नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की रणनीति को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा सीटों का बंटवारा नहीं, बल्कि गठबंधन की चुनावी जीत होनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब लक्ष्य स्पष्ट हो और गठबंधन के सहयोगी मिलकर काम करें, तो मंजिल तक पहुंचने का रास्ता आसान हो जाता है। सपा प्रमुख ने कहा कि गठबंधन में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलती हैं या कौन सी सीट किसके हिस्से में जाती है, यह सबसे बड़ा मुद्दा नहीं होना चाहिए।

साम्प्रदायिकता, संविधान और आरक्षण का भी जिक्र

सपा नेता ने कहा, “बड़ी बात यह नहीं है कि गठबंधन को कितनी सीटें मिलती हैं या कौन सी सीट किसके पास जाती है—बड़ी बात यह है कि हम सभी को यह सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो।” अखिलेश यादव ने दोहराया कि गठबंधन के लिए प्राथमिकता सीटों की संख्या नहीं, बल्कि चुनाव में जीत होनी चाहिए। अखिलेश यादव ने गठबंधन की संभावित जीत को व्यक्तिगत दलों के हितों से बड़ा बताते हुए इसे लोकतंत्र, संविधान, आरक्षण और सामाजिक सद्भाव जैसे मुद्दों से जोड़ा।

उन्होंने कहा कि गठबंधन की एकजुट कोशिश ऐसी होनी चाहिए जिससे साम्प्रदायिकता को बढ़ावा न मिले, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा हो, आरक्षण सुरक्षित रहे तथा देश में सामाजिक सद्भाव और विकास को मजबूती मिले। उन्होंने अपनी पोस्ट का समापन “संविधान की विजय—हिंदुस्तान की विजय!” के संदेश के साथ किया।

2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव

उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले गठबंधन की संभावनाओं और सीट बंटवारे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच चर्चा जारी है। सपा और कांग्रेस ने 2024 का लोकसभा चुनाव उत्तर प्रदेश में विपक्षी INDIA गठबंधन के तहत मिलकर लड़ा था। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने उत्तर प्रदेश की 80 में से 37 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस ने 6 सीटें जीती थीं। सपा 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और 18वीं लोकसभा में वह देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी रही।