हमारे शरीर का लिवर (Liver) एक ऐसा अंग है जो बिना रुके 24 घंटे काम करता है। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने, भोजन को पचाने, ऊर्जा संग्रहित करने और जरूरी प्रोटीन बनाने जैसे कई अहम कार्य करता है। आमतौर पर जब लिवर की बीमारी की बात होती है तो सबसे पहले शराब का नाम सामने आता है। हालांकि मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि केवल अल्कोहल ही नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की कई आदतें भी लिवर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकती हैं।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग सुविधा और स्वाद के लिए ऐसी चीजों का सेवन कर रहे हैं, जो लंबे समय में लिवर की कार्यक्षमता को प्रभावित करती हैं। कई बार नुकसान इतना धीरे-धीरे होता है कि शुरुआती चरण में कोई लक्षण भी दिखाई नहीं देते। इसलिए समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

1. बिना जरूरत पेनकिलर लेने की आदत

हल्का सिरदर्द, बदन दर्द या बुखार होते ही कई लोग डॉक्टर की सलाह के बिना दर्द निवारक दवाइयों का सेवन कर लेते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ पेनकिलर दवाओं का लगातार या जरूरत से अधिक इस्तेमाल लिवर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। विशेष रूप से अधिक मात्रा में दवा लेने से लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।

इसलिए किसी भी दवा का नियमित सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

2. ज्यादा चीनी और फ्रुक्टोज वाले खाद्य पदार्थ

कोल्ड ड्रिंक, पैकेट वाले जूस, मिठाइयां, कैंडी, केक और प्रोसेस्ड स्नैक्स में अत्यधिक मात्रा में चीनी और फ्रुक्टोज पाया जाता है। लगातार इनका सेवन करने से शरीर में अतिरिक्त फैट बनने लगता है, जो धीरे-धीरे लिवर में जमा हो सकता है।

यह स्थिति आगे चलकर नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) का कारण बन सकती है। यदि आप रोजाना मीठे पेय पदार्थों का सेवन करते हैं, तो इसे कम करना लिवर की सेहत के लिए बेहतर कदम हो सकता है।

3. जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड

फास्ट फूड आज की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है, लेकिन यही आदत लिवर के लिए बड़ी समस्या बन सकती है। बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज, चिप्स और अन्य प्रोसेस्ड फूड में ट्रांस फैट, सैचुरेटेड फैट और अत्यधिक नमक होता है।

इनका लगातार सेवन लिवर में सूजन बढ़ा सकता है और फैट जमा होने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है। साथ ही मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा भी बढ़ जाता है, जो लिवर संबंधी बीमारियों का प्रमुख कारण है।

4. बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट्स लेना

फिटनेस, मसल्स बनाने और तेजी से वजन कम करने के नाम पर बाजार में कई तरह के सप्लीमेंट्स और हर्बल प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं। कई लोग इन्हें पूरी तरह सुरक्षित मानकर बिना किसी मेडिकल सलाह के इस्तेमाल करने लगते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ सप्लीमेंट्स में मौजूद तत्व लिवर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। स्टेरॉयड आधारित उत्पाद या अनियंत्रित मात्रा में लिए गए सप्लीमेंट्स लिवर इंजरी का कारण बन सकते हैं। इसलिए किसी भी सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले योग्य चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

5. हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों को नजरअंदाज करना

हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी जैसे वायरल संक्रमण लिवर के सबसे बड़े दुश्मनों में शामिल हैं। यदि इनका समय पर इलाज नहीं कराया जाए, तो यह संक्रमण धीरे-धीरे लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं में बदल सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हेपेटाइटिस-बी का टीकाकरण, सुरक्षित रक्त संक्रमण, स्वच्छता और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच इस बीमारी से बचाव के प्रभावी उपाय हैं।

लिवर को स्वस्थ रखने के आसान उपाय

अगर आप अपने लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो कुछ आसान आदतें अपनानी चाहिए।

  • संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।
  • रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
  • जंक फूड और मीठे पेय पदार्थों का सेवन सीमित करें।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां या सप्लीमेंट्स न लें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराते रहें।

लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है और इसकी देखभाल केवल शराब से दूरी बनाकर ही नहीं की जा सकती। जरूरत से ज्यादा पेनकिलर, मीठे पेय पदार्थ, प्रोसेस्ड फूड, अनियंत्रित सप्लीमेंट्स और वायरल संक्रमण भी लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। यदि आप स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो अपनी रोजमर्रा की खानपान और जीवनशैली की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करके अपने लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं।