नई दिल्ली:  मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। INDIA गठबंधन के सांसद जनपथ इलाके से जंतर-मंतर की ओर बढ़े। इसी दौरान राहुल गांधी ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ 45 FIR दर्ज हैं और वह इससे डरने वाले नहीं हैं। राहुल गांधी ने कहा कि अगर यह संख्या 100 तक भी पहुंचती है तो वह इसे अपने लिए  ‘मेडल’  की तरह देखेंगे।

CEC के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष

विपक्षी दलों का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है। विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर सवाल उठा रहा है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि चुनाव से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए।

राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रह सकता है।

हालांकि, SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं। इन आरोपों पर संबंधित संस्थाओं की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

‘100 FIR मेरे लिए मेडल’

प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके खिलाफ फिलहाल 45 FIR हैं। उन्होंने दावा किया कि वह इन मामलों से डरने वाले नहीं हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि यदि उनके खिलाफ 100 FIR भी दर्ज हो जाती हैं तो वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने 100 FIR को अपने लिए ‘मेडल’ की तरह बताया। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर वह अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगे।

जंतर-मंतर की ओर बढ़े विपक्षी सांसद

प्रदर्शन से पहले INDIA गठबंधन के सांसद जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट के पास जुटे। इसके बाद वे जंतर-मंतर की ओर बढ़े। दोनों स्थानों के बीच दूरी कम होने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।

जंतर-मंतर और आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 लागू होने के कारण पुलिस किसी भी संभावित भीड़ या मार्च को नियंत्रित करने के लिए तैयार है।

पुलिस की ओर से पहले ही कहा गया था कि सांसदों को जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस या विंडसर पैलेस की ओर बढ़ने पर रोका जा सकता है।

एक दिन पहले भी हुआ था टकराव

मंगलवार को भी विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया था। उस दौरान राहुल गांधी बैरिकेड पर चढ़ गए थे और हाथ में तिरंगा लेकर विरोध जताया था।

इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

अब विपक्ष एक बार फिर सड़क पर है और उसकी मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। आने वाले समय में यह प्रदर्शन किस दिशा में जाता है और सरकार तथा चुनाव आयोग की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।