समरकंद: अमरीका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मध्य एशिया के पांच देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक कर आर्थिक सहयोग, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दिया। उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित C5 1 मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान रुबियो ने कहा कि अमरीका और मध्य एशियाई देशों के बीच बढ़ता सहयोग रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती देगा और क्षेत्रीय सुरक्षा बढ़ाएगा।
इस बैठक में उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और किर्गिज गणराज्य के विदेश मंत्री शामिल हुए। चर्चा में महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा, परिवहन और प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान दिया गया।
‘अधिक रोजगार, अधिक समृद्धि और बेहतर सुरक्षा’
मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए पांचों मध्य एशियाई देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष व्यावसायिक अवसर पैदा करने, अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने और क्षेत्रीय सुरक्षा बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। रुबियो के मुताबिक, महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा, परिवहन और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग से सभी देशों को अधिक रोजगार, समृद्धि और सुरक्षा मिलेगी।
In Uzbekistan to take part in the C5 1 Ministerial and lead a historic delegation of over 200 business leaders.
This diplomatic platform promotes regional connectivity, transformative commercial diplomacy initiatives, and a more peaceful and prosperous future for the United States and our Central Asian partners.
— Secretary Marco Rubio (@SecRubio) October 18, 2026
कजाकिस्तान के साथ आर्थिक और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा
रुबियो ने कजाकिस्तान के विदेश मंत्री मुख्तार टिलेउबर्डी के साथ भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को व्यापक बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। रुबियो ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति पहलों, जिनमें अब्राहम समझौते भी शामिल हैं, के लिए कजाकिस्तान के समर्थन को लेकर विदेश मंत्री का आभार जताया। उन्होंने C5 1 कूटनीतिक मंच के माध्यम से आगे भी सहयोग जारी रखने की उम्मीद व्यक्त की।
उज्बेकिस्तान के साथ रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर जोर
अमेरिकी विदेश मंत्री ने उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव के साथ भी बैठक की। दोनों नेताओं ने वॉशिंगटन और ताशकंद के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। इस बातचीत में बुनियादी ढांचे, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिजों और C5 1 मंच के माध्यम से सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल रहे। रुबियो ने कहा कि दोनों देश अपनी अर्थव्यवस्थाओं और पूरे क्षेत्र की समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
समरकंद में 300 से अधिक कारोबारी नेताओं की भागीदारी
भारत में अमरीका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी समरकंद दौरे के दौरान अमरीका और मध्य एशियाई देशों के बीच बढ़ती आर्थिक साझेदारी को रेखांकित किया। उन्होंने ऐतिहासिक रेजिस्तान चौक के दौरे की तस्वीरें और जानकारी साझा कीं। इस दौरान मार्को रुबियो, उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की उपाध्यक्ष साइदा मिर्जियोयेवा भी मौजूद थीं।
गोर ने बताया कि अमरीका और मध्य एशिया के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के प्रयासों में 300 से अधिक कारोबारी नेता शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह भागीदारी दोनों पक्षों के आर्थिक संबंधों में सहयोग के नए अवसर खोल सकती है। इससे पहले समरकंद पहुंचने पर गोर ने रुबियो के दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा था कि C5 1 मंत्रिस्तरीय बैठक और अमरीका-उज्बेकिस्तान बिजनेस काउंसिल से वाणिज्यिक संबंधों को गहरा करने और मध्य एशिया में नए अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।
भारत दौरे पर भी आएंगे मार्को रुबियो
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, मार्को रुबियो का 17 से 22 अक्टूबर तक का दौरा उज्बेकिस्तान के समरकंद के अलावा भारत के मुंबई और जामनगर को भी कवर करेगा। समरकंद में बैठकों के बाद रुबियो भारत आएंगे। इस साल यह उनकी दूसरी आधिकारिक भारत यात्रा होगी। भारत में वह वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और कारोबारी नेताओं से मुलाकात करेंगे।
इस यात्रा का उद्देश्य भारत-अमरीका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना, ऊर्जा सहयोग बढ़ाने के अवसर तलाशना और वाणिज्यिक निवेश को प्रोत्साहित करना है। मध्य एशिया में हुई बैठकों और आगामी भारत यात्रा को अमेरिका के व्यापक आर्थिक एवं रणनीतिक जुड़ाव के प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
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