मुंबई (महाराष्ट्र): अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले की जांच में नया अपडेट सामने आया है। अंधेरी स्थित उस होटल के कमरे को अधिकारियों ने सील कर दिया है, जहां तीन प्रमुख आरोपियों के कथित तौर पर ठहरने की जानकारी मिली थी। मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की हर कड़ी की जांच कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ता इस आरोप की भी पड़ताल कर रहे हैं कि फायरिंग की घटना को अंजाम देने से पहले हमलावरों ने किसी अज्ञात स्थान पर गोली चलाने का अभ्यास किया था। जांच के तहत तीनों आरोपियों के साथ घटनास्थल का रीक्रिएशन भी किए जाने की संभावना है।

चार आरोपी 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में

इस मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को गुरुवार को मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट (किला कोर्ट) में पेश किया गया था। पुलिस द्वारा अदालत में दाखिल रिमांड आवेदन के अनुसार, अनिल पंडित को मामले में फरार आरोपी बताया गया है।

सुनवाई के दौरान मुंबई पुलिस ने अदालत को बताया कि फायरिंग की घटना कथित तौर पर अनिल पंडित के इशारे पर की गई थी। पुलिस ने आरोपियों की हिरासत 31 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने चारों आरोपियों को 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाया गया था और मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया।

18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी फायरिंग

यह घटना 18 अक्टूबर को शाम करीब सात बजे मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। टाइगर श्रॉफ एक फुटबॉल क्लब से निकल रहे थे, तभी कथित तौर पर फायरिंग की गई। अभिनेता इस घटना में सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर को चोटें आईं। पुलिस अब घटना के पीछे की साजिश, आरोपियों की भूमिका और कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए हथियारों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

फर्जी खबरों और एआई वीडियो को लेकर टाइगर की टीम की चेतावनी

इस बीच, टाइगर श्रॉफ की टीम ने घटना को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही कथित फर्जी खबरों, अनधिकृत बयानों और अभिनेता के नाम से बनाए गए एआई वीडियो के खिलाफ चेतावनी जारी की है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए आधिकारिक बयान में टीम ने स्पष्ट किया कि टाइगर श्रॉफ ने हालिया फायरिंग की घटना या उससे जुड़े घटनाक्रम पर कोई बयान नहीं दिया है। उन्होंने इस संबंध में कोई वीडियो जारी नहीं किया और न ही किसी अन्य संचार को अधिकृत किया है।

फर्जी प्रचार-प्रसारित करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई

टीम ने मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया मंचों से किसी भी जानकारी को प्रकाशित या साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करने की अपील की। साथ ही, फर्जी सामग्री बनाने, उसका प्रचार करने या उसे प्रसारित करने वाले व्यक्तियों और पेजों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी। मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच जारी है। पुलिस की आगे की कार्रवाई और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटना से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।