बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल, 5 दिन के कार्य सप्ताह की मांग; 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
देशभर में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने समेत कई लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल की। UFBU ने 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल और मांगें नहीं माने जाने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
नई दिल्ली: देशभर में बैंक कर्मचारी और अधिकारी शुक्रवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहे। बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने समेत कई लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों ने विभिन्न शहरों में प्रदर्शन किया। UFBU के मुताबिक, हड़ताल में देशभर के करीब 8 लाख कर्मचारी, अधिकारी और प्रबंधक शामिल हुए। दिल्ली, भोपाल, चेन्नई, सिलीगुड़ी, राजकोट, विजयवाड़ा और भुवनेश्वर समेत कई शहरों में बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन और विरोध मार्च निकाला।
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने चेन्नई में कहा कि पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह की मांग मार्च 2024 में हुए समझौते के बाद से लंबित है। वर्तमान व्यवस्था में महीने के दो शनिवार अवकाश रहते हैं, जबकि बाकी शनिवार बैंक खुले रहते हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक अतिरिक्त कार्य घंटे देने पर सहमत हैं और इसके बदले सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने की मांग की गई है। उनके अनुसार, बैंक प्रबंधन इस प्रस्ताव को सरकार के पास भेज चुका है, लेकिन करीब 30 महीने से इस पर निर्णय लंबित है।
28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल
वेंकटचलम ने कहा कि सरकार की ओर से मांग पर कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं मिलने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। UFBU ने अगले चरण के तौर पर 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
PLI और पेंशन से जुड़े मुद्दे भी शामिल
पांच दिन के कार्य सप्ताह के अलावा बैंक यूनियनों ने प्रदर्शन से जुड़े अन्य लंबित मुद्दों को भी उठाया। इनमें Performance Linked Incentive (PLI) योजना को लेकर मतभेद और पेंशन से संबंधित मांगें शामिल हैं। गुजरात के राजकोट में ऑल इंडिया SBI ऑफिसर्स एसोसिएशन के उप महासचिव पवन शर्मा ने कहा कि UFBU सात बैंक कर्मचारी और अधिकारी संगठनों का संयुक्त मंच है। उन्होंने कहा कि पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग लंबे समय से लंबित है।
डिजिटल बैंकिंग का दिया हवाला
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन के उपाध्यक्ष श्यामल कुमार हाजरा ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने दावा किया कि बैंकिंग का बड़ा हिस्सा अब डिजिटल माध्यमों से संचालित हो रहा है, इसलिए पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू किया जाना उचित है। विजयवाड़ा में SBI ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव ने भी डिजिटल बैंकिंग और UPI लेनदेन में लगातार बढ़ोतरी का हवाला देते हुए पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग का समर्थन किया।
सात यूनियनों का संयुक्त मंच है UFBU
UFBU में सात प्रमुख बैंक यूनियन शामिल हैं—ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (NCBE), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA), बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (INBOC) और इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन (INBEF)। UFBU का कहना है कि ये संगठन बैंकिंग क्षेत्र के 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर समाधान होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।