दिल्ली दंगा साजिश केस में अथर खान की जमानत पर फैसला सुरक्षित, हाई कोर्ट में हुई तीखी बहस
Delhi High Court ने 2020 दिल्ली दंगा साजिश मामले में आरोपी अथर खान की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। UAPA के तहत दर्ज इस मामले में मंगलवार को हाई कोर्ट में लंबी सुनवाई हुई, जिसमें बचाव पक्ष और दिल्ली पुलिस ने अदालत के सामने कई अहम दलीलें पेश कीं।
मामले की सुनवाई जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीजन बेंच ने की। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
बचाव पक्ष ने गवाह के बयान पर उठाए सवाल
अथर खान की ओर से पेश अधिवक्ता अर्जुन दीवान ने अदालत में कहा कि मामले के संरक्षित गवाह “प्लूटो” के बयान में गंभीर विरोधाभास हैं।
उन्होंने दलील दी कि गवाह ने तीन दिन के भीतर अपना बयान बदल दिया था। बचाव पक्ष के अनुसार, ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जो यह साबित करे कि अथर खान कथित साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे।
वकील ने अदालत को बताया कि अथर खान का किसी भी हिंसक गतिविधि या हथियार बरामदगी से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी की WhatsApp चैट्स में केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात दिखाई देती है।
उमर खालिद से मुलाकात का भी नहीं मिला सबूत
बचाव पक्ष ने कहा कि जांच एजेंसियां यह साबित नहीं कर पाई हैं कि अथर खान की मुलाकात Umar Khalid से हुई थी या वह किसी हिंसक योजना का हिस्सा थे।
अदालत में यह भी तर्क दिया गया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही सह-आरोपी Gulfisha Fatima को जमानत दे चुका है, जबकि उनके खिलाफ आरोप ज्यादा गंभीर बताए गए थे। इसलिए अथर खान को भी समान आधार पर राहत मिलनी चाहिए।दिल्ली पुलिस ने जमानत का किया विरोध
दूसरी ओर Delhi Police की ओर से विशेष लोक अभियोजक मधुकर पांडेय ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया।
उन्होंने अदालत को बताया कि अथर खान की पिछली जमानत याचिका सितंबर 2025 में खारिज हो चुकी है और उस आदेश को उच्च अदालत में चुनौती भी नहीं दी गई थी।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि मामले में आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
व्हाट्सऐप चैट और गवाहों का हवाला
दिल्ली पुलिस ने अदालत में कहा कि व्हाट्सऐप चैट्स और गवाहों के बयान हिंसा की मंशा की ओर इशारा करते हैं। अभियोजन पक्ष ने कहा कि 2020 के दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और ऐसे गंभीर मामले में तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
पुलिस का दावा है कि अथर खान कथित बड़ी साजिश का हिस्सा थे और उनके खिलाफ पर्याप्त डिजिटल एवं मौखिक साक्ष्य मौजूद हैं।
कई चर्चित नाम हैं आरोपी
दिल्ली दंगा साजिश मामले में अथर खान के अलावा कई अन्य चर्चित नाम भी आरोपी हैं। इनमें उमर खालिद, शरजील इमाम, ताहिर हुसैन, सफूरा जरगर, नताशा नरवाल और देवांगना कलिता जैसे नाम शामिल हैं।
यह मामला 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा से जुड़ा है, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे।
ट्रायल कोर्ट में भी जारी है सुनवाई
फिलहाल ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने को लेकर बहस जारी है। दिल्ली पुलिस अपनी दलीलें अदालत के सामने रख रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई महत्वपूर्ण कानूनी फैसले सामने आ सकते हैं।
फैसले पर टिकी नजरें
अब सभी की नजर दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर है। अदालत यह तय करेगी कि अथर खान को जमानत दी जाए या नहीं।
यह मामला पहले से ही कानूनी और राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है और हाई कोर्ट का फैसला आगे की सुनवाई पर बड़ा असर डाल सकता है।