20 जुलाई को संसद मार्च के लिए CJP ने नहीं मांगी अनुमति, दिल्ली पुलिस सूत्रों का दावा

20 जुलाई को संसद मार्च के CJP के आह्वान के बीच दिल्ली पुलिस सूत्रों ने कहा है कि संगठन ने अब तक मार्च के लिए आधिकारिक अनुमति नहीं मांगी है। वहीं, 20 दिनों की भूख हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

By  Preeti Kamal July 18th 2026 04:40 PM -- Updated: July 18th 2026 04:07 PM

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन जारी है। संगठन ने सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन संसद की ओर मार्च करने का आह्वान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने मीडिया को बताया कि संगठन ने इस मार्च के लिए अब तक पुलिस से आधिकारिक अनुमति नहीं मांगी है।

यह मार्च पहले जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने घोषित किया था। शनिवार सुबह तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। सूत्रों के अनुसार, अगर संगठन अब अनुमति के लिए आवेदन करता भी है, तो संसद के आगामी मानसून सत्र को देखते हुए लागू कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण अनुमति मिलने की संभावना बेहद कम है।

संसद सत्र के दौरान दिल्ली पुलिस धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करती है

गौरतलब है कि संसद सत्र के दौरान दिल्ली पुलिस नई दिल्ली जिले में, खासकर संसद भवन और इंडिया गेट के आसपास, BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करती है। यह प्रावधान पहले धारा 144 के नाम से जाना जाता था। इसके तहत चार या उससे अधिक लोगों के जमावड़े, बिना अनुमति रैली और हथियार लेकर चलने पर रोक रहती है। संसद का मानसून सत्र शुरू होने के साथ ही इन प्रतिबंधों को कड़ाई से लागू किया जा रहा है, ताकि प्रदर्शन को रोका जा सके और सांसदों की आवाजाही सुचारू बनी रहे।

2026 का संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने वाला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस चार सप्ताह के विधायी सत्र के लिए दोनों सदनों की बैठक बुलाने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बिना अनुमति संसद की ओर मार्च करने वाले छात्र संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को तत्काल हिरासत में लिए जाने या वहां से हटाए जाने का सामना करना पड़ सकता है।

कुछ प्रदर्शनकारियों ने जांच में बाधा डालने की कोशिश की- पुलिस

प्रस्तावित मार्च को लेकर यह गतिरोध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह जंतर-मंतर पर एक मेडिकल टीम अदालत के निर्देश के तहत वांगचुक की नियमित दैनिक स्वास्थ्य जांच करने पहुंची थी। पुलिस ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने जांच में बाधा डालने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी।

नई दिल्ली के DCP ने X पर पोस्ट कर कहा, "श्री वांगचुक की नाजुक स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर उन्हें मेडिकल जांच और जरूरत पड़ने पर आगे के उपचार के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।" अस्पताल की मेडिकल टीम के विस्तृत परीक्षण में सामने आया कि 20 दिनों की भूख हड़ताल के कारण वांगचुक काफी कमजोर हो गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक उपवास के कारण उनमें डिहाइड्रेशन के स्पष्ट लक्षण भी पाए गए हैं।

सोनम वांगचुक की हालत अब स्थिर है- डॉ. चारु बंबा

वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं। उनकी आगे की जांच की जा रही है और विशेषज्ञ चिकित्सकीय निगरानी में स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. चारु बंबा ने बताया कि वांगचुक की हालत स्थिर है, लेकिन लंबे समय तक भूख हड़ताल के कारण उन्हें हल्का डिहाइड्रेशन और कमजोरी है।

उन्होंने कहा, "सोनम वांगचुक सुबह करीब 7:40 बजे हमारे अस्पताल पहुंचे। लंबे समय तक भूख हड़ताल के कारण वह कुछ कमजोर हैं और उन्हें हल्का डिहाइड्रेशन है। इसके अलावा उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक स्थिर हैं। उनकी लगातार जांच और निगरानी की जा रही है और इलाज जारी है।"

दिल्ली पुलिस ने बुलाई आपातकालीन उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठक

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने शनिवार दोपहर 1 बजे पुलिस मुख्यालय में एक आपातकालीन उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठक बुलाई। नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार की अध्यक्षता में हुई यह बैठक सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों को जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद बुलाई गई।

सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। वह कथित देशव्यापी परीक्षा अनियमितताओं, जिसमें NEET पेपर लीक विवाद भी शामिल है, को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं, वामपंथी छात्र संगठनों के सदस्य भी जंतर-मंतर पर CJP द्वारा आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक के खिलाफ हुई कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने खुद भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखने की घोषणा की।

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.