नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने अमर कॉलोनी इलाके में एक यूपीएससी अभ्यर्थी और भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी की बेटी के साथ कथित दुष्कर्म, हत्या और लूट के मामले में 973 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ CCTV फुटेज, डीएनए प्रोफाइलिंग, फिंगरप्रिंट जांच और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों को मुख्य आधार बनाया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह घटना 22 अप्रैल को ईस्ट ऑफ कैलाश के कैलाश हिल्स स्थित एक घर में हुई थी, जो अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र में आता है।
आरोप है कि यूपीएससी की तैयारी कर रही युवती के साथ उसके घर के अंदर दुष्कर्म किया गया, उसकी हत्या कर दी गई और लूटपाट भी की गई। घटना के तुरंत बाद केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL), लोधी कॉलोनी और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL), रोहिणी की विशेषज्ञ टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने के लिए 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया।
Delhi Police has filed a 973-page chargesheet in the Saket Court in connection with the rape, murder, and robbery of a UPSC aspirant in the Kailash Hills area of East of Kailash. Police said all evidence in the case was collected scientifically, building a strong case against the… pic.twitter.com/1p8HqTBkCr
— IANS (@ians_india) July 17, 2026
CCTV फुटेज के आधार पर राहुल मीणा को किया गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि 23 वर्षीय राहुल कुमार मीणा की पहचान CCTV फुटेज के आधार पर हुई और कई टीमों के संयुक्त प्रयास के बाद उसे उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की निशानदेही पर लूटा गया पूरा सामान भी बरामद कर लिया गया।
जांच के दौरान दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कई विशेष टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने इलाके में व्यापक पूछताछ की और पड़ोसियों, सुरक्षा गार्डों, घरेलू सहायकों, मजदूरों, ड्राइवरों, सफाई कर्मचारियों, ऑटो चालकों समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए। इसके अलावा साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस टीमें राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में भी भेजी गईं।
विशेषतज्ञों की मौजूदगी में क्राइम सीन रीक्रिएटशन किया गया
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद CFSL विशेषज्ञों की मौजूदगी में घटनास्थल का क्राइम सीन रीक्रिएशन किया गया। इस दौरान आरोपी के घर में प्रवेश, गतिविधियों और बाहर निकलने की क्रमवार फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की गई। साथ ही CCTV फुटेज और रीक्रिएशन वीडियो का गेट पैटर्न एनालिसिस भी किया गया।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी का बिहेवियरल एनालिसिस इंटरव्यू (Behavioural Analysis Interview) और लेयर्ड वॉयस एनालिसिस (LVA) भी कराया गया। घटनास्थल से मिले फिंगरप्रिंट और पाम इम्प्रेशन आरोपी के नमूनों से मेल खाते पाए गए। पुलिस ने बताया कि CFSL की फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी डिवीजन द्वारा की गई फॉरेंसिक जांच में भी सकारात्मक परिणाम मिले। डीएनए प्रोफाइलिंग के जरिए आरोपी का डीएनए घटनास्थल से मिले जैविक साक्ष्यों से पूरी तरह मेल खाता पाया गया।
मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को निर्धारित
जांच के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 183 के तहत गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में 82 गवाहों को सूचीबद्ध किया है। जांच और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने 16 जुलाई को सक्षम अदालत में 973 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी। मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को निर्धारित है।
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