नई दिल्ली: देश में E20 पेट्रोल नीति को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को दिल्ली में E20 पेट्रोल के खिलाफ प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च का नेतृत्व किया। प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में नहीं आने की अपील की।
उन्होंने अमरीका से एथनॉल खरीदने और देश में E20 ईंधन को कथित तौर पर जबरन लागू करने पर रोक लगाने की मांग की। केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को अमरीका से एथनॉल खरीदना बंद करना चाहिए और देश में E20 लागू करने पर भी रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि AAP ने प्रधानमंत्री से मिलने के लिए संदेश भेजा है और उम्मीद है कि प्रधानमंत्री उन्हें मिलने का समय देंगे। केजरीवाल ने कहा कि E20 नीति के खिलाफ उनका संघर्ष जारी रहेगा।
#WATCH | Delhi: AAP National Convenor Arvind Kejriwal, with other party leaders, leads a march to the PM's residence against E20 fuel. pic.twitter.com/RB7PvY92Eq
— ANI (@ANI) August 4, 2026
AAP ने 30 करोड़ वाहनों को लेकर जताई चिंता
AAP नेता अनुराग ढांडा ने भी E20 नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि एथनॉल-ब्लेंडेड ईंधन के कारण वाहन मालिकों में चिंता है और करीब 30 करोड़ वाहन प्रभावित होने के खतरे में हैं। ढांडा ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर जनता की परेशानी को प्रधानमंत्री नहीं सुन रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि E20 नीति अमरीका के दबाव में लागू की जा रही है। हालांकि, ये AAP नेताओं के आरोप और दावे हैं। सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अलग पक्ष रखा गया है।
वहीं, दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, "हम यहां ये याचिकाएं लेकर आए हैं और हमें इन्हें आगे बढ़ाने की इजाज़त मिलनी चाहिए। अगर कोई समस्या है, तो प्रधानमंत्री कार्यालय से कोई व्यक्ति यहां आकर याचिकाएं ले सकता है और इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए सहमत हो सकता है। पुलिसकर्मियों, RAF टीमों, लाठियों और ढालों की इतनी भारी तैनाती देखकर मुझे हैरानी हो रही है।"
VIDEO | Delhi: AAP national convener Arvind Kejriwal marches to Prime Minister Narendra Modi's residence to submit petitions against E20 petrol.Delhi AAP president Saurabh Bharadwaj says, "We have come here with these petitions and should be allowed to proceed with them. If… pic.twitter.com/BDkEA8xO7P
— Press Trust of India (@PTI_News) August 4, 2026
पेट्रोलियम मंत्रालय ने E20 नीति का किया बचाव
E20 को लेकर केंद्र सरकार पहले ही अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने Ethanol Blended Petrol (EBP) Programme का बचाव करते हुए कहा कि एथनॉल ब्लेंडिंग का मकसद सिर्फ ईंधन की कीमत कम रखना नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से भारतीय उपभोक्ताओं को सुरक्षा देना और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना भी है।
मंत्रालय के मुताबिक, जब भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत करीब 135 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची थी, तब बिना एथनॉल ब्लेंडिंग के दिल्ली में पेट्रोल की कीमत करीब 125 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचने का अनुमान था। मंत्रालय ने कहा कि इसके बजाय दिल्ली में उपभोक्ताओं ने 94.77 रुपये प्रति लीटर का भुगतान किया, क्योंकि पेट्रोल में 20 फीसदी घरेलू स्तर पर उत्पादित एथनॉल शामिल था।
सरकार बोली- E20 ‘एनर्जी इंश्योरेंस’
पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह भी कहा कि एथनॉल ब्लेंडिंग को केवल टैक्सपेयर्स की सब्सिडी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। मंत्रालय के मुताबिक, यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के दौरान उपभोक्ताओं को राहत देने में मदद करता है। इस तरह E20 नीति को लेकर एक तरफ AAP और केजरीवाल इसके खिलाफ विरोध जता रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक तेल कीमतों के जोखिम को कम करने वाली नीति के तौर पर पेश कर रही है।
Add GTC Bharat on Google