनावी नतीजे ही देंगे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Election 2027: विनोद तावड़े के सामने सपा के PDA की चुनौती, BJP की क्या होगी रणनीति? ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ghosi-ration-dealer-commission-5897 ]]></guid><title><![CDATA[ घोसी में राशन डीलरों को मुख्यमंत्री योगी की सौगात, कमीशन बढ़ाने की घोषणा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ghosi-ration-dealer-commission-5897 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 17 Aug 2026 12:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मऊ, घोसी: उत्तर प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और उचित दर विक्रेताओं यानी राशन डीलरों की आय बढ़ाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है। घोसी से जुड़ी रिपोर्ट के म ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>मऊ, घोसी: </b>उत्तर प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और उचित दर विक्रेताओं यानी राशन डीलरों की आय बढ़ाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है। घोसी से जुड़ी रिपोर्ट के मुताबिक, राशन डीलरों के कमीशन में बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। इससे प्रदेशभर के कोटेदारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।</span></p><p>उत्तर प्रदेश में उचित दर विक्रेताओं को पहले 70 रुपये प्रति क्विंटल का लाभांश मिलता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद इसे बढ़ाकर 90 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। वर्ष 2022 में सरकार ने यह घोषणा राशन विक्रेताओं को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाने के उद्देश्य से की थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">केंद्र सरकार के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत भी उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं के लिए मूल मार्जिन और अतिरिक्त मार्जिन का प्रावधान है।</span></p><h5 class=""><b>राशन की दुकानों पर मिलेंगी जनसेवा की सुविधाएं</b></h5><p>सरकार की योजना केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं है। उचित दर की दुकानों को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के तौर पर विकसित करने की पहल भी की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कई सरकारी और डिजिटल सेवाएं अपने नजदीक उपलब्ध कराने का रास्ता खुलता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इन केंद्रों के माध्यम से आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, पेंशन योजनाओं, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं, बैंकिंग और बीमा जैसी विभिन्न सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाने की योजना है।</span></p><p>&lt;iframe width="560" height="315" src="https://www.youtube.com/embed/onrRlu0JQoc?si=FNM5DlYIWbXy368E" title="YouTube video player" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen&gt;&lt;/iframe&gt;</p><h5 class=""><b>राशन डीलर लगातार बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं</b></h5><p>हालांकि, मौजूदा समय में राशन डीलर संगठन कमीशन को और बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। जुलाई 2026 में उत्तर प्रदेश के राशन विक्रेताओं ने खाद्यान्न और चीनी पर मिलने वाले लाभांश को बढ़ाकर कम से कम 200 रुपये प्रति क्विंटल करने और न्यूनतम आय की व्यवस्था करने की मांग उठाई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">डीलरों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई और राशन वितरण से जुड़े खर्चों को देखते हुए मौजूदा कमीशन पर्याप्त नहीं है। कुछ संगठनों ने मांगें पूरी नहीं होने पर राशन वितरण के बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी।</span></p><h5 class=""><b>सरकार और राशन डीलरों के बीच अहम मुद्दा</b></h5><p>राशन डीलर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लाखों परिवारों तक सरकारी खाद्यान्न पहुंचाने की जिम्मेदारी उचित दर की दुकानों के माध्यम से पूरी होती है। ऐसे में डीलरों की आर्थिक स्थिति और राशन वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता, दोनों सीधे तौर पर लाभार्थियों से जुड़े मुद्दे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कमीशन बढ़ाने और राशन दुकानों को जनसेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल का उद्देश्य डीलरों की आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार करना और ग्रामीण लोगों को स्थानीय स्तर पर डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ घोसी में राशन डीलरों को मुख्यमंत्री योगी की सौगात, कमीशन बढ़ाने की घोषणा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-disability-empowerment-smartphone-tablet-assistive-devices-5891 ]]></guid><title><![CDATA[ दिव्यांगजनों को डिजिटल सशक्त बना रही योगी सरकार, स्मार्टफोन-टैबलेट से बढ़ी पहुंच ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-disability-empowerment-smartphone-tablet-assistive-devices-5891 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 16 Aug 2026 23:04:06 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर, सम्मानजनक और सुविधाजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है।बदलते समय की आवश्यकताओं को ध ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ:</b>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर, सम्मानजनक और सुविधाजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है।<span style="font-size: 1rem;">बदलते समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजना को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा गया है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को स्मार्टफोन, टैबलेट और डेजी प्लेयर जैसे डिजिटल उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।</span></p><p><br></p><p><b>स्मार्टफोन और टैबलेट से बढ़ी डिजिटल पहुंच:</b></p><p><br></p><p>डिजिटल युग में शिक्षा, संचार, सूचना और सरकारी सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने के उद्देश्य से योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजनों को स्मार्टफोन एवं टैबलेट जैसे डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे विशेष रूप से दिव्यांग छात्र-छात्राओं और युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल संचार, अध्ययन सामग्री तथा विभिन्न ऑनलाइन सरकारी सेवाओं एवं सूचनाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है।</p><p><br></p><p>वित्तीय वर्ष 2025-26 में 34,420 पात्र दिव्यांगजनों को विभिन्न कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। डिजिटल उपकरणों को योजना से जोड़ने से दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण को तकनीक का नया आयाम मिला है।</p><p><br></p><p><b>जरूरत के अनुसार मिल रहे अनेक सहायक उपकरण</b></p><p><br></p><p>कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों को उनकी शारीरिक आवश्यकता एवं चिकित्सकीय संस्तुति के आधार पर विभिन्न प्रकार के उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, एमआर किट, ब्रेल किट, एडीएल किट, वॉकर, रोटेटर और स्मार्ट केन सहित अनेक सहायक उपकरण शामिल हैं।</p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल किट एवं स्मार्ट केन जैसे उपकरण दैनिक जीवन को अधिक सुगम बनाने में सहायक हैं, जबकि गतिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर एवं अन्य मोबिलिटी उपकरण आवागमन और स्वतंत्र गतिशीलता को बढ़ावा देते हैं। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार विभिन्न प्रकार के कृत्रिम अंग भी उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजनों को 15 हजार रुपये तक की लागत वाले निर्धारित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।</span></p><p><br></p><p><b>योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित है पात्रता:</b></p><p><br></p><p>कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना का संचालन विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा रहा है। योजना का लाभ सामान्यतः 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता प्रमाणित होने पर निर्धारित पात्रता के अनुसार दिया जाता है। संबंधित उपकरण की आवश्यकता के संबंध में चिकित्साधिकारी की संस्तुति भी आवश्यक होती है।</p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">पात्रता के लिए आवेदक को निर्धारित आय सीमा एवं अन्य शर्तों को पूरा करना होता है। सामान्यतः ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वार्षिक पारिवारिक आय सीमा 46,080 रुपये तथा शहरी क्षेत्रों के लिए 56,460 रुपये निर्धारित है। आवेदक को पिछले तीन वर्षों में उसी उद्देश्य के लिए समान उपकरण का लाभ नहीं मिला होना चाहिए। नियमित शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए निर्धारित अवधि एक वर्ष है। आवेदन के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, फोटो तथा संबंधित उपकरण के लिए चिकित्सकीय संस्तुति सहित आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने होते हैं।</span></p><p><br></p><p><b>ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता और सुगमता:</b></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">योजना को ऑनलाइन किए जाने से पात्र दिव्यांगजनों के लिए आवेदन एवं योजना तक पहुंच अधिक सुगम हुई है। विभाग का प्रयास है कि पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन, सत्यापन एवं उपकरण वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम तरीके से पूरी की जाए।</span></p><p><br></p><p><b>दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना प्राथमिकता:</b></p><p><br></p><p>दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उपनिदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि विभाग का उद्देश्य केवल दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, रोजगार, डिजिटल सेवाओं और समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन, टैबलेट और डेजी प्लेयर जैसे डिजिटल उपकरणों के साथ-साथ मोबिलिटी एवं अन्य सहायक उपकरण दिव्यांगजनों की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनके जीवन को अधिक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दिव्यांगजनों को डिजिटल सशक्त बना रही योगी सरकार, स्मार्टफोन-टैबलेट से बढ़ी पहुंच ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-road-safety-zero-death-target-transport-department-challan-fine-5889 ]]></guid><title><![CDATA[ सड़क सुरक्षा व शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने उठाए कड़े कदम ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-road-safety-zero-death-target-transport-department-challan-fine-5889 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 16 Aug 2026 18:18:12 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती वाहन संख्या के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का फोकस लगातार बढ़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और शून्य मृत्यु दर की दिशा में वि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती वाहन संख्या के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का फोकस लगातार बढ़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और शून्य मृत्यु दर की दिशा में विभिन्न अवसरों पर विभागों को जरूरी निर्देश देते रहे हैं। इसका असर सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन को लेकर परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई में भी दिखाई दे रहा है। बीते वित्तीय वर्ष में 474 करोड़ रुपये और चालू वित्तीय वर्ष में 172 करोड़ रुपये प्रशमन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया है। इस अवधि में 20 लाख से ज्यादा चालान भी किए गए हैं।</span></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर ने कहा कि सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का पालन कराना परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी क्रम में विभाग के प्रवर्तन दल ने नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रदेशभर में अभियान चलाया। कार्रवाई का उद्देश्य महज जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है।</span></p><p><br></p><p><b>15 लाख चालान के जरिए 474 करोड़ का जुर्माना:</b></p><p><br></p><p>वित्तीय वर्ष 2025-26 में परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल ने प्रदेशभर में करीब 15 लाख चालान किए। इन कार्रवाई के माध्यम से 474 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क वसूला गया। यह बड़े पैमाने पर की गई प्रवर्तन कार्रवाई को दर्शाता है, जिसके जरिए सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।</p><p><br></p><p><b>इस वर्ष 5 लाख चालान काटे गए:</b></p><p><br></p><p>वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में ही करीब 5 लाख चालान किए जा चुके हैं। इन कार्रवाई से 172 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क प्राप्त हुआ है। इससे साफ है कि सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी है।</p><p><br></p><p><b>चालान से सड़क सुरक्षा पर असर:</b></p><p><br></p><p>परिवहन विभाग के मुताबिक इस सख्ती का व्यापक उद्देश्य वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना है। नियमों का पालन होने से सड़क पर ओवरस्पीडिंग, बिना जरूरी दस्तावेज वाहन चलाने, क्षमता से अधिक सवारी या माल ढोने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन जैसी स्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलती है। सुरक्षित यातायात के लिए वाहन चालकों और आम नागरिकों की भी बराबर भागीदारी जरूरी है। परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई इसी जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का काम कर रही है। यही प्रयास प्रदेश को शून्य मृत्युदर के लक्ष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सड़क सुरक्षा व शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने उठाए कड़े कदम ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-pays-tribute-to-atal-bihari-vajpayee-on-death-anniversary-5888 ]]></guid><title><![CDATA[ सहज-सरल, लेकिन इरादों के ‘अटल’ थे पूर्व प्रधानमंत्रीः मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-pays-tribute-to-atal-bihari-vajpayee-on-death-anniversary-5888 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 16 Aug 2026 17:17:25 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘भारत रत्न’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धा निवेदित करते हुए लोकभवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री योगी ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘भारत रत्न’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धा निवेदित करते हुए लोकभवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटल जी का छह दशक का सार्वजनिक जीवन निर्विवाद और निष्कलंक रहा। वह भारतीय राजनीति के अजातशत्रु के रूप में ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के भाव के साथ निरंतर कार्य करते रहे। सार्वजनिक जीवन की शुरुआत उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में कश्मीर में धारा-370 लगाए जाने के विरोध में सत्याग्रह से प्रारंभ की थी।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><b>दल से ऊपर उठकर देश को दिया महत्व:</b></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">सीएम योगी ने कहा कि सांसद, विदेश मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, जनसंघ व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रधानमंत्री की अलग-अलग भूमिकाओं में भी उनके लिए सदैव ‘राष्ट्र प्रथम’ रहा। वह भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता से लेकर राष्ट्रीय अध्य़क्ष, नेता प्रतिपक्ष, नेता सदन, प्रधानमंत्री समेत किसी भी पद पर रहे हों, लेकिन उनका जीवन का ध्येय केवल ‘राष्ट्र प्रथम’ था। जब-जब भी आवश्यकता पड़ी, उन्होंने दल से ऊपर देश को महत्व दिया।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><b>राष्ट्र की सुरक्षा में अटल जी का योगदान:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने जब देश पर इमरजेंसी थोपी थी तो उन्होंने जनसंघ का जनता पार्टी में विलय करते हुए आपातकाल से मुक्ति के आंदोलन में बढ़ चढ़कर भाग लिया था। 1962, 1965, 1971 के युद्ध में उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा करने की बजाय सरकार के साथ जिम्मेदार सांसद के रूप में खड़े होकर राष्ट्र की सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने में अपना योगदान दिया।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>राजनीतिक अस्थिरता रोकने में भूमिका:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने कहा कि भारत की राजनीति में अस्थिरता के दौर को रोकने और राजनीतिक स्थिरता के माध्यम से सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कैसे कदम उठाए जा सकते हैं, अटल जी ने राजनीतिक समन्वय के माध्यम से 1996-98 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का निर्माण करके जो उदाहरण प्रस्तुत किया, वह आज भी भारत की राजनीति में प्रासंगिक बना हुआ है। एनडीए भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में सहयोगी दलों के साथ मिलकर निरंतर देश, राज्यों के अंदर विभिन्न सरकारों का संचालन करते हुए सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त कर रहा है।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>सहज-सरल, लेकिन इरादों के ‘अटल’ थे पूर्व प्रधानमंत्री:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी जितने ही सहज व सरल थे, उतने ही इरादों के ‘अटल’ भी थे। कारगिल संघर्ष के दौरान दुनिया ने अटल जी के दृढ़संकल्प का लोहा माना। उस समय अटल जी ने कहा था कि हम पर युद्ध थोपा गया है, जिसका हम मुंहतोड़ जवाब देंगे। दुनिया की हर ताकत के सामने झुके बिना अटल जी ने भारत को एटॉमिक पावर के रूप में स्थापित किया।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>अटल जी ने प्रधानमंत्री के रूप में मनवाया यशस्वी शासन का लोहा:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने कहा कि अटल जी को पहली बार 1957 में उत्तर प्रदेश की बलरामपुर संसदीय सीट से संसद में जाने का अवसर मिला। उन्होंने पांच बार लखनऊ संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। नेता विरोधी दल व प्रधानमंत्री के रूप में यशस्वी शासन का लोहा मनवाया। आज पूरा देश पूर्व प्रधानमंत्री की स्मृतियों को नमन कर रहा है।&nbsp;</p><p><br></p><p>इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधायक नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य अवनीश सिंह, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि ने भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सहज-सरल, लेकिन इरादों के ‘अटल’ थे पूर्व प्रधानमंत्रीः मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-honours-families-of-martyrs-on-independence-day-5886 ]]></guid><title><![CDATA[ सीएम योगी ने किया बलिदानी वीरों के परिजनों का सम्मान ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-honours-families-of-martyrs-on-independence-day-5886 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 15 Aug 2026 19:41:52 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक विधान भवन के समक्ष आयोजित राजकीय समारोह में प्रदेशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा और सम्मान के लिए ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक विधान भवन के समक्ष आयोजित राजकीय समारोह में प्रदेशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा और सम्मान के लिए अदम्य साहस दिखाने वाले वीर सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने उन परिवारों के प्रति कृतज्ञता जताई जिनके घर जन्मे वीरों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना भारत का मस्तक गर्व से ऊंचा किया।</span></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">समारोह में मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित शहीद लेफ्टिनेंट हरी सिंह बिष्ट की माता शांति बिष्ट और शौर्य चक्र से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल अमित मोहिंद्रा के पिता एचएस मोहिंद्रा को सम्मानित किया गया। शौर्य चक्र से सम्मानित कर्नल भरत सिंह तथा वीर चक्र से सम्मानित शहीद नायक राजा सिंह की पौत्रवधू राजेश्वरी देवी को भी सम्मान मिला।</span></p><p><br></p><p><b>शौर्य और बलिदान को नमन:</b></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">ऑपरेशन विजय में शहीद मेजर रितेश शर्मा के पिता सत्य प्रकाश शर्मा, वायुयान दुर्घटना में शहीद एनसी पुताली के भाई मुन्नी लाल, ऑपरेशन रक्षक में शहीद नायक अरुण कुमार त्रिपाठी के पिता हवलदार ओमप्रकाश त्रिपाठी और नौसैन्य अभियान में शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव की माता प्रजेश यादव को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।</span></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">ऑपरेशन पवन में शहीद राजवीर सिंह की पत्नी सुमन देवी, ऑपरेशन रक्षक में शहीद सिगनलमैन हर्षवर्धन सिंह की पत्नी शमा देवी, सेना मेडल से सम्मानित राजपूत रेजीमेंट के हवलदार पंकज सिंह की पत्नी शक्ति सिंह और सेना मेडल से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल मेजर प्रभांशु सिंह के बड़े भाई प्रांजल सिंह को भी सम्मानित किया गया।</span></p><p><br></p><p>इसके अलावा सीआरपीएफ के शहीद रक्षा राम की पत्नी सीता सुंदरी, शहीद दिवाकर तिवारी की पत्नी संतोष तिवारी और लांस नायक शहीद बचान सिंह की पत्नी मुन्नी देवी को सम्मान प्रदान किया गया। स्वतंत्रता दिवस के इस समारोह में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों और उनके परिवारों के प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सीएम योगी ने किया बलिदानी वीरों के परिजनों का सम्मान ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-schools-independence-day-2026-celebration-5885 ]]></guid><title><![CDATA[ 1.32 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालयों और केजीबीवी में गूंजा- ‘भारत माता की जय’ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-schools-independence-day-2026-celebration-5885 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 15 Aug 2026 19:22:56 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जब प्रदेश के 1.32 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में एक साथ ‘भारत माता की जय’ के जयघोष गूंजे, तो तिरंगे की छांव में नई पीढ़ी का राष ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जब प्रदेश के 1.32 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में एक साथ ‘भारत माता की जय’ के जयघोष गूंजे, तो तिरंगे की छांव में नई पीढ़ी का राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रनिर्माण का संकल्प एक साथ दिखाई दिया। स्वतंत्रता दिवस 2026 पर लगभग 1.41 करोड़ बच्चों ने तिरंगे को सलामी देकर राष्ट्रगान और वंदेमातरम् के सामूहिक गायन में सहभागिता की।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">सुबह से ही विद्यालय परिसर देशभक्ति के रंग में रंगे रहे। तिरंगे, फूलों और रंग-बिरंगी सजावट के बीच बच्चों ने गीत, कविता, नृत्य, नाटक और तिरंगा रैली के माध्यम से आजादी के अमर नायकों के त्याग और बलिदान को याद किया। तिरंगे को सलामी देते बच्चों का उत्साह और ‘भारत माता की जय’ के जयघोष ने स्वतंत्रता दिवस के आयोजन को भावनात्मक और राष्ट्रप्रेरक स्वर दिया। इन आयोजनों ने यह संकल्प भी मजबूत किया कि शिक्षा से सशक्त नई पीढ़ी ही विकसित, एकजुट और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव तैयार करेगी।</span></p><p><br></p><p><b>राज्य स्तर पर भी शान से लहराया राष्ट्रध्वज:</b></p><p><br></p><p>स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय/शिक्षा निदेशक (बेसिक) कैंप कार्यालय में महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी एवं शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह का संदेश पढ़कर सुनाया गया। संदेश में शिक्षा को राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम बनाते हुए बच्चों के उज्ज्वल, सक्षम और जिम्मेदार भविष्य के निर्माण के संकल्प को रेखांकित किया गया।</p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">शैक्षिक संस्थानों में अमर शहीदों को नमन:</b></p><p><br></p><p>राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में निदेशक गणेश कुमार तथा राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान में निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को नमन किया। संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान, प्रशासनिक अधिकारी लव कुमार की उपस्थिति में इस अवसर पर अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्वतंत्रता दिवस के महत्व को स्मरण किया गया। राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।</p><p><br></p><p><b>देशभक्ति के रंग में रंगे विद्यालय:</b></p><p><br></p><p>प्रदेशभर के विद्यालयों में देशभक्ति गीत, नृत्य, कविताओं और नाटकों की प्रस्तुतियों ने स्वतंत्रता आंदोलन की गौरवगाथा को जीवंत किया। विभिन्न विद्यालयों में तिरंगा रैलियां निकाली गईं। वाद-विवाद और खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, राष्ट्रीय मूल्यों और देश के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ा गया। विद्यालय प्रांगणों में बच्चों की प्रस्तुतियों और सामूहिक गतिविधियों ने स्वतंत्रता दिवस को महज एक औपचारिक आयोजन से आगे बढ़ाकर सीख, सहभागिता और राष्ट्रप्रेम के उत्सव में बदल दिया।</p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">बेटियों ने दिया राष्ट्रनिर्माण का संदेश:</b></p><p><br></p><p>प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं ने विशेष उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया। गीत, कविता और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के शौर्य और बलिदान को याद किया। छात्राओं की प्रस्तुतियों ने यह संदेश भी दिया कि बेटियां शिक्षा, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रनिर्माण की अग्रिम पंक्ति में अपनी भूमिका निभा रही हैं।</p><p><br></p><p><b>विद्यालय बने जनभागीदारी के केंद्र:</b></p><p><br></p><p>स्वतंत्रता दिवस समारोह में बच्चों के साथ अभिभावकों और ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इससे विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रम सामुदायिक उत्सव का रूप लेते दिखाई दिए। गांव से शहर तक विद्यालय परिसरों में तिरंगे के नीचे एकता, भाईचारे, प्रेम और देशभक्ति का संदेश गूंजता रहा।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 1.32 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालयों और केजीबीवी में गूंजा- ‘भारत माता की जय’ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-interacts-with-artists-from-eight-states-cultural-unity-message-5884 ]]></guid><title><![CDATA[ आठ राज्यों से आए कलाकारों से सीएम योगी ने किया संवाद, सम्मानित कर दिया एकता का संदेश ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-interacts-with-artists-from-eight-states-cultural-unity-message-5884 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 15 Aug 2026 19:07:48 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधानभवन के बाहर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले यूपी समेत विभिन्न राज्यों के कलाकारों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने सरकारी आवास  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ:</b><span style="font-size: 1rem;"> स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधानभवन के बाहर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले यूपी समेत विभिन्न राज्यों के कलाकारों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर संवाद किया और उन्हें सम्मानित किया। </span>जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश और गुजरात से लेकर छत्तीसगढ़ तक आठ राज्यों के कलाकारों ने अपनी लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। सीएम ने इन कलाकारों से उत्तर प्रदेश में उनके अनुभव और यहां घूमने की इच्छा के बारे में जानकारी ली।<span style="color: rgb(33, 37, 41); font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 16px; font-style: normal; font-variant-ligatures: normal; font-variant-caps: normal; font-weight: 400; letter-spacing: normal; orphans: 2; text-align: left; text-indent: 0px; text-transform: none; widows: 2; word-spacing: 0px; -webkit-text-stroke-width: 0px; white-space: normal; background-color: rgb(255, 255, 255); text-decoration-thickness: initial; text-decoration-style: initial; text-decoration-color: initial; display: inline !important; float: none;">&nbsp;</span></p><p><br></p><p>संवाद के दौरान कई कलाकारों ने अयोध्या और लखनऊ घूमने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को उनके भ्रमण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कलाकारों से कहा कि जब भी किसी राज्य में जाएं तो एक दिन अतिरिक्त समय निकालकर स्थानीय स्थलों, संस्कृति और खान-पान को जरूर जानें। हर भारतीय का दायित्व है कि वह अपने देश की विशालता और विविधता को देखे। सीएम ने कहा कि कलाकारों के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति एक-दूसरे से जुड़ती है और यही सांस्कृतिक एकता भारत की सबसे बड़ी ताकत है।</p><p><br></p><p><b>बुलडोजर बाबा कहने पर मुस्कुराए सीएम योगी:</b></p><p><br></p><p>छत्तीसगढ़ के कुलभूषण चंद्राकर ने मुख्यमंत्री को बताया कि करीब 15 वर्ष पहले उन्हें अयोध्या जाने का अवसर मिला था, लेकिन अब वह नई अयोध्या देखने के लिए उत्सुक हैं। सीएम ने कहा कि तब की अयोध्या और आज की अयोध्या में जमीन-आसमान का अंतर है। आज की अयोध्या त्रेता युग का स्मरण कराती है। कुलभूषण ने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री योगी को 'बुलडोजर बाबा' के नाम से जाना जाता है। इस पर मुख्यमंत्री मुस्कुराए और कहा कि बुलडोजर पसंद है ना आपको? आप गा सकते हैं, मैं गा नहीं सकता, लेकिन कम से कम गलत लोगों पर बुलडोजर तो चलवा ही सकता हूं।</p><p><br></p><p><b>श्रेष्ठ भारत के लिए एकता और सुरक्षा दोनों जरूरी:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों से कलाकारों का एक मंच पर आना ही भारत की विविधता और सांस्कृतिक एकता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि यही एक भारत श्रेष्ठ भारत है। बंगाल से महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी, अरुणाचल प्रदेश से द्वारिका-पुरी तक जब सभी एक-दूसरे से जुड़ेंगे, तभी एक भारत श्रेष्ठ भारत का संकल्प साकार होगा। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ भारत के लिए एकता और सुरक्षा दोनों जरूरी हैं। अरुणाचल प्रदेश की नीलम से बातचीत करते हुए सीएम ने लखनऊ के अनुभव पूछे और अयोध्या सहित भगवान बुद्ध से जुड़े उत्तर प्रदेश के स्थलों को देखने की सलाह दी। बिहार के सुबोध से कहा कि आप लोगों को अयोध्या जरूर जाना चाहिए, क्योंकि मां जानकी का संबंध भी उस पावन भूमि से है। मध्य प्रदेश के लेखपाल धुर्वे से बातचीत में कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश भले ही आपस में जुड़े हुए हैं, लेकिन कलाकारों के आने से मां नर्मदा का संदेश भी यहां पहुंचता है।</p><p><br></p><p><b>जम्मू-कश्मीर की श्रुति ने श्रीराम मंदिर के दर्शन की इच्छा जताई:</b></p><p><br></p><p>जम्मू-कश्मीर से पहली बार उत्तर प्रदेश आईं श्रुति ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के दर्शन की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने उनकी इच्छा पर सहमति जताते हुए अधिकारियों को व्यवस्था करने के निर्देश दिए। वाराणसी की सुनिधि पाठक ने दर्शन की बेहतर व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस पर सीएम ने कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु भारत की परंपरा में अतिथि हैं और अतिथि का सम्मान करना हमारा दायित्व है। गुजरात के पोरबंदर से आए राजू भाई से बातचीत में मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी की जन्मभूमि पोरबंदर और भगवान कृष्ण के सखा सुदामा से जुड़ी मान्यताओं का उल्लेख किया। पोरबंदर से कलाकारों का आना उनके लिए खुशी की बात है। महोबा के जितेंद्र कुमार की आल्हा प्रस्तुति की सराहना करते हुए सीएम ने कहा कि जब वह आल्हा गा रहे थे तो सभापति भी जोश में आ गए थे। उन्होंने कहा कि कलाकार आल्हा की वीर परंपरा को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।</p><p><br></p><p><b>हर क्षेत्र व हर जनपद में महोत्सव होने चाहिए:</b></p><p><br></p><p>मथुरा के राजेश प्रसाद शर्मा ने मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए कहा कि आज उनसे बात करके बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने मथुरा को तीन बड़े महोत्सव देने के लिए मुख्यमंत्री योगी का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कलाकार केवल गायन, वादन, नृत्य और नाटक करने वाले नहीं हैं, बल्कि वे परंपरा और लोक संस्कृति के वाहक हैं। कलाकारों की प्रस्तुतियों में अतीत छिपा होता है और भविष्य उसी अतीत से प्रेरणा लेता है। अयोध्या का दीपोत्सव और रामनवमी, बरसाना का रंगोत्सव, मथुरा में जन्माष्टमी, बुंदेलखंड में आल्हा की परंपरा और प्रयागराज के माघ मेले को नई ऊंचाई देने का उद्देश्य लोक परंपराओं को मजबूत करना है। हर क्षेत्र और हर जनपद में महोत्सव होने चाहिए, ताकि स्थानीय कलाकारों को मंच मिले और लोक गाथाएं अगली पीढ़ी तक पहुंचें।</p><p><br></p><p><b>राज्यों की लोक संस्कृति ने बांधा समां:</b></p><p><br></p><p>कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने रउफ एवं डोंगरी नृत्य, महाराष्ट्र के कलाकारों ने नमन और डिंडी नृत्य, अरुणाचल प्रदेश ने पराई लोकनृत्य, त्रिपुरा ने डारलॉन्ग लोकनृत्य, बिहार ने झिंझिया लोकनृत्य, मध्य प्रदेश ने गुदुमबाजा लोकनृत्य, गुजरात ने तलवार रास, छत्तीसगढ़ ने रेला पाटा लोकनृत्य और उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने कथक की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों और कोरियोग्राफर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कलाकारों ने उत्तर प्रदेश की व्यवस्था, सुंदरता और यहां मिले सम्मान की भी सराहना की। साथ ही अयोध्या और काशी में दर्शन की व्यवस्थाओं को लेकर कलाकारों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ आठ राज्यों से आए कलाकारों से सीएम योगी ने किया संवाद, सम्मानित कर दिया एकता का संदेश ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ayodhya-sawan-jhula-mela-starts-from-saturday-maniparvat-ram-sita-jhula-vihar-5878 ]]></guid><title><![CDATA[ अयोध्या में शनिवार से शुरू होगा सावन झूला मेला, मणिपर्वत पर होगा भव्य झूला विहार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ayodhya-sawan-jhula-mela-starts-from-saturday-maniparvat-ram-sita-jhula-vihar-5878 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 14 Aug 2026 20:21:03 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में श्रद्धा और भक्ति के प्रमुख पर्व सावन झूला मेले का शुभारंभ शनिवार से होगा। 15 से 28 अगस्त तक चलने वाले इस मेले के पहले दिन मणिपर्वत पर भगवान राम-सीता का झूला विहार आयोजित क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">अयोध्या: </b><span style="font-size: 1rem;">रामनगरी अयोध्या में श्रद्धा और भक्ति के प्रमुख पर्व सावन झूला मेले का शुभारंभ शनिवार से होगा। 15 से 28 अगस्त तक चलने वाले इस मेले के पहले दिन मणिपर्वत पर भगवान राम-सीता का झूला विहार आयोजित किया जाएगा। अयोध्याधाम के विभिन्न मंदिरों से 11 झांकियां शोभायात्रा के रूप में मणिपर्वत पहुंचेंगी।</span></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन और पुलिस ने मेले की तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस किया गया है।</p><p><br></p><p><b>छह जोन और 29 सेक्टर में बांटा गया मेला क्षेत्र:</b></p><p><br></p><p>सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को छह जोन और 29 सेक्टर में विभाजित किया गया है। वहीं, मणिपर्वत क्षेत्र को एक जोन और पांच सेक्टर में बांटकर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी दो पालियों में लगाई जाएगी।</p><p><br></p><p>मेला ड्यूटी कार्यालय सिंचाई डाक बंगला, नयाघाट अयोध्या में बनाया गया है। एसपी सिटी अयोध्या चक्रपाणि त्रिपाठी के मुताबिक, पुलिस बल की मांग के अनुरूप तैनाती की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक से लेकर कांस्टेबल और महिला पुलिसकर्मियों तक पर्याप्त संख्या में बल लगाया गया है।</p><p><br></p><p>मेले में पीएसी, आरएएफ, एटीएस कमांडो और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी। ड्रोन कैमरों के जरिए भी पूरे क्षेत्र पर निगरानी रखी जाएगी। मणिपर्वत क्षेत्र पर विशेष निगरानी रहेगी।</p><p><br></p><p><b>आम श्रद्धालु भी भगवान को झूला झुला सकेंगे:</b></p><p><br></p><p>राम मंदिर के अनुष्ठान प्रभारी एवं महोत्सव के व्यवस्थापक आचार्य इंद्रदेव मिश्र ने बताया कि अयोध्या की परंपरा के अनुसार सावन शुक्ल तृतीया से झूला मेले का शुभारंभ होता है। सुरक्षा कारणों से इस बार भगवान झूला बिहारी को पहली बार कुबेर नवरत्न टीला पर ले जाकर झूलन विहार कराया जाएगा।</p><p><br></p><p>उन्होंने बताया कि यहां पेड़ की डाल पर पहली बार झूला डाला गया है। झूला तैयार हो चुका है और आम श्रद्धालुओं को भी भगवान को झूला झुलाने का अवसर मिलेगा।</p><p><br></p><p>परंपरा के मुताबिक, अयोध्या के प्रमुख मंदिरों से भगवान की शोभायात्राएं निकलकर मणिपर्वत पहुंचती हैं। यहां धार्मिक आयोजन सांस्कृतिक उत्सव में बदल जाता है। लाखों श्रद्धालु युगल बिहारी सरकार के दर्शन कर इस आध्यात्मिक पर्व में शामिल होते हैं।</p><p><br></p><p><b>5 हजार से अधिक मंदिरों में दिखेगी झूला उत्सव की छटा:</b></p><p><br></p><p>अयोध्या में 5 हजार से अधिक छोटे-बड़े मंदिर हैं। सावन झूला उत्सव की विशेष छटा श्रीराम जन्मभूमि, कनक भवन, राजा दशरथ जी के महल, अशर्फी भवन, राम वल्लभा कुंज, दिव्या कला कुंज, विअहुति भवन, रंग महल, जानकी महल, राज सदन, रूप कला कुंज और मणिराम दास जी की छावनी समेत प्रमुख मंदिरों में देखने को मिलेगी।</p><p><br></p><p><b>सदियों पुरानी है सावन झूला मेले की परंपरा:</b></p><p><br></p><p>सावन झूला मेले की परंपरा अयोध्या में बेहद प्राचीन मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जब रामलला चार महीने के हुए, तब सावन का महीना आया था। मां कौशल्या सहित तीनों माताओं ने चारों भाइयों को झूले पर झुलाया और उन्हें कजरी गीत सुनाए। तभी से सावन में झूला झुलाने की परंपरा चली आ रही है।</p><p><br></p><p>हर वर्ष सावन के महीने में अयोध्या के विभिन्न मठों और मंदिरों में यह पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। राम जन्मभूमि सहित रामनगरी के प्रमुख मंदिरों में यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।</p><p><br></p><p><b>यातायात और भीड़ नियंत्रण पर विशेष निगरानी:</b></p><p><br></p><p>मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया गया है। मणिपर्वत समेत पूरे अयोध्या क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। पर्व के प्रमुख दिन आवश्यकतानुसार यातायात डायवर्जन भी लागू किया जाएगा।</p><p><br></p><p><b>मेले में इस तरह तैनात रहेगा पुलिस बल:</b></p><p><br></p><p>सुरक्षा व्यवस्था के तहत 7 अपर पुलिस अधीक्षक, 30 पुलिस उपाधीक्षक, 60 निरीक्षक, 275 उपनिरीक्षक, 150 हेड कांस्टेबल और 800 कांस्टेबल तैनात किए गए हैं।</p><p><br></p><p>इसके अलावा 30 महिला उपनिरीक्षक, 25 महिला हेड कांस्टेबल और 80 महिला कांस्टेबल भी ड्यूटी पर रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था में पीएसी की 10 कंपनियां, आरएएफ की 2 कंपनियां, एटीएस कमांडो की 1 टीम और एसडीआरएफ की 2 टीमें लगाई गई हैं।</p><p><br></p><p>इसके साथ ही 30 हल्का वाहन चालक, 30 ड्रैगन लाइट और 2 ड्रोन कैमरे भी उपलब्ध रहेंगे।</p><p><br></p><p><b>श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्राथमिकता : एसएसपी:</b></p><p><br></p><p>एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि श्रावण झूला मेला श्रद्धालुओं की आस्था का महत्वपूर्ण पर्व है। सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत किया गया है। मणिपर्वत समेत पूरे मेला क्षेत्र को जोन और सेक्टर में बांटकर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है।</p><p><br></p><p>उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन सिस्टम के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा दोनों पुलिस-प्रशासन की प्राथमिकता हैं। मेले के दौरान किसी तरह का व्यवधान न हो, इसके लिए सभी अधिकारी सतर्क रहेंगे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अयोध्या में शनिवार से शुरू होगा सावन झूला मेला, मणिपर्वत पर होगा भव्य झूला विहार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-action-against-adulteration-paneer-quality-25-units-5877 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार ने मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा, पनीर की गुणवत्ता को लेकर 25 इकाइयों पर बड़ी कार्रवाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-action-against-adulteration-paneer-quality-25-units-5877 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 14 Aug 2026 19:58:49 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में दुग्ध  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों, विशेष रूप से पनीर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गाजियाबाद, मथुरा और सहारनपुर में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। प्राप्त अभिसूचना और जनहित को ध्यान में रखते हुए आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश द्वारा 24 विशेष प्रवर्तन टीमों का गठन किया गया। विशेष टीमों ने संबंधित जिलों की प्रमुख दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ निर्माण इकाइयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। अभियान के दौरान 25 विनिर्माण इकाइयों पर कार्रवाई की गई, जबकि 3 इकाइयां नॉन-ऑपरेशनल पाई गईं।</span></p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">पनीर निर्माण में औद्योगिक रसायन और तेल के इस्तेमाल पर कार्रवाई:</b></p><p><br></p><p>निरीक्षण के दौरान पनीर के निर्माण में औद्योगिक प्रयोगार्थ रसायनों तथा पामोलिन ऑयल/रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के इस्तेमाल और अस्वास्थ्यकर एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों के निर्माण से संबंधित मामले सामने आए। विभागीय टीमों ने निर्माण इकाइयों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, तैयार उत्पाद और निर्माण प्रक्रिया की जांच की। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित खाद्य सामग्री को नष्ट कराने के साथ ही अपमिश्रकों को जब्त किया गया।</p><p><br></p><p><b>72 नमूने जांच के लिए भेजे गए:</b></p><p><br></p><p>अभियान के दौरान कुल 72 खाद्य नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अस्वास्थ्यकर एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्मित पाई गई 7,686 किलोग्राम खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया। नष्ट कराई गई खाद्य सामग्री का अनुमानित मूल्य करीब 10 लाख रुपये है। इसके अलावा 2,131 किलोग्राम खाद्य सामग्री एवं अपमिश्रक जब्त किए गए, जिनका अनुमानित मूल्य करीब 4.75 लाख रुपये है। इस तरह अभियान में कुल 9,817 किलोग्राम खाद्य सामग्री एवं अपमिश्रकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।</p><p><br></p><p><b>गंभीर मामलों में छह एफआईआर दर्ज:</b></p><p><br></p><p>अभियान के दौरान पनीर निर्माण में औद्योगिक प्रयोगार्थ रसायनों तथा पामोलिन ऑयल/रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के प्रयोग और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों के निर्माण से संबंधित पांच प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं, विभागीय अधिकारियों को सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में भी एक एफआईआर दर्ज कराई गई। गाजियाबाद में तीन तथा मथुरा में दो प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई है। सहारनपुर में भी संबंधित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।</p><p><br></p><p><b>खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी:</b></p><p><br></p><p>खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। विशेष रूप से पनीर जैसे व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट और अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में खाद्य सुरक्षा, मिलावट पर प्रभावी अंकुश और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। प्रयोगशाला जांच में नमूने मानकों के विपरीत पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार ने मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा, पनीर की गुणवत्ता को लेकर 25 इकाइयों पर बड़ी कार्रवाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-partition-horror-remembrance-day-strong-india-national-unity-5875 ]]></guid><title><![CDATA[ विभाजन की त्रासदी से सबक लेकर मजबूत भारत के निर्माण का संकल्प लें: सीएम योगी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-partition-horror-remembrance-day-strong-india-national-unity-5875 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 14 Aug 2026 17:53:14 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1947 में देश के विभाजन की त्रासदी को मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक बताया। आज पूरा देश उस भीषण ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1947 में देश के विभाजन की त्रासदी को मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक बताया। आज पूरा देश उस भीषण त्रासदी की स्मृतियों से जुड़ रहा है, जब करोड़ों हिंदुओं को अपनी ही मातृभूमि और जन्मभूमि से विस्थापित होना पड़ा तथा बड़ी संख्या में हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समाज के लोगों को हिंसा और कत्लेआम का सामना करना पड़ा। उस समय पीड़ितों की पीड़ा सुनने और उनके प्रति संवेदना व्यक्त करने वाला कोई नहीं था। सत्ता प्राप्ति की लिप्सा में एक सनातन राष्ट्र को विभाजन की ओर धकेलकर उसके टुकड़े कर दिए गए।</span></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान सीएम ने इससे संबंधित कई पेंटिंग का भी अवलोकन किया।</p><p><br></p><p><b>आने वाली पीढ़ी को उस दौर की सच्चाई से अवगत कराया जाए:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं है। इतिहास को केवल पन्ने पलटने या परीक्षा के पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं किया जा सकता। इतिहास हमें गौरवशाली अतीत पर गर्व करने के साथ-साथ अतीत की गलतियों से सीख लेकर उन्हें दोबारा न दोहराने की प्रेरणा देता है। यह समझना जरूरी है कि विभाजन की परिस्थितियां क्यों पैदा हुईं, इसके लिए कौन जिम्मेदार था, दोषियों को कितनी सजा मिली और आखिर कब तक देश को उस त्रासदी की कीमत चुकानी पड़ेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने के पीछे भी यही भावना है कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ी को उस दौर की सच्चाई से अवगत कराया जाए। पूरे प्रदेश के नागरिकों को चाहिए कि वे अपने वर्तमान और आने वाली पीढ़ी को बताएं कि विभाजन की त्रासदी क्या थी और उससे हमें क्या सीख मिलती है।</p><p><br></p><p><b>विभाजन केवल भूमि का बंटवारा नहीं, लाखों परिवारों की पीड़ा का इतिहास:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने कहा कि 1947 में भारत को स्वतंत्रता मिली, लेकिन इसके साथ ही देश का विभाजन भी हुआ। पंजाब और बंगाल के उन हिस्सों को भी पाकिस्तान को सौंप दिया गया, जहां बड़ी संख्या में ऐसे लोग रहते थे जो विभाजन के परिणामस्वरूप प्रभावित हुए। विभाजन के दौरान लाखों लोग अपने घर-बार छोड़कर शरणार्थी बनने को मजबूर हुए। उस समय हुए नरसंहार और विस्थापन की पीड़ा को आज की पीढ़ी के सामने लाना जरूरी है। प्रदर्शनी में प्रदर्शित तस्वीरों और वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें उस समय की भयावह परिस्थितियों की झलक मिलती है। इसलिए लोगों को यह देखना चाहिए कि किस तरह परिवार अपने घरों से निकलने को मजबूर हुए और किस तरह लोगों ने अपने जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी झेली।</p><p><br></p><p><b>विभाजन की कीमत निर्दोष नागरिकों ने चुकाई:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने कहा कि पंजाब में अकेले लाखों लोगों की जान गई। विभाजन के दौरान ट्रेनों में हिंसा की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं आज भी उस त्रासदी की भयावहता को सामने लाती हैं। यह इतिहास मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ी को सबक देने के लिए है। विभाजन की कीमत निर्दोष नागरिकों ने चुकाई और उसका प्रभाव लंबे समय तक देश को झेलना पड़ा। आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद जैसी चुनौतियों को भी अतीत की परिस्थितियों और देश के भीतर पैदा हुए विभाजनकारी तत्वों के संदर्भ में समझने की जरूरत है। भारत के पास कभी शक्ति, बुद्धि और वैभव की कमी नहीं रही। लगभग 16वीं-17वीं शताब्दी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौर में विश्व अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी करीब 24-25 प्रतिशत तक बताई जाती है। भारत वैभवशाली और संपन्न था, इसलिए विदेशी आक्रांताओं की नजर भारत पर थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश में न शक्ति की कमी थी, न बुद्धि की और न ही वैभव की, तब सवाल उठता है कि देश गुलाम क्यों हुआ।</p><p><br></p><p><b>भारत को कमजोर करने में आंतरिक विभाजन ने बड़ी भूमिका निभाई:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने इसका कारण आपसी अंतर्विरोधों को बताते हुए कहा कि क्षेत्र, भाषा और दूसरे आधारों पर समाज में पैदा हुए विभाजन के साथ षड्यंत्रकारी ताकतों को अवसर मिला। जब किसी समाज को यह लगता है कि हमला किसी दूसरे वर्ग, क्षेत्र या समुदाय पर हो रहा है तो वह अपने स्तर पर प्रतिरोध नहीं करता। यही कमजोरी देश के लिए नुकसानदायक साबित हुई। भारत को कमजोर करने में आंतरिक विभाजन ने बड़ी भूमिका निभाई। सनातन काल से एक भारत के रूप में मौजूद देश समय के साथ अलग-अलग हिस्सों में बंटता गया। स्वतंत्रता संग्राम के अनेक सेनानियों का जिक्र करते हुए कहा कि महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, राजगुरु, राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रानी लक्ष्मीबाई और वीर सावरकर समेत अनेक महापुरुषों ने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। जिन क्रांतिकारियों ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, उनके योगदान को याद रखना जरूरी है।</p><p><br></p><p><b>पहचान अलग हो सकती है, लेकिन सबसे बड़ी पहचान भारतीय होने की हो:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने राजनीतिक स्वार्थ और परिवारवाद को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। देश की अनेक संस्थाओं और योजनाओं का नामकरण एक परिवार विशेष से जोड़ दिया गया, जबकि स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले असंख्य क्रांतिकारियों के योगदान को अपेक्षित सम्मान नहीं मिला। समाज में जाति, क्षेत्र, भाषा और अन्य पहचानें अपनी जगह हो सकती हैं, लेकिन सबसे बड़ी पहचान भारतीय होने की होनी चाहिए। पंजाबी, बंगाली, मराठी, तमिल, कन्नड़ या मलयाली होना व्यक्तिगत और सामाजिक पहचान हो सकती है, लेकिन प्रत्येक नागरिक को भारतीय होने पर गौरव की अनुभूति होनी चाहिए। समाज में विभाजन की भावना उन ताकतों को मजबूत करती है जो भारत को कमजोर करना चाहती हैं। नागरिकों को यह भी समझना होगा कि देश की सुरक्षा केवल सरकार या सेना की जिम्मेदारी नहीं है। सीमा पर जवान देश की रक्षा करते हैं, तभी नागरिक चैन की नींद सो पाते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक का भी दायित्व है कि वह राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को मजबूत करने में अपना योगदान दे।</p><p><br></p><p><b>नागरिकता कानून को लेकर भ्रम फैलाया गया, यूपी में उपद्रव की कोशिशें हुईं:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का जिक्र करते हुए कहा कि इस कानून के प्रावधानों को लेकर विपक्ष द्वारा देश में भ्रम फैलाया गया। कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है। इसमें किसी की जमीन या संपत्ति छीनने का कोई प्रावधान नहीं था। इसके बावजूद कानून के विरोध में देश के कई हिस्सों में आंदोलन और हिंसा की कोशिशें हुईं। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, मेरठ, संभल, अलीगढ़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर समेत कई स्थानों का उल्लेख किया। प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत होने के कारण स्थिति को नियंत्रण से बाहर नहीं जाने दिया गया।</p><p><br></p><p><b>नागरिकता कानून के विरोध के पीछे राजनीतिक स्वार्थ:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व सपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि नागरिकता कानून के विरोध के पीछे राजनीतिक स्वार्थ और वोट बैंक की राजनीति काम कर रही थी। यदि किसी विस्थापित हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन या पारसी को भारत सरकार नागरिकता देकर बसाना चाहती है तो किसी को इससे परेशानी क्यों होनी चाहिए। बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां हुई घटनाओं पर भी राजनीतिक दलों को अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी। सीएम ने आरोप लगाया कि कुछ दल वोट बैंक की राजनीति के कारण ऐसे मामलों पर बोलने से बचते हैं। विभाजन के बाद विस्थापित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विभाजन की त्रासदी के दशकों बाद भी कई परिवार नागरिकता और स्थायी पहचान के लिए संघर्ष करते रहे। उत्तर प्रदेश में ऐसे परिवारों के दस्तावेज दुरुस्त कराने और जमीन के कागजात उपलब्ध कराने की दिशा में काम किए।&nbsp;&nbsp;</p><p><br></p><p><b>बांग्लादेश से आए परिवारों को जमीन से जुड़े कागजात उपलब्ध कराए गए:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने कहा कि पीलीभीत में बांग्लादेश से आए हजारों परिवारों के दस्तावेज दुरुस्त कर उन्हें जमीन से जुड़े कागजात उपलब्ध कराए गए। लखीमपुर खीरी में भी बांग्लादेश से आए पीड़ित हिंदू परिवारों को नागरिकता उपलब्ध कराई गई। करीब 16 हजार के आसपास लोगों को नागरिकता प्रदान की गई। वहीं रामपुर में पाकिस्तान से आए लोगों के दस्तावेज दुरुस्त करने और नागरिकता की प्रक्रिया चलने की बात भी कही। सीएम ने कहा कि विभाजन के समय विस्थापित लोगों के पुनर्वास और उनकी संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए गंभीर प्रयास होने चाहिए थे लेकिन पिछली सरकारों ने इस दिशा में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।&nbsp;</p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन की त्रासदी और इतिहास की अन्य घटनाएं केवल स्मरण करने के लिए नहीं हैं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों को समझने का माध्यम हैं। यदि भारत विरोधी ताकतें सोशल मीडिया और दूसरे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर समाज में अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रही हैं तो नागरिकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे सही तथ्यों को सामने रखें और समाज को जागरूक करें। आज भारत सुरक्षित है, एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है और दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि देश की विकास यात्रा में आने वाली बाधाओं को दूर करने में अपना योगदान दे। क्योंकि मजबूत, सुरक्षित, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है।</p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">मजबूत भारत तभी बनेगा, जब समाज एक पहचान के साथ आगे बढ़ेगा:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत भारत तभी बनेगा, जब समाज एक पहचान के साथ आगे बढ़ेगा। गुरु गोविंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना और संत रामानंद की समतावादी परंपरा का उल्लेख करते हुए जाति-पाति और छुआछूत से ऊपर उठने का आह्वान करते हुए कहा कि जो भारत माता के प्रति समर्पित है, वह अपना है और समाज को इसी भाव के साथ आगे बढ़ना चाहिए। आत्मनिर्भरता को राष्ट्र निर्माण का आधार पर किसान, कारीगर, युवा, महिलाएं और गरीब सभी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें। कोई भी समाज आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हुए बिना लंबे समय तक अपनी स्वतंत्रता को सुरक्षित नहीं रख सकता। इसलिए सरकार अपनी योजनाओं के माध्यम से किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है, लेकिन समाज को भी अपनी भूमिका निभानी होगी।</p><p><br></p><p><b>विकसित भारत का सपना तब पूरा होगा, जब गरीब गरीबी से बाहर आएगा:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने कहा कि आने वाले समय में भारत अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा। 2047 का विकसित भारत तभी बनेगा जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा और उत्तर प्रदेश तभी विकसित होगा जब लखनऊ समेत प्रदेश के सभी क्षेत्र आत्मनिर्भर बनेंगे। विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब गरीब गरीबी से बाहर आएगा। मध्यम वर्ग और सामान्य नागरिक बेहतर जीवन जिए, हर कारीगर उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़े, किसान आत्मनिर्भर बने और हर परिवार अपने बच्चों को स्वावलंबन का मंत्र दे। विभाजन विभीषिका की स्मृति हमें अतीत की गलतियों को दोहराने से बचने, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और आने वाली पीढ़ी को इतिहास से सीख देने का अवसर देती है। नागरिकों से एकजुट होकर मजबूत, सुरक्षित, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।</p><p><br></p><p><b>सीएम योगी ने दिया संदेश- देश नहीं झुकने देंगे:</b></p><p><br></p><p>विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस पर राजधानी लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मौन यात्रा निकाली गई। सबसे पहले सीएम योगी ने हजरतगंज स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मौन यात्रा के जरिए देश की एकता का संदेश दिया गया। करीब आधे किमी की यात्रा के दौरान सीएम योगी के हाथ में ‘देश नहीं झुकने देंगे, फिर देश नहीं बंटने देंगे’ लिखा पोस्टर भी नजर आया। उनके साथ लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल समेत अन्य वरिष्ठ नेता भी कदमताल करते हुए लोकभवन तक पहुंचे। इस दौरान उनके हाथ में ‘राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता सर्वोपरि’, ‘विभाजन के कारण पलायन करने को मजबूर हुए लाखों लोग ट्रेनों से वापस आते समय सांप्रदायिक दंगों की भेंट चढ़ गए’ जैसे तमाम पोस्टर चर्चा का विषय बने।</p><p><br></p><p><b>विभाजन पीड़ितों को जमीन देने के बजाय शत्रु संपत्ति का बंदरबांट करती रही कांग्रेस:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाजन की त्रासदी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस का दायित्व था कि सबसे पहले विस्थापितों को नागरिकता प्रदान कर जमीन के पट्टे उपलब्ध करवाती। जितनी उनकी प्रॉपर्टी वहां नष्ट या जब्त की गई थी, उतनी यहां उपलब्ध करवानी चाहिए थी। इसके बजाय कांग्रेस शत्रु संपत्ति की रक्षा और उसमें बंदरबांट करने में मशगूल रही। ये लोग उसी संपत्ति को लूट-खसोट का आधार बनाकर अपनी निजी प्रॉपर्टी बना रहे थे। सीएम योगी ने कहा कि यह संपत्ति पाकिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन लोगों में बांटी जानी चाहिए थी। महमूदाबाद के नवाब की पूरी प्रॉपर्टी को बचाने के लिए कांग्रेसियों ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह ऐसे लोगों की पैरोकार बन रही है, जिन पर देश की आजादी के खिलाफ और विभाजन कराने में भूमिका होने के आरोप हैं।</p><p><br></p><p>इस दौरान डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, मंत्री डॉ. अरुण कुमार, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, सांसद बृजलाल, पूर्व मंत्री और विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विधायक जयदेवी, विधायक डॉ. नीरज बोरा समेत अनेक नेता और विस्थापित परिवारों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ विभाजन की त्रासदी से सबक लेकर मजबूत भारत के निर्माण का संकल्प लें: सीएम योगी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-unnati-teacher-training-online-monitoring-5873 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘उन्नति’ से शिक्षकों को मजबूत करेगी योगी सरकार, शिक्षक प्रशिक्षण को मिलेगी नई गति ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-unnati-teacher-training-online-monitoring-5873 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 14 Aug 2026 17:31:51 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: शिक्षक प्रशिक्षण को कितना प्रभावी बनाया जाए कि उसका वास्तविक लाभ शिक्षक की तैयारी और बच्चों की सीख तक पहुंचे? इसी सवाल को केंद्र में रखते हुए योगी सरकार ने शिक्षक क्षमता-विकास को तकनीक आधारित नि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">शिक्षक प्रशिक्षण को कितना प्रभावी बनाया जाए कि उसका वास्तविक लाभ शिक्षक की तैयारी और बच्चों की सीख तक पहुंचे? इसी सवाल को केंद्र में रखते हुए योगी सरकार ने शिक्षक क्षमता-विकास को तकनीक आधारित निगरानी और अकादमिक गुणवत्ता से जोड़ते हुए ‘उन्नति’ के माध्यम से प्रशिक्षण व्यवस्था को नई दिशा दी है।&nbsp;</span></p><p><br></p><p>‘उन्नति’ के माध्यम से प्रशिक्षण की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा सके और प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त शैक्षणिक समझ एवं प्रभावी शिक्षण पद्धतियां अगले स्तर तक पहुंचते समय कमजोर न पड़ें। एफएलएन और एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों की अकादमिक क्षमता को मजबूत किया जा रहा है।</p><p><br></p><p><b>‘उन्नति’ से कम होगा कैस्केड लॉस:</b></p><p><br></p><p>‘उन्नति’ (यूनिफाइड नेटवर्क फॉर नर्चरिंग एकेडमिक ट्रेनिंग एंड इनोवेशंस) शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत करने वाली ऑनलाइन पर्यवेक्षण व्यवस्था है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाना और कैस्केड लॉस को न्यूनतम करना है, ताकि प्रशिक्षण की मूल विषयवस्तु, शैक्षणिक समझ और प्रभावी शिक्षण पद्धतियां एक स्तर से दूसरे स्तर तक पहुंचते समय कमजोर न पड़ें। ऑनलाइन पर्यवेक्षण के माध्यम से प्रशिक्षण की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ सामने आने वाली प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों को समझने में भी मदद मिलेगी। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उसके प्रभाव को बेहतर बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।</p><p><br></p><p><b>एफएलएन और एनसीईआरटी आधारित प्रशिक्षण पर विशेष जोर:</b></p><p><br></p><p>प्रशिक्षण में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) को मजबूत करने के साथ एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षकों को बच्चों के सीखने के स्तर और कक्षा की जरूरत के अनुरूप पाठ्यपुस्तक की विषयवस्तु को गतिविधियों एवं प्रभावी शिक्षण प्रक्रियाओं से जोड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भाषा और गणित की बुनियादी समझ को मजबूत करने के साथ शिक्षक की शिक्षण क्षमता को और प्रभावी बनाना है।</p><p><br></p><p><b>तकनीक से होगी प्रशिक्षण की ऑनलाइन निगरानी:</b></p><p><br></p><p>प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय के अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं कंसल्टेंट्स द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन पर्यवेक्षण किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक प्रशिक्षण हॉल में हाई-रिजॉल्यूशन वेब कैमरा उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। प्रतिभागियों की आवाज स्पष्ट रूप से सुनाई देने के लिए माइक्रोफोन/साउंड सिस्टम तथा ऑनलाइन कनेक्टिविटी के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।</p><p><br></p><p><b>हर बैच का अलग लिंक, बीईओ करेंगे समन्वय:</b></p><p><br></p><p>ऑनलाइन पर्यवेक्षण के लिए प्रत्येक प्रशिक्षण बैच का अलग लिंक होगा। यह लिंक खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जनरेट किया जाएगा और प्रशिक्षण शुरू होने से दो दिन पूर्व संबंधित माध्यमों से उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रत्येक बैच की प्रशिक्षण गतिविधियों की ऑनलाइन निगरानी और निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।</p><p><br></p><p><b>प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर रहेगा फोकस:</b></p><p><br></p><p>‘उन्नति’ की व्यवस्था शिक्षक प्रशिक्षण को केवल एक निर्धारित कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय उसकी गुणवत्ता और प्रभावशीलता की निरंतर निगरानी से जोड़ती है। एफएलएन और एनसीईआरटी आधारित प्रशिक्षण के साथ ऑनलाइन पर्यवेक्षण से प्रशिक्षण की मूल अवधारणाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने और शिक्षकों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। योगी सरकार का फोकस शिक्षक की तैयारी, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और बच्चों की सीख—तीनों को एक साथ मजबूत करने पर है। तकनीक आधारित ऑनलाइन पर्यवेक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि शिक्षक प्रशिक्षण का वास्तविक प्रभाव प्रशिक्षण कक्ष तक सीमित न रहे, बल्कि शिक्षक की शैक्षणिक दक्षता और बच्चों के सीखने के परिणामों में दिखाई दे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘उन्नति’ से शिक्षकों को मजबूत करेगी योगी सरकार, शिक्षक प्रशिक्षण को मिलेगी नई गति ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-export-policy-farmers-investment-up-5863 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार की निर्यात नीति से किसानों को सीधा लाभ, निवेश की नई लहर ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-export-policy-farmers-investment-up-5863 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 13 Aug 2026 21:55:20 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने निर्यात क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। प्रदेश देश का पहला राज्य बना है, जिसने निर्यात के लिए समर्पित त्रिव ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने निर्यात क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। प्रदेश देश का पहला राज्य बना है, जिसने निर्यात के लिए समर्पित त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति (2026-29) लागू की है। एक अप्रैल 2026 से प्रभावी इस नीति के शुरुआती दो माह में ही इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अप्रैल-मई 2026 में प्रदेश से निर्यात 84.5 प्रतिशत बढ़ा, जबकि देश का समग्र निर्यात 6.3 प्रतिशत बढ़ा। राष्ट्रीय निर्यात में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 8.1 प्रतिशत से बढ़कर 14 प्रतिशत हो गई और प्रदेश पांचवें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच गया।</span></p><p><br></p><p><b>यूपी ने 39.4 लाख डॉलर की वृद्धि अर्जित की:</b></p><p><br></p><p>अप्रैल-मई 2026 में देश से कुल 6.15 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान 86 लाख डॉलर रहा। पिछले वर्ष इसी अवधि में देश का निर्यात 5.78 करोड़ डॉलर और प्रदेश का योगदान 46.6 लाख डॉलर था। इस दौरान देश के निर्यात में 36.5 लाख डॉलर की वृद्धि हुई, जबकि उत्तर प्रदेश ने अकेले 39.4 लाख डॉलर की वृद्धि अर्जित की। बस्ती से 25,000 कुंतल शीरे का निर्यात भी हुआ, जिससे 5,00,000 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा मिली। शीरा भिन्न शुल्क वर्गीकरण में आता है, अतः यह अर्जन उपरोक्त आंकड़ों में सम्मिलित नहीं है और उनसे अतिरिक्त है। महत्वपूर्ण यह है कि राज्य ने इसके लिए कोई आर्थिक सहायता या अनुदान नहीं दिया, बल्कि नियामक शुल्कों को तर्कसंगत बनाया है। प्रत्येक निर्यात बोतल पर ट्रैक एंड ट्रेस व्यवस्था लागू है। एपीडा ने इस क्षेत्र के लिए करीब एक अरब अमेरिकी डॉलर का राष्ट्रीय निर्यात लक्ष्य रखा है और उत्तर प्रदेश लगातार अपना योगदान बढ़ा रहा है।</p><p><br></p><p><b>निवेश और रोजगार के नए अवसर:</b></p><p><br></p><p>नीति की 3 वर्ष की स्थिरता से उद्योग जगत का भरोसा बढ़ा है। यूनाइटेड ब्रुअरीज उन्नाव और माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज हरदोई में नई इकाई स्थापित कर रही हैं। वुडपेकर ग्रीनएग्री न्यूट्रिएंट्स ने फर्रुखाबाद में इकाई स्थापित की है। एलाइड ब्लेंडर्स एण्ड डिस्टिलर्स ने मुरादाबाद की बंद इकाई को पुनर्जीवित किया है। गोरखपुर में लगभग एक वर्ष पहले एथेनॉल उत्पादन के लिए स्थापित कियान डिस्टिलरी ने पेय आसवनी और ब्रुअरी, दोनों की स्थापना के लिए आवेदन किया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार रैडिको खेतान अन्य राज्यों से अपने सीतापुर और रामपुर संयंत्रों में निर्यात उत्पादन स्थानांतरित कर रहा है। एक अन्य अंतरराष्ट्रीय कंपनी का स्थल चयन अंतिम चरण में है, जबकि कई मौजूदा आसवनियां क्षमता विस्तार कर रही हैं।</p><p><br></p><p><b>किसानों को बढ़ी मांग का सीधा फायदा:</b></p><p><br></p><p>आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि इस नीति का महत्वपूर्ण लाभ प्रदेश के किसानों को मिल रहा है। ईएनए उत्पादन बढ़ने से चीनी मिलों के शीरे की मांग बढ़ी है, जिससे गन्ना किसानों को अप्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। वहीं ग्रेन आधारित आसवनियों में उत्पादन बढ़ने से अनाज की खरीद भी बढ़ी है। यानी निर्यात बढ़ने के साथ प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन, किसानों से खरीद और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। नीति में किसान हित को लेकर सख्त प्रावधान भी किए गए हैं। जिस आसवनी अथवा उसके स्वामी की किसी अन्य इकाई या चीनी मिल पर गन्ना मूल्य भुगतान अथवा आबकारी देयों की वसूली प्रमाण-पत्र प्रभावी है, उसे नीति की कोई छूट नहीं मिलेगी। इससे निर्यात प्रोत्साहन को सीधे किसानों के भुगतान से जोड़ा गया है।</p><p><br></p><p><b>कांच से लेकर परिवहन तक बढ़ा कारोबार:</b></p><p><br></p><p>आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र की पश्च संबद्धता गन्ना, शीरा और अनाज जैसी कृषि उपज से जुड़ी है, जबकि अग्र संबद्धता में कांच, पैकेजिंग, ढक्कन, लेबलिंग, भंडारण और परिवहन जैसे उद्योग आते हैं। अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच प्रदेश की इकाइयों ने अन्य राज्यों को 1.64 करोड़ अधिक बोतलें भेजीं, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 45.7 प्रतिशत अधिक हैं। यह वृद्धि घरेलू आपूर्ति घटाकर नहीं, बल्कि कुल उत्पादन बढ़ने से हुई है।</p><p><br></p><p><b>देश के लिए मॉडल बनी योगी सरकार की नीति:</b></p><p><br></p><p>केंद्र सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की ओर से गठित टास्क फोर्स सभी राज्यों के लिए आदर्श निर्यात नीति तैयार कर रही है। इसमें एपीडा और विभिन्न राज्यों के आबकारी विभाग शामिल हैं। टास्क फोर्स की बैठक में उत्तर प्रदेश की नीति की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए उपयोगी ढांचा बताया गया और राष्ट्रीय आदर्श नीति में प्रदेश के अनुभवों को शामिल करने के निर्देश दिए गए। इस तरह योगी सरकार की नीति ने किसान हित, निवेश, रोजगार और विदेशी मुद्रा अर्जन को एक साथ जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार की निर्यात नीति से किसानों को सीधा लाभ, निवेश की नई लहर ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/rampur-saidnagar-tops-108-aspirational-block-ranking-up-5862 ]]></guid><title><![CDATA[ प्रदेश के 108 आकांक्षात्मक विकासखंडों की रैंकिंग में रामपुर जनपद के सैदनगर ने मारी बाजी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/rampur-saidnagar-tops-108-aspirational-block-ranking-up-5862 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 13 Aug 2026 21:32:17 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और समाज के अंतिम पायदान तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में योगी सरकार की पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसी क्रम म ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और समाज के अंतिम पायदान तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में योगी सरकार की पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश के 108 आकांक्षात्मक विकासखंडों में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध सेवाएं, सामाजिक विकास और आधारभूत अवसंरचना जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों में तय 50 इंडीकेटर्स के आधार पर लगातार प्रगति का आकलन किया जा रहा है।</span></p><p><br></p><p>जुलाई-26 की रैंकिंग में रामपुर जिले के सैदनगर विकासखंड ने 70.03 अंक हासिल कर प्रदेश के 108 आकांक्षात्मक विकासखंडों में पहला स्थान प्राप्त किया है। प्रयागराज का बहरिया विकासखंड 69.7 अंक के साथ दूसरे और संभल का असमौली विकासखंड 68.82 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा।</p><p><br></p><p><b>स्वास्थ्य और पोषण में सैदनगर का बेहतर प्रदर्शन:</b></p><p><br></p><p>रामपुर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आकांक्षात्मक विकासखंडों में संचालित कार्यक्रमों के मूल्यांकन के लिए पांच थीम निर्धारित हैं। इनमें स्वास्थ्य एवं पोषण को 30 प्रतिशत, शिक्षा को 30 प्रतिशत, कृषि एवं संबद्ध सेवाओं को 20 प्रतिशत, आधारभूत अवसंरचना को 15 प्रतिशत और सामाजिक विकास को 5 प्रतिशत भारांक दिया गया है। कुल 50 इंडीकेटर्स के प्रदर्शन के आधार पर विकासखंडों की रैंकिंग तय होती है।</p><p><br></p><p>जुलाई-26 की रैंकिंग में सैदनगर ने स्वास्थ्य एवं पोषण के कई मानकों पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। यहां एनक्यूएएस प्रमाणित स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रतिशत 81.58 दर्ज किया गया। गर्भवती महिलाओं की चार या उससे अधिक प्रसवपूर्व जांच का प्रदर्शन 104.65 प्रतिशत रहा, जबकि बच्चों के पूर्ण टीकाकरण का स्तर करीब 100 प्रतिशत रहा।</p><p><br></p><p>आईसीडीएस के तहत नियमित रूप से पूरक पोषण लेने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रतिशत 75.87 और छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों में यह उपलब्धि 67.14 प्रतिशत दर्ज की गई। विकासखंड के सभी 238 संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यशील शौचालय और पेयजल सुविधा उपलब्ध है। इन दोनों इंडीकेटर्स में 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज हुई।</p><p><br></p><p><b>बोर्ड परीक्षा में 68.13 प्रतिशत छात्राओं ने हासिल किए 60% से अधिक अंक:</b></p><p><br></p><p>शिक्षा के क्षेत्र में भी सैदनगर ने बेहतर प्रदर्शन किया है। उच्च प्राथमिक से माध्यमिक स्तर पर पहुंचने वाले विद्यार्थियों में लड़कों की दर 91.26 प्रतिशत और लड़कियों की दर 91.65 प्रतिशत रही। वहीं माध्यमिक से उच्च माध्यमिक स्तर पर पहुंचने वाले लड़कों की दर 85.08 प्रतिशत और लड़कियों की दर 91.29 प्रतिशत दर्ज हुई।</p><p><br></p><p>विकासखंड के सभी स्कूलों में लड़कियों के लिए पर्याप्त शौचालय और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों से जुड़े इंडीकेटर्स में 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल हुई। कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाली छात्राओं का प्रतिशत 68.13 रहा।</p><p><br></p><p><b>कृषि और पशुपालन में भी मजबूत प्रदर्शन:</b></p><p><br></p><p>कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के क्षेत्र में भी सैदनगर ने कई मानकों पर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की। एफपीओ गठन का प्रतिशत 133.33 रहा, जबकि मृदा स्वास्थ्य कार्ड निर्माण का प्रदर्शन 340.09 प्रतिशत दर्ज हुआ।</p><p><br></p><p>पशुपालन से जुड़े मानक में एफएमडी वैक्सीनेशन का लक्ष्य 100 प्रतिशत पूरा किया गया। इस दौरान कुल 44,150 पशुओं का टीकाकरण दर्ज किया गया।</p><p><br></p><p><b>बुनियादी सुविधाओं में भी सैदनगर आगे:</b></p><p><br></p><p>आधारभूत अवसंरचना से जुड़े इंडीकेटर्स में भी सैदनगर का प्रदर्शन प्रभावी रहा। विकासखंड में 94.93 प्रतिशत घरों में कार्यशील नल जल कनेक्शन दर्ज किए गए। वहीं सभी गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किए जाने के इंडीकेटर में 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल हुई।</p><p><br></p><p>भारतनेट से जुड़े ग्राम पंचायतों का प्रतिशत 81.93 और लाइव भारतनेट कनेक्शन वाले ग्राम पंचायतों का प्रतिशत 54.41 रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत निर्धारित संचयी लक्ष्य के मुकाबले आवास निर्माण की उपलब्धि भी 100 प्रतिशत दर्ज की गई।</p><p><br></p><p>इन विभिन्न क्षेत्रों में दर्ज प्रगति के आधार पर सैदनगर ने जुलाई-26 की आकांक्षात्मक विकासखंड रैंकिंग में 70.03 अंक हासिल कर प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ प्रदेश के 108 आकांक्षात्मक विकासखंडों की रैंकिंग में रामपुर जनपद के सैदनगर ने मारी बाजी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-government-menstrual-health-hygiene-training-master-trainers-girls-schools-5861 ]]></guid><title><![CDATA[ स्कूलों में बेटियों को गरिमा के साथ मिलेगी सुविधा, मास्टर ट्रेनर तैयार कर रही योगी सरकार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-government-menstrual-health-hygiene-training-master-trainers-girls-schools-5861 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 13 Aug 2026 20:24:15 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: बेटियों की शिक्षा मासिक धर्म जैसी प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया के कारण प्रभावित न हो और विद्यालय उनके लिए सुरक्षित, सम्मानजनक तथा संवेदनशील स्थान बनें, इसके लिए योगी सरकार ने व्यवस्थागत प्रयास तेज  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">बेटियों की शिक्षा मासिक धर्म जैसी प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया के कारण प्रभावित न हो और विद्यालय उनके लिए सुरक्षित, सम्मानजनक तथा संवेदनशील स्थान बनें, इसके लिए योगी सरकार ने व्यवस्थागत प्रयास तेज किए हैं। इसी कड़ी में प्रदेश के सभी 75 जिलों में मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के विषय पर मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं। इन मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से बाद में प्रदेश के विद्यालयों के महिला और पुरुष शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।</span></p><p><br></p><p>राज्य स्तर पर आयोजित दो दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में प्रत्येक जिले से तीन प्रतिभागियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। 13 अगस्त को 37 जिलों के 111 प्रतिभागियों का प्रशिक्षण पूरा हुआ, जबकि शेष जिलों से आए 112 प्रतिभागियों का उन्मुखीकरण 14 अगस्त को होगा। इस तरह दो दिनों में कुल 223 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।</p><p><br></p><p><b>डॉ. जया ठाकुर मामले के संदर्भ में पहल:</b></p><p><br></p><p>यह पहल डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत सरकार एवं अन्य मामले के संदर्भ में विद्यालयों में मासिक धर्म स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं और संवेदनशील शैक्षिक वातावरण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</p><p><br></p><p>प्रशिक्षण में मासिक धर्म स्वास्थ्य को केवल सैनिटरी पैड की उपलब्धता तक सीमित नहीं रखने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत विद्यालयों में सुरक्षित एवं क्रियाशील बालिका शौचालय, पर्याप्त पानी, साबुन, सुरक्षित निस्तारण व्यवस्था, गोपनीयता, जागरूकता और सहयोगी वातावरण को भी आवश्यक हिस्सा बताया जा रहा है।</p><p><br></p><p>प्रशिक्षण सामग्री में मासिक धर्म स्वास्थ्य को बालिकाओं की गरिमा, शिक्षा, समानता और संवैधानिक अधिकारों से जोड़कर व्यापक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया है।</p><p><br></p><p><b>सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भावना विद्यालयों तक पहुंचाने की तैयारी:</b></p><p><br></p><p>प्रशिक्षण के दौरान 30 जनवरी 2026 के डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत सरकार मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मासिक धर्म स्वास्थ्य से जुड़े व्यापक पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।</p><p><br></p><p>प्रशिक्षण सामग्री के अनुसार मासिक धर्म स्वास्थ्य को गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार से जोड़ते हुए सुरक्षित और सम्मानजनक मासिक धर्म प्रबंधन सुनिश्चित करने में राज्य तथा शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर बल दिया गया है। सरकारी और निजी, ग्रामीण तथा शहरी सभी विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने तथा यह सुनिश्चित करने पर जोर है कि मासिक धर्म के कारण किसी छात्रा की शिक्षा प्रभावित न हो।</p><p><br></p><p><b>पहले चरण में 37 जिलों के 111 प्रतिभागियों का प्रशिक्षण:</b></p><p><br></p><p>राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में पहले दिन 37 जिलों के 111 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, अंबेडकर नगर, अमेठी, औरैया, अयोध्या, आजमगढ़, बागपत, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, भदोही, बिजनौर, बदायूं, बुलंदशहर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, एटा, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई और हाथरस के प्रतिभागी शामिल रहे।</p><p><br></p><p>शेष जिलों से आए 112 प्रतिभागियों का प्रशिक्षण 14 अगस्त को निर्धारित किया गया है।</p><p><br></p><p><b>हर विद्यालय के शिक्षकों तक पहुंचेगा प्रशिक्षण:</b></p><p><br></p><p>राज्य स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले तीनों मास्टर ट्रेनर अपने-अपने जिलों में जाकर विद्यालयों के महिला एवं पुरुष शिक्षक-शिक्षिकाओं को ऑनलाइन प्रशिक्षण देंगे। इसका उद्देश्य राज्य स्तर पर तैयार प्रशिक्षण सामग्री और जानकारी को सीधे विद्यालय स्तर तक पहुंचाना है।</p><p><br></p><p>शिक्षकों को मासिक धर्म स्वास्थ्य के साथ-साथ बालिकाओं की गरिमा और गोपनीयता, संवेदनशील व्यवहार, आवश्यक सुविधाओं और सहयोगी विद्यालयी वातावरण से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।</p><p><br></p><p>प्रशिक्षण में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया है। बालिकाओं के साथ बिना शर्म और भेदभाव के व्यवहार करना, मासिक धर्म को सामान्य जैविक प्रक्रिया के रूप में समझाना और आवश्यकता पड़ने पर जरूरी सहायता उपलब्ध कराना इसी दृष्टिकोण का हिस्सा है।</p><p><br></p><p><b>‘पैड से आगे’ व्यवस्था पर जोर:</b></p><p><br></p><p>सरकार की इस पहल में स्पष्ट किया जा रहा है कि मासिक धर्म स्वच्छता का मतलब केवल सैनिटरी पैड उपलब्ध कराना नहीं है। विद्यालयों में क्रियाशील बालिका शौचालय, पानी, साबुन, सुरक्षित निस्तारण, गोपनीयता और आपात स्थिति में सहायता भी उतनी ही जरूरी है।</p><p><br></p><p>इस तरह मासिक धर्म स्वास्थ्य को विद्यालय की समग्र बुनियादी सुविधाओं और छात्राओं के सम्मानजनक अनुभव से जोड़कर देखा जा रहा है।</p><p><br></p><p><b>मिथकों और झिझक को दूर करने पर फोकस:</b></p><p><br></p><p>प्रशिक्षण का एक प्रमुख उद्देश्य मासिक धर्म से जुड़े मिथकों, झिझक और भेदभाव को कम करना है। शिक्षकों को वैज्ञानिक और संवेदनशील जानकारी के माध्यम से बालिकाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए तैयार किया जा रहा है।</p><p><br></p><p>प्रशिक्षण सामग्री में मासिक धर्म स्वच्छता को स्वास्थ्य, गरिमा, समानता, गोपनीयता और शिक्षा से जोड़ते हुए विद्यालयों में सकारात्मक वातावरण विकसित करने पर जोर दिया गया है। माना जा रहा है कि इससे मासिक धर्म के कारण होने वाली अनावश्यक अनुपस्थिति को कम करने में भी विद्यालयों की भूमिका मजबूत होगी।</p><p><br></p><p><b>विद्यालय स्तर पर जवाबदेही मजबूत करने की तैयारी:</b></p><p><br></p><p>योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल शिक्षकों को प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि विद्यालयी व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, सुरक्षित और उत्तरदायी बनाना भी है। मास्टर ट्रेनर राज्य स्तर की पहल को पहले जिला और फिर प्रत्येक विद्यालय तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाएंगे।</p><p><br></p><p>इस व्यवस्था के जरिए प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में बालिकाओं को सही जानकारी, आवश्यक सहयोग और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध हो तथा मासिक धर्म उनकी शिक्षा में बाधा न बने।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ स्कूलों में बेटियों को गरिमा के साथ मिलेगी सुविधा, मास्टर ट्रेनर तैयार कर रही योगी सरकार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-gomti-river-cleaning-sewage-management-plan-lucknow-5860 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार ने गोमती को निर्मल बनाने की कवायद की तेज, सीवेज प्रबंधन का बड़ा एक्शन प्लान तैयार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-gomti-river-cleaning-sewage-management-plan-lucknow-5860 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 13 Aug 2026 20:10:15 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं। राजधानी लखनऊ में गोमती नदी को सीवेज प्रदूषण से मुक्त करने के लिए  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं। राजधानी लखनऊ में गोमती नदी को सीवेज प्रदूषण से मुक्त करने के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत शहर से निकलने वाले सीवेज को सीधे गोमती में पहुंचने से रोकने के लिए नालों की टैपिंग, फ्लो डायवर्जन, एसटीपी की क्षमता बढ़ाने और नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई गई है।</span></p><p><br></p><p>ड्रोन सर्वे के बाद गोमती में गिरने वाले 45 नालों की पहचान हुई है। अब इन नालों से नदी में पहुंच रहे सीवेज का शोधन सुनिश्चित करने के लिए उन्हें अलग-अलग एसटीपी से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है।</p><p><br></p><p><b>45.56 लाख आबादी और 7.52 लाख घर:</b></p><p><br></p><p>वर्ष 2026 में लखनऊ नगर की अनुमानित आबादी करीब 45.56 लाख है। शहर में कुल 110 वार्ड और करीब 7.52 लाख घर हैं। इनमें से लगभग 4.01 लाख यानी 53.32 प्रतिशत घर सीवरेज नेटवर्क से जुड़े हैं।</p><p><br></p><p>ऐसे में सीवरेज नेटवर्क का विस्तार करने के साथ नालों के जरिए गोमती में पहुंच रहे प्रदूषित पानी को रोकना नदी संरक्षण के लिए बड़ी चुनौती है।</p><p><br></p><p>आंकड़ों के अनुसार लखनऊ में आबादी के सापेक्ष करीब 546.77 एमएलडी घरेलू सीवेज उत्पन्न होता है, जबकि वास्तविक डिस्चार्ज करीब 880.70 एमएलडी है। इसमें 690.33 एमएलडी सीवेज नालों के माध्यम से और 190.71 एमएलडी सीवर नेटवर्क के जरिए प्रवाहित होता है।</p><p><br></p><p>राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह ने कहा कि नदियों को स्वच्छ बनाना सरकार की प्राथमिकता है। विभाग ने नए नालों की पहचान की है, जिन्हें जल्द शोधित किया जाएगा। इससे शहर के बड़े हिस्से से गुजरने वाली गोमती नदी के स्वरूप में बदलाव आएगा।</p><p><br></p><p><b>10 एसटीपी, 629.5 एमएलडी शोधन क्षमता:</b></p><p><br></p><p>लखनऊ में सीवेज के शोधन के लिए कुल 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित हैं। इनकी कुल शोधन क्षमता करीब 629.5 एमएलडी है।</p><p><br></p><p>वास्तविक डिस्चार्ज और मौजूदा शोधन क्षमता के बीच अंतर बना हुआ है। ऐसे में गोमती में सीधे पहुंचने वाले सीवेज को रोकने के साथ मौजूदा शोधन क्षमता का प्रभावी इस्तेमाल और उसका विस्तार महत्वपूर्ण है।</p><p><br></p><p><b>ड्रोन सर्वे में मिले 12 नए नाले:</b></p><p><br></p><p>लखनऊ में गोमती नदी करीब 30 किलोमीटर की लंबाई में प्रवाहित होती है। नगर निगम के रिकॉर्ड में गोमती में गिरने वाले 33 नालों का उल्लेख था। ड्रोन सर्वे के बाद 12 नए नाले चिह्नित किए गए। इस तरह गोमती में गिरने वाले कुल 45 नालों का विवरण सामने आया है।</p><p><br></p><p>इन 45 नालों में से 12 से लगभग 75 एमएलडी डिस्चार्ज टैप किया जा चुका है। वहीं 5 नालों में टैपिंग की आवश्यकता नहीं पाई गई। शेष 28 नालों, जिनमें अनटैप्ड और आंशिक टैप्ड नाले शामिल हैं, का डिस्चार्ज लगभग 260 एमएलडी है।</p><p><br></p><p><b>39 एमएलडी एसटीपी का निर्माण पूरा:</b></p><p><br></p><p>नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 39 एमएलडी एसटीपी का निर्माण कार्य 4 नवंबर 2024 को पूरा किया गया था। इसके बाद 5 नवंबर 2024 से एसटीपी के अनुरक्षण एवं संचालन का कार्य जारी है।</p><p><br></p><p>इसके अलावा एक अनटैप्ड नाले को टैप कर 3.5 एमएलडी बरीकलां एसटीपी में शोधित करने की योजना पर काम चल रहा है। इस परियोजना को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।</p><p><br></p><p>इसी क्रम में दो अनटैप्ड नालों और एक आंशिक टैप्ड नाले को टैप कर 50 एमएलडी लोनियापुरवा एसटीपी से जोड़ने की योजना निर्माणाधीन है। इसका उद्देश्य इन नालों के सीवेज का शोधन सुनिश्चित करना है। परियोजना को जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।</p><p><br></p><p><b>160, 150 और 65-65 एमएलडी फ्लो डायवर्जन की योजना:</b></p><p><br></p><p>गोमती के पुनरुद्धार के लिए तैयार प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट (पीएफआर) में नालों को अलग-अलग एसटीपी से जोड़कर सीवेज का शोधन कराने का प्रस्ताव है।</p><p><br></p><p>इसके तहत शेष 28 नालों को टैप किए जाने के लिए 160 एमएलडी बसंतकुंज, 65 एमएलडी वजीरगंज, 150 एमएलडी जियामऊ और 65 एमएलडी नीलमथा में एसटीपी निर्माण की योजना है।</p><p><br></p><p>इसके साथ ही मस्तेमऊ नाले पर नेचर बेस्ड तकनीक, पीपराघाट में 750 केएलडी और घैला में 100 केएलडी क्षमता के मॉड्यूलर एसटीपी के माध्यम से सीवेज शोधन की कार्ययोजना पर भी काम किया जा रहा है।</p><p><br></p><p>कार्ययोजना में भरवारा एसटीपी के अपग्रेडेशन के साथ उससे जुड़े 19 नालों की आवश्यक मरम्मत तथा दौलतगंज एसटीपी के अपग्रेडेशन के साथ उससे जुड़े दो नालों की आवश्यक मरम्मत भी शामिल है।</p><p><br></p><p><b>एनएमसीजी को भेजी जा चुकी है पीएफआर:</b></p><p><br></p><p>गोमती नदी के समेकित पुनरुद्धार से जुड़ी इस कार्ययोजना की रिपोर्ट 6 मई 2026 को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी), नई दिल्ली को भेजी जा चुकी है।</p><p><br></p><p>प्रस्तावित कार्यों के क्रियान्वयन के बाद ओवरफ्लो हो रहे और अनटैप्ड नालों को टैप करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा। इससे सीवेज को सीधे गोमती में जाने से रोकने और नदी के प्रदूषण स्तर को कम करने में मदद मिलेगी।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार ने गोमती को निर्मल बनाने की कवायद की तेज, सीवेज प्रबंधन का बड़ा एक्शन प्लान तैयार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-revenue-court-cases-disposal-yogi-government-5859 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार में राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण को मिली रफ्तार, लाखों मामलों का हुआ निपटारा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-revenue-court-cases-disposal-yogi-government-5859 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 13 Aug 2026 19:45:03 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी है। शासन स्तर पर नियमित समीक्षा, विशेष अभियानों और तकन ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी है। शासन स्तर पर नियमित समीक्षा, विशेष अभियानों और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग के जरिए राजस्व मामलों के निस्तारण पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसका असर हालिया आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है।</span></p><p><br></p><p><b>धारा-24 के 39,645 वादों का निस्तारण:</b></p><p><br></p><p>सीमांकन और पैमाइश से जुड़े धारा-24 के मामलों में भी निस्तारण की गति बढ़ी है। 31 दिसंबर 2025 तक इस श्रेणी में 28,556 वाद विचाराधीन थे। इसके बाद 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच 91,472 नए वाद आए, जिनमें से 39,645 मामलों का निस्तारण किया गया।</p><p><br></p><p>वर्तमान में धारा-24 के तहत 80,383 वाद विचाराधीन हैं। इनमें पांच वर्ष से अधिक पुराने लंबित मामलों की संख्या केवल 24 है। सबसे अधिक विचाराधीन वाद वाले जिलों में प्रयागराज, प्रतापगढ़, लखनऊ, अमेठी और मथुरा शामिल हैं।</p><p><br></p><p><b>धारा-34 में 10.96 लाख वादों का निस्तारण:</b></p><p><br></p><p>नामांतरण यानी दाखिल-खारिज से संबंधित धारा-34 के मामलों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। 31 दिसंबर 2025 तक इस श्रेणी में 48,910 वाद विचाराधीन थे।</p><p><br></p><p>1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच 14,70,133 वाद आयोजित हुए, जिनमें से 10,96,814 वादों का निस्तारण किया गया। वहीं, 45 दिन से अधिक समय से लंबित नामांतरण वादों के लिए 15 से 25 जून 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 2,21,667 वादों का निस्तारण हुआ।</p><p><br></p><p><b>भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में भी तेजी:</b></p><p><br></p><p>भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित धारा-80 के मामलों में भी निस्तारण की रफ्तार तेज हुई है। 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच 28,797 नए वाद आए, जबकि इसी अवधि में 49,855 वादों का निस्तारण किया गया।</p><p><br></p><p>खास बात यह है कि धारा-80 के तहत पांच वर्ष से अधिक पुराने लंबित वादों की संख्या शून्य दर्ज की गई है।</p><p><br></p><p><b>पुराने मामलों के निस्तारण पर सरकार का फोकस:</b></p><p><br></p><p>राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण को सरकार ने प्राथमिकता में रखा है। इसके लिए विशेष अभियानों के साथ नियमित समीक्षा और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा रहा है।</p><p><br></p><p>सरकार का जोर आमजन को समयबद्ध न्याय, राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण और पारदर्शी एवं सुगम न्यायिक व्यवस्था उपलब्ध कराने पर है। लंबित मामलों की लगातार निगरानी और विशेष अभियानों के जरिए पुराने वादों के निस्तारण की प्रक्रिया को और तेज करने की दिशा में काम किया जा रहा है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार में राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण को मिली रफ्तार, लाखों मामलों का हुआ निपटारा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/sant-kabir-nagar-684-crore-201-development-projects-5836 ]]></guid><title><![CDATA[ उत्तर प्रदेश: संत कबीर नगर में ₹684 करोड़ से अधिक की 201 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/sant-kabir-nagar-684-crore-201-development-projects-5836 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 11 Aug 2026 15:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश: संत कबीर नगर में विकास कार्यों को नई गति देते हुए ₹684 करोड़ से अधिक की 201 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इन परियोजनाओं के जरिए जिले ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश:</b> संत कबीर नगर में विकास कार्यों को नई गति देते हुए ₹684 करोड़ से अधिक की 201 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इन परियोजनाओं के जरिए जिले में सड़क, बुनियादी ढांचे और अन्य विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया।</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></p><p>इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले के लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं और कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">संत कबीर नगर में एक साथ 201 विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है। इन परियोजनाओं की कुल लागत ₹684 करोड़ से अधिक बताई गई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">लोकार्पण के जरिए पूरी हो चुकी परियोजनाओं को जनता के लिए समर्पित किया गया, जबकि नई योजनाओं के शिलान्यास के साथ जिले में विकास कार्यों के अगले चरण की शुरुआत हुई।</span></p><h5 class=""><b>बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी पर जोर</b></h5><p>विकास परियोजनाओं का उद्देश्य जिले में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना और लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े विकास कार्यों को गति देना है।<span style="font-size: 1rem;">बेहतर सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।</span></p><p>&lt;iframe width="560" height="315" src="https://www.youtube.com/embed/OW51O7pBH1w?si=8kvofqW_6OqKafwU" title="YouTube video player" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen&gt;&lt;/iframe&gt;</p><h5 class=""><b>जिले में विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार</b></h5><p>201 परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास को संत कबीर नगर के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से जिले में सार्वजनिक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे में सुधार की उम्मीद है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राज्य सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में विकास परियोजनाओं को गति देने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ उत्तर प्रदेश: संत कबीर नगर में ₹684 करोड़ से अधिक की 201 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-gorakhpur-70-crore-road-project-5833 ]]></guid><title><![CDATA[ CM योगी ने गोरखपुर को दी ₹70 करोड़ की सौगात, 2-लेन सड़क परियोजना का लोकार्पण ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-gorakhpur-70-crore-road-project-5833 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 11 Aug 2026 13:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में करीब ₹70 करोड़ की लागत से तैयार सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण परियोजना का लोकार्पण किया। यह परियोजना NH-24 सोनौली-नौतनवा-गोरखपुर मार्ग ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: </b>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में करीब ₹70 करोड़ की लागत से तैयार सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण परियोजना का लोकार्पण किया। यह परियोजना NH-24 सोनौली-नौतनवा-गोरखपुर मार्ग से ग्रीन सिटी कॉलोनी, पटनिया होते हुए माधोपुर बंधा तक 2-लेन मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण से जुड़ी है।</span></p><p>इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने और स्थानीय आवागमन को सुगम बनाने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्र में आधुनिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने और बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए विकास को गति देने पर जोर दिया।</p><h5 class=""><b>₹70 करोड़ की लागत से तैयार हुआ 2-लेन मार्ग</b></h5><p>करीब ₹70 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना के तहत NH-24 सोनौली-नौतनवा-गोरखपुर मार्ग से ग्रीन सिटी कॉलोनी होते हुए पटनिया और माधोपुर बंधा तक सड़क का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">2-लेन मार्ग के विकास से आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।</span></p><p>&lt;iframe width="560" height="315" src="https://www.youtube.com/embed/hCkaeNaXU5U?si=YZzYRiREqZG88g62" title="YouTube video player" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen&gt;&lt;/iframe&gt;</p><h5 class=""><b>‘नए उत्तर प्रदेश’ के साथ ‘नया गोरखपुर’ पर जोर</b></h5><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में सड़क, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">गोरखपुर में भी आधुनिक आधारभूत संरचना और बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए शहर तथा आसपास के क्षेत्रों के विकास को गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं।</span></p><h5 class=""><b>बेहतर कनेक्टिविटी से विकास को मिलेगी गति</b></h5><p class="grey-bg-red"><b><i>सड़क परियोजनाओं को क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय आवागमन के साथ-साथ व्यापार, रोजगार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी सुविधा मिल सकती है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">गोरखपुर में इस तरह की परियोजनाओं के जरिए शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।</span></i></b></p><h5 class=""><b>‘विकास पथ पर लगातार आगे बढ़ रहा गोरखपुर’</b></h5><p>राज्य सरकार के अनुसार, आधुनिक आधारभूत संरचना और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ गोरखपुर विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सड़क परियोजनाओं के साथ शहर में अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी विकास एजेंडे का हिस्सा बनाया जा रहा है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CM योगी ने गोरखपुर को दी ₹70 करोड़ की सौगात, 2-लेन सड़क परियोजना का लोकार्पण ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/kakori-train-action-yogi-101st-anniversary-5811 ]]></guid><title><![CDATA[ काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ, CM योगी ने क्रांतिकारियों के परिजनों को किया सम्मानित ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/kakori-train-action-yogi-101st-anniversary-5811 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 09 Aug 2026 17:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: स्वतंत्रता दिवस से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में शहीद क्रांतिकारियों को श ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश: </b>स्वतंत्रता दिवस से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में शहीद क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान काकोरी कांड से जुड़े शहीदों और आधिकारिक अभिलेखों पर आधारित ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ पुस्तिका तथा बच्चों की पेंटिंग पर आधारित ‘वंदे मातरम्’ पुस्तिका का विमोचन किया गया। </span></p><p><span style="font-size: 1rem;">समारोह में देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीर जवानों और महान क्रांतिकारियों के परिवारों को भी सम्मानित किया गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन भारत के शौर्य, स्वाभिमान और देशभक्ति का महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने इस ऐतिहासिक घटना से जुड़े सभी क्रांतिकारियों को नमन करते हुए कहा कि इन वीरों का एक ही उद्देश्य था—मां भारती को स्वतंत्र कराना।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;राष्ट्रधर्म सर्वप्रथम, राष्ट्रसेवा सर्वोत्तम...&lt;br&gt;&lt;br&gt;मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी आज जनपद लखनऊ में आयोजित &amp;#39;काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह&amp;#39; में सम्मिलित हुए। &lt;a href="https://t.co/egOm6ySO37"&gt;pic.twitter.com/egOm6ySO37&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Government of UP (@UPGovt) &lt;a href="https://x.com/UPGovt/status/2086395483279544527?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>'देश के नायकों को युवा पीढ़ी से दूर रखना अन्याय है'</b></h5><p>योगी आदित्यनाथ ने कहा कि क्रांतिकारियों और देश के नायकों के इतिहास से युवा पीढ़ी को दूर रखना उनके साथ सबसे बड़ा अन्याय है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के इन महान सेनानियों के योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है।</p><h5 class=""><b>‘हर घर में फहरे तिरंगा, हर संस्थान में गूंजे वंदे मातरम्’</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों से हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को देश के गौरव, सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक तिरंगा हर घर पर फहरना चाहिए और प्रत्येक संस्थान में ‘वंदे मातरम्’ का गायन होना चाहिए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए क्रांतिकारियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे में आज की पीढ़ी का दायित्व है कि वह उनके बलिदान और संघर्ष को याद रखे।</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/08/YogiCM_79b76641e672f6e4027648b6b9834b4c_715X402.webp" style="width: 599.438px;"><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><h5 class=""><b>‘काकोरी डकैती कांड’ नाम देने पर उठाए सवाल</b></h5><p>योगी आदित्यनाथ ने काकोरी ट्रेन एक्शन को अंग्रेजों द्वारा ‘डकैती’ कहे जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि दुर्भाग्य से आजाद भारत में भी इस घटना को ‘काकोरी डकैती कांड’ के नाम से संबोधित कर क्रांतिकारियों का अपमान किया गया। उन्होंने कहा कि काकोरी से जुड़े कई क्रांतिकारियों को उम्रकैद और अन्य सजाएं दी गईं, जबकि कुछ प्रमुख क्रांतिकारियों को दिसंबर 1927 में फांसी दी गई थी।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/08/KakoriIncident_b97a1a08a5bd7cda17ab521edddcc1ca_1200X675.webp" style="width: 599.438px;"><br></p><h5 class=""><b>सोशल मीडिया पर अफवाहों को लेकर चेताया</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने मौजूदा समय में सोशल मीडिया के जरिए देश के खिलाफ कथित दुष्प्रचार को लेकर भी लोगों को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि भारत विरोधी ताकतें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर अफवाहें फैलाने और समाज को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे दुष्प्रचार से सावधान रहने और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही किसी सूचना पर विश्वास करने का आह्वान किया।</p><h5 class=""><b>युवाओं के साथ ‘तिरंगा यात्रा’ का शुभारंभ</b></h5><p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत लखनऊ में ‘तिरंगा यात्रा विद यूथ’ का भी शुभारंभ किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने इसे स्वतंत्रता संग्राम के सभी शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘राष्ट्र प्रथम’ के मंत्र को आगे बढ़ाने का संकल्प बताया। उन्होंने तिरंगा यात्रा में शामिल होने वाले युवाओं को शुभकामनाएं दीं।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/08/CMYogiUP_9aea7c39f3f2765d1fb78655cbb4326f_1200X900.webp" style="width: 599.438px;"><br></p><h5 class=""><b>क्या था काकोरी ट्रेन एक्शन?</b></h5><p>9 अगस्त 1925 को हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) से जुड़े क्रांतिकारियों ने लखनऊ के पास काकोरी में शाहजहांपुर-लखनऊ ट्रेन को रोककर ब्रिटिश सरकार का खजाना लूट लिया था। इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष के लिए धन जुटाना था।</p><p>इस कार्रवाई में राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान समेत कई क्रांतिकारी शामिल थे। कार्रवाई के बाद ब्रिटिश प्रशासन ने बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां कीं। मुकदमे के बाद राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी और रोशन सिंह को दिसंबर 1927 में फांसी दी गई। काकोरी ट्रेन एक्शन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारी गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/08/KakoriIncidentPic_0ce9a0a74492d933498dfa1b9da2b53e_647X404.webp" style="width: 599.438px;"><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ, CM योगी ने क्रांतिकारियों के परिजनों को किया सम्मानित ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-har-ghar-tiranga-yatra-lucknow-youth-tricolor-rally-5810 ]]></guid><title><![CDATA[ मुख्यमंत्री आवास से विधान भवन तक उमड़ा युवाओं का सैलाब ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-har-ghar-tiranga-yatra-lucknow-youth-tricolor-rally-5810 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 09 Aug 2026 17:13:36 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: आजादी के पर्व 15 अगस्त से पहले लखनऊ में रविवार की सुबह राष्ट्रभक्ति का रंग और गहरा होता नजर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भव्य ‘ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">आजादी के पर्व 15 अगस्त से पहले लखनऊ में रविवार की सुबह राष्ट्रभक्ति का रंग और गहरा होता नजर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भव्य ‘तिरंगा यात्रा’ निकाली गई। मुख्यमंत्री के साथ हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए। इस यात्रा के दौरान पूरे रास्ते मुख्यमंत्री योगी के दाएं व बाएं भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की दो छात्राओं ने हाथ में तिरंगा लिए कदमताल किया। तिरंगे के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते बच्चों और लोगों ने भारत माता की जय व राष्ट्रप्रेम से जुड़े नारों से सबका ध्यानाकर्षित किया। वहीं बच्चों ने ‘हर घर तिरंगा’ फहराने का भी संकल्प लिया। इस तिरंगा यात्रा में 30 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।</span></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री आवास से जैसे ही तिरंगा यात्रा आगे बढ़ी, राजधानी की सड़कें देशभक्ति के रंग में रंगती चली गईं। हाथों में लहराते तिरंगे, उत्साह से भरे चेहरे और राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत माहौल ने यात्रा को भव्य रूप दे दिया। यात्रा के रास्ते में बड़ी संख्या में लोग इसके स्वागत के लिए खड़े रहे। लोगों ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों व छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। मुख्यमंत्री आवास से सिविल अस्पताल होते हुए विधानसभा तक सड़क के दोनों ओर मौजूद लोगों में भी तिरंगे को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।</p><p><br></p><p><b>छात्रों के जोश ने बढ़ाई तिरंगा यात्रा की भव्यता:</b></p><p><br></p><p>‘हर घर तिरंगा’ यात्रा में सरकारी और निजी स्कूलों के हजारों छात्र-छात्राओं ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। बच्चों के हाथों में तिरंगा और चेहरों पर देशभक्ति का उत्साह आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। यात्रा में शामिल लोगों ने राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।</p><p><br></p><p><b>2 हजार फीट लंबे तिरंगे की मानव शृंखला:</b></p><p><br></p><p>राजधानी में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत एक और खास नजारा देखने को मिला। विधानसभा के पास एक निजी डिफेंस एकेडमी संस्थान के बच्चों ने मानव शृंखला बनाकर विधानभवन से हजरतगंज चौराहे तक करीब 2 हजार फीट लंबा तिरंगा फहराया। बड़ी संख्या में बच्चों ने एक साथ खड़े होकर तिरंगा के प्रति सम्मान दिखाया।</p><p><br></p><p><b>तिरंगा के साथ दिखा एकजुटता और राष्ट्रप्रेम का संदेश:</b></p><p><br></p><p>‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य देश के राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। लखनऊ में अभियान की शुरुआत के मौके पर निकली तिरंगा यात्रा ने इसी भावना को जीवंत कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बच्चों, युवाओं और आम लोगों की भागीदारी ने आयोजन को जनभागीदारी का स्वरूप दिया।</p><p><br></p><p><b>तिरंगा यात्रा में शामिल बच्चों व लोगों ने बताए अनुभव:</b></p><p><br></p><p>तिरंगा यात्रा में शामिल होने आए दसवीं कक्षा के छात्र आर्यन ने कहा कि तिरंगा यात्रा में शामिल होकर बहुत गर्व महसूस हुआ। इतने बच्चों को साथ देखकर लगा कि देशभक्ति के प्रति हम सभी बेहद जागरूक हैं। वहीं 11वीं कक्षा की छात्रा अनन्या ने कहा कि हाथ में तिरंगा लेकर चलना मेरे लिए खास अनुभव रहा। मुख्यमंत्री के साथ यात्रा में शामिल होकर देश के प्रति सम्मान और बढ़ा।</p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">स्नातक की छात्रा साक्षी ने कहा कि तिरंगा यात्रा ने युवाओं में राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना मजबूत की है। लखनऊ में हजारों लोगों को एकजुट देखकर बहुत गर्व महसूस हुआ। लखनऊ में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे छात्र विवेक ने कहा कि तिरंगा हमारे लिए केवल झंडा नहीं, आन-बान और शान है। इस तिरंगा यात्रा ने मेरे सेना में जाने के संकल्प को और भी मजबूत कर दिया है। हाथ में तिरंगा लिए विधानसभा की ओर बढ़ रहीं कविता सिंह ने बताया कि वह अपने बच्चों के साथ इस यात्रा में शामिल हुईं हैं। बच्चों को राष्ट्रप्रेम सिखाने और दिखाने का यह अवसर उनके परिवार के लिए बेहद खास रहा।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मुख्यमंत्री आवास से विधान भवन तक उमड़ा युवाओं का सैलाब ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-attack-on-opposition-ayodhya-ram-mandir-chadhawa-case-up-assembly-5809 ]]></guid><title><![CDATA[ जिस पार्टी का मुख्य उद्देश्य 'हल्ला बोल' हो, वह लोकतांत्रिक कैसे कही जा सकती है: सीएम योगी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-attack-on-opposition-ayodhya-ram-mandir-chadhawa-case-up-assembly-5809 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 09 Aug 2026 16:49:28 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा प्रकरण और सदन में विपक्ष के हंगामे को लेकर समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मंगलवार को विधानसभा भवन के पोर्टि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा प्रकरण और सदन में विपक्ष के हंगामे को लेकर समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मंगलवार को विधानसभा भवन के पोर्टिको में पत्रकारों से वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर उन्हें मिथक बताया, वे आज अयोध्या और आस्था की बात कर रहे हैं! श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच में किसी भी साधु-संत की संलिप्तता नहीं मिली है। इसके बावजूद विपक्ष तथ्यों को तोड़-मरोड़कर सनातन, अयोध्या धाम और मंदिर को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। सीएम ने सदन में अध्यक्ष पीठ की अवमानना, प्लेकार्ड लहराकर कार्यवाही बाधित करने, मार्शलों से धक्का-मुक्की करने और संवैधानिक संस्थाओं का लगातार अपमान करने पर समाजवादी पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि विपक्ष जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बचता है। विपक्ष केवल भ्रम फैलाने और उत्तर प्रदेश की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाने की राजनीति कर रहा है।</span></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहले से तय है कि जो मुद्दा किसी न्यायाधिकरण या आयोग के पास लंबित हो, उस मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती। लेकिन विशेष परिस्थितियों में, अगर विधानसभा अध्यक्ष यह समझते हैं कि इस चर्चा के कारण संबंधित जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आएगा, तो वह अनुमति दे सकते हैं। सपा नेताओं ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक और दलीय नेताओं की बैठक में भी आश्वस्त किया था कि वे जिन मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं, नियम के अंतर्गत उसका नोटिस देंगे। संसदीय कार्य मंत्री ने स्वयं दोनों बैठकों में कहा था कि जो भी विषय अध्यक्ष पीठ द्वारा चर्चा के लिए स्वीकार किए जाएंगे, उन पर सत्ता पक्ष से तर्कपूर्ण तरीके से जवाब भी दिया जाएगा। इसके बावजूद यह जानते हुए कि श्रीराम जन्मभूमि से संबंधित यह मामला माननीय उच्चतम न्यायालय में लंबित है, समाजवादी पार्टी ने प्रकरण की गंभीरता को समझते हुए भी न केवल सदन की अवमानना की, बल्कि न्यायालय में लंबित पूरी प्रक्रिया को भी अपमानित करने का शर्मनाक प्रयास किया।</span></p><p><br></p><p><b>चर्चा स्वीकार किए जाने पर भी विपक्ष का व्यवहार शर्मनाक:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने कहा कि माननीय विधानसभा अध्यक्ष ने बार-बार कहा कि हम चर्चा को स्वीकार करते हैं, अपनी बात को आप नियमों के अंतर्गत सदन में रखिए। लेकिन सदन की कार्यवाही का विरोध, प्लेकार्ड लहराना, अध्यक्ष पीठ की अवमानना के रूप में जो अपमानजनक व्यवहार सदन के अंदर समाजवादी पार्टी का रहा, वह अत्यंत निंदनीय है और शर्मनाक भी। संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना समाजवादी पार्टी का शौक व शगल है। इसने कभी लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं किया। 'हल्ला बोल' जिस पार्टी का मुख्य उद्देश्य रहा हो, वह लोकतांत्रिक कैसे कही जा सकती है? ये लोग 'हल्ला बोल' पर विश्वास करते हैं। कभी मीडिया पर, कभी संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करते हैं। न्यायालय की बात नहीं मानते। सदन में नियम, उपनियम और परंपराओं का पालन नहीं करते। भारत की संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करते हैं। चुनाव आयोग का अपमान करते हैं। आरोप-प्रत्यारोप के माध्यम से तर्कहीन मुद्दे उठाकर केवल नकारात्मक और भ्रामक सूचनाओं का प्रचार-प्रसार करने का प्रयास करते हैं। समाजवादी पार्टी और विपक्ष का यह आचरण अलोकतांत्रिक है और असंवैधानिक भी। यह संविधान निर्माताओं और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की भावनाओं का अपमान भी है।</p><p><br></p><p><b>ट्रस्ट के अनुरोध पर तत्काल एसआईटी का गठन:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब जानते हैं कि अयोध्या के जिस प्रकरण में ये लोग चंदा चोरी की बात करते हैं, वहां चंदा चोरी नहीं, चढ़ावे से जुड़ा एक प्रकरण सामने आया था। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस प्रकरण में गत 12 जून को उत्तर प्रदेश सरकार को एक पत्र लिखा कि समाचार पत्रों और मीडिया में इस प्रकार की सूचनाएं आई हैं और हम चाहते हैं कि एसआईटी बनाकर इस प्रकरण की जांच करा दी जाए। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर गठित एक धर्मार्थ ट्रस्ट है। राज्य सरकार इस मामले में ट्रस्ट के आग्रह या माननीय न्यायालय के आदेश के बिना कोई भी निर्णय नहीं ले सकती थी। ट्रस्ट ने अपील की तो राज्य सरकार ने तत्काल 13 जून को एसआईटी गठित कर दी। एसआईटी ने 23 जून को अपनी पहली अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की। 25 जून को इस मामले में अयोध्या में एफआईआर दर्ज हुई, जिसके बाद उपलब्ध साक्ष्य व प्रमाण के आधार पर कुल 8 लोग पकड़े गए, जिनमें 6 लोग चढ़ावे से जुड़ी हुई धनराशि इधर-उधर करते हुए पाए गए। 2 अन्य लोग, जिनकी इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदारी थी, उन्हें साथ जोड़कर कुल 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई। अभी एसआईटी की जांच चल ही रही थी कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने लंबित याचिका के तहत आगे की कार्यवाही के लिए एसआईटी के पुनर्गठन के साथ ही इस पूरे प्रकरण को अपनी देखरेख में आगे बढ़ाया है।</p><p><br></p><p><b>किसी साधु-संत की संलिप्तता नहीं मिली चढ़ावा प्रकरण में:</b></p><p><br></p><p>सीएम योगी ने कहा कि इस मामले में किसी भी साधु-संत की कोई संलिप्तता प्रारंभिक जांच में या एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहीं भी नहीं पाई गई। 1100 से अधिक कर्मचारी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पूरे प्रांगण में कार्य करते हैं। इस मामले में साक्ष्यों व प्रमाणों के आधार पर कुल 8 लोगों की प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से भूमिका पाई गई और उनके विरुद्ध कार्रवाई हुई। इसके लिए साधु-संतों पर आक्षेप करना, अयोध्या धाम को अपमानित व बदनाम करना, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को बदनाम करना आश्चर्यजनक है। मंदिर की व्यवस्था में लगे कर्मचारी दिन-रात, सर्दी, गर्मी, बरसात में लाखों श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीके से दर्शन कराने में योगदान दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश की सकारात्मक छवि बनाने में और धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने में अपना योगदान दे रहे हैं, उन लोगों को कठघरे में खड़ा करना बड़ी आश्चर्यजनक स्थिति है।</p><p><br></p><p><b>राम-कृष्ण का अपमान करने वाले लगा रहे आक्षेप:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आक्षेप समाजवादी पार्टी और कांग्रेस लगा रही हैं, जिन्होंने सदैव श्रीराम जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का अपमान किया है। क्या यह सच नहीं कि 1990 में अयोध्या की गलियों को और सरयू की पावन धारा को रक्तरंजित करने का पाप समाजवादी पार्टी की सरकार ने किया था? रामभक्तों पर गोलियां चलवाने का अक्षम्य पाप यह देश व रामभक्त कैसे भूल सकते हैं? कांग्रेस ने रामसेतु प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर प्रभु श्रीराम तथा प्रभु श्रीकृष्ण के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर उन्हें मिथक घोषित किया था। कांग्रेस किस मुंह से अयोध्या और आस्था की चर्चा करती है?</p><p><br></p><p><b>संतों पर आक्षेप सनातन धर्म का अपमान:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने कहा कि चढ़ावा प्रकरण को सरकार ने पूरी गंभीरता से लिया था, क्योंकि अयोध्या कोटि-कोटि सनातनियों की आस्था का विषय है। इस पूरे प्रकरण में जो लोग पकड़े गए हैं, उनका भारतीय जनता पार्टी या साधु-संतों से कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद पूज्य संतों पर, सनातन धर्म पर, भारतीय जनता पार्टी पर या किसी अन्य सांस्कृतिक व सामाजिक संगठन पर लांछन लगाना, यह पूरे सनातन का अपमान है। सपा व कांग्रेस द्वारा सत्य को दबाने व झुठलाने का कुत्सित प्रयास किया गया है। रामभक्तों को अपमानित करना, भारत की सनातन आस्था पर प्रहार करना, संसद के अंदर संतों पर आक्षेप करना, सीधे-सीधे सनातन धर्म का अपमान है। सपा व कांग्रेस का आचरण सदैव से सनातन विरोधी रहा है।</p><p><br></p><p><b>आस्था की बात करते हैं, किंतु श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा में नहीं आए:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा 2024 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा अयोध्या में श्रीरामलला का प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम किया जा रहा था, ये लोग आमंत्रण के बावजूद नहीं आए। लेकिन, आज ये आस्था की बात करते हैं! जो लगातार हिंदुओं और भारत की सनातन परंपरा को कठघरे में खड़ा करते रहे हैं, वे लोग आस्था की बात करते हैं! आज सदन में सबने इनका आचरण देखा है कि किस तरह से सपा के सदस्यों द्वारा अध्यक्ष पीठ की अवमानना की गई। जिन मुद्दों का सदन से कोई लेना-देना नहीं था, उन्हें उठाकर माहौल खराब करने का प्रयास किया गया। फिर भी, दूध का दूध और पानी का पानी हो, इसके लिए जब अध्यक्ष पीठ ने व्यवस्था दी, तो वे उसे भी मानने को तैयार नहीं हुए। ये लोग केवल माहौल खराब कर जनहित से जुड़े मुद्दों को हल्का करना चाहते हैं। इसी कारण इन लोगों ने पूरे सदन की कार्यवाही को बाधित किया।</p><p><br></p><p><b>25 करोड़ जनता के हितों पर कुठाराघात:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने कहा कि सपा व कांग्रेस का यह आचरण सनातन धर्मावलंबियों का अपमान और 25 करोड़ जनता के हितों पर कुठाराघात है। पिछले 9 वर्षों में एनडीए की डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश की छवि बदलने में सफलता प्राप्त की है। उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं रहा। यहां नौजवान के सामने अब पहचान का कोई संकट नहीं। वह पलायन नहीं कर रहा। किसान अब आत्महत्या के लिए मजबूर नहीं है। गरीबों को शासन की सुविधाओं का लाभ मिल पा रहा है। यूपी ने देश में सबसे तेज गति से बढ़ने वाली टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में जगह बनाई है। सपा व कांग्रेस इसी नए उत्तर प्रदेश की छवि को खराब करने की कुत्सित चेष्टा कर रही हैं।</p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">यूपी की छवि बदरंग करने का घिनौना प्रयास:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने यूपी के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया था,&nbsp; किसान को आत्महत्या के लिए मजबूर किया था,&nbsp; जिनके कारण परंपरागत उद्योग-धंधे चौपट हो चुके थे, जिनकी गलत नीतियों, भ्रष्ट आचरण व गुंडागर्दी से कोई राज्य में निवेश नहीं करना चाहता था, वही समाजवादी पार्टी के लोग एक बार फिर प्रदेश की छवि बदरंग करने का घिनौना प्रयास कर रहे हैं। हम सदन में सपा व कांग्रेस के अभद्र आचरण की निंदा करते हैं। यह अत्यंत शर्मनाक और संवैधानिक मूल्यों को तार-तार करने वाला है।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ जिस पार्टी का मुख्य उद्देश्य 'हल्ला बोल' हो, वह लोकतांत्रिक कैसे कही जा सकती है: सीएम योगी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-har-ghar-tiranga-campaign-lucknow-tiranga-yatra-5808 ]]></guid><title><![CDATA[ विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है तिरंगाः मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-har-ghar-tiranga-campaign-lucknow-tiranga-yatra-5808 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 09 Aug 2026 16:34:46 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, कलाकारों समेत प्रदेशवासियों संग मुख्यमंत्री आवास ( ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, कलाकारों समेत प्रदेशवासियों संग मुख्यमंत्री आवास (5 कालिदास मार्ग) से विधान भवन तक तिरंगा यात्रा निकाली। मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराते बच्चों के साथ सेल्फी ली और उनकी हौसलाअफजाई की। शुभारंभ स्थल पर वंदे मातरम का सामूहिक गान किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वाधीनता दिवस की अग्रिम बधाई देते हुए अपील की कि इससे पहले हर घर में तिरंगा फहराएं। मुख्यमंत्री ने तिरंगा को सादगी, विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीक बताया।</span></p><p><br></p><p><b>मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को किया याद:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए पूरे देश में आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भारत की आजादी और स्वतंत्र भारत में देश की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों, सैनिकों व संविधान निर्माताओं राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब भीमराव आंबडेकर, लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल आदि को भी याद किया।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>यह नहीं हो सकता कि रहेंगे भारत में और यहां के प्रतीकों को अपमानित करेंगे:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा सादगी, विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रतीकों के प्रति सर्वोच्च सम्मान बनाए रखने के लिए राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत का अपमान करने वालों को संज्ञेय अपराध की सूची में रखते हुए दंडित करने का निर्णय भी लिया है। उन्होंने कहा कि अब यह नहीं हो सकता कि रहेंगे भारत में लेकिन भारत के प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत को अपमानित करेंगे।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>राष्ट्र प्रथम का मंत्र हर युवा के लिए प्रेरणा:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश में वंदे मातरम का गान हो रहा है। आज काकोरी ट्रेन एक्शन का 101वां पर्व भी है। 1925 में आज के ही दिन पं. रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां ने काकोरी ट्रेन एक्शन को अंजाम देकर ब्रिटिशरों की चूलों को हिलाया था। यह तिरंगा यात्रा हुतात्माओं के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने और पीएम मोदी के राष्ट्र प्रथम के मंत्र को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है। यह मंत्र भारत के हर युवा के लिए प्रेरणा है।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>देश की हर चुनौती का सामना करने का सामर्थ्य रखता है युवा:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा प्रतिभाशाली, ऊर्जा का प्रतीक है और वह देश की हर चुनौती का सामना करने का सामर्थ्य रखता है। युवा ऊर्जा को आगे बढ़ने के लिए उचित प्लेटफॉर्म हो, वह परंपरागत पाठ्यक्रम के साथ-साथ देश और समाज की चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर सके। इस भाव के साथ दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी की तरफ से पूरे देश में तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया जा रहा है।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>बलिदानी क्रांतिकारियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे तिरंगा यात्रा में शामिल 25-30 हजार युवा:</b></p><p><br></p><p>तिरंगा यात्रा में युवाओं की उपस्थिति से गद्गद मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें’ के संकल्प को लेकर जिन हुतात्माताओं ने राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च बलिदान दिया, लखनऊ में 25-30 हजार युवा इस तिरंगा यात्रा में सहभागी बनकर उन सभी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे हैं। यह अपार ऊर्जा राष्ट्रभक्ति के प्रति बलिदान होने वाले क्रांतिकारियों व स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के प्रति हमारी कृतज्ञता है।</p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">कुछ लोगों के लिए सत्ता सर्वोपरि थी, पीएम मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम:</b></p><p><br></p><p>सीएम ने कहा कि राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान व राष्ट्र के प्रतीकों के प्रति जो कार्य 1947 के तत्काल बाद होना चाहिए, उसे 75 वर्ष क्यों लगे क्योंकि कुछ लोगों के लिए सत्ता सर्वोपरि थी, लेकिन पीएम मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम है। उन्होंने भारत के प्रतीकों, युवाओं, गरीबों, आधी आबादी, किसानों के लिए नई योजनाओं के साथ आगे बढ़ने के लिए उचित मंच देकर आदर्श प्रस्तुत किया है। यह तिरंगा यात्रा उसी आदर्श की अभिव्यक्ति है।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>आप भी अपने घरों पर फहराएं तिरंगा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">सीएम ने कहाकि तिरंगा के प्रति सम्मान हो, इसके लिए पीएम मोदी ने उसके कोड में संशोधन करके अनिवार्य कर दिया है कि अब आप अपने घर में भी इसे फहरा सकते हैं। कांग्रेस के समय इसके लिए न्यायालय में शरण लेकर लड़ाई लड़नी पड़ती थी तब लोग तिरंगा को घर में लगा पाते थे, लेकिन पीएम मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों को आजादी दी कि भारत के आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगा को आप भी घर पर लगाएं।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><b>राष्ट्रभक्ति व अनुशासन का दिखा अद्भुत संगम:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम व भारत मां की जय के उद्घोष के साथ ही अनुशासन पूर्वक विधान भवन तक तिरंगा यात्रा निकलने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री के आह्वान पर पूरे रास्ते में राष्ट्रभक्ति व अनुशासन का अद्भुत संगम दिखा। मुख्यमंत्री हाथों में तिरंगा लिए नन्हे-मुन्नों के साथ ही संगठन व सरकार के शीर्षस्थ लोगों संग राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत देशभक्ति गीतों के बीच 5 कालिदास मार्ग से विधान भवन तक तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। विधान भवन के सामने मुख्यमंत्री ने गुब्बारा उड़ाकर यात्रा को पूर्णता प्रदान की।&nbsp;&nbsp;</p><p><br></p><p>इस दौरान केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री/भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, जेपीएस राठौर, दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, ब्रजलाल, संजय सेठ, विधायक नीरज बोरा, राजेश्वर सिंह, ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है तिरंगाः मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-kakori-train-action-centenary-lucknow-5807 ]]></guid><title><![CDATA[ CM Yogi Marks Kakori Train Action Centenary, Remembers Revolutionary Heroes ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-kakori-train-action-centenary-lucknow-5807 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 09 Aug 2026 16:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Lucknow, Uttar Pradesh: Ahead of Independence Day, Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath observed the 101st anniversary of the Kakori Train Action during a centenary celebration held in Lucknow ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Lucknow, Uttar Pradesh:</b> Ahead of Independence Day, Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath observed the 101st anniversary of the Kakori Train Action during a centenary celebration held in Lucknow on Sunday.</span></p><p>During the event, booklets titled Vande Mataram and Kakori Train Action, based on official records and the martyrs of Kakori, were released.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Additionally, the families of brave soldiers were also honoured at the function.</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;राष्ट्रधर्म सर्वप्रथम, राष्ट्रसेवा सर्वोत्तम...&lt;br&gt;&lt;br&gt;मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी आज जनपद लखनऊ में आयोजित &amp;#39;काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह&amp;#39; में सम्मिलित हुए। &lt;a href="https://t.co/egOm6ySO37"&gt;pic.twitter.com/egOm6ySO37&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Government of UP (@UPGovt) &lt;a href="https://x.com/UPGovt/status/2086395483279544527?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>"On the sacred 101st year of the golden chapter of valour, self-respect, and patriotism, the 'Kakori Train Action,' I had the privilege today of participating in the centenary celebration held in Lucknow, where I paid homage to the memories of Mother India's great sons.On this occasion, booklets titled 'Vande Mataram', based on children's paintings, and 'Kakori Train Action', based on the martyrs of Kakori and official records, were released. At the same time, the families of our great revolutionaries and brave soldiers who sacrificed their lives for the nation's security were also honoured.Humble tribute to all the great heroes associated with the Kakori Train Action," said Adityanath.</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/08/CMYogiUP_9aea7c39f3f2765d1fb78655cbb4326f_1200X900.webp" style="width: 599.438px;"><br></p><p>On the occasion, the Chief Minister emphasised that on August 15, the Tricolour should flutter in every home and 'Vande Mataram' should be sung in every institution.</p><p>"On August 15, the symbol of India's pride, honour, and glory, the 'Tricolour,' should flutter in every home.The singing of 'Vande Mataram' should take place in every institution..." said CM Adityanath</p><p>He further declared that the revolutionaries had a single purpose of securing the freedom of Mother India. He asserted that those who kept people away from the history of their revolutionaries and heroes have committed the greatest injustice against India's young generation.</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/08/KakoriIncident_b97a1a08a5bd7cda17ab521edddcc1ca_1200X675.webp" style="width: 599.438px;"><br></p><p>"The revolutionaries had but one purpose--to secure the freedom of Mother India...Those who kept you away from your revolutionaries and heroes have done the greatest injustice to India's young generation..." said Adityanath.</p><p>The Uttar Pradesh Chief Minister further emphasised that by referring to the incident as the 'Kakori Robbery Case,' the previous establishment had dishonoured the revolutionaries involved in the incident.</p><p>"When we are organising the 101st anniversary of the Kakori Train Action at this historic site, we must remember that the British called it a robbery. Unfortunately, even in independent India, those who came to power dishonored the revolutionaries of this incident by naming it the Kakori Robbery Case... There were many revolutionaries here who were sentenced to life imprisonment, and those who got them sentenced were none other than two Congress leaders from Lucknow itself who practiced law..." asserted Adityanath.</p><p>He further warned that all anti-India forces are making nefarious attempts to spread rumours against India and mislead the country.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"All the anti-India forces out there, are also making a nefarious attempt today to misuse social media platforms, spread rumors against India, and mislead society..." claimed CM Yogi.</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/08/YogiCM_79b76641e672f6e4027648b6b9834b4c_715X402.webp" style="width: 599.438px;"><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p>Additionally, CM Yogi Adityanath also inaugurated 'Tiranga Yatra with Youth' under the 'Har Ghar Tiranga' campaign today. In a post on X, CM Yogi described the Tiranga Yatra as an inspiring resolve to express gratitude to all the freedom fighters and to spread PM Modi's mantra of Nation first in the country.</p><p>"The 'Tiranga Yatra' is an inspiring resolve to express gratitude to all the martyrs and to spread Prime Minister Shri @narendramodi ji's mantra of 'Nation First'. Strengthening this resolve further, the 'Tiranga Yatra with Youth' was inaugurated today in Lucknow under the 'Har Ghar Tiranga' campaign, Heartfelt congratulations to all young friends. Jai Hind, said CM Yogi.</p><p>The Kakori Train Action was a 1925 train robbery executed near Lucknow, India, by the Hindustan Republican Association (HRA) to secure funds for acquiring weapons to fight colonial rule in the country.</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/08/KakoriIncidentPic_0ce9a0a74492d933498dfa1b9da2b53e_647X404.webp" style="width: 599.438px;"><br></p><p>On August 9, 1925, revolutionaries led by prominent leaders such as Ram Prasad Bismil and Ashfaqulla Khan intercepted the Shahjahanpur-Lucknow train and seized around ₹8,000. In the crackdowns that followed, the British colonial administration arrested dozens of members, and the key revolutionaries were hanged in December 1927.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CM Yogi Marks Kakori Train Action Centenary, Remembers Revolutionary Heroes ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-ai-training-for-school-students-project-praveen-5799 ]]></guid><title><![CDATA[ 'प्रोजेक्ट प्रवीण' बना मिसालःएआई मूल्यांकन परीक्षा में 50 हजार छात्रों का प्रदर्शन, 25% से अधिक टॉप श्रेणी में ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-ai-training-for-school-students-project-praveen-5799 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 09 Aug 2026 01:10:39 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: योगी सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी भविष्य की तकनीक से जोड़ने की दिशा में शुरू की गई पहल 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश कौश ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">योगी सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी भविष्य की तकनीक से जोड़ने की दिशा में शुरू की गई पहल 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा माध्यमिक और एडेड स्कूलों में संचालित 4 घंटे के 'एआई फॉर ऑल' कोर्स की राज्य स्तरीय मूल्यांकन परीक्षा में लगभग 50 हजार छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और औसतन 70.41/100 का शानदार स्कोर हासिल किया है।</span></p><p><br></p><p>प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन रहा है। 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत एआई कोर्स का उद्देश्य गांव और शहर के बीच डिजिटल अंतर को खत्म कर हर छात्र को भविष्य की तकनीक से लैस करना है। लगभग 50 हजार छात्रों की भागीदारी और उनका शानदार प्रदर्शन हमारे युवाओं की अपार क्षमता को दर्शाता है। यह योगी सरकार के 'स्किल्ड यूपी-समर्थ यूपी' के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हमारी सरकार मेधावी छात्रों को एडवांस टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ने के अवसर देगी और कमजोर छात्रों को भी विशेष प्रशिक्षण देकर मुख्यधारा में लाएगी।</p><p><br></p><p><b>5 दिन के रिकॉर्ड समय में हुई परीक्षा:</b></p><p>मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि परीक्षा का आयोजन पूर्णतः पारदर्शी और कुशल तरीके से 5 दिनों के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया। 8 जुलाई को गोपनीयता के साथ प्रश्न-पत्र जिलों को भेजे गए, 9 जुलाई को मुख्य परीक्षा, 10 जुलाई को अनुपस्थित छात्रों के लिए विशेष परीक्षा आयोजित हुई और 13 जुलाई तक 73 जिलों में मूल्यांकन कर परिणाम मिशन मुख्यालय को भेजे गए। परिणाम 8 अगस्त को सत्यापित किए गए।</p><p><br></p><p>परीक्षा में 89% से अधिक छात्र सफल रहे, जिन्हें तीन श्रेणियों में बांटा गया है। उत्कृष्ट श्रेणी (80% से अधिक अंक) के तहत 12,500 से अधिक परीक्षार्थी 80 से ज्यादा अंक लाकर 'टॉप' श्रेणी में रहे। वहीं, सक्षम श्रेणी (50 से 80 अंक) के तहत 28,000 से अधिक छात्रों ने इस श्रेणी में अंक हासिल किए। इसी तरह, विशेष ध्यान योग्य श्रेणी (50 से कम अंक) में केवल 4,819 छात्र रहे, जिनके लिए विशेष सुधारात्मक कक्षाएं चलाई जाएंगी।</p><p><br></p><p>क्षेत्रवार प्रदर्शन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18,395 छात्रों ने 74.3 के औसत स्कोर के साथ बाजी मारी, जिसमें 37.8% छात्र उत्कृष्ट श्रेणी में रहे। बुंदेलखंड ने गुणवत्ता और निरंतरता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, यहां का औसत स्कोर 74.2 रहा और 50 से कम अंक पाने वाले छात्रों का प्रतिशत पूरे राज्य में सबसे कम मात्र 4.9% रहा। मध्य यूपी का औसत 69.7 और पूर्वांचल के 21 जिलों के 14,387 छात्रों का औसत 64.7 रहा।&nbsp;</p><p>मिशन निदेशक ने बताया कि 50 से कम अंक पाने वाले छात्रों, खासतौर पर पूर्वांचल के लिए 'रेमेडियल एआई मॉड्यूल्स' चलाए जाएंगे। वहीं 80% से अधिक अंक लाने वाले 12,500 से अधिक मेधावी छात्रों को एडवांस्ड एआई, एडवांस्ड कोडिंग और रोबोटिक्स में विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा।</p><p><br></p><p>उल्लेखनीय है कि 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए 210 घंटे का निःशुल्क कौशल विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसमें आईटी, ब्यूटी, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे जॉब स्पेसिफिक हुनर सिखाए जाते हैं। इसी के साथ 4 घंटे का 'एआई फॉर ऑल' कोर्स अलग से संचालित है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 'प्रोजेक्ट प्रवीण' बना मिसालःएआई मूल्यांकन परीक्षा में 50 हजार छात्रों का प्रदर्शन, 25% से अधिक टॉप श्रेणी में ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-welcomes-shiv-devotees-with-flower-shower-in-meerut-5798 ]]></guid><title><![CDATA[ फूलों की बारिश ने बढ़ाया शिवभक्तों में उत्साह, कांवड़ यात्री बोले- योगी जी ने फूल नहीं, सम्मान बरसाया ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-welcomes-shiv-devotees-with-flower-shower-in-meerut-5798 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 09 Aug 2026 00:55:05 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मेरठ: तपती सड़क, पैरों में छाले और सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा...। भगवान शिव के प्रति आस्था में लीन कांवड़ियों के लिए शनिवार का दिन उस समय यादगार बन गया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ की धरती ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">मेरठ: </b><span style="font-size: 1rem;">तपती सड़क, पैरों में छाले और सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा...। भगवान शिव के प्रति आस्था में लीन कांवड़ियों के लिए शनिवार का दिन उस समय यादगार बन गया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ की धरती पर उनका पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया। इसके अलावा हेलिकॉप्टर द्वारा आसमान से बरसते फूलों को देखकर भी कांवड़िए भाव-विभोर हो उठे। किसी ने हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया तो किसी ने हर-हर महादेव के जयघोष के साथ अपनी खुशी जताई। हेलिकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा ने कांवड़ियों के उत्साह में जैसे नई ऊर्जा भर दी।</span></p><p><br></p><p><b>फूल नहीं, आस्था पर बरसा सम्मान:</b></p><p><br></p><p>जैसे ही हेलिकॉप्टर से फूलों की वर्षा शुरू हुई, सड़क पर चल रहे कांवड़ियों ने ‘हर-हर बम-बम’ का उद्घोष करते हुए अपने हाथ उठाकर आभार प्रकट किया। पूरा वातावरण शिवमय हो गया। इस दौरान कांवड़ियों के चेहरों पर थकान की जगह उत्साह और गर्व नजर आया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर फरीदाबाद जा रहे शिवभक्त राहुल ने कहा कि मुख्यमंत्री का कांवड़ियों के बीच आकर उनका सम्मान करना गौरव की बात है। योगी जी ने हम पर सिर्फ फूल नहीं बरसाए, हमारी आस्था, तपस्या और भक्ति का सम्मान किया है। यह पल जिंदगी भर याद रहेगा।</p><p><br></p><p><b>रास्ते की थकान पलभर में उतर गई:</b></p><p><br></p><p>दिल्ली निवासी रोहित ने कहा कि कई दिनों से पैदल चलने के कारण शरीर थक गया था। उमस-गर्मी व भीड़ के बीच यात्रा करना आसान नहीं है, लेकिन जब हेलिकॉप्टर से फूल बरसे और सामने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिखाई दिए तो सारी थकान जैसे एक क्षण में गायब हो गई। रोहित के साथ यात्रा कर रहे अन्य शिवभक्तों ने कहा कि हम बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए निकले हैं। मेरठ में योगी जी ने जिस तरह हमारा स्वागत किया, वह हमारे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं।</p><p><br></p><p><b>योगी की व्यवस्थाओं ने जीत लिया दिल:</b></p><p><br></p><p>गाजियाबाद के कांवड़िए मुकुल ने कहा कि मुख्यमंत्री जिस तरह पूरी यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं, उससे पता चलता है कि योगी सरकार हमारी यात्रा को लेकर कितनी गंभीर है। मुख्यमंत्री खुद कांवड़ मार्ग का जायजा ले रहे हैं। हमारे ऊपर फूल बरसाकर उन्होंने संदेश दिया है कि कांवड़िए सरकार के लिए सिर्फ यात्री नहीं, बल्कि भगवान शिव के भक्त और अतिथि हैं। सच में योगी जी ने हमारा दिल जीत लिया।</p><p><br></p><p><b>कभी नहीं भूल पाएंगे यह भव्य स्वागत:</b></p><p><br></p><p>दिल्ली निवासी अनुज ने कहा कि वह घर पहुंचने के बाद मेरठ में हुए भव्य स्वागत की कहानी जरूर सुनाएंगे। हम तो गंगाजल लेकर अपने शहर जा रहे हैं, लेकिन मेरठ की यह याद भी अपने साथ लेकर जाएंगे। हेलिकॉप्टर से फूल बरसते देखना और मुख्यमंत्री जी को कांवड़ियों का स्वागत करते देखना हम कभी नहीं भूल पाएंगे। बुलंदशहर से कांवड़ लेकर पहुंचीं लक्ष्मी ने पुष्पवर्षा को बेहद भावुक कर देने वाला क्षण बताया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के प्रति आस्था लेकर निकले शिवभक्तों पर फूल बरसते देख मन प्रसन्न हो गया। मुख्यमंत्री की ओर से मिला यह सम्मान खुशी और गर्व का विषय है।</p><p><br></p><p><b>विजया और जयंती भी हुईं भावुक:</b></p><p><br></p><p>हापुड़ से आईं शिवभक्त विजया व जयंती ने कहा कि कांवड़ यात्रा में शिवभक्ति के साथ ऐसा सम्मान मिलना बेहद सुखद अनुभव है। उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान खासकर महिला कांवड़ियों के लिए बहुत अच्छी सुविधाएं प्रदान की गईं हैं। मेरठ में मिला यह स्वागत उनकी यादों में हमेशा बना रहेगा।</p><p><br></p><p>पुष्पवर्षा के बाद कांवड़ियों में खासा उत्साह नजर आया। फूलों से सजे मार्ग पर शिवभक्त बम-बम भोले के जयघोष के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। किसी के हाथ में तिरंगा था तो कोई भगवा ध्वज लहराते हुए आगे बढ़ रहा था। आसमान से बरसते फूल और सड़क पर गूंजता ‘हर-हर महादेव’ का उद्घोष कांवड़ यात्रा के इस पड़ाव को खास बना रहा था। कांवड़ियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के सम्मान ने उनमें नई ऊर्जा भर दी है और अब वे और उत्साह के साथ बाबा भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित करने बढ़ रहे हैं।</p><p><br></p><p><b>सीएम के आने की खबर मिली तो रुक गए:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिलने पर कई अन्य राज्यों के कांवड़िए शुक्रवार रात से ही कार्यक्रम स्थल के पास बने शिविरों में रुक गए थे। हर कोई गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की छवि देखने को आतुर था। जैसे ही योगी आदित्यनाथ मंच पर पहुंचे तो कांवड़ियों का उत्साह दोगुना हो गया।</p><p><br></p><p><b>20 मिनट तक हुई पुष्पवर्षा:</b></p><p><br></p><p>कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 मिनट तक निरंतर पुष्पवर्षा की। इस दौरान वह और अन्य जनप्रतिनिधि मंच पर मौजूद रहे तो आसमान से एक हेलीकॉप्टर से प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों का दल कांवड़ पथ पर पुष्पवर्षा करता रहा।</p><p><br></p><p><b>सीएम योगी को देखकर डीजे पर बजा- जो राम को लाए हैं...</b></p><p><br></p><p>कांवड़ पथ से अत्यधिक संख्या में डीजे वाली बड़ी कांवड़ें भी गुजर रही थीं। जैसे ही डीजे वाली कावड़ मंच के पास पहुंचती तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखकर शिवभक्तों का उत्साह बढ़ जाता। इस दौरान कई कांवड़ों के डीजे पर बज रहे धार्मिक गीतों के स्थान पर शिवभक्तों ने ‘जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे’ गीत बजाना शुरू कर दिया।</p><p><br></p><p><b>सिविल डेस में भी तैनात रहे पुलिसकर्मी:</b></p><p><br></p><p>पुष्पवर्षा के दौरान हजारों की संख्या में शिवभक्त नेशनल हाइवे के दोनों तरफ खडे़ हुए थे। एक तरफ यातायात का संचालन हो रहा था तो दूसरी तरफ भोलेनाथ के भक्त मंच के सामने से गुजर रहे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में भी व्यवस्था संभालने को तैनात रहे।</p><p><br></p><p><b>मुख्यमंत्री योगी ने उत्साह बढ़ाया:</b></p><p><br></p><p>मंच से गुजरने वाला हर कांवड़ यात्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने देर तक ठहरने का प्रयास कर रहा था। इस दौरान बड़ी कांवड़ें भी मंच के सामने से गुजर रही थीं। ऐसे में यातायात व्यवस्था बाधित न होने पाए, इसलिए सीएम योगी भी शिवभक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उनका उत्साह बढ़ाते और उन्हें आगे बढ़ने का इशारा भी करते। तब कांवड़ यात्री भी सीएम का अभिवादन करते हुए मस्ती में झूमते हुए गंतव्य की ओर बढ़ जाते।</p><p><br></p><p><b>सीएम योगी ने निभाया गठबंधन धर्म:</b></p><p><br></p><p>पुष्पवर्षा के दौरान केवल भाजपा के जनप्रतिनिधि ही नहीं एनडीए के घटक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। जब पुष्पवर्षा चल रही थी तो बारी-बारी से जनप्रतिनिधि भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ पुष्पवर्षा कर रहे थे। ऐसे में मुख्यमंत्री की नजर रालोद पार्टी से बिजनौर के सांसद चंदन चौहान और बागपत से सांसद राजकुमार सांगवान पर पड़ी। उन्होंने तुरंत दोनों सांसदों को अपने पास बुलाकर साथ में पुष्पवर्षा कराई।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ फूलों की बारिश ने बढ़ाया शिवभक्तों में उत्साह, कांवड़ यात्री बोले- योगी जी ने फूल नहीं, सम्मान बरसाया ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-young-ias-ips-ifs-officers-to-guide-intermediate-students-every-month-5797 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार की पहलः आईएएस-आईपीएस और आईएफएस अधिकारी हर माह विद्यार्थियों से करेंगे संवाद ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-young-ias-ips-ifs-officers-to-guide-intermediate-students-every-month-5797 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 09 Aug 2026 00:35:39 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: प्रदेश के युवाओं के सर्वांगीण विकास, उनकी क्षमताओं के समुचित उपयोग और उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, रोजगार एवं उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">प्रदेश के युवाओं के सर्वांगीण विकास, उनकी क्षमताओं के समुचित उपयोग और उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, रोजगार एवं उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। इसके तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) एवं भारतीय वन सेवा (IFS) के युवा अधिकारी इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद कर उन्हें प्रेरित करेंगे और करियर संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।</span></p><p><br></p><p>अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के लिए महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही समस्त मंडलायुक्तों को निर्देशित किया गया है कि वे उक्त कार्यक्रम की समय-समय पर अपने स्तर पर समीक्षा करें। निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश, समस्त मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) तथा समस्त जिला विद्यालय निरीक्षकों को भी निर्देश जारी किए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षकों से अपेक्षा की गई है कि वे संबंधित विद्यालयों को कार्यक्रम के संबंध में अपने स्तर से अवगत कराएं तथा संबंधित अधिकारी और विद्यालय के प्रबंध तंत्र के बीच आवश्यक समन्वय स्थापित कराएं, ताकि कार्यक्रम का सुचारु एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सके।</p><p><br></p><p>अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन की ओर से सभी जिलाधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रत्येक जिले में तैनात आईएएस, आईपीएस, और आईएफएस के युवा अधिकारी हर माह कम से कम एक इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालय का भ्रमण कर विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित करें। इस दौरान अधिकारियों के अनुभव, कार्यशैली और जीवन संघर्ष विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे, वहीं संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उनकी आकांक्षाओं को सही दिशा देने में मदद मिलेगी।</p><p><br></p><p>इन कार्यक्रमों में सहभागितापूर्ण चर्चा और प्रश्नोत्तर को प्राथमिकता दी जाएगी। विद्यार्थियों को अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर मिले, ताकि वे अपने भविष्य, करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल पूछ सकें। संवाद कार्यक्रमों में जीवन का लक्ष्य निर्धारण एवं करियर नियोजन, प्रभावी अध्ययन पद्धति, समय प्रबंधन एवं आत्मानुशासन जैसे विषयों पर चर्चा की जा सकती है।&nbsp;</p><p><br></p><p>इसके साथ ही यूपीएससी, यूपीपीएससी, यूपीएसएसएससी, एएससी, एनडीए, जेईई, नीट और सीयूईटी समेत राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षाओं तथा उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में भी विद्यार्थियों को जानकारी और मार्गदर्शन दिया जाएगा। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, उद्यमिता और स्टार्टअप से जुड़े अवसरों की जानकारी भी दी जाएगी। इसके अलावा केंद्र एवं राज्य सरकार की युवाओं से संबंधित प्रमुख योजनाओं से उन्हें अवगत कराया जाएगा। संवाद के दायरे को व्यापक रखते हुए वित्तीय कौशल, संचार कौशल, व्यापार प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति एवं तनाव प्रबंधन तथा आत्मविश्वास विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी इसमें शामिल किया है।</p><p><br></p><p>निर्देशों के अनुसार जिलाधिकारी प्रत्येक माह इन कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जिले में तैनात सभी युवा अधिकारी मनोयोग से इस पहल में भाग लें। प्रत्येक जिले को आयोजित कार्यक्रमों का संक्षिप्त विवरण तैयार कर प्रत्येक माह की 05 तारीख तक शासन के माध्यमिक शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराना होगा। रिपोर्ट में विद्यालय भ्रमण की संख्या, विद्यालय का नाम, कार्यक्रम में शामिल अधिकारी, संवाद के प्रमुख विषय और विद्यार्थियों से प्राप्त सुझावों को शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारियों को कार्यक्रमों की गुणवत्ता की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने तथा अपने स्तर से नवाचार करने के लिए भी स्वतंत्र किया गया है।</p><p><br></p><p>युवाओं को समय-समय पर उचित मार्गदर्शन और सकारात्मक परामर्श उपलब्ध कराकर उन्हें विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद से विद्यार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं और विभिन्न करियर विकल्पों की व्यावहारिक जानकारी मिलने के साथ ही उनके भीतर आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार की पहलः आईएएस-आईपीएस और आईएफएस अधिकारी हर माह विद्यार्थियों से करेंगे संवाद ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-kanwar-yatra-meerut-kawariyas-flower-shower-5793 ]]></guid><title><![CDATA[ मेरठ में गूंजा हर-हर महादेव, CM योगी ने कांवड़ियों पर बरसाए फूल... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-kanwar-yatra-meerut-kawariyas-flower-shower-5793 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 08 Aug 2026 15:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मेरठ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मेरठ में कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और भगवान शिव के भक्तों एवं कांवड़ियों पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की। मुख ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>मेरठ, उत्तर प्रदेश: </b>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मेरठ में कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और भगवान शिव के भक्तों एवं कांवड़ियों पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की। मुख्यमंत्री ने इससे पहले मेरठ और आसपास के क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर कांवड़ यात्रा के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।</span></p><p>मेरठ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में लाखों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। श्रद्धालु पवित्र जल से विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे।</p><h5 class=""><b>सीएम योगी ने सभी कांवड़ियों को दी शुभकामनाएँ</b></h5><p>सीएम योगी ने&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कहा, "सावन के पवित्र महीने की कांवड़ यात्रा जारी है। हरिद्वार की हर की पौड़ी से पवित्र जल लेकर कांवड़िए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। मेरा मानना है कि सावन शिवरात्रि तक 4 से 4.5 करोड़ श्रद्धालु हरिद्वार से पवित्र जल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के पवित्र शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे।"&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से सभी कांवड़ियों को शुभकामनाएं भी दीं।</span></p><p>योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांवड़ यात्रा सिर्फ आस्था और भक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकीकरण का भी उदाहरण पेश करती है। उन्होंने कहा कि कांवड़िए जाति, क्षेत्र और प्रांत की सीमाओं से ऊपर उठकर भगवान शिव की भक्ति में यह यात्रा पूरी कर रहे हैं।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;सीएम योगी ने मेरठ में श्रद्धालुओं एवं कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा की... &lt;a href="https://x.com/hashtag/CMYogi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CMYogi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/KanwarYatra?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#KanwarYatra&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Meerut?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Meerut&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Kanwariya?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Kanwariya&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Sawan?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Sawan&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/KanwarYatra2026?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#KanwarYatra2026&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/UPNews?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPNews&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/DDNewsUP?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#DDNewsUP&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/UPGovt?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@UPGovt&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@CMOfficeUP&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/6x7zNdJ9fe"&gt;pic.twitter.com/6x7zNdJ9fe&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; DD News UP (@DDNewsUP) &lt;a href="https://x.com/DDNewsUP/status/2086004700953125187?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 8, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम</b></h5><p>सावन के दौरान हर साल देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं। हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़िए अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित शिव मंदिरों तक पहुंचते हैं और सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।</p><p>उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री योगी ने भी अधिकारियों को कांवड़ियों की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के निर्देश दिए हैं। इस वर्ष सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा। सावन शिवरात्रि के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मेरठ में गूंजा हर-हर महादेव, CM योगी ने कांवड़ियों पर बरसाए फूल... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-flowers-kanwariyas-meerut-kanwar-yatra-5792 ]]></guid><title><![CDATA[ Kanwar Yatra: Yogi Adityanath Showers Flowers on Devotees in Meerut ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-flowers-kanwariyas-meerut-kanwar-yatra-5792 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 08 Aug 2026 14:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Meerut, Uttar Pradesh: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath on Saturday showered flower petals on Kanwariyas and devotees of Lord Shiva in Meerut and reviewed arrangements for the ongoing Kanw ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Meerut, Uttar Pradesh: </b>Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath on Saturday showered flower petals on Kanwariyas and devotees of Lord Shiva in Meerut and reviewed arrangements for the ongoing Kanwar Yatra.</span></p><p>Earlier in the day, CM Yogi conducted an aerial survey by helicopter over the Meerut region to review the arrangements in place for the pilgrimage.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Addressing a press conference in Meerut, the Chief Minister said millions of devotees of Lord Shiva were participating in the Kanwar Yatra and heading to holy Shiva temples to offer 'Jalabhishek'.</span></p><p>He said that around 4 to 4.5 crore devotees are expected to participate in the Kanwar Yatra by Sawan Shivratri and assured that the state government is fully prepared to ensure their safety.</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;सीएम योगी ने मेरठ में श्रद्धालुओं एवं कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा की... &lt;a href="https://x.com/hashtag/CMYogi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CMYogi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/KanwarYatra?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#KanwarYatra&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Meerut?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Meerut&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Kanwariya?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Kanwariya&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/Sawan?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Sawan&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/KanwarYatra2026?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#KanwarYatra2026&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/UPNews?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UPNews&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/DDNewsUP?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#DDNewsUP&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/UPGovt?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@UPGovt&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@CMOfficeUP&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/6x7zNdJ9fe"&gt;pic.twitter.com/6x7zNdJ9fe&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; DD News UP (@DDNewsUP) &lt;a href="https://x.com/DDNewsUP/status/2086004700953125187?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 8, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p>CM Yogi said, "The holy Kanwar Yatra of the month of Sawan is progressing. Devotees of Lord Shiva, Kanwariyas, having collected holy water from Har Ki Pauri in Haridwar, are moving towards their destinations. I believe that by the time of Sawan Shivratri, between 4 to 4.5 crore devotees will have carried holy water from Haridwar to perform Jalabhishek at sacred Shiva temples. We have just arrived in Meerut, where I had the opportunity to shower flower petals upon the Kanwariyas."</p><p>"On behalf of the state government, I welcome and extend my greetings to all the Kanwariyas who have come to participate in this holy Yatra with such deep reverence and enthusiasm. We are fully prepared to ensure their safety and extend a warm welcome. Beyond their devotion, they are setting an example of dedication, social unity, social equality, and national integration. Rising above caste, provincial boundaries, and regional limitations, they are undertaking this journey with every breath dedicated to Lord Shiva," he further said.</p><p>The annual Kanwar Yatra continues to draw lakhs of devotees from across the country during Shravan, reflecting deep faith and devotion as pilgrims undertake the spiritual journey to offer holy water to Lord Shiva.</p><p>Shravan (or Sawan) holds immense significance in Hinduism. It is believed that the Shravan month is the most beloved month of Lord Shiva. Worshipping Shiva in this month gives relief from all troubles. This year, the holy month of Sawan begins on July 30 and concludes on August 28.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Kanwar Yatra: Yogi Adityanath Showers Flowers on Devotees in Meerut ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ambedkarnagar-706-crore-194-development-projects-5782 ]]></guid><title><![CDATA[ अम्बेडकरनगर को मिली बड़ी सौगात, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क समेत 194 परियोजनाओं का शिलान्यास... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ambedkarnagar-706-crore-194-development-projects-5782 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 07 Aug 2026 17:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ अम्बेडकरनगर,&nbsp;उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने की दिशा में अम्बेडकरनगर जिले को बड़ी सौगात मिली है। जिले में ₹706 करोड़ से अधिक लागत की 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">अम्बेडकरनगर,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश</span></b><span style="font-size: 1rem;"><b>:</b> उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने की दिशा में अम्बेडकरनगर जिले को बड़ी सौगात मिली है। जिले में ₹706 करोड़ से अधिक लागत की 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं के माध्यम से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सिंचाई, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।</span></p><p>कार्यक्रम के दौरान कहा गया कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। नई परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल आधारभूत सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।</p><h5 class=""><b>194 योजनाओं में शामिल हैं कई जनकल्याणकारी योजनाएँ</b></h5><p>इन 194 परियोजनाओं में सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण, विद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन, पेयजल आपूर्ति योजनाओं, ग्रामीण संपर्क मार्गों, सार्वजनिक भवनों तथा अन्य जनकल्याणकारी कार्यों से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से जिले के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।</p><p>&lt;iframe width="560" height="315" src="https://www.youtube.com/embed/BU-TgK_20PI?si=CR8SclC6zV06ar0B" title="YouTube video player" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen&gt;&lt;/iframe&gt;</p><h5 class=""><b>अम्बेडकरनगर के विकास को मिलेगी नई रफ़्तार</b></h5><p>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा गया कि उत्तर प्रदेश सरकार बुनियादी ढांचे के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया जा रहा है, ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच विकास का अंतर कम किया जा सके।</p><p>सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से अम्बेडकरनगर के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही जिले में निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसरों का भी विस्तार होगा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अम्बेडकरनगर को मिली बड़ी सौगात, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क समेत 194 परियोजनाओं का शिलान्यास... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/delhi-police-fir-unnao-rape-survivor-identity-social-media-5780 ]]></guid><title><![CDATA[ उन्नाव रेप पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया पर उजागर, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/delhi-police-fir-unnao-rape-survivor-identity-social-media-5780 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 07 Aug 2026 16:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: उन्नाव रेप पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया पर कथित तौर पर उजागर करने और उनकी तस्वीर के साथ आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इस संबंध में शुक् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>उन्नाव रेप पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया पर कथित तौर पर उजागर करने और उनकी तस्वीर के साथ आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इस संबंध में शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट को जानकारी दी गई।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार की अदालत में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर बताया कि पीड़िता की ताजा शिकायत के आधार पर 6 अगस्त को साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।</span></p><p>पुलिस के अनुसार, एफआईआर में आरोप है कि सोशल मीडिया पर POCSO मामले की पीड़िता की पहचान उजागर की गई, उनकी तस्वीर साझा की गई और उनके बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट की गईं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पीड़िता ने अदालत को बताया कि यौन अपराध पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखने के कानूनी प्रावधानों के बावजूद कई लोग लगातार सोशल मीडिया पर उनकी पहचान सार्वजनिक कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की।</span></p><h5 class=""><b>2025 में भी दर्ज हो चुकी है FIR</b></h5><p>पीड़िता ने अदालत को यह भी बताया कि इसी तरह का एक मामला 2025 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव में भी दर्ज किया गया था, जिसकी सुनवाई अभी स्थानीय अदालत में लंबित है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उनकी पहचान और तस्वीर साझा करने वाली पोस्ट लगातार सामने आती रहीं।</p><p>इस नई शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने अलग से साइबर जांच शुरू करते हुए एफआईआर दर्ज की है। जांच के दौरान उन लोगों की पहचान की जाएगी जिन्होंने कथित रूप से कानून का उल्लंघन करते हुए पीड़िता की पहचान सार्वजनिक की।</p><h5 class=""><b>कानून क्या कहता है?</b></h5><p>भारतीय कानून के तहत यौन अपराधों और POCSO मामलों की पीड़िताओं की पहचान सार्वजनिक करना प्रतिबंधित है। अदालतें कई बार स्पष्ट कर चुकी हैं कि पीड़ितों की निजता और गरिमा की रक्षा करना अनिवार्य है। ऐसे मामलों में पहचान उजागर करने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है।</p><h5 class=""><b>देश के चर्चित मामलों में शामिल है उन्नाव केस</b></h5><p>उन्नाव रेप मामला देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक रहा है। इस मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिसंबर 2019 में दिल्ली की एक अदालत ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि, उनकी सजा और दोषसिद्धि को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।</p><p>इस मामले ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया था और पीड़िता तथा उसके परिवार पर कथित हमलों और धमकियों के बाद यौन अपराध पीड़ितों और गवाहों की सुरक्षा को लेकर व्यापक बहस छिड़ी थी। फिलहाल दिल्ली पुलिस मामले की साइबर जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ उन्नाव रेप पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया पर उजागर, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-national-handloom-day-2026-sant-kabir-award-5771 ]]></guid><title><![CDATA[ हथकरघा बुनकरों का बढ़ा सम्मान, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 पर मिलेगा संत कबीर राज्यस्तरीय पुरस्कार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-national-handloom-day-2026-sant-kabir-award-5771 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 07 Aug 2026 12:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस-2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के उत्कृष्ट हथकरघा बुनकरों ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ:</b> राष्ट्रीय हथकरघा दिवस-2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के उत्कृष्ट हथकरघा बुनकरों, शिल्पकारों और इस क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करना है।</span></p><p>सरकार का मानना है कि हथकरघा उद्योग न केवल उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि लाखों बुनकर परिवारों की आजीविका का भी प्रमुख आधार है। ऐसे में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा।</p><h5 class=""><b>पारंपरिक बुनाई कला और&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा देने का प्रयास</span></b></h5><p>संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार के माध्यम से पारंपरिक बुनाई कला, नवाचार, उत्कृष्ट डिजाइन और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे युवाओं को भी हथकरघा उद्योग से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।</p><p>&lt;iframe width="560" height="315" src="https://www.youtube.com/embed/dvl8wKI6NFE?si=-MgQslY-9PeU_ob6" title="YouTube video player" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen&gt;&lt;/iframe&gt;</p><h5 class=""><b>बुनकरों को तकनीकी सहायता समेत&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध</span></b></h5><p>उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख हथकरघा राज्यों में शामिल है। वाराणसी की बनारसी साड़ी, मऊ, आजमगढ़, टांडा और अन्य क्षेत्रों के हथकरघा उत्पाद देश-विदेश में अपनी विशेष पहचान रखते हैं। सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बुनकरों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, विपणन और वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध करा रही है।</p><p>राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित यह समारोह राज्य के बुनकरों के सम्मान के साथ-साथ 'वोकल फॉर लोकल' और पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ हथकरघा बुनकरों का बढ़ा सम्मान, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 पर मिलेगा संत कबीर राज्यस्तरीय पुरस्कार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/lucknow-kanpur-expressway-viral-video-road-repair-akhilesh-yadav-5755 ]]></guid><title><![CDATA[ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर मरम्मत को लेकर सियासत तेज, वायरल वीडियो पर अखिलेश ने सरकार को घेरा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/lucknow-kanpur-expressway-viral-video-road-repair-akhilesh-yadav-5755 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 06 Aug 2026 12:24:48 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उन्नाव: उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में मरम्मत कार्य के दौरान सड़क को जल्दी सुखाने के लिए लगाए गए ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>उन्नाव:</b> उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित <b>लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे </b>को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में मरम्मत कार्य के दौरान सड़क को जल्दी सुखाने के लिए लगाए गए बड़े औद्योगिक पंखों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। <b>समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव</b> ने इस वीडियो को साझा करते हुए निर्माण गुणवत्ता और सरकारी कार्यशैली पर सवाल उठाए, जबकि संबंधित एजेंसी का कहना है कि यह तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है और सड़क को जल्द सुरक्षित बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।</p><h5 class=""><b>वायरल वीडियो बना राजनीतिक मुद्दा</b></h5><p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर मरम्मत का काम करते हुए कई बड़े पंखे लगाए गए दिखाई दे रहे हैं। इन पंखों का उपयोग पैचवर्क वाले हिस्से को जल्दी सुखाने के लिए किया जा रहा था। वीडियो सामने आते ही यह चर्चा का विषय बन गया और विपक्ष ने इसे निर्माण की गुणवत्ता से जोड़कर सवाल उठाने शुरू कर दिए।</p><h5 class=""><b>अखिलेश यादव ने साधा निशाना</b></h5><p>समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि जिस सड़क का उद्घाटन कुछ ही दिन पहले हुआ हो, उसे इतनी जल्दी मरम्मत की जरूरत पड़ना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सड़क को सुखाने के लिए पंखे लगाने की नौबत आ गई है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।</p><p>उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि जनता के पैसे का सही उपयोग हो और बार-बार मरम्मत की आवश्यकता न पड़े।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;ये है भाजपाई तरक़्क़ी की नई हवा… कुछ दिनों पहले ही जिसका उद्घाटन हुआ हो उस सड़क को मरम्मत की ज़रूरत पड़ गई और एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है ये भी हास्यास्पद है। 2-3 हफ़्ते में ही जिस एक्सप्रेसवे का दम उखड़ने लगा है उस पर चलने का जोखिम… &lt;a href="https://t.co/zfoydUzRAL"&gt;pic.twitter.com/zfoydUzRAL&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) &lt;a href="https://x.com/yadavakhilesh/status/2085232743164805316?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 6, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;&nbsp;</p><h5 class=""><b>क्या है पूरा मामला?</b></h5><p>जानकारी के अनुसार, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उन्नाव क्षेत्र में किलोमीटर संख्या 64 के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया था। इसके बाद संबंधित एजेंसी ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया। मरम्मत के दौरान लगातार बारिश और अधिक नमी के कारण कार्य प्रभावित हो रहा था। ऐसे में पैचवर्क को तेजी से सूखाने के लिए मौके पर बड़े औद्योगिक पंखे लगाए गए।<br></p><p>निर्माण एजेंसी का कहना है कि यह तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका उद्देश्य मरम्मत कार्य को समय पर पूरा कर सड़क को जल्द यातायात के लिए सुरक्षित बनाना है।</p><h5 class=""><b>उद्घाटन के बाद गुणवत्ता पर उठे सवाल</b></h5><p>एक्सप्रेसवे के शुरू होने के कुछ ही समय बाद सड़क के एक हिस्से में आई तकनीकी समस्या ने निर्माण गुणवत्ता को लेकर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में शुरुआती चरण में तकनीकी निरीक्षण और आवश्यक सुधार सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन यदि ऐसी घटनाएं बार-बार हों तो गुणवत्ता की विस्तृत जांच आवश्यक हो जाती है।</p><p>विपक्ष का आरोप है कि परियोजनाओं के उद्घाटन में जल्दबाजी के कारण कई बार निर्माण कार्य पूरी तरह परिपक्व होने से पहले ही जनता के लिए खोल दिया जाता है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की गई है।</p><h5 class=""><b>NHAI और निर्माण एजेंसी की तैयारी</b></h5><p>संबंधित एजेंसी ने मरम्मत कार्य को प्राथमिकता देते हुए प्रभावित हिस्से पर लगातार काम जारी रखा है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क की मजबूती सुनिश्चित करने के बाद ही उसे पूरी तरह सामान्य यातायात के लिए खोला जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए तकनीकी परीक्षण भी किए जा रहे हैं।</p><h5 class=""><b>सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस</b></h5><p>वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे निर्माण गुणवत्ता का मुद्दा बताया, जबकि कुछ का कहना है कि खराब मौसम में मरम्मत कार्य के दौरान ऐसी तकनीकी व्यवस्था सामान्य हो सकती है। फिलहाल यह मामला तकनीकी से अधिक राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।</p><h5 class=""><b>आगे क्या?</b></h5><p>अब सभी की नजर इस बात पर है कि मरम्मत कार्य कितनी जल्दी पूरा होता है और संबंधित एजेंसियां सड़क धंसने के कारणों पर क्या रिपोर्ट पेश करती हैं। यदि जांच में निर्माण संबंधी कोई कमी सामने आती है तो आगे जवाबदेही तय होने की संभावना भी बन सकती है। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर मरम्मत का काम जारी है और प्रशासन का दावा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर मरम्मत को लेकर सियासत तेज, वायरल वीडियो पर अखिलेश ने सरकार को घेरा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-yadav-pda-formula-janeshwar-mishra-jayanti-brahmin-politics-up-5750 ]]></guid><title><![CDATA[ जनेश्वर मिश्रा जयंती पर ब्राह्मणों को साधने की कोशिश, PDA की नई व्याख्या कर बोले अखिलेश ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-yadav-pda-formula-janeshwar-mishra-jayanti-brahmin-politics-up-5750 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 05 Aug 2026 15:17:39 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति तेज कर दी है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वरिष्ठ समाजवादी नेता ज ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ:</b> उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति तेज कर दी है। <b>समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव </b>ने वरिष्ठ <b>समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्रा</b> की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने पार्टी के चर्चित <b>PDA (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक)</b> फॉर्मूले की नई व्याख्या करते हुए कहा कि <b>"PDA में PD का मतलब पंडित भी है</b>।"</p><p>लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रबुद्ध समाज सम्मेलन में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। इस दौरान <b>अखिलेश यादव</b> ने <b>जनेश्वर मिश्रा</b> के योगदान को याद करते हुए उन्हें समाजवादी विचारधारा का मजबूत स्तंभ बताया और कहा कि उनकी सोच आज भी पार्टी के लिए प्रेरणा है।</p><h5 class=""><b>PDA को लेकर दिया नया संदेश</b></h5><p>अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ लोग PDA को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि<b> PDA में PD को पंडित का भी प्रतीक माना जाना चाहिए</b>, क्योंकि पार्टी हर समाज और हर वर्ग को सम्मान देने की नीति पर काम करती है।</p><p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी चुनावों को देखते हुए ब्राह्मण मतदाताओं तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; लखनऊ, उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, &amp;quot;जनेश्वर मिश्र समाजवादी नेता ने अपने जीवन में समाजवादी सिद्धांतों को अपनाने का काम किया। एक ऐसे नेता जो सादगी के साथ अपने विचारों से बिना भेदभाव के सबको जोड़ने का काम किया...उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जब… &lt;a href="https://t.co/4ZYTaapl4Y"&gt;pic.twitter.com/4ZYTaapl4Y&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) &lt;a href="https://x.com/AHindinews/status/2084923829177241615?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;&nbsp;</p><h5 class=""><b>जनेश्वर मिश्रा के योगदान को किया याद</b></h5><p>अखिलेश यादव ने कहा कि जनेश्वर मिश्रा ने पूरी जिंदगी समाजवादी मूल्यों और सामाजिक समानता के लिए काम किया। उन्होंने जाति और वर्ग से ऊपर उठकर लोगों को जोड़ने का प्रयास किया और समाजवादी आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो उनके अधूरे सपनों और मिशन को आगे बढ़ाया जाएगा।</p><h5 class=""><b>सरकार पर साधा निशाना</b></h5><p>कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर भी कई मुद्दों को लेकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है और कई कार्यक्रमों के लिए अनुमति तक नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि चुनौतियां जितनी बढ़ेंगी, समाजवादी पार्टी उतनी ही मजबूती से जनता के बीच काम करेगी।</p><h5 class=""><b>राम मंदिर चढ़ावा विवाद का भी किया जिक्र</b></h5><p>सपा प्रमुख ने अपने संबोधन में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा विवाद का उल्लेख करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे कर्मचारियों पर जिम्मेदारी डालने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।</p><h5 class=""><b>प्रबुद्ध समाज सम्मेलन पर पार्टी का फोकस</b></h5><p>इस कार्यक्रम में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पार्टी ने सम्मेलन के जरिए प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद बढ़ाने की कोशिश की। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी आने वाले चुनावों में पारंपरिक वोट बैंक के साथ-साथ नए सामाजिक समूहों तक अपनी पहुंच मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।</p><p>राजनीतिक हलकों में अखिलेश यादव के PDA वाले बयान को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका यह संदेश उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक समीकरणों पर कितना प्रभाव डालता है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ जनेश्वर मिश्रा जयंती पर ब्राह्मणों को साधने की कोशिश, PDA की नई व्याख्या कर बोले अखिलेश ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-allocates-rs-1655-crore-to-social-welfare-department-5742 ]]></guid><title><![CDATA[ अनुपूरक बजट में समाज कल्याण विभाग को 1,655 करोड़ रुपये की सौगात ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-allocates-rs-1655-crore-to-social-welfare-department-5742 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 04 Aug 2026 16:56:50 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में समाज के कमजोर, गरीब और वंचित वर्गों के सामाजिक एवं शैक्षिक उत्थान को ध्यान में रखते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में सम ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में समाज के कमजोर, गरीब और वंचित वर्गों के सामाजिक एवं शैक्षिक उत्थान को ध्यान में रखते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में समाज कल्याण विभाग के लिए 1,655 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है। इस अतिरिक्त बजट का उद्देश्य विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और प्रभावी बनाना तथा पात्र लाभार्थियों तक समय पर लाभ पहुंचाना है।</span></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">मंगलवार को विधानसभा में प्रस्तुत अनुपूरक बजट में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए सबसे अधिक 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि से पात्र वरिष्ठ नागरिकों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनकी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।</span></p><p><br></p><p>सरकार ने डॉ. बी.आर. आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए 407 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इस योजना का उद्देश्य डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़ी स्मृतियों का संरक्षण करना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।</p><p><br></p><p>इसके अलावा, सामान्य वर्ग दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति योजना के लिए 155 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री मेधावी अनुसूचित जाति एवं जनजाति उच्च शिक्षा सहायता योजना के लिए 2 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इन योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने में सहायता मिलेगी।</p><p><br></p><p>अनुपूरक बजट में किए गए इन अतिरिक्त प्रावधानों से प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलने की उम्मीद है। वृद्धावस्था पेंशन के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध होने से पात्र बुजुर्गों को समय पर सहायता मिल सकेगी, जबकि छात्रवृत्ति और उच्च शिक्षा सहायता योजनाओं के लिए बढ़े हुए बजट से जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहयोग मिलेगा। वहीं, डॉ. बी.आर. आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए स्वीकृत धनराशि से सामाजिक समरसता और महापुरुषों की विरासत से जुड़े विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस प्रकार अनुपूरक बजट 2026-27 सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और समावेशी विकास से जुड़ी योजनाओं को नई मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अनुपूरक बजट में समाज कल्याण विभाग को 1,655 करोड़ रुपये की सौगात ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-supplementary-budget-revenue-department-allocation-2026-27-5741 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार ने अनुपूरक बजट में राजस्व विभाग के लिए खोला खजाना, विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-supplementary-budget-revenue-department-allocation-2026-27-5741 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 04 Aug 2026 16:50:03 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: योगी सरकार ने विधानसभा में अनुपूरक बजट 2026-27 पेश करते हुए राजस्व विभाग और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। सरकार ने राजस्व विभाग के लिए अनुपूरक बजट में 1,01 ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">योगी सरकार ने विधानसभा में अनुपूरक बजट 2026-27 पेश करते हुए राजस्व विभाग और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। सरकार ने राजस्व विभाग के लिए अनुपूरक बजट में 1,014.11 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया है। इसके अंतर्गत राज्य आपदा मोचक निधि (एसडीएमएफ) के लिए 739 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।</span></p><p><br></p><p>अनुपूरक बजट में संभल जनपद के मुख्यालय बहजोई में नवीन इंटीग्रेटेड कलेक्ट्रेट-कम-अनावासी भवन के निर्माण के लिए भी धनराशि का प्रावधान किया गया है। वहीं, वाराणसी में नवीन इंटीग्रेटेड कलेक्ट्रेट के अनावासी भवन के लिए 140.65 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे जिलों में प्रशासनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और सरकारी कामकाज को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।</p><p><br></p><p><b>इंटीग्रेटेड आवासों के लिए व्यवस्था:</b></p><p><br></p><p>सरकार ने संभल के बहजोई में इंटीग्रेटेड आवासों के निर्माण के साथ प्रदेश के मंडल, जनपद और तहसील स्तर पर आवासीय भवनों के नवनिर्माण, विस्तार, पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण पर भी जोर दिया है। इसके लिए 85 करोड़ रुपये की एकमुश्त बजट व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इस राशि का उपयोग आवश्यकतानुसार भूमि क्रय सहित विभिन्न कार्यों में किया जाएगा।</p><p><br></p><p><b>कर्मचारियों को बेहतर कार्यस्थल, लोगों को सेवाओं का लाभ:</b></p><p><br></p><p>इस बजट से राजस्व प्रशासन का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। संभल के बहजोई और वाराणसी में नए इंटीग्रेटेड कलेक्ट्रेट भवन बनने से अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्यस्थल मिल सकेगा व लोगों को भी सरकारी सेवाओं के लिए अधिक सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। मंडल, जनपद और तहसील स्तर पर आवासीय भवनों के निर्माण, विस्तार और सुदृढ़ीकरण से कर्मचारियों की आवासीय सुविधा बेहतर होगी। भूमि खरीद के लिए बजट मिलने से जरूरी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं, एसडीएमएफ के लिए 739 करोड़ रुपये की व्यवस्था से आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के लिए सरकार की क्षमता मजबूत होगी।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार ने अनुपूरक बजट में राजस्व विभाग के लिए खोला खजाना, विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-government-presents-rs-5901954-crore-supplementary-budget-for-2026-27-5739 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार ने पेश किया ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-government-presents-rs-5901954-crore-supplementary-budget-for-2026-27-5739 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 04 Aug 2026 16:29:39 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत किया। अनुपूरक मांगों क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ:</b><span style="font-size: 1rem;"> उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत किया। अनुपूरक मांगों के अनुरूप प्रस्तावित अनुपूरक बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित अनुपूरक बजट का कुल आकार ₹59,019.54 करोड़ है। प्रस्तावित अनुपूरक बजट का आकार इस वर्ष के मूल बजट का 6.47 प्रतिशत है। इसमें राजस्व लेखे का व्यय ₹17,399.50 करोड़ तथा पूंजी लेखे का व्यय ₹41,620.04 करोड़ रखा गया है। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय पर विशेष बल देने का उद्देश्य प्रदेश में सड़क, ऊर्जा, उद्योग, चिकित्सा, ग्रामीण विकास तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं का तेजी से विस्तार करना है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिले। इस अनुपूरक बजट के माध्यम से योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाओं को गति देना, नई जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना तथा आधारभूत संरचना को और अधिक मजबूत बनाना है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्तावित अनुपूरक बजट में नई मांगों के लिए ₹7,854.25 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इससे सरकार नई विकास परियोजनाओं के साथ-साथ पहले से चल रही योजनाओं को भी और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकेगी।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><b>उद्योग और निवेश को सबसे बड़ी प्राथमिकता:</b></p><p><br></p><p>वित्त मंत्री ने बताया कि अनुपूरक बजट में भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए ₹22,107.88 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की जा सकेगी।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>गांवों के विकास पर विशेष फोकस:</b></p><p><br></p><p>सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को भी बड़ी प्राथमिकता दी है। इसके लिए ग्राम विकास विभाग के लिए ₹17,942.73 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग ग्रामीण अधोसंरचना, पंचायत विकास, ग्रामीण आजीविका, मूलभूत सुविधाओं तथा गांवों में विकास कार्यों को गति देने में किया जाएगा।</p><p><br></p><p><b>ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा निवेश:</b></p><p><br></p><p>प्रदेश में बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा ऊर्जा अवसंरचना के विस्तार के लिए ऊर्जा विभाग को ₹7,422.27 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ औद्योगिक एवं घरेलू उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।</p><p><br></p><p><b>स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती:</b></p><p><br></p><p>अनुपूरक बजट में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए ₹2,000.25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस राशि से अस्पतालों की सुविधाओं का विस्तार, चिकित्सा सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।</p><p><br></p><p><b>समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण पर भी जोर:</b></p><p><br></p><p>सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग को ₹1,655 करोड़ आवंटित किए हैं। वहीं महिला कल्याण विभाग के लिए ₹1,094.40 करोड़ की व्यवस्था की गई है, जिससे महिलाओं के सशक्तीकरण, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी योजनाओं को मजबूती मिलेगी।</p><p><br></p><p><b>सड़क और आधारभूत ढांचे का होगा विस्तार:</b></p><p><br></p><p>अनुपूरक बजट में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के लिए ₹700.01 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग सड़क निर्माण, पुलों तथा अन्य आधारभूत ढांचागत परियोजनाओं को गति देने में किया जाएगा।</p><p><br></p><p><b>वित्तीय अनुशासन पर सरकार का जोर:</b></p><p><br></p><p>वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन को भरोसा दिलाया कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति पूरी तरह मजबूत है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का राजकोषीय घाटा (फिसकल डेफिसिट) निर्धारित सीमा के भीतर है, जो सरकार के वित्तीय अनुशासन और बेहतर आर्थिक प्रबंधन का प्रमाण है। सरकार विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।</p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">₹9.71 लाख करोड़ से अधिक हुआ राज्य का कुल बजट:</b></p><p>&nbsp;</p><p>वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का मूल बजट ₹9,12,696.35 करोड़ था, जिसमें राजस्व व्यय ₹6,64,470.55 करोड़ तथा पूंजीगत व्यय ₹2,48,225.80 करोड़ निर्धारित किया गया था। अब ₹59,019.54 करोड़ के अनुपूरक बजट को शामिल किए जाने के बाद राज्य का कुल बजट बढ़कर ₹9,71,715.89 करोड़ हो जाएगा। इसमें राजस्व व्यय बढ़कर ₹6,81,870.05 करोड़ तथा पूंजीगत व्यय ₹2,89,845.84 करोड़ हो जाएगा। इससे स्पष्ट है कि सरकार ने अतिरिक्त संसाधनों का बड़ा हिस्सा विकास परियोजनाओं, आधारभूत संरचना और जनकल्याणकारी योजनाओं के विस्तार के लिए पूंजीगत निवेश पर केंद्रित किया है।</p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">सेक्टरवार अनुपूरक बजट का बंटवारा:</b></p><p><br></p><p>वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए धनराशि का प्रावधान किया है। कुल ₹59,019.14 करोड़ की अनुपूरक मांग में सबसे अधिक ₹45,568.63 करोड़ (लगभग 77%) आर्थिक सेवाओं के लिए प्रस्तावित किए गए हैं, जिससे स्पष्ट है कि सरकार का प्रमुख फोकस आधारभूत संरचना, उद्योग, ऊर्जा, कृषि और विकास कार्यों पर है। इसके अलावा सामाजिक सेवाओं के लिए ₹9,707.74 करोड़ (लगभग 16%), सामान्य सेवाओं के लिए ₹633.19 करोड़ (लगभग 1%) तथा कर्ज एवं उधार संबंधी दायित्वों के लिए ₹3,110.02 करोड़ (लगभग 6%) की व्यवस्था की गई है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार ने पेश किया ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-slams-opposition-for-disrupting-assembly-proceedings-and-public-interest-5738 ]]></guid><title><![CDATA[ सदन को प्रभावित कर 25 करोड़ जनता के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहा विपक्षः मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-slams-opposition-for-disrupting-assembly-proceedings-and-public-interest-5738 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 04 Aug 2026 16:20:06 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में समाजवादी पार्टी व विपक्षी सदस्यों को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने सपा विधायकों के अभद्रतापूर्ण आचरण पर कड़ा प्रहार करते ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में समाजवादी पार्टी व विपक्षी सदस्यों को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने सपा विधायकों के अभद्रतापूर्ण आचरण पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी व विपक्ष का आचरण असंवैधानिक और शर्मनाक है। विपक्ष सदन की कार्यवाही को प्रभावित कर 25 करोड़ जनता के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहा है, जिसे सभी प्रदेशवासी देख रहे हैं।</span></p><p><br></p><p><b>संसदीय लोकतंत्र को पुष्ट करने वाली संस्थाओं का अपमान:</b></p><p>&nbsp;</p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून सत्र में सभी सदस्यों के पास बेहतरीन अवसर था कि वे 25 करोड़ जनता की भावनाओं और हितों को ध्यान में रखकर सदन में उनसे जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा-परिचर्चा करें। लेकिन, जिन लोगों का लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं है,&nbsp; वे लोग संसदीय लोकतंत्र को पुष्ट करने वाली सभी संस्थाओं की अवमानना व अपमान करते हैं। समाजवादी पार्टी व विपक्ष का यह आचरण न केवल असंवैधानिक, बल्कि शर्मनाक भी है।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>सदन का बहुमूल्य समय नष्ट कर रहा विपक्ष:</b></p><p>&nbsp;</p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि दलीय नेताओं की बैठक व बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के तहत पहले ही सदन का एजेंडा तय किया गया था, लेकिन विपक्षी दलों के सदस्यों ने उसके तहत सदन में विधायी कार्य या अनुपूरक बजट से जुड़े एक भी प्रस्ताव पर रुचि नहीं ली। इसके विपरीत ये लोग अनावश्यक मुद्दों को उठाकर सदन का बहुमूल्य समय नष्ट करना चाहते हैं।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>विपक्ष का संवैधानिक मूल्यों व सदन की परंपराओं पर विश्वास नहीं:</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन प्रारंभ होने से पहले ही दलीय नेताओं की बैठक में सत्ता पक्ष की ओर से मैंने व संसदीय कार्य मंत्री ने आश्वस्त किया था कि नियम के अंतर्गत सदन में जो भी प्रस्ताव आएंगे, उन पर चर्चा होगी और सरकार उसका जवाब भी देगी। लेकिन, सपा व विपक्षी दलों का सदन में चर्चा, संवैधानिक मूल्यों और सदन की उच्च परंपराओं पर विश्वास ही नहीं है। इनके द्वारा लगातार सदन को प्रभावित करके प्रदेश की 25 करोड़ जनता के हितों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।</p><p><br></p><p><b>25 करोड़ प्रदेशवासी देख रहे सपा का अलोकतांत्रिक आचरण:&nbsp;</b></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आश्वस्त किया कि सरकार सदन में हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार है। पीठ के द्वारा नियम के अंतर्गत जिन भी मुद्दों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया जाएगा, उन सभी मुद्दों पर सरकार सार्थक चर्चा को बढ़ाना चाहती है, क्योंकि हमारी सरकार जनहित के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन, विपक्षी दलों ने कभी लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं किया, बल्कि ये लोग जानबूझकर सदन की अवमानना कर लोकतंत्र की खिल्ली उड़ाना चाहते हैं। इन लोगों द्वारा लगातार सदन का माहौल खराब किया जा रहा है। प्रदेशवासी सपा के इस अलोकतांत्रिक आचरण को देख रहे हैं।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सदन को प्रभावित कर 25 करोड़ जनता के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहा विपक्षः मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-helicopter-flower-shower-for-kanwar-yatra-2026-5737 ]]></guid><title><![CDATA[ श्रद्धा के सम्मान में योगी सरकार कांवड़ियों पर करेगी हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-helicopter-flower-shower-for-kanwar-yatra-2026-5737 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 04 Aug 2026 15:53:57 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष भी सावन कांवड़ यात्रा को भव्य, सुरक्षित और श्रद्धामय बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की है। इसी क्रम में 9 और 10 अगस्त को पश ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष भी सावन कांवड़ यात्रा को भव्य, सुरक्षित और श्रद्धामय बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की है। इसी क्रम में 9 और 10 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख कांवड़ मार्गों पर हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><b>बागपत से मेरठ तक पहले दिन चार जिलों में पुष्पवर्षा:</b></p><p><br></p><p>जारी कार्यक्रम के अनुसार, 9 अगस्त को सुबह करीब 8 बजे हेलीकॉप्टर लखनऊ से बागपत के लिए रवाना होगा। सुबह 10:30 से 11:15 बजे तक बागपत क्षेत्र में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके बाद सहारनपुर में 11:45 से 12:45 बजे तक श्रद्धालुओं का पुष्पों से स्वागत होगा। दोपहर 1:30 से 2:15 बजे तक मुजफ्फरनगर और शाम 3:45 से 4:30 बजे तक मेरठ में पुष्पवर्षा का कार्यक्रम निर्धारित है। पहले दिन हेलीकॉप्टर की कुल उड़ान अवधि 6 घंटे 10 मिनट रहेगी।</p><p><br></p><p><b>दूसरे दिन गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर में होगा भव्य स्वागत:</b></p><p><br></p><p>10 अगस्त को हेलीकॉप्टर मेरठ से उड़ान भरकर सुबह करीब 8:30 से 9:15 बजे तक गाजियाबाद में पुष्पवर्षा करेगा। इसके बाद 9:45 से 10:30 बजे तक हापुड़ और 11:15 से दोपहर 12 बजे तक बुलंदशहर में शिवभक्तों का फूल बरसाकर स्वागत किया जाएगा। सभी कार्यक्रम पूरे होने के बाद हेलीकॉप्टर दोपहर 12:30 बजे बुलंदशहर से लखनऊ के लिए रवाना होगा। दूसरे दिन कुल 3 घंटे 45 मिनट की उड़ान निर्धारित की गई है। पूरे अभियान की कुल उड़ान अवधि 9 घंटे 55 मिनट की होगी।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ श्रद्धा के सम्मान में योगी सरकार कांवड़ियों पर करेगी हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/keshav-prasad-maurya-madarsa-statement-up-politics-5734 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘मदरसा आतंकियों को पैदा करने की फैक्ट्री’! केशव मौर्य के बयान से यूपी की सियासत गरम ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/keshav-prasad-maurya-madarsa-statement-up-politics-5734 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 04 Aug 2026 13:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश:&nbsp;उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए हालिया बयान से प्रदेश की सियासत गरमा सकती है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान मौर्य ने मदरसों पर बेहद तीखी टिप् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>उत्तर प्रदेश:</b>&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए हालिया बयान से प्रदेश की सियासत गरमा सकती है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान मौर्य ने मदरसों पर बेहद तीखी टिप्पणी की और कहा कि चाहे मदरसा बांग्लादेश, पाकिस्तान या भारत का हो, उनके अनुसार यह ‘अघोषित तौर पर आतंकवादियों को पैदा करने की फैक्ट्री’ है।</span></p><p>उपमुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षा से जुड़े कानून में संशोधन के प्रस्ताव पर आगे बढ़ रही है। ऐसे में उनके बयान को इस मुद्दे पर चल रही राजनीतिक बहस से जोड़कर देखा जा रहा है।</p><h5 class=""><b>मदरसों पर केशव मौर्य का बड़ा बयान</b></h5><p>केशव प्रसाद मौर्य ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मदरसा चाहे बांग्लादेश का हो या पाकिस्तान का, या भारत का हो, वास्तव में वो अघोषित तौर से आतंकवादियों को पैदा करने की फैक्ट्री है।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उनके इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। हालांकि, विपक्षी दलों की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;लखनऊ में यूपी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान&lt;br&gt;&lt;br&gt;&amp;quot;मदरसा कहीं भी हो, आतंकवाद ही पैदा करता है&amp;quot;&lt;a href="https://x.com/hashtag/KeshavPrasadMaurya?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#KeshavPrasadMaurya&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/मदरसा?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#मदरसा&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/TpbwtJ4nMl"&gt;pic.twitter.com/TpbwtJ4nMl&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Shekhar Upadhyay 🇮🇳 (@ShekharUpLive) &lt;a href="https://x.com/ShekharUpLive/status/2084271800360595937?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>मदरसा शिक्षा से जुड़े संशोधन पर सरकार की नजर</b></h5><p>गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कानून में बदलाव के प्रस्ताव पर काम कर रही है। सरकार के एजेंडे में उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम, 2004 में संशोधन का प्रस्ताव भी शामिल रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस प्रस्ताव के तहत मदरसों में ‘कामिल’ और ‘फाजिल’ डिग्री दिए जाने से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया जाना है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">ऐसे में केशव मौर्य का बयान इस पूरे मुद्दे को और राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना सकता है।</span></p><h5 class=""><b>विधानसभा का मानसून सत्र भी शुरू</b></h5><p>वहीं, उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र भी शुरू हो गया है। सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।<span style="font-size: 1rem;">माना जा रहा है कि मदरसा शिक्षा से जुड़े प्रस्ताव और अब केशव मौर्य के बयान को लेकर विपक्ष सरकार को घेर सकता है। हालांकि, इस मुद्दे पर विपक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।</span></p><h5 class=""><b>सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ सकती है बयानबाजी</b></h5><p>उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही है। सरकार जहां शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और नियमन की बात करती रही है, वहीं विपक्ष ऐसे मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अब उपमुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद यह देखना अहम होगा कि विपक्ष इस पर क्या रुख अपनाता है और विधानसभा के भीतर इस मुद्दे को किस तरह उठाया जाता है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘मदरसा आतंकियों को पैदा करने की फैक्ट्री’! केशव मौर्य के बयान से यूपी की सियासत गरम ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-cabinet-meeting-yogi-20-proposals-5729 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी कैबिनेट बैठक: CM योगी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक, 20+ प्रस्तावों पर लगेगी मुहर! ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-cabinet-meeting-yogi-20-proposals-5729 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 04 Aug 2026 11:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर राज्य कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में 20 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभाव ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश: </b>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर राज्य कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में 20 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है। इनमें विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करने का प्रस्ताव, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे तक कनेक्टिविटी और मदरसा शिक्षा से जुड़े अहम प्रस्ताव शामिल हैं।</p>
कैबिनेट के एजेंडे में आज विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके अलावा बुलंदशहर के रास्ते जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की परियोजना की लागत के अनुमान को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। यह कनेक्टिविटी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम, 2004 में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसके तहत राज्य के मदरसों को ‘कामिल’ और ‘फाजिल’ डिग्री प्रदान करने की अनुमति नहीं दिए जाने का प्रावधान किया जा सकता है।
<h5><b>प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का प्रस्ताव</b></h5>
कैबिनेट के सामने प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव भी आएगा। इसके अलावा प्रदेश में सात मल्टी-पर्पज हब बनाने के लिए भूमि के निशुल्क हस्तांतरण से जुड़ा प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। सरकार घुमंतू विकास बोर्ड के गठन पर भी विचार करेगी। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के दो प्रस्तावों को भी बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
<h5 class=""><p style="font-size: 16px;"><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े डेढ़ दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर विचार किए जाने और उन्हें मंजूरी मिलने की संभावना है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;सूत्रों के अनुसार बैठक में प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के… &lt;a href="https://t.co/5TU7sm3fZw"&gt;pic.twitter.com/5TU7sm3fZw&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; यूनीवार्ता (@univartaindia1) &lt;a href="https://x.com/univartaindia1/status/2084511068018413936?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 4, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p></h5><h5 class="" style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; color: rgb(33, 37, 41);"><span style="font-weight: bolder;">विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 में बदलाव</span></h5><h5 class=""><p style="font-size: 16px;">बैठक में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 को लागू करने से संबंधित दिशा-निर्देशों में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसके अलावा केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। <span style="font-size: 1rem;">इसके साथ ही 6 फरवरी 2015 को हुए एक सामुदायिक परियोजना संबंधी समझौते को दूसरी बार पांच साल के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। CAG से संबंधित एक प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है।</span></p></h5><h5 class="" style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; color: rgb(33, 37, 41);"><span style="font-weight: bolder;">विधानसभा सत्र में गरीब, किसान और युवाओं के मुद्दों पर जोर</span></h5><h5 class=""><p style="font-size: 16px;">इससे पहले सोमवार को विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सदन में गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। <span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा जनता की आवाज को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विधायकों से अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सदन में उठाने और सरकार से उनके समाधान की दिशा में काम करने की अपील की।</span></p><p style="font-size: 16px;">वहीं, राम मंदिर चंदा गबन के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने मंदिर निर्माण का विरोध किया, वे अब इस मुद्दे को उठा रहे हैं। <span style="font-size: 1rem;">श्रावण मास का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने किसानों, छात्रों के दाखिले और कांवड़ यात्रा जैसे विषयों को भी महत्वपूर्ण बताया।</span></p></h5><h5 class="" style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; color: rgb(33, 37, 41);"><span style="font-weight: bolder;">इन प्रस्तावों पर रहेगी नजर</span></h5><h5 class=""><p style="font-size: 16px;">आज की कैबिनेट बैठक में मुख्य रूप से अनुपूरक बजट, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे-गंगा एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, मदरसा शिक्षा परिषद में संशोधन, प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण, मल्टी-पर्पज हब, घुमंतू विकास बोर्ड, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 और फसल बीमा योजनाओं से जुड़े फैसलों पर नजर रहेगी।</p><p class="grey-bg-red" style="font-size: 16px;"><span style="font-weight: bolder;"><i>नोट: ऊपर दिए गए प्रस्ताव बैठक से पहले उपलब्ध एजेंडे/रिपोर्टों पर आधारित हैं। अंतिम फैसला कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के बाद ही माना जाएगा।</i></span></p></h5> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी कैबिनेट बैठक: CM योगी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक, 20+ प्रस्तावों पर लगेगी मुहर! ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-cabinet-meeting-yogi-adityanath-20-proposals-5728 ]]></guid><title><![CDATA[ UP Cabinet Meet Today: Yogi Adityanath to Take Up 20+ Key Proposals ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-cabinet-meeting-yogi-adityanath-20-proposals-5728 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 04 Aug 2026 11:17:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Lucknow, Uttar Pradesh: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath is scheduled to chair a State cabinet meeting on Tuesday morning at his official residence. More than 20 proposals are likely to re ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Lucknow, Uttar Pradesh:</b> Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath is scheduled to chair a State cabinet meeting on Tuesday morning at his official residence. More than 20 proposals are likely to receive approval during this meeting.&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">This includes a proposal to table the supplementary budget in the legislature today. A proposal seeking approval for the cost estimate of the Jewar Link Expressway to the Ganga Expressway (via Bulandshahr) will also be placed before the cabinet.</span></p><p>Additionally, madrasas in the state will no longer be permitted to award 'Kamil' and 'Fazil' degrees. A proposal to amend the Madrasa Education Council Act, 2004, in this regard will be presented at the cabinet meeting.</p><p>A proposal to constitute the Prayagraj-Chitrakoot Regional Development Authority is also included in the cabinet agenda. Other agenda items include proposals for the free transfer of land for the construction of seven multi-purpose hubs in the state and the formation of a Nomadic Development Board. Two proposals from the IT and Electronics Department will also be placed before the cabinet.</p><p>Proposals regarding amendments to the guidelines for implementing the Vishwakarma Shram Samman Yojana 2.0; the implementation of the Pradhan Mantri Krishi Bima Yojana and the Restructured Weather-Based Crop Insurance Scheme in UP in accordance with Government of India guidelines.</p><p>A second five-year extension of the agreement (originally signed on February 6, 2015) for the implementation of a community project will also come before the cabinet. A proposal related to the CAG will also be presented.</p><p>Earlier on Monday, CM Yogi called for discussions on issues of the poor, youth, farmers and women during the Monsoon Session of the Legislative Assembly.</p><p>Speaking to reporters on the first day of the Assembly Session, CM Yogi hit back at the Samajwadi Party (SP) for raising the Ram Mandir donation embezzlement issue, stating that they obstructed the construction of the temple.</p><p>Adityanath noted the legislature as a crucial platform for discussing and resolving the issues faced by the people of the state. He noted that the month of Shravan was significant for farmers, for students with reference to admissions, and for Kanwar Yatra.</p><p>The Chief Minister said, "The Monsoon Session of the Uttar Pradesh Legislative Assembly will begin today. I welcome all the MLAs. This is an important session for us. The legislature serves as a crucial medium for conveying the voice of the people to the government and administration. The legislature is the best platform to discuss and review issues concerning the poor, farmers, the youth, and women, and to bring them to a resolution."</p><p>"Each MLA can present the issues of their constituencies and the government can resolve them. Better use of the platform is the primary objective of the BJP-led NDA government, and the double engine government is working towards it," he added.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP Cabinet Meet Today: Yogi Adityanath to Take Up 20+ Key Proposals ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-warns-against-delay-in-action-on-criminals-and-public-grievances-5723 ]]></guid><title><![CDATA[ अपराधियों पर कार्रवाई और जनसमस्याओं के निस्तारण में शिथिलता बर्दाश्त नहीं- मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-warns-against-delay-in-action-on-criminals-and-public-grievances-5723 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 03 Aug 2026 13:54:19 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सावन के पहले सोमवार को धार्मिक अनुष्ठान व मानसून सत्र के शासकीय दायित्वों के बीच भी जनसेवा को सर्वोपरि रखा। उन्होंने सोमवार सुबह की शुरुआत ‘जनता दर्शन’ से की। प्रदे ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ:</b><span style="font-size: 1rem;"> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सावन के पहले सोमवार को धार्मिक अनुष्ठान व मानसून सत्र के शासकीय दायित्वों के बीच भी जनसेवा को सर्वोपरि रखा। उन्होंने सोमवार सुबह की शुरुआत ‘जनता दर्शन’ से की। प्रदेश के कई जनपदों से आए सभी लोगों से उन्होंने एक-एक कर मुलाकात की। उनके प्रार्थना पत्र लिए और अधिकारियों को प्रेषित करते हुए समयबद्ध निस्तारण का निर्देश दिया। पुलिस से जुड़े मामलों पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराधियों पर कार्रवाई और जनसमस्याओं के निस्तारण में शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी।</span></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">‘जनता दर्शन’ में पुलिस से जुड़ीं कई शिकायतें मिलीं, जिस पर मुख्यमंत्री काफी सख्त रहे। उन्होंने कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी में शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और मुकदमे में दबाव जैसी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने शासन स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन जनपदों में ऐसे मामले अधिक आ रहे हैं, वहां के पुलिस कप्तान की जवाबदेही तय की जाए।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी समस्या का शीघ्रता से निराकरण किया जाए। मुख्यमंत्री ने राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए पहले परस्पर संवाद और फिर विधिक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं का निस्तारण तत्परता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता से किया जाए। हर समस्या का समाधान गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक होना चाहिए।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अपराधियों पर कार्रवाई और जनसमस्याओं के निस्तारण में शिथिलता बर्दाश्त नहीं- मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-makes-up-number-one-in-mushroom-production-5721 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी के खाते में एक और उपलब्धि, मशरूम उत्पादन में शीर्ष पर ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-makes-up-number-one-in-mushroom-production-5721 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 03 Aug 2026 13:30:44 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बागवानी क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2024-25 में 51 हजार मीट्रिक टन मशरूम उत्पादन के साथ उत्तर प्रदेश देश का सबसे ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">Lucknow: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बागवानी क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2024-25 में 51 हजार मीट्रिक टन मशरूम उत्पादन के साथ उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मशरूम उत्पादक राज्य बन गया है। देश के कुल 4.27 लाख मीट्रिक टन मशरूम उत्पादन में प्रदेश की लगभग 13 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की गई है।</span></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि किसानों की मेहनत, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैल्यू एडेड फसलों को लगातार बढ़ावा दे रही है, जिसमें मशरूम उत्पादन एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है।</span></p><p><br></p><p><b>मशरूम उत्पादन पर 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान:</b></p><p><br></p><p>राज्यमंत्री ने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। कम भूमि, कम लागत और मात्र तीन से चार सप्ताह में तैयार होने वाली यह फसल किसानों के लिए बेहतर आय का विकल्प बन रही है।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में मशरूम उत्पादन, कंपोस्ट मेकिंग और स्पान मेकिंग की करीब 30 इकाइयों को 40 प्रतिशत अनुदान पर स्वीकृति दी गई है। वहीं 200 वर्ग फुट की छप्पर विधि आधारित मशरूम इकाइयों के लिए 50 प्रतिशत या अधिकतम एक लाख रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के तहत अब तक करीब 80 इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है। एक लाभार्थी अधिकतम पांच इकाइयों तक अनुदान का लाभ प्राप्त कर सकता है।</span></p><p><br></p><p><b>महिलाओं और किसानों के लिए रोजगार का नया माध्यम:</b></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि मशरूम की खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है। यह किसानों के साथ-साथ महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार और उद्यमिता का प्रभावी माध्यम बन रही है। लखनऊ, प्रयागराज, सहारनपुर, मीरजापुर, जौनपुर, हरदोई, बस्ती, मेरठ, प्रतापगढ़, रायबरेली और सोनभद्र समेत कई जिलों में मशरूम की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है। उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग किसानों को वैज्ञानिक तकनीक, प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहा है, जिससे उत्पादन और आय दोनों में लगातार वृद्धि हो रही है।</span></p><p><br></p><p><b>बागवानी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन:</b></p><p><br></p><p>राज्यमंत्री ने बताया कि उद्यान विभाग राष्ट्रीय बागवानी मिशन, उद्यान विकास योजना, एकीकृत बागवानी विकास कार्यक्रम, पॉलीहाउस एवं संरक्षित खेती, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई, गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री उत्पादन, नर्सरी विकास, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन तथा कटाई उपरांत प्रबंधन जैसी योजनाओं का पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन कर रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से पात्र बागवानों को लाभ पहुंचाते हुए उत्तर प्रदेश को बागवानी के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी के खाते में एक और उपलब्धि, मशरूम उत्पादन में शीर्ष पर ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-all-party-meeting-up-assembly-session-5711 ]]></guid><title><![CDATA[ 3 अगस्त से यूपी विधानसभा का मानसून सत्र, CM योगी ने सत्ता-विपक्ष से मांगा सहयोग ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-all-party-meeting-up-assembly-session-5711 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 02 Aug 2026 18:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ,&nbsp;उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ स्थित विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में सहभाग किया। विधानसभा का मानसून सत् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">लखनऊ,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश</span></b><span style="font-size: 1rem;"><b>: </b>उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ स्थित विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में सहभाग किया। विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त 2026 से शुरू होने जा रहा है। बैठक में सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से संचालित करने और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा को लेकर विचार-विमर्श हुआ।</span></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी दलों से सदन की कार्यवाही में सहयोग की अपेक्षा करते हुए जनहित से जुड़े विषयों को सदन में उठाने और स्वस्थ एवं सकारात्मक चर्चा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सार्थक चर्चा के जरिए प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दों के समाधान का रास्ता निकाला जा सकता है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath holds a meeting of the Bharatiya Janata Party whip team at the Chief Minister&amp;#39;s residence in Lucknow. &lt;a href="https://t.co/XpsmjiecWN"&gt;pic.twitter.com/XpsmjiecWN&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) &lt;a href="https://x.com/ANINewsUP/status/2083882980892910053?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 2, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>जनहित के विषयों पर चर्चा को प्राथमिकता देने की अपील की</b></h5><p>मुख्यमंत्री का यह रुख पहले भी विधानसभा के विभिन्न सत्रों से पहले हुई सर्वदलीय बैठकों में सामने आया है, जहां उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से सदन की कार्यवाही बाधित न करने तथा जनहित के विषयों पर चर्चा को प्राथमिकता देने की अपील की है।</p><h5 class=""><b>3 अगस्त से शुरू होगा मानसून सत्र</b></h5><p>उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट, विभिन्न विधेयकों और अन्य जरूरी सरकारी कामकाज पर चर्चा हो सकती है।</p><p>मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संभावित कार्यक्रम में 3 अगस्त को दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि, 4 अगस्त को अनुपूरक बजट पेश किए जाने और इसके बाद विधायी कार्य तथा बजट पर चर्चा शामिल हो सकती है। हालांकि अंतिम कार्यसूची सदन की आधिकारिक कार्यवाही के अनुसार ही तय होगी।</p><h5 class=""><b>सदन में इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा</b></h5><p>मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर चर्चा होने के आसार हैं। रिपोर्टों के मुताबिक विपक्ष की ओर से राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे में कथित अनियमितता, कांवड़ यात्रा से संबंधित मुद्दे और अन्य जनहित के विषय उठाए जा सकते हैं। ऐसे में सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।</p><p>वहीं, राज्य सरकार की ओर से अपने कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यों और उपलब्धियों को सदन के सामने रखने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में आगामी सत्र राजनीतिक और विधायी दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p><h5 class=""><b>विधानसभा की कार्यवाही सुचारु रखने पर जोर</b></h5><p>सर्वदलीय बैठक का मुख्य उद्देश्य सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए सभी दलों के बीच सहमति और सहयोग सुनिश्चित करना रहा। उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सदन का नेता और सतीश महाना को विधानसभा अध्यक्ष के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।</p><p>मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की कि वे जनता से जुड़े विषयों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाएं और स्वस्थ चर्चा के माध्यम से प्रदेश के विकास और जनसमस्याओं के समाधान में योगदान दें।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर सत्र से संबंधित Agenda, Synopsis और Proceedings जैसी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे सदन की कार्यवाही और विधायी गतिविधियों की आधिकारिक जानकारी हासिल की जा सकती है।</span></p><h5 class=""><b>सत्र को लेकर ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था भी तैयार</b></h5><p>3 अगस्त से विधानसभा सत्र शुरू होने को देखते हुए लखनऊ में ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां की गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक विधानसभा क्षेत्र के आसपास रूट डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। एंबुलेंस और स्कूली वाहनों को प्रतिबंधित मार्गों पर आवश्यकतानुसार आवागमन की अनुमति दिए जाने की बात भी सामने आई है।</p><p>ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक को आगामी सत्र के सुचारु संचालन की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अब नजर 3 अगस्त से शुरू होने वाले सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच होने वाली बहस और उठाए जाने वाले मुद्दों पर रहेगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 3 अगस्त से यूपी विधानसभा का मानसून सत्र, CM योगी ने सत्ता-विपक्ष से मांगा सहयोग ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/op-rajbhar-pm-modi-students-message-5693 ]]></guid><title><![CDATA[ PM मोदी के 'सही रास्ता दिखाने' वाले संदेश पर OP राजभर की प्रतिक्रिया, कांग्रेस पर भी निशाना... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/op-rajbhar-pm-modi-students-message-5693 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 01 Aug 2026 13:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (OP Rajbhar) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों के नाम वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों को सही रास्ते पर लाना और उनके बेहतर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ: </b>उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (OP Rajbhar) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों के नाम वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों को सही रास्ते पर लाना और उनके बेहतर भविष्य के लिए काम करना सरकार की जिम्मेदारी है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि पीएम मोदी देश की आवाज पर ध्यान देंगे और राष्ट्रहित में काम करेंगे।</span></p><p>ओपी राजभर ने कहा कि कई कारणों से कुछ छात्र गलत रास्ते पर जा सकते हैं। ऐसे छात्रों को माफ कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को उचित समझाइश देकर सही दिशा में आगे बढ़ाना जरूरी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राजभर ने कहा, "छात्र किसी वजह से गलत रास्ते पर चले गए हैं तो उन्हें माफ कर उनकी तरक्की के लिए काम करना चाहिए। उन्हें सही रास्ते पर लाने के लिए समझाना चाहिए और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना चाहिए।"&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई वास्तविक काम नहीं है और वह लगातार बयानबाजी करता रहता है। राजभर ने कहा कि देश की जनता ने प्रधानमंत्री को चुना है और लोगों की अपेक्षा है कि वह देश और नागरिकों के लिए काम करें।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Lucknow, Uttar Pradesh: Minister Om Prakash Rajbhar says, &amp;quot;Certainly. What the Prime Minister is saying carries weight, and it should happen that way&amp;quot; &lt;a href="https://t.co/OCN93x7bQJ"&gt;pic.twitter.com/OCN93x7bQJ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2083409551718797718?ref_src=twsrc^tfw"&gt;August 1, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>PM मोदी ने क्या कहा था?</b></h5><p>दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ शरारती बच्चों ने बेहद आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें और उनकी दिवंगत मां को भी अपशब्द कहे गए।</p><p>प्रधानमंत्री ने कहा कि गाली-गलौज से किसी समस्या का समाधान नहीं होता। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो बच्चे रास्ते से भटक गए हैं, उन्हें अपनाया जाए और सही दिशा दिखाई जाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पीएम मोदी ने कहा कि वह युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार काम कर रहे हैं और युवाओं को अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Abuses never solve anything. &lt;br&gt;&lt;br&gt;Let’s guide the misguided. &lt;br&gt;&lt;br&gt;Let’s work together. &lt;br&gt;&lt;br&gt;Let’s work for Bharat. &lt;a href="https://t.co/yAePG60KYL"&gt;pic.twitter.com/yAePG60KYL&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) &lt;a href="https://x.com/narendramodi/status/2083245431769989598?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 31, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>बच्चों को दंडित करने के बजाए सही रास्ता दिखाना ज़रूरी- पीएम मोदी</b></h5><p>प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि समाज में अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर नाराजगी को वह पूरी तरह समझते हैं। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे बच्चों को दंडित करने के बजाय उन्हें सही रास्ता दिखाने और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की जरूरत है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राजभर ने प्रधानमंत्री के इसी संदेश का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए उन्हें सही दिशा देना जरूरी है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ PM मोदी के 'सही रास्ता दिखाने' वाले संदेश पर OP राजभर की प्रतिक्रिया, कांग्रेस पर भी निशाना... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/op-rajbhar-pm-modi-video-message-students-guidance-5692 ]]></guid><title><![CDATA[ "Students should be guided to right path:" UP Minister OP Rajbhar on PM Modi's video message ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/op-rajbhar-pm-modi-video-message-students-guidance-5692 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 01 Aug 2026 13:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Lucknow, Uttar Pradesh: Uttar Pradesh Cabinet Minister Om Prakash Rajbhar on Saturday emphasised that students should be guided to the right path and said it was the duty of the government to work for ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Lucknow, Uttar Pradesh: </b>Uttar Pradesh Cabinet Minister Om Prakash Rajbhar on Saturday emphasised that students should be guided to the right path and said it was the duty of the government to work for their betterment.</span><span style="font-size: 1rem;">Reacting to the video of Prime Minister Narerna Modi shared on instagram, OP Rajbhar said that PM Modi will pay attention to the "nation's voice".</span></p><p>"Students may have strayed onto the wrong path for various reasons; we should forgive them and work towards their progress by bringing them into the mainstream of development. They should be guided to the right path through proper counsel. The Congress party has no real work to do; it constantly engages in reckless rhetoric. The people of the country elected the Prime Minister, and having done so, they expect him to work for the nation and its citizens. He will work for the people living in the country and heed the nation's voice," Rajbhar told media.</p><p>Noting that some mischievous children had used "very crude and abusive language" during the protest at Jantar Mantar and he and his late mother were also subjected to abuse, Prime Minister Narendra Modi on Friday said that abuses never solve anything and urged people to guide those who have gone astray.</p><p>Sharing a video on Instagram, PM Modi said that he fully understands the outrage within society over use of abusive language and it comes as "a cultural shock to see our daughters using such language" but asserted that there is need to "to embrace these children and show them the right path".</p><p>The Prime Minister said he dedicatedly works for the bright future of youth, and urged them to move forward after learning from mistakes.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">"Today I just feel like talking to you. The country and the world have witnessed what happened at Jantar Mantar. Some mischievous children used very crude and abusive language, words that do not befit any civilized society. I was personally abused, and even my late mother was subjected to abuse. It was a truly ugly spectacle," he said.</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ "Students should be guided to right path:" UP Minister OP Rajbhar on PM Modi's video message ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/upits-2026-yogi-adityanath-review-5683 ]]></guid><title><![CDATA[ UPITS-2026 को लेकर CM योगी का बड़ा प्लान, दुनिया के सामने दिखेगी यूपी की औद्योगिक ताकत ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/upits-2026-yogi-adityanath-review-5683 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 31 Jul 2026 16:15:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ग्रेटर नोएडा,&nbsp;उत्तर प्रदेश:&nbsp;उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS)-2026 की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आयोजन की सभ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">ग्रेटर नोएडा,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश:&nbsp;</span></b><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS)-2026 की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आयोजन की सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए।</span></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि UPITS-2026 उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, नवाचार, उत्पादों और निर्यात सामर्थ्य को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यापार प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के विजन को आगे बढ़ाने वाला वैश्विक मंच है।</p><h5 class=""><b>25 से 29 सितंबर तक होगा आयोजन</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 25 से 29 सितंबर 2026 तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने वाले UPITS-2026 का देश और विदेश में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस वर्ष UPITS-2026 की थीम ‘UP for Global Growth: Innovation, Manufacturing and Exports’ रखी गई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">आयोजन में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों, 1.50 लाख से अधिक B2B खरीदारों, 4.50 लाख से अधिक B2C आगंतुकों और 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी ने आज उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS)-2026 की तैयारियों की समीक्षा की।&lt;br&gt;&lt;br&gt;मुख्यमंत्री जी ने कहा कि UPITS-2026 उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, नवाचार, उत्पादों एवं निर्यात सामर्थ्य को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रभावी मंच है। यह केवल… &lt;a href="https://t.co/3Ne2kLATXa"&gt;pic.twitter.com/3Ne2kLATXa&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2083130856294715676?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 31, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>हजारों करोड़ रुपये के MoU और बिजनेस इंक्वायरी का लक्ष्य</b></h5><p>ट्रेड शो के दौरान 4,000 से अधिक MoU, 3,200 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित MoU और 13,500 करोड़ रुपये से अधिक की बिजनेस इंक्वायरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को सिंगापुर, ओमान, ऑस्ट्रिया, ब्राजील, थाईलैंड, जापान, इंडोनेशिया और रूस समेत अन्य देशों के साथ सक्रिय संवाद स्थापित करने और उनकी अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विविध औद्योगिक और आर्थिक क्षमता को एक ही मंच पर प्रभावी ढंग से दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए।</span></p><h5 class=""><b>विदेशी खरीदारों और युवाओं के लिए विशेष व्यवस्था</b></h5><p>CM योगी ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, उद्यमियों और आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उद्यमी मित्रों की तैनाती के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग, सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और आगंतुकों की सुविधा पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए ईवी बसों के संचालन की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।</span></p><p>मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि UPITS-2026 उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, निवेश के अनुकूल माहौल और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रदर्शित कर सके।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UPITS-2026 को लेकर CM योगी का बड़ा प्लान, दुनिया के सामने दिखेगी यूपी की औद्योगिक ताकत ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-ghazipur-sp-congress-attack-5670 ]]></guid><title><![CDATA[ ₹692 करोड़ की 268 परियोजनाएं और सियासी वार, गाजीपुर में CM योगी का बड़ा संबोधन ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-ghazipur-sp-congress-attack-5670 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 30 Jul 2026 18:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ गाजीपुर,&nbsp;उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गाजीपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्र ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b><span style="font-size: 1rem;">गाजीपुर,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश</span></b><span style="font-size: 1rem;"><b>:</b> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गाजीपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर युवाओं, किसानों, महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा व हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर सपा के ‘पाप’ का पर्दा उठाना शुरू कर दिया जाए तो उसके नेताओं के पास कहीं मुंह दिखाने की जगह नहीं बचेगी।</span></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाजीपुर में 692 करोड़ रुपये की लागत वाली 268 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने पहुंचे थे। कार्यक्रम में उन्होंने विकास कार्यों का जिक्र करने के साथ ही प्रदेश की पिछली सरकारों के कामकाज और कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर राजनीतिक हमला बोला।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;महाराज गाधि एवं माँ गंगा की पावन धारा से अभिसिंचित धरा, जनपद गाजीपुर का गौरव और विकास एक नए क्षितिज को स्पर्श कर रहा है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;जनपद की विकास यात्रा को और गति प्रदान करते हुए आज गाजीपुर, जखनिया, मोहम्मदाबाद, सैदपुर, जमानियां, जहूराबाद एवं जंगीपुर विधान सभा क्षेत्रों के लिए ₹692 करोड़… &lt;a href="https://t.co/GLw5jnjxDy"&gt;pic.twitter.com/GLw5jnjxDy&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath/status/2082736863480250650?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>युवाओं, किसानों और व्यापारियों को लेकर सपा पर निशाना</b></h5><p>सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने प्रदेश में पहचान का संकट पैदा किया, युवाओं के रोजगार पर ‘डकैती’ डाली और किसानों की खुशियां छीनने का काम किया, वे आज उनकी सरकार को आईना दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में बेटियों और व्यापारियों के सामने सुरक्षा का संकट था और विकास कार्यों को कार्यकर्ताओं के हवाले कर लूट की खुली छूट दी गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग आज उनकी सरकार को उपदेश दे रहे हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&amp;#39;विकसित भारत&amp;#39; के लिए &amp;#39;विकसित उत्तर प्रदेश&amp;#39; और &amp;#39;विकसित गाजीपुर&amp;#39; के निर्माण की दिशा में मिलकर कार्य करें... &lt;a href="https://t.co/x1rHXqkGev"&gt;pic.twitter.com/x1rHXqkGev&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath/status/2082733640694505762?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भी साधा निशाना</b></h5><p>अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का भी जिक्र किया। योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान इस परियोजना पर जमीन पर एक इंच भी काम नहीं हुआ, जबकि इसके नाम पर धन की निकासी कर ली गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री के मुताबिक, भाजपा सरकार आने के बाद इस योजना पर नए सिरे से काम शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण और एलाइनमेंट की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया गया।</span></p><h5 class=""><b>‘नो कर्फ्यू, नो दंगा’ का जिक्र</b></h5><p>कानून-व्यवस्था को लेकर भी सीएम योगी ने सपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले युवाओं के लिए नौकरी निकलते ही उसमें ‘सेंधमारी’ शुरू हो जाती थी और वसूली का खेल चलता था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">योगी ने कहा कि पहले पर्व-त्योहारों से पहले ही विवाद और बवाल की स्थिति बन जाती थी, जबकि अब प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर है। उन्होंने अपनी सरकार की नीति को रेखांकित करते हुए कहा— ‘नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में है सब चंगा।’</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;बहनों और भाइयों,&lt;br&gt;&lt;br&gt;माफिया किसी के नहीं होते। ये हमेशा समाज का खून चूसते हैं, गरीबों का शोषण करते हैं और व्यापारियों में भय एवं दहशत की स्थिति पैदा करते हैं... &lt;a href="https://t.co/umk1BzXCw3"&gt;pic.twitter.com/umk1BzXCw3&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath/status/2082732964962820438?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><h5 class=""><b>सालार मसूद गाजी और महाराजा सुहेलदेव का भी जिक्र</b></h5><p>सीएम योगी ने अपने भाषण में सालार मसूद गाजी और महाराजा सुहेलदेव का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान सालार मसूद गाजी की मजार पर मेले आयोजित किए जाते थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने इस परंपरा की जगह महाराजा सुहेलदेव की स्मृति में आयोजन को प्राथमिकता दी। उनके इस बयान को पूर्वांचल की राजनीति में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।</span></p><h5 class=""><b>चुनाव से पहले बढ़ा सियासी पारा</b></h5><p>गाजीपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संबोधन ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। मुख्यमंत्री लगातार अलग-अलग जिलों में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के साथ अपनी सरकार की उपलब्धियां गिना रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">गाजीपुर में भी विकास योजनाओं के मंच से उन्होंने विपक्षी दलों पर सीधा राजनीतिक हमला बोला। खासतौर पर सपा के पुराने शासन, कानून-व्यवस्था और विकास परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री के बयान चर्चा में रहे।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ₹692 करोड़ की 268 परियोजनाएं और सियासी वार, गाजीपुर में CM योगी का बड़ा संबोधन ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-ram-temple-trust-fund-row-5664 ]]></guid><title><![CDATA[ अखिलेश यादव का BJP पर हमला, बोले- आस्था के साथ धोखा, मंदिर फंड के दुरुपयोग के आरोप गंभीर ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/akhilesh-ram-temple-trust-fund-row-5664 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 30 Jul 2026 11:03:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP और उसके सहयोगियों ने जनता की आस्था और धार्मिक भाव ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ: </b>समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP और उसके सहयोगियों ने जनता की आस्था और धार्मिक भावनाओं के साथ कथित तौर पर विश्वासघात किया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा बयान में धार्मिक संस्थानों से जुड़े चंदे, गुप्त दान और जमीन के लेन-देन में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर कथित वित्तीय गड़बड़ियों और पारदर्शिता की कमी गंभीर सवाल खड़े करती है।</span></p><p>अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चंदे की रकम के कथित दुरुपयोग, रसीद जारी करने में अनियमितताओं और अयोध्या में जमीन के सौदों को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने सत्ता में बैठे लोगों पर जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं करने का भी आरोप लगाया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">SP प्रमुख ने आगे दावा किया कि कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाने वाले लोगों को हटा दिया गया और आरोपों से जुड़े सबूतों को उचित तरीके से सुरक्षित या जांच नहीं किया गया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Delhi: On Ram Temple donation theft case, Samajwadi Party MP Akhilesh Yadav (&lt;a href="https://x.com/yadavakhilesh?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@yadavakhilesh&lt;/a&gt;) says, “The message is clear: those who can play with people&amp;#39;s faith can also play with the future of our young people. And until this government goes, it will remain the biggest… &lt;a href="https://t.co/zWeBiYN1vF"&gt;pic.twitter.com/zWeBiYN1vF&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2082357806653460640?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 29, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>राज्यसभा में भी उठा राम मंदिर ट्रस्ट का मुद्दा</b></p><p>अखिलेश यादव ने इसे जनता के भरोसे से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि कथित तौर पर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का मुद्दा संसद में उठाना एक ‘धार्मिक और नैतिक जिम्मेदारी’ है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने अपने बयान में BJP और उसके सहयोगियों पर भगवान राम की आस्था के साथ विश्वासघात करने का आरोप भी लगाया।</span></p><p>इससे पहले कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुरुवार को नियम 267 के तहत नोटिस देकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं, धन के गबन और चंदे के कथित दुरुपयोग पर चर्चा की मांग की।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;भाजपा और उनके संगी-साथी ‘आस्था के साथ विश्वासघात के महापाप और अपराध’ के दोषी हैं!&lt;br&gt;&lt;br&gt;देश की आस्थावान जनता का मानना है कि भाजपा और उनके संगी-साथियों ने ‘श्रद्धा में सेंधमारी’ करते हुए जिस तरह : &lt;br&gt;- ⁠‘दान-पात्र’ से चढ़ावा-चंदा चोरी की है &lt;br&gt;- ⁠गुप्त दान में महा-घपले किये हैं&lt;br&gt;- ⁠दान… &lt;a href="https://t.co/JRVAoLQx0X"&gt;pic.twitter.com/JRVAoLQx0X&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) &lt;a href="https://x.com/yadavakhilesh/status/2082686905863606537?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p>राज्यसभा के महासचिव को दिए नोटिस में सुरजेवाला ने सभी निर्धारित विधायी कार्यों को स्थगित कर इस मामले पर तत्काल और प्राथमिकता के आधार पर चर्चा कराने की मांग की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नोटिस में कहा गया कि दुनियाभर के लाखों श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था के चलते सामूहिक, व्यक्तिगत और गुप्त दान के माध्यम से बड़ी रकम योगदान की है।</span></p><p><b>सुरजेवाला ने राम मंदिर निर्माण और चंदे से जुड़े सवाल उठाए</b></p><p>सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण और चंदे से जुड़े कथित भ्रष्टाचार तथा वित्तीय कुप्रबंधन ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े सवाल खड़े किए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से खरीदी गई जमीन से जुड़े करोड़ों रुपये के लेन-देन के पहलुओं पर संसद में प्राथमिकता के साथ चर्चा होनी चाहिए।</span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>ध्यान दें: अखिलेश यादव और रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा लगाए गए ये आरोप राजनीतिक दावे हैं। उपलब्ध कॉपी में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख नहीं है।</i></b></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अखिलेश यादव का BJP पर हमला, बोले- आस्था के साथ धोखा, मंदिर फंड के दुरुपयोग के आरोप गंभीर ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/jaunpur-minor-girl-harassment-pocso-sc-st-act-fir-5662 ]]></guid><title><![CDATA[ नाबालिग छात्रा से अभद्रता का आरोप, आरोपी के खिलाफ पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट में FIR ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/jaunpur-minor-girl-harassment-pocso-sc-st-act-fir-5662 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 29 Jul 2026 12:02:06 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ जौनपुर: जौनपुर जिले के मड़ियाहूं थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़, विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोप ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">जौनपुर: </b><span style="font-size: 1rem;">जौनपुर जिले के मड़ियाहूं थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़, विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</span></p><p><br></p><p>एफआईआर के अनुसार, घटना 13 जुलाई की सुबह करीब 7:30 बजे की बताई गई है। नाबालिग छात्रा स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। आरोप है कि रास्ते में बेलवा निवासी लल्लू दुबे उर्फ विजय ने उसे रोक लिया और उसके साथ अभद्रता करने लगा।</p><p><br></p><p>परिजनों के अनुसार, छात्रा ने आरोपी का विरोध किया तो उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। छात्रा के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके की ओर आने लगे, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया।</p><p><br></p><p><b>पहले भी परेशान करने का आरोप:</b></p><p><br></p><p>पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी इससे पहले भी छात्रा के साथ अनुचित हरकत करने का प्रयास कर चुका था। घटना के बाद परिवार ने तत्काल डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना के संबंध में जानकारी ली।इसके बाद परिजनों ने मड़ियाहूं थाने में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।</p><p><br></p><p><b>शिकायत के बाद परिवार को धमकाने का आरोप:</b></p><p><br></p><p>एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद आरोपी ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर पीड़िता और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने तथा जान से मारने की धमकी दी। परिजनों का कहना है कि धमकियों के बाद परिवार में भय का माहौल है।</p><p><br></p><p><b>क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई जांच:</b></p><p><br></p><p>पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मामले की जांच क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ नाबालिग छात्रा से अभद्रता का आरोप, आरोपी के खिलाफ पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट में FIR ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-adityanath-janta-darshan-gorakhnath-mandir-public-grievances-redressal-5661 ]]></guid><title><![CDATA[ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: जनहित सर्वोपरि, जनसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-adityanath-janta-darshan-gorakhnath-mandir-public-grievances-redressal-5661 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 29 Jul 2026 11:46:58 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज श्री गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित नियमित&nbsp; 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्हों ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज श्री गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित नियमित&nbsp; <b>'जनता दर्शन'</b> कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने लोगों की व्यक्तिगत, सामाजिक एवं प्रशासनिक समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का त्वरित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।</span></p><p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मूल उद्देश्य जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष परीक्षण करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका समाधान किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि शासन-प्रशासन की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए जिससे आम नागरिक को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और उसे पारदर्शी एवं संवेदनशील व्यवस्था का अनुभव हो।</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/07/yogi_1785305955.jpeg" style="width: 763.664px;"><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;"><br></span></p><p>जनता दर्शन के दौरान भूमि विवाद, राजस्व संबंधी प्रकरण, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पेंशन, आवास, बिजली, पेयजल, सड़क निर्माण तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित अनेक शिकायतें और मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि पात्र व्यक्तियों को शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव और अनावश्यक देरी के प्राप्त हो।</p><p>स्वास्थ्य संबंधी मामलों में मुख्यमंत्री ने गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार के लिए हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए और जरूरतमंदों को तत्काल सहायता प्रदान की जाए।</p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि जनता द्वारा दी गई शिकायतों की नियमित निगरानी की जाए तथा उनके निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि उसका संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है। प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ करें ताकि आमजन का सरकार पर विश्वास और अधिक मजबूत हो।</p><p>उन्होंने दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार&nbsp; "जनहित सर्वोपरि, जनसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता" के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान, पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेह शासन ही सुशासन की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के हितों की रक्षा और उनके जीवन को सुगम बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को न्याय और सहायता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।</p><p>'जनता दर्शन' कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके माध्यम से वे नियमित रूप से आम नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुनते हैं और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश देते हैं। यह पहल सरकार और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ प्रशासनिक जवाबदेही और सुशासन को भी नई मजबूती प्रदान कर रही है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: जनहित सर्वोपरि, जनसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-etawah-identity-crisis-development-5627 ]]></guid><title><![CDATA[ ‘इटावा अब डर का नाम नहीं’, CM योगी बोले- BJP सरकार में खत्म हुआ पहचान का संकट ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-etawah-identity-crisis-development-5627 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 26 Jul 2026 17:42:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ इटावा, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि इटावा अब डर और आतंक का पर्याय नहीं रहा है और यहां के युवाओं को अब पहचान के संकट का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने इ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>इटावा, उत्तर प्रदेश: </b>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि इटावा अब डर और आतंक का पर्याय नहीं रहा है और यहां के युवाओं को अब पहचान के संकट का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय अपराध और अपराधियों के खिलाफ बीजेपी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दिया।</span></p><p>इटावा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले जिले को पहचान के संकट का सामना करना पड़ता था। उनके मुताबिक, डर और असुरक्षा के माहौल के कारण लोग इस क्षेत्र से होकर गुजरने से भी डरते थे और निवेश के लिए भी लोग यहां आने से बचते थे।</p><h5 class=""><b>&nbsp;अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का संकल्प</b></h5><p>योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में प्रधानमंत्री के आह्वान पर लोगों ने बीजेपी को समर्थन दिया, जिसके बाद सरकार ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने जो कहा, उसे करके दिखाया है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Etawah, Uttar Pradesh: Chief Minister Yogi Adityanath says, &amp;quot;Now, the name Etawah no longer evokes fear or apprehension. Today, whenever the youth of Etawah go anywhere in the state or the country, they receive the same respect and recognition that people from other districts of… &lt;a href="https://t.co/rSgBURx7gn"&gt;pic.twitter.com/rSgBURx7gn&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2081329312360272373?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 26, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><h5 class=""><b>604 करोड़ रुपये की लागत वाली 128 विकास परियोजनाओं का ऐलान</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इटावा की छवि बदल गई है और यहां के युवाओं को राज्य या देश के दूसरे हिस्सों में जाने पर पहचान के संकट का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने इटावा के लिए 604 करोड़ रुपये की लागत वाली 128 विकास परियोजनाओं का भी ऐलान किया।</p><p>इसके बाद मैनपुरी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज मैनपुरी अपनी पारंपरिक और ऐतिहासिक पहचान के लिए जाना जाता है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि पहले यह क्षेत्र डर और असुरक्षा से जोड़ा जाता था।</p><h5 class=""><b>पिछली सरकारों ने यूपी को पीछे धकेला- सीएम योगी</b></h5><p>मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि पहले युवाओं के रोजगार, किसानों की समृद्धि, व्यापारियों की सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े हुए। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने न सिर्फ मैनपुरी और इटावा की पहचान का संकट पैदा किया, बल्कि उत्तर प्रदेश को भी पिछड़ेपन की ओर धकेला।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ‘इटावा अब डर का नाम नहीं’, CM योगी बोले- BJP सरकार में खत्म हुआ पहचान का संकट ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-etawah-identity-crisis-bjp-rule-5626 ]]></guid><title><![CDATA[ "Etawah no longer evokes fear; identity crisis ended under BJP rule": UP CM Yogi Adityanath ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-etawah-identity-crisis-bjp-rule-5626 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 26 Jul 2026 17:30:21 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Etawah, Uttar Pradesh: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath on Sunday said Etawah no longer evokes fear or terror and its youth no longer face an identity crisis, attributing the change to the ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Etawah, Uttar Pradesh: </b>Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath on Sunday said Etawah no longer evokes fear or terror and its youth no longer face an identity crisis, attributing the change to the BJP government's zero-tolerance policy towards crime and criminals.</span></p><p>Addressing a public gathering in Etawah, the Chief Minister alleged that before 2017, the district had suffered from an identity crisis, with fear and insecurity discouraging people from travelling through the region and deterring investment.</p><p>"Before 2017, who had created an identity crisis in front of Etawah? People who won from Etawah had created this crisis themselves. If there is an identity crisis in Etawah, then it will become Uttar Pradesh's crisis. People used to fear taking this route. There was so much fear and terror that rooms weren't available in the country's hotels just on the name of Etawah; in the name of investment, everything was absent. No one would even think of coming here," Yogi said.</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Etawah, Uttar Pradesh: Chief Minister Yogi Adityanath says, &amp;quot;Now, the name Etawah no longer evokes fear or apprehension. Today, whenever the youth of Etawah go anywhere in the state or the country, they receive the same respect and recognition that people from other districts of… &lt;a href="https://t.co/rSgBURx7gn"&gt;pic.twitter.com/rSgBURx7gn&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2081329312360272373?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 26, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p>He further credited the BJP government with taking a firm stand against crime and criminals after coming to power in 2017, saying the party had fulfilled its promise of adopting a zero-tolerance policy.</p><p>"Therefore, when in 2017, on the call of the Prime Minister, all of you allowed the BJP's lotus to bloom in your area, then the BJP had resolved that we would work under a zero-tolerance policy towards crime and criminals. The BJP has shown what it said by doing it. Those who had created the crisis, today an identity crisis has arisen right in front of them," he said.</p><p>The Chief Minister said the perception of Etawah had changed and its youth no longer faced an identity crisis while travelling to other parts of Uttar Pradesh or the country. He also announced 128 development projects worth Rs 604 crore for the residents of Etawah.</p><p>"Now, the name Etawah no longer evokes fear or terror anywhere. Now, the youth of Etawah do not face any crisis of identity. Wherever the youth of Etawah go in the state or the country, they receive the same respect that residents of other districts of Uttar Pradesh do.</p><p>"The state's double-engine government has freed them from the crisis of identity. I am pleased to inform you that I am about to gift the residents of Etawah 128 development projects worth Rs 604 crore. I congratulate the residents of Etawah on this."</p><p>Later, addressing an event in Mainpuri, where he inaugurated and laid the foundation stones of multiple development projects, Yogi Adityanath said the district is now recognised for its traditional and historical identity, while alleging that it was previously associated with fear and insecurity. He accused those who had represented the region of creating problems for youth, farmers, traders and women.</p><p>He said, "Today's Mainpuri is known for its traditional and historical identity. But there was a time when people were afraid of the name Mainpuri. Who created this identity crisis? Who were those people who snatched the jobs of the young people here, who snatched the prosperity of the farmers who feed us, who made the businessmen insecure, and who created a security crisis for the daughters? Who were those people who made our workers unemployed? They weren't from somewhere far away."</p><p>The Chief Minister alleged that the same people had not only created an identity crisis for Mainpuri and Etawah but had also pushed Uttar Pradesh into a state of decline.</p><p>"They are among your own people; they were the ones who not only raised questions for Mainpuri and Etawah, but also created an identity crisis for UP and pushed it into a sick state, rendering it non-existent," the CM added.&nbsp;</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ "Etawah no longer evokes fear; identity crisis ended under BJP rule": UP CM Yogi Adityanath ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-governments-zero-tolerance-drive-exposes-interstate-fake-drug-network-5608 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत नकली दवा फैक्ट्री पर छापा, दो गिरफ्तार ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-governments-zero-tolerance-drive-exposes-interstate-fake-drug-network-5608 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 24 Jul 2026 18:00:04 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त नीति के तहत चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। लखनऊ के अमीनाबाद में बरामद नकली Flozen दवा के सैंप ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ:</b><span style="font-size: 1rem;"> उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त नीति के तहत चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। लखनऊ के अमीनाबाद में बरामद नकली Flozen दवा के सैंपल से शुरू हुई जांच ने आखिरकार देहरादून में संचालित अवैध दवा निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश कर दिया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) उत्तर प्रदेश ने डिजिटल साक्ष्यों और मोबाइल चैट के आधार पर पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया। क्राइम ब्रांच गाजियाबाद के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए एफएसडीए ने देहरादून में संचालित अवैध नकली दवा निर्माण फैक्ट्री पर छापा मारकर करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाएं, पैकेजिंग सामग्री और आधुनिक मशीनरी बरामद की है। इस संयुक्त अभियान में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।</span></p><p><br></p><p><b>अमीनाबाद की कार्रवाई बनी बड़े खुलासे की कड़ी</b></p><p><br></p><p>19 जुलाई 2026 को थाना अमीनाबाद, लखनऊ में नकली दवाओं के भंडारण और बिक्री के मामले में दर्ज मुकदमे के दौरान 43 प्रकार की नकली दवाएं बरामद हुई थीं। शुरुआती जांच में मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर एफएसडीए मुख्यालय ने विशेष प्रवर्तन टीम गठित की। टीम ने मोबाइल डेटा, व्हाट्सएप चैट, पैकेजिंग पैटर्न और सप्लाई चेन का विश्लेषण करते हुए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि गिरोह का मुख्य सप्लायर राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा गाजियाबाद में मौजूद है। इसके बाद एफएसडीए की विशेष टीम ने क्राइम ब्रांच गाजियाबाद के सहयोग से उसे 22 जुलाई को केडब्ल्यू मॉल, राजनगर एक्सटेंशन के पास से गिरफ्तार कर लिया।&nbsp;</p><p><br></p><p>खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ रोशन जैकब ने बताया कि अमीनाबाद में हुई कार्रवाई के दौरान बरामद टैबलेट 'Flozen AA' दवा का नमूना जांच में स्प्यूरियस (नकली) पाया गया था। इसी बीच गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा के मोबाइल की डिजिटल जांच में Flozen ब्रांड की नकली स्ट्रिप्स की तस्वीरें, पैकेजिंग से जुड़े दस्तावेज और मशीनों से संबंधित व्हाट्सएप चैट मिलीं। इन डिजिटल साक्ष्यों ने यह स्पष्ट कर दिया कि लखनऊ में बरामद नकली दवा और देहरादून में संचालित अवैध फैक्ट्री एक ही अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा हैं। इसी सुराग के आधार पर जांच आगे बढ़ी और देहरादून स्थित फैक्ट्री पर छापा मार कर पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया गया।</p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>मोबाइल की जांच से खुलीं फैक्ट्री की परतें:</b></span></p><p><br></p><p>गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल की डिजिटल फॉरेंसिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। व्हाट्सएप चैट में प्रसिद्ध दवा ब्रांडों की नकली स्ट्रिप्स, पैकेजिंग सामग्री, मशीनों के स्पेयर पार्ट्स और निर्माण से जुड़ी तस्वीरें मिलीं। जांच में यह भी सामने आया कि पैकेजिंग पर जानबूझकर ऐसे बदलाव किए गए थे जिन्हें आम ग्राहक आसानी से पहचान नहीं सकता था। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर देहरादून स्थित अवैध फैक्ट्री का पता चला। आरोपी की निशानदेही पर उत्तर प्रदेश एफएसडीए, क्राइम ब्रांच गाजियाबाद और उत्तराखंड एफएसडीए के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने देहरादून के देवीपुर न्यू हाईवे रोड, ईस्ट होपटाउन स्थित परिसर में छापा मारा। यहां एक कमरे में आधुनिक अलू-अलू (Alu-Alu) पैकिंग मशीन, स्ट्रिप मशीन, इंकजेट बेल्ट प्रिंटर, कंप्रेसर, हाई वोल्टेज स्टेबलाइजर, बड़ी मात्रा में सेमीफिनिश टैबलेट और कैप्सूल, प्रिंटेड एल्युमिनियम फॉयल, रैपर और मास्टर कार्टन बरामद किए गए। मौके पर मिले साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि यहां बिना किसी वैध लाइसेंस के नकली दवाओं का निर्माण कर उन्हें प्रसिद्ध कंपनियों की पैकेजिंग में भरकर बाजार में भेजने की तैयारी की जा रही थी।</p><p><br></p><p><b>नामी कंपनियों के नाम का हो रहा था दुरुपयोग:</b></p><p><br></p><p>छापेमारी के दौरान Clavactam-625, Razo-D Capsules सहित कई चर्चित दवा ब्रांडों की नकली पैकिंग सामग्री बरामद हुई। इसके अलावा Cipla, Dr. Reddy's, Intas, Lupin, Elder और अन्य प्रमुख कंपनियों के नाम से छपे मास्टर कार्टन और एल्युमिनियम फॉयल भी मिले। अधिकारियों का मानना है कि इन दवाओं को असली बताकर विभिन्न राज्यों के बाजारों में सप्लाई किया जा रहा था। इस मामले में गौरव त्यागी, राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा, विपिन भटनागर और विनय चंद को नामजद किया गया है। राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा तथा विनय चंद को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं, जिनमें संगठित अपराध से संबंधित धारा 111 भी शामिल है, के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जांच एजेंसियां पूरे आर्थिक नेटवर्क तथा सप्लाई चेन की भी पड़ताल कर रही हैं।</p><p><br></p><p><b>जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा:</b></p><p><br></p><p>खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ रोशन जैकब ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में नकली दवाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग केवल नकली दवाएं जब्त करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निर्माण से लेकर सप्लाई और बिक्री तक पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई जारी रखेगा।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत नकली दवा फैक्ट्री पर छापा, दो गिरफ्तार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/janta-darshan-cm-yogi-promises-timely-redressal-of-complaints-5607 ]]></guid><title><![CDATA[ मत करें चिंता, सबकी समस्या पर होगी प्रभावी कार्रवाई : सीएम योगी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/janta-darshan-cm-yogi-promises-timely-redressal-of-complaints-5607 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 24 Jul 2026 17:49:23 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन किया। जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस अव ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">गोरखपुर: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन किया। जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर उन्होंने समस्या-शिकायत लेकर आए लोगों को भरोसा देते हुए कहा, ‘चिंता मत करें, सबकी समस्या पर प्रभावी कार्रवाई कराई जाएगी।’ मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि यहां आईं शिकायतों का निस्तारण और समस्याओं का समाधान शीघ्रता से कराया जाए।</span></p><p><br></p><p><span style="font-size: 1rem;">जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 150 लोगों से मिले। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर लगी कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना, उनके प्रार्थनापत्र लिए। उन्होंने पास में खड़े अधिकारियों को समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। अलग-अलग मामलों से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी का निस्तारण निष्पक्ष और समयबद्ध होना चाहिए।&nbsp;</span></p><p><br></p><p>अपराध व जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही इलाज के लिए आर्थिक मदद से जुड़े प्रार्थना पत्रों पर उन्होंने अस्पतालों के इस्टीमेट की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने को कहा। सीएम ने लोगों को आश्वस्त किया कि इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आई थीं। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को दुलारा और चॉकलेट के साथ आशीर्वाद दिया।&nbsp;&nbsp;</p><p><br></p><p><b>सीएम की आवाज सुन दौड़ते चले आए गोवंश:</b></p><p><br></p><p>गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा की। गोशाला में सीएम योगी ने भ्रमण करते हुए कुछ गोवंश को उनके नामों से पुकारा। उनकी आवाज इन गोवंश के लिए जानी पहचानी है। प्यार भरी पुकार सुनते ही गोवंश दौड़ते हुए उनके पास आ गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवंश के माथे पर हाथ फेरा, उन्हें खूब दुलारा और अपने हाथों से उन्हें गुड़ खिलाया। उन्होंने मंदिर की गोशाला की अन्य गायों और नंदी को भी अपने हाथों से गुड़ खिलाया। साथ ही गोशाला के कार्यकर्ताओं को गायों की देखभाल के लिए जरूरी निर्देश दिए।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मत करें चिंता, सबकी समस्या पर होगी प्रभावी कार्रवाई : सीएम योगी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-dairy-farmer-earns-rs-20-lakh-with-yogi-government-scheme-5552 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार की योजना से बदली किस्मत, डेयरी से सालाना हो रही 20 लाख की कमाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-dairy-farmer-earns-rs-20-lakh-with-yogi-government-scheme-5552 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 20 Jul 2026 20:31:08 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना ग्रामीण युवाओं के लिए सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि जिंदगी बदलने का माध्यम बन रही है। प्रतापगढ़ के सांड़वा चंडिका गांव निवासी शिवम स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना ग्रामीण युवाओं के लिए सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि जिंदगी बदलने का माध्यम बन रही है। प्रतापगढ़ के सांड़वा चंडिका गांव निवासी शिवम सिंह इसकी जीवंत मिसाल हैं। पांच वर्ष पहले उनके पिता को एक घायल देसी गाय मिली थी। परिवार ने उसकी सेवा-भाव से देखभाल शुरू की और यही गोसेवा आगे चलकर सफलता का आधार बन गई। बाद में योगी सरकार की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का लाभ मिला, आधुनिक डेयरी स्थापित हुई और आज उसी सफर ने परिवार को सालाना 20 लाख रुपये से अधिक आय, 25 गोवंश और गांव के अन्य लोगों को भी रोजगार देने वाले डेयरी उद्यमी के रूप में पहचान दिलाई है।</span></p><p><br></p><p><b>गोसेवा से शुरू हुआ सफर, योजना ने दी नई उड़ान:</b></p><p><br></p><p>शिवम बताते हैं कि उनके पिता राकेश सिंह को रास्ते में एक घायल देसी गाय मिली, जिसे घर लाकर उसकी सेवा की। उसी गाय की देखभाल करते-करते पिता-पुत्र दोनों का लगाव गोपालन से बढ़ता गया। धीरे-धीरे गोवंश की संख्या बढ़ती गई और देखते ही देखते यह 25 तक पहुंच गई। इसी दौरान उन्हें यूट्यूब पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की जानकारी मिली।</p><p><br></p><p><b>योगी सरकार की योजना इस तरह ला रही बदलाव:</b></p><p>&nbsp;</p><p>मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए उन्होंने आवेदन किया। चयन होने के बाद उन्हें पांच लाख का ऋण मिला। शिवम राजस्थान से साहीवाल और गिर नस्ल की 10 उत्कृष्ट गायें लेकर आए। अभी उनकी डेयरी से प्रतिदिन लगभग 110 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जिससे उनकी वार्षिक आय 20 लाख रुपये के ऊपर पहुंच गई है। शिवम ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना का लाभ लेकर वे अपने कारोबार को और आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही वे अपने गांव और आसपास के लोगों को रोजगार भी देंगे।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>अब ए2 दूध के उत्पाद और नस्ल सुधार पर फोकस:</b></p><p><br></p><p>शिवम ने शुरुआत से ही अपनी डेयरी में बेहतर तकनीक का उपयोग किया है, जिससे अच्छी नस्ल की बछियाओं का जन्म हो रहा है और स्वदेशी नस्ल की गाय के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा मिल रहा है। अब उनका लक्ष्य शुद्ध ए2 दूध से घी और अन्य मूल्यवर्धित दुग्ध उत्पाद तैयार कर बाजार में अपनी अलग पहचान बनाना है। साथ ही वे उच्च गुणवत्ता वाली देसी नस्लों के ब्रीड डेवलपमेंट पर बड़े स्तर पर काम करना चाहते हैं।</p><p><br></p><p><b>युवाओं के लिए बन रहा प्रेरक मॉडल:</b></p><p><br></p><p>शिवम सिंह की कहानी बताती है कि सेवा भाव, आधुनिक तकनीक और सरकार की सही योजना का साथ मिल जाए तो ग्रामीण युवा अपने गांव में रहकर भी बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। एक घायल देशी गाय से शुरू हुआ यह सफर आज आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और ग्रामीण समृद्धि का ऐसा मॉडल बन चुका है, जो प्रदेश के अन्य युवाओं को भी पशुपालन और डेयरी उद्यमिता की ओर प्रेरित कर रहा है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार की योजना से बदली किस्मत, डेयरी से सालाना हो रही 20 लाख की कमाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-sarvodaya-school-18-girls-clear-neet-with-free-residential-coaching-5551 ]]></guid><title><![CDATA[ आधुनिक शिक्षा, संस्कार और निःशुल्क कोचिंग का संगम, नीट में 18 बेटियों की सफलता बनी नई मिसाल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-sarvodaya-school-18-girls-clear-neet-with-free-residential-coaching-5551 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 20 Jul 2026 20:10:06 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण की योजनाएं सकारात्मक परिणाम दे रही हैं। समाज कल्याण विभाग के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय केवल स्कूली  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण की योजनाएं सकारात्मक परिणाम दे रही हैं। समाज कल्याण विभाग के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय केवल स्कूली शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक, भारतीय संस्कार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के प्रभावी केंद्र बनकर उभर रहे हैं। नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों के बौद्धिक, शारीरिक और नैतिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।</span></p><p><br></p><p>इसका ताजा उदाहरण मिर्जापुर के सर्वोदय बालिका विद्यालय, मड़िहान स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है। यहां नीट की निःशुल्क आवासीय कोचिंग प्राप्त करने वाली 34 छात्राओं में से 31 ने परीक्षा दी, जिनमें 18 छात्राओं ने सफलता हासिल की। इनमें पूजा रंजन, श्वेता पाल, खुशबू , लक्ष्मी रावत, मालती, अंकिता, अनीता, मनीषा, प्रेमलता, अंकिता कुमारी, कोमल, सपना, अंशिका, प्रियंका, फूल कुमारी, अनुराधा, खुशी और आंचल ने सफलता अर्जित की है।</p><p><br></p><p><b>अनुसूचित एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 60 प्रतिशत सीटें निर्धारित:</b></p><p><br></p><p>जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। साथ ही परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रवेश प्रक्रिया में 60 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, 25 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 15 प्रतिशत सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क आवासीय शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।</p><p><br></p><p><b>प्रदेश में वर्तमान में 103 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित :</b></p><p><br></p><p>प्रदेश में वर्तमान में 103 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं, जहां कक्षा 6 से 12 तक विद्यार्थियों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा दी जा रही है। साथ ही स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर लैब, योग, नैतिक शिक्षा और खेल गतिविधियों के साथ जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी कराई जाती है। मथुरा, गोंडा, बलिया और कानपुर देहात सहित विभिन्न जिलों में 20 नए सर्वोदय विद्यालय निर्माणाधीन हैं।</p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">प्रतिभावान विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी की सुविधा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप सर्वोदय विद्यालयों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी और संस्कारयुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ आधुनिक शिक्षा, संस्कार और निःशुल्क कोचिंग का संगम, नीट में 18 बेटियों की सफलता बनी नई मिसाल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-at-janta-darshan-assures-support-for-athletes-and-public-5543 ]]></guid><title><![CDATA[ मेहनत से खेलिए, पदक जीतिए और सरकारी नौकरी में प्राथमिकता लीजिएः मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-at-janta-darshan-assures-support-for-athletes-and-public-5543 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 20 Jul 2026 15:33:19 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में सभी लोगों से एक-एक कर मुलाकात की। उनका हालचाल जाना, पीड़ा पूछी, प्रार्थना पत्र लिया और उचित निराकरण का आश्वासन भी दिया। सीएम योगी ने राजस ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में सभी लोगों से एक-एक कर मुलाकात की। उनका हालचाल जाना, पीड़ा पूछी, प्रार्थना पत्र लिया और उचित निराकरण का आश्वासन भी दिया। सीएम योगी ने राजस्व, पुलिस से जुड़े मामलों में हीलाहवाली की शिकायत पर सख्ती भी दिखाई। अभिभावकों के साथ आए नन्हे-मुन्नों को सीएम योगी ने चॉकलेट दी और बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">आप पदक जीतिए, हम नौकरी में प्राथमिकता देंगे:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री से मिलने कई खिलाड़ी भी पहुंचे। सभी ने अपनी बातें रखीं। सीएम ने भी खेलों के लिए उनकी तैयारी और पदकों के बारे में भी जानकारी ली। सकारात्मक उत्तर न मिलने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी खूब परिश्रम कीजिए। उत्तर प्रदेश सरकार खिलाड़ियों की निरंतर सीधी भर्ती कर रही है। कई खिलाड़ियों को डिप्टी एसपी, तहसीलदार समेत कई पदों पर नियुक्ति दी गई है। आप भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाइए, सरकार पुरस्कार राशि के साथ ही नौकरी भी देगी लेकिन इसके लिए खूब पसीना भी बहाना होगा। सीएम ने खिलाड़ियों को खेलकर खिलने का भी आशीर्वाद दिया।&nbsp; &nbsp;</span></p><p><br></p><p><b>पारिवारिक विवाद घर में सुलझाएं, बाहरियों की दखलंदाजी ठीक नहीं:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">‘जनता दर्शन’ में पारिवारिक विवाद से भी जुड़े मामले आए। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रकरण के बारे में विस्तृत जानकारी ली। फिर शिकायती पत्र लेकर आए लोगों की काउंसिलिंग की और इसके दुष्परिणाम को लेकर चेताया। कहा कि ऐसे मामले बच्चों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं, इसलिए घर के बड़े-बुजुर्गों के सामने बैठकर इसे सुलझाएं। निजी मामलों में बाहरियों को न शामिल करें।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><b>सीएम योगी ने हीलाहवाली पर दिखाई सख्ती:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री के समक्ष राजस्व व पुलिस से जुड़े मामले भी आए। इस पर उन्होंने प्रकरण की जानकारी ली। पूछा कि कितने दिन पहले पुलिस या राजस्व कर्मी से शिकायत की थी। समय अधिक होने पर मुख्यमंत्री ने सख्ती दिखाई और कहा कि यह हीलाहवाली नहीं चलेगी। समय सीमा के भीतर निस्तारण न करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।&nbsp;&nbsp;</span></p><p><br></p><p><b>किस क्लास में पढ़ते हो, मन लगाकर पढ़ाई करो:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">‘जनता दर्शन’ में कुछ अभिभावकों के साथ बच्चे भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनसे नाम और क्लास पूछा। उन्हें दुलारा-पुचकारा, फिर चॉकलेट दी। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कुछ सवाल भी किए, फिर मन लगाकर पढ़ाई करने और खूब नाम कमाने का आशीर्वाद भी दिया।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मेहनत से खेलिए, पदक जीतिए और सरकारी नौकरी में प्राथमिकता लीजिएः मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-inaugurates-up-disaster-management-hq-5530 ]]></guid><title><![CDATA[ आपदा प्रबंधन हर नागरिक की जिम्मेदारी: नए मुख्यालय के लोकार्पण पर बोले CM योगी... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-inaugurates-up-disaster-management-hq-5530 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 19 Jul 2026 19:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार, 19 जुलाई 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) के नवीन मुख्यालय भवन का लोकार्पण किया। ₹200 करोड़ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश:</b> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार, 19 जुलाई 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) के नवीन मुख्यालय भवन का लोकार्पण किया। ₹200 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित यह अत्याधुनिक भवन राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, त्वरित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह नया मुख्यालय शहीद पथ स्थित डायल-112 मुख्यालय के पास बनाया गया है।</span></p><p>लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा से होने वाली जन-धन की हानि को पहले से की गई तैयारी, सतर्कता और जागरूकता के माध्यम से काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को भी इसके प्रति जागरूक और जिम्मेदार होना चाहिए।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/07/UP-CM_d13dc4d264f0ef6ae42af451076fbd0e_1280X719.webp" style="width: 599.438px;"><br></p><p><b>आपदाओं के प्रति पहले से तैयारी की जाए- सीएम योगी</b></p><p>मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आपदा प्रबंधन से जुड़ी जानकारी को लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ इसे पाठ्यक्रम, परिवार और सामाजिक संवाद का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि संभावित आपदाओं के प्रति पहले से तैयारी की जाए और प्रभावी चेतावनी प्रणाली विकसित की जाए।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/07/UP-CM-2_22887d3ea87363f30ad69dbd65a998e3_1380X1600.webp" style="width: 599.438px;"><br></p><p><b>सीएम योगी ने आपदा प्रबंधन विभाग की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया</b></p><p>नए मुख्यालय भवन को आधुनिक तकनीक और उन्नत सुविधाओं से लैस आपदा प्रबंधन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य में विभिन्न प्रकार की आपदाओं के दौरान निगरानी, समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और राहत-बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/07/UP-CM-3_8b48a3d74b59627d12c97c3121614a1f_1600X900.webp" style="width: 599.438px;"><br></p><p><b>सीएम योगी ने अग्निशमन सेवाकर्मियों को पुरस्कृत किया</b></p><p>इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की वेबसाइट का भी शुभारंभ किया गया। साथ ही आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले SDRF, PAC और अग्निशमन सेवा के कार्मिकों को सम्मानित किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, आठ कार्मिकों को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/07/UP4_bba3203144df3532dc80274cd4a8a02c_1600X1066.webp" style="width: 599.438px;"><br></p><p><b>आपदा प्रबंधन के लिए धन की कमी नहीं होगी- सीएम योगी</b></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए संसाधनों और धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने आने वाले समय में आपदा प्रबंधन व्यवस्था से विभिन्न विभागों को और अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ने पर भी जोर दिया। नए मुख्यालय के माध्यम से उत्तर प्रदेश में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और त्वरित कार्रवाई को मजबूती मिलने की उम्मीद है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ आपदा प्रबंधन हर नागरिक की जिम्मेदारी: नए मुख्यालय के लोकार्पण पर बोले CM योगी... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-teacher-health-scheme-approves-142-treatment-cases-5515 ]]></guid><title><![CDATA[ मुख्यमंत्री शिक्षक सुरक्षा कैशलेस चिकित्सा योजना बनी वरदान, मात्र 10 दिनों में 142 शिक्षकों को मिला लाभ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-teacher-health-scheme-approves-142-treatment-cases-5515 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 18 Jul 2026 17:34:55 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री शिक्षक सुरक्षा कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ होने के बाद महज 10 दिनों में शिक्षकों और उनके परिवार ने योजना का लाभ लेना शुरू कर दिया है। महज 10 दिनों में प्रदेशभर में अब तक कुल 142 ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री शिक्षक सुरक्षा कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ होने के बाद महज 10 दिनों में शिक्षकों और उनके परिवार ने योजना का लाभ लेना शुरू कर दिया है। महज 10 दिनों में प्रदेशभर में अब तक कुल 142 प्री-ऑथराइजेशन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इन मामलों में उपचार की कुल अनुमानित लागत लगभग 37.81 लाख रुपये है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 जुलाई 2026 को इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया था। इसके बाद से योजना को तेजी से लागू करते हुए पात्र शिक्षकों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">बेसिक से 128 और माध्यमिक से 14 मामले आए:</b></p><p><br></p><p>साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि योजना के शुभांरभ के बाद अब तक स्वीकृत 142 प्रकरणों में बेसिक शिक्षा विभाग के 128 मामले शामिल हैं, जिनमें उपचार की अनुमानित लागत 34.15 लाख रुपये है। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 14 मामलों में लगभग 3.66 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश के दोनों प्रमुख शिक्षा वर्गों के शिक्षक योजना का लाभ उठा रहे हैं। इनमें सबसे अधिक 52 मामले जनरल मेडिसिन से जुड़े हैं। इसके अलावा जनरल सर्जरी के 28, ऑर्थोपेडिक्स के 15, यूरोलॉजी के 9, मेडिकल ऑन्कोलॉजी के 8, नवजात शिशु देखभाल के 6, प्रसूति एवं स्त्री रोग के 6, नेत्र रोग के 6 तथा कार्डियोलॉजी के 4 मामलों में उपचार की स्वीकृति दी गई है। अन्य विभिन्न विशेषज्ञताओं में भी मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया गया है।</p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">अब तक 47 जनपदों के शिक्षकों और उनके परिजनों के उपचार को मिली स्वीकृति:</b></p><p><br></p><p>वहीं अब तक 47 जनपदों के शिक्षकों के उपचार को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। सर्वाधिक 12 मामले गोरखपुर से सामने आए हैं। इसके बाद प्रयागराज से 7 तथा जौनपुर, मुरादाबाद और वाराणसी से 6-6 मामले स्वीकृत हुए हैं। बुलंदशहर, देवरिया और अयोध्या से 5-5 तथा आगरा, अलीगढ़, आजमगढ़, बिजनौर, कौशांबी, मऊ और पीलीभीत से 4-4 मामलों को स्वीकृति मिली है। वहीं उपचार राशि के आधार पर वाराणसी सबसे आगे है, जहां लगभग 3.19 लाख रुपये के उपचार स्वीकृत किए गए हैं। इसके बाद गोरखपुर में 2.39 लाख रुपये, प्रयागराज में 2.21 लाख रुपये, फतेहपुर में 2.02 लाख रुपये, बदायूं में 1.61 लाख रुपये, जालौन में 1.55 लाख रुपये तथा हरदोई में 1.45 लाख रुपये की चिकित्सा स्वीकृत की गई है। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि योजना गंभीर चिकित्सा आवश्यकताओं को भी प्रभावी ढंग से पूरा कर रही है।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मुख्यमंत्री शिक्षक सुरक्षा कैशलेस चिकित्सा योजना बनी वरदान, मात्र 10 दिनों में 142 शिक्षकों को मिला लाभ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-offers-jalabhishek-seeks-peace-and-prosperity-for-uttar-pradesh-5514 ]]></guid><title><![CDATA[ गाजियाबाद में सीएम योगी ने श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-offers-jalabhishek-seeks-peace-and-prosperity-for-uttar-pradesh-5514 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 18 Jul 2026 17:21:47 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ गाजियाबाद: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह जनपद भ्रमण के दौरान ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व वाले श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और वि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">गाजियाबाद: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह जनपद भ्रमण के दौरान ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व वाले श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और विशेष पूजन-अर्चन किया। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, आरोग्य और लोककल्याण की कामना करते हुए भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की।</span></p><p><br></p><p>श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर गाजियाबाद के प्रमुख प्राचीन शिवधामों में से एक है, जिसे सनातन संस्कृति, वैदिक परंपरा और आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।</p><p><br></p><p><b>शिवलिंगों और नंदी महाराज के किए दर्शन:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में स्थापित विभिन्न शिवलिंगों पर पुष्प अर्पित किए और नंदी महाराज के दर्शन कर श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया। इस दौरान उन्होंने मठ परिसर में मौजूद संत-महात्माओं का कुशलक्षेम भी जाना। पूजन कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार और शिव स्तुति के बीच संपन्न हुआ, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। कार्यक्रम में मंदिर के पीठाधीश्वर, संत समाज और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।</span></p><p><br></p><p><b>वेदपाठी बटुकों से किया संवाद:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर में वेदाध्ययन कर रहे वेदपाठी बटुकों और संस्कृत के विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक संस्कृति और संस्कृत भाषा का संरक्षण राष्ट्र निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि "संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की सनातन ज्ञान परंपरा की वाहक है। इसी के माध्यम से हमारी सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक विरासत पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रही है।"</span></p><p><br></p><p><b>मंदिर व्यवस्थाओं का लिया जायजा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने मंदिर और मठ परिसर की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया तथा श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया। उनके आगमन पर वेदपाठी बटुकों ने वैदिक स्वस्तिवाचन और पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संत समाज के साथ प्रदेश में शांति, सद्भाव, सांस्कृतिक उत्थान और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ गाजियाबाद में सीएम योगी ने श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-meets-lalita-gautam-family-assures-strict-action-against-all-accused-5513 ]]></guid><title><![CDATA[ दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री, घटना पर जताया गहरा शोक,कहा, एक दोषी बचेगा नहीं ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-meets-lalita-gautam-family-assures-strict-action-against-all-accused-5513 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 18 Jul 2026 17:15:34 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ गाजियाबाद: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मेरठ की दिवंगत दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से गाजियाबाद स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मुलाकात कर घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने परिव ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">गाजियाबाद: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मेरठ की दिवंगत दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से गाजियाबाद स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मुलाकात कर घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</span></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और दृढ़ता से खड़ी है तथा उन्हें न्याय दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।</p><p><b style="font-size: 1rem;">लापरवाही बरतने वालों पर भी होगी कार्रवाई:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">सीएम योगी ने मामले की जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि अभियोजन की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए ताकि सभी दोषियों को जल्द से जल्द कठोरतम सजा दिलाई जा सके।</span></p><p><br></p><p><b>परिवार को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को तत्काल राहत देने के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मृतका के पिता और परिवार के एक अन्य पात्र सदस्य को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने अधिकारियों को आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड सहित सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि परिवार को हरसंभव सहायता मिल सके।</p><p><br></p><p><b>परिजनों ने जताया न्याय मिलने का भरोसा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मृतका के पिता वेदप्रकाश और भाई प्रशांत ने न्याय मिलने का विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरे धैर्य और संवेदनशीलता के साथ उनकी बात सुनी और आश्वस्त किया कि इस जघन्य अपराध में शामिल कोई भी आरोपी बच नहीं पाएगा।</span></p><p><br></p><p>परिजनों ने कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उन्हें न्याय मिलने का भरोसा और मजबूत हुआ है।</p><p><b style="font-size: 1rem;">ये रहे मौजूद:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">इस दौरान समाज कल्याण मंत्री एवं मेरठ के जिला प्रभारी मंत्री असीम अरुण सहित वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री, घटना पर जताया गहरा शोक,कहा, एक दोषी बचेगा नहीं ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-ghaziabad-inaugurates-rs-868-crore-development-projects-targets-sp-congress-5500 ]]></guid><title><![CDATA[ सीएम योगी ने गाजियाबाद में 868 करोड़ से अधिक की 90 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-ghaziabad-inaugurates-rs-868-crore-development-projects-targets-sp-congress-5500 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 18 Jul 2026 00:14:53 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ गाजियाबाद: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने कभी कांवड़ यात्रा, रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और दुर्गा पूज ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">गाजियाबाद: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने कभी कांवड़ यात्रा, रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाई थी, उनके मुंह से आज आस्था की बात हास्यास्पद लगती है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 2017 के बाद कांवड़ यात्रा को सुरक्षा, सम्मान और सुविधाएं उपलब्ध कराईं, जिसके कारण यह देश की सबसे बड़ी और अनुशासित धार्मिक यात्राओं में शामिल हो गई है।</span></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने मुरादनगर और मोदीनगर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 868 करोड़ रुपये की लागत वाली 90 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व. राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण किया, विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया।</p><p><br></p><p><b>"2017 से पहले कांवड़ यात्रा रोकने के आदेश थे":</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">सीएम योगी ने कहा कि 2017 में सत्ता संभालने के बाद अधिकारियों के साथ हुई पहली बैठकों में उन्हें बताया गया था कि पुराने शासनादेशों में कांवड़ यात्रा से दंगे होने की आशंका जताकर इसे रोकने और घंट-घड़ियाल, शंख आदि बजाने पर रोक लगाने के निर्देश थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने शिवभक्तों को सुरक्षा और सुविधाएं देने का फैसला किया तथा स्पष्ट किया कि सच्चा भक्त कभी अनुशासन नहीं तोड़ता।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने कांवड़ संघों और शिवभक्तों से अपील की कि आगामी कांवड़ यात्रा की मर्यादा और अनुशासन बनाए रखें तथा किसी भी विरोधी तत्व को माहौल खराब करने का अवसर न दें।</p><p><br></p><p><b>विपक्ष पर साधा निशाना:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा और कांग्रेस ने हमेशा आस्था को वोट बैंक की राजनीति के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा और कांवड़ यात्रा जैसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाए जाते थे, जबकि उनकी सरकार धार्मिक स्थलों और परंपराओं के संरक्षण एवं विकास का कार्य कर रही है।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, मां विंध्यवासिनी धाम, दुग्धेश्वर नाथ मंदिर कॉरिडोर और पुरा महादेव में आदियोगी प्रतिमा परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के धार्मिक स्थलों का व्यापक विकास किया जा रहा है।</p><p><br></p><p><b>"गाजियाबाद अब सुशासन की पहचान":</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">सीएम योगी ने कहा कि एक दशक पहले गाजियाबाद की पहचान गैंगवार, अपराध और गंदगी से होती थी, जबकि आज यह सुशासन, स्वच्छता और आधुनिक बुनियादी ढांचे के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की बेहतर व्यवस्था, सड़क नेटवर्क और कानून-व्यवस्था ने शहर की तस्वीर बदल दी है।</span></p><p><br></p><p><b>रैपिड रेल और एक्सप्रेसवे का किया जिक्र:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल परियोजना को पूर्ववर्ती सरकारों ने ठुकरा दिया था, लेकिन उनकी सरकार ने इसे आगे बढ़ाया। आज मेरठ से दिल्ली की यात्रा का समय करीब 40 मिनट रह गया है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद एनसीआर और दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में तेजी से उभर रहा है।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, हिंडन एयरपोर्ट, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल पार्क, टॉय पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।</p><p><br></p><p><b>"कानून का राज ही विकास की आधारशिला":</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कानून का राज होता है, वहीं सुशासन आता है। सुशासन से निवेश, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के कारण उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल बना है।</span></p><p><br></p><p><b>कांग्रेस और सपा पर भ्रष्टाचार का आरोप:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">सीएम योगी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने स्वयं स्वीकार किया था कि सरकार का भेजा गया 100 रुपये में से केवल 15 रुपये ही जनता तक पहुंचते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बाकी धन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था, जबकि उनकी सरकार विकास योजनाओं का पैसा सीधे जनता तक पहुंचा रही है।</span></p><p><br></p><p><b>स्व. राजपाल त्यागी को दी श्रद्धांजलि</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व. राजपाल त्यागी को आदर्श जननेता बताते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर जनता की सेवा की। उन्होंने कहा कि जनता के बीच उनकी लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि राजनीति यदि सेवा का माध्यम बने तो लोगों के दिलों में स्थायी स्थान मिलता है।</span></p><p><br></p><p>कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, महापौर सुनीता दयाल, विधायक अजीत पाल त्यागी सहित कई जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सीएम योगी ने गाजियाबाद में 868 करोड़ से अधिक की 90 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-bijnor-development-projects-ganna-law-order-dbt-beneficiary-schemes-5499 ]]></guid><title><![CDATA[ गुंडा व माफियाराज चाहने वालों को जिन्ना पसंद, हमें गन्ना पसंद: मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-bijnor-development-projects-ganna-law-order-dbt-beneficiary-schemes-5499 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 17 Jul 2026 20:24:51 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ बिजनौर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बिजनौर और चांदपुर विधानसभा क्षेत्रों में 1,003 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 76 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विभि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">बिजनौर:</b><span style="font-size: 1rem;"> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बिजनौर और चांदपुर विधानसभा क्षेत्रों में 1,003 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 76 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, स्वीकृति पत्र और नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया।</span></p><p><br></p><p>सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश की सरकारें बिजनौर की उपेक्षा करती थीं, जबकि आज यह जिला तेजी से विकास की नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में सड़क, रेलवे, मेडिकल कॉलेज जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है और गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब विकास की दिशा जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से तय हो रही है।</p><p><br></p><p><b>'हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद है':</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल समाज को बांटने की राजनीति करते हैं, जबकि उनकी सरकार किसानों और विकास की राजनीति में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गन्ना किसानों के हित में कई फैसले लिए हैं और प्रदेश को दंगा, माफिया और अपराध की संस्कृति से बाहर निकालने का काम किया है।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर होने के कारण धार्मिक आयोजनों पर रोक लगानी पड़ती थी, लेकिन अब कांवड़ यात्रा, रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और दुर्गा पूजा जैसे पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में आयोजित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश में बेटियां, व्यापारी और किसान पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित माहौल में अपना कार्य कर रहे हैं।</p><p><br></p><p><b>नर्सिंग कॉलेज से बेटियों को मिलेगा नया अवसर:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने बिजनौर के विकास को नई गति दी है। उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे को बिजनौर के रास्ते हरिद्वार तक जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के बाद जिले में नर्सिंग कॉलेज की भी आधारशिला रखी जा चुकी है। इससे स्थानीय छात्राओं को नर्सिंग शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने नर्सिंग क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनाओं का भी उल्लेख किया।</p><p><br></p><p><b>अपराध से विकास की ओर बढ़ा बिजनौर:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले गन्ना किसानों को लंबे समय तक भुगतान का इंतजार करना पड़ता था, नई गन्ना प्रजातियों का विस्तार नहीं हो रहा था और अपराध के कारण आमजन भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर थे।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि अब प्रदेश सरकार की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और विकास कार्यों को गति देना है। उनके अनुसार वर्तमान समय में बिजनौर अपराध और माफिया की छवि से निकलकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।</p><p><br></p><p><b>समाज को बांटने वाली राजनीति से सतर्क रहने की अपील:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि समाज को जाति और वर्ग के आधार पर विभाजित करने की कोशिशें लोकतंत्र के लिए उचित नहीं हैं। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और योगेंद्र नाथ मंडल का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता पर बल दिया।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की कर्जमाफी, दुर्घटना बीमा, गरीबों के लिए आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है।</p><p><br></p><p><b>डीबीटी से सीधे खातों में पहुंच रहा लाभ:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी योजनाओं की राशि बीच में ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थी, जबकि अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) व्यवस्था के माध्यम से धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, विभिन्न पेंशन योजनाओं और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंच रहा है। राशन वितरण प्रणाली भी डिजिटल निगरानी के दायरे में है, जिससे अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।</p><p><br></p><p><b>विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास विकास योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से स्थानीय जरूरतों के अनुसार सड़क, पुल और फ्लाईओवर जैसी परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया और भरोसा दिलाया कि आवश्यक परियोजनाओं को स्वीकृति देकर शीघ्र कार्य शुरू कराया जाएगा।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांवों को बेहतर सड़क संपर्क, किसानों को समृद्धि और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। साथ ही पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर दिए जा रहे हैं तथा स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।</p><p><br></p><p>कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत कई लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र, स्वीकृति पत्र, वित्तीय सहायता, आवास, उद्यमिता, कृषि, पेंशन और अन्य योजनाओं से संबंधित लाभ वितरित किए गए। समारोह में मंत्री कपिल देव अग्रवाल, सांसद चंदन चौहान, विधान परिषद सदस्य डॉ. हरी सिंह ढिल्लों, अशोक कटारिया सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ गुंडा व माफियाराज चाहने वालों को जिन्ना पसंद, हमें गन्ना पसंद: मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/groundwater-week-2026-moringa-seeds-volcanic-rock-water-conservation-up-5498 ]]></guid><title><![CDATA[ भूजल सप्ताह-2026: सहजन के बीज और ज्वालामुखीय पत्थर से बच सकता है लाखों लीटर पानी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/groundwater-week-2026-moringa-seeds-volcanic-rock-water-conservation-up-5498 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 17 Jul 2026 20:04:23 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार भूजल संरक्षण और जल संसाधनों के संवर्धन को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से 'भूजल सप्ताह-2026' के तहत प्रदेशभर में जागरूकता अभियान चला रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को भू ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश सरकार भूजल संरक्षण और जल संसाधनों के संवर्धन को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से 'भूजल सप्ताह-2026' के तहत प्रदेशभर में जागरूकता अभियान चला रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को भूगर्भ जल विभाग ने 'जल-संवाद' कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। चर्चा के दौरान घरेलू आरओ सिस्टम से निकलने वाले अतिरिक्त पानी के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।</span></p><p><br></p><p>कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि मोरिंगा (सहजन) के बीज और स्कोरिया वॉल्केनिक रॉक (छिद्रयुक्त ज्वालामुखीय पत्थर) जैसी प्राकृतिक सामग्रियां जल शोधन की दिशा में उपयोगी साबित हो सकती हैं। इस तकनीक पर आगे विस्तृत शोध, प्रोटोटाइप तैयार करने और परीक्षण की प्रक्रिया शुरू करने पर भी सहमति बनी।</p><p><br></p><p><b>प्राकृतिक तकनीकों पर हुई चर्चा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">'भूजल सप्ताह-2026' के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भूगर्भ जल विभाग के निदेशक डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने की। बैठक में कम लागत वाली प्राकृतिक जल शोधन तकनीकों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने सहजन के बीज और स्कोरिया रॉक के माध्यम से पानी को शुद्ध करने की संभावनाएं प्रस्तुत कीं। उनका मानना है कि यदि यह तकनीक सफल रहती है तो घरेलू आरओ सिस्टम से प्रतिदिन व्यर्थ होने वाले बड़ी मात्रा के पानी को बचाने में मदद मिल सकती है। विभाग ने इस अवधारणा को सकारात्मक बताते हुए आगे वैज्ञानिक अध्ययन कराने में रुचि दिखाई।</span></p><p><br></p><p><b>कैसे काम करते हैं सहजन के बीज और स्कोरिया रॉक:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">विशेषज्ञों के अनुसार, सहजन के बीजों का पाउडर पानी में मौजूद गंदगी और सूक्ष्म कणों को आपस में जोड़कर नीचे बैठाने में मदद करता है। वहीं स्कोरिया वॉल्केनिक रॉक अपनी छिद्रयुक्त बनावट के कारण प्राकृतिक फिल्टर की तरह कार्य कर अशुद्धियों को कम करने में सहायक हो सकती है। हालांकि इस तकनीक को बड़े स्तर पर लागू करने से पहले और वैज्ञानिक परीक्षण तथा शोध की आवश्यकता बताई गई।</span></p><p><br></p><p><b>जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन की मांग:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">कार्यक्रम में जल संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों ने सुझाव दिया कि जिन गांवों, नगरों और आवासीय परिसरों में वर्षा जल संचयन, रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा अपशिष्ट जल के पुनर्चक्रण जैसे कार्य प्रभावी ढंग से किए जा रहे हैं, उन्हें विशेष प्रोत्साहन और पुरस्कार दिए जाएं। उनका मानना था कि इससे जल संरक्षण के क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और अन्य क्षेत्रों को भी प्रेरणा मिलेगी।</span></p><p><br></p><p>इसके अलावा, रिमोट सेंसिंग और जीआईएस जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से भूजल भंडारण और जल संरक्षण की मैपिंग कर उसे अभियान से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।</p><p><br></p><p><b>जनभागीदारी से ही संभव होगी जल सुरक्षा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">भूगर्भ जल विभाग के निदेशक डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि भविष्य की जल आवश्यकताओं को सुरक्षित रखने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है और जल संरक्षण को दैनिक जीवन की आदत बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ भूजल सप्ताह-2026: सहजन के बीज और ज्वालामुखीय पत्थर से बच सकता है लाखों लीटर पानी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-food-adulteration-crackdown-rs-11-66-crore-food-items-seized-5496 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार का मिलावट पर प्रहार: ₹11.66 करोड़ की खाद्य सामग्री जब्त, 6एफआईआर 2,965 नमूने जांच में भेजे ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-food-adulteration-crackdown-rs-11-66-crore-food-items-seized-5496 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 17 Jul 2026 19:55:44 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए लगातार अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप विश्व खाद्य सुरक्षा  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए लगातार अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (7 जून 2026) पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने सुरक्षित खाद्य उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। इसी क्रम में पूरे प्रदेश में व्यापक अंतर्जनपदीय और जनपदीय प्रवर्तन अभियान चलाया गया, जिसके तहत मिलावटखोरों और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई।</span></p><p><br></p><p>अभियान के दौरान प्रदेशभर में 3,537 निरीक्षण किए गए, 2,075 स्थानों पर छापेमारी हुई और 2,965 खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए। कार्रवाई के दौरान लगभग 2,929.86 कुंतल खाद्य सामग्री (अनुमानित मूल्य 11.66 करोड़ रुपये) जब्त की गई, जबकि 551.71 कुंतल असुरक्षित एवं मिलावटी खाद्य सामग्री (करीब 63.17 लाख रुपये मूल्य) को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।</p><p><br></p><p><b>मसाले, दूध, घी, तेल और पेयजल पर विशेष फोकस:</b></p><p><br></p><p>एफएसडीए की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल मिलावट करने वालों पर कार्रवाई करना नहीं था, बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत करना और खाद्य कारोबारियों को गुणवत्ता मानकों का पालन करने के लिए प्रेरित करना भी था। इस दौरान खुले और पैक्ड मसाले, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, पनीर, घी, खाद्य तेल, पैकेज्ड पेयजल, अचार, सॉस, जैम, जेली, मेयोनेज़ और चटनी जैसी विभिन्न श्रेणियों में विशेष जांच अभियान चलाया गया।</p><p><br></p><p><b>मिलावट के खिलाफ व्यापक कार्रवाई:</b></p><p><br></p><p>मसालों की जांच के दौरान 1,055 नमूने लिए गए। 419.7 क्विंटल मसाले (लगभग 67.78 लाख रुपये मूल्य) जब्त किए गए, जबकि 80.47 क्विंटल अनुपयोगी मसालों (करीब 15.17 लाख रुपये मूल्य) को नष्ट कराया गया।</p><p><br></p><p>अचार, सॉस, जैम, जेली, मेयोनेज़ और चटनी की श्रेणी में 801 नमूने लिए गए। जांच के दौरान 338.6 क्विंटल खाद्य सामग्री (27.77 लाख रुपये मूल्य) जब्त हुई तथा 259.28 क्विंटल असुरक्षित उत्पाद (17.56 लाख रुपये मूल्य) नष्ट किए गए।</p><p><br></p><p>दूध एवं दुग्ध उत्पादों पर सबसे बड़ा अभियान चलाया गया। 572 छापों के दौरान 885 नमूने एकत्र किए गए। जांच के दौरान 1,876.66 क्विंटल दूध एवं दुग्ध उत्पाद (लगभग 10.66 करोड़ रुपये मूल्य) जब्त किए गए, जबकि 211.96 क्विंटल मिलावटी और असुरक्षित उत्पाद (करीब 30.44 लाख रुपये मूल्य) नष्ट करा दिए गए।</p><p><br></p><p><b>पेयजल इकाइयों पर भी सख्त कार्रवाई:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">पैकेज्ड पेयजल निर्माण इकाइयों पर 212 छापों के दौरान 224 नमूने लिए गए। जांच के बाद 56 इकाइयों को सुधार नोटिस जारी किए गए, 41 लाइसेंस निलंबित किए गए, 57 इकाइयों को सील किया गया और 37 इकाइयों का उत्पादन बंद कराया गया। साथ ही 293 किलोलीटर पैकेज्ड पेयजल (करीब 5.06 लाख रुपये मूल्य) जब्त किया गया।</span></p><p><br></p><p>प्रदेश की 520 पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर एवं मिनरल वाटर इकाइयों की जांच में 397 नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें 119 नमूने असुरक्षित और 194 अधोमानक पाए गए। इसके बाद संबंधित इकाइयों के लाइसेंस निलंबित करने और संबंधित ब्रांडों पर सुधार होने तक रोक लगाने की कार्रवाई की गई।</p><p><br></p><p><b>खाद्य तेल और घी के ब्रांड भी जांच के दायरे में:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">खाद्य तेल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए गठित 58 विशेष टीमों ने 64 निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया। 210 नमूने जांच के लिए लिए गए तथा लगभग 4,153 किलोलीटर खाद्य तेल (करीब 6.5 करोड़ रुपये मूल्य) जब्त किया गया। जांच में कई नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद 14 इकाइयों के विभिन्न ब्रांडों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया।</span></p><p><br></p><p>इसी तरह घी के कई नमूने भी असुरक्षित पाए गए। इसके बाद उत्तर प्रदेश की 6 तथा प्रदेश के बाहर की 5 निर्माण इकाइयों के कुल 11 ब्रांडों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर सुधार होने तक रोक लगा दी गई।</p><p><br></p><p><b>छह जिलों में दर्ज हुई एफआईआर:</b></p><p><br></p><p>आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि गंभीर अनियमितताओं के मामलों में शाहजहांपुर, मथुरा, अमरोहा, अलीगढ़, बदायूं और उन्नाव में छह एफआईआर दर्ज कराई गईं। इनमें नकली पनीर, नकली दूध और घी का निर्माण, सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल, प्रतिबंधित पदार्थों से खाद्य सामग्री तैयार करना, बिना लाइसेंस उत्पादन और सील तोड़कर दोबारा फैक्ट्री संचालित करने जैसे मामले सामने आए।</p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि छोटे और खुदरा व्यापारियों का अनावश्यक उत्पीड़न न हो। कार्रवाई मुख्य रूप से संगठित रूप से मिलावट करने वाले और गंभीर खाद्य अपराधों में शामिल लोगों पर केंद्रित रही।</p><p><br></p><p><b>प्रमुख कार्रवाई वाले जिले:</b></p><p><br></p><p><b>- </b>शाहजहांपुर में सिंथेटिक रंग से तैयार 400 किलोग्राम सौंफ जब्त की गई।</p><p><b>- </b>मथुरा में सील तोड़कर बिना लाइसेंस डेयरी संचालन का मामला पकड़ा गया।</p><p><b>- </b>अमरोहा में प्रतिबंधित पदार्थों से बटर बनाने और बड़ी मात्रा में व्हे पाउडर व स्क्रैप पाउडर बरामद हुआ।</p><p><b>- </b>अलीगढ़ में नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्री पर कार्रवाई की गई।</p><p><b>- </b>बदायूं में नकली दूध और घी तैयार करने का मामला सामने आया।</p><p><b>- </b>उन्नाव में सील की गई सॉस फैक्ट्री को दोबारा संचालित करने पर एफआईआर दर्ज की गई।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार का मिलावट पर प्रहार: ₹11.66 करोड़ की खाद्य सामग्री जब्त, 6एफआईआर 2,965 नमूने जांच में भेजे ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/kanwar-yatra-discipline-cm-yogi-shamli-development-projects-5495 ]]></guid><title><![CDATA[ कांवड़ यात्रा में अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं, उपद्रव का प्रयास करने वाले को कान पकड़कर बाहर कर देंः मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/kanwar-yatra-discipline-cm-yogi-shamli-development-projects-5495 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 17 Jul 2026 19:16:02 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर थी और कई क्षेत्रों से लोगों ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर थी और कई क्षेत्रों से लोगों के पलायन की घटनाएं सामने आती थीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नागरिकों को ऐसे तत्वों से सतर्क रहना चाहिए जो समाज को जाति, क्षेत्र या अन्य आधारों पर बांटने का प्रयास करते हैं।</span></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री शुक्रवार को शामली जिले के कैराना, शामली और थानाभवन विधानसभा क्षेत्रों में 581 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 89 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में क्षेत्र में आधारभूत ढांचे, कानून-व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं।</p><p><br></p><p><b>ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शामली और कैराना की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक और स्वतंत्रता संग्राम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि कैराना घराने ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को भी विशिष्ट पहचान दी है।</span></p><p><br></p><p><b>कानून-व्यवस्था में सुधार का दावा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय शामली और कैराना की पहचान अपराध और असुरक्षा से जुड़ी थी, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है। उनके अनुसार, क्षेत्र में अब निवेश और विकास का बेहतर वातावरण तैयार हुआ है।</span></p><p><br></p><p><b>एक्सप्रेसवे और बिजली से बदली तस्वीर:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि शामली अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों से जुड़ रहा है। इसके अलावा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिली है।</span></p><p><br></p><p><b>गन्ना किसानों और चीनी उद्योग का जिक्र:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश सरकार ने चीनी उद्योग के पुनरोद्धार पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हैं और किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश गन्ना, चीनी और एथेनॉल उत्पादन में देश में अग्रणी राज्य बना हुआ है।</span></p><p><br></p><p><b>युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसर:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बेहतर होने और औद्योगिक विकास के कारण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है और स्थानीय युवाओं को भी रोजगार का लाभ मिल रहा है।</span></p><p><br></p><p><b>कांवड़ यात्रा में अनुशासन बनाए रखने की अपील:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और कांवड़ समितियों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कोई असामाजिक तत्व यात्रा की मर्यादा भंग करने का प्रयास करे तो उसे यात्रा से अलग कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी धार्मिक आयोजन शांति, अनुशासन और परंपराओं के अनुरूप संपन्न होने चाहिए।</span></p><p><br></p><p><b>शामली को मिलेगा औद्योगिक लाभ:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि शामली तेजी से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विकास से जुड़ रहा है। उन्होंने बताया कि यहां प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है, जिससे करीब 8,000 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही गोरखपुर-शामली आर्थिक कॉरिडोर और अन्य सड़क परियोजनाएं क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेंगी।</span></p><p><br></p><p><b>जनप्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों के विकास कार्यों की सराहना की और कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग और विश्वास के बल पर प्रदेश में आधारभूत ढांचे, रोजगार, कृषि और औद्योगिक विकास को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।</span></p><p><br></p><p>कार्यक्रम में जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटिक, विधायक प्रसन्न कुमार, विधान परिषद सदस्य मोहित बेनीवाल, चौधरी वीरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व मंत्री सुरेश राणा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ कांवड़ यात्रा में अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं, उपद्रव का प्रयास करने वाले को कान पकड़कर बाहर कर देंः मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/pm-surya-ghar-yojana-up-ranks-second-in-india-under-cm-yogi-5494 ]]></guid><title><![CDATA[ पीएम सूर्य घर योजनाः सीएम योगी के नेतृत्व में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा यूपी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/pm-surya-ghar-yojana-up-ranks-second-in-india-under-cm-yogi-5494 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 17 Jul 2026 19:02:32 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरेलू रूफटॉप ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ:</b><span style="font-size: 1rem;"> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना में उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। प्रदेश में अब तक 6,74,393 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना हो चुकी है। पीएम सूर्य घर योजना की राष्ट्रीय रैंकिंग में गुजरात 7,49,839 स्थापनाओं के साथ पहले स्थान पर, जबकि उत्तर प्रदेश 6,74,393 स्थापनाओं के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। महाराष्ट्र 6,73,717 स्थापनाओं के साथ तीसरे स्थान पर है।</span></p><p>&nbsp; &nbsp;&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग, विभागीय समन्वय और मिशन मोड में किए गए प्रयासों का परिणाम है। प्रदेश सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने से लेकर सोलर संयंत्रों की स्थापना, बैंक ऋण, डिस्कॉम निरीक्षण और सब्सिडी प्रक्रिया को गति देने के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास किए गए हैं।</span></p><p><b style="font-size: 1rem;">2,283.8 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता हुई विकसित:</b></p><p><br></p><p>&nbsp;इस दौरान यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में घरेलू रूफटॉप सोलर के तेजी से विस्तार के परिणामस्वरूप अब तक लगभग 2,283.8 मेगावाट यानी 2.28 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है। इससे प्रदेश के लाखों घर अपनी छतों पर स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि रूफटॉप सोलर से उपभोक्ताओं की पारंपरिक ग्रिड बिजली पर निर्भरता कम होने के साथ-साथ उनके मासिक बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदेश के लाखों परिवारों को प्रतिदिन लगभग ₹6.5 करोड़ मूल्य की निःशुल्क सौर बिजली का लाभ प्राप्त हो रहा है।</p><p>&nbsp; &nbsp;&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;">यह परिवर्तन उत्तर प्रदेश को केवल बिजली उपभोग करने वाली व्यवस्था से आगे बढ़ाकर विशेष आर्थिक दिशा में ले जा रहा है, जहां उपभोक्ता स्वयं अपने घर की छत पर बिजली का उत्पादन कर अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने में भी सक्षम हो रहे हैं।</span></p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">7,000 से अधिक कंपनियां, 85 हजार से अधिक रोजगार:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">पीएम सूर्य घर योजना के व्यापक विस्तार ने उत्तर प्रदेश में एक मजबूत सोलर इकोनॉमी इकोसिस्टम विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश में सोलर सेक्टर से जुड़ी 7,000 से अधिक कंपनियां एवं व्यावसायिक इकाइयां सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से 85,000 से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।</span></p><p>&nbsp; &nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;">सोलर पैनल इंस्टॉलेशन से लेकर सर्वे, डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल कार्य, नेट मीटरिंग, लॉजिस्टिक्स, सेल्स, मार्केटिंग तथा ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस तक एक व्यापक रोजगार श्रृंखला विकसित हुई है। इससे विशेष रूप से युवाओं, तकनीकी पेशेवरों, इलेक्ट्रिशियन, इंजीनियरों, स्थानीय उद्यमियों और छोटे व्यवसायों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।</span></p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली इकोसिस्टम को भी मिली नई गति:</b></p><p><br></p><p>उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर की तेजी से बढ़ती मांग ने प्रदेश के सोलर मैन्युफैक्चरिंग एवं सप्लाई चेन इकोसिस्टम को भी नई गति प्रदान की है। सोलर मॉड्यूल एवं संबंधित उपकरणों के क्षेत्र में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और असेंबली लाइंस विकसित हुई हैं। इसके साथ ही इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, केबल, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, मीटरिंग उपकरण, वेयरहाउसिंग, परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े व्यवसायों को भी नई मांग मिली है। इससे प्रदेश में सौर ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन का माध्यम नहीं रही, बल्कि यह निवेश, औद्योगिक विकास, एमएसएमई विस्तार, स्थानीय उद्यमिता और ग्रीन जॉब्स को गति देने वाली एक नई आर्थिक शक्ति के रूप में उभरी है।</p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">9,000 एकड़ से अधिक भूमि की आवश्यकता में बचत:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;घरेलू रूफटॉप सोलर मॉडल की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बिजली उत्पादन के लिए अलग से बड़े भू भाग की आवश्यकता नहीं होती। घरों और भवनों की उपलब्ध छतों का उपयोग स्वच्छ बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है। प्रदेश में विकसित रूफटॉप सोलर क्षमता को यदि समान क्षमता वाले बड़े ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट्स के माध्यम से स्थापित किया जाता, तो इसके लिए बड़े भू-भाग की आवश्यकता होती। रूफटॉप सोलर के विस्तार से अनुमानतः 9,000 एकड़ से अधिक अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता में बचत हुई है। इससे प्रदेश की बहुमूल्य भूमि को कृषि, आवास, औद्योगिक एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियों के लिए संरक्षित रखने में मदद मिल रही है।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><b style="font-size: 1rem;">हर साल लगभग 27 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">प्रदेश में स्थापित लगभग 2,283.8 मेगावाट (2.28 गीगावाट) घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। अनुमानित सौर ऊर्जा उत्पादन और भारतीय विद्युत ग्रिड के उत्सर्जन कारकों के आधार पर, इस स्थापित क्षमता से सालाना लगभग 3.8 अरब यूनिट (3.8 बिलियन kWh) स्वच्छ बिजली का उत्पादन संभव है। इससे जीवाश्म ईंधन आधारित पारंपरिक बिजली उत्पादन को प्रतिस्थापित कर प्रतिवर्ष अनुमानतः 27 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड&nbsp; उत्सर्जन से बचाव हो सकता है।&nbsp;</span></p><p>&nbsp;&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;">पर्यावरणीय प्रभाव को सरल रूप में समझें तो, यदि एक परिपक्व पेड़ द्वारा औसतन लगभग 22 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड प्रति वर्ष अवशोषित करने का मानक लिया जाए, तो यह वार्षिक कार्बन बचत लगभग 12 करोड़ से अधिक परिपक्व पेड़ों द्वारा एक वर्ष में किए जाने वाले कार्बन अवशोषण के तुलनीय है। इस प्रकार पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश न केवल लाखों परिवारों को स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा उपलब्ध करा रहा है, बल्कि बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबले और भारत के दीर्घकालिक नेट-जीरो लक्ष्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ पीएम सूर्य घर योजनाः सीएम योगी के नेतृत्व में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा यूपी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ayushman-yojana-irregularities-action-against-16-empanelled-hospitals-in-bijnor-5458 ]]></guid><title><![CDATA[ आयुष्मान योजना में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, बिजनौर के 16 सूचीबद्ध अस्पतालों पर गिरी गाज ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ayushman-yojana-irregularities-action-against-16-empanelled-hospitals-in-bijnor-5458 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 15 Jul 2026 21:46:08 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थियों को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (साचीज) ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थियों को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (साचीज) ने निगरानी और सख्त कर दी है। इसी क्रम में बिजनौर जिले के सूचीबद्ध अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आने पर 16 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई।</span></p><p><br></p><p><b>20 अस्पतालों का औचक निरीक्षण:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">साचीज की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अर्चना वर्मा ने बताया कि योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस (एसटीजी) और गुणवत्ता मानकों के पालन की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने बिना पूर्व सूचना के बिजनौर के 20 अस्पतालों का निरीक्षण किया।</span></p><p><br></p><p>निरीक्षण के दौरान मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार प्रक्रिया, दस्तावेजों, रिकॉर्ड, क्लेम प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की गई। इस दौरान कई अस्पताल निर्धारित मानकों का पालन करते हुए नहीं पाए गए और उपचार संबंधी प्रक्रियाओं में भी विभिन्न प्रकार की कमियां सामने आईं।</p><p><br></p><p><b>छह अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">जांच में 16 अस्पतालों में अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई की गई। इनमें से 6 अस्पतालों को निलंबन का नोटिस जारी करते हुए उनके भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। वहीं 10 अन्य अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।</span></p><p><br></p><p>अधिकारियों के अनुसार, अब संबंधित मामलों में जुर्माने का आकलन किया जाएगा और नियमों के अनुसार 10 गुना तक आर्थिक दंड लगाया जाएगा। जांच के दौरान एक ही परिवार के मरीजों को बार-बार भर्ती दिखाने, बिना चिकित्सीय आवश्यकता के आईसीयू में भर्ती करने तथा अन्य प्रक्रियागत गड़बड़ियां सामने आईं।</p><p><br></p><p>इसके अलावा ऑडिट एजेंसी को भी नोटिस जारी किया गया है, जबकि संबंधित जिला कार्यक्रम समन्वयक से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।</p><p><br></p><p><b>आगे भी जारी रहेगी निगरानी:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">सीईओ अर्चना वर्मा ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े सभी सूचीबद्ध अस्पतालों के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य है। यदि किसी अस्पताल द्वारा गुणवत्ता से समझौता किया जाता है या लाभार्थियों को उचित उपचार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि मरीजों के हित सर्वोपरि हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रदेश के सभी सूचीबद्ध अस्पतालों की नियमित निगरानी जारी रहेगी। समय-समय पर औचक निरीक्षण किए जाएंगे और जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।</p><p><br></p><p>साचीज का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रत्येक पात्र लाभार्थी को समय पर, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ आयुष्मान योजना में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, बिजनौर के 16 सूचीबद्ध अस्पतालों पर गिरी गाज ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-textile-policy-bharat-tex-2026-global-textile-hub-5457 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार की टेक्सटाइल नीति से उत्तर प्रदेश को नई पहचान,भारत टेक्स-2026 में गूंजा यूपी का विकास मॉडल ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-textile-policy-bharat-tex-2026-global-textile-hub-5457 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 15 Jul 2026 20:10:59 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स-2026 के दौरान उत्तर प्रदेश के वस्त्र उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स-2026 के दौरान उत्तर प्रदेश के वस्त्र उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पारंपरिक बुनकरी और आधुनिक वस्त्र उद्योग के समन्वय के साथ देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5एफ विजन (फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन और फैशन टू फॉरेन) को आधार बनाकर प्रदेश में निवेश, रोजगार, नवाचार और निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है।</span></p><p><br></p><p><b>पारंपरिक बुनकरी को मिली नई पहचान:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">राकेश सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश लंबे समय से हथकरघा और हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा का केंद्र रहा है। प्रदेश के करीब 1.91 लाख हथकरघा बुनकर अपनी कला और शिल्प के जरिए देश-विदेश में पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि बनारसी साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी, भदोही के कालीन, सीतापुर की दरी तथा मेरठ और बागपत के होम टेक्सटाइल उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्तर प्रदेश की विशिष्ट पहचान बन चुके हैं। साथ ही तकनीकी वस्त्र और आधुनिक गारमेंट उद्योग में भी प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।</span></p><p><br></p><p><b>निवेश के लिए अनुकूल माहौल:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के माध्यम से निवेशकों को कई प्रकार के प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इनमें भूमि लागत पर सहायता, स्टांप शुल्क में छूट, पूंजीगत अनुदान, ब्याज सब्सिडी और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। उनका कहना है कि इन नीतिगत प्रोत्साहनों के कारण प्रदेश में टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।</span></p><p><br></p><p><b>बुनकरों के सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">राकेश सचान ने कहा कि सरकार बुनकरों के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। प्रदेश के हजारों हथकरघा बुनकरों को बिजली बिल पर सब्सिडी दी जा रही है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों को संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इसके अलावा भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएचटी), वाराणसी के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। अनुसूचित जाति के बुनकरों के लिए विशेष योजनाओं के साथ मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना के जरिए आधुनिक तकनीक और वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।</span></p><p><br></p><p><b>पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क से मिलेगी गति:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क की स्थापना से वस्त्र उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में उत्तर प्रदेश के बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों, सहकारी समितियों और उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित कर रही है। स्टॉल, परिवहन, यात्रा और अन्य खर्चों में सहायता देकर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।</span></p><p><br></p><p><b>वैश्विक बाजार से जुड़ रहा उत्तर प्रदेश:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का उद्देश्य केवल पारंपरिक बुनकरी और हस्तशिल्प को संरक्षित करना नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक, निवेश और वैश्विक बाजार से जोड़कर उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना भी है। उनके अनुसार, सरकार की नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश का टेक्सटाइल उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार की टेक्सटाइल नीति से उत्तर प्रदेश को नई पहचान,भारत टेक्स-2026 में गूंजा यूपी का विकास मॉडल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-honours-11-youth-on-world-youth-skills-day-in-lucknow-5456 ]]></guid><title><![CDATA[ मुख्यमंत्री ने विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर 11 युवाओं को किया सम्मानित ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-honours-11-youth-on-world-youth-skills-day-in-lucknow-5456 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 15 Jul 2026 19:58:49 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में विश्व युवा कौशल दिवस-202 ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ:</b><span style="font-size: 1rem;"> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त 11 युवाओं को सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वाले युवाओं ने अपने संघर्ष, उपलब्धियों और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरक यात्राएं भी साझा कीं।</span></p><p><br></p><p><b>राजरानी ने सुनाई संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक की कहानी:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">बरेली की राजरानी ने बताया कि उनके पिता का निधन हो चुका है और उनकी मां कैंसर से पीड़ित हैं। कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें हरियाणा में नौकरी मिली, जहां वर्तमान में उन्हें 27 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अपनी आय से वह मां का इलाज कराने के साथ पूरे परिवार की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। उन्होंने अन्य युवतियों से भी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।</span></p><p><br></p><p><b>आईटीआई से मिला बेहतर भविष्य:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्नाव के कृष्ण कुमार साहू ने बताया कि आईटीआई से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें एनसीएल (कोल इंडिया की इकाई) में नौकरी मिली, जहां वे करीब एक लाख रुपये प्रतिमाह वेतन प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले प्रशिक्षण के लिए दूर जाना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर संस्थान खुलने से ग्रामीण युवाओं को काफी सुविधा मिली है।</span></p><p><br></p><p><b>स्वरोजगार से बदली जिंदगी:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">चंदौली की भावना दुबे ने आईटीआई से फैशन डिजाइनिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि आज वह अपना स्वयं का कार्य संचालित कर रही हैं और 70 हजार रुपये प्रतिमाह से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया।</span></p><p><br></p><p><b>हेल्थकेयर स्टार्टअप से रोजगार का सृजन:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">ज्ञान प्रकाश वर्मा ने बताया कि आईटीआई से प्रेरणा लेकर उन्होंने लखनऊ में हेल्थकेयर स्टार्टअप शुरू किया। उनकी कंपनी महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े एआई आधारित समाधान विकसित कर रही है और इसके माध्यम से कई युवाओं को रोजगार भी मिला है।</span></p><p><br></p><p><b>शुभ्रा मिश्रा बनीं सफल उद्यमी:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">फर्रुखाबाद की शुभ्रा मिश्रा ने बताया कि आईटीआई से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने उन्नत प्रशिक्षण भी प्राप्त किया और अपना व्यवसाय शुरू किया। वर्तमान में उनकी मासिक आय लगभग पांच लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों को भी अच्छा वेतन मिल रहा है। उनके अनुसार, सरकारी योजनाओं ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया।</span></p><p><br></p><p><b>मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर भावुक हुए युवा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने जिन 11 युवाओं को सम्मानित किया, उनमें शीतल कुमारी, नेहा, फरदीन खान, मोहम्मद बिलाल, राजरानी, वर्तिका गुप्ता, अर्जुन पाल, संगीता वर्मा, शिवांग वर्मा, राजीव विश्वकर्मा और विनीता शामिल रहे।</span></p><p><br></p><p>अयोध्या की शीतल कुमारी ने बताया कि कौशल प्रशिक्षण के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में नौकरी मिली, जहां उन्हें 23 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होना उनके जीवन का सबसे यादगार अनुभव है।</p><p><br></p><p><b>योजनाओं से मिला आत्मनिर्भर बनने का अवसर:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">गौतमबुद्ध नगर की संगीता वर्मा ने बताया कि उन्होंने नोएडा से आईटीआई प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपना व्यवसाय शुरू किया। वहीं लखनऊ की वर्तिका गुप्ता ने अलीगंज स्थित आईटीओटी रिसर्च सेंटर से कॉस्मेटोलॉजी ट्रेड में प्रशिक्षण लेकर ऑल इंडिया रैंक हासिल की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग से उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला।</span></p><p><br></p><p><b>मुख्यमंत्री से मिलने का सपना हुआ पूरा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">हमीरपुर की नेहा ने बताया कि वर्तमान में उन्हें 22,800 रुपये प्रतिमाह वेतन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि साधारण परिवार से होने के बावजूद अब वह अपने परिवार की आर्थिक मदद कर पा रही हैं। मुख्यमंत्री से सम्मान प्राप्त करना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।</span></p><p><br></p><p>समारोह में सम्मानित युवाओं की कहानियों ने यह संदेश दिया कि कौशल विकास और उचित प्रशिक्षण के माध्यम से युवा न केवल रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता के जरिए दूसरों के लिए भी नए अवसर तैयार कर सकते हैं।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मुख्यमंत्री ने विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर 11 युवाओं को किया सम्मानित ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-says-pre-2017-government-was-biggest-obstacle-to-youth-employment-5454 ]]></guid><title><![CDATA[ 2017 से पहले तत्कालीन सरकार ही सबसे बड़ी अपशगुन थी: सीएम योगी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-says-pre-2017-government-was-biggest-obstacle-to-youth-employment-5454 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 15 Jul 2026 19:45:02 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए न पर्याप्त रोजगार के अवसर थे और न ही सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सरकारी नौ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए न पर्याप्त रोजगार के अवसर थे और न ही सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सरकारी नौकरियों में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार का बोलबाला था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में राज्य सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई हैं, जबकि सवा तीन करोड़ से अधिक युवाओं और कारीगरों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा गया है।</span></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री बुधवार को विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को सम्मानित किया, प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा प्रशिक्षित युवाओं से संवाद भी किया।</p><p><br></p><p><b>कौशल विकास से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष यूनेस्को ने विश्व युवा कौशल दिवस की थीम "साझा भविष्य के लिए कौशल" निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला राज्य है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवाओं को आधुनिक कौशल और सही अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो वे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।</span></p><p><br></p><p><b>पहले पहचान के लिए करना पड़ता था संघर्ष:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाने पर अपनी पहचान और सम्मान के लिए संघर्ष करना पड़ता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता का अभाव था और भ्रष्टाचार तथा भाई-भतीजावाद हावी था। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और सीमित आवश्यकताओं वाला जीवन ही सच्चा संतोष देता है।</span></p><p><br></p><p><b>कौशल विकास को मिली नई दिशा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार देश में कौशल विकास मंत्रालय का गठन किया गया, जिससे स्किल डेवलपमेंट को नई पहचान मिली। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुख व्यवस्था का अभाव था, जबकि अब युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा है।</span></p><p><br></p><p><b>उत्तर प्रदेश की संभावनाओं पर जोर:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत, कृषि क्षमता और युवा शक्ति से समृद्ध राज्य है। उन्होंने कहा कि गंगा, यमुना, सरयू, गोमती और अन्य नदियों के साथ अयोध्या, काशी, मथुरा, वृंदावन और महाकुंभ जैसी धरोहरें प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। उनके अनुसार, समस्या प्रदेश नहीं बल्कि पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली और सोच थी।</span></p><p><br></p><p><b>ब्रह्मोस परियोजना से युवाओं को मिला अवसर:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद रक्षा मंत्रालय की ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना को लखनऊ में स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए लगभग 200 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई। कोरोना काल के दौरान भी परियोजना का कार्य जारी रहा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से जुड़े उद्योगों में आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके 500 युवाओं को रोजगार मिला, जिनमें प्रदेश के कई जिलों के युवा शामिल हैं।</span></p><p><br></p><p><b>एमएसएमई बने अर्थव्यवस्था की ताकत:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद का पीतल उद्योग, फिरोजाबाद का कांच उद्योग, मेरठ का खेल उद्योग, भदोही का कालीन, लखनऊ की चिकनकारी, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी और बनारसी साड़ी जैसे पारंपरिक उत्पादों को सरकार ने नई पहचान दिलाई है।</span></p><p><br></p><p><b>आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षण:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, 3डी प्रिंटिंग और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे आधुनिक विषयों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि महोबा, चित्रकूट, सोनभद्र, बलिया और बहराइच जैसे जिलों तक भी पहुंचाई जाएगी।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने युवाओं से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनने का आह्वान किया। इसी उद्देश्य से प्रत्येक जिले में एमएसएमई, कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा, श्रम एवं सेवायोजन विभाग के समन्वय से सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित किए जा रहे हैं।</p><p><br></p><p><b>विदेशी रोजगार के लिए भाषा प्रशिक्षण:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि जो युवा जापान सहित अन्य देशों में रोजगार करना चाहते हैं, उन्हें संबंधित देशों की भाषा का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि वैश्विक रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया, इलेक्ट्रॉनिक्स, उन्नत विनिर्माण, हर घर नल, पीएनजी गैस विस्तार और अन्य क्षेत्रों में रोजगार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।</span></p><p><br></p><p><b>आत्मनिर्भरता की मिसाल:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">कार्यक्रम में एक प्रशिक्षित युवती का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपने कौशल के बल पर 27 हजार रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रही है और उसी आय से अपनी मां का इलाज करा रही है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता का यही वास्तविक उदाहरण है और ऐसे प्रयास लाखों रुपये से भी अधिक मूल्यवान हैं। मुख्यमंत्री ने युवती की मां के इलाज में हरसंभव सरकारी सहायता का भी आश्वासन दिया।</span></p><p><br></p><p>इस अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान एवं मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 2017 से पहले तत्कालीन सरकार ही सबसे बड़ी अपशगुन थी: सीएम योगी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/gorakhpur-panipat-expressway-5451 ]]></guid><title><![CDATA[ UP को मिलेगा 750 किमी का मेगा एक्सप्रेसवे, गोरखपुर से दिल्ली-NCR का सफर होगा आधा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/gorakhpur-panipat-expressway-5451 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 15 Jul 2026 17:07:20 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश लगातार देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाले राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के बाद अब राज्य  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>उत्तर प्रदेश</b> लगातार देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाले राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के बाद अब राज्य को एक और बड़ी सड़क परियोजना मिलने जा रही है। प्रस्तावित गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे न केवल लंबाई के लिहाज से गंगा एक्सप्रेसवे से बड़ा होगा, बल्कि यह पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा से हाई-स्पीड कनेक्टिविटी भी देगा।</p><p>करीब 750 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। <b>भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)</b> इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है और शुरुआती चरण में कई जिलों में सर्वे का काम भी शुरू हो चुका है।</p><h5 class=""><b>दिल्ली तक का सफर होगा पहले से कहीं तेज</b></h5><p>फिलहाल गोरखपुर से दिल्ली या हरियाणा तक सड़क मार्ग से पहुंचने में लगभग 12 से 14 घंटे का समय लगता है। नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद यही दूरी लगभग 7 से 8 घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे यात्रियों को समय की बचत होगी और लंबी दूरी की यात्रा पहले की तुलना में अधिक आरामदायक और सुरक्षित बन सकेगी।</p><p>तेज रफ्तार सड़क नेटवर्क का लाभ केवल निजी वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मालवाहक वाहनों के लिए भी परिवहन लागत और समय दोनों में कमी आने की संभावना है।</p><h5 class=""><b>22 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ</b></h5><p>गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के लगभग 22 जिलों से होकर गुजरेगा। यह पूर्वांचल, अवध, रूहेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक ही हाई-स्पीड कॉरिडोर से जोड़ने का काम करेगा।<br></p><p class="grey-bg-red"><b>पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ, सीतापुर और शाहजहांपुर </b>जैसे जिले इस परियोजना से सीधे लाभान्वित होंगे। वहीं<b> पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली को भी नई कनेक्टिविटी मिलेगी।</b></p><h5 class=""><b>क्या होगा एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित रूट</b></h5><p>प्रस्तावित योजना के अनुसार एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में सिद्धार्थनगर के बांसी क्षेत्र से प्रवेश करेगा। इसके बाद यह संत कबीर नगर, गोरखपुर, कुशीनगर और अन्य जिलों से गुजरते हुए अवध क्षेत्र तक पहुंचेगा। आगे यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों को जोड़ते हुए शामली पहुंचेगा, जहां से इसे हरियाणा के पानीपत तक विस्तारित किया जाएगा।</p><p>इस कॉरिडोर के जरिए पूर्वी उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक बिना बड़े शहरों के ट्रैफिक में फंसे सीधे यात्रा संभव हो सकेगी।</p><h5 class=""><b>35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना</b></h5><p>इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 35,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इसे शुरुआती चरण में 6-लेन एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8-लेन तक विस्तारित करने की व्यवस्था भी रखी जाएगी।</p><p>भूमि अधिग्रहण के दौरान उत्तर प्रदेश के लगभग 133 गांव इस परियोजना से प्रभावित होंगे। सरकार का दावा है कि उचित मुआवजे और नियमानुसार प्रक्रिया के जरिए विकास कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।</p><h5 class=""><b>व्यापार और उद्योग को मिलेगा नया आधार</b></h5><p>विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे केवल परिवहन परियोजना नहीं बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास का नया इंजन साबित हो सकता है। बेहतर सड़क संपर्क से कृषि उत्पाद, औद्योगिक सामान और अन्य वस्तुओं की ढुलाई तेज होगी। इससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलेगी और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।</p><p>इसके अलावा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क और नए व्यावसायिक केंद्र विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।</p><h5 class=""><b>पूर्वांचल को मिलेगा नया विकास कॉरिडोर</b></h5><p>गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल का अगला बड़ा कदम माना जा रहा है। यह परियोजना राज्य के पूर्वी हिस्से को पश्चिमी भारत के प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यदि तय समय के अनुसार निर्माण कार्य आगे बढ़ता है, तो आने वाले वर्षों में यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाला प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बन सकता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP को मिलेगा 750 किमी का मेगा एक्सप्रेसवे, गोरखपुर से दिल्ली-NCR का सफर होगा आधा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/noida-mamura-village-electric-bike-fire-5447 ]]></guid><title><![CDATA[ नोएडा के मामूरा में ई-बाइक से लगी भीषण आग, दो की मौत; 50 लोगों को सुरक्षित निकाला गया ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/noida-mamura-village-electric-bike-fire-5447 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 15 Jul 2026 14:47:48 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नोएडा के सेक्टर-66 स्थित मामूरा गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब एक बहुमंजिला इमारत की पार्किंग में खड़ी इलेक्ट्रिक बाइक में कथित स्पार्किंग के बाद भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>नोएडा के सेक्टर-66</b> स्थित <b>मामूरा गांव</b> में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब एक बहुमंजिला इमारत की पार्किंग में खड़ी इलेक्ट्रिक बाइक में कथित स्पार्किंग के बाद भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी पार्किंग को अपनी चपेट में ले लिया और धुआं तेजी से इमारत की ऊपरी मंजिलों तक फैल गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग इमारत के भीतर फंस गए।</p><p>घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और करीब 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कई लोगों को धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी हुई, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।</p><p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के कुछ ही मिनटों में पार्किंग से घना धुआं निकलने लगा, जिससे इमारत में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए छत और बालकनी की ओर भागे। दमकल कर्मियों ने सीढ़ियों और हाइड्रोलिक उपकरणों की मदद से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।<br></p><p>प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत इलेक्ट्रिक बाइक में हुई स्पार्किंग से हुई। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। फायर विभाग और पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से आग के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।</p><p>अधिकारियों का कहना है कि आग पर काबू पाने में कुछ समय लगा क्योंकि पार्किंग में कई अन्य वाहन भी मौजूद थे। दमकल की कई गाड़ियों ने मिलकर आग बुझाई, जिससे आसपास की इमारतों तक आग फैलने से रोका जा सका।</p><p>हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने इमारत की सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन मानकों की भी जांच शुरू कर दी है। यह भी देखा जाएगा कि भवन में फायर सेफ्टी उपकरण और आपातकालीन निकास की व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं।</p><p>इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच बैटरी सुरक्षा और चार्जिंग सिस्टम को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करते समय प्रमाणित चार्जर, सुरक्षित पार्किंग और नियमित तकनीकी जांच बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।</p><p>फिलहाल पुलिस ने दोनों मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है और हादसे के सभी पहलुओं की जांच जारी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ नोएडा के मामूरा में ई-बाइक से लगी भीषण आग, दो की मौत; 50 लोगों को सुरक्षित निकाला गया ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-expands-food-security-through-digital-pds-5439 ]]></guid><title><![CDATA[ गरीब कल्याण का मजबूत आधार बनी योगी सरकार की खाद्य सुरक्षा नीति ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-government-expands-food-security-through-digital-pds-5439 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 14 Jul 2026 20:17:19 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत व्यापक स्तर पर राशन वितरण कर रह ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत व्यापक स्तर पर राशन वितरण कर रही है। सरकार की ओर से हर महीने करोड़ों पात्र लाभार्थियों तक मुफ्त खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है। तकनीक आधारित निगरानी, पारदर्शी व्यवस्था और समयबद्ध वितरण प्रणाली के कारण उत्तर प्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के प्रभावी संचालन वाले प्रमुख राज्यों में शामिल है।</span></p><p><br></p><p><b>प्रयागराज में सबसे अधिक लाभार्थी:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">खाद्य एवं रसद विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रयागराज जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के सबसे अधिक 42.10 लाख से अधिक लाभार्थी हैं। इसके बाद जौनपुर में 34.93 लाख, सीतापुर में 34.05 लाख, आजमगढ़ में 33.41 लाख, बरेली में 31.69 लाख, हरदोई में 31.32 लाख, लखीमपुर खीरी में 31.18 लाख, गोरखपुर में 31.03 लाख, आगरा में 30.68 लाख और लखनऊ में 30.10 लाख से अधिक लोगों को नियमित रूप से योजना का लाभ मिल रहा है। इन दस जिलों में ही तीन करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है।</span></p><p><br></p><p><b>तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">सरकार ने राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया है। ई-पीओएस मशीनों के माध्यम से आधार आधारित प्रमाणीकरण, ऑनलाइन मॉनिटरिंग, डिजिटल रिकॉर्ड और नियमित निरीक्षण जैसी व्यवस्थाओं से वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है। इससे पात्र लाभार्थियों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचना सुनिश्चित हुआ है और व्यवस्था पर लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।</span></p><p><br></p><p><b>ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों पर समान फोकस:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">प्रदेश सरकार का कहना है कि खाद्य सुरक्षा सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। इसी उद्देश्य से गरीब, श्रमिक, किसान और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक बिना किसी बाधा के राशन पहुंचाने के लिए शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में भी वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।</span></p><p><br></p><p><b>हर पात्र परिवार तक लाभ पहुंचाने का लक्ष्य:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र परिवार खाद्यान्न से वंचित न रहे। इसी सोच के तहत पूरी सार्वजनिक वितरण प्रणाली को तकनीक आधारित, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र लाभार्थी को समय पर राशन उपलब्ध कराकर उनकी खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्थिरता एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ गरीब कल्याण का मजबूत आधार बनी योगी सरकार की खाद्य सुरक्षा नीति ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/vidur-herbal-tea-made-by-up-women-gains-global-recognition-5438 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी की महिलाओं ने बनाई 'विदुर हर्बल टी', इंग्लैंड, जर्मनी और फ्रांस में फ्रेंचाइजी खोलने की तैयारी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/vidur-herbal-tea-made-by-up-women-gains-global-recognition-5438 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 14 Jul 2026 20:12:23 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अब हर्बल उत्पादों के जरिए अपनी अलग पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अब हर्बल उत्पादों के जरिए अपनी अलग पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकारी योजनाओं से मिले सहयोग और प्रशिक्षण के बल पर बिजनौर की महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही 'विदुर हर्बल टी' देश ही नहीं, विदेशों में भी अपनी जगह बना रही है। इस उत्पाद की फ्रेंचाइजी के लिए अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों से रुचि दिखाई जा रही है, जबकि दिल्ली, पंजाब, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।</span></p><p><br></p><p><b>एक लाख रुपये के ऋण से शुरू हुआ सफर:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">बिजनौर जिले के कोतवाली ब्लॉक के टांडा मैदास लखी वाला गांव की बबिता रानी बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत एक लाख रुपये का ऋण लेकर इस उद्यम की शुरुआत की थी। आज समूह की 10 महिलाएं मिलकर पूरी तरह ऑर्गेनिक हर्बल टी का उत्पादन कर रही हैं। इस पहल ने उन्हें नियमित आय का स्रोत उपलब्ध कराया है और ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। उनके अनुसार, इस उद्यम से कई महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं।</span></p><p><br></p><p><b>प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से तैयार होती है चाय:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">'विदुर हर्बल टी' को पूरी तरह प्राकृतिक और ऑर्गेनिक सामग्री से तैयार किया जाता है। इसमें लेमनग्रास, गिलोय, मुलेठी, जामुन की पत्ती, कच्ची हल्दी, अमरूद की पत्ती, दालचीनी, तुलसी, हरी इलायची और सौंफ जैसी औषधीय जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है।</span></p><p><br></p><p>समूह दो प्रकार की हर्बल टी तैयार करता है। पहली पारंपरिक ऑर्गेनिक हर्बल टी है, जबकि दूसरी 'अर्जुना हृदय शक्ति' नाम से तैयार की जाती है, जिसे दूध या पानी दोनों के साथ बनाया जा सकता है।</p><p><br></p><p><b>दूसरे राज्यों तक पहुंचा कारोबार:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बिजनौर और वर्तमान में वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अनुसार, इस पहल ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है और वे अब अपने परिवार की जिम्मेदारियों को आत्मविश्वास के साथ निभा रही हैं।</span></p><p><br></p><p>आज बिजनौर में 35 से अधिक आउटलेट और कैफे में विदुर हर्बल टी का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा मुरादाबाद में भी महिलाओं द्वारा दो हर्बल टी सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। हाल ही में सिविल लाइन क्षेत्र में एक नया केंद्र शुरू किया गया है और आने वाले समय में पांच नए कैफे खोलने की तैयारी भी चल रही है।</p><p><br></p><p><b>महिलाओं के हाथों में पूरा संचालन:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">इस उद्यम की खास बात यह है कि उत्पादन से लेकर पैकेजिंग और विपणन तक की पूरी प्रक्रिया स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ही संभालती हैं। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को भी नई पहचान मिली है।</span></p><p><br></p><p><b>महिला सशक्तीकरण का सफल उदाहरण:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने जैसी पहलें ग्रामीण महिलाओं के लिए नए अवसर तैयार कर रही हैं। 'विदुर हर्बल टी' की सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि महिलाओं को उचित सहयोग और संसाधन मिलें, तो वे स्थानीय स्तर पर ऐसा उद्यम विकसित कर सकती हैं जो राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बना सके।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी की महिलाओं ने बनाई 'विदुर हर्बल टी', इंग्लैंड, जर्मनी और फ्रांस में फ्रेंचाइजी खोलने की तैयारी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-government-promotes-fisheries-and-rural-self-employment-5434 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहे युवा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में मिल रहा बढ़ावा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-government-promotes-fisheries-and-rural-self-employment-5434 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 14 Jul 2026 18:11:26 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ/रायबरेली: उत्तर प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाएं अब जमीन पर सकारात्मक परिणाम देती दिखाई दे रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ/रायबरेली:</b><span style="font-size: 1rem;"> उत्तर प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाएं अब जमीन पर सकारात्मक परिणाम देती दिखाई दे रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों को बढ़ावा देने की नीति के तहत मत्स्य पालन, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण तथा अन्य ग्रामीण उद्यमों में निवेश को प्रोत्साहन मिल रहा है। इसका लाभ उठाकर कई युवा नौकरी तलाशने के बजाय स्वयं उद्यम स्थापित कर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। रायबरेली के युवा उद्यमी सुजीत चौधरी इसका एक उदाहरण हैं।</span></p><p><br></p><p><b>इंजीनियरिंग से मत्स्य पालन तक का सफर:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">सुजीत चौधरी ने बताया कि वह मूल रूप से बस्ती जिले के रहने वाले हैं। वर्ष 2005 में बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने निजी क्षेत्र में काम शुरू किया। वर्ष 2007 में उन्हें नौकरी के सिलसिले में अमेरिका जाने का अवसर मिला, जहां उन्होंने करीब नौ वर्षों तक कार्य किया। वर्ष 2016 में भारत लौटने के बाद उन्होंने नोएडा में एक सॉफ्टवेयर कंपनी शुरू की। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने कृषि आधारित व्यवसाय की संभावनाओं पर काम करने का फैसला किया और मत्स्य पालन क्षेत्र में निवेश करने का निर्णय लिया।</span></p><p><br></p><p><b>23 तालाबों में हो रहा व्यावसायिक उत्पादन:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">सुजीत ने वर्ष 2019 में रायबरेली जिले के महराजगंज क्षेत्र स्थित बल्ला गांव में करीब 10 हेक्टेयर भूमि लीज पर लेकर मत्स्य पालन की शुरुआत की। आज उनके पास 23 तालाब हैं, जिनमें व्यावसायिक स्तर पर मछली उत्पादन किया जा रहा है। उनके अनुसार, हर वर्ष लगभग 500 से 600 टन मछली का उत्पादन और विपणन किया जाता है।</span></p><p><br></p><p>उन्होंने बताया कि इस पहल से 50 से अधिक किसान भी उनके साथ जुड़े हैं। वे किसानों को मत्स्य पालन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने बिचौलियों पर निर्भर रहने के बजाय सीधे ग्राहकों तक अपनी पहुंच बनाकर कारोबार का विस्तार किया है। इसके अलावा वे समुद्री झींगा (श्रिम्प) उत्पादन के क्षेत्र में भी कार्य कर रहे हैं।</p><p><br></p><p><b>सरकारी सहायता से मिला विस्तार:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">सुजीत चौधरी ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्ष 2021 में 8.50 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। उनका कहना है कि इस आर्थिक सहायता से व्यवसाय को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिली और उत्पादन क्षमता बढ़ाने का अवसर मिला।</span></p><p><br></p><p><b>फिश हब और प्रशिक्षण केंद्र की तैयारी:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">भविष्य की योजनाओं के बारे में उन्होंने बताया कि अब वे एक आधुनिक फिश हब विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस केंद्र में मत्स्य पालन से संबंधित प्रयोगशाला, प्रशिक्षण सुविधाएं और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने की योजना है। इसका उद्देश्य स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार करना है।</span></p><p><br></p><p>सुजीत चौधरी का यह प्रयास दर्शाता है कि यदि युवाओं को उचित मार्गदर्शन, तकनीकी जानकारी और सरकारी योजनाओं का सहयोग मिले तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर सफल उद्यम स्थापित किए जा सकते हैं। ऐसे मॉडल स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहे युवा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में मिल रहा बढ़ावा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/operation-kayakalp-and-project-alankar-transform-up-government-schools-5433 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार ने बदली सरकारी विद्यालयों की तस्वीर, कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार से मिली नई पहचान ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/operation-kayakalp-and-project-alankar-transform-up-government-schools-5433 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 14 Jul 2026 18:03:34 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की सरकारी विद्यालयी शिक्षा में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल रहा है। सरकार ने स्कूलों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता, आधारभूत सुव ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की सरकारी विद्यालयी शिक्षा में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल रहा है। सरकार ने स्कूलों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग में ऑपरेशन कायाकल्प और माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से सरकारी विद्यालयों का स्वरूप बदला गया है। अब स्कूलों में पेयजल, शौचालय, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लास, अतिरिक्त कक्ष, डिजिटल संसाधन और आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।</span></p><p><br></p><p><b>ऑपरेशन कायाकल्प से बदली परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">ऑपरेशन कायाकल्प के तहत प्रदेश के लगभग 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प किया जा चुका है। वर्ष 2017-18 में जहां विद्यालयों का संतृप्तिकरण लगभग 36 प्रतिशत था, वहीं अब यह बढ़कर 96.30 प्रतिशत से अधिक हो गया है। विद्यार्थियों के लिए 3.42 लाख डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने का कार्य जारी है। इसके अलावा 1.30 लाख से अधिक विद्यालयों में पुस्तकालय स्थापित किए जा चुके हैं और हजारों स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित हो रही हैं।</span></p><p><br></p><p>प्राथमिक स्तर की शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए 4.50 लाख से अधिक शिक्षकों को फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) आधारित प्रशिक्षण दिया गया है। इससे बच्चों की भाषा और गणित संबंधी बुनियादी दक्षताओं में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।</p><p><br></p><p><b>आधुनिक मॉडल विद्यालयों का विस्तार:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">विद्यालयों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के उद्देश्य से सरकार प्रदेश के सभी 75 जिलों में 150 मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय स्थापित कर रही है। इनमें से 141 विद्यालयों के लिए भूमि का चयन पूरा हो चुका है। इसके साथ ही 75 मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालयों की स्थापना की प्रक्रिया भी जारी है।</span></p><p><br></p><p>प्रदेश में संचालित 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से कक्षा 6 से 12 तक उन्नत किया जा रहा है। जिन विकास खंडों में ऐसे विद्यालय उपलब्ध नहीं हैं, वहां नए आवासीय बालिका विद्यालय स्थापित करने की योजना बनाई गई है, ताकि छात्राओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण मिल सके।</p><p><br></p><p><b>प्रोजेक्ट अलंकार से मजबूत हुआ माध्यमिक शिक्षा ढांचा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रोजेक्ट अलंकार के जरिए विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में 29,216 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 2,460 राजकीय हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेज शामिल हैं।</span></p><p><br></p><p>सरकार ने अब तक 41 नए राजकीय इंटर कॉलेज और 215 राजकीय हाईस्कूल का निर्माण पूरा कराया है। इसके अतिरिक्त 60 नए इंटर कॉलेजों को स्वीकृति दी गई है तथा 280 नए विद्यालयों का संचालन शुरू किया गया है। साथ ही 2,383 राजकीय और 590 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया है।</p><p><br></p><p>तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विद्यार्थियों के उपयोग हेतु 778 आईसीटी लैब और 1,236 स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं, जिससे सरकारी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिली है।</p><p><br></p><p><b>पीएम श्री विद्यालयों में नई शिक्षा नीति पर जोर:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">प्रदेश के 1,722 पीएम श्री विद्यालयों में से 1,565 विद्यालय बेसिक शिक्षा विभाग तथा 157 विद्यालय माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित हैं। इन विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप नवाचार आधारित शिक्षण, कौशल विकास, आधुनिक संसाधनों और समग्र शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।</span></p><p><br></p><p><b>गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर सरकार का फोकस:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक छात्र-छात्रा को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा का वातावरण देना है। उनके अनुसार, ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से सरकारी विद्यालयों की कार्यप्रणाली और स्वरूप में व्यापक बदलाव आया है। प्रशिक्षित शिक्षक, आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों की मदद से विद्यार्थियों को प्रभावी शिक्षण का अवसर मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्ट शिक्षा का केंद्र बनाना है, ताकि बच्चे आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य का निर्माण कर सकें।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार ने बदली सरकारी विद्यालयों की तस्वीर, कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार से मिली नई पहचान ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ram-mandir-donation-case-dinendra-das-devotees-response-5422 ]]></guid><title><![CDATA[ राम मंदिर चढ़ावा विवाद: 'भक्तों की संख्या पर कोई असर नहीं', बोले महंत दिनेंद्र दास ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ram-mandir-donation-case-dinendra-das-devotees-response-5422 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 14 Jul 2026 12:22:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ अयोध्या, उत्तर प्रदेश: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले की जांच के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने मंगलवार को कहा कि इन आरोपों का श्रद्धालुओं की आस्था प ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>अयोध्या, उत्तर प्रदेश:</b> अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले की जांच के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने मंगलवार को कहा कि इन आरोपों का श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है और दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मीडिया से बातचीत में महंत दिनेंद्र दास ने कहा, "मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। भक्तों की संख्या में किसी तरह की कोई कमी नहीं आई है।"</span></p><p>राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई को लेकर उन्होंने भरोसा जताया कि अदालत का फैसला देश में शांति, प्रेम और सौहार्द बनाए रखने में मदद करेगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "जब सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा, तब देश में प्रेम और सौहार्द कायम रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बैरागी हैं और भगवान राम के भक्त हैं। यदि कोई गलती करता है तो वह तुरंत उसके खिलाफ कार्रवाई करते हैं।"</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Ayodhya, Uttar Pradesh: Ram Mandir Trust member Dinendra Das says, &amp;quot;There is no shortage during the aarti. A large number of devotees come, and the crowd keeps increasing. As for the offerings and donations, all the money is deposited in the donation boxes. Nothing is left… &lt;a href="https://t.co/GU2OeAQnnf"&gt;pic.twitter.com/GU2OeAQnnf&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2076901289229979652?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>यूपी सरकार द्वारा गठित SIT की रिपोर्ट पेश करने का आदेश</b></p><p>यह बयान ऐसे समय आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और गबन के आरोपों की स्वतंत्र एवं न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) को भी मामले की स्टेटस रिपोर्ट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।</span></p><p>अदालत ने कहा, "उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT अपनी स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करे। मामले की अगली सुनवाई अगले सोमवार को होगी। रिपोर्ट में SIT की संरचना (Composition) का भी उल्लेख किया जाए।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही SIT का गठन कर चुकी है और जांच जारी है, इसलिए नोटिस जारी करने की आवश्यकता नहीं है।</span></p><p><b>"अपनी ऊर्जा बचाकर रखिए, क्योंकि बाहर मीडिया के काम आएगा"</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस चरण में वह आरोपों की सत्यता पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहा है, बल्कि केवल जांच की प्रगति की जानकारी चाहता है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि SIT के गठन के 17 दिन बीत जाने के बावजूद जांच में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। इस पर अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">"अपनी ऊर्जा बचाकर रखिए, क्योंकि बाहर मीडिया को बयान देने के लिए भी उसकी जरूरत पड़ेगी। क्या आप चाहते हैं कि हम कोई आदेश ही न दें?"</span></p><p>इसके बाद अदालत ने नोटिस जारी करते हुए SIT से उसकी प्रगति रिपोर्ट और टीम की संरचना का विवरण मांगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद दान की गिनती करने वाले कुछ कर्मचारियों ने कथित तौर पर चढ़ावे की राशि का गबन किया।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ राम मंदिर चढ़ावा विवाद: 'भक्तों की संख्या पर कोई असर नहीं', बोले महंत दिनेंद्र दास ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ram-mandir-trustee-dinendra-das-donation-probe-devotees-5421 ]]></guid><title><![CDATA[ 'No Impact on Devotees': Dinendra Das Responds to Ram Mandir Donation Embezzlement Allegations ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ram-mandir-trustee-dinendra-das-donation-probe-devotees-5421 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 14 Jul 2026 12:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Ayodhya, Uttar Pradesh: Amid the ongoing investigation into the alleged embezzlement of donations for the Ram Mandir in Ayodhya, Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust trustee Mahant Dinendra Das o ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>Ayodhya, Uttar Pradesh:</b> Amid the ongoing investigation into the alleged embezzlement of donations for the Ram Mandir in Ayodhya, Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust trustee Mahant Dinendra Das on Tuesday said there has been no decline in the number of devotees visiting the temple for darshan.</span></p><p>Speaking to media, Dinendra Das Ji Maharaj said, "Many people are arriving at the temple for darshan. There is no decline in the number of devotees..."&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">Commenting on the Supreme Court hearing regarding the arrangements and developments related to the Shri Ram Janmabhoomi Temple, the trustee expressed confidence that the court's decision would help maintain peace and harmony in the country.</span></p><p>"When the Supreme Court delivers its verdict, harmony and love will prevail in the country... The Chief Minister Yogi Adityanath is a bairagi and a devotee of Lord Ram. If anyone commits a fault, he immediately metes out punishment," he told media.</p><p>The remarks came amid a legal proceeding in which the Supreme Court on Monday issued notices to the Centre, the Uttar Pradesh government and the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust on petitions seeking an independent, court-monitored probe into the alleged misappropriation of donations at the Ram Janmabhoomi temple in Ayodhya.</p><p>A bench comprising Chief Justice of India Surya Kant and Justices Joymalya Bagchi and V Mohan also directed the Special Investigation Team (SIT) constituted by the Uttar Pradesh government to place a status report before it. The Court has sought details on the composition of the SIT.</p><p>"We direct the SIT constituted by the State of Uttar Pradesh to submit a status report. Post this matter for further consideration next Monday. Please also mention the composition of the SIT in the status report," the Court said.</p><p>During the hearing, Solicitor General of India (SGI) Tushar Mehta, appearing for the Uttar Pradesh government, urged the Court not to issue notice, submitting that the State had already constituted an SIT and that the investigation was underway.</p><p>"A notice may not be necessary", the SGI said.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">The Court, however, clarified that it was not examining the merits of the allegations at this stage and only wanted to be apprised of the progress of the investigation.</span></p><p>The Court, however, did not entertain arguments by the petitioner's counsel that more than seventeen days have passed since the constitution of the SIT and no progress has been made. The Court responded to the submission by suggesting the counsels save their energy as it would be required once they go and give sound bites to the media, outside the court.</p><p>"Save your energy because you are required to use it outside also. You don't want us to pass an order?" the Court said.&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">The Court thereafter proceeded to issue notice and called for the SIT's status report along with details of its composition.&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">The petitions seek an independent probe into allegations that donations made by devotees at the Ram Mandir were siphoned off by staff handling the counting of cash offerings.</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 'No Impact on Devotees': Dinendra Das Responds to Ram Mandir Donation Embezzlement Allegations ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/lucknow-to-kanpur-in-45-minutes-via-new-expresswa-5417 ]]></guid><title><![CDATA[ योगी सरकार में एक और मील का पत्थर, 45 मिनट में लखनऊ से कानपुर ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/lucknow-to-kanpur-in-45-minutes-via-new-expresswa-5417 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 13 Jul 2026 20:19:07 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तैयार किया गया 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (ने ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तैयार किया गया 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (नेशनल एक्सप्रेसवे-6) सोमवार, 13 जुलाई को उद्घाटन के बाद आम जनता के लिए खोल दिया गया। इसके शुरू होने से राजधानी लखनऊ और औद्योगिक शहर कानपुर के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुगम हो गई है। जहां पहले इस मार्ग पर ढाई से तीन घंटे तक का समय लग जाता था, वहीं अब यह दूरी लगभग 35 से 45 मिनट में तय की जा सकेगी।</span></p><p><br></p><p>करीब 4,500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना वर्ष 2018 में की गई थी। दोनों शहरों के बीच लगातार बढ़ते यातायात दबाव और लंबे जाम की समस्या को देखते हुए इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई। उद्देश्य एक ऐसा आधुनिक और सुरक्षित एक्सप्रेसवे विकसित करना था, जो तेज़, निर्बाध और विश्वस्तरीय संपर्क उपलब्ध करा सके।</p><p><br></p><p><b>मार्च 2019 में हुआ था शिलान्यास:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">मार्च 2019 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था। बाद में दिसंबर 2020 में केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय महत्व की परियोजना मानते हुए नेशनल एक्सप्रेसवे-6 का दर्जा दिया। इसके निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआई ने दो चरणों में विभाजित कर पीएनसी इंफ्राटेक को सौंपी।</span></p><p><br></p><p><b>दो हिस्सों में पूरा हुआ निर्माण कार्य:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">परियोजना का पहला भाग लगभग 18 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन है, जो लखनऊ के अमौसी और शहीद पथ क्षेत्र को जोड़ता है। घनी आबादी और भूमि अधिग्रहण जैसी चुनौतियों के बावजूद इसे आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक के जरिए पूरा किया गया।</span></p><p><br></p><p>दूसरा चरण लगभग 45 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का है, जो नई भूमि पर विकसित किया गया। यह मार्ग लखनऊ के 11 और उन्नाव के 31 गांवों से होकर गुजरता है। वर्ष 2022 में भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आई। अक्टूबर 2025 तक ग्रीनफील्ड सेक्शन तैयार हो गया, जबकि वर्ष 2026 की शुरुआत तक एलिवेटेड हिस्से का अधिकांश कार्य पूरा कर लिया गया। जून 2026 में इस एक्सप्रेसवे का सफल ट्रायल रन भी किया गया।</p><p><br></p><p><b>बिना रुके कटेगा टोल:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">इस एक्सप्रेसवे की प्रमुख विशेषता इसकी आधुनिक टोल प्रणाली है। यहां पारंपरिक टोल प्लाजा नहीं बनाए गए हैं। मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) तकनीक के जरिए वाहन बिना रुके गुजर सकेंगे और एडवांस फास्टैग तथा ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) सिस्टम के माध्यम से टोल अपने आप कट जाएगा। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी, साथ ही टोल पर लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। सड़क निर्माण में ऑटोमेटेड मशीन गाइड कंस्ट्रक्शन तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता और सटीकता बेहतर हुई है।</span></p><p><br></p><p><b>आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था और हरित कॉरिडोर:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">पूरे एक्सप्रेसवे पर 80 से अधिक हाई-डेफिनिशन कैमरे, 16 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम और स्पीड राडार लगाए गए हैं। निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन होने पर कंट्रोल रूम से स्वतः ई-चालान जारी किया जा सकेगा। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर 46 हजार से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिससे यह मार्ग हरित कॉरिडोर के रूप में भी विकसित होगा।</span></p><p><br></p><p><b>उद्योग, निवेश और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">6-लेन (भविष्य में 8-लेन तक विस्तारित किए जाने योग्य) इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से प्रतिदिन यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, व्यापारियों और उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही प्रस्तावित स्टेट कैपिटल रीजन, औद्योगिक विकास, निवेश, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय संपर्क को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योगी सरकार में एक और मील का पत्थर, 45 मिनट में लखनऊ से कानपुर ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-road-infrastructure-review-yogi-adityanath-nitin-gadkari-national-highway-projects-5416 ]]></guid><title><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करना हमारी प्राथमिकता: नितिन गडकरी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-road-infrastructure-review-yogi-adityanath-nitin-gadkari-national-highway-projects-5416 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 13 Jul 2026 20:10:43 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़क अवसंरचना से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़क अवसंरचना से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक सड़क नेटवर्क विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला है, जबकि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश को देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बताते हुए परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया।</span></p><p><br></p><p><b>2014 के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग विकास को मिली नई रफ्तार:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">बैठक में एनएचएआई की ओर से बताया गया कि वर्ष 2014 के बाद उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। इस अवधि में 10,204 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं स्वीकृत हुईं, जबकि 9,329 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। अप्रैल 2025 से मई 2026 के बीच 606 किलोमीटर नई परियोजनाओं को मंजूरी मिली और 1,010 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण पूरा हुआ। प्रदेश में अब तक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर करीब 1.94 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है।</span></p><p><br></p><p><b>प्रमुख हाईवे परियोजनाओं की हुई समीक्षा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">बैठक में मथुरा-बरेली-सितारगंज फोरलेन, आगरा-अलीगढ़ फोरलेन, आगरा-ग्वालियर-झांसी-नागपुर आर्थिक गलियारा, कानपुर रिंग रोड, जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, मुरादाबाद-काशीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि ये परियोजनाएं तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही हैं और इनके पूरा होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, उत्तराखंड और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के बीच संपर्क और मजबूत होगा।</span></p><p><br></p><p><b>पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">बरेली बाईपास परियोजना की समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि विकास कार्यों में पेड़ों की कटाई के बजाय आधुनिक तकनीक के जरिए उनका प्रत्यारोपण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।</span></p><p><br></p><p><b>पूर्वांचल और बुंदेलखंड को मिलेगा बेहतर संपर्क:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">बैठक में सोनौली-गोरखपुर फोरलेन, गाजीपुर-बलिया-बिहार सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रयागराज सदर्न रिंग रोड और प्रयागराज-जौनपुर-आजमगढ़-दोहरीघाट मार्ग की प्रगति की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से भारत-नेपाल सीमा, बौद्ध पर्यटन सर्किट, पूर्वांचल और बिहार के बीच संपर्क बेहतर होगा तथा व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलेगी।</span></p><p><br></p><p><b>धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">अयोध्या रिंग रोड, रामवन गमन मार्ग, राम जानकी मार्ग और 84 कोसी परिक्रमा मार्ग की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगी। इनके पूरा होने से अयोध्या, चित्रकूट, प्रयागराज, कौशांबी और नेपाल के जनकपुर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों तक आधुनिक सड़क संपर्क उपलब्ध होगा।</span></p><p><br></p><p><b>भविष्य की परियोजनाओं पर भी चर्चा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">बैठक में अयोध्या-गोंडा, रीवा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग तथा शामली से गोरखपुर तक प्रस्तावित 742 किलोमीटर लंबे एक्सेस कंट्रोल्ड राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कॉरिडोर पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क को नई दिशा देगा तथा औद्योगिक विकास, कृषि और निवेश को गति प्रदान करेगा।</span></p><p><br></p><p><b>नई परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">देवा-फतेहपुर फोरलेन, वृंदावन बाईपास, कसया-पनियहवा राष्ट्रीय राजमार्ग, कर्नलगंज एवं पश्चिमी गोंडा बाईपास तथा कानपुर के प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर सहित कई नई परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति और उपयोगिताओं के स्थानांतरण जैसी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।</span></p><p><br></p><p><b>रोपवे और नए प्रस्तावों पर भी मंथन:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">बैठक में वृंदावन और प्रयागराज रोपवे परियोजनाओं के साथ प्रयागराज में नैनी पुल के समानांतर नए पुल, नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर, राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विस्तार, जिला मुख्यालयों को फोरलेन संपर्क, विभिन्न शहरों में रिंग रोड और बाईपास निर्माण के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया।</span></p><p><br></p><p><b>सड़क सुरक्षा होगी सर्वोच्च प्राथमिकता:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">नितिन गडकरी ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रत्येक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में सुरक्षित डिजाइन, ब्लैक स्पॉट सुधार, आधुनिक संकेतक और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़क अवसंरचना का तेजी से विस्तार उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को नई गति देगा और निवेश, उद्योग, पर्यटन, व्यापार तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करना हमारी प्राथमिकता: नितिन गडकरी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-makes-up-number-one-in-amrit-sarovar-construction-5415 ]]></guid><title><![CDATA[ सीएम योगी के नेतृत्व में चला सबसे बड़ा जल संरक्षण अभियान, देश के 27% अमृत सरोवर यूपी में ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-makes-up-number-one-in-amrit-sarovar-construction-5415 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 13 Jul 2026 19:57:38 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश में अब तक 20 हजार अमृत सरोवरों  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ: </b><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश में अब तक 20 हजार अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा चुका है, जबकि पिछले पांच वर्षों में करीब 1.75 लाख तालाबों का निर्माण एवं पुनर्जीवन किया गया है। अमृत सरोवर निर्माण के मामले में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है और देशभर में बने कुल अमृत सरोवरों में लगभग 27 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की है।</span></p><p><br></p><p>पिछले पांच वित्तीय वर्षों में जल संरक्षण और जल संसाधनों के विकास से जुड़े कार्यों पर 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता, कृषि, भूजल स्तर और पर्यावरण पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।</p><p><br></p><p><b>जल संरक्षण के कार्यों का बढ़ा दायरा:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">प्रदेश सरकार ने जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं के दायरे का विस्तार किया है। पहले मनरेगा के तहत 266 अनुमन्य कार्यों में से 78 कार्य जल संरक्षण से जुड़े थे, जबकि अब वीबी-जीराम-जी के तहत 318 अनुमन्य कार्यों में 107 कार्य जल सुरक्षा और जल संरक्षण से संबंधित हैं। इनमें चेक डैम, सोक पिट, रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग, तालाब निर्माण, जलाशयों का पुनर्जीवन, बांध निर्माण, मेड़बंदी और पौधरोपण जैसे कार्य शामिल हैं।</span></p><p><br></p><p><b>अमृत सरोवर निर्माण में देश में नंबर वन:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। अमृत सरोवर निर्माण में दूसरे स्थान पर मध्य प्रदेश है, लेकिन उत्तर प्रदेश उससे भी लगभग तीन गुना आगे है। सरकार का कहना है कि यह उपलब्धि केवल निर्माण कार्यों का परिणाम नहीं, बल्कि जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की रणनीति का प्रभाव है।</span></p><p><br></p><p><b>गांव-गांव में बना जनआंदोलन:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">सरकार ने अमृत सरोवर योजना को केवल सरकारी परियोजना तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया। गांवों में पुराने तालाबों का पुनर्जीवन, नए जलाशयों का निर्माण, वर्षा जल संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया गया है। इससे जल संकट वाले क्षेत्रों में भी स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।</span></p><p><br></p><p><b>खेती और पर्यावरण को मिला लाभ:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">अमृत सरोवरों और तालाबों के निर्माण से सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे किसानों को राहत मिली है। साथ ही भूजल स्तर में सुधार, हरित क्षेत्र के विस्तार और जैव विविधता संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। जल संरक्षण के इन प्रयासों से पर्यावरणीय संतुलन मजबूत हुआ है।</span></p><p><br></p><p><b>ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">जल संरक्षण अभियान का लाभ ग्रामीण आजीविका पर भी दिखाई दे रहा है। अमृत सरोवरों के माध्यम से मत्स्य पालन, पशुपालन, सिंचाई और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। साथ ही जल संरक्षण परियोजनाओं के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और कृषि उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज की गई है।</span></p><p><br></p><p><b>राष्ट्रीय मॉडल बन रहा उत्तर प्रदेश:</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">प्रदेश सरकार का मानना है कि जल संरक्षण को विकास, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की नीति ने उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल राज्य बनाया है। अमृत सरोवर, तालाबों के पुनर्जीवन और व्यापक जल संरक्षण अभियानों ने यह साबित किया है कि सुनियोजित रणनीति, जनभागीदारी और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से जल संकट का दीर्घकालिक समाधान संभव है।</span></p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सीएम योगी के नेतृत्व में चला सबसे बड़ा जल संरक्षण अभियान, देश के 27% अमृत सरोवर यूपी में ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ajay-rai-ram-temple-embezzlement-probe-demand-5400 ]]></guid><title><![CDATA[ राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अजय राय ने की सिटिंग SC जज की निगरानी में जाँच की माँग... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ajay-rai-ram-temple-embezzlement-probe-demand-5400 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 13 Jul 2026 11:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए दावा किया कि RSS प्रमुख मोहन भागवत की हालिया टिप्पण ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश:</b> उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए दावा किया कि RSS प्रमुख मोहन भागवत की हालिया टिप्पणी अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की <b>"स्वीकारोक्ति" </b>है।&nbsp;मीडिया से बातचीत में अजय राय ने कथित गबन मामले की सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा (सिटिंग) न्यायाधीश की निगरानी में समयबद्ध जाँच कराने की </span>माँग<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;की।</span></p><p>मोहन भागवत के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू करने की बात कही थी, अजय राय ने आरोप लगाया कि मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था ही इस तरह बनाई गई थी कि वित्तीय अनियमितताओं को बढ़ावा मिले।</p><p><b>RSS ने ख़ुद मान लिया कि चोरी हुई है- अजय राय</b></p><p>कांग्रेस नेता ने कहा, "इसका मतलब है कि RSS ने खुद मान लिया है कि चोरी हुई है। मोहन भागवत ने इसे स्वीकार कर लिया है। सवाल यह है कि व्यवस्था ऐसी क्यों बनाई गई, जिसमें चोरी की गुंजाइश थी? अब वे कहते हैं कि इसे ठीक करेंगे। इससे साफ है कि ये सभी एक ही खेल का हिस्सा हैं। यह चोरी का पैसा मोहन भागवत से लेकर पीएमओ तक पहुंचा है।"</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Lucknow, UP: On the alleged Ram Mandir donation embezzlement case, State Congress President Ajay Rai says, “…These people are all thieves, whether they belong to the VHP or the RSS, they are all complicit. Champat Rai did not take this money home for themselves. The… &lt;a href="https://t.co/SpWsNf3Gki"&gt;pic.twitter.com/SpWsNf3Gki&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) &lt;a href="https://x.com/ANINewsUP/status/2075906722380882111?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 11, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>अजय राय ने राज्य सरकार द्वारा गठित SIT पर भी उठाए सवाल</b></p><p>अजय राय ने राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की जाँच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सरकार खुद आरोपों के घेरे में है तो उसी के अधीन काम करने वाली SIT से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "जब सब लोग इसमें शामिल हैं, तो उसी सरकार के अधीन SIT जांच का क्या मतलब है? SIT दबाव में काम कर रही है। मैं सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में समयबद्ध </span>जाँच<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;की </span>माँग<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;करता हूँ।"</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Delhi: On Supreme Court hearing on Ram Temple funds donation row, advocate for the petitioner, Ajai Kumar Rai says, “The matter is inherently sensitive because it concerns the faith of millions of devotees who donated to the trust. If the innocence or guilt of those… &lt;a href="https://t.co/jOQV8fz7zb"&gt;pic.twitter.com/jOQV8fz7zb&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2076541997486309635?ref_src=twsrc^tfw"&gt;July 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>कांग्रेस नेता ने सीएम योगी पर साधा निशाना, कहा- वो लगातार झूठ बोल रहे हैं</b></p><p>कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह लगातार झूठ बोल रहे हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "योगी आदित्यनाथ 2003 में गोरखपुर से सांसद थे और उस समय केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी। अगर तब कोई गड़बड़ी हुई थी तो उन्होंने विरोध क्यों नहीं किया? उनके पास अपने आरोपों का कोई सबूत नहीं है।"</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी एक व्यवस्थित प्रक्रिया थी- कांग्रेस नेता&nbsp;</b></span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>इस बीच, SIT की प्रारंभिक जांच में राम मंदिर के चढ़ावा गिनने वाले कक्ष (Counting Room) में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों का दावा किया गया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, कुछ कर्मचारियों ने कथित तौर पर नोटों की गड्डियां अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और निजी सामान में छिपाई थीं, जिससे संकेत मिलता है कि कथित चोरी एक व्यवस्थित और बार-बार होने वाली प्रक्रिया थी।</i></b></p><p><b>13 जुलाई को SC में सुनवाई में होगी इस मामले की सुनवाई</b></p><p>उधर, मामले की स्वतंत्र और अदालत की निगरानी में जांच की मांग वाली कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट पहुँच चुकी हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">13 जुलाई को इस मामले पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल हैं, सुनवाई करेगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अजय राय ने की सिटिंग SC जज की निगरानी में जाँच की माँग... ]]></media:description></item></channel></rss>