मॉस्को (रूस): भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान मॉस्को में "Strengthening BRICS Connectivity: Fostering Cooperation" विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें रूस, भारत, ब्राजील, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ईरान और इथियोपिया के नीति-निर्माताओं, राजनयिकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया।

सम्मेलन में परिवहन, व्यापार, तकनीकी सहयोग और संसाधन सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य फोकस परिवहन और व्यापार गलियारों (Transport Corridors) को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाना, महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं (Critical Supply Chains) की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग बढ़ाना रहा।

BRICS एक ऐसा महत्वपूर्ण मंच बन चुका है- विक्टोरिया पानोवा

सम्मेलन में तैयार की गई सिफारिशों को सितंबर में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के एजेंडे में शामिल किए जाने की संभावना है। BRICS Expert Council-Russia की प्रमुख विक्टोरिया पानोवा ने कहा कि BRICS एक ऐसा महत्वपूर्ण मंच बन चुका है जो वैश्विक शासन (Global Governance) का नया मॉडल तैयार करने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि मजबूत परिवहन नेटवर्क, विविध आपूर्ति श्रृंखलाएं और स्वतंत्र तकनीकी इकोसिस्टम सदस्य देशों की आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं।

रूस के BRICS Sous-Sherpa और Ambassador-at-Large पावेल क्न्याज़ेव ने कहा कि BRICS अब केवल एक संगठन नहीं बल्कि एक रणनीतिक साझेदारी बन चुका है, जो सदस्य देशों के साथ-साथ ग्लोबल साउथ के हितों को भी आगे बढ़ा रहा है। रूस में भारत के उप मिशन प्रमुख (Deputy Chief of Mission) निखिलेश गिरी ने BRICS देशों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN), अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक (World Bank) जैसे वैश्विक संस्थानों में सुधार की भारत की मांग को भी दोहराया।

AI के साझा सिद्धांतों के विकास पर भी विचार-विमर्श किया गया

सम्मेलन में International North-South Transport Corridor (INSTC) और Northern Sea Route को वैश्विक व्यापार के लिए वैकल्पिक और अधिक मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के रूप में भी परखा गया। इसके अलावा विशेषज्ञों ने कच्चे माल के वैल्यू एडिशन, New Development Bank (NDB) के माध्यम से बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण, बंदरगाहों और सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण, हरित औद्योगिक परिवर्तन (Green Industrial Transformation) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साझा सिद्धांतों के विकास पर भी विचार-विमर्श किया।

यह सम्मेलन BRICS Expert Council-Russia और भारत के Observer Research Foundation (ORF) द्वारा BRICS Think Tanks Council (BTTC) के तहत संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। सम्मेलन ने BRICS देशों की आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराया।