दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई। सेंसेक्स 372.76 अंक यानी 0.51 प्रतिशत चढ़कर 73,622.15 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 में 43.75 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,731.40 पर कारोबार करता दिखा। आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी से बाजार को शुरुआती समर्थन मिला, जबकि वैश्विक बाजारों में प्रौद्योगिकी शेयरों की गिरावट का दबाव बना हुआ है।

बीएसई सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र में 73,249.39 पर बंद हुआ था। शुक्रवार को यह 73,665.64 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 पिछले बंद स्तर 22,687.65 के मुकाबले 22,742.20 पर खुला। बाजार में तेजी के बावजूद कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और घरेलू बाजार में नकदी की उपलब्धता का आगे के कारोबार पर असर पड़ सकता है।

आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

शुरुआती कारोबार में आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी 50 में शामिल प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:

कंपनीकंपनी शेयर में बदलाव
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 3.73%
इन्फोसिस 3.10%
एचसीएल टेक्नोलॉजीज 2.44%
टेक महिंद्रा 1.20%
भारती एयरटेल 0.83%
रिलायंस इंडस्ट्रीज 0.48%
क्षेत्रवार प्रदर्शन में निफ्टी आईटी सूचकांक 2.72 प्रतिशत चढ़ा

दूसरी ओर, धातु और रियल्टी क्षेत्र के शेयरों में कमजोरी दिखाई दी। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज 1.47 प्रतिशत, अडानी एंटरप्राइजेज 1.35 प्रतिशत और अडानी पोर्ट्स 0.80 प्रतिशत नीचे कारोबार करते दिखे। टाटा स्टील, ट्रेंट और टाइटन के शेयरों में भी गिरावट रही। क्षेत्रवार प्रदर्शन में निफ्टी आईटी सूचकांक 2.72 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी मेटल में 1.24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। रियल्टी सूचकांक 0.91 प्रतिशत और मीडिया सूचकांक 0.67 प्रतिशत नीचे रहा।

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से चिंता

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है। ब्रेंट क्रूड का भाव 113.70 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा, जबकि कच्चे तेल की कीमत 100.05 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट, रुपये में मजबूती और जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में लगाए गए धन की संभावित वापसी घरेलू बाजार को सहारा दे सकती है।

बाजार में नकदी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद

विजयकुमार के मुताबिक, आईपीओ आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाजार में नकदी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में आईपीओ के लिए लगाए गए 3.73 लाख करोड़ रुपये में से तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वित्तीय प्रणाली में लौट सकती है। उनके अनुसार, इससे अगले सप्ताह बाजार की धारणा में सुधार आ सकता है। हालांकि, संभावित तेजी में बड़ी कंपनियों के शेयरों की भूमिका अधिक रहने की उम्मीद है, जबकि छोटे शेयरों पर दबाव बना रह सकता है।

अमेरिकी और एशियाई बाजारों में गिरावट

भारतीय बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई, लेकिन वैश्विक बाजारों से मिले संकेत कमजोर रहे। अमेरिकी बाजार में नैस्डैक 2.6 प्रतिशत और एसएंडपी 500 में 1.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 3 प्रतिशत और जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1.9 प्रतिशत गिर गया। वैश्विक प्रौद्योगिकी शेयरों में गिरावट के बावजूद भारतीय आईटी शेयरों में तेजी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत रही।

ईमुद्रा के शेयर में 36 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट

डिजिटल प्रमाणपत्र कारोबार से जुड़ी कंपनी ईमुद्रा लिमिटेड के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। कंपनी का शेयर 19 अक्टूबर को 540.15 रुपये पर बंद हुआ था, जो गिरकर 343.05 रुपये पर आ गया। इस तरह शेयर में 197.10 रुपये यानी लगभग 36.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

यह गिरावट कंपनी के वैश्विक डिजिटल प्रमाणपत्र कारोबार में सुरक्षा संबंधी एक घटना के बीच आई है। रिपोर्ट के अनुसार, आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट अथॉरिटी कुंजियों से जुड़ी सुरक्षा घटना ने संभावित रूप से फर्जी डिजिटल प्रमाणपत्र जारी किए जाने को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं।

निफ्टी और सेंसेक्स के लिए अहम स्तर

एक्सिस डायरेक्ट के वरिष्ठ शोध विश्लेषक हेमंग गोर के अनुसार, निफ्टी के लिए 22,800 का स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध है। यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो शॉर्ट कवरिंग के कारण इसमें तेजी आ सकती है और यह 23,000 तक पहुंच सकता है। वहीं, 22,500 का स्तर अहम समर्थन माना जा रहा है। कोटक नियो के श्रीकांत चौहान ने निफ्टी और सेंसेक्स के लिए प्रमुख तकनीकी स्तर बताए।

- निफ्टी का समर्थन: 22,600 और 22,550

- सेंसेक्स का समर्थन: 73,200 और 73,000

- निफ्टी का अगला लक्ष्य: 22,800 और उसके बाद 23,000

- कमजोरी की स्थिति में: 22,550 से नीचे फिसलने पर निफ्टी 22,450–22,350 तक जा सकता है।

कुल मिलाकर, घरेलू शेयर बाजार की दिशा पर आईटी शेयरों की खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के संकेतों का असर बना रह सकता है।