नई दिल्ली: कांग्रेस नेता परगट सिंह ने मंगलवार को पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी में कोई गुट नहीं है और मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि सभी मुद्दों का समाधान पार्टी के भीतर बातचीत से किया जाएगा। मीडिया से बातचीत में परगट सिंह ने कहा, "सबसे पहले तो कोई गुट नहीं है। आजकल अगर कोई किसी के साथ चाय भी पी ले, तो उसे राजनीति का हिस्सा बनाकर गुटबाजी बता दिया जाता है। ऐसा कुछ भी नहीं है। मतभेद होना लोकतंत्र का हिस्सा है।"

उन्होंने कहा, "भाजपा में अमित शाह और नरेंद्र मोदी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता। मैं इसे लोकतंत्र नहीं मानता। आम आदमी पार्टी में भी अरविंद केजरीवाल के बिना कोई कुछ नहीं बोल सकता। असली लोकतंत्र के लिए पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक व्यवस्था जरूरी है। हां, कभी-कभी हम जरूरत से ज्यादा बोल देते हैं।" पंजाब की स्थिति पर बोलते हुए परगट सिंह ने कहा कि राज्य इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है और उसे बेहतर प्रशासन की जरूरत है।

4 जुलाई को चरणजीत सिंह चन्नी ने बुलाई थी अहम बैठक

कांग्रेस नेता ने कहा, "आज पंजाब ऐसे दौर में है, जहां राज्य को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर प्रशासन देना जरूरी है। पंजाब के साथ किसी तरह का प्रयोग करने की कोई गुंजाइश नहीं है।" पार्टी के पंजाब प्रभारी के दौरे से विवाद सुलझने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रभारी सभी नेताओं से मिलते हैं और यदि किसी को कोई शिकायत है तो उसे सुना जाएगा। उन्होंने कहा, "प्रभारी सभी से मिलते हैं और मिलना भी चाहिए। अगर किसी की कोई शिकायत है तो उसके समाधान के लिए व्यवस्था मौजूद है। मुझे विश्वास है कि प्रभारी और पार्टी हाईकमान इस पर जरूर ध्यान देंगे।"

गौरतलब है कि 4 जुलाई को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने मोरिंडा स्थित अपने आवास पर एक अहम बैठक बुलाई थी। इसमें भारत भूषण आशु सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए थे। बैठक में नेताओं ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटाने की मांग करते हुए चरणजीत सिंह चन्नी को आगामी चुनावों में पार्टी का चेहरा बनाने की वकालत की थी।

फिल्म 'सतलुज' को हटाए जाने का भी किया विरोध

नेताओं ने पार्टी हाईकमान से पंजाब में हाल ही में घोषित संगठनात्मक नियुक्तियों पर पुनर्विचार करने की भी मांग की और दावा किया कि चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में कांग्रेस फिर से सत्ता में लौट सकती है। इससे पहले गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी चरणजीत सिंह चन्नी के साथ कई कांग्रेस नेताओं की तस्वीर साझा की थी, जिसे राज्य इकाई में उनके समर्थक गुट की ताकत के रूप में देखा गया।

इस दौरान परगट सिंह ने फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने का भी विरोध किया। उन्होंने कहा, "अगर ऐसी बातें सार्वजनिक मंच पर नहीं आएंगी तो सुधार कैसे होगा? यह फिल्म वास्तविक घटनाओं पर आधारित है। इस पर कभी प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए। लोगों को इसे देखना चाहिए ताकि वे समझ सकें कि सत्ता का इस्तेमाल कैसे होना चाहिए और उसका दुरुपयोग कैसे नहीं होना चाहिए।"

'द केरल स्टोरी' को प्रमोट करने और 'सतलुज' को हटाने का किया विरोध

कांग्रेस नेता परगट सिंह ने 'द केरल स्टोरी' जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि जहां कुछ फिल्मों को बढ़ावा दिया गया, वहीं वास्तविक घटनाओं पर आधारित 'सतलुज' को हटा दिया गया। गौरतलब है कि तीन वर्ष से अधिक समय तक विभिन्न कारणों से रुकी रही फिल्म 'सतलुज' को हाल ही में बढ़ते विवाद के बीच ZEE5 ने भारत में अगले आदेश तक अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। प्लेटफॉर्म ने कहा है कि वह फिल्म को दोबारा दर्शकों तक पहुंचाने के लिए सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है।