नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन बुधवार को दिल्ली में तेज हो गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आह्वान पर विपक्षी दलों के सांसद पहले जनपथ स्थित एक रेस्टोरेंट में जुटे और इसके बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ऐलान किया कि सभी सांसद जंतर-मंतर की ओर जाएंगे। विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए प्रदर्शन का फैसला किया है।
जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन स्थल के नजदीक बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से इलाके में BNSS की धारा 163 लागू होने की जानकारी भी सामने आई है।
रेस्टोरेंट में जुटे INDIA ब्लॉक के सांसद
प्रदर्शन से पहले INDIA ब्लॉक के कई सांसद जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में एकत्र हुए। यह स्थान जंतर-मंतर से कुछ ही दूरी पर है। सांसदों के वहां पहुंचने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी।
#WATCH | Delhi | Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "Members of Parliament wanted to meet the Election Commissioners yesterday, specifically, the three Election Commissioners. They refused to meet us. The Delhi Police stopped us and stated that we could not protest there. Today, we intend to go to the designated protest site—Jantar Mantar—sit there, and declare to the nation that, for us, Mr. Gyanesh Kumar is not a legitimate Election Commissioner of this country. Modi ji, Amit Shah ji, Mohan Bhagwat, and Gyanesh Kumar have destroyed the country's democracy; as I said yesterday, those responsible for this are traitors, and we will take action against them. I am telling you right now: Gyanesh Kumar will have to resign"
— ANI (@ANI) October 7, 2026
दिल्ली पुलिस विपक्षी सांसदों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने संभावित स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी की है। यदि सांसद जंतर-मंतर के अलावा कनॉट प्लेस या विंडसर पैलेस की ओर बढ़ते हैं, तो उन्हें रोकने की रणनीति बनाई गई है।
राहुल गांधी बोले- जंतर-मंतर पर देंगे धरना
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसदों ने तीनों चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें मिलने का अवसर नहीं मिला। इसके बाद विपक्ष ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष उनकी नियुक्ति और भूमिका को लेकर सवाल उठा रहा है और उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है।
#WATCH | Delhi | Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "Members of Parliament wanted to meet the Election Commissioners yesterday, specifically, the three Election Commissioners. They refused to meet us. The Delhi Police stopped us and stated that we could not protest there. Today, we intend to go to the designated protest site—Jantar Mantar—sit there, and declare to the nation that, for us, Mr. Gyanesh Kumar is not a legitimate Election Commissioner of this country. Modi ji, Amit Shah ji, Mohan Bhagwat, and Gyanesh Kumar have destroyed the country's democracy; as I said yesterday, those responsible for this are traitors, and we will take action against them. I am telling you right now: Gyanesh Kumar will have to resign"
— ANI (@ANI) October 7, 2026
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और RSS प्रमुख मोहन भागवत पर भी लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के आरोप लगाए। हालांकि, ये विपक्षी नेता द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
खड़गे ने कहा- मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि INDIA गठबंधन के सभी सहयोगी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की मौजूदा कार्रवाई के पीछे केंद्र सरकार की भूमिका है और विपक्ष जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है। खड़गे ने दावा किया कि विपक्षी दल दबाव या कानूनी कार्रवाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
INDIA गठबंधन के सभी साथी आज जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती, हम प्रदर्शन करते रहेंगे। चुनाव आयोग जो भी कर रहा है, उसके पीछे नरेंद्र मोदी हैं। मतलब मोदी जी खुद लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।इसलिए हम सभी पार्टी के लोग मिलकर देश के लोगों को बताना चाहते हैं कि उनका अधिकार छीना जा रहा है। जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हमारे ऊपर कितने भी केस कर दिए जाएं, हम डरने और रुकने वाले नहीं हैं।
— Mallikarjun Kharge (@kharge) October 7, 2026
उनका कहना है कि विपक्ष का उद्देश्य लोगों के बीच यह संदेश पहुंचाना है कि उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाना जरूरी है।
डेरेक ओ’ब्रायन ने दिखाई विपक्षी एकजुटता
TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने प्रदर्शन से पहले विपक्षी दलों के बीच एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी सांसद एक साथ खड़े हैं और बिना किसी अहंकार के इस मुद्दे पर आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष एक बड़ी राजनीतिक ताकत के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा। विपक्षी दलों का दावा है कि चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता से जुड़े सवालों को सार्वजनिक रूप से उठाना जरूरी है।
#WATCH | Delhi: "We are all here together, we are all here united, and we are all here without any egos. We will fight the giant, till they are out," says TMC MP Derek O'Brien after Opposition MPs' meeting called by Congress president and LoP Rajya Sabha Mallikarjun Kharge on the CEC matter
— ANI (@ANI) October 7, 2026
जंतर-मंतर के आसपास भारी सुरक्षा
विपक्षी सांसदों के जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। बैरिकेडिंग के साथ-साथ पुलिस बल की तैनाती की गई है।
पुलिस की ओर से संभावित स्थिति को देखते हुए सांसदों को रोकने और जरूरत पड़ने पर हिरासत में लेने की प्रक्रिया को लेकर भी जवानों को निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े राजनीतिक प्रदर्शन का केंद्र बन गया है। विपक्ष जहां चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
फिलहाल राहुल गांधी समेत INDIA ब्लॉक के कई नेता जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी में हैं। विपक्ष ने संकेत दिया है कि उसकी मांगों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखा जा सकता है। अब नजर इस बात पर है कि प्रदर्शन किस रूप में आगे बढ़ता है और सरकार या चुनाव आयोग की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।
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