<?xml version='1.0' encoding='UTF-8' ?><rss xmlns:content='http://purl.org/rss/1.0/modules/content/' xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/'  version='2.0'><channel><title>GTC Bharat</title><link>https://www.gtcbharat.com</link><lastBuildDate><![CDATA[Thu, 25 Jun 2026 00:39:17 +0530 ]]></lastBuildDate><language>en</language><image><title>GTC Bharat</title><url>https://media.gtcbharat.com/uploads/GTC-Bhart.svg</url><link>https://www.gtcbharat.com</link></image><description>GTC Bharat: Hindi News(हिंदी न्यूज़): Bharat की ताज़ा खबरें | Hindi News, हिंदी समाचार </description><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-sarkar-up-vikas-model-bengaluru-roadshow-5100 ]]></guid><title><![CDATA[ बेंगलुरु में गूंजा यूपी का विकास मॉडल: उद्योग जगत ने बताया निवेश का सबसे बड़ा उभरता केंद्र ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-sarkar-up-vikas-model-bengaluru-roadshow-5100 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 24 Jun 2026 21:56:15 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ बेंगलुरु/लखनऊ: देश की टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु में उत्तर प्रदेश की विकास गाथा और निवेश संभावनाओं की गूंज सुनाई दी। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), टेक्नोलॉजी, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p style="text-align: justify; "><b>बेंगलुरु/लखनऊ: </b>देश की टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु में उत्तर प्रदेश की विकास गाथा और निवेश संभावनाओं की गूंज सुनाई दी। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), टेक्नोलॉजी, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, स्टार्टअप और मानव संसाधन क्षेत्र से जुड़े उद्योग जगत के दिग्गजों ने उत्तर प्रदेश को निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन का सबसे संभावनाशील गंतव्य बताया। उद्योग प्रतिनिधियों का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कानून-व्यवस्था, निवेशक के अनुकूल नीतियों और तेज़ी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी ने उत्तर प्रदेश को नई अर्थव्यवस्था, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों और वैश्विक निवेश का उभरता केंद्र बना दिया है।</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify;">बेंगलुरु में आयोजित निवेशक संवाद के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में उपलब्ध अवसरों, निवेश माहौल और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। निवेशकों ने राज्य को टेक्नोलॉजी, विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, स्टार्टअप और रोजगार सृजन के लिए देश के सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बताया।</p><p style="text-align: justify;"><br></p><p style="text-align: justify; "><b>जीसीसी क्षेत्र में नया मानक स्थापित कर सकता है उत्तर प्रदेश</b></p><p style="text-align: justify; ">ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) उद्योग विशेषज्ञ और एआई रणनीतिकार अनिल पद्मनाभन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मजबूत शासन व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश समर्थक वातावरण इसे जीसीसी क्षेत्र के लिए आदर्श गंतव्य बनाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की सक्रिय कार्यशैली और उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद राज्य को नई पहचान दे रहा है। उनके अनुसार भारत में जीसीसी स्थापित करने की योजना बनाने वाली कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश का मूल्यांकन करना अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने वैश्विक ग्राहकों को उत्तर प्रदेश में निवेश और जीसीसी स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगे।</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; "><b>नोएडा-जेवर-लखनऊ कॉरिडोर पर निवेशकों की बढ़ती रुचि:</b></p><p style="text-align: justify; ">सत्त्व ग्रुप के डायरेक्टर कॉरपोरेट अफेयर्स पी.के. मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में उभरेगा। उनके अनुसार नियामकीय पारदर्शिता, प्रशासनिक दक्षता और बेहतर कार्यसंस्कृति ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।</p><p style="text-align: justify;"><br></p><p style="text-align: justify; "><b>रोजगार सृजन को मिलेगी नई रफ्तार</b></p><p style="text-align: justify; ">वैश्विक इंश्योरेंस ब्रोकिंग कंपनी एऑन (एओएन) की निदेशक शेरिन जॉन ने कहा कि उनकी कंपनी नोएडा स्थित अपने कार्यालय का विस्तार कर रही है और 600 से 1000 अतिरिक्त कर्मचारियों को जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों, बाजारों और इंफ्रास्ट्रक्चर तक आसान पहुंच उत्तर प्रदेश को कॉरपोरेट विस्तार के लिए आदर्श स्थान बनाती है। एऑन की विस्तार योजना यह संकेत देती है कि राज्य में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार अवसरों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वहीं टीमलीज सर्विसेज लिमिटेड की प्रबंध निदेशक अपर्णा मित्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उपलब्ध विशाल प्रतिभा, तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के बढ़ते अवसर इसे नई अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश करने के लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता।</p><p style="text-align: justify;"><br></p><p style="text-align: justify; "><b>स्टार्टअप और नवाचार को मिल रहा नया आधार:</b></p><p style="text-align: justify; ">आविष्कार समूह और इंटेलीकैप की प्रतिनिधि सायना देनुगरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों और उद्यमियों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण तैयार किया है। राज्य में नए व्यवसायों को बढ़ावा देने, विकासात्मक पूंजी को आकर्षित करने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्थाएं कृषि, खाद्य प्रणाली और ऊर्जा परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि लखनऊ सहित राज्य के कई शहर भविष्य में टेक्नोलॉजी और नवाचार आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम के प्रमुख केंद्र बनेंगे। उनके अनुसार देश के पारंपरिक कारोबारी केंद्रों पर बढ़ते दबाव के बीच उत्तर प्रदेश नई प्रतिभा, नई पूंजी और नए उद्यमों के लिए सबसे मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है।</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; "><b>निवेश की संभावनाओं पर भरोसा जताया:</b></p><p style="text-align: justify; ">टीई कनेक्टिविटी की प्रतिनिधि सुनीता ने भी उत्तर प्रदेश में उभरती निवेश संभावनाओं पर भरोसा जताया। उन्होंने बताया कि कंपनी वैश्विक स्तर पर कनेक्टिविटी उत्पादों, डेटा विश्लेषण, ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए कनेक्टर्स और सेंसर के विकास में कार्यरत है तथा बेंगलुरु स्थित उसके ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर में करीब 1,400 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों के विस्तार पर विचार कर रही है और इस क्रम में विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन किया जा रहा है। सुनीता ने कहा कि उत्तर प्रदेश बुनियादी ढांचे में तेजी से निवेश कर रहा है और अन्य अग्रणी राज्यों के सफल मॉडलों से सीखते हुए आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश वर्तमान समय में एक शानदार अवसर प्रदान करता है और राज्य के विकास की गति भविष्य के निवेश के लिए सकारात्मक संकेत देती है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ बेंगलुरु में गूंजा यूपी का विकास मॉडल: उद्योग जगत ने बताया निवेश का सबसे बड़ा उभरता केंद्र ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/uttar-pradesh-vyapari-kalyan-divas-29-june-bhamashah-jayanti-5099 ]]></guid><title><![CDATA[ दानवीर भामाशाह की स्मृति में 29 जून को पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/uttar-pradesh-vyapari-kalyan-divas-29-june-bhamashah-jayanti-5099 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 24 Jun 2026 21:10:29 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Lucknow: व्यापार, उद्यमिता और जनसेवा की प्रेरणादायी परंपरा को सम्मान देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 29 जून को दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश में ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ मनाएगी। मुख्यमंत ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p style="text-align: justify; "><b>Lucknow</b>: व्यापार, उद्यमिता और जनसेवा की प्रेरणादायी परंपरा को सम्मान देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 29 जून को दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश में ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ मनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह आयोजन जनसहभागिता के साथ किया जाएगा, जिसका उद्देश्य व्यापारियों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ युवाओं को दान, सेवा और राष्ट्रहित के मूल्यों से जोड़ना है।&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; ">योगी सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जनपदों और तहसीलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के सहयोग से कार्यक्रमों का संचालन किया जाएगा। इस अवसर पर ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनियां और बिक्री स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार और विपणन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उद्यमियों, व्यापारियों और स्वयं सहायता समूहों को अपनी उपलब्धियां प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलेगा।</p><p style="text-align: justify; "><b>लगाई जाएगी प्रदर्शनी:</b></p><p style="text-align: justify; ">कार्यक्रमों में महान दानवीर भामाशाह के जीवन और योगदान पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके माध्यम से लोगों को भामाशाह के त्याग, राष्ट्रभक्ति और जनकल्याण की भावना से परिचित कराया जाएगा। संस्कृति विभाग द्वारा इस संबंध में आवश्यक अभिलेख और सामग्री जनपदों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।</p><p style="text-align: justify; "><b>सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी विशेष आयोजन:</b></p><p style="text-align: justify; ">इस कार्यक्रम पर जानकारी देते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी विशेष आयोजन होगा। संगीत-नाटक और स्थानीय लोककलाओं के माध्यम से भामाशाह के जीवन और उनके आदर्शों को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही चित्रकला, निबंध, प्रश्नोत्तरी और अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। शासनादेश के अनुसार ‘भामाशाह पुरस्कार’ भी प्रदान किए जाएंगे, जिनकी चयन और पुरस्कार वितरण प्रक्रिया राज्य कर विभाग द्वारा संपन्न कराई जाएगी।</p><p style="text-align: justify; "><b>सक्रिय भागीदारी की अपील:</b></p><p style="text-align: justify; ">सरकार ने व्यापारिक संगठनों, व्यापारी कल्याण मंडलों और उद्योग जगत से भी इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। प्रदेशभर के व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों, फर्मों और कंपनियों में ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ मनाएंगे। इस अवसर पर बैनर, होर्डिंग्स और जागरूकता संदेश प्रदर्शित किए जाएंगे। साथ ही सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देते हुए व्यापारी स्वेच्छा से मिष्ठान, शर्बत और फल आदि का वितरण भी करेंगे।</p><p style="text-align: justify; "><b>समर्पण और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण:</b></p><p style="text-align: justify; ">पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि दानवीर भामाशाह महाराणा प्रताप के घनिष्ठ सहयोगी, मित्र और विश्वस्त सलाहकार थे। जब महाराणा प्रताप कठिन संघर्ष के दौर से गुजर रहे थे, तब भामाशाह ने अपनी संपूर्ण संपत्ति राष्ट्र और स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित कर दी थी। उनका यह त्याग भारतीय इतिहास में दान, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण माना जाता है। ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार उनके आदर्शों को समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कर रही है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दानवीर भामाशाह की स्मृति में 29 जून को पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/upamp039s-power-supply-remains-smooth-despite-scorching-heat-record-supply-rural-areas-5098 ]]></guid><title><![CDATA[ भीषण गर्मी में भी यूपी की बिजली व्यवस्था सुचारु, ग्रामीण क्षेत्रों में रिकॉर्ड सप्लाई ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/upamp039s-power-supply-remains-smooth-despite-scorching-heat-record-supply-rural-areas-5098 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 24 Jun 2026 19:35:11 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Lucknow 24 जून: उत्तर प्रदेश में इन दिनों प्रचंड गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है। गर्मी के इस कठिन दौर में भी यूपी में बिजली व्यवस्था लगातार मजबूत बनी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>Lucknow 24 जून: </b>उत्तर प्रदेश में इन दिनों प्रचंड गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है। गर्मी के इस कठिन दौर में भी यूपी में बिजली व्यवस्था लगातार मजबूत बनी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में हुए सुधार को सरकार की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। योगी सरकार में ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 22.5 घंटे तक लगातार बिजली आपूर्ति की जा रही है।&nbsp;</p><p>मैनपुरी, फिरोजाबाद समेत तमाम जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में 24-24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। वहीं पीक डिमांड बिजली आपूर्ति करने में उत्तर प्रदेश ने अपने और देशभर के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 23 जून की रात 22.26 बजे यूपीपीसीएल ने रिकॉर्ड 32405 मेगावाट बिजली आपूर्ति की।&nbsp;</p><p><b>मेरठ, गाजियाबाद, लखनऊ समेत अन्य जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में मिल रही 23 से 24 घंटे बिजली</b></p><p>यूपीपीसीएल की ओर से जारी आंकड़ों पर नजर डालें तो मेरठ के ग्रामीण क्षेत्रों में 23 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। 19 जून को 23.55 घंटे, 20 जून को 23.48 घंटे, 21 जून को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। इसी तरह गाजियाबाद में 19 जून को 23.53 घंटे, 20 जून को 23.53 घंटे और 21 जून को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। लखनऊ में भी 19 जून को 23.58 घंटे, 20 जून को 22.54 घंटे और 21 जून को 23.12 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। बरेली में 19 जून को 23.55 घंटे, 20 जून को 20.43 घंटे और 21 जून को 22.10 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। शाहजहांपुर में 19 जून को 23.59 घंटे, 20 जून को 22.41 घंटे और 21 जून को 23.19 घंटे बिजली आपूर्ति की गई।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>मैनपुरी, फिरोजाबाद समेत कई जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे&nbsp; बिजली आपूर्ति</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">अमेठी के ग्रामीण क्षेत्र में 19 जून को 21.35 घंटे, 20 जून को 21 घंटे, 21 जून को 22.10 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। ऐसे ही अयोध्या में 19 जून को 22 घंटे, 20 जून को 20.34 घंटे, 21 जून को 22.15 घंटे बिजली सप्लाई की गई। बाराबंकी में 19 जून को 23.54 घंटे, 20 जून को 23.58 घंटे और 21 जून को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। रायबरेली में 19 जून को 20.41 घंटे, 20 जून को 21.27 घंटे और 21 जून को 21.43 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। सीतापुर में 19 जून को 21.56 घंटे, 20 जून को 21.26 घंटे और 21 जून को 22.56 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। मैनपुरी, फिरोजाबाद, एटा, भदोही और अलीगढ़ में 19, 20 और 21 जून को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की गई।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>इस समय 20 से 24 घंटे तक हो रही बिजली सप्लाई</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">योगी सरकार के कार्यकाल में बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए गए हैं। इसका परिणाम यह है कि आज प्रदेश के लाखों ग्रामीण उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कहीं बेहतर बिजली सुविधा मिल रही है।&nbsp;</span></p><p>ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्तमान में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित है, लेकिन भीषण गर्मी को देखते हुए निर्धारित शेड्यूल से अधिक बिजली आपूर्ति की जा रही है। इस समय ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे से लेकर 24 घंटे तक बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>2017 से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ 11 घंटे ही था बिजली आपूर्ति का शेड्यूल</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">गर्मी के मौसम में जहां पहले बिजली कटौती बड़ी समस्या बन जाती थी, वहीं अब लंबे समय तक निर्बाध बिजली आपूर्ति से लोगों को काफी राहत मिल रही है। इससे न केवल घरेलू जीवन आसान हुआ है बल्कि छोटे व्यवसायों, किसानों और छात्रों को भी बड़ा लाभ मिल रहा है। अगर वर्ष 2017 से पहले की स्थिति पर नजर डालें तो स्थिति बिल्कुल अलग थी। उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति का शेड्यूल लगभग 11 घंटे का हुआ करता था। वास्तविक स्थिति इससे भी खराब थी, क्योंकि अधिकांश गांवों में सिर्फ 8 से 11 घंटे ही बिजली मिल पाती थी। कई क्षेत्रों में अघोषित कटौती आम बात थी। 2017 से पहले सिर्फ कुछ ही चिन्हित वीआईपी जनपदों में निर्बाध बिजली आपूर्ति होती थी।&nbsp;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>हर स्तर पर हो रही लगातार मॉनिटरिंग</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि कारपोरेशन और डिस्काम के अधिकारी व कर्मचारी सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी सजकता के साथ ड्यूटी कर रहे हैं। हर स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग हो रही है। उन्होंने कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं को इस भीषण गर्मी के दिनों में बेहतर विद्युत आपूर्ति मिले, इसके लिए कारपोरेशन पूरी तरह से प्रयासरत है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ भीषण गर्मी में भी यूपी की बिजली व्यवस्था सुचारु, ग्रामीण क्षेत्रों में रिकॉर्ड सप्लाई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ram-mandir-donation-row-akhilesh-yadav-questions-sit-investigation-5093 ]]></guid><title><![CDATA[ राम मंदिर दान विवाद पर अखिलेश यादव का हमला, बोले- FIR के बिना SIT ‘बिना तीर की कमान’ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ram-mandir-donation-row-akhilesh-yadav-questions-sit-investigation-5093 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 24 Jun 2026 13:56:02 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ अयोध्या के राम मंदिर में दान प्रबंधन को लेकर उठे विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार और जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला है। राम मंदिर से जुड़े कथित वित ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>अयोध्या के राम मंदिर में दान प्रबंधन को लेकर उठे विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष <b>अखिलेश यादव</b> ने उत्तर प्रदेश सरकार और जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला है। राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और दान सामग्री के गायब होने के आरोपों को लेकर उन्होंने विशेष जांच दल (SIT) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।</p><p>अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि मामले में एफआईआर ही दर्ज नहीं की गई है तो एसआईटी की जांच प्रभावी कैसे हो सकती है। उन्होंने जांच प्रक्रिया को "बिना तीर की कमान" बताते हुए इसकी निष्पक्षता और उद्देश्य पर सवाल उठाए।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;FIR के बिना SIT ‘बिना तीर की कमान’ है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;अब दान में दिये गये ‘कागभुसुंडि’ के गायब हो जाने की निंदनीय ख़बर आई है। जिस तरह हर दिन ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी का नया भंडाफोड़ हो रहा है और सनातनी आस्थावानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, उसे देखकर नेपाल और बाक़ी बार्डर बंद कर देने चाहिए, जिससे… &lt;a href="https://t.co/tMkP7QSEAF"&gt;pic.twitter.com/tMkP7QSEAF&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) &lt;a href="https://x.com/yadavakhilesh/status/2069657522672476653?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><p><br></p><h5 class=""><b>दान सामग्री को लेकर भी उठाए सवाल</b></h5><p>सपा प्रमुख ने दावा किया कि राम मंदिर में दान स्वरूप दी गई कुछ विशेष वस्तुओं के गायब होने की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि लगातार दान, चढ़ावे और मंदिर संपत्ति से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं में चिंता और नाराजगी बढ़ रही है।</p><p>हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विपक्ष इसे लेकर सरकार और संबंधित संस्थाओं पर लगातार दबाव बना रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि हर दिन नए आरोप सामने आ रहे हैं तो जांच एजेंसियों को पूरी पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए।</p><h5 class=""><b>एसआईटी ने सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट</b></h5><p>इस बीच राम मंदिर दान प्रबंधन की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। यह रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी गई है।</p><p>जांच दल के प्रमुख और लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि यह प्रारंभिक रिपोर्ट है और जांच से जुड़े तथ्यों को शासन के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया गोपनीय है और फिलहाल उसके निष्कर्षों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।</p><h5 class=""><b>सरकार ने क्यों बनाई थी SIT?</b></h5><p>उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया था। यह कदम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से उठाई गई चिंताओं और दान प्रबंधन से जुड़े आरोपों के बाद उठाया गया था।</p><p>सरकार का कहना है कि एसआईटी का उद्देश्य सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच करना और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करना है। जांच दल को दानपात्रों, वित्तीय लेनदेन और मंदिर प्रशासन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।</p><h5 class=""><b>राजनीति में तेज हुई बयानबाजी</b></h5><p>राम मंदिर देश की आस्था से जुड़ा विषय होने के कारण इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। एक ओर विपक्ष जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार और संबंधित संस्थाएं जांच प्रक्रिया को नियमों के अनुसार आगे बढ़ाने की बात कह रही हैं।</p><p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल यह मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति और सार्वजनिक चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।</p><p>आने वाले दिनों में जांच की दिशा और रिपोर्ट के निष्कर्षों पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी, क्योंकि यह मामला धार्मिक आस्था, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा हुआ है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ राम मंदिर दान विवाद पर अखिलेश यादव का हमला, बोले- FIR के बिना SIT ‘बिना तीर की कमान’ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/lucknow-aliganj-fire-case-lda-notice-building-owners-action-5089 ]]></guid><title><![CDATA[ अलीगंज अग्निकांड के बाद LDA सख्त, बिल्डिंग मालिकों को नोटिस जारी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/lucknow-aliganj-fire-case-lda-notice-building-owners-action-5089 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 24 Jun 2026 11:20:01 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ खनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद प्रशासनिक कार्रवाई का दौर तेज हो गया है। 22 जून को हुई आग की घटना में 15 लोगों की मौत के बाद अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने हादसे वाली इमारत के ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>खनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद प्रशासनिक कार्रवाई का दौर तेज हो गया है। 22 जून को हुई आग की घटना में 15 लोगों की मौत के बाद अब <b>लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) </b>ने हादसे वाली इमारत के मालिकों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने संबंधित भवन पर नोटिस चस्पा करते हुए मालिकों से जवाब मांगा है।</p><p>एलडीए द्वारा जारी नोटिस में भवन स्वामियों को 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने और आवश्यक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो भवन के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।</p><p>प्राधिकरण के अनुसार, प्रारंभिक जांच में भवन निर्माण और उपयोग से जुड़े कई पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि इमारत का उपयोग स्वीकृत मानकों के अनुरूप किया जा रहा था या नहीं। साथ ही सुरक्षा नियमों और अग्निशमन मानकों के पालन की भी जांच की जा रही है।</p><p><video controls="" src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/828dae8cdde3b1cb1d8490aeb21720a2.mp4" width="640" height="360" class="note-video-clip"></video><br></p><p><br></p><p><br></p><p>नोटिस में स्पष्ट संकेत दिया गया है कि यदि भवन स्वामी नियमों के उल्लंघन के संबंध में उचित जवाब देने में असफल रहते हैं, तो प्राधिकरण भवन को ध्वस्त करने जैसी कार्रवाई पर भी विचार कर सकता है। इसी कारण नोटिस को प्रशासन की बड़ी और सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।</p><p>अलीगंज अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। घटना में 15 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जबकि फॉरेंसिक और अन्य एजेंसियां भी हादसे के कारणों की पड़ताल कर रही हैं।</p><p>स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के बाद क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। कई निवासियों ने रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों और भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की मांग की है।</p><p>एलडीए की यह कार्रवाई संकेत देती है कि प्रशासन अब केवल हादसे के कारणों की जांच तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और भवन मालिकों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अलीगंज अग्निकांड के बाद LDA सख्त, बिल्डिंग मालिकों को नोटिस जारी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/swami-prasad-maurya-ram-mandir-statement-controversy-up-politics-5088 ]]></guid><title><![CDATA[ राम मंदिर को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य का बयान, राजनीतिक गलियारों में छिड़ी नई बहस ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/swami-prasad-maurya-ram-mandir-statement-controversy-up-politics-5088 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 24 Jun 2026 11:08:34 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चित रहने वाले पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार उन्होंने राम मंदिर और उससे जुड़ी एक घटना का जिक्र करते  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चित रहने वाले पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार उन्होंने राम मंदिर और उससे जुड़ी एक घटना का जिक्र करते हुए ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।</p><p>एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य ने कथित तौर पर राम मंदिर से जुड़ी चोरी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर से करोड़ों रुपये मूल्य की वस्तुएं चोरी हो सकती हैं और दोषियों को तत्काल दंड नहीं मिलता, तो यह कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उनके इस बयान को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;करोड़ो, करोड़ो रुपया लुटेरे लुट ले गए, राम के मंदिर से लुट ले गए, राम के दरबार से लुट ले गए, चांदी और सोना भी उड़ा ले गए लेकिन ओ भगवान राम उन लुटेरो को सजा नहीं दे पाया । तो आप का भला क्या कर सकता है ? जो अपने मन्दिर की रक्षा नहीं कर सकता ओ आप की रक्षा क्या कर सकता है ? सवाल… &lt;a href="https://t.co/hLw6PDF92V"&gt;pic.twitter.com/hLw6PDF92V&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Swami Prasad Maurya (@SwamiPMaurya) &lt;a href="https://x.com/SwamiPMaurya/status/2069636348886364435?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 24, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><p><br></p><p>मौर्य ने अपने संबोधन में धार्मिक आस्था, सामाजिक सोच और जनविश्वास से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी की। उनके बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में बताया, जबकि कई संगठनों ने इसे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा संवेदनशील विषय करार दिया।</p><p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्वामी प्रसाद मौर्य लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर मुखर राय रखते आए हैं। उनके कई पुराने बयान भी चर्चा और विवाद का कारण बन चुके हैं। ऐसे में उनका यह नया बयान भी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया है।</p><p>विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से बयान पर प्रतिक्रिया दी जा रही है। कुछ नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों को संवेदनशील विषयों पर बोलते समय संयम बरतना चाहिए, जबकि अन्य ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था में विचार व्यक्त करने का अधिकार बताया।</p><p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी यह मुद्दा ट्रेंड करने लगा है। हजारों लोग अपने-अपने विचार साझा कर रहे हैं। कुछ लोग मौर्य के तर्कों का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ उनके बयान की आलोचना कर रहे हैं।</p><p>फिलहाल इस बयान को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। हालांकि अभी तक इस बयान के संबंध में किसी आधिकारिक कानूनी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन यह स्पष्ट है कि स्वामी प्रसाद मौर्य का यह बयान एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ राम मंदिर को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य का बयान, राजनीतिक गलियारों में छिड़ी नई बहस ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/building-fire-raises-questions-on-system-failure-5087 ]]></guid><title><![CDATA[ धुआं एक इमारत से उठा, लेकिन सवाल पूरे सिस्टम पर खड़े हुए, क्या हैं वो धधकते सवाल...? ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/building-fire-raises-questions-on-system-failure-5087 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 23 Jun 2026 18:51:13 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ अलीगंज, उत्तर प्रदेश:&nbsp;सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे, लखनऊ के अलीगंज इलाके का पुरनिया इलाका अपनी सामान्य रफ्तार में था। सड़कों पर रोज़ की तरह आवाजाही थी। दुकानों पर ग्राहक मौजूद थे। और रमेश्वरम इंस्टी ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>अलीगंज, उत्तर प्रदेश:</b>&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे, लखनऊ के अलीगंज इलाके का पुरनिया इलाका अपनी सामान्य रफ्तार में था। सड़कों पर रोज़ की तरह आवाजाही थी। दुकानों पर ग्राहक मौजूद थे। और रमेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट यानी RITM की इस बहुमंजिला इमारत में दर्जनों छात्र अपने करियर और भविष्य के सपनों के साथ क्लासरूम में बैठे थे। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ मिनटों में यह इमारत एक खौफनाक मौत के जाल में बदलने वाली है।</span></p><p>प्रारंभिक जांच के मुताबिक दूसरी मंजिल पर लगे एक एयर कंडीशनर के कंप्रेसर में अचानक धमाका हुआ। धमाके के साथ ही आग भड़क उठी। वहां मौजूद प्लास्टिक शीट, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वायरिंग ने आग को और तेजी से फैलाने का काम किया।</p><p><b>लोगों को संभलने का मौक़ा नहीं मिला- प्रत्यक्षदर्शी</b></p><p>लेकिन जानलेवा सिर्फ आग नहीं थी… सबसे बड़ा खतरा था वह जहरीला काला धुआं, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। धुआं इतनी तेजी से फैला कि कई छात्रों को यह समझने का समय ही नहीं मिला कि आखिर हुआ क्या है।</p><p><b>खिड़कियों से भाग निकलने के लिए तोड़ने पड़े शीशे</b></p><p>ऊपरी मंजिलों पर मौजूद छात्र खिड़कियों की तरफ भागे। कुछ ने शीशे तोड़ दिए। कुछ मदद के लिए चिल्लाने लगे। नीचे खड़े लोगों ने जब बच्चों को हाथ हिलाते देखा तो अफरा-तफरी मच गई। कई छात्र पाइपों और बिजली के तारों के सहारे नीचे उतरने की कोशिश करते दिखाई दिए। कुछ ने जान बचाने के लिए दूसरी और तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी।</p><p><b>कई छात्रों ने घबराहट में किया परिवार को फोन</b></p><p>स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे, कपड़े और जो कुछ हाथ लगा, उसे बिछाकर बच्चों को बचाने की कोशिश की। इस दौरान कई छात्रों ने अपने घरों में फोन किए। एक छात्र ने अपने पिता को फोन कर कहा… “पापा... मैं आग में फंस गया हूं... शायद अब नहीं बच पाऊंगा।”</p><p>यह फोन कॉल आज भी उस परिवार के कानों में गूंज रही है। कई छात्र बाथरूम में घुस गए। उन्हें लगा कि शायद पानी और बंद जगह उन्हें धुएं से बचा लेगी। लेकिन जहरीला धुआं वहां भी पहुंच गया। जब फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, तब तक हालात बेहद भयावह हो चुके थे। दमकल कर्मियों को ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।</p><p><b>कई घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन</b></p><p>रेस्क्यू ऑपरेशन कई घंटों तक चला। धुएं से बेहोश हुए लोगों को बाहर निकाला गया। कई को अस्पताल भेजा गया। लेकिन कई ऐसे भी थे जिनकी सांसें दम घुटने से पहले ही थम चुकी थीं।</p><p>इस हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई है, जबकि कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 18 तक बताई गई है। मृतकों में अधिकांश युवा छात्र और प्रशिक्षु शामिल बताए जा रहे हैं। लेकिन यह तो सिर्फ शुरुआत थी... जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि आग जितनी खतरनाक थी, उससे कहीं ज्यादा खतरनाक वह इमारत थी जिसमें ये बच्चे फंसे हुए थे।</p><p><b>'सिंगल एंट्री और सिंगल एग्जिट बनी मौत का कारण'</b></p><p>लेकिन शुरुआती जांच यह संकेत जरूर दे रही है कि कई लोगों की जान सिर्फ आग की वजह से नहीं... बल्कि बाहर निकलने के रास्तों की कमी और सुरक्षा व्यवस्थाओं की गंभीर खामियों के कारण भी गई। सबसे पहले बात इस इमारत की बनावट की। जांच में सामने आया है कि बहुमंजिला भवन में आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता था। यानी सिंगल एंट्री और सिंगल एग्जिट।</p><p>जब आग लगी और धुआं सीढ़ियों तक पहुंचा, तो वही एकमात्र रास्ता भी बंद हो गया। लोग ऊपर फंस गए। लोग नीचे नहीं आ सके। और यहीं से यह इमारत मौत के जाल में बदल गई। जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि छत पर जाने वाले दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। यानी जो छात्र छत पर जाकर अपनी जान बचा सकते थे, उनके लिए भी रास्ता बंद था।</p><p><b>मुख्य प्रवेश द्वार बायोमेट्रिक सिस्टम बाधित था</b></p><p>कुछ रिपोर्टों में यह दावा भी सामने आया है कि मुख्य प्रवेश द्वार बायोमेट्रिक सिस्टम से संचालित था। बिजली बाधित होने के बाद यह सिस्टम काम नहीं कर पाया और बाहर निकलने में अतिरिक्त दिक्कतें पैदा हुईं। हालांकि इस पहलू की अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद होगी।</p><p>हर बड़े हादसे के बाद अक्सर एक जैसी तस्वीर दिखाई देती है। पहले हादसा होता है... फिर जांच बैठती है... फिर अधिकारियों पर कार्रवाई होती है... और फिर यह सवाल उठता है कि अगर खामियां पहले से मौजूद थीं, तो उन्हें समय रहते सुधारा क्यों नहीं गया? लखनऊ अग्निकांड में भी अब यही सवाल प्रशासन के सामने खड़े हैं।</p><p><b>सीएम योगी आदित्यनाथ ने गठित की SIT</b></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के तुरंत बाद हाई-लेवल SIT जांच के आदेश दिए हैं। चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इमारत के मालिक समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है।</p><p>यानी अब जांच का फोकस सिर्फ आग लगने के कारण पर नहीं, बल्कि जिम्मेदार लोगों की भूमिका पर भी है। लेकिन जांच एजेंसियां अब उस सवाल का जवाब तलाश रही हैं, जो शायद इस पूरे मामले का सबसे अहम सवाल है… क्या इस हादसे को पहले ही रोका जा सकता था?</p><p><b>क्या निरीक्षण सिर्फ कागजों तक सीमित रहे?</b></p><p>जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में यह हादसा हुआ, उसे जिस उद्देश्य के लिए मंजूरी मिली थी, उसका उपयोग बाद में अलग तरीके से किया जा रहा था। रिकॉर्ड बताते हैं कि वर्ष 2016 में इस भवन को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई थीं और कार्रवाई तथा ध्वस्तीकरण की सिफारिश तक की गई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अगर ऐसा था, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या फाइलें दबा दी गईं? क्या निरीक्षण सिर्फ कागजों तक सीमित रहे? या फिर नियमों के उल्लंघन को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया?</span></p><p>जांच में यह भी सामने आया है कि भवन का स्वीकृत बिजली लोड लगभग 20 किलोवाट था, जबकि वास्तविक खपत इससे काफी अधिक बताई जा रही है। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि क्या बिजली व्यवस्था पर कभी गंभीर ऑडिट किया गया था या नहीं।</p><p><b>क्या फायर NOC की सभी शर्तों का पालन किया जा रहा था?</b></p><p>फायर सेफ्टी को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या इमारत का नियमित फायर ऑडिट हुआ था? क्या इमरजेंसी एग्जिट और निकासी व्यवस्था की जांच की गई थी? क्या अग्निशमन उपकरण पूरी तरह कार्यरत थे? और सबसे महत्वपूर्ण... क्या फायर NOC की सभी शर्तों का पालन किया जा रहा था?</p><p>इन सवालों के जवाब अब SIT तलाश रही है। लेकिन फिलहाल जो तस्वीर सामने आ रही है, वह सिर्फ एक शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की नहीं है। यह उस व्यवस्था की तस्वीर है जहां नियम तो मौजूद रहते हैं, लेकिन उनका पालन कराने वाले तंत्र की जवाबदेही अक्सर हादसे के बाद ही तय होती है।</p><p><b>सवाल सिर्फ आग लगने का नहीं, सुरक्षा के इंतजाम का भी है</b></p><p>यही वजह है कि आज सवाल सिर्फ आग लगने का नहीं है। सवाल यह भी है कि अगर चेतावनी के संकेत पहले से मौजूद थे, तो उन्हें अनदेखा किसने किया? और अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो क्या आज 18 परिवारों के घरों में मातम नहीं होता?</p><p>इस हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर उन परिवारों की है, जिनके सपने अब हमेशा के लिए राख हो चुके हैं। मृतकों की सूची में दर्ज हर नाम सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है। हर नाम के पीछे एक सपना था... एक संघर्ष था... और एक ऐसा परिवार था जिसने अपने बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए न जाने कितनी उम्मीदें पाल रखी थीं।</p><p><b>सपने हुए खाक, पीछे छोड़ गए आंसुओं की झड़ी</b></p><p>किसी ने अपने बेटे को इंजीनियर बनाने का सपना देखा था... कोई बेटी डिजिटल एनीमेशन और गेमिंग की दुनिया में पहचान बनाना चाहती थी... कोई अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदलने के लिए पढ़ाई कर रहा था। लेकिन कुछ ही मिनटों में आग की उन लपटों ने सब कुछ छीन लिया।</p><p>नीलेश और अनामिका की कहानी पूरे देश को भावुक कर रही है। दोनों एक ही संस्थान में काम करते थे। दोनों की शादी इसी साल दिसंबर में होने वाली थी। लेकिन नियति ने ऐसा क्रूर फैसला सुनाया कि दोनों की अर्थी एक साथ उठी। पश्चिम बंगाल से लखनऊ आई अनामिका अपने परिवार की उम्मीद थी। पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर उसकी मां बार-बार बेहोश हो रही थीं। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि करियर बनाने के लिए भेजी गई बेटी अब कभी घर नहीं लौटेगी। पश्चिम बंगाल से पहुंचे अनामिका के परिवार के लिए इस सदमे को स्वीकार करना आज भी मुश्किल है।</p><p><b><span style="font-size: 1rem;">सिस्टम की नाकामी बनी&nbsp;</span>परिवार के दर्द की&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वजह</span></b><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></p><p>अनामिका अब इस दुनिया में नहीं हैं... लेकिन उनके परिवार के सवाल अब भी ज़िंदा हैं। कानपुर के सूरज और संयम भी बड़े सपने लेकर लखनऊ आए थे। दोनों दोस्त एनीमेशन और डिजाइनिंग की दुनिया में नाम कमाना चाहते थे। लेकिन अब उनके सपने भी इसी आग में जल चुके हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">एक परिवार का यह दर्द आज उन सभी परिवारों की कहानी बन चुका है जिन्होंने इस हादसे में अपने बच्चों को खो दिया।&nbsp;</span></p><p>इसी तरह&nbsp; मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कई छात्र अब सिर्फ तस्वीरों में रह गए हैं। पीछे छूट गए हैं उनके माता-पिता, उनके अधूरे सपने और वे सवाल जिनका जवाब कोई नहीं दे पा रहा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">लेकिन इन परिवारों के लिए अब सिर्फ संवेदनाएं नहीं, जवाबदेही ज्यादा महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि हादसे के बाद सरकार की कार्रवाई भी अब सवालों के घेरे में है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>हादसे के बाद प्रशासन ने दिए जांच के आदेश</b></span></p><p>हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के तुरंत बाद उच्च स्तरीय SIT जांच के आदेश दिए हैं। आईएएस अधिकारी अमृत अभिजात और आईपीएस अधिकारी प्रवीण कुमार की अगुवाई में विशेष जांच दल गठित किया गया है, जिसे सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। एसआईटी के दूसरे सदस्य और एडीजी प्रवीण कुमार ने भी कहा है कि जांच हर एंगल से की जा रही है। यानी जांच एजेंसियां अब सिर्फ हादसे के कारण ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही भी तय करने की कोशिश कर रही हैं।</p><p><b>4 अधिकारी निलंबित, कई गिरफ्तार</b></p><p>सरकार ने शुरुआती स्तर पर कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें विकास प्राधिकरण और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हैं। भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ला समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एफआईआर दर्ज की गई है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सरकार का दावा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी।&nbsp;</p><p><b>प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं ने किया दु:ख व्यक्त</b></p><p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।</p><p>लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कार्रवाई हादसे के बाद ही क्यों होती है? अगर नियम टूट रहे थे तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई? अगर निर्माण में खामियां थीं तो इमारत को सील क्यों नहीं किया गया?&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अगर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा था तो कोचिंग चलाने की अनुमति किसने दी? यही सवाल अब पूरे प्रशासनिक तंत्र के सामने खड़े हैं।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>कानपुर प्रशासन ने कई कोचिंग संस्थानों की शुरू की जांच</b></span></p><p>लखनऊ की आग का असर अब पूरे प्रदेश में दिखाई देने लगा है। कानपुर प्रशासन ने कई कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक इमारतों की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर 22 संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कई जगहों पर नोटिस जारी हुए हैं। कई इमारतों को सील किया गया है। फायर सेफ्टी ऑडिट शुरू कर दिए गए हैं।</p><p>यानी सरकार अब नुकसान होने के बाद उस खतरे को तलाश रही है जो पहले से मौजूद था। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई स्थायी सुधार में बदलेगी? या फिर कुछ दिनों बाद सब कुछ सामान्य हो जाएगा?&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">दिल्ली के होटल अग्निकांड की तस्वीरें अभी लोगों के ज़हन से पूरी तरह मिट भी नहीं पाई थीं कि लखनऊ की इस त्रासदी ने एक बार फिर वही सवाल खड़े कर दिए हैं। हर बड़े हादसे के बाद तस्वीर लगभग एक जैसी होती है… आग लगती है, जानें जाती हैं, जांच बैठती है, अधिकारी निलंबित होते हैं, गिरफ्तारियां होती हैं, मुआवजे का ऐलान होता है और फिर कुछ समय बाद सब कुछ सामान्य हो जाता है। इस हादसे की गूंज अब सियासी गलियारों तक भी पहुंच चुकी है। विपक्ष का आरोप है कि यह सिर्फ हादसा नहीं बल्कि प्रशासनिक विफलता है।</span></p><p><b>दूसरे शहरों में भी प्रशासन हरकत में</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हमने वास्तव में कुछ सीखा है?&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">लखनऊ की आग के बाद अब दूसरे शहरों में भी सुरक्षा इंतजामों की हकीकत जांची जा रही है। हादसे के बाद अब दूसरे शहरों में भी प्रशासन हरकत में आ गया है।</span></p><p>लखनऊ की यह घटना सिर्फ एक शहर या एक इमारत की कहानी नहीं है। यह देशभर में तेजी से फैलती उस कोचिंग और ट्रेनिंग इंडस्ट्री की कहानी है, जो आज हजारों करोड़ रुपये का कारोबार बन चुकी है। छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये की फीस ली जाती है, लेकिन सुरक्षा इंतजामों को अक्सर खर्च समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।</p><p><b>'अब समय सिर्फ कार्रवाई का नहीं, बल्कि व्यापक सुधार का है'</b></p><p>दिल्ली के मुखर्जी नगर से लेकर कोटा, सूरत और अब लखनऊ तक... लगभग हर बड़े हादसे में एक जैसी खामियां सामने आती हैं… संकरी सीढ़ियां, क्षमता से अधिक भीड़, अपर्याप्त वेंटिलेशन, फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">विशेषज्ञों का मानना है कि अब समय सिर्फ कार्रवाई का नहीं, बल्कि व्यापक सुधार का है। देशभर में कोचिंग संस्थानों के लिए एक समान और सख्त सुरक्षा कानून, नियमित फायर ऑडिट, स्वतंत्र निगरानी तंत्र और उल्लंघन की स्थिति में सीधे आपराधिक जवाबदेही तय करने जैसे कदम उठाने होंगे।</span></p><p class="grey-bg-red"><b><i>क्योंकि... सवाल सिर्फ 18 मौतों का नहीं है। सवाल उन लाखों छात्रों का है जो हर दिन अपने सपनों के साथ ऐसे संस्थानों में प्रवेश करते हैं। सवाल उन माता-पिता का है जो अपने बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए अपनी जिंदगी की कमाई खर्च करते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">और सवाल यह भी है कि क्या अगला हादसा रोकने के लिए हमें फिर किसी और शहर से ऐसी ही दर्दनाक खबर का इंतजार करना पड़ेगा?</span></i></b></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ धुआं एक इमारत से उठा, लेकिन सवाल पूरे सिस्टम पर खड़े हुए, क्या हैं वो धधकते सवाल...? ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/lucknow-fire-case-sit-investigation-amrit-abhijat-praveen-kumar-5081 ]]></guid><title><![CDATA[ अलीगंज अग्निकांड की जांच तेज, SIT गठित IAS अमृत अभिजात और IPS प्रवीण कुमार को जिम्मेदारी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/lucknow-fire-case-sit-investigation-amrit-abhijat-praveen-kumar-5081 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 23 Jun 2026 12:56:12 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में लगी आग में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद राज्य सरकार ने मामले की गहन जांच के ल ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ</b> के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में लगी आग में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद राज्य सरकार ने मामले की गहन जांच के लिए <b>विशेष जांच दल (SIT)</b> का गठन किया है। <b>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ </b>के निर्देश पर गठित इस दो सदस्यीय टीम को <b>सात</b> दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया&nbsp;</p><p>मुख्यमंत्री आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया कि हादसे के कारणों, प्रशासनिक चूक और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की व्यापक जांच की जाएगी। एसआईटी में <b>अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात</b> और<b> एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार </b>को शामिल किया गया है। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की तह तक जाकर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।</p><h5 class=""><b>अनुभवी अधिकारियों के हाथों में जांच की कमान</b></h5><p><b>अमृत अभिजात </b>उत्तर प्रदेश कैडर के 1995 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। बिहार के मुंगेर में जन्मे अमृत अभिजात प्रशासनिक क्षेत्र में लंबा अनुभव रखते हैं। वह आगरा, कानपुर नगर, मुजफ्फरनगर और प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण जिलों के जिलाधिकारी रह चुके हैं। इसके अलावा प्रयागराज महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों की जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली है।</p><p>वहीं, 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी <b>प्रवीण कुमार</b> वर्तमान में लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से आने वाले प्रवीण कुमार को तेजतर्रार और परिणाम देने वाले अधिकारियों में गिना जाता है। इंजीनियरिंग और विधि की पढ़ाई कर चुके प्रवीण कुमार ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है।</p><h5 class=""><b>छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज</b></h5><p>अलीगंज थाना पुलिस ने घटना के संबंध में अभियोग संख्या 115/2026 दर्ज किया है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110, 105, 125, 3(5) तथा उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6 और 10 के तहत दर्ज किया गया है।</p><p>पुलिस ने मामले में छह आरोपियों एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों को नामजद किया है। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।</p><p><b>तीन अभियुक्त&nbsp;</b></p><ol><li>रामकृष्ण उपाध्याय&nbsp; पता MM 232 सेक्टर&nbsp; D d अलीगंज&nbsp; शिव&nbsp; मंदिर के पास,&nbsp;</li><li>वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला पुत्र रामेश्वर प्रसाद शुक्ला पता 536/265 A मदेयगंज नियर बड़ा दुर्गा मंदिर सीतापुर रोड लखनऊ उम्र 62 वर्ष</li><li>तूशॉक कृष्णा जायसवाल पुत्र स्वर्गीय कृष्ण कुमार जायसवाल पता 441 R N/ 69/3 नीलकंठ हॉस्पिटल लेन बालागंज लखनऊ थाना ठाकुरगंज उमर 31 वर्षको गिरफ्तार किया गया</li></ol><p><b>सीएम के निर्देश पर चार अफसर तत्काल प्रभाव से निलंबित किए गए</b></p><ol><li><b>गौरव कुमार</b>, एक्सईएन जानकीपुरम, बिजली विभाग&nbsp;</li><li><b>कमलेंद्र कुमार सिंह</b>, अग्निशमन अधिकारी, इंदिरा नगर</li><li><b>अनिल कुमार</b>, AE लखनऊ विकास प्राधिकरण</li><li><b>प्रमोद पांडे</b>, JE लखनऊ विकास प्राधिकरण"</li></ol><p>सरकार का मानना है कि जिम्मेदारी तय किए बिना इस मामले को बंद नहीं किया जाएगा। यही कारण है कि प्रशासनिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।</p><h5 class=""><b>फॉरेंसिक टीम जुटा रही सबूत</b></h5><p>घटना के अगले दिन फॉरेंसिक विशेषज्ञों की छह सदस्यीय टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने जली हुई इमारत से साक्ष्य एकत्र किए और आग लगने के संभावित कारणों की जांच शुरू कर दी। विशेषज्ञ यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि आग तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण लगी।</p><p>एसआईटी और फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। सरकार का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।</p><h5 class=""><b>स्थानीय लोगों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल</b></h5><p>हादसे के बाद इलाके के लोगों में गहरा आक्रोश है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रिहायशी क्षेत्रों में नियमों की अनदेखी कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कई लोगों ने अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और प्रशासनिक लापरवाही पर भी सवाल उठाए हैं।</p><p>स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा नियमों का पालन कराया गया होता तो इतने बड़े हादसे को रोका जा सकता था। लोगों ने प्रशासन से पूरे शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कराने की मांग की है।</p><h5 class=""><b>मुख्यमंत्री ने रद्द किए सभी कार्यक्रम</b></h5><p>हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ का अपना कार्यक्रम बीच में छोड़कर लखनऊ लौट आए। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) पहुंचकर घायलों का हाल जाना।</p><p>मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।</p><h5 class=""><b>सात दिन में आएगी अहम रिपोर्ट</b></h5><p>अब पूरे प्रदेश की निगाहें एसआईटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं। सात दिनों में आने वाली जांच रिपोर्ट यह स्पष्ट करेगी कि इस दर्दनाक हादसे के पीछे किन कारणों और किन लोगों की भूमिका थी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि रिपोर्ट के आधार पर और भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।</p><p>लखनऊ का यह अग्निकांड केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि शहरी सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना बन गया है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष पूरे मामले की दिशा तय करेंगे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अलीगंज अग्निकांड की जांच तेज, SIT गठित IAS अमृत अभिजात और IPS प्रवीण कुमार को जिम्मेदारी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/lucknow-aliganj-coaching-centre-fire-cm-yogi-takes-cognizance-5071 ]]></guid><title><![CDATA[ लखनऊ कोचिंग सेंटर में भीषण आग, कई बच्चों की मौत, मुख्यमंत्री योगी ने लिया तत्काल संज्ञान ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/lucknow-aliganj-coaching-centre-fire-cm-yogi-takes-cognizance-5071 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 22 Jun 2026 17:56:10 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब उषा मेहता मार्ग स्थित बी/2 सेक्टर-डी में संचालित एक निजी कोचिंग संस्थान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ</b> के अलीगंज थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब उषा मेहता मार्ग स्थित बी/2 सेक्टर-डी में संचालित एक निजी कोचिंग संस्थान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय कोचिंग संस्थान में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे, जिसके चलते इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।</p><p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही मिनटों में धुएं का घना गुबार पूरे भवन में फैल गया। छात्रों और कर्मचारियों ने बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता और धुएं की वजह से कई लोग अंदर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही फायर विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।</p><h5 class=""><b>राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर</b></h5><p>फायर ब्रिगेड की टीमों ने आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास शुरू किए। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें भी तत्काल मौके पर पहुंच गईं। आसपास की इमारतों और प्रतिष्ठानों को एहतियातन खाली कराया गया ताकि किसी और अप्रिय घटना को रोका जा सके।</p><p>राहत कार्य के दौरान कई छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कुछ घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। प्रशासन ने अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखते हुए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।</p><h5 class=""><b>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान</b></h5><p>घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री उस समय अलीगढ़ के दौरे पर थे, लेकिन हादसे की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने अपना कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर लखनऊ लौटने का निर्णय लिया।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;लखनऊ में अग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।&lt;br&gt;&lt;br&gt;प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। &lt;a href="https://t.co/GR7TUpy82E"&gt;pic.twitter.com/GR7TUpy82E&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath/status/2069023413507875318?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><p>अलीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अभी-अभी लखनऊ में हुए अग्निकांड की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में कुछ बच्चों के प्रभावित होने और जान गंवाने की सूचना प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।</p><p>उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p><h5 class=""><b>वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा गया</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और अपर मुख्य सचिव गृह सहित वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हादसे की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द से जल्द सरकार को सौंपने को कहा गया है।<br></p><p>मुख्यमंत्री ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने, घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से राहत कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने को भी कहा है।</p><h5 class=""><b>आग लगने के कारणों की जांच शुरू</b></h5><p>फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या विद्युत उपकरणों में तकनीकी खराबी की जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।</p><p>फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भवन की संरचना, सुरक्षा मानकों और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता की भी जांच की जाएगी। यदि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित संस्थान प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p><h5 class=""><b>सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल</b></h5><p>इस घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कोचिंग सेंटरों और निजी शिक्षण संस्थानों में नियमित फायर ऑडिट, आपातकालीन निकास मार्ग और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।</p><p>स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भवन में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। अब प्रशासन इस बात की भी जांच करेगा कि संस्थान के पास आवश्यक अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र मौजूद थे या नहीं।</p><h5 class=""><b>पूरे प्रदेश में शोक की लहर</b></h5><p>हादसे की खबर फैलते ही पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की है तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।</p><p>सरकार ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।</p><p>लखनऊ का यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सार्वजनिक भवनों और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कितना आवश्यक है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस त्रासदी के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ लखनऊ कोचिंग सेंटर में भीषण आग, कई बच्चों की मौत, मुख्यमंत्री योगी ने लिया तत्काल संज्ञान ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-no-tolerance-on-encroachment-immediate-action-against-accused-5067 ]]></guid><title><![CDATA[ अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं, आरोपियों पर तत्काल करें कार्रवाईः मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-no-tolerance-on-encroachment-immediate-action-against-accused-5067 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 22 Jun 2026 14:52:40 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए हर फरियादी से एक-एक कर मुलाकात की। उनका प्रार्थना पत्र लिया और समस्याएं सुनीं। मु ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p style="text-align: justify;"><b>Lucknow</b>: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए हर फरियादी से एक-एक कर मुलाकात की। उनका प्रार्थना पत्र लिया और समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने सभी शिकायतों के उचित व समयबद्ध निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। वहीं अतिक्रमण की शिकायत पर मुख्यमंत्री सख्त हुए और तत्काल इसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया।&nbsp;</p><p style="text-align: justify;"><br></p><p style="text-align: justify;"><b>मथुरा से आए वृद्ध को सीएम ने किया आश्वस्त, जल्द हटेगा अतिक्रमण</b></p><p style="text-align: justify;">‘जनता दर्शन’ में मथुरा से एक वृद्ध भी शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि चकरोड पर अतिक्रमण कर लिया गया है। इसकी शिकायत स्थानीय स्तर पर की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। इस पर मुख्यमंत्री ने सख्त रूख अपनाते हुए जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वे स्वयं मौके पर जाएं और यथास्थिति देखें। अतिक्रमण होने की स्थिति में इसे तत्काल हटाएं और दोषियों पर कार्रवाई करें। सीएम ने फिर कहा कि अतिक्रमण की शिकायत कतई बर्दाश्त नहीं होगी। सभी अधिकारी, प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, विकास प्राधिकरण समेत जिम्मेदार संस्थाएं नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग भी करती रहें।</p><p style="text-align: justify;"><br></p><p style="text-align: justify;"><b>शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता समेत हर पहलु पर सरकार का ध्यान</b></p><p style="text-align: justify;">‘जनता दर्शन’ में शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता, बिजली के तार, पुलिस, राजस्व से जुड़े प्रार्थना पत्र भी आए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रार्थना पत्र लेकर पीड़ितों की बातें सुनीं, फिर उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार जनता से जुड़ी हर मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही है। आप सभी की समस्याओं का भी समाधान होगा। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार हर परिस्थिति में 25 करोड़ प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है।&nbsp;</p><p style="text-align: justify;"><br></p><p style="text-align: justify;"><b>मुख्यमंत्री ने हालचाल जाना, कहा- सेहत व स्वास्थ्य का भी ध्यान रखिए</b></p><p style="text-align: justify;">सीएम ने भीषण गर्मी में आए फरियादियों का सबसे पहले हालचाल जाना, फिर उनकी समस्याएं पूछीं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों से आए लोगों से कहा कि अभी गर्मी व धूप अधिक है। बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों से कहा कि बहुत जरूरत होने पर ही दोपहर में घर से निकलिए। सीएम ने संयमित खानपान के लिए भी कहा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं, आरोपियों पर तत्काल करें कार्रवाईः मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-inaugurates-and-lays-foundation-stone-of-81-projects-worth-rs-658-crore-5062 ]]></guid><title><![CDATA[ फिरोजाबाद: सीएम योगी ने ₹658 करोड़ से अधिक की 81 परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-inaugurates-and-lays-foundation-stone-of-81-projects-worth-rs-658-crore-5062 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 22 Jun 2026 13:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को फिरोजाबाद दौरे के दौरान जिले को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने ₹658 करोड़ से अधिक की लागत वाली 81 विकास परियोजन ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश:</b> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को फिरोजाबाद दौरे के दौरान जिले को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने ₹658 करोड़ से अधिक की लागत वाली 81 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सड़क, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।</span></p><p>टूंडला क्षेत्र के उसायनी गांव में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और सुशासन के जरिए प्रत्येक जिले को नई पहचान देने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ गरीब और जरूरतमंद वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कहा कि प्रदेश सरकार विकास और सुशासन के जरिए प्रत्येक जिले को नई पहचान देने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ गरीब और जरूरतमंद वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।</span></p><p>&lt;iframe width="560" height="315" src="https://www.youtube.com/embed/3xziO11x21w?si=JOSZcA9pIoivI030" title="YouTube video player" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen&gt;&lt;/iframe&gt;</p><p><b>उत्तर प्रदेश की जनता के जावन स्तर को बेहतर बनाना है- मुख्यमंत्री योगी</b></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज विकास, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार की प्राथमिकता गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास परियोजनाओं को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए ताकि आम जनता को उनका पूरा लाभ मिल सके।</p><p>कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिले में व्यापक तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ फिरोजाबाद: सीएम योगी ने ₹658 करोड़ से अधिक की 81 परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-targets-those-who-defamed-bundelkhand-5056 ]]></guid><title><![CDATA[ दूषित मन और मलिन आत्मा वालों ने बुंदेलखंड को किया था बदनामः मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-targets-those-who-defamed-bundelkhand-5056 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 21 Jun 2026 16:14:44 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Mahoba: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर महोबा में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने योगाभ्यास पर जोर देते हुए विपक्षियों पर करारा प्रहार भी किया। सीएम ने कहा कि योग शरीर,  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p style="text-align: justify; "><b>Mahoba</b>: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर महोबा में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने योगाभ्यास पर जोर देते हुए विपक्षियों पर करारा प्रहार भी किया। सीएम ने कहा कि योग शरीर, मन, बुद्धि व आत्मा में समन्वय की प्रेरणा देता है। स्वस्थ शरीर से स्वस्थ मस्तिष्क, स्वस्थ मस्तिष्क से स्वस्थ बुद्धि, स्वस्थ बुद्धि से स्वस्थ आत्मा होती है और स्वस्थ आत्मा ही लोककल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। जो लोग अवैध कब्जा करते हैं, नकारात्मक बुद्धि के साथ नकारात्मकता पैदा करते हैं। उनकी आत्मा मलिन और मन दूषित है। बीमार मानसिकता के साथ काम करने वाले ऐसे लोगों ने प्रदेश को डुबोया और बुंदेलखंड को बदनाम किया था। सीएम ने मोदी ग्राम में 697 करोड़ से अधिक की लागत से 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। यहां महोबा के विकास को समर्पित लघु फिल्म भी दिखाई गई।&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; "><b>पीएम मोदी के नेतृत्व में भव्यता से मनाया गया 12वां योग दिवस</b></p><p style="text-align: justify; ">सीएम योगी ने कहा कि आज सुबह आप सभी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम से जुड़े। भारत के विरासत को वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई। पीएम मोदी जी के नेतृत्व में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भव्यता से मनाया गया। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के किले के मैदान में मुझे भी जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रदेश के 57 हजार ग्राम पंचायतों, 825 विकास खंडों, 350 तहसीलों, 75 जनपदों, 762 नगर निकायों समेत अमृत सरोवर, ग्राम सचिवालय, विकास खंड, नगर निकाय, जिला मुख्यालय पर यह आयोजन हुए।</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; "><b>पर्यटन स्थल के नए केंद्र के रूप में स्थापित हुआ गोरखगिरि</b></p><p style="text-align: justify; ">सीएम ने गुरु गोरखनाथ की साधना स्थली महोबा की आध्यात्मिकता, ऐतिहासिकता, वीरता पर प्रकाश डाला। कहा कि 12-13 वर्ष बाद गोरखगिरि पर्वत पर ऊपर जा पाया। वहां भोलेनाथ से प्रार्थना की, फिर बाबा गोरखनाथ की साधना स्थली (गुफा व मंदिर) में दर्शन किया। गोरखगिरि पर्यटन स्थल के नए केंद्र के रूप में स्थापित हुआ। सीएम ने इस पहल, सहयोग व योगदान के लिए विधायक राकेश गोस्वामी, पूर्व सांसद पुष्पेंद्र चंदेल समेत स्थानीय पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को बधाई दी।&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; "><b>गोरखगिरि में लगेगा रोपवे, एडवेंचर टूरिज्म के केंद्र के रूप में होगा विकसित</b></p><p style="text-align: justify; ">सीएम ने कहा कि गोरखगिरि में रोपवे लगाएंगे और इसे एडवेंचर टूरिज्म के केंद्र के रूप में विकसित करेंगे। सीएम ने महोबा महोत्सव से पहले इस पहाड़ी पर चढ़ने के लिए एक सप्ताह तक स्थानीय, जनपद, बुंदेलखंड, राज्य, राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित करने और यहां रेस्तरां, होटल आदि खोलने की संभावनाओं को बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि आल्हा-उदल के शौर्य/पराक्रम के प्रतीक अखाड़ों का निर्माण करके नौजवानों को फिर से वीर भाव के साथ प्रेरित कर सकें।&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; "><b>ऊर्जा की भूमि है महोबा, कहीं और नहीं मिलता दशावरी पान जैसा स्वाद</b></p><p style="text-align: justify; ">सीएम ने कहा कि महोबा ऊर्जा की भूमि है। महोबा कभी महोत्सव के लिए प्रसिद्ध था। यहां से निकलने वाले ग्रेनाइट पत्थर से केवल टाइल्स या मकान ही नहीं बनते बल्कि यह देश के नवनिर्माण में यह भूमि योगदान देती है। यह भूमि सिर्फ वीर-वीरांगनाओं को ही नहीं गढ़ती, बल्कि राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका का भी निर्माण करती है। चंदेल राजाओं ने जल संरक्षण के लिए तालाब खोदकर इस भूमि पर लोक कल्याण कार्यक्रम को बढ़ाया। हमारी सरकार ने यहां के दशावरी पान को जियो टैग के साथ वैश्विक मान्यता दिलाई है। माटी का प्रभाव है कि यहां पैदा होने वाले इस पान का स्वाद कहीं और नहीं मिलता।&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; "><b>हमारी सरकार ने अर्जुन सहायक परियोजना को पूरा कर किसानों को किया खुशहाल</b></p><p style="text-align: justify; ">सीएम ने कहा कि दशकों पहले बनी अर्जुन सहायक परियोजना पूरी नहीं हो पाई। हमारी सरकार ने इसे मिशन मोड पर लेकर इसे पूरा कराया और 2021 में परियोजना के लोकार्पण में पीएम मोदी को बुलाया। इससे महोबा और बांदा के हजारों हेक्टेयर लैंड को सिंचाई की सुविधा मिली। किसानों को सम्मान मिला और उनके जमीन की कीमत बढ़ी, जिससे अन्नदाता खुशहाल हैं।&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; "><b>सीएम बनने पर आया तो यहां की स्थिति देखकर भौचक रह गया</b></p><p style="text-align: justify; ">उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार जब बुंदेलखंड आया तो यहां की कनेक्टिविटी, खनन, वन, हावी भूमाफिया को देखकर भौचक हो गया। यहां की बहनें मिट्टी का घड़ा ढोकर जीवन काट देतीं थीं, लेकिन हमने बहनों, बेटियों व माताओं के लिए हर घर जल की योजना को लागू की। सीएम ने जल संरक्षण पर जोर दिया। कहा कि जल संरक्षण के लिए चंदेल राजाओं ने तालाब बनाए थे। आप भी प्रयास करें कि जल की एक भी बूंद का दुरुपयोग नहीं होने देंगे। सीएम ने तालाबों को जल संरक्षण की दृष्टि से तैयार करने पर जोर दिया।&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; "><b>हिंदुस्तान से क्या ही लड़ पाएगा पाकिस्तान</b></p><p style="text-align: justify; ">सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने माफिया को मिट्टी में मिलाकर बुंदेलखंड को एक्सप्रेसवे से जोड़ा। यहां का जवान सेना में भर्ती होकर राष्ट्र की रक्षा करता है तो बुंदेलखंड में बनने वाली तोप-बंदूक से दुश्मन थरथरा उठता है। उप्र के डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग कॉरिडोर में बनी ब्रह्मोस मिसाइल ऑपरेशन सिंदूर में जिस दिन दागी गई थी तो पाकिस्तान माफी मांगते हुए जान की भीख मांग रहा था। मिसाइल ने साबित कर दिया कि यह पाकिस्तान हिंदुस्तान से क्या ही लड़ पाएगा। सरकार चाहती है कि आने वाले समय में मिसाइल का हब बुंदेलखंड, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, झांसी बने।&nbsp;&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; "><b>यहां की धरती व युवाओं में गजब की ऊर्जा है</b></p><p style="text-align: justify; ">सीएम ने कहा कि यहां की धरती व युवाओं में गजब की ऊर्जा है। निवेश के लिए औद्योगिक कलस्टर विकसित करने की कार्रवाई को बढ़ाया गया है। कबरई बांध के लिए जिन किसानों ने जमीन दी थी, उन्हें वर्षों से भूमि का पैसा नहीं मिला था। सरकार ने उसे निस्तारित कर भुगतान किया। किसान का शोषण करने वालों पर सरकार कार्रवाई करती है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की उल्टी गिनती भी तय है। बुंदेलखंड का विकास कोई रोक नहीं सकता।&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; "><b>केन-बेतवा नहर परियोजना पूरी होते ही बुंदेलखंड में होगा जल की समस्या का समाधान</b></p><p style="text-align: justify; ">सीएम ने कहा कि यूपी नए भारत के नए प्रदेश के रूप में पहचान बना रहा है। एक समय यहां माफिया हावी और बेटी, व्यापारी असुरक्षित थे। अराजकता पहचान बन चुकी थी। गरीबों को अधिकार नहीं मिल पाता था। तब महोबा, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, झांसी पहचान के मोहताज थे लेकिन अब बीडा के रूप में बुंदेलखंड में सबसे बड़ा औद्योगिक शहर बनने जा रहा है। केन-बेतवा नहर परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, काम पूरा होने पर बुंदेलखंड में जल की समस्या का पूर्ण समाधान हो जाएगा।&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; "><b>डीएम कार्ड छपवाते हैं और मंत्री भी गरीब की बेटी की शादी में होते हैं शामिल</b></p><p style="text-align: justify; ">मुख्यमंत्री ने कहा कि रतौली बांध, बावनी बांध, कचनौदा बांध, चिल्ली स्प्रिंकलर सिंचाई आदि परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है। 9 वर्ष में सरकार गरीबों को राशन, आवास, शौचालय, पेंशन, बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार का पैकेज, सामूहिक विवाह योजना में एक लाख रुपये उपलब्ध कराती है। गरीब की बेटी की शादी का कार्ड जिलाधिकारी छपवाते हैं और मंत्री इसमें शामिल होते हैं। सरकार उपचार, बिजली, रसोई गैस आदि सभी समस्याओं का समाधान करा रही है।&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; "><b>स्वास्थ्य, जल संरक्षण, पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाया जाए</b></p><p style="text-align: justify; ">सीएम ने बुंदेलखंड के पोटेंशियल को बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि सुरक्षा के बेहतर माहौल में सुशासन की स्थापना होती है। महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट में भी संभावनाओं को विकसित करेंगे। मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए लोग आएं, सरकार सहयोग करेगी। जल संरक्षण, पर्यटन की संभावनाओं, कनेक्टिविटी आदि को बेहतर करने के लिए डबल इंजन सरकार कार्य कर रही है।&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; "><b>महोबा फिर से विकास की बुलंदियों को छूता दिखाई देगा</b></p><p style="text-align: justify; ">सीएम ने कहा कि महोबा फिर से विकास की बुलंदियों को छूता दिखाई दे। यह महोत्सव की धरा के रूप में पहचान बनाए, लोकगाथाओं को वैश्विक मान्यता मिले। लोकपरंपराओं को पुराने वाद्यों के साथ जोड़कर इसे बढ़ाया जाए। दशावरी पान यहां की पहचान बने। यहां के उत्पाद को वैश्विक मान्यता दिलाने की दिशा में कार्य बढ़ाने के साथ ही संभावनाओं को बढ़ाने के लिए सरकार आपके साथ है।&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; ">इस अवसर पर श्रम राज्यमंत्री मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, विधायक राकेश कुमार गोस्वामी, विधान परिषद सदस्य जितेंद्र सिंह सेंगर, जिला पंचायत अध्य़क्ष जयप्रकाश अनुरागी, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष संतोष चौरसिया, नगर पंचायत अध्यक्ष वैभव अरजरिया, पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत, पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा आदि मौजूद रहे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ दूषित मन और मलिन आत्मा वालों ने बुंदेलखंड को किया था बदनामः मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yoga-builds-healthy-nation-cm-yogi-5055 ]]></guid><title><![CDATA[ योग भारत की विरासत, स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार: सीएम योगी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yoga-builds-healthy-nation-cm-yogi-5055 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 21 Jun 2026 15:43:05 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Jhanshi: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योग केवल 21 जून तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार है। भ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>Jhanshi</b>: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योग केवल 21 जून तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार है। भारतीय ऋषि परंपरा ने जो भी पर्व और उत्सव निर्धारित किए, उनके पीछे प्रकृति के साथ सामंजस्य का भाव रहा है। हमारी संस्कृति का उद्देश्य प्रकृति के साथ रहकर जीवन को संतुलित बनाना है।</p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री विश्व योग दिवस के अवसर पर झांसी में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' (स्वस्थ आयु के लिए योग) थीम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने आयुष विभाग की आयुष ई-पत्रिका का विमोचन भी किया।</p><p><br></p><p><b>पीएम मोदी का जताया आभार</b></p><p>सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की परंपरा और विरासत को वैश्विक मान्यता दिलाने का कार्य किया है। उनके प्रयासों के कारण आज 140 करोड़ भारतीय दुनिया में गौरव के साथ आगे बढ़ रहे हैं और विकसित भारत की संकल्पना को नई दिशा मिली है। प्रधानमंत्री जी स्वयं प्रत्येक वर्ष अलग-अलग राज्यों में जाकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं।</p><p><br></p><p><b>स्वस्थ व्यक्ति ही अपने लक्ष्य प्राप्त करेगा</b></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम् अर्थात स्वस्थ शरीर ही सभी कर्तव्यों और पुरुषार्थों की साधना का माध्यम है। यदि शरीर स्वस्थ व निरोग नहीं होगा तो कोई भी व्यक्ति जीवन के किसी भी लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता। स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क वाला छात्र ही अपने जीवन में सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। स्वस्थ किसान खेती-किसानी में नई उपलब्धियां हासिल करेगा और समाज के लिए प्रेरणा बनेगा। स्वस्थ श्रमिक अपने परिश्रम से विकास और निर्माण की नई इबारत लिखेगा। स्वस्थ वैज्ञानिक देश को नए-नए अनुसंधान और उपलब्धियां प्रदान करेगा। स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार बन सकता है।</p><p><br></p><p><b>पीएम मोदी ने बनाया रिकॉर्ड, योग से दुनिया को जोड़ा</b></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी ने देश में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने भारत की विरासत को सम्मान दिलाने और उसे वैश्विक मंच पर स्थापित करने का कार्य किया है। आज दुनिया के लगभग 200 देश योग से जुड़ चुके हैं। दुनिया के विभिन्न देशों में योग के प्रति लोगों में विशेष आकर्षण पैदा हुआ है। प्रधानमंत्री जी ने आयुष और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में भारत के युवाओं के लिए रोजगार और अवसरों का नया द्वार खोला है।</p><p><br></p><p><b>तन स्वस्थ तो मन भी स्वस्थ</b></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी आयुष विभाग लगातार कार्य कर रहा है। यदि शरीर स्वस्थ होगा तो मस्तिष्क भी स्वस्थ होगा, स्वस्थ मस्तिष्क होगा तो बुद्धि स्वस्थ होगी और स्वस्थ बुद्धि होगी तो आत्मा भी स्वस्थ होगी। आत्मा में ईश्वर का वास होता है। इसलिए स्वस्थ शरीर पूरे जीवन का मूल आधार है और योग इसका सबसे प्रभावी माध्यम है।</p><p><br></p><p><b>प्रकृति से ऊर्जा ग्रहण करने का अवसर</b></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वर्ष में दो बार नवरात्रि का आयोजन होता है। इसके पीछे भी ऊर्जा और प्रकृति का विज्ञान छिपा हुआ है। नवरात्रि ऐसे समय में आती है जब ऋतुओं का परिवर्तन होता है और प्रकृति विशेष ऊर्जा प्रदान करती है। 21 जून का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है। आज के दिन सूर्य का प्रकाश सबसे अधिक समय तक धरती को प्राप्त होता है। सूर्य को जगत का पिता कहा गया है। जो व्यक्ति और वनस्पति सूर्य के जितने अधिक सानिध्य में रहते हैं, उनमें उतनी ही अधिक ऊर्जा, तेज और क्षमता विकसित होती है। सूर्य हम सभी के जीवन का आधार है। योग दिवस हमें अपनी आंतरिक ऊर्जा और प्रकृति की ऊर्जा को एक साथ जोड़ने का अवसर देता है।</p><p><br></p><p><b>भगवान शिव से शुरू हुई योग की परंपरा</b></p><p>सीएम योगी ने कहा कि योग की परंपरा आदियोगी भगवान शिव से प्रारंभ हुई और ऋषि-मुनियों ने इसे पूरी दुनिया तक पहुंचाया। एक समय ऐसा आया जब हम अपनी इस महान विरासत को भूलने लगे थे, लेकिन प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से भारत फिर से अपनी सांस्कृतिक धरोहर पर गर्व का अनुभव कर रहा है। इस वर्ष मोदी जी ने 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम दी है, जिसका उल्लेख हमारे ऋषियों ने भी किया है। उन्होंने शास्त्रों का जिक्र करते हुए कहा- "न तस्य रोगो न जरा न मृत्युः प्राप्तस्य योगाग्निमयं शरीरम्" अर्थात जिसका शरीर योग की अग्नि से तपकर सुदृढ़ हो गया हो, उसके पास न रोग आता है, न समय से पहले बुढ़ापा और न ही दुर्बलता। यदि हमें रोगों और समय से पहले आने वाले बुढ़ापे से बचना है तो योग को नियमित रूप से अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा।</p><p><br></p><p><b>प्रदेश के हर कोने में योग दिवस का आयोजन</b></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जी प्रदेश में योग दिवस कार्यक्रमों का नेतृत्व कर रही हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज में, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक लखनऊ में तथा प्रदेश सरकार के अन्य मंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी अलग-अलग जनपदों में योग दिवस कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों, 825 विकासखंड मुख्यालयों, 350 तहसीलों और 762 नगर निकायों में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरी भव्यता और दिव्यता के साथ मनाया जा रहा है।</p><p><br></p><p><b>प्रदेशवासियों को योग दिवस की बधाई</b></p><p>मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर नायिका रानी लक्ष्मीबाई की कर्मभूमि झांसी की पावन धरती से पूरे प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग के सभी अधिकारीगण, झांसी के प्रबुद्धजन, प्रशासन एवं पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारी, सुरक्षा बलों के जवान, युवा साथी, मातृशक्ति और प्रदेशवासी बधाई के पात्र हैं। यदि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बना लिया जाए तो व्यक्ति स्वस्थ, ऊर्जावान और सकारात्मक जीवन जी सकता है। उन्होंने सभी के सुख, स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना करते हुए योग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।</p><p><br></p><p>इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, सांसद अनुराग शर्मा, विधायक रवि शर्मा, जवाहर लाल राजपूत, राजीव सिंह पारीछा, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, विधायक रश्मि आर्य, विधान परिषद सदस्य राम तीर्थ सिंघल, महापौर बिहारी लाल आर्य आदि उपस्थित रहे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ योग भारत की विरासत, स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार: सीएम योगी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ram-temple-donation-row-vhp-alok-kumar-sp-congress-5054 ]]></guid><title><![CDATA[ 'रामभक्तों पर गोली चलाने वालों को जांच का अधिकार नहीं', VHP प्रमुख का विपक्ष पर हमला ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ram-temple-donation-row-vhp-alok-kumar-sp-congress-5054 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 21 Jun 2026 16:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने राम मंदिर दान अनियमितता विवाद को लेकर भाजपा पर निशाना साधने के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने राम मंदिर दान अनियमितता विवाद को लेकर भाजपा पर निशाना साधने के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों विपक्षी दल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी के तहत इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।</span></p><p>भाजपा से दिल्ली विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके आलोक कुमार ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को भगवान राम से कोई प्रेम नहीं है। उन्होंने 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर हुई गोलीबारी की घटना का उल्लेख करते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा और प्राण प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को ठुकराने के लिए कांग्रेस की भी आलोचना की।</p><p><b>सर्वदलीय समिति द्वारा जांच कराने पर विचार</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">आलोक कुमार ने</span>&nbsp;मीडिया से बातचीत में कहा, "यह सुझाव दिया गया कि राजनीतिक दलों की सर्वदलीय समिति इस मामले की जांच करे। इसका मतलब यह होगा कि जांच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि, राहुल गांधी या उनके किसी प्रतिनिधि को सौंप दी जाए। क्या राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि आपराधिक मामलों की जांच कर सकते हैं? कानून उन्हें यह अधिकार नहीं देता। निष्पक्ष और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्थापित जांच प्रक्रिया के तहत ही सच्चाई सामने आ सकती है और जनता को उस पर भरोसा होगा।"</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&amp;quot;Want thorough probe, whoever has committed any crime should receive harshest punishment&amp;quot;: VHP chief on Ram Mandir donation row&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://x.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story I&lt;a href="https://t.co/RX5eM72lKW"&gt;https://t.co/RX5eM72lKW&lt;/a&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/RamMandirdonation?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#RamMandirdonation&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/VHP?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#VHP&lt;/a&gt; &lt;a href="https://x.com/hashtag/sitebanter?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#sitebanter&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/RRH42RVhqj"&gt;pic.twitter.com/RRH42RVhqj&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://x.com/ani_digital/status/2068618065466859834?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>'समाजवादी पार्टी, कांग्रेस को&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">भगवान राम से प्रेम नहीं'</span></b></p><p><span style="font-size: 1rem;">आलोक कुमार ने</span>&nbsp;आगे कहा, "समाजवादी पार्टी को भगवान राम से प्रेम नहीं है। कांग्रेस को भी भगवान राम से प्रेम नहीं है। हमने उन्हें प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित किया था, लेकिन कांग्रेस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर निमंत्रण अस्वीकार कर दिया। 2027 के चुनाव की तैयारियां चल रही हैं और इसी कारण वे इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपना रहे हैं। जिस तरह जनता धन के गबन करने वालों को माफ नहीं करेगी, उसी तरह भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वालों को भी माफ नहीं करेगी।"</p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने</span>&nbsp;समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी हमला बोलते हुए कहा कि वे राम मंदिर दान विवाद को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।</p><p><b>भगवान राम से सहानुभूति नहीं, राजनीति मकसद</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">आलोक कुमार ने</span>&nbsp;कहा, "अखिलेश यादव को भगवान राम से सहानुभूति नहीं है, वे चुनाव जीतना चाहते हैं। वे राम मंदिर दान के मुद्दे का राजनीतिक उपयोग कर रहे हैं। हम जांच से पीछे नहीं हटेंगे। उन्हें विशेष जांच दल (एसआईटी) के सामने उपस्थित होकर सबूत देने चाहिए। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो माना जाएगा कि उनके आरोपों में ईमानदारी नहीं थी।"</p><p>दरअसल, यह विवाद अयोध्या स्थित राम मंदिर में प्राप्त दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद शुरू हुआ।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">14 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।</span></p><p><b>विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर लगातार हमलावर रहा</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>इस SIT में विजय विश्वास पंत (मंडलायुक्त, लखनऊ), किरण एस (आईजी रेंज) और नील रतन (विशेष सचिव, वित्त) को शामिल किया गया है। समिति को जल्द से जल्द प्रारंभिक और अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोल रहा है। इससे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एसआईटी गठन पर सवाल उठाते हुए राज्य में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।</span></p><p>प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा था, "जिस राज्य में रोजगार और अवसर पैदा करने के लिए आईआईटी बनने चाहिए थे, वहां एसआईटी बनाई जा रही हैं। इतना भ्रष्टाचार हो रहा है। डबल इंजन सरकार भ्रष्टाचार के डबल टैंक की तरह काम कर रही है।"</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 'रामभक्तों पर गोली चलाने वालों को जांच का अधिकार नहीं', VHP प्रमुख का विपक्ष पर हमला ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-first-reaction-ram-mandir-donation-theft-sit-probe-5029 ]]></guid><title><![CDATA[ राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सीएम योगी का बयान, बोले- 'SIT करेगी दूध का दूध, पानी का पानी' ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-first-reaction-ram-mandir-donation-theft-sit-probe-5029 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 19 Jun 2026 14:10:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ अयोध्या, उत्तर प्रदेश: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या में राजकीय आयुर्वेदिक महा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>अयोध्या, उत्तर प्रदेश:</b> अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या में राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है और जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से होगी।</span></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर किसी के पास कोई दस्तावेजी प्रमाण है तो वह SIT को उपलब्ध कराए। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। अपराधी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग अयोध्या के विकास और उसकी बढ़ती पहचान को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और जानबूझकर शहर की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।</span></p><p><b>‘15 दिन इंतजार कर लें, चिंता मत करें’</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने</span><span style="font-size: 1rem;"> </span>राम भक्तों से अपील करते हुए कहा, “अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं। हमने राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर SIT जांच बैठाई है। जांच पूरी होने दें, सच्चाई सामने आ जाएगी।” उन्होंने<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;लोगों से संयम बरतने और जांच पूरी होने तक अनावश्यक बयानबाजी से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीच-बीच में होने वाली टिप्पणियां जांच को प्रभावित कर सकती हैं।</span></p><p>योगी आदित्यनाथ ने कहा, “राम भक्तों से कहना चाहूंगा कि प्रभु राम ने हमें मर्यादा का पाठ पढ़ाया है। उसी मर्यादा का पालन करते हुए 500 वर्षों तक संघर्ष किया गया। 15 दिन और इंतजार कर लें, चिंता मत करें। SIT रिपोर्ट आने दें।”</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Ayodhya: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath says, &amp;quot;...Those who fired bullets at &amp;#39;karsevaks&amp;#39; and wielded lathis for chanting Jai Shri Ram are now out here giving sermons... We have set up an SIT investigation (to probe Ram Temple donation issue) at the request… &lt;a href="https://t.co/Bcqc8zwrpT"&gt;pic.twitter.com/Bcqc8zwrpT&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) &lt;a href="https://x.com/ANINewsUP/status/2067861870959317137?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>सपा और कांग्रेस पर साधा निशाना</b></p><p>मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग आज राम भक्तों के अपमान की बात कर रहे हैं, वही अतीत में राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर कार्रवाई करते थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी के दोहरे चरित्र को देखिए। जो लोग कारसेवकों पर गोली चलाते थे, वे आज राम भक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं। कांग्रेस ने भी वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और अदालत में यह तक कहा कि भगवान राम का अस्तित्व नहीं था। आज वही लोग राम भक्तों के अपमान की बात कर रहे हैं।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Addressing a public gathering in Rudauli, Ayodhya, Chief Minister Yogi Adityanath (&lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt;) said, &amp;quot;Look at their double standards. The same Congress party that tried every possible way to prevent the construction of Lord Ram’s temple in Ayodhya is now pretending… &lt;a href="https://t.co/MPqAcpW38M"&gt;pic.twitter.com/MPqAcpW38M&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2067861436634927195?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>‘नई अयोध्या कुछ लोगों को पसंद नहीं’</b></p><p>सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान अयोध्या का विकास कुछ राजनीतिक दलों को पसंद नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या विश्व स्तर पर पहचान बना रही है और यह बदलाव कुछ लोगों को असहज कर रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, <b>“आज नई अयोध्या का निर्माण हो रहा है। माता शबरी के नाम पर बने भोजनालय और विकास की नई परियोजनाएं कुछ लोगों को अच्छी नहीं लगतीं। यही कारण है कि वे लगातार भ्रम फैलाने की कोशिश करते हैं।”&nbsp;</b></span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अटकलों से बचना चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सीएम योगी का बयान, बोले- 'SIT करेगी दूध का दूध, पानी का पानी' ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-statement-on-stray-cattle-and-crop-damage-5024 ]]></guid><title><![CDATA[ आवारा पशुओं पर बोले सीएम योगी, ‘दूध लेकर छोड़ देते हैं गाय, फिर सरकार को ठहराते हैं जिम्मेदार' ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-statement-on-stray-cattle-and-crop-damage-5024 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 18 Jun 2026 18:44:57 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ:&nbsp; मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग गाय का दूध पिएंगे, फिर उन्हें सड़कों पर बेसहारा छोड़ देंगे और जब ये गाय फसलों का नुकसान करेंगी तो दोष मुझे देंगे। हमारा संकल्प व संस्कार है कि  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ:</b>&nbsp; <b>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ</b> ने कहा कि कुछ लोग गाय का दूध पिएंगे, फिर उन्हें सड़कों पर बेसहारा छोड़ देंगे और जब ये गाय फसलों का नुकसान करेंगी तो दोष मुझे देंगे। हमारा संकल्प व संस्कार है कि गोमाता को कटने नहीं देंगे और देश की सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने देंगे। उन्होंने सिख गुरुओं के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि जब कोई आक्रांता या कसाई गोहत्या करता था, तो सिख वीर उसका वहीं काम तमाम कर देते थे। यह उस कालखंड की बात है, जब देश गुलाम था और लोग विदेशी आक्रांताओं के साये में जीवन व्यतीत कर रहे थे।</p><p>कानपुर में आयोजित ‘<b>प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026</b>’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का कोई ऐसा सनातन धर्मावलंबी नहीं होगा, जो गोमाता की उपासना न करता हो, उसे अपने जीवन व परिवार का हिस्सा न मानता हो। गोमाता आधारित खेती न केवल कृषि को सशक्त बनाती है, बल्कि गोमाता की रक्षा भी करती है। साथ ही, यह हम सभी को पुण्य का भागीदार भी बनाती है।</p><h5 class=""><b>विदेशियों की नकल ने भारत को पीछे धकेला</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 2000 वर्ष पहले भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी 44 प्रतिशत थी। मुगलों की लूटपाट के बावजूद भारत की ग्लोबल इकॉनमी में हिस्सेदारी 24 प्रतिशत तक थी। जब तक भारत किसानों, व्यापारियों, नौजवानों और आधी आबादी के सामर्थ्य पर विश्वास करता रहा, तब तक देश समृद्धि की ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहा। लेकिन, जब हमने विदेशियों की नकल करना शुरू कर दिया तो वही भारत विपन्न होते-होते आजादी के समय वैश्विक अर्थव्यवस्था में मात्र दो प्रतिशत हिस्सेदारी तक सिमट गया। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान देश ने नारी शक्ति, युवाओं, व्यापारियों और किसानों पर फिर से विश्वास किया। इसी का परिणाम है कि आज भारत पूरे विश्व में तेजी से आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।</p><h5 class=""><b>ज्यादा लागत-कम आय से जूझ रहा था किसान</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी-पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। अब भारत बीमारू नहीं, विकसित भारत बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर देश है। यह विचार करने की आवश्यकता है कि वे कौन से कारण थे, जिन्होंने इतनी समृद्ध भूमि होने के बावजूद अन्नदाता किसानों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया। 2014 से पहले किसान आत्महत्या कर रहा था, क्योंकि लागत अधिक व उत्पादन कम था और उपज का उचित मूल्य भी नहीं मिल पाता था।</p><h5 class=""><b>मोदी सरकार ने दी डेढ़ गुना मूल्य देने की गारंटी</b></h5><p>सीएम योगी ने कहा कि आजाद भारत में किसानों को उनकी लागत का न्यूनतम डेढ़ गुना मूल्य देने की गारंटी किसी ने दी, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। वर्ष 2004 से 2014 के बीच देश में लाखों किसानों ने आत्महत्या की, लेकिन 2014 के बाद इस पर विराम लग गया। पहली बार सॉइल हेल्थ कार्ड के माध्यम से धरती माता के स्वास्थ्य का परीक्षण शुरू हुआ। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए अन्नदाता किसानों को फसल सुरक्षा की गारंटी मिली। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से सिंचाई की सुविधा बढ़ी। किसानों के लिए प्रोक्योरमेंट सेंटर स्थापित हुए और किसान सम्मान निधि की घोषणा की गई।</p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से मिलने वाले उर्वरक (फर्टिलाइजर) पर सरकार भारी सब्सिडी दे रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया बैग की कीमत करीब 4000 रुपये तक होती है, जबकि किसानों को एक चौथाई से भी कम कीमत पर इसे उपलब्ध कराया जाता है। किसान प्रति एकड़ रासायनिक उर्वरकों पर 10 से 12 हजार रुपये खर्च कर देता है। किसान की मेहनत को भी इसमें जोड़ दिया जाए तो उसकी कुल लागत 25 से 30 हजार रुपये तक पहुंच जाती है। इसके बावजूद सालभर की मेहनत के बाद उसे 10 हजार रुपये का शुद्ध लाभ भी नहीं मिल पाता।</p><h5 class=""><b>जहर मुक्त खेती ही बेहतर भविष्य का आधार</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्टिलाइजर व पेस्टीसाइड के अत्यधिक उपयोग की वजह से कई बार हमारा उत्पादन दुनिया के बाजार में स्वीकार नहीं किया जाता, क्योंकि उसमें रासायनिक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। इसका स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव होता है। आज से 30 वर्ष पहले किडनी खराब होने के इतने मामले नहीं होते थे। लोग हैंडपंप व तालाब का पानी पीते थे, मेहनत करते थे और सामान्य स्वस्थ जीवन जीते थे। आज लगभग हर मोहल्ले में दो-तीन किडनी रोगी मिल जाते हैं। लिवर सिरोसिस, ब्लडप्रेशर व डायबिटीज के मामलों में भी तेजी से वृद्धि हुई है।</p><p>सीएम ने कहा कि यह केवल व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का दोष है जो केमिकल फर्टिलाइजर व पेस्टीसाइड के उपयोग को बढ़ावा देती है। यदि किसान गो आधारित प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते हैं तो प्रति एकड़ 10 से 12 हजार रुपये की सीधी बचत रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों पर होने वाले खर्च में ही हो जाएगी। स्वास्थ्य उत्तम होगा तो दवाओं पर भी खर्च बचेगा। आयुष्मान भारत व मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से आर्थिक सहायता तो दी जाती है, लेकिन बीमारी से प्रभावित व्यक्ति की जीवन गुणवत्ता प्रभावित हो जाती है। पूरा परिवार संकट में आ जाता है। लोग स्वस्थ रहेंगे तो अपनी ऊर्जा व प्रतिभा का उपयोग देश-समाज के विकास में कर सकेंगे।</p><h5 class=""><b>34 जिलों में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रयास शुरू किए गए हैं। प्रदेश के 34 जिले प्राकृतिक खेती को तेजी से अपना रहे हैं। गंगा किनारे स्थित 27 जनपदों तथा बुंदेलखंड के सात जनपदों को प्राकृतिक खेती के लिए चिह्नित किया गया है। बुंदेलखंड के किसानों ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्राकृतिक खेती से जुड़े उत्पादों के सर्टिफिकेशन, पैकेजिंग व मार्केटिंग पर तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है। कृषि मंडियों में इसके लिए व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के बीज से लेकर फसल तैयार होने तक सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया, शोरूम की स्थापना तथा उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था पर भी कार्य किया जा रहा है।</p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने कृषि विज्ञान केंद्रों को प्राकृतिक खेती के प्रदर्शन का आधार बनाया है। अनेक किसान और संस्थाएं इस दिशा में अच्छा कार्य कर रही हैं। जहां कहीं भी कृषि प्रदर्शनी आयोजित हो, उसकी जिम्मेदारी किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को दी जानी चाहिए। एफपीओ बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। किसी ने मोटे अनाज (मिलेट्स), किसी ने दलहन तथा अन्य कृषि उत्पादों पर उत्कृष्ट कार्य किया है। ऐसे सफल किसानों और एफपीओ को प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ना चाहिए।</p><h5 class=""><b>14 लाख से ज्यादा गोवंश संरक्षित</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 7700 से अधिक गोशालाओं में 14 लाख से ज्यादा गोवंश संरक्षित हैं, जिनकी राज्य सरकार देखभाल कर रही है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत एक गोवंश पालन पर 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। यदि चार गोवंश हैं तो 6000 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जाती है। प्रदेश में लगभग डेढ़ लाख किसानों ने इस योजना के अंतर्गत गोवंश पालन अपनाया है। गाय का गोबर प्राकृतिक खेती के लिए काफी हद तक पर्याप्त हो सकता है। सीएम ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने इस दिशा में बहुत अच्छा कार्य किया है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;मुझे प्रसन्नता है कि आज प्रदेश की 7,700  गोशालाओं में 14 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं, प्रदेश सरकार उनकी देखभाल कर रही है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;—मुख्यमंत्री &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@myogiadityanath&lt;/a&gt; जी &lt;a href="https://t.co/uQ81SZmj7t"&gt;pic.twitter.com/uQ81SZmj7t&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) &lt;a href="https://x.com/CMOfficeUP/status/2067558466202517888?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 18, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><p>सीएम ने कहा कि प्राकृतिक खेती में बाजार से कुछ भी खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ती। किसान के खेत में जो उपलब्ध होता है, उसी से पूरी प्रक्रिया संचालित की जा सकती है। गाय के गोबर, गुड़ व पानी आदि को मिलाकर जीवामृत तैयार किया जाता है। उसका छिड़काव करने से प्राकृतिक खेती की शुरुआत होती है। किसान जब पसीना बहाता है तो धरती माता से सोना प्राप्त होता है।</p><h5 class=""><b>विकसित भारत का आधार समृद्ध किसान-आत्मनिर्भर गांव</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि देश वर्ष 2047 में आजादी का शताब्दी महोत्सव मनाएगा। स्वस्थ भारत ही विकसित भारत का संकल्प साकार करेगा। इसके लिए गो आधारित प्राकृतिक खेती को आधार बनाना होगा। भारत तब विकसित होगा, जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा। उत्तर प्रदेश तब विकसित होगा, जब कानपुर विकसित होगा। कानपुर तब विकसित होगा, जब यहां का अन्नदाता किसान विकसित होगा, व्यापारी-कारीगर समृद्ध होंगे, हर चेहरे पर खुशी होगी और हर युवक के हाथ को काम मिलेगा।</p><h5 class=""><b>बायोगैस व एथेनॉल उत्पादन में योगदान दें किसान</b></h5><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एथेनॉल, बायो-कम्पोस्ट, कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया है। किसानों को पराली जलाने के बजाय सीबीजी व एथेनॉल उत्पादन में योगदान देना चाहिए। इससे भारत ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा। यही अन्नदाता किसानों की समृद्धि का आधार भी है।&nbsp;</p><h5 class=""><b>विपक्ष का काम सिर्फ चिल्लाना</b></h5><p>सीएम योगी ने कहा कि जब वैश्विक ऊर्जा संकट आया,&nbsp; दुनिया अनेक चुनौतियों से जूझ रही थी, लेकिन भारत मजबूती के साथ खड़ा था। भारत में महंगाई नियंत्रित रही। विपक्ष सिर्फ आलोचना करना जानता है, लेकिन भारत वैश्विक संकटों का सामना करते हुए निरंतर आगे बढ़ रहा है। विपक्ष का काम सिर्फ चिल्लाना है और चिल्लाता ही रहेगा।</p><p>इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, खादी-ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, सांसद रमेश अवस्थी, महापौर प्रमिला पांडेय, विधायक महेश त्रिवेदी, अभिजीत सिंह सांगा, सुरेंद्र मैथानी, नीलिमा कटियार, राहुल बच्चा सोनकर, सरोज कुरील, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, विधान परिषद सदस्य सलिल विश्नोई, अरुण पाठक, राजबहादुर सिंह, अविनाश सिंह चौहान, गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल आदि मौजूद रहे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ आवारा पशुओं पर बोले सीएम योगी, ‘दूध लेकर छोड़ देते हैं गाय, फिर सरकार को ठहराते हैं जिम्मेदार' ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/girls-innovation-journey-up-students-to-visit-iit-gandhinagar-5023 ]]></guid><title><![CDATA[ जिज्ञासा से नवाचार तक बेटियों को नई उड़ान, आईआईटी गांधीनगर पहुंचेंगी उत्तर प्रदेश की बालिकाएं ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/girls-innovation-journey-up-students-to-visit-iit-gandhinagar-5023 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 18 Jun 2026 18:44:27 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश:&nbsp;उत्तर प्रदेश&nbsp;सरकार बालिकाओं को केवल विद्यालयी शिक्षा तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों, वैज्ञानिक नवाचारों और आधुनिक अधिगम के अवसरों स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश:&nbsp;</b></span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;सरकार बालिकाओं को केवल विद्यालयी शिक्षा तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों, वैज्ञानिक नवाचारों और आधुनिक अधिगम के अवसरों से भी जोड़ रही है। इसी क्रम में आईआईटी गांधीनगर, गुजरात द्वारा संचालित क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27 के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के लिए आयोजित ओरिएंटेशन सेशन में उत्तर प्रदेश के दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का चयन किया गया है। यह उपलब्धि न केवल इन विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है, बल्कि योगी सरकार द्वारा बालिका शिक्षा को नए अवसरों और राष्ट्रीय मंचों से जोड़ने के प्रयासों की भी पुष्टि करती है।&nbsp;</span></p><p>विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 13 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले इस विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौड़िहार-1, प्रयागराज तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय लोनी (नगर पालिका), गाजियाबाद की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में चयनित प्रत्येक विद्यालय से दो छात्राएं और एक शिक्षिका भाग लेंगी। छात्राओं को देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में सीखने और समझने का अवसर प्राप्त होगा।&nbsp;</p><p><b>उत्तर प्रदेश की बेटियां देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंच रही हैं</b></p><p>प्रदेश सरकार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को बालिका सशक्तीकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रभावी केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है। डिजिटल शिक्षण, नवाचार आधारित गतिविधियों, विज्ञान एवं गणित कार्यक्रमों तथा राष्ट्रीय संस्थानों से जुड़ाव जैसी पहलों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश की बेटियां देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंच रही हैं। प्रयागराज और गाजियाबाद की छात्राओं का आईआईटी गांधीनगर में चयन इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की बालिकाएं अब अवसरों की मुख्यधारा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं और भविष्य के वैज्ञानिक, शोधकर्ता तथा नवप्रवर्तक बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।&nbsp;</p><p><b>पूरे वर्ष क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों का चयन</b></p><p>आईआईटी गांधीनगर के सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग (सीसीएल) द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार चयन उन विद्यालयों का किया गया है जिन्होंने पूरे वर्ष क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौड़िहार-1, प्रयागराज ने कार्यक्रम के 50 में से 46 सत्रों में भागीदारी करते हुए 92 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की तथा 48 में से 39 वर्कशीट जमा कराईं। वहीं केजीबीवी लोनी (नगर पालिका), गाजियाबाद ने 50 में से 49 सत्रों में भाग लेकर 98 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की तथा 48 में से 42 वर्कशीट जमा कराईं। उत्कृष्ट सहभागिता और बेहतर प्रदर्शन के आधार पर दोनों विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के इस विशेष कार्यक्रम के लिए चुना गया है।&nbsp;</p><p><b>विज्ञान, गणित, नवाचार, रचनात्मक अधिगम और समस्या समाधान आधारित गतिविधियों से परिचित छात्राएं</b></p><p>कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को विज्ञान, गणित, नवाचार, रचनात्मक अधिगम और समस्या समाधान आधारित गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा। वे आईआईटी गांधीनगर के शैक्षणिक वातावरण, शोध संस्कृति और नवाचार आधारित शिक्षण मॉडल को निकट से समझ सकेंगी। इससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा, जिज्ञासा को नई दिशा मिलेगी और उच्च शिक्षा के प्रति आत्मविश्वास बढ़ेगा। विशेष रूप से ग्रामीण एवं वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली छात्राओं के लिए यह अनुभव नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित होगा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ जिज्ञासा से नवाचार तक बेटियों को नई उड़ान, आईआईटी गांधीनगर पहुंचेंगी उत्तर प्रदेश की बालिकाएं ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/sanjay-nishad-claims-sp-congress-mps-in-touch-with-nda-5021 ]]></guid><title><![CDATA[ सपा-कांग्रेस के दो दर्जन से ज्यादा सांसद NDA के संपर्क में: संजय निषाद का बड़ा दावा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/sanjay-nishad-claims-sp-congress-mps-in-touch-with-nda-5021 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 18 Jun 2026 13:28:44 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश:</b> उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक सांसद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के संपर्क में हैं और सत्ता पक्ष में शामिल होने की इच्छा जता रहे हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मीडिया से बातचीत में संजय निषाद ने कहा कि विपक्षी दलों के कई सांसद और विधायक उनसे संपर्क कर रहे हैं और केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कराने की इच्छा जता रहे हैं।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “लोग सरकार बनाने आए थे, लेकिन सरकार नहीं बना पाए। अब जनता उनसे सवाल पूछ रही है कि जो वादे किए थे, उन्हें कैसे पूरा करेंगे। ऐसे में अधिकांश सांसद और विधायक हमारे संपर्क में हैं और चाहते हैं कि उन्हें दिल्ली ले जाकर केंद्रीय नेतृत्व से बात कराई जाए।”&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">जब उनसे पूछा गया कि ऐसे नेताओं की संख्या कितनी हो सकती है, तो उन्होंने कहा, “मेरे हिसाब से आज की तारीख में यह संख्या दो दर्जन से कम नहीं है।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Lucknow: Uttar Pradesh Minister Sanjay Kumar Nishad says, &amp;quot;...All UP MPs of Samajwadi Party and Congress with Hindu ideology, keep meeting us for seeking opportunity and making them get in touch with Delhi (central leadership)...This number must not be less than 2 dozens… &lt;a href="https://t.co/rbvddv8CfU"&gt;pic.twitter.com/rbvddv8CfU&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) &lt;a href="https://x.com/ANINewsUP/status/2067507937371951372?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 18, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>‘हिंदुत्व विचारधारा वाले भाजपा में आना चाहते हैं’</b></span></p><p>संजय निषाद ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के भीतर भी कई ऐसे नेता हैं जो हिंदुत्व की विचारधारा में विश्वास रखते हैं और भाजपा के साथ जुड़कर अपने समाज के लिए काम करना चाहते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “जो लोग किसी विशेष विचारधारा से बंधे नहीं हैं और हिंदुत्व को मानते हैं, वे भाजपा में आकर अपने समाज के लिए काम करना चाहते हैं। यही वजह है कि वे लगातार हमारे संपर्क में रहते हैं।”</span></p><p><b>शिवपाल यादव के बयान पर प्रतिक्रिया</b></p><p>सपा नेता शिवपाल सिंह यादव द्वारा विपक्षी सांसदों के भाजपा के संपर्क में होने की खबरों को बेबुनियाद बताए जाने पर संजय निषाद ने कहा कि पार्टी भले ही एकजुट रहना चाहती हो, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर नेता सत्ता के साथ रहना चाहते हैं ताकि अपने राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित रख सकें और जनता के लिए काम कर सकें।</p><p><b>ओम प्रकाश राजभर ने भी साधा निशाना</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी समाजवादी पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व विभिन्न सीबीआई मामलों के कारण खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राजभर ने दावा किया कि पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी से जुड़े अन्य नेताओं के नाम विभिन्न मामलों में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी द्वारा जारी की गई सूची का उद्देश्य खुद को राजनीतिक और कानूनी संकट से बचाना है।</span></i></b></p><p><b>सपा में बड़े पलायन का दावा</b></p><p>ओम प्रकाश राजभर ने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी के भीतर बड़े पैमाने पर असंतोष है और आने वाले दिनों में कई नेता पार्टी छोड़ सकते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव स्वयं यह स्वीकार कर चुके हैं कि भाजपा उनके विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को अपने पक्ष में कर रही है। राजभर के अनुसार, पार्टी के कुछ पारिवारिक सदस्यों को छोड़कर अधिकांश नेता सपा से दूरी बनाने की तैयारी में हैं।</span></p><p>हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से इन दावों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और दल-बदल की चर्चाएं आगे भी तेज रह सकती हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सपा-कांग्रेस के दो दर्जन से ज्यादा सांसद NDA के संपर्क में: संजय निषाद का बड़ा दावा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/unnao-101-projects-rs570-crore-development-5018 ]]></guid><title><![CDATA[ उन्नाव को मिली विकास की बड़ी सौगात, ₹570 करोड़ से अधिक की 101 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/unnao-101-projects-rs570-crore-development-5018 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 18 Jun 2026 11:07:24 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उन्नाव, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने की दिशा में उन्नाव जिले को बड़ी सौगात मिली है। जिले में ₹570 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार 101 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>उन्नाव, उत्तर प्रदेश:</b> उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने की दिशा में उन्नाव जिले को बड़ी सौगात मिली है। जिले में ₹570 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार 101 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं के माध्यम से सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।</span></p><p>इन विकास कार्यों के शुरू होने से जिले के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि नई परियोजनाएं न केवल जनसुविधाओं को बेहतर बनाएंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाएंगी और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देंगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव से लेकर शहर तक बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्नाव में शुरू की गई परियोजनाएं इसी विकास दृष्टि का हिस्सा हैं।</span></p><p>&lt;iframe width="560" height="315" src="https://www.youtube.com/embed/fQ3sMPBBjJY?si=IQlt1h7aTwJhz1dg" title="YouTube video player" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen&gt;&lt;/iframe&gt;</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>इन परियाजनाओं से विकास की गति को मिलेगी तेजी</b></span></p><p>विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क संपर्क, जलापूर्ति और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं के पूरा होने के बाद जिले में निवेश और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आएगा और विकास की गति तेज होगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर रही है। इसी क्रम में उन्नाव में भी करोड़ों रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे जिले की आधारभूत संरचना को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।&nbsp;</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ उन्नाव को मिली विकास की बड़ी सौगात, ₹570 करोड़ से अधिक की 101 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/owaisi-ready-for-alliance-to-stop-bjp-in-up-election-2027-4982 ]]></guid><title><![CDATA[ 2027 की जंग से पहले ओवैसी का सियासी दांव, गठबंधन पर रखी बड़ी शर्त ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/owaisi-ready-for-alliance-to-stop-bjp-in-up-election-2027-4982 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 15 Jun 2026 11:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी AIMIM उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता में लौटने से रोकने के लिए राजनीतिक गठबंधन करने को तैयार ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश: </b>असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी AIMIM उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता में लौटने से रोकने के लिए राजनीतिक गठबंधन करने को तैयार है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी संभावित गठबंधन के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए सम्मानजनक व्यवहार और बराबरी का दर्जा मिलना जरूरी होगा।</span></p><p>उन्होंने कहा, "हम उत्तर प्रदेश में BJP की वापसी रोकने के लिए गठबंधन करने को तैयार हैं, बशर्ते हमें सम्मान और बराबरी का दर्जा दिया जाए।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">लोकसभा चुनाव 2024 में AIMIM ने अपना दल (कमेरावादी) के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ा था। हालांकि, हालिया बयान में ओवैसी ने किसी विशेष दल या गठबंधन का नाम नहीं लिया है। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि AIMIM भविष्य में INDI गठबंधन के साथ भी हाथ मिला सकती है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Lucknow, UP | On contesting UP Assembly elections, AIMIM President Asaduddin Owaisi says, &amp;quot;We are prepared to form an alliance to prevent the BJP from returning to power in Uttar Pradesh, provided we are treated with respect and accorded equal status within that… &lt;a href="https://t.co/drXhS6P4SM"&gt;pic.twitter.com/drXhS6P4SM&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2066365861255127478?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 15, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>BSP की रणनीति पर भी नजर</b></p><p>2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक और महत्वपूर्ण सवाल बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती की रणनीति को लेकर है। यदि BSP अकेले चुनाव लड़ने का फैसला करती है, तो AIMIM उसके साथ गठबंधन की संभावनाएं भी तलाश सकती है।</p><p><b>मतेरा सीट से उम्मीदवार का ऐलान</b></p><p>इस बीच ओवैसी ने रविवार को AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली को मतेरा विधानसभा सीट से पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया। वर्तमान में यह सीट समाजवादी पार्टी के विधायक के पास है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मतेरा में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि AIMIM किसी भी विपक्षी गठबंधन में जूनियर पार्टनर या केवल समर्थन जुटाने वाली भूमिका स्वीकार नहीं करेगी।</span></p><p>उन्होंने कहा, "अगर कोई BJP को रोकने के लिए साथ आना चाहता है तो हम तैयार हैं। लेकिन यह गठबंधन सम्मान और बराबरी पर आधारित होना चाहिए। हम किसी और के लिए सिर्फ दरी बिछाने वाली पार्टी नहीं बनेंगे। अब चर्चा राजनीतिक भागीदारी और सत्ता में उचित हिस्सेदारी की होनी चाहिए।"</p><p><b>क्या हैं राजनीतिक मायने?</b></p><p>ओवैसी का यह बयान उत्तर प्रदेश की विपक्षी राजनीति में नए समीकरणों की संभावना पैदा कर रहा है। हालांकि उन्होंने किसी पार्टी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका संदेश साफ है कि AIMIM-2027 के चुनाव में अपनी राजनीतिक ताकत के अनुरूप भूमिका चाहती है और बिना सम्मानजनक साझेदारी के किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 2027 की जंग से पहले ओवैसी का सियासी दांव, गठबंधन पर रखी बड़ी शर्त ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/indigo-starts-operations-from-noida-international-airport-jewar-4981 ]]></guid><title><![CDATA[ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली पहली एयरलाइन बनी 'IndiGo' ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/indigo-starts-operations-from-noida-international-airport-jewar-4981 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 15 Jun 2026 10:36:09 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ जेवर, उत्तर प्रदेश: भारत की प्रमुख एयरलाइन 'IndiGo' ने सोमवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट&nbsp;से उड़ान संचालन शुरू कर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही इंडिगो, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के इस नए एयरप ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">जेवर, उत्तर प्रदेश:</b><span style="font-size: 1rem;"> भारत की प्रमुख एयरलाइन 'IndiGo' ने सोमवार को </span>नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;से उड़ान संचालन शुरू कर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही इंडिगो, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के इस नए एयरपोर्ट से परिचालन शुरू करने वाली पहली एयरलाइन बन गई है।&nbsp;एयरलाइन की ओर से जारी बयान के अनुसार, सोमवार सुबह पहली फ्लाइट लखनऊ से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची, जबकि इसके कुछ ही समय बाद पहली उड़ान बेंगलुरु के लिए रवाना हुई।&nbsp;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">IndiGo</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से परिचालन शुरू करना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एयरलाइन यहां से देश के 16 से अधिक शहरों के लिए सीधी सेवाएं उपलब्ध कराएगी।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इसके अलावा यात्रियों को कई वन-स्टॉप कनेक्टिविटी विकल्प भी मिलेंगे, जिनमें अमृतसर-जोधपुर, बरेली-भोपाल, जयपुर, जोधपुर, धर्मशाला-जोधपुर, चंडीगढ़-बरेली, किशनगढ़, पंतनगर और जम्मू-जोधपुर जैसे मार्ग शामिल हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Uttar Pradesh | Commercial flight operations kick off at Noida International Airport in Jewar as its first scheduled IndiGo flight 6E-2278 arrives from Lucknow&amp;#39;s Chaudhary Charan Singh International Airport.&lt;br&gt;&lt;br&gt;The flight will continue on its journey to Bengaluru,… &lt;a href="https://t.co/1XdU05qZ1i"&gt;pic.twitter.com/1XdU05qZ1i&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://x.com/ANI/status/2066349048370741299?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 15, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><b><span style="font-size: 1rem;">IndiGo</span>&nbsp;ने जताया गर्व</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">IndiGo</span>&nbsp;के मुख्य रणनीति अधिकारी अलोक सिंह ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए एक नए युग की शुरुआत है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, "नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालन शुरू करने वाली पहली एयरलाइन बनना हमारे लिए सिर्फ एक व्यावसायिक उपलब्धि नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR और लाखों यात्रियों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।"</span></p><p><b>एयरपोर्ट प्रशासन ने किया स्वागत</b></p><p>नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उपाध्यक्ष क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने IndiGo की पहली उड़ानों का स्वागत करते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि IndiGo के साथ मिलकर यात्रियों को बेहतर और सहज यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र में विमानन, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Visuals from the first flight, which took off from Noida International Airport and landed at Lucknow Airport. The maiden flight had among its passengers villagers, including women, whose land was acquired for the first phase development of the Noida International Airport.… &lt;a href="https://t.co/6wCdrSF4Gn"&gt;pic.twitter.com/6wCdrSF4Gn&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://x.com/PTI_News/status/2066384447998681332?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 15, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">NCR</span>&nbsp;का महत्वपूर्ण एविएशन हब बनेगा जेवर एयरपोर्ट</b></p><p>यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भविष्य में देश के प्रमुख विमानन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद IndiGo अब&nbsp;</span>NCR<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;के तीनों प्रमुख हवाई अड्डों से सेवाएं संचालित करेगी:</span></p><ul><li>इंदिरा गांधी इंटरनेशनल&nbsp;एयरपोर्ट</li><li>हिंडन एयरपोर्ट</li><li>नोएडा इंटरनेशनल&nbsp;एयरपोर्ट</li></ul><p class="grey-bg-red"><b><i>इससे दिल्ली-NCR&nbsp;और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को अधिक विकल्प और बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।</i></b></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली पहली एयरलाइन बनी 'IndiGo' ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-media-dialogue-on-modi-12-years-4948 ]]></guid><title><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया मीडिया संवाद ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-media-dialogue-on-modi-12-years-4948 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 12 Jun 2026 11:00:47 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश सेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित लोक भवन सभाग ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश:</b> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश सेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोशल मीडिया पर लिखा, '</span>आदरणीय प्रधानमंत्री श्री&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">@narendramodi&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">जी के यशस्वी नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत की नारी शक्ति सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और नेतृत्व के नए शिखर तक पहुंची है।'</span></p><p>इसके आगे उन्होंने लिखा कि 'महिला विकास' से 'महिला नेतृत्व वाले विकास' की यह यात्रा 'विकसित भारत' के संकल्प की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी पहलों ने करोड़ों माताओं-बहनों के जीवन को सुविधा, सुरक्षा और गरिमा से जोड़ा है। वहीं, जन-धन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा स्वयं सहायता समूहों के सशक्त नेटवर्क ने महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तीकरण का नया आधार प्रदान किया है। 'लखपति दीदी' अभियान ने महिलाओं के आत्मविश्वास, उद्यमिता और आर्थिक सशक्तीकरण को नई पहचान दी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;आदरणीय प्रधानमंत्री श्री &lt;a href="https://x.com/narendramodi?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@narendramodi&lt;/a&gt; जी के यशस्वी नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत की नारी शक्ति सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और नेतृत्व के नए शिखर तक पहुंची है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;&amp;#39;महिला विकास&amp;#39; से &amp;#39;महिला नेतृत्व वाले विकास&amp;#39; की यह यात्रा &amp;#39;विकसित भारत&amp;#39; के संकल्प की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है।…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath/status/2065295752579121205?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b style="font-size: 1rem;">भारत आज विश्व मंच पर मजबूत और प्रभावशाली है- सीएम योगी</b></p><p>आज भारत की नारी केवल परिवार की शक्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र की प्रगति की प्रेरक शक्ति बनकर उभरी है। रक्षा से लेकर अनुसंधान, उद्यमिता से लेकर विमानन तक भारत की बेटियां नए प्रतिमान गढ़ रही हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नारी शक्ति के उत्कर्ष के ये 12 वर्ष 'नारी सशक्तीकरण से राष्ट्र सशक्तीकरण' की प्रेरक गाथा हैं।</span></p><p>&lt;iframe width="560" height="315" src="https://www.youtube.com/embed/PGQmpXNWneM?si=UhIrIze7Pm9fi02l" title="YouTube video player" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen&gt;&lt;/iframe&gt;</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया मीडिया संवाद ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/noida-greater-noida-34-electric-buses-start-4947 ]]></guid><title><![CDATA[ गौतमबुद्ध नगर को मिली इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, 45 बसों को सीएम योगी ने दिखाई गई हरी झंडी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/noida-greater-noida-34-electric-buses-start-4947 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 12 Jun 2026 10:24:53 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नोएडा, उत्तर प्रदेश: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन को लेकर बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रद ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नोएडा, उत्तर प्रदेश: </b>नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन को लेकर बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की 45 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई, जिनमें से 34 बसें गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में संचालित की जाएंगी।</span></p><p>मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित 5 कालिदास मार्ग से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का लोकार्पण किया और बस सेवा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा भी मौजूद रहे।</p><p><b>रोजानालाखों यात्रियों को मिलेगा लाभ</b></p><p>नोएडा और ग्रेटर नोएडा देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में शामिल हैं। यहां आईटी कंपनियां, औद्योगिक इकाइयां, शैक्षणिक संस्थान और बड़े आवासीय सेक्टर स्थित हैं। प्रतिदिन लाखों लोग इन क्षेत्रों में आवागमन करते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालांकि मेट्रो नेटवर्क उपलब्ध होने के बावजूद कई इलाकों तक पहुंचने के लिए लोगों को निजी कैब, ऑटो या निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है। नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से इस समस्या में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।</span></p><p>&lt;iframe width="560" height="315" src="https://www.youtube.com/embed/wn1pGZz9vq4?si=vsDVtD7ma_GzGSPP" title="YouTube video player" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen&gt;&lt;/iframe&gt;</p><p><b>महंगी कैब से मिलेगी राहत</b></p><p>नोएडा और ग्रेटर नोएडा में छोटी दूरी के सफर के लिए भी लोगों को अक्सर महंगी कैब सेवाओं का सहारा लेना पड़ता है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, छात्र और दैनिक यात्री इससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ महसूस करते हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">नई इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को कम खर्च में सुरक्षित, सुविधाजनक और नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इससे निजी कैब और ऑटो पर निर्भरता भी कम होगी।</span></p><p><b>जेवर एयरपोर्ट तक आसान होगी पहुंच</b></p><p>इन इलेक्ट्रिक बसों का सबसे बड़ा फायदा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) तक यात्रा करने वाले यात्रियों को मिलेगा। एयरपोर्ट के पूर्ण संचालन के बाद यात्रियों और कर्मचारियों की संख्या में भारी वृद्धि होने की संभावना है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">ऐसे में यह बस सेवा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे यात्रियों को महंगी टैक्सी सेवाओं के बजाय किफायती सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ गौतमबुद्ध नगर को मिली इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, 45 बसों को सीएम योगी ने दिखाई गई हरी झंडी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-electricity-fuel-surcharge-row-ak-sharma-questions-uppcl-chairman-4944 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी में बिजली दरों को लेकर बढ़ा विवाद, ऊर्जा मंत्री ने UPPCL चेयरमैन से मांगा जवाब ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-electricity-fuel-surcharge-row-ak-sharma-questions-uppcl-chairman-4944 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 11 Jun 2026 16:01:31 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ:&nbsp;उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर प्रस्तावित फ्यूल सरचार्ज को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। बिजली बिलों में अतिरिक्त शुल्क जोड़ने की प्रक्रिया पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ:&nbsp;</b>उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर प्रस्तावित फ्यूल सरचार्ज को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। बिजली बिलों में अतिरिक्त शुल्क जोड़ने की प्रक्रिया पर प्रदेश के <b>ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा</b> ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के चेयरमैन से इस फैसले को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है और विभागीय कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की है।</p><p>मामला उस समय चर्चा में आया जब बिजली उपभोक्ताओं पर फ्यूल सरचार्ज के रूप में अतिरिक्त आर्थिक भार डालने की खबरें सामने आईं। इसके बाद ऊर्जा मंत्री ने पत्र लिखकर पूछा कि इतनी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को उनकी जानकारी और सहमति के बिना आगे कैसे बढ़ाया गया।</p><h5 class=""><b>मंत्री ने जताई नाराजगी</b></h5><p>ऊर्जा मंत्री का कहना है कि विभाग से जुड़े बड़े फैसलों की जानकारी उन्हें सीधे अधिकारियों से मिलने के बजाय मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से मिल रही है। उन्होंने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण नीति या निर्णय पर विभागीय समन्वय होना आवश्यक है।</p><p>मंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि उपभोक्ताओं से जुड़ा फैसला लेने से पहले संबंधित स्तर पर चर्चा क्यों नहीं की गई। उनका मानना है कि जनता पर असर डालने वाले मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों जरूरी हैं।</p><h5 class=""><b>फ्यूल सरचार्ज बना विवाद की वजह</b></h5><p>हाल ही में बिजली बिलों में फ्यूल सरचार्ज जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर उपभोक्ताओं और विभिन्न संगठनों की ओर से भी आपत्तियां सामने आई थीं। प्रस्ताव के तहत बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की बात कही गई थी, जिससे घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के खर्च में वृद्धि हो सकती थी।</p><p><img style="width: 780.067px;" src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/bill_7529493056d2d2774dbdf59044de0e35_1280X720.webp"><br></p><p>हालांकि बाद में नियामक स्तर पर इस प्रक्रिया को लेकर रोक लगाए जाने की खबरें भी सामने आईं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली।</p><h5 class=""><b>बिजली व्यवस्था पहले से चर्चा में</b></h5><p>प्रदेश में पिछले कुछ महीनों के दौरान बिजली आपूर्ति और कटौती को लेकर भी लगातार बहस होती रही है। गर्मी के मौसम में कई जिलों से बिजली संकट की शिकायतें सामने आई थीं। बढ़ती मांग और तकनीकी चुनौतियों के कारण विभाग पर दबाव भी बढ़ा था।</p><p>सरकार की ओर से लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।</p><h5 class=""><b>विभागीय समन्वय पर उठे सवाल</b></h5><p>ऊर्जा मंत्री और UPPCL प्रशासन के बीच सामने आए इस घटनाक्रम ने विभागीय तालमेल को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस पूरे मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है।</p><p>विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली जैसे संवेदनशील क्षेत्र में नीति निर्धारण और प्रशासनिक निर्णयों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है ताकि उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित रह सकें और सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।</p><p>फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि ऊर्जा मंत्री द्वारा उठाए गए सवालों पर UPPCL की ओर से क्या जवाब दिया जाता है और आगे बिजली दरों को लेकर सरकार क्या रुख अपनाती है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी में बिजली दरों को लेकर बढ़ा विवाद, ऊर्जा मंत्री ने UPPCL चेयरमैन से मांगा जवाब ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-women-free-house-health-security-scheme-4932 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी की महिलाओं के लिए योगी सरकार का बड़ा तोहफा, मुफ्त घर और स्वास्थ्य सुरक्षा ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-women-free-house-health-security-scheme-4932 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 10 Jun 2026 12:52:43 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य में ऐसी महिलाओं की पहचान की जा रही है जो सामाजिक, पारि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य में ऐसी महिलाओं की पहचान की जा रही है जो सामाजिक, पारिवारिक या आर्थिक संकटों से जूझ रही हैं। सरकार का उद्देश्य इन महिलाओं को आवास, स्वास्थ्य सुरक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराना है।</p><p>इसके लिए महिला कल्याण विभाग ने व्यापक स्तर पर लाभार्थियों का डेटा एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार चाहती है कि पात्र महिलाओं तक सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर पहुंचे और उन्हें जीवन की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष न करना पड़े।</p><h5 class=""><b>किन योजनाओं का मिलेगा लाभ?</b></h5><p>राज्य सरकार जिन महिलाओं को इस पहल के तहत शामिल करेगी, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।</p><p>इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को पक्का मकान, स्वास्थ्य बीमा और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का मानना है कि केवल आर्थिक सहायता देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्थायी आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है।</p><h5 class=""><b>इन महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता</b></h5><p>सरकार ने इस योजना के लिए कुछ विशेष श्रेणियों की महिलाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इनमें तीन तलाक से प्रभावित महिलाएं, एसिड अटैक पीड़ित महिलाएं और निराश्रित या बेसहारा महिलाएं शामिल हैं।</p><p>ऐसी महिलाओं को अक्सर सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में उनके पास रहने के लिए सुरक्षित घर नहीं होता और इलाज के लिए पर्याप्त संसाधन भी उपलब्ध नहीं होते। सरकार इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए विशेष सहायता योजना तैयार कर रही है।</p><h5 class=""><b>मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर शुरू हुई प्रक्रिया</b></h5><p>हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि राज्य में उन महिलाओं की पहचान की जाए जो गंभीर सामाजिक परिस्थितियों से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर मिलना चाहिए।</p><p>मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से तीन तलाक और एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास पर जोर दिया। उनका मानना है कि इन महिलाओं को केवल आर्थिक मदद देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित आवास, चिकित्सा सुविधा और सामाजिक सुरक्षा भी उपलब्ध करानी होगी।</p><h5 class=""><b>महिला कल्याण विभाग जुटा रहा डेटा</b></h5><p>योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए महिला कल्याण विभाग विभिन्न जिलों में लाभार्थियों का सत्यापित डेटा एकत्र कर रहा है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है।</p><p>अधिकारियों के अनुसार, डेटा संग्रहण के बाद पात्र महिलाओं की सूची तैयार की जाएगी और उन्हें चरणबद्ध तरीके से विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसके लिए शासन स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी तैयार किए जा रहे हैं।</p><h5 class=""><b>स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष जोर</b></h5><p>सरकार की इस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्वास्थ्य सुरक्षा भी है। कई महिलाएं गंभीर सामाजिक परिस्थितियों के कारण बेहतर इलाज से वंचित रह जाती हैं। खासकर एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को लंबे समय तक चिकित्सा और पुनर्वास की आवश्यकता होती है।</p><p>आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। इससे महिलाओं और उनके परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम होगा।</p><h5 class=""><b>आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा कदम</b></h5><p>विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित आवास और स्वास्थ्य सुविधाएं किसी भी व्यक्ति के जीवन की बुनियादी जरूरत हैं। जब महिलाओं को ये सुविधाएं उपलब्ध होती हैं तो वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकती हैं।</p><p>तीन तलाक या अन्य सामाजिक कारणों से प्रभावित महिलाओं के लिए यह पहल नई शुरुआत का अवसर साबित हो सकती है। वहीं बेसहारा महिलाओं को भी सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिलेगा।</p><h5 class=""><b>किसी पात्र महिला को नहीं छोड़ा जाएगा</b></h5><p>सरकार का दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र महिला केवल जानकारी के अभाव या प्रशासनिक प्रक्रियाओं की वजह से योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने और लाभार्थियों तक सीधे पहुंचने की रणनीति भी तैयार की जा रही है।</p><p>योगी सरकार की यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इसके जरिए हजारों महिलाओं को सुरक्षित आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी की महिलाओं के लिए योगी सरकार का बड़ा तोहफा, मुफ्त घर और स्वास्थ्य सुरक्षा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/sitapur-250mw-solar-project-approved-rajnath-singh-4923 ]]></guid><title><![CDATA[ सीतापुर में रक्षा भूमि पर लगेगा 250 मेगावाट का सोलर पावर प्रोजेक्ट, राजनाथ सिंह ने दी मंजूरी ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/sitapur-250mw-solar-project-approved-rajnath-singh-4923 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 09 Jun 2026 14:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर (पूर्व छावनी क्षेत्र) में लगभग 850 एकड़ खाली रक्षा भूमि पर 250 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसए ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर (पूर्व छावनी क्षेत्र) में लगभग 850 एकड़ खाली रक्षा भूमि पर 250 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) स्थापित करने को मंजूरी दे दी है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह रक्षा मंत्रालय की अपनी तरह की पहली परियोजना है, जिसमें रक्षा भूमि पर बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा उत्पादन सुविधा के साथ एकीकृत बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित की जाएगी।</span></p><p>मंत्रालय ने कहा कि यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरणीय स्थिरता और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे रक्षा बलों की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए पारंपरिक ग्रिड बिजली की खरीद पर होने वाला खर्च भी काफी कम होगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">परियोजना के माध्यम से सरकार को लंबे समय में उल्लेखनीय वित्तीय बचत होने की उम्मीद है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;In a major step towards enhancing energy security, promoting renewable energy and ensuring optimum utilisation of vacant defence land, Raksha Mantri Rajnath Singh has approved the establishment of a 250 MW Solar Power Project with Battery Energy Storage System (BESS) at Sitapur… &lt;a href="https://t.co/ehYxyd0tcj"&gt;pic.twitter.com/ehYxyd0tcj&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://x.com/ians_india/status/2064258883783471599?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 9, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">रक्षा मंत्रालय का अहम योगदान</span></b></p><p>इस परियोजना को एनटीपीसी लिमिटेड प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के जरिए लागू करेगा, ताकि रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए सबसे किफायती ऊर्जा दरें सुनिश्चित की जा सकें। परियोजना का क्रियान्वयन एकीकृत मुख्यालय रक्षा मंत्रालय (सेना) और रक्षा संपदा महानिदेशालय (डीजीडीई) के समन्वय से किया जाएगा।</p><p>रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और पर्यावरणीय स्थिरता का उत्कृष्ट उदाहरण है। साथ ही यह दिखाती है कि राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय अपनी परिसंपत्तियों का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।</p><p><b>परियोजना पूरी होने पर एक मानक स्थापित होगा</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">रक्षा मंत्रालय, एनटीपीसी, सेना मुख्यालय और डीजीडीई परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए मिलकर काम करेंगे।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">परियोजना पूरी होने के बाद सीतापुर सोलर पावर प्रोजेक्ट रक्षा भूमि पर स्थापित देश की सबसे महत्वपूर्ण नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में से एक बन सकता है और भविष्य की सोलर-प्लस-स्टोरेज परियोजनाओं के लिए एक मानक स्थापित करेगा।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सीतापुर में रक्षा भूमि पर लगेगा 250 मेगावाट का सोलर पावर प्रोजेक्ट, राजनाथ सिंह ने दी मंजूरी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-birthday-world-environment-day-ek-ped-maa-ke-naam-4879 ]]></guid><title><![CDATA[ जन्मदिन पर योगी आदित्यनाथ ने लगाया पौधा, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-birthday-world-environment-day-ek-ped-maa-ke-naam-4879 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 05 Jun 2026 13:08:50 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने 54वें जन्मदिन और विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश:</b> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने 54वें जन्मदिन और विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार ने पिछले नौ वर्षों में पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।</span></p><p>सीएम योगी ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से पिछले 9 वर्षों में राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कई अहम पहल की हैं। प्रदेश का वन क्षेत्र बढ़ा है। ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है।"</p><p><b>तालाबों के लिए मिट्टी उपलब्ध कराने जैसे कई कदम सफलतापूर्वक लागू</b></p><p>सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान, गांवों और शहरों के तालाबों के लिए मुफ्त मिट्टी उपलब्ध कराने तथा जल संरक्षण को बढ़ावा देने जैसे कई कदम सफलतापूर्वक लागू किए गए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा, "आज पूरा विश्व गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। हम जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव देख रहे हैं। यह मानव निर्मित संकट है और इसका समाधान भी मानव को ही निकालना होगा। इसी उद्देश्य से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शुरू किया गया है।"</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;पर्यावरण बचेगा तो प्रकृति बचेगी, प्रकृति बचेगी तो जीव सृष्टि भी बचेगी। हर एक नागरिक का दायित्व बनता है कि मातृभूमि के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करे।&lt;br&gt;&lt;br&gt;विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज लखनऊ में &amp;#39;एक पेड़ माँ के नाम&amp;#39; वृक्षारोपण महाभियान-2026 के अंतर्गत… &lt;a href="https://t.co/8x2idCdIYg"&gt;pic.twitter.com/8x2idCdIYg&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://x.com/myogiadityanath/status/2062791863720169885?ref_src=twsrc^tfw"&gt;June 5, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>सीएम ने लोगों से की अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील</b></span></p><p>योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों और प्रदेशवासियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और अब वन महोत्सव के दौरान 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि वन विभाग ने 50 करोड़ से अधिक पौधे तैयार किए हैं और प्रत्येक नागरिक को अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेना चाहिए।</span></p><p>इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया मंच X पर प्रधानमंत्री ने कहा कि योगी आदित्यनाथ का उत्तर प्रदेश के विकास में योगदान उल्लेखनीय है और उन्होंने हमेशा लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने तथा सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित किया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रधानमंत्री ने उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ जन्मदिन पर योगी आदित्यनाथ ने लगाया पौधा, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-electricity-bill-surcharge-stayed-consumers-relief-june-2026-4838 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, जून के बिल में नहीं लगेगा 10% अतिरिक्त सरचार्ज ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-electricity-bill-surcharge-stayed-consumers-relief-june-2026-4838 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 02 Jun 2026 11:48:58 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नियामक आयोग ने UPPCL के प्रस्ताव पर लगाई रोक, करोड़ों घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को मिली राहत |&nbsp;उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जून महीने के बिजली बि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>नियामक आयोग ने UPPCL के प्रस्ताव पर लगाई रोक, करोड़ों घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को मिली राहत |&nbsp;</p><p>उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जून महीने के बिजली बिल में प्रस्तावित 10 प्रतिशत अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज लगाने की योजना पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। विद्युत नियामक आयोग के इस फैसले से घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।</p><p>हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने संकेत दिए थे कि मार्च 2026 के लिए निर्धारित फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) को जून के बिजली बिलों में जोड़ा जाएगा। यदि यह प्रस्ताव लागू हो जाता, तो उपभोक्ताओं को अपने नियमित बिल के अलावा लगभग 10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि का भुगतान करना पड़ता। उदाहरण के तौर पर 1,000 रुपये के बिजली बिल पर करीब 100 रुपये अतिरिक्त देने पड़ सकते थे।</p><h4 class=""><b>उपभोक्ताओं की आपत्ति के बाद बदला फैसला</b></h4><p>UPPCL के प्रस्ताव सामने आने के बाद कई उपभोक्ता संगठनों और बिजली उपभोक्ता परिषदों ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि पहले से ही बढ़ती महंगाई और अन्य खर्चों के बीच बिजली बिल में अचानक अतिरिक्त सरचार्ज जोड़ना आम लोगों पर अनावश्यक बोझ डालने जैसा होगा।</p><p>मामला विद्युत नियामक आयोग के समक्ष पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान विभिन्न पक्षों ने अपनी दलीलें पेश कीं। उपभोक्ता संगठनों ने सरचार्ज वसूली की प्रक्रिया और उसके कानूनी आधार को लेकर कई सवाल उठाए। इन तर्कों पर विचार करने के बाद आयोग ने फिलहाल प्रस्तावित सरचार्ज की वसूली पर रोक लगाने का निर्णय लिया।</p><h4 class=""><b>क्या था UPPCL का तर्क?</b></h4><p>बिजली निगम का कहना था कि आयोग की पूर्व व्यवस्था के तहत किसी महीने के फ्यूल सरचार्ज को बाद के महीनों में समायोजित किया जा सकता है। इसी प्रावधान के आधार पर मार्च 2026 का अतिरिक्त खर्च जून के बिजली बिलों में शामिल करने की तैयारी की गई थी।</p><p>हालांकि आयोग ने मामले की पूरी समीक्षा होने तक इस वसूली को रोक दिया है। इससे लाखों परिवारों, छोटे कारोबारियों और उद्योगों को तत्काल राहत मिली है।</p><h4 class=""><b>गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति बनी चुनौती</b></h4><p>एक ओर जहां बिजली बिल को लेकर राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली कटौती की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग के कारण बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है।</p><p>ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक कई स्थानों पर लोगों ने अनियमित बिजली आपूर्ति को लेकर नाराजगी जताई है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।</p><h4 class=""><b>मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश</b></h4><p>स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों, व्यापारियों, उद्योगों और आम नागरिकों को बिजली संकट का सामना नहीं करना चाहिए।</p><p>मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि बिजली आपूर्ति की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी तकनीकी खराबी को जल्द से जल्द दूर किया जाए। साथ ही ट्रांसफॉर्मर खराब होने या लाइन फॉल्ट जैसी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।</p><h4 class=""><b>बिजली संकट की एक और वजह</b></h4><p>ऊर्जा विभाग से जुड़े सूत्रों का मानना है कि पिछले वित्तीय वर्ष में बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त होने का असर भी बिजली व्यवस्था पर पड़ा है। तकनीकी टीमों की संख्या घटने से कई क्षेत्रों में मरम्मत और रखरखाव कार्य प्रभावित हुए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति में बाधाएं बढ़ी हैं।</p><h4 class=""><b>उपभोक्ताओं की नजर अगले फैसले पर</b><br></h4><p>फिलहाल नियामक आयोग के फैसले ने करोड़ों उपभोक्ताओं को राहत दी है, लेकिन यह मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। आने वाले समय में आयोग की अगली सुनवाई और अंतिम निर्णय पर सभी की नजर रहेगी।</p><p>अभी के लिए इतना तय है कि जून महीने के बिजली बिल में 10 प्रतिशत अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज नहीं जोड़ा जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को तत्काल आर्थिक राहत मिलेगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, जून के बिल में नहीं लगेगा 10% अतिरिक्त सरचार्ज ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-on-ghaziabad-surya-murder-case-big-statement-4832 ]]></guid><title><![CDATA[ सूर्या हत्याकांड पर CM योगी का सख्त संदेश, बोले- ‘दोस्ती की आड़ में हिंसा बर्दाश्त नहीं’ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-on-ghaziabad-surya-murder-case-big-statement-4832 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 01 Jun 2026 18:56:10 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ बिजनौर की जनसभा में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर दिया बड़ा बयान, कहा- समाज में डर फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई |&nbsp;उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के चर्चित सूर्या ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p>बिजनौर की जनसभा में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर दिया बड़ा बयान, कहा- समाज में डर फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई |&nbsp;</p><p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के चर्चित सूर्या हत्याकांड पर पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। बिजनौर दौरे के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए स्पष्ट कहा कि दोस्ती की आड़ में की गई हिंसा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि कानून हाथ में लेने वालों और समाज में भय का माहौल बनाने वालों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।</p><p>बिजनौर के आलमपुर गावड़ी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की नीति स्पष्ट करते हुए कहा कि अपराध और अराजकता के लिए उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आम नागरिकों, महिलाओं, गरीबों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जो भी व्यक्ति समाज की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बनेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।</p><h4 class=""><b>सूर्या हत्याकांड पर क्या बोले मुख्यमंत्री?</b></h4><p>अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि हाल ही में गाजियाबाद में जो घटना सामने आई है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि मित्रता के नाम पर किसी को धोखे से बुलाकर उस पर हमला करना सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।</p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि परिवार अपने बच्चों को सही दिशा देने में असफल रहते हैं तो उसका असर पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों के संस्कार और व्यवहार पर विशेष ध्यान दें ताकि वे गलत रास्ते पर न जाएं।</p><h4 class=""><b>कानून का शासन सर्वोपरि</b></h4><p>योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का शासन सर्वोपरि है और सरकार किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है।</p><p>मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि समाज में भय का वातावरण पैदा करने वाले तत्वों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई केवल कानून के दायरे में रहकर की जाएगी, लेकिन कार्रवाई प्रभावी और कठोर होगी।</p><h4 class=""><b>गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग पर भी दिया बयान</b></h4><p>जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है और यह करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है।</p><p>योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मां और संतान का रिश्ता किसी सरकारी घोषणा का मोहताज नहीं होता। जिस तरह भारतीय समाज गंगा को मां मानता है, उसी प्रकार गौ माता भी हमारी संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।</p><h4 class=""><b>क्या है सूर्या हत्याकांड?</b></h4><p>गाजियाबाद में हाल ही में 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। आरोप है कि उसे उसके परिचित ने फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। इसके बाद उस पर धारदार हथियारों से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।</p><p>घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए कई आरोपियों को हिरासत में लिया। मुख्य आरोपी की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया गया और बाद में पुलिस कार्रवाई के दौरान उसे पकड़ लिया गया। पुलिस इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।</p><h4 class=""><b>राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया</b></h4><p>सूर्या हत्याकांड के बाद प्रदेशभर में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी थी। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है।<br></p><p>मुख्यमंत्री के बयान को कानून-व्यवस्था पर सरकार के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी रहेगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सूर्या हत्याकांड पर CM योगी का सख्त संदेश, बोले- ‘दोस्ती की आड़ में हिंसा बर्दाश्त नहीं’ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-electricity-bill-hike-10-percent-june-2026-4798 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी में जून से बिजली का झटका, बिजली बिल में 10% बढ़ोतरी का ऐलान ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-electricity-bill-hike-10-percent-june-2026-4798 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 30 May 2026 13:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने जून 2026 से बिजली बिलों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू करने का निर्देश जारी किया है। निगम ने बढ़ती ईंधन लागत का हवाला देते हुए यह फैसला लिया ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश: </b>उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने जून 2026 से बिजली बिलों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू करने का निर्देश जारी किया है। निगम ने बढ़ती ईंधन लागत का हवाला देते हुए यह फैसला लिया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">नए आदेश के अनुसार जून 2026 के बिलिंग चक्र में उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि का भुगतान करना होगा।</span></p><p>नियामक मामलों की इकाई (RAU) के मुख्य अभियंता पंकज सक्सेना ने जारी पत्र में बताया कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने 26 मार्च 2025 को मल्टी-ईयर टैरिफ (MYT) फ्रेमवर्क के तहत नए वितरण विनियम लागू किए थे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इन नियमों के अनुसार बिजली वितरण कंपनियों द्वारा ईंधन और बिजली खरीद लागत में होने वाले उतार-चढ़ाव की भरपाई के लिए उपभोक्ताओं से फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) वसूला जाएगा।</span></p><p><b>यह सरचार्ज सभी उपभोक्ताओं पर लागू होगा</b></p><p>पंकज सक्सेना ने बताया कि किसी महीने में बिजली खरीद और ट्रांसमिशन पर आने वाली अतिरिक्त लागत को तीन महीने बाद उपभोक्ताओं से वसूला जाता है। इसी के तहत मार्च 2026 में हुई अतिरिक्त लागत की भरपाई जून 2026 के बिलों के जरिए की जाएगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि MYT विनियम 2025 की धारा 16(4) के अनुसार मार्च 2026 के लिए FPPAS 10 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। यह सरचार्ज जून 2026 में जारी होने वाले बिजली बिलों में जोड़ा जाएगा और सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू होगा।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Uttar Pradesh | As per the instructions of the Government of India and the information of the Regulatory Commission, electricity bills may increase by 10% in the month of June due to surcharge on increased fuel prices.&lt;br&gt;&lt;br&gt;&amp;quot;...Fuel and Power Purchase Adjustment Surcharge (FPPAS)… &lt;a href="https://t.co/I5foRDtN6q"&gt;pic.twitter.com/I5foRDtN6q&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) &lt;a href="https://x.com/ANINewsUP/status/2060611201189724506?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 30, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>पश्चिम एशिया तनाव के चलते पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>आदेश में वितरण कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे नियामक प्रावधानों के अनुसार सभी उपभोक्ताओं पर यह सरचार्ज लागू करें। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत गणना पत्रक को आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस बीच वैश्विक कच्चे तेल बाजार में जारी अस्थिरता और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी लगातार चौथी बार बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। कोलकाता, मुंबई और चेन्नई समेत अन्य महानगरों में भी कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी में जून से बिजली का झटका, बिजली बिल में 10% बढ़ोतरी का ऐलान ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-namaz-row-public-place-religious-gathering-statement-4684 ]]></guid><title><![CDATA[ “कानून से ऊपर कोई नहीं”, सार्वजनिक स्थानों पर नमाज विवाद को लेकर योगी सरकार सख्त ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-namaz-row-public-place-religious-gathering-statement-4684 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 18 May 2026 16:01:18 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज को लेकर चल रही बहस के बीच मुख्यमंत्री Yogi Adityanath का बयान एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरका ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>उत्तर प्रदेश </b>में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज को लेकर चल रही बहस के बीच<b> मुख्यमंत्री Yogi Adityanath</b> का बयान एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पहले लोगों को समझाने और नियमों का पालन कराने की कोशिश करती है, लेकिन अगर कोई कानून व्यवस्था को चुनौती देता है तो प्रशासन कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।</p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और किसी भी धार्मिक गतिविधि को कानून और तय नियमों के दायरे में ही आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क, सार्वजनिक पार्क या यातायात प्रभावित करने वाले स्थानों पर बिना अनुमति धार्मिक आयोजन से आम लोगों को परेशानी होती है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;नमाज पढ़नी है, आप शिफ्ट में पढ़िए...&lt;br&gt;&lt;br&gt;प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे... &lt;a href="https://t.co/zDoz6YiqTZ"&gt;pic.twitter.com/zDoz6YiqTZ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/2056277917513163098?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 18, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><p><br></p><p>योगी सरकार के इस रुख को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विपक्षी दलों ने बयान को लेकर सरकार पर निशाना साधा है, जबकि भाजपा समर्थक इसे कानून व्यवस्था और समान नियम लागू करने की दिशा में जरूरी कदम बता रहे हैं।</p><p>पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक स्थलों पर नमाज और अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर प्रशासन कई बार दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य किसी धर्म विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना है।</p><p>राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह मुद्दा आने वाले समय में राज्य की राजनीति में फिर बड़ा विषय बन सकता है, क्योंकि धार्मिक और प्रशासनिक फैसलों पर लगातार बहस तेज होती जा रही है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ “कानून से ऊपर कोई नहीं”, सार्वजनिक स्थानों पर नमाज विवाद को लेकर योगी सरकार सख्त ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/vat-savitri-vrat-2026-prayagraj-sangam-ghat-puja-4664 ]]></guid><title><![CDATA[ सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा कर मांगी पति की लंबी उम्र ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/vat-savitri-vrat-2026-prayagraj-sangam-ghat-puja-4664 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 16 May 2026 15:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: वट सावित्री व्रत के अवसर पर प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां सुहागिन महिलाओं ने संगम घाट और शहर के विभिन्न स्थानों पर वट वृक्ष के नीचे पारंपरिक पूजा- ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>प्रयागराज, उत्तर प्रदेश:</b> वट सावित्री व्रत के अवसर पर प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां सुहागिन महिलाओं ने संगम घाट और शहर के विभिन्न स्थानों पर वट वृक्ष के नीचे पारंपरिक पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए। उत्तर प्रदेश से सामने आए दृश्यों में श्रद्धालुओं को संगम घाट पर पवित्र स्नान करते और उसके बाद फूल चढ़ाकर धार्मिक अनुष्ठान करते देखा गया।</span></p><p>रंग-बिरंगी साड़ियों में सजी विवाहित महिलाएं सजाए गए वट वृक्ष के चारों ओर एकत्रित होकर पवित्र धागा बांधती नजर आईं। उन्होंने फूल, फल और पूजा सामग्री अर्पित कर व्रत की परंपराओं का पालन किया।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/VatSavitriPic_0473dae468462812dae4d02095bef598_1177X759.webp" style="width: 599.438px;"><br></p><p><b>बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए</b></p><p>तेज धूप के बीच संगम तट और आसपास के पूजा स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सामूहिक रूप से इस पर्व में शामिल हुए। वट सावित्री व्रत एक प्रमुख हिंदू पर्व है, जिसे मुख्य रूप से विवाहित महिलाएं अपने पति के स्वास्थ्य, लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं।</p><p><b>सावित्री-सत्यवान की पौराणिक कथा से जुड़ा है व्रत</b></p><p>यह व्रत सावित्री और सत्यवान की पौराणिक कथा से जुड़ा है, जिसमें मान्यता है कि सावित्री ने अपनी भक्ति और दृढ़ संकल्प से अपने पति सत्यवान को पुनर्जीवित कर लिया था। यह पर्व हिंदू पंचांग के ज्येष्ठ माह में मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती हैं, जिसे हिंदू परंपराओं में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/vatsavitripic3_18afbb7c910fd1da97dc62ecc9801b51_765X707.webp" style="width: 599.438px;"><br></p><p>गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम स्थल के रूप में प्रसिद्ध संगम घाट भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है और यहां कुंभ मेले सहित बड़े धार्मिक आयोजन होते रहते हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा कर मांगी पति की लंबी उम्र ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/mulayam-singh-yadavs-son-prateek-yadav-passes-away-breathes-his-last-in-lucknow-4624 ]]></guid><title><![CDATA[ मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव का निधन, लखनऊ में ली अंतिम सांस ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/mulayam-singh-yadavs-son-prateek-yadav-passes-away-breathes-his-last-in-lucknow-4624 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 13 May 2026 11:54:59 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे बड़े परिवारों में से एक, यादव परिवार से आज सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र और पूर्व मुख्यमंत्र ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ:</b> उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे बड़े परिवारों में से एक, यादव परिवार से आज सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का बुधवार, 13 मई 2026 की सुबह निधन हो गया। महज 38 वर्ष की आयु में उनके आकस्मिक निधन ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे राजनीतिक गलियारे और उनके प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया है।</p><h4 class=""><b>अस्पताल ले जाते समय हुई मृत्यु: क्या है पूरा मामला?</b></h4><p>जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव की तबीयत बुधवार तड़के अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें सुबह करीब 6:00 बजे लखनऊ के सिविल अस्पताल (Civil Hospital) ले जाया गया। अस्पताल के सूत्रों और डॉक्टरों के मुताबिक, जब उन्हें इमरजेंसी वार्ड में लाया गया, तब तक उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक हो चुकी थी। डॉक्टरों के काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और अस्पताल पहुँचने के कुछ ही देर बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।</p><p>प्रतीक यादव के निधन की खबर मिलते ही लखनऊ के सिविल अस्पताल के बाहर भारी संख्या में समर्थक और मीडिया कर्मियों का जमावड़ा लग गया। अस्पताल प्रशासन ने प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शव को परिवार को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।</p><h4 class=""><b>प्रतीक यादव: राजनीति से दूर बनाई अपनी अलग पहचान</b></h4><p>प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र थे। जहाँ एक ओर पूरा यादव कुनबा सक्रिय राजनीति में है, वहीं प्रतीक ने हमेशा खुद को सत्ता के गलियारों से दूर रखा। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा के बाद विदेश का रुख किया और लीड्स यूनिवर्सिटी (Leeds University), यूके से उच्च शिक्षा प्राप्त की।</p><p>वापस लौटने के बाद, उन्होंने राजनीति के बजाय व्यवसाय (Business) को अपने करियर के रूप में चुना। प्रतीक को फिटनेस का बहुत शौक था और उन्होंने लखनऊ में 'द फिटनेस प्लैनेट' (The Fitness Planet) नाम से एक प्रीमियम जिम की श्रृंखला शुरू की थी। इसके अलावा, वे रियल एस्टेट के बड़े कारोबारी भी थे।</p><h4 class=""><b>निजी जीवन और परिवार</b></h4><p>प्रतीक यादव का विवाह अपर्णा यादव से हुआ था, जो वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक प्रमुख नेता हैं। प्रतीक और अपर्णा की एक बेटी है। प्रतीक यादव भले ही राजनीतिक मंचों पर नहीं दिखते थे, लेकिन वे पारिवारिक कार्यक्रमों में हमेशा अपने भाई अखिलेश यादव और पिता मुलायम सिंह यादव के साथ खड़े नजर आते थे।</p><p>2022 में उनकी माता साधना गुप्ता के निधन के बाद प्रतीक काफी टूट गए थे। परिवार के करीबियों का कहना है कि वे अपनी माता के बेहद करीब थे।</p><h4 class=""><b>स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे प्रतीक?</b></h4><p>हालांकि अभी तक मृत्यु के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर है कि प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्हें न्यूरोपैथी (Neuropathy) की समस्या थी और वे लंबे समय से तनाव या डिप्रेशन (Depression) के लक्षणों से भी लड़ रहे थे। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि इन स्वास्थ्य स्थितियों का असर उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा था, जिससे आज सुबह अचानक उनकी स्थिति बिगड़ गई।</p><h4 class=""><b>राजनीतिक जगत में शोक की लहर: दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि</b></h4><p>प्रतीक यादव के निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित कई बड़े नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।</p><p><b>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: </b>"समाजवादी पार्टी के संरक्षक रहे दिवंगत मुलायम सिंह यादव जी के पुत्र श्री प्रतीक यादव जी का आकस्मिक निधन अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।"</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, &amp;#39;पद्म विभूषण&amp;#39;, स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी के पुत्र एवं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती अपर्णा यादव जी के पति श्री प्रतीक यादव जी का आकस्मिक निधन अत्यंत दुःखद है। विनम्र श्रद्धांजलि।&lt;br&gt;&lt;br&gt;मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/2054391834714247481?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><p><b>अखिलेश यादव:</b> अपने छोटे भाई को खोने के गम में अखिलेश यादव ने सभी राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। समाजवादी पार्टी के आधिकारिक हैंडल से जारी संदेश में इसे "परिवार के लिए अपूरणीय क्षति" बताया गया है।</p><p>&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;श्री प्रतीक यादव जी का निधन, अत्यंत दुखद!&lt;br&gt;&lt;br&gt;ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।&lt;br&gt;&lt;br&gt;विनम्र श्रद्धांजलि! &lt;a href="https://t.co/weadva9hi4"&gt;pic.twitter.com/weadva9hi4&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) &lt;a href="https://twitter.com/yadavakhilesh/status/2054405905635250627?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</p><p><b>सपा कार्यकर्ताओं में शोक:</b> लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर झंडा झुका दिया गया है और कार्यकर्ता भारी मन से अपने नेता के परिवार के साथ खड़े हैं।</p><p>प्रतीक यादव का जाना यादव परिवार के लिए एक बड़ा भावनात्मक आघात है। मुलायम सिंह यादव के निधन के कुछ ही वर्षों बाद, उनके सबसे छोटे बेटे का इस तरह से चले जाना किसी के लिए भी विश्वास करना कठिन है। वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने अपनी विरासत के बावजूद अपनी मेहनत से अपनी पहचान बनाई।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव का निधन, लखनऊ में ली अंतिम सांस ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/noida-international-airport-flights-start-june-15-indigo-first-flight-4525 ]]></guid><title><![CDATA[ 15 जून से शुरू होंगी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/noida-international-airport-flights-start-june-15-indigo-first-flight-4525 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 01 May 2026 18:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नोएडा, उत्तर प्रदेश: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने शुक्रवार को घोषणा की कि यहां से वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन 15 जून से शुरू होगा। इससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और उत्तर भारत के यात्रियों, एयरला ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नोएडा, उत्तर प्रदेश:</b> नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने शुक्रवार को घोषणा की कि यहां से वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन 15 जून से शुरू होगा। इससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और उत्तर भारत के यात्रियों, एयरलाइंस और कार्गो ऑपरेटर्स के लिए एक नया गेटवे खुलेगा।</span></p><p>एयरपोर्ट के संचालन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद और ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी से एयरोड्रोम सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) की मंजूरी मिलने के बाद हो रही है। यह मंजूरी इस बात की पुष्टि करती है कि एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था, सिस्टम और संचालन प्रक्रियाएं सभी नियामक मानकों के अनुरूप हैं।</p><p>&nbsp;<b>पहली उड़ान इंडिगो द्वारा संचालित की जाएगी</b></p><p>एयरपोर्ट से पहली उड़ान इंडिगो द्वारा संचालित की जाएगी, जो नियमित यात्री सेवाओं की शुरुआत करेगी। इसके बाद जल्द ही अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी अपनी सेवाएं शुरू करेंगी। उड़ानों के शेड्यूल, गंतव्यों और यात्री सेवाओं से जुड़ी अन्य जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Noida International Airport (NIA) announced today that commercial flight operations at the airport will commence from 15th June 2026, opening a new gateway for passengers, airlines, and cargo operators in the National Capital Region and North India. &lt;a href="https://t.co/BhW6MpP3lz"&gt;pic.twitter.com/BhW6MpP3lz&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2050162511346114648?ref_src=twsrc^tfw"&gt;May 1, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>आधुनिक टर्मिनल अत्याधुनिक तकनीक से लैस है</b></p><p>बढ़ती हवाई यात्रा की मांग को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया यह एयरपोर्ट आधुनिक टर्मिनल इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल संचालन और मजबूत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी से लैस है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रियों को सहज अनुभव मिले और एयरलाइंस को विश्वसनीय व किफायती संचालन सुविधा मिल सके।</p><p>वाणिज्यिक सेवाओं की शुरुआत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और पर्यटन, व्यापार तथा निवेश के नए अवसर पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p><p><b>यह एयरपोर्ट भारतीय आतिथ्य का अनोखा संगम प्रस्तुत करेगा</b></p><p>नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया के अन्य शहरों से जोड़ेगा। यह विश्वस्तरीय एयरपोर्ट स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य का अनोखा संगम प्रस्तुत करेगा, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव और व्यापक सुविधाएं मिलेंगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 15 जून से शुरू होंगी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/pm-modi-inaugurates-ganga-expressway-uttar-pradesh-development-boost-4509 ]]></guid><title><![CDATA[ पीएम मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, पूर्वी यूपी को मिलेगा विकास का नया रास्ता... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/pm-modi-inaugurates-ganga-expressway-uttar-pradesh-development-boost-4509 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 29 Apr 2026 14:36:52 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ हरदोई, उत्तर प्रदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। यह भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है, जो मेरठ को प्रय ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>हरदोई, उत्तर प्रदेश: </b>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। यह भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है, जो मेरठ को प्रयागराज से जोड़ती है और इसे 3.5 साल से भी कम समय में पूरा किया गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">लंबे समय से पूर्वी उत्तर प्रदेश अपनी जनसंख्या और आर्थिक क्षमता के बावजूद विकास से पीछे रहा है।</span></p><p>&nbsp;यह एक्सप्रेसवे बेहतर कनेक्टिविटी, दूरी में कमी और विकास कॉरिडोर से जोड़कर इस क्षेत्र की संभावनाओं को नई दिशा देगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस परियोजना से यात्रा समय लगभग 11 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे रह जाएगा और पूरे राज्य में नए आर्थिक अवसर खुलेंगे। एक्सप्रेसवे पर AI आधारित कैमरा सिस्टम लगाए गए हैं, जो सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाएंगे।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Prime Minister Narendra Modi inaugurates the Ganga Expressway in Hardoi district, Uttar Pradesh&lt;br&gt;&lt;br&gt;The Ganga Expressway in Hardoi district. The Ganga Expressway is a 594-kilometre-long, 6-lane (expandable to 8 lanes), access-controlled greenfield high-speed corridor, built… &lt;a href="https://t.co/aU1KpcqMgD"&gt;pic.twitter.com/aU1KpcqMgD&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2049384669817577651?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 29, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="tl" dir="ltr"&gt;UP: PM Modi inaugurates 594-km-long six-lane Ganga Expressway in Hardoi&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://twitter.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/nxcjjT64Nk"&gt;https://t.co/nxcjjT64Nk&lt;/a&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/PMModi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#PMModi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/GangaExpressway?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#GangaExpressway&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/Hardoi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Hardoi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/1SVOs55ObP"&gt;pic.twitter.com/1SVOs55ObP&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://twitter.com/ani_digital/status/2049387477056823490?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 29, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>3.5 किमी लंबा इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बनाया गया</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></b></p><p>भारतीय वायु सेना के लिए शाहजहांपुर जिले में 3.5 किमी लंबा इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप (ELF) भी बनाया गया है, जिससे इस कॉरिडोर की रणनीतिक क्षमता बढ़ेगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यह छह-लेन एक्सप्रेसवे (आठ लेन तक विस्तार योग्य) 12 जिलों को जोड़ता है और बाजार, स्वास्थ्य, शिक्षा व पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान करेगा। इससे लोगों को जरूरी सेवाओं तक जल्दी पहुंच मिलेगी और व्यवसायों को बाजार से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/04/ShahjahanPur1_b58be148697b4caa51164b1a0876ff32_4096X2304.webp" style="width: 910.383px;"><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p><b>अगले 10 वर्षों में लगभग 3 लाख नौकरियां होंगी</b></p><p>अदानी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड ने इस परियोजना का लगभग 464 किमी (करीब 80%) हिस्सा विकसित किया, जबकि शेष हिस्सा IRB Infrastructure द्वारा तैयार किया गया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे हर साल 25,000-30,000 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक्स बचत करेगा, अगले 10 वर्षों में लगभग 3 लाख नौकरियां पैदा करेगा और राज्य के GDP में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का योगदान देगा।</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/04/ShahjahanPur2_49a5031acc34913968664cbcd2602203_4096X2304.webp" style="width: 910.383px;"><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">इस कॉरिडोर से&nbsp;</span>व्यापार को मजबूती मिलेगी</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>यह कॉरिडोर कृषि उत्पादों और माल के तेज परिवहन को सक्षम बनाकर व्यापार को मजबूत करेगा। किसानों और छोटे व्यापारियों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने में मदद मिलेगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज और वाराणसी जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच को आसान बनाकर धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">करीब 8 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाने वाला यह प्रोजेक्ट राज्य में कनेक्टिविटी सुधारने, यात्रा समय घटाने और आर्थिक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ पीएम मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, पूर्वी यूपी को मिलेगा विकास का नया रास्ता... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/unnao-custodial-death-case-delhi-high-court-hearing-sengar-appeal-may-4501 ]]></guid><title><![CDATA[ उन्नाव कस्टोडियल डेथ केस: हाई कोर्ट में सेंगर की अपील पर मई में सुनवाई... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/unnao-custodial-death-case-delhi-high-court-hearing-sengar-appeal-may-4501 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 27 Apr 2026 15:40:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली, भारत: दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की कस्टोडियल डेथ (हिरासत में मौत) मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ दायर अपील को अगले महीने के लिए सूचीबद्ध किया।&nbsp;पूर्व वि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली, भारत:</b> दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को उन्नाव रेप पीड़िता के <b>पिता की कस्टोडियल डेथ</b> (हिरासत में मौत) मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ दायर अपील को अगले महीने के लिए सूचीबद्ध किया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और अन्य ने अपनी सजा को चुनौती दी है। सेंगर इस मामले में 10 साल की सजा काट रहे हैं।</span></p><p>न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा ने मामले को <b>15, 18, 19 और 20 मई</b> को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सेंगर और अन्य ने 4 मार्च 2020 के दोषसिद्धि के फैसले और 13 मार्च 2020 के सजा आदेश को चुनौती दी है, जो तीस हजारी कोर्ट के जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा CBI FIR में पारित किया गया था। यह मामला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में दर्ज हुआ था।</span></p><p><b>कोर्ट ने सजा बढ़ाने की अपील&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">निरस्त की</span></b></p><p>इससे पहले, 20 अप्रैल को हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता द्वारा दायर सजा बढ़ाने की अपील को <b>1,945 दिनों की देरी के आधार पर खारिज</b> कर दिया था।<span style="font-size: 1rem;">न्यायमूर्ति नवीन चावला की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने देरी माफी (कंडोनेशन ऑफ डिले) की याचिका को खारिज करते हुए सजा बढ़ाने की अपील भी निरस्त कर दी।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Delhi High Court to hear next month Kuldeep Singh Sengar&amp;#39;s appeal challenging his conviction in the case related to custodial death of Unnao rape victim&amp;#39;s father. &lt;br&gt;&lt;br&gt;Justice Swarana Kanta Sharma to hear the appeal on May 15, 18, 19 and 20. &lt;a href="https://t.co/K2ye7Ddaxw"&gt;pic.twitter.com/K2ye7Ddaxw&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Live Law (@LiveLawIndia) &lt;a href="https://twitter.com/LiveLawIndia/status/2048663033036386389?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 27, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>अपीलकर्ता देरी के लिए&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">पर्याप्त कारण देने में असमर्थ- कोर्ट</span></b></p><p>हाई कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ता देरी के लिए कोई 'पर्याप्त कारण' स्थापित करने में विफल रही।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अदालत ने टिप्पणी की, “देरी अत्यधिक, अस्पष्ट और लापरवाही के कारण है, इसलिए आवेदन खारिज किया जाता है।”&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">बेंच ने यह भी कहा, “यह मामला असमर्थता का नहीं, बल्कि जानबूझकर निष्क्रियता और लापरवाही का है। ऐसे में अपीलकर्ता देरी माफी जैसी राहत पाने की हकदार नहीं है।”</span></p><p><b>पीड़िता ने दोषियों की&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">सजा बढ़ाने की मांग की थी</span></b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>अदालत ने कहा कि इस स्थिति में विवेकाधीन शक्ति का उपयोग करना कानून के उद्देश्य को कमजोर करेगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अदालत ने यह भी नोट किया कि अपीलकर्ता को फैसले की पूरी जानकारी होने के बावजूद उसने निर्धारित समय सीमा में कानूनी उपाय नहीं अपनाया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्नाव रेप पीड़िता ने अपनी अपील में इस मामले को हत्या (धारा 302 IPC) में बदलने और सजा बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने दोषियों के लिए मृत्युदंड या कम से कम आजीवन कारावास की मांग की।</span></i></b></p><p><b>पीड़िता लगातार खतरे में है-&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वकील महमूद प्राचा</span></b></p><p>अपीलकर्ता की ओर से वकील महमूद प्राचा ने दलील दी कि देरी जानबूझकर नहीं थी और न ही किसी दुर्भावना के कारण हुई। उन्होंने कहा कि पीड़िता लगातार खतरे में है और उसकी स्थिति को देखते हुए इतनी सतर्कता की अपेक्षा नहीं की जा सकती।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वहीं, सेंगर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद कुमार दुबे पेश हुए, जबकि जयदीप सेंगर की ओर से अधिवक्ता SPM त्रिपाठी ने पैरवी की।</span></p><p><b>पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी गई राशि</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p class="blue-bg-white"><b><i>अधिवक्ता कन्हैया सिंघल ने तर्क दिया कि पीड़िता को मुआवजे के रूप में पहले ही 10 लाख रुपये आरोपियों द्वारा और 25 लाख रुपये उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिए जा चुके हैं, इसलिए आर्थिक तंगी का तर्क टिकाऊ नहीं है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी कहा कि देरी माफी पर विचार करते समय मामले के गुण-दोष (मेरिट) का कोई महत्व नहीं होता, बल्कि देरी के कारणों की पर्याप्तता ही निर्णायक होती है।</span></i></b></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ उन्नाव कस्टोडियल डेथ केस: हाई कोर्ट में सेंगर की अपील पर मई में सुनवाई... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/dm-medha-roopam-announces-wage-hike-measures-and-appeals-for-peace-4416 ]]></guid><title><![CDATA[ नोएडा: मजदूरों की मांगे पूरी, 10 तारीख तक वेतन, नवंबर से पहले बोनस, ओवरटाइम पर मिलेगा दोगुना वेतन... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/dm-medha-roopam-announces-wage-hike-measures-and-appeals-for-peace-4416 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 14 Apr 2026 15:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश:&nbsp;गौतम बुद्ध नगर की ज़िलाधिकारी मेधा रूपम ने मंगलवार को नोएडा में हाल ही में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद मज़दूरों के कल्याण के लिए कई उपायों की घोषणा की। उन्होंन ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश:</b>&nbsp;</span>गौतम बुद्ध नगर की ज़िलाधिकारी मेधा रूपम ने मंगलवार को नोएडा में हाल ही में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद मज़दूरों के कल्याण के लिए कई उपायों की घोषणा की। उन्होंने मज़दूरों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि "हिंसा किसी भी समस्या का हल नहीं है।"&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यहाँ पत्रकारों से बात करते हुए रूपम ने </span><span style="font-size: 1rem;">कहा, <b>"मैं मुख्यमंत्री और उच्च-स्तरीय समिति का धन्यवाद करती हूँ कि उन्होंने मज़दूरों की वेतन बढ़ाने की मुख्य माँग को मान लिया।"</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"> इसके आगे उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने और भी निर्देश जारी किए गए हैं, जिनमें यह सुनिश्चित करना शामिल है कि मज़दूरों का वेतन हर महीने की 10 तारीख से पहले उनके खातों में जमा हो जाए। हर साल नवंबर से पहले बोनस भी दिया जाएगा। ओवरटाइम काम के लिए दोगुना वेतन दिया जाएगा। साप्ताहिक छुट्टियों पर काम करने के लिए भी दोगुना वेतन दिया जाएगा।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Uttar Pradesh: Medha Roopam, District Magistrate (DM) of Gautam Buddha Nagar (Noida) says, &amp;quot;I thank the Chief Minister and the high-powered committee for accepting the workers&amp;#39; primary demand of wage increase. Furthermore, other directives have been issued, including… &lt;a href="https://t.co/vKsqM4c0cD"&gt;pic.twitter.com/vKsqM4c0cD&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2043965849493746006?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">ज़िलाधिकारी ने&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">तुरंत कार्रवाई करने का दिया आश्वासन</span></b></p><p><span style="font-size: 1rem;">ज़िलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;हर जगह यौन उत्पीड़न समितियाँ बनाई जाएँगी। इन समितियों की अध्यक्षता महिलाएँ करेंगी। शिकायत पेटियाँ भी उपलब्ध होंगी। मेरी सभी से अपील है कि हिंसा किसी भी समस्या का हल नहीं है। मैं सभी से आग्रह करती हूँ कि गौतम बुद्ध नगर में शांति और व्यवस्था बनाए रखें। कॉल सेंटर और कंट्रोल रूम के नंबर भी जारी कर दिए गए हैं। मज़दूर अपनी शिकायतें वहाँ भी दर्ज करा सकते हैं। हम इसकी निगरानी करेंगे, और हम तुरंत कार्रवाई करेंगे।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>पुलिस ने शांति और व्यवस्था बनाए रखी</b></span></p><p>इसके अलावा, डीसीपी शैव्या गोयल ने कहा, "एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें बताया जा रहा है कि यही घटना तीन अलग-अलग जगहों पर हुई है। इस घटना में कुछ महिलाएं जो घरेलू कामगार के तौर पर काम करती हैं, वे वेतन बढ़ाने की मांग कर रही थीं। ये महिलाएं फैक्ट्री में काम करने वाली मज़दूर नहीं हैं। पुलिस मौके पर मौजूद है। शांति और व्यवस्था बनी हुई है।"</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Noida, Uttar Pradesh: DCP Shaivya Goyal says, &amp;quot;A video is going viral in which the same incident is being reported to have occurred at three different locations. In this incident, some women who work as domestic workers were demanding a pay raise. These women are not… &lt;a href="https://t.co/B8WouhowoH"&gt;pic.twitter.com/B8WouhowoH&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2043969546227462398?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>'एक संतुलन बनाने की कोशिश की गई'</b></p><p>इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव, शनमुगा सुंदरम एम.के. ने बताया था, "हमने श्रमिकों और उद्यमियों, दोनों से बात की... हमने लगभग दो घंटे तक विचार-मंथन किया और एक संतुलन बनाने की कोशिश की। क्योंकि सरकार हमेशा समावेशी होती है, जो समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखती है। मुख्यमंत्री ने भी निर्देश दिया है कि समिति को अपना काम करते समय समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखना चाहिए..."</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Noida, Uttar Pradesh: Shanmuga Sundaram MK, Principal Secretary, Labour &amp;amp; Employment Department, Government of Uttar Pradesh, says, &amp;quot;We spoke with both workers and entrepreneurs...We brainstormed for about two hours and tried to strike a balance. Because the government… &lt;a href="https://t.co/0KuHcvZyiY"&gt;pic.twitter.com/0KuHcvZyiY&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2043967765682548806?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ नोएडा: मजदूरों की मांगे पूरी, 10 तारीख तक वेतन, नवंबर से पहले बोनस, ओवरटाइम पर मिलेगा दोगुना वेतन... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-police-arrested-350-on-charges-of-spreading-rumors-on-social-media-4415 ]]></guid><title><![CDATA[ नोएडा में बवाल के बाद पुलिस ने लिया एक्शन, अफवाह फैलाने वाले 350 से ज्यादा लोग गिरफ्तार... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-police-arrested-350-on-charges-of-spreading-rumors-on-social-media-4415 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 14 Apr 2026 15:02:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश: गौतम बुद्ध नगर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) ने मंगलवार को बताया कि हालिया मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश:</b> गौतम बुद्ध नगर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) ने मंगलवार को बताया कि हालिया मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि कई लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का “दुरुपयोग” कर अफवाहें और गलत जानकारी फैला रहे थे।</span></p><p>पत्रकारों से बात करते हुए एसीपी राजीव नारायण मिश्रा ने&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कहा, “हमने 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। कुछ लोग सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर रहे थे, अफवाहें फैला रहे थे और गलत जानकारी दे रहे थे। कुछ लोग नए बनाए गए व्हाट्सएप बॉट्स और ट्विटर के जरिए भ्रामक सूचनाएं फैला रहे थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।"</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Greater Noida, UP | Additional CP (Law &amp;amp; Order) Rajeev Narain Mishra says, &amp;quot;...We arrested over 350 people. Some were misusing social media, spreading rumours, and providing false information. Some were spreading misleading information through newly created WhatsApp bots… &lt;a href="https://t.co/bkx1vKHUD1"&gt;pic.twitter.com/bkx1vKHUD1&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2043954607454630190?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>आज कई कंपनियों में मजदूर काम पर लौटे</b></p><p>इसके आगे एसीपी&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मिश्रा&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">ने कहा कि आज कई कंपनियों में मजदूर काम पर लौट रहे हैं। कुछ जगहों पर मजदूर अपनी मांगों को लेकर आए, हमने उनसे धैर्यपूर्वक बातचीत की और समझाया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसने सोमवार को मौके का दौरा कर स्थिति का आकलन किया।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Noida, Uttar Pradesh: Employees of a company stage a sit-in protest outside the company in Noida&amp;#39;s Phase 2 area. The employees are protesting for various demands, including a salary increase. Police personnel are present at the spot to control the situation. &lt;a href="https://t.co/lfLW7mQppP"&gt;pic.twitter.com/lfLW7mQppP&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2043878129358516515?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b><span style="font-size: 1rem;">मजदूरी बढ़ाने की घोषणा के बावजूद&nbsp;</span>मजदूरों का प्रदर्शन जारी</b></p><p>मंगलवार को भी नोएडा के फेज-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स में मजदूरों का प्रदर्शन जारी रहा, जबकि राज्य सरकार ने मजदूरी बढ़ाने की घोषणा कर दी है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मजदूर न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सोमवार को प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब पुलिस के साथ झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और वाहनों में आग लगा दी। इस घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं।&nbsp;</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Uttar Pradesh: Aftermath of the violent protest by employees of Motherson company in Noida Phase 2. They were protesting over their salary increment demands. Visuals from the spot. &lt;br&gt;&lt;br&gt;During the protest, vehicles and properties were damaged, and stone pelting took… &lt;a href="https://t.co/aCKhNZXNF3"&gt;pic.twitter.com/aCKhNZXNF3&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2043620220930298204?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Police vehicles were torched and flipped upside down as workers seized the streets in Noida, after days of protests over poverty wages erupted into direct confrontation. &lt;a href="https://t.co/FX0S2ktKig"&gt;pic.twitter.com/FX0S2ktKig&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; comra (@comrawire) &lt;a href="https://twitter.com/comrawire/status/2043715245022036004?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>यह प्रदर्शन श्रमिकों की व्यापक आर्थिक परेशानियों का प्रतीक-&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">राहुल गांधी</span></b></p><p><span style="font-size: 1rem;">इस बीच, प्रदर्शन कर रहे मजदूरों के समर्थन में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसे श्रमिकों की व्यापक आर्थिक परेशानियों का प्रतीक बताया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “नोएडा की सड़कों पर जो कल हुआ, वह इस देश के मजदूरों की अंतिम पुकार थी—जिसकी हर आवाज अनसुनी कर दी गई। नोएडा में एक मजदूर ₹12,000 महीना कमाता है, जबकि किराया ₹4,000-7,000 तक है। जब उसे साल में ₹300 की बढ़ोतरी मिलती है, तो मकान मालिक हर साल ₹500 किराया बढ़ा देता है।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आख़िरी चीख़ थी - जिसकी हर आवाज़ को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांगते थक गया।&lt;br&gt;&lt;br&gt;नोएडा में काम करने वाले एक मज़दूर की ₹12,000 महीने की तनख्वाह,₹4,000-7,000 किराया। जब तक ₹300 की सालाना बढ़ोतरी मिलती है, मकान मालिक ₹500…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) &lt;a href="https://twitter.com/RahulGandhi/status/2043939305840881943?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ नोएडा में बवाल के बाद पुलिस ने लिया एक्शन, अफवाह फैलाने वाले 350 से ज्यादा लोग गिरफ्तार... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-minimum-wages-hike-noida-ghaziabad-workers-salary-increase-yogi-govt-4413 ]]></guid><title><![CDATA[ नोएडा-गाजियाबाद में मजदूरों की सैलरी 21% बढ़ी, यूपी सरकार का बड़ा फैसला, 1 अप्रैल से लागू ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/up-minimum-wages-hike-noida-ghaziabad-workers-salary-increase-yogi-govt-4413 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 14 Apr 2026 12:05:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति ने मंगलवार को गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में श्रमिकों के लिए अंतरिम न्यूनतम मजदूरी में लगभग 21% की वृद्धि क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश: </b>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति ने मंगलवार को गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में श्रमिकों के लिए अंतरिम न्यूनतम मजदूरी में लगभग 21% की वृद्धि की है। यह फैसला नोएडा फेज-2 में हुए बड़े श्रमिक विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया।</span></p><p>नोएडा डीएम कार्यालय के अनुसार, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में असंगठित (अकुशल) श्रमिकों की मासिक मजदूरी ₹11,313 से बढ़ाकर ₹13,690 कर दी गई है। अर्ध-कुशल श्रमिकों की मजदूरी ₹12,445 से बढ़ाकर ₹15,059 और कुशल श्रमिकों की मजदूरी ₹13,940 से बढ़ाकर ₹16,868 कर दी गई है। ये अंतरिम दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;नोएडा फेज-2 में वेतन बढ़ोतरी की मांग पर बवाल, श्रमिकों का प्रदर्शन हिंसक...&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NoidaProtest?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NoidaProtest&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WorkersProtest?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WorkersProtest&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/SalaryHike?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#SalaryHike&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/LabourRights?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#LabourRights&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NoidaViolence?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NoidaViolence&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/UttarPradesh?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UttarPradesh&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/IndustrialUnrest?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#IndustrialUnrest&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/PoliceDeployment?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#PoliceDeployment&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/GTCnews?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#GTCnews&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/GTCbharat?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#GTCbharat&lt;/a&gt;&lt;a href="https://t.co/1Nl5HChrL0"&gt;https://t.co/1Nl5HChrL0&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; GTC NEWS (@gtcnewsonline) &lt;a href="https://twitter.com/gtcnewsonline/status/2043562975613845615?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों में वर्गीकृत</b></p><p>नगर निगम वाले जिलों में अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी ₹13,006, अर्ध-कुशल के लिए ₹14,306 और कुशल श्रमिकों के लिए ₹16,025 प्रति माह निर्धारित की गई है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अन्य जिलों में अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों की मजदूरी क्रमशः ₹12,356, ₹13,591 और ₹15,224 प्रति माह कर दी गई है।</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/04/Screenshot-2026-04-14-112111_01944f8feb3f1167cade106ba6c22d90_930X536.webp" style="width: 910.383px;"><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p>&nbsp;<b>वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति बनाई गई</b></p><p>राज्य के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने कहा कि सरकार द्वारा गठित समिति श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए उनसे बातचीत कर रही है। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश का आरोप भी लगाया।</p><p>अपने बयान में मंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति बनाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्वों ने अफवाहें फैलाकर श्रमिकों को भड़काने का काम किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सरकार की ओर से कहा गया है कि समिति श्रमिक संगठनों, उद्योग समूहों और अन्य सभी पक्षों के साथ बातचीत कर रही है और जल्द ही इस मुद्दे का संतुलित समाधान निकाला जाएगा।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;On the industrial workers&amp;#39; protest in Gautam Buddha Nagar district, Industrial Development Minister Nand Gopal Gupta Nandi released a statement.&lt;br&gt;&lt;br&gt;&amp;quot;Our government has taken the matter very seriously. A panel of senior government officials has been formed under the chairmanship of…&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2043906133002465636?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>₹20,000 न्यूनतम मजदूरी की खबर&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">भ्रामक</span></b></p><p>इस बीच, नोएडा डीएम ने सोशल मीडिया पर चल रही ₹20,000 न्यूनतम मजदूरी की खबर को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सरकारी बयान के अनुसार, केंद्र सरकार देशभर में एक समान न्यूनतम “फ्लोर वेज” लागू करने की प्रक्रिया में है, ताकि सभी राज्यों में श्रमिकों को उचित वेतन मिल सके।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;Watch | उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने औद्योगिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से सेवायोजकों और कारखाना प्रबंधन के साथ बैठक आयोजित की।&lt;br&gt;&lt;br&gt;इस दौरान उन्होंने श्रमिक हितों की सुरक्षा, शासन की गाइडलाइंस के पालन, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, साप्ताहिक अवकाश और… &lt;a href="https://t.co/2a5F5F5JPl"&gt;pic.twitter.com/2a5F5F5JPl&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; यूनीवार्ता (@univartaindia1) &lt;a href="https://twitter.com/univartaindia1/status/2043325459036025054?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>वेतन बोर्ड के गठन के बाद&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">न्यूनतम मजदूरी की</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">प्रक्रिया शुरू होगी</span></b></p><p>बयान में यह भी कहा गया है कि उद्योग वर्तमान में वैश्विक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, कच्चे माल की कीमतें बढ़ी हैं और निर्यात में गिरावट आई है। वहीं, श्रमिकों की मांगें भी महत्वपूर्ण और विचारणीय हैं, इसलिए दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाकर निर्णय लेना जरूरी है।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;">सरकार ने स्पष्ट किया कि सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए अंतरिम रूप से न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई जा रही है। अगले महीने वेतन बोर्ड के गठन के बाद स्थायी न्यूनतम मजदूरी तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी।&nbsp;</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा औद्योगिक सामंजस्य व शांति बनाए रखने हेतु श्रमिक प्रतिनिधियों व संबंधित पक्षों के साथ समस्याएं सुननें व समाधान को लेकर बहुचरण में बैठक की जा रही हैं। श्रमिकों से शांतिपूर्ण कार्य पर लौटने व अफवाहों से बचने की, की अपील। &lt;a href="https://t.co/l2C1C81Axr"&gt;pic.twitter.com/l2C1C81Axr&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; DM NOIDA Gautam Buddha Nagar (@dmgbnagar) &lt;a href="https://twitter.com/dmgbnagar/status/2043736094882312593?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>नोएडा के फेज़ 2 में प्रदर्शनकारी&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">आज</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">फिर से जमा</span></b></p><p>वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कल हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद, आज नोएडा के फेज़ 2 में प्रदर्शनकारी फिर से जमा हो गए और उन्होंने पत्थरबाज़ी की।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">हालात को काबू में करने के लिए यहाँ पुलिस तैनात की गई है। प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया जा रहा है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Uttar Pradesh: After a violent protest yesterday over demands for a salary increment, protestors have gathered and pelted stones in Phase 2 of Noida today. &lt;br&gt;&lt;br&gt;Police deployment has been made here to bring the situation under control. Protestors are being dispersed from… &lt;a href="https://t.co/sxEoBAnpdv"&gt;pic.twitter.com/sxEoBAnpdv&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2043921925777567987?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 14, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें-&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी</span></b></p><p>इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। साथ ही उन्होंने नियोक्ता संगठनों से श्रमिकों को समय पर वेतन, ओवरटाइम भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, बोनस और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, विशेषकर महिला श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान पर जोर दिया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">यह निर्णय नोएडा फेज-2 में श्रमिकों के बड़े प्रदर्शन के बाद लिया गया, जो पुलिस के साथ झड़प के चलते हिंसक हो गया था।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Muzaffarnagar: Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath says, &amp;quot;...Be cautious of those who create industrial unrest. Don&amp;#39;t let them succeed.&amp;quot;&lt;br&gt;&lt;br&gt;&amp;quot;We are moving forward to establish an EPF guarantee, and for this, we have appointed the state&amp;#39;s Industrial Development Commissioner,… &lt;a href="https://t.co/yFXLDHd5Ku"&gt;pic.twitter.com/yFXLDHd5Ku&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2043731579693084735?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ नोएडा-गाजियाबाद में मजदूरों की सैलरी 21% बढ़ी, यूपी सरकार का बड़ा फैसला, 1 अप्रैल से लागू ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/noida-phase-2-workers-protest-violence-salary-hike-demand-police-deployed-4403 ]]></guid><title><![CDATA[ नोएडा फेज-2 में वेतन बढ़ोतरी की मांग पर बवाल, श्रमिकों का प्रदर्शन हिंसक ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/noida-phase-2-workers-protest-violence-salary-hike-demand-police-deployed-4403 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 13 Apr 2026 10:48:51 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नोएडा, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के नोएडा के फेज-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स में मजदूर वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, जो हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर वाहनों और संपत्ति ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नोएडा, उत्तर प्रदेश:</b> उत्तर प्रदेश के नोएडा के फेज-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स में मजदूर वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, जो हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर वाहनों और संपत्तियों में तोड़फोड़ की तथा पुलिस के साथ झड़प के दौरान पथराव किया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सोमवार को बड़ी संख्या में एक कंपनी के मजदूर वेतन वृद्धि की मांग को लेकर एकत्र हुए थे। इस दौरान एक कार को आग के हवाले भी कर दिया गया।</span></p><p>स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इससे पहले रविवार को नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने राज्य के प्रमुख सचिव (श्रम) और श्रम आयुक्त के साथ बैठक की थी, जिसमें श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, ओवरटाइम के लिए दोगुना भुगतान, बोनस और कार्यस्थल की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Uttar Pradesh: A large number of employees of a company gather in protest over their demands for a salary increment, in Phase 2 of Noida. Vehicles and properties were damaged, and stone pelting also occurred during the protest. Heavy Police deployment has been made here… &lt;a href="https://t.co/YXByyBMWQr"&gt;pic.twitter.com/YXByyBMWQr&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2043544580398968983?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 13, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए नोएडा प्राधिकरण में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें प्रमुख सचिव (श्रम) और श्रम आयुक्त, उत्तर प्रदेश ने वर्चुअली भाग लिया। बैठक में श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, ओवरटाइम के लिए दोगुना भुगतान, बोनस, साप्ताहिक अवकाश और कार्यस्थल की सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा की गई।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">प्रदर्शन से पहले जिलाधिकारी ने श्रमिकों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की थी। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा।</span></i></b></p><p><b>श्रमिकों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम नंबर जारी</b></p><p>एक वीडियो साझा करते हुए मेधा रूपम ने कहा, “सभी श्रमिक भाई-बहनों से अपील है कि वे शांतिपूर्वक अपने कार्यस्थल पर पहुंचें और अपना कार्य करें तथा जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। अफवाहों पर ध्यान न दें। श्रमिकों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम नंबर: 120-2978231, 120-2978232, 120-2978862, 120-2978702 उपलब्ध हैं।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">फिलहाल इस घटना से जुड़ी और जानकारी का इंतजार है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; white-space: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | With the objective of maintaining industrial peace and a harmonious atmosphere within the district, a significant meeting of employers and factory management was held at the Noida Authority, Sector-06, Noida.&lt;br&gt;&lt;br&gt;Gautam Buddha Nagar District Magistrate Medha Roopam says,… &lt;a href="https://t.co/dYhxaG4Xh3"&gt;pic.twitter.com/dYhxaG4Xh3&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2043378658367390193?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 12, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ नोएडा फेज-2 में वेतन बढ़ोतरी की मांग पर बवाल, श्रमिकों का प्रदर्शन हिंसक ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/major-tragedy-in-mathura-10-dead-22-rescued-rescue-operation-underway-4387 ]]></guid><title><![CDATA[ यमुना में नाव पलटी: मथुरा में बड़ा हादसा, 11 मौत, 22 बचाए गए, 4 लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/major-tragedy-in-mathura-10-dead-22-rescued-rescue-operation-underway-4387 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 11 Apr 2026 11:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ मथुरा, उत्तर प्रदेश: मथुरा जिले के वृंदावन में यमुना नदी में शुक्रवार को नाव पलटने की घटना के बाद एसपी (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 22 लोगों को सुरक् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>मथुरा, उत्तर प्रदेश: </b>मथुरा जिले के वृंदावन में यमुना नदी में शुक्रवार को नाव पलटने की घटना के बाद एसपी (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इसके अलावा, 4 के लापता होने की खबर है। राहत और बचाव कार्य अब भी जारी है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">शनिवार को मीडिया से बात करते हुए रावत ने कहा कि घटना के तुरंत बाद सभी संसाधनों को मौके पर तैनात कर दिया गया था।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने बताया,&nbsp;</span>"सभी टीमें यहां तैनात कर दी गई हैं। हमने 8 पीआरबी (इमरजेंसी पुलिस रिस्पॉन्स वाहन/टीम), फायर रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस भेजी थीं। कुल 32 लोगों को बचाया गया, जिनमें से 11 की मौत हो गई और 22 सुरक्षित हैं और&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बचाव अभियान बड़े स्तर पर जारी है</span><span style="font-size: 1rem;">।" सोशल मीडिया पर इस हादसे से पहले का वीडियो शेयर किया गया है। इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि लोग राधे-राधे का भजन गा रहे थे। थोड़ी देर बाद यही दृश्य एक दुर्घटना में तब्दील हो गया।&nbsp;</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;How negligence cost lives of 10 Punjab devotees&lt;br&gt;&lt;br&gt;Steamer packed beyond capacity in UP&amp;#39;s Mathura. Devotees from Punjab chanting &amp;quot;Radhe Radhe&amp;quot;. None of them wearing life jacket. The boat capsized, 10 people died. &lt;a href="https://t.co/EPiotRTbQZ"&gt;pic.twitter.com/EPiotRTbQZ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Piyush Rai (@Benarasiyaa) &lt;a href="https://twitter.com/Benarasiyaa/status/2042633257272193507?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 10, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b style="font-size: 1rem;">'5 एसडीआरएफ और 3 पीएसी की टीमें तैनात हैं'</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">एसपी (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि&nbsp;</span>यहां 8 एनडीआरएफ, 5 एसडीआरएफ और 3 पीएसी की टीमें तैनात हैं। लगभग 120 निजी गोताखोर भी लगाए गए हैं और 14 किलोमीटर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया गया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">शनिवार सुबह 5:30 बजे से ही फिर से अभियान शुरू कर दिया गया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी कहा कि</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की नावें, स्थानीय गोताखोरों के साथ पूरे क्षेत्र में तलाश कर रही हैं। एनडीआरएफ के डीप-सी डाइवर्स भी सर्च में शामिल हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="qme" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://t.co/zQgryZZaK2"&gt;https://t.co/zQgryZZaK2&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; MATHURA POLICE (@mathurapolice) &lt;a href="https://twitter.com/mathurapolice/status/2042884091239108653?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 11, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Mathura: SP Rural Suresh Chandra Rawat says, &amp;quot;... All the teams have been deployed here since yesterday... We sent 8 PRBs, our fire rescue team and ambulances reached there. Everyone was rescued. A total of 32 people were rescued, of whom 10 died, and 22 are safe. The… &lt;a href="https://t.co/2J9ibMATUh"&gt;https://t.co/2J9ibMATUh&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/0YxUMMeLts"&gt;pic.twitter.com/0YxUMMeLts&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2042816452135391458?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 11, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>'सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं'</b></p><p>फिलहाल, नाव में सवार लोगों की कुल संख्या की पुष्टि अभी की जा रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कुछ लोगों को अलग-अलग अस्पतालों, जिनमें निजी अस्पताल भी शामिल हैं, उनमें भेजा गया है। अंतिम संख्या स्पष्ट होने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि कोई लापता है या नहीं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">एडीएम (न्यायिक)वेद प्रिया आर्य ने बताया कि सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Mathura | SP Rural Suresh Chandra Rawat says, &amp;quot;A boat has sunk at the Yamuna river&amp;#39;s stretch near Keshi Ghat... Thus far, twenty-two individuals have been rescued from the water. Those rescued were immediately transported to the hospital via ambulances and eight PRV… &lt;a href="https://t.co/CQix0bKlhh"&gt;pic.twitter.com/CQix0bKlhh&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2042569717010075889?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 10, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>"लगातार तलाशी और बचाव अभियान जारी है"</b></p><p>एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पीएसी और फायर टीम संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। हम परिजनों के संपर्क में हैं और जल्द सभी को ढूंढ लिया जाएगा।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">वृंदावन के केशी घाट के पास शनिवार सुबह भी बचाव अभियान जारी रहा और यमुना नदी के प्रभावित हिस्से में सर्च ऑपरेशन लगातार चल रहा है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।</span></p><p>इस मामले पर जानकारी देते हुए मथुरा के DIG शैलेश कुमार पांडे ने कहा, "लगातार तलाशी और बचाव अभियान जारी है। हमारे सामने एक बड़ी चुनौती यह थी कि जो नाव डूबी थी, वह पूरी तरह से पलट गई थी।"</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Mathura, Uttar Pradesh: A boat carrying tourists capsized in the Yamuna in Vrindavan on Friday afternoon, leaving at least 10 people dead and several others missing.&lt;br&gt;&lt;br&gt;Mathura DIG Shailesh Kumar Pandey said, &amp;quot;Continuous search and rescue operations are underway. A major… &lt;a href="https://t.co/SEaHKqAtm3"&gt;pic.twitter.com/SEaHKqAtm3&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2042786098934616417?ref_src=twsrc^tfw"&gt;April 11, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यमुना में नाव पलटी: मथुरा में बड़ा हादसा, 11 मौत, 22 बचाए गए, 4 लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/noida-international-airport-jewar-inauguration-yogi-adityanath-development-runway-up-4292 ]]></guid><title><![CDATA[ UP को मिली नई रफ़्तार: जेवर एयरपोर्ट बनेगा विकास का इंजन, CM योगी ने जताई खुशी... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/noida-international-airport-jewar-inauguration-yogi-adityanath-development-runway-up-4292 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 28 Mar 2026 11:16:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को जेवर स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के पहले चरण के उद्घाटन को राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।&nb ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश:</b> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को जेवर स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के पहले चरण के उद्घाटन को राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने इस एयरपोर्ट को <b>'उत्तर प्रदेश के विकास का रनवे'</b> करार दिया और इस परियोजना को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता की सराहना की।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">प्रधानमंत्री मोदी आज जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन करने वाले हैं। इस परियोजना के पहले चरण को लगभग 11,200 करोड़ रुपये की लागत से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया गया है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&amp;quot;Runway for Uttar Pradesh&amp;#39;s development:&amp;quot; CM Yogi hails Jewar Airport ahead of inauguration&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://twitter.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/muJJeiUvMZ"&gt;https://t.co/muJJeiUvMZ&lt;/a&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/UttarPradesh?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UttarPradesh&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/CMYogi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CMYogi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/NoidaInternationalAirport?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#NoidaInternationalAirport&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/Jewar?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Jewar&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/PMModi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#PMModi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/QlUxc0tOSN"&gt;pic.twitter.com/QlUxc0tOSN&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://twitter.com/ani_digital/status/2037758065446092835?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 28, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>जेवर का एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास का रनवे</b></p><p>सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, "‘नए भारत’ में ‘नए उत्तर प्रदेश’ की विकास यात्रा आज एक और स्वर्णिम मील का पत्थर छूने जा रही है। आज आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के करकमलों से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के पहले चरण का भव्य उद्घाटन होने जा रहा है।"</p><p>उन्होंने आगे कहा, "जेवर का यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास का रनवे है। यहां से युवाओं के सपनों को उड़ान मिलेगी, संभावनाएं साकार होंगी और भविष्य नई ऊंचाइयों को छुएगा। इस परिवर्तनकारी परियोजना की नींव रखने वाले किसान भाइयों को विशेष बधाई, आपकी मेहनत ने इस विकास को संभव बनाया है। प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों की ओर से प्रधानमंत्री जी का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन।"</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&amp;#39;नया उत्तर प्रदेश&amp;#39; वैश्विक कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के हब के रूप में स्थापित हो रहा है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता आदरणीय प्रधानमंत्री श्री &lt;a href="https://twitter.com/narendramodi?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@narendramodi&lt;/a&gt; जी के कर-कमलों से कल विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त &amp;#39;नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट&amp;#39;, जेवर के प्रथम चरण का भव्य… &lt;a href="https://t.co/Oj1DPNJ60E"&gt;pic.twitter.com/Oj1DPNJ60E&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/2037536334823424351?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 27, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>दिल्ली-एनसीआर वैश्विक एविएशन हब के रूप में होगा</b></p><p>यह एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गेटवे के रूप में देखा जा रहा है, जो देश के एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।</p><p><span style="font-size: 1rem;">नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर के दूसरे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया है, जो इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के साथ मिलकर काम करेगा। दोनों एयरपोर्ट मिलकर यात्री दबाव को कम करेंगे, क्षमता बढ़ाएंगे और दिल्ली-एनसीआर को वैश्विक एविएशन हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगे।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&amp;#39;नए भारत&amp;#39; के &amp;#39;नए उत्तर प्रदेश&amp;#39; की विकास यात्रा आज एक और स्वर्णिम शिखर को स्पर्श करने जा रही है।&lt;br&gt;&lt;br&gt;आदरणीय प्रधानमंत्री श्री &lt;a href="https://twitter.com/narendramodi?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@narendramodi&lt;/a&gt; जी के कर-कमलों से आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के प्रथम चरण का भव्य उद्घाटन होने जा रहा है। &lt;br&gt;&lt;br&gt;जेवर का यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास का… &lt;a href="https://t.co/hhTJIWOBg9"&gt;pic.twitter.com/hhTJIWOBg9&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/2037675614338245029?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 27, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP को मिली नई रफ़्तार: जेवर एयरपोर्ट बनेगा विकास का इंजन, CM योगी ने जताई खुशी... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-up-health-improvement-mmr-imr-nursing-100-percent-placement-4260 ]]></guid><title><![CDATA[ UP में स्वास्थ्य सुधार: MMR-IMR में गिरावट, नर्सिंग में 100% प्लेसमेंट का दावा – योगी आदित्यनाथ ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/yogi-adityanath-up-health-improvement-mmr-imr-nursing-100-percent-placement-4260 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 22 Mar 2026 13:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश:&nbsp;उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सुधारों और नर्सिंग सेक्टर में रोजगार के बढ़ते अवसरों पर प्रक ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश:</b>&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सुधारों और नर्सिंग सेक्टर में रोजगार के बढ़ते अवसरों पर प्रकाश डाला। लखनऊ स्थित लोक भवन ऑडिटोरियम में 1,228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।</span></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में महत्वपूर्ण कमी आई है। उन्होंने बताया कि पहले उत्तर प्रदेश इन मानकों में राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे था, लेकिन अब राज्य राष्ट्रीय स्तर के करीब पहुंच चुका है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से चयनित 1,228 नर्सिंग अधिकारियों के नियुक्ति-पत्र वितरण हेतु आज लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न अभ्यर्थियों से संवाद किया।&lt;br&gt;&lt;br&gt;यह आपकी योग्यता और परिश्रम के प्रति &amp;#39;डबल इंजन सरकार&amp;#39; का सम्मान है। नवरात्रि के पावन अवसर पर नियुक्ति-पत्र… &lt;a href="https://t.co/I2LqNC859e"&gt;pic.twitter.com/I2LqNC859e&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/2035620350025703913?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>चिकित्सा ढांचे का तेजी से विस्तार</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">MMR और IMR में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इस सुधार का श्रेय उन्होंने स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार और मानव संसाधनों की मजबूती को दिया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 40 से बढ़कर 81 हो गई है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सरकारी मेडिकल संस्थानों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">इसके साथ ही कई नर्सिंग और एएनएम प्रशिक्षण केंद्रों को फिर से शुरू किया गया है और नए संस्थान भी खोले जा रहे हैं।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, &amp;quot;नर्सिंग का जो पेशा है, ये सेवा और संवेदना का पेशा है। आपकी सेवा और संवेदना जब मरीज के साथ सहयोगी बनती है तो उसके परिणाम भी हम सभी के… &lt;a href="https://t.co/oLSVnaFhhU"&gt;pic.twitter.com/oLSVnaFhhU&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) &lt;a href="https://twitter.com/AHindinews/status/2035587249640022228?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>नर्सिंग सेक्टर में “100% प्लेसमेंट” का दावा</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नर्सिंग क्षेत्र को रोजगार की दृष्टि से बेहद मजबूत बताया।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">“अगर किसी ने नर्सिंग की डिग्री ली है, तो उसके लिए 100 प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी है।”&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय नर्सिंग पेशेवरों की मांग देश ही नहीं बल्कि विदेशों—जापान, जर्मनी और कोरिया—में भी तेजी से बढ़ रही है।</span></p><p><b>नवरात्रि के अवसर पर महिला सशक्तिकरण का संदेश</b></p><p>मुख्यमंत्री ने बसंती नवरात्री के अवसर पर बेटियों को नियुक्ति पत्र मिलने को महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं बल्कि सेवा और संवेदना का माध्यम है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;VIDEO | Lucknow: Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath distributes appointment letters to 1,228 nursing officers.&lt;br&gt;&lt;br&gt;(Full video available on PTI Videos - &lt;a href="https://t.co/n147TvrpG7"&gt;https://t.co/n147TvrpG7&lt;/a&gt;) &lt;a href="https://t.co/hWEgxNs2j2"&gt;pic.twitter.com/hWEgxNs2j2&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) &lt;a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2035585337549066638?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 22, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज में बड़ी प्रगति</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने</span>&nbsp;बताया कि उत्तर प्रदेश में 9.25 करोड़ लोग यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज से जुड़े हैं और 14.28 करोड़ डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">राज्य सरकार “वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज” और <b>“वन डिस्ट्रिक्ट, वन नर्सिंग कॉलेज” </b>योजना पर तेजी से काम कर रही है।</span></p><p><b>निष्कर्ष:</b>&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नर्सिंग सेवाओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे सुधार और रोजगार के बढ़ते अवसर उत्तर प्रदेश को नई दिशा दे रहे हैं।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ UP में स्वास्थ्य सुधार: MMR-IMR में गिरावट, नर्सिंग में 100% प्लेसमेंट का दावा – योगी आदित्यनाथ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ram-yantra-sthapana-yogi-adityanath-ayodhya-ram-mandir-4245 ]]></guid><title><![CDATA[ राम यंत्र स्थापना से हर सच्चे भारतीय को गर्व: योगी आदित्यनाथ... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/ram-yantra-sthapana-yogi-adityanath-ayodhya-ram-mandir-4245 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 19 Mar 2026 15:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ अयोध्या, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ&nbsp;ने गुरुवार को कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर के पूर्ण होने के अवसर पर ‘राम यंत्र’ की स्थापना हर सनातन धर्म के अनुयायी और हर सच्चे भारत ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">अयोध्या, उत्तर प्रदेश:</b><span style="font-size: 1rem;"> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री </span>योगी आदित्यनाथ<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;ने गुरुवार को कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर के पूर्ण होने के अवसर पर ‘राम यंत्र’ की स्थापना हर सनातन धर्म के अनुयायी और हर सच्चे भारतीय को गर्व और खुशी से भर देती है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर में ‘राम यंत्र’ की स्थापना भारत की आस्था का प्रतीक है। यह यंत्र मंदिर की दूसरी मंजिल पर स्थापित किया गया है, जो इसकी अंतिम संरचना को दर्शाता है और पूर्णता का प्रतीक माना जा रहा है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath says installation of Ram Yantra &amp;quot;fills every true Indian with joy&amp;quot;&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://twitter.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story | &lt;a href="https://t.co/cOFMg0otVZ"&gt;https://t.co/cOFMg0otVZ&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/YogiAdityanath?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#YogiAdityanath&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/RamYantra?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#RamYantra&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/RamTemple?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#RamTemple&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/Ayodhya?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Ayodhya&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/kK9u8MpQXP"&gt;pic.twitter.com/kK9u8MpQXP&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://twitter.com/ani_digital/status/2034556855339647291?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>आस्था को अंधविश्वास कहकर किया गया अपमान</b></p><p>योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले भारत की आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया जाता था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “यह वही आस्था है जिसे पहले अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया। लेकिन वर्षों के संघर्ष के बावजूद लोगों की श्रद्धा कभी डगमगाई नहीं और न ही झुकी।”</span></p><p><b>राम मंदिर बना राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक</b></p><p>मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राम जन्मभूमि राम जन्मभूमि मंदिर अब सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत के “राष्ट्रीय मंदिर” का प्रतीक बन चुका है, जो देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को दर्शाता है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;दुनिया के अंदर किसी देश के पास इतनी आबादी नहीं है,&lt;br&gt;&lt;br&gt;जितने हमारे यहां उत्तर प्रदेश में श्री राम जन्मभूमि में, काशी विश्वनाथ धाम में, प्रयागराज महाकुम्भ में, मथुरा-वृंदावन में दर्शन करने के लिए लोग आए हैं... &lt;a href="https://t.co/wJLJd7BwyM"&gt;pic.twitter.com/wJLJd7BwyM&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/2034550599384178790?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>नई पीढ़ी की भक्ति की सराहना</b></p><p>मुख्यमंत्री ने भारत की नई पीढ़ी की भी सराहना करते हुए कहा कि आज का युवा सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा, “नई पीढ़ी अब नए साल का जश्न मनाने के लिए पर्यटन स्थलों की बजाय मंदिरों में जा रही है।”</span></p><p><b>राष्ट्रपति ने की ‘राम यंत्र’ की स्थापना</b></p><p>इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में ‘राम यंत्र’ की स्थापना की। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;नव संवत्सर (विक्रम संवत-2083) के पावन अवसर पर मा. राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा श्री राम जन्मभूमि मंदिर, श्री अयोध्या धाम में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना...&lt;a href="https://twitter.com/rashtrapatibhvn?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@rashtrapatibhvn&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/N9SaxjWjCS"&gt;https://t.co/N9SaxjWjCS&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) &lt;a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/2034502838328680593?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="in" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | UP | President Droupadi Murmu arrives at Ayodhya airport, received by Governor Anandiben Patel, CM Yogi Adityanath and Deputy CMs KP Maurya and Brajesh Pathak &lt;a href="https://t.co/EUOVhHxVXz"&gt;pic.twitter.com/EUOVhHxVXz&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2034494373631856759?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 19, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>पूरी अयोध्या में उत्सव का माहौल</b></p><p>इस विशेष अवसर पर अयोध्या शहर को भव्य रूप से सजाया गया है। मुख्य मार्गों, चौराहों और मंदिर तक जाने वाले रास्तों पर बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई दे रही हैं।</p><p>सड़कों को केसरिया झंडों और सजावटी पताकाओं से सजाया गया है, जिससे पूरे शहर में धार्मिक और उत्सवी माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छता और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ राम यंत्र स्थापना से हर सच्चे भारतीय को गर्व: योगी आदित्यनाथ... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/unnao-rape-case-three-police-officers-acquitted-rouse-avenue-court-4232 ]]></guid><title><![CDATA[ Unnao Case: CM पोर्टल पर शिकायत FIR के बराबर नहीं, कोर्ट ने तीन पुलिसकर्मियों को किया बरी... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/unnao-rape-case-three-police-officers-acquitted-rouse-avenue-court-4232 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 16 Mar 2026 17:20:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में FIR दर्ज न करने के आरोप में घिरे उत्तर प्रदेश पुलिस के तीन अधिकारियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि पीड़िता ने पुलिस के पास स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली:</b> दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में FIR दर्ज न करने के आरोप में घिरे उत्तर प्रदेश पुलिस के तीन अधिकारियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि पीड़िता ने पुलिस के पास सीधे शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, बल्कि पहले मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज की थी।</span></p><p>अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक गोयल ने 14 मार्च को अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद साक्ष्यों से पता चलता है कि पीड़िता ने सबसे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के IGRS (इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम) पोर्टल पर शिकायत दर्ज की थी। बाद में यह शिकायत प्रशासनिक माध्यमों से पुलिस को केवल जांच और रिपोर्ट देने के लिए भेजी गई थी।</p><p><b>पुलिस के पास सीधे शिकायत का सबूत नहीं</b></p><p>अदालत ने कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया जिससे यह साबित हो सके कि पीड़िता ने आरोपित पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारी या संबंधित थाने को सीधे तौर पर अपराध की जानकारी दी थी, जैसा कि CrPC की धारा 154(1) में अपेक्षित है।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Victim did not approach police directly before CM portal complaint: Rouse Avenue Court acquits three officers in Unnao case&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://twitter.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; Story I &lt;a href="https://t.co/92fnWsUWgu"&gt;https://t.co/92fnWsUWgu&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/DelhiCourt?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#DelhiCourt&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/UnnaoRapeCase?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#UnnaoRapeCase&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/0l8w6AqXLf"&gt;pic.twitter.com/0l8w6AqXLf&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://twitter.com/ani_digital/status/2033469850602062322?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 16, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>जिरह के दौरान पीड़िता ने भी किया स्वीकार</b></p><p>जिरह के दौरान पीड़िता ने स्वीकार किया कि 17 अगस्त 2017 को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने से पहले उसने पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की कोई शिकायत किसी पुलिस थाने में दर्ज नहीं कराई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">पीड़िता की मां ने भी अदालत में अपनी गवाही के दौरान यही बात दोहराई।</span></p><p><b>इन पुलिस अधिकारियों पर था मामला</b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिनमें,&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">कुंवर बहादुर सिंह (तत्कालीन सर्किल ऑफिसर, सफीपुर),&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">धर्म प्रकाश शुक्ला (तत्कालीन थाना प्रभारी, माखी),&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">दिग्विजय सिंह (तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर) शामिल हैं।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">CBI ने इन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 166A के तहत आरोप लगाया था कि उन्होंने 4 जून 2017 को हुई कथित दुष्कर्म घटना की जानकारी मिलने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की।</span></i></b></p><p><b>CM पोर्टल की शिकायत FIR के समान नहीं</b></p><p>अदालत ने कहा कि मुख्यमंत्री के शिकायत पोर्टल या किसी अन्य ऑनलाइन प्रशासनिक मंच पर शिकायत दर्ज करना CrPC की धारा 154(1) के तहत पुलिस को सीधे अपराध की सूचना देने के बराबर नहीं माना जा सकता। हालांकि, ऐसी शिकायतें प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर सकती हैं।</p><p><b>बाद में दर्ज हुई थी FIR</b></p><p>न्यायाधीश ने यह भी स्पष्ट किया कि बाद में FIR दर्ज हुई और मामले में आरोपी को दुष्कर्म के अपराध में दोषी ठहराया गया, लेकिन इससे यह स्वतः साबित नहीं होता कि संबंधित समय पर पुलिस अधिकारियों ने जानबूझकर कानूनी दायित्व का उल्लंघन किया था।</p><p>इससे पहले पीड़िता ने मीडिया से बातचीत में कहा था, "...मैंने अपने पिता से वादा किया था कि भले ही अब आप इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन मैं यह सुनिश्चित करूंगी कि कोर्ट में अपील करके हम इन लोगों को फांसी तक पहुंचाएंगे... मेरे पिता के पांच और हत्यारे अभी भी आज़ाद हैं। इस मामले में पुलिस भी शामिल है... उन्नाव प्रशासन भी इस साज़िश में उनके साथ मिला हुआ है। मैंने कई बार अपील भेजी है, लेकिन उन्नाव प्रशासन ने अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं की है।"</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Delhi | Unnao rape and custodial death case | The victim says, &amp;quot;... I promised my father that even though you are no more, I will ensure that we will take these people to the gallows by appealing to the Court... Five more of my father&amp;#39;s murderers are still free. The… &lt;a href="https://t.co/8vD6AGRwIY"&gt;https://t.co/8vD6AGRwIY&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/bszp8X6mEF"&gt;pic.twitter.com/bszp8X6mEF&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2024857481487475197?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 20, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>सबूत साबित करने में विफल रहा अभियोजन</b></p><p class="blue-bg-white"><b><i><span style="font-size: 1rem;">अदालत ने कहा कि IPC की धारा 166A के तहत आपराधिक जिम्मेदारी तय करने के लिए यह साबित करना जरूरी है कि आरोपी अधिकारी को सीधे संज्ञेय अपराध की सूचना दी गई थी और उसने जानबूझकर एफआईआर दर्ज नहीं की।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">चूंकि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा, इसलिए अदालत ने तीनों पुलिस अधिकारियों को आरोपों से बरी कर दिया।</span></i></b></p><p>साथ ही अदालत ने CrPC की धारा 437A के तहत आरोपियों के जमानत बांड स्वीकार करते हुए मामले की फाइल को आवश्यक औपचारिकताओं के बाद रिकॉर्ड रूम में भेजने का निर्देश दिया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इस मामले में सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक अनुराग मोदी पेश हुए, जबकि आरोपियों की ओर से अधिवक्ता सूर्यनाथ पांडेय ने पैरवी की।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Unnao Case: CM पोर्टल पर शिकायत FIR के बराबर नहीं, कोर्ट ने तीन पुलिसकर्मियों को किया बरी... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/mayawati-pays-tribute-kanshi-ram-birth-anniversary-4224 ]]></guid><title><![CDATA[ मायावती ने कांशीराम के जन्मदिन पर अर्पित की श्रद्धांजलि, कहा-, 'उनका जीवन समाज सुधार के लिए समर्पित रहा' ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/mayawati-pays-tribute-kanshi-ram-birth-anniversary-4224 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 15 Mar 2026 17:30:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने रविवार को लखनऊ में पार्टी के संस्थापक कांशीराम को उनके जन्मदिवस पर पुष्पांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया&nbsp;X पर पोस्ट में मायावती ने लिख ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश:</b> बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने रविवार को लखनऊ में पार्टी के संस्थापक कांशीराम को उनके जन्मदिवस पर पुष्पांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">X पर पोस्ट में मायावती ने लिखा कि कांशी राम ने अपना पूरा जीवन डॉक्टर बी. आर. अंबेडकर के आदर्शों और आंदोलन को आगे बढ़ाने के मिशन को समर्पित किया।</span></p><p>उन्होंने कहा, <i>“बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक और निर्माता, पूज्य श्री कांशीराम जी के जन्मदिवस के अवसर पर मैं अपनी नेतृत्व टीम के साथ उनके अनुयायियों की ओर से पूरे उत्तर प्रदेश और देशभर में सौ नमन और असीम श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।”</i></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी को, आज उनकी जयंती पर मेरे व मेरे नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश भर में उनके अनुयायियों द्वारा शत्-शत् नमन व अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित, जिन्होंने परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की ‘सोच…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Mayawati (@Mayawati) &lt;a href="https://twitter.com/Mayawati/status/2032999231074742344?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 15, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>कांशीराम का जीवन और योगदान</b></p><p>कांशीराम का जन्म 15 मार्च 1934 को पंजाब में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन को समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने और बहुजन समाज को ऊँचाईयों तक पहुँचाने के लिए समर्पित कर दिया।</p><p>बचपन से ही कांशीराम ने उत्पीड़ित समुदायों के प्रति गहरी सहानुभूति और करुणा दिखाई। उन्होंने जाति व्यवस्था द्वारा बनाए गए असमानताओं को पहचाना और संगठित राजनीतिक कार्रवाई के माध्यम से स्थिति को बदलने का संकल्प लिया।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="hi" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | लखनऊ, उत्तर प्रदेश: BSP प्रमुख मायावती ने आज पार्टी के संस्थापक कांशी राम की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। &lt;a href="https://t.co/8MqNoQcsJQ"&gt;pic.twitter.com/8MqNoQcsJQ&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) &lt;a href="https://twitter.com/AHindinews/status/2033010843525460311?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 15, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>1984 में बसपा की स्थापना</b></p><p>1984 में कांशीराम ने बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की। उनका उद्देश्य था कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और धार्मिक अल्पसंख्यकों को एकजुट करके एक मजबूत राजनीतिक शक्ति बनाई जाए।</p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/03/Mayawani-and-KanshiRam_6bd0da2ff8574397f16de2f14ab29270_1280X720.webp" style="width: 599.438px;"><br></p><p><b>समानता और न्याय के आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया</b></p><p>कांशीराम ने समाजिक परिवर्तन और आर्थिक स्वतंत्रता के कार्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता कभी नहीं छोड़ी। उन्होंने बहुजन समुदायों में लगातार समर्थन जुटाया और लाखों लोगों को समानता और न्याय के आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उनकी दूरदर्शिता और संघर्ष ने भारत में समाजिक न्याय और राजनीतिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में स्थायी छाप छोड़ी।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मायावती ने कांशीराम के जन्मदिन पर अर्पित की श्रद्धांजलि, कहा-, 'उनका जीवन समाज सुधार के लिए समर्पित रहा' ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/deputy-cm-keshav-prasad-maurya-helicopter-emergency-landing-up-4175 ]]></guid><title><![CDATA[ डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, केबिन में धुआं भरने से मची अफरा-तफरी... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/deputy-cm-keshav-prasad-maurya-helicopter-emergency-landing-up-4175 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 07 Mar 2026 14:45:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ/प्रयागराज, 7 मार्च: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य&nbsp;के हेलिकॉप्टर की शनिवार को तकनीकी खराबी के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर के केबिन में अचानक धु ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p data-start="0" data-end="351"><strong data-start="0" data-end="28">लखनऊ/प्रयागराज, 7 मार्च: </strong><span data-start="0" data-end="28">उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य</span>&nbsp;के हेलिकॉप्टर की शनिवार को तकनीकी खराबी के कारण <strong data-start="119" data-end="139">इमरजेंसी लैंडिंग</strong> करानी पड़ी। उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर के केबिन में अचानक <strong data-start="197" data-end="214" data-is-only-node="">धुआं भरने लगा</strong>, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि पायलट की सूझबूझ से हेलिकॉप्टर को सुरक्षित उतार लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।</p><p data-start="353" data-end="659">जानकारी के अनुसार, <strong data-start="372" data-end="428">उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य</strong> एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हेलिकॉप्टर से जा रहे थे। इसी दौरान उड़ान के बीच केबिन में धुआं दिखाई देने लगा। स्थिति को देखते हुए पायलट ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए <strong data-start="596" data-end="651">नजदीकी सुरक्षित स्थान पर हेलिकॉप्टर की आपात लैंडिंग</strong> कराई।</p><p data-start="353" data-end="659"><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Uttar Pradesh Deputy CM Keshav Prasad Maurya arrives in Kaushambi, after his helicopter faced a technical fault and made an emergency landing at Lucknow earlier today&lt;br&gt;&lt;br&gt;He says,&amp;quot; The helicopter encountered a technical snag, and we had to return. Then we took another… &lt;a href="https://t.co/02fErWSKsH"&gt;pic.twitter.com/02fErWSKsH&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2030194853427171540?ref_src=twsrc^tfw"&gt;March 7, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p data-start="661" data-end="857"><span data-start="731" data-end="768" style=""><b>डिप्टी सीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं</b></span></p><p data-start="661" data-end="857">अधिकारियों के मुताबिक, घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और <strong data-start="731" data-end="768">डिप्टी सीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं</strong>। हेलिकॉप्टर में धुआं भरने की वजह तकनीकी खराबी मानी जा रही है, जिसकी जांच की जा रही है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">घटना के बाद कुछ समय के लिए कार्यक्रम में देरी हुई, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि हेलिकॉप्टर की तकनीकी जांच के बाद ही आगे की उड़ान से जुड़ा फैसला लिया जाएगा।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, केबिन में धुआं भरने से मची अफरा-तफरी... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-signs-mou-with-delegation-of-minda-corporation-in-tokyo-4123 ]]></guid><title><![CDATA[ CM योगी आदित्यनाथ ने टोक्यो में मिंडा कॉर्पोरेशन के डेलीगेशन के साथ MoU पर साइन किए... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-signs-mou-with-delegation-of-minda-corporation-in-tokyo-4123 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 25 Feb 2026 18:05:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ टोक्यो, जापान:&nbsp;उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को टोक्यो में Minda Corporation (स्पार्क मिंडा ग्रुप) के प्रतिनिधिमंडल और उसके जापानी जॉइंट वेंचर साझेदारों के साथ एक समझौता ज् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>टोक्यो, जापान:&nbsp;</b><span style="font-size: 1rem;">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को टोक्यो में Minda Corporation (स्पार्क मिंडा ग्रुप) के प्रतिनिधिमंडल और उसके जापानी जॉइंट वेंचर साझेदारों के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने </span><span style="font-size: 1rem;">X पर पोस्ट करते हुए&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">बताया</span><span style="font-size: 1rem;">,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">“आज टोक्यो में मिंडा कॉर्पोरेशन (स्पार्क मिंडा ग्रुप) और उसके जापानी जॉइंट वेंचर साझेदारों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में मिंडा कॉर्पोरेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री आकाश मिंडा और स्पार्क मिंडा टोयो डेंसो प्रा. लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं CFO श्री हिरोआकी ओमोरी शामिल थे।”</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;CM Yogi signs MoU with delegation of Minda Corporation in Tokyo&lt;br&gt;&lt;br&gt;Read &lt;a href="https://twitter.com/ANI?ref_src=twsrc^tfw"&gt;@ANI&lt;/a&gt; STORY |&lt;a href="https://t.co/jZYNbnzzKj"&gt;https://t.co/jZYNbnzzKj&lt;/a&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/CMYogi?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#CMYogi&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/MindaCorporation?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#MindaCorporation&lt;/a&gt; &lt;a href="https://twitter.com/hashtag/Tokyo?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#Tokyo&lt;/a&gt; &lt;a href="https://t.co/bx1wxnuACp"&gt;pic.twitter.com/bx1wxnuACp&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) &lt;a href="https://twitter.com/ani_digital/status/2026582537666179247?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><b>सिंगापुर दौरे के दौरान 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए</b></p><p>बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर जापान पहुंचे। 25-26 फरवरी के इस दौरे के दौरान वे द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और उत्तर प्रदेश में निवेश संभावनाओं को तलाशने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बैठकों और संवादों में हिस्सा लेंगे।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इससे पहले मुख्यमंत्री ने Mitsui &amp; Co. को भी उत्तर प्रदेश में परिवर्तनकारी निवेश अवसरों की संभावनाएं तलाशने का आमंत्रण दिया।</span></p><p>एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने बताया था कि सिंगापुर दौरे के दौरान राज्य को लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 60,000 करोड़ रुपये के MoU पहले ही अंतिम रूप दिए जा चुके हैं। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ CM योगी आदित्यनाथ ने टोक्यो में मिंडा कॉर्पोरेशन के डेलीगेशन के साथ MoU पर साइन किए... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-said-in-tokyo-that-the-results-of-9-years-of-policy-reforms-are-visible-in-ups-growth-4115 ]]></guid><title><![CDATA[ Tokyo पहुंचे CM योगी, कहा- 9 वर्षों के नीतिगत सुधारों के परिणाम यूपी की विकास यात्रा में स्पष्ट... ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/cm-yogi-said-in-tokyo-that-the-results-of-9-years-of-policy-reforms-are-visible-in-ups-growth-4115 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 25 Feb 2026 11:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ टोक्यो, जापान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को टोक्यो में आयोजित उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेंट रोडशो में भाग लिया, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश को कुशल श्रमशक्ति और 25 करोड़ की विशाल उपभोक्ता आबादी  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>टोक्यो, जापान:</b> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को टोक्यो में आयोजित उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेंट रोडशो में भाग लिया, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश को कुशल श्रमशक्ति और 25 करोड़ की विशाल उपभोक्ता आबादी वाले वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में लगातार किए गए नीतिगत सुधारों ने राज्य को एक प्रमुख वैश्विक निवेश हब में बदल दिया है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत का अन्न भंडार है और देश में सबसे अधिक जल संसाधनों वाला राज्य भी है।</span></p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;&lt;a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc^tfw"&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Japan | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath holds a meeting with Kotaro Nagasaki, Governor of Yamanashi Prefecture, Japan, and his delegation in Tokyo. &lt;a href="https://t.co/C1kCqXJ3fj"&gt;pic.twitter.com/C1kCqXJ3fj&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href="https://twitter.com/ANI/status/2026515874446979095?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 25, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>टोक्यो में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">“उत्तर प्रदेश भारत का फूड बास्केट (अन्न भंडार) के रूप में जाना जाता है... उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक जल संसाधनों वाला राज्य भी है... हमने उत्तर प्रदेश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 25 करोड़ की आबादी को पहचाना है। इस आबादी का 56 प्रतिशत युवा है, जो कार्यबल के रूप में उपलब्ध है। किसी भी क्षेत्र में कुशल जनशक्ति हमेशा उपलब्ध है। आज उत्तर प्रदेश में हर क्षेत्र के लिए किफायती और गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन उपलब्ध है।”</span></p><p><b>उत्तर प्रदेश के पास भारत का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है-&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री</span></b></p><p class="grey-bg-red"><b><i><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने</span><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span>आगे कहा,&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">“आज भारत के 95 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। उत्तर प्रदेश के पास भारत का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है... मैं जापानी उद्योगपतियों को उत्तर प्रदेश आने और निजी औद्योगिक पार्क कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में सहयोग करने के लिए आमंत्रित करता हूं। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि पिछले नौ वर्षों में हमने 16 घरेलू और 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को संचालित किया है। भारत का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, शीघ्र ही शुरू होने जा रहा है।”</span></i></b></p><p class="grey-bg-red"><b><i>उन्होंने यह भी कहा,&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">“उत्तर प्रदेश भगवान राम की जन्मभूमि है और सूर्यवंश के राजा की धरती है। यह भगवान बुद्ध की पावन भूमि भी है। भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े कई पवित्र स्थल उत्तर प्रदेश में स्थित हैं।”</span></i></b></p><p><b>यात्रा का उद्देश्य निवेश के अवसरों और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25-26 फरवरी के आधिकारिक दौरे पर टोक्यो पहुंचे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य राज्य में निवेश के अवसरों और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। अपने दौरे के दौरान वह द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और राज्य में निवेश संभावनाओं को तलाशने के लिए कई महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लेंगे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Tokyo पहुंचे CM योगी, कहा- 9 वर्षों के नीतिगत सुधारों के परिणाम यूपी की विकास यात्रा में स्पष्ट... ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/protest-against-the-siege-of-the-mughal-era-lal-baradari-in-luckhnow-university-4104 ]]></guid><title><![CDATA[ Lucknow University: मुग़लकालीन लाल बारादरी की घेराबंदी पर विरोध, नमाज़ के लिए प्रवेश रोके जाने का आरोप ]]></title><link><![CDATA[ https://www.gtcbharat.com/uttar-pradesh-news/protest-against-the-siege-of-the-mughal-era-lal-baradari-in-luckhnow-university-4104 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 23 Feb 2026 15:08:11 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, उत्तर प्रदेश: लखनऊ यूनिवर्सिटी में उस समय छात्र विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया जब प्रशासन ने परिसर के भीतर स्थित मुगलकालीन संरचना लाल बारादरी के चारों ओर यह कहते हुए घेराबंदी कर दी कि यह&nbsp;अनधिकृ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, उत्तर प्रदेश:</b> लखनऊ यूनिवर्सिटी में उस समय छात्र विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया जब प्रशासन ने परिसर के भीतर स्थित मुगलकालीन संरचना लाल बारादरी के चारों ओर यह कहते हुए घेराबंदी कर दी कि यह&nbsp;</span>अनधिकृत<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;है।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह इमारत जर्जर हालत में है और संरचनात्मक रूप से कमजोर भवन में प्रवेश रोकने के लिए केवल सुरक्षा उपाय के तौर पर घेराबंदी की गई है।</span></p><p><b>रमज़ान के दौरान नमाज़ अदा करने का रास्ता बाधित हुआ</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>छात्रों का यह भी दावा है कि इस कदम से मुस्लिम छात्रों और समुदाय के लोगों के लिए उस संरचना के भीतर स्थित मस्जिद में रमज़ान के दौरान नमाज़ अदा करने का रास्ता बाधित हुआ है; हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस दावे का खंडन किया है।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">रविवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में लाल बारादरी में घेराबंदी का काम शुरू होते ही विरोध प्रदर्शन भड़क उठा। नेशनल स्टू़डेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया (NSUI) और समाजवादी छात्र सभा के सदस्यों के नेतृत्व में छात्रों ने इसे “अनधिकृत” करार दिया।</span></p><p>लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर, प्रो. राकेश द्विवेदी ने कहा, "कल एक घटना हुई जिसमें दो स्टूडेंट ऑर्गनाइज़ेशन आमने-सामने आ गए। इसी सिलसिले में आज हमने दोनों ऑर्गनाइज़ेशन को सुना है। एक ऑर्गनाइज़ेशन ने हमें अपना मेमोरेंडम दिया है, और दूसरा ऑर्गनाइज़ेशन भी जल्द ही अपना मेमोरेंडम देने वाला है..."</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;Lucknow, Uttar Pradesh: Proctor, Lucknow University, Prof. Rakesh Dwivedi says, &amp;quot;Yesterday, an incident occurred in which two student organizations came face to face. In this context, today we have heard both organizations. One organization has submitted its memorandum to us, and… &lt;a href="https://t.co/xDXGDpEYJI"&gt;pic.twitter.com/xDXGDpEYJI&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; IANS (@ians_india) &lt;a href="https://twitter.com/ians_india/status/2025864424704422129?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p>NSUI के राष्ट्रीय समन्वयक विशाल सिंह ने कहा, “जिस गेट से हमारे मुस्लिम भाई लाल बारादरी में नमाज़ अदा करने जाते थे, उसे बंद कर सील कर दिया गया है। हमारा विरोध फिलहाल भवन के बाहर जारी है।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">उन्होंने कहा कि वे हॉल को दोबारा खोलने और संरचना के संरक्षण की मांग कर रहे हैं तथा विश्वविद्यालय से आग्रह किया है कि वह Archaeological Survey of India (एएसआई) से निरीक्षण कराकर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करे।</span></p><p><b>परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">समाजवादी छात्र सभा के नेता प्रेम प्रकाश यादव ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बिना पूर्व सूचना के की जा रही है, वह भी रमज़ान के दौरान। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">वहीं विश्वविद्यालय का कहना है कि कुछ छात्रों ने घेराबंदी के हिस्से हटा दिए और स्थल के पास रखी निर्माण सामग्री फेंक दी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।</span></p><p><b>हिंंदू छात्रों ने मानव श्रृंखला बनाकर&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">सांप्रदायिक सौहार्द का दिया संदेश</span></b></p><p><span style="font-size: 1rem;">विशाल ने यह भी दावा किया कि लाल बारादरी भवन के बाहर नमाज़ अदा की गई।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में छात्र नमाज़ पढ़ते दिखे, जबकि अन्य छात्र मानव श्रृंखला बनाकर खड़े रहे। विशाल ने इसे तनावपूर्ण माहौल के बीच सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश बताया और कहा कि नमाज़ के बाद छात्रों ने वहीं रोज़ा भी खोला। वीडियो में देखा जा सकता है कि&nbsp;</span>हिंदू स्टूडेंट्स कंधे से कंधा मिलाकर ह्यूमन चेन बनाकर खड़े हुए ताकि उनके मुस्लिम भाई शांति से नमाज़ पढ़ सकें। बाद में, वे उनका रोज़ा खोलने के लिए भी उनके साथ शामिल हुए।</p><p><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet"&gt;&lt;p lang="en" dir="ltr"&gt;At University of Lucknow, when the campus mosque was closed by the administration, something truly beautiful happened. Hindu students stood shoulder to shoulder, forming a human chain so their Muslim brothers could peacefully offer Namaz. Later, they even joined them to break… &lt;a href="https://t.co/zrrURipQ0G"&gt;pic.twitter.com/zrrURipQ0G&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; 𝐉𝐊 (@jkisback___) &lt;a href="https://twitter.com/jkisback___/status/2025864559870030043?ref_src=twsrc^tfw"&gt;February 23, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span></p><p><b>इमारत के अंदर कोई मस्जिद नहीं-&nbsp;<span style="font-size: 1rem;"></span><span style="font-size: 1rem;">कुलसचिव भावना मिश्रा</span></b></p><p><span style="font-size: 1rem;">लाल बारादरी में पहले एक बैंक और कैंटीन संचालित होते थे, लेकिन भवन की खराब हालत के चलते 2017-18 के आसपास दोनों ने वहां काम बंद कर दिया। परिसर में प्रवेश पर रोक के निर्देश जारी किए गए थे, फिर भी कुछ छात्र कथित रूप से वहां जाते रहे। जानकारी के मुताबिक&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">विश्वविद्यालय की कुलसचिव भावना मिश्रा ने कहा कि प्रशासन को इस बात की जानकारी नहीं है कि भवन के भीतर नमाज़ अदा की जाती रही है, और उन्होंने स्पष्ट किया कि इमारत के अंदर कोई मस्जिद नहीं है। उन्होंने बताया कि संरचना के जर्जर होने के बाद 2017 में वहां संचालित सभी गतिविधियां अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दी गई थीं।</span></p><p><img src="https://media.gtcbharat.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-23-144114_e9ab7e08929ed9e7c9460e765b089cfb_651X368.webp" style="width: 651px;"><span style="font-size: 1rem;"><br></span></p><p><b>विरासत संरचना के रूप में संरक्षित करने की योजना है</b><span style="font-size: 1rem;"></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">कुलसचिव</span>&nbsp;ने कहा कि सुरक्षा चिंताओं के मद्देनज़र कुछ छात्रों द्वारा भवन में प्रवेश किए जाने की सूचना के बाद घेराबंदी की जा रही है। उन्होंने कहा, “हम एएसआई और अन्य प्राधिकरणों के साथ पत्राचार में हैं। इसे विरासत संरचना के रूप में संरक्षित करने की योजना बनाई जा रही है।”&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">विश्वविद्यालय ने शनिवार को हसनगंज थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर को भी पत्र लिखकर भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था। कुलसचिव मिश्रा ने कहा कि घेराबंदी के दौरान कुछ छात्रों द्वारा बाधा उत्पन्न किए जाने की आशंका के मद्देनज़र एहतियातन यह पत्र भेजा गया था।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Lucknow University: मुग़लकालीन लाल बारादरी की घेराबंदी पर विरोध, नमाज़ के लिए प्रवेश रोके जाने का आरोप ]]></media:description></item></channel></rss>