जयपुर, राजस्थान: NEET PG 2026 की री-एग्जाम शनिवार, 5 सितंबर को जयपुर में शुरू हो गई। यह परीक्षा उन अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है, जो 30 अगस्त को जयपुर के सीतापुरा स्थित दो परीक्षा केंद्रों पर बिजली और तकनीकी समस्याओं के कारण अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर सके थे। री-एग्जाम दोपहर 3 बजे से शाम 6:30 बजे तक निर्धारित है।

NEET PG 2026 की मूल परीक्षा 30 अगस्त को देशभर के 1,111 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। जयपुर के सीतापुरा स्थित iON Digital Zone iDZ के दो केंद्रों पर आंतरिक बिजली आपूर्ति में समस्या के कारण परीक्षा प्रभावित हुई। राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (NBEMS) के अनुसार, इन केंद्रों पर करीब 2,445 अभ्यर्थी परीक्षा पूरी नहीं कर सके। बोर्ड ने प्रभावित अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा का अवसर देने का फैसला किया। NBEMS ने कहा था कि केंद्रों पर हुई आंतरिक बिजली समस्या परीक्षा आयोजित करने वाली तकनीकी एजेंसी से जुड़ी थी। बोर्ड ने प्रभावित अभ्यर्थियों से हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया था।

अभ्यर्थियों ने बताई परेशानी

30 अगस्त को परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों ने दावा किया था कि परीक्षा के दौरान बार-बार बिजली और सिस्टम संबंधी समस्याएं सामने आईं। कुछ छात्रों के मुताबिक कंप्यूटर सिस्टम बार-बार बंद हो रहा था, जिससे परीक्षा प्रक्रिया बाधित हुई। एक अभ्यर्थी ने बताया कि परीक्षा कुछ ही समय में कई बार शुरू और बंद हुई। वहीं, कुछ अन्य छात्रों ने कहा कि सिस्टम लगातार कुछ मिनटों के अंतराल पर बंद हो रहा था।

आपके दिए बयान में अभ्यर्थी डॉ. मिहिर सिंह ने कहा कि उनकी तैयारी अच्छी थी, लेकिन परीक्षा के प्रबंधन से उन्हें निराशा हुई। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र पर पहले से पर्याप्त व्यवस्थाएं होनी चाहिए थीं और सरकार को इस तरह की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

अभिभावकों ने भी उठाए परीक्षा व्यवस्था पर सवाल

एक अन्य छात्र के पिता डॉ. तेजेंद्र मलिक ने कहा कि पिछली परीक्षा रद्द होने से छात्रों को काफी परेशानी हुई। उन्होंने परीक्षा केंद्रों के चयन पर भी सवाल उठाया और कहा कि कई केंद्र ऐसे स्थानों पर बनाए जाते हैं, जहां पहुंचना छात्रों के लिए मुश्किल होता है।

उन्होंने कहा कि छात्रों ने पिछली परीक्षा के लिए भी पूरी तैयारी की थी और इस बार भी तैयारी करके पहुंचे हैं। अगर परीक्षा एक ही दिन में ठीक से हो जाती तो छात्रों को बार-बार आने-जाने की परेशानी नहीं उठानी पड़ती।

13 बार बिजली जाने का दावा

30 अगस्त की परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी ने दावा किया था कि जयपुर के सीतापुरा स्थित केंद्र पर करीब 90 मिनट में 13 बार बिजली चली गई। अभ्यर्थी सोहानी सिंह ने इसे पूरी तरह गलत बताते हुए कहा था कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए छात्र वर्षों तक तैयारी करते हैं और उनके परिवार भी काफी समय और संसाधन लगाते हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की तकनीकी समस्याओं से छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है और परीक्षा व्यवस्था में ऐसी लापरवाही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। हालांकि, NBEMS ने स्पष्ट किया था कि मामला प्रश्नपत्र लीक या साइबर अपराध का नहीं था। बोर्ड के अनुसार, समस्या आंतरिक बिजली आपूर्ति से जुड़ी थी।

जांच के लिए समिति गठित

परीक्षा में आई तकनीकी समस्या की जांच के लिए NBEMS ने तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति में राजस्थान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के एक वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारी को शामिल किया गया था। NBEMS ने कहा था कि री-एग्जाम का उद्देश्य प्रभावित अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और समान अवसर उपलब्ध कराना है।

देशभर में लाखों अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा

NEET PG 2026 के लिए देशभर में 2,73,096 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 2,65,980 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए और लगभग 2,63,535 अभ्यर्थियों ने सफलतापूर्वक परीक्षा पूरी की थी। जयपुर के दो केंद्रों पर प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए ही दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है।