लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर और दया शंकर सिंह ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। दोनों नेताओं ने कहा कि यदि अखिलेश यादव अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए तैयार होते हैं, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी वहां से चुनावी मैदान में उतरने को तैयार हैं।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि योगी आदित्यनाथ अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से इस चुनौती को स्वीकार कर उनके खिलाफ नामांकन दाखिल करने की बात कही।
ओपी राजभर बोले- अखिलेश यादव चुनौती स्वीकार करें
ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “योगी जी अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं, अगर अखिलेश यादव भी वहां से चुनाव लड़ने को तैयार हैं। अगर अखिलेश यादव में राजनीतिक समझ है, तो उन्हें यह चुनौती स्वीकार करनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि योगी आदित्यनाथ ने उनकी चुनौती स्वीकार कर ली है, इसलिए अखिलेश यादव को भी आगे आकर उनके खिलाफ चुनाव लड़ना चाहिए। राजभर ने यह भी कहा कि यदि अखिलेश यादव अयोध्या से चुनाव लड़ने से डरते हैं, तो वे उनकी विधानसभा सीट जहूराबाद से चुनाव लड़ने आएं। उन्होंने दावा किया कि इससे अखिलेश यादव को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ताकत और अपनी राजनीतिक स्थिति का अंदाजा हो जाएगा।
Azamgarh, Uttar Pradesh: On Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav, Minister Om Prakash Rajbhar says, "Akhilesh Yadav is talking about Ayodhya. If Yogi Adityanath contests from the same constituency where Akhilesh Yadav contested in Mainpuri, he will turn the tables there, and no one will know what happened."
— IANS (@ians_india) October 10, 2026
दया शंकर सिंह ने भी दी चुनाव लड़ने की चुनौती
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दया शंकर सिंह ने भी अखिलेश यादव से अयोध्या में योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने को कहा। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की चुनौती स्वीकार कर ली है। दया शंकर सिंह ने कहा, “अगर अखिलेश यादव में हिम्मत है, तो वे अयोध्या आएं और चुनाव लड़ें। योगी जी ने खुले तौर पर घोषणा की है कि वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं, इसलिए अखिलेश यादव को भी आगे आना चाहिए।”
अखिलेश यादव ने योगी को दी थी अयोध्या से चुनाव लड़ने की सलाह
दरअसल, शुक्रवार को अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 2027 का विधानसभा चुनाव अयोध्या से लड़ने की सलाह दी थी। बलिया में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे सपा प्रमुख ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि यदि मुख्यमंत्री को अयोध्या की जनता के समर्थन पर इतना भरोसा है, तो उन्हें वहीं से अगला विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा था, “कृपया इसे चुनौती मत कहिए। यह उनके लिए राजनीतिक सलाह थी। अगर वह अयोध्या के लोगों के बीच इतने सहज हैं और उन्होंने कहा है कि 15 दिनों के भीतर सच्चाई सामने आ जाएगी, तो उन्हें अगला चुनाव वहीं की जनता के बीच से लड़ने का फैसला करना चाहिए।”
अयोध्या में विकास और भेदभाव का मुद्दा उठाया
अखिलेश यादव ने अयोध्या के विकास और वहां के लोगों के साथ कथित भेदभाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अयोध्या के लोग विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन यह शहर अंतरराष्ट्रीय पहचान और प्रतिष्ठा हासिल कर सकता था।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि अयोध्या के लोगों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह भेदभावपूर्ण था। मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित मामले पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “मंदिर के बाहर बैठा भिखारी भी चढ़ावा नहीं चुराता।” अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बदलाव का दावा करते हुए कहा कि 2027 में परिवर्तन होने जा रहा है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए सियासी मुकाबले के संकेत
फिलहाल, अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर शुरू हुई यह बयानबाजी उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए सियासी मुकाबले के संकेत दे रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ या अखिलेश यादव की ओर से अयोध्या से चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा का उल्लेख इन बयानों में नहीं किया गया है।
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