रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर चिरबासा हेलीपैड के पास भूस्खलन के कारण सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई। राहत और बचाव दल ने अब तक 6,500 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया है।
भूस्खलन की सूचना मिलते ही सोनप्रयाग पोस्ट से एसडीआरएफ की टीम उप निरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ कमांडेंट अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर टीम ने पुलिस, डीडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। एसडीआरएफ के अनुसार, प्रभावित हिस्से से अब तक 6,500 से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला गया है। इसके अलावा करीब 600 से 700 घोड़े और खच्चरों को भी सुरक्षित मार्ग से पार कराया गया है।
केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर चीरवासा के समीप पत्थर गिरने के कारण आंशिक रूप से बाधित मार्ग से दर्शन कर वापस लौटे श्रद्धालुओं को सुरक्षित पार कराया गया।गत दिवस 13.09.2026 के दिन से केदारनाथ धाम पैदल मार्ग गौरीकुण्ड से लगभग 2.5 कि.मी. ऊपर चीरवासा हैलीपेड के समीप पहाड़ी से पत्थर… pic.twitter.com/KE8muML81V
— Rudraprayag Police Uttarakhand (@RudraprayagPol) September 14, 2026
लगातार बारिश से यात्रा मार्ग असुरक्षित
रविवार को लगातार बारिश के बीच चिरबासा हेलीपैड के पास मलबा और पत्थर गिरने से केदारनाथ धाम का मार्ग बाधित रहा। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी है। रुद्रप्रयाग पुलिस के अनुसार, लगातार बारिश और पत्थर गिरने की स्थिति के कारण फिलहाल मार्ग को साफ करना सुरक्षित नहीं है। केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोका गया है, जबकि वापस लौट रहे यात्रियों को जंगल चट्टी में रोक दिया गया है। लगातार बारिश के कारण रुद्रप्रयाग शहर और जिले के अन्य पहाड़ी इलाकों में जलस्तर भी बढ़ा है। पिछले सप्ताह अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों के जलप्रवाह में वृद्धि दर्ज की गई थी।
Rudraprayag, Uttarakhand: Devotees returning after crossing the disrupted path due to stonefall from a hillside near Chirbasa heliport on the Kedarnath Dham trekking route were safely evacuated in a phased manner on Monday morning when the weather turned favourable, in accordance… pic.twitter.com/1Dyv1QXV3F
— United News of India (@uniindianews) September 14, 2026
सड़क मरम्मत के लिए प्रशासन ने तय की समयसीमा
इसी बीच रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। प्रशासन का लक्ष्य 15 अक्टूबर तक सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत पूरी करना है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गड्ढों की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया 15 सितंबर तक पूरी कर ली जाए। इसके बाद सड़क मरम्मत का काम 15 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें कार्ययोजना के अनुसार काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान का उद्देश्य स्थानीय लोगों के साथ-साथ केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना है।
श्रद्धालुओं और पशुओं की आवाजाही पर SDRF की नजर
भूस्खलन प्रभावित हिस्से में एसडीआरएफ की टीम लगातार तैनात है। जोखिम भरी परिस्थितियों के बावजूद जवान श्रद्धालुओं और घोड़े-खच्चरों को सुरक्षित तरीके से प्रभावित हिस्से से निकालने में जुटे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता बारिश और पत्थर गिरने की स्थिति के बीच यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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