नई दिल्ली: भारत ने मंगलवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने इन हमलों को नाविकों की सुरक्षा और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि व्यावसायिक जहाजों पर हमले तत्काल बंद होने चाहिए।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि दक्षिण ब्लॉक ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप मिशन प्रमुख (Deputy Chief of Mission) को तलब कर इस घटना पर कड़ा विरोध (Strong Protest) दर्ज कराया। यह कदम उस हमले के बाद उठाया गया जिसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया गया। इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य चालक दल के सदस्य घायल हो गए।
समुद्री हमलों को फिर से शुरू होने से भारत चिंता में
MEA ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री हमलों के फिर से शुरू होने को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है। मंत्रालय ने सभी पक्षों से हिंसा रोकने, बातचीत और कूटनीतिक समाधान की दिशा में लौटने की अपील की ताकि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनी रहे। विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों और गैर-सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले तत्काल बंद होने चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप वैश्विक समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवागमन और व्यापार बहाल हो सके।
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— ANI Digital (@ani_digital) July 14, 2026
दो जहाजों पर था 30 भारतीयों का दल
MEA के अनुसार, हमले का शिकार बने MT Al Bahiyah और MT Mombasa जहाजों पर कुल 46 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 30 भारतीय नागरिक शामिल थे। MT Al Bahiyah पर तैनात 12 भारतीयों में से एक नाविक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हुआ। MT Mombasa पर मौजूद 18 भारतीयों में से 9 नाविक घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई गई है। भारत सरकार ने मृतक नाविक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
UAE में भारतीय मिशन लगातार संपर्क में
विदेश मंत्रालय ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं ताकि प्रभावित भारतीय नाविकों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके। भारत ने स्पष्ट किया कि इस हमले को लेकर उसने ईरानी दूतावास के उप मिशन प्रमुख को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
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