तेहरान, ईरान: ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने अमेरिका के साथ किसी भी कैदी अदला-बदली (Prisoner Exchange) की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि ऐसे किसी समझौते या कथित "जासूस की रिहाई" का कोई सबूत नहीं है। प्रेस टीवी ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि उसकी जांच में ईरान और अमेरिका के बीच किसी कैदी विनिमय के दावे की पुष्टि करने वाला कोई साक्ष्य नहीं मिला। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हाल के दिनों में ईरान ने किसी जासूस को रिहा नहीं किया है।
यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर दावा किया था कि ईरान ने एक अमेरिकी नागरिक को रिहा कर दिया है। ट्रंप ने कहा था कि उक्त महिला को वर्ष 2024 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल के दौरान हिरासत में लिया गया था। उन्होंने इस रिहाई को ईरान की "सद्भावना का संकेत" बताते हुए उसका धन्यवाद किया और साथ ही बाइडेन प्रशासन की आलोचना भी की।
Iranian media denies Iran-US prisoner exchange, says "no evidence" of any "spy release"Read @ANI Story | https://t.co/6kqxzB0IDY#Trump #US #SpyRelease #prisoner #iran pic.twitter.com/geaBGuuApE
— ANI Digital (@ani_digital) July 17, 2026
'ट्रंप पहले भी भ्रामक और गलत सूचनाओं के दावे कर चुके हैं'
प्रेस टीवी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा कि ट्रंप पहले भी भ्रामक और गलत सूचनाओं के आधार पर दावे कर चुके हैं। रिपोर्ट में जनवरी 2026 में ईरान में हुए दंगों के बाद आठ महिला कैदियों को कथित तौर पर फांसी दिए जाने और कराज में एक युवक की कथित फांसी से जुड़े ट्रंप के पुराने बयानों का उल्लेख किया गया।
अमेरिकी महिला की रिहाई की खबर पर ट्रंप ने जताई थी खुशी
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की न्यायपालिका पहले भी ट्रंप के इन दावों को खारिज कर चुकी है और कहा था कि उन्हें एक बार फिर फर्जी खबरों के जरिए गुमराह किया गया। इससे पहले बुधवार को ट्रंप ने ईरान द्वारा एक अमेरिकी महिला की रिहाई पर खुशी जताते हुए कहा था कि दिसंबर 2024 से हिरासत में रही यह महिला अब सुरक्षित रूप से ईरान से बाहर निकल चुकी है।
उन्होंने Truth Social पर लिखा, "ईरान ने दिसंबर 2024 से गलत तरीके से हिरासत में रखी गई एक अमेरिकी नागरिक को देश छोड़ने की अनुमति दी है। वह अब सुरक्षित है और अच्छी स्थिति में है। अमेरिका इस सद्भावना के लिए ईरान का आभारी है।"
महिला के बाइडेन प्रशासन के दौरान हिरासत में लिया गया था- डोनाल्ड ट्रंप
ट्रंप ने यह भी कहा कि महिला को बाइडेन प्रशासन के दौरान हिरासत में लिया गया था। हालांकि, उन्होंने उस समय महिला की पहचान या रिहाई की परिस्थितियों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी। CNN की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस और Office of the Special Presidential Envoy for Hostage Affairs से इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी गई है।
बाद में महिला की पहचान डेना करारी (Dena Karari) के रूप में हुई, जिसकी पुष्टि उनके वकील ने की। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार वकील जेरेड जेनसर (Jared Genser) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनकी मुवक्किल डेना करारी, जो दिसंबर 2024 से ईरान में कथित झूठे आरोपों के कारण फंसी हुई थीं, अब पूरी तरह स्वतंत्र हैं। उन्होंने इस रिहाई का श्रेय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को देते हुए कहा कि उनके लगातार प्रयासों की बदौलत यह संभव हो सका और डेना अब सुरक्षित होकर अमेरिका लौट रही हैं।
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