नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने SS Mota Singh School Trust की फाइल को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बावजूद सरकार ने अब तक ट्रस्ट से जुड़ी फाइल उपलब्ध नहीं कराई है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ट्रस्ट की फाइल उपलब्ध नहीं होने के कारण AAP को दिल्ली हाई कोर्ट का रुख करना पड़ा था। उनके मुताबिक, 8 जुलाई 2026 को हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग, संभागीय आयुक्त और जिलाधिकारी को SS Mota Singh School Trust की फाइल तलाशकर पेश करने का निर्देश दिया था। उन्होंने दावा किया कि अदालत ने सरकार को एक महीने का समय दिया था। यह अवधि 8 अगस्त को समाप्त हो गई, लेकिन अब तक फाइल उपलब्ध नहीं कराई गई है।
‘फाइल में ऐसा क्या है जिसे छिपाया जा रहा?’
AAP नेता ने सवाल उठाया कि करीब ₹500 करोड़ की संपत्ति वाले ट्रस्ट की फाइल को लेकर सरकार आखिर क्या छिपाना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि फाइल में कथित तौर पर गुप्त रूप से नियुक्त किए गए ट्रस्टियों से जुड़ी जानकारी हो सकती है। सौरभ भारद्वाज ने यह भी सवाल उठाया कि क्या वरिष्ठ BJP नेताओं से जुड़े लोगों को किसी सिख अल्पसंख्यक संस्थान के ट्रस्ट पर नियंत्रण हासिल करने की अनुमति दी जानी चाहिए। हालांकि, ये आरोप AAP नेता की ओर से लगाए गए हैं और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने दिए गए विवरण में नहीं है।
BIGHigh Court has given directions to CM @gupta_rekha own Revenue Dept to provide the file of “SS Mota Singh School Trust”DM has still not provided the file despite of HC orders. The school Trust owns prime land worth 500 crores. What is BJP Govt hiding in the file of… pic.twitter.com/KS2l50s416
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) August 24, 2026
परवेश वर्मा और अमरजीत सिंह बब्बू का भी जिक्र
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि उन्हें सोशल मीडिया पर एक पोस्ट मिली थी, जिसमें अमरजीत सिंह बब्बू नामक व्यक्ति ने दिल्ली सरकार के मंत्री परवेश वर्मा को धन्यवाद देते हुए कथित तौर पर उन्हें SS Mota Singh School Trust का ट्रस्टी बनाए जाने की बात कही थी। AAP नेता ने कहा कि जब उन्होंने परवेश वर्मा से ट्रस्ट से उनके संबंध और किसी व्यक्ति को ट्रस्टी नियुक्त करने के अधिकार को लेकर सवाल किया, तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया गया। भारद्वाज ने कहा कि मुकदमा अपनी जगह जारी रहेगा, लेकिन ट्रस्ट की फाइल को लेकर उठे सवाल अभी भी बने हुए हैं।
‘फाइल नहीं मिली तो FIR क्यों नहीं?’
AAP नेता ने आरोप लगाया कि यदि फाइल वास्तव में गायब हो गई है तो इसकी सूचना पुलिस को देकर FIR दर्ज कराई जानी चाहिए थी। उन्होंने दावा किया कि अब तक इस संबंध में कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने इसे फाइल को कथित तौर पर छिपाने की कोशिश से जोड़ते हुए दिल्ली सरकार पर सवाल उठाए। हालांकि, फाइल जानबूझकर छिपाए जाने या किसी भ्रष्टाचार से जुड़े होने का आरोप अभी राजनीतिक आरोप के स्तर पर है।
‘जल्द जनता के सामने रखेंगे खुलासे’
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वह SS Mota Singh School Trust से जुड़े पूरे मामले और दस्तावेजों को जल्द सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सीधे सवाल करते हुए पूछा कि ट्रस्ट की फाइल में आखिर क्या है और उसमें किन लोगों को कथित तौर पर ट्रस्टी बनाया गया है। मामले में अब दिल्ली सरकार की ओर से फाइल को लेकर आधिकारिक जवाब और हाई कोर्ट के निर्देश के अनुपालन पर स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा।
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