देहरादून: मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच शुरू हुआ विवाद अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने दलेर मेहंदी से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना और पूरे मामले को आपसी संवाद तथा सौहार्द के साथ खत्म करने की अपील की। कुंजापुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान गायक के प्रदर्शन को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक और मनोरंजन जगत, दोनों का ध्यान खींचा है।
मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बातचीत की जानकारी साझा करते हुए उत्तराखंड की ‘अतिथि देवो भवः’ परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि में कलाकारों का हमेशा स्वागत और सम्मान किया जाता रहा है। मुख्यमंत्री की कोशिश है कि इस घटनाक्रम को पीछे छोड़कर सभी पक्ष सकारात्मक माहौल में आगे बढ़ें।
CM धामी ने दलेर मेहंदी से फोन पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पोस्ट में बताया कि उन्होंने दलेर मेहंदी से दूरभाष पर बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान हाल के घटनाक्रम पर भी चर्चा हुई।
धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी लोकसंस्कृति, आत्मीयता और मेहमानों के सम्मान की परंपरा से जुड़ी है। उनके मुताबिक, राज्य में कला, संस्कृति और कलाकारों का हमेशा स्वागत किया जाता रहा है।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि संबंधित पक्ष आपसी बातचीत से गलतफहमियां दूर कर सकते हैं। उनके संदेश को विवाद को शांत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, बातचीत के बाद दलेर मेहंदी की ओर से किसी अंतिम सहमति या विवाद समाप्त होने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
प्रसिद्ध गायक श्री @dalermehndi जी से फोन पर वार्ता कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान विगत दिनों हुए घटनाक्रम के संबंध में भी चर्चा हुई।देवभूमि उत्तराखण्ड ‘अतिथि देवो भवः’ की समृद्ध परंपरा का संवाहक है। हमारी लोकसंस्कृति, आत्मीय आतिथ्य और सौहार्द की भावना ही देवभूमि की विशिष्ट पहचान है। यहां कला, संस्कृति और कलाकारों का सदैव स्वागत एवं सम्मान किया जाता रहा है।हमारा प्रयास है कि इस घटनाक्रम को पीछे छोड़कर आपसी संवाद, सौहार्द और सकारात्मकता की भावना के साथ आगे बढ़ा जाए।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 23, 2026
कुंजापुरी कार्यक्रम में कैसे शुरू हुआ विवाद?
विवाद कुंजापुरी में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़ा है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, कार्यक्रम में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की थी। मंत्री ने गायक पर प्रदर्शन के दौरान नशे में होने का आरोप लगाया था।
इस टिप्पणी के बाद मामला तूल पकड़ गया। गायक के समर्थकों और उनके परिवार की ओर से इस बयान पर आपत्ति जताई गई। विवाद का मुख्य मुद्दा मंत्री के आरोप और उससे दलेर मेहंदी की प्रतिष्ठा पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि नशे में होने का आरोप मंत्री का कथन है। उपलब्ध जानकारी में इसकी स्वतंत्र पुष्टि का विवरण नहीं दिया गया है।
मीका सिंह ने CM धामी से बातचीत के बाद क्या कहा?
इससे पहले मुख्यमंत्री धामी ने दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह से भी फोन पर बात की थी। मीका ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के प्रयास की सराहना की और उनके प्रति सम्मान जताया।
हालांकि, मीका सिंह ने विवाद खत्म करने के लिए एक स्पष्ट मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि मंत्री सुबोध उनियाल को एक वीडियो जारी कर अपने बयान को स्पष्ट करना चाहिए और दलेर मेहंदी से माफी मांगनी चाहिए।
मीका के अनुसार, गलतफहमियां किसी भी स्थिति में पैदा हो सकती हैं, लेकिन उन्हें बातचीत के जरिए दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंत्री की ओर से उठाया गया यह कदम दलेर मेहंदी की प्रतिष्ठा बनाए रखने और मामले को समाप्त करने में मदद कर सकता है।
मीका ने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व और समझदारी पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह इस विवाद का समाधान चाहते हैं।
मंत्री सुबोध उनियाल अपने बयान पर कायम
दूसरी ओर, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुबोध उनियाल ने माफी मांगने के संकेत नहीं दिए हैं। वह दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान उनकी स्थिति को लेकर लगाए गए आरोप पर कायम बताए जा रहे हैं।
मंत्री का कहना है कि यदि गायक की तबीयत ठीक नहीं थी, तो उन्हें कार्यक्रम में प्रस्तुति देने नहीं आना चाहिए था। इस रुख के कारण विवाद अभी पूरी तरह शांत होता दिखाई नहीं दे रहा है।
एक तरफ मुख्यमंत्री धामी संवाद और सौहार्द के जरिए मामले को खत्म करना चाहते हैं, वहीं मीका सिंह ने मंत्री से सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफी की मांग की है। दूसरी ओर, मंत्री का अपने बयान पर कायम रहना इस विवाद को आगे बढ़ा सकता है।
'अतिथि देवो भवः' की परंपरा के बीच समाधान की कोशिश
उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और अतिथियों के सम्मान का मुद्दा इस विवाद के केंद्र में आ गया है। मुख्यमंत्री धामी ने इसी परंपरा का हवाला देते हुए सभी पक्षों से सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने की अपील की है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या मंत्री अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हैं और क्या दलेर मेहंदी तथा उनके परिवार की आपत्तियों का समाधान निकल पाता है। फिलहाल मुख्यमंत्री की पहल के बावजूद विवाद के पूरी तरह समाप्त होने के संकेत नहीं मिले हैं।
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