नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए अनिवासी भारतीयों (NCR) के लिए हाउसिंग लोन हासिल करने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी ने दिल्ली-NCR, बेंगलुरु और चंडीगढ़ में कुल 13 ठिकानों पर तलाशी ली।

अधिकारियों ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत यह तलाशी अभियान सुबह शुरू किया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के साथ समन्वय किया गया। जांच के दायरे में मामले से जुड़े संदिग्धों के ठिकानों को शामिल किया गया है।

दो कंपनियां जांच के दायरे में

अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान में Antriksh Promoters and Developers Pvt Ltd और Sunshine Infrawell Pvt Ltd से जुड़े परिसरों को शामिल किया गया है। एजेंसी को संदेह है कि NCR के लिए निर्धारित आवास ऋण कथित तौर पर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर हासिल किए गए।

वित्तीय लेन-देन और कथित धोखाधड़ी की जांच

ईडी की कार्रवाई का उद्देश्य कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े सबूत जुटाना और मामले में शामिल धन के लेन-देन का पता लगाना है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि संबंधित कंपनियों की कथित मनी लॉन्ड्रिंग में क्या भूमिका रही और संदिग्ध धोखाधड़ी की कुल राशि कितनी है।

दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाने पर जोर

कानूनी प्रावधानों के तहत तलाशी के दौरान ईडी कथित अपराध से प्राप्त धन से जुड़े माने जाने वाले दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य सामग्री को जब्त या अस्थायी रूप से कुर्क करने जैसी कार्रवाई कर सकती है, बशर्ते इसके लिए कानून में निर्धारित शर्तें पूरी हों। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह मामला जांच के अधीन है। कंपनियों या संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और कथित धोखाधड़ी की राशि को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।