नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे कॉकरेच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके का पुलिस के साथ आपसी बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी ही तेज़ी से वायरल हो रहा है। दरअसल, हुआ कुछ यूँ कि इस प्रदर्शन में शामिल मशहूर पर्यावरणविद और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की हालत बेहद गंभीर हो गई। बता दें कि वो पिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। दीपके का कहना था कि गर्मी और चिलचिलाती धूप के चलते उनकी स्थिति और बिगड़ गई, जिससे उन्हें चक्कर आने लगे। 

सोनम वांगचुक को धूप से बचाने के लिए दीपके ने पुलिस से मांग की कि वो उन्हें वांगचुक के आसपास तंबू लगाने की अनुमति दें। और ऐसा न होने की स्थिति में अभिजीत और पुलिस में बहस छिड़ गई। इस दौरान वहाँ मौजूद लोगों ने यह पूरा मामला मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया।

सोशल मीडिया के इस दौर में कोई भी विवादित वीडियो अपनी पहुँच बनाने में देर नहीं लगाता। इस मामले में भी यही हुआ और देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर छा गया। वीडियो वायरल होते ही इस मामले पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएँ आना शुरू हो गईं।

कैसे हुई थी कॉकरेच पार्टी की शुरुआत ?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत एक व्यंग्य (satire) के रूप में हुई थी, लेकिन देखते ही देखते यह एक बड़ा आंदोलन बन गया। आज इंस्टाग्राम पर इनके 2.27 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इस 'पार्टी' का नाम भी काफी दिलचस्प है। कहा जाता है कि जब एक बड़े पद पर बैठे व्यक्ति ने युवाओं और एक्टिविस्टों की तुलना 'कॉकरोच' और 'परजीवी' से की थी, तो अभिजीत ने उसी नाम को अपनी ताकत बना लिया।