उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को चित्रकूट का दौरा कर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेंगे। इस दौरान वह प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि वह भगवान श्री कामतानाथ जी की पावन भूमि चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनके दुख-दर्द को साझा करेंगे और राहत एवं पुनर्वास व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।

800 परिवारों को राहत सामग्री

सीएम योगी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके अलावा करीब 800 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की जाएगी। बाढ़ के कारण जिन परिवारों के घर पूरी तरह उजड़ गए हैं, उन्हें आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे। साथ ही आपदा राहत कोष से निर्धारित राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में हर प्रभावित व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना, हर बेघर परिवार का पुनर्वास करना और पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहयोग देना डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मंदाकिनी नदी ने तोड़ा 23 साल का रिकॉर्ड

चित्रकूट में लगातार हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर अभूतपूर्व स्तर तक पहुंच गया है। नदी के उफान से रामघाट और आसपास के कई इलाकों में पानी भर गया है। रिपोर्ट के मुताबिक मंदाकिनी नदी ने पिछले 23 वर्षों के उच्चतम जलस्तर को पार कर लिया है। बाढ़ के कारण कई दुकानें, मंदिर और मठ जलमग्न हो गए हैं, जबकि कई सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है।चित्रकूट उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा से सटा क्षेत्र है, जिससे नदी के बढ़ते जलस्तर का असर दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में दिखाई दे रहा है।

यूपी के 31 जिलों में बाढ़ जैसे हालात

उत्तर प्रदेश के 31 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, जबकि 22 जिलों में जलभराव और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

प्रभावित जिलों में अयोध्या, बदायूं, चंदौली, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, गाजीपुर, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, उन्नाव और वाराणसी समेत अन्य जिले शामिल हैं।