नई पीढ़ी यानी Gen Z तेज़ रफ्तार जिंदगी, डिजिटल लाइफस्टाइल और लगातार बदलती दिनचर्या के बीच अपने करियर और व्यक्तिगत जीवन को संतुलित करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, इस दौड़ में सबसे ज्यादा असर उनकी सेहत पर पड़ रहा है। देर रात तक मोबाइल चलाना, अनियमित खानपान, जंक फूड की बढ़ती आदत और शारीरिक गतिविधियों की कमी आज युवाओं में आम समस्या बन चुकी है। डॉक्टर निश्चल गुप्ता (Dr. Nishchal Gupta) का मानना है कि अगर कम उम्र में ही कुछ अच्छी आदतें अपनाई जाएं, तो भविष्य में मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मानसिक तनाव जैसी कई समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
1. समय पर सोना बनाएं सबसे पहली प्राथमिकता
स्वस्थ जीवन की शुरुआत अच्छी नींद से होती है। पर्याप्त और समय पर नींद लेने से शरीर को खुद को रिपेयर करने का समय मिलता है। लगातार देर रात तक जागने से शरीर का प्राकृतिक बायोलॉजिकल क्लॉक प्रभावित होता है, जिससे थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान की कमी और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजाना एक निश्चित समय पर सोने और उठने की आदत विकसित करनी चाहिए।
2. रात में स्क्रीन टाइम कम करें
सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का अधिक इस्तेमाल शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इन डिवाइस से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर में तनाव से जुड़े हार्मोन कोर्टिसोल को प्रभावित कर सकती है और मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को भी कम कर सकती है, जिससे अच्छी नींद नहीं आती। बेहतर होगा कि सोने से कम से कम एक घंटा पहले स्क्रीन से दूरी बना लें।
3. कभी भी भोजन स्किप न करें
व्यस्त दिनचर्या के कारण कई युवा नाश्ता या दोपहर का खाना छोड़ देते हैं। ऐसा करने से शरीर को समय पर ऊर्जा नहीं मिलती और मेटाबॉलिज्म प्रभावित हो सकता है। नियमित समय पर संतुलित भोजन करने से शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है और पूरे दिन ऊर्जा बनी रहती है। साथ ही यह ओवरईटिंग और जंक फूड की इच्छा को भी कम करता है।
4. रोज कम से कम 30 मिनट शरीर को सक्रिय रखें
फिट रहने के लिए महंगे जिम की जरूरत नहीं होती। रोजाना 30 मिनट पैदल चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना, तैराकी करना या कोई भी पसंदीदा खेल खेलना शरीर को सक्रिय रखने के लिए पर्याप्त हो सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि से हृदय स्वस्थ रहता है, वजन नियंत्रित रहता है और मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है।
5. जंक और प्रोसेस्ड फूड को सीमित करें
फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन धीरे-धीरे शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इनमें अक्सर अधिक मात्रा में नमक, चीनी और अनहेल्दी फैट होते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन्हें रोजाना खाने के बजाय सप्ताह में केवल एक बार तक सीमित रखना बेहतर है। रोजमर्रा की डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त भोजन शामिल करना चाहिए।
छोटी आदतें, बड़ा बदलाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ जीवन के लिए किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। समय पर सोना, नियमित भोजन करना, रोज थोड़ा व्यायाम करना और संतुलित आहार अपनाना जैसी छोटी आदतें लंबे समय तक शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बनाए रखने में मदद करती हैं। Gen Z अगर अभी से इन आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना ले, तो भविष्य में जीवनशैली से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का खतरा काफी कम किया जा सकता है।
डॉ. निश्चल गुप्ता होम्योपैथी के एक भरोसेमंद कंसल्टेंट हैं, जिन्हें क्लिनिकल प्रैक्टिस का 17 साल से ज़्यादा का अनुभव है। होम्योपैथी में MD की डिग्री के साथ, डॉ. गुप्ता ने कई सालों में एलर्जी, त्वचा की समस्याओं, पाचन संबंधी दिक्कतों, गठिया और हार्मोनल असंतुलन जैसी कई तरह की बीमारियों का सफलतापूर्वक इलाज किया है और सभी उम्र के मरीज़ों का भरोसा जीता है।
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