Dollar vs Rupee Today: डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत, 47 पैसे की छलांग; जानें तेजी की 4 बड़ी वजहें
भारतीय रुपये ने 3 सितंबर को डॉलर के मुकाबले शानदार वापसी की और शुरुआती कारोबार में 47 पैसे मजबूत होकर 94.26 के स्तर पर पहुंच गया। FCNR(B) डिपॉजिट में रिकॉर्ड विदेशी फंड, मजबूत फॉरेक्स रिजर्व, शेयर बाजार में विदेशी निवेश और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को रुपये की मजबूती की प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
भारतीय रुपये ने गुरुवार यानी 3 सितंबर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले शानदार प्रदर्शन किया। शुरुआती कारोबार में रुपया 47 पैसे की मजबूती के साथ 94.26 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। यह लगातार दूसरा कारोबारी सत्र है, जब भारतीय मुद्रा ने बढ़त दर्ज की है।
इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को भी रुपये में तेजी देखी गई थी। बुधवार को भारतीय मुद्रा 22 पैसे मजबूत होकर 94.73 प्रति डॉलर पर बंद हुई थी। लगातार दो सत्रों में रुपये की मजबूती ने बाजार में निवेशकों का ध्यान खींचा है।
रुपये की इस तेजी के पीछे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़े कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमें FCNR(B) डिपॉजिट से आया विदेशी फंड, भारत का बढ़ता विदेशी मुद्रा भंडार, शेयर बाजार में विदेशी निवेश और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी प्रमुख हैं।
FCNR(B) से आया रिकॉर्ड विदेशी पैसा
रुपये को मजबूती देने वाला सबसे बड़ा कारक Foreign Currency Non-Resident यानी FCNR(B) डिपॉजिट से जुड़ी गतिविधि को माना जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस माध्यम से भारत को 127.23 अरब डॉलर का विदेशी फंड मिला है।
विदेशों में रहने वाले भारतीयों यानी NRIs के बैंक डिपॉजिट से आने वाली विदेशी मुद्रा ने भारतीय फाइनेंशियल सिस्टम में डॉलर की उपलब्धता बढ़ाई है। इसका असर रुपये की मांग और सप्लाई पर भी देखने को मिला।
बताया गया है कि इस योजना को निर्धारित समय से करीब एक महीने पहले ही 31 अगस्त को बंद कर दिया गया, क्योंकि इसके तहत उम्मीद से मजबूत प्रतिक्रिया मिली।
विदेशी मुद्रा की बढ़ी उपलब्धता ने डॉलर के मुकाबले रुपये को सहारा दिया है और मौजूदा तेजी में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Forex Reserve भी रिकॉर्ड स्तर पर
रिजर्व बैंक की नीतियों और विदेशी मुद्रा की बढ़ी आवक के बीच भारत का Forex Reserve 729.32 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की बात कही गई है।
विदेशी मुद्रा भंडार का मजबूत होना किसी भी देश की मुद्रा के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है। इससे बाहरी झटकों के समय केंद्रीय बैंक के पास मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए पर्याप्त संसाधन रहते हैं।
इसके साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़े कुछ आंकड़े भी बाजार के लिए सकारात्मक रहे हैं। पहली तिमाही में देश की GDP ग्रोथ 7.8 फीसदी रहने की जानकारी दी गई है। मजबूत आर्थिक गतिविधियों के संकेत से भी रुपये पर दबाव कुछ कम हुआ है।
शेयर बाजार में विदेशी निवेश का फायदा
भारतीय शेयर बाजार में भी गुरुवार को तेजी लौटती नजर आई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 221 अंक बढ़कर 76,791 के आसपास और निफ्टी करीब 59 अंक ऊपर 23,974 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की खरीदारी भी रुपये के लिए सकारात्मक रही। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 6,688 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध खरीदारी की।
जब विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों में पैसा लगाते हैं तो उन्हें रुपये में निवेश करना पड़ता है। ऐसे में विदेशी पूंजी की आवक से घरेलू मुद्रा को सपोर्ट मिल सकता है।
क्रूड ऑयल और डॉलर इंडेक्स में नरमी
रुपये को वैश्विक बाजार से भी कुछ राहत मिली। डॉलर इंडेक्स 99.43 के स्तर पर आ गया। डॉलर में हल्की नरमी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं को कुछ राहत मिल सकती है।
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 95.48 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता बताया गया। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में क्रूड की कीमतों में नरमी से देश के आयात बिल पर दबाव कम हो सकता है और डॉलर की मांग में भी कमी आ सकती है।
आगे भी मजबूत रह सकता है रुपया?
रुपये की मौजूदा मजबूती के पीछे कई सकारात्मक संकेत एक साथ दिखाई दे रहे हैं। विदेशी मुद्रा की बढ़ी आवक, रिकॉर्ड फॉरेक्स रिजर्व, भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश और क्रूड की कीमतों में नरमी ने मुद्रा बाजार को सहारा दिया है।
हालांकि, रुपये की दिशा आगे भी वैश्विक बाजार, कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर की चाल और विदेशी निवेश जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगी। अगर क्रूड की कीमतों में बड़ी तेजी नहीं आती और विदेशी निवेश का प्रवाह बना रहता है, तो रुपये को आगे भी कुछ समर्थन मिल सकता है।
फिलहाल लगातार दूसरे दिन भारतीय मुद्रा की बढ़त ने यह संकेत दिया है कि हालिया दबाव के बाद रुपया एक बार फिर रिकवरी की राह पर लौटता नजर आ रहा है।