हरियाणा: हरियाणा सरकार ने औद्योगिक बुनियादी ढांचे, डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में 66,870 करोड़ रुपये के निवेश समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुंबई में हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के पहले रोड शो के दौरान यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुंबई में आयोजित निवेशकों के साथ गोलमेज बैठक में 20 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान हरियाणा में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई और विभिन्न कंपनियों के साथ कुल 66,870 करोड़ रुपये के निवेश समझौते किए गए।

किन क्षेत्रों में कितना निवेश?

प्रस्तावित निवेश में सबसे बड़ा हिस्सा औद्योगिक बुनियादी ढांचे के लिए रखा गया है।

  • 20,000 करोड़ रुपये – औद्योगिक बुनियादी ढांचा
  • 10,000 करोड़ रुपये – डेटा सेंटर
  • 8,200 करोड़ रुपये – ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC)
  • 7,000 करोड़ रुपये – नवीकरणीय ऊर्जा
  • करीब 5,000 करोड़ रुपये – राज्य में बेहतर और निवेश-अनुकूल माहौल विकसित करने से जुड़े क्षेत्र

सरकार के अनुसार, निवेशकों ने लिथियम बैटरी, सौर ऊर्जा, औद्योगिक विकास, निर्माण, दूरसंचार, इलेक्ट्रिक वाहन और डेटा सेंटर जैसे उभरते क्षेत्रों में भी रुचि दिखाई है।

'फाइल मूवमेंट नहीं, प्रोजेक्ट मूवमेंट में विश्वास'

मुख्यमंत्री सैनी ने निवेश समझौतों को जमीन पर उतारने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल समझौतों पर हस्ताक्षर करना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक परियोजनाओं में बदलना है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार फाइल मूवमेंट में नहीं, प्रोजेक्ट मूवमेंट में विश्वास करती है।”

10 नए IMT बनाने की तैयारी

औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 10 नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) स्थापित करने का फैसला किया है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण और विकास कार्यों पर काम किया जा रहा है। खरखौदा और सोहना में IMT परियोजनाओं की प्रगति का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक भूमि और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।

2027 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों को मिलेगा बल

हरियाणा सरकार अप्रैल 2027 में प्रस्तावित हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले देश और विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लगातार निवेश अभियान चला रही है। मुंबई रोड शो के दौरान इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मास्युटिकल्स, GCC और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को प्रमुखता से पेश किया गया। राज्य सरकार ने पहले ही 11 क्षेत्रीय नीतियों के जरिए निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए हैं।

रोजगार और औद्योगिक विकास पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देकर हरियाणा को विकसित राज्य के रूप में आगे ले जाना है। निवेश प्रस्तावों को तेजी से लागू करने, बुनियादी ढांचा मजबूत करने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने पर सरकार का विशेष जोर रहेगा।