Jio IPO कार्यक्रम में भावुक हुए Mukesh Ambani, ईशा और अनंत की बातों ने छुआ दिल
जियो प्लेटफॉर्म्स की IPO लिस्टिंग सेरेमनी के दौरान मुकेश अंबानी अपने बच्चों ईशा और अनंत अंबानी का संबोधन सुनकर भावुक हो गए। कार्यक्रम में ईशा ने पिता के शुरुआती कारोबारी सफर और भाई आकाश की मेहनत को याद किया, जबकि अनंत ने कारोबार को पूजा बताते हुए जियो की सफलता का श्रेय देश के लोगों को दिया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के लिए जियो प्लेटफॉर्म्स की IPO लिस्टिंग सेरेमनी केवल कारोबारी उपलब्धि का अवसर नहीं, बल्कि परिवार और विरासत से जुड़ी भावनाओं को साझा करने का भी मौका बनी। कार्यक्रम के दौरान उनकी बेटी ईशा अंबानी और बेटे अनंत अंबानी ने जियो के सफर, परिवार के योगदान और कंपनी के भविष्य को लेकर अपने विचार रखे। इन संबोधनों को सुनते हुए मुकेश अंबानी के भावुक होने की बात सामने आई।
जियो की सफलता के पीछे तकनीक, निवेश और बड़े पैमाने पर डिजिटल सेवाओं का विस्तार रहा है। लेकिन इस कार्यक्रम में परिवार के सदस्यों ने कारोबार के आंकड़ों से आगे बढ़कर उन अनुभवों और मूल्यों पर भी बात की, जिन्होंने रिलायंस की यात्रा को आकार दिया। ईशा और अनंत के संबोधन में पिता के संघर्ष, भाई आकाश की मेहनत और अगली पीढ़ी की जिम्मेदारियों का खास उल्लेख रहा।
ईशा अंबानी ने याद किए पिता के शुरुआती कारोबारी दिन
रिलायंस रिटेल वेंचर्स की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने अपने संबोधन में पिता मुकेश अंबानी से जुड़ी एक पुरानी याद साझा की। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले परिवार के साथ डिनर के दौरान मुकेश अंबानी ने वर्ष 1977 के अपने अनुभवों का जिक्र किया था। उस समय वह करीब 20 वर्ष के थे और रिलायंस के पहले सार्वजनिक निर्गम यानी IPO से जुड़े काम में शामिल थे।
ईशा के मुताबिक, उनके दादा धीरूभाई अंबानी ने कंपनी को आम लोगों की भागीदारी से जोड़ने का विचार अपनाया था। इस अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने परिवार की कारोबारी विरासत और उस सोच की अहमियत बताई, जिसने रिलायंस को आगे बढ़ने की दिशा दी।
ईशा ने जियो की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उनके संबोधन में कंपनी के राजस्व और कमाई से जुड़े आंकड़े सामने रखे गए। उन्होंने कहा कि कम समय में बड़े स्तर पर कारोबार खड़ा करना महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी भी उपलब्धि का असली अर्थ ग्राहकों के भरोसे से जुड़ा होता है।
उन्होंने जियो के ग्राहकों के प्रति आभार जताते हुए संदेश दिया कि कंपनी की पहचान और सफलता में देश के लोगों की अहम भूमिका रही है। यह संबोधन जियो की कारोबारी उपलब्धियों को ग्राहकों के योगदान से जोड़ने की कोशिश के रूप में देखा गया।
आकाश अंबानी की मेहनत पर बहन ने जताया गर्व
ईशा अंबानी ने अपने भाई आकाश अंबानी की भूमिका की भी सराहना की। आकाश रिलायंस जियो के चेयरमैन हैं और कंपनी की रणनीति तथा विस्तार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
ईशा ने जियो के सफर के दौरान आकाश की मेहनत का उल्लेख करते हुए कहा कि वह लंबे समय तक कंपनी के काम में व्यस्त रहते थे और शायद ही कभी आधी रात से पहले घर पहुंच पाते थे। उन्होंने भाई के समर्पण को याद करते हुए कहा कि उन्हें आकाश की बहन होने पर गर्व है।
इस टिप्पणी ने कार्यक्रम को पारिवारिक भावनाओं से जोड़ दिया। कारोबार में नेतृत्व की जिम्मेदारी, लगातार काम करने का दबाव और कंपनी के भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता जैसे पहलुओं को ईशा ने व्यक्तिगत अनुभव के माध्यम से सामने रखा।
जियो की अगली पीढ़ी के नेतृत्व की चर्चा के बीच यह संबोधन इस बात को भी रेखांकित करता है कि रिलायंस परिवार के सदस्य कंपनी के विकास को केवल वित्तीय प्रदर्शन के रूप में नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही पारिवारिक जिम्मेदारी के रूप में भी देखते हैं।
अनंत अंबानी बोले- कारोबार मेरे लिए पूजा है
रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने अपने संबोधन में जियो पर भरोसा करने वाले ग्राहकों और देश के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कारोबार के प्रति अपने दृष्टिकोण को धार्मिक प्रतीक से जोड़ते हुए कहा कि उनके लिए कारोबार पूजा के समान है।
अनंत ने कहा कि शेयर बाजार में बजने वाली घंटी उनके लिए मंदिर की घंटी जैसी होगी। उन्होंने आगे समझाया कि जिस तरह पूजा के अंत में प्रसाद बांटा जाता है, उसी तरह जियो की उपलब्धि को भी भारत के लोगों के साथ साझा किया जा रहा है।
उनके इस संदेश में कंपनी की सफलता को व्यापक सामाजिक भागीदारी से जोड़ने का भाव दिखाई दिया। अनंत ने ईशा, आकाश और खुद को तीन शरीर, लेकिन एक आत्मा के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि तीनों का संकल्प परिवार के सपनों को आगे बढ़ाना है।
यह संबोधन परिवार के भीतर आपसी एकजुटता और कंपनी के भविष्य को लेकर साझा जिम्मेदारी पर केंद्रित रहा।
दादा के सपनों और मां के संस्कारों का जिक्र
अनंत अंबानी ने रिलायंस की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि कंपनी भविष्य में नए सपने देखती रहेगी, लेकिन उसकी बुनियादी मान्यताएं कायम रहेंगी। उन्होंने दादा धीरूभाई अंबानी के सपनों, दादी के आशीर्वाद, पिता के मार्गदर्शन और मां से मिले विनम्रता तथा दूसरों की देखभाल करने के संस्कारों को महत्वपूर्ण बताया।
उनके मुताबिक, किसी कारोबारी संस्थान की मजबूती केवल उसके आकार या कमाई से तय नहीं होती, बल्कि उसके मूल्यों और लोगों के प्रति जिम्मेदारी से भी जुड़ी होती है।
रिलायंस के इतिहास में धीरूभाई अंबानी की भूमिका और मुकेश अंबानी के नेतृत्व में कारोबार के विस्तार का विशेष स्थान रहा है। अब अगली पीढ़ी के सदस्य कंपनी के विभिन्न कारोबारों में जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। ऐसे में परिवार की विरासत को बनाए रखना और बदलती अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुसार आगे बढ़ना उनके लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।
कारोबारी उपलब्धि के साथ परिवार की भावनात्मक विरासत
जियो प्लेटफॉर्म्स की IPO लिस्टिंग सेरेमनी में ईशा और अनंत अंबानी के संबोधन ने कारोबार के साथ परिवार की भावनात्मक विरासत को भी सामने रखा। ईशा ने पिता के शुरुआती अनुभवों और आकाश की मेहनत को याद किया, जबकि अनंत ने कारोबार को पूजा बताते हुए जियो की उपलब्धि देश के लोगों को समर्पित करने की बात कही।
मुकेश अंबानी के भावुक होने का यह प्रसंग इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि इसमें कंपनी की सफलता के पीछे परिवार की कई पीढ़ियों के योगदान, मेहनत और साझा सपनों का उल्लेख था।
हालांकि, जियो की IPO लिस्टिंग से जुड़े वित्तीय और बाजार संबंधी विवरणों की पुष्टि आधिकारिक घोषणाओं से की जानी चाहिए। फिलहाल, कार्यक्रम में दिए गए पारिवारिक संदेशों ने इस कारोबारी अवसर को एक भावनात्मक प्रसंग का रूप दे दिया।