जयपुर, राजस्थान: जयपुर के रामपुरा कानारपुरा में CJP और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर अलग-अलग FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जयपुर दक्षिण के DCP राजर्षि राज वर्मा ने शनिवार को बताया कि पुलिस संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
DCP राजर्षि राज वर्मा ने मीडिया से कहा, "CJP और ग्रामीणों, दोनों पक्षों की ओर से FIR दर्ज कराई गई है। दोनों पक्षों से मिली जानकारी के आधार पर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।" उन्होंने कहा कि मामले की जांच अभी शुरू हुई है और पुलिस सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है। DCP ने कहा, "जांच अभी शुरू हुई है और बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।"
रामपुरा कानारपुरा की घटना के बाद बढ़ा विवाद
यह मामला जयपुर जिले के रामपुरा कानारपुरा गांव में CJP के एक प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान हुए विवाद से जुड़ा है। घटना के बाद शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूल की स्थिति को लेकर शुरू हुआ मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया। CJP की ओर से आरोप लगाया गया था कि टीम पर हमला किया गया, जिसमें उसके कुछ कार्यकर्ता घायल हुए और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।
#WATCH | Jaipur, Rajasthan: Rajarshi Raj Verma, DCP South, Jaipur, says, "FIRs have been lodged by both sides—by the CJP as well as the villagers. Two separate cases have been registered based on the information provided by both parties. The investigation has just begun;… https://t.co/5IWZYjwjAk pic.twitter.com/n5NOAL03bp
— ANI (@ANI) August 22, 2026
CJP पर कांग्रेस के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप
इस मामले पर आंध्र प्रदेश BJP के प्रवक्ता शेख बाजी ने CJP पर कांग्रेस पार्टी के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि संगठन रामपुरा कानारपुरा की घटना को राजनीतिक रंग दे रहा है और मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि CJP केवल उन्हीं मुद्दों को उठाता है जो उसके एजेंडे के अनुकूल होते हैं और अन्य राज्यों में पेपर लीक तथा रोजगार जैसे मुद्दों पर समान रूप से सक्रिय नहीं दिखता।
आशुतोष रांका ने लगाया सुनियोजित हमले का आरोप
वहीं, CJP कार्यकर्ता आशुतोष रांका ने शनिवार को आरोप लगाया कि उन पर बाहर से बुलाए गए लोगों द्वारा सुनियोजित तरीके से हमला किया गया। मीडिया से बातचीत में रांका ने दावा किया कि जिन लोगों ने कथित रूप से हिंसा की, उन्हें घटना से एक रात पहले बगरू विधायक कैलाश वर्मा के साथ देखा गया था।रांका ने कहा, "हमले और हिंसा में बाहर से गुंडों को बुलाया गया था। हमने आज इन सभी लोगों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। ये लोग एक रात पहले स्थानीय विधायक कैलाश वर्मा के साथ बैठे हुए दिखाई दिए थे।"
उन्होंने आरोप लगाया कि घटना एक सुनियोजित हमला था और पुलिस को कई बार सूचना देने के बावजूद मौके पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। हालांकि, इन आरोपों पर विधायक कैलाश वर्मा की प्रतिक्रिया इस खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आई है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर FIR दर्ज कर ली है। जांच के दौरान घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल की जाएगी। DCP ने स्पष्ट किया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में रामपुरा कानारपुरा विवाद में पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर और जिम्मेदारी तय होने की संभावना है।
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