वेलिंगटन, न्यूजीलैंड: भारत और न्यूजीलैंड ने रक्षा साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए समुद्री सुरक्षा, संयुक्त प्रशिक्षण और रक्षा सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की। वेलिंगटन में आयोजित दूसरे भारत-न्यूजीलैंड रक्षा रणनीतिक संवाद में दोनों देशों ने रोडमैप 2030 के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।

रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशालय (डीपीआर) के अनुसार, भारत के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद और न्यूजीलैंड के रक्षा मंत्रालय के उप सचिव रिचर्ड श्मिट ने दूसरे भारत-न्यूजीलैंड रक्षा रणनीतिक संवाद की सह-अध्यक्षता की। डीपीआर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि संवाद का मुख्य फोकस समुद्री सुरक्षा, संयुक्त प्रशिक्षण और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ-साथ रोडमैप 2030 के उद्देश्यों को हासिल करना रहा।

रोडमैप 2030 के लक्ष्यों पर जोर

भारत और न्यूजीलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी को अगले चार वर्षों में मजबूत करने के लिए इंडिया-न्यूजीलैंड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप रोडमैप 2030 तैयार किया गया है। इस साझा ढांचे के तहत दोनों देश रक्षा और सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। रक्षा और सुरक्षा सहयोग को इस रणनीतिक साझेदारी के छह प्रमुख स्तंभों में शामिल किया गया है।

सैन्य अभ्यास और कर्मियों के आदान-प्रदान पर भी सहमति

रोडमैप 2030 के तहत दोनों देशों ने सैन्य सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त अभ्यास, नौसेना, वायुसेना और थलसेना की इकाइयों के दौरे, अल्पकालिक कार्मिक आदान-प्रदान और खेल संबंधी दौरों को बढ़ावा देने पर सहमति जताई है। इसके अलावा रक्षा स्टाफ कॉलेजों के बीच आदान-प्रदान और उच्च स्तरीय रक्षा संवादों को भी मजबूत किया जाएगा।

समुद्री और साइबर सुरक्षा सहयोग पर विशेष ध्यान

दोनों देशों ने रक्षा से जुड़े मामलों पर मंत्री स्तर तक संवाद बढ़ाने और समुद्री मामलों में सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही आतंकवाद निरोधक संयुक्त कार्य समूह को सक्रिय करने और भारत-न्यूजीलैंड साइबर संवाद के माध्यम से साझा साइबर सुरक्षा प्राथमिकताओं पर सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा मादक पदार्थों, मनोदैहिक पदार्थों और उनसे जुड़े रसायनों की तस्करी के खिलाफ सहयोग के लिए एक समझौते को औपचारिक रूप देने की दिशा में भी काम जारी है। भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और न्यूजीलैंड पुलिस के बीच कानून प्रवर्तन सहयोग के लिए अलग व्यवस्था को भी अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।